Category: राज्य

  • PM मोदी-योगी की अहम मुलाकात, PM आवास पर हुई लंबी बैठक; इन मुद्दों पर मंथन

    PM मोदी-योगी की अहम मुलाकात, PM आवास पर हुई लंबी बैठक; इन मुद्दों पर मंथन

    नई दिल्ली/ लखनऊ 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। जानकारी के मुताबिक लंबी बैठक में यूपी चुनाव की रणनीति के साथ-साथ राज्यसभा चुनाव और एमएलसी चुनाव पर चर्चा हुई। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मोदी और योगी की ये बैठक काफी अहम मानी जा रही है। क्योंकि यूपी चुनाव से पहले अक्तूबर में यूपी की 10 राज्यसभा सीटों पर 16 अक्तूबर को वोटिंग होगी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि – आपका मार्गदर्शन 'नए उत्तर प्रदेश' के निर्माण हेतु मुझे सदैव नई ऊर्जा देता है। अमूल्य समय प्रदान करने के लिए हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी। आपको बता दें बीजेपी से अरूण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी और हरदीप सिंह पुरी का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो रहा है। वहीं डॉ. दिनेश शर्मा अंडमान- निकोबार के उपराज्यपाल बनाए जाने के बाद पहले ही राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं।

    16 अक्टूबर को राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग
    चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक राज्यसभा चुनावों के लिए आगामी 29 सितंबर को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इसके बाद 6 अक्टूबर को नामांकन जमा करने की आखिरी तारीख होगी। उम्मीदवार 9 सितंबर तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। चुनाव 16 अक्टूबर, शुक्रवार को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक संपन्न कराया जाएगा। 16 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी। राज्यसभा की 10 सीटों में 8 भाजपा, एक सपा और एक बसपा के पास हैं। अभी तक किसी भी पार्टी ने उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।

    राजनीतिक जानकारों की मानें तो प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच होने वाली हर मुलाकात का अपना महत्व होता है, खासकर तब जब राज्य में चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हों. ऐसे में यह बैठक भी आने वाले समय में पार्टी की दिशा और रणनीति को समझने के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है. फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगे इस मुलाकात से जुड़ी कोई और जानकारी सामने आती है या नहीं। 

    यूपी की 11 एमएलसी सीटों पर चुनाव
    इसके अलावा आयोग ने चार राज्यों की 28 विधान परिषद (MLC) सीटों पर भी चुनाव की घोषणा की है। इनमें उत्तर प्रदेश की 11 सीटें, बिहार की 8 सीटें, महाराष्ट्र की 5 सीटें और कर्नाटक की 4 सीटें शामिल हैं। सभी 28 सीटों पर 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। वहीं 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। चुनाव आयोग ने संबंधित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से आचार संहिता लागू कर दी है। एमएलसी की 11 सीटों में 8 भाजपा और 3 सपा के पास हैं। भाजपा ने 5 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं।

    शाह से मिले थे केशव प्रसाद मौर्य
    आपको बता दें इससे पहले शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने मुलाकात की थी। जिसमें यूपी चुनाव और पार्टी के संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई थी। बैठक के बाद केशव मौर्य ने कहा कि 2027 में तीसरी बार फिर से कमल खिलने जा रहा है। विपक्ष के 70 साल के शासन पर मोदी के 12 साल भारी पड़े।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट

    नई दिल्ली
     उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। प्रधानमंत्री आवास पर हुई मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री को फिरोजाबाद के ODOP ग्लासवर्क से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट की।

    प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत का विस्तृत आधिकारिक ब्योरा फिलहाल सामने नहीं आया है।

    मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में सरकार और संगठन से जुड़ी गतिविधियां लगातार चल रही हैं। हालांकि इन मुलाकातों में किन विषयों पर चर्चा हुई, इसे लेकर आधिकारिक जानकारी के बिना किसी राजनीतिक एजेंडे की पुष्टि नहीं की जा सकती।

    मुख्यमंत्री योगी इससे पहले भी दिल्ली दौरों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और जेपी नड्डा समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करते रहे हैं।

  • आरक्षण लॉटरी के बाद गांवों में शुरू हुई चुनावी चौपाल, दावेदार जुटे जनसंपर्क में

    आरक्षण लॉटरी के बाद गांवों में शुरू हुई चुनावी चौपाल, दावेदार जुटे जनसंपर्क में

    दौसा
    सरपंच और वार्ड पंच पदों की आरक्षण लॉटरी के बाद गांवों में चुनावी हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से आरक्षण की तस्वीर साफ होने का इंतजार कर रहे संभावित दावेदार अब अपने-अपने समीकरण बैठाने में जुट गए हैं। आरक्षण तय होते ही गांव की चौपालों से लेकर ढाणियों तक दावेदारों और समर्थकों की बैठकें शुरू हो गई हैं। पुराने संपर्कों को सक्रिय करने के साथ मतदाताओं की नब्ज टटोलने और नए समीकरण बनाने का दौर चल पड़ा है। कई दावेदार अब यह भी मंथन कर रहे हैं कि सरपंच, पंचायत समिति सदस्य या जिला परिषद सदस्य में किस पद से चुनावी शुरुआत की जाए। आने वाले दिनों में दावेदारों की सक्रियता और बढ़ेगी।

    दौसा जिले में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों ने कई परिवारों में चुनावी रणनीति बदल दी है। कहीं पत्नी तो कहीं बहू या बेटी को मैदान में उतारने पर विचार हो रहा है। वहीं आरक्षण बदलने से कुछ पुराने दावेदारों को अब नए विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन चौपालों पर कौन किसके साथ है, किसके पास कितना समर्थन है और कौन किस सीट से मैदान में उतरेगा, इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। आने वाले दिनों में चुनाव कार्यक्रम सामने आने के साथ यह हलचल और बढ़ने की संभावना है।

    लालसोट: 83 में से 41 पंचायतों में बनेंगी महिला सरपंच
    लालसोट विधानसभा क्षेत्र की पंचायत समिति लालसोट, रामगढ़ पचवारा एवं शिवसिंहपुरा की ग्राम पंचायतों में सरपंच तथा वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण निर्धारण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आरक्षण लॉटरी के अंतिम रूप लेते ही ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है और चुनावी पारा चढ़ने लगा है। हालांकि प्रत्याशियों के नाम अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आए हैं और सभी की निगाहें राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से घोषित होने वाले चुनाव कार्यक्रम पर टिकी हैं। इसके बावजूद गांवों की चौपालों, चाय की थड़ियों और घर-आंगन में चुनावी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

    कई गांवों के पारंपरिक चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए
    आरक्षण के नए स्वरूप से कई गांवों के पारंपरिक चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। जो दावेदार अब तक सामान्य सीट मानकर चुनाव की तैयारी और प्रचार में जुटे थे, उन्हें अब नई रणनीति बनानी पड़ रही है। तीनों पंचायत समितियों को मिलाकर 83 ग्राम पंचायतों में से 41 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हुई हैं। यानी करीब आधी ग्राम पंचायतों में महिला सरपंच चुनी जाएंगी। बड़ी संख्या में सरपंच पद महिलाओं के लिए आरक्षित होने से पुरुष दावेदारों को भी अपनी रणनीति बदलनी पड़ी है। कई प्रमुख स्थानीय राजनेता और पूर्व दावेदार अब पत्नी, बहू या माता को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारियों में जुट गए हैं। इससे महिला आरक्षित सीटों पर भी राजनीतिक सक्रियता बढ़ गई है। आने वाले दिनों में दावेदारों की सक्रियता और बढ़ने के साथ गांवों में चुनावी मुकाबले के समीकरण और स्पष्ट होने की संभावना है।

    लॉटरी ने बदला पंचायतों का गणित, गांव-ढाणियों में चुनावी चौपाल शुरू
    मानपुर पंचायत चुनाव की आरक्षण लॉटरी के बाद गांवों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही चौपालों, बैठकों और आपसी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। संभावित दावेदार सामाजिक समीकरण, रिश्तेदारी और वार्डवार मतदाताओं की स्थिति को लेकर रणनीति बनाने में जुट गए हैं। आरक्षण बदलने से कई पंचायतों में दावेदारी के समीकरण भी बदल गए हैं। पुरुष सीटों के महिला आरक्षित होने से परिवारों में नई रणनीति पर मंथन शुरू हुआ है। सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय महिलाओं को लेकर भी चर्चा बढ़ी है। कई जगह सामाजिक समूहों और परिवारों की बैठकें होने लगी हैं। चुनावी सरगर्मी का असर गांव से बाहर रहने वाले ग्रामीणों की आवाजाही पर भी दिखाई दे रहा है। शहरों और दूसरे राज्यों में रहने वाले लोग परिवार व रिश्तेदारों से संपर्क कर पंचायत की स्थिति और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि चुनाव कार्यक्रम अभी घोषित होना बाकी है, लेकिन आरक्षण के बाद गांवों में दावेदारी और जनसंपर्क का शुरुआती दौर शुरू हो गया है।

  • झमाझम बारिश का असर, यूपी में बिजली की मांग 27,577 से घटकर 21,380 मेगावाट हुई

    झमाझम बारिश का असर, यूपी में बिजली की मांग 27,577 से घटकर 21,380 मेगावाट हुई

    ओबरा (सोनभद्र)
     प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हो रही झमाझम बारिश का सीधा असर बिजली की खपत और अधिकतम मांग पर पड़ा है। बीते 24 घंटों में प्रदेश की बिजली खपत में 125.1 मिलियन यूनिट की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही अधिकतम बिजली मांग में भी 6197 मेगावाट की कमी आई है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही बिजली की मांग के बीच बारिश से आई इस गिरावट ने बिजली प्रबंधन को बड़ी राहत दी है।

    यूपीएसएलडीसी के आंकड़ों के अनुसार 24 सितंबर को प्रदेश में बिजली की खपत 501.3 मिलियन यूनिट दर्ज की गई थी। मौसम में हुए बदलाव के बाद बारिश का दौर तेज होने से 25 सितंबर को यह घटकर 376.2 मिलियन यूनिट रह गई। इस तरह एक दिन में खपत में 125.1 मिलियन यूनिट की कमी दर्ज हुई। इसी तरह बिजली की अधिकतम मांग भी तेजी से नीचे आई।

    24 सितंबर को प्रदेश में अधिकतम मांग 27577 मेगावाट थी, जो 25 सितंबर को घटकर 21380 मेगावाट रह गई। यानी मांग में एक दिन में 6197 मेगावाट की गिरावट दर्ज हुई। दरअसल सितंबर के दूसरे पखवाड़े में बारिश कमजोर पड़ने के साथ उमस बढ़ने से बिजली की मांग में फिर तेजी आई थी।

    23 सितंबर की रात प्रदेश में मांग 29 हजार मेगावाट के करीब पहुंच गई थी। इसके बाद 24 सितंबर को भी मांग 27577 मेगावाट रही। ऐसे में बारिश की सक्रियता बढ़ने से तापमान और उमस में कमी आई तथा पंखे, कूलर और एयर कंडीशनर जैसे घरेलू विद्युत उपकरणों के इस्तेमाल में कमी का असर कुल खपत पर दिखाई दिया।

    दो दिन और सक्रिय रह सकता है मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार 26 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि 27 सितंबर को भी दोनों अंचलों में भारी से बहुत भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। हालांकि 28 सितंबर से प्रदेश में मौसम साफ़ होने का अनुमान जताया जा रहा है। ऐसे में अगले एक-दो दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने पर बिजली की मांग अपेक्षाकृत निचले स्तर पर बनी रह सकती है। हालांकि 28 सितंबर के बाद मौसम में सुधार और तापमान बढ़ने की स्थिति में घरेलू खपत एक बार फिर बढ़ सकती है। इससे बिजली की मांग में दोबारा उछाल होने की संभावना जताई जा रही है।

  • बिहार में रुके विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, सड़क मरम्मत और गुणवत्ता पर जोर

    बिहार में रुके विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, सड़क मरम्मत और गुणवत्ता पर जोर

    पटना
    मानसून समाप्त होने के साथ ही नमामि गंगे और अमृत 2.0 के तहत चल रही योजनाओं के काम में तेजी लाई जाएगी। शुक्रवार को बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (बुडको) मुख्यालय में नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव सह बुडको के प्रबंध निदेशक (एमडी) अनिमेष कुमार पराशर की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में 38 जिलों में चल रही योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

    उन्होंने कहा कि मानसून अब समाप्त होने वाला है। ऐसे में सभी संवेदक और पदाधिकारी कार्यों को फिर से गति दें और निर्धारित लक्ष्य के अनुसार योजनाओं को समय पर पूरा करें

    उन्होंने कहा कि मानसून और जलस्तर बढ़ने के कारण जिन स्थानों पर काम प्रभावित हुआ है, वहां जल्द काम शुरू किया जाए। साथ ही काम की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाए।

    जिला प्रशासन और नगर निगम से समन्वय कर जल्द कार्रवाई
    उन्होंने लंबित भूमि एनओसी के मामलों में जिला प्रशासन और नगर निगम से समन्वय कर जल्द कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डिजाइन और ड्राइंग के काम में भी तेजी लाने को कहा। सभी संवेदकों को साइट पर पर्याप्त संसाधन बढ़ाने तथा खुदाई के बाद सड़क की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

    प्रबंध निदेशक ने जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। कार्यस्थल पर सूचना बोर्ड लगाने, बैरिकेडिंग करने और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि निर्माण कार्य के दौरान आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।

    बैठक में बुडको मुख्यालय के अधिकारियों के साथ सभी संबंधित जिलों से आए परियोजना निदेशक, उप परियोजना निदेशक और योजनाओं के संवेदक मौजूद रहे।

  • कनाडा MP ने उठाया गैंगस्टरों का मुद्दा, वीडियो किया शेयर

    कनाडा MP ने उठाया गैंगस्टरों का मुद्दा, वीडियो किया शेयर

    चंडीगढ़.

    कनाडा में लॉरेंस गैंग को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। गैंग की ओर से कनाडा में राज करने की कथित धमकी वाला पत्र सामने आने के बाद सांसद ब्रैड विस ने गैंग के खिलाफ कार्रवाई की मांग को फिर से प्रमुखता से उठाया है।

    उन्होंने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर एक वीडियो जारी किया है, जिसमें कनाडा में हुई गोलीबारी की 10 घटनाओं के फुटेज दिखाए गए हैं। वीडियो में शूटर मशीनगन से गोलियां चलाते नजर आ रहे हैं। सांसद ने कनाडा सरकार से मांग की है कि लॉरेंस गैंग से जुड़े ऐसे लोगों की तत्काल पहचान की जाए, जो छात्र वीजा अथवा किसी अन्य अस्थायी अनुमति के आधार पर कनाडा में रह रहे हैं। उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति का आपराधिक गिरोह से संबंध सामने आता है और वह कनाडा में रहने का कानूनी अधिकार खो देता है तो इमिग्रेशन कानून के तहत उसे देश से बाहर किया जाना चाहिए।

    पंजाब से संचालित नेटवर्क बताया
    ब्रैड विस ने लॉरेंस गैंग को मुख्य रूप से पंजाब से संचालित होने वाला आपराधिक नेटवर्क बताया। उन्होंने गैंग पर जबरन वसूली, गोलीबारी और धमकियां देने के आरोप लगाए। सांसद के अनुसार, उनके गृह नगर में कारोबारियों को 10 लाख कनाडाई डॉलर तक की रंगदारी मांग वाले पत्र मिले। मांग पूरी नहीं करने पर परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां भी दी गईं। उन्होंने दावा किया कि कनाडा सरकार ने 29 सितंबर 2025 को लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया था। अब उनकी मांग इस सूचीबद्धता के बाद इमिग्रेशन और कानून-व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों को सख्ती से लागू करने की है।

    कारोबारियों को धमकी का भी दावा
    सांसद ने कहा कि कनाडा के रक्षा मंत्री और देशभर की पुलिस को भेजे गए एक कथित पत्र में गैंग ने खुद को भारतीय गैंग बताते हुए कनाडा में उसके खिलाफ कार्रवाई को चुनौती दी। उनके अनुसार पत्र में हिंसा जारी रखने, पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने और कारोबारियों से जबरन वसूली की धमकी दी गई।

    सीबीएसए और आरसीएमपी को कार्रवाई का अधिकार देने की मांग
    ब्रैड विस ने कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (सीबीएसए) और रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) को गैंग से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष अधिकार देने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्र वीजा या अन्य अस्थायी वीजा पर कनाडा पहुंचे और बाद में आपराधिक नेटवर्क से जुड़े लोगों के मामलों में इमिग्रेशन कानून का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

    100 से अधिक रंगदारी मामलों का उल्लेख
    कनाडा की वित्तीय खुफिया एजेंसी फिनट्रैक की अप्रैल 2026 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सांसद ने कहा कि दक्षिण एशियाई समुदाय को निशाना बनाकर जबरन वसूली के 100 से अधिक मामले सामने आए। रिपोर्ट में 300 से अधिक संदिग्धों और करीब 63 हजार संदिग्ध लेनदेन का उल्लेख होने की बात कही गई है। अल्बर्टा, ब्रिटिश कोलंबिया और ओंटारियो में कारोबारियों के घरों पर आगजनी और गोलीबारी की घटनाओं का भी जिक्र किया गया है।

    रेस्टोरेंट और कैफे पर फायरिंग के मामले
    कनाडा में इस नेटवर्क से जुड़े होने के दावे वाले कई हमलों का भी सांसद ने उल्लेख किया। अक्टूबर 2025 में सरे में एक भारतीय रेस्टोरेंट संचालक के कई ठिकानों पर गोलीबारी हुई थी। इंटरनेट मीडिया पर गैंग से जुड़े बताए गए गोल्डी ढिल्लों ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। सरे स्थित कामेडियन कपिल शर्मा के कैप्स कैफे पर जुलाई से अक्टूबर 2025 के बीच तीन बार गोलीबारी की घटनाएं हुईं। इन हमलों की जिम्मेदारी भी गैंग से जुड़े शूटरों द्वारा लेने का दावा सामने आया था। इसके अलावा कनाडा में दक्षिण एशियाई मूल के कारोबारियों, राजनेताओं और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को कथित रंगदारी के लिए निशाना बनाए जाने के मामले भी जांच एजेंसियों के सामने आए हैं। एडमंटन, कैलगरी और ओंटारियो में कुछ घरों पर गोलीबारी और आगजनी की घटनाओं की जिम्मेदारी इंटरनेट मीडिया पर गैंग से जुड़े हैंडलर्स द्वारा लेने के दावे भी किए गए हैं।

  • योगी सरकार काउंसलिंग, संरक्षण और पुनर्वास भी सुनिश्चित करेगी, 7 माह में 51 हजार से ज्यादा गुमशुदगी के मामलों का समाधान

    योगी सरकार काउंसलिंग, संरक्षण और पुनर्वास भी सुनिश्चित करेगी, 7 माह में 51 हजार से ज्यादा गुमशुदगी के मामलों का समाधान

    लखनऊ
    बच्चे की गुमशुदगी परिवार के लिए किसी सदमे से कम नहीं होती, लेकिन उसकी सकुशल बरामदगी के बाद भी जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। योगी सरकार ने बाल संरक्षण की व्यवस्था को इस सोच के साथ मजबूत किया है कि बच्चे को केवल परिवार तक पहुंचाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि जरूरत के अनुसार उसकी काउंसलिंग, संरक्षण और पुनर्वास भी सुनिश्चित किया जाए। बाल हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से संकट में फंसे बच्चों तक मदद पहुंचाने के साथ उनकी सुरक्षित वापसी और आगे की जरूरतों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

    काउंसलिंग से सामान्य जीवन की ओर वापसी
    गुमशुदगी या संकट की परिस्थितियों से गुजरने वाले बच्चे कई बार मानसिक और भावनात्मक दबाव का सामना करते हैं। ऐसे में जरूरत के अनुसार काउंसलिंग उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बच्चे की स्थिति और जरूरत का आकलन कर उसे आवश्यक संरक्षण एवं पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इससे परिवार में वापसी के बाद बच्चे को सामान्य जीवन में लौटने के लिए जरूरी भावनात्मक सहारा मिल सके।

    बरामदगी के बाद भी सुरक्षा की जिम्मेदारी
    1 जनवरी से 1 अगस्त 2026 तक बाल हेल्पलाइन पर बच्चों से संबंधित कुल 55,791 मामले प्राप्त हुए, जिनमें 51,402 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। इनमें बच्चों के गुम होने से संबंधित करीब 19,811 मामले शामिल रहे, जबकि 18,230 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इसके अलावा बच्चों के मिलने से संबंधित 8,714 मामले हेल्पलाइन तक पहुंचे, जिनमें 8,335 मामलों का समाधान किया गया। सरकार का जोर अब केवल बच्चे को तलाशने तक सीमित नहीं, बल्कि उसे सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर भी है।

    1098 बनी बच्चों की समस्याओं तक पहुंचने की कड़ी
    बाल हेल्पलाइन 1098 को बच्चों की समस्याओं को सुनने और उन्हें संबंधित स्तर तक पहुंचाने के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में विकसित किया गया है। हेल्पलाइन पर केवल गुमशुदगी के मामले ही नहीं, बल्कि बच्चों से जुड़ी अन्य समस्याओं की सूचनाएं भी प्राप्त होती हैं। इन मामलों में संबंधित विभागों और संस्थाओं के समन्वय से आवश्यक कार्रवाई की जाती है। प्राप्त शिकायतों की प्रगति पर नजर रखकर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

    सुरक्षित बचपन के साथ सुरक्षित भविष्य पर फोकस
    महिला कल्याण विभाग की निदेशक सी. इंदुमति ने बताया कि प्रदेश सरकार बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। गुमशुदा बच्चों से संबंधित प्रत्येक सूचना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जाती है। बच्चों की तलाश और सुरक्षित वापसी के साथ परिवार से पुनर्मिलन, काउंसलिंग और जरूरत के अनुसार पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

  • 17,752 पदों पर भर्ती, करीब 10 हजार नियुक्तियां; हजारों अभ्यर्थियों के लिए फिर खुलेगा मामला

    17,752 पदों पर भर्ती, करीब 10 हजार नियुक्तियां; हजारों अभ्यर्थियों के लिए फिर खुलेगा मामला

    रांची
    स्नातक स्तरीय प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 में हुई गड़बड़ियों की जांच कर रही वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन ने शनिवार को सुनवाई की. इस दौरान झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से संशोधित स्टेट मेरिट लिस्ट सौंपा गया. कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में विषय वार और कोटिवार स्टेट मेरिट लिस्ट तैयार किया गया है, जिसका पालन कर लिया गया है. वहीं राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि अभ्यर्थियों को जेएसएससी द्वारा उपलब्ध कराए गए डाटा के आधार पर शपथ पत्र दाखिल किया गया है.

    संशोधित मेरिट लिस्ट ऑनलाइन, 4 अक्टूबर से सुनवाई
    सरकार और जेएसएससी का पक्ष सुनने के बाद कमीशन के अध्यक्ष रिटायर जस्टिस गौतम कुमार चौधरी ने कहा कि जेएसएससी द्वारा सोप गई संशोधित स्टेट मेरिट लिस्ट अभ्यर्थियों को नेट के माध्यम से उपलब्ध करा दिया जाएगा तथा मामले की फाइनल सुनवाई डोरंडा स्थित हाईकोर्ट के पुराने बिल्डिंग में 4 अक्टूबर से की जाएगी. इससे पूर्व ऑनलाइन सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स, अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता, अधिवक्ता राजेश कुमार व अन्य ने कमीशन के समक्ष पक्ष रखा. उल्लेखनीय हैं कि हाइकोर्ट के आदेश के बाद वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन द्वारा हाइस्कूल शिक्षक नियुक्ति में हुई गड़बड़ियों की जांच की जा रही है.

    10 हजार नियुक्तियां, हजारों योग्य अभ्यर्थी अब भी वंचित
    वर्ष 2016 में जेएसएससी ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की थी. इसके माध्यम से 17,752 शिक्षकों की नियुक्ति होनी थी. लगभग 10000 सीटों पर नियुक्ति हुई है. शेष पद रिक्त पड़े हुए हैं. यह नियुक्ति जिलावर मेरिट लिस्ट और स्टेट वाइज मेरिट लिस्ट के आधार पर की गयी है. एक ही नियुक्ति परीक्षा में दो तरह का मेरिट लिस्ट होने से हजारों योग्य अभ्यर्थी नियुक्ति से अभी भी वंचित हैं.

  • न लैब की जरूरत, न रिपोर्ट का इंतजार; दूध में फार्मेलिन बताएगी नई स्ट्रिप

    न लैब की जरूरत, न रिपोर्ट का इंतजार; दूध में फार्मेलिन बताएगी नई स्ट्रिप

     करनाल
    दूध में मिलावट की जांच के लिए अब हर बार नमूना प्रयोगशाला भेजने और रिपोर्ट का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल ने दूध में फार्मेलिन की मौजूदगी का मौके पर पता लगाने के लिए विकसित पेपर आधारित स्ट्रिप तकनीक के व्यावसायिक उपयोग की दिशा में कदम बढ़ाया है।

    संस्थान ने अहमदाबाद की एवरेस्ट इंस्ट्रूमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ इसके लिए समझौता ज्ञापन किया है। तकनीक में दूध के नमूने में फार्मेलिन होने पर स्ट्रिप के रंग में बदलाव के आधार पर प्राथमिक स्तर पर इसकी पहचान की जा सकती है।

    शुक्रवार को एनडीआरआइ में अयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में इस तकनीक का हस्तांतरण किया गया। एनडीआरआइ के शोध के मुताबिक जांच में करीब सात से आठ मिनट का समय लगता है और तकनीक की पहचान सीमा 0.05 प्रतिशत तक बताई गई है।

    स्ट्रिप की न्यूनतम शेल्फ लाइफ छह महीने है। खास बात यह है कि इसके लिए किसी बड़े उपकरण या जटिल प्रयोगशाला व्यवस्था की जरूरत नहीं पड़ती। यही वजह है कि इसे दूध संग्रह केंद्रों, डेयरी प्रतिष्ठानों और उपभोक्ताओं के स्तर पर प्राथमिक जांच के लिए उपयोगी माना जा रहा है।

    दूध की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होता है फार्मेलिन
    फार्मेलिन का इस्तेमाल दूध को लंबे समय तक खराब होने से बचाने और उसकी संरक्षण अवधि बढ़ाने के लिए किया जा सकता है, लेकिन खाद्य सुरक्षा के लिहाज से दूध में इसका इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं है। ऐसे में इसकी मौके पर पहचान की सुविधा दूध की गुणवत्ता जांच व्यवस्था को मजबूत कर सकती है।

    एनडीआरआइ की तकनीक में दूध की बूंद या नमूने के साथ पेपर स्ट्रिप की प्रतिक्रिया के आधार पर फार्मेलिन की मौजूदगी का संकेत मिलता है। शोध में स्ट्रिप पर अन्य सामान्य मिलावटकारकों की मौजूदगी के बावजूद फार्मेलिन की पहचान प्रभावित नहीं होने की बात सामने आई है। इसका अर्थ है कि जांच केवल प्रयोगशाला तक सीमित न रहकर प्राथमिक स्तर की स्क्रीनिंग में भी इस्तेमाल की जा सकती है।

    दूध में सार्बिटोल की पहचान के लिए पेपर आधारित डिस्क
    संस्थान के निदेशक डॉ. धीर सिंह के अनुसार इस समझौते की एक और खास बात यह है कि 2025 से अब तक एवरेस्ट इंस्ट्रूमेंट्स को एनडीआरआइ की हस्तांतरित होने वाली यह 10वीं तकनीक है।

    इससे पहले संस्थान ने कंपनी को दूध में न्यूट्रलाइजर, यूरिया, ग्लूकोज, हाइड्रोजन पेराक्साइड, माल्टोडेक्सट्रिन, सुक्रोज और सोडियम क्लोराइड की पहचान से जुड़ी स्ट्रिप तकनीकें हस्तांतरित की थीं। इसके अलावा दूध में सार्बिटोल की पहचान के लिए पेपर आधारित डिस्क और पशुओं में सब-क्लिनिकल व क्लिनिकल मास्टाइटिस की शुरुआती पहचान से जुड़ी स्ट्रिप तकनीक भी कंपनी को दी गई थी।

     

  • सोनीपत में जमीन मालिकों को ₹1.28 करोड़ का मुआवजा

    सोनीपत में जमीन मालिकों को ₹1.28 करोड़ का मुआवजा

    सोनीपत.

    हरियाणा में एक्सप्रेसवे और हाईवे की वजह से गांव की तस्वीर बदल रही है. इससे गांव के आसपास भी प्रॉपर्टी के दामों में खासा उछाल देखने को मिल रहा है.ऐसे में जिन जमीनों के दामल छह-सात साल पहले एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ के आसपास थे, अब सात से 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक कीमत जा पहुंची है.

    गोहाना में 1 करोड़ की जमीन अब 10 करोड़ में-
    हरियाणा में एक्सप्रेसवे और हाईवे की वजह से गांव की तस्वीर बदल रही है. दरअसल, रोहतक-पानीपत हाईवे के साथ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी)  की ओर से दो सेक्टर विकसित किए जा रहे हैं और इस वजह से आसपास की जमीन के रेट ब़ढ़ गए हैं. अब बाईपास और दो हाईवे के साथ कनेक्टिंग की वजह से नगर, बड़ौता, सिकंदरपुर माजरा और आसपास के गांवों की जमीन पर प्रापर्टी डीलरों की नजर है. यहां पर दीनदयाल आवासीय क्षेत्र भी विकसित किया जा रहा है. इस वजह से लोग भी जमीन की खरीद फरोख्त में रुचि दिखा रहे हैं. इसके अलावा, पानीपत-रोहतक हाईवे के बाईपास और गोहाना- सोनीपत हाईवे के आसपास एग्रीकल्चर लैंड है. लेकिन हाईवे और बाइपास और सेक्टरों के चलते अब जमीन की कीमतें बढ़ी हैं. क्योंकि प्राइम लोकेशन के तौर पर यह इलाका उभर रहा है. अहम बात है कि रजिस्ट्री के दौरान कीमत कम दिखाई जाती है, लेकिन नकद में कैश लिया जाता है. लोकेशन के अनुसार सात से 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक जमीन के रेट पहुंच रहे हैं. हैं। हाईवे से नजदीकी, सड़क की पहुंच और प्रस्तावित शहरी विकास के कारण जमीन के भाव में अंतर है. कुछ जगह हाईवे से दूरी और जमीन की स्थिति के अनुसार भाव कम हैं.

    अवैध कब्जे के भी मामले
    उधर नगर और बड़ौता के क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के मामले सामने आने पर जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) विभाग कार्रवाई कर चुका है. कई जगह अवैध रास्तों और निर्माणों पर बुलडोजर भी चलाया गया. क्योंकि लोग जमीन पर इसलिए भी अवैध निर्माण करने की फिराक में हैं, ताकि बाद में उंचे दाम पर खरीदफरोख्त कर सकते हैं.

    क्विक आंसर्स
    हरियाणा के गोहाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे और हाईवे के विकास के कारण छह-सात साल पहले जो जमीनें एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ बिकती थीं, उनके दाम अब बढ़कर सात से 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच गए हैं। रोहतक-पानीपत हाईवे के साथ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा सेक्टरों के विकास, बाईपास निर्माण, दो हाईवे की कनेक्टिविटी और दीनदयाल आवासीय क्षेत्र के विकसित होने से यह इलाका प्राइम लोकेशन बन गया है, जिससे जमीन के दाम बढ़े हैं। जिला नगर योजनाकार विभाग ने नगर और बड़ौता क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग के मामलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है, जिसके तहत बुलडोजर चलाकर अवैध सड़कों और निर्माण कार्यों को गिराया गया है।