Category: राज्य

  • शैक्षणिक प्रमाणपत्र पर कार्रवाई का मामला, हाईकोर्ट ने डीएसई का आदेश किया निरस्त

    शैक्षणिक प्रमाणपत्र पर कार्रवाई का मामला, हाईकोर्ट ने डीएसई का आदेश किया निरस्त

    रांची
    झारखंड हाइकोर्ट ने पूर्वी सिंहभूम के डीएसइ की ओर से पारा शिक्षकों को नौकरी से हटाने और मानदेय नहीं देने के आदेश को निरस्त कर दिया है. डीएसइ ने संबंधित आदेश शैक्षणिक प्रमाण पत्र सही नहीं होने का हवाला देते हुए दिया था. इससे पहले हाइकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में मामले में सुनवाई हुई. पारा शिक्षकों की ओर से मानदेय रोकने और काम से हटाने के आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गयी थी. अदालत ने आदेश दिया कि प्रार्थियों को अप्रैल 2025 से बकाया मानदेय का भुगतान किया जाये.

    डीएसइ के आदेश को याचिका के जरिए दी गयी चुनौती
    प्रार्थी मेरी मुर्मूव अन्य की ओर से याचिका दायर कर डीएसइ के आदेश को चुनौती दी गयी थी. पूर्व में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. मामले में सुनवाई के दौरान प्रार्थ की ओर से अधिवक्ता राजेश कुमार ने पक्ष रखा था.

    विवादित प्रमाणपत्र पर पारा शिक्षकों के खिलाफ हुई कार्रवाई
    इंटर प्रयाग महिला विद्यापीठ इलाहाबाद, हिंदी महिला विद्यापीठ इलाहाबाद, हिंदी विद्यापीठ देवघर आदि संस्थानों से मैट्रिक व इंटरमीडिएट का सर्टिफिकेट वाले पारा शिक्षकों (कक्षा एक से पांच और कक्षा छह से आठ) पर कार्रवाई की गयी थी. उनका शैक्षणिक प्रमाण पत्र सही नहीं बताते हुए काम से हटाने और मानदेय रोकने को लेकर झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने सात नवंबर 2025 को पत्र जारी किया था. इसके आलोक में पूर्वी सिंहभूम के डीएसइ ने पारा शिक्षकों को काम से हटाने एवं मानदेय रोकने का आदेश दिया था.

  • दिल्ली-अंबाला रूट पर रेल यातायात ठप, हजारों यात्री फंसे

    दिल्ली-अंबाला रूट पर रेल यातायात ठप, हजारों यात्री फंसे

    सोनीपत.

    दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग पर राजलू गढ़ी रेलवे स्टेशन के पास ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) टूटने से शुक्रवार रात रेल यातायात बाधित हो गया। लाइन टूटने और ट्रिपिंग होने के कारण अप और डाउन लाइन पर ट्रेनों का आवागमन बाधित हो गया।

    रेल यातायात बाधित होने से करीब आधा दर्जन मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेन अलग अलग स्टेशनों पर खड़ी रही। जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    OHE लाइन टूटने से यात्री परेशान
    दिल्ली से चलकर अंबाला जाने वाली गाड़ी संख्या 64453 पैसेंजर ट्रेन रात 8.20 बजे जब राजलू गढ़ी स्टेशन पर पहुंची, तभी ओएचई टूट गई, इससे अप लाइन पर चार पैसेंजर ट्रेनें राजलू गढ़ी, सांदल कलां, सोनीपत और हरसाना स्टेशनों पर खड़ी रही। वहीं, सूबेदारगंज से चलकर कतरा जाने वाली जम्मू मेल को नरेला स्टेशन पर रोकना पड़ा।

  • अलवर अस्पताल की मैस में गंदगी पर एक्शन, संचालक को नोटिस; तेल-मसालों के सैंपल लिए

    अलवर अस्पताल की मैस में गंदगी पर एक्शन, संचालक को नोटिस; तेल-मसालों के सैंपल लिए

    अलवर
    स्वास्थ्य विभाग की ओर से राजकीय और निजी अस्पतालों के अंदर और आसपास चल रहे रेस्टोरेंट व अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की लगातार जांच की जा रही है। इसी अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को जेल सर्किल स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय की मैस का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मैस में रखी खाद्य सामग्री की स्थिति देखकर टीम भी हैरान रह गई। सीएमएचओ डॉ. योगेन्द्र शर्मा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी दल ने मैस में रखे खाने-पीने के सामान की जांच की। इस दौरान करीब 70 किलो आटा, मैदा, बेसन, अरहर दाल और मूंग दाल में इल्लियां मिलीं। खाद्य सामग्री में इल्लियां मिलने के बाद टीम ने इन सभी सामान को मौके पर ही नष्ट करवा दिया, ताकि इनका इस्तेमाल खाने में न किया जा सके।

    फंगस लगी ब्रेड भी मिली
    जांच के दौरान मैस में फंगस लगी पुरानी ब्रेड और पाव भी मिले। टीम ने इन्हें भी मैस से हटवाया और मौके पर ही नष्ट करा दिया। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने वहां इस्तेमाल किए जा रहे सोयाबीन तेल और मसाले के एक-एक नमूने लिए। दोनों नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर स्थिति और साफ होगी।

    निरीक्षण के दौरान मैस में साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। खाद्य सुरक्षा टीम ने इस पर मैस संचालक को नोटिस जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों और उनके आसपास खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर इस तरह की जांच आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।

    रेस्टोरेंट और ढाबों से भी लिए नमूने
    टेल्को सर्किल के समीप एक रेस्टोरेंट की किचन में भी साफ-सफाई ठीक नहीं मिली। संचालक को नोटिस देने के साथ रेस्टोरेंट से सर्विलांस के तहत दो नमूने लिए गए। भगत सिंह सर्किल के पास एक रसोई से सोयाबीन तेल तथा आसपास के ढाबों से लाल मिर्च पाउडर और दही के नमूने जांच के लिए लिए गए। संबंधित प्रतिष्ठानों को साफ-सफाई सुधारने के लिए इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किए गए। इस दौरान केशव गोयल, विश्व बंधु गुप्ता, जय सिंह यादव, अशोक लखेरा, नीरज रावत, अंजली मीणा, अलका, नितेश और राजेश पूनिया मौजूद रहे।

     

  • झारखंड में रोजगार योजना लागू, बेरोजगारी भत्ता और 0.05% दैनिक मुआवजे का प्रावधान

    झारखंड में रोजगार योजना लागू, बेरोजगारी भत्ता और 0.05% दैनिक मुआवजे का प्रावधान

    रांची
     झारखंड सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी को लेकर 'विकसित भारत – 2047' के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप 'विकसित भारत – गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना, झारखंड 2026' को अधिसूचित कर दिया है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलने लगेगी।

    ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी इस अधिसूचना के अनुसार, राज्य के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में यह योजना लागू होगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन ग्रामीण परिवारों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के वैधानिक मजदूरी रोजगार की गारंटी प्रदान करना है, जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक हैं।

    योजना की मुख्य विशेषताएं

    • परिवार के प्रत्येक वयस्क सदस्य को 125 दिनों का गारंटीकृत रोजगार मिलेगा।
    • मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर किया जाएगा और कार्य पूरा होने की तिथि से अधिकतम 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
    • यदि 15 दिनों के भीतर काम नहीं मिलता है, तो आवेदक बेरोजगारी भत्ते का हकदार होगा।
    • मजदूरी में देरी होने पर 16वें दिन से 0.05% प्रतिदिन की दर से मुआवजा दिया जाएगा।
    • यह एक केंद्र प्रायोजित योजना होगी, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में वित्त पोषण करेंगे।

    चार प्रमुख कार्य क्षेत्र

    • योजना के तहत मुख्य रूप से चार प्रकार के कार्य किए जाएंगे
    • जल सुरक्षा : जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, तालाब निर्माण, चेक डैम आदि।
    • मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा : सड़क, पुलिया, आंगनवाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, स्कूल भवन आदि के निर्माण से संबंधित निर्णय और कार्यान्वयन।
    • आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचा : कौशल विकास केंद्र, ग्रामीण हाट, कोल्ड स्टोरेज, मत्स्य पालन ढांचा आदि का निर्माण किया जा सकेगा।
    • आपदा प्रबंधन : चक्रवात/बाढ़ आश्रय स्थल, तटबंध, वृक्षारोपण आदि।
    • योजना के क्रियान्वयन में बायोमेट्रिक उपस्थिति, जीपीएस निगरानी, एमआइएस डैशबोर्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जाएगा।
    • सामाजिक अंकेक्षण हर छह महीने में अनिवार्य होगा।
    • ठेकेदारों के बिना सीधे कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा कार्य कराए जाएंगे।

     

  • गांव के कारीगरों को मिलेगा काम, 8041 पंचायत भवनों में चरणबद्ध फर्नीचर की तैयारी

    गांव के कारीगरों को मिलेगा काम, 8041 पंचायत भवनों में चरणबद्ध फर्नीचर की तैयारी

    पटना
     नए पंचायत सरकार भवनों को सिर्फ भवन बनाकर छोड़ने के बजाय अब उन्हें पूरी तरह सुविधायुक्त बनाने की तैयारी है। पंचायती राज विभाग पंचायत सरकार भवनों के लिए टेबल, कुर्सी, अलमारी, बेंच समेत जरूरी फर्नीचर की खरीद स्थानीय कारपेंटरों से कराने की योजना पर काम कर रहा है। इससे पंचायतों को जरूरत के मुताबिक फर्नीचर मिलेगा और स्थानीय कारीगरों को भी काम का अवसर मिलेगा।

    पहले चरण में 3200 पंचायत भवनों पर फोकस
    योजना के तहत राज्य की 8041 पंचायतों को चरणबद्ध तरीके से फर्नीचर उपलब्ध कराने की तैयारी है। पहले चरण में नव निर्मित करीब 3200 पंचायत सरकार भवनों के लिए हर पंचायत को 12 लाख रुपये के फर्नीचर की खरीद का प्रस्ताव है।

    विभागीय बैठक में इस व्यवस्था पर सहमति बनने के बाद अब कैबिनेट की मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

    भवन के साथ जरूरी संसाधन भी होंगे उपलब्ध
    सरकार का जोर पंचायत सरकार भवनों को पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कामकाज और जनसुविधाओं का केंद्र बनाने पर है। इसके लिए भवनों में जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना भी जरूरी माना जा रहा है।

    कई जगह भवन तैयार होने के बावजूद फर्नीचर और अन्य सुविधाओं की कमी के कारण उनका पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।

    पंचायत की जरूरत के हिसाब से तैयार होगा फर्नीचर
    स्थानीय कारपेंटरों से फर्नीचर तैयार कराने से पंचायत भवन की जरूरत के अनुसार टेबल और कुर्सियों का आकार तय किया जा सकेगा। कर्मचारियों व जनप्रतिनिधियों के लिए कुर्सियां, दस्तावेज रखने के लिए अलमारी और ग्रामीणों के बैठने के लिए बेंच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे फर्नीचर को स्थानीय जरूरत के मुताबिक तैयार कराने में मदद मिलेगी।

    गांव के कारीगरों को मिलेगा काम
    इस योजना का एक अहम पहलू स्थानीय रोजगार से भी जुड़ा है। पंचायत स्तर पर फर्नीचर का काम मिलने से बढ़ई और दूसरे स्थानीय कारीगरों को रोजगार का अवसर मिल सकता है।

    सरकार की मंशा है कि पंचायत सरकार भवनों पर होने वाला खर्च अधिक से अधिक स्थानीय स्तर तक पहुंचे और उसका आर्थिक लाभ गांव के कारीगरों को मिले।

    गुणवत्ता और पारदर्शिता पर भी रहेगा जोर
    फर्नीचर खरीद में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा। पंचायत सरकार भवन की जरूरत के आधार पर फर्नीचर की सूची और संख्या तय की जाएगी। प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद चरणबद्ध तरीके से नवनिर्मित और पहले से बने पंचायत सरकार भवनों में जरूरी फर्नीचर उपलब्ध कराने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।

     

  • ‘रात को आत्मा भटकती है’ अफवाह से मचा बवाल

    ‘रात को आत्मा भटकती है’ अफवाह से मचा बवाल

    पटियाला.

    पंजाब के पटियाला (बनूड़) स्थित एक नामी प्राइवेट यूनिवर्सिटी में 25 सितंबर की मध्य रात्रि उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया, जब कैंपस में 'भूत' होने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

    वीडियो सामने आने के बाद देर रात सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतर आए और यूनिवर्सिटी कैंपस में तोड़फोड़ करते हुए उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का दावा था कि कैंपस में पूर्व में एक छात्रा ने कथित तौर पर आत्महत्या की थी, जिसकी आत्मा हास्टल में रहने वाले छात्रों को परेशान कर रही है। हालांकि, मौके पर पहुंचे सुरक्षा कर्मियों और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने छात्रों को समझाने की कोशिश की कि परिसर में ऐसी कोई खुदकुशी की घटना नहीं हुई है।

    अधिकारियों ने कहा शरारती तत्वों का है ये काम
    अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कुछ शरारती तत्व जानबूझकर दूसरे कमरों के दरवाजे खटखटाकर भाग जाते हैं। इसके बावजूद छात्र शांत होने को तैयार नहीं हुए और विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ लगातार नारेबाजी करते रहे।

  • वह दिन दूर नहीं जब देश और दुनिया में निवेश की चर्चा के दौरान उत्तर प्रदेश का नाम प्रमुखता से लिया जाएगा: जितिन प्रसाद

    वह दिन दूर नहीं जब देश और दुनिया में निवेश की चर्चा के दौरान उत्तर प्रदेश का नाम प्रमुखता से लिया जाएगा: जितिन प्रसाद

    इलेक्ट्रॉनिक्स से एआई और सेमीकंडक्टर तक, यूपी बनेगा देश का नंबर-1 टेक्नोलॉजी हब: जितिन प्रसाद

    केंद्रीय मंत्री बोले- उत्तर प्रदेश देश का अगला ग्रोथ इंजन बनने की ओर, डबल इंजन सरकार के समन्वय से तेज हो रहा बदलाव

    वह दिन दूर नहीं जब देश और दुनिया में निवेश की चर्चा के दौरान उत्तर प्रदेश का नाम प्रमुखता से लिया जाएगा: जितिन प्रसाद

    ग्रेटर नोएडा
     उत्तर प्रदेश अब केवल इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का केंद्र बनने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एआई, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश देश का अगला ग्रोथ इंजन बनने की ओर अग्रसर है। यह बात केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने 'यूपीज जर्नी फ्रॉम इलेक्ट्रॉनिक्स लीडर टू एआई एंड सेमीकंडक्टर पावरहाउस’ सत्र को संबोधित करते हुए कही।

    उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब देश और दुनिया में निवेश की चर्चा के दौरान उत्तर प्रदेश का नाम प्रमुखता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख हब बनाना है और इसके लिए राज्य में तेजी से जरूरी इकोसिस्टम तैयार हो रहा है।

    जितिन प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में परिवर्तन स्पष्ट दिखाई दे रहा है। केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय वाली डबल इंजन सरकार इस बदलाव को गति दे रही है। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और ट्रेड देश की विकास यात्रा के दो महत्वपूर्ण इंजन हैं और उत्तर प्रदेश इनके माध्यम से नई ऊंचाइयों को हासिल कर सकता है।

    नोएडा से आगे पूरे यूपी में टेक्नोलॉजी का विस्तार

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब प्रयास केवल नोएडा तक निवेश सीमित रखने का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी के अवसर पैदा करने का है। इसका सीधा लाभ राज्य के युवाओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सैमसंग और योटा जैसे बड़े निवेश, डाटा सेंटर्स, एआई लैब्स तथा अन्य टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर उत्तर प्रदेश में बन रहे नए इकोसिस्टम की तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। सरकार का प्रयास है कि राज्य में डिजाइन से लेकर सेमीकंडक्टर कॉम्पोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट तक पूरी वैल्यू चेन विकसित हो।

    असेंबली से कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़ेगा यूपी

    जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत अब केवल उत्पादों की असेंबली करने वाला देश नहीं रहेगा। इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम जैसी पहल के जरिए देश कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश इस परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत की डिजाइन क्षमता और प्रतिभा को दुनिया पहले से पहचानती है। अब इसी ताकत के साथ मैन्युफैक्चरिंग क्षमता जोड़ने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का निर्माण तथा उन्हें घरेलू और वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना इस विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    सरकारी मदद का लाभ लें, लेकिन आत्मनिर्भर बनें उद्योग

    केंद्रीय मंत्री ने उद्योग जगत को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी प्रोत्साहन और सब्सिडी विकास को गति देने का माध्यम हैं, लेकिन उद्योगों की दीर्घकालिक सफलता उनकी अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पर निर्भर करेगी। सरकार जमीन, नीतियां, मंजूरियां और सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है, लेकिन उद्योगों को अंततः कॉम्पिटेटिव और सेल्फ सस्टेनिंग बनना होगा।

    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार उद्योगों की जरूरतों को समझते हुए सक्रिय और गुड गवर्नेंस के साथ काम कर रही है। निवेशकों को सुरक्षित और स्थिर नीतिगत वातावरण देना जरूरी है, ताकि वे लंबी अवधि के फैसले ले सकें।

    एआई से बढ़ेगी एमएसएमई की उत्पादकता

    जितिन प्रसाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एआई का इस्तेमाल केवल तकनीक अपनाने के लिए नहीं, बल्कि प्रोडक्टिविटी, एफिशिएंसी और कॉस्ट कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ाने के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि एआई के माध्यम से कोई एमएसएमई अपनी लागत कम करता है या उत्पादकता बढ़ाता है तो यही तकनीक का वास्तविक लाभ होगा।

    उन्होंने युवाओं को एआई इनोवेटर्स, रिसचर्स और एडॉप्टर्स के रूप में तैयार करने की जरूरत बताई। साथ ही आईआईटी कानपुर  समेत शोध संस्थानों और उद्योगों के बीच मजबूत तालमेल पर जोर दिया।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लिए अवसर का यह महत्वपूर्ण दौर है। आने वाले वर्षों की योजना आज से बनानी होगी, ताकि राज्य की युवा पीढ़ी को एक ऐसा इकोसिस्टम मिल सके जो उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग पावर हाउस के रूप में स्थापित करे।

    नोएडा के साथ लखनऊ और कानपुर में भी बढ़ेगा जीसीसी का विस्तार: आलोक कुमार

    उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार ने कहा कि राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विकास के साथ मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) पर विशेष फोकस किया जा रहा है। नोएडा में पहले से जीसीसी मौजूद हैं, जबकि कुछ जीसीसी ने लखनऊ में भी काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि नई जीसीसी पालिसी और आईटी पॉलिसी के जरिए अब नोएडा के साथ लखनऊ और कानपुर क्षेत्र में भी अधिक जीसीसी आकर्षित करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि लखनऊ में आईबीएम समेत कई आईटी और टेक्नोलॉजी कंपनियां मौजूद हैं। राज्य की जीसीसी और आईटी नीतियों को अन्य राज्यों की नीतियों के अनुरूप मजबूत बनाया गया है तथा आईटी और आईटी एनेबल्ड सर्विसेज (आईटीईएस) को पहले ही इंडस्ट्री स्टेटस प्रदान किया जा चुका है।

  • रांची में अवैध वध के आरोप में कार्रवाई, भारी मात्रा में चमड़ा और हड्डियां जब्त

    रांची में अवैध वध के आरोप में कार्रवाई, भारी मात्रा में चमड़ा और हड्डियां जब्त

     रांची
    रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र में गौवंशीय पशुओं के अवैध वध और बिक्री के लिए क्रूरता पूर्वक रखने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने घटनास्थल से करीब 450 गौवंशीय पशुओं का चमड़ा और काफी मात्रा में हड्डियां बरामद की हैं।

    इसके अलावा 84 गौवंशीय पशुओं को बरामद करने के बाद लोगों के बीच बांट दिया गया। पुलिस के अनुसार, बरामद चमड़े और हड्डियों की विधिवत जब्ती सूची तैयार की गई है। पशु चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण मौके पर ही पुलिस निगरानी में चमड़ा और हड्डियां सुरक्षित रखी गईं। पशु चिकित्सक की मौजूदगी में इनके नमूने लेने की कार्रवाई की जानी है।

    पुलिस की ओर से मामले में मिन्हाज कुरैशी, अकबर कुरैशी, अफसर कुरैशी, असगर कुरैशी, सोनू कुरैशी, अरमान अली, असलम कुरैशी, बुलंद कुरैशी, सैफुल्लाह कुरैशी, सुहेल कुरैशी, मंजूर कुरैशी, एकराम कुरैशी, इबरार कुरैशी, मासूम कुरैशी, अलाउद्दीन कुरैशी, फिरोज कुरैशी, अफजल कुरैशी, दानिश कुरैशी, बबलु कुरैशी, अशफाक कुरैशी, तन्नू कुरैशी, मुन्नू कुरैशी, गुफरान कुरैशी, कैशर कुरैशी, राजू कुरैशी, असलम कुरैशी, जावेद कुरैशी उर्फ पलटा, इमरान कुरैशी, फारूक कुरैशी, शाहिद कुरैशी, मजीद कुरैशी और कमाल कुरैशी, शहनवाज समेत अन्य के नाम दिए गए हैं।

    इनमें अधिकांश का पता कुरैशी मोहल्ला, डोरंडा बताया गया है। पुलिस ने पूरे मामले में संगठित तरीके से गौवंशीय पशुओं को चोरी कर वध एवं बिक्री के लिए रखने का आरोप लगाया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

  • नेपाल की बारिश से बिगड़े हालात, नारायणगढ़-मुगलिन हाईवे बंद; बिहार में अलर्ट

    नेपाल की बारिश से बिगड़े हालात, नारायणगढ़-मुगलिन हाईवे बंद; बिहार में अलर्ट

    पटना
    नेपाल के तराई, पहाड़ी एवं जलग्रहण क्षेत्रों में बीते तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से उत्तर बिहार की नदियां उफना गई हैं। वाल्मीकिनगर बराज से डिस्चार्ज ढाई लाख के आंकड़े को पार कर गया। बराज से नेपाल त्रासदी से अधिक डिस्चार्ज से जल संसाधन विभाग अलर्ट मोड में है। गंडक, कोसी और बागमती के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। कई स्थानों पर निचले इलाकों में जलभराव और संभावित बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इसको लेकर तटवर्ती क्षेत्रों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।

    वाल्मीकिनगर गंडक बराज से शुक्रवार को 6 घंटे में पानी का डिस्चार्ज 57 हजार था जो खबर लिखे जाने तक बढ़कर 2.67 लाख क्यूसेक के स्तर पर पहुंच गया। नेपाल के देवा घाट से 2.76 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हुआ। 24 घंटे से पानी के बढ़ते दबाव को देखते हुए वाल्मीकिनगर गंडक बराज के सभी फाटक खोल दिए गए हैं। इधर, भीमनगर कोसी बराज पर शुक्रवार शाम छह बजे डिस्चार्ज 2,70,740 क्यूसेक पहुंच गया, जो वर्ष 2026 का अब तक का सर्वाधिक है। मधुबनी के मधेपुर प्रखंड के गढ़गांव, बसीपट्टी के पूर्वी भाग, भरगामा और बकुआ पंचायतों की मुख्य धाराओं में पानी बढ़ गया है। मोतिहारी के डुमरियाघाट, चनपटिया में गंडक नदी का जलस्तर भी लाल निशान के पास है। सीतामढ़ी में बागमती सोनाखान में खतरे के निशानसे 30 सेंमी ऊपर बह रही है।

    नारायणगढ़-मुगलिन राजमार्ग बंद
    नेपाल के पहाड़ी एवं तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण चितवन जिले में नारायणगढ़-मुगलिन राजमार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा गिरने से सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी है। यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन कार्यालय, चितवन की ओर से शुक्रवार को इस मार्ग पर परिचालन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन ने तटवर्ती और निचले इलाकों के लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। राजमार्ग बंद होने का सीधा असर भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों और पर्यटन गतिविधियों पर पड़ा है। भारतीय पर्यटकों समेत आम नागरिकों की चितवन की ओर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में यात्रियों और वाहनों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

    गंडक के तराई क्षेत्रों में बढ़ा जलस्तर, प्रशासन सतर्क
    नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में जारी भारी बारिश का असर भारतीय सीमा से सटे इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। बारिश के कारण गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे नदी के तटीय एवं निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है। पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से आम लोगों को मौसम की स्थिति को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने नागरिकों से नदियों, निचले और जलजमाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने तथा मौसम संबंधी प्रशासनिक अपडेट पर लगातार नजर रखने की अपील की है।

  • 17 दिन का NOTAM, 8 देशों की ताकत आसमान में; बॉर्डर पर ड्रोन तस्करी की चिंता

    17 दिन का NOTAM, 8 देशों की ताकत आसमान में; बॉर्डर पर ड्रोन तस्करी की चिंता

    जयपुर
     राजस्थान की पाकिस्तान से लगी सीमा पर एक तरफ आसमान में भारतीय सेनाओं के साथ मित्र राष्ट्रों की सेनाएं संयुक्त युद्धाभ्यास की तैयारियों में जुटी हैं। दूसरी तरफ इसी सीमा से लगे दूरस्थ इलाकों में पाकिस्तान से हो रही ड्रग व हथियारों की तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है। वायुसेना व सेना की युद्ध तैयारियों के बीच जोधपुर की हवाई सीमा पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है, लेकिन श्रीगंगानगर से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते पाकिस्तानी ड्रोन से नशे और हथियार पहुंचने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बीते कुछ वर्षों में अकेले श्रीगंगानगर जिले में करीब 500 करोड़ रुपए की ड्रग्स और बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए जा चुके हैं।

    शुक्रवार को पुलिस को भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे सुजावलपुर क्षेत्र के एक खेत में पुलिस को दो लावारिस पैकेट में 1 किलो 600 ग्राम हेरोइन मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब आठ करोड़ रुपए है। आशंका है कि यह खेप पाकिस्तानी ड्रोन से गिराई गई, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही इसकी पुष्टि होगी। इससे चार दिन पहले रोही 8 सी बड़ी हिन्दुमलकोट में पुलिस ने एक पॉलीथीन से 206 ग्राम मेथएम्फेटामाइन यानी आइस ड्रग और उपकरण बरामद किए थे। एसपी हरीशंकर के मुताबिक, पुलिस दोनों मामलों में खेप के स्रोत और संभावित रिसीवर तक पहुंचने में जुटी है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में श्रीगंगानगर में करीब 350 करोड़ रुपए की ड्रग्स और बड़ी मात्रा में हथियार पकड़े जा चुके हैं। वहीं, चार दिन पहले आइस ड्रग बरामद हुई थी। यानी सीमा पर दुश्मन की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ड्रोन से होने वाली तस्करी रोकना भी बड़ी चुनौती है।

    बड़ा सवाल… ड्रोन कैसे दे रहे धोखा
    पश्चिमी राजस्थान का बड़ा हिस्सा थार के रेगिस्तानी भूभाग में है, जिससे सीमा निगरानी की अपनी भौगोलिक चुनौतियां हैं। हालांकि सरकार जहां बॉर्डर पर सुरक्षा संबंधी गतिविधियों से घुसपैट रोकने दावे करती है। मई 2026 में केंद्रीय गृह मंत्री ने बीकानेर में भारत-पाक सीमा की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। इन दिनों सैन्य अभ्यास के चलते सीमा पर सुरक्षा का स्तर बढ़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद सीमा के दूसरे हिस्सों में तस्कर ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थ और हथियार गिरा सुरक्षा को भेद रहे हैं। गौरतलब है कि प्रदेश की पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा 1,070 किमी लंबी है। श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर – चार जिले सीधे इस सीमा से जुड़े हैं।

    एयरफोर्स ने जारी किया 17 दिन का नोटम
    भारतीय वायुसेना ने मेगा मल्टीलेटरल युद्धाभ्यास तरंगशक्ति के संस्करण ‘तरंगशक्ति-2026’ को लेकर पश्चिमी सीमा पर 17 दिन का नोटम (नोटिस टू एयर मिशन) जारी किया है। वायुसेना ने 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक 17 दिनों के व्यापक सैन्य एवं हवाई अभ्यास के लिए नोटम जारी कर जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी और जोधपुर सेक्टर के विशाल हवाई क्षेत्र को सैन्य गतिविधियों के लिए आरक्षित किया है। नोटम की ऊंचाई 40 हजार फीट तक है। बीकानेर के नाल क्षेत्र में इसका एक हिस्सा अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 20 किलोमीटर ही दूर है। नोटम लगातार नहीं होकर कुछ फेज में सुबह 9 बजे से रात 12 बजे तक रहेगा। जानकारी के अनुसार 28 से 30 सितम्बर, एक अक्टूबर से पांच अक्टूबर और सात अक्टूबर को नोटम प्रभावी रहेगा।

    आसमान में आज से दिखेगी आठ देशों की ताकत
    भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास ‘तरंगशक्ति 2026’ शनिवार से जोधपुर एयरबेस पर शुरू होगा। 12 अक्टूबर तक चलने वाले अभ्यास में अमरीका, जर्मनी, फ्रांस, यूएई, श्रीलंका, बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया समेत आठ देश अपने विमान व सैन्य संसाधनों के साथ हिस्सा लेंगे, जबकि 32 देश पर्यवेक्षक के तौर पर जुड़ेंगे। 100 से अधिक लड़ाकू विमान और करीब 3000 जवान अभ्यास का हिस्सा होंगे। चार से पांच एयरबेस का इस्तेमाल किया जाएगा। शुक्रवार से ही विदेशी परिवहन विमान जोधपुर पहुंचने लगे। इनमें ऑस्ट्रेलिया का सी-130 जे, अमरीका का सी-17, बांग्लादेश का सी-130 जे और फ्रांस का ए330 एमआरटीटी शामिल हैं। हाल ही जापान के साथ ‘वीर गार्जियन’ अभ्यास हुआ था। अब आठ देशों के इस अभ्यास में राजस्थान की गर्मी भी चुनौती होगी। जोधपुर में दिन का तापमान 42 डिग्री के आसपास पहुंच रहा है।