Category: हरियाणा

  • कुरुक्षेत्र में सफाई अभियान के दौरान विरोध, पुलिस सुरक्षा में चला ‘क्लीन सिटी’ ऑपरेशन

    कुरुक्षेत्र में सफाई अभियान के दौरान विरोध, पुलिस सुरक्षा में चला ‘क्लीन सिटी’ ऑपरेशन

    कुरुक्षेत्र.

    शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन की ओर से रविवार देर रात पुलिस बल की मौजूदगी में ऑपरेशन क्लीन सिटी चलाया गया। अभियान को लेकर जहां-जहां सफाई कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्रवाई की सूचना मिली, वहां-वहां कर्मचारी पहुंच गए और विरोध जताया।

    पूरी रात शहर में पुलिस बल की मौजूदगी बनी रही। हालांकि इस दौरान किसी भी सफाई कर्मचारी की गिरफ्तारी नहीं हुई। सफाई कर्मचारियों के विरोध के चलते कई स्थानों पर प्रशासनिक टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने अभियान की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि सफाई व्यवस्था सुधारने के नाम पर कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की बजाय व्यवस्था की खामियों को दूर किया जाना चाहिए। कर्मचारियों के पहुंचने के कारण रातभर शहर में कई स्थानों पर हलचल बनी रही।

    सफाई की बजाय सड़कों पर दौड़ाए गंदगी से भरे डंपर
    सफाई कर्मचारी इकाई के प्रधान सुनील लोहाटने आरोप लगाया कि प्रशासन शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि सफाई कराने की बजाय सड़कों पर कूड़े और गंदगी से भरे डंपर दौड़ाए जाते रहे, जिससे शहर में जगह-जगह गंदगी फैलती चली गई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराने से पहले यह देखना चाहिए कि उन्हें काम करने के लिए पर्याप्त संसाधन और उचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है या नहीं। सुनील लोहाट ने कहा कि जिसका काम उसी को साझे के सिद्धांत पर व्यवस्था होनी चाहिए। सफाई कर्मचारियों का काम सफाई करना है और इसके लिए उन्हें आवश्यक संसाधन, सुरक्षा उपकरण तथा उचित व्यवस्था उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

    आज मुख्यमंत्री के नाम देंगे ज्ञापन
    सुनील लोहाट ने बताया कि सफाई कर्मचारी अपनी मांगों और ऑपरेशन क्लीन सिटी के विरोध में सोमवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को सरकार और प्रशासन के समक्ष शांतिपूर्ण तरीके से रखा जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि वे शहर की सफाई व्यवस्था के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि ऐसी कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं जिसमें सफाई व्यवस्था की मूल समस्याओं को दूर करने की बजाय कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

    रातभर तैनात रहा पुलिस बल
    ऑपरेशन क्लीन सिटी के चलते शहर में रातभर पुलिस बल की मौजूदगी रही। प्रशासन की ओर से संभावित विरोध को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। वहीं सफाई कर्मचारियों को जैसे ही अभियान के अलग-अलग स्थानों पर चलने की जानकारी मिली, वे वहां पहुंचकर विरोध दर्ज कराते रहे। फिलहाल सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम दिए जाने वाले ज्ञापन के बाद ही स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • हरियाणा में रोडवेज बसों के पहिए थामने की तैयारी, यूनियनों ने तय की आंदोलन की तारीख

    हरियाणा में रोडवेज बसों के पहिए थामने की तैयारी, यूनियनों ने तय की आंदोलन की तारीख

     नाथसूरी चोपटा
     हरियाणा रोडवेज यूनियनों ने अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सिरसा डिपो के नाथूसरी चौपटा बस स्टैंड पर हरियाणा की समस्त रोडवेज यूनियनों के साझा मोर्चा की बैठक हुई जिसमें दो अहम फैसलों पर मुहर लगी है।

    जिसमें मुख्य रूप से 5 और 6 सितंबर को रोजवेज बसों का दो दिवसीय चक्का जाम का करने का फैसला है। इसमें 13 यूनियन के पदाधिकारियों ने भाग लिया। प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा रोडवेज यूनियनों की तरफ से नाथूसरी चौपटा में सभी पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि आगामी 26 अगस्त को सभी रोडवेज डिपो पर सुबह 10 बजे से 12 बजे तक सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा और रोडवेज महाप्रबंधकों को मांग पत्र सौंपा जाएगा।

    उन्होंने बताया कि रोडवेज कर्मचारियों की मांगे लंबे समय से हैं, जिनको सरकार और परिवहन विभाग बार बार टाल रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी परिचालक के पद का पे ग्रेड बढ़ाया जाए एवं लिपिकों की तरह तीन वेतन वृद्धि प्रदान की जाए।

    चालक व परिचालकों के खाली पड़े पदों पर नई भर्ती की जाए। तय सीमा में प्रमोशन देने की पालिसी बनाई जाए। चालकों को हैवी पे ग्रेड दिया जाए, स्टैंड इंचार्ज का अलग से पद सृजित करके चालकों की प्रमोशन की जाए।

    सभी प्रकार की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने वाले 2016 के भर्ती चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का किया जाए। चालक, परिचालक, उप निरीक्षक, निरीक्षक व कर्मशाला के कर्मचारियों को पूर्व की भांति दो अर्जित अवकाश दिए जाएं।

    कर्मशाला में 2018 में भर्ती हुए कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर प्रमोशन दी जाए, सभी कर्मचारियों को पूर्व की भांति कैडर होल्ड दिए जाएं। एचआरकेएन के तहत लगे परिचालक व हेल्पर एवं पार्ट-2 के तहत लगे दादरी डिपो के 52 हेल्परों को पक्का किया जाए।

     

  • Haryana New Advocate General: पवन कुमार मुटनेजा की हुई नियुक्ति, प्रविंद्र सिंह चौहान की जगह लेंगे

    Haryana New Advocate General: पवन कुमार मुटनेजा की हुई नियुक्ति, प्रविंद्र सिंह चौहान की जगह लेंगे

    चंडीगढ़ 
    हरियाणा सरकार की ओर से पवन कुमार मुटनेजा को नया एडवोकेट जनरल (एजी) बनाया गया है। वे पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के वरिष्ठ वकील हैं। उन्होंने प्रविंद्र सिंह चौहान की जगह ली है। प्रविंद्र सिंह चौहान को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में एडिशनल जज नियुक्त किया गया है। उनके जज बनने से यह कुर्सी रिक्त हुई थी। पवन कुमार मुटनेजा की एडवोकेट जनरल के तौर पर नियुक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 165(1) के तहत राज्यपाल की ओर से तत्काल प्रभाव से की गई है। 

    अधिसूचना के अनुसार मुटनेजा की नियुक्ति की शर्तें बाद में जारी की जाएंगी। यह आदेश अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने जारी की है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में मुटनेजा के पास लंबा अनुभव है। वे कानून क्षेत्र में लंबे वक्त से काम कर रहे हैं। उन्होंने कई मामलों में प्रतिनिधित्व किया है। मुटनेजा दीवानी, आपराधिक, श्रम और कंपनी कानून से जुड़े मामलों की पैरवी करते हैं। इससे पहले वे हरियाणा के महाधिवक्ता के तौर पर भी काम कर चुके हैं।

    बता दें कि 5 मई को सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से पंजाब, हरियाणा और आंध्र प्रदेश के उच्च न्यायालयों में अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों को न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की गई थी।

    बयान में कहा गया था कि सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम की ओर से 4 मई को आयोजित अपनी बैठक में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रूप में जिन अधिवक्ताओं की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी, उनमें प्रविंद्र सिंह चौहान, राजेश गौड़, और मिंदरजीत यादव के नाम शामिल था।

  • चीनी कारोबारियों पर कसा शिकंजा, 30 दिन से ज्यादा स्टॉक नहीं रख सकेंगे व्यापारी

    चीनी कारोबारियों पर कसा शिकंजा, 30 दिन से ज्यादा स्टॉक नहीं रख सकेंगे व्यापारी

    चंडीगढ़
    चीनी की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच जमाखोरी रोकने के लिए प्रदेश सरकार सख्त हो गई है। अधिकतम स्टॉक की सीमा तय कर दी गई है। किसी भी व्यापारी को किसी भी स्थान या समय पर अधिकतम 4000 क्विंटल यानी 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी।

    नए नियम के तहत कोई भी व्यापारी चीनी के स्टॉक को प्राप्त होने की तारीख से 30 दिनों से अधिक समय तक नहीं रख पाएगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राज्य में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और जमाखोरी रोकने के लिए कड़े निर्देश जारी करते हुए चीनी व्यापारियों के लिए नई स्टॉक सीमाएं तय की गई हैं।

    व्यापारियों के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करना और अपने वर्तमान स्टॉक की घोषणा करना तुरंत प्रभाव से अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही व्यापारियों को हर शुक्रवार पोर्टल पर नियमित रूप से अपने स्टॉक का विवरण अद्यतन (अपडेट) करना होगा।

    यह विशेष आदेश एक अगस्त से 30 नवंबर तक लागू रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि पोर्टल पर पंजीकरण न कराने, विलंब करने या गलत और अधूरी जानकारी देने वाले दोषियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    सरकार ने राज्य में चीनी की कीमतों और आपूर्ति की निरंतर निगरानी का आश्वासन देते हुए आम जनता से घबराकर अनावश्यक खरीदारी या जमाखोरी न करने की अपील की है। यदि किसी उपभोक्ता को जमाखोरी, निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक रखने या अनुचित दाम वसूलने की जानकारी मिलती है, तो वे इसकी सूचना संबंधित जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय में दे सकते हैं, ताकि त्वरित जांच कर उचित कार्रवाई की जा सके।

  • सड़क हादसों के पीड़ितों को जल्द मिलेगा न्याय, ई-डीएआर पोर्टल से एक क्लिक पर जुटेगा पूरा रिकॉर्ड

    सड़क हादसों के पीड़ितों को जल्द मिलेगा न्याय, ई-डीएआर पोर्टल से एक क्लिक पर जुटेगा पूरा रिकॉर्ड

     फतेहाबाद
    सड़क हादसों में हर दिन औसतन 13 से 14 लोगों की जान जा रही है। हादसे के बाद पीड़ित परिवार के सामने जांच, मेडिकल रिपोर्ट, बीमा और मुआवजे की प्रक्रिया की अलग-अलग औपचारिकताएं चुनौती बनती हैं। अब इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल मंच पर लाने की तैयारी है। ई-विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (ई-डीएआर) पोर्टल के माध्यम से हादसे की सूचना से लेकर जांच और मुआवजे तक की प्रक्रिया को तेज व पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

    फतेहाबाद में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआइसी) की ओर से पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया। व्यवस्था लागू होते ही हादसे का रिकार्ड एक जगह उपलब्ध होगा और हादसे रोकने के लिए भी इसी आंकड़े का उपयोग हो सकेगा। पुलिस हादसे के स्थान से ही दुर्घटना की जानकारी, फोटो व वीडियो ई-डीएआर पर दर्ज करेगी।

    पोर्टल के वाहन और आइ-रैड डेटाबेस से जुड़े होने से वाहन नंबर दर्ज करते ही पंजीकरण, बीमा, चालक के लाइसेंस की जानकारी सामने आ जाएगी। सड़क परिवहन मंत्रालय की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार सड़क हादसों में हरियाणा देश में 14वें स्थान पर है। प्रदेश में रोज औसतन 13 से 14 लोगों की मौत होती है। इनमें करीब 66 प्रतिशत 18 से 34 वर्ष के युवा हैं।

    ई-डीएआर पोर्टल पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने में गेम-चेंजर साबित होगा। पहले अलग-अलग विभागों से कागजी रिकार्ड जुटाने में समय लगता था, लेकिन वाहन और आइ-रैड डेटाबेस के एकीकरण से पूरी जानकारी एक क्लिक पर मिलेगी। इससे फर्जी बीमा दावों पर अंकुश लगेगा और ई-फाइलिंग से मुआवजे की राह आसान होगी। – डॉ. सिकंदर, जिला सूचना अधिकारी, एनआइसी, फतेहाबाद

     

  • सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से बढ़ी मुसीबत, हिसार-फतेहाबाद समेत कई शहर कचरे से पटे

    सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से बढ़ी मुसीबत, हिसार-फतेहाबाद समेत कई शहर कचरे से पटे

     हिसार/पानीपत
     सफाई कर्मचारियों की 15 दिन से जारी हड़ताल का असर अब कचरा प्रबंधन की पूरी व्यवस्था पर दिखने लगा है। कई शहरों में घरों, दुकानों और डंपिंग प्वाइंटों पर कचरे के ढेर बढ़ते जा रहे हैं।

    कहीं वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कचरा उठाने की कोशिश हो रही है तो कहीं हड़ताली कर्मचारी उसे भी रोक रहे हैं। सिरसा में चार कचरा प्वाइंटों पर आग लगने की घटनाएं सामने आईं। इसी बिगड़ती व्यवस्था को लेकर सिरसा विधायक गोकुल सेतिया ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की हैयाचिका में हड़ताल के दौरान शहर में पैदा हुए हालात और प्रशासन की ओर से किए जा रहे प्रबंधों पर सवाल उठाए गए हैं। हाई कोर्ट ने स्थानीय शहरी निकाय विभाग को नोटिस जारी कर अतिरिक्त मुख्य सचिव से उठाए गए कदमों की जानकारी शपथपत्र के माध्यम से मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी।

    कचरे के ढेर बढ़े, दुर्गंध और मच्छरों से लोग परेशान
    फतेहाबाद में करीब 1650 टन कचरा जमा होने का अनुमान है। निर्धारित 40 डंपिंग प्वाइंट की जगह करीब 150 स्थानों पर कचरे के ढेर लग गए हैं। हांसी में रोज करीब 40 टन कचरा निकलता है और करीब 400 टन कचरा सड़कों पर जमा होने का अनुमान है। कैथल के पुराने शहर, बाजारों और दुकानों के बाहर कचरा जमा होने से लोग परेशान हैं। भिवानी में बाजारों, सड़कों और गलियों में 1800 क्विंटल से अधिक कचरा फैला है।

    सैलजा ने सरकार को कोसा
    कांग्रेस महासचिव व सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा सरकार संवादहीन होती जा रही है। गुरुग्राम, सिरसा, फरीदाबाद सहित प्रदेश के सभी शहरों में सफाईकर्मियों की हड़ताल के चलते सड़कों के किनारे कूड़ाघर बन चुके हैं। यह देखते हुए भी प्रदेश सरकार 15 दिन से हड़ताल पर चल रहे सफाईकर्मियों से सार्थक बात के लिए आगे नहीं आ रही है।

    सरकार की नाक के नीचे हड़ताल चल रही है और संबंधित विभाग की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे। जनहित के इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाता रहेगा, ताकि आम जनता के हितों की रक्षा हो सके। -गोकुल सेतिया, विधायक, सिरसा

    ऐसे बिगड़े सफाई के हालात हिसार
    667 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। रोज निकलने वाले 216 मीट्रिक टन कचरे के हिसाब से तीन हजार मीट्रिक टन से अधिक कचरा जमा होने का अनुमान है।

        जींद: ठेकेदार के कर्मचारियों को भी हड़ताली कर्मचारी कचरा उठाने से रोक रहे हैं। करीब 350 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। वीरवार को हड़तालियों ने ठेकेदार के कारिंदों को कचरा उठाने से रोक दिया।
        कैथल: पुराने शहर, बाजारों, घरों और स्कूलों के बाहर कचरे के ढेर लगे हैं। बेसहारा गोवंश के मुंह मारने से बीमारी फैलने की आशंका है।
        यमुनानगर: 113 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। एजेंसी के जरिये कचरा उठाने का प्रयास भी विरोध के कारण सुचारू नहीं हो पा रहा।
        पानीपत: डोर-टू-डोर कचरा उठान जारी है। नालों की सफाई और सड़कों पर झाड़ू का काम बंद है।
        भिवानी: बाजारों, सड़कों और गलियों में 1800 क्विंटल से अधिक कचरा फैला है। अंबाला: 250 कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जबकि परिषद 125 कर्मचारियों के सहारे सफाई व्यवस्था संभाल रही है। सात वार्डों में हालात खराब हैं।

     

  • स्टार्टअप का सपना होगा आसान, CM सैनी की पहल से युवाओं को ट्रेनिंग, फंडिंग और तकनीकी मदद

    स्टार्टअप का सपना होगा आसान, CM सैनी की पहल से युवाओं को ट्रेनिंग, फंडिंग और तकनीकी मदद

    चंडीगढ़
     जेन-जी इंटरप्रेन्योर से संवाद कर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उन्हें सफलता का मंत्र देंगे। शुक्रवार को गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के सफल युवा उद्यमी अपना स्टार्टअप शुरू करने के इच्छुक युवाओं को न केवल मार्गदर्शन देंगे, बल्कि आवश्यक धनराशि और तकनीकी सहायता सहित अन्य पहलुओं की जानकारी भी साझा की जाएगी।

    मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित बैठक में कार्यक्रम को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम की शुरूआत से लेकर समापन तक वे बिना किसी औपचारिकता के युवाओं के साथ रहना और उनसे बात करना चाहते हैं।

    अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम में छह मास्टर क्लास रूम स्थापित किए जाएंगे। सफल उद्यमी एक्सपर्ट के तौर पर 50-50 बच्चों के गु्रप को स्टार्टअप की स्थापना व अन्य पहलुओं के संबंध में प्रशिक्षण देंगे और उन्हें बताएंगे कि किस प्रकार किसी स्टार्टअप को जीरो से लेकर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को सर्टिफिकेट भी प्रदान किए जाएंगे। बाद में इन युवाओं को एमएसएमई से लिंक किया जाएगा, जहां वे स्टार्टअप का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करेंगे।

    कार्यक्रम में एक स्टार्टअप रूम भी स्थापित किया जाएगा, जहां 60 सफल उद्यमी युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने के गुर बताएंगे। इस दौरान बैकों द्वारा ऋण संबंधी तथा कौशल विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों द्वारा भी युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।

    उच्च शिक्षा विभाग, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री युवा उद्यमी यात्रा के अंतर्गत दो बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

    ये बसें गुरुग्राम से चलकर प्रदेश के प्रत्येक जिला में कालेज, विश्वविद्यालयों, आइटीआइ, कोचिंग संस्थानों के विद्यार्थियों को स्टार्टअप व एंटरप्रोन्योशिप के संबंध में जागरूक करेंगी। साथ ही स्टार्टअप शुरू करने वाले छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उनकी विशेष रूप से मदद करेंगी। यह यात्रा दिसंबर तक चलेगी। यात्रा के समापन पर दिसंबर में जेन-जी के लिए एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसमें ‘युवा उद्यमी यात्रा’ से लाभांवित हुए युवा भागीदारी करेंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘युवा उद्यमी यात्रा’ के शुरू होने से पहले ही बसों का रूट तय करके सभी जिलों के शिक्षण संस्थानों को अग्रिम रूप से सूचित किया जाए। जिस शिक्षण संस्थान में बस जाए, वहां के विद्यार्थियों को भी यह जानकारी दी जाए कि वे अपने स्टार्टअप के आइडिया को मूर्त रूप देने के लिए किस प्रकार इस यात्रा से लाभ प्राप्त कर सकते हैं। यात्रा से लाभांवित युवाओं का रजिस्ट्रेशन किया जाए। जहां भी युवा उद्यमी यात्रा का कार्यक्रम हो, वहां प्रदर्शनी लगाई जाए और ऋण की जानकारी देने के लिए बैंकों का स्टाल लगवाया जाए।

  • हरियाणा में सफाई व्यवस्था ठप! 14 दिन से थमे झाड़ू, सड़कों पर सड़ांध और हवा में धुआं

    हरियाणा में सफाई व्यवस्था ठप! 14 दिन से थमे झाड़ू, सड़कों पर सड़ांध और हवा में धुआं

    हिसार/पानीपत.

    हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिंचने के साथ अब इसका असर सिर्फ नगर निकायों के दफ्तरों या धरना स्थलों तक सीमित नहीं रहा है। राज्य के प्रमुख शहरों की सड़कें, बाजार, फुटपाथ और रिहायशी इलाके कूड़े के ढेरों में तब्दील हो चुके हैं।

    कर्मचारियों द्वारा ठेकेदारों और टिपरों को रोकने के सख्त पहरे के चलते शहरों से कचरा उठान पूरी तरह ठप हो गया है। आलम यह है कि कई शहरों में हर 50 से 100 मीटर पर कचरे का पहाड़ खड़ा है। कई स्थानों पर कचरे में आग लगाए जाने से उठते जहरीले धुएं और वर्षा के बाद नालियों-सीवरेज के चोक होने से महामारी फैलने का अंदेशा बढ़ गया है। नेताओं के दफ्तरों पर कूड़ा पलटा, बैरिकेडिंग तक की नौबत आक्रोशित कर्मचारी अब जनप्रतिनिधियों के दरवाजों तक अपना विरोध ले जा रहे हैं।

    प्रशासन को सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेड्स लगाने पड़े
    फतेहाबाद में गुस्साए कर्मचारियों ने भाजपा और कांग्रेस नेताओं के दफ्तरों के बाहर कूड़े की ट्राली पलट दी। पानीपत में शहरी विधायक, शिक्षा मंत्री और राज्यसभा सांसद के पुतले फूंकने व विधायक कार्यालय के बाहर कूड़ा फेंकने के बाद बुधवार को प्रशासन को सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेड्स लगाने पड़े। उधर, हिसार में कर्मचारियों ने थाली बजाकर प्रदर्शन किया, तो यमुनानगर में विधायक आवास तक हैंडबिल बांटते हुए जुलूस निकालने की तैयारी है। जलभराव, प्रदूषण और सीवरेज ठप होने की दोहरी मार फतेहाबाद में हाल ही में करीब 10 लाख की लागत से साफ कराई गई सीवरेज व्यवस्था वर्षा के कारण सड़कों का कचरा बहकर आने से फिर जाम हो गई है।

    वायु प्रदूषण दोनों गंभीर रूप ले रहे
    कुरुक्षेत्र और भिवानी जैसे शहरों में हटाए जा चुके पुराने डंपिंग प्वाइंट तो सक्रिय हुए ही हैं, 150 से ज्यादा नए अस्थायी डंपिंग प्वाइंट भी बन गए हैं। हांसी और जींद में लोग कचरे के ढेरों में आग लगा रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और वायु प्रदूषण दोनों गंभीर रूप ले रहे हैं। रोहतक में सालिड वेस्ट प्लांट की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि ठेकेदार कचरा न डाल सकें। हालांकि, झज्जर और सिरसा में डोर-टू-डोर टिपरों व स्थानीय स्तर पर पार्षदों की पहल से रिहायशी इलाकों में आंशिक राहत देखी है।

    जिलावार स्थिति
    रोहतक : 14वें दिन भी हड़ताल जारी। सालिड वेस्ट प्लांट पर केवल 96 मीट्रिक टन कचरा पहुंचा। कर्मचारियों की सख्त निगरानी से बुधवार को आवक घट कर 50-60 टन रहने का अनुमान।
    हिसार : 667 कर्मचारी हड़ताल पर। 13 दिनों में करीब 2,900 मीट्रिक टन कचरा जमा। थाली बजाकर प्रदर्शन किया गया।
    भिवानी : करीब 2,000 टन कचरा सड़कों पर। पिछले साल खत्म किए गए 30 डंप प्वाइंट्स के अलावा 50 नए डंप प्वाइंट बन चुके हैं।
    फतेहाबाद : जिले के 5 शहरों में 1,540 टन कचरा जमा। 10 लाख रुपये से साफ हुई सीवरेज व्यवस्था बारिश के कचरे से फिर ठप। नेताओं के दफ्तरों के बाहर कूड़ा पलटा।
    यमुनानगर : 22 वार्डों में 150 से ज्यादा नए डंपिंग प्वाइंट बने। विधायक आवास पर प्रदर्शन टला, हैंडबिल बांटने की रणनीति।
    कुरुक्षेत्र : 150 से अधिक कचरा प्वाइंट बने; सड़कों पर 400 टन से अधिक कचरा। टिपर बंद होने से नालियां ओवरफ्लो और बीमारियां फैलने का डर।
    जींद : हड़ताल 21 अगस्त तक बढ़ी। रोजाना 120 टन कचरे के मुकाबले सिर्फ 40 टन उठान। 400 टन से अधिक कचरा जमा, लोग लगा रहे आग।
    करनाल : हर 100 मीटर पर कूड़े के ढेर। पॉश इलाकों से लेकर मुख्य बाजारों और पार्किंग स्थलों तक कचरा फैला।
    चरखी दादरी : 235 कर्मचारी हड़ताल पर। 14 दिनों से 490 टन कचरा निस्तारण के इंतजार में अटका। हांसी : 146 कर्मचारी हड़ताल पर; शहर में 300 टन कचरा जमा। तिकोना पार्क के पास कचरे में आग से धुआं फैला।
    पानीपत : विधायक कार्यालय पर बैरिकेड्स लगाए गए। हालांकि, 10 अस्थायी सेकेंडरी प्वाइंट्स में से अधिकांश से कूड़ा उठान शुरू होने से आंशिक राहत।
    झज्जर : मुख्य डंपिंग प्वाइंट्स पर स्थिति खराब, लेकिन डोर-टू-डोर टिपर चलने से रिहायशी इलाकों में आंशिक राहत।
    सिरसा : सफाई व्यवस्था प्रभावित। वार्ड नंबर 10 में पार्षद ने जेसीबी लगवाकर कंगनपुर रोड से कचरा उठवाया। धरने को जजपा का समर्थन।

  • अंबाला में बारिश का आंकड़ा आधा, अगस्त में 50% कम वर्षा के बीच बादल छाने से मिली राहत

    अंबाला में बारिश का आंकड़ा आधा, अगस्त में 50% कम वर्षा के बीच बादल छाने से मिली राहत

    अंबाला.

    दिन भर आसमान में बादल छाए रहे, जबकि बरसात का लगातार इंतजार रहा। बुधवार को एक-दो बार ऐसा लगा कि शायद अब बरसात हो, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।

    फिलहाल मौसम विभाग 25 अगस्त तक बरसात की उम्मीद जता रहा है, लेकिन यह भी छोटे स्पैल में एक से दो बार होने के आसार हैं। बीते चौबीस घंटों में तापमान में भी कोई खास अंतर रिकार्ड नहीं किया गया है। बुधवार को लोगों को राहत तो रही, जबकि उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में बरसात होगी, जिससे गर्मी से तो कम से कम कुछ दिन राहत रहेगी।

    अंबाला में बुधवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा, जो बीते चौबीस घंटों में 0.3 डिग्री कम हुआ है, जबकि न्यूनतम तापमान भी चौबीस घंटों में 0.5 डिग्री सेल्सियस कम हुआ है। न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.4 डिग्री सेल्सियस अधिक है। मौसम विभाग की मानें, तो आने वाले छह दिनों में आंशिक रूप से बादल छाएंगे, जबकि बीच-बीच में धूप भी निकल सकती है। यही नहीं दिन में एक से दो बार बरसात के आसार भी जताए जा रहे हैं।

    सामान्य से कम रही है बरसात
    मौसम विभाग के आंकड़ों पर नजर मारें तो मानसून सीजन के अगस्त माह में अभी भी अंबाला में 29 प्रतिशत कम बरसात हुई है, जबकि बीते दिनों ये आंकड़ा 54 प्रतिशत के आसपास था। मानसून सीजन की बात करें तो यह अभी भी सामान्य से पचास प्रतिशत कम रिकार्ड हुई है। यानी अभी भी मानसून सीजन और अगस्त माह में अभी भी बरसात सामान्य से कहीं कम है।

  • 10 लाख एकड़ जमीन होगी उपजाऊ! हरियाणा में 15.63 करोड़ में खरीदा जाएगा जिप्सम, किसानों को आधे दाम पर मिलेगा

    10 लाख एकड़ जमीन होगी उपजाऊ! हरियाणा में 15.63 करोड़ में खरीदा जाएगा जिप्सम, किसानों को आधे दाम पर मिलेगा

     चंडीगढ़
    हरियाणा में 10 लाख एकड़ भूमि को सुधारने के लिए 15.63 करोड़ रुपये में 25 हजार टन जिप्सम की खरीद की जाएगी। किसानों को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर जिप्सम दिया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

    शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, राजस्व मंत्री विपुल गोयल, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा के साथ बैठक ले रहे मुख्यमंत्री ने कैथल के हैफेड कांप्लेक्स में 9.80 करोड़ रुपये की लागत से 21 हजार 680 टन का गोदाम तथा क्वालिटी कंट्रोल लैब बनाने की भी स्वीकृति दे दी।

    पानीपत जिले के भैंसवाल, कुटानी, राजाखेड़ी, निम्बरी, उग्राखेड़ी, रिसालु, नांगलखेड़ी, काबड़ी, गढी सिकन्दरपुर सहित नौ गांवों में महाग्राम योजना के तहत 75.50 करोड़ रुपये की पेयजल योजनाओं की स्वीकृति दी गई है। गोहाना शहर के शनि मंदिर, एमपीएस गुढा क्षेत्र में सीवरेज लाइन भी 16.30 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जाएगी।

    अंबाला की बदलेगी तस्वीर
    मुख्यमंत्री ने पिंजौर के सेक्टर 27 में न्यायिक परिसर का निर्माण करने की स्वीकृति प्रदान की। इस पर 22.70 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसी प्रकार अंबाला शहर में लघु सचिवालय के प्रशासनिक ब्लाक के तृतीय चरण का कार्य 34 करोड़ रुपये की लागत से करने की मंजूरी दी गई। अंबाला कैंट में बैंक स्कवेयर भवन फेज 1 का निर्माण कार्य 52 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा। राजकीय नर्सिंग कालेज सफीदों का निर्माण 37.49 करोड़ रुपये में होगा।

    इंडस्ट्रियल एरिया फेज 1 पंचकूला में सड़कों को अपग्रेड एवं मजबूत बनाने के लिए 16.80 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। पंचकूला के गांव जलोली में जिला जेल का निर्माण लगभग 40 करोड़ की लागत किया जाएगा। इसके अलावा कुंडली मानेसर सड़क सेक्शन मार्ग की 65.66 करोड़ रुपये लागत से लगभग 83 किलोमीटर मार्ग की मरम्मत एवं रखरखाव किया जाएगा।

    50 बेड का आयुष अस्पताल
    फतेहाबाद में जिला जेल बनाई जाएगी, जिस पर 37 करोड़ की लागत आएगी। जुलाना शहर में वाटर सप्लाई कार्य पर 21.17 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। नारनौल के अस्पताल को 100 बेड से अपग्रेड कर 200 बेड का बनाया जाएगा। इस पर 26.30 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यमुनानगर में 16.89 करोड़ की लागत से 50 बेड का आयुष अस्पताल का निर्माण किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र-सहारनपुर स्टेट हाईवे के कार्य को मंजूरी प्रदान की। लगभग 10 मीटर चौड़ी सड़क पर 26.90 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस सड़क मार्ग को फोन लेन बनाने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। इसके बाद कुरुक्षेत्र सहारनपुर सड़क मार्ग को फोरलेन बनाया जाएगा।