Category: हरियाणा

  • अग्निवीरों को रोजगार देने की दिशा में हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, विभागों से मांगी खाली पदों की जानकारी

    अग्निवीरों को रोजगार देने की दिशा में हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, विभागों से मांगी खाली पदों की जानकारी

    चंडीगढ़.

    हरियाणा में अग्निवीरों के पहले बैच की चार साल की सैन्य सेवा पूरी होने के साथ ही राज्य सरकार ने उनके लिए सरकारी रोजगार की तैयारी तेज कर दी है। सरकार ने प्रदेश के सभी विभागों, बोर्डों और निगमों से पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित सीधी भर्ती के पदों का वास्तविक ब्यौरा मांग लिया है।

    सामान्य प्रशासन विभाग की मानव संसाधन-2 शाखा ने 25 अगस्त को आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों से 26 अगस्त दोपहर तीन बजे तक निर्धारित प्रोफार्मा में जानकारी देने को कहा है।
    सरकार इस कवायद के जरिए यह पता लगाएगी कि पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित कितने पद उपलब्ध हैं, कौन से विभागों में हैं और उन पर भर्ती कब हो सकती है। सरकारी विभागों को सिर्फ रिक्त पदों की संख्या नहीं, बल्कि पद का नाम, आरक्षण प्रतिशत, संभावित रिक्तियों की संख्या, श्रेणीवार विवरण और भर्ती का प्रस्तावित महीना भी बताना होगा। यूआर, ओएससी, डीएससी, बीसी-ए, बीसी-बी और ईडब्ल्यूएस के अनुसार भी रिक्तियों का ब्योरा मांगा गया है।

    पहले बैच में हरियाणा के 1,373 युवा
    अग्निपथ योजना के तहत हरियाणा से अब तक 7,228 युवा अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए हैं। इनमें 2022-23 में 2,227, 2023-24 में 2,893 और 2024-25 में 2,108 युवा शामिल हैं। योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा में बनाए रखने का प्रविधान है, जबकि बाकी अग्निवीर सेवा से बाहर होते हैं। देश में पहला बैच जुलाई 2026 से चार साल की सेवा पूरी करने के बाद बाहर होना शुरू हुआ है। हरियाणा से इस पहले बैच में करीब 1,373 युवा हैं। ऐसे में सरकार की यह कवायद सीधे तौर पर इन युवाओं के सैन्य सेवा के बाद रोजगार की तैयारी से जुड़ी है।

    एचपीएससी-एचएसएससी की भर्तियों में जुड़ेगा कोटा
    सरकारी आदेश में खासतौर पर उन पदों की उपलब्धता मांगी गई है, जिन पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) के माध्यम से की जानी है। विभागों से मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर आगामी सीधी भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के आरक्षण को लागू करने की तस्वीर साफ होगी।

    संभावित भर्ती कैलेंडर भी तैयार करने की तैयारी
    हरियाणा में पुलिस कांस्टेबल, इंडियन रिजर्व बटालियन, स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स, फारेस्ट गार्ड, जेल वार्डन, माइनिंग गार्ड, वाइल्डलाइफ गार्ड और फायर आपरेटर जैसे पदों पर 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रविधान है। सामान्य ग्रुप-सी पदों पर पांच प्रतिशत और सैन्य सेवा से जुड़े विशेष कौशल वाले ग्रुप-बी पदों पर एक प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। सरकार की इस कवायद में सबसे अहम बात यह है कि विभागों को संभावित रिक्तियों के साथ भर्ती का प्रस्तावित महीना भी बताना होगा। इससे सरकार के पास केवल आरक्षित पदों का आंकड़ा ही नहीं, बल्कि आने वाले महीनों में किन विभागों में और कब भर्ती हो सकती है, इसका संभावित कैलेंडर भी तैयार होगा।

  • ‘कमाई छिपाकर नहीं बच सकते जिम्मेदारी से’, पत्नी के मेंटेनेंस पर हर महीने 2 लाख देने का आदेश

    ‘कमाई छिपाकर नहीं बच सकते जिम्मेदारी से’, पत्नी के मेंटेनेंस पर हर महीने 2 लाख देने का आदेश

    गुरुग्राम.

    गुड़गांव फैमिली कोर्ट ने कहा है कि कमाई का आंकड़ा कम दिखा देने भर से हाई-इनकम पति मेंटेनेंस की जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। एडिशनल प्रिंसिपल जज पूनम कंवर की अदालत ने एक ग्लोबल कंसल्टेंसी कंपनी के साउथ-वेस्ट एशिया जनरल काउंसिल को अपनी अलग रह रही पत्नी और दो नाबालिग बच्चों को हर महीने 2 लाख रुपये अंतरिम भत्ता देने का आदेश दिया है।

    अदालत ने पति को 50 हजार रुपये मुकदमे के खर्च के तौर पर देने और बच्चों की पूरी पढ़ाई का खर्च पहले की तरह उठाते रहने का भी निर्देश दिया है। यह आदेश पति की तरफ से दायर तलाक की याचिका पर सुनवाई के दौरान पत्नी की मेंटेनेंस अर्जी पर आया है। पत्नी ने अपने और दोनों बच्चों के लिए 4 लाख रुपये महीना और मुकदमा लड़ने के लिए 7.5 लाख रुपये की मांग की थी। दोनों की शादी 12 जुलाई 2005 को लखनऊ में हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। उनके जुड़वां बच्चे देविशा और समरंजय हैं। पत्नी की ओर से वकील मयंक राघव ने दलील दी कि पति की आर्थिक हैसियत उसके हाल के आयकर रिटर्न में दिखाई गई कमाई से कहीं ज्यादा है। राघव ने कहा, "पति का असेसमेंट ईयर 2023-24 में टैक्सेबल इनकम करीब 2.03 करोड़ रुपये और 2024-25 में 2.96 करोड़ रुपये था। लेकिन FY 2025-26 में अचानक यह घटकर 1.02 करोड़ रुपये दिखा दिया गया।" उन्होंने कहा कि पति उसी कंपनी में उसी बड़े पद पर बना हुआ है, फिर आय में इतनी बड़ी गिरावट का कोई ठोस कारण नहीं बताया गया। पत्नी के वकील ने यह भी आरोप लगाया कि पति ने करीब 5.05 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश और अन्य निवेशों की जानकारी पूरी तरह नहीं दी है।

    पत्नी का कहना था कि उसे नियमित खर्च नहीं मिल रहा था, जिसके चलते उसे अपनी एफडी तुड़वानी पड़ी और घर खर्च चलाने के लिए गोल्ड लोन लेना पड़ा। वहीं पति के वकील आशुतोष भारद्वाज ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि पत्नी पढ़ी-लिखी है और खुद कमा सकती है। उन्होंने पत्नी पर पीपीएफ अकाउंट, एफडी जैसी संपत्तियों को छिपाने और जॉर्जिया समेत विदेश यात्राओं पर पैसा खर्च करने का आरोप लगाया। पति ने यह भी कहा कि वह पहले से ही बच्चों की बोर्डिंग स्कूल की फीस करीब 19.21 लाख रुपये सालाना दे रहा है। उसकी नेट सालाना सैलरी घटकर 36 लाख रुपये रह गई है और उस पर 1.65 करोड़ रुपये का होम लोन व माता-पिता की जिम्मेदारी भी है। हालांकि कोर्ट ने इन दलीलों को नहीं माना। अदालत ने कहा कि सिर्फ स्कूल फीस देना या पत्नी का पढ़ा-लिखा होना मेंटेनेंस से इनकार का आधार नहीं हो सकता।

    कोर्ट ने कहा कि पति ने 2.96 करोड़ से घटकर 1.02 करोड़ रुपये होने पर कोई संतोषजनक कारण नहीं दिया, जबकि वह उसी नौकरी में है। इसलिए अदालत ने उसकी पिछली कमाई की क्षमता को आधार माना। अदालत ने यह भी कहा कि पत्नी के खर्च, विदेश यात्रा या कथित संपत्ति छिपाने जैसे विवाद सबूत के विषय हैं और अंतरिम स्टेज पर मेंटेनेंस से इनकार का कारण नहीं बन सकते, जब पत्नी का दावा है कि उसकी कोई नियमित आय नहीं है। कोर्ट ने माना कि बच्चों की स्कूल फीस देना ही पूरी जिम्मेदारी खत्म होना नहीं है। बच्चों के रोजमर्रा के और भी खर्च हैं और पत्नी के भत्ते का आकलन अलग से दोनों की आर्थिक स्थिति के आधार पर होना चाहिए। इसी आधार पर अदालत ने पति को मेंटेनेंस अर्जी दाखिल करने की तारीख से हर महीने अंग्रेजी कैलेंडर के 10 तारीख तक 2 लाख रुपये महीना, 50 हजार रुपये मुकदमा खर्च और बच्चों की पूरी एजुकेशन फीस देते रहने का आदेश दिया है।

  • हरियाणा में कोचिंग की नई नीति लागू, भ्रामक दावों और ‘अप्रूव्ड’ शब्द के इस्तेमाल पर रोक

    हरियाणा में कोचिंग की नई नीति लागू, भ्रामक दावों और ‘अप्रूव्ड’ शब्द के इस्तेमाल पर रोक

    चंडीगढ़.

    हरियाणा के उच्च शिक्षा विभाग ने निजी कोचिंग संस्थानों के संचालन को लेकर नियमों को अब स्पष्ट रूप से लागू करने की व्यवस्था कर दी है। विभाग ने 24 अगस्त 2026 को हरियाणा प्राइवेट कोचिंग इंस्टीट्यूट्स (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) रूल्स, 2026 की अधिसूचना जारी की है।

    ये नियम राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रभावी होंगे। नई व्यवस्था के तहत पहले से चल रहे और नए स्थापित होने वाले प्रत्येक निजी कोचिंग संस्थान को संबंधित जिला प्राधिकरण के निर्धारित पोर्टल पर फार्म-1 के पार्ट-1 और पार्ट-2 में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके साथ 10 हजार रुपये रजिस्ट्रेशन फीस इलेक्ट्रानिक माध्यम से जमा करनी होगी। जिला प्राधिकरण आवेदन की 30 दिन में जांच करेगा। कमी मिलने पर संस्थान को उसे दूर करने के लिए 10 दिन का समय दिया जाएगा। आवेदन पूरा पाए जाने पर रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र जारी होगा, जिसकी वैधता तीन वर्ष होगी।

    मान्यता प्राप्त शब्द नहीं कर सकते इस्तेमाल
    नए नियमों में कोचिंग संस्थानों के प्रचार को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रविधान किया गया है। संचालक को केवल "रजिस्टर्ड कोचिंग इंस्टीट्यूट" शब्द का इस्तेमाल करना होगा। साइन बोर्ड, प्रास्पेक्टस या किसी भी प्रकार के प्रचार-प्रसार में "संबद्ध" या "मान्यता प्राप्त" शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा स्कूल या किसी शिक्षण संस्थान में पढ़ रहे विद्यार्थियों की कोचिंग कक्षाएं उनके स्कूल/संस्थान के अध्ययन या कार्य समय के दौरान नहीं चलाने की शर्त रखी गई है। कोचिंग संस्थान को शिक्षकों की योग्यता, कक्षा की समय-सारणी, फीस स्ट्रक्चर और सामान्य जानकारी वेबसाइट तथा संस्थान के प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करनी होगी।

    फीस, रिफंड और "ईजी एग्जिट" का ब्यौरा देना होगा
    रजिस्ट्रेशन आवेदन के साथ संस्थान को अपने पाठ्यक्रम की जानकारी, उसे पूरा करने की अवधि, ट्यूशन फीस समेत सभी प्रकार की फीस, फीस रिफंड पालिसी, ईजी एग्जिट, लेक्चर, ट्यूटोरियल, ग्रुप डिस्कशन और टेस्ट शेड्यूल की जानकारी देनी होगी। प्रत्येक बैच में अधिकतम विद्यार्थियों की संख्या तथा शिक्षकों और काउंसलर की शैक्षणिक योग्यता और बायोडाटा भी देना होगा।

    कोचिंग सेंटर में सुविधाओं की भी होगी जांच
    आवेदन में संस्थान को फर्नीचर, रोशनी, पीने का पानी, पुरुष और महिला के लिए अलग शौचालय, अग्नि सुरक्षा, प्राथमिक चिकित्सा, पार्किंग, पुस्तकालय/रीडिंग रूम, वाई-फाई, स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर लैब, हॉस्टल और कैंटीन जैसी सुविधाओं की स्थिति बतानी होगी। इसके साथ ही स्टाफ के चरित्र एवं पूर्ववृत्त के पुलिस सत्यापन, फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए भवन के बाधारहित होने की जानकारी भी देनी होगी।

    हर साल रिकॉर्ड रखना और वेबसाइट पर अपलोड करना जरूरी
    अधिनियम के तहत पंजीकृत प्रत्येक निजी कोचिंग संस्थान को फार्म-4 में निर्धारित रिकॉर्ड रखना और अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। इसकी जानकारी हर वर्ष संबंधित जिला प्राधिकरण को देनी होगी। रिकॉर्ड में भवन का मालिकाना/किराये का दस्तावेज, कुल क्षेत्रफल, बैचवार विद्यार्थियों की संख्या, छात्रों की उम्र-योग्यता-संपर्क विवरण, पाठ्यक्रम और फीस, फीस रिफंड नीति, शिक्षकों का पूरा विवरण, टाइम टेबल, कोचिंग लेने वाले और सफल विद्यार्थियों का विवरण, वेबसाइट अपडेट का अंतराल, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा, हास्टल शुल्क, शिकायत निवारण व्यवस्था और चार्टर्ड अकाउंटेंट से ऑडिट किए गए वार्षिक खाते शामिल होंगे।

  • ‘पुत्र मोह में धृतराष्ट्र बने खरगे’, कुलदीप शर्मा की चिट्ठी ने हरियाणा कांग्रेस में मचाई खलबली

    ‘पुत्र मोह में धृतराष्ट्र बने खरगे’, कुलदीप शर्मा की चिट्ठी ने हरियाणा कांग्रेस में मचाई खलबली

    चंडीगढ़. कांग्रेस के भीतर राजनीतिक खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखी एक चिट्ठी ने हरियाणा कांग्रेस में नया मोर्चा खोल दिया है।

    चिट्ठी में कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य व रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा को सीडब्ल्यूसी से हटाने की मांग की गई थी। इसके बाद हुड्डा समर्थक सांसदों, विधायकों और पूर्व विधायकों ने कुलदीप शर्मा को घेर लिया है।आरोप-प्रत्यारोप के बीच कांग्रेस का विवाद की जड़ दीपेंद्र हुड्डा का वह बयान है, जो उन्होंने दिवंगत कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को श्रद्धांजलि देते हुए दिया था। भाजपा ने दीपेंद्र हुड्डा के शब्दों को इस रूप में प्रचारित किया कि उन्होंने सज्जन कुमार को अपना ‘रोल मॉडल’ बताया है। राजनीतिक विवाद बढ़ा तो दीपेंद्र हुड्डा ने अपनी बात पर खेद जताया और माफी मांग ली।
    हुड्डा खेमे का कहना है कि जब सांसद ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए माफी मांग ली, तो मामले को आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं थी। इसके बावजूद कुलदीप शर्मा द्वारा खरगे को चिट्ठी लिखे जाने से विवाद को फिर हवा दे दी गई।

    ‘पुत्र मोह में धृतराष्ट्र’ होते जा रहे कुलदीप
    फरीदाबाद एनआइटी के पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने तो कुलदीप शर्मा के राजनीतिक अतीत और पारिवारिक रिश्तों तक को निशाने पर ले लिया। उन्होंने कहा, “जो व्यक्ति अपने परिवार का सगा नहीं, वह दूसरों का क्या सगा होगा।” नीरज शर्मा ने आरोप लगाया कि कुलदीप शर्मा ने अपने पिता के साथ भी धोखा किया। उन्होंने कहा कि कुलदीप शर्मा ‘पुत्र मोह में धृतराष्ट्र’ होते जा रहे हैं और परिवार के राजनीतिक हितों को लेकर इस तरह मुखर हैं। नीरज शर्मा ने दीपेंद्र हुड्डा के समर्थन में सवाल उठाया कि कांग्रेस हाईकमान के विरुद्ध (जी-20) यदि किसी पत्र पर कुलदीप शर्मा ने हस्ताक्षर किए थे तो क्या वे बंदूक की नोक पर करवाए गए थे। उनके निशाने पर कुलदीप शर्मा की ओर से उठाए जा रहे राजनीतिक सवाल थे।

    ‘जब हाशिये पर थे, हुड्डा घर से लेकर आए'
    सोनीपत के सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कुलदीप शर्मा को चेतावनी देते हुए कहा कि दीपेंद्र हुड्डा हरियाणा की छत्तीस बिरादरी के नेता हैं और वह विवादित बयान पर खेद प्रकट कर चुके हैं। उन्होंने हुड्डा परिवार के सिख समाज के साथ रिश्तों और सम्मान का भी उल्लेख किया। ब्रह्मचारी ने कहा कि कुलदीप शर्मा एक समय भूपेंद्र सिंह हुड्डा को अपना भगवान मानते थे, लेकिन व्यक्तिगत स्वार्थ पूरा नहीं होने के बाद उनके परिवार के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया। उन्होंने दावा किया कि जब कुलदीप शर्मा राजनीति में हाशिये पर थे, तब हुड्डा उन्हें घर से लेकर आए, विधायक बनाया और विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी। उन्होंने कहा कि कुलदीप शर्मा को पार्टी और सरकार में नंबर दो तक का स्थान मिला।

    कांग्रेस प्रभारी ने की कुलदीप शर्मा से बात
    कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र यादव इस पूरे विवाद पर संभलकर बोलते नजर आए। उन्होंने कहा कि यह पार्टी के भीतर की बात है और इसका मंथन मीडिया के सामने नहीं किया जाएगा। उनके मुताबिक कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त ने कुलदीप शर्मा से बातचीत की है और पार्टी को उम्मीद है कि मामला सुलझ जाएगा।

  • हर्ष एनकाउंटर पर बवाल, बिगड़े माहौल के चलते CM नायब सैनी की तरावड़ी रैली टली

    हर्ष एनकाउंटर पर बवाल, बिगड़े माहौल के चलते CM नायब सैनी की तरावड़ी रैली टली

    करनाल.

    हर्ष एनकाउंटर मामले की निष्पक्ष जांच का मामला गरमाता जा रहा है। इधर, सरकार ने विधानसभा सत्र का हवाला देते हुए 30 अगस्त को तरावड़ी में होने वाली मुख्यमंत्री नायब सैनी की रैली को स्थगित कर दिया है। खुद नीलोखेड़ी के विधायक भगवान दास कबीरपंथी ने इसकी जानकारी दी है।

    वहीं, सरकार के इस फैसले के बाद रोड़ समाज ने भी अपनी 101 सदस्यीय कमेटी की बैठक बुधवार को बुलाई है। इस बैठक में समाज अपनी अगली रणनीति तय करेगा। खास बात ये है कि इस बैठक में इसके साथ ही रोड़ महासभा के प्रधान बलकार ने भाजपा सरकार में शामिल समाज के लोगों को आने का आह्वान किया है। एक वीडियो जारी कर अखिल भारतीय रोड़ महासभा के प्रधान बलकार सिंह ने कहा कि हर्ष एनकाउंटर मामले को लेकर 101 सदस्यों की कमेटी बनाई हुई है। उस कमेटी की बुधवार को बैठक होगी। इस बैठक में निर्णय लिया जाएगा कि सरकार ने उनकी मांग 30 अगस्त तक नहीं मानी तो आगे की क्या रणनीति रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में रोड़ समाज के जितने भी पदाधिकारी हैं।

    रोड़ समाज के साथ गलत हुआ
    वह चाहे ब्लाक स्तर पर हो, जिला स्तर पर हो या प्रदेश स्तर पर हो। वे सभी इस बैठक में पहुंचे, वह भी समाज का हिस्सा हैं। उन्हें चाहिए कि वह सरकार से न्याय दिलाने में समाज की मदद करें। सरकार को बताएं कि रोड़ समाज के साथ गलत हुआ है। बता दें कि 24 अगस्त को रोड़ समाज के लोगों ने हजारों की संख्या में एकत्रित होकर रोड़ धर्मशाला से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय में डीसी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा था। जिसमें तीन मुख्य मांगे रखी गई थी। इसके साथ ही समाज के लोगों ने सरकार को चेताया था कि 30 अगस्त को तरावड़ी में होने वाली भाजपा रैली का वह विरोध करेंगे। अब सरकार ने इससे आगे निकलकर रैली ही स्थगित कर दी है। देखना यह है कि अब रोड़ समाज का अगला फैसला क्या होगा।

    नीलोखेड़ी विधायक पर साधा निशाना
    प्रधान बलकार ने कहा कि हर्ष का गांव काला माजरा नीलोखेड़ी विधानसभा में आता है। पिछले कई दिनों से हर्ष का मामला चला हुआ है। इसके बावजूद भी नीलोखेड़ी के विधायक ने तरावड़ी में सरकार की रैली कराने की तैयारी कर ली। क्या विधायक के लिए यह उचित है। उसकी विधानसभा क्षेत्र में एक नौजवान का फर्जी एनकाउंटर कर दिया और उसका समाज सरकार से न्याय मांगने के लिए सड़क पर उतर रहा है।

  • हरियाणा में पानी बिल तय करने का बदलेगा तरीका, खपत और प्लॉट साइज बनेगा आधार

    हरियाणा में पानी बिल तय करने का बदलेगा तरीका, खपत और प्लॉट साइज बनेगा आधार

    चंडीगढ़.

    हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में पानी की नई दरों की व्यवस्था का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब उपभोक्ता का पानी का खर्च सिर्फ उसकी खपत से तय नहीं होगा। घर में पानी का मीटर लगा है या नहीं और प्लॉट कितना बड़ा है, ये दोनों बातें पानी के मासिक बिल पर सीधा असर डालेंगी।

    हरियाणा सरकार की नई व्यवस्था में हर साल पानी की दरों में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित हैं और शहरी निकाय विभाग द्वारा निर्धारित पानी की यह दरें हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा निर्धारित दरों के बराबर होंगी। मीटर लगे घरेलू कनेक्शन में पानी की खपत के आधार पर स्लैब तय किए गए हैं। 10 किलोलीटर तक पानी की दर तीन रुपये प्रति किलोलीटर होगी। 10 से 20 किलोलीटर तक छह रुपये, 20 से 30 किलोलीटर तक 9.50 रुपये और 30 किलोलीटर से अधिक पानी की खपत पर 12 रुपये प्रति किलोलीटर की दर से शुल्क लिया जाएगा। यानी पानी की खपत बढ़ने के साथ प्रति किलोलीटर दर भी बढ़ती जाएगी। खास बात यह है कि 500 वर्ग गज तक के प्लॉट वाले परिवारों को मीटरयुक्त कनेक्शन पर छूट मिलेगी। इससे छोटे प्लॉट वाले परिवारों को नई व्यवस्था में राहत मिल सकती है। हरियाणा के शहर निकाय विभाग की ओर से 18 अगस्त को बढ़ी हुई दरों की अधिसूचना जारी की गई है, जो कि 18 फरवरी 2027 से लागू मानी जाएगी।

    घरेलू कनेक्शन के व्यावसायिक इस्तेमाल पर 500 रुपये जुर्माना
    नई व्यवस्था में पानी की दरें हर साल पांच प्रतिशत बढ़ेंगी। इससे मौजूदा बिल के साथ आने वाले वर्षों में पानी पर होने वाला खर्च भी लगातार बढ़ता जाएगा। घरेलू कनेक्शन का व्यावसायिक इस्तेमाल करने पर 500 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। जिन कनेक्शनों में मीटर लगा है, लेकिन नोटिस के बाद भी दो महीने से अधिक समय तक मीटर काम नहीं करता, उस कनेक्शन को बिना निकाय क्षेत्रों में शामिल गांवों में भी समान दरें लागू हरियाणा के नगर निकाय क्षेत्रों में आने वाले गांवों पर भी पानी और सीवरेज की यही दरें लागू होंगी। वहीं, संस्थाओं, औद्योगिक और वाणिज्यिक मीटरयुक्त जलापूर्ति के लिए 25 किलोलीटर तक 20 रुपये प्रति किलोलीटर, 25 से 50 किलोलीटर तक 25 रुपये, 50 से 100 किलोलीटर तक 30 रुपये और 100 किलोलीटर से अधिक आपूर्ति पर 35 रुपये प्रति किलोलीटर की दर तय की गई है।

    पानी की खपत बढ़ी तो बिल भी तेजी से बढ़ेगा
    बिना मीटर कनेक्शन वाले मकानों में प्रति 10 किलोलीटर तक की आपूर्ति पर कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। इसके बाद पानी की खपत बढ़ने पर प्रति किलोलीटर तीन रुपये शुल्क लगेगा। 30 किलोलीटर से अधिक पानी की आपूर्ति पर 12 रुपये प्रति किलोलीटर की दर लागू होगी। पानी के बिल के साथ सीवरेज चार्ज भी जुड़ेगा। पानी के कुल बिल का 25 प्रतिशत सीवरेज चार्ज के रूप में लिया जाएगा। यानी उपभोक्ता पर पानी की कीमत के साथ सीवरेज का अतिरिक्त बोझ भी पड़ेगा।

    बिना मीटर वाले मकानों को भी देना होगा शुल्क
    बिना मीटर वाले मकानों के लिए यह शुल्क किया गया है निर्धारित बिना मीटर वाले मकानों के लिए पानी की खपत के बजाय प्लॉट के आकार को बिल का आधार बनाया गया है। 50 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर 175 रुपये प्रतिमाह, 50 से 100 वर्ग मीटर तक 350 रुपये और 100 से 200 वर्ग मीटर तक 870 रुपये प्रतिमाह शुल्क निर्धारित किया गया है। 200 वर्ग मीटर से अधिक बड़े प्लॉट पर प्रत्येक अतिरिक्त 100 वर्ग मीटर की वृद्धि के लिए 700 रुपये तक अतिरिक्त प्रभार लिया जाएगा। यानी जिन घरों में मीटर नहीं है, वहां पानी का बिल इस बात से प्रभावित होगा कि मकान किस आकार के प्लॉट पर बना है।

  • राखी पर मायके जाने वाली महिलाओं के लिए खुशखबरी, हरियाणा रोडवेज की बसों में फ्री यात्रा

    राखी पर मायके जाने वाली महिलाओं के लिए खुशखबरी, हरियाणा रोडवेज की बसों में फ्री यात्रा

     चंडीगढ़
    रक्षाबंधन के पर्व पर हरियाणा सरकार ने महिलाओं को रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा करने की सुविधा दी है। महिलाओं को हरियाणा रोडवेज की साधारण बसों में 27 अगस्त दोपहर 12 बजे से 28 अगस्त रात 12 बजे (मध्यरात्रि) तक मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। महिलाओं के साथ 15 वर्ष तक के बच्चों को भी इस सुविधा का लाभ दिया जाएगा।

    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और परिवहन मंत्री अनिल विज के निर्देश पर परिवहन निदेशालय की ओर से सभी रोडवेज महाप्रबंधकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

    महिलाओं को मुफ्त सफर करने की सुविधा हरियाणा रोडवेज की आर्डिनरी बसों में राज्य के भीतर यात्रा के लिए लागू होगी। इसके अलावा हरियाणा रोडवेज की ऐसी साधारण बसें जो चंडीगढ़ और दिल्ली तक संचालित होती हैं, उनमें भी महिलाएं और उनके साथ 15 वर्ष तक के बच्चे मुफ्त यात्रा कर सकेंगे।

    रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाओं के अपने मायके जाने और भाइयों को राखी बांधने के लिए यात्रा करने की संभावना को देखते हुए परिवहन विभाग ने बसों के संचालन को लेकर विशेष तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं।

    सभी रोडवेज महाप्रबंधकों को पर्याप्त संख्या में बसें उपलब्ध रखने और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बसें संचालित करने को कहा गया है, ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।

    बस अड्डों पर यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में वर्दीधारी स्टाफ की तैनाती भी की जाएगी। कर्मचारियों को विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की यात्रा से संबंधित जानकारी देने तथा उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

    सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी परिवहन विभाग ने जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा है। बस अड्डों पर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के लिए सभी महाप्रबंधकों को जिला प्रशासन के संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं।

    परिवहन विभाग ने इस पूरी व्यवस्था की निगरानी के साथ-साथ मुफ्त यात्रा सुविधा का महिलाओं और बच्चों ने कितना लाभ उठाया, इसकी रिपोर्ट भी मांगी है। सभी महाप्रबंधकों को 31 अगस्त तक सुविधा का लाभ लेने वाले महिलाओं और बच्चों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • मुंबई में हरियाणा का बड़ा निवेश अभियान, गोदरेज समेत 20 कंपनियों ने किए करार

    मुंबई में हरियाणा का बड़ा निवेश अभियान, गोदरेज समेत 20 कंपनियों ने किए करार

     चंडीगढ़
     ‘हैपनिंग हरियाणा 2.0’ के तहत मुंबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आउटरीच अभियान के दूसरे दिन करीब 20 कंपनियों ने हरियाणा में निवेश के लिए एमओयू किए। निवेश में सबसे बड़ा प्रस्ताव गोदरेज ग्रुप का 20,000 करोड़ रुपये का है। कंपनी ने इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश का एमओयू किया है।

    निवेश प्रस्तावों में वारी एनर्जीज लिमिटेड और आवाडा ग्रुप 10-10 हजार करोड़ रुपये के निवेश के साथ दूसरे बड़े निवेशक हैं। दोनों कंपनियां डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश करेंगी। वहीं बर्कलेज 8,200 करोड़ रुपये के निवेश के साथ जीसीसी क्षेत्र में उतरेगा। इसके अलावा नारेडको 6,600 करोड़, बॉक्सएलएनजी 6,000 करोड़, प्रोलोगिस 1,500 करोड़ और एलएंडटी 1,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

    एमओयू पर किए गए हस्ताक्षर
    प्रस्तावित निवेश की सूची में अल्ट्राटेक 650 करोड़, स्पेक्ट्रा टेक्नोलॉजीज 600 करोड़, ओपी मोबिलिटी 500 करोड़, प्रूडेंशियल 458 करोड़ और मालपानी ग्रुप 400 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे। वहीं लाइफवर्क्स सॉल्यूशंस 353 करोड़, कोंग्सबर्ग ऑटोमोटिव 160 करोड़, स्कलार 150 करोड़ और सिवेंट 100 करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू किए गए हैं।

    इन निवेश प्रस्तावों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) जैसे क्षेत्रों की है। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त व सचिव डॉक्टर अमित अग्रवाल के अनुसार गोदरेज कंपनी पहले ही हरियाणा में करीब 12,000 करोड़ रुपये निवेश कर चुकी है और अब आगामी पांच वर्षों में लगभग 20,000 करोड़ रुपये और निवेश करेगी।

    कंपनीवार निवेश
    क्रमांक     कंपनी का नाम     निवेश राशि
    1              गोदरेज ग्रुप     ₹20,000 करोड़
    2               वारी एनर्जीज     ₹10,000 करोड़
    3              आवाडा ग्रुप     ₹10,000 करोड़
    4              बर्कलेज     ₹8,200 करोड़
    5             नारेडको     ₹6,600 करोड़
    6             एलएनजी     ₹6,000 करोड़
    7            प्रोलोगिस     ₹1,500 करोड़
    8            एलएंडटी     ₹1,000 करोड़
    9            अल्ट्राटेक     ₹650 करोड़
    10          स्पेक्ट्रा टेक्नोलॉजीज     ₹600 करोड़
    11          ओपी मोबिलिटी     ₹500 करोड़
    12         प्रूडेंशियल     ₹458 करोड़
    13         मालपानी ग्रुप     ₹400 करोड़
    14         लाइफवर्क्स सॉल्यूशंस     ₹353 करोड़
    15          कोंग्सबर्ग ऑटोमोटिव     ₹160 करोड़
    16         स्कलार     ₹150 करोड़
    17          सिवेंट     ₹100 करोड़

  • अंबाला में आवारा सांड का हमला, स्कूली छात्रा को उठाकर पटका; गंभीर चोट के बाद लगे 8 टांके

    अंबाला में आवारा सांड का हमला, स्कूली छात्रा को उठाकर पटका; गंभीर चोट के बाद लगे 8 टांके

    अंबाला.

    लालकुर्ती में सोमवार सुबह बेसहारा सांड ने स्कूल जा रही 10वीं कक्षा की छात्रा खुशी पर सोमवार सुबह करीब 7:15 बजे हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार छावनी के खालसा स्कूल-टू में 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा रोज की तरह स्कूल जा रही थी। वह बैग लेकर सड़क से गुजर रही थी, तभी सड़क किनारे खड़े सांड ने उस पर हमला कर दिया।

    पहली बार छात्रा किसी तरह बच गई। इससे पहले छात्रा कुछ समझ पाती सांड ने दोबारा पीछे से हमला कर उसे सींगों से करीब छह से सात फीट तक उठाकर सड़क पर पटक दिया। छात्रा माथे के बल वहां बने डिवाइडर पर गिरते ही बेसुध हो गई। उसे राहगीरों ने उठाया और छावनी नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया। छात्रा को पटकने के बाद सांड वहां से भाग गया। उपचार के दौरान उसके माथे पर आठ टांके लगाए गए। स्वजन के अनुसार चोट के कारण उसकी एक आंख पूरी तरह बंद हो गई थी और आंखों के आसपास काफी सूजन थी। हाथ-पैरों पर भी घसीट के निशान आए हैं। माथे पर सबसे ज्यादा चोट लगी है। उपचार के बाद दोपहर करीब एक बजे छात्रा को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी में कैद हो गई।

    इकलौती संतान, घटना के बाद परिवार सहमा
    घायल छात्रा पिता धर्मेंद्र यादव की इकलौती संतान है। परिवार दूध बेचकर गुजर-बसर करता है। मां ऊषा गृहिणी हैं। इस हमले के बाद पूरा परिवार सहमा हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कैंटोनमेंट बोर्ड क्षेत्र में घूमने वाला यह सांड पहले भी लोगों पर हमला कर चुका है। लोगों के अनुसार कुछ समय पहले एक बुजुर्ग को भी सांड ने टक्कर मारी थी। क्षेत्र में बेसहारा पशुओं के झुंड घूमते रहते हैं।

    पूरे दिन प्रशासन के लिए चुनौती बना रहा सांड
    10वीं कक्षा की छात्रा को सींगों पर उठाकर सड़क पर पटकने वाला सांड सोमवार को पूरे दिन प्रशासन के लिए चुनौती बना रहा। सुबह करीब 7:15 बजे लालकुर्ती में हमला करने के बाद भी सांड रात नौ बजे तक पकड़ा नहीं जा सका। समाचार लिखे जाने तक वह एक स्कूल के पास ही बैठा था। यानी जिस सांड ने सुबह एक बच्ची को अस्पताल पहुंचा दिया, उसके घंटों बाद भी उसके अगले हमले का खतरा लोगों के सिर पर मंडराता रहा।

    सांड को रखा कहां जाए… यक्ष सवाल, नहीं कोई बाड़ा
    हैरानी की बात यह है कि इस सांड को पकड़ने के बाद रखने के लिए कहीं कोई व्यवस्था नहीं है। यदि इसे कोई पकड़ भी ले तो इसे ऐसे ही कहीं छोड़ा भी नहीं जा सकता क्योंकि यदि छोड़ा गया तो यह वहां भी ऐसा ही आतंक मचाएगा। हैरानी यह कि सांड को पकड़ने के लिए जिम्मेदारी तय करने से लेकर उसे सुरक्षित रखने तक की व्यवस्था स्पष्ट नहीं हो सकी। कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ ने शहर की वंदेमातरम् दल को सांड पकड़ने का अनुरोध किया। टीम ने सहयोग की हामी भरने से पहले सुरक्षा व्यवस्था स्पष्ट करने को कहा। इसके लिए उस समय यातायात रोकने, सांड पकड़े जाने के बाद उसे रखने की जगह और उसके उपचार की व्यवस्था तय करने की बात उठाई गई। उधर नगर परिषद के किसी अधिकारी ने कहीं पत्राचार तक नहीं किया।

    पशुपालन विभाग से लेकर स्थानीय निकायों तक सवाल
    बेसहारा पशुओं की समस्या केवल कैंटोनमेंट बोर्ड या नपा तक सीमित नहीं है। जिले के नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं के स्तर पर भी बेसहारा पशुओं को पकड़ने की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए टेंडर दिया जाना चाहिए लेकिन अफसरों की सुस्ती के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा। सवाल यह है कि सड़क पर घूम रहे बेसहारा पशुओं, खासकर लोगों पर हमला कर चुके आक्रामक सांडों को पकड़ने के लिए प्रशासन के पास तत्काल कार्रवाई की स्थायी व्यवस्था आखिर है कहां।

    इस तरह कई मामले पहले आए सामने

    • -बराड़ा में लगभग 2019 में आवारा पशुओं के हमलों से कई लोग घायल हो गये थे। एक युवक को आवारा बैल ने टक्कर मारकर घायल किया था।
    • -24 जुलाई 2025: अंबाला में सड़क पर आए बेसहारा गोवंश के कारण कार हादसे में चार लोग घायल हुए थे।
    • -दिसंबर 2025: अंबाला में बेसहारा गोवंश ने एक महिला पर सीधे हमला किया, महिला ने भागकर जान बचाई।
  • 20 कंपनियों का हरियाणा पर भरोसा, 60 हजार करोड़ का निवेश; गोदरेज बना सबसे बड़ा निवेशक

    20 कंपनियों का हरियाणा पर भरोसा, 60 हजार करोड़ का निवेश; गोदरेज बना सबसे बड़ा निवेशक

    चंडीगढ़.

    ‘हैपनिंग हरियाणा 2.0’ के तहत मुंबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आउटरीच अभियान के दूसरे दिन करीब 20 कंपनियों ने हरियाणा में निवेश के लिए एमओयू किए। निवेश में सबसे बड़ा प्रस्ताव गोदरेज ग्रुप का 20,000 करोड़ रुपये का है। कंपनी ने इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश का एमओयू किया है।

    निवेश प्रस्तावों में वारी एनर्जीज लिमिटेड और आवाडा ग्रुप 10-10 हजार करोड़ रुपये के निवेश के साथ दूसरे बड़े निवेशक हैं। दोनों कंपनियां डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश करेंगी। वहीं बर्कलेज 8,200 करोड़ रुपये के निवेश के साथ जीसीसी क्षेत्र में उतरेगा। इसके अलावा नारेडको 6,600 करोड़, बॉक्सएलएनजी 6,000 करोड़, प्रोलोगिस 1,500 करोड़ और एलएंडटी 1,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

    एमओयू पर किए गए हस्ताक्षर
    प्रस्तावित निवेश की सूची में अल्ट्राटेक 650 करोड़, स्पेक्ट्रा टेक्नोलॉजीज 600 करोड़, ओपी मोबिलिटी 500 करोड़, प्रूडेंशियल 458 करोड़ और मालपानी ग्रुप 400 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे। वहीं लाइफवर्क्स सॉल्यूशंस 353 करोड़, कोंग्सबर्ग ऑटोमोटिव 160 करोड़, स्कलार 150 करोड़ और सिवेंट 100 करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू किए गए हैं। इन निवेश प्रस्तावों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) जैसे क्षेत्रों की है। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त व सचिव डॉक्टर अमित अग्रवाल के अनुसार गोदरेज कंपनी पहले ही हरियाणा में करीब 12,000 करोड़ रुपये निवेश कर चुकी है और अब आगामी पांच वर्षों में लगभग 20,000 करोड़ रुपये और निवेश करेगी।

    कंपनीवार निवेश
    क्रमांक     कंपनी का नाम     निवेश राशि

    1     गोदरेज ग्रुप     ₹20,000 करोड़
    2     वारी एनर्जीज     ₹10,000 करोड़
    3     आवाडा ग्रुप     ₹10,000 करोड़
    4     बर्कलेज     ₹8,200 करोड़
    5     नारेडको     ₹6,600 करोड़
    6     एलएनजी     ₹6,000 करोड़
    7     प्रोलोगिस     ₹1,500 करोड़
    8     एलएंडटी     ₹1,000 करोड़
    9     अल्ट्राटेक     ₹650 करोड़
    10   स्पेक्ट्रा टेक्नोलॉजीज     ₹600 करोड़
    11   ओपी मोबिलिटी     ₹500 करोड़
    12   प्रूडेंशियल     ₹458 करोड़
    13   मालपानी ग्रुप     ₹400 करोड़
    14   लाइफवर्क्स सॉल्यूशंस     ₹353 करोड़
    15   कोंग्सबर्ग ऑटोमोटिव     ₹160 करोड़
    16   स्कलार     ₹150 करोड़
    17   सिवेंट     ₹100 करोड़