Category: हरियाणा

  • नए राजस्व पोर्टल की तकनीकी खामियों पर जांच का फैसला, अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की रणनीति

    नए राजस्व पोर्टल की तकनीकी खामियों पर जांच का फैसला, अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की रणनीति

    रोहतक
     राजस्व विभाग के नए पोर्टल में तकनीकी दिक्कतों और डिजिटल क्राप सर्वे (डीसीएस) की कथित खामियों को लेकर चल रहे पटवारियों और कानूनगो के आंदोलन के बीच सरकार ने मौके पर जाकर स्थिति की जांच कराने का निर्णय लिया है।

    गुरुवार को चंडीगढ़ में राजस्व अधिकारियों और रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में तय किया गया कि वरिष्ठ राजस्व अधिकारी स्वयं गांव में जाकर डिजिटल क्राप सर्वे का डेमो देखेंगे और इसकी व्यवहारिकता की जांच करेंगे।

    जांच के दौरान किसी तरह की तकनीकी या व्यावहारिक समस्या सामने आने पर मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष जयवीर चहल ने बताया कि अधिकारियों को कम से कम एक गांव का दौरा कर संबंधित कर्मचारियों के साथ खेतों में डिजिटल क्राप सर्वे की प्रक्रिया देखने और अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है।

    गुरुग्राम में डीएलआर यशपाल यादव स्वयं पटवारियों के साथ खेतों में जाकर डीसीएस की जांच करेंगे। अधिकारियों की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि डिजिटल क्राप सर्वे को मौजूदा व्यवस्था के तहत किस तरह लागू किया जा सकता है। चहल ने कहा कि अभी रक्षाबंधन सहित तीन दिन का अवकाश है।

    ऐसे में अधिकारियों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा और उसके बाद एसोसिएशन अपनी आगामी रणनीति तय करेगी। इससे पहले एसोसिएशन ने डिजिटल क्राप सर्वे की प्रक्रिया को लेकर कई व्यावहारिक समस्याएं उठाई हैं।

    रोहतक तहसील में जारी रहा सांकेतिक धरना
    नए राजस्व पोर्टल में तकनीकी समस्याओं और डिजिटल क्राप सर्वे की खामियों के विरोध में रोहतक तहसील में पटवारियों और कानूनगो का सांकेतिक धरना गुरुवार को भी जारी रहा। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की।

    आंदोलन के कारण डोमिसाइल, इंतकाल और गिरदावरी सहित कई राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित रहे। तहसील में अपने काम के लिए पहुंचे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जयवीर चहल ने कहा कि नए पोर्टल पर जमाबंदी और इंतकाल से जुड़े रिकार्ड में लगातार तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं।

    इन समस्याओं के बारे में करीब चार माह से अधिकारियों और संबंधित तकनीकी टीम को अवगत कराया जा रहा है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि तकनीकी खामियों का असर केवल कर्मचारियों के काम पर नहीं, बल्कि सीधे आम लोगों के राजस्व संबंधी कार्यों पर पड़ रहा है।

    पोर्टल की खामियां दूर करने की मांग
    एसोसिएशन ने नए पोर्टल की सभी तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की है। इसके अलावा आटो म्यूटेशन में गलती होने की स्थिति में विभाग की जिम्मेदारी तय करने, ऑनलाइन कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पटवारियों को कंप्यूटर और टैब उपलब्ध करवाने तथा नए पोर्टल को कानूनी मान्यता देने के लिए संशोधित लैंड रिकार्ड मैनुअल जारी करने की मांग भी उठाई गई है।

    चहल ने कहा कि अब अधिकारियों के मौके पर जाकर डिजिटल क्राप सर्वे की वास्तविक स्थिति देखने से तस्वीर स्पष्ट होगी। जांच में सामने आने वाली कमियों और अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ही आंदोलन को आगे बढ़ाने या सरकार के साथ बातचीत की दिशा तय की जाएगी।

  • हरियाणा में खास अंदाज में मना रक्षाबंधन, नायब सैनी को बच्चियों ने बांधी राखी; हुड्डा को भी मिला रक्षा सूत्र

    हरियाणा में खास अंदाज में मना रक्षाबंधन, नायब सैनी को बच्चियों ने बांधी राखी; हुड्डा को भी मिला रक्षा सूत्र

    चंडीगढ़ 
    देशभर में आज रक्षाबंधन का पावन पर्व बड़े ही प्रेम और हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। इस कड़ी में भाई और बहन के प्रेम और रिश्तों की खूबसूरत झलकियां हरियाणा में भी देखने को मिल रही हैं।

    एक तरफ जहां बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधने के लिए बड़े उत्साह के साथ मायके पहुंच रही हैं, वहीं दूसरी ओर राजनेता भी इस त्योहार को पूरे स्नेह और परंपरा के साथ मनाते नजर आ रहे हैं।

    नीचे दी गई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कैसे आम जनता से लेकर दिग्गजों तक, हर कोई खुशियों और अटूट प्रेम के इस पर्व को बेहद खास अंदाज में मना रहा है।

    संत कबीर कुटीर में स्कूली छात्राओं ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को राखी बांधी। जिसके बाद सैनी ने बच्चों को आशीर्वाद दिया और उन्हें चॉकलेट वितरित कीं। इस बीच सीएम सैनी ने एक्स पर वीडियो शेयर किया।

    म्हारी नन्हीं-मुन्नी प्यारी लाडो, थारे नन्हे हाथां तै बाँधी राखी नै कलाई सजा दी अर मन भी खुशी तै भर दिया।

     थारी मुस्कान यूं ही बनी रह्वै, थम खूब खुश रहो अर जिंदगी म्ह खूब आग्गै बढ़ो।

    सीएम ने एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 
    (म्हारी नन्हीं-मुन्नी प्यारी लाडो, थारे नन्हे हाथां तै बाँधी राखी नै कलाई सजा दी अर मन भी खुशी तै भर दिया। थारी मुस्कान यूं ही बनी रह्वै, थम खूब खुश रहो अर जिंदगी म्ह खूब आग्गै बढ़ो। रक्षाबंधन की घणी-घणी शुभकामनाएं!)

    हमारी नन्ही-मुन्नी प्यारी लाडली बच्चियों ने अपने नन्हे हाथों से हाथ पर राखी सजाकर मन खुशी से भर दिया। सभी बेटियों की मुस्कान इसी तरह से बनी रहे। तुम सभी खूब खुश रहो और जिंदगी में खूब आगे बढ़ो। सभी को रक्षाबंधन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

    बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने एक्स पर लिखा, आज निज आवास, पानीपत पर कार्यकर्ता बंधुओं को रक्षासूत्र बांधकर रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दीं एवं उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और दीर्घायु की मंगलकामना की। स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का यह पावन बंधन सदैव बना रहे। 

    हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा को पूर्व शिक्षा मंत्री एवं कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने राखी बांधी। कांग्रेस विधायक शकुंतला खटक ने भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा को राखी बांधी।
     

     

  • आयुष्मान सेवाओं पर संकट: 1200 करोड़ के लंबित भुगतान से अस्पताल नाराज, 16 सितंबर से पूर्ण बंद की चेतावनी

    आयुष्मान सेवाओं पर संकट: 1200 करोड़ के लंबित भुगतान से अस्पताल नाराज, 16 सितंबर से पूर्ण बंद की चेतावनी

    यमुनानगर
     आयुष्मान योजना में प्रदेश के करीब 480 अस्पतालों के लगभग 1200 करोड़ रुपये फंस गए हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के मुताबिक अस्पतालों द्वारा किए यह क्लेम भुगतान छह माह से अधिक समय से अटके हैं। इससे अस्पताल संचालकों में रोष है। इस पर आइएमए ने आयुष्मान हरियाणा के सीईओ को पत्र भेज लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की, वहीं एक सितंबर को 24 घंटे का सांकेतिक बंद और 16 सितंबर को सेवाएं पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी।

    आइएमए के अनुसार आयुष्मान के क्लेम का भुगतान 15 दिन में करने की समय-सीमा तय है, पर अस्पतालों के क्लेम छह माह से अधिक समय से अटके हैं। इससे अस्पतालों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

    कई अस्पतालों के लिए आयुष्मान के मरीजों का इलाज जारी रखना मुश्किल हो रहा है। हाल ही में आर्थिक संकट के चलते एक अस्पताल के बंद होने का भी दावा भी आइएमए ने किया।

    आइएमए ने पत्र में स्पष्ट किया है कि एक सितंबर को रात 12 बजे से 24 घंटे तक आयुष्मान सेवाएं सांकेतिक रूप से बंद रखी जाएंगी। इसके बाद भी यदि लंबित भुगतान को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 16 सितंबर की रात 12 बजे से आयुष्मान सेवाएं पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी।

    सरकार तत्काल हस्तक्षेप कर करे लंबित क्लेम भुगतान
    आइएमए की राज्य प्रधान डा. सुनीला सोनी ने कहा कि प्रदेश के 480 अस्पतालों के लगभग 1200 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। सरकार को तत्काल हस्तक्षेप कर अस्पतालों के लंबित क्लेम का भुगतान करना चाहिए, ताकि मरीजों को इलाज के लिए भटकना न पड़े और आयुष्मान योजना की सेवाएं बाधित होने से बच सकें। उन्होंने कहा कि अस्पतालों के लिए भविष्य में क्लेम के समय पर भुगतान की स्थायी व्यवस्था भी जरूरी है।

     

  • राखी बांधने निकली बहनों को बसों का इंतजार, निजी चालकों ने वसूला किराया; हिसार बस स्टैंड पर अव्यवस्था

    राखी बांधने निकली बहनों को बसों का इंतजार, निजी चालकों ने वसूला किराया; हिसार बस स्टैंड पर अव्यवस्था

     हिसार
    रक्षाबंधन पर्व पर बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी व स्वादिष्ट व्यंजन भी खिलाए। जिसके बाद भाइयों ने बहनों की रक्षा करने का भरोसा भी दिलाया। पर्व को लेकर सुबह 8 बजे से रात साढ़े 8 बजे तक बाजारों में रौनक देखने को मिली। महिलाओं ने भाईयों के लिए सुंदर-सुंदर राखियां खरीदी व स्वादिष्ट व्यंजन भी लिए। स्थानीय व दूर-दराज से आने वाली बहनों को निजी बस चालकों ने मायूस किया। उनसे किराया भी वसूला। जिसकी शिकायत रोडवेज अधिकारियों के पास भी पहुंची लेकिन एक भी समाधान का निदान नहीं हो पाया। जबकि सरकार ने रोडवेज व निजी बस चालकों को आदेश दिए थे कि रक्षाबंधन पर्व पर 27 अगस्त दोपहर 12 बजे से 28 अगस्त रात 12 बजे तक बहनों के लिए निश्शुल्क यात्रा सेवा के आदेश दिए। आदेश पत्राचार भी किए लेकिन निजी बस चालकों ने आदेशों को दरकिनार कर बहनों से किराया वसूला।

    दोपहर 12 बजे बाद रूटों से गायब हुई निजी बसें
    वीरवार दोपहर 12 बजे बाद विभिन्न रूटों से निजी बसें गायब हो गई। क्योंकि दोपहर 12 बजे से महिलाओं के लिए सरकार ने निशुल्क बस यात्रा सेवा शुरू करने के आदेश दिए थे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। 50 प्रतिशत निजी बसें गायब हो गई। जबकि शेष 50 प्रतिशत निजी बस चालकों ने महिलाओं से किराया वसूला। जिस कारण महिलाओं को रक्षाबंधन पर्व पर काफी परेशानी का भी सामना करना पड़ा।

    गर्मी व उमस ने भी छुड़ाए बहनों के पसीने
    बस स्टैंड पर भी महिलाओं को खास सुविधा देखने को न मिली। बसों के इंतजार में लंबे समय से खड़ी महिलाओं को उमस व गर्मी ने भी परेशान किया। क्योंकि बस स्टैंड पर काफी भीड़ जमा हो गई जबकि महिलाओं की तुलना में सुविधाएं नाममात्र दिखी। ऐसा नहीं है अधिकारियों को इस बारे में पता नहीं था। पता होने के बावजूद भी अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया।

    टीएम से लेकर एसएएस को नहीं पता कितनी दौड़ी बसें
    रक्षाबंधन पर्व पर रोडवेज व निजी बसों का डाटा टीएम के पास होना जरूरी है। ताकि दुरुस्त रिपोर्ट सरकार को भेजी जा सकें। लेकिन हैरानी की बात है कि वीरवार रात 9 बजे तक टीएम व एसएएस के पास न रोडवेज बसों के और न ही निजी बसों के आंकड़े थे। जिससे प्रतीत होता है कि रोडवेज के अधिकारियों ने केवल कागजों में अपनी तैयारी रखी जबकि जमीनी हकीकत कुछ और रही।

    विद्यार्थियों व यात्रियों को सताया बसों का टोटा
    रक्षाबंधन पर्व पर जहां बहनों को परेशानी का सामना करना पड़ा तो दूसरी ओर अन्य रूटों पर यात्रा करने वाले विद्यार्थियों व यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ी। क्योंकि बस स्टैंड पर 50 प्रतिशत तक ही बसें चली। जिस कारण बसों के टोटे से अन्य रूटों के यात्रियों व विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    ये बोली बहनें मुझे पानीपत जाना है। दो घंटे से अधिक का समय बीत चुका है। लेकिन अभी तक रोडवेज बसों का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों की तरफ से भी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। सरकार को दुरुस्त इंतजाम करने चाहिए थे। -नितेश, यात्री।

    मुझे राखी बांधने के लिए कैथल जाना है लेकिन रोडवेज बसें नहीं मिल रही है। जिस कारण एक घंटे से इंतजार में खड़ी हूं। रोडवेज का कोई भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। जबकि निजी बस चालक किराया वसूल रहे हैं। कोई कार्रवाई भी नहीं हो रही है। सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए। -पूनम, 12क्वार्टर निवासी, यात्री।

    बस स्टैंड पर हुई चोरी, पुलिस की नहीं दिखी सख्ती
    बस स्टैंड पर वीरवार को रक्षाबंधन पर्व पर चोरी की घटनाएं भी हुई। दोपहर ढाई से साढ़े तीन बजे के बीच रोडवेज परिसर स्थित पुलिस चौकी में दो शिकायतें पहुंचीं। पहली शिकायत एक छात्रा के पर्स चोरी होने की थी।

    छात्रा के अनुसार वह बस में चढ़ रही थी, तभी उसका पर्स गायब हो गया। पर्स और उसमें रखे पहचान पत्र पुलिस की तलाश के बाद मिल गए, लेकिन उसमें रखे रुपये नहीं मिले। छात्रा के अनुसार पर्स में कुल 6000 रुपये थे। वह हास्टल में रहती है और रक्षाबंधन पर घर जा रही थी।

    पर्स में हाथ डालते पकड़ा
    साढ़े तीन बजे काउंटर नंबर एक पर हुई। स्वजन को राखी के अवसर पर बस स्टैंड छोड़ने आए युवक ने एक महिला को उसके पर्स में हाथ डालते हुए पकड़ लिया। इस दौरान दोनों के बीच कहासुनी और हाथापाई हुई। आसपास मौजूद लोगों ने 112 पर सूचना देने को कहा। पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। मुझे नहीं पता है कि कितनी रोडवेज व कितनी निजी बसें चली। -श्रवण, डीआइ, हिसार डिपो

     

  • धान के आंकड़ों में बड़ा खेल? कई जिलों में अचानक बढ़े किसान, रकबे में भारी गिरावट

    धान के आंकड़ों में बड़ा खेल? कई जिलों में अचानक बढ़े किसान, रकबे में भारी गिरावट

    कुरुक्षेत्र
    प्रदेश में धान के मंडी में पहुंचने से पहले ही मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल (एमएफएमबी) पोर्टल पर बड़े धान घोटाले की नींव पड़ने लगी है। एमएफएमबी पोर्टल पर अभी तक ही गैर बासमती धान के पंजीकरण में गत वर्ष के मुकाबले धान का रकबा 4.73 लाख एकड़ घटने और 3.97 लाख किसानों की संख्या बढ़ने से इस पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

    भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी ने इसे बहुत बड़ा गड़बड़झाला बताते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पोर्टल पर दर्ज पंजीकरण में इस बात पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं, जिन जिलों में गत वर्ष नाम मात्र का गैर बासमती धान पंजीकृत था। महेंद्रगढ़, गुरुग्राम और हिसार जैसे जिलों में एकाएक पंजीकृत किसानों की संख्या कई हजारों में बढ़ गई है।

    एमएफएमबी के आंकड़ों में वर्ष 2025 में जहां पोर्टल पर 4,83,897 किसानों ने 28,80,192 एकड़ गैर-बासमती धान का पंजीकरण कराया था। इस तीन अगस्त तक ही 8,81,128 किसानों ने 24,07,104 एकड़ गैर-बासमती धान पंजीकृत कर दिया है। आंकड़ों के इस खेल में साफ है कि रकबा करीब 4.73 लाख एकड़ कम हुआ, वहीं दूसरी ओर किसानों की संख्या करीब 3.97 लाख बढ़ गई है।

    पंजीकरण के इस पूरे खेल में अधिकारियों की ओर से किए गए सत्यापन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गत वर्ष किसानों ने 28,80,192 एकड़ गैर-बासमती धान पंजीकृत किया था और कृषि विभाग द्वारा 30,16,285 एकड़ भूमि सत्यापित की है। पंजीकृत रकबे से करीब 1,36,093 एकड़ अधिक भूमि का सत्यापन भी अपने आप में सवाल खड़े कर रहा है।

    इन जिलों के आंकड़ों पर बड़ा सवाल
    भिवानी, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नूंह और चरखी दादरी जिलों के आंकड़ों पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। गत वर्ष इन छह जिलों में करीब 64,726 एकड़ धान का रकबा दर्ज था, इन जिलों में धान की सरकारी खरीद नहीं है। इस वर्ष इन जिलों में भी कुल रकबा घटा है और किसानों की संख्या बढ़ी है।

    भाकियू ने उठाई उच्च स्तरीय जांच की मांग
    भाकियू चढ़ूनी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश बैंस ने आरोप लगाए कि गत वर्ष धान खरीद में करीब 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला हुआ है। इस घोटाले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो इस वर्ष भी यही स्थिति पैदा होगी। उन्होंने आंकड़ों का जिला, तहसील, गांव और खसरा नंबरवार सत्यापन कराए जाने की मांग की है।

     

  • ‘गेस्ट टीचर’ कहलाना मंजूर नहीं, हरियाणा के 12 हजार शिक्षक 4 हजार करोड़ छोड़ने को तैयार

    ‘गेस्ट टीचर’ कहलाना मंजूर नहीं, हरियाणा के 12 हजार शिक्षक 4 हजार करोड़ छोड़ने को तैयार

    चंडीगढ़.

    हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पिछले करीब 20 साल से बच्चों को पढ़ा रहे 12 हजार गेस्ट टीचर्स आज भी अपने ही भविष्य की कक्षा के बाहर खड़े हैं। दो दशक की सेवा और हजारों बच्चों का भविष्य संवारने के बाद भी उनकी पहचान के आगे ‘गेस्ट’ शब्द लगा है।

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब इसी प्रदेश में समान परिस्थितियों में काम करने वाले करीब पांच हजार गेस्ट लेक्चरर्स नियमित हो सकते हैं, तो स्कूलों के गेस्ट टीचर्स के लिए ऐसा भेदभाव किसलिए हो रहा है। वर्ष 2014 में नियमितीकरण की मांग को लेकर इन शिक्षकों ने दिल्ली में आंदोलन किया था। उसी समय भाजपा ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में सत्ता में आने पर पहली कलम से गेस्ट टीचर्स को पक्का करने का वादा किया था। भाजपा की सरकार बनी, साल गुजरते गए, लेकिन वादा अधूरा रहा। 2019 में भाजपा सरकार ने गेस्ट टीचर्स को 58 वर्ष तक सेवा का लाभ और नियमितीकरण की इच्छा जताई, मगर कोर्ट केस को अड़चन बताया गया। अब वही अड़चन काफी हद तक दूर हो चुकी है।

    पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट गेस्ट टीचर्स के पक्ष में आदेश दे चुका है और उसके विरुद्ध अपील भी खारिज हो चुकी है। इसके बावजूद करीब 12 हजार शिक्षक नियमितीकरण के अंतिम फैसले की प्रतीक्षा में हैं। इस पूरे मामले की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि स्कूल और कॉलेजों में अस्थायी आधार पर काम करने वाले शिक्षकों की व्यवस्था में कई समानताएं होने के बावजूद दोनों के साथ अलग व्यवहार हुआ। कॉलेजों में कार्यरत करीब पांच हजार गेस्ट लेक्चरर्स नियमित हो गए, लेकिन स्कूलों के 12 हजार गेस्ट टीचर्स को आज भी स्थायी दर्जा नहीं मिला। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने इस संबंध में मुख्यमंत्री से वार्ता कर समस्या के स्थाई समाधान के संकेत जरूर दिए हैं, मगर अभी कोई समाधान नहीं निकला है।

    इस तरह समझिये गेस्ट टीचर्स का दर्द

    • करीब 12 हजार गेस्ट टीचर्स
    • करीब 20 साल की सेवा
    • 2014 में नियमितीकरण का चुनावी वादा
    • 2019 में 58 वर्ष तक सेवा का लाभ
    • 2026 में हाई कोर्ट से राहत
    • करीब 5 हजार अगले तीन साल में रिटायर
    • बाकी बचे करीब 7 हजार अगले आठ से नौ साल में रिटायर

    संघर्ष का मार्मिक पहलू
    भावनात्मक गेस्ट टीचर्स के इस संघर्ष का सबसे मार्मिक पहलू आर्थिक नहीं, भावनात्मक है। हाई कोर्ट के फैसले के मुताबिक गेस्ट टीचर्स का पिछला करीब चार हजार करोड़ रुपये का एरियर बनने का दावा है। लेकिन गेस्ट टीचर संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी डा. अजय लोहान का कहना है कि शिक्षक यह पूरा आर्थिक लाभ छोड़ने तक को तैयार हैं। उन्हें 2014 से मिलने वाले लाभ की जगह 2019 से लाभ मिल जाए, तब भी वे तैयार हैं। यहां तक कि ज्वाइनिंग डेट से वरिष्ठता और 2014 में नियमित कर्मचारियों के बराबर नया वेतनमान मिलने पर भी वे संतुष्ट हैं।

    हाई कोर्ट के फैसले से हुई सरकार की राह
    आसान अपने नियमितीकरण की लड़ाई लड़ रहे गेस्ट टीचर्स के सभी संगठन एकजुट हो चुके हैं। गेस्ट टीचर्स संगठनों के प्रधान मैना यादव, कुलदीप झरोली, कृष्ण धारसूल, राजेंद्र शास्त्री, पारस शर्मा और नरेंद्र संधू का कहना है कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब सरकार के लिए फैसला लेना आसान हो गया है। 2019 में 58 वर्ष तक सेवा का लाभ देने के बाद सरकार ने खुद उनकी सेवाओं को स्वीकार किया था। अब गेस्ट टीचर्स को नियमित करने में कोई बाधा नहीं है। चार हजार करोड़ के सामने 32 करोड़ मामूली खर्च हरियाणा सरकार द्वारा कराए गए एक आंतरिक आकलन के अनुसार नियमितीकरण से सरकार पर करीब 32 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ आएगा। यानी अतिथि शिक्षक हजारों करोड़ का कथित पिछला लाभ छोड़ने को तैयार हैं और सरकार के सामने अतिरिक्त खर्च का आंकड़ा अपेक्षाकृत बहुत छोटा है।

    प्रदेश सरकार के सामने ये उठ रहे सवाल –

    • जब कॉलेजों के गेस्ट लेक्चरर्स नियमित हो सकते हैं, तो स्कूलों के गेस्ट टीचर्स क्यों नहीं?
    • जब हाई कोर्ट से राहत मिल चुकी है, तो फैसला कब?
    • शिक्षक 4 हजार करोड़ के लाभ छोड़ने को तैयार हैं, तो समाधान में अड़चन क्या है?
    • जिस शिक्षक ने पूरी जिंदगी बच्चों का भविष्य पक्का किया, तो उनके भविष्य को पक्का करने का फैसला क्यों नहीं?
  • नया वोट बनवाने से नाम में सुधार तक, SIR के तहत बूथों पर मिलेंगी ये सुविधाएं

    नया वोट बनवाने से नाम में सुधार तक, SIR के तहत बूथों पर मिलेंगी ये सुविधाएं

    हांसी
    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 (एसआइआर) के दौरान नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं के लिए अब समय पर दस्तावेज जमा करवाना जरूरी है। निर्धारित अवधि में मांगे गए दस्तावेज नहीं देने पर उनके मामलों का निपटारा प्रभावित हो सकता है।

    ऐसे मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने बीएलओ से संपर्क कर दस्तावेज जमा करवाने और दावे-आपत्तियों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने को कहा है। वहीं 29 और 30 अगस्त को सभी मतदान केंद्रों पर विशेष अभियान चलाया जाएगा।

    दोनों दिन बूथ लेवल अधिकारी अपने मतदान केंद्रों पर मौजूद रहेंगे और मतदाता सूची से संबंधित दावे-आपत्तियां प्राप्त करने के साथ नए वोट बनाने और मतदाता विवरण में संशोधन के आवेदन भी लेंगे।

    एसडीएम राजेश खोथ ने बताया कि एसआइआर का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है। इसलिए जिन मतदाताओं को नोटिस मिले हैं, वे इसे नजरअंदाज न करें और निर्धारित समय में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करवाएं। वहीं 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके ऐसे युवा, जिनका अभी मतदाता सूची में नाम नहीं है, वे भी विशेष अभियान के दौरान आवेदन कर सकते हैं।

    घर बैठे भी आवेदन, मतदान केंद्र जाना जरूरी नहीं
    मतदाता सूची से जुड़े कार्यों के लिए नागरिकों को केवल मतदान केंद्र पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। वोटर हेल्पलाइन एप और निर्वाचन आयोग के पोर्टल के माध्यम से भी घर बैठे आवेदन किया जा सकता है।

    एसडीएम ने बताया कि आनलाइन माध्यम से नए मतदाता बनने, नाम हटाने और मतदाता विवरण में संशोधन से संबंधित आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। इससे विशेषकर उन लोगों को सुविधा मिलेगी, जो किसी कारण से मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच सकते।

    तीन फार्म, तीन अलग-अलग काम
    मतदाता सूची से संबंधित अलग-अलग कार्यों के लिए निर्धारित फार्म का प्रयोग किया जाएगा। फार्म-6 नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए है। फार्म-7 के माध्यम से मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए आवेदन किया जा सकता है, जबकि फार्म-8 मतदाता के विवरण में आवश्यक संशोधन के लिए है। बीएलओ भी नागरिकों को सही फार्म और जरूरी प्रक्रिया की जानकारी देंगे।

    29-30 अगस्त को जांच लें अपना नाम और विवरण
        विशेष अभियान को केवल नए वोट बनवाने तक सीमित न समझें। जिन लोगों का नाम पहले से मतदाता सूची में है, वे भी अपने नाम, पते और अन्य विवरण की जांच कर लें। किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर उसी समय सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शुद्ध मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया की महत्वपूर्ण कड़ी है, इसलिए प्रत्येक पात्र नागरिक को इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। – एसडीएम राजेश खोथ

     

  • नया वोट बनवाने से नाम में सुधार तक, SIR के तहत बूथों पर मिलेंगी ये सुविधाएं

    नया वोट बनवाने से नाम में सुधार तक, SIR के तहत बूथों पर मिलेंगी ये सुविधाएं

    हांसी
    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 (एसआइआर) के दौरान नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं के लिए अब समय पर दस्तावेज जमा करवाना जरूरी है। निर्धारित अवधि में मांगे गए दस्तावेज नहीं देने पर उनके मामलों का निपटारा प्रभावित हो सकता है।

    ऐसे मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने बीएलओ से संपर्क कर दस्तावेज जमा करवाने और दावे-आपत्तियों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने को कहा है। वहीं 29 और 30 अगस्त को सभी मतदान केंद्रों पर विशेष अभियान चलाया जाएगा।

    दोनों दिन बूथ लेवल अधिकारी अपने मतदान केंद्रों पर मौजूद रहेंगे और मतदाता सूची से संबंधित दावे-आपत्तियां प्राप्त करने के साथ नए वोट बनाने और मतदाता विवरण में संशोधन के आवेदन भी लेंगे।

    एसडीएम राजेश खोथ ने बताया कि एसआइआर का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है। इसलिए जिन मतदाताओं को नोटिस मिले हैं, वे इसे नजरअंदाज न करें और निर्धारित समय में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करवाएं। वहीं 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके ऐसे युवा, जिनका अभी मतदाता सूची में नाम नहीं है, वे भी विशेष अभियान के दौरान आवेदन कर सकते हैं।

    घर बैठे भी आवेदन, मतदान केंद्र जाना जरूरी नहीं
    मतदाता सूची से जुड़े कार्यों के लिए नागरिकों को केवल मतदान केंद्र पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। वोटर हेल्पलाइन एप और निर्वाचन आयोग के पोर्टल के माध्यम से भी घर बैठे आवेदन किया जा सकता है।

    एसडीएम ने बताया कि आनलाइन माध्यम से नए मतदाता बनने, नाम हटाने और मतदाता विवरण में संशोधन से संबंधित आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। इससे विशेषकर उन लोगों को सुविधा मिलेगी, जो किसी कारण से मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच सकते।

    तीन फार्म, तीन अलग-अलग काम
    मतदाता सूची से संबंधित अलग-अलग कार्यों के लिए निर्धारित फार्म का प्रयोग किया जाएगा। फार्म-6 नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए है। फार्म-7 के माध्यम से मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए आवेदन किया जा सकता है, जबकि फार्म-8 मतदाता के विवरण में आवश्यक संशोधन के लिए है। बीएलओ भी नागरिकों को सही फार्म और जरूरी प्रक्रिया की जानकारी देंगे।

    29-30 अगस्त को जांच लें अपना नाम और विवरण
        विशेष अभियान को केवल नए वोट बनवाने तक सीमित न समझें। जिन लोगों का नाम पहले से मतदाता सूची में है, वे भी अपने नाम, पते और अन्य विवरण की जांच कर लें। किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर उसी समय सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शुद्ध मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया की महत्वपूर्ण कड़ी है, इसलिए प्रत्येक पात्र नागरिक को इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। – एसडीएम राजेश खोथ

     

  • पूर्व MLA बाली पहलवान को हत्या केस में दोषी ठहराया, सजा पर कोर्ट आज सुनाएगा फैसला

    पूर्व MLA बाली पहलवान को हत्या केस में दोषी ठहराया, सजा पर कोर्ट आज सुनाएगा फैसला

    रोहतक.

    अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कपिल राठी की अदालत ने 15 साल पुराने हत्या के मामले में बुधवार को महम से इनेलो के पूर्व विधायक बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान समेत सात को दोषी करार दिया है। सजा पर फैसला वीरवार को आएगा। आठ आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।

    प्रकरण 5 मई 2011 का है। गांव मोखरा में गोशाला के चंदे को लेकर हुए विवाद में कलानौर की अनाज मंडी में निंगाणा गांव के विष्णु की गोली लगने से मौत हो गई थी। विष्णु के बसाना गांव के पूर्व सरपंच जीजा सीताराम की शिकायत पर बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान समेत 21 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। इस केस में काफी पंचायतें भी हुई। बाली पहलवान ने तत्कालीन आइजी वी.कामराजा के सामने आत्मसर्पण कर दिया था। लंबे समय तक चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाह और अन्य साक्ष्य पेश किए।

    इन लोगों को सुनाई सजा
    इनके आधार पर अदालत ने मोखरा निवासी बाली पहलवान सहित सुनील, दिनेश उर्फ काला, राजेश, पवन, सुनील उर्फ सुल्हड़ और मुकेश को दोषी करार दिया है। बाकी आठ लोगों सतेंद्र उर्फ मिंटू, परमजीत, सतीश, कुलदीप, राजेन्द्र, दिनेश, रविंद्र और फूल कुमार को बरी किया है। बाली पहलवान को हाई कोर्ट से जमानत मिल गई थी। वर्ष 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद करते हुए उन्हें ट्रायल कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के आदेश दिए थे।

    डेढ़ दशक बाद आया फैसला
    करीब डेढ़ दशक तक चले इस मामले में अब हर किसी की नजरें सजा की सुनवाई पर टिकी हैं। वहीं दोषी करार दिए जाने फैसले के बाद मृतक के जीजा सीताराम ने कहा कि न्याय मिलने में लंबा समय लगा। उम्मीद है कि अदालत दोषियों को कड़ी सजा सुनाएगी।

    इन छह आरोपितों की हो चुकी है मौत
    इस मामले में छह आरोपितों सोमबीर, रोहतास, धर्म सिंह, राजबीर, अजय और धनपत की अलग-अलग समय में मौत हो चुकी है।

  • पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती का खाका तैयार करेगी हरियाणा सरकार, विभागों से रिक्तियों के साथ मांगा भर्ती माह का ब्योरा

    पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती का खाका तैयार करेगी हरियाणा सरकार, विभागों से रिक्तियों के साथ मांगा भर्ती माह का ब्योरा

    चंडीगढ़
    हरियाणा में अग्निवीरों के पहले बैच की चार साल की सैन्य सेवा पूरी होने के साथ ही राज्य सरकार ने उनके लिए सरकारी रोजगार की तैयारी तेज कर दी है। सरकार ने प्रदेश के सभी विभागों, बोर्डों और निगमों से पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित सीधी भर्ती के पदों का वास्तविक ब्यौरा मांग लिया है।

    सामान्य प्रशासन विभाग की मानव संसाधन-2 शाखा ने 25 अगस्त को आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों से 26 अगस्त दोपहर तीन बजे तक निर्धारित प्रोफार्मा में जानकारी देने को कहा है।

    सरकार इस कवायद के जरिए यह पता लगाएगी कि पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित कितने पद उपलब्ध हैं, कौन से विभागों में हैं और उन पर भर्ती कब हो सकती है।

    सरकारी विभागों को सिर्फ रिक्त पदों की संख्या नहीं, बल्कि पद का नाम, आरक्षण प्रतिशत, संभावित रिक्तियों की संख्या, श्रेणीवार विवरण और भर्ती का प्रस्तावित महीना भी बताना होगा। यूआर, ओएससी, डीएससी, बीसी-ए, बीसी-बी और ईडब्ल्यूएस के अनुसार भी रिक्तियों का ब्योरा मांगा गया है।

    पहले बैच में हरियाणा के 1,373 युवा
    अग्निपथ योजना के तहत हरियाणा से अब तक 7,228 युवा अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए हैं। इनमें 2022-23 में 2,227, 2023-24 में 2,893 और 2024-25 में 2,108 युवा शामिल हैं। योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा में बनाए रखने का प्रविधान है, जबकि बाकी अग्निवीर सेवा से बाहर होते हैं।

    देश में पहला बैच जुलाई 2026 से चार साल की सेवा पूरी करने के बाद बाहर होना शुरू हुआ है। हरियाणा से इस पहले बैच में करीब 1,373 युवा हैं। ऐसे में सरकार की यह कवायद सीधे तौर पर इन युवाओं के सैन्य सेवा के बाद रोजगार की तैयारी से जुड़ी है।

    एचपीएससी-एचएसएससी की भर्तियों में जुड़ेगा कोटा
    सरकारी आदेश में खासतौर पर उन पदों की उपलब्धता मांगी गई है, जिन पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) के माध्यम से की जानी है। विभागों से मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर आगामी सीधी भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के आरक्षण को लागू करने की तस्वीर साफ होगी।

    संभावित भर्ती कैलेंडर भी तैयार करने की तैयारी
    हरियाणा में पुलिस कांस्टेबल, इंडियन रिजर्व बटालियन, स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स, फारेस्ट गार्ड, जेल वार्डन, माइनिंग गार्ड, वाइल्डलाइफ गार्ड और फायर आपरेटर जैसे पदों पर 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रविधान है। सामान्य ग्रुप-सी पदों पर पांच प्रतिशत और सैन्य सेवा से जुड़े विशेष कौशल वाले ग्रुप-बी पदों पर एक प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।

    सरकार की इस कवायद में सबसे अहम बात यह है कि विभागों को संभावित रिक्तियों के साथ भर्ती का प्रस्तावित महीना भी बताना होगा। इससे सरकार के पास केवल आरक्षित पदों का आंकड़ा ही नहीं, बल्कि आने वाले महीनों में किन विभागों में और कब भर्ती हो सकती है, इसका संभावित कैलेंडर भी तैयार होगा।