Category: हरियाणा

  • हरियाणा में आज कैबिनेट की अहम बैठक, मानसून सत्र को लेकर होगा बड़ा निर्णय

    हरियाणा में आज कैबिनेट की अहम बैठक, मानसून सत्र को लेकर होगा बड़ा निर्णय

    चंडीगढ़.

    हरियाणा के मंत्रिमंडल की बैठक आज वीरवार को होगी, जिसमें विधानसभा के मानसून सत्र की तिथि तय की जाएगी। अगस्त के अंत या सितंबर के पहले सप्ताह में विधानसभा सत्र बुलाया जा सकता है।

    दोपहर बाद तीन बजे हरियाणा सिविल सचिवालय की चौथी मंजिल स्थित मुख्य कमेटी रूम में होने वाली कैबिनेट बैठक में उन चार प्रस्तावाें पर भी विचार किया जा सकता है, जिन्हें विगत 28 जुलाई को हुई कैबिनेट बैठक में लंबित रखा गया था। इसके अलावा विधानसभा में पारित किए जाने वाले विधेयकों के प्रारूप को भी अंतिम रूप दिया जाएगा।

    मानसून सत्र में आधा दर्जन से अधिक विधेयक पारित कराए जाने हैं। इनमें प्रशासनिक सुधार, विभागीय नियमों में संशोधन और जनहित से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। संबंधित विभागों के मंत्री संशोधित विधेयकों का ड्राफ्ट कैबिनेट के समक्ष रखेंगे, जिससे इन्हें अंतिम रूप दिया जा सके।

  • देशभर के स्कूलों की होगी ग्रीन रेटिंग, पानी से लेकर मिशन लाइफ तक 6 मानकों पर मूल्यांकन

    देशभर के स्कूलों की होगी ग्रीन रेटिंग, पानी से लेकर मिशन लाइफ तक 6 मानकों पर मूल्यांकन

    अंबाला
     सेंट्रल बोर्ड आफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) अब देशभर के विद्यालयों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की कसौटी पर मूल्यांकन करने जा रहा है। स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग 2026-27 की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसके तहत 30 सितंबर तक आवेदन किए जा सकते हैं। छह बिंदुओं पर आधारित मूल्यांकन के बाद विद्यालयों को वन से फाइव स्टार तक की रेटिंग दी जाएगी।

    इसमें जल, शौचालय, साबुन से हाथ धोना, संचालन एवं रखरखाव, व्यवहार परिवर्तन एवं क्षमता निर्माण तथा मिशन लाइफ गतिविधियां शामिल हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति, सीबीएसई, ईएमआरएस, आइसीएसई, रेलवे स्कूल, सैनिक स्कूल, आटोमिक एनर्जी स्कूल, नेवी एजुकेशन सोसायटी और आइएएफ ईसी सोसायटी के स्कूल भी इस प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं।

    आंकड़ों के अनुसार, देशभर से एक लाख 58 हजार 595 स्कूलों ने प्रक्रिया शुरू की है, जबकि एक लाख 38 हजार 412 स्कूलों ने रजिस्ट्रेशन किया है और 82 हजार 519 स्कूलों ने प्रक्रिया को पूरा कर लिया है।

    सिरसा के 12 स्कूलों ने प्रक्रिया शुरू की है, जबकि आठ स्कूलों ने रजिस्ट्रेशन किया और छह ने इसे पूरा किया है। फतेहाबाद के 11 स्कूलों ने प्रक्रिया शुरू की है, जबकि 10 ने रजिस्ट्रेशन किया और तीन ने इसे पूरा किया है। पानीपत, भिवानी, फरीदाबाद और पंचकूला के कुछ स्कूलों ने भी प्रक्रिया में भाग लिया है।

     

  • 7 साल से अधूरी ₹11.84 करोड़ की योजना, हल्की बारिश ने खोली यमुनानगर की ड्रेनेज व्यवस्था की पोल

    7 साल से अधूरी ₹11.84 करोड़ की योजना, हल्की बारिश ने खोली यमुनानगर की ड्रेनेज व्यवस्था की पोल

    यमुना नगर.

    शहर को जलभराव से बचाने के लिए 11.84 करोड़ रुपये की परियोजना सात साल से अधूरी है। वर्ष 2019 में शुरू हुई योजना के तहत नगर निगम 210 मीटर पाइप लाइन बिछा चुका है। रेलवे को 5.27 करोड़ रुपये भी जमा करवाए जा चुके हैं।

    इसके बावजूद करीब 70 मीटर काम बाकी है। हल्की बारिश में ही शहर की कई कालोनियां जलमग्न हो जाती हैं। लोगों को जलभराव वाली सड़कों से गुजरना पड़ता है। विडंबना यह है कि जिस परियोजना से बारिश का पानी शहर से बाहर निकालना था, उसका रास्ता ही सात साल से साफ नहीं हो पाया। कभी निजी जमीन अड़चन बनी, कभी सड़क की दूसरी तरफ से पाइप डालने की योजना बनी और फिर पीडब्ल्यूडी की जमीन से रास्ता निकालने का प्रयास हुआ। अब रेलवे लाइन के नीचे से पाइप डालने की तैयारी है।

    पानी का दबाव घटाने की थी योजना
    जगाधरी से आने वाला बड़ा नाला बारिश में ओवरफ्लो होकर शहर की कालोनियों की ओर पानी छोड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए अमरुत योजना के तहत कन्हैया साहिब चौक से डिच ड्रेन तक करीब छह फीट चौड़ी स्टॉर्म वाटर पाइप लाइन डाली जा रही है। इसका उद्देश्य पानी को डायवर्ट कर शहर पर दबाव कम करना है।

    इनकी पीड़ा भी सुनिए
    ग्रीन पार्क निवासी ललित त्यागी का कहना है कि नगर निगम के नेतृत्व व अधिकारियों की लापरवाही के कारण शहर में जलभराव हो रहा है। जिन लोगों का बरसात से नुकसान हुआ, अधिकारियों से उसकी भरपाई करवानी चाहिए। प्रोफेसर कालोनी निवासी कुशल पाल राणा का कहना है कि बरसात के बाद भी दिक्कत खत्म नहीं होती। दुर्गंध के कारण परेशान रहते हैं। कांग्रेस के नेता सतपाल कौशिक का कहना है कि जल भराव के इस तरह के हालत पहले कभी नहीं देखे। जनता की कोई सुनवाई नहीं है।

    सात साल में अड़चन दूर क्यों नहीं हुई
    योजना को शुरू से ही अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया। बिना खुद की जमीन के योजना का सर्वे कर काम शुरू कर दिया। रेलवे विभाग के हिस्से में करीब 70 मीटर पाइप लाइन का काम बाकी है। इसके पूरा होने के बाद ही पूरी लाइन चालू होगी। वर्ष 2019 में शुरू हुई परियोजना में जमीन और रेलवे से जुड़ी अड़चन सात साल में क्यों नहीं सुलझी? 5.27 करोड़ रुपये जमा होने के बाद भी काम अधूरा क्यों है? जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

    यहां पर होती है भारी दिक्कत
    मॉडल टाउन, सरोजनी कालोनी पार्ट टू, कैंप क्षेत्र, सेक्टर 17, वर्कशाप रोड, आइटीआइ, चांदपुर, जम्मू कालोनी, रेलवे बाजार, जिम खाना रोड, लाजपत नगर, आजाद नगर, शक्ति नगर, विष्णु नगर, कृष्णा कालोनी, हरिनगर, माडर्न कालोनी, टैगोर गार्डन, बैंक कालोनी और प्रोफेसर कालोनी समेत कई क्षेत्रों को परियोजना से राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल सात साल बाद भी कहानी वहीं है। पाइप लाइन 210 मीटर पहुंच गई, लेकिन शहर की राहत 70 मीटर पर अटकी है। मेयर सुमन बहमनी ने कहा कि रेलवे लाइन के नीचे से पाइप डालने का काम शुरू हो चुका है। इसके पूरा होने के बाद वर्षा जल निकासी की समस्या काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है।

  • हरियाणा के राशन कार्डधारकों के लिए चेतावनी, लगातार राशन नहीं लेने पर बंद हो सकता है सरकारी राशन का लाभ

    हरियाणा के राशन कार्डधारकों के लिए चेतावनी, लगातार राशन नहीं लेने पर बंद हो सकता है सरकारी राशन का लाभ

    हांसी.

    हरियाणा में सरकारी राशन कार्ड बनवाने के बाद छह महीने से एक वर्ष तक डिपो से राशन नहीं उठाने वाले परिवार अब नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रीड) और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के रडार पर आ गए हैं।

    लंबे समय से बायोमीट्रिक हाजिरी दर्ज नहीं कराने और राशन का उठान नहीं करने वाले परिवारों की प्रदेश स्तर पर छंटनी की जा रही है। ऐसे निष्क्रिय राशन कार्डों को पोर्टल पर फिलहाल ब्लॉक किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुमान के अनुसार प्रदेश में करीब डेढ़ लाख से दो लाख राशन कार्ड धारक इस कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। अब विभाग पता लगाएगा कि राशन नहीं उठाने वाले परिवार वास्तव में पात्र हैं अथवा उनकी आर्थिक या निवास संबंधी परिस्थितियां बदल चुकी हैं। इनमें दूसरे शहरों अथवा राज्यों में पलायन कर चुके परिवार भी हो सकते हैं।

    हालांकि, किसी बीमारी, आपात स्थिति या अन्य जायज कारण से राशन नहीं उठा पाने वाले पात्र परिवारों के लिए सुविधा दोबारा शुरू कराने का रास्ता खुला रखा गया है। इसके लिए उन्हें अपनी आय, संपत्ति और पात्रता का दोबारा सत्यापन कराना होगा। ग्रामीण लाभार्थियों को तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार से सत्यापित शपथ पत्र देना होगा।

  • गोसेवा पर हरियाणा का बड़ा फोकस, 12 साल में तीन गुना हुईं गोशालाएं, बजट 300 गुना बढ़ा

    गोसेवा पर हरियाणा का बड़ा फोकस, 12 साल में तीन गुना हुईं गोशालाएं, बजट 300 गुना बढ़ा

    चंडीगढ़.

    हरियाणा में वर्ष 2014 से पहले केवल 200 गोशालाएं थीं और उनका वार्षिक बजट मात्र दो करोड़ रुपये था। वर्तमान सरकार की प्राथमिकताओं के फलस्वरूप आज प्रदेश में गोशालाओं की संख्या बढ़कर 650 हो चुकी है, जबकि इनका बजट बढ़ाकर रिकॉर्ड 600 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

    इन गोशालाओं में वर्तमान में चार लाख से अधिक बेसहारा गोवंश की देखभाल की जा रही है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को पंजाब के जिला पटियाला स्थित समाना में आयोजित गोकथा में यह जानकारी दी। हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि प्रदेश की 350 गोशालाओं में विशाल शेड और सौर ऊर्जा (सोलर) प्लांट स्थापित किए गए हैं। नई गोशालाओं की स्थापना हेतु जमीन की रजिस्ट्री पर लगने वाली एक प्रतिशत स्टांप ड्यूटी को पूर्णतः समाप्त कर दिया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने युवाओं को नशे की सामाजिक बुराई से बचाने के लिए बड़ा अभियान चला रखा है। नशे के सौदागरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। पंजाब सरकार की अनदेखी के कारण यहां का युवा नशे की गिरफ्त में फंसता जा रहा है, जबकि हरियाणा में युवाओं को मैदानों से जोड़ने के लिए 2000 खेल नर्सरियां स्थापित की गई हैं। इनमें प्रतिदिन लगभग 40 लाख युवा अभ्यास करते हैं। खेल नीति का परिणाम है कि हाल ही में कामनवेल्थ गेम्स में भारत द्वारा जीते गए कुल 39 मेडल (13 गोल्ड) में से अकेले हरियाणा के खिलाड़ियों ने सात गोल्ड मेडल हासिल किए। गर्व की बात यह है कि पांच स्वर्ण पदक हरियाणा की बेटियों ने अपने नाम कर देश और प्रदेश का नाम विश्व पटल पर रोशन किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। सड़क और रेल कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं तथा रिकॉर्ड संख्या में नए मेडिकल कॉलेज , यूनिवर्सिटी, आइआइटी और आइआइएम खोले गए हैं। राज्य के 22 में से 17 जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू हो चुके हैं। वर्ष 2014 से पूर्व हरियाणा को प्रतिवर्ष केवल 500 डाक्टर मिलते थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 3000 प्रतिवर्ष हो गई है। इसके साथ ही हरियाणा में युवाओं को बिना किसी खर्ची-पर्ची के पूर्ण पारदर्शिता से सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं, जबकि पड़ोसी राज्य पंजाब में युवाओं के साथ नौकरियों के वितरण में लगातार भेदभाव किया जा रहा है।

  • Ram Rahim Case: रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में SC का बड़ा कदम, राम रहीम को नोटिस; बढ़ी मुश्किलें

    Ram Rahim Case: रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में SC का बड़ा कदम, राम रहीम को नोटिस; बढ़ी मुश्किलें

    चंडीगढ़ 

    सजायाफ्ता डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं. पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से बरी किए गए राम रहीम के खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. सर्वोच्च अदालत ने इस मामले में गुरमीत राम रहीम और सीबीआई से जवाब मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे पर विचार किए जाने की जरूरत है। 

    सुप्रीम कोर्ट ने रामचंद्र छत्रपति के परिजनों की याचिका पर सुनवाई करते हुए राम रहीम और सीबीआई को नोटिस जारी किया है. दोनों पक्षों से आठ हफ्ते के भीतर जवाब मांगा गया है. अदालत ने यह भी कहा कि मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी. इस याचिका को रामचंद्र छत्रपति के बेटे ने दाखिल किया है और इसमें पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें राम रहीम को हत्या के मामले में बरी कर दिया गया था। 

    हाईकोर्ट ने पलट दिया था उम्रकैद का फैसला
    दरअसल, मार्च 2026 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने वर्ष 2002 के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में गुरमीत राम रहीम को बरी कर दिया था. हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि राम रहीम के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद नहीं हैं. इसी आधार पर अदालत ने निचली अदालत की ओर से सुनाई गई उम्रकैद की सजा को पलट दिया था. हालांकि, इस मामले में शामिल तीन अन्य दोषियों की सजा को हाईकोर्ट ने बरकरार रखा था। 

    पत्रकार हत्याकांड
    बता दें कि रामचंद्र छत्रपति की हत्या अक्टूबर 2002 में हुई थी. उन्हें उनके घर के बाहर मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मार दी थी. गोली लगने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उनकी हालत गंभीर बनी रही. इलाज के दौरान 21 नवंबर 2002 को रामचंद्र छत्रपति की मौत हो गई थी. उनकी हत्या के बाद यह मामला लंबे समय तक जांच और कानूनी कार्रवाई के दौर से गुजरता रहा। 

    CBI कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद
    इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने की थी. पंचकूला की विशेष CBI अदालत ने जनवरी 2019 में गुरमीत राम रहीम और तीन अन्य आरोपियों को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या का दोषी ठहराया था. अदालत ने राम रहीम के अलावा कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. इसके बाद राम रहीम ने हाईकोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी थी। 

    अब रामचंद्र छत्रपति के बेटे की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका ने इस मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी ध्यान दिलाया कि राज्य सरकार इस मामले में अपील लेकर सुप्रीम कोर्ट नहीं आई है. अदालत ने फिलहाल राम रहीम और CBI को नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा है. ऐसे में अब सबकी नजर नवंबर में होने वाली अगली सुनवाई पर है और यह तय करेगा कि हाईकोर्ट के बरी करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट आगे क्या रुख अपनाता है। 

  • जमीन से जुड़े लंबित मामलों पर सरकार सख्त, म्यूटेशन-डिमार्केशन जल्द निपटाने के निर्देश

    जमीन से जुड़े लंबित मामलों पर सरकार सख्त, म्यूटेशन-डिमार्केशन जल्द निपटाने के निर्देश

    गुरुग्राम.

    अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा चकबंदी विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने रविवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक की।

    बैठक में पेपरलेस रजिस्ट्रेशन, म्यूटेशन, डिमार्केशन, आधार सीडिंग, किसान रजिस्ट्री और डिजिटल फसल सर्वे की प्रगति पर चर्चा की गई। डा. मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए और नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में 53,529 टोकन में से 42,853 स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 1,364 मामले लंबित हैं। इनमें से 1,214 मामले 48 घंटे से कम अवधि के हैं। डॉ. मिश्रा ने कहा कि विभागीय स्तर पर लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। म्यूटेशन मामलों की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 2,88,105 इंतकाल दर्ज हैं, जिनमें 2,22,823 पूर्ण और 7,585 मामले लंबित हैं।

    डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिए कि इंतकाल की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो और नियमित समीक्षा की जाए। डिमार्केशन मामलों में भी तेजी लाने की आवश्यकता है। इस पर डा. मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने के लिए नियमित निगरानी रखी जाए। भू-नक्शा कार्य की प्रगति पर चर्चा करते हुए बताया गया कि 5,53,827 प्लाट में से 4,58,724 प्लाट भू-नक्शा में दर्ज किए जा चुके हैं। डिजिटल फसल सर्वे की स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि 2,37,009 सर्वे आवंटित किए गए हैं, जिनमें से 81,482 पूर्ण और 70,931 स्वीकृति के लिए लंबित हैं।

    डा. मिश्रा ने कहा कि राजस्व विभाग से जुड़ी सेवाओं का सीधा संबंध नागरिकों के अधिकारों से है, इसलिए पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में बादशाहपुर के एसडीएम संजीव सिंगला, गुड़गांव के एसडीएम हितेंद्र कुमार, पटौदी के एसडीएम दिनेश लुहाच, मानेसर के एसडीएम दर्शन यादव, सोहना के एसडीएम अखिलेश यादव, जिला राजस्व अधिकारी विजय यादव सहित जिले के सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।

  • हरियाणा में हर 20 किमी पर कॉलेज- AI हब का प्लान, CM नायब सैनी ने किया बड़ा ऐलान

    हरियाणा में हर 20 किमी पर कॉलेज- AI हब का प्लान, CM नायब सैनी ने किया बड़ा ऐलान

    हिसार.

    कालेज में आने से पहले बेटियां पढ़ाई से ड्राप न करे। हर 20 किलोमीटर में एक राजकीय कालेज खुलेगा। साथ ही हर जिले में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस माडल संस्कृति महाविद्यालय तैयार किया जाएगा, ताकि स्कूल से उत्तीर्ण होने के बाद बेटियां आगे भी शिक्षा जारी रख सके।

    यहीं नहीं, प्रदेश स्तर पर सुपर-100 योजना के तहत अब 500 होनहारों का चयन किया जाएगा, जबकि पहले 400 का चयन होता था। यह बात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कही। वे रविवार को उद्योगपति ओपी जिंदल के 96वें जन्मदिवस पर रविवार को ओपी जिंदल माडर्न स्कूल में आयोजित नवनिर्मित भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। मंच पर उनके संग हरियाणा सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, मेयर प्रवीण पोपली, विधायक सावित्री जिंदल, सफीदों के विधायक रामकुमार गौतम, नलवा के विधायक रणधीर पनिहार व हांसी के विधायक विनोद भयाना सहित कई राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहे।

    पंचकूला व गुरुग्राम में एआइ हब स्थापित होगा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत पंचकूला व गुरुग्राम में एआइ हब की स्थापना की जाएगी, ताकि बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी से जोड़ा जा सके। इसी कड़ी में प्रदेश के 55 हजार स्कूलों को वाइ-फाई, हर 10 किलोमीटर में माडल संस्कृति स्कूल व हर पांच किलोमीटर बाद मुख्यमंत्री उत्कृष्टता और प्रारंभिक अंग्रेजी विद्यालय खोलने पर जोर दिया जा रहा है।

    कामनवेल्थ गेम में 39 मेडल आने पर जताई खुशी
    सीएम ने कामनवेल्थ गेम में कुल 39 मेडल जीतने पर खुशी जताई। हरियाणा के सात मेडल में से पांच बेटियों की ओर से गोल्ड जीतने पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। वीसी की मीटिंग बुलाकर शोध पर जोर के दिए आदेशमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों मैंने हरियाणा के विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर की मीटिंग बुलाई थी, जिसमें मैंने विद्यार्थियों के आइडिया पर शोध करने के आदेश दिए हैं। इस पर 20 करोड़ रुपये का बजट देने की भी घोषणा कर चुके हैं, ताकि बच्चे उद्यमिता की राह पर चलकर खुद को कौशल बना सकें और रोजगार लेने वाले नहीं देने वाले बन सकें।

    इस दौरान नलवा के विधायक रणधीर पनिहार, हांसी के विधायक विनोद भयाना, आदमपुर के पूर्व विधायक भव्य बिश्नोई, भाजपा जिलाध्यक्ष डा. आशा खेदड़, मेयर प्रवीण पोपली, जनरल डीपी वत्स, वन विभाग के अध्यक्ष रवि सैनी, पूर्व मंत्री अनूप धानक, उपायुक्त महेंद्रपाल, पुलिस महानिरीक्षक हिसार रेंज कुलदीप सिंह, पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन व हिसार मिलिट्री स्टेशन के जनरल आफिसर कमांडिंग मेजर जनरल रोहित तेओतिया मौजूद रहे।

  • बिटुमेन नहीं मिला तो बनाएं सीसी रोड, हरियाणा में सड़क विकास को लेकर CM सैनी का बड़ा निर्देश

    बिटुमेन नहीं मिला तो बनाएं सीसी रोड, हरियाणा में सड़क विकास को लेकर CM सैनी का बड़ा निर्देश

    चंडीगढ़
    हरियाणा में सड़क निर्माण और मरम्मत का कार्य समय पर पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया जाएगा। गुणवत्ता मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जाएगी और उन्हें ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को 10 प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि हमारी सड़क मोबाइल एप पर दर्ज शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। सड़कों के गड्ढों को तुरंत भरा जाए और मरम्मत कार्य की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से ऐप पर अपलोड करें।

    शिकायतों के निस्तारण या रिपोर्टिंग में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी सड़कों की मैपिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रत्येक सड़क की स्थिति और रखरखाव का सटीक रिकार्ड उपलब्ध रहे।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेलवे से प्रभावित या लंबित सभी सड़क परियोजनाओं की विस्तृत सूची तैयार करें। इसी के आधार पर रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं का त्वरित समाधान निकाला जाए, ताकि रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) और अंडरब्रिज के निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरे हो सकें।

    मुख्यमंत्री ने औद्योगिक क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों के निर्माण पर विशेष जोर दिया। मजबूत औद्योगिक अवसंरचना से न केवल उद्यमियों और व्यापारियों को परिवहन में आसानी होगी, बल्कि राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    तारकोल नहीं मिला तो बनेंगी सीमेंट की सड़कें
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि समय पर तारकोल (बिटुमेन) की आपूर्ति में बाधा आ रही है, तो काम को रोकने के बजाय सड़कों का निर्माण सीमेंटेड (सीसी रोड) कराया जाए। विकास की गति किसी भी स्थिति में धीमी नहीं पड़नी चाहिए।

     

  • कांवड़ यात्रा पर गुरुग्राम पुलिस की तैयारी पूरी, सुरक्षा के साथ ट्रैफिक व्यवस्था सख्त

    कांवड़ यात्रा पर गुरुग्राम पुलिस की तैयारी पूरी, सुरक्षा के साथ ट्रैफिक व्यवस्था सख्त

    गुरुग्राम
    सावन में कांवड़ यात्रा को लेकर गुरुग्राम पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने के लिए नौ से 11 अगस्त तक भारी वाहनों के लिए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है।

    कांवड़ यात्रियों की सुरक्षित और सुगम आवाजाही के लिए प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    पुलिस के अनुसार, दिल्ली से गुरुग्राम होकर राजस्थान, झज्जर, रेवाड़ी, पटौदी, नूंह और फरीदाबाद की ओर जाने वाले भारी वाहनों को मुख्य मार्गों के बजाय द्वारका एक्सप्रेसवे और केएमपी एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। पुलिस ने ट्रांसपोर्ट संचालकों और भारी वाहन चालकों से निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।

    कांवड़ियों के लिए पेयजल और विश्राम की व्यवस्था
    कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए यात्रा मार्गों पर पेयजल और छायादार विश्राम स्थलों की व्यवस्था की गई है। पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ सहयोगात्मक व्यवहार करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख कांवड़ मार्गों पर पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी।

    पुलिस ने आम वाहन चालकों से भी यात्रा के दौरान धैर्य और सावधानी बरतने की अपील की है। कांवड़ यात्रियों के आवागमन के दौरान तेज गति, लापरवाही और अनावश्यक हार्न से बचने को कहा गया है। वहीं कांवड़ियों से निर्धारित मार्गों का प्रयोग करने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई है।