Category: खेल

  • 5-0-5-0 का करिश्मा! इस गेंदबाज की घातक गेंदबाजी से पाकिस्तान के छूटे पसीने, बना दिया नया इतिहास

    5-0-5-0 का करिश्मा! इस गेंदबाज की घातक गेंदबाजी से पाकिस्तान के छूटे पसीने, बना दिया नया इतिहास

    तारूबा
    वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर जस्टिन ग्रीव्स ने टेस्ट क्रिकेट में ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो इससे पहले कोई गेंदबाज नहीं कर पाया था. उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट में लगातार 5 विकेट मेडन ओवर डालकर इतिहास रच दिया. उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट में यह पहली बार है जब किसी गेंदबाज ने लगातार पांच मेडन ओवरों में पांच विकेट झटके हैं। 

    त्रिनिदाद में खेले जा रहे आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के पहले टेस्ट के तीसरे दिन ग्रीव्स ने लंच से पहले और बाद में घातक स्पेल फेंकते हुए पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी. यह उनके टेस्ट करियर का पहला पांच विकेट हॉल भी रहा। 

    इससे पहले यह रिकॉर्ड इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के नाम था, जिन्होंने जनवरी 2016 में जोहानिसबर्ग टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगातार 4 विकेट मेडन ओवर फेंके थे. ग्रीव्स ने अब उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। 

    मैच के बाद ग्रीव्स ने कहा, 'जब मैं गेंदबाजी के लिए आया तो कप्तान रोस्टन चेज ने सिर्फ इतना कहा कि अनुशासन बनाए रखो और अच्छी लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी करते रहो. गेंद सीम कर रही थी और मुझे उसका फायदा मिला। 

    उन्होंने आगे कहा, 'टीम हमेशा मुझसे मुश्किल परिस्थितियों में जिम्मेदारी निभाने की उम्मीद करती है. टेस्ट क्रिकेट में पहली बार पांच विकेट लेना बेहद खास है, लेकिन मैच अभी बाकी है और हमें अभी काफी काम करना है। 

    एक समय पाकिस्तान की स्थिति मजबूत दिख रही थी. टीम 244/3 के स्कोर पर थी और कप्तान शान मसूद शतक पूरा कर चुके थे. लेकिन ग्रीव्स ने मसूद का विकेट लेकर पाकिस्तान की पारी को बिखेर दिया। 

    इसके बाद उन्होंने बिना कोई रन दिए लगातार ओवरों में आमेर जमाल, अली उस्मान और मोहम्मद रिजवान को भी आउट किया. लंच तक पाकिस्तान का स्कोर 267/8 हो चुका था। 

    लंच के बाद अपने पहले ही ओवर में ग्रीव्स ने मोहम्मद अब्बास को विकेटकीपर के हाथों कैच कराया और लगातार पांच विकेट मेडन ओवर पूरे कर इतिहास रच दिया. पाकिस्तान की पूरी टीम 282 रन पर सिमट गई, जबकि वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 311 रन बनाए थे। 

    हालांकि दिन का खेल समाप्त होने तक पाकिस्तान ने भी वापसी की. उसने वेस्टइंडीज को दूसरी पारी में 126/7 पर रोक दिया. मेजबान टीम की कुल बढ़त 155 रन की हो गई है. स्टंप्स तक शमार जोसेफ (22)* और केमार रोच (5)* क्रीज पर मौजूद थे। 

    सीरीज का कार्यक्रम

    पहला टेस्ट: 25-29 जुलाई, तारूबा
    दूसरा टेस्ट: 2-6 अगस्त, पोर्ट ऑफ स्पेन

  • Virat Kohli और Anushka Sharma ने फिर किया बड़ा निवेश, वर्सोवा में खरीदा नया लग्जरी फ्लैट

    Virat Kohli और Anushka Sharma ने फिर किया बड़ा निवेश, वर्सोवा में खरीदा नया लग्जरी फ्लैट

    मुंबई 

    विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने मुंबई के पॉश इलाके वर्सोवा में ₹18.29 करोड़ में 2,644 वर्ग फुट का एक शानदार अपार्टमेंट खरीदा है, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन प्लेटफॉर्म Zapkey.com द्वारा प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, यह अपार्टमेंट वर्सोवा स्थित 'गोदरेज स्काईशोर' इमारत की ऊपरी मंजिल पर स्थित है। 

    रिपोर्ट्स के मुताबिक इस अपार्टमेंट के साथ 316 वर्ग फुट का एक्सक्लूसिव एरिया और तीन कार पार्किंग स्पेस मिले हैं, इस संपत्ति का रजिस्ट्रेशन 21 जुलाई 2026 को हुआ, जिसके लिए ₹1.09 करोड़ की स्टाम्प ड्यूटी और ₹30,000 की रजिस्ट्रेशन फीस चुकाई गई। 

    कुल कीमत और कारपेट एरिया के हिसाब से यह डील लगभग ₹69,159 प्रति वर्ग फुट बैठती है, जो मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में प्रीमियम लग्जरी घरों की भारी मांग को दर्शाती है। 

    क्यों खास है वर्सोवा का रियल एस्टेट मार्केट?
    वर्सोवा तेजी से मुंबई के सबसे पसंदीदा लग्जरी रेजिडेंशियल स्पॉट्स में से एक बनकर उभरा है, मनोरंजन उद्योग से नजदीकी और प्रस्तावित मुंबई कोस्टल रोड नॉर्थ प्रोजेक्ट के कारण यह इलाका मशहूर हस्तियों, बिजनेस लीडर्स और हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) की पहली पसंद बन रहा है। 

    रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि कोस्टल रोड और बेहतर कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा फायदा पश्चिमी उपनगरों जैसे बांद्रा, खार, सांताक्रूज़, जुहू, अंधेरी, वर्सोवा, मलाड, कांदिवली, बोरीवली, दहिसर, मीरा रोड और भयंदर को मिलेगा. दक्षिण मुंबई और प्रमुख बिजनेस हब्स से बेहतर संपर्क के कारण होमबायर्स और डेवलपर्स दोनों के बीच इन इलाकों का आकर्षण तेजी से बढ़ रहा है। 

    इससे पहले विराट और अनुष्का ने मुंबई के पास लोकप्रिय सेकंड-होम डेस्टिनेशन अलीबाग के जीराद गांव में ₹37.86 करोड़ में 5 एकड़ से अधिक की जमीन खरीदी थी. CRE Matrix के दस्तावेज़ों के मुताबिक, 13 जनवरी 2026 को पंजीकृत हुई इस डील के तहत दो प्लॉट (1.474 हेक्टेयर और 0.627 हेक्टेयर) खरीदे गए, जिसके लिए ₹2.27 करोड़ की स्टाम्प ड्यूटी दी गई थी. पिछले चार सालों में इस क्षेत्र में दंपति का यह दूसरा बड़ा निवेश है,  इससे पहले 2022 में भी उन्होंने यहां फार्महाउस बनाने के लिए लगभग 8 एकड़ जमीन खरीदी थी। 

  • Zimbabwe Series: जीत के बाद श्रेयस अय्यर का खास फैसला, धोनी की परंपरा निभाते हुए इस खिलाड़ी को थमाई ट्रॉफी

    Zimbabwe Series: जीत के बाद श्रेयस अय्यर का खास फैसला, धोनी की परंपरा निभाते हुए इस खिलाड़ी को थमाई ट्रॉफी

    हरारे

    भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे को टी20 सीरीज के आखिरी मुकाबले में जिम्बाब्वे को 35 रनों से हराया. इस जीत के साथ ही भारत ने जिम्बाब्वे का तीन मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 से सूपड़ा साफ कर दिया. 26 जुलाई (रविवार) को हरारे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित इस मुकाबले में भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे के सामने 193 रनों का टारगेट सेट किया था. लेकिन मेजबान टीम सात विकेट पर 157 रन ही बना सकी। 

    जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज जीतने के बाद भारतीय टीम ने मैदान पर जीत का जश्न मनाया, लेकिन इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा कप्तान श्रेयस अय्यर के एक खास कदम की हुई. श्रेयस अय्यर ने युवा खिलाड़ियों अशोक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी को थमा दिया. दोनों युवा खिलाड़ियों ने ट्रॉफी हाथ में लेकर पूरी टीम के साथ जीत का जश्न मनाया. इस दौरान साथी खिलाड़ियों ने उनका उत्साह बढ़ाया और यादगार तस्वीरें भी खिंचवाईं। 

    कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा- मेरे खिलाड़ी बहुत निडर हैं

    भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज 3-0 से जीत ली है। बतौर भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर की यह पहली सीरीज जीत है। अय्यर ने इस जीत को खास बताया है। साथ ही उन्होंने सीरीज में युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तारीफ की है।
    श्रेयस अय्यर ने जीत के बाद क्या कहा?

    सीरीज जीत के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा, 'हमने देखा कि खिलाड़ी कितने निडर हैं, ये युवा खिलाड़ियों का एक ग्रुप हैं जो मैदान पर जबरदस्त ऊर्जा और इरादा दिखा रहे हैं, खासकर जब आप लगातार दो गेम खेलते हैं। एक कप्तान और एक टीम के तौर पर मुझे ऐसी ऊर्जा की जरूरत होती है। वे आज भी लगातार दो गेम में ऐसा ही कर सकते हैं। हां, जिम्बाब्वे में सीरीज जीतना मेरे लिए एक खास एहसास है। यह एक खास पल होने वाला है।'

    आईपीएल का मिला फायदा
    श्रेयस अय्यर ने आईपीएल जैसे टूर्नामेंट के जरिए खिलाड़ियों को मिलने वाले बड़े हाई-लेवल एक्सपोजर की ओर इशारा करते हुए कहा कि मुझे लगता है कि अनुभव के आधार पर मैंने उन सबके बराबर ही मैच खेले हैं। कई खिलाड़ी हैं जिनके पास जबरदस्त अनुभव है क्योंकि आजकल वे आईपीएल में भी खेलते हैं।

    उन्होंने कहा, 'खिलाड़ियों में खास टैलेंट हैं और आप उनसे जितना अच्छा निकलवा सकते हैं, वह टीम के लिए भी फायदेमंद है। हर बार जब मैं मैदान पर कदम रखता हूं तो यह पक्का करता हूं कि वे सहज कैसे हों? क्योंकि तभी आप उनसे उनका बेस्ट निकलवा सकते हैं।'

    सामने अभी कई और चुनौतियां
    अय्यर ने टीम के भविष्य की चुनौतियों के लिए निरंतरता और हिम्मत बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। भारतीय कप्तान ने कहा कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो भारत व्हाइट-बॉल सीरीज के लिए बांग्लादेश का दौरा भी कर सकता है और सितंबर में तीन टी20 अफगानिस्तान के खिलाफ भी हो सकते हैं। भारत का अगला व्हाइट-बॉल असाइनमेंट तीन वनडे और पांच टी20 का वेस्टइंडीज के खिलाफ है। इसके बाद जापान के ऐची-नागोया में एशियन गेम्स होंगे। अय्यर ने आखिर में टीम के प्रदर्शन में लगातार सुधार करते हुए पूर्व से टी20 में तय स्तर के मुताबिक खेलने की प्रतिबद्धता दोहराई।

     

    तेज गेंदबाज अशोक शर्मा के लिए यह सीरीज बेहद खास रही क्योंकि उन्होंने इसी दौरे पर भारत के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया. वहीं 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने कुछ दिन पहले इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया के लिए अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत की थी. ऐसे में दोनों युवा खिलाड़ियों को ट्रॉफी सौंपना उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है। 

    दरअसल, भारतीय क्रिकेट में यह एक खूबसूरत परंपरा बन चुकी है. इसकी शुरुआत पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने की थी. धोनी अक्सर कोई बड़ी सीरीज या टूर्नामेंट जीतने के बाद ट्रॉफी टीम के युवा खिलाड़ियों को सौंप देते थे, ताकि वे उस पल को जी सकें और टीम के साथ अपनी अहम भूमिका महसूस करें। 

    एमएस धोनी के बाद विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या, केएल राहुल, सूर्यकुमार यादव और श्रेयस अय्यर ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया. यही वजह है कि भारतीय क्रिकेट में ट्रॉफी सिर्फ कप्तान की नहीं, बल्कि पूरी टीम की उपलब्धि मानी जाती है. युवा खिलाड़ियों को इस तरह सम्मान देना टीम इंडिया की मजबूत संस्कृति और ड्रेसिंग रूम के माहौल को भी दर्शाता है। 

  • युवा गेंदबाजों पर सवाल, अश्विन बोले- भुवनेश्वर जरूरी

    युवा गेंदबाजों पर सवाल, अश्विन बोले- भुवनेश्वर जरूरी

    नई दिल्ली
    पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने वनडे वर्ल्ड कप 2027 से पहले भारतीय टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण को लेकर बड़ा बयान दिया है. अश्विन का मानना है कि अगर टीम इंडिया को विश्व कप जीतना है तो सिर्फ युवा तेज गेंदबाजों के भरोसे नहीं रहा जा सकता. उन्होंने चयनकर्ताओं से अपील की है कि अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को एक बार फिर राष्ट्रीय टीम में मौका दिया जाए.

    रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि भुवनेश्वर ने पिछले दो IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) सीजन में अपनी फिटनेस और प्रदर्शन से साबित कर दिया कि उनमें अभी भी इंटरनेशनल क्रिकेट बचा हुआ है. उनके मुताबिक, विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में अनुभव सबसे बड़ा हथियार होता है और भुवनेश्वर वही अनुभव भारतीय टीम को दे सकते हैं. अपने यूट्यूब चैनल पर अश्विन ने कहा कि वह यह नहीं कह रहे कि भुवनेश्वर कुमार को सीधे विश्व कप टीम में शामिल कर लिया जाए, लेकिन उन्हें कम से कम एक मौका जरूर मिलना चाहिए.

    रविचंद्रन अश्विन ने कहा, 'क्यों नहीं? मौजूदा समय में हमारी फास्ट बॉलिंग में संघर्ष नजर आ रहा है. भुवनेश्वर कुमार पर जरूर विचार होना चाहिए. मैं यह नहीं कह रहा कि उन्हें सीधे टीम में ले लो, लेकिन कम से कम एक मौका देकर देखो. उन्होंने आरसीबी के लिए लगातार दो सीजन खेलकर खुद को फिट साबित किया है. नई गेंद को स्विंग कराने की उनकी क्षमता, डेथ ओवरों में गेंदबाजी और निचले क्रम में बल्लेबाजी टीम के लिए काफी उपयोगी हो सकती है.'

    भुवी में क्या है खास? अश्विन ने बताया
    रविचंद्रन अश्विन ने भुवनेश्वर के आईपीएल में शानदार प्रदर्शन का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अनुभवी तेज गेंदबाज ने पिछले दो सीजन में खुद को फिट रखा और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिताब जीतने में सबसे अहम खिलाड़ियों में से एक रहे. अश्विन कहते हैं, 'भुवनेश्वर सिर्फ नई गेंद से विकेट लेने वाले गेंदबाज नहीं हैं, बल्कि डेथ ओवरों में भी रन रोकने की क्षमता रखते हैं. इसके अलावा जरूरत पड़ने पर उपयोगी बल्लेबाजी भी कर सकते हैं, जो उन्हें अन्य तेज गेंदबाजों से अलग बनाती है.'

    रविचंद्रन अश्विन ने मौजूदा भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि युवा गेंदबाजों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में अनुभव की बराबर जरूरत होती है. अश्विन ने कहा, 'गुरनूर, प्रसिद्ध और प्रिंस… क्या आप इन्हीं गेंदबाजों के साथ वर्ल्ड कप खेलना चाहेंगे? मुझे पूरी तरह भरोसा नहीं है. इनमें से एक-दो खिलाड़ी जरूर टीम में हो सकते हैं, लेकिन उनके साथ बुमराह, हर्षित राणा और भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाज होने चाहिए. युवा और अनुभव का यही संतुलन टीम को मजबूत बनाएगा.'

    रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप अब ज्यादा दूर नहीं है. ऐसे में लगातार नए खिलाड़ियों को आजमाने के बजाय चयनकर्ताओं को अपनी मुख्य तेज गेंदबाजी यूनिट तय कर लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हर्षित राणा, गुरनूर बरार और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे गेंदबाजों को पर्याप्त मौके मिल चुके हैं. अब समय आ गया है कि विश्व कप के लिए चार या पांच तेज गेंदबाजों का एक कोर ग्रुप तैयार किया जाए.

    रविचंद्रन अश्विन कहते हैं, 'अब खिलाड़ियों को तैयार करने का समय नहीं है. अब यह पहचानना होगा कि आपके चार या पांच प्रमुख तेज गेंदबाज कौन होंगे, जिनमें से तीन विश्व कप खेलेंगे. इसलिए भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ी को चर्चा से बाहर नहीं रखा जा सकता."

    36 वर्षीय भुवनेश्वर कुमार लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर हैं, लेकिन आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा है. नई गेंद से स्विंग, डेथ ओवरों में सटीक यॉर्कर और दबाव में शांत रहने की क्षमता उन्हें आज भी भारत के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में शामिल करती है.

  • 8 रन पर आउट हुए अभिषेक, फिर गेंद से मचाया तहलका

    8 रन पर आउट हुए अभिषेक, फिर गेंद से मचाया तहलका

    नई दिल्ली
    भारतीय टीम के स्टार अभिषेक शर्मा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20I मुकाबले में ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो उनसे पहले कोई भी भारतीय ओपनर नहीं कर सका था. बल्लेबाजी में सस्ते में आउट होने के बावजूद अभिषेक ने गेंद से जबरदस्त वापसी की और टी20I इंटरनेशनल में एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.

    अभिषेक शर्मा ने 4 ओवर में सिर्फ 17 रन देकर 3 विकेट झटके और भारत की 90 रनों की शानदार जीत के सबसे बड़े नायकों में शामिल रहे. उनकी घातक गेंदबाजी की बदौलत भारतीय टीम ने तीन मैचों की सीरीज अपने नाम कर ली.

    अभिषेक शर्मा अब टी20 इंटरनेशनल में सबसे बेहतरीन गेंदबाजी आंकड़े दर्ज करने वाले भारतीय सलामी बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने इस मामले में सभी भारतीय ओपनरों को पीछे छोड़ दिया. इस उपलब्धि के साथ अभिषेक का नाम भारतीय क्रिकेट के दो महान ऑलराउंडरों वीनू मांकड़ और रवि शास्त्री की खास सूची में शामिल हो गया.

    भारतीय ओपनरों में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन
    टेस्ट: वीनू मांकड़- 8/52 बनाम पाकिस्तान (1952)
    ODI: रवि शास्त्री- 5/15 बनाम ऑस्ट्रेलिया (1991)
    टी20I: अभिषेक शर्मा- 3/17 बनाम जिम्बाब्वे (2026)

    मैच की शुरुआत अभिषेक शर्मा के लिए अच्छी नहीं रही. भारतीय ओपनर को तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजारबानी ने 8 रनों के निजी स्कोर पर पवेलियन भेज दिया. तब ऐसा लगा कि उनका दिन खराब रहने वाला है. लेकिन गेंद हाथ में आते ही अभिषेक ने पूरी कहानी बदल दी. कप्तान ने उन्हें पार्ट-टाइम स्पिनर के रूप में इस्तेमाल किया और उन्होंने इस भरोसे को पूरी तरह सही साबित किया. अपनी सटीक लाइन-लेंथ और विविधता से उन्होंने जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया.

    अभिषेक शर्मा ने लगातार दबाव बनाए रखा और तीन अहम विकेट लेकर मेजबान टीम की वापसी की सारी उम्मीदें खत्म कर दीं. इससे पहले भारत की शुरुआत बेहद खराब रही थी. टीम ने सिर्फ 29 रन पर दो विकेट गंवा दिए थे. ऐसे मुश्किल समय में ईशान किशन और तिलक वर्मा ने जिम्मेदारी संभाली.

    ईशान किशन ने पहले पारी को संभाला और फिर आक्रामक अंदाज में खेलते हुए 81 रनों की शानदार पारी खेली. दूसरी ओर तिलक वर्मा ने नाबाद 60 रन बनाए. दोनों की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 5 विकेट पर 219 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया.

    220 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत आक्रामक रही, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने जल्द ही मैच पर पकड़ बना ली. यश ठाकुर और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट झटके, जबकि अभिषेक शर्मा ने तीन विकेट लेकर जीत की पटकथा लिखी. भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे को 129 रनों पर समेट दिया और टीम इंडिया ने 90 रनों की बड़ी जीत दर्ज करते हुए सीरीज भी अपने नाम कर ली.

  • ईशान से अभिषेक तक, जानिए 2026 के भारत के टॉप रनवीर

    ईशान से अभिषेक तक, जानिए 2026 के भारत के टॉप रनवीर

    नई दिल्ली
    इंडिया वर्सेस जिम्बाब्वे दूसरा टी20 आज हरारे में खेला जाना है। इस मैच से पहले आईए एक नजर साल 2026 में भारत के लिए T20I क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाजों की लिस्ट पर नजर डालते हैं। ईशान किशन का बल्ला इस साल खूब चला है। 2025 के अंत तक वह भारत के टॉप-15 टी20 खिलाड़ियों की लिस्ट में भी नहीं थे, मगर डोमेस्टिक क्रिकेट में लगातार धाकड़ परफॉर्मेंस देने के बाद उनकी अचानक टीम इंडिया में एंट्री हुई और उन्हें टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में भी चुना गया। ईशान किशन ने किसी को निराश नहीं किया। वह इस साल भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाजों की लिस्ट में पहले पायदान पर हैं। वहीं पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव और संजू सैमसन, जो इस समय टी20 टीम का हिस्सा भी नहीं है वह अभी तक टॉप-5 में बने हुए हैं।

    ईशान किशन का कोई सानी नहीं
    ईशान किशन के बल्ले से टी20 इंटरनेशनल में इस साल 33.42 की औसत और 180.46 के स्ट्राइक रेट के साथ 702 रन निकले हैं। यह रन उन्होंने 21 मैचों में बनाए हैं। टी20 इंटरनेशनल में 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले ऑलओवर खिलाड़ियों की लिस्ट पर नजर डालें तो यह भारतीय बल्लेबाज दूसरे पायदान पर है। ईशान किशन से ज्यादा इस साल सिर्फ ऑस्ट्रिया के करनबीर सिंह ने 812 रन बनाए हैं। इसी धाकड़ परफॉर्मेंस के चलते ईशान आईसीसी टी20 रैंकिंग में भी पहले पायदान पर बने हुए हैं।

    सूर्यकुमार यादव और संजू सैमसन टॉप-5 में
    ईशान किशन के बाद इस लिस्ट में दूसेर पायदान पर स्टार ओपनर अभिषेक शर्मा है, जिनके बल्ले से 2026 में 504 रन निकले हैं। ईशान और अभिषेक में लगभग-लगभग 200 रनों का अंतर है। अभिषेक ने यह रन 190.18 के स्ट्राइक रेट के साथ बनाए। टी20 वर्ल्ड कप में उनका बल्ला उस तरह नहीं चला जिसके लिए वह जाने जाते हैं, हालांकि वह धीरे-धीरे लय में लौट रहे हैं।

    टोपी उतारकर संजू सैमसन का सम्मान करते कप्तान सूर्यकुमार यादव
    तीसरे नंबर पर पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यावद, जो फिलहाल अपनी खराब फॉर्म की वजह से टीम से बाहर कर दिए गए हैं, वहीं टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जिताने के बाद उनसे कप्तानी भी छीन ली गई है।

    सूर्यकुमार यादव के बल्ले से इस साल 44 की औसत के साथ 484 रन निकले हैं।
    फिस्फोटक बल्लेबाज शिवम दुबे लिस्ट में चौथे तो संजू सैमसन पांचवें पायदान पर हैं। दुबे भारतीय टीम में फिनिशर का रोल अदा करते हैं, उन्हें खेलने के लिए ज्यादा गेंदें नहीं मिलती। इसके बावजूद वह 482 रनों के साथ चौथे पायदान पर हैं।

    वहीं संजू सैमसन को आयरलैंड के खिलाफ 2 तो इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच के बाद ड्रॉप कर दिया गया था। उनकी जगह वैभव सूर्यवंशी को मौका मिला। हालांकि 15 साल का यह खिलाड़ी भी कुछ कमाल नहीं दिखा पाया। पांचवें टी20 में सैमसन की वापसी हुई, मगर उन्होंने आखिरी बार भी निराश किया।

    सैमसन को जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए नहीं चुना गया है। वह इस साल 180.99 के स्ट्राइक रेट के साथ 400 रन बना चुके हैं। टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल और फाइनल में उनकी लाजवाब पारियों के दम पर ही भारत खिताब जीता था। उनकी यह पारियां लंबे समय तक याद रखी जाएगी।

    ईशान किशन    702
    अभिषेक शर्मा    504
    सूर्यकुमार यादव    484
    शिवम दुबे    483
    संजू सैमसन     400

  • भारत-जिम्बाब्वे सीरीज में नई पहल, खिलाड़ियों के एटीट्यूड को मिलेगा सम्मान

    भारत-जिम्बाब्वे सीरीज में नई पहल, खिलाड़ियों के एटीट्यूड को मिलेगा सम्मान

    हरारे
    भारत और जिम्बाब्वे के बीच चल रही टी20 सीरीज के दौरान भारतीय टीम मैनेजमेंट ने एक नई पहल शुरू की है। टीम ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ-साथ उनके रवैये, मेहनत और टीम के प्रति समर्पण के लिए ‘बेस्ट एटीट्यूड अवॉर्ड’ की शुरुआत की है। यह बेस्ट फील्डर ऑफ द मैच की तरह ही ड्रेसिंग रूम अवॉर्ड है। इस अवॉर्ड के पहले विजेता युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा बने हैं। उन्हें हरारे में खेले गए पहले टी20 मैच के बाद यह सम्मान दिया गया।

    क्यों शुरू किया गया यह अवॉर्ड?
    भारतीय टीम के अंतरिम हेड कोच वीवीएस लक्ष्मण ने बताया कि क्रिकेट में सिर्फ रन बनाना या विकेट लेना ही महत्वपूर्ण नहीं होता। उन्होंने कहा, 'एटीट्यूड भी स्किल के बराबर ही है। टीम मैनेजमेंट के तौर पर हमने सोचा है कि इस सीरीज के तीनों मैचों में हम सिर्फ फrल्डिंग या बॉलिंग और बैटिंग में किसी खिलाड़ी के शानदार प्रदर्शन को ही नहीं, बल्कि उनके एटीट्यूड को भी अहमियत देंगे और उसे सराहेंगे।'

    तिलक वर्मा को क्यों चुना गया?
    जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले मैच में तिलक वर्मा का प्रदर्शन आंकड़ों के हिसाब से कुछ खास नहीं था। उन्होंने एक कैच लिया और अंत में आकर टीम के लिए विनिंग रन बनाया।। हालांकि, टीम के सपोर्ट स्टाफ का मानना था कि तिलक ने मैदान और मैदान के बाहर जिस तरह का समर्पण और ऊर्जा दिखाई, वह उन्हें इस सम्मान का हकदार बनाता है।

    स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच हर्षा ने बताया कि तिलक ने अभ्यास सत्रों में भी पूरी मेहनत की और मैच के दौरान भी हर पल पूरी तीव्रता के साथ खेलते नजर आए। हर्षा ने तिलक को लेकर कहा- यह खिलाड़ी न सिर्फ मैदान से बाहर खुद को आगे बढ़ाता था, बल्कि मैदान पर भी पूरी शिद्दत से खेलता था। जब चीजों को इतनी शिद्दत से करने की जरूरत नहीं भी होती थी, तब भी वह उन्हें पूरे जोश और जुनून के साथ करता था।

  • टीम इंडिया फिर खेलेगी अफगानिस्तान से T20 सीरीज, भारत में होगी मेजबानी, पूरा कार्यक्रम रिवील

    टीम इंडिया फिर खेलेगी अफगानिस्तान से T20 सीरीज, भारत में होगी मेजबानी, पूरा कार्यक्रम रिवील

    नई दिल्ली
    भारत और अफगानिस्तान के बीच इस साल सितंबर के महीने में तीन मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी. क्रिकइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक यह मुकाबले 13, 15 और 17 सितंबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होंगे. खास बात यह है कि इस सीरीज की मेजबानी अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) करेगा। 

    अगर तय कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं होता, तो यह सीरीज क्रिकेट इतिहास में एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज करेगी. पहली बार कोई टीम भारत के खिलाफ मुकाबले की मेजबानी भारतीय सरजमीं पर ही करेगी. अफगानिस्तान के पास इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए फिलहाल स्थायी घरेलू मैदान नहीं है. सुरक्षा कारणों से वह पिछले कई वर्षों से भारत को अपना 'होम ग्राउंड' बनाकर इंटरनेशनल मुकाबले खेलता आया है। 

    अफगानी टीम पहले ग्रेटर नोएडा, देहरादून और लखनऊ में अपने घरेलू मैच खेल चुकी है, लेकिन भारतीय टीम की कभी मेजबानी नहीं की. सितंबर में होने वाली टी20 सीरीज इस लिहाज से ऐतिहासिक होगी। 

    अब भारतीय टीम करेगी श्रीलंका का दौरा
    भारतीय टीम अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ उसकी धरती पर दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी. दूसरा टेस्ट 27 अगस्त को समाप्त होगा. इसके बाद लगभग दो सप्ताह के ब्रेक के बाद टीम इंडिया अफगानिस्तान के खिलाफ मैदान में उतरेगी. यह सीरीज 24 सितंबर से शुरू होने वाले एशियन गेम्स से ठीक पहले होगी. ऐसे में यह सीरीज एशियन गेम्स के लिहाज से अहम होगी। 

    दोनों टीमों की आखिरी भिड़ंत जून में हुई थी, जब अफगानिस्तान ने भारत का दौरा किया था. भारत ने एकमात्र टेस्ट मैच पारी और 300 रनों से जीत लिया था. इसके बाद तीन मैचों की वनडे सीरीज में भी भारत ने अफगानिस्तान का 3-0 से क्लीन स्वीप कर दिया. अब अफगानी टीम टी20 सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करना चाहेगी। 

    टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारतीय टीम का हालिया व्हाइट-बॉल प्रदर्शन निराशाजनक रहा है. टीम पहले आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज हार गई. इसके बाद इंग्लैंड दौरे पर उसे पांच मैचों की टी20 सीरीज में 0-4 से हार झेलनी पड़ी, जबकि एक मैच बारिश के कारण रद्द हो गया. इसके बाद वनडे सीरीज भी भारत 1-2 से हार गया। 

    ऐसे में अफगानिस्तान के खिलाफ यह सीरीज टीम इंडिया के लिए लय हासिल करने और एशियन गेम्स से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने का बेहतरीन मौका देगी. वहीं अफगानिस्तान की टीम आईसीसी मेन्स टी20 विश्व कप 2026 के बाद पहली बार इस प्रारूप में मैदान पर उतरेगी। 

  • IND vs ZIM: वैभव सूर्यवंशी बने जीत के हीरो, चौके-छक्कों की बारिश के दम पर भारत ने 7 विकेट से जीता मुकाबला

    IND vs ZIM: वैभव सूर्यवंशी बने जीत के हीरो, चौके-छक्कों की बारिश के दम पर भारत ने 7 विकेट से जीता मुकाबला

     हरारे 
    भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराकर टी20 सीरीज का आगाज धमाकेदार अंदाज में किया है. 126 रनों का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने महज 13.2 ओवर में जीत हासिल कर ली. भारत को वैभव सूर्यवंशी ने जोरदार शुरुआत दी. वैभव की अर्धशतकीय पारी की बदौलत भारत ने आसानी से इस मुकाबले को अपने नाम कर लिया. इस जीत के साथ ही भारत ने सीरीज में बढ़त बना ली है. दोनों देशों के बीच सीरीज का दूसरा मुकाबला अब 25 जुलाई यानी शनिवार को खेला जाएगा.

    वैभव ने जड़ा अर्धशतक
    भारत को वैभव सूर्यवंशी ने तेज शुरुआत दिलाई. लेकिन अभिषेक शर्मा महज एक रन बनाकर आउट हो गए. वैभव ने 18 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन अगली ही गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौट गए. ईशान किशन 3 चौके और 2 छक्के की मदद से 24 गेंदों में 35 रन बनाकर पवेलियन लौटे.

    जिम्बाब्वे ने बनाए थे 125 रन
    जिम्बाब्वे ने भारत को 126 रनों का लक्ष्य दिया था. टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे ने वेस्ले मधेवेरे की 39 रनों की पारी की मदद से 20 ओवर में सात विकेट पर 125 रन बनाए. भारत के लिए मयंक यादव और प्रिंस यादव ने कमाल की गेंदबाजी करते हुए दो-दो विकेट झटकने में सफलता हासिल की. शिवम दुबे और रवि बिश्नोई भी एक-एक विकेट अपने नाम करने में सफल रहे..

    -श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था. भारत की तरफ से अशोक शर्मा इस मैच में अपना डेब्यू किया. पहले ही ओवर की पहली गेंद पर मयंक यादव ने ब्रायन बेनेट को ईशान किशन के हाथों कैच आउट कराया. भारत को दूसरी सफलता प्रिंस यादव ने दिलाई.

     सूर्यवंशी का तूफान, 18 गेंदों में जड़ा अर्धशतक
    जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले ही मैच में उन्होंने तेज तर्रार पारी खेलकर टीम को धमाकेदार शुरुआत दिलाई. 126 रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा ने पारी का आगाज किया. जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को वैभव ने पहले ही ओवर से आड़े हाथ लेना शुरू कर दिया। 

    18 गेंदों में जड़ा अर्धशतक
    वैभव सूर्यवंशी ने 18 गेंदों में ताबड़तोड़ अंदाज में अर्धशतक जड़ने का काम किया. हालांकि, 50 रन पूरा करते ही वह पवेलियन लौट गए. वैभव सूर्यवंशी ने 4 चौके और 4 छक्के की मदद से 19 गेंदों में 50 रनों की पारी खेली. वैभव सूर्यवंशी की पारी देख फैन्स भी गदगद हैं और वह सोशल मीडिया पर लगातार अपना रिएक्शन दे रहे हैं। 

    अभिषेक शर्मा रहे फ्लॉप
    अभिषेक शर्मा इस मुकाबले में फॉर्म में नजर नहीं आए. ब्लेसिंग मुज़ारबानी की गेंद पर वह ब्रैड इवांस को एक आसान सा कैच दे बैठे. उन्होंने 8 गेंदों में सिर्फ एक रन ही बनाया. अभिषेक शर्मा  के पास इस सीरीज में दो मैच और बचे हैं. अभिषेक की कोशिश बचे हुए मुकाबले में बल्ले से दमखम दिखाने की होगी। 

    जिम्बाब्वे ने बनाए थे 125 रन
    जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत को जीत के लिए 126 रनों का लक्ष्य दिया था. टॉस हारकर मैदान में उतरी जिम्बाब्वे की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट गंवाकर 125 रन बनाए. जिम्बाब्वे की ओर से वेस्ले मधेवेरे ने सबसे ज्यादा 39 रनों की पारी खेली. वहीं, रयान बर्ल ने 35 गेंदों में 26 रन बनाए, जिन्हें रवि बिश्नोई की गेंद पर तिलक वर्मा ने कैच आउट किया. कप्तान सिकंदर रजा ज्यादा कुछ खास नहीं कर सके और शिवम दुबे का शिकार बनकर केवल 4 रन पर पवेलियन लौट गए। 

    भारत के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया. मयंक यादव और प्रिंस यादव ने घातक गेंदबाजी करते हुए 2-2 विकेट झटके. इसके अलावा शिवम दुबे और रवि बिश्नोई को भी 1-1 सफलता मिली. भारतीय टीम इस मुकाबले को जीतकर सीरीज का आगाज जीत के साथ करना चाहेगी। 

    -प्रिंस यादव की गेंद पर 8 गेंदों में 10 रन बनाकर बेन करन प्रिंस यादव की गेंद पर वैभव सूर्यवंशी को कैच थमा बैठे. भारतीय टीम को तीसरा विकेट एक बार फिर मयंक यादव ने दिलाने में सफलता हासिल की. डायोन मायर्स बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में शिवम दुबे के हाथों में गेंद मार बैठे. वह 14 गेंदों में महज 6 रन ही बना सके. 

    -कप्तान सिकंदर रजा भी पहले टी-20 मैच में बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके. सिर्फ 4 रन बनाकर वह शिवम दुबे का शिकार बने. रवि विश्नोई ने भारतीय टीम को पांचवीं सफलता दिलाई. रयान बर्ल विश्नोई की जाल में फंस गए और बड़ा शॉट लगाने के चक्कर में कैच आउट हो गए. बाउंड्री लाइन के पास तिलक वर्मा ने रयान का एक बेहतरीन कैच पकड़ा. वह 35 गेंदों में 26 रन बनाकर आउट हुए.

  • टी20 सीरीज का आगाज, हरारे में टीम इंडिया की चुनौती

    टी20 सीरीज का आगाज, हरारे में टीम इंडिया की चुनौती

    नई दिल्ली
    भारतीय टीम जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज खेलने के लिए तैयार है। तीन मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला आज यानी गुरुवार को होगा। दोनों टीमों की टक्कर हरारे स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर होगी। जिम्बाब्वे की टीम भले ही ज्यादा मजबूत नहीं मानी जाती लेकिन वह चौंकाने का दम रखती है। टी20 विश्व कप 2026 में टीम ने ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका को हराकर सुपर-8 में जगह बना ली थी।

    जिम्बाब्वे में तीन टी20 हार चुका भारत
    भारतीय टीम जिम्बाब्वे में जाकर 12 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इसमें टीम को तीन हार मिली है। 2015 में 10 रन, 2016 में दो रन जबकि 2024 में 13 रन से जिम्बाब्वे ने भारत को हराया था। तीनों ही मैचों में टारगेट छोटा था लेकिन टीम इंडिया उसे चेज नहीं कर पाई। 2024 में भारत से 116 का टारगेट चेज नहीं हुआ था। यह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत के खिलाफ डिफेंड किया गया सबसे छोटा टारगेट है।

    जिम्बाब्वे में भारतीय टीम जो टी20 इंटरनेशनल मैच हारी
    साल     जिम्बाब्वे का स्कोर     भारत का स्कोर     हार का अंत     मैदान
    2015     145     135     10 रन     हरारे
    2016     170     168     2 रन     हरारे
    2024     115     102     13 रन     हरारे
    जिम्बाब्वे में खेलना क्यों चुनौती?
    जिम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर नई गेंद के खिलाफ खेलना आसान नहीं होता। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों के लिए मोमेंट होती है।जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ेगा, सूखी पिच धीमी हो सकती है। इससे स्पिनर्स को मदद मिलती है और रन बनाने मुश्किल हो जाता है। इसलिए पार्टनरशिप बहुत जरूरी है और सेट बल्लेबाज को लंबा खेलना पड़ेगा

    पहली पारी का ओसत स्कोर सिर्फ 155 रन
    हरारे स्पोर्ट्स क्लब के मैदान पर अभी तक 83 टी20 इंटरनेशनल मैच हुए हैं। इसमें पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 45 जबकि चेज करने वाली टीम ने 36 जीत हासिल की है। यहां पहली पारी का औसत स्कोर सिर्फ 155 रन रहा है। जिम्बाब्वे के दो लंबे कद के गेंदबाज रिचर्ड गराबा और ब्लेसिंग मुजरबानी यहां सबसे ज्यादा सफल रहे हैं। गराबा के 40 तो मजरबानी के 38 विकेट हैं।