Category: खेल

  • वैभव के खिलाफ गेंदबाजों को भज्जी की सलाह, बचाव नहीं आक्रामकता जरूरी

    वैभव के खिलाफ गेंदबाजों को भज्जी की सलाह, बचाव नहीं आक्रामकता जरूरी

    नई दिल्ली
    पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने इसका जवाब अपने अंदाज में दिया है. उनका मानना है कि वैभव के खिलाफ बचाव की रणनीति काम नहीं करेगी. उसे रोकने का सबसे अच्छा तरीका है- उस पर हमला करो और हर गेंद पर विकेट लेने की कोशिश करो.

    ‘मैं वैभव के हिसाब से फील्ड नहीं लगाऊंगा’
    हरभजन सिंह पीटीआई से एक इंटरव्यू में कहा कि अगर वह वैभव को गेंदबाजी कर रहे होते तो उनकी बल्लेबाजी को देखकर अपनी फील्ड नहीं सजाते. वह अपनी गेंदबाजी के हिसाब से फील्ड सेट करते और लगातार विकेट लेने की कोशिश करते.

    उन्होंने कहा, 'मैं उसके खेलने के तरीके के हिसाब से फील्ड सेट नहीं करूंगा, बल्कि अपनी गेंदबाजी के हिसाब से फील्ड सजाऊंगा. मैं उसे आउट करने की कोशिश से पीछे नहीं हटूंगा.'

    भज्जी के मुताबिक, वैभव जैसे बल्लेबाज के सामने गेंदबाज अगर सिर्फ रन बचाने की कोशिश करेगा तो वह खुद दबाव में आ जाएगा. इसलिए उसके खिलाफ आक्रामक रवैया ही सबसे बेहतर विकल्प है.

    उन्होंने कहा, 'अगर मैं बचने के लिए गेंदबाजी करूंगा, तो ऐसा नहीं कर पाऊंगा. उसके खिलाफ टिके रहने का एकमात्र तरीका है कि उस पर आक्रमण किया जाए. आप उस पर हमला करें और उसका विकेट लेने की कोशिश करें.'

    '… लेकिन अगली गेंद पर फिर हमला करो’
    हरभजन जानते हैं कि वैभव के खिलाफ आक्रामक गेंदबाजी का मतलब यह भी हो सकता है कि गेंदबाज को नुकसान उठाना पड़े. युवा बल्लेबाज एक खराब गेंद को भी स्टैंड्स में भेजने की क्षमता रखता है. लेकिन भज्जी के मुताबिक इससे गेंदबाज की रणनीति नहीं बदलनी चाहिए.

    उन्होंने कहा, 'आपको सफलता मिल सकती है, नहीं भी मिल सकती. यह सिर्फ समय की बात है.आपको हमेशा सफलता नहीं मिलती. कभी-कभी वह आपको बुरी तरह पीट भी सकता है. वह छक्के भी लगा सकता है. लेकिन यह खेल का हिस्सा है.'
     

    यानी वैभव अगर एक गेंद पर छक्का लगा भी दे, तो गेंदबाज को अगली गेंद पर अपनी योजना से पीछे नहीं हटना चाहिए. हरभजन के लिए असली चुनौती यही है कि बल्लेबाज की ताकत से घबराए बिना उसे आउट करने का प्रयास जारी रखा जाए.

    भज्जी ने माना, 'आपको स्वीकार करना होगा कि वह अच्छा खिलाड़ी है. फिर भी, अगली गेंद के बारे में यही सोचना चाहिए कि उसे आउट कैसे करना है.'

    ऐसा खिलाड़ी मैंने पहले नहीं देखा
    हरभजन सिंह ने सिर्फ वैभव की बल्लेबाजी की तारीफ नहीं की, बल्कि उनकी कम उम्र में हासिल की गई उपलब्धियों को भी असाधारण बताया. उनका मानना है कि 14-15 साल की उम्र में दुनिया के शीर्ष स्तर पर इस तरह का प्रभाव डालना बेहद दुर्लभ है.

    उन्होंने कहा, 'वैभव सूर्यवंशी अद्भुत हैं. वह एक अनोखे खिलाड़ी हैं. मुझे लगता है कि मैंने इससे पहले ऐसा खिलाड़ी नहीं देखा, जो 14-15 साल की उम्र में दुनिया पर अपना दबदबा बना सके.'

    वैभव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह बड़े नामों से प्रभावित नजर नहीं आते. दुनिया के शीर्ष गेंदबाजों के सामने भी उनका रवैया आक्रामक रहता है. हरभजन ने इसी बात को रेखांकित करते हुए कहा कि वैभव के सामने गेंदबाजी करते समय बड़े गेंदबाज भी यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि आखिर गेंद कहां डाली जाए.

    ‘दुनिया के टॉप गेंदबाज सोच रहे हैं कि गेंद कहां डालें’
    हरभजन के मुताबिक, किसी 15 साल के बल्लेबाज के लिए इससे बड़ी उपलब्धि क्या होगी कि दुनिया के शीर्ष गेंदबाज उसके सामने गेंद डालने से पहले रणनीति बनाने को मजबूर हों.

    उन्होंने कहा, 'जब दुनिया के शीर्ष गेंदबाज उन्हें गेंदबाजी कर रहे होते हैं, तब वे वास्तव में सोच रहे होते हैं कि गेंद कहां डालें. यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है.'

    यही वजह है कि हरभजन वैभव को सिर्फ उनकी उम्र के नजरिए से देखने के खिलाफ हैं. उनके मुताबिक, उम्र भले ही 15 साल हो, लेकिन मैदान पर उनकी क्षमता को उसी स्तर पर आंकना चाहिए जो वह प्रदर्शन से साबित कर रहे हैं.

    हरभजन ने कहा, 'वैभव सूर्यवंशी यह संदेश देते हैं कि 15 साल का बच्चा भी ऐसा कर सकता है. उसे बच्चा मत समझिए. एक बच्चा वह कर सकता है, जो बड़े नहीं कर पाते.'

    उम्र छोटी, चुनौती बड़ी
    वैभव सूर्यवंशी की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि क्रिकेट की दुनिया में जिस उम्र में खिलाड़ी बुनियादी स्तर पर खुद को तैयार कर रहे होते हैं, उसी उम्र में वैभव बड़े मंच पर अपनी पहचान बना चुके हैं. उनकी बल्लेबाजी का अंदाज गेंदबाजों को शुरुआत से ही दबाव में डाल देता है.

    हरभजन सिंह की बात का सार भी यही है- वैभव को बच्चा समझकर गेंदबाजी मत करो. उसे एक खतरनाक बल्लेबाज मानो, उस पर हमला करो और हर अगली गेंद पर उसका विकेट लेने की कोशिश करो. क्योंकि अगर गेंदबाज सिर्फ वैभव से बचने की कोशिश करेगा, तो शायद वही उसके खिलाफ सबसे बड़ी गलती होगी.'
     

  • India vs Pakistan मैच होगा या नहीं? एशियन गेम्स में महामुकाबले पर सस्पेंस, सामने आई बड़ी शर्त

    India vs Pakistan मैच होगा या नहीं? एशियन गेम्स में महामुकाबले पर सस्पेंस, सामने आई बड़ी शर्त

    नई दिल्ली

    India vs Pakistan क्रिकेट मैच आपको एशियन गेम्स में शुरुआत में ना देखने को मिले। जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए शेड्यूल ही कुछ इस तरह का बनाया जा रहा है कि चिर-प्रतिद्वंदी टीम भारत और पाकिस्तान का आमना-सामना शुरुआती मैचों में ना हो। अगर भिड़ें भी तो सीधे मेडल मैच में एकदूसरे से टक्कर हो। आमतौर पर एशियन टूर्नामेंट में लीग फेज में ही भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत देखने को मिलती है, लेकिन शायद इस बार ऐसा होने की उम्मीद नहीं है।

    दरअसल, एशियन गेम्स मेंस क्रिकेट कॉम्पिटिशन में भारत और पाकिस्तान टॉप 2 सीडेड टीमें हैं। क्रिकबज की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस बात की पूरी संभावना है कि दोनों की भिड़ंत ही इस टूर्नामेंट में न हो। अगर वे आखिरकार एक-दूसरे से भिड़ते भी हैं तो यह फिर गोल्ड मेडल या ब्रॉन्ज मेडल के लिए लड़ाई होगी। पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाओं के इवेंट में भी इसी पैटर्न की उम्मीद की जा रही है।

    19 सितंबर से आयोजित होंगे एशियन गेम्स
    एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होंगे, जिसमें क्रिकेट 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक खेला जाएगा। इसकी शुरुआत महिलाओं के मैचों (फाइनल 22 सितंबर को) से होगी, जिसके बाद पुरुषों के मैच होंगे। पुरुषों के मुकाबले में 10 टीमें और महिलाओं के इवेंट में 8 टीमें हैं। मेंस और वुमेंस टीमों के साथ संयोग कुछ ऐसा हो रहा है कि दोनों ही कंप्टीशन में हो सकता है कि भारत और पाकिस्तान का आमना-सामना ना हो, अगर होगा भी तो फिर मेडल मैच ही वह हो सकता है।

    आपकी जानकारी के लिए बता दें, भारत की पुरुष टीम को पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका के साथ सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह मिली है, क्योंकि ये सभी टीमें टॉप सीडेड हैं। वहीं, अफगानिस्तान समेत बाकी छह टीमों को ग्रुप स्टेज से गुजरना होगा। भारत क्वार्टर फाइनल 2 में खेलेगा और पाकिस्तान क्वार्टर फाइनल 1 में है। ऐसे में लीग फेज तो भारत और पाकिस्तान खेलेंगे नहीं और क्वार्टर फाइनल में भी दोनों का आमना-सामना नहीं होगा। हालांकि, दोनों देश 28 सितंबर को मैच खेलेंगे। भारत और पाकिस्तान की विरोधी टीमें ग्रुप स्टेज से क्वालीफाई करने के बाद तय होंगी।

    भारत और पाकिस्तान की लड़ाई संभव नहीं
    यहां तक कि सेमीफाइनल मैच में भारत और पाकिस्तान के भिड़ने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि एक सेमीफाइनल क्वार्टर फाइनल 2 और क्वार्टर फाइनल 3 की विजेता टीमों के बीच आयोजित होगा और एक अन्य सेमीफाइनल क्वार्टर फाइनल 1 और क्वार्टर फाइनल 4 की विजेता के बीच होगा। Q2 में इंडिया है और Q1 में पाकिस्तान है। ऐसे में दोनों की भिड़ंत यहां भी नहीं होगी, लेकिन दोनों के मैच सेम डे पर खेले जाएंगे।

    इसका मतलब है कि पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी टीमें सिर्फ गोल्ड मेडल मैच या फिर सेमीफाइनल हारने पर ब्रॉन्ज मेडल के लिए तीसरे स्थान के प्लेऑफ में ही भिड़ सकती हैं। वो दोनों मैच भी 3 अक्टूबर को होने हैं। अगर सेमीफाइनल में कोई एक टीम हार जाती है तो फिर दोनों का आमना-सामना ही इस टूर्नामेंट में नहीं होगा। अफगानिस्तान के अलावा, नेपाल, हांगकांग, चीन, जापान, मलेशिया और ओमान ग्रुप स्टेज के मैचों में भिड़ेंगे।

    वुमेंस कंप्टीशन में भी यही है ड्रॉ
    एशियन गेम्स के वुमेंस क्रिकेट कंप्टीशन में भी ऐसा ही कुछ होने की उम्मीद है। भारतीय महिला टीम टॉप सीड है, जबकि पाकिस्तान की टीम श्रीलंका और बांग्लादेश के बाद चौथे नंबर 4 पर है। इस टूर्नामेंट का ड्रॉ कुछ ऐसा है कि इंडिया और पाकिस्तान की भिड़ंत फाइनल यानी गोल्ड मेडल मैच या फिर ब्रॉन्ज मेडल मैच में होगी, क्योंकि क्वार्टरफाइनल में भारत को जापान से भिड़ना है और सेमीफाइनल में इंडिया का सामना बांग्लादेश या हांगकांग या चीन से होगा, जबकि पाकिस्तान अपने क्वार्टरफाइनल मुकाबले में थाईलैंड से भिड़ेगा और सेमीफाइनल में उन्हें श्रीलंका या मलेशिया से भिड़ना होगा। दोनों टीमें फिर फाइनल में भिड़ सकती हैं या फिर दोनों सेमीफाइनल हारती हैं तो तीसरे नंबर के मैच के लिए भिड़ेंगी अगर कोई एक टीम सेमीफाइनल हारी तो फिर दोनों की भिड़ंत ही नहीं होगी। 22 सितंबर को मेडल मैच वुमेंस कंप्टीशन में होंगे।

  • पुर्तगाल ने घोषित की क्रिकेट टीम, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर Moises Henriques संभालेंगे कमान

    पुर्तगाल ने घोषित की क्रिकेट टीम, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर Moises Henriques संभालेंगे कमान

    लिस्बन

    ऑस्ट्रेलिया के लिए 4 टेस्ट, 16 वनडे और 24 टी20 मैच खेल चुके 39 साल के दिग्गज ऑलराउंडर मोइसेस हेनरिक्स अब एक नई अंतरराष्ट्रीय पारी शुरू करने जा रहे हैं। हेनरिक्स इस हफ्ते पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम की कप्तानी करते नजर आएंगे। पुर्तगाली टीम पहली बार टी20 वर्ल्ड कप में जगह बनाने की कोशिशों में जुटी है।

    पुर्तगाल से जुड़ाव और घरेलू क्रिकेट से संन्यास
    हेनरिक्स का जन्म पुर्तगाल के मदेरा द्वीप पर हुआ था, यह वही स्थान है जहां से महान फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो आते हैं। बचपन में ही उनका परिवार ऑस्ट्रेलिया शिफ्ट हो गया था। ऑस्ट्रेलिया में उन्होंने न्यू साउथ वेल्स और सिडनी सिक्सर्स के लिए लंबा और सफल पेशेवर करियर बिताया, साथ ही ऑस्ट्रेलिया के लिए 44 इंटरनेशनल मैच खेले। पिछले महीने ही उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई घरेलू क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था, हालांकि वे विदेशी टी20 लीग्स में खेलना जारी रखेंगे।

    T20 वर्ल्ड कप यूरोप सब-रीजनल क्वालीफायर C का शेड्यूल
    आईसीसी पुरुष टी20 आई रैंकिंग में 37वें स्थान पर मौजूद पुर्तगाली टीम 14 से 20 अगस्त के बीच फिनलैंड में होने वाले T20 वर्ल्ड कप यूरोप सब-रीजनल क्वालीफायर C के ग्रुप-बी में खेलेगी। इसमें पुर्तगाल का सामना इजराइल, जर्मनी, ग्रीस और चेकिया से होगा।

        14 अगस्त: बनाम इजराइल
        15 अगस्त: बनाम जर्मनी
        17 अगस्त: बनाम ग्रीस
        20 अगस्त: बनाम चेकिया
        21 अगस्त: फाइनल मैच (ग्रुप-ए और ग्रुप-बी के विजेताओं के बीच)

    T20 वर्ल्ड कप 2028 की राह
    इस सब-रीजनल क्वालीफायर को जीतने वाली टीम यूरोपियन रीजनल फाइनल में पहुंचेगी, जहां स्कॉटलैंड, जर्सी और डेनमार्क पहले से मौजूद हैं। रीजनल फाइनल की टॉप-2 टीमें ग्लोबल क्वालीफायर में जगह बनाएंगी, जहां से ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होने वाले 2028 टी20 वर्ल्ड कप का टिकट मिलेगा।

    ऑस्ट्रेलिया ने इंडो-पैसिफिक के सबसे सैन्य अभ्यास का ऐलान, भारत भी होगा शामिल

    अनुभवी खिलाड़ियों से सजी है पुर्तगाल की टीम
    हेनरिक्स को कार्लोस नूनेस की जगह कप्तान बनाया गया है, जो इंग्लैंड में मिडलसेक्स काउंटी क्रिकेट लीग में ट्विकेनहैम की कप्तानी करते हैं। नूनेस भी 14 सदस्यीय टीम का हिस्सा हैं। टीम में हेनरिक्स के अलावा अन्य अंतरराष्ट्रीय व काउंटी क्रिकेट के अनुभवी चेहरे शामिल हैं:

        क्रेग कैचोपा: ससेक्स, ऑकलैंड और वेलिंगटन के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज।
        कैमरन शेकलेटन: दक्षिण अफ्रीका 'ए' के लिए खेल चुके खिलाड़ी।
        सेबेस्टियन डी ओलिवेरा: गौतेंग के लिए लिस्ट-ए मैच खेल चुके खिलाड़ी।
        सिराज उल्लाह खादम: बांग्लादेशी मूल के स्पिनर।

    पुर्तगाल की 14 सदस्यीय टीम:
    मोइसेस हेनरिक्स (कप्तान), क्रेग कैचोपा, एडवर्ड फ्लेमिंग, क्रिस्टोफर डी फ्रिटास, राहुलकुमार हाशू, सिराज उल्लाह खादम, हरदीप खुट्टन, जेरेमी मार्टिन्स, धवलकुमार नोरोतम (विकेटकीपर), जॉर्डन नेटो, कार्लोस नूनेस, सेबेस्टियन डी ओलिवेरा, उपेन शांतू, कैमरन शेकलेटन

  • Bangladesh Cricket Team को BCCI का झटका, मैच पर लगा ब्रेक; BCB की उम्मीदों पर फिरा पानी

    Bangladesh Cricket Team को BCCI का झटका, मैच पर लगा ब्रेक; BCB की उम्मीदों पर फिरा पानी

    नई दिल्ली
     भारत के साथ फिर से क्रिकेट को बहाल करने की कोशिश में बांग्लादेश को बड़ा झटका लगा है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड टीम इंडिया के साथ क्रिकेट सीरीज के लिए कोशिश में जुटी थी. बीसीबी के प्लान के मुताबिक टीम इंडिया के साथ वह सितंबर में तीन वनडे और तीन टी20 मैचों की सीरीज खेलना चाह रही थी. इसे लेकर दोनों बोर्ड के बीच बातचीत की पहल भी हुई, लेकिन पहले से तय शेड्यूल के कारण अब ये सीरीज संभव होती नहीं दिख रही है। 

    दरअसल, सितंबर में भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन टी20 मैचों की सीरीज प्रस्तावित है. ये मैच 13, 15 और 17 सितंबर को अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाना है. क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक इस सीरीज पर लगभग मुहर लग चुकी है और बस आधिकारिक ऐलान होना बाकी रह गया है. यही कारण है कि सितंबर में बांग्लादेश के साथ क्रिकेट मैच का होना संभव नहीं है। 

    टी20 विश्व कप के दौरान दोनों देशों के बिगड़े संबंध
    भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट को लेकर इस साल के शुरुआत में हुई आईसीसी टी20 विश्व कप के कारण संबंध में तनाव आया है. दरअसल, बांग्लादेश ने भारत में अपने मुकाबले खेलने से मना कर दिया था, जिसके कारण उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल गया था. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की जिद के कारण टीम इंडिया की टी20 विश्व कप की मेजबानी पर सवाल उठे थे. इसी घटना के बाद से दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड में मतभेद का दौर शुरू हुआ। 

    क्यों शुरू हुआ भारत-बांग्लादेश क्रिकेट में मतभेद
    भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट को लेकर मतभेद आईपीएल 2026 से ठीक पहले शुरू हुआ था. पूरा मामला ये था कि आईपीएल के ऑक्शन में बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को केकेआर की टीम ने बड़ी रकम पर खरीदा था. उसी समय बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा जोर पकड़ रखी थी, जिसमें वहां के गैर मुस्लिम सामुदाय के साथ बर्बरता की घटना से भारत में खूब विरोध प्रदर्शन हो रहा था. ऐसे में जब बांग्लादेशी क्रिकेटर का आईपीएल में खेलने की बात सामने आई तो उसका विरोध होने लगा. मामला गंभीर होते देख बीसीसीआई ने केकेआर को मुस्तफिजुर को रिलीज करने का निर्देश दे दिया। 

    मुस्तफिजुर को रिलीज किए जाने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने बीसीसीआई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और कहा कि वह टी20 विश्व कप के लिए यहां नहीं आएगा, क्योंकि उन्हें सुरक्षा का खतरा है. काफी मनाने के बाद भी बांग्लादेश क्रिकेट नहीं माना, जिसके बाद उसकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल गया. तभी से भारत और बांग्लादेश क्रिकेट में तनाव का दौर शुरू हो गया. हालांकि, बांग्लादेश को जल्द ही पता चल गया कि उसने गलत किया और वह भारत के साथ संबंध को बेहतर करने के लिए अपनी तरफ से पहल कर रहा है। 

  • 2027 World Cup: वेस्टइंडीज की मुश्किलें बढ़ीं, अफगानिस्तान ने सीधे क्वालिफाई कर रचा इतिहास

    2027 World Cup: वेस्टइंडीज की मुश्किलें बढ़ीं, अफगानिस्तान ने सीधे क्वालिफाई कर रचा इतिहास

      नई दिल्ली

    दो बार की वनडे विश्व चैम्पियन वेस्टइंडीज 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई नहीं कर पाएगा और उसे एक बार फिर क्वालिफायर का रास्ता अपनाना होगा. अफगानिस्तान ने सोमवार को बेलफास्ट में आयरलैंड को हराकर सीधे क्वालिफाई करने वाली टीमों के बीच अपनी जगह पक्की कर ली, जिससे वेस्टइंडीज की सीधी एंट्री की उम्मीदें खत्म हो गईं। 

    2027 वर्ल्ड कप के लिए 30 सितंबर 2026 की ICC ODI रैंकिंग के आधार पर शीर्ष आठ गैर-मेजबान टीमें सीधे क्वालिफाई करेंगी. टूर्नामेंट के तीन मेजबान दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया हैं, जिन्हें मेजबान होने के नाते जगह मिलेगी. इस तरह कुल 11 टीमें सीधे वर्ल्ड कप में पहुंचेंगी, जबकि बाकी तीन स्थान क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से तय होंगे। 

    अफगानिस्तान की सीधी क्वालिफिकेशन के साथ वह गत चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया, भारत, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका, इंग्लैंड और बांग्लादेश जैसी टीमों के साथ 2027 वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई करने वाली टीमों में शामिल हो गया है। 

    फिलहाल 10वें स्थान पर मौजूद वेस्टइंडीज के पास कटऑफ से पहले भारत के खिलाफ दो वनडे मैच बाकी हैं. हालांकि, इन दोनों मुकाबलों में जीत हासिल करने के बावजूद वह सीधे क्वालिफिकेशन हासिल नहीं कर पाएगा. अब उसे अगले साल फरवरी से शुरू होने वाले क्वालिफायर के जरिए वर्ल्ड कप में जगह बनानी होगी। 

    यह लगातार तीसरी बार होगा जब वेस्टइंडीज को वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफायर खेलना पड़ेगा. 2019 में वह क्वालिफायर के जरिए वर्ल्ड कप में पहुंचा था, जबकि 2023 में क्वालिफायर में ही उसका सफर खत्म हो गया था। 

    कैसे वर्ल्ड कप में पहुंचेगा वेस्टइंडीज?
    ICC ने 15 जुलाई 2026 को 2027 पुरुष वनडे वर्ल्ड कप के प्रारूप में बड़ा बदलाव किया है. टूर्नामेंट में 14 टीमें ही रहेंगी, लेकिन अब मुकाबले तीन चरणों में होंगे। 

    वर्ल्ड कप क्वालिफायर में 10 टीमें हिस्सा लेंगी. वेस्टइंडीज और आयरलैंड को इसमें सीधे जगह मिलेगी, क्योंकि 30 सितंबर 2026 की कटऑफ पर वे मेजबान देशों को छोड़कर सबसे निचली रैंक वाली दो Full Member टीमें होंगी. इनके अलावा CWC League 2 की शीर्ष चार टीमें और Qualifier Play-off की शीर्ष चार टीमें मुख्य क्वालिफायर में पहुंचेंगी। 

    क्वालिफायर प्लेऑफ में CWC League 2 की निचली चार टीमें और चैलेंज लीग की चार टीमें खेलेंगी. इस आठ टीमों के प्लेऑफ से शीर्ष चार टीमें मुख्य क्वालिफायर में पहुंचेंगी। 

    मुख्य क्वालिफायर में कुल 10 टीमें होंगी. इनमें से शीर्ष चार टीमें 2027 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करेंगी। 

    इसके बाद वर्ल्ड कप के अंदर नया तीन चरणों वाला प्रारूप लागू होगा. 14 क्वालिफाइड टीमों में सबसे निचली रैंक वाली तीन टीमें पहले चरण में Super Series खेलेंगी. तीनों टीमें एक-दूसरे से मुकाबला करेंगी और शीर्ष टीम अगले दौर में पहुंचेगी. इसके बाद बची हुई 12 टीमें दो ग्रुप में बांटी जाएंगी. दोनों ग्रुप से शीर्ष तीन-तीन टीमें और दोनों ग्रुप में अगली सर्वश्रेष्ठ टीम Super 7 चरण में पहुंचेगी। 

    Super 7 में सात टीमें राउंड-रॉबिन आधार पर खेलेंगी. यहां से शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी और इसके बाद फाइनल खेला जाएगा। 

    इस नए प्रारूप का उद्देश्य टूर्नामेंट में अधिक प्रतिस्पर्धी मुकाबले कराना और 14 टीमों के बीच मैचों को ज्यादा रोमांचक बनाना है. हालांकि, कुछ एसोसिएट देशों ने सीधे वर्ल्ड कप में पहुंचने के अवसर कम होने को लेकर चिंता जताई है। 

  • ODI World Cup 2027 Teams: 10 टीमों ने किया क्वालिफाई, भारत समेत इन देशों की जगह पक्की

    ODI World Cup 2027 Teams: 10 टीमों ने किया क्वालिफाई, भारत समेत इन देशों की जगह पक्की

    मुंबई 

    अफगानिस्तान ने दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाले वनडे विश्व कप 2027 में जगह बना ली है. सोमवार को आयरलैंड के खिलाफ जारी 5 वनडे मैचों की सीरीज के तीसरे मैच में जीत दर्ज कर अफगानिस्तान ने विश्व कप 2027 में सीधी एंट्री ले ली है. अफगानिस्तान ने आयरलैंड को तीसरे वनडे में 3 विकेट से हराकर वनडे विश्व कप 2027 में अपनी जगह बनाई. अफगानिस्तान  वनडे विश्व कप 2023 का हिस्सा थी। 

    इस विश्व कप में अफगानिस्तान ने अपने प्रदर्शन से चौंकाया था और श्रीलंका, इंग्लैंड और पाकिस्तान जैसी विश्न चैंपियन रह चुकी टीमों को मात दी थी. अफगानिस्तान उस विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया पर भी जीत के बहुत करीब पहुंच गई थी, लेकिन ग्लेन मैक्सवेल के ऐतिहासिक दोहरे शतक ने टीम से जीत छीन ली थी. आगामी विश्व कप में एक बार फिर अफगानिस्तान के प्रदर्शन पर नजर रहेगी। 

    वनडे विश्व कप 2027 के लिए वेस्टइंडीज को क्वालीफाइंग टूर्नामेंट खेलना होगा. टीम टूर्नामेंट में सीधे जगह बनाने में सफल नहीं रही. वेस्टइंडीज को अगले साल फरवरी में होने वाले क्वालीफायर खेलना होगा और जीत दर्ज करनी होगी. क्वालीफायर के विजेता को 2027 विश्व कप के दूसरे राउंड में सीधे एंट्री मिलेगी, जबकि दूसरे, तीसरे और चौथे नंबर पर रहने वाली टीमें सुपर सीरीज नाम का पहला राउंड खेलेंगी। 

    यह लगातार दूसरा मौका है जब वेस्टइंडीज को विश्व कप में जगह बनाने के लिए क्वालीफाइंग खेलना होगा. वनडे विश्व कप 2023 में वेस्टइंडीज क्वालीफाई नहीं कर सकी थी. यह पहला विश्व कप था जिसका हिस्सा वेस्टइंडीज नहीं थी। 

    अफगानिस्तान के लिए क्वालीफाई करने के साथ ही वनडे विश्व कप 2027 में 10 टीमें तय हो गई हैं. ये टीमें भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे हैं. दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे मेजबान होने के नाते पहले ही इवेंट के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं। 

    वनडे विश्व कप 2027 में 10 टीमें तय

    भारत

    पाकिस्तान

    श्रीलंका

    बांग्लादेश

    अफगानिस्तान

    ऑस्ट्रेलिया

    न्यूजीलैंड

    इंग्लैंड

    दक्षिण अफ्रीका

    जिम्बाब्वे 

  • सालों पुरानी कानूनी लड़ाई खत्म, श्रीलंका क्रिकेट ने हथुरुसिंघे को दिए 1.56 करोड़ रुपये

    सालों पुरानी कानूनी लड़ाई खत्म, श्रीलंका क्रिकेट ने हथुरुसिंघे को दिए 1.56 करोड़ रुपये

    कोलंबो
    श्रीलंका क्रिकेट (SLC) और पूर्व हेड कोच चंडिका हथुरुसिंघे के बीच लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई आखिरकार खत्म हो गई है. कॉन्ट्रैक्ट समय से पहले समाप्त किए जाने को लेकर शुरू हुआ यह विवाद कई सालों तक चला और अब एसएलसी को समझौते के तहत हथुरुसिंघे को 1 लाख 64 हजार अमेरिकी डॉलर का भुगतान करना पड़ा है. भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 1.56 करोड़ रुपये बैठती है l

    संडे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भुगतान के बाद चंडिका हथुरुसिंघे स्विट्जरलैंड स्थित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) में अपनी कानूनी कार्रवाई वापस लेने पर सहमत हो गए हैं. इस समझौते के साथ श्रीलंकाई क्रिकेट से जुड़े लंबे और खर्चीले विवाद का पटाक्षेप हो गया l

    चंडिका हथुरुसिंघे ने अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म किए जाने के बाद SLC के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू की थी. उस समय उन्होंने करीब 5 मिलियन यानी 50 लाख डॉलर के हर्जाने की मांग की थी. हालांकि सीएएस में शुरुआती कार्यवाही उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ी. इसके बाद उन्होंने नए सिरे से कानूनी कदम उठाया और करीब 4.50 लाख डॉलर की मांग की l

    समय के साथ दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ी और अदालत के बाहर मामले को सुलझाने का रास्ता निकाला गया. रिपोर्ट के अनुसार, इस साल हुए समझौते में चंडिका हथुरुसिंघे ने 2 लाख डॉलर की राशि स्वीकार करने पर सहमति जताई. इसमें उनकी टैक्स देनदारी का 50 प्रतिशत हिस्सा शामिल था. अंततः श्रीलंका क्रिकेट की ओर से 1.64 लाख डॉलर का भुगतान किया गया l

    दिसंबर 2017 में बने थे हेड कोच
    चंडिका हथुरुसिंघे को दिसंबर 2017 में श्रीलंका का हेड कोच नियुक्त किया गया था. उनसे टीम के प्रदर्शन में बड़े बदलाव की उम्मीद थी, लेकिन उनका कार्यकाल मैदान पर खराब नतीजों और मैदान के बाहर विवादों से घिरा रहा. उनके कार्यकाल के दौरान श्रीलंका ने सभी फॉर्मेट को मिलाकर 67 इंटरनेशनल मुकाबले खेले. इनमें टीम ने 24 मैच जीते और 38 में उसे हार का सामना करना पड़ा. मैदान पर निराशाजनक नतीजों के बीच टीम के अंदर के माहौल को लेकर भी सवाल उठे. बाद में उनके कामकाज की जांच की गई, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया l

    एक सदस्यीय जांच में चंडिका हथुरुसिंघे को छह आरोपों में दोषी पाया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें टीम के भीतर मतभेद पैदा करने और खिलाड़ियों को पर्याप्त रूप से तैयार नहीं करने जैसे आरोप शामिल थे. इसके बाद उनका श्रीलंका क्रिकेट के साथ रिश्ता बिगड़ता चला गया और कॉन्ट्रैक्ट समाप्त करने का मामला कानूनी लड़ाई में बदल गया l

    विवाद लंबा खिंचने के कारण कानूनी खर्च भी बढ़ता गया. मामला श्रीलंका की कमेटी ऑन पब्लिक एंटरप्राइजेज (COPE) की जांच के दायरे में भी आया. सीओपीई ने दोनों पक्षों को अदालत के बाहर समाधान निकालने की सलाह दी थी. इसके पीछे मकसद कानूनी प्रक्रिया पर होने वाले अतिरिक्त खर्च को रोकना था. आखिरकार श्रीलंका क्रिकेट और चंडिका हथुरुसिंघे के बीच सहमति बनी और समझौते के जरिए विवाद समाप्त कर दिया गया l

  • साई सुदर्शन श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर, सरफराज खान को टीम इंडिया में मिली जगह

    साई सुदर्शन श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर, सरफराज खान को टीम इंडिया में मिली जगह

    नई दिल्ली
    बाएं हाथ के टॉप ऑर्डर बल्लेबाज साई सुदर्शन अधिकारिक तौर पर भारत-श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से शुरू होने जा रही दो टेस्ट मैचों की सीरीज से बाहर हो गए हैं और जैसा की अटकलें थीं सरफराज खान को उनके रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया गया है. सुदर्शन की फिटनेस पर सवाल थे और बीते दिनों आई कई मीडिया रिपोर्ट्स में स्पष्ट तौर पर कहा गया था कि वह समय पर रिकवर नहीं हो पाएंगे. हालांकि, बीसीसीआई की तरफ से इस संबंध में कुछ नहीं आया था.

    गुजरात टाइटंस के सलामी बल्लेबाज को पिछले महीने इंडिया A टूर के दौरान पैर के अंगूठे में चोट लगी थी और उसके बाद से ही वह बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में रिहैब कर रहे हैं. सुदर्शन की अनुपस्थिति में श्रीलंका इलेवन के खिलाफ वॉमअप मैच में नंबर-3 पर उतरे देवदत्त पडिक्कल ने शतकीय पारी खेलकर टीम में नंबर-3 पोजिशन के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है.

    वहीं मुंबई के सरफराज खान, जो भारत के लिए अभी तक छह टेस्ट मैच खेल चुके हैं, गॉल के लिए टीम इंडिया के उड़ान भरने से पहले टीम से जुड़ जाएंगे. सरफराज को भले ही स्क्वाड में जगह मिली है, लेकिन प्लेइंग इलेवन में उन्हें शामिल किया जाएगा, इसकी संभावना काफी कम है. अगर मैनेजमेंट जुरेल को ड्रॉप करने का फैसला लेती है तो ऐसे में सरफराज जगह पा सकते हैं.

    बीसीसीआई ने बताया है कि सुदर्शन की रिकवरी में काफी सुधार हुआ है और उसकी मेडिकल टीम उनकी प्रोग्रेस पर करीब से नज़र रख रही है. बीसीसीआई ने अपनी प्रेस रिलीज़ में कहा,"साई सुदर्शन श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं. बाएं हाथ के बल्लेबाज, जो बेंगलुरु में BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में थे, ने दाएं पैर के अंगूठे के स्ट्रेस रिएक्शन से रिकवरी में काफी प्रोग्रेस की है और अच्छी तरह से ठीक हो रहे हैं."

    बोर्ड ने आगे लिखा,"मेडिकल टीम उनकी प्रोग्रेस पर करीब से नज़र रख रही है. मेन्स सिलेक्शन कमेटी ने श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए साई सुदर्शन की जगह सरफराज खान को चुना है. वह 15 अगस्त, 2026 से शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच के लिए टीम के गॉल जाने से पहले कोलंबो में इंडियन स्क्वॉड से जुड़ेंगे."

    भारत का अपडेटेड स्क्वाड: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेट कीपर), ध्रुव जुरेल (विकेट कीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, आकिब नबी, सरफराज खान.

  • ‘CM साहब मदद कीजिए…’ Rishabh Pant ने देर रात धामी को किया फोन, जानिए किस मांग पर तुरंत एक्शन में आई उत्तराखंड सरकार

    ‘CM साहब मदद कीजिए…’ Rishabh Pant ने देर रात धामी को किया फोन, जानिए किस मांग पर तुरंत एक्शन में आई उत्तराखंड सरकार

    देहरादून 

    भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत इन दिनों श्रीलंका दौरे पर हैं. वह टेस्ट टीम के नियमित सदस्य हैं, जबकि वनडे और टी20 टीम से बाहर चल रहे हैं. इसी बीच पंत का एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है, जिसमें उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से खास मदद की गुहार लगाई है। 

    पंत ने शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात 12:46 बजे एक्स पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए लंबा पोस्ट लिखा. इसमें उन्होंने उत्तराखंड में अपना बेस बनाने और अपना घर बनाने की इच्छा जाहिर की. पंत ने कहा कि वह दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होना चाहते हैं, लेकिन जमीन खरीदने की कोशिश में उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस मामले में सीएम धामी का भी र‍िएक्शन आ गया है। 

    दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होना चाहता हूं:पंत 
    ऋषभ पंत ने अपने पोस्ट में लिखा कि लंबे समय से वह उत्तराखंड में जमीन खरीदकर अपना बेस दिल्ली से यहां शिफ्ट करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह उत्तराखंड से स्थानीय तौर पर जुड़े हुए हैं और अपने राज्य से बेहद प्यार करते हैं। 

    पंत के मुताबिक, उन्हें ऐसी बड़ी और सुविधाजनक जगह नहीं मिल पा रही है, जहां वह रह सकें. उन्होंने मुख्यमंत्री से जमीन खरीदने के प्रोसेस में मदद करने की अपील की. पंत ने लिखा कि जमीन हासिल करने को लेकर पिछले कुछ समय से स्थिति उनके लिए काफी मुश्किल हो गई है और प्रोसेस में क्लेयर‍िटी की भी कमी महसूस हो रही है। 

    3 साल से जमीन का इंतजार कर रहा हूं:पंत
    ऋषभ पंत ने दावा किया कि वह पिछले तीन साल से जमीन मिलने का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले को देखने और उनकी मदद करने की अपील की। 

    पंत ने यह भी कहा कि उत्तराखंड को प्रमोट करने के दौरान जो कुछ जमीन से जुड़ी उम्मीदें या बातें थीं, वह उन्हें भी याद कर रहे हैं. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि वह अब उत्तराखंड वापस लौटना चाहते हैं और अपने राज्य के विकास में योगदान देना चाहते हैं। 

    पहाड़ी लोगों के बीच लौटना चाहता हूं, पंत ने ऐसा क्यों कहा?
    पंत ने अपने संदेश में उत्तराखंड से अपने जुड़ाव को भी जाहिर किया. उन्होंने कहा कि वह अपने मूल स्थान पर वापस लौटना चाहते हैं और अपने 'पहाड़ी लोगों' के बीच रहना चाहते हैं। 

    उन्होंने लिखा कि वह उत्तराखंड के लिए कुछ करना और राज्य के आसपास निर्माण और विकास में योगदान देना चाहते हैं. इसी वजह से वह अपना बेस दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट करने की इच्छा रखते हैं। 

    सरकारी जमीन खरीदने का भी दिया सुझाव
    ऋषभ पंत ने मुख्यमंत्री के सामने एक और विकल्प रखा. उन्होंने कहा कि अगर सरकार उन्हें जमीन उपलब्ध कराने की अनुमति देती है तो वह उसे सरकार से तय सरकारी दर पर खरीदने के लिए भी तैयार हैं। 
    पंत ने इसे अपने लिए उत्तराखंड में पहला घर बनाने का मौका बताया. उनका कहना था कि अगर सरकार की तरफ से इस मामले में मदद मिलती है तो वह अपने ही राज्य में अपना पहला घर बना सकेंगे। 

    पंत ने मुख्यमंत्री धामी से इस मामले में गंभीरता से ध्यान देने की अपील करते हुए पूछा कि इस प्रोसेस को कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि इस काम को किस तरह पूरा किया जाए। 

    उत्तराखंड से पंत का पुराना जुड़ाव
    ऋषभ पंत का उत्तराखंड से खास जुड़ाव रहा है. उनका परिवार मूल रूप से उत्तराखंड से है और पंत कई मौकों पर राज्य के प्रति अपना लगाव जाहिर कर चुके हैं. अब उन्होंने सार्वजनिक तौर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जमीन खरीदने में मदद मांगी है। 

    सीएम धामी का भी आया र‍िएक्शन 
    हालांकि बाद में इस पर सीएम धामी का भी र‍िएक्शन आया और उन्होंने जरूरी मदद की बात कही. उन्होंने अपने पोस्ट में ल‍िखा- प्रिय ऋषभ, आप उत्तराखण्ड के गौरव हैं, आपने अपने शानदार खेल और उपलब्धियों से देश-दुनिया में देवभूमि का नाम रोशन किया है,  अपनी मातृभूमि के प्रति आपका यह प्रेम और यहां वापस आकर योगदान देने की भावना अत्यंत सराहनीय है। 

    पंत इस समय भारतीय टेस्ट टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर हैं. वह टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया के अहम खिलाड़ियों में शामिल हैं। 

    अब देखना होगा कि ऋषभ पंत की इस अपील पर उत्तराखंड सरकार की ओर से क्या जवाब आता है और क्या उन्हें अपने गृह राज्य में जमीन खरीदकर अपना घर बनाने में मदद मिल पाती है. हालांकि, पंत के इस पोस्ट पर कई फैन्स कई फनी कमेंट कर रहे हैं। 

  • ऋषभ पंत की गुहार पर CM धामी का जवाब, बोले- आप उत्तराखंड के गौरव हैं, हरसंभव सहयोग मिलेगा

    ऋषभ पंत की गुहार पर CM धामी का जवाब, बोले- आप उत्तराखंड के गौरव हैं, हरसंभव सहयोग मिलेगा

    नई दिल्ली
    भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत इन दिनों श्रीलंका दौरे पर हैं. वह टेस्ट टीम के नियमित सदस्य हैं, जबकि वनडे और टी20 टीम से बाहर चल रहे हैं. इसी बीच पंत का एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है, जिसमें उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से खास मदद की गुहार लगाई है l  

    पंत ने शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात 12:46 बजे एक्स पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए लंबा पोस्ट लिखा. इसमें उन्होंने उत्तराखंड में अपना बेस बनाने और अपना घर बनाने की इच्छा जाहिर की. पंत ने कहा कि वह दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होना चाहते हैं, लेकिन जमीन खरीदने की कोशिश में उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस मामले में सीएम धामी का भी र‍िएक्शन आ गया है l  

    दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होना चाहता हूं:पंत
    ऋषभ पंत ने अपने पोस्ट में लिखा कि लंबे समय से वह उत्तराखंड में जमीन खरीदकर अपना बेस दिल्ली से यहां शिफ्ट करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह उत्तराखंड से स्थानीय तौर पर जुड़े हुए हैं और अपने राज्य से बेहद प्यार करते हैं l  

    पंत के मुताबिक, उन्हें ऐसी बड़ी और सुविधाजनक जगह नहीं मिल पा रही है, जहां वह रह सकें. उन्होंने मुख्यमंत्री से जमीन खरीदने के प्रोसेस में मदद करने की अपील की. पंत ने लिखा कि जमीन हासिल करने को लेकर पिछले कुछ समय से स्थिति उनके लिए काफी मुश्किल हो गई है और प्रोसेस में क्लेयर‍िटी की भी कमी महसूस हो रही है l  

    3 साल से जमीन का इंतजार कर रहा हूं:पंत
    ऋषभ पंत ने दावा किया कि वह पिछले तीन साल से जमीन मिलने का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले को देखने और उनकी मदद करने की अपील की l  

    पंत ने यह भी कहा कि उत्तराखंड को प्रमोट करने के दौरान जो कुछ जमीन से जुड़ी उम्मीदें या बातें थीं, वह उन्हें भी याद कर रहे हैं. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि वह अब उत्तराखंड वापस लौटना चाहते हैं और अपने राज्य के विकास में योगदान देना चाहते हैंl  

    पहाड़ी लोगों के बीच लौटना चाहता हूं, पंत ने ऐसा क्यों कहा?
    पंत ने अपने संदेश में उत्तराखंड से अपने जुड़ाव को भी जाहिर किया. उन्होंने कहा कि वह अपने मूल स्थान पर वापस लौटना चाहते हैं और अपने 'पहाड़ी लोगों' के बीच रहना चाहते हैं l  

    उन्होंने लिखा कि वह उत्तराखंड के लिए कुछ करना और राज्य के आसपास निर्माण और विकास में योगदान देना चाहते हैं. इसी वजह से वह अपना बेस दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट करने की इच्छा रखते हैं l

    सरकारी जमीन खरीदने का भी दिया सुझाव
    ऋषभ पंत ने मुख्यमंत्री के सामने एक और विकल्प रखा. उन्होंने कहा कि अगर सरकार उन्हें जमीन उपलब्ध कराने की अनुमति देती है तो वह उसे सरकार से तय सरकारी दर पर खरीदने के लिए भी तैयार हैं l  

    पंत ने इसे अपने लिए उत्तराखंड में पहला घर बनाने का मौका बताया. उनका कहना था कि अगर सरकार की तरफ से इस मामले में मदद मिलती है तो वह अपने ही राज्य में अपना पहला घर बना सकेंगे l  

    पंत ने मुख्यमंत्री धामी से इस मामले में गंभीरता से ध्यान देने की अपील करते हुए पूछा कि इस प्रोसेस को कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि इस काम को किस तरह पूरा किया जाए l  

    उत्तराखंड से पंत का पुराना जुड़ाव
    ऋषभ पंत का उत्तराखंड से खास जुड़ाव रहा है. उनका परिवार मूल रूप से उत्तराखंड से है और पंत कई मौकों पर राज्य के प्रति अपना लगाव जाहिर कर चुके हैं. अब उन्होंने सार्वजनिक तौर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जमीन खरीदने में मदद मांगी है l  

    सीएम धामी का भी आया र‍िएक्शन
    हालांकि बाद में इस पर सीएम धामी का भी र‍िएक्शन आया और उन्होंने जरूरी मदद की बात कही. उन्होंने अपने पोस्ट में ल‍िखा- प्रिय ऋषभ, आप उत्तराखण्ड के गौरव हैं, आपने अपने शानदार खेल और उपलब्धियों से देश-दुनिया में देवभूमि का नाम रोशन किया है,  अपनी मातृभूमि के प्रति आपका यह प्रेम और यहां वापस आकर योगदान देने की भावना अत्यंत सराहनीय है l

    प्रिय ऋषभ, आप उत्तराखण्ड के गौरव हैं। आपने अपने शानदार खेल और उपलब्धियों से देश-दुनिया में देवभूमि का नाम रोशन किया है। अपनी मातृभूमि के प्रति आपका यह प्रेम और यहां वापस आकर योगदान देने की भावना अत्यंत सराहनीय है l  

    पंत इस समय भारतीय टेस्ट टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर हैं. वह टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया के अहम खिलाड़ियों में शामिल हैं l  

    अब देखना होगा कि ऋषभ पंत की इस अपील पर उत्तराखंड सरकार की ओर से क्या जवाब आता है और क्या उन्हें अपने गृह राज्य में जमीन खरीदकर अपना घर बनाने में मदद मिल पाती है. हालांकि, पंत के इस पोस्ट पर कई फैन्स कई फनी कमेंट कर रहे हैं l