Category: खेल

  • एडमंड की हैट्रिक से ईस्ट बंगाल चैंपियन, 22 साल बाद जीता डूरंड कप

    एडमंड की हैट्रिक से ईस्ट बंगाल चैंपियन, 22 साल बाद जीता डूरंड कप

    कोलकाता
    ईस्ट बंगाल ने चिर प्रतिद्वंद्वी मोहन बगान सुपर जायंट को 4-1 गोल से हराकर डूरंड कप पर 22 साल बाद कब्जा जमाया। रविवार को खचाखच भरे साल्टलेक स्टेडियम में हुए खिताबी मुकाबले में ईस्ट बंगाल की जीत के नायक एडमंड लालरिंडिका रहे, जिन्होंने पहले हाफ में ही तीन गोल दागकर मोहन बगान को पूरी तरह बैकफुट पर ला दिया।

    बिपिन सिंह ने 10वें मिनट में ईस्ट बंगाल का खाता खोला। इसके दो मिनट बाद ही एडमंड ने गोल कर बढ़त 2-0 कर दी। 22वें मिनट में उन्होंने अपना दूसरा गोल दागा। 33वें मिनट में मनवीर सिंह ने मोहन बगान की ओर से गोल कर अंतर 3-1 किया, लेकिन पहले हाफ की समाप्ति से ठीक पहले 44वें मिनट में एडमंड ने गोल की हैट्रिक कर ईस्ट बंगाल को 4-1 की बढ़त दिला दी।

    पहले हाफ में मोहन बगान ने किए कई प्रयास
    मोहन बगान ने पहले हाफ में बॉल पर अधिक कब्जा रखा और गोल के ज्यादा प्रयास भी किए, लेकिन ईस्ट बंगाल के जवाबी हमलों के आगे उसकी रणनीति बेअसर रही। दूसरे हाफ में भी मोहन बगान ने बाल पर अधिक नियंत्रण बनाए रखा और लगातार हमले किए, लेकिन ईस्ट बंगाल की रक्षापंक्ति को भेद नहीं पाया।

    ईस्ट बंगाल ने 22 साल बाद जमाया ट्रॉफी पर कब्जा
    ईस्ट बंगाल ने भी कुछ अच्छे मौके बनाए, लेकिन दूसरे हाफ में कोई गोल नहीं कर पाई। आखिरकार 4-1 की जीत के साथ ईस्ट बंगाल ने 22 साल बाद डूरंड कप की ट्राफी उठाई। मैच के अंतिम क्षणों में एक दिलचस्प वाकया हुआ। मैच समाप्त होने से कुछ क्षण पहले रेफरी द्वारा बजाई गई सीटी को ईस्ट बंगाल के समर्थकों ने फाइनल सीटी समझ लिया, जिसके बाद दर्शक दीर्घा में पटाखे चलने लगे। ईस्ट बंगाल ने 17वीं बार यह खिताब जीता है। इस जीत के साथ वह टूर्नामेंट के 139 साल के इतिहास में सबसे अधिक खिताब जीतने वाली टीम के रूप में मोहन बागान के बराबर पहुंच गया।

     

  • महिला हॉकी वर्ल्ड कप में भारत बाहर, ऑस्ट्रेलिया से ड्रॉ पड़ा भारी

    महिला हॉकी वर्ल्ड कप में भारत बाहर, ऑस्ट्रेलिया से ड्रॉ पड़ा भारी

    नई दिल्ली
    महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबला खेला गया। दोनों टीमों के बीच ये मैच बेहद रोमांचक रहा। मुकाबला ड्रॉ रहा और इसी के साथ टीम इंडिया सेमीफाइनल से बाहर हो गई है। टीम इंडिया कभी भी हॉकी विश्व कप नहीं जीत सकी है और इस बार भी उनका सपना अधूरा रह गया।

    भारत ने 1974 में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था, जब वे सेमीफाइनल में पहुंचे थे। उसके बाद भारतीय महिला हॉकी टीम कभी भी विश्व कप के सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सकी है। इस बार भी सलीमा टेटे की कप्तानी में टीम इंडिया कमाल नहीं कर सकी और अब विश्व कप में उनका सफर समाप्त हो गया है।

    पहले क्वार्टर में नहीं हो सका गोल
    मुकाबले के पहले क्वार्टर में कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। ऑस्ट्रेलिया ने खेल के पहले मिनट में ही गोल किया था लेकिन भारत न इसे चुनौती दी और फिर गोल को खतरनाक बताया गया। इस वजह से ऑस्ट्रेलिया का ये गोल रद कर दिया गया। भारत की बलजीत कौर को खेल के 7वें मिनट में ग्रीन कार्ड दिया गया, जो 2 मिनट तक मैदान से बाहर रहीं। 11वें मिनट में ऑस्ट्रेलिया की टैटम स्टीवर्ट को भी ग्रीन कार्ड दिया गया। पहले क्वार्टर में दोनों टीमों के बीच जबरदस्त जंग देखने को मिली लेकिन गोल नहीं हुआ।

    पहला हाफ रहा रोमांचक
    दूसरे क्वार्टर में दोनों टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला खेला गया लेकिन दोनों में से कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। ऑस्ट्रेलिया को 17वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन कंगारू टीम इस मौके का फायदा उठाने में नाकाम रही। भारत की गोलकीपर सविता पूनिया ने शानदार गोलकीपिंग की और कंगारुओं को गोल नहीं करने दिया। इसके बाद दूसरे क्वार्टर के समाप्त होने से कुछ समय पहले ही यानी 30वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन भारतीय टीम गोल नहीं कर सकी। इस तरह पहले हाफ में कोई गोल नहीं हो सका।

    टीम इंडिया को मिला किस्मत का साथ
    तीसरे क्वार्टर में दोनों टीमों के बीच रोमांचक जंग देखने को मिली लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। ऑस्ट्रेलिया ने एक गोल दागा और ऐसा लगा कि उन्होंने बढ़त हासिल कर ली है। हालांकि, अंपायर ने इसे खतरनाक गोल करार दिया और इस वजह से इसे रद कर दिया गया। ऑस्ट्रेलिया के साथ ये दूसरी बार हुआ क्योंकि पहले क्वार्टर में भी इसी कारण गोल रद कर दिया गया था।

    भारतीय टीम सेमीफाइनल से हुई बाहर
    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहने के बाद टीम इंडिया सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो गई है। दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया के लिए अभी भी उम्मीदें बरकरार हैं लेकिन उन्हें नीदरलैंड्स और चीन के मैच पर निर्भर रहना होगा। भारत अब तक कभी भी महिला हॉकी विश्व कप का खिताब नहीं जीत सका है और इस बार भी उनका सपना पूरा नहीं हुआ।

     

  • कोलंबो टेस्ट पर भारत की नजर, जीत से WTC पॉइंट्स टेबल में मजबूत होगी स्थिति

    कोलंबो टेस्ट पर भारत की नजर, जीत से WTC पॉइंट्स टेबल में मजबूत होगी स्थिति

    कोलंबो 

    इंडिया वर्सेस श्रीलंका दो मैच की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला कोलंबो में खेला जा रहा है। टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम इंडिया पहले दिन के खेल के बाद मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। देवदत्त पडिक्कल के शतक के दम पर भारत ने दिन का खेल खत्म होने तक 5 विकेट के नुकसान पर 300 रन बोर्ड पर लगा दिए हैं। पडिक्कल ने 117 रनों की पारी खेल बैक टू बैक दूसरे टेस्ट में शतक जड़ा। भारत की नजरें दूसरे दिन स्कोर को 500 के करीब पहुंचाने पर होगी। गॉल में खेले गए पहले टेस्ट को 165 रनों से जीतकर टीम इंडिया सीरीज में 1-0 से आगे चल रही है, अगर दूसरे टेस्ट में भी भारत को जीत मिलती है तो उन्हें वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप यानी WTC पॉइंट्स टेबल में जबरदस्त फायदा होगा।

    फिलहाल भारत नंबर-5 पर
    श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट जीतने के बाद टीम इंडिया WTC पॉइंट्स टेबल में फिलहाल 5वें पायदान पर है। 10 मैचों में 5 जीत, 4 हार और 1 ड्रॉ के साथ भारत के खाते में कुल 64 अंक है। टीम इंडिया का पॉइंट्स पर्सेंटेज 53.33 का है।

    बांग्लादेश की हार से भारत को फायदा
    बांग्लादेश को ऑस्ट्रेलिया के हाथों दूसरे टेस्ट में पारी और 51 रनों से हार का सामना करना पड़ा। उनकी इस हार का भारत फायदा उठा सकता है। दरअसल, बांग्लादेश के खाते में इस हार के बाद अब 55.56 प्रतिशत अंक ही रह गए हैं। भारत के पास अब बांग्लादेश को पछाड़ टॉप-4 में जगह बनानेका मौका है।

    टॉप-4 में हो सकती है भारत की एंट्री
    श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में अगर टीम इंडिया को जीत मिलती है तो उनके खाते में 57,57 प्रतिशत अंक हो जाएंगे, जिससे वह बांग्लादेश को पछाड़ देगा। बस टीम इंडिया पर स्लो ओवर रेट या फिर आईसीसी किसी तरह का जुर्माना ना लगाए तो। अगर भारत के अंक में कटौती होती है तो नतीजा बदल भी सकता है। फिलहाल बांग्लादेश के खाते में 55.56 प्रतिशत अंक है।

    ऑस्ट्रेलिया-साउथ अफ्रीका टॉप-2 में
    वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में जगह बनाने के लिए टीमों का टॉप-2 में रहना जरूरी है। फिलहाल पहली दो पोजिशन पर पिछली बार की फाइनलिस्ट ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका ही हैं। बांग्लादेश पर धमाकेदार जीत दर्ज करने के बाद ऑस्ट्रेलिया के खाते में 80 प्रतिशत अंक है और वह पहले पायदान पर है, जबकि गत चैंपियन साउथ अफ्रीका 75 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे नंबर पर है। न्यूजीलैंड 72.22 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरे नंबर पर है।

    रैंक टीम मैच W L D Ded पॉइंट्स प्रतिशत अंक
    1 ऑस्ट्रेलिया 10 8 2 0 0 96 80.00
    2 साउथ अफ्रीका 4 3 1 0 0 36 75.00
    3 न्यूजीलैंड 6 4 1 1 0 52 72.22
    4 बांग्लादेश 6 3 2 1 0 40 55.56
    5 भारत 10 5 4 1 0 64 53.33
    6 श्रीलंका 5 1 2 2 0 20 33.33
    7 इंग्लैंड 14 5 8 1 14 50 29.76
    8 वेस्टइंडीज 12 2 8 2 2 30 20.83
    9 पाकिस्तान 7 2 5 0 8 16 19.05

     

  • Bangladesh vs Australia: शोरिफुल इस्लाम का ऐतिहासिक स्पेल, 7 विकेट लेकर रचा इतिहास; 33 साल बाद बना बड़ा रिकॉर्ड

    Bangladesh vs Australia: शोरिफुल इस्लाम का ऐतिहासिक स्पेल, 7 विकेट लेकर रचा इतिहास; 33 साल बाद बना बड़ा रिकॉर्ड

    मैके
    ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच मैके टेस्ट मैच में गेंदबाजों का दबदबा देखने को मिला है. इस बार बांग्लादेश के तेज गेंदबाज शोरिफुल इस्लाम ने इतिहास रच दिया. बाएं हाथ के पेसर ने 48 रन देकर सात विकेट झटके और ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी को 210 रनों पर समेटने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई. बांग्लादेश पहली पारी में महज 64 रनों पर ढेर हो गया था. इसके बावजूद गेंदबाजों के दम पर उसने ऑस्ट्रेलिया को बहुत बड़ी बढ़त हासिल करने से रोक दिया. ऑस्ट्रेलियाई टीम पहली पारी के आधार पर 146 रनों की बढ़त हासिल कर पाई। 

    बांग्लादेश के लिए पहली पारी में शोरिफुल इस्लाम ने 48 रन देकर 7 विकेट झटके. यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किसी बांग्लादेशी गेंदबाज का टेस्ट इनिंग्स में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. इससे पहले यह रिकॉर्ड हसन महमूद के नाम था, जिन्होंने डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट के दौरान 55 रन देकर छह विकेट झटके थे. यही नहीं शोरिफुल विदेशी धरती पर टेस्ट पारी में सर्वश्रेष्ठ आंकड़े दर्ज करने वाले बांग्लादेशी गेंदबाज भी बन गए. उन्होंने तैजुल इस्लाम का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने इसी साल जिम्बाब्वे के खिलाफ 138 रन देकर सात विकेट लिए थे। 

    शोरिफुल इस्लाम का प्रदर्शन एक और मायने में खास रहा. ऑस्ट्रेलिया की धरती पर किसी मेहमान तेज गेंदबाज का इससे बेहतर प्रदर्शन पिछली बार 1993 में देखने को मिला था. तब वेस्टइंडीज के महान तेज गेंदबाज कर्टली एम्ब्रोस ने कंगारू टीम के खिलाफ 25 रन देकर सात विकेट हासिल किए थे। 

    कैमरन ग्रीन ने जमाई शानदार फिफ्टी
    ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे दिन 165/8 के स्कोर से अपनी पारी आगे बढ़ाई. उसके पास सिर्फ दो विकेट बचे थे, लेकिन निचले क्रम ने बांग्लादेश को काफी परेशान किया. मेजबान टीम ने 12.3 ओवर में 45 रन और जोड़कर स्कोर 210 तक पहुंचाया. शोरिफुल इस्लाम ने कैमरन ग्रीन को 67 रनों के निजी स्कोर पर एलबीडब्ल्यू आउट कर अपना सातवां विकेट हासिल किया. उनकी अंदर आती यॉर्कर का ग्रीन के पास कोई जवाब नहीं था. ग्रीन ने 105 गेंदों की पारी में 10 चौके लगाए. इसके बाद तैजुल इस्लाम ने जोश हेजलवुड (6 रन) को आउट कर ऑस्ट्रेलियाई पारी का अंत किया. नाथन लायन 32 रन बनाकर नाबाद रहे. लायन और हेजलवुड ने आखिरी विकेट के लिए 24 रन जोड़े। 

    ऑस्ट्रेलिया एक समय 41/3 पर मुश्किल में था. इसके बाद स्टीव स्मिथ और कैमरन ग्रीन ने चौथे विकेट के लिए 77 रन जोड़कर पारी को संभाला. स्मिथ ने छह चौकों की मदद से  74 गेंदों पर 42 रन बनाए, जबकि ग्रीन ने अर्धशतक लगाकर काफी समय तक संघर्ष जारी रखा. लेकिन शोरिफुल ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को बड़ी बढ़त बनाने से रोक दिया। 

    146 रन से पिछड़ने के बाद बांग्लादेश की दूसरी पारी की शुरुआत भी खराब रही. मिचेल स्टार्क ने तीसरे ओवर में लगातार दो गेंदों पर शादमान इस्लाम और मोमिनुल हक को आउट कर दिया. शादमान एक रन बना सके, जबकि मोमिनुल खाता भी नहीं खोल पाए. इसके बाद पैट कमिंस ने तंजीद हसन तमीम को 9 रनों के निजी स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। 

     

  • ENG vs PAK टेस्ट ने बदला WTC का समीकरण! पाकिस्तान फिसला, भारत टॉप-5 में शामिल

    ENG vs PAK टेस्ट ने बदला WTC का समीकरण! पाकिस्तान फिसला, भारत टॉप-5 में शामिल

    नई दिल्ली

    पाकिस्तान को इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में पारी और 103 रनों की बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इस हार का असर WTC पॉइंट्स टेबल पर साफ देखने को मिला। पाकिस्तान की यह इस वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में 7 मैचों में 5वीं हार है। पाकिस्तान के खाते में मात्र 19.05 प्रतिशत अंक है, जिस वजह से टीम टेबल में सबसे नीचे 9वें पायदान पर खिसक गई है। अब मौजूदा टेबल में वेस्टइंडीज की टीम उनके ऊपर 8वें नंबर पर है। वहीं इंग्लैंड की टीम इस जीत के बाद 7वें पायदान पर बनी हुई है। 14 मैचों में 5वीं जीत के साथ उनके खाते में 29.76 प्रतिशत अंक है। हालांकि यह दोनों टीमें वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की रेस से बाहर हो गई है। यह WTC का चौथा चक्र है और आज तक यह दोनों टीमें कभी फाइनल के नजदीक तक भी नहीं पहुंच पाई है।

    भारत-बांग्लादेश टॉप-5 में
    शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम इंडिया जो इस समय श्रीलंका दौरे पर है, वह WTC पॉइंट्स टेबल में 5वें पायदान पर बनी हुई है। श्रीलंका को गॉल में पहले टेस्ट में हराने के बाद भारत ने दो मैच की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। भारत के खाते में फिलहाल 53.33 प्रतिशत अंक है। वहीं ऑस्ट्रेलिया को पहले टेस्ट में हराने वाली बांग्लादेश की टीम 5 मैचों में 3 जीत के साथ पॉइंट्स टेबल में चौथे पायदान पर बनी हुई है। उनके खाते में 53.33 अंक है।

    अगर भारत श्रीलंका को दूसरे टेस्ट में हराकर मेजबानों का सूपड़ा 2-0 से साफ करने में कामयाब रहता है और बांग्लादेश को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में हार का सामना करना पड़ता है तो टीम इंडिया चौथे पायदान पर पहुंच सकता है। इस स्थिति में भारत के खाते में 57.57 प्रतिशत अंक हो जाएंगे, जबकि बांग्लादेश के खाते में 55.55 प्रतिशत अंक रह जाएंगे।

    भारत-बांग्लादेश के अलावा इस समय टॉप-5 में न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमें हैं, जो इस समय फाइनल की सीट के प्रबल दावेदार हैं।

    न्यूजीलैंड के खाते में 72.22 प्रतिशत अंक है, जबकि साउथ अफ्रीका 75 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे तो ऑस्ट्रेलिया 77.78 प्रतिशत अंकों के साथ पहले पायदान पर है। आइए एक नजर पूरी टेबल पर डालते हैं-

    टीम मैच जीत हार ड्रॉ पॉइंट्स कटे पॉइंट्स पाइंट प्रतिशत
    ऑस्ट्रेलिया 9 7 2 0 0 84 77.78
    साउथ अफ्रीका 4 3 1 0 0 36 75
    न्यूजीलैंड 6 4 1 1 0 52 72.22
    बांग्लादेश 5 3 1 1 0 40 66.67
    इंडिया 10 5 4 1 0 64 53.33
    श्रीलंका 5 1 2 2 0 20 33.33
    इंग्लैंड 14 5 8 1 14 50 29.76
    वेस्टइंडीज 12 2 8 2 2 30 20.83
    पाकिस्तान 7 2 5 0 8 16 19.05

    इंग्लैंड ने पहले टेस्ट में पाकिस्तान को तीन दिन के अंदर ही पारी और 103 रन से हरा दिया जिससे वापसी करने वाले कप्तान जो रूट के नेतृत्व में यह जीत बैजबॉल के बाद के नए दौर की शानदार शुरुआत रही। तीसरे दिन इंग्लैंड की पहली पारी 409 रन पर समाप्त हुई। इससे उसे पाकिस्तान पर 238 रन की बढ़त मिली। इसके बाद इंग्लैंड ने पाकिस्तान की दूसरी पारी को सिर्फ 135 रन पर समेट दिया। पाकिस्तान की पारी 37.3 ओवर में खत्म हो गई।

    इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैच की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। दूसरा टेस्ट बृहस्पतिवार से लॉर्ड्स में खेला जाएगा। इंग्लैंड के चार तेज गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी की और पाकिस्तान के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।

    जोफ्रा आर्चर ने नयी गेंद से पाकिस्तान के दोनों सलामी बल्लेबाजों को आउट किया। ओली रॉबिन्सन ने तीन और विकेट लिए। लंच के बाद जोश टंग को गेंदबाजी पर लगाया गया और उन्होंने करीब 143 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट लिए। गुस एटकिंसन ने भी शानदार गेंदबाजी की और पाकिस्तान के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले मोहम्मद रिजवान का विकेट हासिल किया।

    रॉबिन्सन और टंग ने इस मैच में आठ-आठ विकेट लिए। पहली पारी में पांच-पांच विकेट लेने के बाद दोनों ने तीन तीन विकेट लिए।

  • श्रीलंका के खिलाफ क्लीन स्वीप के करीब टीम इंडिया, WTC में भी मिलेगी बड़ी बढ़त

    श्रीलंका के खिलाफ क्लीन स्वीप के करीब टीम इंडिया, WTC में भी मिलेगी बड़ी बढ़त

    नई दिल्ली
    कोलंबो के कोलंबो के स‍िंहलीज स्पोर्ट्स क्लब  (SSC) ग्राउंड में जब रव‍िवार (23 अगस्त) को भारत और श्रीलंका की टीमें आमने-सामने होंगी, तो टीम इंड‍िया के लिए शुभमन ग‍िल और यशस्वी जायसवाल के प्रदर्शन पर नजर रहेगी l  

    साथ ही शुभमन ब्रिगेड इत‍िहास रचने की कगार पर होगी. गॉल में पहला टेस्ट 165 रन से जीतकर भारतीय टीम सीरीज में 1-0 से आगे है. अब शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम के पास श्रीलंका में सीरीज 2-0 से जीतने का मौका है l

    भारत के लिए यह मुकाबला इसलिए भी अहम है क्योंकि उसे विदेशी जमीन पर टेस्ट सीरीज जीते तीन साल हो चुके हैं. भारत ने आखिरी बार जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज को उसी की जमीन पर टेस्ट सीरीज में हराया था. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया में टीम को सीरीज गंवानी पड़ी, जबकि साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ विदेशी जमीन पर सीरीज बराबरी पर खत्म हुई l

    इस दौरान घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली हार ने भी भारतीय टेस्ट टीम की चमक कुछ फीकी कर दी थी. ऐसे में गॉल में मिली 165 रन की जीत टीम के लिए काफी राहत लेकर आई. श्रीलंकाई स्पिनरों ने मुश्किल पिच पर भारतीय बल्लेबाजों को परेशान जरूर किया, लेकिन भारत ने मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी l

    2-0 हुआ तो वर्ल्ड टेस्ट चैम्प‍ियनश‍िप में भी फायदा
    भारत अगर कोलंबो में भी जीत हासिल कर सीरीज 2-0 से अपने नाम करता है तो वर्ल्ड टेस्ट चैम्प‍ियनश‍िप की टेबल में भी उसकी स्थिति बेहतर हो सकती है. क्लीन स्वीप के बाद भारत 57.58 प्रतिशत अंकों तक पहुंच सकता है. इससे उसके चौथे स्थान पर पहुंचने की संभावना बनेगी l

    फिलहाल बांग्लादेश 66.67 प्रतिशत अंकों के साथ चौथे स्थान पर है. अगर डार्विन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चल रहे दूसरे टेस्ट में बांग्लादेश हार जाता है तो उसके अंक घटकर 55.56 प्रतिशत हो सकते हैं. ऐसे में वह पांचवें स्थान पर खिसक सकता है और भारत को चौथे स्थान पर पहुंचने का मौका मिल सकता है. यानी कोलंबो टेस्ट भारत के लिए सिर्फ सीरीज जीत का मामला नहीं है, बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैम्प‍ियनश‍िप की दौड़ में भी अहम है l

    गिल के सामने स्पिन की चुनौती
    गॉल में जीत के बावजूद भारतीय टीम को अपने कप्तान शुभमन गिल से बड़ी पारी का इंतजार रहेगा. गिल ने अपनी पिछली छह पारियों में दो शतक लगाए हैं और कुल मिलाकर वह अच्छी लय में दिखाई दे रहे हैं. लेकिन स्पिन के खिलाफ उनकी एक कमजोरी लगातार सामने आई है, खासकर बाएं हाथ के पारंपरिक स्पिनरों के खिलाफ l

    गॉल टेस्ट में प्रभात जयसूर्या ने दोनों पारियों में गिल को आउट किया. पहली पारी में वह 16 और दूसरी पारी में 8 रन बनाकर लौटे. टेस्ट क्रिकेट में बाएं हाथ के स्पिनरों के खिलाफ गिल अब तक 11 बार आउट हो चुके हैं l

    यही वजह है कि गिल ने शुक्रवार को कोलंबो में अभ्यास के दौरान बाएं हाथ के स्पिन के खिलाफ काफी समय बिताया. उन्होंने मानव सुथार, रवींद्र जडेजा और कुछ स्थानीय गेंदबाजों का सामना किया और अपनी तकनीक पर काम किया l

    कप्तान के तौर पर गिल के आंकड़े हालांकि बेहद शानदार हैं. उन्होंने 10 टेस्ट में 1100 रन बनाए हैं और उनका औसत 73 से ज्यादा है. कप्तानी संभालने से पहले 32 टेस्ट में उनके नाम 1893 रन थे और औसत करीब 35 था l

    अब गिल के सामने दोहरी चुनौती है. एक तरफ उन्हें स्पिन के खिलाफ अपनी कमजोरी को दूर करना है, दूसरी तरफ अपनी कप्तानी में पहली विदेशी टेस्ट सीरीज जीत दिलानी है. अगर बल्ला भी चला तो उनकी कप्तानी का यह पड़ाव और खास हो सकता है l

    जायसवाल से भी बड़ी पारी की उम्मीद
    यशस्वी जायसवाल की फॉर्म भी भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय है. पिछले साल नई दिल्ली में वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक लगाने के बाद जायसवाल अपनी पिछली आठ पारियों में सिर्फ एक अर्धशतक लगा पाए हैं l

    उनकी परेशानी का एक खास पैटर्न भी सामने आया है. तेज गेंदबाजों के खिलाफ कट या गेंद को प्वाइंट के ऊपर से खेलने की कोशिश में वह अपना विकेट गंवा रहे हैं. गॉल टेस्ट में पहली पारी में जायसवाल रन आउट हुए थे. दूसरी पारी में भी वह ज्यादा देर नहीं टिक पाए. असिथा फर्नांडो की छोटी गेंद को कट करने की कोशिश में बल्ले का किनारा लगा और विकेटकीपर निरोशन डिकवेला ने कैच पकड़ लिया l

    इसके बाद जायसवाल ने शुक्रवार को एसएससी में नेट्स पर काफी समय बिताया. भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने उनके लिए ऑफ स्टंप के बाहर गेंदबाजी कराई. कोशिश यही थी कि जायसवाल को कट या प्वाइंट के ऊपर से गेंद खेलने के लिए उकसाया जाए.हालांकि इस बार जायसवाल ने अच्छी समझ दिखाई. उन्होंने कई गेंदों को छोड़ दिया और गेंदों को विकेट के पीछे से निकल जाने दिया l

    कुलदीप या सारांश? इस फैसले पर भी नजर
    पहले टेस्ट में असर छोड़ने में नाकाम रहने वाले भारतीय गेंदबाजों में कुलदीप यादव भी रहे. कुलदीप ने गॉल टेस्ट की दोनों पारियों में कुल 25 ओवर गेंदबाजी की और सिर्फ एक विकेट लिया. उन्होंने 103 रन खर्च किए. उनका इकलौता विकेट भी शुभमन गिल के शानदार कैच की बदौलत आया था. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या टीम प्रबंधन कुलदीप की जगह ऑफ स्पिनर सारांश जैन को मौका देगा l  

    श्रीलंका की टीम में कई बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं. ऐसे में सारांश का ऑफ स्पिन विकल्प भारतीय टीम के लिए रणनीतिक तौर पर उपयोगी हो सकता है. लेकिन सिर्फ एक टेस्ट के बाद कुलदीप जैसे अनुभवी गेंदबाज को बाहर करना आसान फैसला नहीं होगा l

    शुक्रवार के नेट सेशन में कुलदीप मौजूद थे, लेकिन उन्होंने गेंदबाजी या बल्लेबाजी नहीं की. दूसरी तरफ सारांश जैन ने ऋषभ पंत और शुभमन गिल को गेंदबाजी की और पंत को कुछ मौकों पर परेशान भी किया. हालांकि इसे कुलदीप की जगह सारांश के खेलने का संकेत मानना जल्दबाजी होगी l

    आखिरी फैसला पिच को देखकर ही होगा. पिछले दो दिनों में एसएससी की पिच पर पानी डाला गया है ताकि उसमें नमी बनी रहे. ऐसे में स्पिनरों के लिए परिस्थितियां कैसी रहती हैं, यह प्लेइंग इलेवन तय करने में अहम भूमिका निभाएगा l

    श्रीलंका के सामने भी कम मुश्किलें नहीं
    श्रीलंका के लिए यह टेस्ट सीरीज बचाने का आखिरी मौका है. गॉल में 165 रन की हार के बाद उसकी नजरें वापसी पर हैं, लेकिन टीम को कई बड़े खिलाड़ियों की कमी खलेगी. कुसल मेंडिस हैमस्ट्रिंग चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं. पथुम निसंका और अनुभवी बल्लेबाज दिनेश चांदीमल भी अगले टेस्ट से बाहर हैं. ऐसे में श्रीलंका ने कामिल मिशारा और सहन अराचिगे को टीम में शामिल किया है l

    श्रीलंकाई बल्लेबाजों को भी अपनी रणनीति बदलनी होगी. गॉल में टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज कई बार जरूरत से ज्यादा शॉट खेलने के चक्कर में विकेट गंवाते नजर आए. दूसरे टेस्ट में उन्हें क्रीज पर ज्यादा देर टिककर बल्लेबाजी करनी होगी. कामिल मिशारा और सहन अराचिगे से टीम को सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है. अगर श्रीलंका के बल्लेबाज फिर वही गलतियां दोहराते हैं तो भारत के सामने मुकाबला एक बार फिर एकतरफा हो सकता है l

    भारत के लिए तस्वीर साफ है. कोलंबो में जीत मिली तो सीरीज 2-0 से उसके नाम होगी, विदेशी जमीन पर तीन साल से चला आ रहा सीरीज जीत का इंतजार खत्म होगा और वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनश‍िप की टेबल में भी टीम को फायदा मिल सकता है. दूसरा टेस्ट रविवार सुबह 10 बजे भारतीय समयानुसार शुरू होगा l

    भारत: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, औकिब नबी, सरफराज खान l

    श्रीलंका: धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), लाहिरु उदारा, कामिल मिशारा, पसिंदु सूरियाबंदर, कामिंदु मेंडिस, सहन अराचिगे, सोनल दिनुषा, निरोशन डिकवेला, केशरा नुवंथा, प्रभात जयसूर्या, मिलान रत्नायके, लाहिरु कुमारा, असिथा फर्नांडो, विश्वा फर्नांडो l

     

  • श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में कुलदीप की जगह खतरे में, पुजारा ने दी बदलाव न करने की सलाह

    श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में कुलदीप की जगह खतरे में, पुजारा ने दी बदलाव न करने की सलाह

    नई दिल्ली
    भारत और श्रीलंका के बीच 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (SSC) में टेस्ट मैच खेला जाना है. सीरीज के इस दूसरे टेस्ट से पहले टीम इंडिया की प्लेइंग-11 को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है. गॉल में पहला टेस्ट 165 रनों से जीतने वाली भारतीय टीम स्पिन डिपार्टमेंट में बदलाव कर सकती है. हेड कोच गौतम गंभीर चाइनामैन कुलदीप यादव की जगह ऑफ स्पिनर सारांश जैन को उतार सकते हैं, जिन्होंने अब तक इंटरनेशनल डेब्यू नहीं किया है.

    अब टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने भी प्लेइंग-11 को लेकर अपनी राय रखी है. पुजारा का मानना है कि ऐसा करना सही नहीं होगा और कुलदीप को एक और मौका मिलना चाहिए. गॉल में कुलदीप का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था. उन्होंने दोनों पारियों को मिलाकर कुल 25 ओवर की गेंदबाजी में 103 रन खर्च किए और केवल एक विकेट हासिल किया. टीम इंडिया की बड़ी जीत के बावजूद उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन दूसरे टेस्ट से पहले चर्चा का विषय बन गया है.

    चेतेश्वर पुजारा ने क्रिकइंफो से बातचीत में कहा, 'मेरी राय में भारत को उसी प्लेइंग-11 के साथ उतरना चाहिए, लेकिन मैं सुन रहा हूं कि कुलदीप की जगह सारांश को प्लेइंग-11 में शामिल किया जा सकता है क्योंकि श्रीलंका के पास कई बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं.' पुजारा ने इस संभावित बदलाव का विरोध करते हुए कुलदीप की क्षमता पर भरोसा जताया.

    उन्होंने कहा, 'अगर ऐसा होता है तो मुझे निराशा होगी क्योंकि कुलदीप जैसे खिलाड़ी को एक और मौका दिया जाना चाहिए. वह क्वालिटी गेंदबाज हैं. टेस्ट क्रिकेट में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं किए जाते. आप जीतने वाले कॉम्बिनेशन को नहीं बदलते. मुझे लगता है कि कुलदीप को प्लेइंग-11 में रहना चाहिए.'

    कुलदीप ने फेंके काफी कम ओवर
    पहले टेस्ट में कुलदीप भारत के तीसरे स्पिन विकल्प के तौर पर खेले थे. कप्तान शुभमन गिल ने उनसे ज्यादा रवींद्र जडेजा और बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार का इस्तेमाल किया. दोनों स्पिनर्स ने कुलदीप की तुलना में लगभग दोगुने ओवर डाले. कुलदीप के कम इस्तेमाल ने यह सवाल भी खड़ा किया कि क्या टीम मैनेजमेंट मौजूदा परिस्थितियों में कलाई के स्पिन की तुलना में फिंगर स्पिन को ज्यादा उपयोगी मान रहा है. हालांकि भारतीय स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने इसके पीछे रणनीतिक वजह बताई थी. उनके मुताबिक गॉल की सतह से फिंगर स्पिनर्स को ज्यादा मदद मिल रही थी, इसलिए गेंदबाजी का बंटवारा उसी हिसाब से किया गया.

    33 साल के सारांश जैन ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते हैं और अभी तक भारत के लिए नहीं खेले हैं. श्रीलंकाई बल्लेबाजी क्रम में बाएं हाथ के कई बल्लेबाज होने के कारण उनका नाम दूसरे टेस्ट की प्लेइंग-11 के विकल्प के तौर पर सामने आया है. ऑफ स्पिनर का बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ मैच-अप टीम मैनेजमेंट को आकर्षित कर सकता है.

  • रूट-सचिन की बराबरी, लेकिन विराट से रह गए पीछे; पाकिस्तान के खिलाफ 66 पर आउट हुए इंग्लिश कप्तान

    रूट-सचिन की बराबरी, लेकिन विराट से रह गए पीछे; पाकिस्तान के खिलाफ 66 पर आउट हुए इंग्लिश कप्तान

    नई दिल्ली
    इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच पहला टेस्ट लीड्स में खेला जा रहा है। दो दिन के खेल के बाद इंग्लैंड की टीम मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। पाकिस्तान को 171 रन पर ढेर करने के बाद इंग्लैंड ने 8 विकेट के नुकसान पर 366 रन बोर्ड पर लगा दिए हैं। इंग्लिश टीम 195 रनों की बढ़त हासिल कर चुकी है और उनके पास 2 विकेट बाकी है। इंग्लैंड को इस स्कोर तक पहुंचाने में कप्तान जो रूट का भी अहम रोल रहा। उन्होंने अपने टेस्ट करियर का 68वीं फिफ्टी जड़ते हुए 66 रनों की शानदार पारी खेली। अपनी इस पारी के दम पर रूट ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर की तो बराबरी करने में कामयाब रहे, मगर विराट कोहली के स्पेशल क्लब में अपनी जगह नहीं बना पाए।

    विराट कोहली हैं यहां के किंग
    टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट मिलाकर कम से कम 10 हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में विराट कोहली ही एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं, जिनका बैटिंग औसत 50 से अधिक का है।

    जो रूट को विराट कोहली के इस लीजेंड्री क्लब में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट की पहली पारी में 67 रन बनाने थे।

    इंग्लैंड के कप्तान ने 112 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके लगाए, मगर वह 66 के निजी स्कोर पर ही आउट हो गए। इस पारी के बाद उनका औसत 49.99 हो गया है। वह मात्र 1 रन से 50 का औसत पूरा करने से चूक गए।

    इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा औसत (सभी फॉर्मेट || कम से कम 10,000 रन)
    52.71 – विराट कोहली

    49.99 – जो रूट*

    49.10 – जैक्स कैलिस

    49.00 – माइकल हसी

    48.75 – विव रिचर्ड्स

    48.52 – सचिन तेंदुलकर

    48.12 – केन विलियमसन

    48.11 – एबी डी विलियर्स

    47.77 – स्टीव स्मिथ

    दूसरे दिन पाकिस्तान ने गंवाया वापसी का मौका
    दूसरे दिन का खेल शुरू होने के बाद पहले घंटे में पाकिस्तान के पास बॉलिंग के लिए बहुत अच्छे हालात थे। बारिश की वजह से पहले डेढ़ सेशन में खेल खत्म हो गया, और खिलाड़ी गहरे भूरे आसमान में मैदान पर उतरे, जिसे आर्टिफिशियल लाइट का पूरा सपोर्ट मिला। पाकिस्तानी गेंदबाजों ने जब गेंद को सही एरिया में लैंड कराया तो उन्हें अच्छी खासी मूमेंट मिली। हालांकि, वे लगातार अपनी लाइन बनाए नहीं रख पाए, जिससे जो रूट और जॉर्डन कॉक्स ने रात भर की नई पार्टनरशिप को 150 रन की बड़ी साझेदारी में बदल दिया। इसके बाद हैरी ब्रूक का तूफान आया। इस विस्फोटक बल्लेबाज ने 91 रनों की पारी खेल पाकिस्तान को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया। हालांकि ब्रूक अपने शतक से चूक गए।

  • WTC में भारत की बढ़ी टेंशन, एक हार बिगाड़ सकती है पूरा समीकरण

    WTC में भारत की बढ़ी टेंशन, एक हार बिगाड़ सकती है पूरा समीकरण

    नई दिल्ली
    भारत ने श्रीलंका को गॉल में 2 टेस्ट मैच की सीरीज के पहले मैच में 165 रनों से हराकर 1-0 से बढ़त बना ली है. इस जीत से पहले टीम इंडिया वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) 2025-27 की अंक तालिका में 9 टेस्ट मैचों में सिर्फ 4 जीत के साथ 48.15 PCT (Points Percentage) हासिल कर पांचवें स्थान पर था.

    गॉल टेस्ट मैच जीतने के बाद भारतीय टीम का PCT 53.33 हो गया है और अब भी पांचवें स्थान पर ही मौजूद है. इस सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला 23 अगस्त से कोलंबो के SSC मैदान पर खेला जाएगा. भारत ये टेस्ट मैच जीतकर सीरीज 2-0 से अपने नाम करना चाहेगा.  

    WTC की अंक तालिका में भारत अब भी बांग्लादेश से नीचे है. बांग्लादेश 5 टेस्ट मैचों में 3 जीत के साथ 66.67 PCT हासिल कर चौथे स्थान पर है. भारत के पास अभी 8 टेस्ट मैच बाकी हैं, लेकिन गलती की गुंजाइश अब भी बेहद कम बची है.

    अगर टीम इंडिया अपने सभी बचे हुए मुकाबले जीत लेती है तो उसका PCT 74.07 तक पहुंच जाएगा, जो WTC फाइनल का टिकट लगभग पक्का कर सकता है. हालांकि, एक भी हार पूरे समीकरण को बदल सकती है.

    एक हार के बाद भारत का PCT 68.52, दो हार पर (62.96) और तीन हार के बाद (57.41) तक गिर जाएगा. अगर टीम इंडिया ने 8 में से 5 टेस्ट मेच जीते और 2 ड्रॉ हुआ, तो भारत का PCT (61.11) हो जाएगा.

    WTC 2025-27 पॉइंट्स टेबल
    श्रीलंका दौरे के बाद टीम इंडिया न्यूजीलैंड का दौरा करेगी. जहां भारतीय टीम को दो टेस्ट मैच खेलने हैं. न्यूजीलैंड का यह दौरा आसान नहीं होगा, न्यूजीलैंड पहले भी भारत को कड़ी चुनौती दे चुका है.

    इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत दौरे पर 5 मैच की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेलने आएगी. ऑस्ट्रेलिया भी टीम इंडिया को कड़ी चुनौती देगा, इसलिए यह मुकाबले भी आसान नहीं माने जा सकते हैं. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की 4-1 या 3-1 से सीरीज जीत टीम इंडिया को बेहद मजबूत स्थिति में ला देगा.

    फिलहाल अंक तालिका में ऑस्ट्रेलिया 77.78 PCT के साथ टॉप पर है, जबकि दक्षिण अफ्रीका (75), न्यूजीलैंड (72.22) और बांग्लादेश (66.67) भारत से आगे हैं.

    ऐसे में भारत को सिर्फ अपने मैच जीतने ही नहीं, बल्कि दूसरी टीमों के परिणामों पर भी नजर रखनी होगी. WTC में हर टेस्ट जीत पर 12 अंक, ड्रॉ पर 4 और हार पर कोई भी अंक नहीं मिलता है. इसी वजह से हर हार सीधे अंक प्रतिशत पर बड़ा असर डालती है.

  • ओली रॉबिन्सन की घातक गेंदबाजी से पाकिस्तान 171 पर ढेर, अजान अवैस के नाम जुड़ा 43 साल पुराना शर्मनाक रिकॉर्ड

    ओली रॉबिन्सन की घातक गेंदबाजी से पाकिस्तान 171 पर ढेर, अजान अवैस के नाम जुड़ा 43 साल पुराना शर्मनाक रिकॉर्ड

    लीड्स

    इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला लीड्स के हेडिंग्ले मैदान पर खेला जा रहा है. इस मुकाबले में पाकिस्तान बल्लेबाजों का प्रदर्शन पहली पारी में निराशाजनक रहा और पूरी टीम 171 रनों पर सिमट गई. सलामी बल्लेबाज अजान अवैस ने तो पाकिस्तानी फैन्स की उम्मीदों पर बिल्कुल भी खरे नहीं उतर पाए. मुकाबले की पहली ही गेंद पर ओली रॉबिन्सन ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया।  

    ओली रॉबिन्सन ने मैच की पहली गेंद वॉबल सीम के साथ फेंकी, जो बाएं हाथ के बल्लेबाज अजान अवैस के लिए अंदर की ओर आई. अजान गेंद की लाइन को सही तरीके से पढ़ नहीं सके और गेंद सीधे उनके पैड से जा टकराई. इंग्लैंड की जोरदार अपील के बाद अंपायर क्रिस गैफनी ने उन्हें आउट करार दिया। 

    अजान अवैस ने अंपायर के फैसले को चुनौती देते हुए तुरंत डीआरएस लिया. रिप्ले में साफ हुआ कि गेंद उनके बल्ले से नहीं लगी थी. इसके बाद बॉल ट्रैकिंग में इम्पैक्ट से लेकर विकेट तक तीनों रेड दिखाई दिए. गेंद मिडिल स्टम्प के ऊपरी हिस्से से टकरा रही थी और तीसरे अंपायर ने क्रिस गैफनी के फैसले को बरकरार रखा। 

    मोहसिन खान के क्लब में एंट्री
    इस तरह अजान अवैस को टेस्ट सीरीज की अपनी पहली गेंद पर ही पवेलियन लौटना पड़ा और एक अनचाही लिस्ट में शामिल हो गए. अजान पाकिस्तान के सिर्फ दूसरे ओपनर हैं, जिन्हें किसी टेस्ट की पहली गेंद पर आउट होना पड़ा. इससे पहले 1983 में मोहसिन खान भारत के खिलाफ जालंधर टेस्ट में मैच की पहली गेंद पर आउट हुए थे. यानी पाकिस्तान के किसी ओपनर के साथ 43 साल में यह घटना दोहराई गई। 

    अजान अवैस ने जहां शर्मनाक रिकॉर्ड बनाया, वहीं ओली रॉबिन्सन ने एक खास उपलब्धि हासिल की. वह इंग्लैंड की धरती पर आयोजित किसी टेस्ट मैच की पहली गेंद पर विकेट लेने वाले केवल चौथे इंग्लिश गेंदबाज बन गए. इस कारनामे की शुरुआत मौरिस टेट ने 1926 में की थी. उन्होंने लीड्स में ऑस्ट्रेलिया के वॉरेन बार्ड्सले को पहली गेंद पर आउट किया था। 

    इसके 48 साल बाद ज्योफ अर्नोल्ड ने 1974 में बर्मिंघम टेस्ट की पहली गेंद पर भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर को पवेलियन भेजा था. 2007 में रयान साइडबॉटम ने वेस्टइंडीज के डेरेन गंगा को चेस्टर-ले-स्ट्रीट टेस्ट की पहली गेंद पर आउट किया था. अब 2026 में रॉबिन्सन ने अजान अवैस को अपना शिकार बनाकर इस दुर्लभ लिस्ट में जगह बनाई। 

    ओली रॉबिन्सन ने पाकिस्तान को शुरुआती झटका देने के बाद दबाव कम नहीं होने दिया. शुरुआती पांच बल्लेबाजों में से चार उनके शिकार बने. रॉबिन्स ने कुल मिलकर 18 ओवरों की गेंदबाजी की, जिसमें उन्होंने 51 रन देकर 5 विकेट चटकाए. यह प्रदर्शन रॉबिन्सन के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि हाल में उन्होंने लंबे अंतराल के बाद टेस्ट टीम में वापसी की थी. जून में न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में उन्होंने 7/77 के आंकड़े दर्ज कर इंग्लैंड की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी. अब पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने मैच की पहली ही गेंद से अपना असर दिखाया।