भारत-जिम्बाब्वे सीरीज में नई पहल, खिलाड़ियों के एटीट्यूड को मिलेगा सम्मान

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हरारे
भारत और जिम्बाब्वे के बीच चल रही टी20 सीरीज के दौरान भारतीय टीम मैनेजमेंट ने एक नई पहल शुरू की है। टीम ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ-साथ उनके रवैये, मेहनत और टीम के प्रति समर्पण के लिए ‘बेस्ट एटीट्यूड अवॉर्ड’ की शुरुआत की है। यह बेस्ट फील्डर ऑफ द मैच की तरह ही ड्रेसिंग रूम अवॉर्ड है। इस अवॉर्ड के पहले विजेता युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा बने हैं। उन्हें हरारे में खेले गए पहले टी20 मैच के बाद यह सम्मान दिया गया।

क्यों शुरू किया गया यह अवॉर्ड?
भारतीय टीम के अंतरिम हेड कोच वीवीएस लक्ष्मण ने बताया कि क्रिकेट में सिर्फ रन बनाना या विकेट लेना ही महत्वपूर्ण नहीं होता। उन्होंने कहा, 'एटीट्यूड भी स्किल के बराबर ही है। टीम मैनेजमेंट के तौर पर हमने सोचा है कि इस सीरीज के तीनों मैचों में हम सिर्फ फrल्डिंग या बॉलिंग और बैटिंग में किसी खिलाड़ी के शानदार प्रदर्शन को ही नहीं, बल्कि उनके एटीट्यूड को भी अहमियत देंगे और उसे सराहेंगे।'

तिलक वर्मा को क्यों चुना गया?
जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले मैच में तिलक वर्मा का प्रदर्शन आंकड़ों के हिसाब से कुछ खास नहीं था। उन्होंने एक कैच लिया और अंत में आकर टीम के लिए विनिंग रन बनाया।। हालांकि, टीम के सपोर्ट स्टाफ का मानना था कि तिलक ने मैदान और मैदान के बाहर जिस तरह का समर्पण और ऊर्जा दिखाई, वह उन्हें इस सम्मान का हकदार बनाता है।

स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच हर्षा ने बताया कि तिलक ने अभ्यास सत्रों में भी पूरी मेहनत की और मैच के दौरान भी हर पल पूरी तीव्रता के साथ खेलते नजर आए। हर्षा ने तिलक को लेकर कहा- यह खिलाड़ी न सिर्फ मैदान से बाहर खुद को आगे बढ़ाता था, बल्कि मैदान पर भी पूरी शिद्दत से खेलता था। जब चीजों को इतनी शिद्दत से करने की जरूरत नहीं भी होती थी, तब भी वह उन्हें पूरे जोश और जुनून के साथ करता था।

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