Category: खेल

  • रोहित शर्मा अभी नहीं लेंगे संन्यास, BCCI ने लॉर्ड्स वनडे को आखिरी मैच बताने वाली खबरों का किया खंडन

    रोहित शर्मा अभी नहीं लेंगे संन्यास, BCCI ने लॉर्ड्स वनडे को आखिरी मैच बताने वाली खबरों का किया खंडन

    नई दिल्ली

    भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कैप्टन रोहित शर्मा के वनडे क्रिकेट से संन्यास की अटकलों पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पूर्ण विराम लगा दिया है. बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया है कि रविवार को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ होने वाला मुकाबला रोहित शर्मा के वनडे करियर का आखिरी मैच नहीं होगा। 

    'आजतक' से बातचीत में सैकिया ने उन तमाम मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि 39 वर्षीय रोहित शर्मा रविवार को सीरीज के निर्णायक मैच के बाद वनडे क्रिकेट को अलविदा कह देंगे। 

    सैकिया ने आज तक से कहा, "मैं पूरे यकीन के साथ कहना चाहता हूं कि ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है कि रोहित रविवार को लॉर्ड्स में अपना आखिरी मैच खेलेंगे. रोहित भारतीय वनडे टीम के रेगुलर सदस्य हैं और जब तक उन्हें टीम में शामिल करने की योजना रहेगी, वे देश का प्रतिनिधित्व करते रहेंगे. दूसरे शब्दों में कहें तो, लॉर्ड्स वनडे उनका आखिरी मैच नहीं होगा। 

    2027 वर्ल्ड कप के लिए 'युवा बदलाव' की चर्चाओं के बीच आया बयान
    दरअसल, यह अफवाहें तब शुरू हुईं जब मीडिया में यह खबरें आईं कि राष्ट्रीय चयन समिति और हेड कोच गौतम गंभीर 2027 आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप को ध्यान में रखते हुए अब टीम में युवाओं को मौका देकर एक 'ट्रांज़िशन फेज़' शुरू करना चाहते हैं। 

    जारी सीरीज के पहले दो मैचों (एजबेस्टन और कार्डिफ) में रोहित के बल्ले से रन न निकलने के कारण उनके स्थान पर सवाल उठाए जा रहे थे. हालांकि, बीसीसीआई सचिव ने संन्यास की खबरों को तो गलत बताया, लेकिन वह 2027 के वनडे वर्ल्ड कप में रोहित की भागीदारी को लेकर कोई भी पक्का आश्वासन देने से बचते नजर आए। 

    फिलहाल, भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज बेहद रोमांचक मोड़ पर है और रविवार, 19 जुलाई को लॉर्ड्स में होने वाले फाइनल मुकाबले में रोहित ही टीम इंडिया की ओपनिंग कमान संभालेंगे। 

  • वनडे से विदाई से पहले रोहित शर्मा के वो रिकॉर्ड जिन्हें तोड़ना मुश्किल

    वनडे से विदाई से पहले रोहित शर्मा के वो रिकॉर्ड जिन्हें तोड़ना मुश्किल

    नई दिल्ली
    भारतीय क्रिकेट के इतिहास में हिटमैन के नाम से मशहूर रोहित शर्मा ने वनडे करियर अब लगभग अंत की ओर बढ़ रहा है। उनकी आक्रामक शैली, बेहतरीन टाइमिंग और लंबी पारियां खेलने की क्षमता ने उन्हें महान वनडे बल्लेबाजों की कतार में खड़ा कर दिया है। यदि वे इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले तीसरे मुकाबले के बाद अपने इस शानदार सफर पर विराम लगाते हैं, तो वे अपने पीछे कुछ ऐसे ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स छोड़ जाएंगे, जिन्हें भविष्य में किसी भी बल्लेबाज के लिए तोड़ पाना लगभग नामुमकिन के बराबर होगा।

    वनडे इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर
    रोहित शर्मा का सबसे बेजोड़ रिकॉर्ड वनडे क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाना है। साल 2014 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में श्रीलंका के खिलाफ खेली गई उनकी 264 रनों की पारी आज भी एक अटूट रिकॉर्ड है। इस ऐतिहासिक पारी के दौरान उन्होंने अकेले ही 33 चौके जड़े थे, जो वनडे की एक पारी में किसी भी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सर्वाधिक चौके हैं। आज के दौर में जहां पूरी टीम मिलकर कई बार 250 रन नहीं बना पाती, वहां अकेले इतनी बड़ी पारी खेलना किसी चमत्कार से कम नहीं है।

    एक ही वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा शतक
    रोहित शर्मा का बल्ला आईसीसी के बड़े मंचों पर हमेशा जमकर गरजा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण 2019 के वनडे विश्व कप में देखने को मिला था, जहां उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से विपक्षी गेंदबाजों के परखच्चे उड़ा दिए थे। उन्होंने उस पूरे टूर्नामेंट में रिकॉर्ड तोड़ 5 शतक जड़े थे। इस असाधारण प्रदर्शन के साथ उन्होंने किसी एक विश्व कप सीजन में सर्वाधिक शतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया था।

    वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक छक्के
    रोहित शर्मा को दुनिया 'हिटमैन' यूं ही नहीं कहती, वे वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले दुनिया के नंबर-वन बल्लेबाज हैं। उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी के 351 छक्कों के बरसों पुराने और लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को ध्वस्त किया था। सबसे खास बात यह है कि रोहित ने इस मुकाम को हासिल करने के लिए अफरीदी की तुलना में काफी कम मैच और पारियां लीं, जो उनकी छक्के लगाने की गजब की क्षमता को दर्शाता है। उनके नाम इस फॉर्मेट में कुल 364 छक्के दर्ज हैं।

  • इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम की हार, सेलेक्शन और रणनीति पर बड़े सवाल

    इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम की हार, सेलेक्शन और रणनीति पर बड़े सवाल

    नई दिल्ली
    यूरोप दौरे पर टीम इंडिया की लगातार नाकामी ने सिर्फ खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर ही नहीं, बल्कि टीम सेलेक्शन और मैनेजमेंट की सोच पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. पिछले नौ इंटरनेशनल मुकाबलों में से सात में हार झेल चुकी भारतीय टीम की सबसे बड़ी कमजोरी अब साफ नजर आने लगी है. विदेशी परिस्थितियों में अतिरिक्त बल्लेबाज की जगह ऑलराउंडरों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा भारत को लगातार भारी पड़ रहा है.

    भारतीय क्रिकेट की पहचान हमेशा मजबूत बल्लेबाजी रही है. लेकिन हैरानी की बात यह है कि इंग्लैंड जैसे दौरे पर टीम इंडिया के वनडे स्क्वॉड में एक भी अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाज मौजूद नहीं है. इसके बजाय टीम मैनेजमेंट ने ऐसे ऑलराउंडरों पर भरोसा जताया, जो ना तो बल्ले से मैच फिनिश कर पा रहे हैं और न ही गेंद से बड़ा असर छोड़ पा रहे हैं.

    सुंदर-शिवम का रोल समझ से परे!
    इस पूरे मामले में अक्षर पटेल को आलोचना से अलग रखा जा सकता है. उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में तीनों फॉर्मेट में खुद को साबित किया है. लेकिन वॉशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे लगातार उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं. अगर हार्दिक पंड्या फिट होकर टीम का हिस्सा होते तो शायद इन दोनों में से किसी एक को भी प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलती. यही बात अब टीम चयन पर सवाल खड़े कर रही है.

    कार्डिफ वनडे में भारत मजबूत स्थिति में था. 32वें ओवर में विराट कोहली के 65 रनों के निजी पर आउट होने तक टीम का स्कोर 178/4 था. उस समय ऐसा लग रहा था कि भारत आसानी से 300 रनों तक पहुंच जाएगा. लेकिन इसके बाद पूरी बल्लेबाजी बिखर गई. वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल और शिवम दुबे जैसे ऑलराउंडर तेज गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके. नतीजा यह हुआ कि पूरी टीम 44 ओवर में सिर्फ 233 रनों पर सिमट गई. यही वह दौर था, जिसने मैच इंग्लैंड की झोली में डाल दिया.

    कार्डिफ की पिच पर जोफ्रा आर्चर और साकिब महमूद ने भारतीय मिडिल ऑर्डर की तकनीक की परीक्षा ली और बल्लेबाज उसमें फेल साबित हुए. वॉशिंगटन सुंदर हैमस्ट्रिंग में खिंचाव के बाद शॉर्ट गेंद पर विकेटकीपर जोस बटलर को कैच दे बैठे. अक्षर पटेल ने आर्चर की बाउंसर पर अपर कट खेलने की कोशिश की और विकेट गंवा दिया. शिवम दुबे बिना खाता खोले कॉट एंड बोल्ड हो गए. तीनों बल्लेबाज उस समय टिककर पारी संभालने में नाकाम रहे, जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी.
    यह भी पढ़ें: विराट कोहली-गौतम गंभीर में नहीं होती बात? अफवाहों पर बैट‍िंग कोच का फूटा गुस्सा

    सबसे ज्यादा सवाल शिवम दुबे के चयन पर उठ रहे हैं. दिसंबर 2019 में ओडीआई डेब्यू करने वाले दुबे ने अब तक गिने-चुने मुकाबले खेले हैं, लेकिन फिर भी उन्हें दोनों मैचों में प्लेइंग इलेवन में मौका मिला. दूसरे वनडे इंटरनेशनल में वह शून्य पर आउट हुए और गेंदबाजी में भी छह ओवर डालने के बावजूद कोई प्रभाव नहीं छोड़ सके. टी20 क्रिकेट में उपयोगी साबित होने वाले दुबे अब तक वनडे प्रारूप में खुद को स्थापित नहीं कर पाए हैं.

    भारत ने अतिरिक्त बल्लेबाज क्यों नहीं चुना?
    सबसे बड़ा सवाल यही है कि विदेशी दौरे पर भारत ने एक अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाज क्यों नहीं चुना? इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड जैसी परिस्थितियों में बल्लेबाजी करना हमेशा कठिन माना जाता है. जब विशेषज्ञ बल्लेबाज भी संघर्ष करते हैं, तब ऐसे खिलाड़ियों पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो जाता है, जिनकी बल्लेबाजी उनकी मुख्य पहचान नहीं है. टीम में एक अतिरिक्त बल्लेबाज होता तो विराट कोहली के आउट होने के बाद पारी को संभालने का विकल्प मौजूद रहता. लेकिन भारत के पास ऐसा कोई विकल्प नहीं था.

    भारत ने पिछले दो वर्षों में व्हाइट-बॉल क्रिकेट में बड़ी सफलताएं हासिल की हैं. टी20 वर्ल्ड कप 2024, चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 और टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद शायद टीम मैनेजमेंट को अपने कॉम्बिनेशन पर जरूरत से ज्यादा भरोसा हो गया. लेकिन इंग्लैंड की परिस्थितियों ने साफ कर दिया कि घरेलू या धीमी पिचों पर सफल रहने वाला फॉर्मूला विदेश में हमेशा काम नहीं करता.

    चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को भी जवाब देना होगा कि आखिर विदेशी दौरे के लिए टीम बनाते समय विशेषज्ञ बल्लेबाजों की जगह ऑलराउंडरों पर इतना बड़ा दांव क्यों लगाया गया. अगर यही रणनीति जारी रही, तो विदेशी सरजमीं पर टीम इंडिया की मुश्किलें खत्म होने की बजाय और बढ़ सकती हैं.

  • दूसरे वनडे में भारत की नजर सीरीज पर कब्जा करने पर

    दूसरे वनडे में भारत की नजर सीरीज पर कब्जा करने पर

    कार्डिफ
     पहले वनडे मुकाबले में 6 विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज करने के बाद, शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम गुरुवार, 16 जुलाई को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरा वनडे मैच खेलने उतरेगी। तीन मैचों की इस सीरीज में भारत फिलहाल 1-0 से आगे है। टी20 सीरीज में 4-0 से करारी शिकस्त झेलने के बाद, वनडे सीरीज के पहले मैच में भारत ने जिस तरह से वापसी की है, उससे टीम इंडिया के हौसले सातवें आसमान पर हैं। आज का मैच जीतकर भारतीय टीम सीरीज को यहीं सील करना चाहेगी, जबकि इंग्लैंड के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा होगा।

    कब और कहां देख सकते हैं लाइव टेलीकास्ट और स्ट्रीमिंग?
    भारत और इंग्लैंड के बीच इस दूसरे वनडे मुकाबले आज यानी कि 16 जुलाई को भारतीय समयानुसार शाम 5:30 बजे से खेला जाएगा। इस मैच का आयोजन सोफिया गार्डन्स, कार्डिफ में किया जाएगा। बता दें कि इस मैच का लाइव प्रसारण टीवी पर सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। वहीं, जो फैंस इस मैच की ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग देखना चाहते हैं, वे जियो हॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर इसका आनंद ले सकते हैं।

    टीम इंडिया के लिए है अच्छी खबर?
    भारतीय टीम की बात करें तो, पहले मैच में 80 रनों की शानदार पारी खेलने वाले कप्तान शुभमन गिल को लेकर राहत की खबर है। पहले वनडे में वे क्रैम्प्स की वजह से रिटायर्ड हर्ट हो गए थे, लेकिन अब वे पूरी तरह फिट हैं। गेंदबाजी में ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने पिछले मैच में 4 विकेट लेने के साथ नाबाद अर्धशतक जड़ा था, वहीं वाशिंगटन सुंदर ने भी अपने वनडे करियर की पहली फिफ्टी लगाई थी। टीम के लिए एकमात्र चिंता तेज गेंदबाज गुरनूर ब्रार की फिटनेस है, अगर वे अनफिट होते हैं तो उनकी जगह अर्शदीप सिंह को प्लेइंग 11 में मौका मिल सकता है। दूसरी ओर हैरी ब्रूक की कप्तानी वाली इंग्लिश टीम को लॉर्ड्स में होने वाले तीसरे मैच को निर्णायक बनाने के लिए आज हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। इंग्लैंड की टीम अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी में सुधार कर भारतीय टीम को चुनौती देने की कोशिश करेगी।

    दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग इलेवन
    भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, वाशिंगटन सुंदर, केएल राहुल (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर ब्रार/अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह।
    इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, बेन डकेट, जो रूट, जोस बटलर (विकेटकीपर), सैम करन, विल जैक्स, जोफ्रा आर्चर, लियाम डॉसन, जोश टंग, आदिल राशिद।

     

  • अमेरिका में कैरेबियाई बल्लेबाजों का धमाका, निकोलस पूरन का सबसे तेज शतक, पोलार्ड ने रचा नया इतिहास

    अमेरिका में कैरेबियाई बल्लेबाजों का धमाका, निकोलस पूरन का सबसे तेज शतक, पोलार्ड ने रचा नया इतिहास

    न्यूयॉर्क
    अमेरिका में इस समय मेजर लीग क्रिकेट यानी एमएलसी टी20 टूर्नामेंट जारी है। बुधवार 15 जुलाई (भारत में 16 जुलाई) को अमेरिका की इसी लीग में कैरेबियाई बल्लेबाजों का तूफान देखने को मिला। इस टी20 लीग में वेस्टइंडीज के दिग्गजों ने अपना दमखम नॉकआउट मैच में दिखाया। निकोलस पूरन ने इस टी20 लीग के इतिहास की सबसे तेज सेंचुरी जड़ी, जबकि किरोन पोलार्ड ने 1000 छक्के टी20 क्रिकेट में पूरे करके एक नया इतिहास लिख दिया। टीम ने भी 260 से ज्यादा रन इस मुकाबले में बनाए।

    दरअसल, मेजर लीग क्रिकेट का एलिमिनेटर मैच एमआई न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन फ्रीडम के बीच खेला जा रहा है। इस मैच में वॉशिंगटन टीम के कप्तान स्टीवन स्मिथ ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। हालांकि, उनको अंदाजा नहीं रहा होगा कि उनकी इतनी खराब हालत न्यूयॉर्क की टीम कर देगी। पहले बल्लेबाजी करते हुए एमआई न्यूयॉर्क टीम ने 266 रनों का विशाल स्कोर इस मुकाबले में बनाए। 9 विकेट जरूर खोए, लेकिन फिर भी टीम बड़ा स्कोर बनाने में सफल रही। इसके पीछे का कारण था निकोलस पूरन और किरोन पोलार्ड का कोहराम।

    पूरन ने जड़ा तूफानी शतक
    निकोलस पूरन ने महज 31 गेंदों में शतक ठोका, जो कि इस लीग के इतिहास का सबसे तेज शतक है। उन्होंने अपनी पारी में कुल 13 छक्के जड़े, जबकि 5 चौके भी उनके बल्ले से आए। 33 गेंदों में 106 रनों की पारी खेलकर वे आउट हुए और सामने वाली टीम को पहले 10 ओवर में ही मैच से बाहर कर दिया था। निकोलस पूरन उस समय बल्लेबाजी के लिए उतरे थे, जब दूसरे ओवर की पहली गेंद पर पहला झटका उनकी टीम को लग गया था। जब वे खुद आउट हुए तो स्कोर 11.4 ओवर में 183/3 था।

    पोलार्ड के 100 छक्के पूरे
    इसके बाद पूर्व कप्तान किरोन पोलार्ड ने 25 गेंदों में एक चौके और 8 छक्कों के दम पर 64 रनों की तूफानी पारी खेली। इसी दौरान उन्होंने टी20 क्रिकेट में 1000 छक्के भी पूरे कर लिए। आपको जानकर हैरानी होगी कि टी20 क्रिकेट के इतिहास में सिर्फ दो बल्लेबाजों ने 1000 या इससे ज्यादा छक्के लगाए हैं। दोनों बल्लेबाज वेस्टइंडीज के ही हैं। यूनिवर्स बॉस क्रिस गेल ने सबसे पहले 1000 छक्के टी20 क्रिकेट में पूरे किए थे और अब किरोन पोलार्ड भी उसी लिस्ट में शामिल हो गए हैं। टी20 क्रिकेट में बहुत बल्लेबाजों के करियर में भी 6 हजार रन नहीं होंगे, लेकिन इन दो बल्लेबाजों ने सिर्फ छक्कों से इस उपलब्धि को हासिल कर लिया है।

  • अब नहीं थमेगा अफगान महिला क्रिकेट का सफर, ICC ने 2030 तक अंतरराष्ट्रीय क्वालिफिकेशन का रोडमैप तैयार किया

    अब नहीं थमेगा अफगान महिला क्रिकेट का सफर, ICC ने 2030 तक अंतरराष्ट्रीय क्वालिफिकेशन का रोडमैप तैयार किया

     नई दिल्ली

    ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) ने अफगानिस्तान की र‍िफ्यूजी महिला क्रिकेटरों के लिए बड़ा कदम उठाया है. ICC ने लक्ष्य रखा है कि वर्ष 2030 तक इन खिलाड़ियों को आधिकारिक क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट खेलने का अवसर मिले। 

    2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद कई महिला क्रिकेटरों को देश छोड़ना पड़ा था और वे ऑस्ट्रेलिया समेत अन्य देशों में शरण लेने को मजबूर हुई थीं। 

    ICC के अनुसार इन खिलाड़ियों के लिए एक डेवलपमेंट रोडमैप तैयार किया जा रहा है, जिसमें नियमित कोचिंग, हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग, अंतरराष्ट्रीय मैचों और टूर का अनुभव शामिल होगा। 

    उद्देश्य यह है कि 2030 तक वे ICC के क्वालिफिकेशन इवेंट्स में प्रतिस्पर्धा करने के लिए पूरी तरह तैयार हों. अफगानिस्तान की र‍िफ्यूयी महिला टीम की खिलाड़ी फिरोजा अमीरी ने ICC के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि पहली बार उन्हें अपने भविष्य के लिए एक ठोस लक्ष्य मिला है. उनका मानना है कि यह पहल केवल क्रिकेट नहीं, बल्कि उन महिलाओं के अधिकारों और सपनों के लिए भी बड़ी उम्मीद लेकर आई है। 

    ऑस्ट्रेलिया ने अफगानिस्तान की रेफ्युजी महिला क्रिकेट टीम को बचाए रखने में अहम भूमिका निभाई है. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कई खिलाड़ियों और उनके परिवारों के लिए मानवीय वीजा (Humanitarian Visa) दिलाने में मदद की. इसके साथ ही खिलाड़ियों को क्रिकेट क्लबों और ट्रेनिंग प्रोग्राम से भी जोड़ा गया है। 

    जनवरी 2025 में इस टीम ने निर्वासन (Exile) के बाद मेलबर्न में 'अफगान विमेंस XI' के नाम से अपना पहला मुकाबला खेला, जो उनके लिए नई शुरुआत का प्रतीक बना। 

    इसके बाद ICC ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया , ECB (इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड)  और BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के साथ मिलकर एक विशेष सहायता कार्यक्रम शुरू किया। 

    इस पहल के तहत खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता, विश्वस्तरीय कोचिंग, फिटनेस सपोर्ट और जिन देशों में वे रह रही हैं, वहां नियमित ट्रेनिंग की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। 

    ICC का यह फैसला महिला क्रिकेट के भविष्य को मजबूत करने के साथ-साथ विस्थापित खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। 

    हाल के वर्षों में अफगान महिला खिलाड़ियों के समर्थन की मांग लगातार उठती रही है और अब 2030 का लक्ष्य उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की उम्मीद को नई मजबूती देता है। 

  • ODI में लौटते ही छाए जसप्रीत बुमराह, इंग्लैंड में बने भारत के नंबर-1 गेंदबाज; एजबेस्टन में भारत की दमदार जीत

    ODI में लौटते ही छाए जसप्रीत बुमराह, इंग्लैंड में बने भारत के नंबर-1 गेंदबाज; एजबेस्टन में भारत की दमदार जीत

    बर्म‍िंघम

     भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 14 जुलाई (मंगलवार) को बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान में हुआ. जहां भारतीय टीम ने मुकाबले को 6 विकेट से अपने नाम किया. मुकाबले में टॉस इंग्लैंड ने पहले खेलते हुए 258 का स्कोर बनाया. जवाब में भारतीय टीम ने 28 गेंद शेष रहते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। 

    भारतीय टीम की ओर से कप्तान शुभमन ग‍िल ने शानदार 80 रनों की पारी खेली, हालांकि वो र‍िटायर्ड हर्ट हो गए. एक समय उनके र‍िटायर्ड हर्ट होने के बाद लग रहा था कि मैच इंग्लैंड के पाले में जा सकता है, लेक‍िन भारत की ओर से अक्षर पटेल (57 नाबाद) और वॉश‍िंगटन सुंदर (52 नाबाद ) ने शानदार साझोदारी की और मैच ज‍िताकर ही वापस लौटे. सुंदर ने छक्का जड़कर मैच फ‍िन‍िश किया।

    भारतीय टीम की ओर से अक्षर पटेल ने कमाल का ऑलरांउड प्रदर्शन किया, उन्होंने 57 रन की नाबाद पारी के अलावा 4 व‍िकेट झटके. कुल म‍िलाकर 'बापू' के नाम से मशहूर अक्षर पटेल भारत के लिए इस मुकाबले में एक्सफैक्टर साब‍ित हुए. पहले उन्होंने गेंदबाजी और फ‍िर बल्लेबाजी से अपना कमाल द‍िखाया. अक्षर को उनके शानदार खेल के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' का अवॉर्ड द‍िया गया.  इंग्लैंड की ओर इस मुकाबले में सबसे ज्यादा जो रूट ने नाबाद 76 रन बनाए। 

    आयरलैंड और इंग्लैंड के ख‍िलाफ टी20 सीरीज में हार के बाद एजबेस्टन में म‍िली यह जीत टीम इंड‍िया के लिए बेहद जरूरी थी. ऐसे में इस जीत से टीम इंड‍िया को नया बूस्ट म‍िला है। 

    2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल के बाद पहली बार वनडे क्रिकेट खेलने उतरे जसप्रीत बुमराह ने 968 दिन के लंबे इंतजार को यादगार बना दिया. इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में वापसी करते ही बुमराह ने न सिर्फ 150 वनडे विकेट पूरे किए, बल्कि इंग्लैंड की धरती पर एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। 

    150 विकेट… शमी और कुलदीप के खास क्लब में बुमराह
    बुमराह ने वनडे क्रिकेट में 150 विकेट पूरे करने के लिए सिर्फ 4605 गेंदें लीं. वह भारत के लिए सबसे कम गेंदों में इस मुकाम तक पहुंचने वाले तीसरे गेंदबाज बन गए।
     
    भारत के लिए सबसे कम गेंदों में 150 वनडे विकेट

    मोहम्मद शमी- 4070 गेंद
    कुलदीप यादव- 4513 गेंद
    जसप्रीत बुमराह- 4605 गेंद
    अजीत आगरकर- 5027 गेंद
    इरफान पठान- 5131 गेंद

    पारी के 13.1 ओवर में बुमराह की पहली ही गेंद पर हैरी ब्रूक पवेलियन लौट गए. बुमराह ने ऑफ स्टंप के बाहर शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद डाली, जिसमें अतिरिक्त उछाल और बाहर की ओर मूवमेंट था. ब्रूक ने गेंद को थर्ड मैन की तरफ गाइड करने की कोशिश की, लेकिन बल्ले का बाहरी किनारा लग गया. पहली स्लिप में खड़े रोहित शर्मा ने आसान कैच लपक लिया। 

    लंबे ब्रेक के बाद वापसी कर रहे बुमराह ने साबित कर दिया कि उनकी रफ्तार और धार में कोई कमी नहीं आई है। 

    इंग्लैंड में बुमराह का दबदबा… सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय

    बुमराह ने इंग्लैंड में वनडे क्रिकेट में भी अपना दबदबा कायम रखा है. इंग्लैंड की धरती पर भारत के लिए सबसे ज्यादा वनडे विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में वह पहले नंबर पर पहुंच गए हैं। 

    इंग्लैंड में भारत के लिए सबसे ज्यादा वनडे विकेट:

    जसप्रीत बुमराह- 31 विकेट
    रवींद्र जडेजा- 30 विकेट
    भुवनेश्वर कुमार- 28 विकेट
    मदन लाल- 27 विकेट
    मोहम्मद शमी- 26 विकेट

    वापसी में मिला दोहरा तोहफा
    बुमराह के लिए यह मुकाबला सिर्फ वापसी का मैच नहीं था, बल्कि रिकॉर्ड बुक में अपना नाम और गहरा करने का मौका भी था. 968 दिन बाद वनडे में उतरते ही उन्होंने दिखा दिया कि क्यों उन्हें भारत की गेंदबाजी का सबसे बड़ा हथियार माना जाता है। 

    चोट से वापसी… लंबा इंतजार... लेकिन मैदान पर उतरते ही वही पुराना बुमराह- सटीक, खतरनाक और रिकॉर्ड तोड़ने वाला.

    भारत की पारी की हाइलाइट्स 
    रनचेज के दौरान रोहित शर्मा सबसे पहले  21 गेंदों पर 11 रन बनाकर सैम करन की गेंद पर आउट हुए. इसके बाद आए व‍िराट कोहली भी महज 5 रन बनाकर जोफ्रा आर्चर की गेंद पर एलबीडब्लू हो गए, इस तरह भारतीय टीम का स्कोर 48/2 हो गया. इसके बाद शुभमन ग‍िल और श्रेयस अय्यर ने संभलकर खेलना शुरू किया, लेकिन जब भारत का स्कोर 149/2 था तभी कप्तान ग‍िल (80 नाबाद) पर र‍िटायर्ड हर्ट हो गए. ग‍िल के पवेल‍ियन जाने के बाद श्रेयस अय्यर 35 के स्कोर पर रन आउट हो गए। 

    इसके बाद केएल राहुल से उम्मीद थी कि वो संभलकर खेलेंगे, लेकिन वो भी जोश टंग की गेंद पर 1 रन पर बोल्ड हो गए. इस तरह भारतीय टीम का स्कोर 160/4 हो गया.  लेकिन इसके बाद अक्षर पटेल और वॉश‍िंगटन सुंदर अंत तक ट‍िके रहे और भारत को जीत द‍िलाकर ही वापस लौटे। 

    इंग्लैंड की पारी की हाइलाइट्स 
    मुकाबले में टॉस जीतकर इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. इंग्लैंड की ओर से बल्लेबाज जो रूट (76 नाबाद)  और ल‍ियाम डॉसन (68) ही चल सके, बाकी कोई भी बल्लेबाज ट‍िकने का माद्दा नहीं द‍िखा सका. भारतीय टीम की ओर से अक्षर पटेल ने सबसे ज्यादा 4 व‍िकेट झटके. इंग्लैंड की टीम  258 रन बनाकर (47.5 ओवर्स) ऑलआउट हो गई। 

    इस मुकाबले में इंग्लैंड ने सधी शुरुआत की, लेकिन उनका पहला व‍िकेट जैकब बेथेल (14) के रूप में 13वें ओवर ग‍िरा. वो गुरनूर बरार की गेंद पर वॉश‍िंंगटन सुंदर को कैच थमा बैठे. वहीं गुरनूर के इसी ओवर में बेन डकेट (43) भी बाउंड्री लाइन पर जसप्रीत बुमराह को थर्ड मैन पर कैच थमा बैठे। 

    गुरनूर के इस ओवर के बाद कप्तान ग‍िल ने अटैकिंंग मूव अपनाया और जसप्रीत बुमराह को गेंदबाजी के लिए लाए, उन्होंने 14वें ओवर की पहली ही गेंद पर हैरी ब्रूक (1) को रोहित शर्मा के हाथों कैच आउट करवाया. जो उनका 150वां वनडे व‍िकेट रहा।  

    16.1 ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा ने भारत को बड़ी सफलता दिलाई. उन्होंने जोस बटलर को 5 रन के स्कोर पर पवेलियन भेज दिया. गुरनूर बरार ने शानदार कैच लपक लिया. बटलर 14 गेंदों में बिना किसी चौके-छक्के के 5 रन बनाकर आउट हुए। 

    16.4 ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा ने सैम करन (0) को बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया. विकेट के पीछे केएल राहुल ने शानदार कैच पकड़कर इंग्लैंड को एक और झटका दे दिया. सैम करन 3 गेंदों का सामना कर बिना रन बनाए आउट हुए। 

    इसके बाद 21.4 ओवर में शिवम दुबे ने भारत को बड़ी सफलता दिलाई, लेकिन इस विकेट का पूरा श्रेय विकेटकीपर केएल राहुल की शानदार फील्डिंग को जाता है. दुबे की गेंद पर विल जैक्स ने शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेट के पीछे गई. राहुल ने अपनी दाईं ओर हवा में छलांग लगाते हुए एक हाथ से ऐसा बेहतरीन कैच लपका कि हर कोई हैरान रह गया. यह दुबे का अगस्त 2024 के बाद वनडे क्रिकेट में पहला विकेट भी था. जैक्स 19 गेंदों में 3 चौकों की मदद से 20 रन बनाकर पवेलियन लौटे। 

    107 पर छठा व‍िकेट ग‍िरने के बाद ल‍ियाम डॉसन और जो रूट ने 121 रनों की  पार्टनरश‍िप की, जब इंग्लैंड का स्कोर 228 हुआ तो उनका सातवां व‍िकेट डॉसन (68) के रूप में ग‍िरा, वो अक्षर पटेल की गेंद पर रोहित शर्मा के हाथों लपके गए. इसके बाद अक्षर पटेल ने 6 गेंदों पर 12 रन बनाने वाले जोफ्रा ऑर्चर को वॉश‍िंंगटन सुंदर के हाथों कैच आउट करवाया. आख‍िरी के दोनों व‍िकेट आद‍िल राश‍िद (1) और जोश टंग (0) को भी अक्षर पटेल ने ही आउट किया. अक्षर के 4 व‍िकेट के अलावा प्रस‍िद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार ने 2-2 और जसप्रीत बुमरा और श‍िवम दुबे ने 1-1 व‍िकेट लिया। 

  • एजबेस्टन टेस्ट में टीम इंडिया का दबदबा, 17 ओवर के भीतर इंग्लैंड के 5 बल्लेबाज ढेर

    एजबेस्टन टेस्ट में टीम इंडिया का दबदबा, 17 ओवर के भीतर इंग्लैंड के 5 बल्लेबाज ढेर

       बर्म‍िंघम

     भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 14 जुलाई (मंगलवार) को बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान में हैं. मुकाबले में टॉस इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।  अभी जो रूट और विल जैक्स इस समय बल्लेबाजी कर रहे हैं. इस मुकाबले की लाइव अपडेट और स्कोरकार्ड के लिए इस पेज को र‍िफ्रेश करते रहें। 

     इंग्लैंड की पारी की हाइलाइट्स 
    इस मुकाबले में इंग्लैंड ने सधी शुरुआत की, लेकिन उनका पहला व‍िकेट जैकब बेथेल (14) के रूप में 13वें ओवर ग‍िरा. वो गुरनूर बरार की गेंद पर वॉश‍िंंगटन सुंदर को कैच थमा बैठे. वहीं गुरनूर के इसी ओवर में बेन डकेट (43) भी बाउंड्री लाइन पर जसप्रीत बुमराह को थर्ड मैन पर कैच थमा बैठे। 

    गुरनूर के इस ओवर के बाद कप्तान ग‍िल ने अटैकिंंग मूव अपनाया और जसप्रीत बुमराह को गेंदबाजी के लिए लाए, उन्होंने 14वें ओवर की पहली ही गेंद पर हैरी ब्रूक (1) को रोहित शर्मा के हाथों कैच आउट करवाया. जो उनका 150वां वनडे व‍िकेट रहा।    

    16.1 ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा ने भारत को बड़ी सफलता दिलाई. उन्होंने जोस बटलर को 5 रन के स्कोर पर पवेलियन भेज दिया. फुल लेंथ गेंद पर बटलर ने मिड-विकेट की ओर फ्लिक करने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर हवा में चली गई. मिड-ऑफ और मिड-ऑन से गुरनूर बरार और शुभमन गिल कैच के लिए दौड़े. दोनों की नजरें गेंद पर थीं और इस दौरान हल्की टक्कर भी हुई, लेकिन गुरनूर बरार ने खुद को संभालते हुए शानदार कैच लपक लिया. बटलर 14 गेंदों में बिना किसी चौके-छक्के के 5 रन बनाकर आउट हुए। 

    16.4 ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा ने सैम करन को बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया. प्रसिद्ध ने लेंथ गेंद को बल्लेबाज से दूर बाहर की ओर एंगल करते हुए डाला. गेंद में पर्याप्त चौड़ाई थी और करन शॉट खेलने के लालच में आ गए. उन्होंने बल्ला चलाया, लेकिन गेंद का बाहरी किनारा लग गया. विकेट के पीछे केएल राहुल ने शानदार कैच पकड़कर इंग्लैंड को एक और झटका दे दिया. सैम करन 3 गेंदों का सामना कर बिना रन बनाए आउट हुए। 

    इंग्लैंड की प्लेइंग XI: जैकब बेथेल, बेन डकेट, जो रूट, हैरी ब्रूक (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), सैम करन, विल जैक्स, जोफ्रा आर्चर, लियाम डॉसन, जोश टंग, आदिल राशिद। 

    टीम इंड‍िया की प्लेइंग XI: रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेट कीपर), वॉशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, गुरनूर बरार, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा

    एजबेस्टन की पिच रिपोर्ट
    मौसम विभाग के अनुसार मुकाबले के दौरान बारिश की संभावना नहीं है और आसमान साफ रहेगा. एजबेस्टन में पिछला वनडे मई 2025 में खेला गया था, जिसमें इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 400 रन बनाए थे और विपक्षी टीम को सिर्फ 162 रन पर समेट दिया था. हालांकि हाल ही में महिला टी20 विश्व कप के दौरान इसी मैदान पर दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान के बीच कम स्कोर वाला मुकाबला भी देखने को मिला था। 

    आंकड़ों में मुकाबला
    2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद से फुल मेंबर देशों में वनडे जीत प्रतिशत के मामले में इंग्लैंड से खराब रिकॉर्ड सिर्फ जिम्बाब्वे का है.
    जसप्रीत बुमराह 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल के बाद पहली बार वनडे मैच खेलते नजर आएंगे.
    इंग्लैंड इस सीरीज के जरिए वनडे में अपनी खोई हुई लय वापस पाना चाहेगा, जबकि भारत टी20 सीरीज की निराशा को पीछे छोड़ने की कोशिश करेगा.

    इंडिया स्क्वॉड: रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (व‍िकेटकीपर), ईशान किशन (व‍िकेटकीपर), अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव, शिवम दुबे, प्रसिद्ध कृष्णा
    इंग्लैंड स्क्वॉड: बेन डकेट, विल जैक्स, जो रूट, हैरी ब्रूक (कप्तान), जोस बटलर (व‍िकेटकीपर), जैकब बेथेल, सैम करन, लियाम डॉसन, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, साकिब महमूद, टॉम बैंटन, जोश टंग, गस एटकिंसन, जेम्स कोल्स, रेहान अहमद

    भारत vs इंग्लैंड (वनडे सीरीज का शेड्यूल)
    • 14 जुलाई: पहला वनडे, बर्मिंघम, दोपहर 3.30 बजे
    • 16 जुलाई: दूसरा वनडे, कार्डिफ, शाम 5.30 बजे
    • 19 जुलाई: तीसरा वनडे, लॉर्ड्स, दोपहर 3.30 बजे

  • रोहित-विराट की वापसी से इंग्लैंड के खिलाफ भारत बढ़ाएगा जीत की उम्मीदें फिर

    रोहित-विराट की वापसी से इंग्लैंड के खिलाफ भारत बढ़ाएगा जीत की उम्मीदें फिर

    नई दिल्ली
    लगातार हार से जूझ रही भारतीय टीम के सामने अब वापसी का सबसे बड़ा मौका है. इंग्लैंड के खिलाफ मंगलवार से शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज सिर्फ एक द्विपक्षीय मुकाबला नहीं, बल्कि टीम इंडिया के आत्मविश्वास की परीक्षा भी है. टी20 सीरीज में मिली 0-4 की शर्मनाक हार और उससे पहले आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से हार के बाद भारतीय टीम का मनोबल टूट चुका है. ऐसे में सभी की निगाहें एक बार फिर रोहित शर्मा और विराट कोहली पर टिक गई हैं. यह मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 3.30 बजे शुरू होगा.

    करीब दो दशक से भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ रहे ये दोनों दिग्गज अब उस प्रारूप में वापसी कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने अनगिनत मैच जिताए हैं. टी20 क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव के बावजूद वनडे अब भी रोहित और विराट का सबसे पसंदीदा मंच है. 39 साल के रोहित शर्मा और जल्द 38 साल के होने वाले विराट कोहली की नजरें अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप पर हैं और यह सीरीज उनके लिए लय हासिल करने का बेहतरीन अवसर है.

    हालांकि इंग्लैंड की परिस्थितियां आसान नहीं होंगी. बर्मिंघम की पिच पर जोफ्रा आर्चर, जोश टंग और गस एटकिंसन जैसे तेज गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा लेंगे. फिर भी रोहित और विराट का रिकॉर्ड बताता है कि उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों के खिलाफ कई बार मैच का रुख पलटा है. ऐसे में भारतीय टीम को उनसे सिर्फ रन ही नहीं, बल्कि ड्रेसिंग रूम में आत्मविश्वास लौटाने की भी उम्मीद होगी.
        
    भारतीय बल्लेबाजी इस बार काफी मजबूत नजर आ रही है. कप्तान शुभमन गिल की वापसी से शीर्ष क्रम को मजबूती मिलेगी, जबकि केएल राहुल और श्रेयस अय्यर मध्यक्रम में अनुभव और स्थिरता देंगे. अगर यह चौकड़ी अपने स्तर के अनुरूप खेलती है तो इंग्लैंड के लिए भारतीय बल्लेबाजी को रोकना आसान नहीं होगा.

    हालांकि सबसे बड़ी चिंता गेंदबाजी को लेकर है. अच्छी बात यह है कि जसप्रीत बुमराह की वापसी से आक्रमण को नई धार मिलेगी. उनके साथ अर्शदीप सिंह नई गेंद से अहम भूमिका निभाएंगे, जबकि इंग्लैंड की परिस्थितियों में युवा गुरनूर बरार की परीक्षा भी होगी. ऑलराउंडर शिवम दुबे को हार्दिक पंड्या और नीतीश कुमार रेड्डी की गैरमौजूदगी में अतिरिक्त जिम्मेदारी निभानी होगी.

    स्पिन विभाग में वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल टी20 सीरीज में उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके थे, लेकिन टीम प्रबंधन उनकी बल्लेबाजी क्षमता को देखते हुए उन पर भरोसा कायम रख सकता है. वहीं कुलदीप यादव विकेट निकालने वाले सबसे बड़े स्पिन हथियार होंगे.

    दूसरी ओर इंग्लैंड लंबे समय बाद वनडे क्रिकेट खेल रहा है. मेजबान टीम ने जनवरी के बाद इस प्रारूप में कोई मुकाबला नहीं खेला है, लेकिन हाल में टी20 सीरीज में भारत पर 4-0 की शानदार जीत ने उसका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है. कप्तान हैरी ब्रूक के अलावा जो रूट, जोस बटलर, जैकब बेथेल और बेन डकेट जैसी मजबूत बल्लेबाजी इंग्लैंड को बेहद खतरनाक बनाती है.

  • जिम्बाब्वे दौरे से बाहर संजू, क्या चयनकर्ताओं की पहली पसंद अब नहीं रहे?

    जिम्बाब्वे दौरे से बाहर संजू, क्या चयनकर्ताओं की पहली पसंद अब नहीं रहे?

    नई दिल्ली
    भारतीय क्रिकेट में संजू सैमसन का नाम हमेशा उन खिलाड़ियों में लिया जाएगा, जिनकी प्रतिभा पर शायद ही कभी किसी ने सवाल उठाया हो. लेकिन यह भी उतना ही बड़ा सच है कि उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के साथ हमेशा 'अगर' और 'मगर' जुड़े रहे. कभी टीम में जगह नहीं मिली, कभी लगातार मौके नहीं मिले और जब मिले तो टीम का संयोजन बदल गया. अब एक बार फिर घटनाक्रम ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या संजू सैमसन टीम इंडिया की टी20 योजनाओं से धीरे-धीरे बाहर होते जा रहे हैं या फिर वह सिर्फ एक 'स्टेपनी' बनकर रह गए हैं.

    सवाल इसलिए भी बड़ा है क्योंकि सिर्फ चार महीने पहले तस्वीर बिल्कुल अलग थी. संजू सैमसन न सिर्फ टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे, बल्कि 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' भी चुने गए थे. उस समय वह टीम इंडिया की सफलता के बड़े नायकों में गिने जा रहे थे. लेकिन सिर्फ चार महीने बाद तस्वीर बदलती नजर आ रही है. इंग्लैंड टी20 सीरीज में बीच में प्लेइंग इलेवन से बाहर होना, आखिरी मैच में मौका मिलना और फिर जिम्बाब्वे दौरे के लिए घोषित टीम में जगह नहीं मिलना इस ओर इशारा करता है कि फिलहाल वह टीम मैनेजमेंट की पहली पसंद नहीं हैं. यही वजह से सवाल उठ रहा है कि क्या संजू अब टीम इंडिया के लिए सिर्फ एक बैकअप यानी 'स्टेपनी' बनकर रह गए हैं.

    इंग्लैंड दौरे से शुरू हुआ बड़ा सवाल
    इस सवाल की शुरुआत इंग्लैंड दौरे से होती है. भारत की टी20 टीम शुरुआती मुकाबलों में बुरी तरह पिछड़ चुकी थी और सीरीज हाथ से निकल चुकी थी. ऐसे समय में संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में वापस लाया गया. पहली नजर में यह फैसला सकारात्मक लगा, लेकिन अगर घटनाक्रम को थोड़ा गहराई से देखें तो यह सवाल भी उठता है कि जब टीम सीरीज गंवा चुकी थी, तभी संजू की याद क्यों आई? अगर टीम मैनेजमेंट वास्तव में उन्हें अपनी भविष्य की योजनाओं का अहम हिस्सा मानता, तो क्या उन्हें शुरुआत से ही लगातार मौके नहीं मिलने चाहिए थे?

    यह भी संभव है कि टीम प्रबंधन सभी विकल्पों को आजमाना चाहता हो. लेकिन एक दूसरा पहलू भी है. संजू को लेकर सोशल मीडिया पर लंबे समय से बहस चलती रही है. हर बार उनके बाहर होने पर चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठते हैं. ऐसे में इंग्लैंड सीरीज में उन्हें मौका देना उन आलोचनाओं को कुछ समय के लिए शांत करने की कोशिश भी माना जा सकता है.

    हालांकि, सबसे बड़ा संकेत जिम्बाब्वे दौरे के लिए घोषित टीम से मिला. इंग्लैंड सीरीज के बीच ही तीन टी20 मैचों की इस सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान हुआ, लेकिन उसमें संजू सैमसन का नाम नहीं था. दूसरी ओर, वैभव सूर्यवंशी को एक बार फिर मौका मिला. इससे साफ संकेत मिला कि चयनकर्ता भविष्य की टीम तैयार करने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं.

    जिम्बाब्वे दौरा बताता है टीम इंडिया का रोडमैप
    जिम्बाब्वे दौरे जैसी सीरीज में अक्सर नए खिलाड़ियों को मौका दिया जाता है. ऐसे दौरे अनुभवी खिलाड़ियों को भी लय हासिल करने का अवसर देते हैं. ऐसे में अगर चयनकर्ता संजू को अपनी लंबी योजना का हिस्सा मानते, तो उन्हें भी इस टीम में जगह मिल सकती थी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इससे यह संकेत जरूर मिलता है कि चयनकर्ताओं की प्राथमिकता अब नई पीढ़ी तैयार करना है.

    वैभव सूर्यवंशी पर टीम मैनेजमेंट का भरोसा साफ दिखता है. जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम का ऐलान इंग्लैंड सीरीज के दौरान ही हुआ और उसमें वैभव को जगह मिली, जबकि संजू सैमसन को नहीं. इससे यही संदेश जाता है कि चयनकर्ता युवा खिलाड़ियों पर लंबी अवधि का दांव लगाने के लिए तैयार हैं.

    यानी एक खिलाड़ी भविष्य की योजना का हिस्सा है, जबकि दूसरे को जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल होने वाले विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है.

    क्या संजू के लिए अभी भी खुला है वापसी का रास्ता?
    क्या इसका मतलब यह है कि संजू सैमसन का अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म हो गया है? अभी ऐसा कहना जल्दबाजी होगी. क्रिकेट में परिस्थितियां बहुत तेजी से बदलती हैं. चोट, खराब फॉर्म या टीम संयोजन में बदलाव किसी भी खिलाड़ी के लिए वापसी का रास्ता खोल सकते हैं.

    लेकिन मौजूदा तस्वीर यही कहती है कि टीम इंडिया की टी20 रणनीति अब भविष्य की ओर बढ़ चुकी है. चयनकर्ता उन खिलाड़ियों में निवेश करना चाहते हैं, जिन्हें अगले पांच से सात वर्षों तक भारतीय क्रिकेट की रीढ़ बनाया जा सके. ऐसे में संजू सैमसन फिलहाल उस योजना के केंद्र में नजर नहीं आते.

    फिलहाल तस्वीर यही कहती है कि संजू सैमसन टीम इंडिया की पहली पसंद नहीं हैं. उन्हें तब मौका मिलता है, जब टीम को किसी विकल्प की जरूरत होती है. यही वजह है कि उनके प्रदर्शन से ज्यादा उनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. मौजूदा हालात में वह नियमित सदस्य से ज्यादा एक 'स्टेपनी' की तरह नजर आते हैं.