Category: खेल

  • क्रिकेट में गजब का कारनामा! एक गेंद के लिए 100 किमी दौड़ा इंग्लिश क्रिकेटर, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

    क्रिकेट में गजब का कारनामा! एक गेंद के लिए 100 किमी दौड़ा इंग्लिश क्रिकेटर, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

    लंदन 

    क्या आप भरोसा करते हैं कि किसी गेंदबाज ने एक गेंद  फेंकने के लिए 100 किमी. की दौड़ लगाई! आप कहेंगे कि भला यह क्या बात हुई! बिल्कुल बात आपकी सही है. इस पर एक बार को भरोसा करना मुश्किल है, लेकिन यह बात एकदम दो सौ फीसद सही है. इंग्लैंड में एक स्थानीय क्रिकेटर  सैम बोडोआनो ने यह हैरान कर देने वाली उपलब्धि हासिल करते हुए नया रिकॉर्ड बना दिया. उसने सिर्फ एक गेंद फेंकने के लिए 100 किमी. की दौड़ लगाई.  सैम बोडोआनो ने अपना रन-अप लॉर्ड्स से शुरू किया और सरे के वोकिंग में वैली एंड क्रिकेट क्लब में गेंद फेंकी. इसके साथ ही, उन्होंने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराने के लिए भी आवेदन किया है। 

    100 किमी के रन अप में लगा इतना समय
     सैम बोडोआनो को इस रन-अप में 14 घंटे का समय लगा. बोडोआनो का यह प्रयास दान (चैरिटी) के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से था. उन्होंने कैंसर चैरिटी 'द रूथ स्ट्रॉस फाउंडेशन' के लिए कुल £6,000 जुटाए, जिसकी स्थापना इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने अपनी दिवंगत पत्नी रूथ की याद में की थी। 

    . रिकॉर्ड को आधिकारिक बनाने के लिए उन्हें क्रिकेट की सफेद पोशाक पहनकर हाथ में गेंद लेकर दौड़ना था. साथ ही फिर उस ऐतिहासिक गेंद को फेंकने के बाद एक मैच भी खेलना था. बोडोआनो के इस प्रयास ने टॉम डन के 24 किलोमीटर के रन-अप को पीछे छोड़ दिया है, जिसे साल 2024 में बनाया गया था। 

    'बयां किया- कैसा रहा अनुभव'
    'द टेलीग्राफ' में उद्धृत बयानों के अनुसार, अपनी इस उपलब्धि के बाद बोडोआनो ने कहा, 'पूरे समय गेंद को पकड़े रहना काफी परेशान करने वाला था, लेकिन लेकिन मुझे आश्चर्य हुआ कि सफेद कपड़े पहनना उतना असुविधाजनक नहीं था जितना मैंने सोचा था. मुझे लगा था कि त्वचा छिलना बहुत खराब होगा. यह बहुत कठिन था, मेरे पैर पूरी तरह से थककर टूट चुके थे, लेकिन मैं इसे पूरा करने में सफल रहा और रास्ते में मुझे बहुत अच्छा समर्थन मिला। 

    उन्होंने आगे कहा, 'मैं बहुत थका हुआ हूं. मेरी नींद पूरी नहीं हुई, लेकिन यह सब एक अद्भुत उद्देश्य के लिए था. मैं सोशल मीडिया पर कई चुनौतियां लेता रहता हूं. कोई भी ऐसी चीज जहां मैं अपने जुनून को एक साथ जोड़ सकूं. मैं अपनी जिंदगी के अधिकांश हिस्से में क्रिकेट खेलता रहा हूं. इसलिए अल्ट्रा-मैराथन जैसी चीजों को क्रिकेट के साथ जोड़ना कुछ ऐसा था जिसके लिए मैं बहुत उत्सुक था.' गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के नियमों के अनुसार, बोडोआनो का प्रयास अब एक औपचारिक सत्यापन प्रक्रिया से गुजरेगा. इसके बाद बाद रिकॉर्ड को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी जाएगी। 

  • Asian Games 2026: भारत का मेगा प्लान तैयार, 503 खिलाड़ी और 246 सपोर्ट स्टाफ के साथ पदकों पर नजर

    Asian Games 2026: भारत का मेगा प्लान तैयार, 503 खिलाड़ी और 246 सपोर्ट स्टाफ के साथ पदकों पर नजर

     नई दिल्ली

    आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय दल पूरी तरह तैयार है. युवा मामले एवं खेल मंत्रालय ने 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले इस महाकुंभ के लिए 758 सदस्यीय भारतीय दल को मंजूरी दी है. इसमें 503 खिलाड़ी और 246 सपोर्ट स्टाफ शामिल हैं। 

    भारत 43 में से 35 खेलों में अपनी चुनौती पेश करेगा. भारत ने पिछले एशियन गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पहली बार 100 पदकों का आंकड़ा पार किया था. हांगझोउ में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 107 मेडल अपने नाम किए थे. अब जापान में इस प्रदर्शन को और बेहतर करने की कोशिश होगी। 

    भारतीय दल में 269 पुरुष और 234 महिला खिलाड़ी शामिल हैं. शुरुआती सूची में 492 खिलाड़ियों को मंजूरी मिली थी, लेकिन बाद में 11 और खिलाड़ियों को शामिल किया गया. इनमें एथलेटिक्स के छह, सर्फिंग के चार और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) का एक खिलाड़ी शामिल है। 

    एथलेटिक्स में प्रवीण कुमार, हरिता भद्रा, किरण पहल, आशा इलांगो, सिंधुश्री गणेशा और सान्या यादव को जगह मिली है. वहीं MMA में वरुण सन्याल, जबकि सर्फिंग में किशोर कुमार, शिवराज बाबू, कमाली प्रकाश और शुगर शांति गायेन भारतीय दल का हिस्सा होंगे।

    क्रिकेट में 50 सदस्यीय दल
    क्रिकेट इवेंट (पुरुष एवं महिला) के लिए
    भारत का दल 50 सदस्यों का होगा. इनमें कुल 20 सपोर्ट स्टाफ भी शामिल हैं. पुरुष टीम के हेड कोच वीवीएस लक्ष्मण होंगे, जबकि महिला टीम की कोचिंग की जिम्मेदारी अमोल मजूमदार संभालेंगे. क्रिकेट में भारत की दोनों टीमें मजबूत दावेदार के रूप में उतरेंगी। 

    हॉकी (पुरुष एवं महिला) में भारत कुल 54 सदस्यीय दल भेजेगा. इसमें 40 खिलाड़ी और 14 सपोर्ट स्टाफ शामिल हैं. एशियन गेम्स में हॉकी भारत के लिए पदक की अहम उम्मीदों में शामिल रहेगा। 

    भारतीय दल में सबसे बड़ा नाम जो नजर नहीं आएगा, वो नीरज चोपड़ा का है. स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज एंकल लिगामेंट की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं. नीरज ने जकार्ता (2018) और हांगझोउ (2023) एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीते थे. ऐसे में उनके बाहर होने से भारत के एथलेटिक्स अभियान को बड़ा झटका लगा है। 

    भारतीय ओलंपिक संघ की ओर से 19 अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल भी जापान जाएगा. वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के प्रमुख सहदेव यादव को शेफ डी मिशन बनाया गया है, जबकि चार डिप्टी शेफ डी मिशन उनकी मदद करेंगे. डॉ. दिनशॉ पारदीवाला को चीफ मेडिकल ऑफिसर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

  • Team India का World Cup मिशन शुरू, अफ्रीकी धरती पर खेलेगी वनडे सीरीज; BCCI की CSA से बातचीत जारी

    Team India का World Cup मिशन शुरू, अफ्रीकी धरती पर खेलेगी वनडे सीरीज; BCCI की CSA से बातचीत जारी

     नई दिल्ली

    टीम इंडिया  वनडे वर्ल्ड कप 2027 से पहले साउथ अफ्रीका में वनडे सीरीज खेल सकती है. BCCI और CSA के बीच 4 से 6 मैचों की सीरीज को लेकर बातचीत चल रही है. टीम मैनेजमेंट ने अफ्रीकी परिस्थितियों में गेम टाइम मांगा है. नई FTP अभी तैयार नहीं है, इसलिए वर्ल्ड कप से ठीक पहले इस सीरीज के आयोजन की संभावना बनी हुई है। 

    भारतीय क्रिकेट टीम 2027 में होने जा रहे वनडे वर्ल्ड कप से पहले साउथ अफ्रीका का दौरा कर सकती है, यह दौरान वनडे वर्ल्ड कप के ल‍िहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। 

    टीम इंडिया के पास 2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले साउथ अफ्रीका की परिस्थितियों में खुद को ढालने का मौका मिल सकता है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और क्रिकेट साउथ अफ्रीका (CSA) के बीच वर्ल्ड कप से ठीक पहले एक वनडे सीरीज करवाने लेकर बातचीत चल रही है. टीम मैनेजमेंट ने खुद इस तरह की सीरीज की मांग की है। 

    दरअसल, 2027 का वनडे वर्ल्ड कप अक्टूबर-नवंबर की विंडो में साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाना है. ऐसे में भारतीय टीम मैनेजमेंट चाहता है कि विश्व कप शुरू होने से पहले टीम को अफ्रीकी परिस्थितियों में पर्याप्त मैच खेलने का मौका मिले। 

    कितने मैचों की हो सकती है सीरीज?
    मौजूदा बातचीत के मुताबिक भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 4 से 6 वनडे मैचों की सीरीज कराए जाने पर विचार हो रहा है. अभी इसका 
    शेड्यूल या मैचों की  संख्या तय नहीं हुई है। 

    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय टीम मैनेजमेंट के अनुरोध के बाद BCCI ने CSA से संपर्क किया है. मकसद साफ है- वर्ल्ड कप से पहले खिलाड़ियों को अफ्रीकी परिस्थितियों में ज्यादा से ज्यादा गेम टाइम देना और टीम को वहां के हालात के लिए तैयार करना। 
    यानी यह सिर्फ एक सामान्य द्विपक्षीय सीरीज नहीं होगी. टीम इंडिया इसे वर्ल्ड कप की तैयारी के हिस्से के तौर पर देख सकती है। 

    अफ्रीका में खेलने का फायदा क्या होगा?
    वनडे वर्ल्ड कप के दौरान टीमों को दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों का सामना करना होगा. ऐसे में वहां जाकर खेलने से भारतीय खिलाड़ियों को पिच, उछाल, मौसम और तेज गेंदबाजों के खिलाफ बल्लेबाजी जैसे पहलुओं को समझने का मौका मिलेगा। 

    खास तौर पर वर्ल्ड कप से ठीक पहले सीरीज होने का फायदा यह होगा कि खिलाड़ी परिस्थितियों के साथ जल्दी तालमेल बिठा सकेंगे. यही वजह है कि टीम मैनेजमेंट ने अफ्रीका में मैच खेलने की जरूरत BCCI के सामने रखी है। 

    रिपोर्ट के मुताबिक, नया फ्यूचर  टूर प्रोग्राम (FTP)अभी तैयार नहीं हुई है. ऐसे में वर्ल्ड कप से ठीक पहले इस सीरीज को शेड्यूल करने में फिलहाल कोई बड़ी अड़चन नहीं दिख रही है। 

    मौजूदा FTP में क्यों नहीं है यह दौरा?
    2023-27 के मौजूदा FTP में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच वर्ल्ड कप से पहले ऐसी कोई वनडे सीरीज निर्धारित नहीं है. मौजूदा FTP के तहत भारत के द्विपक्षीय कार्यक्रम लगभग मार्च 2027 तक चलते हैं। 

    इसके बाद 2027 वर्ल्ड कप अक्टूबर-नवंबर में होना है. इस लंबे अंतराल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज फिट करने की गुंजाइश बन सकती है. नई FTP अभी तय नहीं हुई है, इसलिए BCCI और CSA के पास शेड्यूल  लेकर बदलाव की जगह मौजूद है। 

    भारत के 2026-27 के घरेलू कार्यक्रम में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे, न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच वनडे और फिर श्रीलंका तथा जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन-तीन वनडे शामिल हैं. इसके अलावा अफगानिस्तान, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड और श्रीलंका के खिलाफ T20I मुकाबले भी हैं। 

    इसके बाद भारत को न्यूजीलैंड में टेस्ट सीरीज और घर पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी भी खेलनी है. इतना बिजी शेड्यूल होने की वजह से खिलाड़ियों के वर्कलोड और फिटनेस को लेकर भी BCCI चिंतित है। 

    2023 में भी अफ्रीका में जीती थी ODI सीरीज
    भारत ने आखिरी बार साउथ अफ्रीका में वनडे सीरीज दिसंबर 2023 में खेली थी. उस दौरे पर भारतीय टीम ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी. जोहान‍िसबर्ग में खेले गए पहले वनडे में भारत ने साउथ अफ्रीका को 116 रन पर समेटकर 8 विकेट से जीत दर्ज की थी. दूसरे वनडे में साउथ अफ्रीका ने वापसी करते हुए 8 विकेट से मुकाबला जीता. इसके बाद पार्ल में तीसरे वनडे में भारत ने 78 रन से जीत हासिल कर सीरीज अपने नाम कर ली। 

    इस सीरीज में संजू सैमसन ने निर्णायक तीसरे वनडे में शतक लगाया था, जबकि अर्शदीप सिंह ने सीरीज में शानदार गेंदबाजी करते हुए 10 विकेट हासिल किए थे. साई सुदर्शन ने भी उस सीरीज में प्रभावित किया था और तीन मैचों में 127 रन बनाए थे। 

    भारत ने इसके बाद नवंबर 2024 में साउथ अफ्रीका का T20I दौरा जरूर किया, लेकिन मौजूदा FTP में वर्ल्ड कप को-होस्ट के खिलाफ कोई वनडे सीरीज नहीं खेली है। 

    फिलहाल साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज की तारीखों या मैचों की संख्या पर अंतिम मुहर नहीं लगी है. लेकिन अगर BCCI और CSA के बीच बात बनती है, तो वर्ल्ड कप शुरू होने से ठीक पहले अफ्रीकी धरती पर टीम इंडिया की यह सीरीज उसकी तैयारियों के लिए बड़ा बूस्टर साबित हो सकती है। 

  • Asian Games: गंभीर की जगह लक्ष्मण को मिली बड़ी जिम्मेदारी, श्रेयस अय्यर की टीम को देंगे कोचिंग

    Asian Games: गंभीर की जगह लक्ष्मण को मिली बड़ी जिम्मेदारी, श्रेयस अय्यर की टीम को देंगे कोचिंग

    नई दिल्ली
    जापान में होने जा रहे एशियन गेम्स 2026 को लेकर भारतीय क्रिकेट टीम की तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं. 24 सितंबर से शुरू होने वाले मेन्स क्रिकेट टूर्नामेंट में भारतीय टीम की अगुवाई श्रेयस अय्यर करेंगे. मगर टीम के साथ हेड कोच गौतम गंभीर जापान नहीं जाएंगे. एशियन गेम्स और वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की मल्टी-फॉर्मेट सीरीज की तारीखें आपस में टकरा रही हैं. इसी वजह से भारतीय क्रिकेट टीम को दो अलग-अलग मोर्चों पर उतरना होगा. नियमित टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज खेलेगी, जबकि श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। 

    गौतम गंभीर की गैरमौजूदगी में पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण हेड कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे. समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट में इस बात की जानकारी सामने आई है. लक्ष्मण के साथ सुनील जोशी, ऋषिकेश कनितकर और सुभदीप घोष सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा होंगे. वहीं मारूफ फजंदर टीम के सपोर्ट स्टाफ के लीडर की भूमिका निभाएंगे. भारत की टीम में कई बड़े टी20 सितारे शामिल हैं, ऐसे में उसे स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। 

    टीम इंडिया सीधे क्वार्टर फाइनल खेलेगी
    भारत के सपोर्ट स्टाफ में कोचिंग और अन्य भूमिकाओं के लिए कई सदस्य होंगे. एशियन गेम्स के लिए भारतीय दल में एथलेटिक्स के बाद क्रिकेट का सपोर्ट स्टाफ सबसे बड़ा होगा. भारतीय टीम को एशियन गेम्स में ग्रुप स्टेज खेलने की जरूरत नहीं होगी. भारत को सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला है। 

    श्रेयस अय्यर ब्रिगेड टूर्नामेंट का दूसरा क्वार्टर फाइनल खेलेगी और यही उसका एशियन गेम्स 2026 में पहला मुकाबला होगा. उधर पाकिस्तान पहले क्वार्टर फाइनल में उतरेगा. भारत और पाकिस्तान के अलावा श्रीलंका और बांग्लादेश को भी सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह मिली है. हालांकि, क्वार्टर फाइनल में इन टीमों के सामने कौन होगा, इसका फैसला बाद में होगा। 

    भारत की टीम में अनुभव और युवा जोश का शानदार मिश्रण है. कप्तान श्रेयस अय्यर के अलावा अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी बल्लेबाजी यूनिट को मजबूती देते हैं. ऑलराउंड डिपार्टमेंट में शिवम दुबे, तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर मौजूद हैं. वहीं वरुण चक्रवर्ती और रवि बिश्नोई स्पिन डिपार्टमेंट में मोर्चा संभालेंगे. तेज गेंदबाजी यूनिट में जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा जैसे विकल्प टीम को खासा मजबूत बनाते हैं। 

    वैसे 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर सबकी निगाहें होंगी. IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) और घरेलू क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले वैभव को अब एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर खुद को साबित करने का मौका मिलेगा। 

    श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो टी20 क्रिकेट में मैच का रुख कुछ ही ओवरों में बदलने की क्षमता रखते हैं. यही वजह है कि भारत को टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही खिताब के सबसे मजबूत दावेदारों में गिना जा रहा है। 

    भारतीय टीम:  श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और वैभव सूर्यवंशी। 

  • सिर्फ 5 रन में 7 विकेट और हैट्रिक, एशिया कप में गेंदबाज ने रचा इतिहास; श्रीलंका 124/7

    सिर्फ 5 रन में 7 विकेट और हैट्रिक, एशिया कप में गेंदबाज ने रचा इतिहास; श्रीलंका 124/7

     दुबई
    दुबई में खेले जा रहे विमेंस एशिया कप में बुधवार (2 अगस्त) को श्रीलंकाई टीम की कप्तान चमारी अटापट्टू ने इतिहास रच दिया. दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में इंडोनेशिया के खिलाफ आयोजित ग्रुप बी के मुकाबले में अटापट्टू ने सिर्फ 5 रन देकर 7 विकेट झटक लिए. इसके साथ ही अटापट्टू किसी एशिया कप (महिला या पुरुष) मैच में सात विकेट लेने वाली पहली गेंदबाज बन गईं। 

    चमारी अटापट्टू ने 3.3 ओवर्स की गेंदबाजी में इंडोनेशियाई बल्लेबाजी यूनिट की कमर तोड़ दी. 19वें ओवर में शुरुआती तीन गेंदों पर तीन विकेट लेकर अटापट्टू ने हैट्रिक भी बनाई. उनकी इस घातक गेंदबाजी के चलते इंडोनेशिया की पूरी टीम 18.3 ओवरों में महज 49 रनों पर ढेर हो गई और श्रीलंका ने 75 रनों से मुकाबला जीत लिया। 

    इससे पहले किसी एशिया कप मैच में सर्वश्रेष्ठ बॉलिंग का रिकॉर्ड पाकिस्तान की जावेरिया खान के नाम था. जवेरिया ने विमेंस एशिया कप 2008 में बांग्लादेश के खिलाफ 8 रन देकर छह विकेट लिए थे. अब चमारी अटापट्टू के नाम एक एशिया कप मैच में 7 विकेट लेने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। 

    अजंता मेंडिस का भी रिकॉर्ड तोड़ा
    चमारी अटापट्टू का यह प्रदर्शन सिर्फ एशिया कप तक सीमित नहीं रहा. टी20 इंटरनेशनल में किसी श्रीलंकाई गेंदबाज (पुरुष या महिला) का ये सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है. अटापट्टू ने अजंता मेंडिस का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने सितंबर 2012 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 8 रन देकर 6 विकेट झटके थे। 

    चमारी अटापट्टू टी20I एशिया कप (महिला या पुरुष) मैच में छह या उससे अधिक विकेट लेने वाले पहली गेंदबाज भी हैं. इससे पहले टी20I एशिया कप के विमेंस संस्करण में पाकिस्तान की तीन और थाईलैंड की एक गेंदबाज पांच-पांच विकेट हॉल ले चुकी थीं. मेन्स टी20I एशिया कप में भुवनेश्वर कुमार पांच विकेट हॉल लेने वाले एकमात्र गेंदबाज हैं। 

    चमारी अटापट्टू किसी टी20 इंटरनेशनल मैच में सात विकेट लेने वाली दुनिया की सिर्फ दूसरी कप्तान बनी हैं. उनसे पहले यह कारनामा अर्जेंटीना की एलिसन स्टॉक्स ने किया था. स्टॉक्स ने 14 अक्टूबर 2022 को पेरू के खिलाफ 3.4 ओवर्स में 3 रन देकर 7 विकेट हासिल किए थे। 

  • 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के पास बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका, भारत में पहला मैच होगा खास

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी के पास बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका, भारत में पहला मैच होगा खास

    मुंबई 

    अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया गया है. टी-20 टीम में वैभव सूर्यवंशी का भी नाम है, हाल ही में वैभव ने इंग्लैंड दौरे पर टी-20 टीम में खेलकर भारत के लिए डेब्यू किया था. ऐसा कर वैभव भारत की ओर से सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बने हैं. वैभव ने सचिन तेंदुलकर के सालों पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था. तेंदुलकर ने साल 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच 16 साल और 75 दिन की उम्र में खेला था. वहीं, वैभव ने साल 2026 में इग्लैंड के खिलाफ जब अपना पहला मैच खेला तो वैभव की उम्र 15 साल और 99 दिन थी। 

    अब एक बार फिर वैभव इतिहास रचने वाले हैं. अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 सीरीज में जैसे ही वैभव कोई मैच खेलेंगे तो वह भारत में भारत की ओर से सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल मैच खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे. इस समय यह कारनामा पीयूष चावला के नाम है. पीयूष ने अपना डेब्यू भारत में ही खेलकर दिया था. पीयूष चावला ने जब अपना पहला मैच खेला था तो उनकी उम्र 17 साल और 75 दिन थी. पीयूष ने मोहाली में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच खेलकर अपना पहला मैच भारत में खेला था। 
     
    भारत में सबसे कम उम्र में पहला मैच खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी

        पीयूष चावला 17 साल 75 दिन- मोहाली में, 9 मार्च, 2006 vs इंग्लैंड (टेस्ट) 
        हरभजन सिंह- 17 साल 265 दिन- बेंगलुरु, 25 मार्च 1998 vs ऑस्ट्रेलिया(टेस्ट)
        विजय मेहरा- 16 साल 265 दिन- मुंबई, 2 दिसंबर 1955 vs न्यूजीलैंड (टेस्ट)

    अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी*, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर*, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह*, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा

  • महिलाओं के हुनर को मिलेगा मंच, आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई उड़ान

    महिलाओं के हुनर को मिलेगा मंच, आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई उड़ान

    रायपुर

     नारी सशक्तीकरण के संकल्प के साथ सुशासन की सरकार प्रदेश की माताओं-बहनों के सम्मान, स्वाभिमान, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के सशक्त नेतृत्व में प्रदेशभर में महतारी सदनों का निर्माण कराया जा रहा है। इसी क्रम में आज अंबिकापुर के ग्राम खम्हरिया और ग्राम उदयपुर में महतारी सदन निर्माण कार्य का भूमिपूजन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने किया।

    इस अवसर पर मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि महतारी सदन हमारी माताओं-बहनों के लिए केवल एक भवन नहीं, बल्कि सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता का केंद्र होगा। यह महिलाओं को एक ऐसा सशक्त मंच उपलब्ध कराएगा, जहां वे बैठकें, प्रशिक्षण तथा विभिन्न सामाजिक और आर्थिक गतिविधियां संचालित कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

    महिलाओं को संगठित कर उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाएगा महतारी सदन

    मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि महतारी सदन गांव की मातृशक्ति को संगठित करने और उनकी प्रतिभा एवं हुनर को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में अनेक पारंपरिक कौशल और प्रतिभाएं मौजूद हैं। उन्हें उचित मंच और अवसर मिलने पर वे न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि परिवार और समाज की आर्थिक मजबूती में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

    उन्होंने कहा कि महतारी सदन में महिलाओं के लिए बैठक, प्रशिक्षण, कौशल विकास तथा विभिन्न सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों के संचालन की सुविधा मिलेगी। इससे महिलाओं के बीच आपसी सहभागिता और समन्वय बढ़ेगा तथा उन्हें सामूहिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

    महिला सशक्तीकरण से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक रूप से सशक्त होना परिवार और समाज की मजबूती का आधार है। जब महिलाएं अपने हुनर और क्षमता के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों से जुड़ती हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार के साथ-साथ गांव की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है। महतारी सदन महिलाओं के सामाजिक सशक्तीकरण के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम भी बनेगा। इसके जरिए मातृशक्ति को अपनी क्षमताओं को पहचानने, उन्हें निखारने और नए अवसरों से जुड़ने का मंच मिलेगा।

    नारी सम्मान और सशक्तीकरण सरकार की प्राथमिकता

     राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नारी सम्मान, स्वाभिमान और सशक्तीकरण को विकास की प्राथमिकता से जोड़कर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को भी विकास के समान अवसर मिलें और वे आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार, समाज और प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महतारी सदनों का निर्माण इसी सोच का हिस्सा है। यह पहल महिलाओं को एकजुट करने, उनके कौशल को प्रोत्साहित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।

    खम्हरिया और उदयपुर की मातृशक्ति को मिली सौगात

    अंबिकापुर क्षेत्र के ग्राम खम्हरिया और ग्राम उदयपुर में महतारी सदन के निर्माण का भूमिपूजन क्षेत्र की मातृशक्ति के लिए महत्वपूर्ण सौगात है। इन सदनों के निर्माण से स्थानीय महिलाओं को अपनी गतिविधियों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा और वे सामूहिक रूप से सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ा सकेंगी।

    मंत्री  राजेश अग्रवाल ने इस अवसर पर दोनों ग्रामों के समस्त क्षेत्रवासियों एवं मातृशक्ति को महतारी सदन की महत्वपूर्ण सौगात के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि खम्हरिया और उदयपुर के महतारी सदन आने वाले समय में महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान, सशक्तीकरण, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित होंगे।

     

  • Shubman Gill का T20 करियर खतरे में? ICC Ranking में गिरावट के बाद 2028 World Cup प्लान पर उठे सवाल

    Shubman Gill का T20 करियर खतरे में? ICC Ranking में गिरावट के बाद 2028 World Cup प्लान पर उठे सवाल

    नई दिल्ली
    भारतीय कप्तान शुभमन गिल और स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को ताजा ICC टेस्ट रैंकिंग में झटका लगा है. गिल बल्लेबाजों की रैंकिंग में दो पायदान फिसलकर 9वें स्थान पर पहुंच गए, जबकि बुमराह गेंदबाजों की रैंकिंग में दूसरे से तीसरे नंबर पर खिसक गए. दूसरी ओर, देवदत्त पडिक्कल ने 5 स्थान की छलांग लगाकर 54वां स्थान हासिल किया है। 

    श्रीलंका दौरे पर तीन पारियों में गिल के बल्ले से सिर्फ एक अर्धशतक निकला था. वह अब भी भारत के दूसरे सबसे ऊंची रैंकिंग वाले बल्लेबाज हैं, जबकि ऋषभ पंत 7वें स्थान पर कायम हैं. यशस्वी जायसवाल 11वें नंबर पर बरकरार हैं। 

    पडिक्कल के लिए श्रीलंका दौरा शानदार रहा. दो टेस्ट में 328 रन और दो शतक के साथ वह भारत के सबसे सफल बल्लेबाज रहे, जिसका फायदा उन्हें रैंकिंग में भी मिला। 

    वहीं बुमराह श्रीलंका दौरे पर घुटने की चोट के कारण नहीं खेल सके थे. वह अब गेंदबाजों की रैंकिंग में तीसरे स्थान पर हैं, जहां ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क और न्यूजीलैंड के मैट हेनरी उनसे आगे हैं। 

    श्रीलंका के सोनल दिनुषा ने भी रैंकिंग में जबरदस्त छलांग लगाई है. भारत के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में शानदार शतक के बाद वह 29 पायदान ऊपर चढ़कर बल्लेबाजों की रैंकिंग में 25वें स्थान पर पहुंच गए हैं। 

    2028 वर्ल्ड कप प्लान से बाहर हो चुका है ‘प्रिंस’?

    वर्ल्ड कप 2026 जीतने से ठीक पहले जो बल्लेबाज तीनों फॉर्मेट का कप्तान माना जा रहा था वो आज फटाफट क्रिकेट में हाशिए पर चढ़ाया जा चुका है. वैसे भारतीय क्रिकेट टीम जब भी किसी नए दौर में कदम रखती है, तो कुछ फैसले प्रशंसकों और विश्लेषकों को हैरान कर देते हैं. ऐसा ही एक चौंकाने वाला फैसला हाल ही में देखने को मिला, जब अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए घोषित भारतीय टीम से सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल का पत्ता फिर से कट गया। 

    शुभमन गिल को तीनों फॉर्मेट में भारत का अगला बल्लेबाजी स्तंभ माना जा रहा था. वनडे और टेस्ट में उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी देकर ‘भविष्य का कप्तान’ घोषित किया जा चुका है. ऐसे में टी20 टीम से उनका बाहर होना महज एक आराम देना नहीं, बल्कि भारतीय चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के एक बड़े रणनीतिक बदलाव का सीधा संकेत है. यह फैसला साफ करता है कि टी20 इंटरनेशनल में अब गिल की जगह पक्की नहीं है और टीम मैनेजमेंट आगामी बड़े टूर्नामेंट्स के लिए नए विकल्पों को आजमा रहा है। 

    4 ओपनर्स की मौजूदगी: 2028 वर्ल्ड कप प्लान से गिल बाहर?
    भारतीय चयनकर्ताओं ने अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ सीरीज में चार बेहतरीन सलामी बल्लेबाजों को टीम में शामिल किया है. इनमें वैभव सूर्यवंशी , ईशान किशन, अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे आक्रामक नाम शामिल हैं. टीम में इन चार ओपनर्स की मौजूदगी सीधा इशारा करती है कि 2028 टी20 वर्ल्ड कप के शुरुआती खाके से शुभमन गिल फिलहाल बाहर हो चुके हैं. चयनकर्ताओं की इस रणनीति के पीछे मुख्य वजहों को समझने की कोशिश करते हैं. आज का टी20 क्रिकेट पहली ही गेंद से प्रहार करने वाले बल्लेबाजों की मांग करता है. टीम मैनेजमेंट शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों जैसे वैभव और अभिषेक को प्राथमिकता दे रहा है, जो पावरप्ले का भरपूर फायदा उठा सकें. रोहित शर्मा और विराट कोहली के युग के बाद, टीम अब ‘एंकर’ (पारी संभालने वाले) बल्लेबाजों के बजाय ‘इम्पैक्ट’ (तेज रन बनाने वाले) खिलाड़ियों पर दांव लगा रही है. गिल की शैली पारी को बुनने की है, जो इस नए एप्रोच में फिट नहीं बैठ रही। 

    दो फॉर्मेट के कप्तान का टी20 स्ट्राइक रेट कमजोर कड़ी
    शुभमन गिल को टेस्ट और वनडे क्रिकेट का कप्तान (या उप-कप्तान) बनाकर बोर्ड ने उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया है। लेकिन टी20 इंटरनेशनल में उनका प्रदर्शन और विशेषकर उनका स्ट्राइक रेट उनके लिए सबसे बड़ा रोड़ा बन गया है. वैभव, संजू और अभिषेक के मुकाबले गिल का टी20 इंटरनेशनल में करियर स्ट्राइक रेट लगभग 135 से 139 के बीच झूलता रहा है. आज के दौर में जहां ओपनर्स 150 से अधिक के स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं, वहां गिल का यह आंकड़ा काफी साधारण नजर आता है.शुरुआती ओवर्स में गिल को क्रीज पर सेट होने के लिए गेंदे चाहिए होती हैं. इससे पावरप्ले में टीम का रन रेट धीमा हो जाता है, जिसका दबाव आने वाले बल्लेबाजों पर पड़ता है. हलांकि आईपीएल में गिल ने शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत गेंदबाजी आक्रमण और कड़े हालात में वे लगातार तेज गति से रन बनाने में संघर्ष करते दिखे हैं। 

    क्या गिल के लिए रास्ते बंद हो चुके हैं?
    अफ़ग़ानिस्तान सीरीज से बाहर होने का मतलब यह कतई नहीं है कि शुभमन गिल का टी20 करियर खत्म हो गया है. हालांकि, इसने उनके लिए खतरे की घंटी जरूर बजा दी है यदि उन्हें टी20 टीम में दोबारा वापसी करनी है और 2028 वर्ल्ड कप की योजना का हिस्सा बनना है, तो उन्हें अपने खेल के तरीके में बड़ा बदलाव करना होगा. उन्हें आईपीएल और घरेलू टी20 मैचों में खुद को एक आक्रामक और निडर बल्लेबाज के रूप में साबित करना होगा, जो पहली ही गेंद से गेंदबाजों पर हावी हो सके. फिलहाल के लिए, ‘प्रिंस’ को यह समझना होगा कि टी20 क्रिकेट में सिर्फ क्लास नहीं, बल्कि ‘इम्पैक्ट’ और ‘स्पीड’ ही राज करती है। 

  • आर्यना सबालेंका की Bold Dress पर उठे सवाल, आलोचनाओं के बीच बोलीं- ‘मुझे यह पसंद है’

    आर्यना सबालेंका की Bold Dress पर उठे सवाल, आलोचनाओं के बीच बोलीं- ‘मुझे यह पसंद है’

    न्यूयॉर्क

    2026 यूएस ओपन पहले से ही यादगार खेल क्षण पेश कर रहा है, लेकिन विश्व की नंबर एक खिलाड़ी आर्यना सबलेंका यह सुनिश्चित कर रही हैं कि सुर्खियां केवल उनके शक्तिशाली बेसलाइन खेल तक ही सीमित न रहें।

    बेलारूसी टेनिस स्टार ने हाल ही में टूर्नामेंट के सबसे चर्चित फैशन प्रदर्शनों में से एक को अंजाम देते हुए न्यूयॉर्क के हार्ड कोर्ट को अपने निजी रैंप पर उतारकर, उच्च फैशन के चरमवाद को विशिष्ट स्पोर्ट्सवियर के साथ मिश्रित किया।

    दुनिया की नंबर-1 महिला टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका एक बार फिर अपने खेल के साथ-साथ अपने लुक को लेकर भी चर्चा में हैं. US Open में उनके बोल्ड आउटफिट ने खूब सुर्खियां बटोरीं. ऑरेंज और ब्लैक रंग की जालीदार ड्रेस में कोर्ट पर उतरीं सबालेंका की स्पोर्ट्स ब्रा और शॉर्ट्स साफ नजर आ रहे थे. उनके इस लुक को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ फैन्स ने सवाल भी उठाए। 

    हालांकि, 28 साल की बेलारूसी बाला सबालेंका को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. आलोचनाओं पर उन्होंने बेहद बेबाक अंदाज में जवाब दिया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, ‘लोग क्या सोचते हैं, किसे परवाह? मुझे यह पसंद है। 

    हर ग्रैंड स्लैम में अलग अंदाज

    सबालेंका ने बताया कि इस साल Nike के उनके आउटफिट्स को अलग-अलग ग्रैंड स्लैम के मेजबान शहर और वहां के खेलों से जोड़कर तैयार किया गया है. ऑस्ट्रेलियन ओपन के लिए सर्फिंग, फ्रेंच ओपन के लिए बैले और Wimbledon के लिए क्रिकेट से प्रेरणा ली गई थी। 

    US Open के लिए उनकी ड्रेस का थीम बास्केटबॉल रखा गया है. न्यूयॉर्क में इस थीम को चुनना भी खास है, क्योंकि इसी साल शहर की NBA टीम न्यूयॉर्क निक्स ने 53 साल बाद खिताब जीता था। 

    सबालेंका ने कहा कि न्यूयॉर्क में बास्केटबॉल थीम बिल्कुल फिट बैठती है. उनके मुताबिक, आउटफिट की यही विशिष्टता उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है। 

    सिर्फ ड्रेस नहीं, ज्वेलरी ने भी खींचा ध्यान
    सबालेंका के इस लुक को और खास बनाया न्यूयॉर्क के Material Good की ज्वेलरी ने. उनकी ज्वेलरी की कुल कीमत करीब 127 कैरेट बताई गई. इससे पहले फ्रेंच ओपन में भी वह पारदर्शी अंदाज वाली ड्रेस और महंगी ज्वेलरी के साथ नजर आई थीं। 

    यानी सबालेंका का US Open लुक सिर्फ कोर्ट पर पहना गया एक आउटफिट नहीं था, बल्कि न्यूयॉर्क की स्पोर्ट्स संस्कृति को अपने अंदाज में पेश करने का एक फैशन स्टेटमेंट भी था। 

    कोर्ट पर नतीजा रहा मिला-जुला
    मिक्स्ड डबल्स में सबालेंका ने नोवाक जोकोविच के साथ जोड़ी बनाई, लेकिन दोनों को राउंड ऑफ 16 में हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद महिला सिंगल्स में सबालेंका ने अपने ऑरेंज आउटफिट के साथ जीत से शुरुआत की। 

    कोर्ट पर अपने बेखौफ अंदाज के साथ वह अपने बोल्ड और अनोखे फैशन स्टाइल के लिए भी अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। 

    आर्यना सबालेंका ने मार्च 2026 में ब्राजीलियाई कारोबारी जॉर्जियोस फ्रैंगुलिस से सगाई की. दोनों 2024 से साथ हैं और फ्रैंगुलिस अक्सर उनके मैचों में उन्हें सपोर्ट करते नजर आते हैं. सबालेंका ने सोशल मीडिया पर सगाई का ऐलान करते हुए लिखा था, 'You & me, forever 

    अप्रैल 2026 में टेनिस स्टार ने सोशल मीडिया पर एक रोमांटिक वीडियो शेयर किया था, जिसमें फ्रैंगुलिस उन्हें पूल के किनारे घुटनों पर बैठकर प्रपोज करते नजर आए. सफेद गुलाब की पंखुड़ियों और फूलों से सजे इस खूबसूरत माहौल में सबालेंका ने उनका प्रपोजल स्वीकार किया। 

    अब उनकी नजर सिर्फ फैशन पर नहीं, बल्कि लगातार तीसरी बार US Open खिताब जीतने पर है. अगर वह ऐसा करने में सफल रहती हैं तो 2012 से 2014 तक सेरेना विलियम्स के बाद लगातार तीन US Open खिताब जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बन जाएंगी। 

    ऐसे में सबालेंका का संदेश साफ है- कोर्ट पर उनका फैशन चाहे जितनी चर्चा बटोरे, उनका असली जवाब ट्रॉफी के साथ आएगा। 

     

  • Ben Stokes ने लगाई रिकॉर्डतोड़ बोली, BBL के सबसे महंगे खिलाड़ी बने; IPL में भी मचा चुके हैं तहलका

    Ben Stokes ने लगाई रिकॉर्डतोड़ बोली, BBL के सबसे महंगे खिलाड़ी बने; IPL में भी मचा चुके हैं तहलका

    लंदन 
    इंग्लैंड के पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स ने बिग बैश लीग (BBL) में धमाकेदार वापसी की है. स्टोक्स को एडिलेड स्ट्राइकर्स ने 2026-27 सीजन के लिए साइन किया है. इसके साथ ही वह BBL इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए हैं। 

    स्टोक्स पूरे सीजन के लिए उपलब्ध रहेंगे. यह BBL में उनकी दूसरी एंट्री होगी. वह इससे पहले 2014-15 सीजन में मेलबर्न रेनेगेड्स की ओर से खेले थे. तब उन्होंने चार मुकाबलों में हिस्सा लिया था. स्टोक्स को अपने साथ जोड़ने के लिए BBL की कई फ्रेंचाइजियां इच्छुक थीं, लेकिन आखिरकार एडिलेड स्ट्राइकर्स ने बाजी मार ली। 

    नए कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में पहले विदेशी खिलाड़ी
    BBL में हाल ही में कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बदलाव किया गया है. लीग ने दोबारा डायरेक्ट-साइनिंग मॉडल (Direct Signing Model) अपनाया है, जिससे फ्रेंचाइजियों को खिलाड़ियों पर अपना पैसा खर्च करने की ज्यादा आजादी मिली है. इस नए सिस्टम के लागू होने के बाद स्टोक्स पूरे सीजन के लिए साइन किए जाने वाले पहले विदेशी खिलाड़ी हैं। 

    एडिलेड स्ट्राइकर्स ने स्टोक्स के साथ एक साल का करार किया है. टीम के कोच पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन हैं. दिलचस्प बात यह है कि 2019 में जब स्टोक्स ने हेडिंग्ले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक पारी खेली थी, उस समय पेन ही ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम के कप्तान थे। 

    'ऑस्ट्रेलिया में खेलना हमेशा पसंद रहा'
    एडिलेड स्ट्राइकर्स से जुड़ने के बाद स्टोक्स ने कहा कि वह BBL 16 में टीम का हिस्सा बनने को लेकर काफी उत्साहित हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया में खेलना हमेशा पसंद रहा है और जब स्ट्राइकर्स के साथ जुड़ने का मौका मिला तो वह इसे छोड़ नहीं सकते थे। 

    स्टोक्स ने एडिलेड ओवल को शानदार क्रिकेट ग्राउंड बताया और कहा कि वह टीम के खिलाड़ियों से मिलने, मैदान पर उतरने और सफल सीजन में योगदान देने के लिए उत्साहित हैं. उन्होंने स्ट्राइकर्स के फैन्स के लिए भी खास संदेश देते हुए कहा कि वह कुछ खास यादें बनाने और फैन्स को जश्न मनाने के कई मौके देने का इंतजार कर रहे हैं। 

    टिम पेन बोले- स्टोक्स महान ऑलराउंडरों में से एक
    एडिलेड स्ट्राइकर्स के कोच टिम पेन ने भी स्टोक्स की जमकर तारीफ की. पेन ने कहा कि स्टोक्स क्रिकेट इतिहास के महान ऑलराउंडरों में से एक हैं. वह साबित कर चुके हैं कि वह मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं और दबाव में शानदार प्रदर्शन करते हैं। 

    12 साल बाद BBL में लौटेंगे स्टोक्स
    स्टोक्स का BBL से रिश्ता काफी पुराना है, लेकिन वह इस लीग में लंबे समय से नहीं खेले हैं. उन्होंने आखिरी बार 2014-15 सीजन में मेलबर्न रेनेगेड्स के लिए चार मैच खेले थे. अब करीब 12 साल बाद वह बिग बैश में वापसी करेंगे। 

    स्ट्राइकर्स के लिए स्टोक्स का पहला मुकाबला 16 दिसंबर को सिडनी थंडर के खिलाफ कैनबरा में होगा. इस मैच में डेविड वॉर्नर भी सिडनी थंडर की ओर से खेलते नजर आएंगे। 

    इसके बाद स्टोक्स पहली बार एडिलेड ओवल में अपनी नई टीम के होम ग्राउंड पर 23 दिसंबर को सिडनी थंडर के खिलाफ ही उतरेंगे। 

    7News की रिपोर्ट के मुताबिक उनकी डील साढ़़े तीन करोड़ रुपए (US$360,000 लगभग) के आस-पास है, जो ड्राफ्ट के प्लैटिनम लेवल पर पिछले सबसे ऊंचे बैंड AU$420,000 (2 करोड़ 84 लाख) से काफी ज्यादा है.  आने वाले हफ्तों में दूसरे विदेशी खिलाड़ियों को भी अच्छी रकम मिल सकती है।  

    इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास के बाद BBL में एंट्री
    स्टोक्स का BBL में लौटना इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने जून 2026 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. पिछले सीजन की एशेज सीरीज उनके इंटरनेशनल करियर पर भारी पड़ी थी. ऑस्ट्रेलिया ने एशेज में इंग्लैंड को 4-1 से हराया था.इसके बाद स्टोक्स ने जून में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया. इससे पहले लॉर्ड्स टेस्ट के बाद नाइट क्लब की घटना के चलते उन्हें एक टेस्ट मैच के लिए निलंबित भी किया गया था. अब स्टोक्स फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अपना फोकस बढ़ा रहे हैं। 

    लंबे समय से नहीं खेले T20 क्रिकेट
    स्टोक्स ने आखिरी बार 2024 के 'द हंड्रेड' में T20 क्रिकेट खेला था. उस टूर्नामेंट में उन्हें हैमस्ट्रिंग इंजरी हो गई थी. इसके बाद उन्हें 2025 की शुरुआत में एमआई केपटाउन के लिए SA20 में खेलना था, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ लगी एक और हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वह उस टूर्नामेंट से बाहर हो गए। 

    IPL में भी रहा है स्टोक्स का जलवा
    स्टोक्स IPL में तीन अलग-अलग टीमों के लिए खेल चुके हैं. वह आखिरी बार 2023 में चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा बने थे. 2017 में वह IPL के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बने थे. तब राइज‍िंग पुणे सुपरजायंट्स ने उन्हें 14.5 करोड़ रुपये में खरीदा था. 2023 में चेन्नई सुपर किंग्स ने स्टोक्स के लिए इससे भी ज्यादा 16.25 करोड़ रुपये खर्च किए थे. हालांकि चोट के कारण वह उस सीजन सिर्फ दो मैच ही खेल सके. स्टोक्स के दोनों T20 शतक IPL में ही आए हैं। 

    लेकिन T20 क्रिकेट में उनका सबसे यादगार प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया में ही आया था. 2022 T20 वर्ल्ड कप के फाइनल में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 52 रन बनाकर इंग्लैंड को खिताब दिलाया था। 

    BBL में क्यों अहम होगी स्टोक्स की मौजूदगी?
    आगामी 2026-27 सीजन में बड़ी T20 लीग्स के कार्यक्रम में पहले की तुलना में कम टकराव है. SA20 की शुरुआत 18 जनवरी तक आगे बढ़ा दी गई है, क्योंकि इंग्लैंड की ODI सीरीज के साथ उसका शेड्यूल एडजस्ट किया गया है. वहीं UAE की ILT20 लीग 20 दिसंबर को खत्म होगी, यानी BBL के दौरान इसका ओवरलैप सीमित रहेगा. BBL का नया सीजन 12 दिसंबर से शुरू होगा. पहला मुकाबला मेलबर्न रेनेगेड्स और पर्थ स्कॉर्चर्स के बीच चेन्नई में खेला जाएगा। 

    रेगुलर सीजन 17 जनवरी को खत्म होगा, जबकि प्लेऑफ और फाइनल मुकाबले 19 से 26 जनवरी के बीच खेले जाएंगे. ऐसे में एडिलेड स्ट्राइकर्स को उम्मीद होगी कि स्टोक्स की पूरी सीजन उपलब्धता टीम को खिताब की दौड़ में मजबूत बनाएगी।