Category: खेल

  • जसप्रीत बुमराह के बैकअप के लिए तैयार ये 3 पेसर, कौन मारेगा बाजी?

    जसप्रीत बुमराह के बैकअप के लिए तैयार ये 3 पेसर, कौन मारेगा बाजी?

    नई दिल्ली
    भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह इस समय अपनी इंजरी से उबर रहे हैं और 13 सितंबर से अफगानिस्तान के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैचों की T20I सीरीज के लिए उन्हें टीम इंडिया के स्क्वाड में शामिल किया गया है। हालांकि, बुमराह का खेलना पूरी तरह 9 सितंबर को बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में होने वाले फिटनेस ट्रायल मैच पर निर्भर करेगा। अगर बुमराह इस फिटनेस टेस्ट में पूरी तरह खरे नहीं उतरते हैं, तो चयनकर्ताओं को उनके बैकअप के रूप में एक मजबूत विकल्प चुनना होगा। ऐसे में आइए जानते हैं कि वे तीन खिलाड़ी कौन हैं जो बुमराह को रिप्लेस कर सकते हैं।

    प्रिंस यादव
    IPL 2026 में अपनी घातक गेंदबाजी और सटीक लाइन-लेंथ से सुर्खियों में आए प्रिंस यादव बुमराह के रिप्लेसमेंट के रूप में सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। भारत के लिए अब तक खेले 6 T20I मैचों में 9 विकेट चटकाकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपयोगिता साबित की है। शुरुआती स्क्वाड से बाहर रहने के बावजूद, अपनी मौजूदा फॉर्म और टी20 फॉर्मेट में विकेट चटकाने की क्षमता के कारण चयनकर्ता बुमराह के बाहर होने पर प्रिंस यादव को सबसे पहले मौका दे सकते हैं।

    मोहम्मद सिराज
    अगर चयनकर्ता बुमराह जैसे दिग्गज गेंदबाज की जगह किसी युवा खिलाड़ी के बजाय एक स्थापित और अनुभवी गेंदबाज पर दांव लगाना चाहते हैं, तो मोहम्मद सिराज सबसे मजबूत नाम हैं। हालांकि सिराज हाल के दिनों में टी20 प्रारूप से बाहर चल रहे हैं, लेकिन उनके पास नई गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने का बेहतरीन अनुभव है। बड़े मैचों का अनुभव और पावरप्ले में शुरुआती झटके देने की काबिलियत सिराज को बुमराह का सबसे भरोसेमंद बैकअप बनाती है।

    मयंक यादव
    अपनी तूफानी रफ्तार और आक्रामक यॉर्कर के लिए जाने जाने वाले मयंक यादव भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को अतिरिक्त गति प्रदान करते हैं। हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई T20I सीरीज में मयंक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 मैचों में 5 विकेट झटके थे और अपनी तेजी से विरोधी बल्लेबाजों को खासा परेशान किया था। अगर टीम प्रबंधन बुमराह की अनुपस्थिति में पावरप्ले और डेथ ओवरों के लिए एक विशुद्ध एक्सप्रेस पेसर तलाशता है, तो मयंक यादव एक परफेक्ट विकल्प साबित होंगे।

  • ईस्ट-साउथ जोन फाइनल पर अगरकर की नजर, वैभव सूर्यवंशी समेत स्टार खिलाड़ियों पर फोकस

    ईस्ट-साउथ जोन फाइनल पर अगरकर की नजर, वैभव सूर्यवंशी समेत स्टार खिलाड़ियों पर फोकस

     नई दिल्ली
    दलीप ट्रॉफी 2026-27 के फाइनल में ईस्ट जोन और साउथ जोन की टीम्स भिड़ने के लिए तैयार हैं. 6 सितंबर (रविवार) से चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में ये हाई वोल्टेज मुकाबला खेला जाएगा. खिताबी मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन और तिलक वर्मा भी मैदान पर उतरेंगे. वहीं साउथ जोन के सबसे अनुभवी बल्लेबाजों में शामिल केएल राहुल फाइनल का हिस्सा नहीं हैं. तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और युवा बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को जरूर साउथ जोन की टीम में शामिल किया गया है और वो खिताबी मैच में नजर आएंगे l

    ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने फाइनल से पहले अपनी टीम के सभी प्रमुख खिलाड़ियों की उपलब्धता की पुष्टि की. उधर साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने भी साफ कर दिया कि केएल राहुल इस मुकाबले का हिस्सा नहीं होंगे. वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन और तिलक वर्मा के दलीप ट्रॉफी फाइनल में खेलने को लेकर असमंजस बना हुआ था क्योंकि ये तीनों खिलाड़ी अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज का भी हिस्सा हैं l

    15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के लिए दलीप ट्रॉफी का खिताबी मुकाबला बेहद खास होगा. आईपीएल और इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी धाक जमा चुके वैभव ने दलीप ट्रॉफी में भी अपनी बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरी हैं. ईस्ट जोन के लिए ईशान किशन और वैभव की मौजूदगी टीम की बल्लेबाजी को मजबूत करेगी. दूसरी तरफ तिलक वर्मा की अगुवाई में साउथ जोन के पास भी मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप है. दोनों टीमों ने सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन कर फाइनल का टिकट हासिल किया है l

    अजीत अगरकर भी फाइनल देखेंगे
    दलीप ट्रॉफी के इस मुकाबले पर चयनकर्ताओं की भी नजर रहेगी. भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर चेन्नई में फाइनल देखने पहुंचेंगे. अगरकर की मौजूदगी इसलिए भी अहम है क्योंकि बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड) में उनके भविष्य को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है. हालिया बीसीसीआई समीक्षा बैठक में वह पारिवारिक कारणों से शामिल नहीं हो सके थे. उनका मौजूदा अनुबंध 4 अक्टूबर तक है. ऐसे में चेन्नई में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के साथ उनकी संभावित बातचीत भी अहम मानी जा रही है l

    दलीप ट्रॉफी के साथ ही बीसीसीआई एशियन गेम्स को लेकर भी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है. भारतीय मेन्स टीम के अभ्यास के लिए मयंक यादव, कार्तिक त्यागी और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहसिन खान को नेट गेंदबाज के तौर पर जापान भेजने की तैयारी है. यह योजना मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण के सुझाव के बाद बनाई गई है. टीम मैनेजमेंट चाहता है कि जापान में अभ्यास के दौरान भारतीय बल्लेबाजों को अलग-अलग तरह के तेज गेंदबाजों के खिलाफ पर्याप्त तैयारी का मौका मिले l

    मयंक यादव, कार्तिक त्यागी और मोहसिन खान भारतीय एशियन गेम्स दल में शामिल नहीं होंगे. उन्हें सिर्फ नेट गेंदबाज के तौर पर टीम के साथ रखा जाएगा. भारतीय टीम के 20 सितंबर को दिल्ली से जापान रवाना होने की उम्मीद है, जबकि मेन्स टीम का पहला मुकाबला 28 सितंबर को निर्धारित है. बीसीसीआई ने तीनों तेज गेंदबाजों के जापानी वीजा के लिए आवेदन भी कर दिया है l

  • पिता की सीख को आगे बढ़ाएंगे सचिन, युवा डॉक्टरों की मदद के लिए शुरू की मेमोरियल फेलोशिप

    पिता की सीख को आगे बढ़ाएंगे सचिन, युवा डॉक्टरों की मदद के लिए शुरू की मेमोरियल फेलोशिप

    नई दिल्ली
    टीचर्स डे के खास मौके पर क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने एक दिल छू लेने वाली पहल की है. अपने दिवंगत पिता और जिंदगी के पहले गुरु रमेश तेंदुलकर की याद में सचिन ने प्रोफेसर रमेश तेंदुलकर मेमोरियल फेलोशिप शुरू करने का ऐलान किया है l

    इस फेलोशिप का मकसद मेडिकल फील्ड में युवा और होनहार डॉक्टरों की मदद करना है. इसके तहत हर साल एक युवा डॉक्टर (MD) को आर्थिक मदद दी जाएगी. यह मदद श्रीनगर में क्लिफ्ट और क्रैनियोफेशियल केयर की स्पेशल ट्रेनिंग के लिए होगी l

    एक साल का यह खास प्रोग्राम पूरा होने पर डॉक्टर को सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन की तरफ से एक सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा. यह शानदार पहल इंगा हेल्थ फाउंडेशन के साथ मिलकर शुरू की गई है, जो लंबे समय से सचिन के फाउंडेशन का हेल्थ केयर पार्टनर है l
       
    पिता को याद कर भावुक हुए सचिन
    इस मौके पर सचिन अपने पिता को याद करते हुए काफी भावुक नजर आए. उनके पिता रमेश तेंदुलकर एक प्रोफेसर, लेखक और कवि थे. 1999 में उनका निधन हो गया था. सचिन ने कहा कि जब भी मैं अपने सफर के बारे में सोचता हूं, तो उसकी शुरुआत किसी क्रिकेट मैदान या कोच से नहीं, बल्कि मेरे घर से होती है. मेरे पिता ने ही सबसे पहले मेरे टैलेंट को पहचाना था. उन्होंने कभी मुझे यह नहीं बताया कि मुझे क्या बनना चाहिए, बल्कि मुझे अपने रास्ते खुद चुनने की पूरी आजादी दी l

    पिता की वो सीख जो सचिन कभी नहीं भूले
    सचिन ने बचपन का एक किस्सा शेयर करते हुए बताया कि उनके पिता ने उन्हें सफलता से ज्यादा अच्छे चरित्र की अहमियत सिखाई थी. सचिन ने बताया कि मेरे पिता की एक बात हमेशा मेरे साथ रही है- उन्होंने कहा था कि फेल होना ठीक है, लेकिन बेईमानी करना नहीं. जिंदगी में कभी शॉर्टकट मत लेना l

    सचिन और उनकी पत्नी अंजलि का मानना है कि भारत में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, बस बच्चों को सही गाइडेंस, कोच और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की देरी है. इसी सोच के साथ उन्होंने अपना फाउंडेशन शुरू किया था l

    अपनी नई फेलोशिप के बारे में बात करते हुए सचिन ने कहा कि मेरे लिए यह सिर्फ एक फेलोशिप नहीं है. यह मेरे पिता की उस सोच को आगे बढ़ाने का एक तरीका है, जिसमें वो मानते थे कि शिक्षा से मौके बनते हैं, और वो मौके तब सबसे ज्यादा मायने रखते हैं जब उनका इस्तेमाल दूसरों की मदद के लिए किया जाए l

  • पाकिस्तान टीम को ‘रिमोट कंट्रोल’ से चला रहा PCB? राशिद लतीफ ने उठाए बड़े सवाल

    पाकिस्तान टीम को ‘रिमोट कंट्रोल’ से चला रहा PCB? राशिद लतीफ ने उठाए बड़े सवाल

    नई दिल्ली
     पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) में जारी उथल-पुथल और अजीबोगरीब फैसलों को लेकर पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज राशिद लतीफ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती दो टेस्ट मैचों में मिली शर्मनाक हार के बाद खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को बीच सीरीज वापस भेजने के कदम पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पीसीबी के रवैये की कड़े शब्दों में आलोचना की है।

    टीम को रिमोट कंट्रोल से चला रहे हैं- लतीफ
    एक्स पर अपनी भड़ास निकालते हुए राशिद लतीफ ने बोर्ड की मंशा और कार्यशैली को घेरा। लतीफ ने सवाल उठाया, 'अगर टीम को रिमोट कंट्रोल से ही चलाना था तो फिर सरफराज और उमर गुल को वापस क्यों भेजा गया? गैरी कर्स्टन और जेसन गिलेस्पी से चयन के अधिकार क्यों छीन लिए गए?' उनका मानना है कि विदेशी कोचों और सहयोगी स्टाफ को दरकिनार कर बोर्ड खुद ही सारे फैसले थोप रहा है।

    अगला नंबर बाबर आजम का है
    टीम के अंदर कप्तानी और अनुशासन को लेकर चल रही खींचतान पर लतीफ ने बोर्ड से सीधा सवाल पूछा। उन्होंने लिखा, 'और अगर कप्तान बाबर आजम बात नहीं मान रहे थे तो उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए था। उनकी जगह सरफराज और उमर गुल को वापस क्यों भेजा गया? क्या अब बाबर आजम ही अगला निशाना हैं?' लतीफ का यह इशारा साफ तौर पर दिखाता है कि पीसीबी में मैनेजमेंट के इस फेरबदल के बाद बाबर की कप्तानी पर तलवार लटक रही है।

    7 खिलाड़ियों को भेजा गया घर
    इंग्लैंड दौरे के बीच में ही 7 खिलाड़ियों को अचानक बदलने और मोहम्मद रिजवान व सलमान अली आगा को स्वदेश वापस भेजने के फैसले पर पूरी दुनिया के क्रिकेट जगत में रोष है। तीसरे और अंतिम टेस्ट के लिए अचानक माइक हेसन को कमान सौंपने पर रमीज राजा, बासित अली और शाहिद अफरीदी के अलावा माइकल एथरटन और नासिर हुसैन जैसे दिग्गजों ने भी चिंता जताई है। पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि इस तरह के उतावले फैसलों से पाकिस्तान क्रिकेट में अस्थिरता और ज्यादा बढ़ेगी।

  • प्रिटोरियस के शतक से दक्षिण अफ्रीका की जीत, अब वैभव सूर्यवंशी से होने लगी तुलना

    प्रिटोरियस के शतक से दक्षिण अफ्रीका की जीत, अब वैभव सूर्यवंशी से होने लगी तुलना

    नई दिल्ली
    साउथ अफ्रीका के युवा बल्लेबाज लुआन-ड्रे प्रिटोरियस ने नामीबिया के खिलाफ धमाकेदार शतक जड़कर इतिहास रच दिया. विंडहोक में शुक्रवार (4 सितंबर) को ट्राई सीरीज के मुकाबले में प्रिटोरियस ने महज 53 गेंदों पर 101 रनों की पारी खेली. उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी के दम पर साउथ अफ्रीका ने नामीबिया को 11 रनों से हराया.

    लुआन-ड्रे प्रिटोरियस ने अपनी पारी में 5 चौके और 8 छक्के लगाए. उनका स्ट्राइक रेट 190.57 रहा. यह टी20 इंटरनेशनल में उनका पहला शतक था और इसी पारी के साथ उन्होंने एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. प्रिटोरियस फुल मेम्बर टीम के लिए टी20 इंटरनेशनल शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए. उन्होंने अफगानिस्तान के हजरतुल्लाह जजई का रिकॉर्ड तोड़ा. जजई ने 2019 में आयरलैंड के खिलाफ 20 साल और 337 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी. वहीं प्रिटोरियस ने 20 साल और 161 दिन की उम्र में शतक जड़ा है.

    लुआन-ड्रे प्रिटोरियस की इस पारी के बाद उनकी तुलना भारत के युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी से भी होने लगी है. दोनों के बीच एक दिलचस्प कनेक्शन यह है कि वे आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) में राजस्थान रॉयल्स (RR) के लिए खेलते हैं. सिर्फ 15 साल की उम्र में वैभव पहले ही कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं. वह भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के क्रिकेटर हैं. साथ ही टी20 इंटरनेशनल में अर्धशतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय भी हैं.

    अंतरराष्ट्रीय शतक के करीब भी वैभव सूर्यवंशी पहुंच चुके हैं. जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने 49 गेंदों पर 81 रनों की तूफानी पारी खेली थी. हालांकि वह शतक पूरा नहीं कर सके. अब उनकी नजरें उस उपलब्धि पर होगी. आगामी अफगानिस्तान टी20 सीरीज और एशियन गेम्स वैभव के लिए खुद को साबित करने के दो बड़े मौके हो सकते हैं.

    रोमांचक मुकाबले में जीता साउथ अफ्रीका
    मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 228 रन बनाए. लुआन-ड्रे प्रिटोरियस ने कॉनर एस्टरहुइजन के साथ पहले विकेट के लिए 156 रनों की शानदार साझेदारी की. एस्टरहुइजन ने 88 रनों की तेजतर्रार पारी खेली.

    229 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए नामीबिया ने भी मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा. जान फ्राइलिंक ने 72 और लॉरेन स्टीनकैंप ने 61 रन बनाए. दोनों ने पहले विकेट के लिए 119 रन जोड़कर टीम को मजबूत शुरुआत दी, लेकिन नामीबिया की टीम 20 ओवर में 217 रनों तक ही पहुंच सकी. ट्राई सीरीज का फाइनल रविवार को दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे के बीच खेला जाएगा.

  • एशियाई खेलों से पहले भारतीय शूटर्स का आखिरी चरण, तकनीक और मानसिक मजबूती पर फोकस

    एशियाई खेलों से पहले भारतीय शूटर्स का आखिरी चरण, तकनीक और मानसिक मजबूती पर फोकस

    नई दिल्ली
    भारतीय निशानेबाज एशियाई खेलों में एक बार फिर शानदार प्रदर्शन दोहराने के इरादे से मैदान में उतरेंगे। हांगझू में 2022 एशियाई खेलों में भारतीय निशानेबाजों ने कुल 22 पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का दमदार प्रदर्शन किया था।

    अब 19 सितंबर से जापान के आईची-नागोया में शुरू होने वाले एशियाई खेल 2026 के लिए खिलाड़ी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

    कहां लगेंगे कैंप
    खिलाड़ियों की तैयारी के लिए नई दिल्ली और भोपाल में विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। भोपाल स्थित मध्य प्रदेश राज्य निशानेबाजी अकादमी और दिल्ली के कर्णी सिंह निशानेबाजी परिसर में ये कैंप लगाए जाएंगे। पिस्टल और राइफल निशानेबाज पांच से 14 सितंबर तक भोपाल में अभ्यास करेंगे।

    वहीं, स्कीट निशानेबाजों का शिविर कर्णी सिंह परिसर में शुरू हो चुका है, जबकि ट्रैप निशानेबाजों का कैंप 10 से 18 सितंबर तक चलेगा।

    मानसिक मजबूती और तकनीकी सुधार पर फोकस
    भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के हाई परफार्मेंस निदेशक पियरे ब्यूशां ने बताया कि इन शिविरों में खिलाड़ियों की मानसिक तैयारी के साथ-साथ तकनीकी दक्षता को और निखारने पर विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस चरण में हमारा ध्यान अधिक अभ्यास की जगह सटीकता, मानसिक मजबूती और तकनीकी सुधार पर है।

    अंतिम चरण के इन शिविरों की रूपरेखा इस तरह तैयार की गई है कि खेल विज्ञान और कोचिंग टीमें प्रत्येक खिलाड़ी के प्रदर्शन से जुड़े आंकड़ों पर बारीकी से नजर रख सकें और यह सुनिश्चित कर सकें कि एशियाई खेलों की निशानेबाजी परिसर में उतरते समय खिलाड़ी अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर हों

    एशियाई खेलों के लिए भारतीय निशानेबाजी दल
    राइफल और पिस्टल दल
        10 मीटर एयर राइफल पुरुष – पार्थ राकेश माने, हिमांशु ढिल्लों, रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटिल
        10 मीटर एयर राइफल महिला – एलावेनिल वलारिवन, सोनम उत्तम मास्कर, विदार्सा के. विनोद
        50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन पुरुष – ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, नीरज कुमार, रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटिल
        50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन महिला – आशी चौकसे, विदार्सा के. विनोद, तिलोत्तमा सेन
        10 मीटर एयर पिस्टल पुरुष – केदारलिंग बी. उचगांवकर, गौरव, कमलजीत
        10 मीटर एयर पिस्टल महिला – सुरुचि, ईशा सिंह, मनु भाकर
        25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल पुरुष – अनीश
        25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल महिला – ईशा सिंह, मनु भाकर, राही सरनोबत
        10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम – पार्थ राकेश माने-एलावेनिल वलारिवन
        10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम – केदारलिंग बी. उचगांवकर-सुरुचि

    शॉटगन दल
        ट्रैप पुरुष – किनान चेनाई, अहवार रिजवी, शपथ भारद्वाज
        ट्रैप महिला – नीरू, मनीषा कीर, आशिमा अहलावत
        स्कीट पुरुष – अनंतजीत सिंह नरुका, भवतेघ सिंह गिल, मैराज अहमद खान
        स्कीट महिला – परिनाज धालीवाल, राइजा ढिल्लों, महेश्वरी चौहान

     

  • मंधाना के रिकॉर्ड के बाद अब पाकिस्तान की बारी, एशिया कप में जीत के साथ लीग चरण खत्म करना चाहेगा भारत

    मंधाना के रिकॉर्ड के बाद अब पाकिस्तान की बारी, एशिया कप में जीत के साथ लीग चरण खत्म करना चाहेगा भारत

    नई दिल्ली
    भारत और पाकिस्तान की महिला क्रिकेट टीमें एक बार फिर आमने-सामने होने जा रही हैं. महिला एशिया कप 2026 में दोनों पड़ोसी देशों के बीच ग्रुप स्टेज का आखिरी मुकाबला शनिवार (5 सितंबर) को खेला जाएगा. भारत सेमीफाइनल में अपनी जगह पहले ही पक्की कर चुका है, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में टीम इंडिया की नजरें जीत के साथ लीग चरण खत्म करने पर होंगी l

    एशिया कप 2026 की शुरुआत दुबई में हुई थी. टूर्नामेंट में कुल 8 टीमें हिस्सा ले रही हैं और सभी की नजरें T20 खिताब पर हैं. टूर्नामेंट 13 सितंबर तक चलेगा और ग्रुप स्टेज, सेमीफाइनल और फाइनल मिलाकर कुल 15 मुकाबले खेले जाएंगे l

    भारत को ग्रुप A में रखा गया है. पाकिस्तान के अलावा इस ग्रुप में थाईलैंड, हॉन्ग कॉन्ग और चीन की टीमें भी शामिल हैं. ऐसे में ग्रुप राउंड में भारत का आखिरी मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ होने जा रहा है l

    टीम इंडिया ने अपने पिछले मुकाबले में हॉन्ग कॉन्ग को 137 रन के बड़े अंतर से हराया था. इस जीत की सबसे बड़ी स्टार स्मृति मंधाना रहीं, जिन्होंने महज 64 गेंदों पर 124 रन की तूफानी पारी खेली l

    मंधाना की इस पारी ने भारत को बड़ी जीत दिलाने के साथ इतिहास भी रच दिया. वह महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गईं. मंधाना ने इस मामले में पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज को पीछे छोड़ा, जिनके नाम 10,868 इंटरनेशनल रन दर्ज थे l

    कब खेला जाएगा भारत-पाकिस्तान मैच?
    भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप 2026 का यह आखिरी लीग मुकाबला शनिवार (5 सितंबर 2026) को खेला जाएगा l

    मैच की शुरुआत भारतीय समय के मुताबिक रात 8 बजे होगी. दोनों टीमें दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में आमने-सामने होंगी l

    भारत vs पाक‍िस्तान मैच की पूरी डिटेल
        तारीख: 5 सितंबर 2026, शनिवार
        समय: रात 8:00 बजे
        वेन्यू: दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम, दुबई
        मुकाबला: भारत vs पाकिस्तान
        टूर्नामेंट: महिला एशिया कप 2026
        स्टेज: ग्रुप स्टेज का आखिरी मुकाबला

    कहां देख पाएंगे LIVE?
    भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले का लाइव टेलीकास्ट Sony Sports Network पर किया जाएगा. यानी टीवी पर मैच देखने वाले दर्शक Sony Sports के चैनलों पर मुकाबले का सीधा प्रसारण देख सकते हैं.वहीं, मोबाइल या लैपटॉप पर मैच की लाइव स्ट्रीमिंग Sony LIV पर उपलब्ध होगी l

  • राष्ट्रीय युवा एथलेटिक्स में MP को दोहरी सफलता, कृष्ण चंद्र का मीट रिकॉर्ड, शिवानी पटेल को कांस्य

    राष्ट्रीय युवा एथलेटिक्स में MP को दोहरी सफलता, कृष्ण चंद्र का मीट रिकॉर्ड, शिवानी पटेल को कांस्य

    राष्ट्रीय युवा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में MP के कृष्ण चंद्र ने बनाया मीट रिकॉर्ड, शिवानी पटेल ने जीता कांस्य

    पुरुष जैवलिन थ्रो में 79.92 मीटर के प्रदर्शन से कृष्ण चंद्र ने बनाया नया प्रतियोगिता रिकॉर्ड, बालिका वर्ग में शिवानी पटेल ने 49.35 मीटर के साथ जीता कांस्य; शाहिबा बानो चौथे स्थान पर रहीं

    भोपाल

    पंजाब के लुधियाना स्थित गुरु नानक स्टेडियम में 01 से 03 सितंबर 2026 तक आयोजित 21वीं राष्ट्रीय युवा एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में बोर्डिंग बॉयज खिलाड़ी कृष्ण चंद्र ने पुरुष जैवलिन थ्रो में 79.92 मीटर भाला फेंककर नया मीट रिकॉर्ड बनाया, जबकि बालिका जैवलिन थ्रो में अकादमी की खिलाड़ी शिवानी पटेल ने 49.35 मीटर के प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता। इसी स्पर्धा में शाहिबा बानो ने 48.75 मीटर के साथ चौथा स्थान हासिल किया।

    कृष्ण चंद्र ने 79.92 मीटर के साथ बनाया नया मीट रिकॉर्ड

    पुरुष जैवलिन थ्रो में मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के 17 वर्षीय खिलाड़ी कृष्ण चंद्र ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नया प्रतियोगिता रिकॉर्ड कायम किया। कृष्ण ने अपने पहले प्रयास में 79.92 मीटर भाला फेंका। उनका चौथा प्रयास भी 78.15 मीटर रहा। छह प्रयासों में से दो ही वैध रहे और दोनों प्रयास पूर्व मीट रिकॉर्ड से बेहतर रहे, जबकि अन्य चार प्रयास फाउल रहे।

    कृष्ण चंद्र मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी में कोच मोहम्मद हदीश के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रतियोगिता के बाद उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य राष्ट्रीय रिकॉर्ड के करीब पहुंचना था, लेकिन कमर में दर्द होने के कारण वे अपने प्रदर्शन को आगे नहीं बढ़ा सके।

    यूथ ओलंपिक के संभावित दावेदार कृष्ण चंद्र

    कृष्ण चंद्र के शानदार प्रदर्शन के बाद आगामी यूथ ओलंपिक गेम्स के लिए उनके संभावित चयन की चर्चा भी है। हालांकि, एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) की ओर से अभी उनके चयन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में उनका चयन फिलहाल संभावित माना जा रहा है। यदि उनका चयन होता है, तो यह मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी और प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।

    जैवलिन थ्रो में शिवानी पटेल ने जीता कांस्य

    बालिका जैवलिन थ्रो स्पर्धा में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी की खिलाड़ी शिवानी पटेल ने 49.35 मीटर के शानदार प्रदर्शन के साथ तीसरा स्थान हासिल करते हुए कांस्य पदक जीता। शिवानी ने अपने प्रदर्शन से राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभा का प्रभावी प्रदर्शन किया।

    शाहिबा बानो ने हासिल किया चौथा स्थान

    इसी स्पर्धा में अकादमी की एक अन्य खिलाड़ी शाहिबा बानो ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 48.75 मीटर भाला फेंककर प्रतियोगिता में चौथा स्थान हासिल किया। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन से अकादमी और प्रदेश को गौरव मिला है।

    राष्ट्रीय मंच पर अकादमी के खिलाड़ियों ने छोड़ी छाप

    21वीं राष्ट्रीय युवा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ियों का प्रदर्शन उनकी मेहनत, निरंतर अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है। कृष्ण चंद्र का मीट रिकॉर्ड, शिवानी पटेल का कांस्य पदक और शाहिबा बानो का चौथा स्थान प्रदेश की उभरती एथलेटिक्स प्रतिभाओं की क्षमता को प्रदर्शित करता है।

    खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई

    सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने 21वीं राष्ट्रीय युवा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करने वाले मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कृष्ण चंद्र के मीट रिकॉर्ड प्रदर्शन, शिवानी पटेल के कांस्य पदक और शाहिबा बानो के चौथे स्थान पर रहने की उपलब्धि की सराहना करते हुए सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

     

  • एशियन गेम्स 2026 की तैयारी तेज, भोपाल में भारतीय शूटिंग टीम का आखिरी कैंप

    एशियन गेम्स 2026 की तैयारी तेज, भोपाल में भारतीय शूटिंग टीम का आखिरी कैंप

    एशियन गेम्स 2026 से पहले भोपाल में भारतीय निशानेबाजी टीम का अंतिम तैयारी शिविर

    05 से 14 सितंबर तक आयोजित होगा विशेष प्रशिक्षण शिविर
    18 शीर्ष निशानेबाजों सहित 36 सदस्यीय दल लेगा हिस्सा

    भोपाल 

    एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजी टीम के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। एशियन गेम्स से पहले भारतीय निशानेबाजी टीम का अंतिम विशेष तैयारी शिविर एक बार फिर भोपाल में आयोजित किया जा रहा है। यह शिविर 05 से 14 सितंबर 2026 तक मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी, भोपाल में संचालित होगा। शिविर के बाद भारतीय निशानेबाज एशियन गेम्स 2026 में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक के लिए निशाना साधेंगे।

    9 पुरुष और 9 महिला निशानेबाज लेंगे हिस्सा

    विशेष तैयारी शिविर में कुल 18 एथलीट्स शामिल होंगे, जिसमें 9 पुरुष और 9 महिला निशानेबाज हैं। पुरुष वर्ग में पार्थ राकेश माने, हिमांशु ढिल्लों, रुद्राक्ष बालासाहेब पाटिल, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, नीरज कुमार, केदारलिंग बालकृष्ण उचागवने, कमलजीत, आकाश भारद्वाज और अनीश शामिल हैं।

    महिला वर्ग में इलावेनिल वालारिवन, सोनम उत्तम मस्कर, विदार्सा के. विनोद, आषी चौकसे, तिलोत्तमा सेन, सुरुचि, ईशा सिंह, मनु भाकर और राही सरनोबत प्रशिक्षण लेंगी।

    शीर्ष निशानेबाजों के अनुभव से मजबूत होगी एशियन गेम्स की तैयारी

    भारतीय टीम में शामिल निशानेबाजों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। मनु भाकर, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर और ईशा सिंह जैसे शीर्ष निशानेबाज टीम की तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

    मनु भाकर ने ओलंपिक स्तर पर 10 मीटर एयर पिस्टल महिला और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में कांस्य पदक सहित दो ओलंपिक पदक हासिल किए हैं। वहीं ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने ISSF विश्व चैंपियनशिप, विश्व कप और एशियन चैंपियनशिप सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं। ईशा सिंह ने भी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है और विश्व चैंपियनशिप, विश्व कप, एशियन चैंपियनशिप तथा एशियन गेम्स में पदक हासिल किए हैं।

    इन अनुभवी और प्रतिभाशाली निशानेबाजों की मौजूदगी से भारतीय टीम को एशियन गेम्स से पहले अंतिम तैयारियों में मजबूती मिलेगी।

    राइफल और पिस्टल के विशेषज्ञ कोच संभालेंगे प्रशिक्षण की जिम्मेदारी

    कैंप में राइफल और पिस्टल के विशेषज्ञ कोच खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देंगे। विदेशी कोच थॉमस फार्निक राइफल और जलेना अरुनोविक पिस्टल की जिम्मेदारी संभालेंगी। इसके अलावा समरेश जंग 10 मीटर पिस्टल के हेड कोच, विद्या जाधव 10 मीटर पिस्टल कोच, हरप्रीत सिंह 25 मीटर पिस्टल कोच, डी.एस. चंदेल 10 मीटर राइफल हाई परफॉर्मेंस कोच, पूजा घाटकर 10 मीटर राइफल कोच, मनोज कुमार 50 मीटर राइफल के हेड कोच तथा सतगुरुदास 50 मीटर राइफल कोच के रूप में दल के साथ रहेंगे।

    फिटनेस और मानसिक तैयारी पर भी रहेगा विशेष फोकस

    एशियन गेम्स से पहले आयोजित इस अंतिम शिविर में खिलाड़ियों की तकनीकी तैयारियों के साथ उनकी फिटनेस, रिकवरी और मानसिक मजबूती पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। दल में हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर डॉ. पियरे ब्यूचैंप, हाई परफॉर्मेंस मैनेजर रौनक पंडित, फिजियोथेरेपिस्ट स्नेहिल खुराना, संचिता मुखर्जी और अनुज गुप्ता शामिल हैं।

    इसके साथ ही विजेंद्र पाल सिंह एवं मयंक सिंह गरिया स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग ट्रेनर तथा शिवम द्विवेदी एवं अक्षिता शेखोन स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट के रूप में खिलाड़ियों को अपनी सेवाएं देंगे।

    मध्यप्रदेश उपलब्ध करा रहा अत्याधुनिक शूटिंग सुविधाएं

    अंतिम तैयारी शिविर के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए 10 मीटर, 25 मीटर एवं 50 मीटर शूटिंग रेंज, फाइनल रेंज तथा फिटनेस के लिए जिम की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।

    एक ही परिसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग रेंज और फिटनेस सुविधाएं मिलने से भारतीय निशानेबाजों को एशियन गेम्स से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में मदद मिलेगी।

    अगस्त में भी भोपाल में हुआ था विशेष तैयारी शिविर

    एशियन गेम्स 2026 की तैयारियों के तहत भारतीय निशानेबाजी टीम का विशेष तैयारी शिविर इससे पहले 14 से 25 अगस्त 2026 तक भोपाल में आयोजित किया गया था। इस दौरान 18 शीर्ष निशानेबाजों सहित 36 सदस्यीय दल ने मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की अत्याधुनिक सुविधाओं में प्रशिक्षण लिया था। अब एशियन गेम्स से ठीक पहले 05 से 14 सितंबर तक आयोजित होने वाला यह शिविर टीम का अंतिम तैयारी शिविर है। इसमें खिलाड़ी प्रतियोगिता से पहले अपनी तकनीक, फिटनेस और मानसिक तैयारी को अंतिम रूप देंगे।

    भोपाल से एशियन गेम्स के लिए रवाना होगी भारतीय निशानेबाजी टीम

    05 से 14 सितंबर तक चलने वाला यह शिविर भारतीय निशानेबाजी टीम का एशियन गेम्स 2026 से पहले अंतिम तैयारी चरण होगा। शिविर के दौरान खिलाड़ी अपनी तकनीक को बेहतर करने के साथ प्रतियोगिता की परिस्थितियों के अनुरूप खुद को तैयार करेंगे। 14 सितंबर को शिविर समाप्त होने के बाद भारतीय निशानेबाज एशियन गेम्स 2026 में देश के लिए पदक जीतने के लक्ष्य के साथ सीधे प्रतियोगिता में उतरेंगे।

    भारतीय निशानेबाजी टीम का लगातार भोपाल में प्रशिक्षण लेना मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की विश्वस्तरीय सुविधाओं और प्रदेश की मजबूत खेल अधोसंरचना को भी रेखांकित करता है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने और प्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रशिक्षण के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

     

  • महिला क्रिकेट की 5 रन मशीनें, 10 हजार के आंकड़े को पार कर रचा ऐतिहासिक कीर्तिमान

    महिला क्रिकेट की 5 रन मशीनें, 10 हजार के आंकड़े को पार कर रचा ऐतिहासिक कीर्तिमान

    नई दिल्ली
    महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में लंबे करियर और तीनों फॉर्मेट में रन बनाने की क्षमता से ही खिलाड़ी की महानता पता चलती है। आज के आक्रामक क्रिकेट के दौर में दुनिया की केवल पांच ऐसी दिग्गज महिला क्रिकेटर हुई हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10,000 रनों के इस ऐतिहासिक आंकड़े को पार किया है। आइए उन महिला क्रिकेटर्स के बारे में जानते हैं।

    स्मृति मंधाना
    भारतीय टीम की स्टार ओपनर और उप-कप्तान स्मृति मंधाना महिला इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। उन्होंने महिला एशिया कप में हांगकांग के खिलाफ 64 गेंदों पर 124 रनों की तूफानी पारी खेलकर यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया। मंधाना इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा 18 शतक लगाने वाली महिला क्रिकेटर हैं। इसके साथ ही वे सबसे तेज 10,000 रन पूरे करने वाली खिलाड़ी भी बन गई हैं।

    मिथाली राज
    भारतीय महिला क्रिकेट की मजबूत स्तंभ मानी जाने वाली पूर्व कप्तान मिथाली राज ने 23 साल के अपने लंबे करियर में 10,868 रन बनाए। साल 2022 में संन्यास लेने वाली मिथाली आज भी महिला वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन (7,805 रन, 50.68 की औसत) बनाने वाली बल्लेबाज हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके नाम रिकॉर्ड 93 बार 50 या उससे अधिक रन बनाने का कीर्तिमान दर्ज है।

    सूजी बेट्स
    न्यूजीलैंड की यह आक्रामक बल्लेबाज महिला क्रिकेट इतिहास में सबसे लंबे समय तक खेलने वाली और सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने वाली खिलाड़ी हैं। लगभग दो दशकों से न्यूजीलैंड क्रिकेट की रीढ़ रही सूजी बेट्स पूर्व आईसीसी क्रिकेटर ऑफ द ईयर रह चुकी हैं। उन्होंने विशेष रूप से टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में दबदबा बनाया है, जहां उनके नाम अकेले 4,700 से अधिक रन दर्ज हैं।

    शार्लोट एडवर्ड्स
    इंग्लैंड की पूर्व दिग्गज कप्तान शार्लोट एडवर्ड्स इंटरनेशनल क्रिकेट में 10,000 रनों का आंकड़ा छूने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर थीं। महज 16 साल की उम्र में डेब्यू करने वाली एडवर्ड्स ने दो दशकों तक इंटरनेशनल मंच पर अपना दबदबा बनाए रखा और अपनी कप्तानी में इंग्लैंड को वनडे विश्व कप और एशेज में ऐतिहासिक जीत दिलाई।

    स्टेफनी टेलर
    वेस्टइंडीज की ऑलराउंडर स्टेफनी टेलर कैरेबियाई महिला क्रिकेट इतिहास की सबसे सफल बल्लेबाज हैं। अपनी आक्रामक पावर-हिटिंग और सूझबूझ भरी बल्लेबाजी के दम पर उन्होंने एक दशक से अधिक समय तक वेस्टइंडीज के बल्लेबाजी क्रम की कमान संभाली। अपनी कप्तानी में 2016 में वेस्टइंडीज को टी20 विश्व कप दिलाने वाली टेलर 10,000 रनों के क्लब में शामिल होने वाली 5वीं खिलाड़ी बनीं।