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  • आधार कार्ड का नया डिजाइन, क्या अब नाम, पता और DOB नहीं होंगे दिखाई?

    आधार कार्ड का नया डिजाइन, क्या अब नाम, पता और DOB नहीं होंगे दिखाई?

     नई दिल्ली
    आधार कार्ड में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जिसका दावा मीडिया रिपोर्ट्स में किया गया है. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की तरफ से जारी होने वाले फिजिकल/प्रिंटेड आधार कार्ड पर सभी डिटेल्स प्रिंट होती हैं। 

     रिपोर्ट में बताया है कि सेफ्टी के मद्देनजर आधार कार्ड में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. ये बदलाव आधार कार्ड के मिसयूज को रोकेगे और साइबर ठगों से आधार कार्ड को बचाएगा। 

    रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले दिनों में फिजिकल आधार कार्ड की कॉपी पर फोटो और एक क्विक रिस्पोंस कोड (क्यूआर कोड) होगा. क्यूआर कोड से डिटेल्स पाने के लिए उसको स्कैन करना होगा. इस दौरान यूजर्स तय कर पाएंगे कि वह कौन सी डिटेल्स छिपाना चाहते हैं और किस डिटेल्स को रिवील करना चाहते हैं। 

    आधार कार्ड पर प्रिंट होती हैं ये डिटेल्स 
    UIDAI की तरफ से जारी आधार कार्ड पर नाम, फोटो, डेट ऑफ बर्थ, जेंडर, घर का पता और पिता का नाम तक होता है. ऐसे में अगर किसी ठग तक आधार कार्ड की फोटो कॉपी तक पहुंच जाती है, जिसके बाद वह आसानी से एक अनजान शख्स की कई डिटेल्स को जान लेता है। 

    ये बदलाव आने वाले दिनों में लागू होगा. रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. इसको लेकर और भी डिटेल्स आने वाले दिनों में शेयर की जाएंगी. हालांकि UIDAI की तरफ से अभी इसको लेकर कोई ऑफिशियल जानकारी शेयर नहीं की है। 

    UIDAI जारी कर चुका है न्यू आधार ऐप 
    कुछ सप्ताह पहले ही आधार ऐप का फुल वर्जन जारी कर चुका है. आधार ऐप की मदद से कुछ डिटेल्स को हाइड करके उसको PDF या इमेज फॉर्मेट में शेयर कर सकते हैं. न्यू आधारो ऐप एंड्रॉयड और आईओएस पर मौजूद है। 

    आधार कार्ड क्या होता है? 
    भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण असल में 12 नंबर का यूनिक डिजिट जनरेट करती है. हर एक आधार कार्ड होल्डर के लिए अलग संख्या होती है. ये नंबर भारतीय नागरिकों को उनकी बायोमेट्रिक, नाम, पता और डेट ऑफ बर्थ के आधार पर दिया जाता है। 

  • हॉर्मुज बंद होने के बाद भी, UAE और सऊदी से भारत आया तेल, आंकड़े करेंगे हैरान

    हॉर्मुज बंद होने के बाद भी, UAE और सऊदी से भारत आया तेल, आंकड़े करेंगे हैरान

     नई दिल्‍ली

    अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्‍ता पूरी तरह से ब्‍लॉक है. अमेरिका का दावा है कि इस रास्‍ते से कोई तेल की जहाज नहीं गुजर रही है, क्‍योंकि उसकी सेना ने पूरी तरह से नाकाबंदी कर दी है. इतना ही नहीं अमेरिका ने वहां से गुजरने वाले जहाजों को देखते ही उड़ाने का भी आदेश दिया है। 

    यह वह रास्‍ता है, जहां से भारत और चीन जैसे देश मिडिल ईस्‍ट से भारी मात्रा में तेल का आयात करते हैं. इस बीच, एक ऐसा आंकड़ा सामने आया है, जो आपको भी हैरान कर देगा. दरअसल, मार्च की तुलान में भारत के तेल आयात का डाटा जारी हुआ है, जिसके मुत‍ाबिक भारत ने होर्मुज बंद रहने के बाद भी मिडिल ईस्‍ट के देशों से खूब तेल का आयात किया है. हालांकि, रूसी तेल खरीद में छूट मिलने के बाद भी कमी देखी गई है। 

    रूसी तेल का आयात गिरा 
    कमोडिटी एनालिटिक्स फर्म केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात अप्रैल में मार्च की रिकॉर्ड खरीद की तुलना में 21 प्रतिशत गिर गया. अप्रैल में हरदिन 1.56 मिलियन बैरल (एमबीडी) तेल का आयात यूक्रेन में हड़ताल के बाद एक प्रमुख रूसी टर्मिनल पर लोडिंग में आई बाधाओं से प्रभावित हुआ. यह मार्च की तुलना में भारी गिरावट है , जब भारत का आयात 1.98 मिलियन बैरल प्रतिदिन के रिकॉर्ड स्‍तर पर था। 

    भारत के किस कंपनी ने कितना तेल मंगाया? 
    इंडियन ऑयल ने हर दिन 677,000 बैरल तेल खरीदा और नंबर वन पर है. इसकी खरीद मार्च की तुलना में 14 फीसदी ज्‍यादा है. रिलायंस इंडस्ट्रीज 235,000 बैरल प्रतिदिन तेल खरीदकर दूसरे स्थान पर है. भारत पेट्रोलियम ने प्रतिदिन 176,000 बैरल तेल आयात किया, जो मार्च से 38 प्रतिशत कम है। 

    नाकाबंदी के बाद भी बढ़ी तेल खरीद 
    ऊर्जा के लिए महत्वपूर्ण मार्ग होर्मुज की नाकाबंदी के बावजूद, अप्रैल में पश्चिम एशियाई देशों से भारत में तेल की आपूर्ति में सुधार देखने को मिला है. सऊदी अरब से हरदिन 704,000 बैरल तेल का आयात हुआ, जो मार्च की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से आयात में 191 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर हरदिन 591,000 बैरल पहुंच गया। 

    नाकाबंदी के बाद भी कैसे भारत आया तेल? 
    तेल को सऊदी अरब की यानबू और यूएई की फुजैराह पाइपलाइनों के माध्यम से भेजा गया था, जो होमुज को बाईपास करती हैं और वैश्विक ऊर्जा आयात के लिए महत्वपूर्ण मार्गों के तौर पर उभर रही है. वेस्‍ट एशिया में चल रहे जंग के बीच, भारत ने वेनेजुएला, ईरान, ब्राजील और नाइजीरिया से भी तेल का आयात बढ़ाया है। 

    ईरान से इतना हुआ तेल का आयात 
    सात साल के अंतराल के बाद, भारत ने अ
    प्रैल में ईरान से तेल की खरीद फिर से शुरू की और प्रतिदिन 137,000 बैरल तेल का आयात किया, जब अमेरिका ने प्रतिबंधों में 30 दिनों की छूट की घोषणा की. भारत ईरान से कच्चे तेल का एक प्रमुख खरीदार रहा है. 2018 में अमेरिका द्वारा प्रतिबंधों को कड़ा करने के बाद, मई 2019 से आयात बंद हो गया, और इसकी जगह पश्चिम एशियाई, अमेरिकी और अन्य ग्रेड के माल ने ले ली. करीब एक साल के अंतराल के बाद, इस महीने वेनेजुएला से तेल का आयात 298,000 बैरल प्रति दिन रहा। 

    इन सभी आयातों के बीच, कुल आयात में कमी देखने को मिली है. ईरान युद्ध के बाद होर्मुज की नाकाबंदी के चलते, भारत का कच्चे तेल का आयात अप्रैल में घटकर 4.3 मिलियन बैरल हर दिन हो गया, जो पिछले महीने के 4.4 मिलियन बैरल से कम है, यह जानकारी केप्लर के आंकड़ों से मिलती है। 

  • रुझानों में बीजेपी का दबदबा, बंगाल में ममता दीदी को मिली बड़ी चुनौती

    रुझानों में बीजेपी का दबदबा, बंगाल में ममता दीदी को मिली बड़ी चुनौती

    नई दिल्ली

    पश्चिम बंगाल और असम समेत पांच राज्यों में अब तस्वीर धीरे-धीरे साफ हो रही है। बंगाल में बीजेपी बहुमत के आंकड़े के पार चल रही है और टीएमसी काफी पीछे हो गई है। असम में बीजेपी बंपर जीत की ओर आगे बढ़ रही है। बंगाल में बीजेपी के कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं। केरल में यूडीएफ अच्छे अंतर के साथ आगे हो गई है और तमिलनाडु में ऐक्टर विजय की पार्टी टीवीके 100 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बना चुकी है। यह डीएमके के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।। पुडुचेरी में फिर से एनडीए की सरकार रिपीट होती नजर आ रही है।

    पश्चिम बंगाल में संवेदनशील माहौल देखते हुए मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस बार तमिलनाडु, केरल और पुडुच्चेरी में भी जमकर मतदान हुआ था। बंगाल की 293 सीटों के लिए 77 मतगणना केंद्रों पर गिनती हो रही है। मतगणना से पहले ही टीएमसी और बीजेपी ने एक दूसरे पर हेरफेर के आरोप लगाए थे।

    धन्यवाद हिंदू, धन्यवाद सनातनी- शुभेंदु अधिकारी
    पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने रुझानों में बड़ी लीड के बाद सभी सनातनी, सभी हिंदू मतदाताओं को धन्यवाद दिया है. उन्होंने कहा है कि पहले राउंड में मुस्लिम बाहुल्य बूथ थे, ममता बनर्जी आगे निकल गई थीं. भवानीपुर के हिंदू बाहुल्य बूथ की ईवीएम खुली, तो हमने अंतर कवर करते हुए बढ़त बना ली. तीन, चार, पांच, छह बूथ मुस्लिम बाहुल्य हैं. इन बूथों पर ममता बनर्जी लीड करेंगी. सात, आठ, नौ और 10 हिंदू बाहुल्य बूथ हैं. यहां फिर से अंतर कम कर लीड ले लूंगा। 

    आरजी कर पीड़िता की मां पनिहाटी सीट से आगे
    आरजी कर रेप पीड़िता की मां बीजेपी के टिकट पर पनिहाटी सीट से चुनाव लड़ रही हैं. पनिहाटी सीट पर आरजी कर पीड़िता की मां आगे चल रही हैं. बीजेपी उम्मीदवार आरजी कर पीड़िता की मां तीन हजार वोट से आगे चल रही हैं। 

    जनता ने हमारे संदेश को स्वीकार किया है- थरूर
    शशि थरूर ने कहा है कि हम 10 साल से इंतजार कर रहे थे. इतनी बड़ी मेजॉरिटी हमें मिली, तो हम स्टेबल रहेंगे. जनता ने हमारे संदेश को स्वीकार किया है और् इतना बड़ा समर्थन हमें मिलता नजर आ रहा है। 
     
     विजय की सुरक्षा बढ़ाई गई
    तमिलनाडु में विजय की अगुवाई वाली टीवीके 102 सीटों पर आगे चल रही है. एआईएडीएमके के उम्मीदवार 73 और डीएमके के उम्मीदवार 48 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. तमिलनाडु के रुझानों के बाद विजय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. विजय के घर के बाहर भी सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है। 

    असम चुनाव
    में साफ तौर पर बीजेपी सरकार बनाती दिख रही है।

    असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु के चुनाव परिणाम

    असम में लगातार तीसरी बार बीजेपी हैटट्रिक लगा रही है। राज्य की 126 विधानसभा सीट से 722 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य को समेटे हुए इईवीएम, 35 जिलों के 40 मतगणना केंद्रों पर खोली गईं। राज्य में मतदान 9 अप्रैल को हुआ था, जिसमें 85.96 प्रतिशत मतदान हुआ था।

  • Water Crisis in Mumbai: 5-6 मई को BMC की सप्लाई बंद, जानिए कौन-कौन से इलाके रहेंगे सूखे

    Water Crisis in Mumbai: 5-6 मई को BMC की सप्लाई बंद, जानिए कौन-कौन से इलाके रहेंगे सूखे

    मुंबई
    मुंबई नगर निगम (BMC) ने शहर के पानी सप्लाई सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अमर महल में तैयार नए वॉटर टनल को मुख्य लाइन से जोड़ने के काम के चलते 5 मई (मंगलवार) सुबह 10 बजे से 6 मई (बुधवार) दोपहर 4 बजे तक करीब 30 घंटे पानी सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी। इस पानी कटौती का असर दक्षिण और मध्य मुंबई के छह वार्डों पर पड़ेगा।

    किन इलाकों में रहेगा पानी बंद
    30 घंटे तक पानी की कटौती का असर मुंबई के माटुंगा, सायन, वडाला, परेल, शिवड़ी, कुर्ला, साकीनाका, गोवंडी, मानखुर्द, चेंबूर, घाटकोपर और विद्याविहार समेत कई इलाकों पर पड़ेगा।

    बीएमसी के अनुसार, यह कटौती एफ/नॉर्थ (माटुंगा, सायन, वडाला), एफ/साउथ (परेल, शिवडी), एल वार्ड (कुर्ला, साकी नाकी), एम/ईस्ट (गोवंडी, मानखुर्द), एम/वेस्ट (चेंबूर) और एन वार्ड (घाटकोपर, विद्याविहार) के कई इलाकों को प्रभावित करेगी।

    क्यों जरूरी है यह काम
    बीएमसी ने बताया कि अमर महल में तैयार नई वॉटर टनल अब मुख्य जल आपूर्ति नेटवर्क से जोड़ी जा रही है। इससे शहर के पूर्वी उपनगरों में पानी सप्लाई को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा और भविष्य में पानी की कमी जैसी समस्याओं को कम किया जा सकेगा। इस परियोजना के तहत 1,800 मिमी व्यास की एक सुरंग का निर्माण किया जाएगा, साथ ही उससे जुड़े अन्य सहायक कार्य भी किए जाएंगे। इस दौरान बीएमसी तुर्भे के हाई-लेवल और लो-लेवल जलाशयों से मौजूदा सुरंगों के जरिए होने वाली जल आपूर्ति बंद देगी।

    प्रभावित इलाकों की पूरी सूची-
    एफ/नॉर्थ वार्ड –
    प्रतीक्षा नगर, शास्त्री नगर, संजय गांधी नगर, शांति नगर, एच एम रोड, के डी गायकवाड़ नगर, वडाला ट्रक टर्मिनस, न्यू कफ परेड, आल्मेडा कॉम्प्लेक्स, सायन (पूर्व) और सायन (पश्चिम) ।

    एफ/साउथ वार्ड-
    डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मार्ग, दिनशॉ पेटीट मार्ग, डॉ. आर. एस. अर्नेस्ट बोर्जेस मार्ग, परमार गुरुजी मार्ग, गोखले मार्ग, दादासाहेब फाल्के मार्ग, गोविंदजी केणी मार्ग, जेरबाई वाडिया मार्ग, बी. जे. देवरुखकर मार्ग, सेंट पॉल मार्ग, सेंट जेवियर मार्ग, खशाबा मार्ग, महादेव पालव मार्ग, जीजीभॉय लेन, आचार्य डोंडे मार्ग, विठ्ठल चव्हाण मार्ग, जगन्नाथ भातणकर मार्ग, बाटलीवाला गली, चामर बाग मार्ग, आई माई मेरवानजी मार्ग, शिरोडकर मार्ग, चिवड़ा गली, साने गुरुजी मार्ग, आनंद मालवणकर मार्ग, गैस कंपनी गली।

    एल वार्ड-
    साबले नगर, संतोषी माता नगर, क्रांतिनगर, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, न्यू तिलक नगर, कुरेशी नगर (कसाईवाड़ा), हिल मार्ग, ताड़ी पेठ, मुक्तादेवी मार्ग, गावदेवी मंडल, डोंगर क्षेत्र, पाटिल गली, गुलमोहर गली, पंचशील नगर, नेहरू नगर, शिव सृष्टि मार्ग, नाइक नगर, मदर डेयरी मार्ग, एस. जी. बर्वे मार्ग (कुर्ला पूर्व), केदारनाथ मंदिर रोड, नवरे बाग, कामगार नगर, हनुमान नगर, पुलिस कॉलोनी, कुर्ला कारशेड, रेलवे कॉलोनी, टैक्सिला नगर, चाफे गली, राहुल नगर, एवरार्ड नगर, पान बाजार, त्रिमूर्ति मार्ग, वी. एन. पुरव मार्ग, उमरवाड़ी मार्ग, अली दादा स्ट्रीट, स्वदेशी मिल चाल, चुनाभट्टी फाटक, म्हाडा कॉलोनी, समर्थ नगर।

    एम/ईस्ट वार्ड-
    लल्लुभाई कॉम्प्लेक्स, कमला रमण नगर, रमण मामा नगर, शिवाजी नगर, लोटस कॉलोनी, गौतम नगर, गायकवाड़ नगर, अयोध्या नगर, वाशी नाका, मानखुर्द, बैंगनवाड़ी, भारत नगर, म्हाडा बिल्डिंग्स, चिता कैंप, साठे नगर, जाकिर हुसैन नगर, देवनार गांव, देवनार वसाहत, न्यू भारत नगर, हशु अडवाणी नगर, नटवर पारेख कॉम्प्लेक्स, सह्याद्री नगर, वडवली गांव, बार्क वसाहत, डंपिंग सप्लाई, रफीक नगर, मंडाला गांव, न्यू मंडाला, पद्मा नगर, विष्णु नगर, एल. यू. गडकरी, आर. एन. ए. पार्क, कुकरेजा बिल्डिंग्स, महाराष्ट्र नगर, इंडियन ऑयल नगर, पाटिल मार्ग स्थित बी. डी. रिफाइनरी विभाग, एचपीसीएल और बीपीसीएल।

    एम/वेस्ट वार्ड-
    मैत्री पार्क, घाटला, चेंबूर गांव, सुभाष नगर, लालडोंगर, सिद्धार्थ वसाहत, स्वास्तिक पार्क, पोस्टल वसाहत, डब्ल्यू. टी. पटेल मार्ग, मुक्ति नगर, काशीनाथ पाटिल वाड़ी, संतोष नगर, केलकर वाड़ी, डायमंड गार्डन, सेंट्रल एवेन्यू मार्ग, एन. बी. पाटिल मार्ग, जनार्दन पाटिल मार्ग, घाटला गांव, सेंट एंथनी मार्ग, चंद्रोदय सोसायटी, एस. जी. बर्वे मार्ग, चराई गांव, बोरला सोसायटी।

    इसके अलावा, एम. एस. बिल्डिंग नंबर 1-32, चेंबूर कैंप, सिंधी कैंप, विजय विहार, सुमन नगर, भक्ति भवन, चिखल वाड़ी, समर्थ नगर, बसंत पार्क, गांधी बाजार, जनता बाजार, इंदिरा नगर, नवजीवन सोसायटी, गोल्फ क्लब, राम टेकड़ी, तोलाराम टावर, चेंबूर वसाहत, कोंकण नगर, गणेश नगर, विजय नगर, अशोक नगर, अन्नाभाऊ साठे मार्ग, सिंधी सोसायटी, कलेक्टरेट वसाहत, मरावली चर्च, आर. सी. रूट, महुल गांव, अंबापाड़ा गांव, मैसूर कॉलोनी, वाशी गांव, डीवाई बी रियल्टी बिल्डिंग, वडवली, शरद नगर, लक्ष्मी नगर, जनता नगर, वाशी नाका, जीजामाता नगर और भक्ति पार्क की सभी इमारतें।

    साथ ही तिलक नगर, सहकार नगर, वत्सलाताई नाइक नगर, श्रमजीवी नगर, पी. एल. लोखंडे मार्ग, एकता मित्र मंडल, मालेकर वाड़ी, पी. वाई. थोरात मार्ग, रमाबाई वसाहत, आमिर बाग, जनता नगर, मोतीलाल रेजिडेंशियल एसोसिएशन, कादरिया नगर, महात्मा फुले नगर, अजंता वसाहत, साहदीप वसाहत, मुकुंद नगर, पंजाबी चाल, नागे वाड़ी, छेड़ा नगर।

     

  • चेन्नई में बड़ा एयरपोर्ट हादसा, यात्री की खतरनाक हरकत

    चेन्नई में बड़ा एयरपोर्ट हादसा, यात्री की खतरनाक हरकत

     चेन्नई

    रविवार तड़के चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस वक्त भारी दहशत फैल गई, जब एक यात्री ने चलती फ्लाइट का आपातकालीन दरवाजा अचानक खोल दिया और बाहर छलांग लगा दी। शारजाह से चेन्नई पहुंची एअर अरेबिया की इस फ्लाइट में 231 यात्री सवार थे। इस दुस्साहसिक और खतरनाक हरकत के कारण विमान में बैठे बाकी यात्रियों की जान हलक में आ गई। घटना के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला और एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल टल गया।

    यह खौफनाक घटना तब घटी जब विमान लैंडिंग के बाद मुख्य रनवे से हटकर टैक्सीवे (रनवे और टर्मिनल को जोड़ने वाला रास्ता) पर धीमी गति से आगे बढ़ रहा था। तभी अचानक 34 साल के एक पुरुष यात्री ने इमरजेंसी गेट खोला और चलती फ्लाइट से नीचे कूद गया। इस अचानक हुई घटना से विमान में अफरातफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर विमान को रोका और ग्राउंड सुरक्षा टीम को फौरन अलर्ट कर दिया।

    यात्री ने चलती फ्लाइट से छलांग क्यों लगाई?
        शुरुआती जांच में पता चला है कि यात्रा के दौरान इस यात्री की तबीयत काफी खराब हो गई थी।
        हवाई अड्डे के अधिकारियों के मुताबिक, यात्री ने फ्लाइट के अंदर घबराहट और उल्टी आने की शिकायत की थी।
        बताया जा रहा है कि इमरजेंसी गेट से कूदने से ठीक पहले उसने विमान के अंदर दो बार उल्टी भी की थी।
        माना जा रहा है कि इसी भारी बेचैनी और खराब तबीयत के चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया।

    घटना के बाद सुरक्षाबलों ने तुरंत क्या कार्रवाई की?
    पायलट की सूचना मिलते ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान तुरंत उस जगह पहुंच गए जहां विमान रुका था। हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ बम निरोधक दस्ता भी तुरंत विमान के पास पहुंच गया था। सुरक्षाकर्मियों ने बिना देरी किए उस यात्री को पकड़ लिया और उसे फौरन अपनी हिरासत में ले लिया। पायलट ने इस पूरी घटना को लेकर एक औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई है, जिसके बाद यात्री को आगे की जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया गया है।

    एयरपोर्ट के कामकाज पर क्या असर पड़ा?
    इस हाई वोल्टेज ड्रामा के कारण चेन्नई एयरपोर्ट का सामान्य कामकाज कुछ समय के लिए बुरी तरह प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुबह 03:23 बजे से 04:23 बजे तक मुख्य रनवे को पूरी तरह से बंद रखा। इस एक घंटे के दौरान आने वाली अन्य सभी उड़ानों (फ्लाइट्स) को एयरपोर्ट के दूसरे (सेकेंडरी) रनवे की तरफ मोड़ दिया गया। चेन्नई एयरपोर्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि इस घटना में विमान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और बाकी सभी यात्री सुरक्षित हैं।

    गिरफ्तार किया गया यात्री कौन?
    भले ही अभी तक यात्री की पूरी पहचान आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है, लेकिन बताया जा रहा है कि वह तमिलनाडु के पुदुक्कोट्टई जिले का रहने वाला है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब विमानन सुरक्षा नियमों (एविएशन सेफ्टी प्रोटोकॉल) के उल्लंघन के इस बेहद गंभीर मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारी उस यात्री से लगातार पूछताछ कर रहे हैं और घटना की असली वजह जानने की कोशिश में जुटे हैं। इसके साथ ही, डॉक्टरों की एक टीम उस यात्री की मानसिक स्थिति (मेंटल कंडीशन) की भी जांच कर रही है, ताकि यह समझा जा सके कि उसने ऐसा खतरनाक कदम क्यों उठाया।

  • रिश्तों में पिघली बर्फ: ढाका का बड़ा फैसला, भारतीयों को फिर मिलेगा वीजा

    रिश्तों में पिघली बर्फ: ढाका का बड़ा फैसला, भारतीयों को फिर मिलेगा वीजा

    नई दिल्ली
    भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले कुछ समय में तनावपूर्ण हालात देखने को मिले थे, जिससे द्विपक्षीय रिश्तों पर असर पड़ा। राजनीतिक बदलाव और सुरक्षा चिंताओं के कारण वीजा सेवाएं भी प्रभावित हुई थी। हालांकि बांग्लादेश में नई सरकार बनने के बाद से दोनों देशों के संबंधों में काफी सुधार देखने को मिल रहे है। इसी कड़ी में एक और बड़ा कदम उठाते हुए दोनों देशों के बीच वीजा सेवाओं को फिर से पूरी तरह बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    बांग्लादेश ने भारतीयों के लिए सभी श्रेणी के वीजा शुरू किए
    बांग्लादेश ने भारतीय नागरिकों के लिए सभी श्रेणियों में वीजा जारी करना शुरू कर दिया है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खालिलुर रहमान ने हाल ही में भारत दौरे के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। वर्तमान में नई दिल्ली, कोलकाता, अगरतला, मुंबई और चेन्नई स्थित बांग्लादेश के सभी वीजा केंद्र पूरी तरह कार्यरत हैं। बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह ने बताया कि दिसंबर में सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी थीं, लेकिन फरवरी में उन्हें फिर से शुरू कर दिया गया। अब ढाका चाहता है कि भारत भी जल्द इसी तरह की पूर्ण बहाली कर दे।
     
    भारत भी वीजा सेवा सामान्य करने की योजना बना रहा
    भारत की ओर से वीजा सेवाओं को धीरे-धीरे सामान्य करने की योजना बनाई जा रही है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने फरवरी में ढाका का दौरा किया था, जहां वे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे। यह दौरा प्रधानमंत्री तारिके रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए हुआ था। नई सरकार के सत्ता में आने के बाद दोनों देशों ने रिश्तों को फिर से संतुलित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। इससे पहले अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के दौर में संबंधों में खटास आई थी, खासकर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के हटने के बाद।

    व्यापार, पर्यटन और पारिवारिक यात्राओं को मिलेग बढ़ावा
    वीजा सेवाओं के सामान्य होने से व्यापार, पर्यटन और पारिवारिक यात्राओं को बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान में भारतीय वीजा सेवाएं बांग्लादेशी नागरिकों के लिए केवल 15 से 20 प्रतिशत क्षमता पर काम कर रही हैं, जिसमें मेडिकल और पारिवारिक वीजा को प्राथमिकता दी जा रही है। आंकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश से भारत आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। 2023 में जहां 21.2 लाख लोग भारत आए थे, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 4.7 लाख रह गई। पश्चिम बंगाल प्रमुख गंतव्य बना हुआ है। हाल ही में भारत ने ऊर्जा संकट से जूझ रहे बांग्लादेश को डीजल की आपूर्ति भी की, जिससे दोनों देशों के सहयोग को नई मजबूती मिली है।

  • पत्रकारों के लिए बेहतरीन अवसर! 2032 तक डिजिटल जर्नलिस्ट की मांग में 13% तेजी, इंवेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग में सबसे ज्यादा ग्रोथ

    पत्रकारों के लिए बेहतरीन अवसर! 2032 तक डिजिटल जर्नलिस्ट की मांग में 13% तेजी, इंवेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग में सबसे ज्यादा ग्रोथ

     नई दिल्ली

    पत्रकार‍िता में जिस तरह एआई ने दख‍ल दिया है, हर तरफ से नकारात्मक खबरें ही सुनने को मिलती हैं. इस बीच जर्नलिज्म के छात्रों के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर आई है. ग्लोबल रिपोर्ट्स और एम्प्लॉयमेंट प्रोजेक्शन के आंकड़ों ने साफ किया है कि साल 2032 तक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और मल्टीमीडिया जर्नलिस्ट्स की मांग में 13% की जबरदस्त तेजी आने वाली है. बता दें कि ये विकास दर अन्य सभी व्यवसायों की औसत वृद्धि दर से कहीं अधिक है। 

    बढ़ी'AI लिटरेट' पत्रकारों की तलाश
    मार्केट एनालिसिस से ये भी साफ हुआ है कि अब मीड‍िया कंपनियों को सिर्फ पारंपरिक रिपोर्टर नहीं, बल्कि ऐसे पत्रकार चाहिए जो AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और डेटा के साथ काम करने में सक्षम हों. डेटा जर्नलिज्म और सोशल मीडिया स्पेशलिस्ट की मांग जिस तेजी से बढ़ रही है, उसके पीछे मुख्य कारण डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ऑडियंस का बढ़ता जुड़ाव और रियल-टाइम एंगेजमेंट की जरूरत है। 

    इन क्षेत्रों में मिल रहे हैं सबसे ज्यादा मौके:

    डिजिटल कंटेंट स्पेशलिस्ट: कंपनियां ब्रांड लॉयल्टी और सोशल मीडिया ऑप्टिमाइजेशन के लिए स्टोरीटेलिंग के माहिर लोगों को ढूंढ रही हैं। 

    मल्टीमीडिया जर्नलिस्ट: पॉडकास्ट, वीडियो और मोबाइल-फर्स्ट न्यूज के दौर में उन पत्रकारों की मांग बढ़ी है जो मल्टीपल चैनल्स पर कहानी कह सकें। 

    मीडिया एनालिस्ट: बिग डेटा और AI टूल्स के जरिए ऑडियंस के व्यवहार को समझने वाले प्रोफेशनल्स अब संपादकीय फैसलों में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। 

    टेक्निकल राइटर्स: हेल्थकेयर और फाइनेंस जैसे जटिल क्षेत्रों में सरल भाषा में जानकारी देने वाले पत्रकारों की भारी जरूरत है। 

    सैलरी में भी उछाल का रुझान
    हायरिंग ट्रेंड्स बताते हैं कि खोजी पत्रकारिता (इनवेस्ट‍िगेट‍िव रिपोर्ट‍िंग) और ब्रांडेड कंटेंट जैसे खास क्षेत्रों में सालाना सैलरी में 8% से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी जा रही है. यह साफ संकेत है कि जो जर्नलिस्ट अपनी स्किल्स को अपग्रेड करेंगे, उनके लिए करियर और कमाई, दोनों के रास्ते खुले हैं। 

  • 33% महिलाओं की भागीदारी के साथ BJP बनाएगी ‘नवीन टीम’, ड्रीम पर काम तेज

    33% महिलाओं की भागीदारी के साथ BJP बनाएगी ‘नवीन टीम’, ड्रीम पर काम तेज

      नई दिल्ली

    पश्चिम बंगाल और असम सहित पांच राज्यों के चुनाव नतीजे के बाद बीजेपी में कई अहम फैसले होंगे. बीजेपी अध्यक्ष की कमान संभाल रहे नितिन नवीन को अपनी टीम का गठन करना हो तो उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक कैबिनेट विस्तार पेंडिग है. बीजेपी संगठन और सरकार के हिसाब से मई का महीना कई बड़े बदलाव लेकर आएगा। 

    माना जा रहा है कि 4 मई को बाद बीजेपी नवीन टीम के साथ यूपी से बिहार तक कैबिनेट गठन को अमलीजामा पहनाने का काम करेगी. लंबे समय से लटके पड़े कई फ़ैसले मई में लागू होने की संभावना है. इनमें सबसे महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश में योगी सरकार में फेरबदल शामिल है। 

    उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसे पहले बीजेपी कैबिनेट विस्तार करके सियासी समीकरण को साधने की कवायद करना चाहती है. बिहार में सीएम और डिप्टीसीएम बनाए जाने के बाद अब कैबिनेट विस्तार होना है, जिसे अब बीजेपी अमलीजामा पहनाना चाहती है? बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने सारी तैयारी कर ली है, जिसे चार मई के बाद किसी भी दिन अमल में लाया जा सकता है? 
     
    नवीन टीम में युवा और महिलाओं को तवज्जे? 

    जेपी नड्डा की जगह नितिन नवीन बीजेपी के अध्यक्ष 2025 के आखिर में बन गए हैं, लेकिन पांच महीने के बाद भी अपनी टीम का गठन नहीं कर सके हैं. बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने चार मई के बाद नवीन टीम के गठन का प्लान बनाया है. इस तरह संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर बदलाव करने का है.  बीजेपीके राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में जल्द ही एक नई टीम बनने की संभावना है। 

    माना जा रहा है कि नितिन नवीन की टीम में अनुभवी और युवा नेताओं का मिश्रण होगा ताकि एक संतुलन टीम बन सके. युवाओं के साथ महिलाओं को भी शामिल करने की रणनीति है. बीजेपी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 33 फीसदी महिलाओं को शामिल करने की योजना है। 

    यूपी में योगी कैबिनेट का विस्तार का प्लान
    उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने भूपेंद्र चौधरी की जगह पर पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष तो बना दिया है, लेकिन अभी तक उनकी टीम नहीं बन सकी है. सूत्रों के अनुसार यूपी में ख़ाली पड़ें पदों को भरने के अलावा कुछ फेरबदल भी हो सकता है. इसमें कुछ मौजूदा मंत्रियों की ज़िम्मेदारी में बदलाव की भी संभावना है.पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी की सरकार में वापसी तय मानी जा रही है। 

    2027 के चुनावों को ध्यान में रख कर क्षेत्रीय जातीय समीकरणों को भी साधा जाएगा. बीजेपी नेताओं के अनुसार योगी कैबिनेट में फेरबदल के साथ ही प्रदेश बीजेपी में भी नई टीम का गठन होने की संभावना है. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम और योगी कैबिनेट दोनों का निर्णय करते समय आगामी 2027 विधानसभा चुनाव का ध्यान रखा जाएगा। 

    बिहार में सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का गठन
    यूपी कैबिनेट विस्तार के साथ बिहार में सम्राट चौधरी के अगुवाई में बनी एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल का गठन होना है. बीजेपी जेडीयू के फार्मूले के अनुसार दोनों के पास सोलह-सोलह मंत्री पद रहने की संभावना है, वर्तमान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास जो विभाग हैं, वो सभी बीजेपी कोटे से बनने वाले मंत्रियों को दिए जा सकते हैं. ऐसे ही जेडीयू के दोनों उपमुख्यमंत्रियों के पास के विभाग जेडीयू कोटे से बनने मंत्रियों को दिए जाएंगे। 

    उम्मीद है कि मई का महीना बीजेपी में संगठन और सरकार, दोनों ही स्तरों पर बड़े बदलाव लेकर आएगा. इन बदलावों की मुख्य वजह आगामी चुनाव और राजनीतिक संतुलन बनाए रखना होगा। 

  • GST कलेक्शन ने बनाया रिकॉर्ड, अप्रैल में 2.43 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा आंकड़ा

    GST कलेक्शन ने बनाया रिकॉर्ड, अप्रैल में 2.43 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा आंकड़ा

    नई दिल्ली
     ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में भारी इजाफा हुआ है। इससे भारत में आर्थिक गतिविधियों पर तत्काल कोई असर नहीं पड़ा है। देश में अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन 2.42 लाख करोड़ रुपये के रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। नए वित्त वर्ष के पहले महीने जीएसटी कलेक्शन में भारी उछाल इस बात का संकेत है कि देश की इकॉनमी तेजी से आगे बढ़ रही है। अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन में पिछले साल के मुकाबले 8.7 फीसदी की तेजी आई है।

    इससे पहले एक महीने में सबसे अधिक जीएसटी कलेक्शन का रेकॉर्ड पिछले साल अप्रैल में बना था। उस महीने यह 2.37 लाख करोड़ रहा था। इस बार नेट जीएसटी कलेक्शन 2.11 लाख करोड़ रुपये रहा जो पिछले साल की तुलना में 7.3 फीसदी अधिक है। अप्रैल में टोटल रिफंड भी 19.3 फीसदी बढ़कर 31,793 करोड़ रुपये रहा। इस तरह नेट जीएसटी रेवेन्यू 2,10,909 करोड़ रुपये रहा। इसमें इम्पोर्ट लिंक्ड रेवेन्यू की मजबूत भूमिका रही।

    रेकॉर्ड पर जीएसटी कलेक्शन

        अप्रैल में GST कलेक्शन 2.42 लाख करोड़ के रेकॉर्ड स्तर पर पहुंचा
        यह कलेक्शन पिछले साल अप्रैल की तुलना में 8.7 फीसदी अधिक है
        पिछले साल अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन ₹2.37 लाख करोड़ रहा था
        नेट जीएसटी कलेक्शन भी 7.3% बढ़कर 2.11 लाख करोड़ रुपये रहा
        महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, तमिलनाडु और यूपी सबसे आगे

    आयात से होने वाली कमाई में क्या रही खास बात?
    अप्रैल के जीएसटी कलेक्शन में एक खास बात आयात से जुड़ी जीएसटी रेवेन्यू के दबदबे का कायम रहना रहा। आयात पर आईजीएसटी कलेक्शन सालाना आधार पर लगभग 26% तो नेट कस्टम जीएसटी रेवेन्यू 42.9% की रफ्तार से बढ़ा, जो वैश्विक अस्थिरता के बावजूद कारोबार की मजबूती को दिखा रहा है। डेलाइट इंडिया के इनडायरेक्ट टैक्स पार्टनर एमएस मणि के मुताबिक इससे आयात में तेजी का पता चलता है, लेकिन उनका यह भी कहना है कि कस्टम कलेक्शंस के आंकड़े नहीं होने के चलते इस तेज उछाल के कारणों का सटीक पता लगाना मुश्किल है।

    घरेलू खपत स्थिर लेकिन ग्रोथ धीमी
    आयात ने ओवरऑस ग्रोथ को तगड़ा सपोर्ट मिला लेकिन घरेलू जीएसटी कलेक्शन इसकी तुलना में सुस्त रही। ग्रास डोमेस्टिक रेवेन्यू अप्रैल महीने में सालाना आधार पर 4.3% की रफ्तार से बढ़कर ₹1.85 लाख करोड़ पर पहुंचा जिससे सितंबर 2025 में जीएसटी दरों में कटौती के बाद भी खपत में स्थिर रुझान का संकेत मिला है। एमएस मणि का कहना है कि दरों में तेज कटौती के बावजूद घरेलू खपत पर जीएसटी कलेक्शन का बढ़ना खपत में अच्छी बढ़ोतरी का संकेत है। हालांकि एक अहम बात ये है कि यह ग्रोथ सभी राज्यों में एक जैसी नहीं रही। कुछ बड़ी मैन्युफैक्चरिंग और कंज्यूमिंग स्टेट्स में लो-सिंगल-डिजिट ग्रोथ रही जैसे कि गुजरात में 3% और महाराष्ट्र, कर्नाटक और हरियाणा में करीब 5% की ग्रोथ रही।

    ग्रास कलेक्शन में तेज उछाल लेकिन नेट रेवेन्यू की रफ्तार सुस्त
    मजबूत ग्रास के बावजूद नेट जीएसटी रेवेन्यू ग्रोथ सुस्त रही और यह सालाना आधार पर 7.3% बढ़कर ₹2.11 लाख करोड़ तक पहुंचा। इसकी मुख्य वजह रिफंड की अधिक स्पीड रही। अप्रैल में सालाना आधार पर टोटल रिफंड 19.3% की रफ्तार से बढ़ा तो घरेलू रिफंड 54% से अधिक बढ़ गया। टैक्स कनेक्ट एडवायजरी सर्विसेज एलएलपी के विवेक जालान का कहना है कि नेट डोमेस्टिक कलेक्शंस में कोई खास बदलाव नहीं हुआ, क्योंकि रिफंड में तेज बढ़ोतरी हुई।

    टॉप 5 राज्य
    अप्रैल में ग्रॉस इम्पोर्ट रेवेन्यू 25.8 फीसदी उछलकर 57,580 करोड़ रुपये पहुंच गया जबकि ग्रॉस डोमेस्टिक रेवेन्यू 4.3 फीसदी तेजी के साथ 1.85 लाख करोड़ रुपये रहा। कस्टम से नेट रेवेन्यू यानी आयात पर जीएसटी में 42.9 फीसदी तेजी आई जबकि नेट डोमेस्टिक रेवेन्यू में केवल 0.3 फीसदी तेजी रही। इससे साफ है कि अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन में तेजी में एक्सटरनल ट्रेड की अहम भूमिका रही।

    जीएसटी कलेक्शन में टॉप पांच राज्यों में महाराष्ट्र (13,793 करोड़ रुपये), कर्नाटक (5,829 करोड़ रुपये), गुजरात (5,455 करोड़ रुपये), तमिलनाडु (4,724 करोड़ रुपये) और उत्तर प्रदेश (4,399 करोड़ रुपये) शामिल हैं। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 8.3 प्रतिशत बढ़कर 22.27 लाख करोड़ रुपए हो गया। पिछले वित्त वर्ष (2025) में यह 20.55 लाख करोड़ रुपये था। नेट जीएसटी कलेक्शन 19.34 लाख करोड़ रुपये रहा जो वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 7.1% अधिक है। यह वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूत आर्थिक गतिविधि का संकेत देता है।

  • 5KG LPG सिलेंडर में 261 रुपये की बढ़ोतरी, प्रवासी मजदूरों को महंगाई से मिली बड़ी चुनौती

    5KG LPG सिलेंडर में 261 रुपये की बढ़ोतरी, प्रवासी मजदूरों को महंगाई से मिली बड़ी चुनौती

    नई दिल्ली

    कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी के बाद एक बुरी खबर 5 किलो वाले सिलेंडर के लिए है। एएनआई के अनुसार 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमतों में भी आज से 261 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है। कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने का सीधा असर रेस्टोरेंट, होटल, बेकरी और अन्य छोटे-बड़े बिजनेस पर पड़ेगा। वहीं, घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किग्रा) के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे करीब 33 करोड़ परिवारों को राहत मिली है।

    नए रेट के अनुसार दिल्ली में 19 किग्रा का कॉमर्शियल सिलेंडर 993 रुपए महंगा होकर इसकी कीमत ₹3,071.50 हो गई है। 5 किलो का FTL (फ्री ट्रेड LPG) सिलेंडर 261 रुपए की बढ़ोतरी के साथ 1754.5 रुपये का हो गया है। यह कीमत तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है।
    एएनआई के अनुसार 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमतों में भी आज से 261 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है।

    रेट में बदलाव विशेष रूप से बिजनेस और थोक LPG कैटेगरी के लिए है, जो देश की कुल LPG खपत का एक छोटा सा हिस्सा हैं। सरकार ने महंगाई से बचाने के लिए घरेलू सिलेंडर पर सब्सिडी जारी रखी है, जबकि कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करती हैं।

    रसोई गैस के दाम में नहीं कोई बदलाव 
    वहीं रसोई गैस की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. तेल कंपनियों ने 33 करोड़ यूजर्स को राहत देते हुए इसके दाम में कोई बदलाव नहीं किया है. आखिरी बार रसोई गैस के दाम में इसी साल 7 मार्च को इजाफा हुआ था. अभी दिल्‍ली में रसोई गैस की कीमत 913 रुपये, मुंबई में 912.50 रुपये, चेन्‍नई में 928.50 रुपये और कोलकाता में एक सिलेंडर की कीमत 939 रुपये है। 

    क्‍यों बढ़े गैस के दाम? 
    मिडिल ईस्‍ट में जंग के कारण तेल-गैस की सप्‍लाई बाधित हुई है. साथ ही अमेरिका ने स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकाबंदी भी कर रखी है, जिस कारण सऊदी, कतर और यूएई से होने वाली गैस की सप्‍लाई कम हो गई है. हालांकि, भारत अफ्रीका देशों, अमेरिका और अन्‍य जगहों से तेल-गैस का आयात कर रहा है, लेकिन लागत बढ़ गई है. इस लागत बढ़ने का असर, रिटेल प्राइस पर अब दिखने लगा है. इस कारण कमर्शियल गैस के दाम में इतनी बढ़ी बढ़ोतरी देखी जा रही है। 

    कीमतें क्यों बढ़ीं?
    इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव हैं। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड 126 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया था, हालांकि शुक्रवार को यह गिरकर 113 डॉलर पर आ गया। भारत अपनी LPG जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम अंतरराष्ट्रीय भाव और डॉलर-रुपए की विनिमय दर के अनुसार हर महीने बदलते हैं।

    रेस्टोरेंट-होटल पर पड़ेगा सीधा असर
    19 किग्रा वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत में इतनी भारी वृद्धि से खान-पान के कारोबार पर काफी दबाव बढ़ेगा। आमतौर पर कारोबारी इस अतिरिक्त लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डाल देते हैं, जिससे अगले कुछ हफ्तों में बाहर खाने के दाम बढ़ सकते हैं। वहीं, छोटी दुकानो या बहुत कम बिजनेस यूज के लिए 5 किलो FTL सिलेंडर पर कोई सब्सिडी नहीं है।

    सरकार का घरेलू उपभोक्ताओं पर फोकस
    हाल के महीनों में सरकार ने घरेलू LPG की कीमतें स्थिर रखी हैं, ताकि आम परिवारों को महंगाई से राहत मिल सके। इस महीने कुल पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स में से लगभग 80% (जिसमें घरेलू LPG भी शामिल है) के दाम नहीं बढ़े हैं। 16% प्रोडक्ट्स (मुख्यतः औद्योगिक और व्यावसायिक) के दाम बढ़े हैं। जबकि, 4% उत्पादों के दाम घटे हैं।