Category: देश

  • राजनाथ सिंह का खुलासा: ‘भारत लंबी लड़ाई के लिए तैयार था, ऑपरेशन सिंदूर का था बड़ा उद्देश्य’

    राजनाथ सिंह का खुलासा: ‘भारत लंबी लड़ाई के लिए तैयार था, ऑपरेशन सिंदूर का था बड़ा उद्देश्य’

    नई दिल्ली
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को इस नई विश्व व्यवस्था का प्रतीक बताया. यह ऑपरेशन लगभग एक साल पहले पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था. 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकियों ने 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी थी। 

    इस हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर चलाया. रक्षा मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की नीति साफ है – किसी भी हालत में आतंकवादी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

    भारत ने पहले सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और अब ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकवाद के खिलाफ अपना रुख साबित किया है. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिर्फ 72 घंटे में पूरा कर लिया गया, लेकिन इसके पीछे लंबी तैयारी थी. अगर जरूरत पड़ती तो भारत लंबी लड़ाई के लिए भी पूरी तरह तैयार था। 

    आज की दुनिया तेजी से बदल रही है. कई बड़े देश अपनी ताकत बढ़ा रहे हैं. राष्ट्रीय हितों को पहले से ज्यादा जोर-शोर से सामने रख रहे हैं. पुराना नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय सिस्टम अब सवालों के घेरे में है. संयुक्त राष्ट्र जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं कमजोर पड़ रही हैं।  

    प्रौद्योगिकी, सप्लाई चेन और डिजिटल टूल्स को भी हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. ऐसे में भारत को इस नई दुनिया में और ज्यादा सतर्कता के साथ आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत को अपनी सुरक्षा और विकास की रणनीति को नई परिस्थितियों के अनुसार ढालना होगा। 

    आतंकवाद के तीन आयाम और उसकी जड़ें
    राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को मानवता पर एक काला धब्बा बताया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद सिर्फ एक विकृत मानसिकता है. यह सुरक्षा का मुद्दा ही नहीं, बल्कि मानव मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है. आतंकवाद को अक्सर धर्म या किसी हिंसक विचारधारा के नाम पर जायज ठहराने की कोशिश की जाती है, जो दरअसल आतंकियों को कवर फायर देना है। 

    रक्षा मंत्री ने जोर दिया कि आतंकवाद सिर्फ राष्ट्र-विरोधी कृत्य नहीं है, बल्कि इसके तीन आयाम हैं – ऑपरेशनल (संचालन संबंधी), आइडियोलॉजिकल (वैचारिक) और पॉलिटिकल (राजनीतिक). आतंकवाद की असली ताकत उसकी वैचारिक और राजनीतिक जड़ों में है. उन्होंने इसे रावण की नाभि से जोड़कर समझाया कि जब तक इस नाभि यानी वैचारिक और राजनीतिक संरक्षण को नहीं सुखाया जाएगा, आतंकवाद पूरी तरह खत्म नहीं होगा. इसलिए आतंकवाद को सिर्फ सैन्य स्तर पर नहीं, बल्कि सभी तीन आयामों में लड़ना जरूरी है। 

    पाकिस्तान पर सीधा हमला
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर सीधा आरोप लगाया कि वह लगातार आतंकवाद को समर्थन देता रहा है. उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान आजादी के समय एक साथ स्वतंत्र हुए, लेकिन आज भारत सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के लिए जाना जाता है, जबकि पाकिस्तान इंटरनेशनल टेररिज्म (International Terrorism) का केंद्र बन गया है। 

    उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद और उसके प्रायोजकों (स्पॉन्सर्स) में कोई फर्क नहीं करता. पीएम मोदी की नीति के तहत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का रवैया अपनाया गया है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को परमाणु हमले की धमकियां भी मिलीं, लेकिन भारत उनमें नहीं फंसा और राष्ट्रहित में जो जरूरी था, वह किया। 

    तीनों सेनाओं की संयुक्त ताकत का प्रदर्शन
    ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य शक्ति के नए रूप का उदाहरण बना. इसमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना ने एक साथ, एक योजना के तहत काम किया. रक्षा मंत्री ने कहा कि अब भारत की सैन्य शक्ति साइलो में नहीं चलती, बल्कि संयुक्त और एकीकृत रूप में उभरी है. यह एक वैश्विक शक्ति के रूप में भारत की छवि को मजबूत करता है। 

    भारत ने ऑपरेशन अपनी शर्तों और अपने समय पर शुरू किया और अपनी शर्तों पर ही समाप्त किया. सिर्फ उन्हीं ठिकानों को निशाना बनाया गया जो हमले के जिम्मेदार थे. ऑपरेशन इसलिए नहीं रोका गया क्योंकि क्षमता कम थी, बल्कि भारत ने अपनी मर्जी से रोका. जरूरत पड़ने पर ज्यादा कुछ भी किया जा सकता था। 

    स्वदेशी हथियारों की बढ़ती विश्वसनीयता
    ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम से लेकर निगरानी प्लेटफॉर्म तक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का खूब इस्तेमाल हुआ. इससे भारत की सटीकता और घातक क्षमता काफी बढ़ गई. रक्षा मंत्री ने बताया कि ऑपरेशन के बाद स्वदेशी हथियारों और रक्षा उपकरणों की विश्वसनीयता दुनिया भर में बढ़ी है। 

    अब कई देश भारत से हथियार और रक्षा सामग्री खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत का मिलिट्री-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स अब शांति काल के साथ युद्ध के समय में भी तेज सप्लाई देने के लिए तैयार है. सर्ज कैपेसिटी और स्टोरेज कैपेसिटी मजबूत हुई है. इससे भारत की डिटरेंस बढ़ी है। 

    भविष्य की तैयारी: AI और टेक्नोलॉजी
    रक्षा मंत्री ने भविष्य की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ा रहा है. GPU क्षमता बना रहा है. फ्यूचर स्किल्स प्रोग्राम चला रहा है. AI को 'Augmented Infantry' यानी बढ़ी हुई पैदल सेना के रूप में देखा जा रहा है. सेना ने AI, मशीन लर्निंग और बिग डेटा का इस्तेमाल करके अपनी क्षमताएं मजबूत करने का रोडमैप तैयार किया है. इससे देश न सिर्फ ज्यादा सुरक्षित बनेगा, बल्कि शक्तिशाली और समृद्ध भी होगा। 

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के इन बयानों से साफ है कि नया भारत आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ बिना किसी समझौते के खड़ा है. ऑपरेशन सिंदूर ने न सिर्फ आतंकियों को सबक सिखाया, बल्कि दुनिया को भारत की सैन्य तैयारी, संयुक्त ताकत और स्वदेशी क्षमता का संदेश भी दिया. बदलते विश्व में भारत अपनी सुरक्षा और मूल्यों की रक्षा के लिए पूरी तरह सजग और तैयार है। 

     

  • मुंबई के बाजार में तरबूज गायब, दुकानदारों के बीच बिरयानी कांड का खौफ

    मुंबई के बाजार में तरबूज गायब, दुकानदारों के बीच बिरयानी कांड का खौफ

    मुंबई

     दक्षिण मुंबई के पाइधोनी इलाके से दिलचस्प खबर सामने आ रही है. यहां बाजार से तरबूज एकदम गायब हो गया है. इसी इलाके में हाल ही में बिरयानी के साथ तरबूज खाने से एक परिवार के चार लोगों की मौत हो गई थी. जिसके बाद जांच के लिए पाइधोनी इलाके में पहुंची खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) टीम पहुंची। 

    हालांकि इस मामले में चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब एफडीए की टीम बाजार में जांच के ल‍िए पहुंची लेक‍िन उसे इलाके में एक भी तरबूज बेचने वाला नहीं मिला और न ही क‍िसी फल की दुकान पर तरबूज म‍िला। 

    बता दें कि 27 अप्रैल को अब्दुल्लाह डोकड़िया (40), उनकी पत्नी नसीम (35) और बेटियां आयशा (16) व जैनब (13) ने तरबूज और बिरयानी खाने के बाद उल्टी और बेहोशी के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए थे. चारों की कुछ ही घंटों के अंतराल में मौत हो गई थी। 

    एफडीए अब लैब रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, लेकिन शायद यही डर है कि बाजार में तरबूज बेचने वाले सभी विक्रेता अचानक गायब हो गए हैं. इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। 

    इस घटना के बाद तरबूज को लेकर डर का आलम ऐसा था कि जब रविवार शाम 7 बजे एफडीए की टीम पहली बार पाइधोनी बाजार पहुंची, तब तक इलाके से तरबूज पूरी तरह गायब हो चुका था. बाजार में एक भी फल विक्रेता के पास तरबूज नहीं मिला. उसके बाद सोमवार, मंगलवार और बुधवार को भी FDA की टीमें लगातार बाजार में छापेमारी करती रहीं कि किसी के पास तरबूज मिले लेकिन वहां एक भी विक्रेता या तरबूज नहीं मिला। 

    एक FDA अधिकारी ने कहा, “यह बहुत अजीब मामला है. हमने पहले कभी ऐसा नहीं देखा. हमने पिछले रिकॉर्ड्स भी चेक किए, लेकिन तरबूज या तरबूज-बिरयानी से जुड़ा कोई फूड पॉइजनिंग का केस पहले नहीं मिला। 

    तरबूज बेचने वाले के गायब होने से रुकी जांच
    अधिकारियों ने कहा कि इलाके में तरबूज विक्रेता का पता न चल पाने से जांच की एक महत्वपूर्ण दिशा रुक गई है.अगर तरबूज स्थानीय बाजार से खरीदा गया था, तो हो सकता है कि इसे अन्य लोगों ने भी खाया हो लेकिन अब तक ऐसा कोई और केस रिपोर्ट नहीं हुआ है. परिवार के रिश्तेदारों से पूछताछ भी की गई लेकिन यह पता नहीं चल सका कि तरबूज आखिर कहां से खरीदा या लाया गया था। 

    एफडीए ने लिए 11 सैंपल
    जांच के बीच एफडीए ने मृतक परिवार के घर से 11 सैंपल इकठ्ठा किए हैं, जिनमें फ्रिज से बचा हुआ तरबूज और बिरयानी, बर्तनों से निकाला गया पुलाव, फ्रीजर से कच्चा चिकन, मसाले, चावल, आधा खाया हुआ खजूर, गिलासों में रखा पानी और मिट्टी का घड़ा शामिल है। फिलहाल लैब रिपोर्ट आने में देरी के चलते जांच आगे बढ़ने में दिक्कत आ रही है. हालांकि एफडीए अब लैब रिजल्ट का इंतजार कर रही है, ताकि मौत की असली वजह का पता  लगाया जा सके। 

  • IPS अजय पाल शर्मा को कलकत्ता हाई कोर्ट से राहत, मतदान तक तैनाती में कोई बदलाव नहीं

    IPS अजय पाल शर्मा को कलकत्ता हाई कोर्ट से राहत, मतदान तक तैनाती में कोई बदलाव नहीं

     कलकत्ता 

    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार को दूसरे चरण का मतदान चल रहा है। इसके ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर और ऑब्जर्वर बनकर पश्चिम बंगाल गए यूपी कैडर के आईपीएस अजय पाल शर्मा के बीच शुरू हुई तकरार की चर्चा देश भर में हो रही है। इस बीच कलकत्ता हाई कोर्ट से आईपीएस अजय पाल शर्मा को बड़ी राहत मिली है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह 29 अप्रैल तक चुनाव ड्यूटी पर तैनात किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई आदेश जारी नहीं करेगा, जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण होना है। एक वकील ने जस्टिस कृष्ण राव की कोर्ट में आईपीएस अफसर अजय पाल शर्मा को जोन में काम करने से रोकने के लिए मौखिक रूप से प्रार्थना की थी। आईपीएस अजय पाल साउथ 24 परगना जिले में राज्य विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक हैं।

    वकील का आरोप था कि अजय पाल आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं। इस पर, जस्टिस राव ने कहा कि वह 29 अप्रैल तक चुनाव ड्यूटी पर मौजूद किसी भी ऑफिसर के बारे में कोई ऑर्डर पास नहीं करेंगे। वकील ने अर्जी दी कि इस बारे में याचिका दायर करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। जब वकील ने आरोप लगाया कि अजय वोटर्स को डरा रहे हैं। इस पर जस्टिस राव ने कहा कि अगर कोई शिकायत है तो चुनाव आयोग से संपर्क करें। वकील ने दावा किया कि आयोग को बताया गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं आया है।

    मतदान से पहले छाए ‘सिंघम’ और ‘पुष्पा’
    उत्तर प्रदेश के चर्चित आईपीएस अजय पाल शर्मा और टीएमसी नेतृत्व के बीच मतदान से एक दिन पहले मंगलवार को गतिरोध बढ़ गया। ‘सिंघम’ के नाम से चर्चित अफसर ने जहांगीर खान का नाम लेकर कुछ लोगों पर सख्ती दिखाई तो इसके जवाब में टीएमसी नेता ने ‘झुकेगा नहीं’ वाला पुष्पा अंदाज दिखाया।

    तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने आरोप लगाया है कि अजय पाल शर्मा पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को डरा धमका रहे हैं। जहांगीर खान ने कहा कि पुलिस अधिकारियों को मतदाताओं को डराने-धमकाने नहीं देंगे। यह बंगाल है, अगर वह (शर्मा) ‘सिंघम’ हैं, तो मैं ‘पुष्पा’ हूं। फाल्टा में यूपी के पुलिस अधिकारियों की किसी भी तरह की धमकी या दबाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। टीएमसी उम्मीदवार ने कहा कि शर्मा पुलिस बल के साथ आए और मुझ पर तथा मेरे लोगों पर दबाव डालने की कोशिश की। लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे कृत्य स्वीकार्य नहीं हैं।

  • ममता ने बंगाल में गड़बड़ी का आरोप लगाया, नादिया में BJP कार्यकर्ता पर हमले के बाद 18% वोटिंग

    ममता ने बंगाल में गड़बड़ी का आरोप लगाया, नादिया में BJP कार्यकर्ता पर हमले के बाद 18% वोटिंग

    कलकत्ता

    पश्चिम विधानसभा चुनाव के लिए आज दूसरे चरण की वोटिंग जारी है। मतदान सुबह 7 बजे से शुरू हो चुका है लेकिन मतदान केंद्रों पर सुबह 6 बजे से ही मतदाताओं की कतार लगनी शुरू हो गई थी।पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 की मुख्य बातें: पहले चरण का मतदान पूरा हुआ; अनुमानित मतदान प्रतिशत 92% से अधिक रहा। 

    दूसरे चरण में पश्चिम बंगाल की 142 सीटों पर आज वोटिंग हो रही है, पिछले विधानसभा चुनाव में इन 142 में में 123 सीटों पर सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। इस चरण के चुनाव में सबकी निगाहें भवानीपुर सीट पर टिकी हुई हैं, क्यूंकि यहां से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने है। बता दें कि भवानीपुर ममता बनर्जी की परंपरागत सीट है, इस लिहाज से यहां पर कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। इससे पहले सुवेंदु अधिकारी 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को नंदीग्राम से हरा चुके हैं। गौरतलब हो कि पहले चरण की 152 सीटों पर 23 अप्रैल को रिकॉर्ड 93% मतदान हुआ था। 4 मई को चुनाव के रिजल्ट आएंगे।

     बारानगर में एक बूथ पर 5 बार बदली गई EVM, रुका मतदान
    बंगाल में हंगामे के बीच मतदान जारी है. इसी बीच बारानगर के बूथ नंबर 72 में ईवीएम में खराबी के कारण मतदान रोक दिया गया है. नाराज मतदाताओं का आरोप है कि मशीन को पांच बार बदला जा चुका है, फिर भी मतदान शुरू नहीं हुआ है. एक मतदाता, मिथु गरई ने कहा, 'हम सुबह 7 बजे से लाइन में खड़े हैं. वो कह रहे हैं कि ईवीएम खराब है. अब हम वापस जा रहे हैं। 
     
     'TMC बना रही है चौथी बार सरकार', अभिषेक बनर्जी का दावा
    ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने बंगाल चुनाव में बीजेपी पर केंद्रीय बलों के अत्याधिक तैनात का आरोप लगाया है. अब अभिषेक बनर्जी ने कहा कि आईएनएस के युद्धपोत और राफेल, जिन्हें तैनात करना है बाकी आप वो भी कर दो जो भी चीज आपको बांग्लादेश और पाकिस्तान के खिलाफ करना है. वो आप बंगाल के लोगों के खिलाफ कर रहे हो। 

    टीएमसी नेता ने दावा किया कि बंगाल में 30 लाख मतदाताओं को वोट डालने से रोका गया है. उन्होंने अपनी एक साल पुरानी भविष्यवाणी को दोहराते हुए कहा कि टीएमसी 2021 से भी ज्यादा बहुमत हासिल करेगी. टीएमसी चौथी बार सरकार बना रही है. मैं आपसे 4 मई को मिलूंगा। 

    भबानीपुर: ममता बनर्जी के मतदान केंद्र के बाहर पहुंचे शुभेंदु अधिकारी
    ममता बनर्जी ने सुबह से ही अपने विधानसभा क्षेत्र भबानीपुर में डेरा डाला हुआ है. उन्होंने बीजेपी पर चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है. इसी बीच बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी भी भबानीपुर पहुंच गए हैं. बताया जा रहा है कि बीजेपी नेता उसी मतदान केंद्र के बाहर मौजूद हैं, जहां ममता बनर्जी ने डेरा डाला हुआ है। 

    मतदाताओं को डराया-धकाया जा रहा है, ममता का केंद्रीय बलों पर आरोप
    बंगाल में मतदान के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यालय में बैठक के बाद केंद्रीय बलों पर मतदाताओं को डराने-धमकाने का आरोप लगाया है. उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के घरों में जबरन घुसने का भी आरोप लगाया है। 

    नदिया में भाजपा पोलिंग एजेंट पर हमला, अस्पताल में भर्ती
    बंगाल विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण के लिए मतदान जारी है. मतदान से पहले सुबह करीब 5:30 बजे चापड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत हात्रा पंचायत में बूथ नंबर 52 पर भाजपा पोलिंग एजेंट मोशर्रफ पर कथित रूप से बदमाशों के एक गिरोह ने लोहे की रॉड से हमला कर दिया. पुलिस ने बाद में उन्हें बचाया और चापड़ा रूरल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है. डॉक्टरों ने बताया कि उनके सिर में चोट लगी है. उनके सिर में छह टांके लगाए हैं। 

    मतदान केंद्र के बाहर हंगामा, CRPF ने कई लोगों को हटाया
    मतदान के दौरान तनाव के बीच एक मतदान केंद्र के बाहर हंगामा मच गया. CRPF जवानों ने कई व्यक्तियों को वहां से हटा दिया. मतदाताओं के अनुसार, EVM मशीन में बार-बार खराबी आने के कारण तीन असफल प्रयासों के बाद सुबह करीब 8:30 बजे मतदान शुरू हो सका. मतदाताओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोग मतदान प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें सुरक्षा बलों ने वहां से हटा दिया. एक मतदाता मयूर जैन ने बताया कि वो सुबह 7 बजे से इंतजार कर रहे थे। 

    उन्होंने कहा, 'मशीन खराब होने के कारण हमें तीन बार वोट डालने से रोका गया. नई मशीन लाई गई, लेकिन उसमें भी समस्या आई. अंदर चीख-पुकार मच गई और गेट बंद कर दिए गए. बाद में कुछ लोगों ने हंगामा करने की कोशिश की, उन्हें पीटा गया और ले जाया गया. आखिरकार सुबह 8:30 बजे मतदान शुरू हुआ.' मयूर जैन ने ये भी कहा कि CRPF के जवान मौजूद थे और प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। 

    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए बुधवार सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया है. दूसरे चरण में सात जिलों की 142 विधानसभा सीटों पर कुल 3,21,73,837 मतदाता वोट डालेंगे. इनमें 1,64,35,627 पुरुष, 1,57,37,418 महिलाएं और 792 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं. मतदान के लिए 41,001 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां हर बूथ की वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2,321 कंपनियां केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनात किया गया है. कोलकाता में सबसे अधिक 273 कंपनियां लगाई गई हैं। 

    इसके अलावा 142 सामान्य पर्यवेक्षक, 95 पुलिस पर्यवेक्षक और 100 व्यय पर्यवेक्षक भी तैनात किए गए हैं. ड्रोन कैमरों से भी मतदान प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी. इस चरण में कुल 1,448 उम्मीदवार मैदान में हैं. भांगर सीट पर सबसे अधिक 19 उम्मीदवार हैं, जबकि हुगली जिले की गोगहाट सीट पर सबसे कम 5 उम्मीदवार हैं। 

    इस चरण में कई दिग्गज नेता अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इनमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (भबानीपुर), विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी (भबानीपुर), राज्य मंत्री सुजीत बोस (बिधाननगर), फिरहाद हकीम (कोलकाता पोर्ट), ज्योतिप्रिया मल्लिक (हावड़ा), ब्रात्य बसु (दम दम), सोवंदेब चट्टोपाध्याय (बालीगंज) और बीजेपी के अर्जुन सिंह (नोआपाड़ा), स्वपन दासगुप्ता (राशबिहारी), रूद्रनील घोष (शिबपुर) शामिल हैं. सीपीआई(एम) की मीनाक्षी मुखर्जी (उत्तरपाड़ा), दीप्सिता धर (दम दम उत्तर), कलातन दासगुप्ता (पानीहाटी) और आईएसएफ के नौशाद सिद्दीकी (भांगर) भी चुनावी मैदान में हैं। 

    वहीं, राज्यपाल आर.एन. रवि और चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए मतदाताओं से भारी संख्या में निकलने की अपील की है. इससे पहले 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में 152 सीटों पर 93.19 प्रतिशत रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया था। 

     

  • फुटबॉल के मैदान पर पीएम मोदी का गोल, खिलाड़ियों संग सेलिब्रेशन की तस्वीरें देखें

    फुटबॉल के मैदान पर पीएम मोदी का गोल, खिलाड़ियों संग सेलिब्रेशन की तस्वीरें देखें

    गंगटोक
    पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार का शोर थम गया है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण की विधानसभा सीटों के लिए चुनाव प्रचार थमने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सबसे बड़े चेहरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब सिक्किम पहुंच चुके हैं. दो दिन के दौरे पर सिक्किम पहुंचे पीएम मोदी मंगलवार की सुबह-सुबह गंगटोक में युवाओं के बीच नजर आए। 

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फुटबॉल के मैदान में भी उतरे और युवाओं के साथ फुटबॉल भी खेला. फुटबॉल मैदान की तस्वीरें शेयर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सिक्किम में अपने युवा मित्रों के साथ गंगटोक की सुहानी सुबह में फुटबॉल खेलने जैसा कुछ नहीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन तस्वीरों में युवाओं के साथ फुटबॉल खेलते नजर आ रहे हैं। 

    पीएम मोदी के युवाओं के बीच पहुंच फुटबॉल खेलने और इसकी तस्वीरें शेयर करने को पश्चिम बंगाल साधने की रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है. दरअसल, सिक्किम के साथ ही पश्चिम बंगाल में भी फुटबॉल बहुत ही लोकप्रिय है. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता भारत में क्लब फुटबॉल का बड़ा केंद्र है. वहीं, गांव स्तर तक फुटबॉल क्लबों का वजूद है। 

    पीएम मोदी के गोल पर तालियां बजाते खिलाड़ी
    पश्चिम बंगाल में फुटबॉल किस कदर लोकप्रिय है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फुटबॉल विश्वकप जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के समय सड़कों पर ट्रैफिक मानों थम सा जाता है. चुनाव प्रचार थमने के बाद प्रधानमंत्री मोदी फुटबॉल के मैदान में उतरे, गोल कर सेलिब्रेट करते नजर आए और इसकी तस्वीरें शेयर कीं, तो इसे फुटबॉल की इसी लोकप्रियता को कैश कराने के लिए संकेत की राजनीति की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। 

    गौरतलब है कि पीएम मोदी दो दिन के दौरे पर सिक्किम में हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सिक्किम दौरे के पहले दिन सोमवार को गंगटोक में मेगा रोड शो किया. पीएम मोदी की एक झलक पाने के लिए बड़ी तादाद में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. लोग सड़क पर दोनों तरफ खड़े नजर आए. पीए्म मोदी सिक्किम के भारत में विलय के 51 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल होंगे और करीब चार हजार करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। 

  • 8वें वेतन आयोग का बड़ा अपडेट, सैलरी में बदलाव को लेकर प्रस्ताव पर चर्चा शुरू

    8वें वेतन आयोग का बड़ा अपडेट, सैलरी में बदलाव को लेकर प्रस्ताव पर चर्चा शुरू

     नई दिल्‍ली

    देश के 45 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और 60 लाख पेंशनर्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. आठवें वेतन आयोग के तहत रिपोर्ट तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है, आयोग ने अब जमीनी स्‍तर पर काम शुरू कर दिया है, जो अलग-अलग राज्‍यों का दौरा कर कर्मचारी यूनियनों और एसोसिएशन से मुलाकात कर रहा है, ताकि 8वें वेतन आयोग के तहत उनकी मांगों और प्रस्‍तावों पर अच्‍छे से चर्चा कर सके। 

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आठवें वेतन आयोग ने अपनी पहली आमने-सामने की बैठक उत्तराखंड के कर्मचारी संगठनों के साथ शुक्रवार को पूरा किया. इसके बाद आयोग 28 से 30 अप्रैल के बीच दिल्ली में बड़ी बैठक करेगा. साथ ही मई महीने में आयोग की टीम पुणे और महाराष्‍ट्र के अन्‍य ऑर्गनाइजेशन के साथ मिलकर उनका फीडबैक लेगी। 

    फिटमेंट फैक्‍टर को लेकर क्‍या है मांग?
    8वें वेतन आयोग के तहत केंद्र सरकार के सामने कर्मचारी संगठनों के संयुक्त मंच (NC-JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी ने फिटमेंट फैक्‍टर को लेकर बड़ी मांग रखी है. फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.833 करने की मांग की गई है. अगर यह मांग मान ली जाती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में जबरदस्त उछाल आ सकता है। 

    5 यूनिट की फैमिली 
    एक बदलाव 5 यूनिट फैमिली को लेकर है, क्‍योंकि अभी तक 3 यूनिट की फैमिली मानकर भत्ता तय किया जाता है. लेकिन अब यूनियन की मांग 5 यूनिट की फैमिली मानकर किया जा रहा है. इसके साथ ही महंगाई भत्ता का कैलकुलेशन 12 महीने के एवरेज को आधार बनाने का प्रस्‍ताव दिया गया है. इसके अलावा, कुछ स्‍केल पे को आपस में मिलाने का भी प्रस्‍ताव है। 

    बेसिक सैलरी को लेकर क्‍या है मांग? 
    वेतन आयोग सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और अन्य सेवा शर्तों की भी समीक्षा कर रहा है. कर्मचारी आयोग का कहना है कि इन भत्तों में भी सुधार की आवश्‍यकता है. इसके साथ ही बेसिक पे को भी बढ़ाने का प्रस्‍ताव रखा गया है. आयोग ने मिनिमम बेसिक पे को 18000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये करने का प्रस्‍ताव दिया गया है। 

    कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग? 
    जनवरी 2025 में सरकार ने आयोग का गठन किया था, जिसे 18 महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करनी हैं. अभी 30 अप्रैल तक फीडबैक के लिए विंडो खुला हुआ है. इसके बाद रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी, फिर फिटमेंट फैक्‍टर पर फैसला लिया जाएगा। 

  • पीएम मोदी ने बंगाल में जीत का विश्वास जताते हुए कहा, ‘4 मई के बाद भाजपा के शपथ ग्रहण समारोह में वापस आऊंगा’

    पीएम मोदी ने बंगाल में जीत का विश्वास जताते हुए कहा, ‘4 मई के बाद भाजपा के शपथ ग्रहण समारोह में वापस आऊंगा’

    बैरकपुर
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले बैरकपुर में एक विजय संकल्प रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने राज्य के साथ अपने लंबे जुड़ाव पर प्रकाश डाला और 4 मई को नतीजों के बाद भाजपा की जीत का भरोसा जताया। 

    उन्होंने कहा, "इस चुनाव में यह मेरी आखिरी रैली है और पश्चिम बंगाल में मैं जहां भी गया हूं, मैंने लोगों का मूड देखा है. मैं इस भरोसे के साथ लौट रहा हूं कि 4 मई को नतीजों के बाद मुझे भाजपा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए वापस आना होगा। 

    पीएम ने कहा, बैरकपुर ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम को शक्ति प्रदान की थी; आज यही भूमि बंगाल में बदलाव का मार्ग प्रशस्त कर रही है। पीएम ने कहा कि ओडिशा और बिहार के बाद इस बार पश्चिम बंगाल में कमल खिलेगा. उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत का विकास राष्ट्र की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है; तृणमूल के पास बंगाल के विकास के लिए कोई दूरदृष्टि नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा कि स्वयं को बंगाल की सेवा करने, सुरक्षा सुनिश्चित करने और राज्य की रक्षा करने के लिए समर्पित मानता हूं.

    उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त करके, भाजपा ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संकल्पों में से एक को पूरा किया. बंगाल में नई भाजपा सरकार श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राज्य की समृद्धि के सपने को पूरा करेगी और शरणार्थी मुद्दे का समाधान करेगी। 

    बैरकपुर की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- एक ओर मिलें बंद हो रही हैं, दूसरी ओर कच्चे बम बनाने की फैक्ट्रियां खुल रही हैं, गुंडों को नौकरियां मिल रही हैं, टीएमसी का गिरोह फल-फूल रहा है. उन्होंने कहा- टीएमसी का फॉर्मूला है गाली दो, धमकी दो, झूठ बोलो, इन्होंने सेना, संवैधानिक संस्थाएं सब को गालियां दी. वहीं रोजगार की कमी के कारण बंगाल ने दशकों तक पलायन का दर्द सहा है, बीजेपी सरकार की प्राथमिकता युवाओं को रोजगार प्रदान करना होगी. दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। 

  • AAP को फिर झटका, 7 बागी सांसदों की बीजेपी में एंट्री पर सभापति ने दी हरी झंडी

    AAP को फिर झटका, 7 बागी सांसदों की बीजेपी में एंट्री पर सभापति ने दी हरी झंडी

    नई दिल्ली
     राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने सोमवार 27 अप्रैल 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) के सात सांसदों के भारतीय जनता पार्टी में मर्जर को आधिकारिक मान लिया, जिससे उच्च सदन में अरविंद केजरीवाल की पार्टी के सांसदों की संख्या घटकर तीन रह गई है. इस बदलाव के बाद, राज्यसभा में बीजेपी के सांसदों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है। 

    बता दें, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता वे सात सांसद हैं जिन्होंने विलय किया है. राज्यसभा की वेबसाइट के मुताबिक सातों सांसद बीजेपी की मेंबर लिस्ट के हिस्सा हैं. सूत्रों ने बताया कि सातों सांसदों ने शुक्रवार को राज्यसभा चेयरमैन से अपील की थी कि मर्जर के बाद उन्हें बीजेपी का सांसद माना जाए और इसे मान भी लिया गया। 

    वहीं, इससे पहले आम आदमी पार्टी ने रविवार को राज्यसभा चेयरमैन के सामने एक पिटीशन दी थी, जिसमें उन सात सांसदों की मेंबरशिप खत्म करने की मांग की गई थी, जिन्होंने पार्टी बदल ली थी. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने चेयरमैन राधाकृष्णन को एक पिटीशन दी है जिसमें राज्यसभा में पार्टी के उन सात सांसदों को अयोग्य करने की मांग की गई है, जिन्होंने हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में मर्जर का ऐलान किया था। 

    बता दें, पिछले शुक्रवार को आप (AAP) को तब झटका लगा जब सात राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफा दे दिया और बीजेपी में मर्जर का ऐलान कर दिया. उनका आरोप था कि केजरीवाल की पार्टी अपने उसूलों, वैल्यूज और नैतिकता से भटक गई है। 

    आप (AAP) के 7 सांसदों के बीजेपी में मर्जर पर राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि कुछ लोग मेरे फैसले के पीछे की वजह पूछ रहे हैं. मैं अपना करियर बनाने नहीं, बल्कि अपना करियर छोड़कर पॉलिटिक्स में आया था. आप अब उन लोगों के हाथ में चली गई है जो अपने फायदे के लिए काम कर रहे हैं. हम कुल 7 सांसदों ने इस पॉलिटिकल पार्टी को छोड़ने का फैसला किया था. मैं आपकी सभी समस्याओं को और भी मेहनत से उठाऊंगा और उनके सॉल्यूशन पर भी काम कर पाऊंगा। 

    संजय सिंह का बीजेपी और बागी सांसदों पर हमला
    सांसदों के दल बदल पर आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह भड़कते नजर आए थे. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने 7 सांसदों का ऐसे आम आदमी पार्टी से अलग होना गैर कानूनी बताया था. संजय सिंह ने राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की बात कही थी. उनका कहना था कि बीजेपी ने नियमों के खिलाफ काम किया. इसके बावजूद, इन सांसदों को बीजेपी में शामिल होने की मंजूरी मिल गई है। आम आदमी पार्टी नेता और पंजाब के सीएम भगवंत मान ने राघव चड्ढा पर भड़कते नजर आए थे. उन्होंने राघव को 'गद्दार' बताया था। 

     

    वहीं, आम आदमी पार्टी के 7 बागी सांसदों के बीजेपी में विलय पर पार्टी सांसद संजय सिंह ने कहा कि राज्यसभा चेयरमैन का यह फैसला 7 सांसदों के बीजेपी में मर्जर वाले लेटर पर आधारित है, लेकिन जब चेयरमैन मेरे लेटर पर ध्यान देंगे, जिसमें कहा गया है कि इन सांसदों की सदस्यता सस्पेंड कर दी जानी चाहिए, तो मुझे उम्मीद है कि वह संविधान और डेमोक्रेसी की रक्षा के लिए अपना फैसला देंगे. चेयरमैन के फैसले के बाद हम और बात करेंगे। 

  • पवन ऊर्जा से परमाणु सफलता तक: मन की बात में भारत की प्रगति का जिक्र

    पवन ऊर्जा से परमाणु सफलता तक: मन की बात में भारत की प्रगति का जिक्र

     नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में देश की वैज्ञानिक उपलब्धियों से लेकर वैश्विक मौजूदा हालात पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दुनिया से भगवान बुद्ध के आदर्शों को अपनाने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत विंड एनर्जी में दुनिया की चौथी बड़ी ताकत है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा “चुनावों की भागदौड़ के बीच, आपके संदेशों और पत्रों के जरिए हम नागरिकों की उपलब्धियों की खुशियां साझा करते रहे हैं। इस बार आइए ‘मन की बात’ की शुरुआत देश की ऐसी ही एक बहुत बड़ी उपलब्धि से करें। कुछ दिन पहले भारत के परमाणु वैज्ञानिकों ने देश को एक और बड़ी उपलब्धि से गौरवान्वित किया है। तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने ‘क्रिटिकलिटी’ हासिल कर ली है, जिसका मतलब है कि अब यह रिएक्टर संचालन के चरण में प्रवेश कर चुका है।

    पवन ऊर्जा में भारत अब बड़ी बात
    पीएम मोदी ने मन की बात में कहा कि आज वह एक ऐसी शक्ति की बात करना चाहते हैं जो दिखाई नहीं देती, लेकिन उसके बिना जीवन एक पल भी संभव नहीं है- यह शक्ति है पवन ऊर्जा। उन्होंने कहा कि यही ताकत भारत को आगे बढ़ा रही है और आज पवन ऊर्जा देश के विकास की नई कहानी लिख रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने हाल ही में इस क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है और देश की पवन ऊर्जा क्षमता 56 गीगावाट से अधिक हो गई है, जिससे भारत दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो गया है।

    वैश्विक तनाव पर बुद्ध का संदेश
    पीएम मोदी ने कहा कि मई का महीना एक शुभ अवसर के साथ शुरू हो रहा है और कुछ ही दिनों में हम बुद्ध पूर्णिमा मनाएंगे। उन्होंने देशवासियों को अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गौतम बुद्ध का जीवन संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान बुद्ध ने हमें सिखाया कि शांति की शुरुआत हमारे भीतर से होती है और स्वयं पर विजय सबसे बड़ी जीत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि आज दुनिया जिस तरह के तनाव और संघर्ष से गुजर रही है, उसमें बुद्ध के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं।

    थलसेना, नौसेना और सीएपीएफ के बैंड्स की तारीफ की
    पीएम मोदी ने ने कहा कि हमारे देश में 23 जनवरी, यानी सुभाष चंद्र बोस की जयंती से लेकर 30 जनवरी महात्मा गांधी की पुण्यतिथि तक ‘गणतंत्र उत्सव’ मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस उत्सव का एक अहम हिस्सा बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी है, और इसके पीछे एक खास वजह है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समारोह विभिन्न बैंड्स के जरिए देश की विविध संगीत परंपराओं को दर्शाता है, और पिछले कुछ वर्षों में इसमें भारतीय संगीत का समावेश बढ़ा है, जिसे देशवासियों ने खूब सराहा है। उन्होंने बताया कि इस साल का बीटिंग रिट्रीट समारोह बेहद यादगार रहा, जिसमें वायुसेना, थलसेना, नौसेना और सीएपीएफ के बैंड्स ने शानदार प्रस्तुतियां दीं।

  • अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण 3 करोड़ लोग होंगे गरीब, दुनिया में आर्थिक संकट की आशंका

    अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण 3 करोड़ लोग होंगे गरीब, दुनिया में आर्थिक संकट की आशंका

      नई दिल्ली

    अमेरिका-ईरान के बीच 50 दिन से ज्यादा समय चले युद्ध में हालांकि फिलहाल सीजफायर चल रहा है, लेकिन ग्लोबल टेंशन बरकरार है. इस जंग का असर दुनिया के तमाम देशों में तेल-गैस संकट (Oil-Gas Crisis) के रूप में देखने को मिला, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया. इन सबसे बीच संयुक्त राष्ट्र के विकास प्रमुख की ओर से बड़ी चेतावनी दी गई है, जिसमें कहा गया है कि US-Iran War से पैदा हो रहे हालातों के चलते करीब 3 करोड़ लोग गरीबी में जा सकते हैं. रिपोर्ट में इसके पीछे की बड़ी वजहों का भी जिक्र किया गया है। 

    साल के अंत तक दिखेगा बड़ा असर
    रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र के ग्रोथ चीफ अलेक्जेंडर डी क्रू ने मिडिल ईस्ट के खतरनाक प्रभाव की तरफ फोकस किया है और बड़ी चेतावनी जारी की है. उन्होंने कहा है कि US-Iran War के चलते होर्मुज स्ट्रेट से मालवाहक जहाजों के लगातार फंसने  के कारण सिर्फ ईंधन ही नहीं, बल्कि फर्टिलाइजर्स की सप्लाई भी प्रभावित हुई है, जो कि एग्रीकल्चर प्रोडक्शन पर सीधे असर डाल रही है. इस साल के अंत में फसलों की पैदावार पर इसका असर साफ देखने को मिलेगा। 

    क्रू ने आगे कहा कि भले ही अमेरिका और ईरान का ये युद्ध कल ही खत्म क्यों न हो जाए, लेकिन इसके पहले से ही दिख रहे प्रभाव आगे भी जारी रहेंगे, जो दुनिया के 30 मिलियन या 3 करोड़ से ज्यादा लोगों को गरीबी में धकेल सकते हैं. इस संघर्ष के अप्रत्यक्ष प्रभावों से आने वाले महीनों में खाद्य असुरक्षा बढ़ने की आशंका बनी हुई है। 

    ग्लोबल फूड क्राइसिस का डर 
    संयुक्त राष्ट्र के फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (FAO) ने भी बीते सप्ताह कुछ ऐसी ही चेतावनी जारी की थी और इसमें कहा गया था कि मिडिल ईस्ट युद्ध के चलते होर्मुज स्ट्रेट में लंबे समय तक चलने वाला संकट ग्लोबल फूड क्राइसिस (Global Food Crisis) का कारण बन सकता है। 

    एफएओ के मुताबिक, भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका, सोमालिया, सूडान, तंजानिया, केन्या और मिस्र जैसे देशों में सबसे ज्यादा जोखिम नजर आ रहा है. रिपोर्ट में कहा गया कि कुछ ही महीनों में खाद्य असुरक्षा का कोहराम देखने को मिलने लगेगा और सबसे बड़ी बात ये है कि इसके बारे में ज्यादा कुछ कर भी नहीं सकते हैं। 

    GDP पर दबाव, दुनिया संकट में
    संयुक्त राष्ट्र विकास (UNDP) चीफ डी क्रू का कहना है कि Iran War के असर के चलते पहले ही ग्लोबल जीडीपी का 0.5% से 0.8% तक नष्ट हो चुका है. उन्होंने कहा कि जिन चीजों को बनने में दशकों का समय लग जाता है, उन्हें नष्ट होने के लिए आठ हफ्ते चलता यूएस-ईरान युद्ध ही काफी रहा। 

    बीते 28 फरवरी इस युद्ध की शुरुआत हुई थी, जबकि अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर स्ट्राइक शुरू की थी और ईरान के पलटवार के बाद दुनिया की लाइफलाइन वाले जाने वाले तेल-गैस रूट अवरुद्ध हो गई और एनर्जी समेत जरूरी सामग्रियों की सप्लाई चेन टूट सी गई।