Category: मध्य प्रदेश

  • इंदौर झांकी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, वॉच टावर-CCTV से होगी निगरानी

    इंदौर झांकी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, वॉच टावर-CCTV से होगी निगरानी

     इंदौर
     अनंत चतुर्दशी के ऐतिहासिक झांकी चल समारोह को लेकर इंदौर पुलिस ने सुरक्षा का पूरा खाका तैयार कर लिया है। बुधवार को पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने अधिकारियों के साथ बैठक कर आपातकालीन इंतजामों की समीक्षा की। इस बार पुलिस व्यवस्था को छह संभाग, 12 जोन और 22 सेक्टर में बांटकर मैदान में उतारा जाएगा।

    प्रमुख स्थानों पर वाच टावर, ड्रोन, सीसीटीवी और फेस रिकग्निशन कैमरों से निगरानी होगी। चल समारोह के प्रमुख और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर वाच टावर बनाए जाएंगे। यहां पुलिसकर्मी सीसीटीवी और पीए सिस्टम के जरिए लगातार निगरानी करेंगे।

    प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों की बहुमंजिला इमारतों पर भी पुलिस बल तैनात रहेगा। पुलिसकर्मी दूरबीन और कैमरों से नजर रखेंगे। ड्रोन यूनिट भी पूरे समारोह के दौरान सक्रिय रहेगी। ड्रोन से मिलने वाले फुटेज पर वाचर्स नजर रखेंगे और किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी संबंधित पुलिस टीम को तत्काल दी जाएगी।

    बदमाशों पर खास नजर
    पुलिस के अनुसार चिह्नित गुंडे-बदमाशों और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। किसी भी तरह का विवाद, उपद्रव या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। आयोजकों को झांकियों और अखाड़ों के सभी वाहनों की फिटनेस और मैकेनिकल जांच पहले कराने के निर्देश दिए गए हैं।

    विद्युत व्यवस्था का सुरक्षा प्रमाणपत्र भी लेना होगा। प्रत्येक वाहन के लिए वैध लाइसेंस वाले चालक के साथ स्पेयर ड्राइवर रखने को कहा गया है। चल समारोह में शामिल वाहन चालकों की ब्रीद एनालाइजर से जांच होगी। शराब या अन्य नशे के सेवन की पुष्टि होने पर चालक को वाहन चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी।

     

  • कूनो सफारी सीजन शुरू होने को तैयार, खुले जंगल में 16 चीतों की होगी पहली झलक

    कूनो सफारी सीजन शुरू होने को तैयार, खुले जंगल में 16 चीतों की होगी पहली झलक

    श्योपुर 

    मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में सफारी का रोमांच इस बार अपने चरम पर होने वाला है। 1 अक्टूबर से शुरू हो रहे नए पर्यटन सत्र में सैलानियों को एक बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है। पिछले चार सालों में ऐसा पहली बार होगा जब अक्टूबर की शुरुआत में ही 16 चीते खुले जंगल में घूमते नजर आएंगे। चीतों के इस खुले दीदार से पार्क प्रबंधन को उम्मीद है कि इस बार पर्यटकों की संख्या पिछले साल के मुकाबले दोगुनी हो सकती है।

    20 हजार सैलानियों के आने का अनुमान, कारोबारियों के खिले चेहरे
    पिछले सीजन में कूनो में चीतों का दीदार करने करीब 9,117 पर्यटक पहुंचे थे। लेकिन इस बार खुले जंगल में 16 चीतों की मौजूदगी को देखते हुए प्रबंधन ने करीब 20 हजार पर्यटकों के आने का अनुमान जताया है। सैलानियों की इस संभावित भीड़ से श्योपुर के स्थानीय होटल संचालकों, सफारी वाहनों और गाइडों समेत दर्जनों कारोबारों में जबरदस्त उछाल आने की उम्मीद है।

    सफारी बुकिंग हुई आसान, श्योपुर में खुलेगा चौथा काउंटर
    पर्यटकों की बढ़ती तादाद को देखते हुए सुविधाओं में भी इजाफा किया जा रहा है। अब तक सफारी की ऑफ़लाइन टिकट सिर्फ टिकटोली, अहेरा और पीपलवाड़ी (विजयपुर) गेट से ही मिलती थी। लेकिन 1 अक्टूबर से श्योपुर जिला मुख्यालय पर स्थित कूनो कार्यालय में भी चौथा बुकिंग काउंटर शुरू हो जाएगा। इस नई व्यवस्था से सैलानियों को सफारी बुकिंग के लिए सीधे पार्क के गेट तक भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।

    50 करोड़ से बनेगी फोरलेन सड़क
        पार्क के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में 'टिकटोली गेट' को खास तरीके से विकसित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग यहां एक फैसिलिटेशन सेंटर तैयार कर रहा है, जहां पर्यटक आराम करने के साथ-साथ चीतों और श्योपुर की स्थानीय संस्कृति से जुड़ी रोचक जानकारियां ले सकेंगे।

    इसके अलावा, टिकटोली तक पहुंच को और आसान बनाने के लिए सेसईपुरा रोड को फोरलेन करने का प्लान है, जिसके लिए 50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

    कूनो में 51 चीतों का कुनबा
    वर्तमान में कूनो नेशनल पार्क में चीतों की कुल संख्या 51 है। इन चीतों को देखने और सफारी का बेहतरीन अनुभव देने के लिए इस बार पार्क के अंदर गाड़ियों और गाइडों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।

  • रानी कमलापति स्टेशन से 27 सितंबर को रवाना होगा छात्र दल, अहमदाबाद में देखेंगे विज्ञान-शिक्षा के केंद्र

    रानी कमलापति स्टेशन से 27 सितंबर को रवाना होगा छात्र दल, अहमदाबाद में देखेंगे विज्ञान-शिक्षा के केंद्र

    मध्यप्रदेश के विद्यार्थी शैक्षणिक भ्रमण पर जाएंगे अहमदाबाद

    विज्ञान केंद्र, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों का करेंगे भ्रमण
    मंत्री सिंह 27 सितंबर को भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से 630 सदस्यीय दल को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना

    भोपाल

    प्रदेश के विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने तथा उनके ज्ञान और अनुभवों का विस्तार करने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के विद्यार्थियों को तीन दिवसीय अहमदाबाद का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। 27 सितंबर को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन भोपाल से 630 सदस्यीय दल रवाना होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस दल में प्रदेश के लगभग 520 विद्यार्थी, 104 शिक्षक और विभाग के 6 नियंत्रण अधिकारी शामिल होंगे। भ्रमण के दौरान विद्यार्थी विज्ञान केंद्र, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों का अवलोकन करेंगे। यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक ज्ञान और नए अनुभवों से जोड़ने में सहायक होगा।

    उल्लेखनीय है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों के लिए गणित एवं विज्ञान विषयों में ओलंपियाड परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें प्रदेश के लगभग 65 हजार विद्यार्थियों ने सहभागिता की थी। अब ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक्सपोजर विजिट का अवसर प्रदान किया जा रहा है।

    भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को अहमदाबाद के प्रमुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों, विज्ञान केंद्र तथा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को देश की विविध उपलब्धियों, वैज्ञानिक गतिविधियों और शैक्षणिक संस्थानों की कार्यप्रणाली से परिचित कराना तथा उनके ज्ञान और अनुभवों को समृद्ध करना है। स्कूल शिक्षा विभाग की यह पहल विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष के अध्ययन से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष अनुभवों के माध्यम से सीखने, नई संभावनाओं को समझने तथा अपने शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने का अवसर प्रदान करेगी।

    प्रदेश के विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने तथा उनके ज्ञान और अनुभवों का विस्तार करने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के विद्यार्थियों को तीन दिवसीय अहमदाबाद का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। 27 सितंबर को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन भोपाल से 630 सदस्यीय दल रवाना होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस दल में प्रदेश के लगभग 520 विद्यार्थी, 104 शिक्षक और विभाग के 6 नियंत्रण अधिकारी शामिल होंगे। भ्रमण के दौरान विद्यार्थी विज्ञान केंद्र, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों का अवलोकन करेंगे। यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक ज्ञान और नए अनुभवों से जोड़ने में सहायक होगा।

    उल्लेखनीय है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों के लिए गणित एवं विज्ञान विषयों में ओलंपियाड परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें प्रदेश के लगभग 65 हजार विद्यार्थियों ने सहभागिता की थी। अब ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक्सपोजर विजिट का अवसर प्रदान किया जा रहा है।

    भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को अहमदाबाद के प्रमुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों, विज्ञान केंद्र तथा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को देश की विविध उपलब्धियों, वैज्ञानिक गतिविधियों और शैक्षणिक संस्थानों की कार्यप्रणाली से परिचित कराना तथा उनके ज्ञान और अनुभवों को समृद्ध करना है। स्कूल शिक्षा विभाग की यह पहल विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष के अध्ययन से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष अनुभवों के माध्यम से सीखने, नई संभावनाओं को समझने तथा अपने शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने का अवसर प्रदान करेगी।

  • MP में शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा, आज होगा भव्य शुभारंभ

    MP में शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा, आज होगा भव्य शुभारंभ

    भोपाल
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी आज 25 सितंबर को बीएचईएल दशहरा मैदान भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत सावर्जनिक यात्री बसों के संचालन का शुभारंभ करेंगे।

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत शुरू होने वाली इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों के संचालन को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में परिवहन विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। इसके अंतर्गत सड़कों पर दौड़ने वाली बसों का स्टेयरिंग एडवांस तकनीक से प्रशिक्षित ड्राइवरों के हाथों में होगा। इसके लिए बस चालकों को इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों की तकनीक, संचालन और सुरक्षा मानकों से परिचित कराने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे नई तकनीक वाली बसों का सुरक्षित और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

    पैनिक बटन और जीपीएस से बढ़ेगी सुरक्षा
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में यात्रियों की सुरक्षा और बसों की निगरानी के लिए तकनीक का उपयोग किया जाएगा। बसों में पैनिक बटन और जीपीएस की सुविधा रहेगी। जीपीएस के माध्यम से बसों की लाइव लोकेशन की निगरानी की जा सकेगी। पैनिक बटन आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में काम करेगा।

    दो तरह की सेवा होंगी शुरू
    कार्यक्रम के दौरान 351 बसों को एक साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसे दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इसमें 120 इंटरसिटी बसें हैं। ये बसें दो या दो से अधिक शहरों के बीच आवागमन को सुगम और तीव्र बनाएंगी। 231 इंट्रासिटी बसें शहरों के भीतर नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और सस्ती यात्रा सुविधा प्रदान करेंगी।

    7 शहरों की 351 बसों को दिखाई जाएगी हरी झंडी
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत प्रथम चरण में प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों की बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसमें इदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड शामिल है। इंदौर में 145 बस, जिसमें 50 इंटरसिटी, 95 इंट्रासिटी, भोपाल के लिए 106 बसें, जिसमें 23 इंटरसिटी, 83 इंट्रासिटी, जबलपुर के लिए 67 बसें, जिसमें 14 इंटरसिटी, 53 इंट्रासिटी। रीवा की 18 इंटरसिटी बस, देवास की 10 इंटरसिटी बस, कटनी की 3 और भिंड की 2 इंटरसिटी बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।

    लगभग 15,000 सार्वजनिक बसें की जाएंगी संचालित
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत वर्ष 2031 तक 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़कर ग्रामीण कनेक्टिविटी को नई मजबूती दी जाएगी। प्रदेशभर में लगभग 15,000 से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी। इससे प्रतिदिन 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्रदान होगी। साथ ही 180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड्स, टर्मिनल्स और डिपो का कायाकल्प किया जाएगा।

    इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत प्रदेश में इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। इससे शहरों के बीच आवागमन के साथ ही शहरों के भीतर सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएं बढ़ेंगी। सेवा का उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ सुगम, सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। इंटरसिटी बसें दो या दो से अधिक शहरों को जोड़ेंगी, जबकि इंट्रासिटी बसें शहरों के भीतर चलेंगी।
    साल-दर-साल बढ़ेगी बसों की संख्या, वर्ष 2031 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य

    राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत अगले पांच वर्षों में सार्वजनिक परिवहन सेवा का विस्तार करते हुए बसों की संख्या 15 हजार तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए परिवहन विभाग द्वारा चरणबद्ध कार्य योजना भी तैयार की गई है। इसके अनुसार प्रतिवर्ष 2500 से तीन हजार नई बसें जोड़ी जाएंगी। सार्वजनिक परिवहन के दायरे का विस्तार होने के साथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में यात्रियों के लिए आवागमन के अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।

    चालकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण, नए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर जल्द होंगे तैयार
    प्रदेश में वाहन चालकों को आधुनिक बसों की सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए इंदौर और छिंदवाड़ा में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहां वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में 5 रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर भी जल्द तैयार हो जाएंगे। ये सेंटर भोपाल, बैतूल, छतरपुर, उज्जैन और ग्वालियर में स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा जिला स्तर पर 22 ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर भी जल्द तैयार किए जाएंगे। इन प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से वाहन चालकों को आधुनिक तकनीक, सुरक्षा मानकों तथा इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों के संचालन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

     

    इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर
    प्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा।

    इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम से की जाएगी निगरानी
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत संचालित बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) एवं उसकी 7 सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन सेंटरों के माध्यम से बसों के संचालन, लोकेशन, समयबद्धता एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

    निजी ऑपरेटरों की भी बढ़ेगी भागीदारी
    जन-निजी भागीदारी को गति देने के लिए पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएगी। इस मॉडल से निजी बस ऑपरेटरों को राजस्व रिसाव रोकने, नॉन-फेयर रेवेन्यू (जैसे विज्ञापन व कार्गो सेवाएं) बढ़ाने और आधुनिक डिपो व टर्मिनलों के उपयोग की सुविधाएं मिलेंगी साथ ही प्रशासन का पूर्ण सहयोग भी मिलेगा।

    परिवहन क्षेत्र में रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
    प्रदेश में सुगम यात्री परिवहन सेवा शुरू होने से परिवहन क्षेत्र में रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। यात्री परिवहन के विस्तार से प्रदेश में बस संचालन, वाहन निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सेवाओं और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे परिवहन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

     

  • देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों और महानगरों तक जाने के लिए भी यातायात होगा सुगम

    देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों और महानगरों तक जाने के लिए भी यातायात होगा सुगम

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के लिए 25 सितम्बर ऐतिहासिक होगा यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाला सेवा संकल्प माह सार्थक होगा, जब एकात्म मानववाद के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर मध्यप्रदेश सरकार गत 21 साल से बंद लोक परिवहन बस सेवा पुन: शुरू करने जा रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार की शाम बीएचईएल दशहरा मैदान पर 25 सितम्बर को हो रही मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लने के पश्चात् मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह एक आधुनिक और यूनिक मॉडल होगा, जिसमें ई-बसों सहित विभिन्न प्रकार की बस सेवाओं को चरणबद्ध रूप से हर नगर और हर जिले तक पहुंचाया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए बस स्टॉप, बस स्टैंड और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों के साथ बेहतर कंट्रोलिंग व्यवस्था विकसित की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिटी बसों से लेकर राज्य के भीतर और दूसरे राज्यों के लिए लग्जरी बस सेवाएं भी शीघ्र शुरू होंगी। इससे प्रदेश के प्रमुख शहरों के साथ देश के प्रमुख तीर्थस्थलों और महानगरों तक आवागमन सुगम हो जाएगा।

    मध्यप्रदेश में मेट्रो रेल सेवा की शुरुआत के बाद सड़क परिवहन के क्षेत्र में लोक परिवहन बस सेवा का पुनः शुभारंभ एक महत्वपूर्ण कदम है। मध्यप्रदेश सरकार ने बिजली, पानी, सड़क और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है। अब सुगम यातायात की सुविधा को भी विस्तार मिल रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी हमारे साथ उपस्थित रहेंगे। मैं भोपाल और मध्यप्रदेश की जनता की ओर से उनका स्वागत करता हूं। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रारंभ करने का यह निर्णय प्रदेश की जनता के लिए सुविधा, कनेक्टिविटी और बेहतर आवागमन उपलब्ध करवाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

     

  • नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के अधिकारियों की सशक्त सहभागिता, विकास और नवाचार पर साझा किए अनुभव

    नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के अधिकारियों की सशक्त सहभागिता, विकास और नवाचार पर साझा किए अनुभव

    भोपाल 

    आवास एवं शहरी विकास निगम (हडको) के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में नगरीय अधोसंरचना परियोजनाओं में निवेश, वित्तीय संसाधनों के संवर्धन तथा नगरीय कायाकल्प की संभावनाओं पर केंद्रित दो दिवसीय कार्यशाला ‘अर्बन चैलेंज फंड : निर्णय क्षमता, निवेश तत्परता एवं नगरीय परिवर्तन’ का शुभारंभ हुआ। 'साइटिस 2.0' (CITIIS 2.0) के अंतर्गत हडको के मानव बस्ती अध्ययन संस्थान (HSMI) द्वारा आयोजित कार्यशाला का आधिकारिक उद्घाटन हडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक  संजय कुलश्रेष्ठ द्वारा किया गया।

    नगरीय वित्तीय सुदृढ़ीकरण एवं निवेश तत्परता पर गहन मंथन

    कार्यशाला में नगरीय वित्त प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए अर्बन चैलेंज फंड, बाजार-आधारित वित्त पोषण, पूंजी बाजार की सहभागिता, सार्वजनिक-निजी भागीदारी ,बहुपक्षीय वित्तीय संस्थाओं के सहयोग, परिसंपत्ति मुद्रीकरण तथा लैंड वैल्यू कैप्चर जैसे आधुनिक विषयों पर विषय-विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, नगरीय विकास की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को प्रारंभिक अवधारणा से वित्तीय समापन तक सफलतापूर्वक ले जाने के लिए निवेश तत्परता और परियोजना तैयारी पर व्यावहारिक केस स्टडीज के माध्यम से तकनीकी कौशल संवर्धन किया जा रहा है।

    मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों एवं निकायों का प्रतिनिधित्व

    प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के स्मार्ट सिटी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन एवं जबलपुर के साथ नगर निगम भोपाल एवं ग्वालियर, नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के अधिकारी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से सक्षम, आत्मनिर्भर एवं निवेश-तत्पर बनाकर शहरों के सतत विकास को गति प्रदान करना है।

     

  • खनन प्रशासन को मिले नए खनि निरीक्षक, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बांटे नियुक्ति पत्र

    खनन प्रशासन को मिले नए खनि निरीक्षक, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बांटे नियुक्ति पत्र

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खनिज के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। प्रदेश की धरती से हीरा भी निकलता है। कोयले के मामले में भी प्रदेश समृद्ध हैं। खनिज महत्वपूर्ण विभाग है जिसमें पारदर्शिता और दक्षता के साथ कार्य करने वाले प्रदेश की आर्थिक समृद्धि में भी सहायक होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास में नवनियुक्त 62 खनि निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्य सरकार ने बीते एक वर्ष में 85 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया है। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर भी उपस्थित थी।  

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रत्नगर्भा, वसुंधरा से जुड़कर नवनियुक्त खनि निरीक्षकों का भाग्योदय हो रहा है। आज का दिन इन युवाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, साथ ही उनके जीवन में नया प्रकाश लाने वाला दिन भी है। नवनियुक्त खनि निरीक्षक शासन से जुड़कर सिर्फ नौकरी ही प्राप्त नहीं कर रहे बल्कि सेवा का एक नया अवसर प्राप्त कर अपनी नई पहचान भी प्रारंभ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नवनियुक्त खनि निरीक्षक आज जिस मुकाम पर पहुंचे हैं, उसमें उनके माता-पिता और परिजन का आशीर्वाद एवं सहयोग भी शामिल है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राष्ट्र आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश भी प्रगति के मार्ग पर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी युवाओं को शासकीय सेवा में आने पर कर्मचारी नहीं बल्कि कर्मयोगी मानते हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने खनि निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र के साथ ही विश्वास पत्र भी सौंपा है। सुशासन और लोक कल्याण के उद्देश्य से कार्य करते हुए ये युवा निश्चित ही सभी के लिए गर्व का कारण बनेंगे।  

    खनिज आय में वृद्धि

    प्रमुख सचिव खनिज साधन  विवेक पोरवाल ने कहा कि प्रदेश में खनिजों से होने वाली आय आठ-नौ हजार करोड़ से बढ़कर 12 हजार करोड़ रुपए हो गई है। वित्त वर्ष 2026-27 में 72 खनि निरीक्षकों की नियुक्ति की पहल की गई। नवनियुक्त खनि निरीक्षक प्रदेश के खनिज राजस्व को बढ़ाने का कार्य करेंगे। प्रमुख सचिव  पोरवाल ने बताया कि भारत सरकार ने नीलामी के माध्यम से 33 कोयला खनन ब्लॉक आवंटित किए, जिसमें से 8 ब्लॉक में कोयला का उत्पादन शुरू हो गया हैं। छह अन्य कोयला खनन ब्लॉक में उत्पादन प्रारंभ करने के लिए माइन डेवलपमेंट का कार्य प्रारंभ किया गया है। छतरपुर जिले में 2 नए क्षेत्रों में हीरे की खोज के लिए अन्वेषण कार्य चल रहा है।

    पन्ना जिले के अंतर्गत एक हीरा ब्लॉक आवंटित किया गया है। स्वर्ण अयस्क की प्रोसेसिंग के लिए सिंगरौली में ग्रीनफील्ड गोल्ड कंसंट्रेट प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। सिंगरौली और कटनी में 6 स्वर्ण ब्लॉक नीलाम किए गए हैं। भारत सरकार ने खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए मध्यप्रदेश को सम्मानित किया है। नीलामी प्रक्रिया और खनन क्षेत्र में सुधारों के लिए मध्यप्रदेश ने अग्रणी राज्य की पहचान बनाई है।

    नवनियुक्त खनि निरीक्षक बोले-"हमारे लिए आज होली और दीपावली दोनों की खुशी है"

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनियुक्त खनि निरीक्षकों में से 5 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया और नवनियुक्त खनि निरीक्षकों के साथ छायाचित्र खिंचवाया। कार्यक्रम में नवनियुक्त खनि निरीक्षकों ने कहा कि आज उनके लिए होली और दीपावली जैसा खुशी का दिन है। वे अपने दायित्व को पूरी लगन से पूरा करेंगे।      

  • विश्व रेबीज दिवस पर रेबीज की रोकथाम और बचाव के प्रति आमजन को किया जाएगा जागरूक

    विश्व रेबीज दिवस पर रेबीज की रोकथाम और बचाव के प्रति आमजन को किया जाएगा जागरूक

    भोपाल

    28 सितंबर को विश्व रेबीज दिवस है। इस अवसर पर संचालनालय पशुपालन एवं डेयरी और झपीगो (Jhpiego) के संयुक्त तत्वावधान में साइकिल रैली का आयोजन किया जाएगा। रेबीज की रोकथाम और बचाव के प्रति आमजन को किया जागरूक जाएगा। 28 सितंबर को साइकिल रैली संचालनालय पशुपालन एवं डेयरी परिसर से प्रारंभ होगी। विभिन्न मार्गों से होते हुए रैली एमपीटी बोट क्लब पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा। रैली के माध्यम से रेबीज से बचाव के उपायों, समय पर उपचार और पशुओं के टीकाकरण के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। विश्व रेबीज दिवस हर वर्ष 28 सितंबर को फ्रांस के प्रसिद्ध वैज्ञानिक एवं माइक्रोबायोलॉजिस्ट लुई पास्चर की पुण्यतिथि के अवसर पर मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य रेबीज जैसी घातक बीमारी की रोकथाम के साथ इसके प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और बचाव के उपायों की जानकारी आमजन तक पहुंचाना है।

     

  • केन्द्रीय मंत्री गडकरी होंगे मुख्य अतिथि

    केन्द्रीय मंत्री गडकरी होंगे मुख्य अतिथि

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार की शाम गोविंदपुरा, बीएचईएल क्षेत्र में स्थित दशहरा मैदान पहुंचकर शुक्रवार को होने वाली "मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा'' के शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारी का जायजा लिया। प्रदेश में शहरों-गांवों में डायरेक्ट बस कनेक्टिविटी की शुरुआत के शुभारंभ का कार्यक्रम भव्य रूप में होगा। इस कार्यक्रम की तैयारियां पूर्ण हो गई हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी बसों को हरी झंडी दिखाकर प्रदेशवासियों को सौगात देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर नई बसों की विशेषताओं की जानकारी प्राप्त की और बसों में बैठकर भी आधुनिक तकनीक और यात्रियों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लिया। परिवहन सचिव  मनीष सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कार्यक्रम से जुड़ी आवश्यक जानकारियों से अवगत करवाया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम के लिए तैयार किए गए मंच, सभा स्थल सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन सहित संबंधित विभागों के  उपस्थित थे।

    7 शहरों की 351 बसों को दिखाई जाएगी हरी झंडी

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश के 7 शहरों की 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को एक साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसमें इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड शामिल हैं। शुरुआती चरण में इंदौर में 145 बसें जिसमें 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी, भोपाल में 106 बसें जिसमें 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी, जबलपुर के लिए 67 बसें जिसमें 14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी, रीवा में 18 इंटरसिटी बसें, देवास में 10 इंटरसिटी बसें, कटनी में 3 और भिंड में 2 इंटरसिटी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।