Category: मध्य प्रदेश

  • कबाड़ से जुगाड़, स्मार्ट खेती से पारंपरिक शिल्प तक… भोपाल विज्ञान मेले में दिखी प्रतिभा और तकनीक की अनूठी झलक

    कबाड़ से जुगाड़, स्मार्ट खेती से पारंपरिक शिल्प तक… भोपाल विज्ञान मेले में दिखी प्रतिभा और तकनीक की अनूठी झलक

    भोपाल 

    13वें भोपाल विज्ञान मेले में आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नवाचारों के साथ प्रदेश की पारंपरिक कला, ग्रामीण तकनीक, हस्तशिल्प, कृषि नवाचार और स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका मॉडल एक ही मंच पर प्रदर्शित किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा विज्ञान भारती एवं बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के सहयोग से 22 से 26 सितंबर तक बरकतउल्ला विश्वविद्यालय मैदान, भोपाल में आयोजित मेले में रूरल टेक्नोलॉजी पेवेलियन विशेष आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। यहां कारीगरों, किसानों, महिला समूहों, नवाचारियों, शैक्षणिक संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा विकसित तकनीकों एवं उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

    विद्यार्थियों को प्रेरित कर रहे नवाचार

    डिंडौरी जिले के शहपुरा निवासी श्री शिवम साहू द्वारा विकसित ‘हैक दि रोबो’ ह्यूमनॉइड रोबोट विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण है। यह हिंदी, अंग्रेजी सहित विभिन्न भाषाओं में बातचीत करने में सक्षम है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित संवाद, कंप्यूटर विजन, चेहरा पहचानने, दृश्य समझने और ऑब्जेक्ट पहचानने जैसी क्षमताएं प्रदर्शित की जा रही हैं।

    रायसेन की विज्ञान लोकप्रियकरण एवं सामाजिक शोध संस्था द्वारा केप्लर के गति नियमों पर आधारित मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को ग्रहों की गति और कक्षाओं से जुड़े वैज्ञानिक सिद्धांत प्रयोगात्मक तरीके से समझाए जा रहे हैं।

    भिंड के युवा नवाचारी श्री दीपक वर्मा द्वारा वर्ष 2022 में विकसित ‘सेफ विजन डिस्टेंस सेंसर’ भी प्रदर्शित किया गया है। मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से आंखों पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए विकसित इस नवाचार को वर्ष 2024 में दिल्ली में आयोजित 11वें नेशनल लेवल एक्जीविशन एण्ड कॉम्पिटीशन में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दीपक वर्मा को सम्मानित किया गया। वर्ष 2025 की 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में भी उनके नवाचार को सराहना मिली।

    कृषि और डेयरी के लिए तकनीकी समाधान

    मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल के डॉ. राहुल एम. श्रीवास्तव एवं डॉ. मोहम्मद यासिर द्वारा विकसित ‘डेयरीशील्ड प्रो’ कम लागत वाला सैनिटाइजेशन उपकरण है। इसे डेयरी फार्मों में स्वच्छता और बेहतर वातावरण के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

    हैंड्स अराउंड नेचर एण्ड सोसायटी (हैंस) द्वारा सेंसर आधारित मृदा परीक्षण किट और माइक्रो-वेदर स्टेशन के माध्यम से प्रिसिजन फार्मिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन तकनीकों से किसान मृदा, मौसम, सिंचाई, उर्वरक और फसल प्रबंधन से जुड़े निर्णय वैज्ञानिक जानकारी के आधार पर ले सकते हैं। संस्था द्वारा मुरैना और सतना जिले के विभिन्न गांवों में किसानों के साथ कृषि आधारित गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

    मैकेनिकल वोटिंग मशीन का प्रदर्शन

    राजगढ़ जिले के पचोर निवासी 75 वर्षीय श्री रामप्रसाद विश्वकर्मा द्वारा विकसित प्योर मैकेनिकल वोटिंग मशीन (एमवीएम) का मेले में लाइव प्रदर्शन किया जा रहा है। आविष्कारक के अनुसार करीब 14 वर्षों के शोध, डिजाइन एवं प्रयोग के बाद इसका प्रोटोटाइप तैयार हुआ। वर्ष 2024 में भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय से इसे पेटेंट प्राप्त हुआ। वर्तमान में यह प्रोटोटाइप एवं प्रदर्शन स्तर पर है।

    भोपाल की रेवा एसोसिएट्स द्वारा विकसित स्वयं-सफाई वाली पानी की टंकी भी प्रदर्शित की गई है। इसके ढलानदार निचले हिस्से और ड्रेन वाल्व के माध्यम से पानी के साथ तलछट को बाहर निकालने की व्यवस्था की गई है। बालाघाट में लाख प्रसंस्करण से निकलने वाले अपशिष्ट से ‘भूमिप्लस टी-4’ जैविक मृदा सुधारक विकसित किया गया है। परियोजना को मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद से तकनीकी सहयोग प्राप्त हुआ है।

    कबाड़ से जुगाड़ और प्रयोग आधारित शिक्षा

    सेवानिवृत्त श्री देवेन्द्र प्रकाश तिवारी कबाड़, धातु, प्लास्टिक और ई-वेस्ट से तकनीकी उपकरणों, वाहनों, वाद्य यंत्रों और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े मिनिएचर मॉडल तैयार करते हैं। वर्ष 2024 में ‘कबाड़ से जुगाड़ प्रतियोगिता’ में उन्हें प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ था।

    एसटीईएम लर्निंग सोसायटी द्वारा स्थानीय सामग्री से कम लागत वाली हैंड्स-ऑन लर्निंग आधारित एसटीईएम एवं गणितीय शिक्षण सामग्री प्रदर्शित की गई है। गतिविधि आधारित मॉडल और एसटीईएम/टीएलएम किट्स के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रयोग के जरिए सीखने का अवसर दिया जा रहा है। पहल का मूल विचार है—‘प्रयोगशाला बच्चे तक नहीं, प्रयोग बच्चे के हाथ तक पहुंचे।’

    पारंपरिक शिल्प और स्थानीय संसाधनों को मंच

    आशा–एड एंड सर्वाइवल ऑफ हैंडीक्राफ्ट आर्टिसंस द्वारा सतपुड़ा अंचल की छीपा हाथ ठप्पा छपाई कला के संरक्षण और संवर्धन का कार्य किया जा रहा है। शिवपुरी के बदरवास की महिलाओं द्वारा खादी, ऊनी एवं सूती कपड़ों से पारंपरिक परिधान और हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।

    भोपाल के शिल्पकार श्री लखन कुमार प्रजापति द्वारा मिट्टी से 150 से अधिक प्रकार की कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। बुधनी के कारीगर श्री करन शर्मा द्वारा लकड़ी के पारंपरिक खिलौने और श्योपुर के वरिष्ठ खराद शिल्पी श्री निसार अहमद द्वारा पारंपरिक खराद कला का प्रदर्शन किया गया है।

    बुरहानपुर में महिलाओं द्वारा केले के तने से रेशा निकालकर उपयोगी एवं हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। भोपाल की कॉमन विकास जन सेवा समिति द्वारा सिसल फाइबर निकालने की मशीन प्रदर्शित की गई है। इन पहलों में स्थानीय संसाधनों के उपयोग के साथ रोजगार एवं आजीविका के अवसर विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

    पर्यावरण संरक्षण और वैज्ञानिक खेती की पहल

    नर्मदा समग्र न्यास द्वारा आईआईटी जोधपुर के सहयोग से अलीराजपुर के दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों के लिए जी-फिल्टर तकनीक प्रदर्शित की गई है। यह कम लागत वाला गुरुत्वाकर्षण आधारित सिरेमिक जल फिल्टर है, जिसके लिए बिजली या बाहरी दबाव की आवश्यकता नहीं होती। स्वानंद गोविज्ञान, सौसर द्वारा गोबर से निर्मित उपयोगी एवं सजावटी उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए हैं।

    कृषि विज्ञान केन्द्र, नकतरा, रायसेन द्वारा ऑन-फार्म परीक्षण, किसान प्रशिक्षण, फ्रंटलाइन प्रदर्शन, महिला स्व-सहायता समूहों का मार्गदर्शन और कृषि प्रदर्शनियों सहित विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया है। इनके माध्यम से किसानों तक वैज्ञानिक तकनीकों एवं उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी पहुंचाई जा रही है।

    विज्ञान के नवाचारों से रूबरू हो रहे विद्यार्थी और आमजन

    विज्ञान मेले में आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ पारंपरिक कला, ग्रामीण तकनीक, हस्तशिल्प, कृषि नवाचार और स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका मॉडल प्रदर्शित किए जा रहे हैं। विभिन्न स्टॉलों पर विद्यार्थी और आमजन मॉडल, उत्पाद एवं प्रत्यक्ष प्रदर्शनों के माध्यम से नवाचारों की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। मेले का उद्देश्य विज्ञान को आमजन के जीवन से जोड़ने के साथ प्रदेश की स्थानीय प्रतिभाओं, नवाचारों और पारंपरिक ज्ञान को मंच प्रदान करना है।।

     

  • महिला पुलिसकर्मियों के बच्चों की सुविधा को बढ़ावा, पुलिस पब्लिक स्कूल में शुरू हुआ वात्सल्य झूलाघर

    महिला पुलिसकर्मियों के बच्चों की सुविधा को बढ़ावा, पुलिस पब्लिक स्कूल में शुरू हुआ वात्सल्य झूलाघर

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पारिवारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस पब्लिक स्कूल, नेहरू नगर में महिला पुलिस कर्मियों के छोटे बच्चों की देखभाल के लिए 60 बच्चों की क्षमता वाले नवनिर्मित वात्सल्य झूलाघर (डे-केयर सेंटर) का पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा द्वारा शुभारंभ किया गया। झूलाघर की सुविधा से ड्यूटी के दौरान छोटे बच्चों की देखभाल को लेकर पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को सुविधा एवं राहत मिलेगी।

    इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिस विभाग में महिला आरक्षक, महिला सब इंस्पेक्टर, डीएसपी सहित विभिन्न रैंक पर महिला अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। वर्तमान समय में पति-पत्नी दोनों के नौकरीपेशा होने की स्थिति भी सामान्य है। पहले संयुक्त परिवार व्यवस्था में दादा-दादी अथवा परिवार के अन्य सदस्य बच्चों की देखभाल कर लेते थे, लेकिन बदलते समय में नौकरी के लिए परिवार से बाहर रहना पड़ता है। ऐसे में छोटे बच्चों की देखभाल एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

    उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के छोटे बच्चों की उचित देखभाल बहुत जरूरी है, ताकि वे निश्चिंत होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। पुलिस सेवा की प्रकृति ऐसी है कि कई बार लंबी अवधि तक ड्यूटी करनी पड़ती है, देर रात तक ड्यूटी रहती है तथा त्योहारों के अवसर पर भी पुलिसकर्मियों को अपने दायित्वों का निर्वहन करना पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में झूलाघर जैसी सुविधा बच्चों की देखभाल सुनिश्चित करने के साथ ही पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी पर बेहतर ढंग से ध्यान केंद्रित करने में सहयोग करेगी। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि बच्चों की देखभाल की समुचित व्यवस्था पुलिस परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा है। इससे विशेष रूप से महिला पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों और व्यावसायिक दायित्वों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सकेंगी।

    झूलाघर के शुभारंभ अवसर पर विशेष पुलिस महानिदेशक  अनिल कुमार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  जयदीप प्रसाद, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  डी. निवास वर्मा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  सोलोमन यश कुमार मिंज, भोपाल पुलिस आयुक्त  संजय कुमार, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त  मोनिका शुक्ला, पीएसओ टू डीजीपी डॉ. विनीत कपूर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त  शैलेन्द्र सिंह चौहान सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

    इसी अवसर पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के परिवारों के लिए गरबा कार्यक्रम के आयोजन को लेकर बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रम की तैयारियों एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की गई।

     

     

  • अपहरण कांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साजिश में शामिल 4 आरोपी गिरफ्तार

    अपहरण कांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साजिश में शामिल 4 आरोपी गिरफ्तार

    भोपाल

    रीवा में ढाई वर्षीय मासूम बालिका के अपहरण की सूचना मिलते ही मध्यप्रदेश पुलिस ने संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई करते हुए महज 6 घंटे के भीतर करीब 100 किलोमीटर दूर सीधी जिले के एक दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र से बालिका को सकुशल दस्तयाब कर लिया। पुलिस टीम ने बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंपते हुए अपहरण की घटना में शामिल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मासूम की सकुशल वापसी के लिए पुलिस टीम ने रात में ही लगातार सर्चिंग, घेराबंदी और समन्वित कार्रवाई करते हुए अभियान चलाया।

    सूचना मिलते ही सक्रिय हुआ पुलिस तंत्र

    23 सितम्बर रात्रि करीब 8:30 बजे बालिका के परिजन द्वारा थाना समान में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उनकी ढाई वर्षीय बालिका घर पर नहीं है तथा आसपास संभावित स्थानों पर तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चल सका। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना समान में अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल पुलिस टीम सक्रिय की गई। पुलिस द्वारा मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया। तकनीकी एवं मैदानी स्तर पर प्राप्त सुरागों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। पूछताछ में सामने आया कि बालिका को आंगनवाड़ी केंद्र से बोरी में रखकर दोपहिया वाहन से सीधी जिले की ओर ले जाया गया था।

    रातभर चला सर्च ऑपरेशन, सीधी से सकुशल मिली मासूम

    घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना समान की टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम ने रीवा से करीब 100 किलोमीटर दूर सीधी जिले के शिकारगंज के आगे स्थित दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र तक पहुंचकर लगातार तलाशी और घेराबंदी की। रात में चलाए गए इस सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने बालिका को सकुशल दस्तयाब कर लिया। बालिका को सुरक्षित रीवा लाकर परिजनों के सुपुर्द किया गया। वहीं पुलिस ने घटना में शामिल 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनसे घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस की यह कार्रवाई मासूम बालिका की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सूचना मिलते ही त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स, तकनीकी साक्ष्यों के उपयोग, मैदानी स्तर पर सतत प्रयास और टीमवर्क का उदाहरण है।

     

  • राजनीतिक दलों के सामने EVM गोदाम की जांच, कलेक्टर ने SOP और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की

    राजनीतिक दलों के सामने EVM गोदाम की जांच, कलेक्टर ने SOP और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की

     भोपाल

     ईवीएम गोदाम का कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी प्रियंक मिश्रा ने गुरुवार को निरीक्षण कर सुरक्षा और व्यवस्थाएं देखीं। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के पालन की समीक्षा की।

    इस दौरान गोदाम की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी सर्विलांस, सीलिंग प्रक्रिया और ईवीएम के सुरक्षित रखरखाव की बारीकी से जांच की गई।
    सुरक्षा प्रोटोकाल का पालन करने के दिए निर्देश

    कलेक्टर ने अधिकारियों को सुरक्षा प्रोटोकाल और आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि ईवीएम की सुरक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन किया जा रहा है।

    जिला प्रशासन स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी निर्वाचन कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

     

  • वैज्ञानिक अनुसंधान से सीमा सुरक्षा तक, PIO के नेतृत्व में मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू में देखी महत्वपूर्ण पहल

    वैज्ञानिक अनुसंधान से सीमा सुरक्षा तक, PIO के नेतृत्व में मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू में देखी महत्वपूर्ण पहल

    भोपाल 

    पत्र सूचना कार्यालय के  नेतृत्व में भोपाल से जम्मू पहुंचे पत्रकारों के दल ने आज सीएसआईआर- भारतीय समवेत औषध संस्थान, जम्मू (CSIR-IIIM), जम्मू का दौरा किया। इस दौरे का मकसद इस प्रमुख संस्थान के अत्याधुनिक वैज्ञानिक शोध, सामाजिक मिशन से जुड़े प्रोजेक्ट्स और तेज़ी से बढ़ते बायो-एंटरप्रेन्योरशिप प्रयासों के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी हासिल करना था।

    प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए, डॉ. सौरभ सरन ने कहा कि लुप्तप्राय औषधीय पौधों का संरक्षण CSIR-IIIM की एक अहम ज़िम्मेदारी है।  संस्थान के मज़बूत औद्योगिक संपर्क का ज़िक्र करते हुए, डॉ. सरन ने कहा कि CSIR-IIIM  उद्योग, स्टार्टअप, किसानों, युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी निकायों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर काम करता है। उन्होंने यह भी बताया ?कि संस्थान की फर्मेंटेशन पायलट प्लांट सुविधा ने ही रणनीतिक समझौतों और औद्योगिक इस्तेमाल के ज़रिए ₹50 लाख से ज़्यादा का राजस्व कमाया है। थेराप्यूटिक डेवलपमेंट (इलाज के तरीकों के विकास) के क्षेत्र में, संस्थान पारंपरिक आयुर्वेद के सिद्धांतों को आधुनिक चिकित्सा के साथ जोड़ते हुए अल्जाइमर रोग, ऑस्टियोआर्थराइटिस और कैंसर के दर्द जैसी मुश्किल बीमारियों के लिए असरदार दवाएं खोजने पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

    सीएसआईआर की सामाजिक मिशन परियोजनाओं के व्यापक जमीनी प्रभाव का विस्तार से वर्णन करते हुए, सीएसआईआर अरोमा मिशन की वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक और नोडल अधिकारी डॉ. सुफला गुप्ता ने प्रतिनिधियों को अरोमा मिशन, फ्लोरीकल्चर मिशन और जैवसंसाधन संरक्षण एवं अन्वेषण सहित प्रमुख पहलों के बारे में जानकारी दी।प्रतिनिधिमंडल को संस्थान की दवा खोजने की प्रक्रिया और प्रयोगशाला के बुनियादी ढांचे से भी परिचित कराया गया। सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. अमित नारगोत्रा ​​ने पत्रकारों को स्थापित 'प्लांट साइंस लेबोरेटरी' का दौरा कराया और बताया कि औषधीय और सुगंधित पौधों से मिलने वाले अलग-अलग तरह के केमिकल कंपाउंड्स पर लगातार व्यापक और विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है।

    सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट इंजीनियर अनिल कुमार कटारे ने दवा बनाने की प्रक्रिया (ड्रग फ़ॉर्मूलेशन) से जुड़े नियमों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि CSIR-IIIM में चल रही रिसर्च के दौरान, दवा की असरदार  गुणवत्ता पक्की करने के लिए सुरक्षा,  प्रभाव आदि  आधार पर दवा के संभावित विकल्पों की कड़ी जांच की जाती है। इनोवेशन और इनक्यूबेशन इकोसिस्टम के बारे में जानकारी देते हुए, BioNEST IIIM-टेक्नोलॉजी बिज़नेस इनक्यूबेटर (TBI) की बिज़नेस मैनेजर डॉ. विदुषी अब्रोल ने बताया कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। उन्होंने कहा कि उनके इनक्यूबेशन सपोर्ट का मुख्य मकसद टिकाऊ रोज़गार के मौके पैदा करना है – खासकर जम्मू-कश्मीर में – साथ ही पूरे देश में अपनी पहुंच बढ़ाना भी है।

    बाद में, मीडिया  प्रतिनिधिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सुचेतगढ़ बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) का दौरा किया, जहाँ उन्होंने आउटपोस्ट के कामकाज को देखा और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के जवानों से विस्तार से बातचीत की।

  • मत्स्य पालन में जम्मू-कश्मीर की नई पहल का अवलोकन, PIO के नेतृत्व में मीडिया दल ने जाना विकास का सफर

    मत्स्य पालन में जम्मू-कश्मीर की नई पहल का अवलोकन, PIO के नेतृत्व में मीडिया दल ने जाना विकास का सफर

    भोपाल 

     पत्र सूचना कार्यालय, भोपाल के नेतृत्व में जम्मू यात्रा पर पहुंचे मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने आज जम्मू के बहू किले में स्थित एक्वेरियम-सह-जागरूकता केंद्र का दौरा किया। मत्स्य पालन विभाग के संयुक्त निदेशक श्री मसूद हुसैन ने मीडिया दल के सदस्यों को मत्स्य पालन के क्षेत्र में विकास कार्यों और उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल को एक्वेरियम  के दूसरे चरण के काम के बारे में जानकारी देते हुए श्री मसूद ने बताया कि इस के तहत उत्तर भारत का पहला और देश का तीसरा मरीन एक्वेरियम; जम्मू एक्वेरियम में बनाया जा रहा है।
     इस नवंबर में शुरू होने वाले इस नए मरीन विंग में 98% पारदर्शिता वाला 50 mm का ऐक्रेलिक ग्लास, 4 लाख लीटर का मरीन वॉटर सिस्टम और समुद्री इकोसिस्टम को बनाए रखने के लिए 18,000 kg खास नमक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

    मत्स्य पालन क्षेत्र के व्यापक सेक्टर के बारे में जानकारी देते हुए, संयुक्त निदेशक ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में मछली पालन रोज़गार का एक बड़ा ज़रिया बनकर उभरा है। इसके तहत 28,000 मीट्रिक टन ट्राउट मछली के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, साथ ही कमर्शियल ट्राउट उत्पादन और एंगलिंग टूरिज़्म के ज़रिए सालाना ₹10 करोड़ की कमाई का लक्ष्य भी तय किया गया है।

  • गणेश विसर्जन आज, कई मार्गों पर डायवर्जन लागू; सफर से पहले चेक करें ट्रैफिक रूट

    गणेश विसर्जन आज, कई मार्गों पर डायवर्जन लागू; सफर से पहले चेक करें ट्रैफिक रूट

     भोपाल

     अनंत चतुर्दशी पर शहर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन और चल समारोह के चलते यातायात व्यवस्था बदली रहेगी। सुबह 9 बजे से अलग-अलग क्षेत्रों से छोटी झांकियों और गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन प्रेमपुरा घाट, कमलापति घाट, बैरागढ़ और हताईखेड़ा डेम पर शुरू होगा। वहीं, मुख्य चल समारोह शाम 7 बजे भारत टाकीज चौराहे से शुरू होगा।

    मुख्य जुलूस भारत टॉकीज से इतवारा, गणेश चौक मंगलवारा, गल्ला मंडी हनुमानगंज, छोटे भैया चौराहा, जनकपुरी, जुमेराती, पुराना पोस्ट आफिस, सिंधी मार्केट, पीरगेट, मोती मस्जिद, रेतघाट और कमला पार्क होते हुए कमलापति घाट पहुंचेगा। जुलूस के आगे बढ़ने के साथ संबंधित मार्गों पर यातायात रोका और डायवर्ट किया जाएगा।

    जुलूस का मुख्य रूट भारत टॉकीज से इतवारा, मंगलवारा, हनुमानगंज, छोटे भैया चौराहा, जनकपुरी, जुमेराती, सिंधी मार्केट, पीरगेट, मोती मस्जिद, रेतघाट, कमला पार्क और कमलापति घाट रहेगा। इसके अलावा कुछ झांकियां पॉलिटेक्निक चौराहा से डिपो चौराहा, 25वीं वाहिनी, भदभदा तिराहा होते हुए प्रेमपुरा घाट जाएंगी।

    सुबह 8 बजे से भारी वाहनों का प्रवेश बंद: इन प्रमुख मार्गों पर रहेगी पूर्ण रोक

    सुबह 8 बजे से आगामी आदेश तक अनुमति प्राप्त और बिना अनुमति वाले सभी भारी वाहनों का शहर के अंदर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। प्रमुख रोक वाले मार्गों में खजूरी सड़क, मुबारकपुर, लाम्बाखेड़ा, इस्लाम नगर, चौपड़ा कला, पटेल नगर, 11 मील, रातीबड़, लालघाटी, नरसिंहगढ़ तिराहा, एयरपोर्ट चौराहा, करोंद चौराहा, भानपुर चौराहा और रत्नागिरी शामिल हैं, जहां से शहर के भीतर वाहनों का आगमन प्रतिबंधित रहेगा।

    शाम 5 बजे से सिटी बसें और यात्री वाहन प्रतिबंधित: जुलूस के साथ इस तरह बदलेंगे रास्ते

    शाम 5 बजे से सिटी बस, मैजिक और अन्य यात्री वाहनों का भारत टाकीज, अल्पना तिराहा, नादरा बस स्टैंड और भोपाल टाकीज की ओर आवागमन बंद रहेगा। जुलूस के आगे बढ़ने के साथ अन्य मार्गों पर भी डायवर्जन लागू होगा। जुलूस के मंगलवारा पहुंचने पर सेंट्रल लाइब्रेरी, छावनी रोड और बुधवारा से इतवारा की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे। जुमेराती पहुंचने पर रायल मार्केट से पीरगेट की ओर यातायात बंद रहेगा।

    रेतघाट पहुंचने पर करबला से रेतघाट और पालिटेक्निक से कमला पार्क की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे, साथ ही तलैया से बुधवारा की ओर भी यातायात रोका जाएगा। वैकल्पिक मार्ग के तौर पर रायल मार्केट से तीन मोहरा, शहजहानाबाद थाना, भोपाल टाकीज, हमीदिया रोड और नादरा बस स्टैंड होकर वाहन जा सकेंगे। भारत माता चौराहा की ओर जुलूस आने पर भदभदा नए पुल से सिटी डिपो चौराहे की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे। वाहन आइआइएफएम, नेहरू नगर, एमएसीटी चौराहा होकर निकल सकेंगे।

    बैरागढ़, स्टेशन और एयरपोर्ट जाने वालों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था

    बैरागढ़ में विसर्जन स्थल सीहोर रोड पर होने के कारण भोपाल से इंदौर-देवास जाने वाले वाहन लालघाटी से नरसिंहगढ़ तिराहा, गांधीनगर, एयरपोर्ट तिराहा, मुबारकपुर बायपास, भौरी और खजूरी सड़क बायपास का उपयोग कर सकेंगे। शहर से इंदौर और सीहोर की ओर जाने वाले वाहन झागरिया, रातीबड़, नीलबड़ और भदभदा चौराहा होकर अपने गंतव्य तक जा सकेंगे।

    भारत टॉकीज क्षेत्र में जुलूस के कारण आवाजाही प्रभावित रहेगी। रेलवे स्टेशन से एमपी नगर और नए शहर की ओर जाने वाले वाहन प्लेटफार्म नंबर-1 क्षेत्र से अशोका गार्डन, 80 फीट रोड, प्रभात चौराहा, सुभाष नगर आरओबी, मैदा मिल और एमपी नगर होकर जा सकेंगे। बोगदा पुल से भारत टाकीज की ओर यातायात बंद रहने पर वाहन प्रभात चौराहा, 80 फीट रोड और अशोका गार्डन होकर निकलेंगे।

    रात 25-26 सितंबर की मध्य रात्रि करीब 2 बजे के बाद जब जुलूस रेतघाट की ओर पहुंचेगा, तब पालिटेक्निक चौराहा से रेतघाट और वीआइपी रोड की ओर यातायात बंद किया जा सकता है। एयरपोर्ट जाने वाले वाहन लिंक रोड नंबर-1, बोर्ड आफिस, डीबी माल, सुभाष नगर, रेलवे ओवरब्रिज, प्रभात चौराहा, 80 फीट रोड या बोगदा पुल होते हुए भारत टाकीज, रोशनपुरा, तलैया, हमीदिया रोड, रायल मार्केट और लालघाटी होकर एयरपोर्ट की ओर जा सकेंगे।

    यात्री बसों और चौड़े ट्रालों के लिए विशेष दिशा-निर्देश: शहर में प्रवेश रहेगा वर्जित

    इंदौर और सीहोर से आने वाली बसें खजूरी बायपास, मुबारकपुर बायपास, गांधीनगर और लालघाटी होकर हलालपुर बस स्टैंड तक ही आएंगी। विसर्जन के दौरान बसों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। आइएसबीटी से चलने वाली बसें प्रभात-गोविंदपुरा तिराहा, प्रभात चौराहा और भारत टॉकीज की ओर नहीं जा सकेंगी, इन्हें होशंगाबाद रोड और बायपास से चलाया जाएगा। गुना और ग्वालियर की ओर से आने वाली बसों का संचालन भी हलालपुर बस स्टैंड तक रहेगा।

    बैरसिया की ओर से आने वाली यात्री बसों का समापन बेस्ट प्राइस तिराहा पर किया जाएगा। जिन गणेश प्रतिमाओं के ट्राले की चौड़ाई चार मीटर से अधिक है, उन्हें रोशनपुरा से माता मंदिर चौराहा, पीएनटी चौराहा, भारत माता चौराहा या माता मंदिर-मेनिट चौराहा होते हुए भदभदा और प्रेमपुरा घाट ले जाने की सलाह दी गई है। ऐसे ट्राले संकरे मार्गों और मुख्य जुलूस वाले रूट में प्रवेश न करें।

     

  • एग्री विस्टा–2026 में कृषि नवाचार और उद्यमिता पर जोर

    एग्री विस्टा–2026 में कृषि नवाचार और उद्यमिता पर जोर

    भोपाल 

    उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (आईईएचई), भोपाल के कृषि विभाग द्वारा ‘एग्री विस्टा–2026’ के अंतर्गत व्याख्यान सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण के विशेषज्ञ सदस्य रमेश कुमारवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार, आधुनिक तकनीक और उद्यमिता की संभावनाओं से परिचित कराते हुए उनके व्यक्तित्व एवं व्यावसायिक कौशल का विकास करना रहा।

    नवीन विचारों को व्यावहारिक रूप देने विद्यार्थियों को किया प्रेरित

    संस्थान के संचालक डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कृषि क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक क्षमताओं का उपयोग करते हुए नवीन विचारों को व्यावहारिक रूप देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा विकसित ‘फसल केयर’ मोबाइल ऐप की सराहना करते हुए कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान में आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया।

    कार्यक्रम में संपादकीय मंडल एवं स्वामीनाथन क्लब का शुभारंभ भी किया गया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को शैक्षणिक, रचनात्मक एवं अनुसंधानपरक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

    दूसरों से नहीं, स्वयं से प्रतिस्पर्धा करें :वास्तव

    मुख्य अतिथि रमेश कुमारवास्तव ने अपने व्याख्यान में विद्यार्थियों को योग्यता, कौशल, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता के निरंतर विकास का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा दूसरों से नहीं, बल्कि स्वयं से होनी चाहिए। विद्यार्थियों को आत्ममूल्यांकन, निरंतर अध्ययन और सकारात्मक दृष्टिकोण के माध्यम से अपनी क्षमताओं को निखारने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जीवन में निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अनुशासन, परिश्रम और निरंतर प्रयास के महत्व को भी रेखांकित किया।

    कृषि नवाचार के साथ व्यक्तित्व विकास पर भी दिया जोर

    कार्यक्रम में कृषि विभागाध्यक्ष डॉ. बी.के. सिन्हा, डॉ. स्मिता राजन, डॉ. शुभम मिश्रा, डॉ. मुबीन मंसूरी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। ‘एग्री विस्टा–2026’ के माध्यम से विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार, आधुनिक तकनीक एवं उद्यमिता की संभावनाओं के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व कौशल के महत्व को समझने का अवसर मिला।

     

     

  • रोज़ाना  1,500 से ज़्यादा ओपीडी मरीज़ों को सेवाएं

    रोज़ाना 1,500 से ज़्यादा ओपीडी मरीज़ों को सेवाएं

    भोपाल 

    पत्र सूचना कार्यालय भोपाल के नेतृत्व में जम्मू पहुंचे पत्रकारों के एक अध्ययन दल ने आज  अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), विजयपुर, सांबा का दौरा किया। इस दौरे का मकसद इस प्रमुख चिकित्सा संस्थान की अधोसंरचना, चिकित्सकीय प्रगति और मरीज़ों पर केंद्रित  नवाचार के बारे में सीधे जानकारी हासिल करना था। मीडिया प्रतिनिधियों के साथ हुई विस्तृत बातचीत के दौरान, एम्स विजयपुर के  निदेशक  प्रो. (डॉ.) संजीव सिन्हा ने अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं के बारे में  विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान को 750 बिस्तरों की क्षमता के साथ तैयार किया गया है। अस्पताल में आधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, पूरी तरह से सुसज्जित इमरजेंसी मेडिसिन ब्लॉक और एक इंटीग्रेटेड आयुष (AYUSH) सेंटर  उपलब्ध हैं।

    प्रोफेसर सिन्हा ने बताया कि अस्पताल में रोज़ाना 1,000 से 2,000 मरीज़ (औसतन 1,500) आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) में आते हैं। यहाँ न सिर्फ़ जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के लोग आते हैं, बल्कि नई दिल्ली से भी  कुछ मरीज़ इलाज के लिए आते हैं। उन्होंने   बताया कि कार्डियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी समेत 30 ब्रॉड स्पेशलिटी और 14 सुपर-स्पेशलिटी विभाग पूरी तरह से काम कर रहे हैं। इससे मरीज़ों को बिना कहीं और भेजे, यहीं पर पूरा इलाज मिल जाता है, और ज़रूरत पड़ने पर एम्स नई दिल्ली की स्पेशलाइज़्ड टीमें भी मौके पर आकर मदद करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान ने कई अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। यह इस इलाके का पहला अस्पताल है जिसे NABH एक्रेडिशन मिला है, साथ ही इसे नागपुर में 'बेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर अवॉर्ड' और 'नेशनल पेशेंट सेफ्टी अवॉर्ड' भी मिला है।   जल्द ही एडवांस्ड रोबोटिक सर्जरी के लिए भी मंज़ूरी मिलने की उम्मीद है।

    रिसर्च इकोसिस्टम, कैंसर के इलाज में नई तरक्की और  शैक्षणिक प्रगति पर बात करते हुए, रेडियोथेरेपी और ऑन्कोलॉजी विभाग के हेड, डीन (रिसर्च) और प्रोफेसर, प्रो. (डॉ.) शबाब ललित अंगुराना ने बताया कि ट्रांसलेशनल क्लिनिकल रिसर्च संस्थान का एक अहम आधार है। इसे ऊर्जावान युवा फैकल्टी आगे बढ़ा रही है, जो लगभग 12 हाई-इम्पैक्ट रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर सक्रिय रूप से काम कर रही है।  प्रो. (डॉ.) अंगुराना ने यह भी बताया कि संस्थान फैकल्टी की देखरेख में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के सहयोग से लगभग 23 शॉर्ट-टर्म रिसर्च प्रोजेक्ट्स के ज़रिए छात्रों में वैज्ञानिक जिज्ञासा को बढ़ावा दे रहा है। भविष्य में इलाज की क्षमताओं के बारे में उन्होंने बताया कि जल्द ही  न्यूक्लियर मेडिसिन सुविधा शुरू की जाएगी। इसमें अत्याधुनिक PET-CT स्कैन इंफ्रास्ट्रक्चर होगा, जिससे आने वाले सालों में डायग्नोस्टिक और कैंसर-केयर सेवाओं को काफी बेहतर बनाया जा सकेगा।

    अध्ययन दल को स्मार्ट हॉस्पिटल टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के बारे में भी जानकारी दी गई। इसमें इंटेलिजेंट पेशेंट नेविगेशन कियोस्क शामिल हैं जो अभी तीन भाषाओं को सपोर्ट करते हैं।

  • केन्द्रीय मंत्री  गडकरी होंगे मुख्य अतिथि

    केन्द्रीय मंत्री गडकरी होंगे मुख्य अतिथि

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार की शाम गोविंदपुरा, बीएचईएल क्षेत्र में स्थित दशहरा मैदान पहुंचकर शुक्रवार को होने वाली "मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा'' के शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारी का जायजा लिया। प्रदेश में शहरों-गांवों में डायरेक्ट बस कनेक्टिविटी की शुरुआत के शुभारंभ का कार्यक्रम भव्य रूप में होगा। इस कार्यक्रम की तैयारियां पूर्ण हो गई हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी बसों को हरी झंडी दिखाकर प्रदेशवासियों को सौगात देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर नई बसों की विशेषताओं की जानकारी प्राप्त की और बसों में बैठकर भी आधुनिक तकनीक और यात्रियों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लिया। परिवहन सचिव श्री मनीष सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कार्यक्रम से जुड़ी आवश्यक जानकारियों से अवगत करवाया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम के लिए तैयार किए गए मंच, सभा स्थल सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन सहित संबंधित विभागों के  उपस्थित थे।

    7 शहरों की 351 बसों को दिखाई जाएगी हरी झंडी

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश के 7 शहरों की 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को एक साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसमें इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड शामिल हैं। शुरुआती चरण में इंदौर में 145 बसें जिसमें 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी, भोपाल में 106 बसें जिसमें 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी, जबलपुर के लिए 67 बसें जिसमें 14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी, रीवा में 18 इंटरसिटी बसें, देवास में 10 इंटरसिटी बसें, कटनी में 3 और भिंड में 2 इंटरसिटी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।