Category: मध्य प्रदेश

  • PM मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर बोले CM यादव, सेवा भाव को बताया खास

    PM मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर बोले CM यादव, सेवा भाव को बताया खास

    प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों में सेवा भाव को भी किया चरितार्थ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा संकल्प बाईक यात्रा के राइडर्स से किया वर्चुअल संवाद
    प्रधानमंत्री मोदी को, प्रदेश के बाइक राइडर दीपेश गोटी ने अपनी यात्रा के साझा अनुभव
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवास जिले के पुंजापुरा में किया सेवा संकल्प बाइक राइडर्स का स्वागत
    सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत वाराणसी से वडनगर तक निकाली जा रही है यात्रा
    सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 35 लाख से अधिक हितग्राहियों को सिंगल क्लिक से 212 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों में निरंतर परिश्रम, अनुशासन और राष्ट्र धर्म की भावना के साथ काम किया है। वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनकी संवैधानिक जिम्मेदारी की शुरुआत हुई और आज वे देश के प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं। गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग के हर व्यक्ति को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास उनकी कार्यशैली में स्पष्ट दिखाई देता है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश को भव्य और दिव्य श्रीराम मंदिर की सौगात दी। इसके साथ ही राम राज्य की संकल्पना को साकार करते हुए हर गरीब को घर, पर्याप्त भोजन और बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत वडनगर से वाराणसी जा रही युवाओं की बाइक यात्रा का देवास जिले के पुंजापुरा में स्वागत करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के प्रदेश के 35 लाख 42 हजार हितग्राहियों को सिंगल क्लिक से 212 करोड़ 57 लाख रुपए की राशि उनके खातों में अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने करणावत पुलिस सहायता केंद्र को पुलिस थाना बनाने, पुलिस जवानों के लिए आवास निर्माण करने तथा शासकीय गोदाम के लिए राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में सेवा संकल्प बाइक यात्रा में बाइक राइड भी की। मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की। हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। उन्होंने बाइक राइडर्स के साथ पौधरोपण भी किया। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा तथा सांसद वी.डी. शर्मा इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थे।

    शाजापुर जिले के निवासी हैं दीपेश गोटी

    प्रधानमंत्री मोदी ने वडनगर से वाराणसी के लिए निकाली गई ‘सेवा संकल्प बाइक यात्रा’ में शामिल राइडर्स से अलग-अलग स्थानों से वर्चुअली संवाद किया। देवास जिले के पुंजापुरा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में बाइक राइडर्स दल के सेवा यात्री दीपेश गोटी ने प्रधानमंत्री से संवाद में अब तक की अपनी यात्रा के अनुभव साझा किए। शाजापुर जिले के निवासी गोटी ने बताया कि यात्रा के दौरान अन्य राज्यों के युवाओं से दूसरी भाषाएं सीखने और उनकी संस्कृति से परिचित होने का अवसर मिला है। रास्ते में पीएम आवास के हितग्राहियों से मुलाकात हुई। विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को नमो ऐप से जोड़ा जा रहा है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के युवाओं की उद्यमशीलता को सराहा

    प्रधानमंत्री मोदी के वड़नगर में स्थानीय लोगों से संपर्क बढ़ाने के सवाल पर दीपेश गोटी ने बताया कि उन्होंने अपने व्यापार-व्यवसाय की दृष्टि से कुछ स्थानीय लोगों के मोबाइल नंबर लिए हैं। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह अच्छी बात है। अब मध्यप्रदेश का भी मिजाज बदल रहा है। मध्यप्रदेश के युवा भी जहां जा रहे है, वहां व्यापार के अवसर खोज रहे हैं, उनमें उद्यमशीलता भरी है। मध्यप्रदेश के युवाओं ने सेवा संकल्प यात्रा में 'माय प्रामिस टू मोदी जी' का नवाचार किया है, जिसमें 25 सेवा कार्य लिस्ट किए हैं और हर सेवा यात्री को किसी एक सेवा का संकल्प दिलाया जा रहा है।

    भारतीय संस्कृति में यात्राओं का विशेष महत्व

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यात्रा के दौरान सेवा, जनसंवाद और राष्ट्रीय एकता से जुड़े संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। हमारी संस्कृति में प्राचीन काल से यात्राओं का विशेष महत्व रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों की सेवा के लिए अपने संकल्प से जीवन का प्रत्येक क्षण और अपना कण-कण राष्ट्र को समर्पित किया है। प्रत्येक नागरिक के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी लगातार सक्रिय हैं ।

    पं. दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिवस 25 सितंबर से प्रदेशवासियों को मिलेगी सुगम परिवहन सुविधा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवास का बागली तपोनिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कैलाश जोशी का कार्य क्षेत्र रहा है। समर्पित कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम के माध्यम से ही विकास और जनकल्याण की यात्रा निरंतर जारी है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सेवा और जनकल्याण की सभी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि 25 सितंबर को पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर मध्यप्रदेश में 20 साल से बंद राज्य परिवहन निगम की बसों के संचालन का फिर श्रीगणेश होने जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क है, प्रदेश में हाइवे और एक्सप्रेस-वे भी तेजी से बनाए जा रहे हैं। राज्य परिवहन निगम की बसें नगरीय निकायों, एक शहर से दूसरे शहर और दूसरे राज्यों तक भी चलाई जाएंगी। प्रदेश की ग्रामीण आबादी को भी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा का लाभ मिलेगा।

    राज्य सरकार किसानों, बहनों और युवाओं के कल्याण के लिए सतत् सक्रिय

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने के लिए संकल्पित है। माँ नर्मदा की कृपा से देवास जिले को भी सिंचाई के लिए पर्याप्त जल मिल रहा है। प्रदेश में अब तक सिंचित कृषि भूमि का रकबा 65 लाख हैक्टेयर तक पहुंच चुका है। वर्ष 2002-03 तक गेहूं का मूल्य 300-400 रुपए प्रति क्विंटल से आगे नहीं बढ़ा, लेकिन अब राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दे रही है। इस वर्ष एमएसपी पर 40 रुपए बोनस का लाभ देते हुए किसानों से 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा है। दूसरी ओर, लाड़ली बहनों को राशि भी हर माह बैंक खाते में भेजी जा रही है। जिन बहनों को मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, अगले वर्ष पात्रतानुसार उनके नाम भी जोडे जाएंगे। अब तक 55 हजार करोड़ से अधिक राशि लाड़ली बहनों को दी गई है।

    प्रदेश में प्राथमिक शाला स्तर पर शून्य हुई ड्रॉप आउट दर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के युवाओं और बच्चों को बेहतर शिक्षा और रोजगार देने के लिए सभी प्रयास किए गए हैं। शासकीय स्कूलों के मेधावी बच्चों को लैपटॉप, स्कूटी, साइकिलें, किताबें और स्कॉलरशिप दी जा रही है। प्रदेश के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में ड्रॉप आउट दर कभी 16 प्रतिशत थी, लेकिन हमारी सरकार के प्रयासों से अब ड्रॉप आउट दर शून्य हो गई है। राज्य सरकार ने स्कूल शिक्षा का बजट 38 हजार करोड़ तय किया है।

    मध्यप्रदेश में सबसे कम है बेरोजगारी दर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वड़नगर से वाराणसी और वाराणसी से वड़नगर तक 35 हजार किलोमीटर से अधिक दूरी की बाइक सेवा यात्रा निकाली जा रही है। लगभग 17 हजार किलोमीटर यात्रा अर्थात आधी से अधिक दूरी मध्यप्रदेश की धरती पर तय होगी। प्रदेश का युवा जिम्मेदार और जागरुक बनें उनके आधार पर ही भविष्य का मध्यप्रदेश और देश समृद्ध बनेगा। प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में 18 हजार पदों पर नई भर्ती की है। एमएसएमई सेक्टर से 1 करोड़ 20 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है। मध्यप्रदेश में बेरोजगारी दर देश में सबसे कम है। देवास के पुंजापुरा में हुए कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

    कार्यक्रम में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, बागली विधायक मुरली भंवरा, विधायक खातेगांव आशीष शर्मा, विधायक हाटपीपल्या मनोज चौधरी, विधायक सोनकच्छ डॉ. राजेश सोनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला अटारिया, राय सिंह सेंधव, राजीव खंडेलवाल, बहादुर मुकाती, राजेश यादव, मनीष सोलंकी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारीगण, सेवा संकल्प बाइक यात्रीगण, गणमान्य नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

     

  • उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर कार्रवाई, CM डॉ. मोहन यादव के पैतृक मकान पर भी लगा लाल निशान

    उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर कार्रवाई, CM डॉ. मोहन यादव के पैतृक मकान पर भी लगा लाल निशान

    उज्जैन 

     विकास के लिए अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान भी सड़क चौड़ीकरण की जद में आ गया है। नगर निगम ने मार्ग चौड़ा करने के लिए उनके, उनकी बहन तथा नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव के मकान सहित 272 मकानों पर लाल निशान लगाया है। बताया कि मार्ग चौड़ा करने के लिए मकान का कितना हिस्सा तोड़ना जरूरी है।

    खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। इसकी नपती और मकानों पर निशान लगाने की कार्रवाई काफी हद तक पूरी हो चुकी है। करीब 9.80 करोड़ रुपये की इस परियोजना में सड़क की तय सीमा को आधार बनाया गया है।

    यह कार्रवाई शहर में चर्चा का विषय बन गई है

    मुख्यमंत्री परिवार की संपत्ति भी इसी प्रक्रिया में चिह्नित होने से यह कार्रवाई शहर में चर्चा का विषय बन गई है। खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक का यह मार्ग पुराने शहर की महत्वपूर्ण कड़ी है। सिंहस्थ 2028 के दौरान बढ़ने वाले यातायात को देखते हुए इसे चौड़ा करने की योजना बनाई गई है। निगम की टीम प्रभावित भवनों की नपती और मार्किंग कर रही है। अब अगले चरण में प्रभावित संपत्तियों और उनके हिस्सों को लेकर कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

    1974 में बना था मुख्यमंत्री का पैतृक मकान

    मुख्यमंत्री का पैतृक मकान वर्ष 1974 में उनके दादा रामचंद्र यादव ने बनवाया था। इसी मकान में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, निगम अध्यक्ष कलावती यादव, भाई नंदलाल यादव, नारायण यादव और ग्यारसी बाई का बचपन बीता। वर्तमान में मुख्यमंत्री के चाचा शंकरलाल यादव का परिवार यहां निवास करता है। चौड़ीकरण के लिए इस मकान के प्रभावित हिस्से पर भी निगम ने लाल निशान लगाया है।

    ‘हमारा मकान भी आ रहा, विकास में सहयोग करेंगे’

    निगम अध्यक्ष कलावती यादव ने ‘नईदुनिया’ से कहा कि खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक सड़क चौड़ीकरण में उनका पैतृक मकान भी आ रहा है। क्षेत्र के सभी लोग उनके परिवार जैसे हैं। विकास कार्य में किसी के साथ भाजपा-कांग्रेस या हिंदू-मुस्लिम के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। प्रभावित नागरिकों की समस्याओं को अधिकारियों के साथ चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा।
    62 सड़कों का चौड़ीकरण, 29 किमी घाट भी

    सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन में 62 प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण की योजना पर काम चल रहा है। शिप्रा के दोनों किनारों पर करीब 29 किलोमीटर घाटों का विकास किया जाएगा। सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी डैम और खान डायवर्जन जैसी बड़ी परियोजनाएं भी इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा हैं।

    कंठाल, तेलीवाड़ा और सराफा क्षेत्र में चौड़ीकरण का काम पूरा हो चुका है। अब पुराने शहर के इस मार्ग पर 272 भवनों की मार्किंग ने सिंहस्थ की तैयारियों के बीच होने वाले बड़े बदलाव की तस्वीर सामने ला दी है।

  • पुलिस पिटाई के आरोप से गरमाया जौरा, व्यापारियों का प्रदर्शन और हाईवे जाम; 5 पुलिसकर्मी निलंबित

    पुलिस पिटाई के आरोप से गरमाया जौरा, व्यापारियों का प्रदर्शन और हाईवे जाम; 5 पुलिसकर्मी निलंबित

    मुरैना

    जौरा में फॉल-पीको दुकानदार की मौत का मामला दूसरे दिन गुरुवार को और अधिक तूल पकड़ गया। पुलिसकर्मियों की पिटाई से मौत के आरोप लगाते हुए व्यापारी व आमजन सड़कों पर आ गए। बाजार बंद कर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।

    इस विरोध में स्थानीय विधायक पंकज उपाध्याय सहित कई पार्टियों के नेता शामिल हुए। हंगामा बढ़ते देख एसपी ने जौरा थाना प्रभारी समेत 5 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया और जांच के बाद आगे की कार्रवाई का भरोसा दिया।

    गौरतलब है, कि बुधवार को जौरा पुलिस एक फरार आरोपी की तलाश में पगारा रोड पर दबिश देने गई थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने जेल रोड पर चल रहे हुए के फड़ को देखा और जुआरियों को पकड़ने के लिए भागे। पुलिस को आता देख भगदड़ मची।

    इसी बीच 37 साल के सूरज उर्फ कल्ला पुत्र मुन्नालाल गुप्ता, खेत में बेसुध हालत में मिला। अस्पताल लाने पर डॉक्टर ने सूरज को मृत घोषित कर दिया। सूरज जौरा के बाजार में फॉल-पीको की दुकान चलाता था। पुलिसकर्मियों ने स्वजनों को सूचना तब दी, जब सूरज के शव को पोस्टमार्टम तक भिजवा दिया।

    इसी बात पर जौरा में हंगामा हो गया और दुकानदार की मौत के बाद से लोग सड़कों पर उतर आए। मृतक के स्वजन से लेकर अन्य व्यापारियों ने आरोप लगाए कि जुए के फड़ से पकड़ने के बाद पैसा वसूली के लिए सूरज की पुलिसकर्मियों ने मारपीट की, जिससे उसकी मौत हुई है। बुधवार की देर रात तक थाने के घेराव के बाद गुरुवार की सुबह विरोध प्रदर्शन और उग्र हो गया। सुबह से ही बाजार बंद का ऐलान कर दिया गया।

    हाईवे पर लगा लंबा जाम

    सैकड़ों लोग थाने के सामने हाईवे पर जुट गए। हाईवे 552 (एसएस रोड) पर एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय के अलावा बसपा, माकपा के नेता भी शामिल हुए। विधायक ने भी पुलिसकर्मियों को दुकानदार की मौत का जिम्मेदार बताया। मामला बढ़ते देख एसपी ने थाना प्रभारी सहित पांच पुलिसकर्मी लाइन अटैच कर दिए। यह विरोध प्रदर्शन दोपहर एक बजे तक चला। दोपहर दो बजे के बाद बाजारों में दुकानें खुलना शुरू हुईं।

    मृतक के स्वजन को नप में नौकरी का भरोसा

    प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिसकर्मियों पर एफआईआर की मांग की। हेडक्वार्टर डीएसपी विजय भदौरिया व एसडीओपी जौरा नितिन बघेल ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग रखी गई। लोगों ने मृतक के स्वजन को नगर परिषद में नौकरी दिलाने की मांग की, इस पर एसडीएम शुभम शर्मा ने जौरा नप अध्यक्ष से बात की और मृतक के स्वजन को नप में नौकरी का भरोसा दिया गया।

    मृतक के शव का पोस्टमार्टम तीन डाक्टरों के पैनल से करवाया गया है। अंत्येष्टि के लिए 10 हजार रुपये की नकद सहायता मृतक के परिवार को एसडीएम द्वारा दी गई, इसके अलावा आर्थिक मदद के लिए प्रस्ताव कलेक्टर को भेजा जाएगा।

    यह पुलिसकर्मी हुए लाइनअटैच

    हंगामा बढ़ने के बाद एसपी धर्मराज मीना ने थाना प्रभारी पंकज यादव सहित पांच पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। लाइन हाजिर हुए पुलिसकर्मियों में प्रधान आरक्षक प्रवेंद्र तोमर, आरक्षक गिरजेश भार्गव, सत्यम उपाध्याय, सोनेंद्र कंसाना और ईसब खान के नाम बताए गए हैं, मृतक के परिवार ने इन्हीं पर पीट-पीटकर हत्या के आरोप लगाए हैं।

    थाना प्रभारी को हटाने के बाद जौरा थाने की कमान टीआई क्षत्रपाल सिंह वैश्य को दी गई है। नए टीआई ने गुरुवार को ही पदभार संभाल लिया।

     

  • टर्नकी प्रोजेक्ट के तहत की गई आधुनिक किचन और डाइनिंग हॉल की व्यवस्था : राज्य मंत्री  कृष्णा गौर

    टर्नकी प्रोजेक्ट के तहत की गई आधुनिक किचन और डाइनिंग हॉल की व्यवस्था : राज्य मंत्री कृष्णा गौर

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पिछड़ा वर्ग के बालक-बालिकाओं को अब छात्रावास में गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक भोजन प्राप्त होगा। प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों के कल्याण के लिए यह व्यवस्था लागू की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत लगभग डेढ़ दशक में पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 13 हजार 500 करोड़ रुपए की सहायता राशि खर्च की गई है। इन वर्षों में 5 करोड़ से अधिक पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को योजनाओं का सीधा लाभ मिला है, जो राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के 106 पोस्ट मेट्रिक छात्रावासों में 9000 विद्यार्थियों के लिए आधुनिक मेस सुविधा का लोकार्पण कर रहे थे। इस व्यवस्था पर 8 करोड़ 61 लाख रुपए की राशि व्यय हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कार्य की सराहना करते हुए पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में छात्रावासों में आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। युवा भारत में मध्यप्रदेश सबसे युवा राज्य है, जहां पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को यह महत्वपूर्ण सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की छात्राओं से चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर इंदौर, शाजापुर, उज्जैन, देवास, शिवपुरी, सतना और अशोकनगर के पिछड़ा वर्ग छात्रावासों में रहने वाली बेटियों से बात की। छात्राओं ने कहा कि राज्य सरकार ने उन्हें यह उपयोगी सुविधा उपलब्ध करवाई है। अभी गैस सिलेंडर की व्यवस्था अथवा भोजन के लिए अन्यत्र जाने में समय लगता था और खर्च भी अधिक हो जाता था। छात्राओं ने आधुनिक मेस सुविधा प्रारंभ करवाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को धन्यवाद दिया।

    पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण पहल की। उन्होंने विभागीय छात्रावासों के समग्र विकास का संकल्प लिया, जिसे वे पूरा कर रहे हैं। टर्नकी प्रोजेक्ट के तहत छात्रावासों में आधुनिक किचन और डाइनिंग हॉल की व्यवस्था की गई है। अब छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह सुविधा उपयोगी है, जो अपने परिवार से दूर रहकर पढ़ाई के लिए आते हैं और भोजन जैसी मूलभूत जरूरत की चिंता करते हैं। अब उनके परिवार पर आर्थिक बोझ भी कम होगा।

    राज्य मंत्री  गौर ने कहा कि नियमित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध होने से विद्यार्थी पढ़ाई के प्रति एकाग्र होंगे और ज्यादा अच्छे परिणाम प्राप्त करेंगे। प्रदेश में अभी लगभग 9000 पिछड़ा वर्ग छात्रावास सीट्स हैं जिनमें 5200 बालकों और 3800 बालिकाओं के लिए रहने की सीट्स की व्यवस्था की गई है। जिला स्तरीय पिछड़ा वर्ग पोस्ट मेट्रिक छात्रावासों के प्रारंभ होने के बाद पहली बार विद्यार्थियों के लिए मेस व्यवस्था शुरू हुई है। यह विभाग के कार्यों में एक ऐतिहासिक कदम भी है। लोकार्पण कार्यक्रम में विभिन्न जिलों में अनेक जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।

     

  • 8 हजार रूपये से 10 हजार रूपये प्रतिमाह तक स्टाइपेंड-15 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन

    8 हजार रूपये से 10 हजार रूपये प्रतिमाह तक स्टाइपेंड-15 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश के युवाओं को विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण और अपने कौशल को निखारने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के अंतर्गत 559 ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग पद उपलब्ध कराए गए हैं। डिग्री, डिप्लोमा अथवा अन्य निर्धारित शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करने के बाद रोजगार के अवसर तलाश रहे युवा इस योजना के माध्यम से कंपनी के विभिन्न कार्यालयों एवं विद्युत गृहों में एक वर्ष का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। पात्र प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण अवधि के दौरान 8 हजार रूपये से 10 हजार प्रतिमाह तक स्टाइपेंड भी दिया जायेगा।

    जल एवं ताप विद्युत गृहों में मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण

    मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी द्वारा प्रशिक्षण के लिए कुल 559 पद स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत युवाओं को जबलपुर स्थित कंपनी मुख्यालय के साथ प्रदेश में स्थित विभिन्न जल एवं ताप विद्युत गृहों में कार्य करते हुए व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। योजना के अंतर्गत इलेक्ट्रीशियन, इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एवं सिस्टम मेंटेनेंस, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, स्टेनो (हिन्दी/अंग्रेजी), सिविल इंजीनियरिंग, मानव संसाधन, अकाउंट्स सहित विभिन्न कार्यश्रेणियों में प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। इससे युवाओं को अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप विद्युत उत्पादन एवं कंपनी के विभिन्न कार्यक्षेत्रों की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा।

    एक वर्ष की प्रशिक्षण अवधि, प्रशिक्षण के बाद स्टाइपेंड

    ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निर्धारित पात्रता के अनुसार अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित प्रशिक्षणार्थियों को उनके द्वारा चयनित कार्यश्रेणी व जिले के अनुरूप कंपनी के विभिन्न विद्युत गृहों एवं कार्यालयों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ होने के एक माह बाद प्रशिक्षणार्थियों को पात्रता के अनुसार 8 हजार से 10 हजार प्रतिमाह स्टाइपेंड का भुगतान प्रारंभ होगा। प्रशिक्षण की कुल अवधि एक वर्ष निर्धारित है।

    18 से 29 वर्ष के मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी कर सकते हैं आवेदन

    योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी होना आवश्यक है। अभ्यर्थी की आयु 18 से 29 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। शैक्षणिक योग्यता के अंतर्गत निर्धारित कार्यश्रेणी के अनुसार 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा अथवा स्नातक उत्तीर्ण होना आवश्यक है। मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया 23 सितंबर 2026 से प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 15 अक्टूबर 2026 की रात्रि 11:59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    ऑनलाइन पोर्टल से ही होगा आवेदन-इच्छुक अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के ऑनलाइन पोर्टल (https://mmsky.mp.gov.in/Web/Candidate/Registration) के माध्यम से आवेदन करना होगा। योजना में पंजीयन के लिए समग्र आईडी एवं आधार की ई-केवाईसी आवश्यक है। अभ्यर्थियों को ध्यान रखना होगा कि मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के अंतर्गत उपलब्ध ये पद प्रशिक्षण हेतु हैं तथा इन्हें नियमित नौकरी अथवा स्थायी रोजगार के रूप में नहीं माना जाएगा। आवेदन से संबंधित किसी भी प्रकार की कठिनाई अथवा जानकारी के लिए अभ्यर्थी अपने संबंधित जिला स्तरीय आईटीआई से संपर्क कर सकते हैं।

     

  • एएनसी कवरेज शत-प्रतिशत करने पर जोर, उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दिए निर्देश

    एएनसी कवरेज शत-प्रतिशत करने पर जोर, उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दिए निर्देश

    समन्वित प्रयासों से स्थिति नियंत्रित, एएनसी कवरेज करें शत-प्रतिशत: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और रोग नियंत्रण की व्यापक कार्यवाही
    बाल रोग बेड की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 तथा PICU बेड की संख्या 10 से बढ़ाकर 21
    मलेरिया नियंत्रण के लिए एक सलाहकार, चार मलेरिया टेक्निकल सुपरवाइजर तथा 112 कम्युनिटी हेल्थ वालंटियर किए गए तैनात
    51 नवीन डॉक्टर्स ने किया जॉइन
    वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की समीक्षा

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने आज मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, खसरा-रूबेला, डायरिया एवं मलेरिया नियंत्रण तथा दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए की जा रही कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट में महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, शिक्षा तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा आपसी समन्वय के साथ स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर निरंतर निगरानी, समय पर उपचार, टीकाकरण, पोषण, स्वच्छता और दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयास लगातार जारी रहें।

    बालाघाट को आदर्श जिले के रूप में विकसित किया जाए

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि गंभीरता, समर्पण और बेहतर समन्वय के साथ सेवा प्रदाय किया जाए तो बालाघाट की सभी पंचायतों को सुमन पंचायत बनाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्तमान प्रयासों को निरंतर बनाए रखते हुए बालाघाट को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श जिले के रूप में विकसित किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट जैसे जनजातीय एवं भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए विभागों के बीच निरंतर समन्वय आवश्यक है। स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मिलकर काम करें और मैदानी स्तर पर प्रत्येक गतिविधि की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। बैठक में एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट कलेक्टर कुमार सत्यम तथा जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

    सुमन पंचायत के रूप में पंचायतों को विकसित करने के लिए एक वर्ष की अवधि में शून्य मातृ एवं शिशु मृत्यु सुनिश्चित करना प्रमुख मानकों में शामिल है। गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन एवं एएनसी जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का चिन्हांकन एवं फॉलोअप, संस्थागत प्रसव, प्रसवोत्तर एवं नवजात देखभाल और समय पर रेफरल जैसी सेवाओं की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित किया जाना इसका लक्ष्य है। इन मानकों की सतत पूर्ति और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी के आधार पर पंचायतों को सुमन पंचायत के रूप में विकसित होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि एएनसी चेकअप का कवरेज 90 प्रतिशत तक पहुंचना महत्वपूर्ण प्रगति है। इसे शत-प्रतिशत तक ले जाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं का समय पर चिन्हांकन, नियमित फॉलोअप तथा आवश्यकता के अनुसार उपयुक्त स्वास्थ्य संस्थान में समय से भर्ती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बर्थ वेटिंग होम की उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं है। अधिकारी एवं मैदानी अमला पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ कार्य करें। इसी गति से प्रयास जारी रहे तो बालाघाट की सभी पंचायतों को सुमन पंचायत के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने बालाघाट में किए जा रहे कार्यों को प्रभावी मॉडल के रूप में विकसित कर पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण बनाने पर जोर दिया।

    खसरा-रूबेला नियंत्रण के लिए विशेष निगरानी

    बालाघाट में खसरा नियंत्रण के लिए बुखार एवं दाने वाले मामलों की विशेष निगरानी की जा रही है। ऐसे संदिग्ध मामलों में खसरा-रूबेला की जांच सुनिश्चित की जा रही है। नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान कर उन्हें MR वैक्सीन से सुरक्षित करने के लिए कैच-अप राउंड एवं आउटब्रेक रिस्पॉन्स इम्युनाइजेशन (ORI) गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अब तक लगभग 27 हजार बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है, जबकि ORI के अंतर्गत 1 से 10 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 15 हजार बच्चों का टीकाकरण किया गया है। संदिग्ध रोगियों को आवश्यकता अनुसार विटामिन-A की खुराक दी जा रही है तथा फीवर-रैश सर्विलांस लगातार जारी है। दुर्गम एवं कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों में दूरस्थ गांवों की मैपिंग कर प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण एवं विशेष सर्विलांस किया जा रहा है। वैक्सीन को दूरस्थ क्षेत्रों तक समय पर पहुंचाने के लिए अल्टरनेट वैक्सीन डिलीवरी (AVD) व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है।

    डायरिया नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान

    जिले में दस्त एवं डायरिया नियंत्रण के लिए घर-घर स्तर पर ओआरएस एवं जिंक की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। अब तक 1,63,902 परिवारों को ओआरएस तथा 1,60,431 परिवारों को जिंक उपलब्ध कराया गया है। गंभीर स्थिति वाले 734 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कर सफल उपचार किया गया है। जिला अस्पताल में बच्चों के उपचार की क्षमता बढ़ाते हुए बाल रोग बेड की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 तथा PICU बेड की संख्या 10 से बढ़ाकर 21 की गई है। दूरस्थ क्षेत्रों में गंभीर रूप से बीमार बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने के लिए मोबिलाइजेशन की व्यवस्था की गई है।

    मलेरिया नियंत्रण के लिए घर-घर स्क्रीनिंग

    बालाघाट के प्लाज्मोडियम फ़ाल्सीपैरम एंडेमिक क्षेत्रों में मलेरिया नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। घर-घर बुखार की जांच के लिए 15 टीमें लगातार कार्यरत हैं। इन टीमों द्वारा प्रतिदिन औसतन 300 से अधिक जांच की जा रही हैं। 19 जुलाई 2026 से अब तक 26,865 व्यक्तियों की मलेरिया जांच की गई है, जिसमें 980 मलेरिया प्रकरण पाए गए। इनमें 895 प्लाज्मोडियम फ़ाल्सीपैरम तथा 85 प्लाज्मोडियम वाइवैक्स के प्रकरण शामिल हैं। सभी चिन्हित मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया गया है तथा उपचार पूर्ण कराया जा रहा है। मच्छर नियंत्रण के लिए 71 गांवों के 7,065 घरों में कीटनाशक छिड़काव किया गया है। इसके साथ ही 44 गांवों के 8,610 घरों में थर्मल फॉगिंग की गई है। अतिरिक्त मानव संसाधन के रूप में एक सलाहकार, चार मलेरिया टेक्निकल सुपरवाइजर तथा 112 कम्युनिटी हेल्थ वालंटियर तैनात किए गए हैं।

    दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

    बिरसा एवं बैहर विकासखंडों में 6 मोबाइल मेडिकल यूनिट तैनात की गई हैं। इन मोबाइल इकाइयों के माध्यम से बुखार स्क्रीनिंग, ओपीडी, एएनसी/पीएनसी सेवाएं, एनसीडी एवं टीबी स्क्रीनिंग, दवा वितरण और स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों में स्क्रीनिंग गतिविधियों का विस्तार लगभग 50 गांवों तक किया गया है तथा 10 से अधिक चिकित्सक एवं CHO मैदानी स्तर पर सेवाएं दे रहे हैं। कुंडेकसा विद्यालय में अस्थायी अस्पताल एवं स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्था भी की गई है। बिरसा एवं बैहर क्षेत्र में जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए 600 से अधिक जल स्रोतों को शुद्ध किया गया है। स्कूलों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा समुदाय स्तर पर स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के संबंध में जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

    स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ी

    जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 51 नए बॉन्ड डॉक्टर जॉइन कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त एएनएम, सीडीपीओ एवं सुपरवाइजर सहित आवश्यक मैदानी मानव संसाधन की तैनाती की गई है।

    बालाघाट इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान से स्वास्थ्य अधोसंरचना को मिलेगी मजबूती

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के द्वारा बालाघाट इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान के अंतर्गत ₹332 करोड़ लागत के विशेष प्रावधान किए जा रहे हैं। इसमें विभिन्न विभागों द्वारा बालाघाट में सुविधाओं एवं अधोसंरचनाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। योजना अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने तथा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करने का कार्य भी किया जाएगा। योजना के अंतर्गत 22 उप स्वास्थ्य केंद्रों/आयुष्मान आरोग्य केंद्रों में मरम्मत एवं आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी। दुर्गम क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त मोबिलिटी सहायता राशि का प्रावधान किया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विठती तथा सानमुद्दा को 30-बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन तथा घुम्मूर एवं पाथरी के दो उप स्वास्थ्य केंद्रों को 6-बिस्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने की कार्यवाही की जा रही है। इसके साथ ही 2 नई मोबाइल मेडिकल यूनिट स्वीकृत की गई हैं तथा 10 नवीन उप स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना का प्रावधान किया गया है। दूरस्थ क्षेत्रों में आवश्यक दवाओं एवं अन्य स्वास्थ्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी प्रोत्साहन आधारित व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं।

    महिला एवं बाल स्वास्थ्य पर विशेष फोकस

    कलेक्टर बालाघाट कुमार सत्यम ने महिला एवं बाल स्वास्थ्य से जुड़े किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं का एएनसी चेकअप बढ़कर 90 प्रतिशत हो गया है। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की पहचान कर उनका नियमित फॉलोअप किया जा रहा है तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जा रहा है। आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसी कारणवश बच्चे आंगनवाड़ी केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, तो उनके घरों तक हॉट कुक्ड मील पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और नियमित निगरानी पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

     

  • मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का आगाज आज, CM मोहन यादव और गडकरी करेंगे शुभारंभ

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का आगाज आज, CM मोहन यादव और गडकरी करेंगे शुभारंभ

    आज से प्रदेश में प्रारंभ होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा'

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय मंत्री  नितिन गडकरी दिखाएंगे बसों को हरी झंडी

    संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा एवं कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा ने लिया तैयारियों का जायजा

    मंच, बैठक, ट्रैफिक एवं अन्य नागरिक सुविधाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

    भोपाल 

        भोपाल में 25 सितंबर को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी बीएचईएल दशहरा मैदान से ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के अंतर्गत नई सार्वजनिक यात्री बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस सेवा का मुख्य उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ सुगम, सुरक्षित और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।

        राजधानी भोपाल के बीएचईएल दशहरा मैदान में 25 सितंबर को आयोजित होने जा रहे ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारियों का गुरूवार को संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा एवं कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा ने निरीक्षण कर जायजा लिया। अधिकारियों ने संपूर्ण कार्यक्रम परिसर का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था, सीटिंग प्लान और नागरिक सुविधाओं की समीक्षा की तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियों के अनुरूप समय-सीमा में उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के निर्देश दिए।

    मंच, बैठक और यातायात व्यवस्था रहे सुचारू

        स्थल निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त श्री शर्मा एवं कलेक्टर श्री मिश्रा ने कार्यक्रम स्थल पर मंच व्यवस्था, विशिष्ट अतिथियों एवं आमजनों के बैठने के लिए सुव्यवस्थित बैठक व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, शौचालय चलित प्रसाधन, पार्किंग एवं ट्रैफिक प्रबंधन को उत्कृष्ट करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने निर्देशित किया कि बीएचईएल दशहरा मैदान की ओर आने-जाने वाले मार्गों पर ट्रैफिक का सुचारू संचालन रहे, जिससे आम नागरिकों एवं आगंतुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

        ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के अंतर्गत शुरू होने वाली नई बसों का संचालन आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए परिवहन विभाग ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। सड़कों पर दौड़ने वाली इन बसों की कमान एडवांस तकनीक से प्रशिक्षित चालकों के हाथों में होगी। ड्राइवरों को सीएनजी एवं इलेक्ट्रिक बसों की उन्नत तकनीक, सुचारू संचालन और सुरक्षा मानकों से भली-भांति परिचित कराने के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

    पैनिक बटन और जीपीएस तकनीक से मिलेगी लाइव लोकेशन

        यात्रियों—विशेषकर महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों—की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सभी सार्वजनिक बसों में पैनिक बटन और जीपीएस (GPS) प्रणाली स्थापित की गई है। जीपीएस के माध्यम से कंट्रोल रूम द्वारा बसों की लाइव लोकेशन पर सतत् निगरानी रखी जाएगी, वहीं किसी भी आपात स्थिति में पैनिक बटन यात्रियों की त्वरित सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

    वर्ष 2031 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य, ट्रेनिंग सेंटरों का होगा विस्तार

        राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में सार्वजनिक परिवहन का व्यापक विस्तार करते हुए वर्ष 2031 तक प्रदेश में बसों की संख्या 15 हजार तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 2,500 से 3,000 नई बसें बेड़े में जोड़ी जाएंगी। सुरक्षित ड्राइविंग के लिए चालकों को प्रशिक्षण देने हेतु इंदौर और छिंदवाड़ा में 'इन्स्टिट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर' (IDTR) क्रियाशील हैं। इसके अतिरिक्त भोपाल, बैतूल, छतरपुर, उज्जैन एवं ग्वालियर में 5 रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर तथा जिला स्तर पर 22 नए ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर जल्द ही स्थापित किए जाएंगे।
     

  • छात्र हितों की रक्षा और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शासन प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    छात्र हितों की रक्षा और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शासन प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    भोपाल

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि राज्य शासन के लिए छात्र हित सर्वोपरि है। इसी भावना के साथ शासन ने नर्सिंग विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए माननीय उच्च न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती से रखा है। विद्यार्थियों की शिक्षा और उनके भविष्य की राह में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए राज्य शासन संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

     उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा बी.एससी. नर्सिंग के 15 हजार से अधिक विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। साथ ही लगभग 28 हजार विद्यार्थियों की आगामी परीक्षा भी शीघ्र आयोजित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि छात्र हितों की रक्षा और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शासन सदैव प्रतिबद्ध है। 

      उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा बी.एससी. नर्सिंग द्वितीय वर्ष परीक्षा – मार्च 2026, बी.एससी. नर्सिंग तृतीय वर्ष परीक्षा – जनवरी 2026 के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए हैं।

  • मानवता का महापर्व – विशाल रक्तदान शिविर – संत निरंकारी सत्संग भवन, बैरागढ़ में शनिवार को

    मानवता का महापर्व – विशाल रक्तदान शिविर – संत निरंकारी सत्संग भवन, बैरागढ़ में शनिवार को

    मानवता का महापर्व – विशाल रक्तदान शिविर – संत निरंकारी सत्संग भवन, बैरागढ़ में शनिवार को

    भोपाल 

    सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आशीर्वाद से संत निरंकारी चेरीटेबल फाउण्डेशन के तहत 26 सितम्बर शनिवार को प्रातः 9 बजे से सांय 5:00 बजे तक मानवता का महापर्व – विशाल रक्तदान शिविर संत निरंकारी सत्संग भवन, स्काईलैंड गार्डन के पास, बैरागढ़ में शासकीय हमीदिया ब्लड बैंक के सहयोग से आयोजित किया गया है। 

    शनिवार को आयोजित होने वाले इस मानवता के महापर्व के लिए ब्रांच संयोजक श्री महेश वीधानी द्वारा सभी से आग्रह किया गया है कि इस मानवता के परोपकार वाली सेवा में सहभागी बनकर स्वयं तो रक्तदान करें एवं दूसरों को भी रक्तदान करने के लिए प्रेरित करें, क्योकि आपके द्वारा दिया गया एक यूनिट रक्त किसी पीड़ित की जान बचा सकता है और जो रक्तदान करता है, निश्चित रूप से उनकी पीढ़ियां सुखों की भागी बनती है।

    संयोजक श्री वीधानी ने बताया कि इस  दुनिया में ऐसी कोई फैक्ट्री नहीं है जिसमें रक्त निर्मित होता हो, यह सौगात केवल और केवल मानव शरीर को ही प्राप्त है और यह सही अवसर है कि हम रक्तदान करके किसी को जीवन दान दे सकते है ‌। सतगुरु द्वारा दिये गये संदेश मानवता की सेवा में प्रतिपल समर्पित हों हमारा जीवन, ऐसी ही भावना से युक्त जीवन हम सभी ने जीना है। "रक्त नाड़ियों में बहे- नालियों में नहीं"  को चरितार्थ करना है।

    उल्लेखनीय है कि संत निरंकारी मिशन बैरागढ़ ब्रांच द्वारा वर्ष 2012 से निरंतर प्रतिवर्ष रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।  वर्ष 2023 में मिशन की बैरागढ़ ब्रांच द्वारा 601 यूनिट, वर्ष 2024 में 485 यूनिट  और वर्ष 2025 में 505 यूनिट का रक्तदान किया गया था।

    शनिवार को आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर की सुंदर व्यवस्थाएं संचालक अशोक नाथानी, संचालिका निशा टेकवानी, शिक्षक विजय कृपलानी, शिक्षिका सुषमा ग्वालानी, सहायक शिक्षक विजय नाथानी सहित सेवादल के भाई-बहनों द्वारा की जाएगी।
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  • MP में नई परिवहन सेवा की शुरुआत, मोहन यादव और नितिन गडकरी करेंगे शुभारंभ

    MP में नई परिवहन सेवा की शुरुआत, मोहन यादव और नितिन गडकरी करेंगे शुभारंभ

    मध्यप्रदेश में 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा शुरू होगी. 15 हजार बसों, PPP मॉडल, GPS-CCTV, डिजिटल ट्रैकिंग और EV-CNG बसों की योजना है। 

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नए सिरे से मजबूत करने की तैयारी है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ऐलान किया है कि आने वाली तारीख 25 सितंबर से 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' शुरू की जाएगी. करीब दो दशक बाद प्रदेश में राज्य परिवहन व्यवस्था को नए मॉडल के साथ फिर से खड़ा करने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है। 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी आज 25 सितंबर को बीएचईएल दशहरा मैदान भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत सावर्जनिक यात्री बसों के संचालन का शुभारंभ करेंगे।

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत शुरू होने वाली इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों के संचालन को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में परिवहन विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। इसके अंतर्गत सड़कों पर दौड़ने वाली बसों का स्टेयरिंग एडवांस तकनीक से प्रशिक्षित ड्राइवरों के हाथों में होगा। इसके लिए बस चालकों को इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों की तकनीक, संचालन और सुरक्षा मानकों से परिचित कराने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे नई तकनीक वाली बसों का सुरक्षित और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

    पैनिक बटन और जीपीएस से बढ़ेगी सुरक्षा
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में यात्रियों की सुरक्षा और बसों की निगरानी के लिए तकनीक का उपयोग किया जाएगा। बसों में पैनिक बटन और जीपीएस की सुविधा रहेगी। जीपीएस के माध्यम से बसों की लाइव लोकेशन की निगरानी की जा सकेगी। पैनिक बटन आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में काम करेगा।

    मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित यात्री परिवहन विजन समिट-2026 के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य नागरिकों को सरल, सुरक्षित, आधुनिक और भरोसेमंद बस सेवा उपलब्ध कराना है. सरकार की योजना में भविष्य में प्रदेश में करीब 15 हजार बसों के संचालन की क्षमता विकसित करने की बात कही गई है। 

    20 साल बाद नई व्यवस्था के साथ बस सेवा की वापसी

    150 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट रूट का प्लान
    परिवहन सचिव मनीष सिंह के मुताबिक, प्रदेश के सभी 55 जिलों में रूट सर्वे किया जा चुका है. डेटा के आधार पर करीब 150 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट रूट विकसित किए जाने की योजना है। 

    बसों में CCTV, GPS, पैनिक बटन और रियल टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा होगी. साथ ही EV और CNG बसों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। 

    सरकार की व्यवस्था के तीन प्रमुख स्तंभ होंगे 

        PPP मॉडल के तहत बस संचालन
        Intelligent Transport Management System (ITMS)
        आधुनिक बस टर्मिनल, बस स्टैंड, डिपो और बस स्टॉप का विकास

    सरकार का लक्ष्य है कि यात्रियों को 'सही बस, सही मार्ग और सही समय' के आधार पर भरोसेमंद परिवहन सेवा मिल सके। 

    भोपाल-इंदौर में Rapido के साथ पायलट प्रोजेक्ट
    समिट के दौरान MPYPIL और Rapido के बीच फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एमओयू भी हुआ. इसके तहत बस स्टैंड, बस स्टॉप और मेट्रो स्टेशन जैसी परिवहन सुविधाओं की जानकारी Rapido के तकनीकी प्लेटफॉर्म से जोड़ी जाएगी। 

    महिलाओं की संचालित Rapido Pink बाइक-टैक्सी सेवा को भी बढ़ावा देने की योजना है. शुरुआती चरण में यह व्यवस्था भोपाल और इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू की जाएगी। 

    15 हजार बसों के साथ रोजगार के अवसर
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 5 लाख किमी का सड़क नेटवर्क है और यहां 15 हजार से अधिक बसें चलाने की संभावना है. प्रदेश में आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन को बेहतर करना सरकार के लिए चुनौती के साथ बड़ा अवसर भी है. उन्होंने निजी बस ऑपरेटरों, बस निर्माता कंपनियों, इंडस्ट्री पार्टनर्स और अन्य हितधारकों से मध्यप्रदेश की इस विकास यात्रा में भागीदार बनने की अपील की। 

    मुख्यमंत्री के मुताबिक नई बस सेवा से यात्रियों के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। 

    ई-बस और ग्रीन मोबिलिटी पर जोर
    नई परिवहन व्यवस्था में पर्यावरण-अनुकूल तकनीक को भी प्राथमिकता दी जा रही है. इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि PPP मॉडल पर तैयार होने वाला क्लीन और सेफ बस सिस्टम गांवों को शहरों से जोड़ेगा। 

    वहीं, एका मोबिलिटी के अध्यक्ष सुधीर मेहता ने बताया कि कंपनी पीथमपुर में अपना इलेक्ट्रिक बस निर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है. इस प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 5 हजार ई-बसों की बताई गई है। 

    MP Mobility Innovation Challenge भी लॉन्च
    समिट में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने MP Mobility Innovation Challenge 2026 की भी शुरुआत की. इसका उद्देश्य प्रदेश की वास्तविक परिवहन समस्याओं के समाधान के लिए नई तकनीक और इनोवेशन तलाशना है। 

    चैलेंज में पांच प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस रहेगा

        AI और डेटा आधारित इंटेलिजेंट मोबिलिटी
        वित्तीय और परिचालन स्थिरता
        समावेशी मोबिलिटी
        इंफ्रास्ट्रक्चर और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी
        ग्रीन मोबिलिटी

    इस पहल के जरिए स्टार्टअप, MSME, शोधकर्ता, शैक्षणिक संस्थान और नवप्रवर्तक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने में भाग ले सकेंगे। 

    25 सितंबर को मिलेगा ‘प्रदेश की अपनी बस सेवा’ का तोहफा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान शुरू होगा और 25 सितंबर को प्रदेशवासियों को मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के जरिए ‘प्रदेश की अपनी बस सेवा’ की सौगात मिलेगी। 

    इस योजना के जरिए सरकार सार्वजनिक परिवहन को सिर्फ बसों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे डिजिटल, सुरक्षित, तकनीक-सक्षम, पर्यावरण-अनुकूल और यात्री-केंद्रित व्यवस्था के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है। 

    7 शहरों की 351 बसों को दिखाई जाएगी हरी झंडी
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत प्रथम चरण में प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों की बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसमें इदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड शामिल है। इंदौर में 145 बस, जिसमें 50 इंटरसिटी, 95 इंट्रासिटी, भोपाल के लिए 106 बसें, जिसमें 23 इंटरसिटी, 83 इंट्रासिटी, जबलपुर के लिए 67 बसें, जिसमें 14 इंटरसिटी, 53 इंट्रासिटी। रीवा की 18 इंटरसिटी बस, देवास की 10 इंटरसिटी बस, कटनी की 3 और भिंड की 2 इंटरसिटी बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।

    लगभग 15,000 सार्वजनिक बसें की जाएंगी संचालित
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत वर्ष 2031 तक 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़कर ग्रामीण कनेक्टिविटी को नई मजबूती दी जाएगी। प्रदेशभर में लगभग 15,000 से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी। इससे प्रतिदिन 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्रदान होगी। साथ ही 180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड्स, टर्मिनल्स और डिपो का कायाकल्प किया जाएगा।

    इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत प्रदेश में इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। इससे शहरों के बीच आवागमन के साथ ही शहरों के भीतर सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएं बढ़ेंगी। सेवा का उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ सुगम, सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। इंटरसिटी बसें दो या दो से अधिक शहरों को जोड़ेंगी, जबकि इंट्रासिटी बसें शहरों के भीतर चलेंगी।
    साल-दर-साल बढ़ेगी बसों की संख्या, वर्ष 2031 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य

    राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत अगले पांच वर्षों में सार्वजनिक परिवहन सेवा का विस्तार करते हुए बसों की संख्या 15 हजार तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए परिवहन विभाग द्वारा चरणबद्ध कार्य योजना भी तैयार की गई है। इसके अनुसार प्रतिवर्ष 2500 से तीन हजार नई बसें जोड़ी जाएंगी। सार्वजनिक परिवहन के दायरे का विस्तार होने के साथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में यात्रियों के लिए आवागमन के अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।

    चालकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण, नए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर जल्द होंगे तैयार
    प्रदेश में वाहन चालकों को आधुनिक बसों की सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए इंदौर और छिंदवाड़ा में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहां वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में 5 रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर भी जल्द तैयार हो जाएंगे। ये सेंटर भोपाल, बैतूल, छतरपुर, उज्जैन और ग्वालियर में स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा जिला स्तर पर 22 ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर भी जल्द तैयार किए जाएंगे। इन प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से वाहन चालकों को आधुनिक तकनीक, सुरक्षा मानकों तथा इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों के संचालन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

     

    इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर
    प्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा।

    इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम से की जाएगी निगरानी
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत संचालित बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) एवं उसकी 7 सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन सेंटरों के माध्यम से बसों के संचालन, लोकेशन, समयबद्धता एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

    निजी ऑपरेटरों की भी बढ़ेगी भागीदारी
    जन-निजी भागीदारी को गति देने के लिए पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएगी। इस मॉडल से निजी बस ऑपरेटरों को राजस्व रिसाव रोकने, नॉन-फेयर रेवेन्यू (जैसे विज्ञापन व कार्गो सेवाएं) बढ़ाने और आधुनिक डिपो व टर्मिनलों के उपयोग की सुविधाएं मिलेंगी साथ ही प्रशासन का पूर्ण सहयोग भी मिलेगा।

    परिवहन क्षेत्र में रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
    प्रदेश में सुगम यात्री परिवहन सेवा शुरू होने से परिवहन क्षेत्र में रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। यात्री परिवहन के विस्तार से प्रदेश में बस संचालन, वाहन निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सेवाओं और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे परिवहन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।