Category: मध्य प्रदेश

  • Hurun 2026 में इंदौर का दबदबा, विनोद अग्रवाल देश में 365वें सबसे अमीर

    Hurun 2026 में इंदौर का दबदबा, विनोद अग्रवाल देश में 365वें सबसे अमीर

    इंदौर
     इंदौर के प्रमुख कारोबारी व उद्यमी विनोद कुमार अग्रवाल हुरून रिच लिस्ट 2026 में मप्र के सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में शीर्ष स्थान पर हैं। हुरून इंडिया द्वारा जारी सूची में देश के अमीरों की सूची में वे 365वें स्थान पर हैं।

    10 हजार करोड़ से ज्यादा संपत्ति के मालिक
    इस सूची के मुताबिक अग्रवाल की संपत्ति में पिछले वर्ष की तुलना में 700 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। उनकी संपत्ति 9500 करोड़ रुपये से बढ़कर 10,200 करोड़ रुपये हुई है। हुरून इंडिया की सूची में इंदौर व भोपाल के एक दर्जन उद्यमी शामिल हैं।

    ‘इंदौर में उद्यमियों के लिए लगातार बढ़ रहे अवसर’
    अग्रवाल कोल के संचालक विनोद कुमार अग्रवाल ने बताया कि मेरा विजन है कि इंदौर में ज्यादा से ज्यादा उद्यमी इस सूची में शामिल हों। इस तरह इंदौर का नाम देश-दुनिया में ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। इंदौर शहर लगातार बढ़ रहा है। यहां पर नए उद्यमियों व व्यवसाय के लिए अधिक अवसर उपलब्ध हैं।

    इंदौर के विकास में रियल एस्टेट के माध्यम से योगदान दे रहे हैं। इसके माध्यम से हम इंदौर में ऐसे प्रोजेक्ट तैयार कर रहे हैं, जिससे व्यवसायिक अवसर तैयार हों, जो इंदौर को देश के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सामने रखें।

    हुरून इंडिया की सूची में प्रदेश के कारोबारी

    इंदौर के कारोबारी व उद्यमी
    नाम — रैंक
    विनोद कुमार अग्रवाल — 365
    अनुराग मूंदड़ा — 665
    दिनेश पाटीदार — 941
    नितिन अग्रवाल — 1139
    सुनील चौरड़िया — 1276
    विमल तोड़ी — 1425

    भोपाल के कारोबारी व उद्यमी

    दिलीप सूर्यवंशी — 852
    देवेंद्र जैन — 1112
    अनिल बंसल — 1139
    सुनील बंसल  — 1139
    सुधीर कुमार अग्रवाल  — 1276
    सुधीर अग्रवाल  — 1607

     

  • सेवा संकल्प अभियान में PM मोदी का वर्चुअल संवाद, MP के उद्यमिता मॉडल पर कही बड़ी बात

    सेवा संकल्प अभियान में PM मोदी का वर्चुअल संवाद, MP के उद्यमिता मॉडल पर कही बड़ी बात

     देवास
     सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत बागली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पुंजापुरा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से हितग्राहियों एवं उपस्थित जनसमुदाय से संवाद किया।

    प्रधानमंत्री ने युवाओं से बात कर सेवा कार्यों में उन्हें क्या अनुभव मिला, यह जाना। इससे उन्होंने क्या सीखा। उन्होंने युवाओं से वॉट्सएप ग्रुप बनाने की बात कही ताकि लोगों तक उनके काम पहुंचे। इसके साथ ही इंस्टाग्राम और फेसबुक पर इसे शेयर करने को कहा।

    देवास जिले के पुंजापुरा में यात्रा के दौरान आये शाजापुर जिले के दीपेश गोटी से भी प्रधानमंत्री ने किया संवाद किया। प्रधानमंत्री ने गोटी से पूछा कि वडनगर में किसी से पहचान बनाई है या नहीं, इस पर गोटी ने अपनी कपड़े की दुकान के संबंध में जानकारी दी और बताया कि व्यापारियों से पहचान यात्रा के दौरान बनाई है।

    गोटी की इस बात पर प्रधानमंत्री ने मजाकिया अंदाज में कहा कि आपने गुजराती ओर मारवाड़ियों को भी पीछे छोड़ दिया और सेवा के साथ काम भी कर लिया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के युवा भी व्यापार-कारोबार में रुचि ले रहे हैं, यह अच्छी बात है।

    उन्होंने कहा- मध्य प्रदेश एंटरप्रेन्योरशिप में बहुत आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में माय प्रॉमिस मोदी जी के भाजयुमो अभियान की पीएम मोदी को जानकारी दी गई।प्रधानमंत्री ने कहा- वडनगर और वाराणसी पौराणिक ऐतिहासिक शहर हैं। दोनों शहर हजारों साल से जीवंत है। एक मेरी जन्मभूमि तो दूसरी कर्मभूमि है।

    उल्लेखनीय है कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत वडनगर से वाराणसी तक जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। 22 सितंबर को यात्रा ने डबलचौकी से देवास में प्रवेश किया। अगला पड़ाव पुंजापुरा गांव हैं, जहां प्रधानमंत्री वर्चुअली संवाद किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल रहे।

     उन्होंने युवाओं से वॉट्सएप ग्रुप बनाने की बात कही ताकि लोगों तक उनके काम पहुंचे। इसके साथ ही इंस्टाग्राम और फेसबुक पर इसे शेयर करने को कहा।  देवास जिले के पुंजापुरा में यात्रा के दौरान आये शाजापुर जिले के दीपेश गोटी से भी प्रधानमंत्री ने किया संवाद किया। प्रधानमंत्री ने गोटी से पूछा कि वडनगर में किसी से पहचान बनाई है या नहीं, इस पर गोटी ने अपनी कपड़े की दुकान के संबंध में जानकारी दी और बताया कि व्यापारियों से पहचान यात्रा के दौरान बनाई है।

    उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के युवा भी व्यापार-कारोबार में रुचि ले रहे हैं, यह अच्छी बात है। मध्य प्रदेश एंटरप्रेन्योरशिप में बहुत आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में माय प्रॉमिस मोदी जी के भाजयुमो अभियान की पीएम मोदी को जानकारी दी गई।प्रधानमंत्री ने कहा- वडनगर और वाराणसी पौराणिक ऐतिहासिक शहर हैं। दोनों शहर हजारों साल से जीवंत है। एक मेरी जन्मभूमि तो दूसरी कर्मभूमि है।

    उल्लेखनीय है कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत वडनगर से वाराणसी तक जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। 22 सितंबर को यात्रा ने डबलचौकी से देवास में प्रवेश किया। अगला पड़ाव पुंजापुरा गांव हैं, जहां प्रधानमंत्री वर्चुअली संवाद किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल रहे।

  • MP Weather: पूर्वी हिस्से में अति भारी बारिश का अलर्ट, 25-26 सितंबर को एक्टिव होगा सिस्टम

    MP Weather: पूर्वी हिस्से में अति भारी बारिश का अलर्ट, 25-26 सितंबर को एक्टिव होगा सिस्टम

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू होने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब के प्रभाव से प्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय हो रहा है। 25 और 26 सितंबर को इसका ज्यादा असर रहने की संभावना है, जबकि पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट बताया गया है।

    आज इन 10 जिलों में तेज बारिश का अनुमान
    गुरुवार को छतरपुर, पन्ना, सतना, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश का अनुमान है।वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर समेत कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    25-26 सितंबर को बढ़ेगा बारिश का असर
    मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ अवदाब अगले 24 घंटे के बाद और मजबूत हो सकता है। इसके प्रभाव से मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।खासकर पूर्वी हिस्से में 25 और 26 सितंबर को भारी से अति भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।

    भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बंगाल की खाड़ी में नया मौसमी सिस्टम एक बार फिर राज्य में मानसूनी गतिविधियां बढ़ा रहा है. आज पूर्वी जिलों में इसका खासा असर देखने को मिलेगा. शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सतना, पन्ना और छतरपुर में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना बन रही है. इन सभी जिलों में 64.5 मिमी से लेकर 115.5 मिमी तक वर्षा दर्ज की जा सकती है. तीव्र वर्षा के चलते निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है. नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है. IMD ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. प्रभावित जिले वासियों को सावधानीपूर्वक यात्रा करने की सलाह दी है। 

    शेष जिलों में हल्की से मध्यम बारिश
    वहीं मध्य प्रदेश के शेष जिलों में आज कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं. प्रदेश के लगभग सभी जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवा चलने का अनुमान भी जताया गया है. इस दौरान खुले में, टिन शेड, हल्की नुकीली या धारदार वस्तुओं आदि के आसपास न खड़े हों। 

    मध्य प्रदेश में अब तक 34.2 इंच बारिश
    गौरतलब है कि इस सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक 34.2 इंच बारिश हुई है. सामान्य से 6 फीसदी कम वर्षा दर्ज हुई है. बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से अगले चार दिन प्रदेश में तेज बारिश के आसार हैं. कई जिलों में गरज-चमक के साथ बरसात होगी. प्रदेश के 100 से ज्यादा शहरों-कस्बों में बारिश हो सकती है. पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में अब भी बारिश का कोटा अधूरा है. भोपाल समेत 23 जिलों में औसत से अधिक बारिश हुई है. कई क्षेत्रों में मानसून के आंकड़ों में सुधार हुआ है लेकिन मानसून जून की कमी पूरी नहीं कर सका. जुलाई-अगस्त का कोटा पूरा हो चुका है. भोपाल में लगातार चौथे साल सितंबर में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है. बड़े तालाब का जलस्तर भी बढ़ गया है। 

    34.3 इंच बारिश, कोटे का 91.9% पूरा
    मध्यप्रदेश में अब तक औसतन 34.3 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। यह सामान्य बारिश के कोटे का करीब 91.9 प्रतिशत है। मानसून सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है।राजस्थान के कई हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है और मध्यप्रदेश में भी सितंबर के आखिरी सप्ताह से मानसून विदाई की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

    बुधवार को भी कई जिलों में तेज बारिश
    इससे पहले बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई। भोपाल में रुक-रुककर कभी तेज तो कभी हल्की बारिश दर्ज की गई। नर्मदापुरम के इटारसी में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। इसके अलावा खंडवा, टीकमगढ़ समेत कई जिलों में भी बारिश दर्ज की गई।

     

  • सागर शराब कांड: पुलिस मुठभेड़ में इनामी आरोपी गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

    सागर शराब कांड: पुलिस मुठभेड़ में इनामी आरोपी गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

     सागर
     जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपितों में से एक मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर को  तड़के एक संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। मुठभेड़ में पुलिस की गोली मनीष के पैर में लगी। पुलिस के मुताबिक यह मुठभेड़ मालथौन थाना क्षेत्र के नोनिया-सेसई रोड घाटी पर हुई। इसमें उसका साथी आशीष साहू भी घायल हुआ है। मनीष की गिरफ्तारी पर पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

    मुखबिर की सूचना पर पुलिस की घेराबंदी
    पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि मनीष लोधी और आशीष साहू बाइक से मड़ावरा-नोनिया क्षेत्र की ओर आ रहे हैं। सूचना पर थाना बंडा और विनायका पुलिस की टीमों ने घेराबंदी की। बुधवार सुबह करीब तीन बजे दोनों आरोपित बाइक से आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने को कहा तो आरोपितों की ओर से पुलिस टीम पर फायर किया गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोलियां चलाईं, जिसमें से एक गोली आरोपित मनीष लोधी के पैर में लगी। उसका साथी आशीष साहू भागते समय गिरने से चोटिल हो गया।

    कट्टा-कारतूस-चाकू जब्त
    पुलिस टीम ने मनीष के पास से 12 बोर का देसी कट्टा और आशीष के पास से 15 बोर का कट्टा, एक जिंदा कारतूस, आठ खाली कारतूस, चाकू, बेसबाल का डंडा बरामद किया है। उनकी बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पुलिस ने दोनों को घायल हालत में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया है।

    जहरीली शराब से हुईं 40 से ज्यादा मौतें
    बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से अब तक 41 लोगों की मौत की बात सामने आ चुकी है। प्रशासन ने 20 मौतों की बात स्वीकार की है। पुलिस ने इस मामले में कुल 52 आरोपितों को चिह्नित किया है। इनमें से अब तक 39 की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें शराब बनाने वाले और गांव में अवैध शराब बेचने वाले दो आरोपितों की मौत भी जहरीली शराब पीने के कारण हो चुकी है।

    जहरीली शराब कांड के सूत्रधारों में से एक
    पुलिस ने बताया कि मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर शराब ठेकेदार था। जहरीली शराब बनाने और बेचने के धंधे के मुख्य सूत्रधारों में उसकी भूमिका थी। मनीष ने ही अपने नेटवर्क के जरिए नकली शराब को सरकारी ठेकों और गांव-गांव की दुकानों तक पहुंचाया था। आशीष साहू इसमें उसका सहयोगी था।

    मनीष पर पहले से 11 मामले
    पुलिस के अनुसार मनीष लोधी के खिलाफ कुल 11 अपराध दर्ज हैं। वर्ष 2010 में उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम का पहला मामला दर्ज हुआ था। वर्ष 2012 में भी वह शराब तस्करी के मामले में पकड़ा गया था। उसके खिलाफ छह आबकारी प्रकरण दर्ज हैं। वहीं आशीष साहू के खिलाफ तीन आबकारी अपराध दर्ज होना सामने आया है।

     

  • MP में अनुकंपा नियुक्ति की रफ्तार तेज, 600 परिवारों को मिले जॉइनिंग लेटर

    MP में अनुकंपा नियुक्ति की रफ्तार तेज, 600 परिवारों को मिले जॉइनिंग लेटर

    भोपाल
     मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों पर स्कूल शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण और बड़ा कदम उठाया है. लंबे समय से लंबित 859 अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में त्वरित निस्तारण करते हुए शिक्षा विभाग ने दो दिनों में 600 अनुकंपा नियुक्ति देने के आदेश जारी किए हैं. स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा "बाकी बचे 30 आदेश भी अगले दो दिन के भीतर जारी कर दिए जाएंगे. नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद अभ्यर्थियों को जल्द जॉइनिंग लेने के निर्देश दिए गए हैं। 

    859 में से 600 अनुकंपा नियुक्ति आदेश जारी
    स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से अटके पड़े अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में आदेश जारी करने में तेजी दिखाई गई है. स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा, "संवेदनशीलता से समाधान, परिवारों को आर्थिक संबल. मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों के त्वरित निराकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संवेदनशील पहल एवं अपेक्षा के अनुरूप लगभग 859 लंबित प्रकरणों में से 600 अनुकंपा नियुक्ति आदेश विगत दो दिवस में जारी किए जा चुके हैं। 

    अगले दो दिन में जारी हो जाएंगे 30 और आदेश
    स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर आगे लिखा, "लगभग 30 और आगामी दो दोनों में जारी किए जाएंगे. शेष प्रकरणों में भी पूरी संवेदनशीलता के साथ आवश्यक विकल्पों पर विचार किया जा रहा है. हमारा प्रयास है कि दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को समय पर आर्थिक संबल और सम्मानजनक जीवन का आधार मिल सके। 

    स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से 859 अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण लंबित थे. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों की बैठक बुलाई. इससे पहले ही स्कूल शिक्षा विभाग सक्रिय हुए और बीत दो दिन में 600 अनुकंपा नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए. इसके लिए मंगलवार शाम से देर रात तक दस्तावेजों की जांच और नियुक्ति आदेश जारी करने का काम जारी था। 

  • Bhopal Master Plan 2047: 24 मीटर सड़क पर ही मिक्स्ड लैंड यूज, दुकानों के नियम बदलेंगे

    Bhopal Master Plan 2047: 24 मीटर सड़क पर ही मिक्स्ड लैंड यूज, दुकानों के नियम बदलेंगे

    भोपाल 
    भोपाल में रहवासी इलाकों में कमर्शियल गतिविधियों और सीलिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को करीब 3 घंटे सुनवाई हुई। कोर्ट ने सीलिंग में लापरवाही पर नाराजगी जताई। कहा- रहवासी इलाकों में कारोबार नहीं होना चाहिए और स्पष्ट रूप से रहवासी उपयोग वाली जगहों पर सीलिंग या डिमोलिशन की कार्रवाई जारी रहेगी।

    कोर्ट ने कहा- जिन जगहों का लैंड यूज स्पष्ट नहीं है या जहां मिक्स्ड लैंड यूज है, वहां कार्रवाई में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। भोपाल में कई जगह निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं होने पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। कोर्ट ने साफ किया कि उसके आदेशों का पालन हर हाल में सुनिश्चित करना होगा।

    इसी सुनवाई में 21 साल से अटके भोपाल के नए मास्टर प्लान के ड्रॉफ्ट को जारी करने की मंजूरी भी मिल गई। सरकार फाइनल प्रकाशन से पहले कोर्ट को इसकी जानकारी देगी। नए मास्टर प्लान के लागू होने तक सीलिंग की कार्रवाई नहीं रुकेगी। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी।

    10 शिकायतें पहुंचीं, शाम को खुल रहे थे सील दुकानें
    सुनवाई से पहले भोपाल के रहवासियों की करीब 10 शिकायतें एमिकस क्यूरी एके सिन्हा के जरिए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचीं। शिकायतों में कहा गया कि नगर निगम ने अगस्त में जिन प्रतिष्ठानों को सील किया था, उनमें से कई सुबह बंद रहते हैं, लेकिन शाम होते ही दोबारा खुल जाते हैं।

    इन शिकायतों के बाद कोर्ट ने सीलिंग की कार्रवाई में लापरवाही पर नाराजगी जताई। कोर्ट के सामने यह मुद्दा भी आया कि कागजों पर कार्रवाई के बावजूद जमीन पर उसका असर कई जगह दिखाई नहीं दे रहा है।

    अब नई कमेटी नहीं बनेगी
    सुनवाई के दौरान मध्यप्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए केएन नटराजन ने कोर्ट को बताया कि सरकार से इस संबंध में बात हो चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अब कोई नई कमेटी नहीं बनाई जाएगी। सीलिंग की कार्रवाई में रुकावट नहीं डाली जाएगी।

    दरअसल, पहले राज्य सरकार ने सीलिंग से जुड़े मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए कमेटी की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। बाद में कमेटी बनाने को लेकर अवमानना का मुद्दा भी उठा।

    एमिकस क्यूरी एके सिन्हा ने कोर्ट को बताया था कि सरकार की ओर से कमेटी बनाना सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवमानना के दायरे में आता है। सरकार के आश्वासन के बाद कोर्ट ने इसे स्वीकार कर लिया। हालांकि, अवमानना की कार्रवाई होगी या नहीं, यह लिखित आदेश से स्पष्ट होगा।

    1995 के बाद नया मास्टर प्लान नहीं आया
    सरकार ने कोर्ट को बताया कि भोपाल के लिए 1995 के बाद नया मास्टर प्लान नहीं आया। 2005 में लागू किया गया मास्टर प्लान भी अपनी अवधि पूरी कर चुका है। इसके बावजूद शहर का विकास पुराने मास्टर प्लान के आधार पर किया जा रहा है।

    सरकार ने बताया कि नए मास्टर प्लान का ड्रॉफ्ट तैयार है। इसी ड्रॉफ्ट को जारी करने की अनुमति सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी थी, जिस पर कोर्ट ने अनुमति दे दी।

    8,084 प्रतिष्ठानों को मिले थे नोटिस
    सुप्रीम कोर्ट के 5 अगस्त के फैसले के बाद नगर निगम ने रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई शुरू की थी। निगम ने शहरभर में नोटिस बांटे थे। करीब 15 दिन तक नोटिस देने की प्रक्रिया चली।

    नगर निगम की सूची में कुल 62,500 दुकानें दर्ज थे। इनमें से 8,084 दुकानों को नोटिस दिए गए। इसके बाद करीब 190 दुकानों को तीन दिन के लिए बंद या सील किया गया था।

    व्यापारियों के विरोध के बाद 22 दिन से रुकी थी कार्रवाई
    नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया था। विरोध के बाद नगर निगम ने कार्रवाई रोक दी थी। मंगलवार की सुनवाई से पहले करीब 22 दिन से सीलिंग की कार्रवाई नहीं हुई थी।

    याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने नगर निगम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई कार्रवाई रिपोर्ट पर भी आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि निगम ने गलत कार्रवाई दिखाने वाले दस्तावेज कोर्ट में पेश किए और जिन प्रतिष्ठानों को सील किया गया था, वे बाद में दोबारा खुल गए।

    अगस्त में 10 सदस्यीय कमेटी पर लगी थी रोक
    इस मामले में अगस्त की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार की ओर से बनाई गई 10 सदस्यीय जांच कमेटी की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ओर से दुकान संचालकों को दिए गए सभी राहत और स्टे आदेश भी रद्द कर दिए थे।

    सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि उसके निर्देश पर चल रही जांच में किसी तरह का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले की सुनवाई पहले 15 सितंबर को होनी थी, लेकिन उस दिन सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद मंगलवार को कोर्ट में करीब तीन घंटे तक मामले पर सुनवाई हुई।

    नियम तोड़ने पर एक्शन
    नगर निगम की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ढोल ग्यारस को देखते हुए जोन क्षेत्र में निरीक्षण किया। इस दौरान दो स्थानों पर मांस की दुकानें संचालित मिलीं। नगर निगम द्वारा त्योहार के अवसर पर निर्धारित प्रतिबंधों के बावजूद दुकानें खुली मिलने पर टीम ने तत्काल कार्रवाई की। प्रतिबंधित अवधि में दुकान खोलने पर होगी कार्रवाई
    नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि त्योहारों के दौरान निर्धारित नियमों और प्रतिबंधों का पालन कराना निगम की प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान यदि प्रतिबंधित अवधि में मांस की दुकानें खुली मिलती हैं तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जाएगी।

    जोन क्रमांक 11 के स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में मांस विक्रेताओं के बीच भी सतर्कता बढ़ गई है। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में भी क्षेत्र में निरीक्षण जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। 

    अब तक ऐसे रहे मास्टर प्लान के ड्राफ्ट

        अगस्त 2009 में ड्राफ्ट-2021 जारी हुआ। 2008 से तैयारी शुरू हुई। 813.92 वर्ग किमी क्षेत्रफल व 196 गांवों को शामिल किया था। बड़ा तालाब कैचमेंट- एफटीएल और ग्रीन बेल्ट के नियमों व सर्वे में गलतियों से विरोध हुआ। यह अधिसूचित नहीं हो सका। इसे ही नए सिरे से बनाने के लिए 2011 में कमेटी बनाई। बैठकें हुईं, पर 2012 में इसे रद्द कर दिया गया।

        मार्च 2020 में ड्राफ्ट 2031 जारी हुआ। 1016.90 वर्ग किमी क्षेत्रफल प्लानिंग एरिया किया। कोरोना के कारण इस पर सुझाव आपत्ति की समय सीमा बढ़ाई। धारा 19-2 तक कार्रवाई पहुंची। अंतिम नोटिफिकेशन के लिए ड्राफ्ट तैयार था, लेकिन फरवरी 2024 में यह भी रद्द हो गया।

    रहवासियों की शिकायत- शोर, भीड़ और सुरक्षा का मुद्दा
    रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों की मुख्य शिकायत शोर और भीड़ को लेकर है। उनका कहना है कि घरों के आसपास लगातार व्यावसायिक गतिविधियां होने से सार्वजनिक शांति प्रभावित होती है।

    रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया है कि ऐसे इलाकों में भीड़ और आवाजाही बढ़ने से सुरक्षा संबंधी समस्याएं पैदा होती हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों को भी ट्रैफिक और दुर्घटना का खतरा रहता है। इसी वजह से रहवासी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को बंद करानेकी मांग की जा रही है।

     

    सुप्रीम निर्देश… ड्राफ्ट में ये होंगे बदलाव

    -रह ड्राफ्ट में मिक्स्ड लैंड यूज के जो प्रावधान थे, नए में उन्हें ही लिया जाएगा। 24 मीटर चौड़ी रोड पर ही मिक्स्ड लैंडयूज रहेगा। शहर के नए हिस्से में गलियों में दुकानें अवैध रहेंगी।
    -10 नंबर, त्रिलंगा, कोलार का कटियार मार्केट, अवधपुरी के बाजार, इंद्रपुरी के बाजार, अशोका गार्डन 80 फीट रोड से लगी गलियों के बाजार क्षेत्र नियमित नहीं होंगे।

    -पार्किंग का स्पष्ट प्रावधान। अरेरा कॉलोनी समेत अन्य क्षेत्रों में छोटे प्लॉट पर बने नर्सिंग होम, अस्पताल से लेकर शॉपिंग सेंटर्स पर असर पड़ेगा। पार्किंग के लिए अपनी जमीन पर जगह देनी होगी या 500 मीटर के दायरे में व्यवस्था करनी होगी।

    -बेसमेंट में पार्किंग की जगह अन्य उपयोग को अवैध ।

    -हाउसिंग बोर्ड, बीडीए, निगम की 35000 संपत्तियां लीज होल्ड हैं। इनमें व्यावसायिक गतिविधि अमान्य होंगी।

    -लेआउट अप्रूव्ड 2433 कॉलोनी में 5% तक कमर्शियल एक्टिविटी। इसके अतिरिक्त व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगेगी।

    -पुराने शहर के चौक समेत अन्य पुराने बाजारों में दिल्ली की तरह 9 मीटर चौड़ी रोड पर ही कारोबार।
    -33% एरिया ग्रीन रहेगा।

    जनहित में मुख्यमंत्री ने मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी करने का निर्देश दिया है। सुनियोजित शहर और जनता के हित को ध्यान में रखकर बनाए ड्राफ्ट को जल्द जारी किया जाएगा।- कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, आयुक्त सह संचालक, टीएंडसीपी

  • जुआ फड़ से भागे दुकानदार की संदिग्ध मौत, पुलिस पर पिटाई का आरोप

    जुआ फड़ से भागे दुकानदार की संदिग्ध मौत, पुलिस पर पिटाई का आरोप

    जुआ फड़ से भागे दुकानदार की संदिग्ध मौत, पुलिस पर पिटाई का आरोप

    मौत के बाद बाजार बंद, सैकड़ों व्यापारियों ने घेरा थाना; पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    मुरैना
    जौरा में पुलिस को देखकर जुआ फड़ से भागे 37 वर्षीय दुकानदार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान सूरज उर्फ कल्ला गुप्ता निवासी पुराना अस्पताल रोड, जौरा के रूप में हुई है। मौत के बाद परिजनों और व्यापारियों ने पुलिस पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि, पुलिस ने मारपीट के आरोपों से इनकार करते हुए बताया कि युवक जेल रोड पर बेहोशी की हालत में मिला था।

    जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर जौरा पुलिस नकबजनी के एक मामले में संदेही की तलाश में पगारा रोड क्षेत्र में गई थी। पुलिस को संदेही के जेल रोड पर होने की सूचना मिली। पुलिस टीम के पहुंचते ही वहां जुआ खेल रहे लोग भागने लगे। इसी दौरान सूरज उर्फ कल्ला भी भागा और पुलिस के मुताबिक दौड़ते समय जमीन पर गिर गया।
    पुलिस उसे तत्काल सिविल अस्पताल लेकर पहुंची। डॉक्टर अनिल राजपूत ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को डेड हाउस में रखवाकर परिजनों को सूचना दी गई।

    परिजनों ने पुलिस पर लगाए मारपीट के आरोप

    सूरज की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि पुलिस ने सूरज को पकड़कर उसके साथ मारपीट की और पैरों में डंडे मारे। परिजनों ने उसके शरीर पर चोट के निशान होने का भी दावा किया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
    वहीं पुलिस का कहना है कि युवक को जेल रोड पर बेहोशी की हालत में पाया गया था और अस्पताल पहुंचाने के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित किया ।

    मौत के बाद बाजार बंद, थाने का घेराव
    घटना की जानकारी मिलते ही जौरा के व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। और देर रात ही व्यापारियों ने तहसील चौराहे पर प्रदर्शन किया और विरोध में दुकानें बंद कर दीं। इसके बाद रात बड़ी संख्या में व्यापारी जौरा थाने पहुंच गए। व्यापारियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाने का घेराव किया और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।

    विधायक का कहना 
    –पंकज उपाध्याय कांग्रेस विधायक विधानसभा जौरा

    नेहरू मार्केट में पीको सिलाई की दुकान चलाता था सूरज

    सूरज उर्फ कल्ला गुप्ता नेहरू मार्केट में पीको सिलाई की दुकान चलाता था। इसी दुकान से वह अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। बुधवार को वह जेल रोड पर किस वजह से पहुंचा था और जुआ फड़ से उसका क्या संबंध था, इसे लेकर पुलिस जांच कर रही है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गुरुवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मौत की वास्तविक वजह क्या थी और शरीर पर चोट के निशान कैसे आए, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस और परिजनों के दावों के बीच मौत का कारण जांच का विषय बना हुआ है।

    उधर व्यापारी वर्ग की मांग को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक ने भविष्य देने गए पांच पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है। और तीन डॉक्टरों की टीम से वीडियोग्राफी करके पीएम करने के निर्देश दिए हैं। पीएम रिपोर्ट आने के बाद और भी स्थिति साफ हो जाएगी कि आखिर मौत की वजह क्या रही….

  • विकास की नई रफ्तार पर मध्यप्रदेश, बढ़ती निवेश दर से मजबूत हो रही अर्थव्यवस्था

    विकास की नई रफ्तार पर मध्यप्रदेश, बढ़ती निवेश दर से मजबूत हो रही अर्थव्यवस्था

    बढ़ती विकास दर और तेज़ी से बढ़ता निवेश, नयी गति से विकास कर रहा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  भोपाल के एक निजी होटल में प्रतिष्ठित मीडिया समूह द्वारा आयोजित ‘विकसित भारत – बढ़ता मध्यप्रदेश' कॉन्क्लेव को संबोधित किया। कान्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश अब विकास के एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विकास दर दो अंकों में पहुंच गई है और रोजगार के क्षेत्र में भी सकारात्मक स्थिति बनी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब वास्तविक प्रगति कर रहा है। प्रदेश की विकास दर टू-डिजिट में है और इस समय बेरोजगारी की दर न्यूनतम स्तर पर है। बड़ी संख्या में निवेशक मध्यप्रदेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं और प्रदेश में भारी मात्रा में निवेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश बढ़ने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नये अवसर भी तैयार हो रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को अनुकूल वातावरण, आवश्यक सुविधाएं और सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

    कॉन्क्लेव में प्रदेश की आर्थिक प्रगति, निवेश संभावनाओं और रोजगार सृजन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक संसाधन और उपलब्ध संभावनाएं इसे निवेश का महत्वपूर्ण केंद्र बना रही हैं। प्रदेश में बढ़ती औद्योगिक गतिविधियां हमारे आर्थिक बदलाव का बड़ा कारण बनकर उभरीं हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश की सेवा करने का अवसर दिया है, यह मेरा सौभाग्य है। उन्होंने जनकल्याण और सुशासन के बलबूते देश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश भी 2002-03 के बाद सुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अमृतकाल में देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2002-03 तक प्रति व्यक्ति आय मात्र 11 हजार रुपए थी। इसके अगले 20 साल में हमारी सरकार आने पर प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1 लाख 40 हजार रुपए हो गई। उसके बाद हमारी सरकार बनी तो ढाई साल में 1 लाख 57 हजार रुपए हो गई। हमने अमृतकाल में वर्ष 2047 तक प्रति व्यक्ति आय 22 लाख 50 हजार रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। हम दीर्घकालिक विजन के साथ नीतियों का निर्माण कर रहे हैं। सकारात्मक भाव के साथ कार्य कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश ने कई चुनौतियों को समाप्त किया है। बुंदेलखंड में देश की पहली राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना (केन-बेतवा लिंक) और राजस्थान के साथ सालों पुराने जल बंटवारे के विवाद को पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना की सौगात मिली। केन-बेतवा लिंक से बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश के जिलों को पानी मिलेगा, वहीं पीकेसी से राजस्थान और मालवा क्षेत्र के जिले लाभान्वित होंगे। मध्यप्रदेश में पानी की कोई कमी नहीं है। दूसरी चुनौती थी- नक्सलवाद, जिसे हमने प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में समाप्त किया है। मध्यप्रदेश तय समय-सीमा में लाल सलाम को आखिरी सलाम करने वाला देश का पहला राज्य बन चुका है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्याप्त बिजली, उद्योग स्थापित करने के लिए लैंड बैंक, बेहतर कानून व्यवस्था, अपराध मुक्त जीवन पद्धति, श्रमिकों के आंदोलन नहीं होना जैसी विशेषताएं हैं। हमारा प्रदेश कृषि, अनाज उत्पादन और खनन क्षेत्र में अग्रणी है। मध्यप्रदेश हीरा उत्पादक प्रदेश है। यहां टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन और वन्यजीव पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य की समृद्धि के लिए गुजरात मॉडल को हमने मध्यप्रदेश में लागू करने का प्रयास किया है। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए मोदीजी ने नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध का काम तेजी से पूर्ण कराया। जिससे गुजरात के साथ ही मध्यप्रदेश को भी सिंचाई सुविधा और बिजली आपूर्ति का लाभ मिला है। देश में मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जहां बेरोजगारी दर सबसे कम है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आमतौर पर औद्योगिक निवेश का 10 प्रतिशत धरातल पर उतरता है। लेकिन मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जहां पिछले ढाई साल में 30 प्रतिशत निवेश जमीन पर आ चुका है। राज्य में उद्योग अनुकूल 25 नीतियां और पारदर्शी व्यवस्था लागू हैं। मध्यप्रदेश कपास उत्पादन में अग्रणी है। हमने रोजगार आधारित उद्योग स्थापित करने स्टॉफ की सैलरी में 5000 रुपए प्रति महीना वीजीएफ देना शुरू कर दिया है। राज्यों के बीच व्यापार-व्यवसाय और उद्योग स्थापना के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जीआईएस-2025 में आए 30 लाख करोड़ के निवेश में से अब तक 11 लाख करोड़ से अधिक धरातल पर आ चुका है और आगे भी काम तेजी से जारी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के दौर में हमें आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करना चाहिए, लेकिन अगर चैट-जीपीटी, ग्रोक या अन्य प्लेटफॉर्म गलत उत्तर दें, तो उसे सही भी कराना चाहिए। जैसे मैंने चैट-जीपीटी से क्षिप्रा का नाम कालिदास के ग्रंथों के आधार पर 'शिप्रा' कराया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की आबादी 9 करोड़ के आसपास है। सभी नौकरियों की संख्या 10 लाख है। हमारी सरकार बनने के बाद 85 हजार से अधिक शासकीय पदों पर भर्ती की गई। लगभग ढाई लाख लोगों को पदोन्नति दी गई। हर साल लगभग 1 लाख पदों पर भर्ती करने की प्रक्रिया जारी है। हमारे एमएसएमई सेक्टर से 1 करोड़ 20 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है। प्रदेश में लगभग 2 करोड़ किसान खेती से जुड़े हैं। मध्यप्रदेश स्वावलंबन की ओर बढ़ रहा है, हमारे युवा अब रोजगार देने वाले बन रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। देश में तीर्थाटन की पुरानी परंपरा रही है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देवस्थानों को भव्य स्वरूप दिया है। पहले बाबा विश्वनाथ का कारिडोर बना, फिर महाकाल कॉरिडोर का विकास किया गया। श्रीमहाकाल लोक के लोकार्पण के बाद उज्जैन में तीर्थाटन में बड़ा बदलाव आया है। वर्ष 2022 तक उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 60 लाख होती थी, जो पिछले साल बढ़कर 8 करोड़ लोग आए और इस बार 12 करोड़ श्रद्धालुओं के उज्जैन आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि उज्जैन में जब 2028 के सिंहस्थ में 30 से 40 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन आएंगे तो उन्हें कोई कष्ट नहीं होना चाहिए। उज्जैन की कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है। आसपास के शहरों को कनेक्ट करते हुए हाईवे बनाए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य परिवहन की मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बसें प्रारंभ की जा रही हैं। ये नारंगी रंग की बसें देशभर में जाएंगी और मध्यप्रदेश का मान बढ़ाएंगी। इलेक्ट्रिस बसों को रजिस्ट्रेशन में छूट दी जाएगी। प्रदेश में 5 लाख किलोमीटर का विशाल रोड नेटवर्क हैं। लोक निर्माण विभाग ने एक ऐप विकसित किया है, जिसमें गड्ढों की फोटो डालने पर उसे तुरंत ठीक कराया जाता है। हमारी सरकार लगातार लाड़ली बहनों के लिए राशि बढ़ा रही है। अब तक 55 हजार करोड़ रुपए की राशि बहनों को दे चुकी है। बहनों को रोजगार आधारित उद्योग में काम करने पर 5000 रुपए अलग से मिलते हैं। राज्य में तीन साल में बड़ा बदलाव आया है। परिवार की आय और जीवनशैली बदली है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय स्कूल शिक्षा में रोल मॉडल बन चुके हैं। प्राइवेट स्कूलों के बच्चे शासकीय स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं। हमारी सरकार ने स्कूल शिक्षा का बजट बढ़ाकर 38 हजार करोड़ किया है। बोर्ड परीक्षाओं में लगातार तीन साल तक शत-प्रतिशत परिणाम देने वाले शासकीय स्कूलों के शिक्षकों को सरकार सम्मानित कर रही है। बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट में 50 प्रतिशत बच्चे शासकीय स्कूलों से आते हैं। हमारी सरकार ने प्रदेश में जर्जर स्कूलों के लिए फंड जारी कर दिया है। अगले दो साल में प्रदेश का एक भी विद्यालय जर्जर भवन में नहीं लगेगा। बालाघाट से नक्सलवाद खत्म होने के बाद आज हम कोर एरिया में जा पा रहे हैं। ऐसे स्थानों पर सालों से कोई विकास नहीं हुआ था। किसी को टीके नहीं लगाए गए थे। अब जरूरत है, सभी को एक साथ मिलकर काम करें। नदी जोड़ों अभियान 5 साल में हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री मोदी के जीवन का लक्ष्य गरीब के जीवन में उजाला लाना है। हमारी चुनाव प्रक्रिया तो अमेरिका तक पसंद करता है।

    एक निजी प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने अपने दोनों बेटों का विवाह सामूहिक आयोजन में किया। शादियों पर फिजूलखर्ची क्यों होनी चाहिए ? अगर कोई बड़े पद पर बैठा राजनेता अपने परिवार के लिए इस प्रकार के मितव्ययी निर्णय लेता है, तो यह समाज में ज्यादा प्रभावशील होता है।

     

  • सिंहस्थ सेवादूतों को मिलेगी खास ट्रेनिंग, भोपाल में बनेगा नया सेंटर

    सिंहस्थ सेवादूतों को मिलेगी खास ट्रेनिंग, भोपाल में बनेगा नया सेंटर

    सिंहस्थ सेवादूतों के लिए भोपाल में बनेगा अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    ट्रेनिंग सेंटर बनने तक सांदीपनि विद्यालय भवन-परिसरों में होगा सेवादूतों का प्रशिक्षण
    सिंहस्थ : 2028 के लिए 15 हजार से अधिक स्वयं सेवक संभालेंगे सेवा का मोर्चा
    सिंहस्थ सेवा कार्य के लिए मुख्यमंत्री निवास में हुई भारत स्काउट एण्ड गाइड की विशेष संगोष्ठी

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ : 2028 विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह हमारी आध्यात्मिक चेतना, भारतीय संस्कृति और वैश्विक आस्था का विराट पर्व है। इसके भव्य और दिव्य आयोजन के लिए बड़ी संख्या में लोगों के साथ पूरी क्षमता के साथ तैयार होना होगा। यह हम सबका दायित्व है कि सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में भारत स्काउट एंड गाइड के पदाधिकारियों एवं गाइड्स के साथ सिंहस्थ सेवा कार्य 2028 के संदर्भ में आयोजित एक विशेष संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ में भीड़ नियंत्रण सहित कई प्रकार की व्यवस्थाएं संभालने वाले स्काउट एंड गाइड के मास्टर ट्रेनर, सेवादूतों एवं स्वयं सेवकों के विधिवत् प्रशिक्षण के लिए भोपाल में एक अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस ट्रेनिंग सेंटर के बनने एवं इसमें प्रशिक्षण शुरू होने तक आवश्यकतानुसार सांदीपनि विद्यालय के भवनों एवं परिसरों का इस्तेमाल किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवा, भारत स्काउट एवं गाइड का मूल मंत्र है और ‘तैयार रहो’ इसका ध्येय वाक्य। स्काउट एंड गाइड ने अपने कार्य के आधार पर दुनिया में अलग ही पहचान बनाई है। पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से उज्जैन सिंहस्थ के आयोजन में इस संगठन की कार्यशैली, सामर्थ्य और समर्पण को करीब से देखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा किसुरक्षित और सुव्यवस्थित सिंहस्थ कराना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ : 2028 सेवा-भाव, प्रबंधन क्षमता और सुशासन की व्यापक परीक्षा भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसी संदर्भ में अपील करते हुए कहा कि आप सबको सेवा के लिए, किसी भी चुनौती और अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए हमेशा की तरह तैयार रहना होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आजादी के बाद हुए पांच सिंहस्थों में भारत स्काउट-गाइड ने सेवा के कई अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किये हैं। सिंहस्थ 2028 में भीड़ प्रबंधन की चुनौती सबसे बड़ी होगी। उज्जैन सिंहस्थ में करीब 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही है। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ-2016 में करीब 7,500 स्काउट एवं गाइड ने 10 कैंपों के जरिए सेवाएं दी थीं। इस बार 15 हजार से अधिक प्रशिक्षित स्वयं सेवक 20 से अधिक कैंपों के माध्यम से सेवा का मोर्चा संभालेंगे। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन संस्थान के सहयोग से 100 मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जाएंगे। प्रदेश के हर जिले से 500 तथा उज्जैन संभाग के सभी जिलों से एक-एक हजार युवाओं को सेवादूतों के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा।

    स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि उज्जैन में महाकाल लोक के निर्माण के बाद तेजी से धार्मिक पर्यटन बढ़ा है। इस वर्ष यहां 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि भारत स्काउट एंड गाइड को सिंहस्थ में सेवा के लिए तैयार हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान तकनीक एवं सोशल मीडिया के इस दौर में स्काउट एंड गाइड को इंटरनेट और सोशल मीडिया से फैलने वाली अफवाहों को रोकने के लिए भी प्रशिक्षित होना होगा।

    मध्यप्रदेश स्काउट एंड गाइड के राज्य कोषाध्यक्ष और सिंहस्थ सेवा दल के प्रभारी रहे रमेश शर्मा ने बताया कि सिंहस्थ-2028 में स्काउट एंड गाइड को 30 से अधिक शिविरों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इनमें से 20 शिविर स्काउट-गाइड के होंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं सिहस्थ के पूर्व आयोजनों में सेवादूत के रूप में कार्य कर चुके हैं। ऐसे धार्मिक आयोजनों में स्काउट एंड गाइड की भूमिका को बेहतर तरीके से समझते हैं।

    संगोष्ठी में भारत स्काउट एंड गाइड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अर्गल, संस्था के राज्य सचिव डॉ. प्रेम कुमार, सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह सहित प्रदेश के सभी संभागों से आए सेवादूत उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सेवादूतों के साथ समूह चित्र भी खिंचवाये। 

  • मुस्लिम पति की संपत्ति पर हिंदू पत्नी के उत्तराधिकार का सवाल, कोर्ट में मामला

    मुस्लिम पति की संपत्ति पर हिंदू पत्नी के उत्तराधिकार का सवाल, कोर्ट में मामला

     जबलपुर
     मध्य प्रदेश में इंदौर की एक हिंदू युवती और जबलपुर के मुस्लिम युवक हसनैन अंसारी के अंतरधार्मिक विवाह से जुड़ा एक विवाद विशेष विवाह अधिनियम की संवैधानिकता के प्रश्न तक पहुंच गया है।

    युवती के पिता और विश्व हिंदू परिषद के धर्म प्रसार विभाग के पदाधिकारी दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर मुख्य पीठ में विशेष विवाह अधिनियम, 1954 की धारा चार की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए याचिका में मुस्लिम पति की संपत्ति में हिंदू पत्नी के उत्तराधिकार के अधिकार और विवाह के बाद उत्पन्न होने वाले कानूनी प्रश्न उठाए हैं।

    याचिकाकर्ताओं का मुख्य प्रश्न है कि विशेष विवाह अधिनियम के अंतर्गत मुस्लिम युवक और हिंदू युवती का विवाह होने के बाद हिंदू पत्नी को मुस्लिम पति की संपत्ति में उत्तराधिकार का अधिकार किस कानून के तहत मिलेगा। हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब मांगा है।

    क्या है पूरा मामला?
    प्रकरण के अनुसार, युवती और हसनैन अंसारी ने विशेष विवाह अधिनियम के अंतर्गत विवाह के लिए आवेदन किया था। इस पर हाई कोर्ट की एकल पीठ ने विशेष विवाह अधिनियम के अंतर्गत विवाह की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे, लेकिन नवंबर 2024 में युवती के पिता की याचिका पर हाई कोर्ट की युगलपीठ ने विवाह प्रक्रिया आगे बढ़ाने के एकलपीठ के आदेश पर रोक लगा दी थी।

    अब युवती के पिता की ओर से दायर नई याचिका में इस प्रकरण का दायरा केवल विवाह प्रक्रिया के विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि विशेष विवाह अधिनियम की धारा-चार के अंतर्गत हिंदू युवती और मुस्लिम युवक के विवाह पश्चात महिला व उसके बच्चों को मिलने वाले अधिकारों को सुनिश्चित किए जाने पर केंद्रित हो गया है। केंद्र सरकार का जवाब मिलने के बाद हाई कोर्ट आगे की सुनवाई करेगा।

    याचिका में यह हैं प्रश्न?
    युवती के पिता की ओर से विशेष विवाह अधिनियम की धारा -चार को चुनौती देते हुए अंतरधार्मिक विवाह की वैधानिकता और उसके परिणामस्वरूप उत्पन्न होने वाले उत्तराधिकार के अधिकारों पर सवाल उठाया गया है।

    याचिका में विशेष विवाह अधिनियम और मुस्लिम पर्सनल ला के बीच उत्पन्न होने वाली कानूनी स्थिति का भी मुद्दा उठाया गया है। ऐसे मामले में पत्नी और संतान के उत्तराधिकार तथा व्यक्तिगत कानून से जुड़े प्रश्नों पर भी न्यायालय से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।