Category: मध्य प्रदेश

  • सिंहस्थ-2028 के लिए 15 हजार से अधिक स्वयंसेवक संभालेंगे सेवा का मोर्चा

    सिंहस्थ-2028 के लिए 15 हजार से अधिक स्वयंसेवक संभालेंगे सेवा का मोर्चा

    *भोपाल 

     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह हमारी आध्यात्मिक चेतना, भारतीय संस्कृति और वैश्विक आस्था का विराट पर्व है। इसके भव्य और दिव्य आयोजन के लिए बड़ी संख्या में लोगों के साथ पूरी क्षमता के साथ तैयार होना होगा। यह हम सबका दायित्व है कि सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित संवाद भवन में भारत स्काउट एंड गाइड के पदाधिकारियों एवं गाइड्स के साथ सिंहस्थ सेवा कार्य 2028 के संदर्भ में आयोजित एक विशेष संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि सिंहस्थ में भीड़ नियंत्रण सहित कई प्रकार की व्यवस्थाएं संभालने वाले स्काउट एंड गाइड के मास्टर ट्रेनर, सेवादूतों एवं स्वयंसेवकों के विधिवत् प्रशिक्षण के लिए भोपाल में एक अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस ट्रेनिंग सेंटर के बनने एवं इसमें प्रशिक्षण शुरू होने तक आवश्यकतानुसार सांदीपनि विद्यालय के भवनों एवं परिसरों का इस्तेमाल किया जाएगा। 

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवा, भारत स्काउट एवं गाइड का मूल मंत्र है और ‘तैयार रहो’ इसका ध्येय वाक्य। स्काउट एंड गाइड ने अपने कार्य के आधार पर दुनिया में अलग ही पहचान बनाई है। पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से उज्जैन सिंहस्थ के आयोजन में इस संगठन की कार्यशाली, सामर्थ्य और समर्पण को करीब से देखा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित सिंहस्थ कराना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 सेवा-भाव, प्रबंधन क्षमता और सुशासन की व्यापक परीक्षा भी होगा। मुख्यमंत्री ने इसी संदर्भ में अपील करते हुए कहा कि इस बार आप सबको सेवा के लिए, किसी भी चुनौती और अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए हमेशा की तरह तैयार रहना होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आजादी के बाद हुए पांच सिंहस्थों में भारत स्काउट-गाइड ने सेवा के कई अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किये हैं। सिंहस्थ 2028 में भीड़ प्रबंधन की चुनौती सबसे बड़ी होगी। उज्जैन सिंहस्थ में करीब 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही है। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ-2016 में करीब 7,500 स्काउट एवं गाइड ने 10 कैंपों के जरिए सेवाएं दी थीं। इस बार 15 हजार से अधिक प्रशिक्षित स्वयंसेवक 20 से अधिक कैंपों के माध्यम से सेवा का मोर्चा संभालेंगे। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन संस्थान के सहयोग से 100 मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जाएंगे। प्रदेश के हर जिले से 500 तथा उज्जैन संभाग के सभी जिलों से एक-एक हजार युवाओं को सेवादूतों के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। 

    स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि उज्जैन में श्री महाकाल लोक के निर्माण के बाद तेजी से धार्मिक पर्यटन बढ़ा है। इस वर्ष यहां 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि भारत स्काउट एंड गाइड को सिंहस्थ में सेवा के लिए तैयार हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान तकनीक एवं सोशल मीडिया के इस दौर में स्काउट एंड गाइड को इंटरनेट और सोशल मीडिया से फैलने वाली अफवाहों को रोकने के लिए भी प्रशिक्षित होना होगा।
     
    मध्यप्रदेश स्काउट एंड गाइड के राज्य कोषाध्यक्ष और सिंहस्थ सेवा दल के प्रभारी रहे रमेश शर्मा ने बताया कि सिंहस्थ-2028 में स्काउट एंड गाइड को 30 से अधिक शिविरों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इनमें से 20 शिविर स्काउट-गाइड के होंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं सिहस्थ के पूर्व आयोजनों में सेवादूत के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसलिए ऐसे धार्मिक आयोजनों में स्काउट एंड गाइड की बड़ी भूमिका को वे बेहतर तरीके से समझते हैं।

    संगोष्ठी में भारत स्काउट एंड गाइड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष  अशोक अर्गल, संस्था के राज्य सचिव डॉ. प्रेम कुमार, सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह सहित प्रदेश के सभी संभागों से आए सेवादूत उपस्थित थे। अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सेवादूतों के साथ समूह चित्र भी खिंचवाये।

  • फ्लैग ऑफ कर प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों के भ्रमण हेतु किया रवाना

    फ्लैग ऑफ कर प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों के भ्रमण हेतु किया रवाना

    भोपाल 

    सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को भोपाल स्थित टी.टी. नगर स्टेडियम में माँ तुझे प्रणाम योजना के अंतर्गत भ्रमण के लिये ग्वालियर, अशोकनगर एवं दतिया से आए युवाओं से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा फ्लैग ऑफ कर प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों के भ्रमण के लिए रवाना किया। मंत्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में विभिन्न समूहों में प्रदेश के युवाओं को प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों से जोड़ते हुए 6 जोन में (मालवा, भोपाल, ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड, बघेलखंड एवं महाकौशल) इन ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं भौगोलिक स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि माँ तुझे प्रणाम योजना युवाओं को प्रदेश की विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। इसके साथ ही इस योजना के माध्यम से प्रतिवर्ष प्रदेश के युवाओं को विभिन्न समूहों में देश की अंतर्राष्ट्रीय सीमा का भी भ्रमण कराया जाता है।

    6 जोन में प्रदेश की विविध विरासत का भ्रमण

    योजना के अंतर्गत 06-जोन में युवाओं को विभिन्न समूहों में मध्यप्रदेश के विभिन्न अंचलों में स्थित प्रमुख ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है। मालवा जोन में महाकालेश्वर, गांधी सागर, पशुपतिनाथ, धर्मराजेश्वर, ओंकारेश्वर, मांडू एवं महेश्वर जैसे प्रमुख स्थलों को शामिल किया गया है। भोपाल जोन में सांची, उदयगिरि, भोजपुर, रातापानी, मानव संग्रहालय, शौर्य स्मारक, भीमबेटका, मढ़ई एवं पचमढ़ी सहित अन्य प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। ग्वालियर-चंबल जोन में ग्वालियर के फोर्ट एवं पैलेस, कूनो नेशनल पार्क, दतिया, चंदेरी एवं माधव नेशनल पार्क जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं। बुंदेलखंड जोन में खजुराहो, जटाशंकर, पन्ना के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल, पन्ना टाइगर रिजर्व, ओरछा एवं नौरादेही टाइगर रिजर्व का भ्रमण कराया जाएगा। बघेलखंड जोन में मैहर, चित्रकूट, बांधवगढ़ नेशनल पार्क, महामृत्युंजय मंदिर रीवा एवं रीवा स्थित व्हाइट टाइगर सफारी सहित प्रमुख स्थलों को शामिल किया गया है। महाकौशल जोन में भेड़ाघाट, चौसठ योगिनी मंदिर, कान्हा नेशनल पार्क एवं पेंच नेशनल पार्क सहित अन्य प्रमुख पर्यटन एवं प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।

    3 दिवसीय भ्रमण में पर्यटन एवं साहसिक गतिविधियों से होंगे परिचित

    माँ तुझे प्रणाम योजना के अंतर्गत युवाओं का भ्रमण तीन दिवस का होगा। इस दौरान उन्हें प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी देने के साथ ही वन विभाग द्वारा संचालित साहसिक गतिविधियों से भी परिचित कराया जाएगा। इससे युवाओं को मध्यप्रदेश की प्राकृतिक संपदा, वन्यजीवन और पर्यटन की संभावनाओं को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

    ये युवा भोपाल एवं आसपास के प्रमुख स्थलों का करेंगे भ्रमण

    ग्वालियर, अशोकनगर एवं दतिया से आए युवा भ्रमण के दौरान भोपाल एवं आसपास के प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों, जिसमें सांची, भोजपुर सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थल शामिल हैं, का भ्रमण करेंगे। इस दौरान युवा इन स्थलों के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व से परिचित होंगे।

    प्रत्येक विकासखंड से प्रतिभाशाली युवाओं का चयन

    योजना के अंतर्गत प्रत्येक विकासखंड से 10 प्रतिभाशाली युवाओं का चयन किया जाता है। इनमें NCC, NSS, खिलाड़ी, मेधावी विद्यार्थी तथा स्काउट एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े युवा शामिल होते हैं। प्रत्येक विकासखंड से 5 युवक एवं 5 युवतियों का चयन किया जाता है, जिससे युवाओं की समान एवं व्यापक सहभागिता सुनिश्चित होती है। खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा यात्रा के दौरान किराया, दैनिक भत्ता, आवास, भोजन, ट्रैक सूट सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जाती है।

     

  • एशियन गेम्स में मध्यप्रदेश के जय मीना ने रचा इतिहास

    एशियन गेम्स में मध्यप्रदेश के जय मीना ने रचा इतिहास

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ी जय मीना ने एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया है। जापान के आइची-नागोया में जारी 20वें एशियन गेम्स में जय मीना ने सॉफ्ट टेनिस के पुरुष एकल वर्ग में भारत के लिए ऐतिहासिक कांस्य पदक सुनिश्चित किया। इसके साथ ही वह एशियन गेम्स के इतिहास में सॉफ्ट टेनिस में भारत को पदक दिलाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं।

    सेमीफाइनल में जापान के ताकुया कुरोसाका से हुआ मुकाबला

    पुरुष एकल के सेमीफाइनल में जय मीना का सामना जापान के ताकुया कुरोसाका (Takuya Kurosaka) से हुआ। जय ने मुकाबले में शानदार जुझारूपन दिखाते हुए कड़ी चुनौती पेश की। हालांकि सेमीफाइनल मुकाबले में उन्हें 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही जय ने भारत के लिए कांस्य पदक पक्का कर इतिहास रच दिया।

    क्वार्टरफाइनल में रोमांचक जीत के बाद बनाई थी अंतिम चार में जगह

    जय मीना ने क्वार्टरफाइनल मुकाबले में फिलीपींस के खिलाड़ी के खिलाफ बेहद संघर्षपूर्ण मुकाबले में जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। निर्णायक चरण तक पहुंचे इस मुकाबले में जय के शानदार प्रदर्शन ने उन्हें अंतिम चार में स्थान दिलाया और भारत का पदक सुनिश्चित हुआ।

    खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई

    सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने जय मीना को ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि जय मीना की उपलब्धि मध्यप्रदेश के साथ-साथ पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। सॉफ्ट टेनिस में भारत को एशियन गेम्स का पहला पदक दिलाकर जय ने भारतीय खेल इतिहास में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। उनकी यह सफलता प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है।

    2022 नेशनल गेम्स में जीता था स्वर्ण

    जय मीना ने वर्ष 2022 में गुजरात में आयोजित 36वें नेशनल गेम्स में पुरुष एकल का स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने पुरुष टीम और युगल स्पर्धाओं में भी मध्यप्रदेश के पदक अभियान में योगदान दिया। वर्ष 2025 में वे पुरुष एकल के नेशनल चैंपियन बने। लगातार राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद अब उन्होंने एशियन गेम्स में ऐतिहासिक पदक जीतकर अपनी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ा है।

    वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी रचा था इतिहास

    जय मीना ने वर्ष 2024 में वर्ल्ड सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में अंडर-21 मिश्रित युगल में कांस्य पदक जीतकर भी भारतीय सॉफ्ट टेनिस में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की थी। उन्होंने आध्या तिवारी के साथ मिलकर यह पदक हासिल किया था और यह विश्व चैंपियनशिप में भारत की पहली पदक विजेता जोड़ी बनी थी।

    देवास के स्कूल कोर्ट से शुरू हुआ सफर

    जय मीना का सफर भी बेहद दिलचस्प रहा है। देवास के Pioneer Public School में पढ़ाई के दौरान उन्होंने पहली बार सॉफ्ट टेनिस कोर्ट देखा। शुरुआत में वे केवल खिलाड़ियों को देखने और बॉल बॉय के तौर पर मदद करने जाते थे। धीरे-धीरे इस खेल के प्रति उनकी रुचि बढ़ी और उन्होंने स्वयं खेलना शुरू किया। स्कूल और जिला प्रतियोगिताओं से आगे बढ़ते हुए उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई तथा महज 14 वर्ष की उम्र में जापान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना शुरू कर दिया था।

    भारतीय सॉफ्ट टेनिस के इतिहास में दर्ज हुआ नया अध्याय

    जय मीना का कांस्य पदक भारतीय सॉफ्ट टेनिस के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। एशियन गेम्स के मंच पर भारत के लिए इस खेल का पहला पदक जीतकर जय ने न केवल देश का गौरव बढ़ाया, बल्कि मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभा को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। मध्यप्रदेश के खिलाड़ी की यह उपलब्धि प्रदेश में तैयार हो रही प्रतिभाओं की क्षमता को भी रेखांकित करती है। 

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भेल दशहरा मैदान भोपाल से बसों को दिखायेंगे हरी झंडी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भेल दशहरा मैदान भोपाल से बसों को दिखायेंगे हरी झंडी

    भोपाल

     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी 25 सितंबर को बीएचईएल दशहरा मैदान भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत सावर्जनिक यात्री बसों के संचालन का शुभारंभ करेंगे।

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत शुरू होने वाली इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों के संचालन को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में परिवहन विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। इसके अंतर्गत सड़कों पर दौड़ने वाली बसों का स्टेयरिंग एडवांस तकनीक से प्रशिक्षित ड्राइवरों के हाथों में होगा। इसके लिए बस चालकों को इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों की तकनीक, संचालन और सुरक्षा मानकों से परिचित कराने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे नई तकनीक वाली बसों का सुरक्षित और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

    पैनिक बटन और जीपीएस से बढ़ेगी सुरक्षा

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में यात्रियों की सुरक्षा और बसों की निगरानी के लिए तकनीक का उपयोग किया जाएगा। बसों में पैनिक बटन और जीपीएस की सुविधा रहेगी। जीपीएस के माध्यम से बसों की लाइव लोकेशन की निगरानी की जा सकेगी। पैनिक बटन आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में काम करेगा।

    इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत प्रदेश में इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। इससे शहरों के बीच आवागमन के साथ ही शहरों के भीतर सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएं बढ़ेंगी। सेवा का उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ सुगम, सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। इंटरसिटी बसें दो या दो से अधिक शहरों को जोड़ेंगी, जबकि इंट्रासिटी बसें शहरों के भीतर चलेंगी।

     साल-दर-साल बढ़ेगी बसों की संख्या, वर्ष 2031 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य

    राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत अगले पांच वर्षों में सार्वजनिक परिवहन सेवा का विस्तार करते हुए बसों की संख्या 15 हजार तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए परिवहन विभाग द्वारा चरणबद्ध कार्य योजना भी तैयार की गई है। इसके अनुसार प्रतिवर्ष 2500 से तीन हजार नई बसें जोड़ी जाएंगी। सार्वजनिक परिवहन के दायरे का विस्तार होने के साथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में यात्रियों के लिए आवागमन के अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।

    चालकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण, नए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर जल्द होंगे तैयार

    प्रदेश में वाहन चालकों को आधुनिक बसों की सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए इंदौर और छिंदवाड़ा में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहां वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में 5 रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर भी जल्द तैयार हो जाएंगे। ये सेंटर भोपाल, बैतूल, छतरपुर, उज्जैन और ग्वालियर में स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा जिला स्तर पर 22 ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर भी जल्द तैयार किए जाएंगे। इन प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से वाहन चालकों को आधुनिक तकनीक, सुरक्षा मानकों तथा इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों के संचालन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

  • अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस की विगत 5 दिनों में व्यापक कार्रवाई

    अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस की विगत 5 दिनों में व्यापक कार्रवाई

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री एवं अवैध खेती के विरुद्ध विगत 5 दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार प्रभावी कार्रवाई की गई। पुलिस टीमों ने मुखबिर सूचनाओं के आधार पर दबिश, घेराबंदी एवं चेकिंग की कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में गांजा, डोडाचूरा, अफीम, एमडी ड्रग्स एवं स्मैक सहित मादक पदार्थ जब्त किए। इन कार्रवाइयों में आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किए गए। विभिन्न प्रकरणों में मादक पदार्थों के साथ वाहन, मोबाइल फोन एवं अन्य सामग्री भी जब्त की गई। विगत पांच दिनों की इन कार्यवाहियों में कुल 1 करोड़ 39 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्‍त की।

    मंदसौर

    थाना अफजलपुर पुलिस ने अवैध डोडाचूरा तस्करी की कार्रवाई करते हुए 60 किलो 100 ग्राम डोडाचूरा, जिसकी कीमत लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये तथा तस्करी में प्रयुक्त ब्रेजा कार, कीमत लगभग 6 लाख रुपये जब्त की। मामले में राजस्थान निवासी सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कुल 7 लाख 20 हजार रुपये की संपत्ति जब्‍त की। थाना गरोठ पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 2 किलोग्राम अफीम, जिसकी कीमत 3 लाख रुपये, एक मोबाइल फोन तथा मोटरसाइकिल जब्त की। कुल 3 लाख 70 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की। थाना नारायणगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 45.4 किलोग्राम डोडाचूरा, दो मोबाइल फोन सहित कुल 97 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की।

    मंदसौर पुलिस ने एमडी ड्रग्स एवं डोडाचूरा तस्करी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 526 ग्राम एमडी ड्रग्स, 5.640 किलोग्राम डोडाचूरा एवं मोटरसाइकिल जब्त की। जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग 5 लाख 60 हजार रुपये है। थाना सुवासरा पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 30 ग्राम स्मैक, 7 किलोग्राम डोडाचूरा एवं मोबाइल फोन जब्त किया। कुल 1 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की।  थाना दलौदा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर कंटेनर वाहन में परिवहन किया जा रहा 71 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त किया। डोडाचूरा एवं वाहन सहित कुल 50 लाख 65 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की।

    रीवा

    थाना चोरहटा पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत परिवहन किया जा रहा 79.190 किलोग्राम गांजा, एक बोलेरो वाहन एवं तीन मोबाइल फोन जब्त किए। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कुल 20 लाख 17 हजार रुपये  की संपत्ति जब्त की गई।

    नरसिंहपुर

    नरसिंहपुर पुलिस ने ऑपरेशन ईगल क्लॉ के तहत कार्रवाई करते हुए 53 किलोग्राम गांजा एवं तस्करी में प्रयुक्त फ्रॉन्क्स कार जब्त की। गांजा एवं वाहन सहित कुल 18 लाख रुपये की संपत्ति जब्त कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

     रतलाम

    थाना जावरा शहर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 67.58 ग्राम एमडी ड्रग्स, जिसकी कीमत लगभग 6 लाख 70 हजार रुपये तथा घटना में प्रयुक्त रेनाल्ट काइगर कार जब्त की।

    इंदौर

    क्राइम ब्रांच इंदौर ने चेकिंग के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 12.58 ग्राम एमडी ड्रग्स, जिसकी अनुमानित कीमत 1 लाख 20 हजार रुपये जब्त की। आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर मादक पदार्थ के स्रोत एवं नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है। इसके अतिरिक्त क्राइम ब्रांच इंदौर की एक अन्य कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 14.9 ग्राम एमडी ड्रग्स एवं ऑटो सहित कुल 2 लाख 90 हजार रुपये का की संपत्ति जब्त की गई।

    शिवपुरी

    थाना करैरा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 11.15 ग्राम स्मैक, जिसकी कीमत लगभग 2 लाख 20 हजार रुपये है, जब्त की।

    राजगढ़

    थाना भोजपुर पुलिस ने ऑपरेशन शुद्धि के तहत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 14.52 ग्राम स्मैक एवं घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित कुल 1 लाख 90 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की गई।

    जबलपुर

    क्राइम ब्रांच एवं थाना तिलवारा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गांजा कारोबार में लिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 3 किलो 978 ग्राम गांजा एवं मोबाइल फोन जब्त किया गया। जब्त गांजे की कीमत लगभग 1 लाख 98 हजार रुपये से अधिक है।

    अशोकनगर

    थाना ईसागढ़ पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के नेटवर्क के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 45 गांजे के पौधे एवं 30 किलो 560 ग्राम मादक पदार्थ जब्त किया। कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार किया गया तथा जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख रुपये है।

    खरगोन

    थाना बेड़िया पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत कपास की फसल के बीच अवैध रूप से उगाए गए 176 गांजे के हरे पौधे, कुल वजन 35 किलो 900 ग्राम, जब्त किए। जब्त पौधों की अनुमानित कीमत 2 लाख 88 हजार रुपये है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

    भोपाल जीआरपी

    थाना जीआरपी बीना पुलिस ने दो आरोपियों से 8 किलोग्राम गांजा, जिसकी कीमत लगभग 4 लाख रुपये है, जब्त किया।

    बैतूल

    थाना शाहपुर पुलिस ने ग्राम सेमरपुरा में मक्के की फसल के बीच छिपाकर उगाए गए 1,270 गांजे के पौधे, कुल वजन 54.20 किलोग्राम, जब्त किए। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 2 लाख 16 हजार से अधिक है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। थाना बीजादेही पुलिस ने ग्राम ढोढरामउ में मक्का एवं तुअर की फसल के बीच उगाए गए 175 गांजे के पौधे, कुल वजन 39 किलो 800 ग्राम, जब्त किए। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 1 लाख 56 हजार रुपये है। भूमि स्वामी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।

    सीधी

    थाना अमिलिया पुलिस ने ग्राम बल्हया में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 2 किलो 94 ग्राम गांजा एवं बिना नंबर की होंडा एक्टिवा जब्त की। कुल 1 लाख 03 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की गई।

    विदिशा

    थाना सिरोंज पुलिस ने गांजा बिक्री की तैयारी कर रहे आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 2 किलो 113 ग्राम गांजा, मोटरसाइकिल, इलेक्ट्रिक तोल कांटा एवं नकदी सहित कुल 1 लाख 56 हजार 900 रुपये की संपत्ति जब्त की। आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट प्राप्त होने पर उसे जेल दाखिल कराया गया।

    भोपाल

    थाना टीटी नगर पुलिस ने नशा मुक्त भारत अभियान के दौरान कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग्स की तस्करी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 4 ग्राम 70 मिलीग्राम एमडी, जिसकी कीमत लगभग 30 हजार तथा 200 रुपये नकद, कुल 30 हजार 200 रुपये की संपत्ति जब्त की गई। आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

    कटनी

    थाना माधवनगर पुलिस ने नशे के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 3,000 नशीली नाइट्राजेपाम गोलियां जब्त कीं। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। नशीली गोलियों की कीमत लगभग 13 हजार 500 रुपये है।

    मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की खेती, तस्करी, बिक्री एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस द्वारा मुखबिर सूचना, चेकिंग, नाकाबंदी एवं विशेष अभियानों के माध्यम से मादक पदार्थों के स्रोत और तस्करी नेटवर्क तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। 

  • एडवांस तकनीक से प्रशिक्षित बस चालकों के हाथों में होगा स्टेयरिंग

    एडवांस तकनीक से प्रशिक्षित बस चालकों के हाथों में होगा स्टेयरिंग

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी 25 सितंबर को बीएचईएल दशहरा मैदान भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत सावर्जनिक यात्री बसों के संचालन का शुभारंभ करेंगे।

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत शुरू होने वाली इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों के संचालन को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में परिवहन विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। इसके अंतर्गत सड़कों पर दौड़ने वाली बसों का स्टेयरिंग एडवांस तकनीक से प्रशिक्षित ड्राइवरों के हाथों में होगा। इसके लिए बस चालकों को इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों की तकनीक, संचालन और सुरक्षा मानकों से परिचित कराने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे नई तकनीक वाली बसों का सुरक्षित और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

    पैनिक बटन और जीपीएस से बढ़ेगी सुरक्षा

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में यात्रियों की सुरक्षा और बसों की निगरानी के लिए तकनीक का उपयोग किया जाएगा। बसों में पैनिक बटन और जीपीएस की सुविधा रहेगी। जीपीएस के माध्यम से बसों की लाइव लोकेशन की निगरानी की जा सकेगी। पैनिक बटन आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में काम करेगा।

    इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत प्रदेश में इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। इससे शहरों के बीच आवागमन के साथ ही शहरों के भीतर सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएं बढ़ेंगी। सेवा का उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ सुगम, सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। इंटरसिटी बसें दो या दो से अधिक शहरों को जोड़ेंगी, जबकि इंट्रासिटी बसें शहरों के भीतर चलेंगी।

     साल-दर-साल बढ़ेगी बसों की संख्या, वर्ष 2031 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य

    राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत अगले पांच वर्षों में सार्वजनिक परिवहन सेवा का विस्तार करते हुए बसों की संख्या 15 हजार तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए परिवहन विभाग द्वारा चरणबद्ध कार्य योजना भी तैयार की गई है। इसके अनुसार प्रतिवर्ष 2500 से तीन हजार नई बसें जोड़ी जाएंगी। सार्वजनिक परिवहन के दायरे का विस्तार होने के साथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में यात्रियों के लिए आवागमन के अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।

    चालकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण, नए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर जल्द होंगे तैयार

    प्रदेश में वाहन चालकों को आधुनिक बसों की सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए इंदौर और छिंदवाड़ा में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहां वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में 5 रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर भी जल्द तैयार हो जाएंगे। ये सेंटर भोपाल, बैतूल, छतरपुर, उज्जैन और ग्वालियर में स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा जिला स्तर पर 22 ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर भी जल्द तैयार किए जाएंगे। इन प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से वाहन चालकों को आधुनिक तकनीक, सुरक्षा मानकों तथा इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों के संचालन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

     

  • पहला दिन: राष्ट्रीय संगोष्ठी में छात्र-छात्राओं, अभिभावकों व प्राध्यापकों ने की सहभागिता

    पहला दिन: राष्ट्रीय संगोष्ठी में छात्र-छात्राओं, अभिभावकों व प्राध्यापकों ने की सहभागिता

    भोपाल 

     पहला दिन: राष्ट्रीय संगोष्ठी में छात्र-छात्राओं, अभिभावकों व प्राध्यापकों ने की सहभागिता

    दिव्यांगजनों और विद्यार्थियों को समावेशी खेलों से जोड़ने की पहल स्पेशल ओलंपिक भारत मध्यप्रदेश द्वारा मंगलवार को जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी, भोपाल में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
    संगोष्ठी का मुख्य विषय “समावेशी खेल, यूनिफाइड स्पोर्ट्स, दिव्यांगजन अधिकार एवं अनुकूलित शारीरिक शिक्षा—खेलों में सुगमता एवं समान अवसर को सशक्त बनाना” रहा।

    संगोष्ठी के दौरान समावेशी खेल, यूनिफाइड स्पोर्ट्स, दिव्यांगजन अधिकार एवं अनुकूलित शारीरिक शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं, अभिभावकों एवं शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में लगभग 200 छात्र-छात्राओं, अभिभावकों एवं शिक्षकों ने सहभागिता की।

    बच्चों को खेलों से जोड़ना उनके विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम: दीपांकर

    संगोष्ठी के पहले सत्र में उपस्थित अतिथि दीपांकर बैनर्जी ने स्पेशल ओलंपिक भारत के कार्यों, उपलब्धियों एवं समावेशी खेलों की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने इस संबंध में बताया कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को खेल गतिविधियों से जोड़ना उनके विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    खेलों के माध्यम से बच्चों में शारीरिक क्षमता के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता, आत्मविश्वास, अनुशासन एवं टीम भावना का विकास होता है। संगोष्ठी के प्रथम दिवस के समापन सत्र में मध्यप्रदेश दिव्यांगजन आयुक्त अजय … ने दिव्यांगजनों के अधिकारों एवं उनसे संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधानों तथा दिव्यांगजनों के अधिकारों के लिए समान अवसर, सुगम्यता एवं अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकताओं पर प्रकाश डाला।
    विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न सत्रों में दिव्यांगजनों एवं विद्यार्थियों को खेलों से जोड़ने तथा उनके विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गई।

    अतिथियों ने किया संगोष्ठी का शुभारंभ

    संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित NIMHR सीहोर के निदेशक अखिलेश शुक्ला, विशिष्ट अतिथि जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी के कुलपति निलंजन चट्टोपाध्याय, स्पेशल ओलंपिक भारत मध्यप्रदेश के क्षेत्रीय निदेशक दीपांकर बैनर्जी, फिजिकल एजुकेशन विभाग के एचओडी हर्षवर्धन दुबे सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत किया।
    यह राष्ट्रीय संगोष्ठी समावेशी खेलों को बढ़ावा देने, दिव्यांगजनों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा विद्यार्थियों एवं भावी खेल प्रशिक्षकों को संवेदनशील एवं सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

  • शंघाई में आयोजित वर्ल्ड स्किल्स कॉन्फ्रेंस में आईसेक्ट प्रतिनिधियों की सहभागिता

    शंघाई में आयोजित वर्ल्ड स्किल्स कॉन्फ्रेंस में आईसेक्ट प्रतिनिधियों की सहभागिता

    भोपाल

    चीन के शंघाई में 23 से 25 सितंबर तक आयोजित वर्ल्ड स्किल्स कॉन्फ्रेंस में फिक्की के स्किल्स डेलिगेशन के साथ आईसेक्ट के प्रतिनिधि सहभागिता कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल में आईसेक्ट इंडिया के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट डॉ. अभिषेक पंडित, स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. सीतेश कुमार सिन्हा तथा आईसेक्ट इंडिया के जनरल मैनेजर-प्रोजेक्ट्स अभिषेक गुप्ता शामिल हैं।
     
    कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रतिनिधिमंडल वैश्विक स्तर पर कौशल विकास के बदलते स्वरूप, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, प्रशिक्षण पद्धतियों तथा उद्योग और कौशल विकास के बीच बेहतर समन्वय से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझ रहा है। प्रतिनिधिमंडल द्वारा शंघाई स्थित विभिन्न टेक्निकल इंस्टीट्यूट्स एवं इंडस्ट्रीज की विजिट भी की जा रही है। कुछ संस्थानों एवं उद्योगों का दौरा पूरा हो चुका है, जबकि अन्य संस्थानों की विजिट और विशेषज्ञों के साथ संवाद का क्रम जारी है।
     
    इन विजिट्स के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा में अपनाई जा रही आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों, उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं और युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करने के लिए विकसित किए जा रहे विभिन्न मॉडलों को प्रत्यक्ष रूप से समझ रहा है।
     
    आईसेक्ट लंबे समय से कौशल विकास और युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसी क्रम में पिछले दो वर्षों से आईसेक्ट द्वारा MPSSDM के साथ मिलकर स्टेट लेवल स्किल्स कॉम्पीटिशन का आयोजन स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी कैंपस में किया जा रहा है जिसमें आठ ट्रेड्स में 150 से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को अपने तकनीकी एवं व्यावहारिक कौशल का प्रदर्शन करने का अवसर मिला। इसमें पिछले वर्ष बेहतर प्रदर्शन करने वाले तीन प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता तक भी पहुंचे।
     
    वर्ल्ड स्किल्स कॉन्फ्रेंस में आईसेक्ट प्रतिनिधियों की सहभागिता के दौरान प्राप्त अनुभव वैश्विक कौशल विकास के बदलते परिदृश्य को समझने का अवसर प्रदान कर रहे हैं। विशेष रूप से तकनीकी संस्थानों और उद्योगों की विजिट के माध्यम से यह जानने का अवसर मिल रहा है कि किस प्रकार शिक्षा, तकनीक और उद्योग की आवश्यकताओं को एक साथ जोड़कर युवाओं को भविष्य के रोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है।

  • स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीक और एआई का बढ़ेगा उपयोग : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीक और एआई का बढ़ेगा उपयोग : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भोपाल में निजी मीडिया समूह द्वारा आयोजित "मोदी 25 : विकसित भारत, बढ़ता मध्यप्रदेश" कॉन्क्लेव में शामिल हुए। कॉन्क्लेव में उन्होंने मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे बदलावों, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, आयुष्मान भारत योजना, चिकित्सा अधोसंरचना, तकनीक के उपयोग, औद्योगिक विकास और पर्यटन सहित विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए।

    मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सतत प्रयास

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश का प्रयास है कि मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को शून्य स्तर तक लाया जाए। इसके लिए आवश्यक स्वास्थ्य अधोसंरचना, मानव संसाधन, जांच एवं उपचार सुविधाओं के साथ-साथ जन-जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं की आवश्यक जांच समय पर हो, इसके लिए केवल चिकित्सकीय अमले और आशा कार्यकर्ताओं की ही नहीं, बल्कि परिवार और पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों की भी सक्रिय भूमिका आवश्यक है। उन्होंने कुपोषण को भी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बताते हुए कहा कि कुपोषित बच्चों और गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को उपचार के लिए गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचने से पहले ही आवश्यक देखभाल और जांच उपलब्ध कराना जरूरी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यक्रमों में इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।

    ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

    ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच के संबंध में शुक्ल ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। यहां टेलीमेडिसिन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी टेलीमेडिसिन के साथ सैंपलिंग और जांच की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि टेलीमेडिसिन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ चिकित्सकों से वीडियो कंसल्टेशन प्राप्त कर सकते हैं। आवश्यकता होने पर विशेषज्ञ चिकित्सक मरीज को उच्च स्वास्थ्य संस्थान में रेफर कर सकते हैं। इससे ग्रामीण नागरिकों को अनावश्यक रूप से शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी।

    आयुष्मान भारत में पारदर्शिता और निगरानी की व्यवस्था

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति धन के अभाव में बेहतर उपचार से वंचित न रहे। योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवर उपलब्ध कराया गया है। मध्यप्रदेश में लगभग 4.5 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना का हितग्राही बनाया गया है तथा योजना लागू होने के बाद अब तक लगभग 14 हजार करोड़ रुपये के भुगतान किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि योजना में ऑडिट, संदिग्ध बिलों की पहचान, थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और क्रॉस-चेकिंग की व्यवस्था है। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संस्थान के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई और एफआईआर जैसी कार्रवाई भी की जाती है।

    प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को किया जा रहा है सशक्त

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि शासकीय अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। जिला अस्पतालों में निःशुल्क जांच और उपचार के साथ आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है। आईपीएचएल लैब में 134 प्रकार की जांचें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे मरीजों को जांच के लिए बड़े शहरों में सैंपल भेजने की आवश्यकता कम हुई है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी आवश्यक सुविधाओं से मजबूत किया जा रहा है, ताकि मरीजों को प्राथमिक और सेकेंडरी स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीक ही मिल सकें और केवल आवश्यक रेफरल केस ही जिला अस्पताल अथवा मेडिकल कॉलेज पहुंचें।

    दवाओं की गुणवत्ता की निगरानी

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि शासकीय सप्लाई में आने वाली दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उनके बैच को जांच के लिए एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में भेजा जाता है। निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरने के बाद ही दवाओं को वितरण के लिए भेजा जाता है। मेडिकल स्टोर्स पर ड्रग इंस्पेक्टरों द्वारा रैंडम निरीक्षण भी किया जाता है तथा एक्सपायरी या अन्य अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।

    रीवा में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

    रीवा में चल रहे स्वास्थ्य अधोसंरचना कार्यों की जानकारी देते हुए शुक्ल ने बताया कि 750 बिस्तरीय मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का निर्माण तेजी से चल रहा है। इसके पूर्ण होने से विंध्य क्षेत्र के मरीजों को बेहतर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और संजय गांधी अस्पताल पर बढ़ते दबाव को कम करने में सहायता मिलेगी।उन्होंने बताया कि रीवा में निर्माणाधीन कैंसर ब्लॉक को जनवरी तक पूर्ण करने का प्रयास है। कैंसर उपचार के लिए आवश्यक आधुनिक मशीनों में लीनियर एक्सीलरेटर, ब्रेकीथेरेपी और पेट स्कैन मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    स्वास्थ्य सेवाओं में एआई और आधुनिक तकनीक का उपयोग

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर भी मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। टीबी स्क्रीनिंग के लिए एआई आधारित एक्स-रे तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। स्क्रीनिंग, डायग्नोसिस और उपचार की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई तकनीकों और रोबोटिक्स आधारित व्यवस्थाओं पर भी कार्य किया जा रहा है।

    मैन्युफैक्चरिंग और निवेश को मिल रहा प्रोत्साहन

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के साथ-साथ संभागीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए हैं। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की स्थानीय संभावनाओं के अनुरूप निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर हाईवे, रेलवे और एयर कनेक्टिविटी सहित मजबूत अधोसंरचना निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। रीवा में एयर कनेक्टिविटी के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से विंध्य क्षेत्र में विकास और निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं।

    पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश में धार्मिक, वन्यजीव और प्राकृतिक पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। उज्जैन में महाकाल लोक के विकास के बाद धार्मिक पर्यटन में वृद्धि हुई है। ओंकारेश्वर, चित्रकूट और मैहर सहित धार्मिक स्थलों के साथ-साथ राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव क्षेत्र, जलप्रपात और बड़े जलाशय प्रदेश की पर्यटन क्षमता को व्यापक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन, औद्योगिक विकास और कृषि के साथ सिंचाई क्षेत्र के विस्तार पर भी प्रदेश में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सिंचाई का रकबा 54 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर एक करोड़ हेक्टेयर करने का लक्ष्य प्रदेश के कृषि और ग्रामीण विकास को नई गति देगा।

    चीता और व्हाइट टाइगर से मध्यप्रदेश की वन्यजीव पहचान मजबूत

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश में चीता संरक्षण कार्यक्रम ने प्रदेश की अंतर्राष्ट्रीय पहचान को मजबूत किया है। कूनो में चीतों का सफल प्रजनन और नए क्षेत्रों में उनके संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयास महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विंध्य क्षेत्र की व्हाइट टाइगर सफारी का उल्लेख करते हुए कहा कि सफेद बाघ का विंध्य क्षेत्र से ऐतिहासिक संबंध रहा है। लंबे अंतराल के बाद व्हाइट टाइगर सफारी के माध्यम से सफेद बाघों को विंध्य क्षेत्र में पुनः देखने का अवसर मिला है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन और गौरव की भावना को भी बढ़ावा मिला है। कॉन्क्लेव के दौरान उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मध्यप्रदेश के विकास और विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे कार्यों से जुड़े विषयों पर संवाद किया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित भी किया।

     

  • आयुर्वेद सेवाओं का विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण, स्वस्थ मध्यप्रदेश के संकल्प सिद्धि की ओर महत्वपूर्ण कदम : आयुष मंत्री परमार

    आयुर्वेद सेवाओं का विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण, स्वस्थ मध्यप्रदेश के संकल्प सिद्धि की ओर महत्वपूर्ण कदम : आयुष मंत्री परमार

    भोपाल 

    आयुर्वेद हमारी समृद्ध भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण अंग है। आयुष सेवाओं के विस्तार और आधुनिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के माध्यम से प्रदेश में जनस्वास्थ्य को और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है। बुधवार को 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर भोपाल स्थित शासकीय जिला आयुर्वेद चिकित्सालय के नवीन भवन का भूमि-पूजन एवं शिलान्यास किया गया। शासकीय जिला आयुर्वेद चिकित्सालय भोपाल के नवीन भवन निर्माण एवं नवीनीकरण कार्यों के लिए आयुष विभाग द्वारा 4 करोड़ 95 लाख रुपए राशि की स्वीकृति दी गई है।

    उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और प्रकृति के साथ संतुलित जीवन का मार्ग है। मध्यप्रदेश में आयुष चिकित्सा सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के साथ चिकित्सालयों में आवश्यक अधोसंरचना और सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है।

    मंत्री परमार ने कहा कि नवीन भवन के निर्माण से नागरिकों को बेहतर, सुगम और गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेद चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्रदेश सरकार आयुष सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए भारतीय चिकित्सा पद्धतियों की समृद्ध परंपरा को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मंत्री परमार ने कहा कि स्वस्थ मध्यप्रदेश के संकल्प को साकार करने में आयुष चिकित्सा पद्धतियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक को सहज रूप से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों और आयुर्वेद सहित सभी आयुष पद्धतियों का लाभ व्यापक स्तर पर जनसामान्य तक पहुंचे।

    कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, चिकित्सक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।