Category: मध्य प्रदेश

  • भारत-वेस्टइंडीज T20 को लेकर इंदौर तैयार, सामान्य टिकटों की बिक्री 25 सितंबर से

    भारत-वेस्टइंडीज T20 को लेकर इंदौर तैयार, सामान्य टिकटों की बिक्री 25 सितंबर से

    इंदौर
    इंदौर के होलकर स्टेडियम में 11 अक्टूबर को भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले टी-20 इंटरनेशनल मैच की तैयारियां तेज हो गई हैं।मैदान को मैच के लिए तैयार करने के साथ इस बार टीवी प्रसारण और दर्शकों के लिए आउटफील्ड को खास लुक दिया जा रहा है। घास पर ‘चेक्स’ यानी चौकड़ी वाला पैटर्न तैयार किया जाएगा।

    मंगलवार को स्टूडेंट कन्सेशन टिकटों की बुकिंग शुरू होते ही 1200 छात्रों का रजिस्ट्रेशन कुछ ही मिनटों में पूरा हो गया। दस्तावेजों की जांच के बाद इन्हें टिकट दिए जाएंगे।

    सामान्य टिकटों की बिक्री 25 सितंबर से
    सामान्य श्रेणी के दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट बिक्री 25 सितंबर की सुबह 6 बजे से शुरू होगी। ऐसे में मैच देखने के इच्छुक दर्शकों की नजर अब टिकट विंडो खुलने पर है।

    होलकर में भारत ने 4 में से 3 टी-20 जीते
    इंदौर के होलकर स्टेडियम में अब तक 4 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं, जिनमें भारत ने 3 मुकाबले जीते हैं, जबकि एक में उसे हार मिली।

    भारत का T20I रिकॉर्ड 75% जीत का है। अब 11 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाला मुकाबला इस मैदान का पांचवां टी-20 इंटरनेशनल होगा।

    शाम 7 बजे शुरू होगा मुकाबला
    भारत-वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी-20 सीरीज 6 अक्टूबर से शुरू होगी। इंदौर में सीरीज का तीसरा मुकाबला 11 अक्टूबर को शाम 7 बजे खेला जाएगा।

    इससे पहले 6 अक्टूबर को लखनऊ और 9 अक्टूबर को रांची में दोनों टीमें आमने-सामने होंगी। सीरीज के आखिरी दो मुकाबले हैदराबाद और बेंगलुरु में खेले जाएंगे।

    1 हजार से शुरू होगी टिकट की कीमत

    होलकर स्टेडियम में मैच देखने के लिए दर्शकों को कम से कम 1 हजार रुपए खर्च करने होंगे। यह सबसे सस्ते टिकट की कीमत है। वहीं, पैवेलियन का टिकट 12 हजार 500 रुपए का होगा। बाकी कैटेगरी के टिकटों की कीमत एमपीसीए जल्द जारी करेगा।

    वेस्टइंडीज की T20I टीम
    शाई होप (कप्तान), ज्वेल एंड्रयू, रोस्टन चेस, मैथ्यू फोर्ड, शिमरोन हेटमायर, अकील होसेन, शमार जोसेफ, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैमसन, रोमारियो शेफर्ड, शमार स्प्रिंगर।

    22 दिसंबर 2017: रोहित का तूफान, भारत 88 रन से जीता
    होलकर में पहला टी-20 इंटरनेशनल भारत और श्रीलंका के बीच 22 दिसंबर 2017 को हुआ। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 260/5 का विशाल स्कोर बनाया।

    कप्तान रोहित शर्मा ने सिर्फ 35 गेंदों में शतक पूरा किया और 43 गेंदों पर 118 रन बनाए। केएल राहुल ने भी 89 रन की पारी खेली। जवाब में श्रीलंका की टीम 172 रन पर सिमट गई और भारत ने 88 रन से मुकाबला जीता।

    7 जनवरी 2020: भारत ने 7 विकेट से जीता मैच
    दूसरा टी-20 इंटरनेशनल भारत और श्रीलंका के बीच 7 जनवरी 2020 को हुआ। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 142/9 रन बनाए।

    भारत ने केएल राहुल के 45 रन की मदद से 17.3 ओवर में 144/3 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। भारत ने यह मैच 7 विकेट से, 15 गेंद बाकी रहते जीता। नवदीप सैनी प्लेयर ऑफ द मैच रहे।

    4 अक्टूबर 2022: रुसो के शतक ने भारत को हराया
    होलकर में तीसरा टी-20 भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 4 अक्टूबर 2022 को हुआ। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 227/3 का बड़ा स्कोर खड़ा किया।

    राइली रुसो ने सिर्फ 48 गेंदों में शतक जड़ा। भारत की टीम 18.3 ओवर में 178 रन पर ऑलआउट हो गई और दक्षिण अफ्रीका ने 49 रन से जीत दर्ज की

    14 जनवरी 2024: भारत ने तीसरी जीत दर्ज की
    चौथा टी-20 इंटरनेशनल भारत और अफगानिस्तान के बीच 14 जनवरी 2024 को खेला गया। अफगानिस्तान ने 172 रन बनाए।

    जवाब में भारत ने यशस्वी जायसवाल के 68 रन और शिवम दुबे के नाबाद 63 रन की मदद से 15.4 ओवर में 173/4 बनाकर मैच जीत लिया। भारत ने 6 विकेट से जीत दर्ज की।

    सामान्य टिकटों की ऑनलाइन बिक्री 25 सितंबर से
    सामान्य श्रेणी के क्रिकेट प्रेमियों के लिए ऑनलाइन टिकट बिक्री 25 सितंबर की सुबह 6 बजे से प्रारंभ होगी। इस घोषणा के बाद से ही मुकाबला देखने के इच्छुक दर्शकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। होलकर स्टेडियम में प्रवेश के लिए सबसे कम कीमत का टिकट 1 हजार रुपए निर्धारित किया गया है, जबकि पैवेलियन श्रेणी के टिकट का मूल्य 12 हजार 500 रुपए रखा गया है। अन्य श्रेणियों के टिकटों की दरों का आधिकारिक ऐलान मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा शीघ्र किया जाएगा।

    होलकर स्टेडियम में भारतीय टीम का शानदार रिकॉर्ड
    इंदौर का यह मैदान भारतीय टीम के लिए भाग्यशाली माना जाता रहा है। होलकर स्टेडियम में अब तक कुल 4 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें से भारत ने 3 मैचों में जीत हासिल की है और केवल 1 मैच में पराजय का सामना करना पड़ा है। इस मैदान पर भारतीय टीम का जीत का प्रतिशत 75 रहा है। 11 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाला यह मैच इस स्टेडियम में खेला जाने वाला पांचवां टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा। 

    शाम 7 बजे से खेला जाएगा मुकाबला
    भारत और वेस्टइंडीज के मध्य पांच मैचों की टी-20 सीरीज की शुरुआत 6 अक्टूबर से होने जा रही है। सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर को लखनऊ में तथा दूसरा मुकाबला 9 अक्टूबर को रांची में आयोजित होगा। इसके पश्चात सीरीज का तीसरा मैच इंदौर के होलकर स्टेडियम में 11 अक्टूबर को शाम 7 बजे से खेला जाएगा। सीरीज के अंतिम दो मुकाबले क्रमशः हैदराबाद और बेंगलुरु के मैदानों पर आयोजित किए जाएंगे।

  • मुख्यमंत्री-स्टार्टअप संवाद में नए इनोवेशन और आइडिया पर होगी चर्चा

    मुख्यमंत्री-स्टार्टअप संवाद में नए इनोवेशन और आइडिया पर होगी चर्चा

    मुख्यमंत्री-स्टार्टअप संवाद 27 सितम्बर को भोपाल में

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्टार्टअप संचालकों से होंगे रूबरू-नए आइडिया पर होगी चर्चा

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार 27 सितम्बर 2026 को आरसीवीपी नरोन्हा अकादमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन, भोपाल में मुख्यमंत्री स्टार्टअप संवाद के तहत युवाओं से संवाद करेंगे। कार्यक्रम सुबह 9 बजे से प्रारंभ होगा। संवाद में प्रदेश से लगभग 200 स्टार्टअप संचालक सम्मिलित होंगे।

    एमएसएमई आयुक्त श्री कुमार पुरषोत्तम ने मंगलवार को वी सी के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारियों से अपने जिले के नव उद्यमियों को संवाद में सहभागिता करवाने के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में भी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बिंदुवार समीक्षा की। स्टार्टअप संवाद में मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के युवा, नवाचारी एवं उभरते हुए स्टार्टअप उद्यमियों से सीधे संवाद करेंगे।

    यह संवाद प्रदेश में विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम, युवाओं की उद्यमशील सोच, नवाचार तथा रोजगार सृजन की संभावनाओं को समझने और उन्हें प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण मंच होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ स्टार्टअप संस्थापकों को अपने अनुभव, उपलब्धियाँ, चुनौतियाँ एवं सुझाव साझा करने का अवसर मिलेगा।

    एमएसएमई विभाग ने स्टार्टअप संचालकों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म भी जारी कर सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

     

  • उज्जैन में सिंहस्थ मेला क्षेत्र का होगा कायाकल्प, 20 किसानों को ₹9 करोड़ मुआवजा

    उज्जैन में सिंहस्थ मेला क्षेत्र का होगा कायाकल्प, 20 किसानों को ₹9 करोड़ मुआवजा

     उज्जैन
     उज्जैन में सिंहस्थ मेला क्षेत्र में 50 किमी लंबी सीमेंट की सड़क बनाने का काम शुरू हो गया है। उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) 600 करोड़ रुपये की लागत से इनका निर्माण करवा रहा है। इसके लिए दो कंपनियों को ठेका दिया गया है। सड़कें बनाने की समय सीमा जुलाई 2027 तय की गई है।

    सिंहस्थ मेला क्षेत्र में यह सड़कें करीब 24 मीटर चौड़ी रहेंगी। मेला क्षेत्र में कुछ ऐसे क्षेत्र भी हैं जहां अभी फसल लगी हुई है। ऐसे में इन इलाकों में अभी सड़क बनाने का काम शुरू नहीं हो पाया है। उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा 20 किसानों को 9 करोड़ रुपये का मुआवजा देकर जमीन की रजिस्ट्री भी करवाई गई है।

    वहीं अन्य किसानों से भी जमीन को लेकर बात जारी है। जिन जमीनों पर फसल लगी है उसकी कटाई खत्म होने के बाद वहां सड़क का निर्माण शुरू हो जाएगा।

    सड़क के साथ पेयजल और सीवरेज की भी होगी व्यवस्था
    उज्जैन में सिंहस्थ क्षेत्र में सड़कों के साथ पेयजल और सीवरेज की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके लिए 1300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं सिंहस्थ क्षेत्र में किसानों से जमीन अधिग्रहण के लिए यूडीए करीब 450 करोड़ रुपये खर्च करेगा। सिंहस्थ क्षेत्र में सीवरेज निर्माण को लेकर पहले विरोध भी हुआ था।

    खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाने होते हुए गणेश चौक तक करीब 730 मीटर लंबी सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इस काम पर लगभग 9.80 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

    सोमवार से सड़क की सीमा तय करने के लिए नपती और मार्किंग का काम शुरू कर दिया गया है।

    इस सड़क चौड़ीकरण से कुल 272 भवन प्रभावित होंगे। नगर निगम की टीम ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर सड़क की नपती की और तय सीमा के हिसाब से भवनों को चिन्हित करना शुरू किया। मार्किंग के जरिए यह तय किया जा रहा है कि सड़क चौड़ीकरण में कौन से भवन आएंगे।

    नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देश पर भवन निरीक्षक शिवम गुप्ता और निगम की टीम ने सड़क का निरीक्षण किया। टीम ने सड़क की सीमा के हिसाब से नपती की और प्रभावित होने वाले भवनों से जुड़ी जरूरी जानकारी भी जुटाई।

    नगर निगम के मुताबिक, खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक का रास्ता शहर के मुख्य और व्यस्त रास्तों में से एक है। सिंहस्थ के दौरान उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी, जिससे यातायात का दबाव भी बढ़ेगा।

    इसी को देखते हुए इस रास्ते को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना बनाई गई है। नपती और सर्वे का काम पूरा होने के बाद नियमों के हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी।

     

  • थाईलैंड की तकनीक से बनेगी इंदौर मेट्रो सुरंग, 20 मीटर नीचे उतरी TBM

    थाईलैंड की तकनीक से बनेगी इंदौर मेट्रो सुरंग, 20 मीटर नीचे उतरी TBM

    इंदौर
     प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मेट्रो के एलिवेटेड कॉरिडोर के बाद अब मेट्रो रेल प्रशासन ने अपनी पहली भूमिगत मेट्रो निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाया. मंगलवार को शहर के एयरपोर्ट स्थित साइट पर टनल बोरिंग मशीन की मदद से भूमिगत टनल निर्माण का कार्य शुरु हुआ है. यह इंदौर शहर के इतिहास में पहली बार है, जब टनल बोरिंग मशीन ने भूमिगत होकर टनल निर्माण का कार्य शुरू किया है। 

    निर्माण कार्य संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को सख्त निर्देश
    मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों, इंजीनियरों, तकनीकी टीम को आगामी टनल निर्माण कार्यों में सुरक्षा, गुणवत्ता एवं निर्धारित तकनीकी मानकों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। 

    उन्नत तकनीक से टनल निर्माण
    इंदौर में अंडरग्राउंड तरल की खुदाई के विरोध के चलते भूमिगत निर्माण के दौरान आमजन और आसपास की संरचनाओं की सुरक्षा के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं. मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक चैतन्य ने बताया, " जमीन और भवनों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के लिए विस्तृत इंस्ट्रूमेंटेशन स्क्रीम तैयार की गई है। 

    उन्होंने आगे बताया, "इसके अंतर्गत लगाए जाने वाले सेंसर जमीन और भवनों में होने वाले अत्यंत मामूली बदलाव की भी जानकारी विशेषज्ञों को उपलब्ध कराएंगे. इससे आवश्यकता होने पर समय रहते उचित निर्णय लिया जा सकेगा. इस प्रकार सुरंग निर्माण के दौरान आमजन की सुरक्षा, भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा और जमीन की स्थिरता की निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। 

    कैसे काम करती है टीबीएम नर्मदा?
    टीबीएम नर्मदा, अर्थ प्रेशर बैलेंस (ईपीबी) मिक्स शील्डतकनीक पर आधारित है. मशीन के आगे बढ़ने के साथ प्री-कास्ट कंक्रीट रिंग्स स्थापित होती जाती हैं. निर्धारित अलाइनमेंट पर सटीक संचालन, गैस मॉनिटरिंग सिस्टम, आपात स्थिति में वन सेकेंड इमरजेंसी स्टॉप, 24×7 कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग जैसी तकनीकी व्यवस्थाएं टनल निर्माण की सुरक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित करती हैं। 

    नर्मदा मशीन का कटिंग व्हील 6.65 मीटर व्यास का है और कुल लंबाई लगभग 102 मीटर है. इस मशीन ने 25 अप्रैल 2026 को थाईलैंड में Factory Acceptance Test (FAT) सफलतापूर्वक पूरा किया. इसके बाद इसे इंदौर लाया गया और साइट पर सावधानीपूर्वक असेंबल करने के पश्चात एयरपोर्ट स्टेशन से लॉन्च किया गया है. सतह से लगभग 20 मीटर तक की गहराई में यह मशीन एयरपोर्ट स्टेशन से भूमिगत टनल का निर्माण करेगी। 

  • डायल-112 हीरोज: आधी रात दो अलग-अलग घटनाओं में डायल 112 बनी मददगार—आधी रात रास्ता भटकी 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला को जवानों ने परिजनों से मिलाया

    डायल-112 हीरोज: आधी रात दो अलग-अलग घटनाओं में डायल 112 बनी मददगार—आधी रात रास्ता भटकी 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला को जवानों ने परिजनों से मिलाया

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में त्वरित पुलिस सहायता के साथ-साथ संवेदनशील मानवीय जरूरतों में भी तत्परता से लोगों की मदद कर रही है। 23 सितम्बर की देर रात प्रदेश में सामने आई दो अलग-अलग घटनाओं में डायल-112 के जवानों ने अपनी तत्परता और संवेदनशीलता से एक ओर रास्ता भटकी 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला को उनके परिजनों से मिलाया, वहीं दूसरी ओर घर में घुसे सांप को सुरक्षित पकड़वाकर परिवार को राहत दिलाई।

    सागर में आधी रात रास्ता भटकी बुजुर्ग महिला को मिला परिवार का सहारा

    सागर जिले के थाना बीना क्षेत्र में खुरई रोड स्थित पावर हाउस के पास 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला रास्ता भटक जाने के कारण अकेली मिलीं। इस संबंध में 23 सितम्बर को रात्रि करीब 1 बजे राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही बीना थाना क्षेत्र में तैनात एफआरवी वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया।

    डायल-112 स्टाफ आरक्षक विक्रम प्रताप एवं पायलट फरहान खान ने मौके पर पहुंचकर बुजुर्ग महिला को सुरक्षित संरक्षण में लिया। जवानों ने एफआरवी वाहन से आसपास के क्षेत्रों में जाकर परिजनों की तलाश की और लोगों से पूछताछ की। इसी दौरान महिला के परिजन भी उनकी तलाश करते हुए वहां पहुंच गए। पहचान एवं सत्यापन के बाद डायल-112 जवानों ने बुजुर्ग महिला को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

    देवास में घर में घुसे सांप को सुरक्षित पकड़वाकर जंगल में छुड़वाया

    देवास जिले के थाना औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत विकास नगर में 23 सितम्बर की रात करीब 2:20 बजे एक घर में सांप घुस आने की सूचना राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल से जिला देवास डायल-112 कंट्रोल रूम को प्राप्त हुई। सूचना पर तत्काल एफआरवी क्रमांक 08 को मौके के लिए रवाना किया।

    एफआरवी स्टाफ एएसआई सुरेश चंद्र शिवर एवं पायलट विजय मालवीय ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। घर के अंदर सांप मौजूद होने की जानकारी मिलने पर एफआरवी स्टाफ ने तत्काल सर्पमित्र को मौके पर बुलवाया। सांप को सुरक्षित पकड़वाकर जंगल में छुड़वा दिया गया, जिससे परिवार को राहत मिली और सांप को भी सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया।

    डायल-112 एफआरवी स्टाफ की त्वरित कार्रवाई से कॉलर को तत्काल सहायता मिली। कॉलर ने डायल-112 की तत्परता की सराहना करते हुए पुलिस जवानों का धन्यवाद व्यक्त किया।

    डायल-112 — संकट की घड़ी में त्वरित सहायता और संवेदनशीलता का भरोसा

    मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही जरूरतमंदों की सुरक्षा और सहायता के लिए निरंतर तत्पर है। आमजन किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में डायल-112 पर कॉल कर पुलिस सहायता प्राप्त कर सकते हैं। 

  • पीएम सूर्य घर योजना की राह होगी आसान, नर्मदापुरम में ‘सेवा सेतु शिविर’

    पीएम सूर्य घर योजना की राह होगी आसान, नर्मदापुरम में ‘सेवा सेतु शिविर’

    भोपाल 

    सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत नर्मदापुरम जिले में 24 सितंबर 2026 को ‘सेवा सेतु शिविर’ का आयोजन किया जाएगा। शिविर का उद्देश्य नागरिकों को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही घरों पर सोलर सिस्टम लगाने की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाना है।

    नर्मदापुरम के कोठी बाजार (सदर बाजार) स्थित आर.आर. मैरिज गार्डन एंड लाउंज में आयोजित ‘सेवा सेतु शिविर’ में नागरिकों को बिजली के बढ़ते बिलों से राहत दिलाने के लिए रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने की प्रक्रिया, सोलर प्लांट की लागत, उपलब्ध सब्सिडी और बैंक ऋण की आसान प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। पात्र हितग्राहियों के लिए मौके पर ही ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। आवेदन से लेकर सोलर प्लांट की स्थापना तक की प्रक्रिया को समझाने के लिए विशेषज्ञों द्वारा आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाएगा।

    प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अन्तर्गत पात्र हितग्राहियों को 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर संयंत्र पर ₹78 हजार तक की सब्सिडी का प्रावधान है। शिविर के माध्यम से अधिक से अधिक नागरिकों को योजना से जोड़ने और सौर ऊर्जा के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।

    नागरिक बंधु 24 सितंबर को आयोजित सेवा सेतु शिविर में पहुंचकर योजना की जानकारी प्राप्त कर योजना का लाभ लेकर घरों को सौर ऊर्जा से रोशन कर बिजली बिल में राहत पायें। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी pmsuryaghar.gov.in  पोर्टल पर भी उपलब्ध कराई गई है।

     

  • बंडा में मादक पदार्थ सेवन से मृत्यु मामले में न्यायिक जांच के लिए एकल सदस्य जांच आयोग नियुक्त

    बंडा में मादक पदार्थ सेवन से मृत्यु मामले में न्यायिक जांच के लिए एकल सदस्य जांच आयोग नियुक्त

    भोपाल 

    सागर जिले की बंडा तहसील क्षेत्र में मादक पदार्थ के सेवन से हुई दुखद मृत्यु के मामले की न्यायिक जांच के लिए राज्य शासन द्वारा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति श्री विष्णु प्रताप सिंह चौहान की अध्यक्षता में एकल सदस्य जांच आयोग नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति न्यायिक जांच के लिए राज्य शासन जांच आयोग अधिनियम-1952 (1952 का 60) की धारा 3 में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए की गई है। नियुक्ति संबंधी सूचना का प्रकाशन मध्यप्रदेश राजपत्र असाधारण में 12 सितंबर को किया गया है।

    जांच के निर्धारित बिंदु अनुसार मादक पदार्थ के सेवन से हुई मृत्यु एवं अस्वस्थता की घटना के कारणों, स्वरूप और संबंधित परिस्थितियों का परीक्षण एवं तथ्यात्मक निर्धारण, संबंधित क्षेत्र के आबकारी अधिकारियों, पुलिस एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों ‌द्वारा निर्धारित दायित्वों के निर्वहन की स्थिति का परीक्षण, भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी नियंत्रण एवं निगरानी के लिए आवश्यक उपायों की अनुशंसा जांच आयोग करेगा। आयोग का मुख्यालय सागर रहेगा। आयोग इस अधिसूचना के मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से तीन माह के भीतर अपनी जाँच पूरी करेगा और रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत करेगा।

     

  • देवास के पुंजापुरा में प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी से वड़नगर जा रहे सेवा संकल्प बाइक राइडर्स से करेंगे वर्चुअली संवाद

    देवास के पुंजापुरा में प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी से वड़नगर जा रहे सेवा संकल्प बाइक राइडर्स से करेंगे वर्चुअली संवाद

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत देवास जिले के पुंजापुरा में बाइक राइडर्स के साथ मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वाराणसी से वडनगर के लिए निकाली गई ‘सेवा संकल्प बाइक यात्रा’ में शामिल बाइक राइडर्स से वर्चुअली संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 35.42 लाख हितग्राहियों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 212.57 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित करेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी उपस्थित रहेंगे।

    प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ अंतर्गत वाराणसी से वडनगर तक विशेष बाइक यात्रा निकाली जा रही है, जो 17 सितंबर को वाराणसी से रवाना हुई है। यात्रा में 250 बाइकों पर 500 सेवा यात्री शामिल हैं। यात्रा विभिन्न राज्यों के अनेक जिलों एवं गांवों से होकर वडनगर (गुजरात) पहुंचेगी।

    यात्रा के दौरान सेवा, जनसंवाद और राष्ट्रीय एकता से जुड़े संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं। यात्रा में विभिन्न स्थानों पर प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं उपलब्धियों से संबंधित जानकारी प्रदर्शित करने वाले वाहन भी शामिल हैं।

    कार्यक्रम में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, बागली विधायक मुरली भंवरा एवं राय सिंह सेंधव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में गणमान्य नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में आमजन भी सहभागिता करेंगे।

     

  • उद्योगों की विद्युत संबंधी समस्याओं पर एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने किया सीधा संवाद

    उद्योगों की विद्युत संबंधी समस्याओं पर एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने किया सीधा संवाद

    भोपाल

    वित्तीय वर्ष 2027-28 के वार्षिक राजस्व आवश्यकता प्रस्ताव को दाखिल किए जाने से पूर्व उद्योग जगत की विद्युत संबंधी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझने के लिए एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (एमपीपीएमसीएल) ने बुधवार को भोपाल स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में औद्योगिक संगठनों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन की अध्यक्षता एमपीपीएमसीएल के प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले ने की।

    औद्योगिक प्रतिनिधियों ने औद्योगिक क्षेत्रों में विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ वर्तमान कंडक्टरों को कवर्ड कंडक्टरों से बदलने, उच्च ऊर्जा एवं डिमांड चार्जेस, विद्युत चोरी एवं एटी एंड सी हानियों में कमी, न्यूनतम शुल्क समाप्त करने, एचटी श्रेणी में लोड फैक्टर आधारित ऊर्जा शुल्क व्यवस्था तथा आधारित बिलिंग सहित विभिन्न विषयों पर सुझाव एवं अपेक्षाएं रखीं।

    आगामी औद्योगिक पार्कों के विकास को लेकर भी सम्मेलन में चर्चा हुई। औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने और विद्युत व्यवधान तथा तकनीकी हानियों को कम करने के लिए भूमिगत विद्युत केबलिंग अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।

    एमपीपीएमसीएल के मुख्य महाप्रबंधक रेवेन्यू मैनजमेंट शैलेंद्र सक्सेना ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उद्योगों से संबंधित विभिन्न टैरिफ एवं विद्युत विषयों की जानकारी दी। वहीं, मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने विभिन्न श्रेणियों के उद्योगों के लिए उपलब्ध प्रोत्साहनों, रियायतों एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी दी।

    औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने ARR प्रस्ताव दाखिल किए जाने से पूर्व उद्योग जगत के साथ प्रत्यक्ष संवाद की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे उद्योगों से जुड़े विद्युत एवं टैरिफ संबंधी विषयों को सीधे विद्युत क्षेत्र के अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर मिला।

    एमपीपीएमसीएल के प्रबंध संचालक श्री गढ़पाले ने औद्योगिक प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए विषयों एवं सुझावों को सुना और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर व्यावहारिक समाधान की दिशा में कार्य करने पर बल दिया। सम्मेलन में उद्योग जगत और विद्युत क्षेत्र के अधिकारियों के बीच विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श एवं सुझावों का आदान-प्रदान हुआ। भविष्य में भी उद्योगों से संबंधित विद्युत विषयों पर निरंतर संवाद एवं समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।

    सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक संगठनों के करीब 25 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें ऑल इंडिया स्टील मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया इंडक्शन फर्नेस एसोसिएशन, फेडरेशन ऑफ एम.पी. चैंबर ऑफ कॉमर्स, गोविंदपुरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज देवास, मध्यप्रदेश टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन, रतलाम औद्योगिक एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज, एम.पी. स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज ऑर्गेनाइजेशन, लघु उद्योग भारती, महाकौशल उद्योग संघ तथा विंध्य चैंबर ऑफ कॉमर्स, सतना सहित अन्य संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। मध्यप्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों, मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन तथा मुख्य विद्युत निरीक्षक एवं विद्युत सुरक्षा कार्यालय के अधिकारी भी सम्मेलन में उपस्थित रहे।

     

  • यूडाइज प्लस एवं प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक पर तीन दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला में डेटा के प्रभावी उपयोग की दी गई जानकारी

    यूडाइज प्लस एवं प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक पर तीन दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला में डेटा के प्रभावी उपयोग की दी गई जानकारी

    भोपाल 

    राज्य शिक्षा केंद्र, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, यूनिसेफ एवं एनआईसी के सहयोग से 21 से 23 सितंबर तक आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल में आयोजित यूडाइज प्लस एवं पीजीआई इंडेक्स 2025-26 की तीन दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का समापन हो गया। कार्यशाला में राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारियों को यूडाइज प्लस में डेटा प्रविष्टि, सत्यापन एवं प्रबंधन तथा पीजीआई और पीजीआई-डी के माध्यम से शैक्षिक प्रदर्शन के विश्लेषण की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने डेटा की शुद्धता, प्रमाणिकता और समयबद्ध अद्यतन को प्रभावी शैक्षिक नियोजन के लिए महत्वपूर्ण बताया। साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि विद्यालयों से प्राप्त डेटा अब केवल रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकताओं की पहचान, संसाधनों के बेहतर नियोजन और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए कार्ययोजनाएं तैयार करने का महत्वपूर्ण आधार बनेगा।

    सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग डॉ. संजय गोयल ने कार्यशाला में शामिल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज शिक्षा व्यवस्था में बेहतर योजना निर्माण, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और निरंतर सुधार के लिए विश्वसनीय आंकड़ों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब आंकडों और उनके विश्लेषण की बात हो तो UDISE+ और PGI इंडेक्स को समझना और उनका प्रभावी उपयोग सभी मैदानी अधिकारियों के लिए आवश्यक है। सचिव डॉ. संजय गोयल ने शैक्षणिक प्रबंधन में डेटा की भूमिका को रेखांकित करते हुए जिला अधिकारियों से उपलब्ध आंकड़ों को केवल रिपोर्टिंग तक सीमित न रखते हुए विद्यालयों की वास्तविक आवश्यकताओं को समझने और सुधार की दिशा तय करने में उपयोग करने का आह्वान किया।

    कार्यशाला में सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग डॉ. संजय गोयल, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग भारत सरकार के उप महानिदेशक डॉ. पंकज के.पी. श्रेयस्कर, संचालक राज्य शिक्षा केंद्र श्री हरजिन्दर सिंह, अपर मिशन संचालक सुश्री काजल जावला, समग्र शिक्षा की अपर परियोजना संचालक सुश्री नंदा भलावे कुशरे, सीनियर डायरेक्टर NIC दिल्ली श्री सबा अख़् तर एवं यूनिसेफ भारत के शिक्षा विशेषज्ञ श्री गणेश निगम, अपर संचालक, राज्य शिक्षा केंद्र डॉ. अरुण सिंह सहित विभागीय अधिकारी, यूनिसेफ एवं एनआईसी के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। राज्य शिक्षा केंद्र के यूडाइस प्रभारी श्री सुमनकांत जैन और प्रशासक डॉ. राकेश दुबे ने कार्यशाला का समग्र समन्वय किया।

    प्रदेश में 1.20 लाख स्कूलों का डेटा

    स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग भारत सरकार के उप महानिदेशक डॉ. पंकज के.पी. श्रेयस्कर ने UDISE+ एवं PGI से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने डेटा की गुणवत्ता, समयबद्ध प्रविष्टियों और शिक्षा क्षेत्र में आंकड़ों के व्यवस्थित उपयोग के महत्व पर बताया कि यूडाइज प्लस 2025-26 के अनुसार मध्यप्रदेश में लगभग 1.20 लाख विद्यालय, 1.53 करोड़ विद्यार्थी और 7.29 लाख शिक्षकों से संबंधित आंकड़े दर्ज हैं। डॉ. श्रेयस्कर ने कहा कि इतने व्यापक स्तर पर संकलित डेटा में छोटी-सी विसंगति भी योजना निर्माण और संसाधन नियोजन को प्रभावित कर सकती है। इसलिए डेटा को वास्तविक स्थिति के अनुरूप दर्ज करने और नियमित सत्यापन करना आवश्यक है।

    पीजीआई से चिन्हित होंगे सुधार के क्षेत्र

    यूनिसेफ नई दिल्ली के शिक्षा विशेषज्ञ श्री गणेश निगम ने पीजीआई की संरचना, उद्देश्य एवं उपयोग विषय पर प्रतिभागियों को जानकारी दी। उन्होंने पीजीआई इंडेक्स के विभिन्न संकेतकों को समझने और उनके आधार पर जिलों और विद्यालयों की प्राथमिकताओं को चिह्नित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। यूडाइज प्लस डेटा कैप्चर फॉर्मेट 2026-27 के प्रावधानों के साथ विद्यालय, भवन, सुविधाओं, डिजिटल संसाधनों, शिक्षकों एवं अन्य मानव संसाधनों से जुड़े डेटा की जानकारी दी। डॉ. गणेश निगम ने पीजीआई की संरचना और ग्रेडिंग प्रणाली पर के बारे में जानकारी दी। प्रदेश के विभिन्न जिलों के पीजीआई रिपोर्ट कार्ड के माध्यम से वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक के प्रदर्शन का विश्लेषण कर आंकड़ों के आधार पर सुधार के क्षेत्र चिन्हित करने की प्रक्रिया समझाई गई।

    शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के सांख्यिकी अधिकारी श्री संतन सिंह ने पीजीआई के विभिन्न डोमेन और संकेतकों की जानकारी दी, जबकि श्री जगदीश कुमार ने पीजीआई-डी 2025-26 के अंतर्गत 70 संकेतकों और 600 अंकों के आधार पर जिलेवार प्रदर्शन के आकलन की प्रक्रिया बताई। इस दौरान सीखने के परिणाम, प्रभावी कक्षा शिक्षण, अधोसंरचना एवं सुविधाएं, विद्यार्थी हितलाभ, विद्यालय सुरक्षा एवं बाल संरक्षण, डिजिटल लर्निंग एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

    यूडाइज प्लस मॉड्यूल का व्यावहारिक प्रशिक्षण

    NIC दिल्ली के सीनियर डायरेक्टर श्री विकास जैन एवं श्री सर्वेन्द्र तरुण द्वारा UDISE + पोर्टल का लाइव डेमो के माध्यम से उसके प्रावधान के बारे में बताया। साथ ही जिलों एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की समस्याओं का तत्काल समाधान भी किया। उन्होंने विद्यालय निर्देशिका, प्रोफाइल एवं सुविधा, शिक्षक प्रबंधन और विद्यार्थी मॉड्यूल में डेटा प्रविष्टि, अद्यतन, सत्यापन और प्रबंधन की प्रक्रिया भी समझाई। जीपीएस मैपिंग, विद्यालयों के विलय एवं बंद होने की प्रक्रिया, शिक्षक एवं विद्यार्थियों की जानकारी एवं दैनिक डेटा सिंक्रोनाइजेशन का भी प्रदर्शन किया गया।

    विश्वसनीय डेटा एवं सटीक विश्लेषण जरूरी

    संचालक राज्य शिक्षा केंद्र श्री हरजिंदर सिंह ने UDISE+ एवं PGI इंडेक्स से प्राप्त जानकारी का उपयोग विद्यालयी शिक्षा में सुधार के लिए प्रभावी ढंग से करने की बात कही। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और परिणामों के आकलन के लिए विश्वसनीय डेटा तथा उसके विश्लेषण की महत्वपूर्ण भूमिका है। सही और प्रमाणित डेटा बेहतर योजना, संसाधनों के प्रभावी नियोजन और लक्षित शैक्षिक सुधार का आधार है। पीजीआई एवं पीजीआई-डी रिपोर्ट का उपयोग केवल प्रदर्शन के आकलन के लिए नहीं, बल्कि सुधार के क्षेत्रों की पहचान कर साक्ष्य-आधारित कार्ययोजना तैयार करने के लिए किए जाने पर भी बल दिया गया।

    कार्यशाला में प्रदेश के समस्त जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, अपर परियोजना समन्वयक, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, जिला प्रोग्रामर, विकासखण्ड एमआईएस समन्वयक सहित राज्य शिक्षा केंद्र के अधिकारी उपस्थित रहे।