Category: मध्य प्रदेश

  • राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल ने सेवा संकल्प अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक में की सहभागिता

    राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल ने सेवा संकल्प अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक में की सहभागिता

    अनूपपुर
     सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत बिजुरी के हनुमान मंदिर चौराहा में नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने सहभागिता की। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्यों, सेवा भावना और जनभागीदारी के महत्व को प्रभावी एवं रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से समाज में आपसी सहयोग, जरूरतमंदों की सहायता, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। इस अवसर पर राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि सेवा का भाव समाज को जोड़ने और सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति को समाजहित में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सामूहिक सहभागिता से सेवा कार्यों को और व्यापक बनाया जा सकता है।
    राज्यमंत्री जायसवाल ने नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति का अवलोकन करते हुए कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अभियान के अंतर्गत किए जा रहे जनजागरूकता कार्यक्रमों की सराहना की। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आमजन को सेवा कार्यों से जुड़ने और समाजहित में अपना योगदान देने का संदेश दिया गया।
    इस अवसर पर नगर पालिका बिजुरी की अध्यक्ष श्रीमती सहबीन पनिका सहित अन्य जनप्रतिनिधि आम नागरिक उपस्थित रहे।

  • ट्रिपल  आईटी भोपाल में  कोडर आर्मी के संस्थापक रोहित नेगी एवं सह संस्थापक आदित्य टंडन का छात्रों के साथ विशेष सत्र आयोजित।

    ट्रिपल आईटी भोपाल में कोडर आर्मी के संस्थापक रोहित नेगी एवं सह संस्थापक आदित्य टंडन का छात्रों के साथ विशेष सत्र आयोजित।

    भोपाल

    HackerRank कैंपस क्रू ने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल (IIIT भोपाल) के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ (TnP सेल) के सहयोग से "RE.MARKS 2.0" नामक वक्ता कार्यक्रम का आयोजन मैनिट भोपाल के सिविल सभागार में किया गया।

    ट्रिपल आईटी भोपाल के निदेशक प्रोफेसर आशुतोष  कुमार सिंह ने छात्रों को बताया कि रोहित नेगी और आदित्य टंडन जैसे युवा कोडिंग प्रतिभाओं को शामिल करते हुए इस तरह के सत्र भविष्य में भी आयोजित किए जाते रहेंगे, जिसका उद्देश्य छात्रों को अपने कौशल निखारने और उद्योग जगत के लिए तैयार बनाने में मदद करना है।प्रो. सिंह ने कहा कि आज का युवा अपने यूथ आइकन से प्रेरित हो उनको ही सुनना चाहता है।आज के प्रतिस्पर्धी आई टी जगत में युवाओं को सही दिशा निर्देश मिलना नितांत आवश्यक है। ट्रिपल आई तो भोपाल जो राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है उसका निदेशक होने के नाते मेरी यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा से चयनित होकर आया छात्र भीड़ में न खोकर अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर अपने संस्थान का नाम ऊंचा करे।छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु मै हर संभव प्रयास करूंगा।आज का सत्र भी इसी की एक कड़ी है।आशा है छात्र रोहित नेगी एवं आदित्य टंडन के अनुभव से अपनी कोडिंग स्किल एवं अपनी स्किल्स का विकास करेंगे।

     ऐंकर अलख मिश्रा और रिया द्विवेदी ने मंच संभाला और कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की।

    इसके कुछ समय बाद, मुख्य अतिथियों रोहित नेगी (संस्थापक, Coder Army) और आदित्य टंडन (सह-संस्थापक, Coder Army) का जोरदार तालियों के साथ स्वागत किया गया और डॉ. दीप जोशी ने उन्हें पुष्प गुच्छ से सम्मानित किया। डॉ. दीप जोशी ने भी छात्रों को संबोधित करते हुए महत्वपूर्ण बातें साझा कीं और उद्योग जगत के लिए तैयार बने रहने हेतु निरंतर सीखते रहने और व्यावहारिक कौशल पर बल दिया।
    वक्ताओं ने हल्के-फुल्के परिहास के साथ बातचीत शुरू करते हुए अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा की — किस तरह उन्होंने कोडिंग सीखनी शुरू की, कैसे वे मित्र बने, और अंततः कैसे उन्होंने मिलकर Coder Army की स्थापना की। इसके बाद उन्होंने छात्रों के प्रश्नों के लिए मंच खोला और अपने वास्तविक अनुभवों के आधार पर वर्तमान कंप्यूटर विज्ञान क्षेत्र से जुड़े प्रश्नों के उत्तर दिए।

    छात्रों के साथ साझा की गई कुछ प्रमुख बातें:

    आदित्य टंडन: "अगर कोई तकनीक आपको भविष्य को लेकर डराती है, तो उसे सीख लीजिए। वह इसलिए डरावनी लगती है क्योंकि वह अनजानी है।"
    रोहित नेगी: "श्रेष्ठ बनने के लिए सबसे बुद्धिमान होना ज़रूरी नहीं है।"
    रोहित नेगी: "यह कभी केवल कोड के बारे में नहीं होता। यह विपणन, प्रस्तुति और उपयोगकर्ता के बारे में होता है। यह हमेशा से उपयोगकर्ता के बारे में ही रहा है।"

    रोहित नेगी: "वह जोखिम उठाइए। यही वह तत्व है जो संसार के सर्वश्रेष्ठ लोगों को शेष सबसे अलग करता है।"

    वक्ताओं ने इस विषय पर चर्चा की कि कोई परियोजना विकास से बाज़ार तक वास्तव में कैसे पहुंचती है, उद्योग में आगे बढ़ने के लिए किस मानसिकता की आवश्यकता होती है, किसी उम्मीदवार को नियुक्ति योग्य क्या बनाता है, और आज के तकनीकी परिदृश्य में वास्तव में क्या महत्व रखता है। नवोदित कंपनियों और बड़ी उत्पाद कंपनियों, दोनों में अपने अनुभव के आधार पर उन्होंने छात्रों को दोनों की वास्तविकताओं से अवगत कराया।
    रोहित नेगी ने डेटा संरचना एवं एल्गोरिदम (DSA) के महत्व पर भी प्रकाश डाला और इससे जुड़े कई भ्रमों को दूर करते हुए छात्रों को स्पष्ट रूप से बताया कि उन्हें किस पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और किससे बचना चाहिए। आदित्य टंडन ने बताया कि आज के युग में, जो तेज़ी से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से प्रभावित हो रहा है, एक सर्वसामान्यज्ञ और विशेषज्ञ दोनों बनना कितना आवश्यक है।
    सर्वश्रेष्ठ प्रश्न पूछने वाले छात्रों को मंच पर आमंत्रित किया गया और मुख्य अतिथियों रोहित नेगी तथा आदित्य टंडन द्वारा उन्हें उपहार भेंट किए गए। इसके तुरंत बाद, 15 सितंबर को आयोजित BCC (बेस्ट कोडर कॉन्टेस्ट)के विजेताओं को भी टी  एंड पी सेल के फैकल्टी इंचार्ज डॉ. दीप जोशी और टी पी ओ, डॉ. अजय वास्तव द्वारा मुख्य अतिथियों की उपस्थिति में पुरस्कृत किया गया।

    समापन विचार एवं आभार प्रदर्शन ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर डॉ. अजय वास्तव के संक्षिप्त संबोधन से हुई, जिन्होंने आयोजन की भव्यता और गुणवत्ता के बारे में बात की और टी एंड पी सेल के निरंतर प्रयासों से अवगत कराते हुए भविष्य में ऐसे और आयोजनों का वादा किया।उन्होंने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए उनके समय और ज्ञान के लिए धन्यवाद दिया। डॉ. अजय वास्तव ने कार्यक्रम का समापन करते हुए कहा, "हम अक्सर तकनीकी बातों, शिक्षा और उद्योग के बारे में चर्चा करते हैं, लेकिन आज हमें एक ऐसे विषय पर चर्चा करने का अवसर मिला जिस पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता — नौकरी मिलने के बाद क्या होता है और आप इन परिस्थितियों में कैसे आगे बढ़ सकते हैं।"

    उन्होंने कहा जिस बेबाकी से काडर आर्मी के रोहित नेगी और आदित्य टंडन ने छात्रों के सवालों के जवाब दिये उससे हर छात्र प्रभावित हुआ है और यही वजह है कि उनको सुनने और अपने सवालों के जवाब के लिए छात्र 4 घंटे आराम से बैठ कर उनको सुनते रहे।
    इन समापन विचारों के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

  • किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, CM यादव ने तकनीक-नवाचार को बताया अहम

    किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, CM यादव ने तकनीक-नवाचार को बताया अहम

    तकनीक एवं नवाचार से बढ़ायेंगे किसानों का उत्पादन और आमदनी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    सिंगरौली में हुए बलराम कृषि महोत्सव में किसानों से वीसी से किया संवाद

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के हित में हमारी सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। हम तकनीक और नवाचार के जरिए किसानों का फसल उत्पादन और आमदनी दोनों बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा की सिंगरौली की रत्नगर्भा भूमि में अब प्राकृतिक खेती का तेजी से प्रसार हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस जिले के 3000 से अधिक किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब मिलकर सिंगरौली जिले को कृषि के मामले में अग्रणी जिला बनायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जाधानी के रूप में मशहूर सिंगरौली जिले को अब प्राकृतिक खेती का बड़ा केंद्र बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को सिंगरौली जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने किसानों को अनंत चतुर्दशी की मंगलकामनाएं भी दीं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से कहा कि हम प्रदेश में 100 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई क्षमता का विस्तार करेंगे। उद्यानिकी का रकबा 30 लाख हेक्टेयर ले जाएगे। खाद्य प्रसंस्‌करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देंगे। एक जिला-एक उत्पाद से स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देंगे। पशुपालन और डेयरी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अंग बनाएगें। उन्होंने कहा कि हम खेती से जुड़े एक लाख किसानों, युवाओं और बेटियों को विशेष प्रशिक्षण देकर प्रदेश में कृषि उद्यमियों की नई पीढ़ी तैयार करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोन और गोपद नदी का संगम स्थल सिंगरौली जिला श्रीअन्न उत्पादन में अग्रणी है। कोदो और सामा यहां की प्रमुख फसलें है। सिंगरौली और डिंडोरी के किसानों की पहल पर ही सरकार ने कोदो-कुटकी की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी का निर्णय लिया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगरौली जिले के प्रगतिशील किसानों से वीसी से संवाद कर उनके द्वारा की जा रही प्राकृतिक खेती, अन्न उत्पादन और विशेषकर हल्दी की खेती के बारे में जानकारी ली। किसानों ने बताया कि परम्परागत खेती के बजाय जैविक खाद के इस्तेमाल से प्राकृतिक खेती में ज्यादा फायदा होता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंगरौली के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ नई तकनीक और नई फसलों को भी अपना रहे हैं। उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी सिंगरौली जिले में काफी संभावनाएं हैं। जिले में आटा मिल, राइस मिल, ऑयल मिल, दुग्ध उत्पाद, बेकरी और खाद्य प्रसंस्‌करण की कई नई इकाइयां स्थापित की गई हैं। सरकार द्वारा किसान भाइयों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए फीडरों का विभक्तिकरण कर दिया गया है। इससे खेती के लिए बिजली की उपलब्धता और भी बेहतर होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी खेती-किसानी में फसल विविधीकरण अपनाएं। उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती में रूचि लें। साथ ही पशुपालन और मछली पालन व्यवसाय से भी जुड़ें।

    सिंगरौली में हुए बलराम कृषि महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम स्थल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, सीधी-सिंगरौली के लोकसभा सांसद डा. राजेश मिश्रा एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक सिंगरौली रामनिवास शाह, विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पांचूलाल प्रजापति, कपिल यार्दे, राम लल्लन सिंह, जयपाल सिंह सहित प्रगतिशील किसान और बड़ी संख्या में जिले भर से आए किसान बंधु उपस्थित थे।

     

  • अंत्योदय और एकात्म मानववाद का दर्शन समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रहा है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    अंत्योदय और एकात्म मानववाद का दर्शन समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रहा है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    अंत्योदय और एकात्म मानववाद का दर्शन समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रहा है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर किया नमन
    लालघाटी स्थित श्रद्धेय दीनदयाल जी की प्रतिमा पर की पुष्पांजलि अर्पित

    भोपाल :
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय जन संघ के संस्थापक श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री गडकरी के साथ "एक पेड़ मां के नाम'' के अंतर्गत आम का पौधा रोपा। इस अवसर पर प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास सांरग, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी तथा बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने अपने संदेश में कहा कि हमारे प्रेरणा स्रोत श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का अंत्योदय और एकात्म मानववाद का दर्शन आज भी समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। दीनदयाल जी के राष्ट्र सेवा और जनकल्याण के विचारों से प्रेरणा लेते हुए हम समावेशी विकास के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

     

  • भोपाल-जबलपुर रोड पर राहत, शहपुरा टोल एक-दो दिन में होगा बंद

    भोपाल-जबलपुर रोड पर राहत, शहपुरा टोल एक-दो दिन में होगा बंद

    जबलपुर
    जबलपुर-भोपाल रोड पर शहपुरा रेलवे ब्रिज क्षतिग्रस्त होने के बाद डायवर्ट किए गए यातायात को देखते हुए शहपुरा टोल नाका अब एक-दो दिन में बंद किया जाएगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि जब तक शहपुरा का पुल दोबारा बनकर तैयार नहीं हो जाता, तब तक टोल कलेक्शन बंद रहेगा। इससे डायवर्ट रूट से गुजरने वाले वाहन चालकों को टोल शुल्क नहीं देना होगा। मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि शहपुरा रेलवे ब्रिज के क्षतिग्रस्त होने के बाद यातायात को वैकल्पिक मार्ग से निकाला जा रहा है। ऐसे में टोल वसूली को लेकर लोगों में नाराजगी थी। उन्होंने कहा कि अब टोल बंद करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और एक-दो दिन में वसूली बंद हो जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि केंद्रीय मंत्री ने इसको लेकर फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।  

    पहले दिए थे निर्देश, फिर भी जारी थी वसूली
    इससे पहले भी लोक निर्माण मंत्री ने शहपुरा टोल को अस्थायी रूप से बंद करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद टोल नाके पर वाहनों से शुल्क वसूली जारी रहने का मामला सामने आया था। स्थानीय लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया था और पुलिस से भी शिकायत की थी। उस समय टोल नाके के मैनेजर ने कहा था कि उन्हें टोल बंद करने का लिखित आदेश नहीं मिला है। लिखित निर्देश मिलने के बाद वसूली बंद करने की बात कही गई थी। अब मंत्री ने स्पष्ट किया है कि पुल बनने तक टोल बंद रहेगा। 

    लोकपथ एप पर बसों की टाइमिंग भी मिलेगी
    राकेश सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत चलने वाली बसों की समय सारणी भी आने वाले समय में लोकपथ एप पर उपलब्ध कराई जाएगी। यात्री एप पर देख सकेंगे कि कौन सी बस किस समय और किस स्थान से चलेगी और उसे कहां से लिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अभी लोकपथ एप पर सड़क और मार्ग की जानकारी के साथ पर्यटन स्थल, टोल नाके, अस्पताल और पुलिस थानों की जानकारी उपलब्ध है। बसों की टाइमिंग जुड़ने के बाद यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल सकेगी। 

  • सागर समेत 16 जिलों में तेज बारिश के आसार, 13 में अति भारी अलर्ट

    सागर समेत 16 जिलों में तेज बारिश के आसार, 13 में अति भारी अलर्ट

    भोपाल

    मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले बारिश का एक और मजबूत दौर शुरू हो गया है। शुक्रवार को प्रदेश के 13 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन बारिश का असर ज्यादा रहेगा। कुछ इलाकों में चार इंच से अधिक पानी गिर सकता है। बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब अब मजबूत मौसमी सिस्टम में बदल गया है। इसके असर से 25 और 26 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का जोर रहेगा। 27 सितंबर को भी कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। इसके बाद तंत्र आगे बढ़ जाएगा। शुक्रवार को टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, दमोह, उमरिया, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं भिंड, दतिया, निवाड़ी, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और पांढुर्णा में भारी बारिश हो सकती है।

    मानसून विदाई से ठीक पहले बारिश का जोर
    मध्य प्रदेश में मानसून का आधिकारिक सीजन 30 सितंबर तक रहता है। यानी अब इसकी विदाई में करीब छह दिन बाकी हैं। इससे पहले प्रदेश में लगातार बारिश के दो दौर आ चुके हैं और अब आखिरी सप्ताह में तीसरे मजबूत दौर ने दस्तक दी है।मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार 25 और 26 सितंबर को सिस्टम का प्रभाव ज्यादा रहेगा। 27 सितंबर को भी बारिश जारी रह सकती है। इसके बाद मौसम में बदलाव आने की संभावना है।

    अब भी सामान्य से 2.4 इंच कम बारिश
    बारिश के नए दौर के बावजूद प्रदेश में सीजन की कुल बारिश अभी सामान्य से पीछे है। अब तक 873.4 मिमी यानी 34.4 इंच बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा करीब 935.1 मिमी यानी 36.8 इंच है। इस तरह प्रदेश में अब तक करीब 2.4 इंच यानी 7 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में कमी करीब 2 प्रतिशत है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    23 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी
    प्रदेश के अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इसके उलट कई जिलों में बारिश का आंकड़ा अब भी सामान्य से काफी नीचे है। हालांकि सितंबर के अंतिम दौर की बारिश से कमी तेजी से घट रही है।

    जून की कमी अब भी पूरी नहीं हुई
    इस मानसून में जून सबसे कमजोर रहा। महीने में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश ने स्थिति संभाली और दोनों महीनों का कोटा पूरा हुआ, लेकिन जून की कमी पूरी तरह नहीं भर सकी। इसी वजह से पूरे मानसून सीजन का आंकड़ा अभी भी सामान्य से नीचे है। 25-26 सितंबर की बारिश के बाद यह अंतर और कम होने की उम्मीद है। 

    प्रदेश में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, दमोह, उमरिया, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।

    वहीं, भिंड, दतिया, निवाड़ी, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और पांढुर्णा में भारी बारिश होगी।

    इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के कुछ जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    अतिवृष्टि की संभावना: सतना में 2 दिन स्कूल बंद
    अतिवृष्टि की संभावना को देखते हुए सतना जिले में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने 26 सितंबर को भी नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया है।

    यह आदेश शासकीय, अशासकीय, केंद्रीय, नवोदय, आईसीएसई सहित सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा।

    अगले 2 दिन असर रहेगा
    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ अवदाब अब महत्वपूर्ण मौसमी सिस्टम के रूप में उभर रहा यह स्ट्रॉन्ग हो गया है। इस वजह से 25 और 26 सितंबर को असर ज्यादा रहेगा। 27 को भी तेज बारिश होगी। इसके बाद सिस्टम आगे बढ़ जाएगा।

    मानसून की विदाई को 6 दिन बचे
    एमपी में दक्षिण-पश्चिम मानसून का पीरियड 1 जून से 30 सितंबर तक है। यानी, मानसून की विदाई को छह दिन बचे हैं। इस बार भी सितंबर के आखिरी सप्ताह से विदाई होने लगेगी। राजस्थान के कई जिलों से मानसून लौट चुका है।

    सामान्य बारिश से 2.4 इंच नीचे चल रहा प्रदेश
    IMD की मानें तो प्रदेश में अब तक 873.4 मिमी यानी, 34.4 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 36.8 इंच (935.1 मिमी) की तुलना में 2.4 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 7 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 2% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 11% बारिश कम हुई है।

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 2% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 23% तक कम बारिश हुई है।

    पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। गुरुवार को भी आंकड़ा माइनस में दो प्रतिशत रहा।

    वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 8% से 50% कम पानी गिरा है।

    इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश
    IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

     

  • खंडवा में करोड़ों की सरकारी जमीन का मामला, पटवारी पर कार्रवाई

    खंडवा में करोड़ों की सरकारी जमीन का मामला, पटवारी पर कार्रवाई

    खंडवा 
     खंडवा में एक पटवारी ने स्वामित्व योजना का ऐसा गलत तरीके से लाभ उठाया कि सुनकर चौंक जाएंगे. मामला खंडवा के कोलगांव का है. शासकीय भूमि के रिकॉर्ड में अनियमितता के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पटवारी राजेश मंडलोई को निलंबित कर दिया है. उसने शासकीय भूमि के 50 से ज्यादा पट्टे अपने परिवार व रिश्तेदारों के नाम कर दिए। 

    कलेक्टर ने किया पटवारी को सस्पेंड
    ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह पुरनी ने आरोप लगाया था "ग्राम कोलगांव की शासकीय भूमि से संबंधित रिकॉर्ड में पटवारी ने अपने और परिवार के सदस्यों के नाम 51 पट्टे दर्ज करा लिए हैं." इसके बाद कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने मामले की जांच के लिए अपर कलेक्टर को निर्देश दिए. राजस्व अधिकारियों द्वारा रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई. जांच प्रक्रिया के दौरान नायब तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन पटवारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। 

    नायब तहसीलदार की रिपोर्ट पर कलेक्टर की कार्रवाई
    कोलगांव की शासकीय भूमि से जुड़े रिकॉर्ड में अनियमितता सामने आने के बाद तत्कालीन पटवारी की भूमिका की जांच की गई. नायब तहसीलदार द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने पटवारी राजेश मंडलोई को मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. निलंबन अवधि के दौरान राजेश मंडलोई का मुख्यालय तहसील कार्यालय खंडवा निर्धारित किया गया है। 

    आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी. मामले में प्रशासनिक स्तर पर आगे की जांच और दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है. कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया "स्वामित्व योजना के अंतर्गत पटवारी ने स्वामित्व के प्लॉट में से ढेर सारे प्लॉट खुद और कुछ प्लॉट परिवार के नाम कर लिए. इसकी जांच करवाई गई. जांच में शिकायत सही पाए जाने पर पटवारी को निलंबित कर दिया है. विभागीय जांच भी शुरू के दी है।  

  • भोपाल में महाराष्ट्र समाज का सांगीतिक कार्यक्रम, तुषार सोहोनी ने भजनों से बांधा समां

    भोपाल में महाराष्ट्र समाज का सांगीतिक कार्यक्रम, तुषार सोहोनी ने भजनों से बांधा समां

    भोपाल
    महाराष्ट्र समाज, तुलसी नगर, भोपाल द्वारा गणेश उत्सव में आयोजित सांगीतिक कार्यक्रमव  स्मृतिगंध – भजन, भावगीत एवं नाट्यगीत प्रस्तुति" का सफल आयोजन हुआ। सुमधुर भजन संध्या में श्रोताओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर संगीत का आनंद लिया।
    प्रसिद्ध गायक  तुषार सोहोनी ने एक से बढ़कर एक भजन और भावगीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पं. बलवंत पुराणिक (हारमोनियम), अजय कुलकर्णी (तबला), विद्याधर आमटे (बांसुरी) और श्री धर्मेश (ऑक्टोपैड) की संगत ने कार्यक्रम को और भी मधुर बना दिया।

    महाराष्ट्र समाज के अध्यक्ष शिशिर साठे, सचिव यश बुचके ने कार्यक्रम में पधारे सभी रसिक श्रोताओं, कलाकारों एवं प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

  • सड़क चौड़ीकरण में CM यादव और बहन का मकान प्रभावित होगा

    सड़क चौड़ीकरण में CM यादव और बहन का मकान प्रभावित होगा

    उज्जैन 

     सिंहस्थ-2028 को लेकर उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है। विस्तारीकरण मार्ग में आड़े आ रहे मकानों को तोड़ा जा रहा है। इस जद में सीएम मोहन यादव का भी मकान आ गया है। उनके पैतृक मकान का कुछ हिस्सा टूटेगा। इसके साथ ही उनकी बहन कलावती यादव का मकान भी इस जद में है।

    खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा तक चौड़ीकरण
    दरअसल, उज्जैन के खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण होना है। यह मार्ग करीब 730 मीटर लंबा है इसे 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। इस क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण की जद में 272 इमारतें आ रही हैं। इसमें सीएम मोहन यादव का पैतृक मकान और उनकी बड़ी बहन एवं नगर निगम सभापति कलावती यादव का घर भी शामिल है।

    मध्यप्रदेश में सिंहस्थ महाकुम्भ 2028 की तैयारी के सिलसिले में उज्जैन में बड़े पैमाने पर सड़कों के चौड़ीकरण का काम चल रहा है। अब इस काम की जद में राज्य के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और उनकी बड़ी बहन व निगम सभापति कलावती यादव का पैतृक मकान का भी आ गया है। जिसके बाद नगर निगम की टीम ने उनके मकानों की नप्ती कर लाल निशान लगा दिए हैं। उधर सीएम के परिजन भी शहर के विकास के लिए अपने मकान के प्रभावित हिस्से को तोड़ने के लिए तैयार हैं।

    बता दें कि उज्जैन में साल 2028 में लगने वाले सिंहस्थ महाकुम्भ को देखते हुए उज्जैन की प्रमुख सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है। इसमे इंदौर रोड सहित कई स्थानों पर पुल के निर्माण किए जा रहे हैं, वहीं शहर के भीतर करीब 62 प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा शहर के सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी डैम और खान डायवर्सन सहित कई बड़े प्रोजेक्ट भी सिंहस्थ की तैयारियों का हिस्सा हैं। इसी के तहत शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर करीब 29 किमी लंबे घाट भी विकसित किए जा रहे है।

    730 मीटर लंबी रोड को 15 मीटर चौड़ा किया जाना बाकी
    इसके साथ ही उज्जैन में कई मंदिरों व मस्जिदों सहित कई धर्म स्थलों के कुछ हिस्सों को तोड़ने की तैयारी की जा रही है, इसमे कंठाल, तेलीवाड़ा, सर्राफा, पाटनी बाजार जैसे कुछ इलाकों में सड़कों का चौड़ीकरण पूरा हो चुका है। अब खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक जाने वाली 730 मीटर लंबी रोड को 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। इसकी जद में 272 इमारतें आ रही हैं। इनमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान और उनकी बड़ी बहन नगर निगम सभापति कलावती यादव का घर भी शामिल है।

    सीएम के घर पर लगाए लाल निशान
    नगर निगम की टीम ने प्रभावित मकानों की नपती कर लाल निशान लगाए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिजनों का कहना है कि शहर के विकास और सिंहस्थ की तैयारियों को देखते हुए वे मकान के प्रभावित हिस्से को हटाने के लिए तैयार हैं।

    दादा ने बनवाया था मकान
    बताया जा रहा है कि सीएम मोहन यादव के दादा रामचंद्र यादव ने वर्ष 1974 में यह मकान बनवाया था। इसी मकान में उनके दोनों बेटे पूनमचंद्र यादव और शंकरलाल यादव समेत परिवार के सदस्यों का बचपन बीता। पूनमचंद्र यादव के पांच बच्चों में नंदलाल यादव, नारायण यादव, मुख्यमंत्री मोहन यादव, ग्यारसी बाई और नगर निगम सभापति कलावती यादव शामिल हैं।

    अब यहां नहीं रहता है कोई
    हालांकि इस घर में अभी कोई नहीं रह रहा है। परिवार के सदस्य दूसरी जगह रहते हैं। लेकिन उनका आना-जाना लगा रहता है। नगर निगम की कार्रवाई को लेकर परिवार को कोई एतराज नहीं है। निगम ने लाल निशान लगा दिए हैं, जल्द ही कार्रवाई शुरू हो जाएगी।

    किसी के साथ भेदभाव नहीं हो रहा
    नगर निगम सभापति कलावती यादव ने कहा कि खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक होने वाले सड़क चौड़ीकरण में उनका पैतृक मकान भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस इलाके में रहने वाले सभी लोग उनके परिवार जैसे हैं और किसी के साथ भाजपा-कांग्रेस या हिंदू-मुस्लिम के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। प्रभावित नागरिकों की समस्याओं को अधिकारियों से चर्चा कर दूर कराने का प्रयास किया जाएगा। सभी लोग सहयोग भी कर रहे है।

    सिंहस्थ के लिए पूरे शहर में बदल रहा यातायात ढांचा
    सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन में केवल इस 730 मीटर मार्ग पर ही काम नहीं हो रहा है। शहर के कई प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण और यातायात ढांचे में सुधार की योजनाएं चल रही हैं। अगस्त में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के विभिन्न कार्यों का निरीक्षण भी किया था और अधिकारियों को निर्माण कार्य समय सीमा तथा गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों द्वारा अपने मकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के प्रभावित हिस्से हटाने में दिए जा रहे सहयोग का भी उल्लेख किया था। कंठाल, सती गेट, गोपाल मंदिर और अन्य महत्वपूर्ण मार्गों पर भी चौड़ीकरण तथा यातायात सुधार से जुड़े काम किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य पुराने शहर और नए शहर के बीच संपर्क को बेहतर बनाना और सिंहस्थ के दौरान यातायात के दबाव को व्यवस्थित करना है।

    सिंहस्थ के दौरान क्यों महत्वपूर्ण है यह मार्ग?
    उज्जैन देश के प्रमुख धार्मिक नगरों में शामिल है और महाकाल मंदिर के कारण यहां वर्षभर श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। सिंहस्थ के दौरान यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे समय में शहर के पुराने हिस्से की संकरी सड़कें, बाजार क्षेत्र, धार्मिक स्थल और घनी आबादी वाले इलाके यातायात प्रबंधन के लिहाज से चुनौती बन जाते हैं। सड़क को 15 मीटर तक चौड़ा करने का उद्देश्य इसी दबाव को कम करना है। चौड़े मार्ग से वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने, पैदल यात्रियों के लिए अधिक स्थान उपलब्ध कराने और आपात स्थिति में पुलिस, एंबुलेंस तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की आवाजाही को सुगम बनाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही सड़क चौड़ीकरण को केवल सिंहस्थ के कुछ महीनों की जरूरत के रूप में नहीं देखा जा रहा है। उज्जैन में धार्मिक पर्यटन बढ़ने के साथ यातायात और सार्वजनिक सुविधाओं पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसलिए शहर में किए जा रहे कई निर्माण कार्यों का उद्देश्य सिंहस्थ के साथ-साथ लंबे समय के लिए यातायात ढांचे को मजबूत करना भी है। मुख्यमंत्री ने हाल के निरीक्षण में भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित आवागमन को विकास कार्यों की प्राथमिकताओं से जोड़ा था।

    272 भवनों के सामने भी बदलाव की चुनौती
    सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित 272 भवनों के लिए यह प्रक्रिया व्यक्तिगत और व्यावसायिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगी। पुराने शहर में कई मकान और दुकानें वर्षों से एक ही स्थान पर हैं। ऐसे में सड़क की सीमा में आने वाले हिस्से को हटाना संबंधित परिवारों और कारोबारियों के लिए आसान निर्णय नहीं होता। इसके बावजूद उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के लिए कई स्थानों पर नागरिकों और व्यापारियों द्वारा अपने निर्माण का प्रभावित हिस्सा हटाने का सहयोग सामने आया है। अगस्त में मुख्यमंत्री ने भी सड़क चौड़ीकरण के दौरान स्थानीय लोगों के सहयोग की सराहना की थी। मुख्यमंत्री के पैतृक मकान का इस परियोजना में आना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह वही प्रक्रिया है जिसमें शहर के अन्य लोगों की संपत्तियां भी प्रभावित हो रही हैं। परिवार की ओर से प्रभावित हिस्सा हटाने की सहमति जताए जाने के बाद अब परियोजना के अगले चरण में नगर निगम और प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई आगे बढ़ने की उम्मीद है।

    विकास बनाम विरासत की चुनौती
    उज्जैन के पुराने हिस्से में सड़क चौड़ीकरण अपने साथ एक दूसरी चुनौती भी लेकर आता है। यहां बड़ी संख्या में पुराने मकान, बाजार, धार्मिक स्थल और ऐतिहासिक महत्व वाली इमारतें मौजूद हैं। इसलिए सड़क का विस्तार करते समय यातायात जरूरतों के साथ पुराने शहर की पहचान और स्थानीय लोगों की संपत्तियों से जुड़े पहलुओं का संतुलन भी महत्वपूर्ण रहेगा। खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक प्रस्तावित 730 मीटर का मार्ग इसी पुराने और घने शहर का हिस्सा है। 15 मीटर चौड़ाई हासिल करने के लिए 272 भवनों का प्रभावित होना बताता है कि परियोजना का असर काफी व्यापक है। प्रशासन के सामने चुनौती यह होगी कि निर्माण और चौड़ीकरण का काम समय पर पूरा हो, लेकिन साथ ही प्रभावित परिवारों और दुकानदारों के लिए निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया भी पारदर्शी तरीके से पूरी हो।

    उज्जैन में बड़ा आधारभूत बदलाव
    सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन में जिस बड़े पैमाने पर आधारभूत ढांचे का विस्तार किया जा रहा है, उसमें सड़क चौड़ीकरण महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री के पैतृक मकान और उनकी बहन के घर का प्रभावित होना इस परियोजना को और चर्चा में ले आया है। फिलहाल नगर निगम की ओर से नपती और चिन्हांकन की प्रक्रिया सामने आई है और परिवार ने सार्वजनिक रूप से प्रभावित हिस्से को हटाने में सहयोग की बात कही है। आगे की कार्रवाई परियोजना की स्वीकृत सीमा, प्रशासनिक प्रक्रिया और सड़क निर्माण की प्रगति के अनुसार होगी।

    1974 में बना था मकान, CM का बचपन बीता
    प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दादा रामचंद्र यादव ने 1974 में यह मकान बनवाया था और इस मकान में ही उनके दोनों बेटे पूनमचंद्र यादव और शंकरलाल यादव सहित सभी परिजनों का बचपन बीता। पूनमचंद्र यादव के 5 बच्चे हैं। इनमें नंदलाल यादव, नारायण यादव, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बेटी ग्यारसी बाई और उज्जैन की नगर निगम सभापति कलावती यादव शामिल हैं। फिलहाल, इस मकान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के चाचा शंकरलाल यादव का परिवार रहता है। सड़क चौड़ीकरण में इस मकान के साथ कलावती यादव के मकान का भी करीब 15 फीट हिस्सा आ रहा है।

    'शहर के विकास के लिए प्रभावित हिस्से को तोड़ने को तैयार'
    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की बहन और निगम सभापति कलावती यादव का कहना है कि वे शहर के विकास के लिए अपने मकान के प्रभावित हिस्से को तोड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक सड़क चौड़ीकरण में हमारा पैतृक मकान भी आ रहा है। इस इलाके में रहने वाले सभी लोग हमारे परिवार जैसे हैं। किसी के साथ भाजपा-कांग्रेस, हिंदू-मुस्लिम के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। जिन नागरिकों के मकान प्रभावित हो रहे हैं, उनकी समस्याओं को अधिकारियों से चर्चा कर दूर कराने का प्रयास किया जाएगा।

  • लंबित मामलों पर सख्त श्रम सचिव, बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं

    लंबित मामलों पर सख्त श्रम सचिव, बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं

    सीएम हेल्पलाइन एवं संबल योजना के लंबित प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही स्वीकार्य नहीं : श्रम सचिव रघुराज राजेन्द्रन

    सीएम हेल्पलाइन एवं मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना से जुड़े प्रकरणों की मंत्रालय में की समीक्षा

    भोपाल

    सीएम हेल्पलाइन एवं मुख्यमंत्री जनकल्याण  संबल योजना से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा के दौरान श्रम सचिव रघुराज राजेन्द्रन ने लंबित प्रकरणों के समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा है कि प्रकरणों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा विलंब स्वीकार्य नहीं होगा।

    राज्य स्तर पर सीएम हेल्पलाइन एवं मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना से संबंधित लंबित शिकायतों एवं प्रकरणों की सतत रूप से बारीकी से समीक्षा की जा रही है। शासन द्वारा शिकायतों के त्वरित निराकरण तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

    हाल ही में हुई समीक्षा में सामने आए लंबित प्रकरणों को लेकर छिंदवाड़ा, हरदा एवं बालाघाट जिलों के संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस के माध्यम से संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा लंबित मामलों में तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। श्रम सचिव राजेन्द्रन ने कहा कि शासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले। उनकी शिकायतों का त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित हो।