Category: मध्य प्रदेश

  • इटली के मार्बल जैसा मिलेगा कटनी को दर्जा? GI टैग के लिए तैयारी शुरू

    इटली के मार्बल जैसा मिलेगा कटनी को दर्जा? GI टैग के लिए तैयारी शुरू

    कटनी
    कटनी का मार्बल एक बार फिर सुर्खियों में है। अपनी बेहतर गुणवत्ता के लिए देशभर में पहचाने जाने वाले इस पत्थर को अब अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। वर्षों से सुस्त पड़े मार्बल कारोबार को नई उड़ान देने के लिए जिला प्रशासन ने जीआई (जियोग्राफिकल इंडिकेशन) टैग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। यदि यह प्रक्रिया पूरी होती है तो कटनी का मार्बल भी उन चुनिंदा उत्पादों की श्रेणी में शामिल हो सकता है, जिनकी पहचान उनके भौगोलिक क्षेत्र से होती है।

    उद्यमी संवाद में कारोबारियों ने रखी जीआई टैग की मांग
    मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान-2026 के तहत बहोरीबंद की ग्राम पंचायत गुदरी में आयोजित उद्यमी संवाद में जिलेभर के मार्बल खदान संचालकों और व्यापारियों ने कलेक्टर आशीष तिवारी के सामने जीआई टैग की मांग रखी। कारोबारियों का कहना था कि कटनी के मार्बल की गुणवत्ता किसी से कम नहीं है, लेकिन ब्रांड पहचान और व्यवस्थित मार्केटिंग के अभाव में उद्योग लगातार पिछड़ रहा है। पूरी मांग को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर आशीष तिवारी ने महाप्रबंधक उद्योग ज्योति सिंह को सभी मार्बल उद्यमियों को एक मंच पर लाकर मार्बल एसोसिएशन का गठन एवं पंजीयन कराने के निर्देश दिए। इसके बाद यही पंजीकृत एसोसिएशन जीआई टैग के लिए औपचारिक आवेदन करेगा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आवेदन से लेकर पूरी प्रक्रिया तक जिला प्रशासन हर संभव सहयोग देगा।

    कलेक्टर बोले- अब ब्रांड बनेगा कटनी मार्बल
    कलेक्टर आशीष तिवारी ने कहा कि कटनी का मार्बल अपनी गुणवत्ता और प्राकृतिक विशेषताओं के कारण अलग पहचान रखता है। अब आवश्यकता इसे एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित करने की है। उन्होंने कहा कि कटनी मार्बल एसोसिएशन बनने और जीआई टैग मिलने के बाद कटनी मार्बल की ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में इसकी अलग पहचान बन सके। 

    उद्यमियों ने रखीं मार्बल उद्योग की बड़ी समस्याएं
    संवाद के दौरान कारोबारियों ने केवल जीआई टैग ही नहीं, बल्कि उद्योग से जुड़ी कई व्यावहारिक समस्याएं भी प्रशासन के सामने रखीं। इनमें माइनिंग डेडरेंट की दर कम करना, मार्बल माइंस के वेस्ट मटेरियल के निस्तारण के लिए ईटीपी की व्यवस्था, कटनी स्टोन प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना, नए भवनों में स्थानीय मार्बल के उपयोग को बढ़ावा देना, निर्बाध बिजली आपूर्ति और ई-खनिज पोर्टल के अपडेट जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। वहीं, कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी बिंदुओं पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि उद्देश्य केवल समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि कटनी के मार्बल उद्योग को फिर से आर्थिक मजबूती देना है। 

  • वंदे भारत एक्सप्रेस की रोजाना सेवा की तैयारी, 5 रूट पर बदलेगा टाइमटेबल

    वंदे भारत एक्सप्रेस की रोजाना सेवा की तैयारी, 5 रूट पर बदलेगा टाइमटेबल

    ग्वालियर 
     खजुराहो से दिल्ली के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है. सप्ताह में 6 दिन चलने वाली रेलवे की प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द ही सातों दिन चलेगी. इस संबंध में उत्तर रेलवे ने प्रपोजल बनाकर रेलवे बोर्ड को भेजा है. इसके लिए इस ट्रेन के एक अतिरिक्त रैक की व्यवस्था करनी पड़ेगी। 

    अभी देश में 162 वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन
    सेमी हाई स्पीड और प्रीमियम सफ़र के लिए देश का गौरव बनी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन रेलवे की शान बन चुकी है. ये ट्रेन खजुराहो से दिल्ली, इसी तरह दिल्ली से वाराणसी समेत देश के 79 अलग-अलग रूट्स पर संचालित हैं. अब तक 162 रैक हफ़्ते में 6 दिन यात्रियों को गंतव्य तक तेज़ी से पहुंचाती हैं. लेकिन अब रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए सभी 7 दिन चलाने की प्लानिंग की जा रही है. इसी के तहत जल्द ही खजुराहो और नई दिल्ली के बीच सफ़र करने वाले यात्रियों को ये ट्रेन पूरे सप्ताह मिलेगी। 

    एक दिन क्यों नहीं होता ट्रेन का संचालन?
    रेलवे इस प्रीमियम ट्रेन को 6 दिन संचालित करता है और एक दिन ट्रेन मेंटिनेंस के चलते बंद रखी जाती है. इसके रखरखाव, मरम्मत और दूसरे मेंटिनेंस समय पर करना जरूरी है. लेकिन अब उत्तर रेलवे ने इसका विकल्प निकालते हुए वंदे भारत का एक अतिरिक्त रैक चलाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है. इससे मेंटेनेंस के दिन अतिरिक्त रैक यात्रियों को सफ़र कराने के लिए उपलब्ध रहेगा। 

    इस तरह ट्रेन पूरे सप्ताह यात्रियों के लिए उपलब्ध होगी. साथ ही ट्रेन का रखरखाव भी समय पर होगा. फिलहाल ये ट्रेन मंगलवार से रविवार तक संचालित होती है. सोमवार को इसका मेंटेनेस किया जाता है. अतिरिक्त रैक उपलब्ध होने से सोमवार को भी खजुराहो और दिल्ली के बीच इस ट्रेन सफर लोग कर सकेंगे। 

    इन चार रूट पर भी प्लानिंग
    झांसी रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह के मुताबिक़ "उत्तर रेलवे द्वारा इसके लिए प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है." हालांकि प्रस्ताव के मुताबिक़ ये नई व्यवस्था खजुराहो से दिल्ली के बीच चलने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस (22469/22470) के साथ ही देश के 4 और रूट की वंदे भारत एक्सप्रेस पर लागू करने की तैयारी है. खजुराहो के साथ ऐसी ही प्लानिंग नई दिल्ली से अंदौरा, वैष्णो देवी कटरा, वाराणसी और अयोध्या (प्रयागराज) रूट पर लागू होगी। 

    तीन वेरिएंट में दौड़ रही वंदे भारत एक्सप्रेस
    वर्तमान में तीन अलग-अलग कोच कैटेगरी में वंदे भारत एक्सप्रेस देशभर में दौड़ रही है. इनमे 8 कोच वेरिएंट की वंदे भारत एक्सप्रेस 45 ट्रेन, 16 कोच वेरिएंट की 34 और 20 कोच वेरिएंट की 38 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन हैं. फ़िलहाल अतिरिक्त रैक का प्रस्ताव इन 5 रूट्स पर है. यदि इस पर मोहर लगी और ये व्यवस्था काम कर गई तो भविष्य में इसी की तर्ज पर अन्य रूट्स पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। 

  • MP शिक्षकों की सैलरी बढ़ने की उम्मीद, जानें हाईकोर्ट का मामला

    MP शिक्षकों की सैलरी बढ़ने की उम्मीद, जानें हाईकोर्ट का मामला

     जबलपुर
    मध्य प्रदेश के करीब 70 हजार शिक्षकों के लिए बड़ी राहत देने वाली खबर सामने आई है। दरअसल, जबलपुर हाईकोर्ट ने शिक्षकों की पहली नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि की गणना करने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति दीपक खोट की एकलपीठ ने प्रदेश सरकार को अदालती आदेश का अनुपालन करने के लिए 4 हफ्तों का आखिरी समय दिया है। अदालत के इस फैसले से शिक्षकों की वरिष्ठता, वेतन बढ़ोतरी, पेंशन और एरियर जैसे लंबित वित्तीय और सेवा संबंधी फायदे मिलने का रास्ता खुलने की संभावना है।

    ऐसे में प्रदेश के संबंधित शिक्षकों को पहली नियुक्ति तारीख से सेवा लाभ मिलने पर सैलरी में हर महीने 15 से 20 हजार रुपए तक की बढ़ोतरी होने की उम्मीद बनी है। इसके अलावा, 6वें वेतनमान की पात्रता 1 जनवरी 2006 से माने जाने पर करीब 10 साल का एरियर भी मिल सकेगा, जो हर शिक्षक लगभग 7 से 8 लाख रुपए (12 प्रतिशत संभावित ब्याज की दर से) मिलना संभव है।

    प्रदेश सरकार को दिये 4 सप्ताह

    आपको बता दें कि, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पिछले फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 24 अगस्त 2026 को खारिज कर दिया था। इसके बाद दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार को 4 हफ्तों का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर 2026 को होगी।

    यहां से शुरु हुआ पूरा विवाद
    इस मामले में शिक्षक राजेश पांडेय समेत एमपी के 497 अध्यापकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी 2018 से पहले की शिक्षकीय सेवाओं को संविलियन में शामिल न करने वाले सरकारी फैसले को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि, पहली नियुक्ति की तिथि से सेवा अवधि की गणना कर वरिष्ठता और सभी देय लाभ दिए जाएं। वहीं, अब इस मामले में हाईकोर्ट का रुख सामने आने के बाज शिक्षक नेताओं का कहना है कि, सुप्रीम कोर्ट से अपील निरस्त होने के बाद अब सरकार को बिना विलंब किए हाईकोर्ट के आदेश पर अमल करना चाहिए।

    शिक्षक संगठनों ने जताया आभार
    दूसरी तरफ प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 2 दिनों में 600 से अधिक दिवंगत शिक्षकों और कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र देने के त्वरित फैसले का स्वागत किया। संगठनों ने इस मानवीय पहल के लिए राज्य सरकार और विभागीय अधिकारियों का आभार जताया है।

  • कुपोषण के खिलाफ मैदानी स्तर पर मजबूत हो रही पोषण व्यवस्था : सचिव रश्मि

    कुपोषण के खिलाफ मैदानी स्तर पर मजबूत हो रही पोषण व्यवस्था : सचिव रश्मि

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में बच्चों के पोषण स्तर में सुधार और कुपोषण की चुनौती से निपटने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पोषण व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ कुपोषित बच्चों की पहचान, उपचार, पुनर्वास और निरंतर निगरानी पर भी विभाग का विशेष फोकस है। महिला एवं बाल विकास सचिव जी.वी. रश्मि ने शुक्रवार को विदिशा जिले का भ्रमण कर आंगनबाड़ी केन्द्रों, पोषण पुनर्वास केन्द्र और सामुदायिक रसोई की व्यवस्थाओं का मैदानी स्तर पर जायजा लिया। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने उनके साथ भ्रमण कर जिले में संचालित विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।

    सचिव जी.वी. रश्मि ने ग्राम कुंआखेड़ी स्थित सक्षम आंगनबाड़ी के न्द्र का निरीक्षण कर बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, पोषण आहार और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। इसके बाद विदिशा ग्रामीण परियोजना के अंतर्गत खरी तथा ग्यारसपुर परियोजना के अटारीखेजड़ा क्रमांक-2 एवं 3 और मानोरा क्रमांक-2 स्थित सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति, पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं तथा विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति को मौके पर देखा।

    कुपोषित बच्चों के उपचार से लेकर पुनर्वास तक पर नजर

    ग्यारसपुर स्थित पोषण पुनर्वास केन्द्र का निरीक्षण करते हुए सचिव ने अतिगंभीर एवं कुपोषित बच्चों के उपचार, पोषण आहार, स्वास्थ्य सेवाओं और पुनर्वास की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों और उनके परिवारों से संवाद कर उपचार एवं पोषण की स्थिति जानी तथा संबंधित अधिकारियों से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार और उपचार के बाद उनकी निरंतर निगरानी की व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की।

    सचिव रश्मि ने कहा कि कुपोषण से निपटने के लिए बच्चों को केवल भोजन उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी पोषण स्थिति की नियमित निगरानी, समय पर कुपोषण की पहचान, आवश्यक उपचार और परिवार की सहभागिता भी जरूरी है। आंगनबाड़ी केन्द्रों को बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी सेवाओं का प्रभावी केन्द्र बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

    पौष्टिक पोहा चखकर परखी भोजन की गुणवत्ता

    सचिव जी.वी. रश्मि ने ग्यारसपुर में अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में लक्ष्मी स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित सामुदायिक रसोई का भी निरीक्षण किया। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की निर्माण प्रक्रिया, स्वच्छता, पोषण गुणवत्ता और केन्द्रों तक वितरण व्यवस्था की जानकारी ली।

    सामुदायिक रसोई में तैयार किए जा रहे पौष्टिक पोहा को सचिव जी.वी. रश्मि और कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने स्वयं चखकर उसकी गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने समूह की महिलाओं से चर्चा कर जाना कि बच्चों की पोषण आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भोजन में किन पोषक तत्वों और खाद्य सामग्री का समावेश किया जा रहा है। सचिव ने भोजन निर्माण से लेकर आंगनबाड़ी केन्द्र तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया में गुणवत्ता, स्वच्छता और निर्धारित पोषण मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    प्रदेश में पोषण सेवाओं को प्रभावी बनाने पर जोर

    प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं तथा अन्य पात्र हितग्राहियों तक पोषण सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। विभाग का प्रयास है कि पोषण आहार की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था के साथ-साथ कुपोषित बच्चों की पहचान एवं उपचार की प्रक्रिया भी प्रभावी हो। मैदानी स्तर पर केन्द्रों के निरीक्षण के माध्यम से व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की समीक्षा की जा रही है और जहां आवश्यक है, वहां सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं।

    सामुदायिक रसोई के माध्यम से एक ओर जहां बच्चों को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूती मिल रही है, वहीं स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर आजीविका से जोड़ने का अवसर भी मिल रहा है। इस प्रकार बाल पोषण के साथ महिला सशक्तिकरण को भी एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

    कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने सचिव श्रीमति जी वी रश्मि को जिले में संचालित योजनाओं, आंगनबाड़ी केन्द्रों, पोषण पुनर्वास केन्द्र और सामुदायिक रसोई की व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों के पोषण स्तर में सुधार तथा हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों से भी अवगत कराया।

     

  • गजराजों के विश्राम और सेवा का पर्व, ‘हाथी पुनर्यौवनीकरण’ कैंप-2026 का हुआ शुभारंभ

    गजराजों के विश्राम और सेवा का पर्व, ‘हाथी पुनर्यौवनीकरण’ कैंप-2026 का हुआ शुभारंभ

    भोपाल 

    विश्वविख्यात बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों की देखभाल, स्वास्थ्य और पुनर्यौवनीकरण को समर्पित ‘हाथी पुनर्यौवनीकरण’ कैंप-2026 का शुभारंभ गुरुवार को परासी गेट के समीप धमोखर बफर क्षेत्र में हुआ। कार्यक्रम में उमरिया कलेक्टर मती राखी सहाय, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए।

    बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप संचालक  योहान कटारा ने बताया कि हाथी पुनर्यौवनीकरण कैंप का उद्देश्य ‘कैंप हाथियों’ को नियमित कार्य से विश्राम देना, उनके स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल करना तथा उन्हें पौष्टिक और पसंदीदा आहार उपलब्ध कराना है। इससे हाथियों को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।

    नन्हे ‘कृष्णा’ ने खींचा सबका ध्यान

    कैंप के दौरान नन्हा नर हाथी ‘कृष्णा’ आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। अपनी चंचलता, उछलकूद और मासूम अंदाज से कृष्णा ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। कृष्णा का जन्म अक्टूबर 2025 में बांधवगढ़ में ही हुआ था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 31 दिसंबर 2025 को बांधवगढ़ प्रवास के दौरान उसका नामकरण किया था।

    15 में से 9 कैंप हाथी कैंप में शामिल

    वर्तमान में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में कुल 15 ‘कैंप हाथी’ कार्यरत हैं। इनमें से 4 हाथी रेस्क्यू ऑपरेशन और 2 हाथी अनुश्रवण कार्य में लगे हैं। शेष 9 हाथियों को हाथी पुनर्यौवनीकरण कैंप-2026 में शामिल किया गया है। कैंप में इन हाथियों को नियमित कार्य से विश्राम देने के साथ उनके स्वास्थ्य परीक्षण, पौष्टिक एवं पसंदीदा भोजन तथा विशेष देखभाल की जा रही है। इसका उद्देश्य हाथियों को शारीरिक और मानसिक रूप से तरोताजा रखना है।

    बफर क्षेत्र में पर्यटन और जन-जागरूकता को मिलेगा बढ़ावा

    इस वर्ष ‘हाथी पुनर्यौवनीकरण’ कैंप के लिए परासी गेट का चयन किया गया है। इसका उद्देश्य कैंप हाथियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के साथ बफर क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना और स्थानीय ग्रामीणों को वन्य जीवों के प्रति जागरूक करना है। परासी और आसपास के ग्रामीणों को कैंप में शामिल होकर हाथियों को करीब से देखने तथा उनके व्यवहार, देखभाल और संरक्षण के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।

    रेस्क्यू अभियान के कारण कुछ कैंप हाथी नहीं हो सके शामिल

    मैहर वन मंडल के गोरसरी फॉरेस्ट क्षेत्र में हाथी रेस्क्यू ऑपरेशन भी जारी है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय के नेतृत्व में बांधवगढ़ के कैंप हाथियों, वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तोमर और रेस्क्यू दल द्वारा रेस्क्यू अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके चलते कुछ कैंप हाथी इस आयोजन में शामिल नहीं हो सके।

     

  • सुगम होगी दूरदराज की राह, इंदौर से 36 शहरों तक सीधी बस सेवा का 26 सितंबर को आगाज

    सुगम होगी दूरदराज की राह, इंदौर से 36 शहरों तक सीधी बस सेवा का 26 सितंबर को आगाज

    इंदौर 

    मप्र में राज्य परिवहन मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीआरटीसी) की तर्ज पर शुरू हो रही मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का दायरा अब बढ़ने जा रहा है। सिटी बसों के ट्रायल के बाद अब इंदौर से प्रदेश के 36 दूरस्थ शहरों के लिए बसों का संचालन शनिवार से शुरू होगा।

    ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए शहर में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड इंदौर लगी हुई है। पीएम ई-बस सेवा के तहत 150 अत्याधुनिक ई-बसें चलाने की योजना है। पिछले दिनों मार्ग नंबर-14 पर शुरू किया गया 10 ई-बसों का तकनीकी और व्यावसायिक ट्रायल सफल रहा है।

    पीएम ई-बस सेवा के तहत 70 नई बसें चलेंगी

    इसके चलते पीएम ई-बस सेवा के तहत 70 नई बसें चलेगी। वहीं, मुख्यमंत्री सुगम यात्री परिवहन सेवा के तहत 20 बसों को बढ़ाया जाएगा। एआइसीटीएसएल के सीइओ अर्थ जैन ने बताया कि एआइसीटीएसएल द्वारा अभी शहर में करीब 200 सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है।

    पिछले कुछ दिनों से इनका ट्रायल रन हो रहा था। सभी बसें शहर के प्रमुख मार्गाें पर अपना औपचारिक संचालन शुरू करेंगी। आने वाले दिनों में इन बसों की संख्या को बढ़ाया जाएगा। यात्रियों को बसें एआइसीटीएसएल, सरवटे बस स्टैंड, गंगवाल बस स्टैंड और नायतामुंडला बस स्टैंड से यात्रियाें को बसें मिल सकेंगी।

    इंदौर-भोपाल का किराया 380 रुपये

    जानकारी के अनुसार नई इंटरसिटी सेवा के लिए किराए भी तय किए गए हैं। ये किराया पिछले दिनों परिवहन विभाग द्वारा बढ़ाए गए बसों के किराए पर ही आधारित होगा। कोई भी आपरेटर इससे ज्यादा किराया नहीं ले सकेगा। इसके तहत इंदौर से भोपाल के लिए नान एसी बस का किराया 380 रुपये, डीलक्स नान एसी का 475, डीलक्स एसी का 570 और सुपर लग्जरी वाल्वो का किराया 665 रुपये होगा। एसी बसों पर पांच प्रतिशत जीएसटी अलग से लागू होगा।

    महिलाओं व दिव्यांग यात्रियों के लिए प्रावधान

    नई बस सेवा में यात्रियों की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। बसों में महिला सुरक्षा के लिए पैनिक बटन जैसी सुविधा होगी। किसी ही आपात स्थिति में महिलाएं बटन दबाकर सहायता ले सकेंगी। दिव्यांग यात्रियों को किराए में 50 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान रहेगा। इसके अलावा हर बस में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं, ताकि यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की निगरानी की जा सकें।
    इन 36 मार्गों पर आज से चलेगी बसें

    इंदौर-धार, इंदौर-अशोक नगर, इंदौर-झाबुआ, इंदौर-रतलाम, इंदौर-रीवा, इंदौर-पन्ना, इंदौर-छतरपुर, इंदौर-सतना, इंदौर-जबलपुर, इंदौर-चंदेरी, इंदौर-उज्जैन, इंदौर-खंडवा, इंदौर-बुरहानपुर, उज्जैन से इंदौर होकर ओंकारेश्वर, इंदौर-भोपाल, इंदौर-मंदसौर-नीमच, इंदौर-रतलाम, इंदौर-अहमदाबाद, इंदौर-जयपुर, इंदौर-उदयपुर, इंदौर-सागर, इंदौर-मुलताई, इंदौर-नागपुर चलेगी।

    आगामी दिनों में इन 20 शहरों के लिए चलेगी बसें

    बड़वानी-शाजापुर, बुरहानपुर-रतलाम, झाबुआ-भोपाल, खरगोन-नीमच, धार-पंचमढ़ी, इंदौर-नरसिंहपुर, बुरहानपुर-नीमच, इंदौर-ग्वालियर (एसी), इंदौर-ग्वालियर (नान-एसी), इंदौर-जबलपुर (नान-एसी), इंदौर-नर्मदापुरम, इंदौर-सागर (नान-एसी), इंदौर-छतरपुर, बड़वानी-आगर मालवा, इंदौर-बीना, इंदौर-नर्मदापुरम, इंदौर-अनूपपुर, इंदौर-सागर (एसी), इंदौर-रीवा (एसी) और इंदौर-जबलपुर (एसी) मार्गों पर बसें चलेंगी।

  • हाईअलर्ट के बीच ग्वालियर में वारदात, जमीन कारोबारी पर बरसीं गोलियां; 3 लगीं

    हाईअलर्ट के बीच ग्वालियर में वारदात, जमीन कारोबारी पर बरसीं गोलियां; 3 लगीं

    ग्वालियर

     देशभर के उच्च न्यायविदों की मौजूदगी के चलते ग्वालियर पुलिस जब पूरे शहर में 'हाई अलर्ट' और कड़े सुरक्षा घेरे का दावा कर रही थी। इसी हाईअलर्ट के बीच मुरार थाना क्षेत्र में बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देकर पुलिस को खुली चुनौती दे डाली। ऋषि गालव स्कूल के पास सुबह करीब नौ बजे कार और बाइक पर सवार होकर आए सात हथियारबंद बदमाशों ने जिम से लौट रहे जमीन कारोबारी लखन शर्मा निवासी दीनदयाल नगर को घेरकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।

    तीन गोलियां लगने से लखन शर्मा लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
    मकान निर्माण देखने जा रहे कारोबारी पर घात लगाकर हमला

    घायल लखन शर्मा के दोस्त गज सिंह लोधी ने नईदुनिया को बताया कि सुबह दोनों जिम करने के बाद लाल टिपारा स्थित अपने नए मकान का निर्माण कार्य देखने जा रहे थे। दोनों अपनी-अपनी गाड़ियों में थे और गज सिंह करीब 50 मीटर पीछे था। जैसे ही वे लाल टिपारा रोड स्थित ऋषि गालव स्कूल के पास पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे सात बदमाशों ने लखन को चारों तरफ से घेर लिया।

    जब तक कोई कुछ समझ पाता, हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। उसे तीन गोलियां लगी। हमलावर यहां से भाग निकले। जमीन कारोबारी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया।

    रंजिश से जुड़ा है मामला

    प्रत्यक्षदर्शी गज सिंह के मुताबिक, वारदात में लखन का एक जिगरी दोस्त भी शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि गोलीबारी छोटू पठारिया, बलराम पठारिया और गौरव ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर की है। हमले की मुख्य वजह पुराना जमीनी विवाद और आपसी रंजिश बताई जा रही है।

    पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल, तीन दिन- मुरार में दूसरी गोलीबारी

    हाई-प्रोफाइल वीवीआईपी दौरे के दौरान हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पुलिस की मुस्तैदी और गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुरार थाना क्षेत्र में पिछले तीन दिनों के भीतर गोलीबारी की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले जितेंद्र सिंह बैस पर राहुल गुर्जर व उसके साथियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। यह घटना मुरार के सीपी कालोनी क्षेत्र की थी।

    कैमरों के फुटेज खंगाल रही पुलिस: दो टीमें सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। आरोपी पहले से यहां खड़े थे।

     

  • एशियन गेम्स में ऐश्वर्य की ‘सटीक निशानेबाजी से देश को मिला रजत पदक

    एशियन गेम्स में ऐश्वर्य की ‘सटीक निशानेबाजी से देश को मिला रजत पदक

    भोपाल

    एशियन गेम्स 2026 में मध्यप्रदेश के निशानेबाज ने एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है। मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी के प्रतिभावान खिलाड़ी ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने भारतीय टीम के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन टीम इवेंट में रजत पदक अपने नाम किया। ऐश्वर्य ने नीरज कुमार और रुद्रांक्ष पाटिल के साथ मिलकर भारत को यह पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    1762-94x स्कोर के साथ भारत दूसरे स्थान पर

    भारतीय टीम ने 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन टीम स्पर्धा में 1762-94x का शानदार स्कोर हासिल किया। टीम ने नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग—तीनों पोजिशन में निरंतरता और सटीकता के साथ निशाना साधते हुए रजत पदक सुनिश्चित किया। चीन ने 1766-95x के स्कोर के साथ स्वर्ण और दक्षिण कोरिया ने 1751-87x के स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता।

    ऐश्वर्य की सटीक निशानेबाजी ने बढ़ाया मध्यप्रदेश का गौरव

    ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने टीम स्पर्धा के साथ व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में भी दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 589-34x का स्कोर दर्ज करते हुए क्वालिफिकेशन में तीसरा स्थान हासिल किया और व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई। एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐश्वर्य का यह प्रदर्शन मध्यप्रदेश की निशानेबाजी प्रतिभा का शानदार उदाहरण है।

    अकादमी की मेहनत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान

    मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी के खिलाड़ी ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर की यह उपलब्धि प्रदेश में विकसित किए जा रहे उच्चस्तरीय खेल प्रशिक्षण और प्रतिभा संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। ऐश्वर्य ने अपने प्रदर्शन से न केवल भारतीय टीम की सफलता में योगदान दिया, बल्कि मध्यप्रदेश को भी गौरवान्वित किया है।

    खेल मंत्री श्विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई

    सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर को एशियन गेम्स में रजत पदक जीतने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि ऐश्वर्य का शानदार प्रदर्शन देश और प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी उपलब्धि प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है।

    अब आशी चौकसे पर टिकी निगाहें

    एशियन गेम्स में मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की प्रतिभाओं का शानदार प्रदर्शन आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। 26 सितंबर को अकादमी की खिलाड़ी आशी चौकसे 50 मीटर राइफल 3-पोजिशन टीम इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। ऐश्वर्य की उपलब्धि के बाद अब आशी से भी देश और प्रदेश को शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है। आशी की स्पर्धा को लेकर खेल प्रेमियों की निगाहें भी टिकी रहेंगी।

    खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने जताया गर्व

    खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश की ओर से ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई। विभाग को विश्वास है कि ऐश्वर्य इसी तरह अपनी प्रतिभा, मेहनत और सटीक निशानेबाजी के दम पर आने वाले अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों में भी देश और मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाते रहेंगे।

     

  • मंदाकिनी के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता, चित्रकूट में प्रशासन ने संभाला मोर्चा

    मंदाकिनी के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता, चित्रकूट में प्रशासन ने संभाला मोर्चा

    सतना

     मौसम विभाग की ओर से जारी भारी बारिश के अलर्ट के बीच चित्रकूट क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
    अधिकारियों ने किया जलस्तर का अवलोकन

    शुक्रवार को कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और एसपी हंसराज सिंह ने चित्रकूट पहुंचकर मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर का अवलोकन किया।

    मौके की स्थिति का जायजा लिया

    अधिकारियों ने नदी किनारे की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद चित्रकूट में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण कर मौके की स्थिति का जायजा लिया।

    विशेष सावधानी बरतने की अपील

    लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने मंदाकिनी नदी के घाटों और आसपास रहने वाले श्रद्धालुओं, रहवासियों तथा दुकानदारों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

    श्रद्धालुओं को नौका विहार न कराएं

    लोगों से नदी के घाटों से दूर रहने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर जाने को कहा गया है। प्रशासन ने नाव संचालकों से भी अपील की है कि नदी की स्थिति सामान्य होने तक श्रद्धालुओं को नौका विहार न कराएं।

    परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश

    मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर, तहसीलदार कमलेश सिंह भदौरिया, नगर परिषद सीएमओ अंकित सोनी और सहायक राजस्व निरीक्षक संदीप त्रिपाठी सहित प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद रहा। अधिकारियों ने बारिश के दौरान नदी के जलस्तर और आसपास की परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

     

  • 48 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी, TET के बाद पहली सूची जारी होगी

    48 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी, TET के बाद पहली सूची जारी होगी

    भोपाल 

    MP में प्रदेश के 30 हजार से ज्यादा शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के बाद खुलेगा। दिसंबर में प्रस्तावित TET का रिजल्ट आने के बाद विभाग प्रमोशन की पहली सूची जारी कर सकता है।

    प्रमोशन होने के बाद खाली होने वाले पदों और रिटायरमेंट से रिक्त पदों को मिलाकर अगले साल करीब 48 हजार पदों पर नई भर्ती की स्थिति बन सकती है।

    दरअसल, सरकार ने 30 जुलाई से सभी विभागों में प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू की थी। करीब एक लाख प्रमोशन भी हो चुके हैं, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षक संवर्ग के प्रमोशन अभी बाकी हैं।

    लिपिक संवर्ग और उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों के प्रमोशन किए जा चुके हैं।

    दिसंबर में TET, इसके बाद प्रमोशन की पहली सूची
    शिक्षकों के प्रमोशन को TET से जोड़ा गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत दिसंबर 2028 तक छह बार TET कराई जानी है। पहली परीक्षा दिसंबर में माध्यमिक शिक्षा मंडल के जरिए प्रस्तावित है।

    रिजल्ट आने के बाद विभाग प्रमोशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। विभाग ने प्रमोशन के लिए शिक्षकों की सूची पहले ही तैयार कर रखी है।

    18 हजार पद मार्च 2027 तक हो सकते हैं खाली
    फिलहाल स्कूल शिक्षा विभाग में करीब 10 हजार पद खाली हैं। मार्च 2027 तक करीब 8 हजार शिक्षक रिटायर होंगे। इससे रिक्त पदों की संख्या करीब 18 हजार हो सकती है।

    इसके अलावा 30 हजार से ज्यादा शिक्षकों के प्रमोशन होने पर उनके वर्तमान पद भी खाली होंगे। इस तरह करीब 48 हजार पदों पर भर्ती की स्थिति बन सकती है।

    शिक्षक संगठन जल्द प्रमोशन की मांग पर अड़े
    शिक्षक संगठन TET का विरोध करते हुए प्रमोशन जल्द करने की मांग कर रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और विभागीय अधिकारियों के साथ हुई चर्चाओं में भी यह मुद्दा उठाया गया है।

    अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने 27 सितंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन आंदोलन में भी प्रमोशन की मांग को शामिल किया है।

    एमपी में टीईटी के आवेदन अब 5 अक्टूबर तक होंगे
    एमपी में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के आवेदन की अंतिम तारीख 5 अक्टूबर कर दी गई है। पहले 18 सितंबर तक आवेदन होना था। गुरुवार को आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय और माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। अब तक 19,100 शिक्षक आवेदन कर चुके हैं। परीक्षा दिसंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में कराए जाने की संभावना है।