Category: मध्य प्रदेश

  • राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा से और समृद्ध होगी माध्यमिक कक्षाओं की शिक्षण पद्धति

    राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा से और समृद्ध होगी माध्यमिक कक्षाओं की शिक्षण पद्धति

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों के शिक्षण-अधिगम को नई दिशा देने के लिए माध्यमिक शिक्षकों को नई एनसीईआरटी पाठ्य पुस्तकों की शिक्षण पद्धति और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 की अनुशंसाओं के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा। संचालक राज्य शिक्षा केंद्र  हरजिंदर सिंह ने बताया कि सत्र 2026-27 में गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण की श्रृंखला शुरू की जा रही है। प्रथम चरण 28 सितम्बर से शुरू होगा और 1 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान चयनित एसआरजी (राज्य संसाधन समूह) विषय विशेषज्ञों का चार दिवसीय राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा किया जाएगा। इस श्रृंखला के अगले चरण में राज्य से चयनित मास्टर ट्रेनर्स का 5-दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण 5 अक्टूबर से 6 नवम्बर तक संभागीय मुख्यालयों की डाइट में होगा। इसके पश्चात ब्लॉक स्तर पर कक्षा 6वीं से 8वीं तक गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान पढ़ाने वाले समस्त माध्यमिक शिक्षकों का प्रशिक्षण 12 अक्टूबर से 20 नवम्बर तक आयोजित किया जाएगा।

    नई पाठ्य पुस्तकों की नई एप्रोच पर होगा फोकस

    संचालक  सिंह ने बताया कि एसआरजी उन्मुखीकरण कार्यक्रम में कक्षा 7 की नई पाठ्य पुस्तकों में अपनाई गई नई एप्रोच, गतिविधि आधारित शिक्षण तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 की अनुशंसाओं के अनुरूप प्रभावी शिक्षण पद्धतियों पर विषय विशेषज्ञों का उन्मुखीकरण किया जाएगा। इसका उद्देश्य एसआरजी को इस प्रकार तैयार करना है कि वे आगामी प्रशिक्षणों में मास्टर ट्रेनर्स एवं शिक्षकों को नई पाठ्य पुस्तकों की अवधारणा और शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से समझा सकें।

    चार दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम में विषय आधारित प्रशिक्षण के साथ शिक्षकों के समग्र व्यावसायिक विकास से जुड़े नवाचारी विषयों को भी शामिल किया गया है। इनमें जॉयफुल लर्निंग, मानसिक स्वास्थ्य, नैतिकता एवं मूल्य, आईजीओटी पोर्टल-केकेके, कौशल बोध तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषय प्रमुख हैं। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) तैयार करने की गतिविधि भी कराई जाएगी, जिससे शिक्षक कक्षा में अवधारणाओं को अधिक प्रभावी और रोचक तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंचा सकें। उन्होंने बताया कि एसआरजी के राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण में राज्य शिक्षा केंद्र के विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पीपल संस्था द्वारा सहयोगी भूमिका निभाई जाएगी। शिक्षकों के प्रशिक्षण तक यह पूरी श्रृंखला नई एनसीईआरटी पाठ्य पुस्तकों के अनुरूप शिक्षण प्रक्रिया को विद्यालय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

     

  • खरगोन में गर्भवती महिला से दुष्कर्म के बाद तनाव, सुरक्षा के लिए गांव में पुलिस का पहरा

    खरगोन में गर्भवती महिला से दुष्कर्म के बाद तनाव, सुरक्षा के लिए गांव में पुलिस का पहरा

    झिरन्या (खरगोन) 

    चैनपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार की रात एक गर्भवती महिला से दुष्कर्म की घटना के बाद शुक्रवार को दिनभर ग्राम दामखेड़ा व सेमलखूंट फाटे पर तनाव की स्थिति बनी रही। स्थिति को संभालने के लिए खरगोन पुलिस लाइन से वज्र वाहन व अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

    पुलिस में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार घटना गुरुवार की रात करीब 11 बजे की है। पीड़िता अपने मायके ग्राम झूमकी आई हुई थी। रात में पीड़िता के मामा व मामी गणेश पंडाल में लड्डू बनाने गए थे। घर पर अकेली पाकर दामखेड़ा निवासी आरोपित मालू रंधावे जबरन अंदर घुस आया और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।

    घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़ लिया

    घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने आरोपित को पकड़ लिया। सुबह जब उसे ले जाया जा रहा था, तब सूचना मिलने पर थाना प्रभारी गणपत कनेल पुलिस टीम के साथ पहुंचे और आरोपित को अभिरक्षा में लेकर थाने आए। बड़ी संख्या में ग्रामीण, पीड़िता के स्वजन व ससुराल पक्ष के लोग जमा हो गए। ग्रामीण आरोपित को अपने सुपुर्द करने और सामाजिक दंड देने के लिए उसका जुलूस निकालना चाहते थे, जिससे माहौल गर्मा गया। हालांकि पुलिस की सूझबूझ से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। पुलिस ने आरोपित को अभिरक्षा में लिया है। आरोपित की पत्नी जिला पंचायत सदस्य है।

    अधिकारियों ने दी समझाइश, पुलिस बल तैनात

    घटना की सूचना मिलते ही भीकनगांव एसडीएम लोकेश छापरे व एसडीओपी केतन अडलक मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश दी। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए खरगोन पुलिस लाइन से वज्र वाहन व अतिरिक्त बल बुलाया गया, तब जाकर स्थिति नियंत्रित हुई। पीड़िता ने शाम को स्वजनों के साथ थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया। मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

     

  • बिरसिंहपुर सोलर-बैटरी स्टोरेज परियोजना पर निवेशक संवाद

    बिरसिंहपुर सोलर-बैटरी स्टोरेज परियोजना पर निवेशक संवाद

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में हरित ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए निवेश की संभावनाओं को सामने लाने के उद्देश्य से आज मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली में बिरसिंहपुर 200 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्लस 50 मेगावाट/100 मेगावाट घंटा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम परियोजना पर निवेशक संपर्क एवं हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास  संजय दुबे ने कार्यक्रम में मार्गदर्शन प्रदान करते हुए परियोजना तथा मध्यप्रदेश में हरित ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर अपने विचार व्यक्त किए। अपर मुख्य सचिव  दुबे ने कहा कि मध्यप्रदेश नवाचारी पूल्ड फाइनेंसिंग तंत्र और शासन के सहयोग के माध्यम से शहरी अधोसंरचना के वित्तपोषण में एक नया मानक स्थापित कर रहा है। डेवलपर्स, वित्तीय संस्थानों और ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुखों द्वारा प्रदर्शित मजबूत रुचि प्रदेश की विकास दृष्टि, संस्थागत विश्वसनीयता और सतत शहरी विकास के प्रति प्रतिबद्धता में निवेशकों के विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि विभागों और सार्वजनिक संस्थानों के बीच समन्वित प्रयासों से ऐसे प्रोजेक्ट विकसित किए जा रहे हैं, जो पर्यावरण की दृष्टि से उत्तरदायी होने के साथ वित्तीय रूप से सुदृढ़ और निवेश के लिए तैयार हैं।

    कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक  मंजीत सिंह ने परियोजना के उद्देश्य एवं स्वरूप की जानकारी दी। अधीक्षण अभियंता  अवनीश शुक्ला ने परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया।

    निवेशकों एवं अन्य हितधारकों के साथ हितधारक परामर्श एवं प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। इसमें परियोजना से संबंधित विभिन्न विषयों पर खुली चर्चा हुई तथा निवेशकों एवं हितधारकों से सुझावों का आदान-प्रदान किया गया। कार्यक्रम का समन्वय मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के तकनीकी अधिकारी कमलेश भटनागर और सीईओ गणवीर सिंह ने किया

    कार्यक्रम में मध्यप्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में उपलब्ध निवेश संभावनाओं, परियोजना के विभिन्न पहलुओं तथा इसके संभावित अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह संवाद ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं को निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। गौतलब है की कार्यक्रम में 39 से अधिक डेवलपर फर्मों एवं प्रमुख ऊर्जा और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

     

  • सिंहस्थ : 2028 की दृष्टिगत उज्जैन से जोड़ने वाली सभी सड़क परियोजनाओं को तेजी से किया जाए पूर्ण मुख्यमंत्री निवास में हुई समीक्षा बैठक

    सिंहस्थ : 2028 की दृष्टिगत उज्जैन से जोड़ने वाली सभी सड़क परियोजनाओं को तेजी से किया जाए पूर्ण मुख्यमंत्री निवास में हुई समीक्षा बैठक

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी की पहल से प्रदेश में सड़क परियोजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो रहा हैं। इससे औद्योगिक गतिविधियों के साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री  गडकरी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री निवास में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री  गडकरी को प्रदेश की प्रमुख परियोजनाओं और भविष्य के सड़क विस्तार योजनाओं की जानकारी भी दीं।

    सड़क परियोजनाओं को पूर्ण करने में न हो विलंब

    केन्द्रीय मंत्री  गडकरी ने कहा कि सड़क परियोजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। हर प्रोजेक्ट का डिजाइन सड़क सुरक्षा की दृष्टि से भी तकनीकी मानकों के अनुरूप हों। ऐसे स्थानों पर जहाँ क्षेत्रीय निवासियों को हो रही कठिनाईयों के कारण, सड़क परियोजनाएं लम्बित हो रही है, वहां परस्पर संवाद और समन्वय से समाधान निकाला जाए। भूमि अधिग्रहण और वन स्वीकृति के प्रकरणों में राज्य सरकार के अधिकारी केन्द्रीय मंत्रालयों से परस्पर सम्पर्क में रहें। किसी भी स्थिति में परियोजनाओं को पूर्ण करने में विलंब न हों। बैठक में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल उपस्थित थे।

    कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की नागपुर, जबलपुर और रायपुर से सड़क कनेक्टिविटी बढ़ाने के निर्देश

    केन्द्रीय मंत्री  गडकरी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का बटेश्वर (उ.प्र.) से विशेष संबंध रहा है। अटल एक्सप्रेस-वे का निर्माण बटेश्वर तक किया जाएगा। उन्होंने सिंहस्थ : 2028 के दृष्टिगत उज्जैन को जोड़ने वाले सभी मार्गों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। केन्द्रीय मंत्री  गडकरी ने जबलपुर के शहपुरा आर.ओ.बी. के क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित आवागमन के दृष्टिगत नागरिकों की परेशानी को देखते हुए शहपुरा टोल प्लाजा पर टोल वसूली स्थगित करने के निर्देश दिए। बैठक में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की सड़क कनेक्टिविटी नागपुर, जबलपुर और रायपुर से बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्य योजना बनाने के निर्देश भी दिए गए।  गडकरी ने कहा कि बालाघाट जिले में बेहतर रोड नेटवर्क के लिए कार्य योजना बनाई जाए।

    केन्द्र और राज्य सरकार के अधिकारी रहे मौजूद

    बैठक में देवास जिले में सन्दलपुर से नसरूल्लागंज बायपास, उज्जैन झालाबड़ फोरलेन, सतना चित्रकूट फोरलेन, जबलपुर-लखनादौन-रायपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके साथ ही लौनी-बुरहानपुर लिंक के संबंध में भी चर्चा हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव लोक निर्माण  सुखवीर सिंह सहित प्रदेश के वन और राजस्व विभाग तथा केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • नर्सिंग विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम जारी होने पर उप मुख्यमंत्री  शुक्ल का जताया आभार

    नर्सिंग विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम जारी होने पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल का जताया आभार

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल का कटनी ज़िले के अल्प प्रवास में जिले के विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों के पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भेंट कर आत्मीय स्वागत किया तथा नर्सिंग विद्यार्थियों के लंबित परीक्षा परिणाम जारी कराने की पहल के लिए उनका आभार व्यक्त किया। जिले के एमजीएम कॉलेज/स्कूल नर्सिंग कॉलेज,  साईनाथ कॉलेज एवं विजडम नर्सिंग कॉलेज, कटनी के पदाधिकारियों सहित नर्सिंग कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने उप मुख्यमंत्री  शुक्ल का स्वागत किया।

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि राज्य शासन के लिए छात्र हित सर्वोपरि है। इसी भावना के साथ शासन ने नर्सिंग विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए माननीय उच्च न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती से रखा है। विद्यार्थियों की शिक्षा और उनके भविष्य की राह में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए राज्य शासन संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा बी.एससी. नर्सिंग के 15 हजार से अधिक विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। साथ ही लगभग 28 हजार विद्यार्थियों की आगामी परीक्षा भी शीघ्र आयोजित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि छात्र हितों की रक्षा और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शासन सदैव प्रतिबद्ध है।

    उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा बी.एससी. नर्सिंग द्वितीय वर्ष परीक्षा – मार्च 2026, बी.एससी. नर्सिंग तृतीय वर्ष परीक्षा – जनवरी 2026 के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए हैं। विद्यार्थियों ने कहा कि परीक्षा परिणाम घोषित होने से उनकी आगे की पढ़ाई एवं अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में सुविधा मिलेगी। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राज सिंह ठाकुर, शहर के उद्योगपति  मनीष गेई एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • इंदौर का ग्रीन बॉन्ड और नमामि नर्मदे मिशन जल संरक्षण के क्षेत्र में बने देश के लिए मिसाल

    इंदौर का ग्रीन बॉन्ड और नमामि नर्मदे मिशन जल संरक्षण के क्षेत्र में बने देश के लिए मिसाल

    भोपाल 

    अपर मुख्य सचिवनगरीय विकास एवं आवास  संजय दुबे ने कहा है कि जल केवल एक साधारण प्राकृतिक संसाधन नहीं, अपितु एक रणनीतिक परिसंपत्ति है, जो राज्य की आर्थिक संवृद्धि, नगरीय सहनशीलता, पर्यावरण संधारणीयता और दीर्घकालिक विकास आयोजना की मूल धुरी है। अपर मुख्य सचिव  दुबे नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित 9वें 'भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह' में "जल को राष्ट्रीय परिसंपत्ति के रूप में पुनर्परिभाषित करना" विषय पर आयोजित उच्चस्तरीय परिचर्चा में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भावी जल सुरक्षा और समर्थ शहरों के निर्माण के लिए नवोन्मेषी वित्तीय तंत्रों, टिकाऊ अधोसंरचना विकास तथा एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन को अंगीकार करना समय की मांग है।

    नगरीय विकास और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संतुलन

    अपर मुख्य सचिव  दुबे ने राज्य की दूरदर्शी जल प्रबंधन नीतियों को रेखांकित करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश शासन संधारणीय अधोसंरचना, नवीन वित्तीय प्रबंधन और उत्तरदायी जल संरक्षण को एक साथ एकीकृत कर रहा है। उन्होंने इंदौर में नर्मदा नदी प्रणाली से संबद्ध जल अधोसंरचना के लिए जारी किए गए देश के सफल 'ग्रीन बॉन्ड' का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि इंदौर का यह नवाचार यह सिद्ध करता है कि किस प्रकार नगरीय विकास और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को एक साथ गति दी जा सकती है।

    'नमामि नर्मदे' मिशन और दीर्घकालिक जल सुरक्षा

    अपर मुख्य सचिव  दुबे ने कहा कि 'नमामि नर्मदे' मिशन नदियों के पुनरुद्धार, पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण और दीर्घकालिक जल सुरक्षा के प्रति मध्यप्रदेश की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह मिशन राज्य के उस व्यापक दृष्टिकोण के अनुकूल है, जिसके तहत आर्थिक प्रगति को प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण प्रबंधन और संरक्षण का संबल प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बल दिया कि 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय संकल्प की सिद्धि के लिए मध्यप्रदेश समावेशी विकास, सुदृढ़ नगरीकरण और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिये जल सुरक्षा को निरंतर सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।

    'इंडिया वाटर डाइजेस्ट' पॉलिसी ब्रीफ का विमोचन

    सत्र में काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (CEEW) तथा एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई नीतिगत रिपोर्ट "इंडिया वाटर डाइजेस्ट: स्केलिंग इन्वेस्टमेंट फॉर ए वाटर-सिक्योर इंडिया" का विमोचन किया गया। यह रिपोर्ट जल क्षेत्र में पूंजीगत निवेश को बढ़ाने तथा भारत की विकास यात्रा में जल सुरक्षा को एक अनिवार्य आर्थिक स्तंभ के रूप में स्थापित करने पर बल देती है। इस अवसर पर देश-विदेश के नीति निर्माता, विकास संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं जल क्षेत्र के वरिष्ठ विशेषज्ञ उपस्थित थे।

     

  • MP में 50 हजार कर्मचारियों के प्रमोशन की तैयारी, जनवरी 2027 से प्रक्रिया

    MP में 50 हजार कर्मचारियों के प्रमोशन की तैयारी, जनवरी 2027 से प्रक्रिया

    भोपाल 

    भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को निर्देश दिए हैं कि जनवरी 2027 से शुरू होने वाले पदोन्नति के दूसरे चरण की तैयारियां जल्द पूरी की जाएं। इस चरण में मुख्य रूप से उन अधिकारियों और कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके सेवानिवृत्त होने में केवल 1 से 2 साल का समय बचा है। सरकार का उद्देश्य विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) के जरिए इन कर्मचारियों का प्रमोशन सुनिश्चित करना है, ताकि कानूनी विवादों के कारण कोई भी कर्मचारी अपने हक के प्रमोशन से वंचित न रह जाए।

    लंबित प्रमोशन होंगे पूरे
    नियमों के मुताबिक हर 5 साल में पदोन्नति का प्रावधान है, लेकिन 2016 से चले आ रहे कानूनी विवाद के कारण कर्मचारियों को 10 साल बाद 2026 में पहला प्रमोशन मिल सका। अब दूसरा प्रमोशन भी बकाया हो चुका है, जिसे जनवरी से डीपीसी कर नियमित किया जाएगा।

    इन पदों को मिलेगा लाभ
    प्रशासनिक कैडर में ग्रेड-2 से ग्रेड-
    1, सेक्शन ऑफिसर से अवर सचिव, अवर सचिव से डिप्टी सेक्रेटरी तथा सहायक संचालक से अतिरिक्त संचालक स्तर तक के पद शामिल हैं। वहीं इंजीनियरिंग सेक्शन में असिस्टेंट इंजीनियर से लेकर ईएनसी (Engineer-in-Chief) तक के पदों पर पदोन्नति मिलेगी। मध्य प्रदेश विधानसभा ने दूसरे चरण के प्रमोशन को लेकर अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं।

    पदोन्नति के आंकड़े और शिक्षकों की स्थिति
    चालू वर्ष में जुलाई से लेकर अब तक लगभग 1 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति दी जा चुकी है। हालांकि अभी भी विभिन्न कारणों से करीब 50 हजार प्रमोशन अटके हुए हैं। कुल अटके मामलों में सबसे बड़ी संख्या शिक्षा विभाग की है, जहां शिक्षक पात्रता परीक्षा के कारण 30 हजार शिक्षकों के प्रमोशन रुके हुए थे। विभाग ने इसका समाधान निकाल लिया है और दिसंबर से पहले इन शिक्षकों को पदोन्नत करने की योजना है।

    सीपीसीटी में जल्द मिलने जा रही राहत
    चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के प्रमोशन में परेशानी बनी सीपीसीटी परीक्षा की अनिवार्यता में राहत जल्द ही मिलने जा रही है. सामान्य प्रशासन विभाग इसको लेकर आदेश जारी करने जा रहा है. सीपीसीटी परीक्षा न होने से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का प्रमोशन तृतीय श्रेणी में नहीं हो पा रहा था, इसको देखते हुए पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसमें राहत देने का ऐलान किया था। 

     

  • सेवा-संकल्प माह में पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितम्बर प्रदेश के लिए बनी ऐतिहासिक

    सेवा-संकल्प माह में पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितम्बर प्रदेश के लिए बनी ऐतिहासिक

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी की उपस्थिति में प्रदेशवासियों को मध्यप्रदेश सुगम परिवहन सेवा की सौगात देकर आज के दिन को ऐतिहासिक बनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सात शहरों की 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम के बाद स्वयं भेल दशहरा मैदान से टिकिट लेकर बस से ही मुख्यमंत्री निवास पहुंचे।

    3500 से अधिक मार्गों पर 15 हजार से अधिक बसों का चरणबद्ध रूप से होगा विस्तार

    प्रदेशवासियों को सुगम, सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू की जा रही है। इस सेवा से शहरी ग्रामीण क्षेत्रों में बस कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा। प्रदेश की 75% ग्राम पंचायतों तक परिवहन सेवा का विस्तार होगा। इस इण्टरसिटी और इण्टर स्टेट बस सेवा के अंतर्गत अगले 5 वर्षों में 3500 से अधिक मार्गों पर 15 हजार से अधिक बसों का चरणबद्ध विस्तार होगा। पूरे प्रदेश में नगरों, छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों तक आम आदमी के लिए सफर आसान होगा। यह ऐसा एकीकृत परिवहन तंत्र है जो यात्रा के समय को कम करेगा और सफर को अधिक सुगम बनाएगा। पूरे प्रदेश में आधुनिक-सुविधाजनक बस स्टॉप, बस टर्मिनल और निजी बस ऑपरेटरों के लिए बस डिपो विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में ऑनलाइन टिकटिंग, ईवी और सीएनजी बसों को प्राथमिकता देते हुए पर्यावरण अनुकूल आधुनिक बसें, शामिल होंगी। यात्री फीडबैक के आधार पर शिकायतों और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 24×7 कस्टमर केयर सुविधा रहेगी।

    कार्यक्रम स्थल से बसों को झंडी दिखाकर किया रवाना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के भेल दशहरा मैदान पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुआ। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई बस सेवा पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री  गडकरी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के संचालन के लिए मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के प्रबंध संचालक  मनीष सिंह तथा स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल के निर्देशक प्रोफेसर डॉ. कैलाश राव एम के बीच एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री  गडकरी ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत बसों का सिंगल क्लिक से लोकार्पण किया तथा कार्यक्रम स्थल से बसों का झंडी दिखाकर रवाना किया। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, भोपाल के प्रभारी मंत्री  चैतन्य काश्यप, सहकारिता मंत्री  विश्वास सारंग, राज्य मंत्री कृष्णा गौर उपस्थित थी।

    जनता की सेवा के संकल्प की पूर्ति में लिखा गया नया अध्याय

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भेल दशहरा मैदान पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मोत्सव 17 सितंबर से 17 अक्टूबर के अवसर पर सेवा संकल्प माह और एकात्म मानववाद के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर 21 साल बाद मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन बस सेवा पुन: शुरू हो रही है। जनता की सेवा के संकल्प की पूर्ति का नया अध्याय लिखा गया है। हमारी सड़क परिवहन सेवाओं का लाभ प्रदेश के दूर-दराज स्थित जनजातीय क्षेत्रों को भी मिलेगा। गरीब और जरुरतमंदों के लिए प्रदेश सरकार ने सेवा का संकल्प लिया है। केंद्रीय मंत्री  गडकरी के माध्यम से प्रदेश में सड़कों और हाईवे का जाल बिछ रहा है।

    यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए हैं विशेष व्यवस्था

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन के एक आधुनिक और यूनिक मॉडल की शुरुआत हो रही है। बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी, पैनिक बटन, इमरजेंसी डोर, जीपीएस मॉनिटरिंग, ऑनलाइन टिकटिंग, शिकायतों के समाधान सहित कई प्रकार से मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। बस ड्राइवरों की ट्रेनिंग और सुरक्षा के प्रबंधन भी किए गए हैं। वर्ष 2029 तक सभी रूटों पर भगवा रंग की बसें दौड़ती नजर आएंगी, जो प्रमुख शहरों के साथ देश के प्रमुख तीर्थस्थलों और महानगरों तक आवागमन को सुगम बनाएंगी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बस स्टैंड, बस स्टॉप और चार्जिंग स्टेशनों के साथ सुव्यवस्थित नियंत्रण प्रणाली भी लागू की गई है।

    प्रदेशवासियों की आशा और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त हुए बालाघाट जिले को नई सौगात मिलने जा रही है। हमारी सरकार ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और शांति के लिए चुनौती बने सभी संकटों को समाप्त किया है। हमारी सरकार ने भोपाल से यूनियन कार्बाइड के अपशिष्ट का समुचित प्रबंधन करते हुए निष्पादन किया है। प्रदेशवासियों की आशा और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सभी मंत्रीगण संकल्प के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने बिजली, पानी, सड़क और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है।

    सभी क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार और नौकरी के उपलब्ध हैं अवसर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। सभी क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार और नौकरी के अवसर दिए गए हैं। पिछले एक साल में 85 हजार से अधिक शासकीय पदों पर भर्ती की गई है। गुरूवार 24 सितम्बर को ही खनिज विभाग के निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। पुलिस विभाग में 18 हजार पद, शिक्षक भर्ती और असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। प्रदेश सरकार मौजूदा वर्ष में एक लाख शासकीय पदों पर भर्ती करेगी। दूसरी ओर, किसान कल्याण वर्ष में प्रदेशवासियों को दो नदी जोड़ो अभियान केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना की सौगात मिली है। प्रदेश में गरीब-जरूरतमंदों को एयर एंबुलेंस की सुविधा मिल रही है। गरीब से गरीब की जान बचाना हमारी सरकार का संकल्प है।

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रदेश के गरीब-जरूरतमंदों के लिए होगी लाभप्रद

    केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  गडकरी ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा का मार्ग दिखाया। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा की शुरुआत का यह निर्णय मध्यप्रदेश की जनता के लिए आवागमन सुविधाओं को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका लाभ प्रदेश के गरीब-जरूरतमंदों को भी मिलेगा। प्रदेश में राज्य परिवहन सेवा का एक दौर ऐसा भी था, जब बसों में घंटी छोड़कर सब बजता था। मध्यप्रदेश सरकार ने नवाचारी विचार के साथ सार्वजनिक परिवहन को दोबारा शुरू किया है। मध्यप्रदेश को 972 पीएम-ई बसें मिली हैं। मध्यप्रदेश में 25 हजार इलेक्ट्रिक एसी बसें चलाने की आवश्यकता है। मध्यप्रदेश में अभी 8 व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर हैं,अभी 21 और शुरू करने की आवश्यकता है। प्रदेश में 6 और ऑपरेशनल टेस्टिंग सेंटर खोलने के लिए स्वीकृति दी गई है। प्रदेश में 29 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्वीकृत हैं। अब 61 सेंटर और दिए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री  गडकरी ने कहा कि कैब एग्रीगेटर्स के साथ जुड़कर रोजगार के अवसर बढ़ाने की बहुत अधिक संभावनाएं हैं। राज्य सरकारों को इस दिशा में कार्य करना होगा, मध्यप्रदेश में इस पहल से 40 से 50 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा।

    देश में 22 लाख करोड़ रुपए के पेट्रोल-डीजल और गैस आयात को कम करना हमारा मिशन

    केंद्रीय मंत्री  गडकरी ने कहा कि अब बेहतर शासन संचालन का मूल्यांकन सुखांक की गणना के आधार पर हो रहा है। हमारी सरकार जनता को अच्छी सड़कें, पानी, भोजन, स्वास्थ्य की सुविधा के माध्यम से खुशी जीवन देने की दिशा में कार्य कर रही है। बेहतर सड़कों का निर्माण भी इसी दिशा में एक प्रयास है। इसी दिशा में हम प्रदूषण को कम करना चाहते हैं। देश में 22 लाख करोड़ रुपए का पेट्रोल-डीजल और गैस आयात होता है। इसे कम करने को ही मैंने अपना मिशन बनाया है। मुझे देश में पहली इलेक्ट्रिस बस, कार, इलेक्ट्रिक स्कूटर और ऑटो को झंडी दिखाने का सौभाग्य मिला है। देश में फ्लेक्स इंजन के साथ वाहन तैयार किए जा रहे हैं। इनमें इथेनॉल को ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। दुनिया के कई देशों में इथेनॉल मिश्रित ईंधन से गााड़ियां चलती हैं। भारत में वर्ष 2022 से पेट्रोल में इथेनॉल को मिलाकर फ्यूल डाला जा रहा है। अभी देशभर में 4 करोड़ फोर व्हीलर और 20 करोड़ टू-व्हीलर में यह फ्लूड डाला जा रहा है। एक रिपोर्ट में सामने आया है कि इथेनॉल के इस्तेमाल से वाहन को नुकसान नहीं होता, बल्कि गाड़ी का एवरेज भी बढ़ा है। देश का किसान अब अन्नदाता से ऊर्जादाता भी बना है।

    इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सहित अन्य वैकल्पिक ईधन की व्यवस्था आवश्यक

    केंद्रीय मंत्री  गडकरी ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से पेट्रोल-डीजल का खर्च बचता है। गरीबों को इलेक्ट्रिक एयरकंडीशन बसों की सुविधाएं मिलनी चाहिए। इन बसों का किराया डीजल बसों की तुलना में 30 प्रतिशत कम होना चाहिए, यह हमारा सपना है। देश में 10 रूट्स पर हाइड्रोजन से चलने वाली बसें चलाने की पहल की गई है। अब सभी ऑटोमोबाइल कंपनियां फ्लेक्स फ्यूल इंजन के साथ वाहन तैयार करेंगे, जिनमें 100 प्रतिशत इथेनॉल का इस्तेमाल किया जाएगा। अब देश को 22 लाख करोड़ का पेट्रोल-डीजल आयात नहीं करना पड़ेगा। देश के किसान मक्का से इथेनॉल तैयार करेंगे और प्रदूषण का स्तर घटेगा। उत्तर प्रदेश और बिहार में किसानों को मक्का का भाव 2600 रुपए मिल रहा है। वैकल्पिक ईधन की व्यवस्था से ही देश में आर्थिक स्वावलंबन का मॉडल बनेगा।

    सिटी बसों को दिव्यांगजनों और बुजुर्गों की सुविधा को देखते किया गया डिजाइन

    केंद्रीय मंत्री  गडकरी ने कहा कि तकनीक के जरिए हम वेस्ट को वेल्थ में बदल सकते हैं। ऑटोमोबाइल सेक्टर में हमने जापान को पीछे छोड़कर दुनिया में तीसरा स्थान हासिल किया है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था को अगले साल में तीसरे स्थान पर लेकर जाना है। इसमें ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की भूमिका सबसे अहम होगी। देश में ई-बसों के निर्माण के लिए वर्ल्ड क्लास बॉडी स्ट्रक्टर कोड लागू किया गया है। अब बसों का रजिस्ट्रेशन टेस्टिंग एजेंसी द्वारा जांच करने के बाद किया जाएगा। अब चेक लिस्ट के भौतिक और वीडियो सत्यापन के बाद ही बसों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। आरटीओ ऑफिस की 17 सेवाओं को डिजिटल कर दिया गया है। हमारी सरकार ने सभी सिटी बसों को दिव्यांगजनों और बुजुर्गों की सुविधा को देखते हुए डिजाइन तैयार किए हैं।

    आज प्रदेश के नागरिकों का सपना हो रहा है पूरा

    परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा के जरिए प्रदेश के नागरिकों का सपना पूरा हो रहा है। पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री  गडकरी के द्वारा 351 इंटरसिटी एवं इंट्रासिटी बसों की सौगात मिली है। प्रदेश में 21 साल बाद फिर से राज्य परिवहन सेवा की शुरुआत हो रही है। लंबे समय से इसकी मांग की जा रही है। प्रदेश के इतिहास में आज का ऐतिहासिक दिन है। प्रदेशवासियों के लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा महत्वपूर्ण है। इसमें बस मालिकों के हितों का भी ध्यान रखा गया है।

    लोकपथ ऐप नागरिकों के लिए स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर बन गया है

    लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने कहा कि प्रदेश में परिवहन सुविधा के क्षेत्र में आज स्वर्णिम दिन है। यह सर्वसुविधायुक्त बसें यात्रियों के लिए बड़ी सौगात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश कनेक्टिविटी, मोबिलिटी, पर्यावरण संरक्षण के साथ सुगम यातायात सुविधा देने वाले देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। लोक निर्माण विभाग सभी विभागों के साथ समन्वय करते हुए कार्य कर रहा है। विभाग ने सड़कों के गड्ढे सुधारने के लिए लोकपथ ऐप बनाया है, जो नागरिकों के लिए स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर भी बन चुका है। लोकपथ ऐप पर मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की बसों की समय सारणी भी उपलब्ध होगी। केंद्रीय मंत्री  गड़करी ने प्रदेश में जारी हाइवे प्रोजेक्ट्स के निर्माण कार्यों की समीक्षा की है। उन्होंने शहपुरा टोल नाके को अस्थाई रूप से बंद करने को मंजूरी दी है।

    शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बस कनेक्टिविटी होगी मजबूत

    प्रदेशाध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक  हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर सेवा कार्य के रूप में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत हो रही है। इसका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बस कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना तथा नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। केंद्रीय मंत्री  गडकरी ने प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया है और अब यह परिवहन सेवा प्रदेश की ग्राम पंचायतों को भी शहरों से जोड़ेगी। प्रदेश के किसान, मजदूर, युवा और महिलाओं सहित सभी लोगों को बस सेवा का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में भोपाल महापौर मालती राय, विधायक  रामेश्वर शर्मा,  विष्णु खत्री,  भगवान दास सबनानी उपस्थित थे।

     

  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समाज की संवाहक और नौनिहालों के भविष्य की आधारशिला : राज्यमंत्री  गौर

    आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समाज की संवाहक और नौनिहालों के भविष्य की आधारशिला : राज्यमंत्री गौर

    भोपाल 

    सेवा संकल्प अभियान

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में संचालित 'सेवा से संकल्प' (सेवा पखवाड़ा) अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को भोपाल के गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र स्थित बागसेवनिया के अमराई (आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 735) में 'आंगन मिलन सेवा' कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने आंगनबाड़ी केंद्र का सूक्ष्म निरीक्षण किया, एवं नौनिहालों से संवाद कर उनकी रचनात्मक गतिविधियों की जानकारी ली तथा परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

    आंगनबाड़ी केंद्रों में मिलता है मातृवत् स्नेह और संस्कार

    राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौर ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समाज के वंचित और जरूरतमंद बच्चों के सर्वांगीण विकास, शिक्षा एवं पोषण का पावन दायित्व निष्ठापूर्वक निभा रही हैं। ये केंद्र केवल पोषण वितरण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यहाँ बच्चों को शिक्षा और संस्कार के साथ माँ की ममता का भाव भी प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि 'सेवा से संकल्प अभियान' के माध्यम से इन समर्पित कार्यकर्ताओं को सम्मानित करना स्वयं में अत्यंत गौरव एवं संतोष का विषय है।

    उत्कृष्ट सेवा के लिए कार्यकर्ताओं का हुआ सम्मान

    कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की उत्कृष्ट सेवाएं देने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को उनके अनुकरणीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। अतिथियों ने बच्चों द्वारा निर्मित चित्रकारियों एवं गतिविधियों की सराहना करते हुए उन्हें स्नेह उपहार वितरित किए।

    इस अवसर पर राज्यमंत्री  प्रतिमा बागरी,  ज्योति सिंह,  अश्विनी परांजपे,  सपना वर्मा,  मोना सुस्तानी,  प्रज्ञा त्रिपाठी,  मोनिका ठाकुर,  शीला पाटीदार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

     

  • उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने बण्डा की दयोदय गौशाला में किया वृक्षारोपण, गौवंश को खिलाया चारा एवं गुड़ के लड्डू

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बण्डा की दयोदय गौशाला में किया वृक्षारोपण, गौवंश को खिलाया चारा एवं गुड़ के लड्डू

    भोपाल 

     उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने बण्डा स्थित दयोदय गौशाला पहुंचकर गौसेवा की। उन्होंने सर्वप्रथम गौशाला परिसर में वृक्षारोपण किया। सेवा संकल्प यात्रा के यात्रियों ने भी गौशाला परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया। इसके पश्चात उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने गौशाला में गौवंश को चारा एवं गुड़ के लड्डू खिलाए। इस दौरान उन्होंने गौशाला परिसर का अवलोकन भी किया तथा गौसेवा से जुड़े कार्यों की जानकारी ली।

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने गौशाला में उपस्थित गौसेवकों एवं संबंधितों से चर्चा की। उन्होंने गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर दमोह सांसद  राहुल सिंह लोधी, बण्डा विधायक  वीरेन्द्र सिंह लोधी, मती रानी कुशवाहा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  जगदीश कुमार गोमे, डिप्टी कलेक्टर सु मोना दांगी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गौसेवक उपस्थित रहे।