Category: मध्य प्रदेश

  • MP में सड़कों का होगा कायाकल्प, 940 KM सड़कें 4-लेन में तब्दील होंगी

    MP में सड़कों का होगा कायाकल्प, 940 KM सड़कें 4-लेन में तब्दील होंगी

    भोपाल 

     मप्र में 43 हजार करोड़ की सड़कें बनेंगी। 940 किमी 2-लेन सड़कों को 4-लेन में बदला जाएगा। 41 हजार करोड़ रुपए खर्च आएगा। जबकि 50 जिलों की 200 किमी पुरानी हो चुकी सिंगल व डबल लेन खस्ताहाल सड़कों को सीसी रोड में बदला जाएगा।इस काम पर 4200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इन दोनों कामों से प्रदेश के करीब 2 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा। इनमें कई सड़कें ऐसी भी हैं, जो 25 से 30 साल से खस्ताहाल है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने अनंत चतुर्दशी पर मप्र को ये सौगात दी। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि मप्र की 940 किमी सड़कों के प्रस्ताव को वे 18 सितंबर को ही स्वीकृति कर चुके हैं। यह काम एनएचएआइ को सौंपा है। कम समय में अच्छी गुणवत्ता वाला काम हो, यह पहली प्राथमिकता है।

    सीएम आवास पर की प्रोजेक्ट की समीक्षा
    असल में केंद्रीय मंत्री गडकरी लोक परिवहन सेवा की बसों का शुभारंभ करने शुक्रवार को भोपाल आए थे, जिन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ उनके निवास पर रोड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्टों की समीक्षा की। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह मौजूद रहे। जबकि एमपीआरडीसी के एमडी भरत यादव ने आगामी कार्य योजना का प्रजेंटेशन भी दिया।

    केंद्रीय मंत्री गडकरी ने यह भी कहा
    पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का बटेश्वर (यूपी) से विशेष संबंध रहा है। अटल एक्सप्रेस-वे का निर्माण बटेश्वर तक करेंगे।

    सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत उज्जैन को जोड़ने वाले सभी मार्गों को तेजी से पूरा करें।

    कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की सड़क कनेक्टिविटी नागपुर जबलपुर और रायपुर से बढ़ाने के लिए कार्य योजना बनाए।

    बालाघाट जिले में बेहतर रोड नेटवर्क के लिए कार्य योजना बनाएं।

    पीडब्ल्यूडी को मिलेंगी 200 किमी सड़कें
    असल में एनएचएआइ ने बीते 25 से 30 सालों में नए व पुराने सड़क मागर्गों का विस्तार किया है। शहरों व ग्रामीण आबादी को राहत देने के लिए बायपास बनाए हैं लेकिन मुख्य शहरों व ग्रामीण आबादी के अंदर से गुजरने वाले पुराने मार्गों का नए सिरे से निर्माण नहीं कराया, जो कि आज भी बायपास तक पहुंचने पहुंचने का का मुख्य जरिया है। जबकि ये मार्ग अभी भी एनएचएआइ के पास ही है।

    मप्र के करीब 50 जिलों को मिला लें तो इनकी लंबाई करीब 200 किमी के आसपास है और जिन्हें बनाने में 4200 करोड़ का खर्च आ रहा है। मप्र पहले ही केंद्र को प्रस्ताव भेज चुका है। ये बन जाए तो बड़ी राहत मिलेगी। गडकरी ने उक्त प्रस्ताव को मंजूर करने का भरोसा दिया। साथ में यह भी कहा कि इन्हें सीसी रोड बनाकर पीडब्ल्यूडी को दे देंगे। बता दें कि शहरों के अंदर व आसपास के क्षेत्रों में वर्षों पहले 2-लेन बनाए थे। ट्रैफिक के दयाव व जाम के चलते अब उन पर आरओबी बना दिए है इसके कारण इन सड़कों का विस्तार नहीं हो पाया. जो कि समय की जरुरत है।

    जबलपुर के पास टोल वसूली रोकने के निर्देश
    केंद्रीय मंत्री गडकरी ने जबलपुर के पास खस्ताहाल शहपुरा आरओबी के ठीक होने तक टोल वसूली बंद करने के निर्देश दिए हैं। उक्त आरओबी की एप्रोच रोड खराब है, जिसके कारण मार्ग डायवर्ट किया है। इस तरह राहगीर उक्त मार्ग पर बहुत कम चलते हैं, तब भी उनसे टोल वसूला जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से यह बात केंद्रीय मंत्री के सामने रखी गई। जिस पर उन्होंने तत्काल निर्णय लिया और अफसरों को निर्देश दिए।

  • उज्जैन के नवजात का अहमदाबाद में होगा इलाज, आयुष्मान कार्ड बना सहारा

    उज्जैन के नवजात का अहमदाबाद में होगा इलाज, आयुष्मान कार्ड बना सहारा

    उज्जैन
     देवास में जन्मे नवजात को गंभीर हृदय रोग होने की खबर मिलते ही मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने जो तत्परता दिखाई, वह एक मिसाल बन गई. उज्जैन में भर्ती नवजात मासूम को तत्काल विशेषज्ञ उपचार की जरूरत थी. नवजात को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तेजी से कदम उठाया और पहले उसे सड़क मार्ग से इंदौर पहुंचाया गया. यहां से पीएम श्री एयर एंबुलेंस के जरिए करीब 2 घंटे में अहमदाबाद के एक अस्पताल में पहुंचाया गया. जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है। 

    एयर एंबुलेंस अहमदाबाद पहुंचाया
    देवास के गांव जमुणी निवासी धीरज का 1 दिन का बेटा गंभीर हृदय बीमारी जूझ रहा है. जिसके बाद बच्चे को उज्जैन के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. यहां चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए चिकित्सा केंद्र ले जाने की सलाह दी. इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अशोक कुमार पटेल सीएमएचओ को दी। 

    2 घंटे की यात्रा के बाद उपचार जारी
    मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमएचओ डॉक्टर अशोक कुमार पटेल और पीएम श्री एयर एंबुलेंस के नोडल अधिकारी डॉक्टर आदित्य माथुर ने तत्काल समन्वय शुरू किया. बिना समय गवाएं नवजात को एंबुलेंस से उज्जैन से इंदौर ले जाया गया और इसके बाद यहां से पीएम श्री एयर एंबुलेंस से अहमदाबाद के लिए उड़ान भरी. करीब 2 घंटे की यात्रा के बाद नवजात को गुजरात के एक अस्पताल में पहुंचाया गया. जहां उसके गंभीर हृदय रोग के उपचार की प्रक्रिया शुरू की गई. इतनी कम उम्र और गंभीर स्थिति को देखते हुए उच्च चिकित्सा केंद्र तक पहुंचना बेहद कठिन था। 

    आयुष्मान कार्ड से बच्चे का उपचार
    परिजन के पास आयुष्मान कार्ड होने के कारण पात्रता अनुसार नवजात के उपचार और संबंधित स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ निशुल्क मिल रहा है. पीएम श्री एयर एंबुलेंस सेवा का उद्देश्य भी गंभीर मरीजों को जरूरत के मुताबिक उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवा उपलब्ध करवाना है. सीएमएचओ डॉक्टर अशोक कुमार पटेल ने कहा, "नवजात को बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से अहमदाबाद भेजा गया है. परिजन के पास आयुष्मान कार्ड से बच्चे का उपचार हो रहा है। 

  • बरगी बांध से छोड़ा जाएगा पानी, नर्मदा में 8 फीट तक बढ़ सकता है जलस्तर

    बरगी बांध से छोड़ा जाएगा पानी, नर्मदा में 8 फीट तक बढ़ सकता है जलस्तर

    जबलपुर 
    जबलपुर का बरगी बांध पानी से लबालब हो गया है। बांध के जलग्रहण क्षेत्र में कल और रात्रि में हुई वर्षा के कारण पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बांध की सुरक्षा एवं जल स्तर को नियंत्रित एवं स्थिर बनाए रखने की दृष्टि से जल निकासी बढ़ाई जा रही है। आज यानि 26 सितंबर को बरगी बांध के 9 गेट खोलकर नर्मदा नदी में पानी छोड़ा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार बांध में पानी बढ़ने से ऐसा करना आवश्यक हो गया है। जल निकासी को देखते हुए प्रशासन ने नर्मदा के आसपास रहनेवालों को घाटों से दूर रहने को चेताया है। बांध से पानी निकालने के कारण नर्मदा के घाटों पर वर्तमान जलस्तर से लगभग 8 फीट की वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है।

    बाढ़ नियंत्रण कक्ष के सहायक यंत्री ने बरगी के और जल द्वार खोलना जरूरी बताया
    बरगी बांध के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के सहायक यंत्री ने बताया कि बरगी के और जल द्वार खोलना जरूरी हो गया है। बांध से निकाले पानी से नर्मदा के जलस्तर में वृद्धि होगी जिसके संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों को भी सूचना दे दी गई है।

    बांध के 9 गेट प्रातः 11:00 बजे से खोले जाएंगे
    सहायक यंत्री के अनुसार बांध के 9 गेट खोले जाएंगे। इन सभी जलद्वारों को औसतन 1.83 मीटर ऊंचाई तक खोला जाएगा। आधिकारिक सूचना के अनुसार बरगी बांध के 9 गेट प्रातः 11:00 बजे से खोले जाएंगे। इससे लगभग 2522 क्यूमेक जल निकाला जाएगा।

    जल निकासी के कारण नर्मदा के वर्तमान जलस्तर से लगभग 8 फीट वृद्धि होने की संभावना
    बरगी बांध के जल द्वार औसतन 1.83 मीटर ऊंचाई तक खोलने का व्यापक प्रभाव पड़ेगा। नर्मदा में पानी छोड़ने से नदी का जलस्तर बढ़ेगा। अधिकारियों ने बताया कि बरगी बांध से पानी की इस जल निकासी के कारण नर्मदा के घाटों पर वर्तमान जलस्तर से लगभग 6 से 8 फीट की वृद्धि होने की संभावना है। ऐसे में आमजनों से अनुरोध भी किया गया है कि नर्मदा के घाटों एवं तटीय क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

    अधिकारियों का यह भी कहना है कि बरगी बांध में पानी की आवक के अनुसार जल निकासी की मात्रा को आवश्यकता के अनुरूप कभी भी घटाया अथवा बढ़ाया जा सकता है।

  • एशियन गेम्स में आशी चौकसे ने रचा इतिहास, 50m राइफल में सिल्वर जीता

    एशियन गेम्स में आशी चौकसे ने रचा इतिहास, 50m राइफल में सिल्वर जीता

    भोपाल
     मध्य प्रदेश की बेटी और स्टार शूटर आशी चौकसे ने एशियाई खेलों (Asian Games 2026) में देश का नाम रोशन करते हुए रजत पदक अपने नाम कर लिया है। आशी चौकसे ने यह ऐतिहासिक सफलता महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन (Three Positions) टीम स्पर्धा में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करते हुए हासिल की।

    इस स्पर्धा में आशी चौकसे के साथ तिलोत्तमा सेन और विदरसा विनोद की तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में सिल्वर मेडल डाला।

    तिलोत्तमा सेन और विदर्शा विनोद ने तीसरे और छठे स्थान पर रहकर क्वालिफाई किया। तिलोत्तमा ने स्टैंडिंग राउंड में 97 और 98 के स्कोर के साथ कुल 590 अंक हासिल किए। वह दो चीनी खिलाड़ियों से पीछे रहीं, जिनके स्कोर 594 और 591 थे। विदर्शा का स्टैंडिंग राउंड का प्रदर्शन शानदार रहा (98 और 98)।

    उन्होंने नीलिंग राउंड के 193 के स्कोर से वापसी करते हुए कुल 588 अंक बनाए और छठे स्थान पर रहीं। स्टैंडिंग राउंड की पहली सीरीज में 93 के स्कोर ने आशी चौकसे को काफी पीछे कर दिया और वह इससे उबर नहीं पाईं। अपनी आखिरी स्टैंडिंग सीरीज में 97 के स्कोर के साथ उन्होंने कुल 585 अंक हासिल किए।

    9वीं कक्षा से की थी शूटिंग करियर की शुरुआत
    भोपाल की रहने वाली आशी चौकसे की निशानेबाजी यात्रा की शुरुआत कक्षा 9वीं में नेशनल कैडेट कोर (NCC) के माध्यम से हुई थी। एनसीसी से मिले शुरुआती अनुभव के बाद उनका चयन 'मध्य प्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी' (भोपाल) में हुआ, जहां उन्होंने कोच सुमा शिरूर और वैभव शर्मा के मार्गदर्शन में अपनी तकनीक को निखारा।

    अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐतिहासिक सफलताएं
    2022 (वर्ल्ड कप डेब्यू): बाकू (Baku) में आयोजित ISSF विश्व कप में मिक्स्ड टीम इवेंट में स्वर्ण पदक (Gold) जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इसके साथ ही सूहल (Suhl) जूनियर विश्व कप में दो कांस्य पदक (Bronze) जीते।

    2023 (एशियाई खेल, हंगझोऊ): हंगझोऊ एशियाई खेलों में आशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 50m राइफल 3 पोजिशन टीम इवेंट में रजत पदक (Silver) और व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक (Bronze) अपने नाम किया।

    2023 (एशियाई चैंपियनशिप): टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीता।
    2024 (एशियाई चैंपियनशिप, जकार्ता): व्यक्तिगत 50m राइफल 3 पोजिशन स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। 

     

  • नर्मदा उफान पर, जबलपुर-अमरकंटक मार्ग बंद; बाणसागर से छोड़ा जाएगा पानी

    नर्मदा उफान पर, जबलपुर-अमरकंटक मार्ग बंद; बाणसागर से छोड़ा जाएगा पानी

    डिंडौरी/उमरिया/शहडोल

     डिंडौरी जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। नर्मदा नदी में बाढ़ आने से जबलपुर-अमरकंटक मार्ग पिछले 1 घंटे से बंद है। जोगी टिकरिया पुल पानी में डूब गया है, जबकि जिला मुख्यालय का पुल भी डूबने की कगार पर है। जिला मुख्यालय से शहडोल मार्ग भी सुबह से ही बंद है, यहां भी पानी पुल के ऊपर आ गया है।

    बजाग, करंजिया जनपद क्षेत्र में भी एक सैकड़ा से अधिक गांवों का संपर्क जनपद और जिला मुख्यालय से टूटा हुआ है। यहां भी स्थानीय नदियां उफान पर हैं। जिला मुख्यालय सहित अमरकंटक, बजाग और करंजिया क्षेत्र में तेज बारिश का दौर लगातार जारी है।

    ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क टूट गया है और कई गांवों में पानी घरों में घुसने लगा है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है। घाटों में पुलिस बल भी तैनात किया जा रहा है। साथ ही नर्मदा नदी किनारे बसाहट क्षेत्र को खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।

    स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में आज अवकाश
    लगातार हो रही अत्यधिक वर्षा को देखते हुए कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया के निर्देश पर विद्यार्थियों एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए आज जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों, CBSE, नवोदय, केंद्रीय विद्यालय और अनुदान प्राप्त संस्थाओं में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के लिए एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी आज अवकाश रहेगा। हालांकि शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और अन्य कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहेंगे।

      तेज बारिश से स्कूलों की छुट्टी
    उमरिया जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही अति-वृष्टि और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर 26 सितंबर को जिले के सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार यह अवकाश प्री-प्रायमरी से कक्षा 12वीं तक संचालित सभी शासकीय, अशासकीय, सीबीएसई और आईसीएसई विद्यालयों पर लागू रहेगा।

    शिक्षकों का अवकाश नहीं
    जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए रहेगा। सभी शिक्षक एवं विद्यालयीन कर्मचारी निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचकर अपने नियमित कार्यों का संपादन करेंगे। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। जिला प्रशासन ने लगातार बारिश के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए विद्यार्थियों को घर से बाहर निकलने से बचाने और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।

    जनजीवन प्रभावित
    इधर, लगातार बारिश का असर जिले के सामान्य जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। उमरिया शहर में डीएफओ कार्यालय के पास बारिश के कारण एक पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन बाधित रहा। सड़क पर पेड़ गिरने से दोनों ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद संबंधित अमले द्वारा पेड़ को हटाने की कार्रवाई की गई, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका।

    भारी बारिश से बाणसागर बांध लबालब

    जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बाणसागर बांध के कैचमेंट एरिया में पानी की आवक तेजी से बढ़ रही है। इसी को देखते हुए बांध प्रशासन ने आज 26 सितंबर को दोपहर 12 बजे से जल निकासी बढ़ाने का फैसला लिया है।

    फुल लेवल बनाए रखने के लिए बाणसागर मेन डैम के पहले से खुले हुए 6 रेडियल गेट नंबर 6, 7, 8, 9, 10 और 11 की ओपनिंग को 1.50 मीटर से बढ़ाकर 2.00 मीटर किया जा रहा है।

    सोन नदी में 2632 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जाएगा
    इससे स्पिलवे के 6 रेडियल गेटों से कुल 2458.00 क्यूमेक्स पानी का डिस्चार्ज होगा। बाणसागर मेन डैम के स्पिलवे और पावर हाउस नंबर-03 से सोन नदी में छोड़े जा रहे पानी का कुल फ्लो 2632.23 क्यूमेक्स होगा। विभाग ने कहा है कि अगर आवक और बढ़ी तो डिस्चार्ज और बढ़ाया जा सकता है।

    डाउनस्ट्रीम इलाके के लोगों के लिए अलर्ट
    मुख्य अभियंता, गंगा कछार जल संसाधन विभाग ने ऑर्डर जारी कर सभी फील्ड स्टाफ को अलर्ट और सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बाणसागर बांध के डाउनस्ट्रीम इलाके में सोन नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे सोन नदी से दूरी बनाए रखें और नदी में न जाएं।

    बता दें कि जिले में पिछले 48 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। दिन और रात कभी तेज तो कभी धीमी बारिश हो रही है। इसका असर बांध, नदी, तालाब और दूसरे वाटर सोर्स पर पड़ रहा है और सभी जल स्रोत अब लबालब हो चुके हैं।

    जल भराव
    लगातार बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में जलभराव, सड़क किनारे मिट्टी धंसने और पेड़-पौधों के गिरने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन द्वारा लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने तथा जलभराव वाले स्थानों पर सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
    बारिश के बीच स्कूल पहुंचे मासूम, बाद में पता चला छुट्टी है

    उमरिया जिले में लगातार हो रही अति-वृष्टि के बीच विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने 26 सितंबर को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया,लेकिन आदेश जारी होने के बावजूद इसकी सूचना समय पर विद्यार्थियों और अभिभावकों तक नहीं पहुंच सकी।नतीजा यह हुआ कि मूसलाधार बारिश के बीच कई परिजन बच्चों को लेकर स्कूल पहुंच गए और वहां जाकर पता चला कि आज छुट्टी है।

    इस अव्यवस्था की जीवंत तस्वीर शनिवार सुबह सामने आई,जब पिता गुलाब सिंह अपने एलकेजी में अध्ययनरत बेटे साहिल सिंह को बारिश से बचाने के लिए पन्नी आदि से ढककर विद्यालय लेकर पहुंचे।बच्चे को सुरक्षित स्कूल पहुंचाने की जद्दोजहद के बाद जब छुट्टी की जानकारी मिली तो उन्हें वापस करीब 30 से 35 किलोमीटर दूर गांव खितौली-बगदरी लौटना पड़ा। गुलाब सिंह ने बताया कि उन्हें छुट्टी का मैसेज शनिवार सुबह करीब 8.50 बजे मिला।

    उनका कहना था कि यदि सूचना शुक्रवार रात को ही मिल जाती तो इतनी तेज बारिश में बच्चे को लेकर घर से निकलने की जरूरत ही नहीं पड़ती और इतनी दूर भीगते हुए नही आना पड़ता।प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर अवकाश का आदेश तो जारी कर दिया,लेकिन सवाल यह है कि जब मौसम इतना खराब था तो सूचना रात में ही हर अभिभावक तक पहुंचाने की व्यवस्था क्यों नहीं हुई?

    एक छोटी-सी सूचना की देरी ने बारिश में मासूम को सड़क पर ला दिया और अभिभावक को बेवजह 30-35 किलोमीटर का सफर करना पड़ा। यह तस्वीर सिर्फ एक परिवार की परेशानी नहीं,बल्कि स्कूल प्रबंधन की सूचना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।संभव है कि ऐसे और भी बच्चे बारिश में स्कूल पहुंचे हों, जिन्हें समय पर छुट्टी की जानकारी नहीं मिली।

    जन विश्वास अभियान कैम्प स्थगित
    अत्यधिक वर्षा के कारण आज करंजिया जनपद में आयोजित होने वाला जन विश्वास अभियान कैम्प भी स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन ने बताया कि मौसम सामान्य होने पर नई तिथि घोषित की जाएगी।

    24 घंटे में 92.9 मिमी औसत बारिश, बजाग में सबसे ज्यादा 143 मिमी
    भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय से प्राप्त दैनिक वर्षा की जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटे में जिले में रिकॉर्ड बारिश हुई है। 26 सितंबर को जिले में कुल 650.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिसका औसत 92.9 मिमी है। सबसे ज्यादा बारिश बजाग में 143.0 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा डिंडौरी में 93.2 मिमी, अमरपुर में 96.3 मिमी, समनापुर में 89.0 मिमी, करंजिया में 80.0 मिमी, शहपुरा में 64.4 मिमी और मेहदवानी में 84.3 मिमी वर्षा हुई।

    डिंडौरी जिले की सामान्य औसत बारिश 1404.8 मिमी है। 1 जून से 26 सितंबर तक कुल 8236.1 मिमी वर्षा हो चुकी है, जिसका औसत 1176.6 मिमी है। दीर्घ सामान्य वर्षा की तुलना में अब तक 83.74 प्रतिशत वर्षा हो चुकी है। गत वर्ष इसी दिन औसतन मात्र 3.9 मिमी बारिश हुई थी, जबकि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष अब तक कुल 5.83 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।

  • CM को धमकी देने वाला मुंबई से पकड़ा, पुलिस करेगी वजह का खुलासा

    CM को धमकी देने वाला मुंबई से पकड़ा, पुलिस करेगी वजह का खुलासा

    भोपाल
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। बुधवार को भोपाल के भदभदा स्थित रेडियो मुख्यालय में डायल-112 के हेल्पलाइन वाट्सएप नंबर पर एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री को जान से मारने की धमकी वाला मैसेज भेजा।

    मैसेज में मुख्यमंत्री का नाम लिखकर उन्हें जान से खत्म करने की बात कही गई थी। बाद में आरोपित ने मैसेज को दो बार एडिट किया और अंत में डिलीट कर दिया। पुलिसकर्मियों ने समय रहते उसका स्क्रीनशॉट ले लिया था, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया।

    जानकारी के अनुसार, 23 सितंबर की सुबह करीब 11.30 बजे डायल-112 के वाट्सएप नंबर पर यह धमकी भरा मैसेज आया। इसमें लिखा था कि वह मुख्यमंत्री को जान से मार देगा और वे ज्यादा दिन तक नहीं बच पाएंगे।

    मैसेज में मुख्यमंत्री के बारे में अन्य आपत्तिजनक बातें भी लिखी गई थीं। मैसेज देखने के बाद डायल-112 के कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए रेडियो मुख्यालय की ओर से भोपाल पुलिस को शिकायत दी गई। शिकायत क्राइम ब्रांच पहुंचने के बाद गुरुवार को पुलिस ने धमकी देने वाले के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।

    घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। इसके बाद रेडियो मुख्यालय की ओर से भोपाल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत को क्राइम ब्रांच भेजा गया। पुलिस ने गुरुवार को मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। क्राइम ब्रांच की टीम ने उस मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच की, जिससे व्हाट्सऐप संदेश भेजा गया था। जांच में मोबाइल नंबर की लोकेशन मुंबई में सामने आई। इसके बाद पुलिस की एक टीम शुक्रवार को मुंबई पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस आरोपी को भोपाल ला रही है। यहां उससे धमकी देने के पीछे की वजह, संदेश में किए गए दावों और मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता को लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस ने धमकी भरे संदेश के स्क्रीनशॉट के साथ अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया है।

    आरोपित मुंबई से गिरफ्तार
    क्राइम ब्रांच ने वाट्सएप मैसेज भेजने वाले मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस को उसकी लोकेशन मुंबई में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने शुक्रवार को मुंबई पहुंचकर आरोपित को गिरफ्तार किया। पुलिस उसे भोपाल ला रही है।
    यहां उससे पूछताछ कर धमकी भेजने की वजह, मैसेज में किए गए दावों और उसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका समेत अन्य पहलुओं की जांच की जाएगी। पुलिस ने धमकी वाले मैसेज का स्क्रीनशाट और अन्य तकनीकी साक्ष्य जांच में सुरक्षित रखे हैं। मामले की जांच जारी है।

  • हाईकोर्ट से MPPSC अभ्यर्थियों को झटका, ₹25 हजार लेट फीस बरकरार

    हाईकोर्ट से MPPSC अभ्यर्थियों को झटका, ₹25 हजार लेट फीस बरकरार

    इंदौर
     मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग द्वारा ली जा रही 25 हजार रुपये लेट फीस को मप्र हाई कोर्ट ने सही ठहराया है। परीक्षा आवेदन में ली जाने वाली इस लेट फीस को चुनौती देने वाली याचिका हाई कोर्ट ने खारिज कर दी। यह याचिका मोहम्मद रिजवान ने दायर की थी। याचिकाकर्ता ने कहा कि 10 मार्च 2026 को सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी पद के लिए विज्ञापन जारी हुआ था।

    इसमें फार्म भरने की अंतिम तिथि आठ मई और शुल्क 500 रुपये तय था। नौ से 15 मई तक लेट फीस तीन हजार रुपये रखी गई और 16 मई से 23 सितंबर तक इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया। याचिकाकर्ता का तर्क था कि इतनी अधिक लेट फीस आर्थिक आधार पर भेदभाव करती है। अत्यधिक शुल्क की वजह से वह फार्म नहीं भर पा रहा है।

    उम्मीदवार देर से आवेदन जमा करने से बचे
    याचिका के साथ राजस्थान, केरल और उप्र सहित अन्य आयोगों द्वारा ली जाने वाली अधिकतम फीस के नोटिफिकेशन भी प्रस्तुत किए गए। पीएससी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने याचिका निरस्त करने की मांग की। उन्होंने कोर्ट को बताया कि आयोग ने जानबूझकर तीन हजार और 25 हजार रुपये की लेट फीस का प्रविधान किया है, ताकि उम्मीदवार देर से आवेदन जमा करने से बचें।

    दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने याचिका निरस्त कर दी। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के पक्ष में कोई उचित आधार नहीं मिला। तय समय में आवेदन फार्म नहीं भरने का कोई ठोस कारण भी नहीं बताया गया। इसलिए बिना किसी ठोस आधार वाली इस याचिका को निरस्त किया जाता है।

     

  • त्योहारी सीजन में रेलवे की सौगात, तिरुवनंतपुरम-मदार स्पेशल ट्रेन का ऐलान

    त्योहारी सीजन में रेलवे की सौगात, तिरुवनंतपुरम-मदार स्पेशल ट्रेन का ऐलान

    रतलाम 

    पश्चिम रेलवे द्वारा रेल यात्रियों की सुविधा तथा आगामी दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली आदि त्योहारों के दौरान बढ़ती यात्रा मांग को ध्यान में रखते हुए रतलाम रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनों से होकर तिरुवनंतपुरम सेंट्रल व मदार स्टेशनों के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। विभिन्न स्टेशनों के साथ ही इस ट्रेन का रतलाम रेल मंडल के रतलाम, मंदसौर, नीमच और चित्तौड़गढ़ स्टेशनों पर भी ठहराव रहेगा।

    21 अक्टूबर से शुरू होगी तिरुवनंतपुरम-मदार स्पेशल ट्रेन
    रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, ट्रेन संख्या 06013 तिरुवनंतपुरम सेंट्रल-मदार स्पेशल ट्रेन 21 अक्टूबर से 25 नवंबर 2026 तक प्रत्येक बुधवार सुबह 7:45 बजे तिरुवनंतपुरम सेंट्रल स्टेशन से प्रस्थान कर रतलाम होते हुए शुक्रवार सुबह 11 बजे मदार स्टेशन पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम स्टेशन पर शुक्रवार रात 2:15/2:25 बजे, मंदसौर स्टेशन पर सुबह 4:05/4:07 बजे, नीमच स्टेशन पर सुबह 5:16/5:18 बजे और चित्तौड़गढ़ स्टेशन पर सुबह 6:30/6:40 बजे आगमन व प्रस्थान होगा। इसी प्रकार ट्रेन संख्या 06014 मदार-तिरुवनंतपुरम सेंट्रल स्पेशल ट्रेन 24 अक्टूबर से 28 नवंबर 2026 तक चलाई जाएगी। यह ट्रेन प्रत्येक शनिवार रात 9:40 बजे मदार से प्रस्थान कर प्रत्येक मंगलवार रात 12:45 बजे तिरुवनंतपुरम सेंट्रल स्टेशन पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम रेल मंडल के अंतर्गत प्रत्येक रविवार चित्तौड़गढ़ स्टेशन पर रात 2:20/2:25 बजे, नीमच स्टेशन पर रात 3:01/3:03 बजे, मंदसौर स्टेशन पर रात 3:42/3:44 बजे और रतलाम स्टेशन पर सुबह 5:00/5:05 बजे आगमन व प्रस्थान होगा।

    इन स्टेशनों पर रहेगा ठहराव
    यह ट्रेन दोनों दिशाओं में कोल्लम, कायमकुलम, मावेलिक्करा, चेंगन्नूर, तिरुवल्ला, चंगनास्सेरी, कोट्टायम, एर्नाकुलम, अलुवा, तृश्शूर, षोरणूर, तिरूर, कोझिकोड, कण्णूर, कासरगोड, मंगलुरु, सूरतकल, उडुपी, कुंदापुरा, मूकांबिका रोड बैन्दूर, मुरुदेश्वर, कुम्टा, कारवार, मडगाँव, थिविम, सावंतवाड़ी रोड, कणकवली, रत्नागिरी, संगमेश्वर रोड, चिपलून, खेड़, मानगांव, रोहा, पनवेल, कल्याण, बोरीवली, सूरत, वडोदरा, गोधरा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बिजयनगर और अजमेर स्टेशनों पर ठहरेगी। 

    हजारों यात्रियों को आवागमन में होगी सुविधा
    इस स्पेशल ट्रेन के त्योहारों के समय संचालन से राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, गोवा और इनके आसपास के राज्यों में रहने वाले हजारों यात्रियों को आवागमन में सुविधा होगी। ट्रेन के ठहराव, समय-सारणी और कोच संरचना सहित अन्य विस्तृत जानकारी के लिए यात्री www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त रेलवन ऐप के माध्यम से भी ट्रेन संबंधी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

     

  • UPI भुगतान से बच रहे दुकानदार, नकद  के लिए मजबूर हो रहे ग्राहक

    UPI भुगतान से बच रहे दुकानदार, नकद के लिए मजबूर हो रहे ग्राहक

    उज्जैन 
    15 अक्टूबर से 2 हजार रुपए से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट यूपीआई भुगतान पर एमडीआर लागू होने की सूचना का असर उज्जैन शहर के बाजार में अभी से दिखाई देने लगा है। कई व्यापारियों ने बड़े यूपीआई भुगतान स्वीकार करना बंद कर दिया है। इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ रहा है, जो रोजमर्रा की तरह मोबाइल से भुगतान करने के भरोसे घर से निकल रहे है और कई बार जेब में नकद नहीं रखते। दुकान पर पहुंचने के बाद यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं किए जाने पर ग्राहकों को सामान छोड़े बिना लौटना पड़ रहा है। कुछ ग्राहको को एटीएम जाकर नकद निकालने के बाद दोबारा खरीदारी के लिए आना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है संख्या में होने वाले भुगतान पर मासिक लागत बढ़ सकती है, इसलिए अभी से ग्राहकों को कैश भुगतान की आदत डालने की कोशिश कर रहे हैं।

    अभी से बदला भुगतान का तरीका
    शहर के इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, मोबाइल, ऑटोमोबाइल और अन्य बड़े कारोबार से जुड़े कुछ व्यापारियों ने 2 हजार रुपए से अधिक के यूपीआई भुगतान लेना सीमित या बंद करना शुरू कर दिया है। व्यापारियों का तर्क है कि रोज बड़ी संख्या में ऐसे भुगतान होने पर छोटी प्रतिशत दर भी महीने में बड़ी राशि बन सकती है। उनका कहना है कि ग्राहक से अलग शुल्क नहीं लिया जा सकेगा, इसलिए लागत का असर सीधे व्यापार के खर्च लोगों को आदत में लाने के लिए कुछ दुकानों पर कैश भुगतान को प्राथमिकता देने की व्यवस्था अभी से लागू की जा रही है। कुछ व्यापारियों के अनुसार बड़े यूपीआई ट्रांजैक्शन की संख्या अधिक होने पर प्रतिदिन की संभावित लागत 400 से 500 रुपए तक पहुंच सकती है। व्यापारियो का अनुमान है कि महीनेभर में यह राशि एक कर्मचारी के वेतन के बराबर या उससे अधिक खर्च का रूप ले सकती है। हालांकि वास्तविक लागत कारोबार, पात्र ट्रांजैक्शन और लागू शुल्क की शर्तों पर निर्भर करेगी। व्यापारियों का कहना है कि इसी संभावित अतिरिक्त खर्च को देखते हुए वे अभी से बड़े भुगतान में नकद या अन्य माध्यमों को प्राथमिकता देने लगे हैं।

    ग्राहक बोले- यूपीआइ रोजमर्रा की जरूरत
    ग्राहकों के लिए परेशानी इसलिए बढ़ रही है क्योंकि यूपीआई भुगतान रोजमर्रा की खरीदारी का हिस्सा बन चुका है। कई लोग घर से निकलते समय नकद रखना जरूरी नहीं समझते और मोबाइल से भुगतान करने पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में दुकान पर यूपीआई स्वीकार नहीं होने की जानकारी मिलने पर उन्हें वापस लौटना पड़ता है। कपड़ों की खरीदी करने पहुंचे वीरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि छोटी-बड़ी खरीदारी के लिए यूपीआई की आदत बनने के बाद अचानक कैश भुगतान पर लौटना असुविधाजनक है। व्यापारियों की नई व्यवस्था से ग्राहकों को भुगतान का तरीका पहले से पूछना पड़ रहा है।

    रोज के बड़े भुगतान से बढ़ेगा खर्च
    कपडे के व्यापारी संदीप जैन बताते है की हमारे यहां रोजाना बड़ी राशि के कई यूपीआई भुगतान होते हैं। यदि 2 हजार रुपए से अधिक के हर पात्र भुगतान पर शुल्क लगता है तो महीने का खर्च काफी बढ़ सकता है। व्यापारी के लिए यह अलग से कोई छोटी राशि नहीं है। इसलिए हमने बड़े भुगतान में अभी से कैश को प्राथमिकता देना शुरू किया है। ग्राहक को भी पहले ही बता रहे है कि बड़े भुगतान के लिए नकद लेकर आएं।

    अभी से कैश भुगतान की आदत डाल रहे
    थोक फल विक्रेता शहजाद लाला बताते है 15 अक्टूबर के बाद अचानक भुगतान का तरीका बदलने से ग्राहक और व्यापारी दोनों को परेशानी होगी। इसलिए हमने अभी से बड़े भुगतान में कैश लेना शुरू किया है। हमारा उद्देश्य ग्राहक को परेशान करना नहीं है, बल्कि संभावित अतिरिक्त लागत से बचना है। धीरे-धीरे ग्राहक भी समझेंगे कि बड़ी खरीदारी के लिए नकद या दूसरा भुगतान रखना जरूरी हो सकता है।

    त्योहारी सीजन में नए नियमों से होगी परेशानी
    किराना व्यापारी सारांश राठौर ने बताया 15 अक्टूबर से यह व्यवस्था ऐसे समय में लागू हो रही है, जब त्योहारी सीजन में बाजारों में खरीदारी बढ़ जाती है और लोग बड़ी राशि की खरीदारी के लिए निकलते हैं। ऐसे में अचानक यूपीआई भुगतान की स्थिति बदलने पर ग्राहक को परेशानी हो सकती है। इसलिए हम अभी से ग्राहकों को बड़े भुगतान के लिए नकद या अन्य विकल्प रखने की जानकारी दे रहे हैं, ताकि त्योहारी खरीदारी के समय उन्हें एटीएम जाने या बिना खरीदारी लौटने की स्थिति का सामना न करना पड़े।

  • अवमानना मामले में हाईकोर्ट का सख्त रुख, पूर्व प्रमुख सचिव पर वारंट

    अवमानना मामले में हाईकोर्ट का सख्त रुख, पूर्व प्रमुख सचिव पर वारंट

    जबलपुर 
     मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने आदेश का पालन नहीं किये जाने को गंभीरता से लिया है. वेटरनरी विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए उन्हें पेश करने के आदेश जारी किये हैं. हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को उन्हें पेश करने के आदेश जारी किये हैं. वारंट तामील की जिम्मेदारी भोपाल पुलिस आयुक्त सौंपी गयी है। 

    आदेश का पालन नहीं करने पर फिर याचिका
    जबलपुर के सेवानिवृत्त असिस्टेंट वेटरनरी फील्ड ऑफिसर केके गर्ग की तरफ से दायर अवमानना में कहा गया "वेतन से राशि कटौती किए जाने के खिलाफ उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. हाई कोर्ट ने कटौती की गयी राशि को 90 दिन में वापस करने के आदेश जारी किये थे. आदेश का पालन नहीं किये जाने कारण अवमानना याचिका दायर की गयी." एकलपीठ ने याचिका की सुनवाई के दौरान पाया "अवमानना याचिका पर दिसंबर 2025 को नोटिस जारी किये गये थे। 

    हाई कोर्ट में पेश होने से बचते रहे
    भोपाल के पशु चिकित्सा और डेयरी विकास विभाग के अपर सचिव ने हाई कोर्ट के विशेष कर्तव्य अधिकारी को 22 दिसंबर 2025 को पत्र भेजाकर नोटिस प्राप्त होने तथा पशु चिकित्सा सेवाओं के उप निदेशक जबलपुर को संपर्क अधिकारी नियुक्त किये जाने की जानकारी दी थी. एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा "इसके बाद प्रतिवादियों और संपर्क अधिकारी ने मामले में किसी वकील को नियुक्त करने या अदालत में उपस्थिति दर्ज कराने की जहमत उठाई है. उन्होंने केवल इस अदालत की रजिस्ट्री को पत्र लिखकर मामले से पल्ला झाड़ लिया। 

    कोर्ट ने कहा- बगैर गैर जमानती वारंट के नहीं सुधरेंगे
    हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा "तत्कालीन प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने कोर्ट में उपस्थिति दर्ज कराने और कोई अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने की परवाह नहीं की. ऐसा लगता है कि गैरजमानती वारंट जारी किए बिना प्रतिवादी अदालत में पेश नहीं होंगे और रिट याचिका में पारित आदेश का पालन करते हुए अवमानना याचिका में सहयोग नहीं करेंगे।