Category: मध्य प्रदेश

  • नीलबड़ रोड स्थित एचपीसीएल पेट्रोल पंप पर देर रात कर्मचारियों से मारपीट

    नीलबड़ रोड स्थित एचपीसीएल पेट्रोल पंप पर देर रात कर्मचारियों से मारपीट

    नीलबड़ रोड स्थित एचपीसीएल पेट्रोल पंप पर देर रात कर्मचारियों से मारपीट

    पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद

    आई20 कार से आए बदमाशों पर लूट की नीयत से पहुंचने का आरोप
    भोपाल

    राजधानी भोपाल के नीलबड़ रोड स्थित एचपीसीएल पेट्रोल पंप पर मंगलवार देर रात करीब 3 से 4 बजे के बीच आई20 कार में सवार कुछ बदमाशों ने पेट्रोल पंप कर्मचारियों के साथ मारपीट कर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। घटना में दो  कर्मचारियों को चोटें भी आई हैं।

    पेट्रोल पंप प्रबंधन के अनुसार, बदमाश लूट की नीयत से पेट्रोल पंप पर पहुंचे थे। घटना के बाद पेट्रोल पंप मैनेजर ने तत्काल डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। उनका आरोप है कि उन्हें जवाब मिला कि पुलिस सुबह आएगी।घटना की पूरी वारदात पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।

  • MP Rain Alert: 8 जिलों में आज मूसलाधार बारिश की चेतावनी, राज्य में अब तक 17% कम बारिश; 48 जिले पिछड़े

    MP Rain Alert: 8 जिलों में आज मूसलाधार बारिश की चेतावनी, राज्य में अब तक 17% कम बारिश; 48 जिले पिछड़े

    भोपाल
     मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ और दो सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से सोमवार को कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक वर्षा होने की संभावना है। भारी बारिश की चेतावनी वाले जिलों में सतना, कटनी, उमरिया, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, रायसेन और बैतूल शामिल हैं। राजधानी भोपाल में भी मंगलवार सुबह हल्की बारिश का दौर देखने को मिला।

    इन जिलों में बारिश होने के आसार
    इसके अलावा भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने के आसार हैं।

    प्रदेश में अब भी बारिश का बड़ा घाटा
    अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 13.2 इंच (336.7 मिमी) बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस समय तक 16 इंच (407 मिमी) वर्षा हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में करीब 17 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

    ज्यादातर जिले अब भी सामान्य से पीछे
    प्रदेश के अधिकांश जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। केवल भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इनमें देवास सबसे आगे है, जहां सामान्य से लगभग 29 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। 

    28 से 30 जुलाई के बीच फिर तेज होगा मानसून
    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तट के पास पहुंच चुका है। यह तंत्र झारखंड और छत्तीसगढ़ होते हुए मध्य भारत की ओर बढ़ेगा। इसके असर से 28 से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। 

    औसत से अब भी कम बारिश
    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 336.7 मिमी (13.2 इंच) वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस समय तक 407 मिमी (16 इंच) बारिश हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 17 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। क्षेत्रवार देखें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिससे पूर्वी जिलों की स्थिति अधिक चिंताजनक बनी हुई है।

    मौसम में बदलाव की वजह क्या है?
    मौसम में आ रहे इस बदलाव के पीछे का कारण दबाव क्षेत्र और मानसून ट्रफ की सक्रियता है. मानसून ट्रफ राज्य के श्योपुर, दतिया और सीधी जिले के ऊपर से गुजर रही है. इन तमाम मौसमी हलचलों की वजह से पूरे राज्य में नमी बनी हुई है और कुछ जिलों में हल्की से भारी बारिश का दौर लगातार बना हुआ है। 

    मौसम विभाग ने दी सलाह
    मौसम विज्ञान केंद्र ने बारिश और आंधी-तूफान को देखते हुए किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी की बेहतर व्यवस्था बनाए रखें. खेत में ज्यादा पानी नुकसानदायक होता है. इसके अलावा कटी हुई फसलों, चारे आदि को तिरपाल से सुरक्षित ढक दें. आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, खुले खेतों या बिजली के खंभों के नीचे न खड़े हों. सुरक्षित पक्के मकानों में ही रहें. भारी बारिश के दौरान घरों से बाहर निकलने से बचें. अगर बहुत जरूरी हो, तो पूरी सावधानी के साथ यात्रा करें। 

    पूर्वी हिस्से के सभी जिले पिछड़े मौसम विभाग के अनुसार, अब तक प्रदेश में औसत 13.2 इंच (336.7 मिमी) बारिश हुई है, जबकि 16 इंच (407 मिमी) पानी गिर जाना था। इस तरह 2.8 इंच यानी, 17 प्रतिशत बारिश कम हुई है। दूसरी ओर, पूर्वी हिस्से में 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    47 जिलों में सामान्य से कम बारिश
    राज्य के 47 जिलों में अब तक औसत से कम वर्षा दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं।
    वहीं भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं, जहां अब तक सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है। इनमें देवास सबसे आगे है, जहां सामान्य से करीब 29 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

     

  • Bhopal Missing Cases: 24 घंटे में 10 लोग लापता, बच्चों के गायब होने से पुलिस अलर्ट

    Bhopal Missing Cases: 24 घंटे में 10 लोग लापता, बच्चों के गायब होने से पुलिस अलर्ट

    भोपाल 

    राजधानी भोपाल में अचानक से लोगों के लापता होने के ग्राफ में सनसनीखेज ढंग से बढ़ोतरी हुई है। बीते 24 घंटों के दौरान ही शहर से नाबालिग बालिका समेत 10 लोग लापता हो गए हैं। खास बात ये है कि, लापता होने वालों में कोई 17 साल की बालिका है तो कोई 22 साल की लड़की। लापता होने वालों में 30 साल तक के लोग शामिल हैं।

    बीते 24 घंटों के दौरान शहर के अलग अलग थानों में दर्ज हुए गुमशुदगी के मामलों में सबसे अदिक तीन-तीन मामले कोलार और अयोध्या नगर थाना क्षेत्र के हैं। इसके अलावा अशोका गार्डन, टीटी नगर, रातीबड़ और अवधपुरी थाना क्षेत्रों से भी गुमशुदगी की शिकायतें सामने आई हैं। जांच के दौरान कई परिवारों ने पुलिस को बताया कि, युवक – युवतियां घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटे हैं। कुछ मामलों में तो लापत लोगों के मोबाइल तक बंद आने लगे हैं।

    अयोध्या नगर में तीन लापता
    शहर के अयोध्या नगर थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय गरिमा, 24 वर्षीय तनु और 22 वर्षीय मनीष के लापता होने की शिकायत दर्ज हुई है। परिजन ने पुलिस को बताया कि, तीनों पढ़ाई के लिए घर से निकले थे, लेकिन अबतक वापस नहीं लौटे हैं।

    पढ़ाई करने गई छात्रा, लेकिन अबतक नहीं लौटी
    वहीं, अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में रहने वाली 17 वर्षीय छात्रा भी घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटी है। परिजन ने पुलिस को बताया कि, वो पढ़ाई कर रही थीं। काफी तलाश करने के बाद भी जब उसका कहीं कोई पता नहीं चला तो मां ने थाने पहुंचकर पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है।

    कोलार से तीन गुमशुदगी के मामले
    इसके अलावा शहर के कोलार थाना इलाके से भी गुमशुदगी के तीन मामले सामने आए हैं। क्षेत्र में रहने वाला 20 वर्षीय शिवकांत, 40 वर्षीय अमरजीत और 45 तुलसी राम के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई है।

    इन क्षेत्रों से भी गुमशुदगी की खबर
    इसके अलावा टीटी नगर थाना क्षेत्र से युवती मुस्कान, रातीबड़ थाना क्षेत्र से 30 वर्षीय अनमोल सोनी और अवधपुरी से 16 वर्षीय बालिका लापता होने की शिकायत पुलिस के पास दर्ज हुई है।

    तलाश में जुटी पुलिस
    मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, गुमशुदगी की सूचना मिलते ही संबंधित थानों की टीमें सक्रिय रूप से तलाश में जुट गई हैं।

  • उच्च शिक्षा में डिजिटल क्रांति: ई-प्रवेश से 4.89 लाख छात्रों का आसान प्रवेश

    उच्च शिक्षा में डिजिटल क्रांति: ई-प्रवेश से 4.89 लाख छात्रों का आसान प्रवेश

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग की विद्यार्थी-केंद्रित ई-प्रवेश (ePravesh) प्रणाली ने उच्च शिक्षा में प्रवेश का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विभाग द्वारा प्रवेश प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी और सरल बनाने के लिए किए गए नवाचारों का सकारात्मक परिणाम इस वर्ष स्पष्ट रूप से दिखाई दिया है। 24 जुलाई 2026 तक प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों में 4,89,169 विद्यार्थियों ने प्रवेश प्राप्त कर लिया है, जो पिछले चार वर्षों में समान अवधि का सर्वाधिक आंकड़ा है।

    चार वर्षों में सर्वाधिक प्रवेश, लगातार बढ़ रहा उच्च शिक्षा का दायरा

    उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023-24 में समान अवधि तक 3,21,154, वर्ष 2024-25 में 3,25,095, वर्ष 2025-26 में 4,15,655 तथा वर्ष 2026-27 में 4,89,169 विद्यार्थियों ने प्रवेश प्राप्त किया।

    इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में 73,514 तथा वर्ष 2023-24 की तुलना में 1,68,015 अधिक विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षा से जुड़कर नया रिकॉर्ड बनाया है। यह वृद्धि प्रदेश में उच्च शिक्षा के प्रति बढ़ते विश्वास, डिजिटल सुविधाओं के विस्तार तथा विद्यार्थी-अनुकूल नीतियों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

    विद्यार्थी-केंद्रित डिजिटल प्रवेश प्रणाली बनी सफलता की आधारशिला

    प्रवेश में इस उल्लेखनीय वृद्धि का सबसे बड़ा कारण विभाग द्वारा विकसित ई-प्रवेश पोर्टल एवं मोबाइल एप है। अब विद्यार्थी घर बैठे ही पंजीयन, दस्तावेज अपलोड, ऑनलाइन सत्यापन, महाविद्यालय एवं पाठ्यक्रम का चयन, शुल्क भुगतान तथा प्रवेश की संपूर्ण प्रक्रिया सहजता से पूरी कर रहे हैं।

    इस डिजिटल व्यवस्था से विद्यार्थियों और अभिभावकों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिली है तथा पूरी प्रक्रिया पहले की अपेक्षा अधिक सरल, पारदर्शी, समयबद्ध और सुविधाजनक बनी है।

    24×7 कॉल सेंटर और सीएलसी की त्वरित सुविधा से मिला बड़ा लाभ

    प्रवेश प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाने के लिए विभाग ने प्रदेशभर के महाविद्यालयों में हेल्प सेंटर, विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु 24×7 कॉल सेंटर, जिला एवं संभाग स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग तथा प्रभावी तकनीकी सहायता की व्यवस्था की है।

    विशेष रूप से कॉलेज लेवल काउंसिलिंग (CLC) चरण को पूरी तरह विद्यार्थी-केंद्रित बनाया गया है। विद्यार्थियों को उसी दिन पंजीयन, दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके कारण अंतिम चरण में भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपनी पसंद के महाविद्यालयों में तत्काल प्रवेश प्राप्त कर रहे हैं।

    7 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने कराया पंजीयन

    वर्तमान शैक्षणिक सत्र में अब तक 7,18,386 विद्यार्थियों ने ई-प्रवेश पोर्टल पर पंजीयन कराया है। इनमें से 6,31,854 विद्यार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन पूर्ण हो चुका है तथा 4,89,169 विद्यार्थियों ने प्रवेश प्राप्त कर लिया है।

    प्रवेशित विद्यार्थियों में—

        3,38,148 स्नातक (UG),

        1,04,455 स्नातकोत्तर (PG) तथा

        46,566 एनसीटीई पाठ्यक्रमों में अध्ययन हेतु प्रवेशित हुए हैं।

    अंतिम चरण में ‘प्रवेश मेला’ अभियान से मिली नई गति

    अतिरिक्त कॉलेज लेवल काउंसिलिंग (CLC) राउंड के दौरान उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर के शासकीय, अशासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में “प्रवेश मेला” अभियान संचालित किया। इसका उद्देश्य रिक्त सीटों पर अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को प्रवेश दिलाना था।

    प्रवेश मेले के दौरान विद्यार्थियों को एक ही स्थान पर पंजीयन, चॉइस फिलिंग एवं संशोधन, दस्तावेज सत्यापन, सीट आवंटन संबंधी मार्गदर्शन तथा शुल्क भुगतान सहित प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। महाविद्यालयों में स्थापित हेल्प डेस्क के माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया गया, जिससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उसी दिन अपना प्रवेश सुनिश्चित किया।

    इसके अतिरिक्त जिन विद्यार्थियों ने पंजीयन या दस्तावेज सत्यापन के बाद भी शुल्क जमा नहीं किया था, उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। जिन पाठ्यक्रमों में रिक्त सीटें अधिक थीं, वहां विशेष परामर्श अभियान चलाकर विद्यार्थियों को विषय चयन एवं चॉइस संशोधन में सहायता प्रदान की गई।

    31 जुलाई तक प्रवेश का अवसर, किसी भी विद्यार्थी को वंचित नहीं रहने देने का लक्ष्य

    सीएलसी चरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि अंतिम चरण में भी हेल्प सेंटर पूरी सक्रियता से संचालित रहें तथा प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक पहुंच सुनिश्चित की जाए।

    विभाग ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे 31 जुलाई से पूर्व अपना प्रवेश सुनिश्चित कर लें। विभाग का उद्देश्य है कि प्रदेश का कोई भी विद्यार्थी जानकारी के अभाव, तकनीकी कठिनाई या प्रक्रिया संबंधी समस्या के कारण उच्च शिक्षा से वंचित न रहे।

     

  • BDA का मेगा आवासीय मेला जल्द, 15 अगस्त से पहले बड़े भूखंड खरीदने का मिलेगा शानदार अवसर

    BDA का मेगा आवासीय मेला जल्द, 15 अगस्त से पहले बड़े भूखंड खरीदने का मिलेगा शानदार अवसर

    भोपाल.

    भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) की विकास परियोजनाओं और संपत्ति विक्रय को गति देने के लिए संभागायुक्त व बीडीए अध्यक्ष कर्मवीर शर्मा ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की विक्रय योग्य संपत्तियों की बिक्री बढ़ाने के लिए 15 अगस्त से पहले विशेष आवासीय मेला आयोजित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग योजनाओं से जुड़ सकें।

    भोपाल विकास प्राधिकरण कार्यालय में शनिवार को आयोजित समीक्षा बैठक में संभागायुक्त ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्याम वीर सिंह शाहिद सहित प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि प्राधिकरण की सभी बिक्री योग्य संपत्तियों का प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाए। बड़े आकार के भूखंडों को छोटे-छोटे प्लाट में विभाजित करने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया, जिससे मध्यम वर्ग और आम बजट वाले खरीदार भी आसानी से संपत्ति खरीद सकें। बैठक में प्राधिकरण से जुड़े न्यायालयीन मामलों की भी समीक्षा की गई। संभागायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि सभी लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण कराया जाए, ताकि विकास परियोजनाओं में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सके।

    एआईसीटी योजना बनेगी एजुकेशन नॉलेज हब
    एआइसीटी योजना की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त शर्मा ने इसे शिक्षा और ज्ञान के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने विशेषज्ञों, शिक्षण संस्थानों और निवेशकों की सहभागिता के लिए सेमिनार आयोजित करने के निर्देश दिए। योजना के तहत छोटे और मल्टी-कैंपस विश्वविद्यालयों के विकास की रणनीति तैयार की जाएगी।

    स्कूलों और आवासीय योजनाओं पर भी फोकस
    शहर और आसपास के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण आइसीएसई और सीबीएसई स्कूलों के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित कर आरक्षित की जाएगी। इसके अलावा, एयरोसिटी फेज-2 और रक्षा विहार-2 परियोजनाओं में विद्युत पोल शिफ्टिंग के कार्यों को संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर जल्द पूरा किया जाएगा।

  • पवारखेड़ा अनुसंधान केंद्र की बड़ी कामयाबी: नई किस्मों से बढ़ेगा उत्पादन, देश भर में सप्लाई होंगे बीज

    पवारखेड़ा अनुसंधान केंद्र की बड़ी कामयाबी: नई किस्मों से बढ़ेगा उत्पादन, देश भर में सप्लाई होंगे बीज

    नर्मदापुरम
     पवारखेड़ा स्थित गन्ना अनुसंधान केंद्र में इन दिनों गन्नों की नई किस्मों पर अनुसंधान किया जा रहा है। अनुसंधान के तहत तमिलनाडु के कोयंबटूर और गुजरात के नवसारी सहित कई स्थानों से गन्ने की 20 किस्मों पर अध्ययन किया जा रहा है। इसकी मदद से एक गन्ने की एक नई किस्म तैयार की जा रही है हालांकि इसको तैयार होने में लगभग एक साल का समय लगेगा।

    इस अनुसंधान का एक मात्र उद्देश्य है जिससे गन्नों की मिठास सबसे अधिक हो। यदि यह प्रयोग सफल होता है तो आने वाले समय में नर्मदापुरम का गन्ना देशभर में मिठास घोलेगा।

    जबलपुर के अंतर्गत आता है केंद्र
    जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले आंचलिक कृषि अनुसंधान केन्द्र पवारखेड़ा में गन्ने की उन्नत और उच्च पैदावार वाली किस्मों की दिशा में काम करता रहा है। कृषि विज्ञानियों की माने तो इस बार हो रहे अनुसंधान में उनकी कोशिश है कि गन्ने की ऐसी किस्म तैयार की जाए जिसमें उत्पादन तो अच्छा हो, साथ ही उसकी मिठास भी ज्यादा हो।

    इस तरह होती है नई किस्म तैयार
    कोई भी नई किस्म दो तीन से अच्छे गन्ने की प्रजातियों को मिलाकर तैयार किया जाता है। इसके लिए हाइब्रिडाइजेशन प्रक्रिया अपनाई जाती है इसमें अलग-अलग उन्नत किस्मों को मिलाकर उनका पालीनेशन कराया जाता है। इसके बाद इन्हें शुरूआत में क्यारियों में रोपा जाता है। इसके बाद बड़े एरिया में इसकी खेती की जाती है।

    इस दौरान गन्ने की मोटाई, इसकी लंबाई इसमें चीनी की मात्रा, इसकी प्रतिरोधक क्षमता आदि का परीक्षण किया जाता है। इसके बाद केन्द्रीय और राज्य किस्म मूल्यांकन समिति इसे आधिकारिक रूप से मान्यता देती है।

    लंबाई तीन मीटर तक रहने की उम्मीद
    कृषि वैज्ञानियों की माने तो नई किस्म की लंबाई करीबन तीन मीटर तक रहने की उम्मीद है। साथ ही इसकी मिठास पहली की किस्मों से बेहतर रहने की उम्मीद है। अनुसंधान केन्द्र में पहले भी गन्ने की कई किस्में तैयार हो चुकी हैं। इसके पहले गन्ने की कोजेएन 9505 और कोजेएन 86/600 विकसित की थी।

    इसमें से कोजेएन 9509 प्रति हेक्टेयर करीबन 1100 क्विंटल का उत्पादन देता है और इसमें शुगर की मात्रा करीबन 22 फीसदी तक होती है। केन्द्र के द्वारा गेहूं की उन्नत किस्म भी तैयार की थी। एमपीओ 1255 किस्म पास्ता बनाने के लिए खासतौर से तैयार किया था।

        अधिक उत्पादन और इसमें मिठास को लेकर लगातार गन्ने की नई किस्म तैयार करने के प्रयास किए जाते रहे हैं। अब गन्ने की एक और नई किस्म तैयार करने के लिए अध्ययन चल रहा है।- आस्कर टोप्पो, कृषि विज्ञानी,गन्ना अनुसंधान केन्द्र, पवारखेड़ा

     

  • डॉ. यादव की पहल से जनकल्याण को मिली नई गति, लाखों लोगों को मिला सीधा फायदा

    डॉ. यादव की पहल से जनकल्याण को मिली नई गति, लाखों लोगों को मिला सीधा फायदा

    जनकल्याण की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल रही सफल, लाखों प्रदेशवासियों को मिला लाभ

    प्रदेश में 726 जनकल्याण शिविरों का आयोजन, 99% आवेदनों में मिला समाधान
    12 से 18 जून 2026 के मध्य प्रदेशभर में आयोजित किए गए जनकल्याण शिविर
    नागरिक समस्याओं के त्वरित निराकरण और वंचितों को योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास
    41 लाख 16 हजार 739 आवेदनों का हुआ निराकरण

    भोपाल

    एक ही स्थान पर मध्यप्रदेश के नागरिकों की विभिन्न समस्याओं के त्वरित निराकरण और वंचितों को योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की पहल पर प्रदेश सरकार द्वारा 12 से 18 जून 2026 के मध्य प्रदेश में 726 जन कल्याण शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में विभागों के 110 विषयों से जुड़े 41 लाख 43 हजार 158 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 99% (41 लाख 16 हजार 739) आवेदनों का निराकरण सफलतापूर्वक किया जा चुका है। विश्व पर्यावरण एवं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मध्य जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सरकार द्वारा विशेष अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य आमजन को कार्यालयों के चक्कर लगाए बिना एक ही स्थान पर जन समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के साथ-साथ वंचितों को केंद्र एवं प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना था।

    23 से अधिक विभाग रहे शामिल

    इन जनकल्याण शिविरों में 23 से अधिक शासकीय विभाग शामिल हुए। इन शिविरों में कुल 41,43,158 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 41,16,739 आवेदनों का निराकरण किया गया। निराकृत किए गए आवेदनों में 40,77,081 आवेदन स्वीकृत हुए।

    शिविरों में यह विभाग रहे शामिल

    इन शिविरों में राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विकास, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, सहकारिता विभाग, श्रम विभाग, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, वित्त विभाग, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, ऊर्जा विभाग, परिवहन विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, सूक्ष्म, लघु और मध्यम, उद्यम विभाग, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग शामिल रहे।

     

  • एमपी ब्यूरोक्रेसी में बड़ा बदलाव: अशोक बरनवाल की ताजपोशी के बाद 20 IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां

    एमपी ब्यूरोक्रेसी में बड़ा बदलाव: अशोक बरनवाल की ताजपोशी के बाद 20 IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां

    भोपाल
     मध्य प्रदेश के नए मुख्य सचिव अशोक बरनवाल ने पद संभालते ही बड़े प्रशासनिक फेरबदल किए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव से सलाह के बाद शुक्रवार देर रात वरिष्ठ IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

    मुख्यमंत्री के ACS नीरज मंडलोई को अब 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027' के आयोजन की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही वे उद्योग और MSME विभाग भी संभालेंगे। वे राघवेंद्र सिंह की जगह लेंगे।

    वहीं राघवेंद्र सिंह को वन विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। उनकी जगह संदीप यादव ने ली है। संदीप यादव को जल संसाधन विभाग का प्रधान सचिव बनाकर अहम 'केन-बेतवा' और 'पार्वती-कालीसिंध' परियोजना की जिम्मेदारी दी गई है।

    नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण NVDA और राजस्व विभाग की कमान ई. रमेश कुमार को सौंपी गई है। यादव और कुमार दोनों डॉ. राजेश राजोरा की जगह ले रहे हैं। राजोरा को RCPV नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी का महानिदेशक नियुक्त किया गया है।

    वरिष्ठता के लिहाज से अहम माना जा रहा फैसला
    प्रशासनिक हलकों में इस तबादले को वरिष्ठता के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डॉ. राजेश राजौरा 1990 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, जबकि हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव बने अशोक बर्णवाल 1991 बैच के अधिकारी हैं। यानी राजौरा, बर्णवाल से एक बैच वरिष्ठ हैं। सरकारी व्यवस्था में सामान्यतः जब किसी अधिकारी से जूनियर अधिकारी को मुख्य सचिव बनाया जाता है, तब उससे वरिष्ठ अधिकारियों को मंत्रालय से बाहर किसी संवैधानिक, प्रशिक्षण या अन्य महत्वपूर्ण संस्थान में पदस्थ किया जाता है, ताकि प्रशासनिक पदानुक्रम में व्यावहारिक स्थिति बनी रहे। इसी परंपरा के तहत डॉ. राजौरा का तबादला भी देखा जा रहा है। आदेश के अनुसार, डॉ. राजौरा को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, मध्य प्रदेश, भोपाल का महानिदेशक बनाया गया है। आदेश 24 जुलाई 2026 को मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल के हस्ताक्षर से जारी हुआ। 

    अन्य अहम तबादले

        सुखवीर सिंह: PWD के प्रधान सचिव को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला। बरनवाल मुख्य सचिव बनने से पहले इन विभागों को देखते थे।

        सुदाम खाड़े: इंदौर संभाग के कमिश्नर को मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव बनाया गया।
        भास्कर लक्ष्याकर: अब इंदौर के नए संभागीय आयुक्त होंगे।

        केसी गुप्ता: एग्रीकल्चर प्रोडक्शन कमिश्नर APC के साथ बागवानी विभाग का काम भी देखेंगे।

        मनीष सिंह सीनियर: अब ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव।

        सचिन सिन्हा: RCPV नरोन्हा एकेडमी के DG से ACS, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग।

        जॉन किंग्सले AR: बागवानी सचिव से औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग के सचिव, साथ में MSME का अतिरिक्त प्रभार।

    कलेक्टरों में फेरबदल

        रत्नाकर झा: उज्जैन के अतिरिक्त आयुक्त से अनूपपुर कलेक्टर।

        हर्षल पंचोली EPCO भोपाल के कार्यकारी निदेशक बने।

        केदार सिंह: शहडोल कलेक्टर से भोपाल में PWD के अतिरिक्त सचिव। उनकी जगह रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह लेंगी।

        अदिति गर्ग: मंदसौर कलेक्टर से भोपाल में खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग की आयुक्त। उनकी जगह भोपाल नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त दिव्यांक सिंह मंदसौर कलेक्टर बनेंगे।

        गुरु प्रसाद: मुख्य सचिव कार्यालय के उप सचिव से खरगोन कलेक्टर।

        शेर सिंह मीणा: सतना नगर निगम आयुक्त से आगर-मालवा कलेक्टर।

        प्रीति यादव इंदौर में MPIDC की कार्यकारी निदेशक बनीं।

    सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव अजय कटेसरिया को पदोन्नति नियम लागू करने और रतलाम कलेक्टर रहते UCC लागू करने में अहम भूमिका के लिए सम्मानित किया गया है।इंदौर जिला पंचायत CEO सिद्धार्थ जैन को मुख्य सचिव कार्यालय में उप सचिव बनाया गया है। उनकी जगह MPIDC के कार्यकारी निदेशक हिमांशु प्रजापति इंदौर जिला पंचायत के नए CEO होंगे। 

     

  • वीर बाल दिवस से ग्रामीण शिविर तक, स्काउट्स-गाइड्स के लिए मंत्री परमार का बड़ा विजन

    वीर बाल दिवस से ग्रामीण शिविर तक, स्काउट्स-गाइड्स के लिए मंत्री परमार का बड़ा विजन

    स्काउट्स-गाइड्स की गतिविधियों का विस्तार ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों तक हो : उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार

    भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, मध्यप्रदेश की राज्य परिषद की विशेष बैठक संपन्न

    भोपाल 
     उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, मध्यप्रदेश की राज्य परिषद के अध्यक्ष इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, मध्यप्रदेश की राज्य परिषद की विशेष बैठक संपन्न हुई। बैठक में संगठन के सुदृढ़ीकरण, सेवा गतिविधियों के विस्तार तथा संगठनात्मक व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

    परमार ने कहा कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स का उद्देश्य केवल अनुशासित नागरिक तैयार करना नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित जिम्मेदार व्यक्तित्वों का निर्माण करना है। उन्होंने संगठन की गतिविधियों का विस्तार ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों तक करने तथा अधिकाधिक युवाओं को संगठन से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में स्काउट्स एवं गाइड्स के दलों का गठन एवं संचालन तेजी से किया जाए तथा स्काउट्स एवं गाइड्स ट्रैफिक व्यवस्था में पुलिस का सहयोग करने, सड़क दुर्घटनाओं के दौरान प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने और अन्य जनसेवा कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं।

    उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने निर्देश दिए कि प्रत्येक वर्ष **26 दिसंबर** को मनाए जाने वाले **"वीर बाल दिवस"** को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के वार्षिक कार्यक्रम में शामिल कर पूरे प्रदेश में सेवा गतिविधियों के साथ व्यापक स्तर पर मनाया जाए। उन्होंने ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में शिविर आयोजित करने तथा स्वयंसेवा के माध्यम से अस्थायी आवासीय व्यवस्थाएं विकसित करने पर बल देते हुए कहा कि इससे सेवा, सहयोग, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता का सशक्त संदेश समाज तक पहुंचेगा।

    बैठक में विभिन्न शिविरों में विशेष विकास शुल्क की वितरण व्यवस्था के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP)** तैयार करने का निर्णय लिया गया, ताकि शुल्क वितरण में एकरूपता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। साथ ही स्काउट्स एवं गाइड्स की गतिविधियों का विस्तार प्रदेश के **महाविद्यालयों तक करने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना** तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिससे युवाओं में सेवा, नेतृत्व, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके

    बैठक में धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों पर कैंपिंग शिविर आयोजित करने तथा राष्ट्रीय मुख्यालय द्वारा निर्धारित नवीन नियमों के अनुरूप राज्य परिषद के चुनाव विधिवत एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने का निर्णय लिया गया। साथ ही पिछली कार्यकारिणी द्वारा पारित प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया।

    परमार ने संस्था की गतिविधियों को अधिक परिणामकारी एवं समाजोपयोगी बनाने पर बल देते हुए कहा कि स्काउट्स एवं गाइड्स में संवेदनशीलता, सेवा भाव और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्काउट्स एवं गाइड्स अपने आचरण और सेवा कार्यों से समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनें तथा राष्ट्रहित और जनहित के कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाएं। उन्होंने सेवानिवृत्त एवं दिवंगत कर्मचारियों के लंबित सीपीएफ (CPF) भुगतान के संबंध में शासन से आवश्यक राशि उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव भेजने तथा पूर्व अवधि के लंबित सीपीएफ भुगतान की राशि प्राप्त करने हेतु नियमानुसार बजट में आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

    परमार ने कहा कि राज्य संघ का निर्वाचन संगठन के संविधान एवं राष्ट्रीय मुख्यालय के नियमों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के साथ संपन्न कराया जाए, जिससे संगठन की गरिमा एवं विश्वसनीयता और अधिक सुदृढ़ हो।

    बैठक के दौरान वर्चुअल माध्यम से लगभग 80 सदस्यों की उपस्थिति में राज्य संघ, मुरैना के उपाध्यक्ष ओ.पी. गुप्ता के विरुद्ध लगाए गए कदाचार संबंधी आरोपों पर विचार-विमर्श किया गया। विस्तृत चर्चा के उपरांत उनकी सदस्यता समाप्त कर उन्हें संगठन से निष्कासित किए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस संबंध में अध्यक्ष इन्दर सिंह परमार ने संगठन के संविधान एवं नियमों के अनुरूप आवश्यक वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    बैठक में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, मध्यप्रदेश के अतिरिक्त राज्य मुख्य आयुक्त राजीव जैन, राज्य आयुक्त कब डॉ भरत व्यास, राज्य कोषाध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा, राज्य सचिव धीरेंद्र मिश्रा सहित राज्य परिषद के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

     

  • MP Police Recruitment 2026: पुलिस विभाग में बड़ी भर्ती को मंजूरी, जानिए किन पदों पर होगी नियुक्ति

    MP Police Recruitment 2026: पुलिस विभाग में बड़ी भर्ती को मंजूरी, जानिए किन पदों पर होगी नियुक्ति

    भोपाल 
     मध्य प्रदेश पुलिस में बंपर भर्ती निकलने वाली है। राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में 9662 पदों पर भर्ती को मंजूरी दे दी है। इनमें सबसे ज्यादा 8500 कांस्टेबल (GD और ड्राइवर) के पद हैं। भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) जल्द विज्ञापन जारी करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तीन दिन पहले पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में रिक्त पदों को तेजी से भरने के निर्देश दिए थे। इसके बाद गृह विभाग ने विभिन्न श्रेणी के 9662 पदों पर भर्ती की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आगामी महीनों में भी रिक्त पदों की पूर्ति और पदोन्नति की प्रक्रिया जारी रहेगी।

    कर्मचारी चयन मंडल जारी करेगा नोटिफिकेशन
    कर्मचारी चयन मंडल (ESB) इन पदों पर भर्ती के लिए विस्तृत विज्ञापन जारी करेगा। नोटिफिकेशन में आवेदन की तारीख, आयु सीमा, योग्यता, परीक्षा पैटर्न और चयन प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।

    जीडी कॉन्स्टेबल के पद सबसे ज्यादा
    इस पुलिस भर्ती के लिए स्वीकृत पदों के ब्योरे के अनुसार सबसे अधिक तृतीय श्रेणी के आरक्षक (जीडी) के 7,500 पदों पर भर्ती होगी। इसके अतिरिक्त आरक्षक चालक के 1,000 पद, सूबेदार (अ) शीघ्रलेखक के 135 और सहायक उपनिरीक्षक (अ) के 520 पदों को शामिल किया गया है।

    वहीं एक अन्य आदेश के तहत अराजपत्रित सूबेदार के 81 पद, जिला पुलिस बल उपनिरीक्षक के 312 पद, विशेष सशस्त्र बल (विसबल) के 69 पद तथा फिंगरप्रिंट, आयुध और फोटो शाखा जैसी तकनीकी इकाइयों के कुल 507 पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी। एमपी पुलिस की इस भर्ती का नोटिफिकेशन मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग द्वारा अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। इसके बाद यहीं ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

    भरे जाएंगे 18 हजार पद
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि पुलिस बल में कुल 18 हजार पदों को भरा जाना है, जिसके तहत शेष पदों के आदेश भी जल्द जारी किए जाएंगे। इससे पूर्व भी लगभग 25 हजार पुलिसकर्मियों की पदोन्नति की जा चुकी है, जिससे पदोन्नति और नई भर्तियों का चक्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का मुख्य ध्येय मध्यप्रदेश पुलिस की कार्यक्षमता को बढ़ाकर उसे देश का सर्वश्रेष्ठ पुलिस बल बनाना है।
    वर्षा यादव 

    चार आदेशों में स्वीकृत किए गए 9 हजार 662 पद
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशों के परिपालन में गृह विभाग ने वर्ष 2026 में मध्यप्रदेश पुलिस की विभिन्न इकाइयों में तृतीय श्रेणी के सीधी भर्ती के अराजपत्रित सूबेदार (अ) शीघ्र लेखक के 135 पद और सहायक उपनिरीक्षक (अ) के 520 पद, इस तरह 655 पदों पर सीधी भर्ती के लिए प्रशासकीय स्वीकृति के लिए आदेश जारी किया है।

    इसी तरह एक अन्य आदेश में अराजपत्रित सूबेदार के 81 पद, उपनिरीक्षक (जिला पुलिस बल) के 312 पद, उपनिरीक्षक (विसबल) के 69 पद, उपनिरीक्षक (क्यूडी) के 04 पद, उपनिरीक्षक (अंगुल चिन्ह) के 22 पद, उपनिरीक्षक (आयुध) के 10 पद, उपनिरीक्षक फोटो के 09 पद, इस प्रकार 507 पदों पर सीधी भर्ती के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है।

    – राज्य शासन द्वारा सर्वाधिक पद तृतीय श्रेणी के सीधी भर्ती के आरक्षक (जीडी) की नियुक्ति के लिए स्वीकृत किए गए हैं। इस संबंध में आदेश जारी कर 7500 पद स्वीकृत किए गए हैं।

    गृह विभाग ने एक अन्य आदेश में तृतीय श्रेणी के सीधी भर्ती के आरक्षक (चालक) के 1000 पदों के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।

    18 हजार पद भरे जाएंगे, बनाएंगे देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस में 18 हजार पद भरे जाने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में स्वीकृत 9662 पदों के अलावा शेष आदेश भी शीघ्र जारी किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि गत वर्ष 8500 पदों की स्वीकृति के पश्चात् इस वर्ष पदों की स्वीकृति का महत्वपूर्ण कार्य संपन्न हुआ है। मध्यप्रदेश पुलिस को देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बनाने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे। प्रदेश से नक्सलवाद खत्म होने के बाद विकास के कार्यों में भी पुलिस बल की रचनात्मक भूमिका सुनिश्चित की जाएगी।