Category: मध्य प्रदेश

  • सट्टा केस में जीतू पटवारी के भाई नाना से मैराथन पूछताछ, दो घंटे में कई अहम खुलासों का दावा

    सट्टा केस में जीतू पटवारी के भाई नाना से मैराथन पूछताछ, दो घंटे में कई अहम खुलासों का दावा

    इंदौर.

    ड्रग्स और ऑनलाइन सट्टेबाजी के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है। इस मामले में पुलिस ने शनिवार को एक और सटोरिए अमित कौशल को गिरफ्तार किया है। अमित कौशल का संबंध इस केस में पहले ही गिरफ्तार हो चुके आरोपी संजय कौशल से है।

    दूसरी तरफ, पुलिस की रडार पर आए नाना पटवारी से जुड़े बंटी असरानी को नोटिस मिलने के बाद से वह फरार है, जिस पर पुलिस अब बड़े एक्शन की तैयारी कर रही है।

    डीसीपी के समक्ष करीब दो घंटे तक कड़ी पूछताछ की
    शनिवार को पुलिस ने नाना पटवारी को उसके सट्टेबाज साथी संजय कौशल और रॉनी के सामने बैठाकर डीसीपी के समक्ष करीब दो घंटे तक कड़ी पूछताछ की। इस दौरान डीसीपी के सवालों पर नाना कई बार असहज नजर आया और उसने गर्दन हिलाकर यह स्वीकार भी किया कि वह क्रिकेट का सट्टा खेलता है।

    दोनों को दोबारा रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है
    हालांकि, पुलिस ने अभी उसे इस मामले में आरोपी नहीं बनाया है और देर रात लंबी पूछताछ के बाद उसे वापस छोड़ दिया गया। उधर, पुलिस को ड्रग्स कांड के आरोपी अमित कौशल और संजय कौशल के बीच पारिवारिक संबंधों का पता चला है, जिसके बाद दोनों को दोबारा रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।

    फरार बिल्डर सुमित मंत्री के घर नोटिस चस्पा
    फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर पुलिस के सामने बयान दर्ज कराने से लगातार बच रहे बिल्डर सुमित मंत्री के खिलाफ भी पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। शनिवार देर रात पुलिस की एक टीम सुमित मंत्री के घर पहुंची, लेकिन वह वहां उपस्थित नहीं था। इसके बाद पुलिस ने उसकी मां को नोटिस थमाया और उसे रविवार को हर हाल में थाने हाजिर होने के सख्त निर्देश दिए हैं।

  • Teacher Recruitment Update: प्राथमिक शिक्षक भर्ती में दस्तावेज सत्यापन और अपलोड की प्रक्रिया प्रारंभ

    Teacher Recruitment Update: प्राथमिक शिक्षक भर्ती में दस्तावेज सत्यापन और अपलोड की प्रक्रिया प्रारंभ

    प्राथमिक शिक्षक भर्ती: दस्तावेज अपलोड और सत्यापन की प्रक्रिया प्रारंभ

    18 से 20 जुलाई तक प्रोफाइल पंजीयन, दस्तावेज अपलोड व जिला विकल्प चयन, 19 से 21 जुलाई तक होगा दस्तावेज सत्यापन

    भोपाल

    मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्राथमिक शिक्षक एवं प्राथमिक शिक्षक (विशेष शिक्षा) नियोजन 2026 के लिए चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज अपलोड एवं सत्यापन की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गयी है।

    लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा इस संबंध में जारी सूचना के अनुसार कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित प्राथमिक शिक्षक एवं प्राथमिक शिक्षक (विशेष शिक्षा) चयन परीक्षा वर्ष 2025 के परीक्षा परिणाम के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों के लिए एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर नियोजन संबंधी प्रक्रिया निर्धारित समय-सारणी के अनुसार संचालित की जा रही है।

    अभ्यर्थियों को 18 जुलाई से 20 जुलाई 2026 तक एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर प्रोफाइल पंजीयन, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने तथा जिला विकल्प का चयन करना होगा। इसके बाद 19 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक जिला स्तर पर दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।

    विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों को पोर्टल पर प्रदर्शित सभी जिलों को प्राथमिकता क्रम देना अनिवार्य होगा। दस्तावेज अपलोड करने के अगले दिन अभ्यर्थी को स्वयं चयनित दस्तावेज सत्यापन केंद्र पर उपस्थित होकर दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा।

    समय-सीमा चूके तो चयन प्रक्रिया से बाहर

    विभाग ने अभ्यर्थियों को स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा में प्रोफाइल पंजीयन, दस्तावेज अपलोड, जिला चयन और पोर्टल शुल्क भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर वे चयन प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में उनकी नियुक्ति के संबंध में कोई विचार नहीं किया जाएगा।

    लोक शिक्षण संचालनालय ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे नियोजन प्रक्रिया से संबंधित नवीनतम जानकारी के लिए एमपी ऑनलाइन पोर्टल trc.mponline.gov.in को लगातार देखते रहें।

     

  • MP UCC Draft: आज रविवार को कैबिनेट की हरी झंडी संभव, विवाह, तलाक और उत्तराधिकार से जुड़े बड़े प्रस्ताव

    MP UCC Draft: आज रविवार को कैबिनेट की हरी झंडी संभव, विवाह, तलाक और उत्तराधिकार से जुड़े बड़े प्रस्ताव

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। उच्च स्तरीय समिति ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को तीन खंडों में तैयार अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। आज  रविवार को जगदीशपुर में प्रस्तावित विशेष कैबिनेट बैठक में यूसीसी के मसौदा विधेयक पर विचार कर उसे मंजूरी दिए जाने की संभावना है। इसके बाद सरकार मानसून सत्र में यूसीसी विधेयक विधानसभा में पेश कर सकती है। समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और अन्य पारिवारिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है। वर्तमान में विभिन्न धर्मों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू हैं। 

    कैबिनेट की मंजूरी के बाद आगे क्या होगा?
    यदि कैबिनेट मसौदे को मंजूरी देती है तो कानून विभाग अंतिम विधेयक तैयार करेगा। इसके बाद इसे विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। विधानसभा से पारित होने के बाद विधेयक राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अधिसूचना जारी होने के बाद ही यूसीसी प्रदेश में लागू होगी। 

    समिति की प्रमुख सिफारिशें
    समिति की अंतिम रिपोर्ट में सभी धर्मों के लोगों के लिए विवाह का पंजीकरण अनिवार्य करने का प्रस्ताव किया गया है। इसके लिए विवाह के बाद एक से दो माह की समय-सीमा निर्धारित करने की सिफारिश है। मसौदे में यह भी प्रस्ताव है कि तलाक केवल न्यायालय की वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मान्य होगा। मौखिक तलाक को कानूनी मान्यता नहीं देने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा, पति या पत्नी के जीवित रहते तथा वैधानिक तलाक के बिना दूसरी शादी को अपराध की श्रेणी में रखने का प्रस्ताव भी शामिल है। 

    लिव-इन रिलेशनशिप पर क्या है प्रस्ताव?
    प्रस्तावित यूसीसी मसौदे में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के लिए रजिस्ट्रार के समक्ष पंजीकरण अनिवार्य करने की सिफारिश की गई है। बिना पंजीकरण के साथ रहने को दंडनीय बनाने का भी प्रस्ताव है। साथ ही लिव-इन संबंध से जन्म लेने वाले बच्चों को पैतृक संपत्ति में वैधानिक अधिकार देने की सिफारिश भी रिपोर्ट में की गई है। 

    आदिवासियों को दायरे से बाहर रखने का सुझाव
    समिति ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय को यूसीसी के दायरे से बाहर रखने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि गुजरात और उत्तराखंड में भी आदिवासी समुदाय को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा गया है।

    तीन खंडों में तैयार हुई अंतिम रिपोर्ट
    समिति की रिपोर्ट तीन अलग-अलग खंडों में तैयार की गई है। पहले खंड में यूसीसी लागू करने से संबंधित सिफारिशें हैं, जिन्हें देश-विदेश के कानूनों तथा मध्य प्रदेश की मौजूदा कानूनी व्यवस्था के अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। यह भाग 10 अध्यायों में विभाजित है। दूसरे खंड में यूसीसी का मसौदा विधेयक शामिल है, जिसमें 4 भाग, 404 धाराएं और 7 अनुसूचियां हैं। तीसरे खंड में जिला स्तरीय बैठकों, राज्य स्तरीय परामर्श और ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त जनसुझावों तथा आपत्तियों का संकलन और विश्लेषण किया गया है।

    9.58 लाख से अधिक सुझाव मिले
    सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में समिति गठित की गई थी।  समिति को 9.58 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए। ये सुझाव जिला स्तरीय बैठकों, राज्य स्तरीय परामर्श और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लिए गए। अंतिम रिपोर्ट में इन सुझावों का विषयवार, लिंगवार और समुदायवार विश्लेषण भी शामिल किया गया है।

    यूसीसी पर सियासत भी तेज- 
    – समान कानूनी अधिकार देना उद्देश्य

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि यूसीसी का उद्देश्य सभी नागरिकों को समान कानूनी अधिकार उपलब्ध कराना, महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करना और पारिवारिक कानूनों में एकरूपता लाना है। मुख्यमंत्री लगातार कांग्रेस से यूसीसी पर अपना रुख स्पष्ट करने की बात कह रहे हैं।
     
    – मुद्दो से ध्यान भटकाने यूसीसी ला रही सरकार
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार यूसीसी की आड़ में प्रदेश के महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, युवाओं को रोजगार और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने का प्रयास कर रही है। 

     

  • नरवर किले की सुरक्षा पर सवाल, अष्टधातु की दुर्लभ ऐतिहासिक तोप चोरी

    नरवर किले की सुरक्षा पर सवाल, अष्टधातु की दुर्लभ ऐतिहासिक तोप चोरी

    भोपाल
     मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित ऐतिहासिक नरवर किले से हथियारबंद बदमाशों ने सिंधिया राजवंश की 500 साल पुरानी तोप चोरी कर ली है। इस वारदात ने किले की सुरक्षा व्यवस्था और पुरातत्व विभाग के संरक्षण के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    नरवर के किले में 14 तोपें रखी गई थीं, ऐतिहासिक तोप चोरी होने के बाद अब यह संख्या 13 रह गई है।

    रात के अंधेरे में घुसे बदमाश
    पुलिस के अनुसार, 5 और 16 जुलाई की दरम्यानी रात करीब 25 से 30 हथियारबंद बदमाश किले में घुसे। बदमाश अपने साथ क्रेन और ट्रक जेसी मशीनें लेकर आए थे। किले के ओपन कचहरी परिसर में रखी 14 ऐतिहासिक तोपों में से 3000 किलो वजनी अष्टधातु की एक तोप को उठाकर ले गए।

    घटना के समय ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी ने बताया कि बदमाशों के पास आधुनिक हथियार थे। उन्होंने जान से मारने की धमकी देकर हमें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। किले में पर्याप्त रोशनी और टॉर्च जैसी सुविधाएं तक नहीं थीं। हमारे पास सिर्फ लाठी थी। वारदात के बाद अब परिसर में 13 तोपें ही बची हैं।

    तैयारी के साथ आए थे बदमाश
    जांच में पता चला है कि बदमाश किले के पिछले रास्ते से दाखिल हुए थे। उन्हें पहले से पता था कि तोप कहां रखी है और उसे ले जाने के लिए कितने लोगों की जरूरत होगी। इसी कारण वे 25 से 30 की संख्या में और लोडिंग वाहन के साथ पहुंचे।

    इस मामले में सबसे हैरानी की बात यह है कि करीब 12 दिन पहले भी किले और आसपास संदिग्ध गतिविधियां देखी गई थीं। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना भी दी थी, लेकिन सुरक्षा नहीं बढ़ाई गई और न ही अतिरिक्त निगरानी की व्यवस्था की गई।

    क्यों खास है तोप?
    पुरातत्व विशेषज्ञों के अनुसार, यह तोप 16वीं शताब्दी की है। यह भारती सैन्य इतिहास और उस समय की उन्नत धातु कर्म तकनीक का प्रतीक है। इस तोप पर बनी विशेष नक्काशी और ऐतिहासिक चिह्न इसे खास और बेहद दुर्लभ बनाते हैं।

    इस ऐतिहासिक धरोहर की कीमत पैसों में नहीं आंकी जा सकती है, लेकिन अवैध एंटीक बाजार में इसकी कीमत करोड़ों हो सकती है। इसी वजह से पुलिस को शक है कि इस वारदात के पीछे किसी अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह का हाथ हो सकता है।

    पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ डकैती और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साइबर सेल की मदद से उन नेटवर्कों की भी पड़ताली की जा रही है जो ऐतिहासिक वस्तुओं की तस्करी से जुड़े हैं।

  • 5 अगस्त को भोपाल में जुटेंगे BRICS संस्कृति के प्रतिनिधि, प्रशासन ने कसी कमर

    5 अगस्त को भोपाल में जुटेंगे BRICS संस्कृति के प्रतिनिधि, प्रशासन ने कसी कमर

    भोपाल.

    राजधानी में पांच से आठ अगस्त तक आयोजित होने वाली तृतीय ब्रिक्स कल्चर वर्किंग ग्रुप (सीडब्ल्यूजी) और ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने गुरुवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा कर सभी व्यवस्थाएं समय-सीमा में, उच्च गुणवत्ता और बेहतर समन्वय के साथ पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन को लेकर प्रशासन पूरी सक्रियता से तैयारियों में जुटा है।

    सुरक्षा, परिवहन और आवास व्यवस्था पर विशेष जोर
    कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सुरक्षा, परिवहन, आवास, आतिथ्य, स्वच्छता, आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं और विभागीय समन्वय की समीक्षा करते हुए कहा कि यह आयोजन भोपाल और मध्यप्रदेश के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने सभी विभागों को जिम्मेदारियों का प्रभावी निर्वहन करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए, ताकि देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधियों को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

    पांच से आठ अगस्त तक होंगे विभिन्न आयोजन
    कार्यक्रम के तहत पांच से छह अगस्त को तृतीय ब्रिक्स कल्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक, छह से सात अगस्त को ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव और सात से आठ अगस्त को ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी।

    इन महत्वपूर्ण विषयों पर होगी चर्चा
    बैठकों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) और रचनात्मक अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक धरोहरों की वापसी तथा जलवायु परिवर्तन और संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा होगी। साथ ही कलाकारों के कापीराइट संरक्षण, बौद्धिक संपदा अधिकारों, औपनिवेशिक काल में विदेश ले जाई गई सांस्कृतिक धरोहरों की वापसी और पर्यावरण संरक्षण में पारंपरिक ज्ञान की भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य आयोजन को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सफल और यादगार बनाना है।

  • पुलिस विभाग में पदोन्नति से बढ़ा उत्साह, मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अधिकारियों-कर्मचारियों ने किया अभिनंदन

    पुलिस विभाग में पदोन्नति से बढ़ा उत्साह, मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अधिकारियों-कर्मचारियों ने किया अभिनंदन

    पुलिस विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने पदोन्नति पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जताया आभार

    भोपाल 

    इन्दौर में आज पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पदोन्नति प्राप्त होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया और उनका आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में पदोन्नत अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा समयबद्ध पदोन्नति की दिशा में किए गए प्रयासों से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है तथा प्रशासनिक कार्यों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदोन्नत पुलिस अधिकारियों को बैच लगाकर सम्मानित किया तथा उन्हें शुभकामनाएं देते हुए बधाई प्रदान की। उन्होंने कहा कि पुलिस बल प्रदेश की कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और सरकार पुलिसकर्मियों के कल्याण, प्रशिक्षण तथा सेवा-सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने पदोन्नत अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे नई जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करें।

    राजस्व विभाग सहित अन्य विभागों ने भी जताया आभार

    राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों ने भी पदोन्नति मिलने पर मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के संरक्षण और उनकी सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों और कर्मचारियों ने कहा कि पदोन्नति केवल पद परिवर्तन नहीं बल्कि जिम्मेदारियों और विश्वास का प्रतीक है। इससे कर्मचारियों का आत्मविश्वास बढ़ता है तथा वे अधिक समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित होते हैं। पदोन्नत अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदेश के विकास और बेहतर प्रशासन के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

     

  • दुग्ध पालन और डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    दुग्ध पालन और डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ किया आत्मीय व प्रेरक संवाद

    प्रदेश में नशे का व्यापार करने वालों के विरूद्ध होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई-
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    दुग्ध पालन और डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    प्रदेश के 19 धार्मिक शहरों में की गई शराबबंदी
    मुख्यमंत्री ने इन्फ्लुएंसर्स से कृषि एवं पशुपालन को बढ़ावा देने वाली कल्याणकारी योजनाओं की रील्स बनाने का किया आह्वान

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी युवा, नारी, किसान और गरीब वर्ग को आगे बढ़ाने के लिए सतत प्रयासरत है। इन वर्गों के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित की जा रही है और उससे समाज सशक्त भी हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन पशुपालन, डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में पशुधन बढ़े और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो, यह जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज इंदौर में लक्ष्मीबाई नगर कृषि उपज मण्डी में बलराम कृषि महोत्सव में आयोजित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषिगत कार्यों से जुड़े विषयों पर प्रेरक विषयवस्तु बनाने वाले युवा इन्फ्लुएंसर्स से आत्मीय व प्रेरक संवाद किया। उन्होंने युवा इन्फ्लुएंसर्स के प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि फसल चक्र में बदलाव करते रहे ताकि मिट्टी उर्वरा बनी रहे। वहीं अल्पवर्षा की स्थिति में किसानों को नुकसान नहीं हो। इसके लिये किसान कम अवधि की फसलों की बुवाई करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश भर से आये सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को आव्हान किया कि वे राज्य शासन द्वारा चलायी जा रही योजनाओं पर केन्द्रीत रील्स बनायें, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ मिल सके।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया वृद्ध व लावारिस गौवंश के पालन का फार्मूला

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में पशुपालन को बढ़ावा देने तथा सड़कों पर वृद्ध व लावारिस गौवंश से उन्नत नस्ल के बछड़े तैयार करने की योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में इन दोनों समस्या से मुक्ति मिलेगी। हिरण्यगर्भा योजना में प्रदेश में उन्नत नस्ल से दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों की कोई कमी नहीं हैं। किसानों को उसकी फसल के आधार पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश में उर्वरक वितरण के लिये नया डिजीटल फार्मूला तैयार किया गया है। इससे उर्वरकों की कालाबाजारी पर नियंत्रण किया जा रहा है। इसके अलावा किसानों को उनकी भूमि की उपलब्धता के आधार पर आवश्यकता अनुसार पर्याप्त उर्वरक प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में नशे की पाबंदी को लेकर कहा कि नशा नाश की जड़ है। नशे से कई परिवार तबाह हुए है। प्रदेश में कहीं भी नशे का अवैध कारोबार नहीं होने दिया जायेगा। ऐसे लोगों के खिलाफ राज्य शासन द्वारा कड़ी कानूनी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य शासन ने धार्मिक नगरों में शराबबंदी की है, इसके अच्छे परिणाम आये हैं। उज्जैन, ओंकारेश्वर, ओरछा सहित 19 शहरों में शराबबंदी की गई है।

    सम्मेलन में सहभागिता करने वाले युवा कृषक और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स कपिल ने बताया कि उसने अपने खेत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर एक बगिया माँ के नाम लगायी है। इस बगिया में पालक, कद्दू आदि सब्जियों की खेती हो रही है, और वह आज आत्मनिर्भर बन गया है। इसके अलावा अन्य खेतों में नींबू, जामफल, अमरूद आदि फलों की खेती भी की जा रही है। शाजापुर से आये सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स प्रवीण धाकड़ ने बताया कि वह अपने खेतों में बड़ी मात्रा में सब्जियों का उत्पादन करता है। उन्होंने क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग की यूनिट लगाने की इच्छा जतायी। फूड प्रोसेसिंग यूनिट से सब्जी उत्पादकों के आय में वृद्धि होगी। सीहोर से आये किसान और इन्फ्लुएंसर्स टीकम सांखला ने बताया कि उसके पास 70 पशुधन हैं और वह अनाज सहित दलहन और सब्जियों का उत्पादन करता है। शाजापुर से आये किसान ने बताया कि वह सभी प्रकार की फसलों का उत्पादन करता है, जिससे वह आत्मनिर्भर है। सीहोर से आयी महिला इन्फ्लुएंसर्स ने बताया कि वह कृषि पर केन्द्रीत वीडियो बनाती है, जिसे काफी लोग पसन्द करते हैं। राजगढ़ से आये किसान ने बताया कि वह अपने खेतों में अल्प वर्षा वाली कम अवधि की फसलों का उत्पादन करते हैं। सम्मेलन में सहभागिता करने वाले युवा इन्फ्लुएंसर्स ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मालवी और निमाड़ी बोली में भी संवाद किया। साथ में सामूहिक चित्र भी खिंचवायी।

    कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष ओम जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, विधायक मधु वर्मा, श्रीमती मालिनी गौड़, गोलू शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, श्रवण चावड़ा, कपिल यार्दें सहित अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे।

     

  • प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक विस्तार, डिप्टी CM शुक्ल ने गिनाईं उपलब्धियां

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक विस्तार, डिप्टी CM शुक्ल ने गिनाईं उपलब्धियां

    प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य अधोसंरचना का हो रहा अभूतपूर्व विस्तार : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटें 200 से बढ़कर 250 तथा रतलाम मेडिकल कॉलेज में 180 से बढ़कर 200 हुईं

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा गजरा राजा चिकित्सा महाविद्यालय, ग्वालियर तथा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, रतलाम में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाए जाने की स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देशभर में स्वास्थ्य अधोसंरचना और चिकित्सा शिक्षा का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। आयुष्मान भारत, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, मेडिकल सीटों में निरंतर वृद्धि, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं तथा आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से देश की स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार सशक्त हो रही है। बढ़ती स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटें 200 से बढ़कर 250 तथा रतलाम मेडिकल कॉलेज में 180 से बढ़कर 200 होने से अधिक विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा का अवसर मिलेगा और भविष्य में प्रदेश को अधिक दक्ष चिकित्सक उपलब्ध होंगे, जिससे आमजन को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने इस उपलब्धि के लिए दोनों चिकित्सा महाविद्यालयों के अधिष्ठाताओं, फैकल्टी, चिकित्सकों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण, फैकल्टी की उपलब्धता, अस्पतालों के उन्नयन तथा मेडिकल सीटों में निरंतर वृद्धि के माध्यम से मध्यप्रदेश भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप सशक्त स्वास्थ्य तंत्र विकसित कर रहा है।

     

  • मध्य प्रदेश में UCC की दिशा में बड़ा कदम, सरकार को समिति की रिपोर्ट मिली, आदिवासी प्रावधानों पर मंथन

    मध्य प्रदेश में UCC की दिशा में बड़ा कदम, सरकार को समिति की रिपोर्ट मिली, आदिवासी प्रावधानों पर मंथन

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. सरकार की ओर से बनाई गई समिति ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री मोहन यादव को सौंप दी है. इस रिपोर्ट में सबसे अहम सिफारिश यह की गई है कि अनुसूचित जनजातियों (ST) को UCC के दायरे से बाहर रखा जाए. अब रिपोर्ट कानून विभाग को भेज दी गई है. अगले चरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मानसून सत्र में इससे जुड़ा विधेयक विधानसभा में पेश किया जा सकता है। 

     वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति पहले इस रिपोर्ट की समीक्षा करेगी. इसके बाद जैसे ही कैबिनेट की मंजूरी मिलेगी, वैसे ही UCC विधेयक को विधानसभा के मानसून सत्र में पेश कर दिया जाएगा. वैसे मध्य प्रदेश विधानसभा का यह पांच दिवसीय मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है. वहीं, तय समय के भीतर रिपोर्ट सौंपने के लिए सीएम मोहन यादव ने समिति के सभी सदस्यों का आभार जताया है. आपको बता दें कि इस समिति को रिटायर्ड रंजना प्रकाश देसाई की देखरेख में बनाया गया था। 

    रिपोर्ट में क्या-क्या है?

    समिति की रिपोर्ट तीन हिस्सों में तैयार की गई है. पहले हिस्से में देश-विदेश और मध्य प्रदेश के मौजूदा कानूनों का अध्ययन करने के बाद सिफारिशें दी गई हैं. दूसरे हिस्से में UCC का ड्राफ्ट बिल शामिल है, जबकि तीसरे भाग में जनता से मिले सुझावों का पूरा ब्योरा दिया गया है। 

    सरकार के मुताबिक इस ड्राफ्ट बिल में चार भाग, 404 धाराएं और सात अनुसूचियां शामिल हैं. रिपोर्ट तैयार करने के दौरान जिला, राज्य और वेबसाइट के जरिए लोगों से राय मांगी गई थी. इस प्रक्रिया में 9.58 लाख से ज्यादा सुझाव मिले, जिनका अलग-अलग आधार पर विश्लेषण भी रिपोर्ट में जोड़ा गया है। 

    किन मामलों पर किया गया अध्ययन?
    समिति को शादी, तलाक, गुजारा भत्ता, संपत्ति में उत्तराधिकार, गोद लेने और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे पारिवारिक मामलों से जुड़े मौजूदा कानूनों का अध्ययन करने की जिम्मेदारी दी गई थी. इसी आधार पर मध्य प्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ड्राफ्ट तैयार किया गया। 

    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के साथ प्रदेश की पारंपरिक रीति-रिवाजों, सामाजिक प्रथाओं और संवैधानिक प्रावधानों का भी ध्यान रखा गया है. सबसे महत्वपूर्ण सिफारिश अनुसूचित जनजातियों को UCC के दायरे से बाहर रखने की है, जिस पर अब सरकार आगे फैसला लेगी। 

  • समान नागरिक संहिता पर बड़ा कदम, सीएम डॉ. यादव ने प्राप्त किया 3 खंडों का फाइनल प्रतिवेदन

    समान नागरिक संहिता पर बड़ा कदम, सीएम डॉ. यादव ने प्राप्त किया 3 खंडों का फाइनल प्रतिवेदन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को समान नागरिक संहिता का 3 खंड का फाइनल प्रतिवेदन सौंपा

    समान नागरिक संहिता के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्य रहे मौजूद
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समय-सीमा में कार्य पूर्ण होने पर दिया समिति को धन्यवाद

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सोमवार को समान नागरिक संहिता के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने संहिता का प्रतिवेदन सौंपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समय-सीमा में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने पर अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर समिति के सदस्य प्रो. गोपाल शर्मा, बुधपाल सिंह, सुशोभा पैठणकर एवं समिति के सदस्य सचिव अजय कटेसरिया उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपे गए प्रतिवेदन में समिति की रिपोर्ट 3 खण्डों में संकलित है। पहले खंड में समिति की अनुशंसाओं का प्रतिवेदन है और इसमें समिति ने अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य के विभिन्न विधियों एवं प्रथाओं का विश्लेषण कर अपनी अनुशंसाएं प्रतिवेदित की है। इस खंड में 10 अध्याय है।

    प्रतिवेदन का दूसरा खंड विधेयक के प्रारूप के रूप में है। समिति द्वारा प्रस्तावित विधेयक के प्रारूप को मध्यप्रदेश में प्रचलित विधियों एवं नियमों के दृष्टिगत तैयार किया गया है। प्रस्तावित विधेयक के 4 भाग, 404 धाराएं एवं 7 अनुसूचियां है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपे गए तीसरे खंड में जन परामर्श प्रतिवेदन है, जिसमें समिति द्वारा जिला स्तर, राज्य स्तर एवं वेबसाइट के माध्यम से किये गए व्यापक जन-परामर्श का विवरण है। समिति को 9.58 लाख से अधिक परामर्श प्राप्त हुए थे। उनका प्रश्नवार, लिंगवार एवं समुदायवार विश्लेषण इस खंड में शामिल है।

    समिति ने अनुसूचित जनजातियों को समान नागरिक संहिता से बाहर रखने की अनुशंसा की है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति को विभिन्न व्यक्तिगत एवं पारिवारिक विषयों, जैसे विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण तथा लिव-इन संबंधों से संबंधित प्रचलित व्यवस्थाओं के अध्ययन करने का दायित्व सौंपा गया था। समिति ने उक्त अनुसार मध्यप्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक तथा आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप प्रारूप तैयार करने का कार्य किया है। समिति ने मूल आधार, लैंगिक समानता सुनिश्चित करना, विविध अनुष्ठानिक प्रथाओं को अप्रभावित रहने देना, प्रचलित रीति-रिवाजों एवं प्रथाओं का सम्मान करना एवं संवैधानिक उपबंधों एवं लोकनीति की दिशा में कार्य किया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा समिति की अध्यक्ष सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश, न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई, समिति के सदस्य एवं वरिष्ठ सलाहकार शत्रुघ्न सिंह एवं सदस्य अनूप नायर का भी धन्यवाद ज्ञापित किया जो व्यक्तिगत कारणों से उपस्थित नहीं हो सकें।

    समिति द्वारा प्राप्त प्रतिवेदन राज्य शासन के विधि विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया है। विधेयक के परिमार्जन एवं वरिष्ठ सचिव समिति की प्रक्रिया के बाद विधेयक मंत्रि-परिषद की स्वीकृत के बाद मानसून सत्र में ही विधानसभा में रखे जाने की संभावना है।