Category: मध्य प्रदेश

  • मध्य प्रदेश में UCC की दिशा में बड़ा कदम, सरकार को समिति की रिपोर्ट मिली, आदिवासी प्रावधानों पर मंथन

    मध्य प्रदेश में UCC की दिशा में बड़ा कदम, सरकार को समिति की रिपोर्ट मिली, आदिवासी प्रावधानों पर मंथन

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. सरकार की ओर से बनाई गई समिति ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री मोहन यादव को सौंप दी है. इस रिपोर्ट में सबसे अहम सिफारिश यह की गई है कि अनुसूचित जनजातियों (ST) को UCC के दायरे से बाहर रखा जाए. अब रिपोर्ट कानून विभाग को भेज दी गई है. अगले चरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मानसून सत्र में इससे जुड़ा विधेयक विधानसभा में पेश किया जा सकता है। 

     वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति पहले इस रिपोर्ट की समीक्षा करेगी. इसके बाद जैसे ही कैबिनेट की मंजूरी मिलेगी, वैसे ही UCC विधेयक को विधानसभा के मानसून सत्र में पेश कर दिया जाएगा. वैसे मध्य प्रदेश विधानसभा का यह पांच दिवसीय मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है. वहीं, तय समय के भीतर रिपोर्ट सौंपने के लिए सीएम मोहन यादव ने समिति के सभी सदस्यों का आभार जताया है. आपको बता दें कि इस समिति को रिटायर्ड रंजना प्रकाश देसाई की देखरेख में बनाया गया था। 

    रिपोर्ट में क्या-क्या है?

    समिति की रिपोर्ट तीन हिस्सों में तैयार की गई है. पहले हिस्से में देश-विदेश और मध्य प्रदेश के मौजूदा कानूनों का अध्ययन करने के बाद सिफारिशें दी गई हैं. दूसरे हिस्से में UCC का ड्राफ्ट बिल शामिल है, जबकि तीसरे भाग में जनता से मिले सुझावों का पूरा ब्योरा दिया गया है। 

    सरकार के मुताबिक इस ड्राफ्ट बिल में चार भाग, 404 धाराएं और सात अनुसूचियां शामिल हैं. रिपोर्ट तैयार करने के दौरान जिला, राज्य और वेबसाइट के जरिए लोगों से राय मांगी गई थी. इस प्रक्रिया में 9.58 लाख से ज्यादा सुझाव मिले, जिनका अलग-अलग आधार पर विश्लेषण भी रिपोर्ट में जोड़ा गया है। 

    किन मामलों पर किया गया अध्ययन?
    समिति को शादी, तलाक, गुजारा भत्ता, संपत्ति में उत्तराधिकार, गोद लेने और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे पारिवारिक मामलों से जुड़े मौजूदा कानूनों का अध्ययन करने की जिम्मेदारी दी गई थी. इसी आधार पर मध्य प्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ड्राफ्ट तैयार किया गया। 

    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के साथ प्रदेश की पारंपरिक रीति-रिवाजों, सामाजिक प्रथाओं और संवैधानिक प्रावधानों का भी ध्यान रखा गया है. सबसे महत्वपूर्ण सिफारिश अनुसूचित जनजातियों को UCC के दायरे से बाहर रखने की है, जिस पर अब सरकार आगे फैसला लेगी। 

  • समान नागरिक संहिता पर बड़ा कदम, सीएम डॉ. यादव ने प्राप्त किया 3 खंडों का फाइनल प्रतिवेदन

    समान नागरिक संहिता पर बड़ा कदम, सीएम डॉ. यादव ने प्राप्त किया 3 खंडों का फाइनल प्रतिवेदन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को समान नागरिक संहिता का 3 खंड का फाइनल प्रतिवेदन सौंपा

    समान नागरिक संहिता के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्य रहे मौजूद
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समय-सीमा में कार्य पूर्ण होने पर दिया समिति को धन्यवाद

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सोमवार को समान नागरिक संहिता के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने संहिता का प्रतिवेदन सौंपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समय-सीमा में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने पर अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर समिति के सदस्य प्रो. गोपाल शर्मा, बुधपाल सिंह, सुशोभा पैठणकर एवं समिति के सदस्य सचिव अजय कटेसरिया उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपे गए प्रतिवेदन में समिति की रिपोर्ट 3 खण्डों में संकलित है। पहले खंड में समिति की अनुशंसाओं का प्रतिवेदन है और इसमें समिति ने अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य के विभिन्न विधियों एवं प्रथाओं का विश्लेषण कर अपनी अनुशंसाएं प्रतिवेदित की है। इस खंड में 10 अध्याय है।

    प्रतिवेदन का दूसरा खंड विधेयक के प्रारूप के रूप में है। समिति द्वारा प्रस्तावित विधेयक के प्रारूप को मध्यप्रदेश में प्रचलित विधियों एवं नियमों के दृष्टिगत तैयार किया गया है। प्रस्तावित विधेयक के 4 भाग, 404 धाराएं एवं 7 अनुसूचियां है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपे गए तीसरे खंड में जन परामर्श प्रतिवेदन है, जिसमें समिति द्वारा जिला स्तर, राज्य स्तर एवं वेबसाइट के माध्यम से किये गए व्यापक जन-परामर्श का विवरण है। समिति को 9.58 लाख से अधिक परामर्श प्राप्त हुए थे। उनका प्रश्नवार, लिंगवार एवं समुदायवार विश्लेषण इस खंड में शामिल है।

    समिति ने अनुसूचित जनजातियों को समान नागरिक संहिता से बाहर रखने की अनुशंसा की है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति को विभिन्न व्यक्तिगत एवं पारिवारिक विषयों, जैसे विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण तथा लिव-इन संबंधों से संबंधित प्रचलित व्यवस्थाओं के अध्ययन करने का दायित्व सौंपा गया था। समिति ने उक्त अनुसार मध्यप्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक तथा आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप प्रारूप तैयार करने का कार्य किया है। समिति ने मूल आधार, लैंगिक समानता सुनिश्चित करना, विविध अनुष्ठानिक प्रथाओं को अप्रभावित रहने देना, प्रचलित रीति-रिवाजों एवं प्रथाओं का सम्मान करना एवं संवैधानिक उपबंधों एवं लोकनीति की दिशा में कार्य किया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा समिति की अध्यक्ष सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश, न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई, समिति के सदस्य एवं वरिष्ठ सलाहकार शत्रुघ्न सिंह एवं सदस्य अनूप नायर का भी धन्यवाद ज्ञापित किया जो व्यक्तिगत कारणों से उपस्थित नहीं हो सकें।

    समिति द्वारा प्राप्त प्रतिवेदन राज्य शासन के विधि विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया है। विधेयक के परिमार्जन एवं वरिष्ठ सचिव समिति की प्रक्रिया के बाद विधेयक मंत्रि-परिषद की स्वीकृत के बाद मानसून सत्र में ही विधानसभा में रखे जाने की संभावना है।

     

  • सीएम डॉ. यादव ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की शानदार सफलता पर जताई खुशी

    सीएम डॉ. यादव ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की शानदार सफलता पर जताई खुशी

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंग्लैंड के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड की टीम को टेस्ट मैच में पराजित करने पर हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की बेटियों ने देश का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी महिला क्रिकेट टीम ने दमदार विजय प्राप्त कर इतिहास रचा है। भारतीय टीम की विजय में मध्यप्रदेश की बेटी सुश्री क्रांति गौड़ ने पहली पारी में 5 विकेट और मैच में कुल 7 विकेट लेकर इस जीत में अपना अहम योगदान दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक विजय पर आज मध्यप्रदेश के साथ पूरा देश गौरवान्वित है।

     

  • मध्य प्रदेश बनेगा टेक हब: MP Tech Growth Conclave 3.0 में ₹40 हजार करोड़ निवेश और 35 हजार रोजगार का रोडमैप

    मध्य प्रदेश बनेगा टेक हब: MP Tech Growth Conclave 3.0 में ₹40 हजार करोड़ निवेश और 35 हजार रोजगार का रोडमैप

    भोपाल 

    भोपाल में 'एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0' का शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख तकनीकी और औद्योगिक हब बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस कॉन्क्लेव में देश-विदेश के उद्योगपति, निवेशक और नीति विशेषज्ञ शामिल हुए हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पिछले 12 सालों में भारत ने दुनिया में सबसे तेज गति से विकास करने वाले देशों में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान पहले केवल कृषि क्षेत्र तक सीमित थी, लेकिन अब प्रदेश में ड्रोन से लेकर मिसाइल तक का निर्माण हो रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉन्क्लेव में 51 प्रकार की विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनके माध्यम से प्रदेश में करीब 40 हजार करोड़ रुपए के निवेश और लगभग 35 हजार रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह आयोजन मध्यप्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का यह तीसरा संस्करण है। पिछले वर्ष वे बार्सिलोना गए थे, जिसके बाद स्पेन, अमेरिका और कनाडा की कंपनियों ने मध्यप्रदेश में 228 करोड़ रुपए का निवेश किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में बार्सिलोना यात्रा के दौरान 1 गीगावाट क्षमता वाले एआई डेटा सेंटर के लिए एमओयू हुआ था और अब उस कंपनी के प्रतिनिधि भोपाल पहुंच चुके हैं।

    उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भविष्य की तकनीकों पर तेजी से काम कर रहा है। एआई डेटा सेंटर, साइंस सिटी और अन्य हाई-टेक सेक्टर प्रदेश के विकास की नई पहचान बन रहे हैं।

    इंदौर के सुपर कॉरिडोर में बनेगा नया आईटी पार्क इंदौर के सुपर कॉरिडोर पर 3,000 वर्गफुट क्षेत्र में आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। यहां विश्वस्तरीय कंपनियों को प्लग एंड प्ले सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे बिना किसी अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए तुरंत अपना संचालन शुरू कर सकें।

    भोपाल आईटी पार्क का होगा विस्तार भोपाल आईटी पार्क में करीब 4 लाख वर्गफुट क्षेत्र में एक अत्याधुनिक आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। यहां भी विश्वस्तरीय डिजिटल सेवा कंपनियों को प्लग एंड प्ले सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

    कोलार रोड पर भी बनेगा नया आईटी पार्क भोपाल के कोलार रोड क्षेत्र में 5 एकड़ भूमि पर एक नया आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। यहां आधुनिक बहुमंजिला भवन बनाया जाएगा, जिसमें आईटी और डिजिटल सेक्टर की कंपनियों को संचालन के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नवाचार, अनुसंधान और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर
    इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश को हाई-टेक उद्योगों का केंद्र बनाना है। कार्यक्रम के जरिए सेमीकंडक्टर (चिप निर्माण), डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।

    इन बड़े उद्योगों के प्रदेश में आने से आईटी (IT), इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र के स्थानीय युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतरीन और उच्च वेतन वाली नौकरियां मिलेंगी।

    कार्यक्रम में तकनीकी विजन और निवेश पर रहा फोकस
    विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव में आज राज्य सरकार के तकनीकी विजन को दुनिया के सामने रखा जाएगा। कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारियों और समझौतों (MoUs) का आदान-प्रदान होगा, जो राज्य के डिजिटल ढांचे को मजबूत करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगी तकनीकी प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

    देश-विदेश की दिग्गज कंपनियों का जमावड़ा
    इस कॉन्क्लेव में सीटीआरएलएस (CtrlS) डेटासेंटर्स, के
    न्स टेक्नोलॉजीस, फुजियामा पॉवर और न्योबोल्ट लिमिटेड जैसी देश-विदेश की नामी और प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल हो रही हैं। इन कंपनियों के प्रतिनिधि आज निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर अपने विचार रखेंगे।

    साथ ही, आईआईएम इंदौर (IIM Indore) और आईआईएसईआर (IISER) जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान भी इसमें शामिल हैं, जो युवाओं के कौशल विकास और अनुसंधान को बढ़ावा देंगे।

    पिछले आयोजनों का रिकॉर्ड
    एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के पहले दो आयोजनों ने प्रदेश में निवेश की रफ्तार को नई गति दी है। इसके पहले एडिशन (कॉन्क्लेव 1.0) में राज्य को 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिससे करीब 75 हजार रोजगार के अवसर बने।

    वहीं दूसरे एडिशन (कॉन्क्लेव 2.0) में 12 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आया, जिससे 48 हजार युवाओं को रोजगार मिला। आज शुरू हो रहा तीसरा संस्करण इस सफलता को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

  • भोपाल में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले- प्रतिभा और बुद्धिमत्ता से दुनिया में बनाएँ पहचान

    भोपाल में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले- प्रतिभा और बुद्धिमत्ता से दुनिया में बनाएँ पहचान

    बुद्धिमत्ता के बलबूते विश्व में पहचान बना सकते हैं युवा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    रवीन्द्र भवन में सम्मानित हुईं दक्षिण-पश्चिम भोपाल की 591 प्रतिभाएं

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे युवा अपनी योग्यता और बुद्धिमत्ता के बलबूते प्रदेश और देश ही नहीं पूरे विश्व में पहचान बना सकते हैं। जिस तरह एक सामान्य परिवार से आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सम्पूर्ण संसार में राष्ट्र का सम्मान बढ़ाने का कार्य किया है, यह एक अनोखा उदाहरण है जो विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कोरोना काल में वैक्सीन के माध्यम से भारतवासियों ही नहीं अन्य राष्ट्रों के नागरिकों का जीवन बचाने का कार्य भी किया गया। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर व्यवस्था का लाभ करोड़ों नागरिकों को दिलवाया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रवींद्र भवन, भोपाल के हंसध्वनि सभागार में नवप्रयाग सांस्कृतिक एवं सामाजिक विकास समिति, भोपाल द्वारा दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की प्रतिभाओं के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के निर्देशक डॉ. आशुतोष कुमार सिंह, डॉ. मिनी मेहरा, कार्यक्रम के संयोजक श्रीमती आरती अनेजा उपस्थित रही।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सम्मनित हो रहे विद्यार्थियों और अन्य प्रतिभाओं को बधाई देते हुए कहा कि भिन्न-भिन्न क्षेत्र की प्रतिभाएं परिश्रम की पराकाष्ठा, अपने संस्कार अपनी युक्ति और बुद्धि से, समय का सदुपयोग करते हुए राष्ट्र निर्माण के महासंकल्प को पूरा करने का प्रयास करती हैं। ये प्रतिभाएं सम्मानित होकर स्वयं का नया परिचय भी प्राप्त करती हैं। भोपाल की सुचांदनी विश्वकर्मा ने कक्षा 12वीं में प्रावीण सूची में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेता जी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा देश को स्वतंत्रता मिलने के पूर्व भारतीय सिविल सेवा की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद भी राष्ट्र के स्वाभिमान के लिए नौकरी करने के स्थान पर स्वतंत्रता प्राप्ति के उद्देश्य से प्राणोत्सर्ग करना बेहतर समझा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नवप्रयास समिति का यह कार्यक्रम सराहनीय है।

    विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और प्रेरणा से शिक्षा के साथ-साथ हर क्षेत्र में इस क्षेत्र के प्रतिभाशाली विद्यार्थी निकल रहे हैं। लगातार तीन वर्ष से यह सम्मान प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है। पहले वर्ष 350 दूसरे वर्ष 480 और इस वर्ष 591 प्रतिभाओं का सम्मान किया जा रहा है। 10वीं और 12 वीं में 85 प्रतिशत से अधिक अंक और ग्रेजुएट और पोस्टग्रजुएट में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की प्रतिभाओं का सम्मान किया जा रहा है। यह सम्मान खेल, कला, साहित्य और शिक्षा क्षेत्र में भागीदारी कर विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाली प्रतिभा दिया जाता है। इस वर्ष डॉ. वीणा सिन्हा, प्रीति खरे, ब्रजेश राजपूत और संजय मेहता को साहित्य सृजन, पत्रकारिता और अभिनय के क्षेत्र में सम्मानित किया गया है। खेल क्षेत्र से वाटर स्पोर्ट्स में आस्था मीणा सहित अन्य प्रतिभाओं सृष्टि गुप्ता, श्रेया मिश्रा, शिवान सिंह सिसौदिया को भी सम्मानित किया गया। शैलेंद्र निगम ने कार्यक्रम का संचालन किया।

     

  • मोहन यादव के भिंड दौरे की रूपरेखा बदली, लहार कार्यक्रम के बाद दंदरौआ धाम पहुंचेंगे मुख्यमंत्री

    मोहन यादव के भिंड दौरे की रूपरेखा बदली, लहार कार्यक्रम के बाद दंदरौआ धाम पहुंचेंगे मुख्यमंत्री

    ग्वालियर.

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भिंड दौरे के कार्यक्रम में देर रात संशोधन किया गया है। पहले लहार सम्मेलन के बाद सीधे ग्वालियर लौटने का कार्यक्रम था, लेकिन अब वे मेहगांव विधानसभा क्षेत्र स्थित दंदरौआ धाम भी जाएंगे।

    वहां हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद ग्वालियर रवाना होंगे। मुख्यमंत्री रविवार दोपहर 1:35 बजे हेलीकॉप्टर से लहार पहुंचेंगे। सबसे पहले वे लहार विधायक अम्बरीष शर्मा की माताजी स्वर्गीय अरुणा देवी के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वे नगर में रोड शो करते हुए भाटन लाल मैदान पहुंचेंगे, जहां लाड़ली बहना सम्मेलन में शामिल होकर योजना की 38वीं किस्त जारी करेंगे।

    संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री शाम 4.30 बजे लहार हेलीपैड से रवाना होकर दंदरौआ धाम पहुंचेंगे। वहां पूजा-अर्चना के बाद शाम 5.35 बजे ग्वालियर एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान करेंगे। जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है।

  • दतिया उपचुनाव में बदले नरोत्तम मिश्रा के तेवर, समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील।

    दतिया उपचुनाव में बदले नरोत्तम मिश्रा के तेवर, समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील।

    भोपल
    मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव हो रहे हैं. इन उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मध्य प्रदेश सरकार में कभी नंबर दो यानी गृह मंत्री रह चुके नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया है. बीजेपी ने नरोत्तम की जगह एक अन्य ब्राह्मण चेहरे आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है. पार्टी की ओर से यह ऐलान किए जाने के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थक भड़क उठे.

    दतिया उपचुनाव में टिकट कटने के बाद समर्थक हिंसक प्रोटेस्ट पर उतर आए. चर्चे नरोत्तम के निर्दलीय ही चुनाव मैदान में उतरने के भी होने लगे. शिवसेना (यूबीटी) ने तो यहां तक ऑफर दे दिया कि मशाल पर चुनाव लड़िए, उद्धव ठाकरे खुद प्रचार करने दतिया आएंगे. पिछले दो दिन से बनी असमंजस की स्थित के बीच नरोत्तम मिश्रा के सुर अब नरम पड़ते नजर आ रहे हैं.

    नरोत्तम मिश्रा ने शनिवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, मध्य प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल से मुलाकात की थी. अब नरोत्तम मिश्रा दिल्ली रवाना हो गए हैं. जानकारी के मुताबिक रविवार की सुबह नरोत्तम मिश्रा ने पहली फ्लाइट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी.

    चर्चा है कि दिल्ली में नरोत्तम मिश्रा बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात कर सकते हैं. नितिन नवीन के साथ उनकी मुलाकात के दौरान दतिया के हालिया घटनाक्रम पर चर्चा हो सकती है. एक दिन पहले सीएम मोहन यादव और पार्टी के अन्य प्रमुख नेताओं के साथ बैठक के बाद नरोत्तम मिश्रा के तेवर बदले नजर आ रहे हैं.

    उन्होंने संगठन को सर्वोपरि बताते हुए इस बात का ऐलान कर दिया कि वह दतिया सीट से बीजेपी उम्मीदवार आशीष तिवारी के नामांकन में शामिल रहेंगे. नरोत्तम मिश्रा ने मध्य प्रदेश बीजेपी के प्रमुख नेताओं से मुलाकात के बाद कहा कि बैठक में अच्छी चर्चा हुई. हमने दतिया में जीत सुनिश्चित करने को लेकर बातचीत की. उन्होंने दतिया में बीजेपी की जीत का विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा. अपने समर्थकों से कहा है कि धैर्य और शांति बनाए रखें. नरोत्तम मिश्रा ने यह भी कहा कि दतिया पहुंचकर आशुतोष तिवारी के नामांकन में मौजूद रहूंगा.

    वहीं, मध्य प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पार्टी ने आशुतोष तिवारी को टिकट दिया है. कुछ कार्यकर्ताओं ने इस्तीफे दिए हैं, लेकिन कोई इस्तीफा मुझे नहीं मिला है. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व ने तय किया है कि कोई भी इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाएगा. नरोत्तम मिश्रा को बीजेपी का वरिष्ठ नेता बताते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हम उनके ही मार्गदर्शन में चुनाव लड़ेंगे और बड़े अंतर से जीतेंगे.

    एमपी बीजेपी ने भी बयान जारी कर बैठक में चुनाव की तैयारियों और संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा की जानकारी दी. एमपी बीजेपी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बैठक में यह तय किया गया कि संगठन सबसे ऊपर है और बीजेपी के सभी कार्यकर्ता पार्टी के निर्णय के साथ मजबूती से खड़े हैं. कुछ कार्यकर्ताओं ने भावनाओं में आकर इस्तीफे दिए हैं, जिन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा. सभी मिलकर आशुतोष तिवारी को विजयी बनाने के लिए काम करेंगे.

    बैठक के बाद नरोत्तम मिश्रा के बयान में अच्छी चर्चा, धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा जैसे शब्दों का होना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि उनको सम्मानजनक तरीके से कहीं एडजस्ट करने का आश्वासन सरकार और संगठन की ओर से मिला है. इससे पहले, मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने उम्मीदवार बदलने के कयासों पर विराम लगाते हुए कहा था कि बीजेपी में इस तरह की परंपरा नहीं है.

    दतिया चैप्टर पर कांग्रेस ने घेरा
    वहीं, दतिया में बीजेपी उम्मीदवार के ऐलान के बाद घटनाक्रम पर विपक्षी कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है. मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कांग्रेस की जीत का दावा करते हुए कहा कि बीजेपी चुनाव हारने जा रही है. बीजेपी ने लोकतंत्र की हत्या के लिए कोर्ट का इस्तेमाल किया. उन्होंने भरोसा जताया कि दतिया की जनता कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को हटाने की साजिश का जवाब देगी.

    जीतू पटवारी ने दतिया में नरोत्तम समर्थकों के हिंसक प्रोटेस्ट को लेकर प्रशासन पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि जो जिलाधिकारी-पुलिस अधीक्षक कानून-व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे हैं, उन्हें हटाया जाना चाहिए. कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने भी तंज करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में बीजेपी बनाम बीजेपी की लड़ाई साफ दिखाई दे रही है. यह लोकतांत्रिक पार्टी नहीं है, जहां कार्यकर्ता अपनी बात रख सकें. असंतोष सड़कों पर दिखाई दे रहा है.

    दतिया में 30 जुलाई को उपचुनाव
    मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर 2023 के चुनाव में नरोत्तम मिश्रा को कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने हरा दिया था. राजेंद्र भारती को पिछले दिनों धोखाधड़ी के मामले में दोषसिद्धि के बाद विधानसभा की सदस्यता के अयोग्य ठहरा दिया गया था. राजेंद्र भारती की अयोग्यता के बाद रिक्त हुई दतिया सीट के लिए उपचुनाव हो रहे हैं. उपचुनाव में कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया है. मतदान 30 जुलाई को होगा और नतीजे 3 अगस्त को आने हैं.
     

  • दोपहिया वाहन से निकले CM डॉ. यादव, पैदल चलकर शहर की व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण

    दोपहिया वाहन से निकले CM डॉ. यादव, पैदल चलकर शहर की व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहर का भ्रमण दो पहिया वाहन और पैदल चल कर किया

    सिंहस्थ : 2028 के लिये चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर प्रगति का लिया जायजा
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जलेबी बनाई एवं लिया शाम की चाय का आनंद

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार की शाम उज्जैन पहुंचकर दो पहिया वाहन से एवं पैदल चलकर शहर का भ्रमण कर सिंहस्थ 2028 महापर्व के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वीआईपी गेस्ट हाउस देवास रोड़ से माधवनगर, टावर चौक होते हुए फ्रीगंज पहुंचे। फ्रीगंज ब्रिज के समानांतर बन रहे नए ब्रिज निर्माण कार्य का अवलोकन किया और सेतु विभाग के अधिकारियों से कार्य की अद्यतन प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कोयला फाटक से कंठाल चौराहे तक चल रहे मार्ग चौडीकरण कार्य का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों से उनकी कुशलक्षेम पूछकर निर्माणाधीन कार्यों के संबंध में चर्चा की। उन्होंने निजातपुरा पहुंचकर वहां चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया।   

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोयला फाटक से निजातपुरा तक पैदल भ्रमण किया और इस दौरान क्षेत्रीय रहवासियों से मिले और उनका अभिवादन स्वीकार किया। रहवासियों ने भी अपने सरल और सहज स्वभाव के मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अपने बीच पाकर आत्मीयता के साथ उनका स्वागत किया और अनौपचारिक विषयों पर बातचीत की। कंठाल चौराहे की प्रसिद्ध मिष्ठान्न भंडार की दुकान पर पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुकान संचालक की कुशलक्षेम पुछी। दुकान संचालक उस समय जलेबी बना रहे थे, उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से जलेबी बनाने का आग्रह किया। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहजता से उनका आग्रह स्वीकार करते हुए जलेबी बनाई और शाम की चाय का आनंद भी लिया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों में से कुछ पूर्ण होने वाले है और कुछ पूर्ण भी हो चुके है। आमजन में विकास कार्यों के प्रति संतोष है। कई कार्यों की काफी समय से आवश्यकता थी, वे प्रगतिरत है। आने वाले समय में निर्माण कार्यों की गति को और तेज किया जाएगा। भगवान महाकालेश्वर की सावन भादौ मास में निकलने वाली सवारी के प्रबंधन पर भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों से चर्चा की गई।

    भ्रमण में विधायक अनिल जैन कालूहेडा, संजय अग्रवाल, रवि सौलंकी, कलेक्टर रौशन कुमारसिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

     

  • मालवा के विकास का नया अध्याय, उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरिडोर बनेगा समृद्धि का द्वार

    मालवा के विकास का नया अध्याय, उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरिडोर बनेगा समृद्धि का द्वार

    मालवा की समृद्धि का नया द्वार बनेगा उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरीडोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    5,017 करोड़ से बनेगा 98.73 किमी लंबा ग्रीनफील्ड कॉरीडोर
    सिंहस्थ-2028 की तैयारियों की रफ्तार और बढ़ी
    फोरलेन कॉरीडोर एक हाइवे नहीं, क्षेत्र के समग्र विकास और अर्थव्यवस्था का बनेगा नया स्पीड ट्रैक
    दिसम्बर 2027 तक बनकर तैयार होगा उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरीडोर
    वर्तमान जावरा-उज्जैन मार्ग का किया जाएगा चौड़ीकरण
    रतलाम से फोरलेन से जुड़ेगा खाचरौद-नागदा
    खाचरौद में बनेगी मटर मंडी, खुलेगी फूड प्रोसेसिंग यूनिट भी
    अटलावदा-निनावटखेड़ा चंबल नदी पर बनाया जाएगा बांध
    नागदा में खुलेगा नया आईटीआई
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन प्रोजेक्ट का किया भूमि पूजन
    केंद्रीय विद्यालय नागदा सहित जन सेवा प्रहरी अभियान का किया शुभारंभ

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मालवा अपनी बोली की मिठास और उद्यमशीलता के लिए जाना जाता है। यह कर्मयोगियों और उद्यमियों की भूमि है। हम मालवा के विकास के लिए हर जरूरी प्रबंध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड कॉरीडोर प्रोजेक्ट क्षेत्रीय विकास, समृद्धि और विश्वास का नया मार्ग है। इससे उज्जैन, जावरा और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह कॉरीडोर केवल उज्जैन और रतलाम के लिए विकास का हाइवे नहीं, यह पूरे मालवा क्षेत्र के समग्र विकास और अर्थव्यवस्था का नया स्पीड ट्रैक बनेगा। इस कॉरीडोर से यात्री परिवहन सुगम होगा, यात्रा समय में कमी एवं भाड़ा लागत न्यूनतम हो जाने से लॉजिस्टिक्स को भी उल्लेखनीय गति मिलेगी, जिसका लाभ उद्योग, व्यापार, कृषि और पर्यटन सभी क्षेत्रों को प्राप्त होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को नागदा में उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरीडोर परियोजना के भूमि पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागदा में अस्थायी भवन में केंद्रीय विद्यालय के संचालन और सड़क सुरक्षा के जन-भागीदारी मॉडल के रूप में 'जन सेवा प्रहरी अभियान' का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन जिले में संचालित शासकीय योजनाओं के चयनित पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में यह कॉरीडोर एक महत्वपूर्ण परियोजना है। देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा के लिये बेहतर अधोसंरचना प्रबंधन करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह कॉरीडोर सिंहस्थ : 2028 से पहले (दिसम्बर 2027 तक) बनकर तैयार हो जाएगा।

    प्रमुख घोषणाएं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर उज्जैन-जावरा के मध्य वर्तमान सड़क मार्ग के चौड़ीकरण कार्य को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि नागदा और खाचरौद अब फोरलेन रोड से रतलाम शहर से कनेक्ट किया जाएगा। उन्होंने खाचरौद में नवीन मटर मंडी के लिए अतिरिक्त शासकीय भूमि देने और यहां एक फूड प्रोसेसिंग यूनिट भी लगाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागदा विधानसभा क्षेत्र में अटलावदा-निनावटखेड़ा चंबल नदी पर नया बांध बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने नागदा में नया आईटीआई केन्द्र खोलने की घोषणा भी की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक और विश्वस्तरीय अधोसंरचनात्मक के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बेहतर सड़क नेटवर्क से निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्राप्त होगी। उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन प्रोजेक्ट न केवल सिंहस्थ-2028 की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करेगी, बल्कि भविष्य में मालवा अंचल के विकास और प्रदेश की प्रगति का एक महत्वपूर्ण आधार भी सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यह कॉरीडोर क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखेगा। करीब 100 किलोमीटर लंबी इस परियोजना से यातायात की सुगमता के साथ औद्योगिकीकरण को भी नई रफ्तार मिलेगी। उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड कॉरिडोर पहले एक्सेस कंट्रोल्ड था, जिसे नॉन एक्सेस कंट्रोल किया गया है। उन्होंने कहा कि उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के आयोजन के लिए यह मार्ग सोने पर सुहागा जैसा होगा। विश्व स्तरीय सिंहस्थ मेले के दौरान राजस्थान, गुजरात और देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन प्रोजेक्ट अत्यंत सुगम और सुविधाजनक साबित होगा। उज्जैन क्षेत्र बदल रहा है। अब यहां साढ़े 8 करोड़ श्रद्धालु एक वर्ष में आ रहे हैं। राज्य सरकार ने 2 मेट्रोपोलिटन एरिया – इंदौर-उज्जैन-रतलाम और भोपाल-सीहोर-नर्मदापुरम घोषित कर इसमें डेवलपमेंट के काम भी शुरू कर दिए हैं। इसके बाद जबलपुर और ग्वालियर मेट्रोपोलिटन रीजन बनाने का काम प्रारंभ किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश सबसे अधिक रोजगार देने वाला राज्य भी बना है। मालवांचल के पीथमपुर और विक्रम उद्योगपुरी में विश्व के बड़े कारोबारी अपने उद्योग स्थापित करने के लिए आ रहे हैं। विकास की रफ्तार में अब चंबल अंचल भी पीछे नहीं है। मध्यप्रदेश की धरती पर देशभर में सबसे अधिक सीमेंट प्लांट स्थापित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा निर्धारित की गई GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) सहित हर वर्ग के कल्याण और उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हमारी सरकार काम कर रही है। राज्य सरकार ने GYAN में 2 और श्रेणियां शामिल की हैं- औद्योगिकीकरण और अधोसंरचनात्मक विकास। इसके सुखद परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस 2025) में 30 लाख करोड़ का अभूतपूर्व निवेश प्राप्त हुआ, जिसमें से अब तक 10 लाख करोड़ निवेश जमीन पर उतर चुका है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनकी समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। किसान फसल लगाएं, सरकार समुचित दाम दिलवाएगी। मालवांचल में मटर की प्रोसेसिंग यूनिट और उज्जैन में पेप्सिको के फूड इंडस्ट्री पार्क का भूमि पूजन किया गया है। प्रदेश के आलू उत्पादक किसानों को मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों के समान भाव बहुत जल्द उज्जैन में पेप्सिको के जरिए मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने कोई नया कर (टैक्स) नहीं बढ़ाते हुए भी 4.38 लाख करोड़ रुपए का बजट पारित किया है। हमने लाड़ली बहनों के लिए प्रतिमाह 1500 रुपए का प्रावधान किया है। रक्षाबंधन से पहले जल्द ही बहनों को जुलाई माह की राशि भी मिलेगी। राज्य सरकार ने अब तक लाड़ली बहनों को 60 हजार करोड़ रूपए से अधिक की आर्थिक सहायता दी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागदा में डेढ़ साल पहले की गई इस सड़क निर्माण घोषणा को पूरा करते हुए आज इसका भूमि पूजन किया है। यह परियोजना दिसंबर 2027 तक पूरी होगी और इसका भव्य लोकार्पण भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-पीथमपुर ग्रीनफील्ड इकोनॉमिक कॉरीडोर से भी क्षेत्र की दिशा बदल जाएगी। इस कॉरिडोर से किसानों, व्यापारियों और आम लोगों को लाभ मिलेगा। मालवा को नई-नई सड़क परियोजनाओं की सौगात मिल रही है। सिंहस्थ में 30 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसी के दृष्टिगत आवागमन की बेहतर सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उज्जैन में शिप्रा के 30 किलोमीटर लंबे स्नान घाटों का निर्माण किया जा रहा है। इंदौर से उज्जैन तक मेट्रो ट्रेन भी जल्द ही आएगी। नई रेलवे लाइनों से नागदा दो रूट से दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग से जुड़ेगा। उन्होंने कहा कि उज्जैन संभाग देश का मध्य बिंदु है, बहुत जल्द यहां एक नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सौगात भी मिलेगी।

    कर्नाटक के राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत ने कहा कि उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड कॉरिडोर आगामी सिंहस्थ 2028 से पहले बनकर पूर्ण होगी। आज उज्जैन जिला प्रशासन के द्वारा जनसेवा प्रहरी की शुरुआत की गई है। यह एक सराहनीय पहल है। नागदा में खुले इस नए केंद्रीय विद्यालय में 30 जुलाई से कक्षाएं भी प्रारंभ हो जाएंगी। इसमें केंद्रीय कर्मचारियों के साथ-साथ अन्य लोग भी अपने बच्चों को प्रवेश दिला सकते हैं।

    उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि उज्जैन-जावरा के बीच नई सड़क की मांग लंबे समय से की जा रही थी। यह ग्रीन फील्ड फोरलेन मार्ग से उज्जैन को दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधा संपर्क मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागदा को नए पीएमविद्यालय की भी सौगात दी है।

    नागदा-खाचरौद विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डेढ़ वर्ष में अपनी घोषणा को पूरा करते हुए उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड कॉरिडोर प्रोजेक्ट की नींव रखी है। यह परियोजना क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से नागदा-खाचरौद को मिलाकर नया जिला बनाने की मांग की।

    उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरीडोर प्रोजेक्ट का भूमि पूजन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीन फील्ड फोरलेन मार्ग से उज्जैन को दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधा और तेज संपर्क मिलेगा। साथ ही यह परियोजना क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक और कृषि विकास को नई गति प्रदान करेगी। लगभग 5,017 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 98.73 किलोमीटर लंबा यह कॉरीडोर मध्यप्रदेश की सड़क अधोसंरचना को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। साथ ही प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का नया आधार भी बनेगा। इससे उज्जैन जिले के 50 गांव और रतलाम जिले के 12 गांव लाभान्वित होंगे। इस कॉरीडोर से उज्जैन, घट्टिया, नागदा-खाचरौद, आलोट और जावरा के विकास को गति मिलेगी। साथ ही क्षेत्र के करीब 35 लाख नागरिकों को इसका लाभ मिलेगा। इस कॉरीडोर में 7 फ्लाई ओवर, 3 रेल ओवरब्रिज, 8 बड़े पुल, 22 मध्यम पुल, 36 अंडरपास, 2 ओवरपास तथा 430 पुलियाओं का निर्माण किया जाएगा।

    नागदा में अस्थायी भवन में केन्द्रीय विद्यालय का शुभारंभ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतत् प्रयासों के बाद नागदा में केंद्रीय विद्यालय के स्थायी परिसर के निर्माण की मंजूरी मिल गई है। अभी यह विद्यालय एक प्रायवेट कॉलेज के अस्थायी भवन में शुरू हो रहा है। अभी यहां पहली से पांचवीं कक्षा संचालित होंगी। राज्य सरकार ने इस विद्यालय के स्थायी परिसर के निर्माण के लिए 2.01 हैक्टेयर भूमि प्रदान की। इसमें प्राथमिक स्तर पर कुल 200 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। शिक्षा का अधिकार कानून के तहत यहां एक-चौथाई यानी 50 सीटें आरक्षित रहेंगी। केंद्रीय विद्यालय में विद्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है।

    जन सेवा प्रहरी अभियान का शुभारंभ

    इस अभियान का उद्देश्य दुर्घटना होने के बाद के पहले 60 मिनट (गोल्डन ऑवर) में तत्काल प्राथमिक उपचार देकर घायल व्यक्ति की जान बचाना है। इसके लिए दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स पर मौजूद स्थानीय दुकानदारों, ढ़ाबा व पेट्रोल पंप कर्मियों को प्रहरी बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य, पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा इन प्रहरियों को फर्स्ट एड किट, सीपीआर देने और कानूनी अधिकारों का भी निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सड़क सुरक्षा में जनभागीदारी बढ़ाते हुए अब तक क्षेत्र के 1,549 स्वयं सेवकों ने अपना पंजीयन कराया है। इनमें से 155 को जन सेवा प्रहरी होने का प्रमाण-पत्र भी वितरित कर दिए गए हैं। विगत 28 मई 2026 को उज्जैन जिले के खरसौद खुर्द में जन सेवा प्रहरियों द्वारा तीन घायलों को त्वरित उपचार व अस्पताल पहुंचाकर उनकी जीवनरक्षा की।

    कार्यक्रम में कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, राज्य सभा सांसद महंत बाल योगी उमेशनाथ, विधायक घट्टिया सतीश मालवीय, विधायक बड़नगर जितेन्द्र पण्ड्या, विधायक जावरा डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय, एमपी हाऊसिंग बोर्ड के चेयरमेन ओम जैन, महापौर उज्जैन मुकेश टटवाल, जिलाध्यक्ष राजेश धाकड़, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

     

  • सारंगपुर का स्वदेशी पावर ट्रांसफार्मर: 50 साल से बिजली व्यवस्था की मजबूत रीढ़, आज भी कायम है भरोसा

    सारंगपुर का स्वदेशी पावर ट्रांसफार्मर: 50 साल से बिजली व्यवस्था की मजबूत रीढ़, आज भी कायम है भरोसा

    50 वर्षों से प्रदेश की धड़कन: समय को मात देने वाला सारंगपुर का स्वदेशी पॉवर ट्रांसफार्मर

    भोपाल

    मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के राजगढ़ जिले के सारंगपुर स्थि‍त सब-स्टेशन में भारत की सरकारी कंपनी एनजीईएफ (न्यू गवर्नमेंट इलेक्ट्रिक फैक्‍ट्री) द्वारा 1976 का निर्मित 20 एमवीए क्षमता का एक पावर ट्रांसफार्मर आज केवल विद्युत उपकरण नहीं, बल्कि मालवा क्षेत्र के विकास, तकनीकी उत्कृष्टता और समर्पित रखरखाव की एक जीवंत मिसाल बन चुका है। वर्ष 1976 में पहली बार ऊर्जीकृत हुआ यह ट्रांसफार्मर पिछले 50 वर्षों से प्रदेश के औद्योगिक, कृषि एवं घरेलू उपभोक्ताओं को निरंतर और विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति कर रहा है।

    आधी शताब्दी की अपनी गौरवशाली यात्रा में इस ट्रांसफार्मर ने मौसम, तकनीक, विभिन्न क्षेत्र और विद्युत तंत्र के अनेक बदलाव देखे हैं, लेकिन सत्तर के दशक में निर्मित इसकी उच्च गुणवत्ता और मजबूत अभिकल्पना के कारण इसकी कार्यक्षमता एवं विश्वसनीयता आज भी उल्लेखनीय बनी हुई है। यह उस दौर का साक्षी है जब मालवा क्षेत्र औद्योगिक विकास की गति तेज हो रही है, यह आज भी उसी निष्ठा के साथ विकास की ऊर्जा का आधार बना हुआ है।

    संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग का प्रेरक उदाहरण

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि आज जब ऊर्जा क्षेत्र में उपयोग में आने वाले उपकरणों और तेजी से बदलती तकनीकों के बीच संसाधनों के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है, तब सारंगपुर का यह ट्रांसफार्मर एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आता है। यह केवल लोहे, तांबे और तेल से निर्मित मशीन नहीं, बल्कि उन हजारों अभियंताओं, तकनीशियनों और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता का प्रतीक है जिन्होंने पांच दशकों तक इसकी कार्यक्षमता और विश्वसनीयता को बनाए रखा।

    निर्धारित आयु से दोगुनी सेवा दे रहा है ट्रांसफार्मर

    विद्युत क्षेत्र के मानकों के अनुसार किसी पॉवर ट्रांसफार्मर की सामान्य उपयोगी आयु लगभग 25 वर्ष मानी जाती है। इसके विपरीत सारंगपुर का यह ट्रांसफार्मर अपनी निर्धारित आयु से दोगुना अर्थात 50 वर्षों तक सफलतापूर्वक सेवा प्रदान कर रहा है, जो अपने आप में एक उल्लेखनीय तकनीकी उपलब्धि है।

    सरकारी क्षेत्र का प्रतिष्ठित उपक्रम था एनजीईएफ

    इस ट्रांसफार्मर का निर्माण एनजीईएफ (न्यू गवर्नमेंट इलेक्ट्रिकल फैक्ट्री) द्वारा किया गया था। कर्नाटक सरकार ने वर्ष 1956 में बेंगलुरु में इस सरकारी उपक्रम की स्थापना की थी। जर्मनी की एईजी कंपनी के तकनीकी सहयोग से प्रारंभ हुए इस उपक्रम ने देश और विदेश में अनेक बड़े पावर ट्रांसफार्मरों की सफल आपूर्ति की। लगभग 46 वर्षों तक उत्कृष्ट श्रेणी के विद्युत उपकरणों का निर्माण करने के बाद वर्ष 2002 में यह उपक्रम बंद हो गया।

    विद्युत कंपनियों के समन्वित रखरखाव का परिणाम

    इस असाधारण सफलता के पीछे तत्कालीन मध्यप्रदेश विद्युत मंडल, मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मंडल तथा वर्तमान एमपी ट्रांसको के अभियंताओं एवं तकनीकी कर्मचारियों की दशकों की मेहनत, दूरदर्शिता और प्रभावी रखरखाव नीति रही है। नियमित परीक्षण, समयबद्ध मेंटेनेंस, संतुलित लोड प्रबंधन तथा तकनीकी मानकों के कठोर अनुपालन ने इस ट्रांसफार्मर को निरंतर सक्षम बनाए रखा।

    इसके साथ ही विद्युत वितरण कंपनी द्वारा संबंधित फीडरों के उत्कृष्ट रखरखाव ने भी इसकी लंबी आयु सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाह्य फाल्ट और नेटवर्क व्यवधानों को न्यूनतम रखने के प्रयासों से ट्रांसफार्मर पर पड़ने वाले विद्युत एवं यांत्रिक तनाव में कमी आई, जिससे इसकी विश्वसनीयता और सेवा अवधि दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

    मालवा की ऊर्जा गाथा का स्वर्णिम अध्याय

    सारंगपुर का यह ट्रांसफार्मर केवल बिजली उपलब्ध नहीं करा रहा, बल्कि यह सिद्ध कर रहा है कि समर्पित रखरखाव, तकनीकी उत्कृष्टता और कर्मनिष्ठा के बल पर किसी भी संसाधन की उपयोगिता और सेवा अवधि को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया जा सकता है। यह मालवा की ऊर्जा गाथा का एक स्वर्णिम अध्याय है, जो आने वाली पीढ़ियों के अभियंताओं को प्रेरित करता रहेगा।

    एमपी ट्रांसको नेटवर्क में आज भी क्रियाशील हैं एनजीईएफ के 20 ट्रांसफार्मर

    एमपी ट्रांसको के नेटवर्क में वर्तमान में एनजीईएफ द्वारा निर्मित कुल 20 ट्रांसफार्मर क्रियाशील हैं। इनमें एक 160 एमवीए क्षमता का, पांच 40 एमवीए क्षमता के तथा 14 ट्रांसफार्मर 20 एमवीए क्षमता के हैं। ये सभी ट्रांसफार्मर 30 से 50 वर्ष तक की सफल सेवा दे चुके हैं और आज भी प्रदेश की विद्युत व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।