Category: मध्य प्रदेश

  • मध्य प्रदेश पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार, पर्यटन बोर्ड और टाटा स्ट्राइव ने किया समझौता

    मध्य प्रदेश पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार, पर्यटन बोर्ड और टाटा स्ट्राइव ने किया समझौता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की गरिमामयी उपस्थिति में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड और टाटा स्ट्राइव के मध्य हुआ एमओयू

    स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओ के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर होंगे सृजित
    पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में युवाओं व होम-स्टे संचालकों का होगा कौशल उन्नयन

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड और टाटा स्ट्राइव के मध्य 2 वर्ष की अवधि के लिए एक महत्वपूर्ण एमओयू निष्पादित किया गया है। इसे आवश्यकतानुसार पारस्परिक सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा। एमओयू पर मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की ओर से डायरेक्टर (कौशल) डी.पी. सिंह और टाटा स्ट्राइव की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमेया वंजारी ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सचिव पर्यटन एवं प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैयाराजा टी उपस्थित रहे।

    इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के ग्रामीण होमस्टे संचालकों की आय में वृद्धि करना, विश्वस्तरीय आतिथ्य मानकों के अनुरूप सेवाएं विकसित करना तथा स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर निर्मित करना है।

    साझेदारी के प्राथमिक हितग्राही ग्रामीण होम-स्टे संचालक, स्थानीय युवा और पर्यटन सेवा प्रदाता होंगे। इस समझौते से पर्यटन निगम के होटलों और निजी क्षेत्र के अन्य होटलों के लिए कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा। एमओयू से स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं को आतिथ्य एवं पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार व स्वरोजगार निर्मित करने में मदद मिलेगी। इससे प्रदेश का ग्रामीण पर्यटन इको सिस्टम और अधिक मजबूत होगा।

    एमओयू के प्रथम चरण में ग्रामीण पर्यटन एवं होम-स्टे इको सिस्टम के लगभग 1,000 हितग्राहियों को 'पूर्व अधिगम की मान्यता' और अपस्किलिंग (कौशल उन्नयन) का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके तहत होम-स्टे संचालन, डिजिटल बुकिंग व ओटीए प्लेटफॉर्म्स का उपयोग, फ्रंट ऑफिस, हाउसकीपिंग, स्थानीय व्यंजन, फूड एंड बेवरेज, गाइडिंग, सुरक्षा, स्वच्छता, सतत पर्यटन और राजस्व प्रबंधन जैसे व्यावहारिक विषयों को शामिल किया गया है। आगामी चरणों में एमपी स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कार्पोरेशन की होटल एवं रिसॉर्ट स्टॉफ हेतु रिफ्रेशर प्रशिक्षण तथा राज्य के युवाओं का आतिथ्य क्षेत्र में कौशल विकास किया जाएगा।

    बोर्ड वित्तीय दृष्टिकोण से यह अनुबंध राज्य सरकार के लिए अत्यधिक लाभकारी है, क्योंकि एमपी टूरिज्म बोर्ड द्वारा टाटा स्ट्राइव को प्रशिक्षण संचालन हेतु किसी भी राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा। प्रशिक्षकों की उपलब्धता, उनका मानदेय तथा प्रशिक्षण मॉड्यूल के विकास का संपूर्ण व्यय टाटा स्ट्राइव द्वारा वहन किया जाएगा, जबकि एमपी टूरिज्म बोर्ड केवल प्रशिक्षण स्थल और प्रशिक्षकों व प्रशिक्षुओं के लिए आवास एवं भोजन की सुविधा उपलब्ध कराएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत सभी सफल हितग्राहियों को आईएचसीएल-टाटा स्ट्राइव एवं एमपी टूरिज्म बोर्ड द्वारा संयुक्त रूप से उद्योग-मान्यता प्राप्त प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी व्यावसायिक साख और स्वरोजगार की क्षमताओं में वृद्धि होगी।

  • CM मोहन यादव बोले- ढाई वर्ष में अनेक बड़ी परियोजनाओं को मिली मंजूरी, विकास को मिली नई रफ्तार

    CM मोहन यादव बोले- ढाई वर्ष में अनेक बड़ी परियोजनाओं को मिली मंजूरी, विकास को मिली नई रफ्तार

    ढाई वर्ष में मंजूर हुई हैं अनेक वृहद परियोजनाएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गत ढाई वर्ष में राज्य हित में अनेक परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। इनमें केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल जैसी अंतर्राज्जीय नदी जोड़ो परियोजनाएं भी शामिल हैं। उद्योगों के लिए निवेश बढ़ा है। किसानों के हित में महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। शिवपुरी में डिफेंस कॉरीडोर और  ग्वालियर में टेलीकॉम जोन की स्वीकृति हुई है। पदोन्नतियों और भर्तियों के कार्य, समान नागरिक संहिता विधेयक पारित करने, वन्य प्राणी संरक्षण, नवकरणीय ऊर्जा, पर्यटन विकास के भी अहम कार्य हुए हैं। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जो साहस विनम्रता और सहनशीलता के गुणों के साथ राष्ट्र के सभी क्षेत्रों में विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं, हमारे आदर्श हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव होटल ताज लेकफ्रंट में टीवी चैनल न्यूज 18 द्वारा लिए गए साक्षात्कार में प्रश्नों के उत्तर दे रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक व्यक्ति वार्षिक आय एक लाख 69 हजार हो गई है। गत ढाई वर्ष में विकास के अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। प्रदेश का बजट पांच वर्ष में दुगुना होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की भारत युवाओं का देश है। प्रधानमंत्री मोदी ने युवा वर्ग की भावनाओं का सम्मान करते हुए परीक्षाओं और रोजगार के मामालों में फास्ट ट्रेक कोर्ट बनाने का निर्णय लिया। इस तारतम्य में मध्यप्रदेश ने तत्परता से चार बड़े नगरों में इस तरह के फास्ट ट्रेक कोर्ट बनाने की आवश्यक कार्यवाही पूरी की गई।  

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में औद्योगिक विकास की चर्चा करते हुए कहा कि हमारे युवा नौकरी पाने वाले नहीं देने वाले बनें, इस नाते उद्यमशीलता को बढ़ावा दिया जा रहा है। बड़े उद्योगों की स्थापना के लिए नई नीतियों का निर्माण किया गया। निजी क्षेत्र को उद्योगों के लिए श्रमिक और वेतन सहयोग देने की व्यवस्था भी बनाई गई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया गुरूजन का सम्मान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  इस विशेष साक्षात्कार के दौरान स्वयं के विद्यार्थी जीवन, नाटकों में अभिनय, अध्ययन में रूचि और गुरूजन से प्राप्त मार्गदर्शन के बारे में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ.  यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित अपने गुरु गोपाल शर्मा और पद्मभगवती लाल राजपुरोहित का अभिवादन किया और उनका अंगवस्त्र से सम्मान भी किया। टीवी चैनल की ओर से एमडी ज्योति कमल ने साक्षात्कार लेने के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार  राम तिवारी, आयुक्त जनसम्पर्क मनीष सिंह, विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।  

     

  • CM मोहन यादव हुए बेटियों की खास कैबिनेट से प्रभावित, AI के बेहतर उपयोग पर दिए अहम सुझाव

    CM मोहन यादव हुए बेटियों की खास कैबिनेट से प्रभावित, AI के बेहतर उपयोग पर दिए अहम सुझाव

    बेटियों की खास कैबिनेट से मिलकर गदगद हुए डॉ. मोहन यादव, बताया कितना और कैसे इस्तेमाल करें AI

    – कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में आयोजित हुआ कार्यक्रम
    – ' किताब से कल तक' कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव ने छात्राओं के साथ किया संवाद
    – छात्राओं के मंत्रि-मंडल को मुख्यमंत्री ने बैठाया मंच पर, समझी पूरी कार्यवाही
    – सीएम डॉ. यादव ने शिक्षकों के साथ भी किया संवाद, साझा किए विचार

    भोपाल
     मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अपनी कैबिनेट है। लेकिन, 5 अगस्त को उनका परिचय एक और खास कैबिनेट से हुआ। यह कैबिनेट थी भोपाल के कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय की। इस कैबिनेट से मिलकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव गदगद हो गए। उन्होंने बाकायदा स्कूल की कैबिनेट को मंच पर अपने पास बैठाया और कार्रवाई को समझा। एक तरफ उन्होंने छात्राओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी, तो दूसरी ओर उनके संवाद से भी नया अनुभव लिया। दरअसल, स्कूल में 'किताब से कल तक' कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव ने छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने छात्राओं को बताया कि वे एआई का कितना और कैसे इस्तेमाल करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्राओं को सड़क पर घायल राहगीरों की सहायता करने का संदेश दिया। छात्राओं के बाद सीएम डॉ. यादव ने शिक्षकों से भी संवाद कर विचार साझा किए। 

    इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय के परिसर में मैं आप सभी का स्वागत करता हूं। मैं आपका भाई हूं। मैं भी सरकारी स्कूल से ही पढ़ा हूं। हां, इतने अच्छे स्कूल से नहीं पढ़ा हूं। हमारे समय स्कूल अलग प्रकार के होते थे। आप सभी भाग्यशाली हैं जो आपको इतना सुंदर परिसर पढ़ने के लिए मिला है। परमात्मा ने आप पर विशेष कृपा करके आपका जन्म थोड़ी देर से किया, ताकि आप अच्छे स्कूल में पढ़ सकें। मैं सभी का अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा कि भारत की विशेषता है कि उसे दुनिया में बहुत मान-सम्मान मिलता है। भारत को लोग आदर से देखते हैं। भारत का संधि विच्छेद करें तो भा का अर्थ है जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाए और रत का मतलब है लीन। जो अंधेरे से प्रकाश की ओर ले जाने में लीन है उसे कहते हैं भारत। इसी तरह गुरु शब्द का भी अर्थ है। भारत के संस्कारयुक्त जीवन के कारण उसे सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। हमें संस्कार संस्कृति से मिलते हैं। हमारी संस्कृति जियो और जीने दो की है, वसुधैव कुटुंबकम की संस्कृति है। हम अपना जीवन सभी के भले में लगाएं। उन्होंने कहा कि भारत ने ऋषि-मुनियों के मार्गदर्शन में अच्छी व्यवस्था खड़ी की। हम अपनी शिक्षा व्यवस्था पर गर्व कर सकते हैं। कई देश हैं जो धन संग्रह करना जानते हैं , लेकिन इस ज्यादा संग्रह से वे लंबे समय तक टिके नहीं रह सकते। देश लंबा चलता है मूल संस्कारों से, हमारी अच्छाइयों से। 

    कैबिनेट के सदस्यों से मिले सीएम डॉ. यादव
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूछा कि मैं यहां आया तो मुझे पता चला कि स्कूल में छात्राओं की कैबिनेट भी है। उन्होंने स्कूल कैबिनेट के सदस्यों को मंच बुलाया और सबका परिचय लिया। 12वीं क्लास की शिवानी ने सीएम डॉ. यादव को बताया कि मैं स्कूल की स्पोर्ट्स मिनिस्टर हूं। मैं स्पोर्ट्स पसंद करने वाले बच्चों के मन की बात शिक्षकों को बताती हूं। 12वीं कक्षा की सपना गिरी ने बताया कि मैं कल्चरल मिनिस्टर हूं। स्कूल में जितने सांस्कृतिक प्रोग्राम होते हैं, मैं उन्हें देखती हूं। 11वीं क्लास की दीपिका परते ने बताया कि मेरा काम अनुशासन बनाकर रखना है। मेरा काम छात्रों को सही मार्ग दिखाना है। शालिनी परतेले ने बताया कि मैं डिसिप्लीन मिनिस्टर हूं। मैं स्कूल का अनुशासन बनाए रखती हूं। ये सुनकर सीएम डॉ. मोहन यादव मुस्कुराए। उन्होंने कहा कि अनुशासन बनाने वाले के प्रति लोग नाराज रहते हैं। इस पर शालिनी ने जब कहा कि सारे बच्चे अच्छे हैं तो सीएम डॉ. यादव हंस पड़े। स्कूल की कैबिनेट मेंबर स्नेहा ने बताया मैं स्कूल की हैड गर्ल हूं। मैं कैबिनेट के काम के साथ-साथ स्कूल की व्यवस्थाओं को भी देखती हूं। डिप्टी हैड गर्ल सालेह खान ने बताया कि मैं स्कूल की व्यवस्था में हाथ बंटाती हूं। सेक्रेटरी भावना पाठे ने बताया कि मैं सीनियर्स की मदद करती हूं, जो काम बताया जाता है वो करती हूं। स्कूल की कैबिनेट ने बताया कि वे महीने में एक बार टीचरों के साथ मीटिंग करती है। ये कैबिनेट एक साल के लिए बनती है। बच्चे वोट देते हैं। जैसे चुनाव होते हैं, वैसे ही यहां कैबिनेट बनती है। बाकायदा कैंपेंनिंग होती है। कैबिनेट पूरे साल का कैलेंडर बनता है। और, अगर कोई खराब काम करता है उसे हटा भी दिया जाता है। 

    इतना खास है यह स्कूल
    स्कूल टीचर शिवानी शर्मा ने बताया कि वर्ष 1958 में स्थापित कमला नेहरू कन्या शासकीय विद्यालय अब मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहयोग से सांदीपनि विद्यालय के रूप में स्थापित हो चुका है। यहां नर्सरी से कक्षा 12वीं तक 1800 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं। सांदीपनि विद्यालय में इन्हें सर्व सुविधायुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। यहां विज्ञान, वाणिज्य और कला सहित अन्य पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्राओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय में स्मार्ट क्लासेस, कंप्यूटर लैब, गणित प्रयोगशाला, लाइब्रेरी है। स्कूल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से क्लासेस का संचालन होता है। कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय को हरित विद्यालय श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर नामित किया गया है। राज्य स्तर पर स्कूल सर्टिफिकेशन में विद्यालय को सिल्वर अवॉर्ड मिला है। बोर्ड परीक्षाओं में परिणाम शत प्रतिशत रहा है। विद्यालय में कैबिनेट गठित करने के लिए ईवीएम ऐप से चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराते हैं। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी चुनाव के लिए नामांकन करते हैं और 8 से 12वीं तक के विद्यार्थी वोटिंग करते हैं। 

    अपना दिमाग जरूर लगाएं
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय देश के सबसे अच्छे विद्यालय हैं। कमला नेहरू स्कूल के 58 बच्चे मेरिट में उत्तीर्ण हुए हैं, यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है। आज निजी विद्यालयों के बच्चे भी सांदीपनि विद्यालयों में आने के लिए लालायित हैं। बच्चे पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर, सेना में अफसर बनें। विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में भी आगे बढ़ने की आवश्यकता है। अगर देश के लोकतंत्र को जीवित रखना है तो राजनीति में भी आने पड़ेगा। युवा शिक्षित होकर कृषि, पशुपालन और फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से आगे बढ़ें। देश और प्रदेश को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाएं। राज्य सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाएं तैयार की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्राओं से पूछा- किताब से कल तक विषय का क्या अर्थ है? छात्रा एकता राजौरिया ने बताया कि किताब से कल तक अर्थ है कि आज बच्चे जो कुछ पढ़ रहे हैं, उसका जीवन में क्या महत्व है। आज हम जो पढ़ रहे हैं, वहीं भविष्य को साकार बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सिलेबल की पढ़ाई केवल पाठ्यक्रम के लिए आवश्यक है। छात्रा प्रिंसी वर्मा ने उनसे पूछा- क्या आप चैटजीपीटी का प्रयोग करते हैं, यदि हां तो क्या सर्च करते हैं? इस पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मैं किसी कार्यक्रम के विषय पर वर्तमान परिदृश्य में क्या नई चीजें हैं, उन्हें सर्च करता हूं। जो हमें अपने भाषण में शामिल करना चाहिए। लेकिन चैटजीपीटी हो या ग्रोक्स, जिसने भी एआई टूल्स हों, ये आखिरी नहीं है। एआई का उपयोग करें, लेकिन स्वयं का दिमाग लगाएं और आंकड़ों को क्रॉस चेक जरूर करें।

    भाई-बहनों को पढ़ने के लिए करें प्रेरित
    छात्रा लारा खत्री ने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या आप इंस्टाग्राम यूज करते हैं और किसे फॉलो करते हैं? इस पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि सोशल मीडिया के जमाने में हर राजनेता को वर्तमान जरूरतों के साथ चलना पड़ता है। इंस्टाग्राम भी हमें इस्तेमाल करना पड़ता है। मैं पीएम सर को फॉलो करता हूं। छात्रा एकता राजौरिया ने पूछा कि सिलेबस के साथ और कौनसी पुस्तकें पढ़ें, जो हमारे सामान्य ज्ञान को बढ़ाएं? सीएम डॉ. यादव ने कहा कि पाठ्यक्रम पाठ्यक्रम की पढ़ाई के अलावा हमें अपने जीवन का लक्ष्य तय करके आगे बढ़ना चाहिए। टारगेट से जुड़े विषयों के अध्ययन पर ध्यान देना चाहिए। ईश्वर ने हमें विशेष गुण दिया है कि जो जैसा सोचता है, वैसा बन जाता है। मैंने नौकरी नहीं की, खेती की और व्यवसाय किया। बेटी को डॉक्टर बनाया। अपने छोटे भाई-बहनों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। छात्रा अयोध्या- आपने डॉक्टरेट (पीएचडी) तक की पढ़ाई और खेल विधा में पारंगत होने के लिए कैसे बैलेंस किया? मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थी अपने पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ-साथ खेलों के लिए भी समय निकालें। अपनी दिनभर की दिनचर्या निर्धारित करें। इसमें खेलकूद के लिए भी टाइम दें। सोच-विचार के लिए थोड़ा खाली समय भी निकालें। मैं सीएम हाउस में रहते हुए भी नियमित स्वाध्याय करता हूं। डायरी लिखता हूं और आगे करने वाले कार्यों की लिस्ट बनाता हूं। पिछले कार्यों का मूल्यांकन भी करता हूं। जब मैं उज्जैन विकास प्राधिकरण का चेयरमैन बन गया, तब भी राजनीति शास्त्र में एमए किया। उसके बाद इसी विषय में पीएचडी भी कर ली। मैं पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन रखते एमबीए भी किया। जीवन में पढ़ाई का दौर चलता रहना चाहिए। पढ़ने के लिए सिर्फ डिग्री जरूरी नहीं है, बल्कि यह मन की जिज्ञासा को शांत करने के लिए होनी चाहिए। अध्ययन के लिए जीवन में अनुशासन की भी आवश्यकता होती है। लोगों के सामने अपने ज्ञान के प्रदर्शन का तरीका व्यक्तित्व को निखारता है।

    इस तरह कम करें तनाव
    छात्रा आकांक्षा ने पूछा कि आप तनाव को हैंडिल करने के लिए क्या करते हैं? इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम जिस स्थिति में हो, अपने मन को पहले से तैयार कर लें। मैं संगीत सुनता हूं, योग और व्यायाम भी करता हूं। तनाव कम करने के लिए दिन के साथ रात में नींद का भी समय निर्धारित करें। छात्रा निकिता कटारा ने पूछा कि आपने इतने सुंदर विद्यालयों के नाम सांदीपनि क्यों रखा? मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता हुई। मित्रता को जीवनभर निभाना चाहिए। महर्षि सांदीपनि आश्रम के नाम पर ऐसे विद्यालयों के नाम रखे गए हैं। छात्रा शालिनी पटेल ने पूछा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आपको क्या प्रेरणा मिलती है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिना थके, निरंतर समाज हित में काम करते रहें और नई तकनीक को इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटना चाहिए।

    शिक्षकों के साथ हुआ आत्मीय संवाद
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षकों से भी आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कहा कि हमारे विद्यार्थी पढ़-लिखकर उन्नत खेती करें, राजनीति में आएं, सैनिक बनकर देश सेवा करें। व्यवसाय शुरू कर स्वावलंबी बनें, दूसरों को भी रोजगार प्रदान करें। इन सभी कार्यों के लिए शिक्षक उन्हें प्रेरित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षकों से हल्के अंदाज में विज्ञान के रहस्यों और पारिवारिक जीवन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यत पिंडे तत ब्राह्मांडे, जैसा हमारा शरीर है, वैसा ही ब्रह्मांडे। व्यक्ति को प्रत्येक सांस के साथ जीवन मिलता है। हमारा पिंड हर पल बदलता है। उज्जैन में वैधशाला पर तो परछाई भी साथ छोड़ देती है।  एक शिक्षिका ने बताया कि सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में कक्षाओं की शुरुआत आत्मीयता के साथ खुशनुमा माहौल में होती है। बच्चों को समूह में एक्टिविटी करवाई जाती है। शिक्षकों के प्रयास से विद्यालयों में सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ है।

  • एनआईटीटीटीआर और उच्च शिक्षा विभाग (म.प्र) के बीच एमओयू

    एनआईटीटीटीआर और उच्च शिक्षा विभाग (म.प्र) के बीच एमओयू

    भोपाल
    राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (निटर), भोपाल एवं मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के मध्य उच्च शिक्षा संस्थानों में शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक दक्षता तथा विद्यार्थियों की रोजगारपरक क्षमताओं के विकास के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता ज्ञापन माननीय राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल जी, माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी एवं माननीय उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार जी की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।

    इस समझौते के माध्यम से निटर, भोपाल एवं उच्च शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में शिक्षकों, प्रशासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के क्षमता निर्माण के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करेंगे। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), परिणाम-आधारित शिक्षा, शोध पद्धति, आधुनिक शिक्षण तकनीकों, ई-गवर्नेंस, कार्यालय स्वचालन, प्रबंधन सूचना प्रणाली तथा डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देना है। एनआईटीटीआर भोपाल के निदेशक प्रो. त्रिपाठी ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षकों एवं शैक्षणिक प्रशासकों का सतत व्यावसायिक विकास समय की आवश्यकता है। निटर, भोपाल अपनी विशेषज्ञता, संसाधनों एवं अनुभव के माध्यम से उच्च शिक्षा विभाग के साथ मिलकर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित निरंतर कर रहा है, जो मध्य प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को गुणवत्ता, नवाचार और उत्कृष्टता के नए आयाम प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    निटर भोपाल के मध्यप्रदेश समन्वयक डॉ. पी.के. पुरोहित ने कहा कि मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के साथ यह समझौता राज्य की उच्च शिक्षा प्रणाली को अधिक सुदृढ़, गुणवत्तापूर्ण एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। निटर, भोपाल पिछले कई वर्षों से मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के साथ सतत रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन कर रहा है। निटर भोपाल द्वारा अब तक 100 से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से लगभग 3500 से अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें प्राचार्य, प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल, प्रयोगशाला तकनीशियन, विद्यार्थी तथा अन्य प्रशासनिक एवं तकनीकी अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव श्री अनुपम राजन, आयुक्त श्री प्रबल सिपाहा, डॉ. मनोज सिंह, व निटर भोपाल से मेजर निशांत ओझा उपस्थित थे।

     

     

     

     Dr. P.K Purohit
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  • भोपाल बना BRICS संस्कृति सम्मेलन का केंद्र, 10 देशों की भागीदारी और 100+ विदेशी मेहमानों के साथ आज से शुरुआत

    भोपाल बना BRICS संस्कृति सम्मेलन का केंद्र, 10 देशों की भागीदारी और 100+ विदेशी मेहमानों के साथ आज से शुरुआत

    भोपाल 
     'ब्रिक्स' देशों के सांस्कृतिक कार्य समूह और संस्कृति मंत्रियों का सम्मेलन बुधवार से भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में होगा। इसमें सदस्य देशों के बीच यूनेस्को की विश्व धरोहर के लिए संयुक्त नामांकन पर सहमति बन सकती है।अभी एक देश वर्ष में एक धरोहर के लिए नामांकन कर सकता है। भारत की आखिरी (45वीं) धरोहर सारनाथ को इसमें शामिल किया गया है।

    भारतीय विरासत की वापसी की उम्मीद
    संयुक्त नामांकन का लाभ यह होगा कि कोई भी देश अपनी संस्कृति से जुड़ी दूसरे देश में स्थित धरोहर के लिए नामांकन कर सकता है। जैसे बौद्ध संस्कृति से जुड़ी कई धरोहरें जापान और दूसरे देशों में हैं। कंबोडिया सहित कुछ देशों में मंदिर भी इसी तरह से हैं। इससे भारत के साथ सहभागी देशों को भी लाभ मिलेगा।

    इसके अतिरिक्त लूट या चोरी कर एक से दूसरे देशों में ले जाई गईं सांस्कृतिक धरोहरों (मूर्तियां, पांडुलिपियां, कलाकृतियां, आभूषण, शिलालेख आदि) को वापस लाने के लिए संयुक्त घोषणा पत्र जारी हो सकता है। बैठक में सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा, संग्रहालय, सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर चर्चा होगी।

    संस्कृति से संबंधित विषयों पर होगी चर्चा
    इस आयोजन में पहले दो दिन यानी 5 और 6 अगस्त को ब्रिक्स देशों के सांस्कृतिक समूहों की बैठक होगी. इस दौरान सम्‍मेलन में संस्कृति से संबंधित कई विषयों पर चर्चा होगी. ब्रिक्स देशों के कलाकार रवींद्र भवन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देंगे. सम्मेलन के दौरान प्रतिनिधिमंडल जनजातीय संग्रहालय, राज्य संग्रहालय, वन विहार और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का दौरा करेंगे. इसके बाद 7 और 8 अगस्त को संस्कृति मंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित होगी। 

    मेहमान चखेंगे मध्य प्रदेश के खास स्वाद
    सम्मेलन में आए मेहमानों को मध्य प्रदेश के कई पारंपरिक डिश परोसी जाएंगी। इनमें दाल बाफले, निमोना, गुइया की सब्जी, बड़ा, कोदो और कुटकी जैसे मिलेट्स से बने पकवान शामिल हैं। विदेशी मेहमानों की पसंद को देखते हुए पश्चिमी और दूसरे देशों के खाने की भी व्यवस्था की गई है ताकि सभी अपनी पसंद का भोजन कर सकें।

    संस्कृति और परंपरा से होंगे रूबरू
    पहले दिन मेहमान इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय जाएंगे। यहां उनका पारंपरिक स्वागत किया जाएगा। वे मिट्टी के बर्तन बनाने की कला, जनजातीय जीवन, पुराने घरों की बनावट और भारत की अलग-अलग परंपराओं को करीब से देखेंगे। शाम को कथक, लोक नृत्य और पारंपरिक कपड़ों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। मिंटो हॉल में कई खास प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी जिन्हें आम लोग भी देख सकेंगे।

    6 से 8 अगस्त तक होंगे कई खास कार्यक्रम
    सम्मेलन के दौरान संस्कृति से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा होगी। अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि सांस्कृतिक सहयोग, विरासत को बचाने और आपसी संबंध मजबूत करने पर बात करेंगे। 6 अगस्त से सांस्कृतिक महोत्सव भी शुरू होगा जिसमें कई देशों के कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। 7 अगस्त को म्यूजिक का बड़ा कार्यक्रम होगा, जहां भारत और दूसरे देशों के कलाकार एक साथ मंच साझा करेंगे। इसका मकसद कला के जरिए दोस्ती और एकता का संदेश देना है।

    मेहमानों के लिए विशेष कार्यक्रम
    सम्मेलन के दौरान विदेशी प्रतिनिधियों के लिए भोपाल की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए हेरिटेज वॉक, बर्ड वॉचिंग बड़ी झील में शिकारा राइड, मध्यप्रदेश के हस्तशिल्प की शॉपिंग जैसे कई कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। 

    वहीं इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन की एक विशेष आकर्षण विभिन्न देशों के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी. विदेशी कलाकार अपने-अपने देशों की लोक कला, संगीत, नृत्य और पारंपरिक संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे. सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं. देश-विदेश से आने वाले मेहमानों के स्वागत के लिए राजधानी पूरी तरह तैयार है। 

    वाग्देवी की प्रतिमा लाने के लिए हो रहा पत्राचार
    केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने बताया कि ब्रिटिश म्यूजियम लंदन में रखी वाग्देवी (मां सरस्वती) की प्रतिमा को लाने का प्रयास किया जा रहा है। भारत सरकार की तरफ से ब्रिटेन सरकार और म्यूजियम को पत्र लिखा गया है।

    निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत इसे लाने का प्रयास एक वर्ष से किया रहा है। तमिलनाडु की दो प्रतिमाएं लाने में हम सफल भी रहे हैं। वर्ष 2014 के बाद 650 धरोहरों को लाया गया है, जबकि इसके पहले 13 ही लाई गई थीं।

    संयुक्त घोषणा पत्र पर सहमति
    मंगलवार को भोपाल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल और मप्र के संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के एसीएस शिवशेखर शुक्ला ने यह जानकारी दी। अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत कर रहा है।

    इसके अंतर्गत अलग-अलग कार्य समूह की बैठकें अलग-अलग स्थानों पर हो रही हैँ। संस्कृति समूह की पहली बैठक वर्चुअल, दूसरी जून में वाराणसी में और तीसरी व अंतिम बैठक भोपाल में हो रही है जिसमें संयुक्त घोषणा पत्र भी जारी किया जाएगा।

    सम्मेलन में पहले दो दिन 5 और 6 अगस्त को सदस्य और सहभागी (पार्टनर) देशों के अधिकारियों के बीच सांस्कृतिक संबंध बढ़ाने और घोषणा पत्र के संभावित बिंदुओं पर चर्चा होगी। 7 और 8 अगस्त को सदस्य देशों के संस्कृति मंत्रियों की बैठक होगी, जिसमें घोषणा पत्र को अंतिम रूप दिया जाएगा।

    इसमें नौ देशों के डिप्टी मिनिस्टर और भारत के संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल होंगे। कुल 11 सदस्य देशों में से सऊदी अरब शामिल नहीं हो रहा है।

    कार्यक्रम स्थल पर ज्ञान भारतम, प्रोजेक्ट मौसम और प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। 6 और 7 अगस्त को ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव भोपाल के रवींद्र भवन में होगा, जिसमें सदस्य देशों के 40 कलाकार प्रस्तुतियां देंगे।

    प्रतिनिधि सांची और भीमबेटका का भ्रमण करेंगे। बता दें कि इस संगठन में भारत, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सदस्य हैं।

    इसी दिन शाम को प्रतिनिधि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का दौरा करेंगे। जहां पॉटरी (मृदा शिल्प) प्रदर्शनी में उनका पारंपरिक स्वागत किया जाएगा और स्वदेशी शिल्प व पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के लाइव प्रदर्शन दिखाए जाएंगे।

    इसके बाद प्रतिनिधि ट्राइबल हैबिटेट में 'नागा हाउस' और 'हिमालयी गांव' का गाइडेड भ्रमण कर वहां की वास्तुकला, जीवन शैली व सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन करेंगे। प्रेक्षागृह में एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा।

    जिसमें कथक नृत्य, पारंपरिक सामुदायिक नृत्य और भारत की विविध पारंपरिक व जनजातीय पोशाकों को प्रदर्शित करने वाला एक फैशन शो प्रस्तुत किया जाएगा।

    पहले दिन से प्रदर्शनी भी होगी

    मुख्य कार्यक्रम मिंटो हॉल में होगा। यहां 'ज्ञान भारतम', 'प्रोजेक्ट मौसम' और 'प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत' पर तीन विशेष प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा। ये प्रदर्शनियां इन चारों दिन आम जनता के लिए खुली रहेंगी।

    ये प्रदर्शनियां भारत की पांडुलिपि विरासत, समुद्री सांस्कृतिक संबंधों और सभ्यतागत जुड़ाव को प्रदर्शित करने के साथ विरासत संरक्षण, सांस्कृतिक कूटनीति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में भारत की पहलों को रेखांकित करेंगी।

    6 से 8 अगस्त तक ये कार्यक्रम

    6 अगस्त बैठक में ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों के घोषणापत्र के मसौदे और सांस्कृतिक सहयोग के अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इनमें सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा, संग्रहालय, सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और ब्रिक्स देशों के बीच लोगों से लोगों का जुड़ाव शामिल हैं।

    कार्य समूह की सिफारिशें मंत्रस्तरीय बैठक के दौरान संस्कृति मंत्रियों के विचार का आधार बनेंगी। शाम को, रवींद्र भवन में ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। जिसमें ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

    यह कार्यक्रम आम जनता के लिए खुला रहेगा और भाग लेने वाले देशों की समृद्ध और विविध प्रदर्शन कला परंपराओं को देखने का अवसर प्रदान करेगा। शाम का समापन संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित रात्रिभोज के साथ होगा।

    7 अगस्त को ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के संस्कृति मंत्री भोपाल पहुंचेंगे। शाम को प्रमुख 'ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव 2026' आयोजित किया जाएगा, जो भारत और भाग लेने वाले ब्रिक्स देशों के प्रख्यात संगीतकारों और कलाकारों को एक साथ लाने वाला एक विशेष रूप से तैयार किया गया सहयोगात्मक संगीतमय कार्यक्रम है।

    कार्यक्रम की शुरुआत "सर्वे भवन्तु सुखिनः" के आह्वान के साथ होगी। जिसके बाद हिंदुस्तानी और कर्नाटक शास्त्रीय परंपराओं का उत्सव मनाता हुआ "कलर्स ऑफ इंडियन म्यूजिक" प्रस्तुत किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण "ब्रिक्स पीस सॉन्ग – पीस इज द लैंग्वेज ऑफ द लैंड" होगा, जो भाग लेने वाले ब्रिक्स देशों की एक संगीतमय यात्रा प्रस्तुत करेगा।

    इसमें बेलारूस, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात की संगीतमय परंपराओं का समावेश होगा। कार्यक्रम में आर्केस्ट्रा प्रस्तुतियां "पीस टू ऑल, हार्मनी टू ऑल" और "क्रेस्केंडो ऑफ यूनिटी" भी शामिल होंगी।

    विशेष समापन सांस्कृतिक प्रस्तुति – ‘अमृतस्य मध्य प्रदेश’

    इसी दिन शाम को संस्कृति विभाग कार्यक्रम की अंतिम और भव्य प्रस्तुति के रूप में "अमृतस्य मध्य प्रदेश- एक अलौकिक सांस्कृतिक महायात्रा" का मंचन करेगा। विख्यात कोरियोग्राफर मैत्रेयी पहाड़ी के कुशल निर्देशन में 125 से अधिक सिद्धहस्त कलाकारों द्वारा प्रस्तुत यह नृत्य-संरचना ॐ की अनादि ध्वनि के साथ मध्य प्रदेश की जीवंत आत्मा को सजीव करेगी।

    यह महायात्रा भीमबेटका, सांची और खजुराहो के यूनेस्को वैभव से लेकर चित्रकूट के 'राम-पथ गमन' और उज्जैन के संदीपनि आश्रम की 'कृष्ण-लीला' तक का पावन सफर तय कराती है।

    इसमें ग्वालियर, ओरछा व मांडू के ऐतिहासिक किलों की गाथा, महेश्वरी-चंदेरी के वस्त्र-शिल्प का लालित्य, तथा बैगा, मटकी व बधाई जैसे समृद्ध जनजातीय लोक-नृत्यों का उल्लास समाहित है।

    भोपाल की झीलों से लेकर बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन, ओंकारेश्वर के अध्यात्म और मां नर्मदा की महाआरती से सराबोर यह प्रस्तुति अतिथियों को 'सिंहस्थ कुंभ 2028' का भव्य आध्यात्मिक निमंत्रण भी प्रदान करेगी। शाम का समापन मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित रात्रिभोज के साथ होगा।

    8 अगस्त को मंत्रियों की बैठक होगी

    8 अगस्त को भारत की अध्यक्षता में तीसरी ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित की जाएगी। मंत्री ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के बीच सांस्कृतिक विरासत, संग्रहालयों, रचनात्मक अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और लोगों से लोगों के बीच जुड़ाव के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर विचार-विमर्श करेंगे।

    यह बैठक 'ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की घोषणा' को अपनाने के साथ समाप्त होगी, जो ब्रिक्स ढांचे के भीतर बेहतर सांस्कृतिक सहयोग के लिए एक साझा दृष्टिकोण और भविष्य का रोडमैप निर्धारित करेगी। इसके बाद मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दोपहर के भोजन (लंच) का कार्यक्रम होगा।

    यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल 'सांची' की सांस्कृतिक यात्रा बैठक और भोजन के बाद विदेशी मंत्री एवं प्रतिनिधिमंडल भारत की समृद्ध बौद्ध विरासत और स्थापत्य कला के अवलोकन के लिए सांची के लिए प्रस्थान करेंगे। प्रतिनिधि 'बुद्ध जंबूदीप' का भ्रमण करेंगे और तत्पश्चात विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप का एक विशेष गाइडेड टूर लेंगे।

    यात्रा के दौरान प्रतिनिधि चेतियागिरी मंदिर में दर्शन के साथ-साथ योग एवं ध्यान सत्र में भाग लेंगे। शाम को बौद्ध इतिहास और कला पर आधारित एक आकर्षक 3D प्रोजेक्शन मैपिंग तथा लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जाएगा।

    9 अगस्त को रवाना होंगे मेहमान

    अगस्त को इच्छुक विदेशी प्रतिनिधियों के लिए उनकी आगे की रवानगी से पहले यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भीमबेटका शैलाश्रय के लिए एक वैकल्पिक भ्रमण की व्यवस्था की गई है।

     

  • CM डॉ. यादव बोले- प्रधानमंत्री मोदी के शासन में हितग्राहियों तक पहुंच रही हक की पूरी राशि

    CM डॉ. यादव बोले- प्रधानमंत्री मोदी के शासन में हितग्राहियों तक पहुंच रही हक की पूरी राशि

    हितग्राही को हक की सौ प्रतिशत राशि मिले, यह प्रधानमंत्री मोदी के शासन में ही संभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    नौकरियां पाने के साथ स्वावलंबन का रास्ता अपनाएं युवा
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभाशाली बेटियों को स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप की राशि प्रदान की

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एक समय था जब देश के एक प्रधानमंत्री ने कहा था कि दिल्ली से जारी सरकार की राशि का सिर्फ 15 प्रतिशत जनता तक पहुंचता है। एक अन्य प्रधानमंत्री जो पूर्व में वित्त मंत्री और रिजर्व बैंक के गवर्नर भी रहे वे डीबीटी जैसी व्यवस्था लागू करने के पक्ष में नहीं थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शून्य बैलेंस पर बैंक खाते प्रारंभ करवाने की पहल की। आज हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं में मिलने वाली राशि का 100 प्रतिशत आसानी प्राप्त हो रहा है। यह सरकारों के संचालन का फर्क है। कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक टीवी न्यूज चैनल द्वारा जिलों की टॉपर और अन्य प्रतिभाशाली छात्राओं को स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप अंतर्गत प्रोत्साहन राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीमित साधनों के बीच जिन बेटियों ने अपनी प्रतिभा से टॉपर होने में सफलता प्राप्त की है, उनकी जितनी प्रशंसा की जाए, कम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में सम्मानित की जा रही बेटियों और उनके अभिभावकों को हार्दिक बधाई दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में विद्यार्थियों को प्राप्त सफलता राज्य की उपलब्धि है। यह विद्यार्थी आगे चलकर सिर्फ नौकरी ना करें बल्कि अपने उद्योगों की स्थापना के लिए प्रेरित हों। हमारे देश में प्राचीन काल से स्वावलंबन की परंपरा रही है। स्व-अनुशासन से कार्य करते हुए अपने परिश्रम से व्यक्ति सफल होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर टीवी चैनल प्रतिनिधि द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से आहवान किया कि वे नौकरी प्राप्त करने की ललक के साथ ही अपने उद्यम स्थापित करने की दिशा में भी आगे बढ़ें। मध्यप्रदेश की आबादी के मान से सेवा करने वाले संख्या कुछ लाख ही है जबकि अधिकांश आबादी अपने व्यापार व्यवसाय से जुड़ी है। आजीविका का साधन स्वयं निर्मित कर जीवन को आसान बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न सेवाओं में बहनों को दिए जा रहे आरक्षण, संपत्ति की रजिस्ट्री में दी जा रही छूट और उद्योगों में बहनों को आरक्षण के संबंध में जानकारी दी।

    एआई से किसी को खतरा नहीं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। एक राष्ट्र, एक प्रधान, एक निशान की तरह एक कानून होना चाहिए। एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई से किसी को खतरा नहीं है। प्रत्येक नवाचार का प्रारंभ में विरोध होता है। बाद में उसे अंगीकार किया जाता है। भारत का टैलेंट नवाचार करने और स्वयं एवं राष्ट्र के विकास के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की टॉपर बेटी चांदनी विश्वकर्मा खुशी राम सहित विभिन्न जिलों की टॉपर बेटियों को स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप प्रदान की। निजी टीवी चैनल की ओर से नरेंद्र गोयल ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि, विद्यार्थी और उनके अभिभावक उपस्थित थे।

     

  • Asian Women’s Hockey Championship 2026: अक्टूबर-नवंबर में होगा आयोजन, CM डॉ. यादव का बड़ा ऐलान

    Asian Women’s Hockey Championship 2026: अक्टूबर-नवंबर में होगा आयोजन, CM डॉ. यादव का बड़ा ऐलान

    अक्टूबर-नवम्बर में होगी एशियन महिला हॉकी चैंपियनशिप : सीएम डॉ. यादव

    – मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में चल रहे निर्माण कार्यों का किया मुआयना
    – नाथू बरखेड़ा में 985.76 करोड़ से 136.296 एकड़ में विकसित हो रहा कॉम्पलेक्स
    – विभाग को चैंपियनशिप होने से पहले सारी तैयारियां करने के निर्देश

    भोपाल
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 अगस्त को नाथू बरखेड़ा स्थित अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स काम्पलेक्स (खेल परिसर) में निर्माणाधीन कार्यों का मुआयना किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि विकसित हो रहा अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी और सबसे महत्वाकांक्षी खेल अधोसंरचना विकास परियोजनाओं में से एक है। इससे मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर की स्पर्धाएं होंगी, जिससे भोपाल खेलों के वैश्विक मानचित्र में अपनी नई पहचान कायम करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 985.76 करोड़ रुपये की लागत से 136.296 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहा यह अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स परिसर मध्यप्रदेश को देश का स्पोर्ट्स हब बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को समय से पूर्व एशियन चैम्पियनशिप की सभी तैयारियां पूरी कर लेने के निर्देश दिए हैं। बताया गया कि इस स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में दो कन्वेंशन सेंटर भी स्थापित किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक का मुआयना कर यहां खिलाड़ियों के लिए विकसित की जा रही सुविधाओं एवं निर्माण कार्यों का मुआयना किया। इस मौके पर खेल मंत्री विश्वास सारंग ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अवगत कराया कि इंटरनेशनल एथलेटिक्स फेडरेशन और एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के सभी मानकों के आधार पर यहां 10 हजार की क्षमता वाले पेवेलियन सहित अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए एथलेटिक्स सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है। इस ट्रैक के केन्द्र स्थल पर फुटबॉल स्टेडियम निर्मित किया जा रहा है। सीएम डॉ. मोहन ने यहां खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए समान रूप से सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।

    कैसा है अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्टस कॉम्पलेक्स
    प्रदेश को स्पोर्ट्स हब बनाने के लिए भोपाल स्थित नाथू बरखेड़ा में कुल 136.296 एकड़ भूमि पर अंतर्राष्ट्रीय स्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य 3 चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में एथलेटिक स्टेडियम (एथलेटिक्स सिंथेटिक ट्रेक मय पेवेलियन-1000 दर्शक क्षमता, वार्मअप ट्रेक मय) एवं हॉकी स्टेडियम (हॉकी सिंथेटिक टर्फ मय पवेलियन व प्रेक्टिस फील्ड) का निर्माण किया जा रहा है। दूसरे चरण में इण्डोर स्पोर्टस कॉम्पलेक्स, स्वीमिंग कॉम्पलेक्स (ऑल वेदर), हॉस्टल बिल्डिंग (150-बालक, 150 बालिका), घुड़सवारी क्रास कंट्री ट्रेक का निर्माण किया जा रहा है। तीसरे चरण में इस इंटरनेशनल स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में एक क्रिकेट स्टेडियम एवं साईक्लिंग वेलोड्रोम का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। पहले चरण का निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। दूसरे चरण का निर्माण कार्य नवम्बर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा इस अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के पहले चरण के निर्माण कार्यों के लिए कुल 357.96 करोड़ रुपये तथा दूसरे चरण के निर्माण कार्यों के लिए कुल 627.80 करोड़ रुपये, इस प्रकार कुल 985.76 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

    सेना भर्ती में आए आवेदकों से की चर्चा
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नाथू बरखेड़ा स्थित अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स काम्पलेक्स परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों के निरीक्षण के दौरान इसी परिसर में सेना भर्ती कार्यालय, भोपाल द्वारा की जा रही सेना भर्ती (आर्मी रिक्रुटमेंट) के लिए आए आवेदकों से चर्चा की। यह आवेदक सेना भर्ती के पहले चरण की परीक्षा पास कर दूसरे चरण के पात्र होकर फिजिकल एग्जाम और मेडिकल टेस्ट पास करने के लिए यहां आए हुए हैं। सेना के भर्ती अधिकारी (रिक्रुटमेंट ऑफिसर) जेएस सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि सेना भर्ती के लिए 4 हजार 500 आवेदकों को बुलाया गया है, इनमें से 3 हजार आवेदकों का चयन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य में सेना के चार भर्ती कार्यालय हैं और भोपाल में हो रही यह भर्ती इस साल दिसम्बर अंत तक पूरी कर ली जाएगी। नवनियुक्त जवान एक जनवरी 2027 से 6 माह की ट्रेनिंग लेंगे। उन्होंने बताया‍ कि मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में सेना में 175 पदों पर धर्म गुरुओं की भर्ती भी की जा रही है।

  • MP Rain Alert: प्रदेश में बारिश का बड़ा घाटा, 42 जिलों में सामान्य से कम वर्षा; अगले 2 दिन हैवी रेन के आसार नहीं

    MP Rain Alert: प्रदेश में बारिश का बड़ा घाटा, 42 जिलों में सामान्य से कम वर्षा; अगले 2 दिन हैवी रेन के आसार नहीं

    भोपाल
     मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार अब भी सामान्य से पीछे चल रही है। प्रदेश में अब तक औसतन 15.8 इंच (401.9 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 18.5 इंच (470.5 मिमी) वर्षा होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। अगले दो दिनों तक कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है।

    मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 19 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। प्रदेश की सामान्य मौसमी वर्षा 37.3 इंच मानी जाती है। रविवार को केवल सीहोर में तेज बारिश दर्ज हुई, जबकि अधिकांश जिलों में हल्की बारिश होने से बारिश के आंकड़ों में ज्यादा सुधार नहीं हुआ।

    42 जिलों में सामान्य से कम बारिश
    अब तक अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, भोपाल, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं मऊगंज, उमरिया, शहडोल, टीकमगढ़, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक वर्षा हो चुकी है।

    सिस्टम सक्रिय, लेकिन असर कमजोर
    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ के साथ दो अन्य मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, लेकिन उनकी तीव्रता कम होने के कारण भारी बारिश का दौर फिलहाल थमा हुआ है। अगले दो दिनों तक अधिकांश जिलों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश होने की संभावना है, लेकिन भारी वर्षा के संकेत नहीं हैं।

    हालांकि 4 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से 5 अगस्त से मध्य प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी जिलों में एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

    बारिश में पिछड़ा रायसेन सामान्य से 17% कम वर्षा दर्ज

    अगस्त की शुरुआत तक अच्छी बारिश के बाद भी जिला सामान्य वर्षा के आंकड़े से पीछे है। भारतीय मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक रायसेन में अब तक 442.4 मिमी बारिश दर्ज हुई है। इस अवधि में सामान्य बारिश 534.7 मिमी होनी चाहिए थी। जिले में 92.3 मिमी बारिश कम हुई है। बारिश का घाटा 17 प्रतिशत बना हुआ है।

    रायसेन पश्चिम मध्य प्रदेश उपखंड में आता है। उपखंड में अब तक औसतन 389.3 मिमी बारिश हुई है। सामान्य 436.5 मिमी है। पश्चिम मध्य प्रदेश 11 प्रतिशत बारिश घाटे में चल रहा है। रायसेन की स्थिति उपखंड के कई जिलों से बेहतर है। सामान्य से दूरी बनी हुई है।

    आंकड़ों के अनुसार भोपाल में 2 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सीहोर में सामान्य बारिश दर्ज है। इंदौर में 4 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। देवास में 23 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई है। विदिशा 25 प्रतिशत, शाजापुर 28 प्रतिशत, शिवपुरी 29 प्रतिशत, नर्मदापुरम 36 प्रतिशत, दतिया 47 प्रतिशत बारिश घाटे में हैं। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अगस्त के पहले पखवाड़े में लगातार अच्छी बारिश हुई तो रायसेन सामान्य के करीब पहुंच सकता है। किसान धान, सोयाबीन, मक्का की फसलों के लिए अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

    सिस्टम एक्टिव है, लेकिन स्ट्रॉन्ग नहीं मौसम विभाग की माने तो प्रदेश में मानसून टर्फ की एक्टिव है। दो और सिस्टम एक्टिव है, लेकिन वे इतने स्ट्रॉन्ग नहीं है। इस वजह से पिछले 2 दिन से भारी बारिश का दौर थमा हुआ है और अगले 2 दिन भी ऐसा ही मौसम रहेगा।

    कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश जारी रहेगी। हालांकि, 4 अगस्त से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो रहा है। जिसकी वजह से 5 अगस्त से प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी हिस्से में भारी बारिश शुरू हो सकती है।

    सोयाबीन के लिए मौसम ठीक शाजापुर के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक एसएस धाकड़ ने बताया कि इंदौर-उज्जैन संभाग के ज्यादातर जिलों में सोयाबीन का उत्पादन होता है। वर्तमान में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो रही है। इसलिए सोयाबीन के लिहाज से यह मौसम ठीक है। जब दाना बनेगा, तब ज्यादा पानी की जरूरत रहेगी। खंडवा, खरगोन-बड़वानी की तरफ भारी बारिश होने से खेतों में पानी भर गया और फसलों को नुकसान पहुंचा है। धान की खेती के लिए भी पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं गिरा है।

    जून के बाद जुलाई में भी आंकड़ा कम मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिन तक बारिश नहीं हुई। आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। बावजूद इसके 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

     

  • भोपाल में अवैध अधिभोग पर एक्शन की तैयारी, पर्यावरण और लोकहित में नीति तय करेगी नई समिति

    भोपाल में अवैध अधिभोग पर एक्शन की तैयारी, पर्यावरण और लोकहित में नीति तय करेगी नई समिति

    भोपाल के निर्मित क्षेत्रों में अधिभोग उल्लंघन संबंधी विषयों पर, पर्यावरण तथा व्यापक लोक हित के लिए नीतिगत निर्णय लेने के उद्देश्य से बनेगी समिति

    समिति के सुझाव प्राप्त होने पर राज्य शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया से ही नगर निगम भोपाल द्वारा की जाएगी कार्यवाही

    *मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल शहर के जनप्रतिनिधियों के साथ ली अधिकारियों की बैठक , मुख्य सचिव भी थे उपस्थित *

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भोपाल शहर के जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों की बैठक ली।बैठक में मुख्य सचिव श्री अशोक वर्णवाल भीं थे उपस्थित । बैठक में मंत्री श्री विश्वास सारंग , मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा एवं भगवान दास सबनानी उपस्थित थे। साथ ही मुख्य सचिव श्री अशोक वर्णवाल , अपर मुख्यसचिव श्री नीरज मंडलोई , आयुक्त नगरीय प्रशासन श्री संकेत भोंडवे, आयुक्त नगर तथा ग्राम निवेश श्री कौशलेन्द्र सिंह, कलेक्टर भोपाल श्री प्रियंक मिश्रा , आयुक्त नगर निगम श्रीमती संस्कृति जैन आदि भी उपस्थित थे। 

    •    माननीय सर्वोच्च न्यायालय के सिविल अपील क्रमांक 14604/2024 में पारित आदेश दिनांक 17 दिसम्बर, 2024 एवं विविध अपील डायरी क्रमांक 1713/2026 में पारित आदेश में भोपाल शहर में निर्मित भवनों के अधिभोग उल्लंघन संबंधी आदेशों के पालन में प्रक्रिया और नीतिगत निर्णय के लिए समिति का गठन होगा।   
    •    राज्य शासन द्वारा समिति के सुझाव के तारत्म पर निर्धारित प्रक्रिया से किया जाएगा, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन। 
    •    फिलहाल नगर निगम भोपाल द्वारा कोई कठोर कार्यवाही नहीं की जाएगी।
    •    समिति में निम्नानुसार अध्यक्ष और सदस्य रहेंगे- 
    1- अपर मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, अध्यक्ष
    2- अपर  प्रमुख सचिव, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग, सदस्य
    3- सचिव श्रम विभाग, सदस्य
    4- आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास, सदस्य 
    5- महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक ,मध्य प्रदेश, सदस्य 
    6- सदस्य सचिव मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल,सदस्य
    7-  उप सचिव पर्यावरण विभाग, सदस्य 
    8- आयुक्त नगर तथा ग्राम प्रवेश, सदस्य 
    कलेक्टर भोपाल और आयुक्त नगर निगम (विशेष आमंत्रित सदस्य)

    इस समिति द्वारा माननीय न्यायालय के आदेशों के पालन हेतु सभी पहलुओं पर अध्ययन कर शासन को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा । इस प्रतिवेदन पर शासन विचार उपरांत प्रक्रिया निर्धारित कर सकेगा जिसके अनुसार नगर निगम भोपाल द्वारा पालन करवाया जाएगा। तब तक नगर निगम भोपाल कोई सख्त कार्यवाही नहीं करेगा, यह भी आज जनप्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में निर्णय लिया गया है।

    दिखावे की कार्रवाई से लोगों में आक्रोश
    संयुक्त रहवासी संघ के सदस्य विवेक त्रिपाठी ने कहा कि शनिवार को नगर निगम ने अवैध दुकानों के खिलाफ जो कार्रवाई की, वह केवल औपचारिकता थी। इससे शहर के नागरिकों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि नियमों का पालन कराना है तो पूरे शहर में एक समान कार्रवाई होनी चाहिए, न कि कुछ क्षेत्रों को छोड़ दिया जाए।

    भू-माफियाओं को संरक्षण देना बंद करे निगम
    विवेक त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि नगर निगम भू-माफियाओं और प्रभावशाली लोगों से जुड़े अवैध प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करने से बच रहा है। उन्होंने कहा कि निगम को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए और सभी अवैध दुकानों व व्यावसायिक गतिविधियों पर बिना किसी भेदभाव के तालाबंदी करनी चाहिए। 

    नगर निगम के घेराव की चेतावनी
    रहवासी संघ ने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम ने पूरे शहर में समान रूप से कार्रवाई नहीं की तो नगर निगम मुख्यालय के बाहर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरभर के रहवासी इस आंदोलन में शामिल होंगे और निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ व्यापक विरोध दर्ज कराया जाएगा। विवेक त्रिपाठी ने कहा कि नगर निगम की कार्रवाई और कथित भेदभाव से जुड़े सभी तथ्यों को न्यायालय के समक्ष रखा जाएगा। उनका कहना है कि वर्ष 2021 से इस मुद्दे को लगातार उठाया जा रहा है और अब समान कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए कानूनी लड़ाई भी जारी रहेगी।

    कल की कार्रवाई के बाद बढ़ा विवाद
    शनिवार को नगर निगम ने रोहित नगर और
    बावड़ियाकलां में सीलिंग अभियान चलाया था। करीब तीन घंटे की कार्रवाई में केवल दो प्रतिष्ठानों को सील किया गया, जबकि अरेरा कॉलोनी में कोई कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठे। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों से जुड़े प्रतिष्ठानों को छोड़ दिया गया। हालांकि नगर निगम ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पूरे शहर में चरणबद्ध तरीके से अभियान जारी रहेगा। 

  • भोपाल NITTTR में जागरूकता दौड़ आयोजित, युवाओं ने नशामुक्ति का संदेश दिया

    भोपाल NITTTR में जागरूकता दौड़ आयोजित, युवाओं ने नशामुक्ति का संदेश दिया

     भोपाल
    NITTTR भोपाल में भारत सरकार के "नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान" के अंतर्गत आज एक भव्य जागरूकता दौड़ का आयोजन किया गया।
    इस दौड़ का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और नशा-मुक्त भारत के संकल्प को सुदृढ़ करना था।

    कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के माननीय निदेशक प्रोफेसर सी. सी. त्रिपाठी जी द्वारा किया गया। इस अवसर पर संस्थान के संकाय सदस्य, अधिकारीगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि विज्ञान मंथनके अंतर्गत देशभर से NITTTR भोपाल में आए विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने भी इस दौड़ में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने "नशा मुक्त युवा, विकसित भारत" के नारों के साथ दौड़ लगाकर जनमानस को नशे के विरुद्ध जागरूक किया।
    संस्थान निदेशक ने कहा कि युवा शक्ति ही देश का भविष्य है और नशा-मुक्त समाज के निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।