Category: मध्य प्रदेश

  • भोपाल-रीवा वंदे भारत का बढ़ा कोचिंग, 16 कोच के साथ दौड़ेगी ट्रेन; 24 अक्टूबर तक अतिरिक्त कन्फर्म टिकट

    भोपाल-रीवा वंदे भारत का बढ़ा कोचिंग, 16 कोच के साथ दौड़ेगी ट्रेन; 24 अक्टूबर तक अतिरिक्त कन्फर्म टिकट

    भोपाल

    त्योहारी सीजन में रीवा और भोपाल के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। रानी कमलापति-रीवा वंदे भारत एक्सप्रेस अब आठ की बजाय 16 कोच के साथ संचालित की जा रही है। रेलवे ने यह व्यवस्था सात अगस्त से शुरू की है, जो 24 अक्टूबर तक जारी रहेगी। यानी करीब 75 दिनों तक यात्रियों को ट्रेन में ज्यादा सीटें उपलब्ध होंगी।

    रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 20174/20173 रीवा-रानी कमलापति-रीवा वंदे भारत एक्सप्रेस की रेक संरचना में अस्थायी बदलाव किया गया है। पहले ट्रेन में आठ कोच थे, जबकि अब 16 कोच वाली वंदे भारत रेक लगाई जा रही है।
    त्योहारी सीजन में यात्रियों को मिलेगा कन्फर्म टिकट का फायदा

    कोच की संख्या बढ़ने से ट्रेन की कुल सीट क्षमता में करीब दोगुनी बढ़ोतरी होगी। इसका सबसे बड़ा फायदा त्योहारी सीजन में भोपाल, रीवा और रास्ते के स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को मिलेगा। अभी तक कम सीटों के कारण वंदे भारत में रिजर्वेशन जल्दी फुल हो जाता था। अब अतिरिक्त कोच जुड़ने से ज्यादा यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना रहेगी।

     

  • बाघिन ने किया चरवाहे पर हमला, भैंसों की वफादारी से बची जान

    बाघिन ने किया चरवाहे पर हमला, भैंसों की वफादारी से बची जान

    भोपाल

    बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा कोर क्षेत्र अंतर्गत बघडो बीट में 12 अगस्त को मवेशियों को तलाशने गए एक चरवाहे पर बाघिन ने हमला कर दिया। चरवाहे की मदद के लिए की गई पुकार पर भैंसें तत्काल उसके पास पहुंचीं और बाघिन पर हमलावर हो गईं। भैंसों के झुंड से घबरा कर बाघिन चरवाहे को छोड़ कर भाग गई। भैंसों की तत्परता और वफादारी से चरवाहे की जान बच गई। हमले में चरवाहे के हाथ में चोट आई है और उपचार के बाद उसकी स्थिति सामान्य है।

    जानकारी मिलते ही वन विभाग ने संबंधित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। वन अमले द्वारा क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है और वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। क्षेत्र में वन अमले को सक्रिय किया गया है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक श्री अनुपम सहाय ने बताया के ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आसपास के ग्रामीणों एवं चरवाहों से जंगल में अकेले नहीं जाने तथा मवेशी चराते समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

    ग्राम बघडो निवासी 36 वर्षीय रामनरेश सिंह अपने मवेशियों को तलाशते हुए अनजाने में बफर जोन की सीमा पार कर कोर क्षेत्र में पहुंच गए थे। इसी दौरान उनका सामना एक बाघिन और उसके शावक से हो गया। शावक को ख़तरे में समझ बाघिन ने अचानक श्री सिंह पर हमला कर दिया। हमला होते ही रामनरेश सिंह ने मदद के लिए आवाज लगाई। उनकी आवाज पहचान कर भैंसें तत्काल बाघिन की ओर दौड़ पड़ीं। भैंसों के झुंड के आक्रामक रुख को देखकर बाघिन अपने शावक के लेक भाग गई। बाद में पहुंचे स्थानीय लोगों ने तत्काल घायल श्री सिंह को शासकीय अस्पताल मानपुर पहुंचाया। उपचार के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है। पीड़ित को तात्कालिक सहायता के रूप में 3 हजार रुपये की राशि भी प्रदान की गई।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में काफिला रूकवाकर कावड़ यात्री से मिले

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में काफिला रूकवाकर कावड़ यात्री से मिले

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज इंदौर में श्रावण मास की धार्मिक यात्रा पर कावड़ यात्री को जाता देख अपना काफिला रुकवा कर कावड़ यात्री से उनकी कावड़ लेकर अपने कंधे पर उठाकर चलें। साथ ही उन्होंने इंदौर के कावड़ यात्री  बाबू पटेल से चर्चा की।  बाबू पटेल ने बताया कि वे वर्षों से कावड़ यात्रा कर रहें है। मुख्यमंत्री ने उनकी प्रशंसा करते हुए श्रावण मास की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री रविवार को इंदौर प्रवास पर रहें। इस दौरान उन्होंने इंदौर में अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया।

     

  • भोपाल-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को मिली मंजूरी, विदिशा-सागर से झांसी तक बनेगा नया कनेक्शन

    भोपाल-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को मिली मंजूरी, विदिशा-सागर से झांसी तक बनेगा नया कनेक्शन

    भोपाल.

    केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने भोपाल-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच यातायात को सुगम और तेज बनाने के उद्देश्य से तैयार की जा रही यह परियोजना दोनों राज्यों के औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन संबंधों को नई रफ्तार देगी।

    बुंदेलखंड को एनसीआर से जोड़ेगा औद्योगिक गलियारा
    भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और मप्र औद्योगिक विकास निगम के अनुसार, इस कॉरिडोर के निर्माण से माल ढुलाई की लागत में भारी कमी आएगी। इससे स्थानीय व्यापारियों और कृषि उत्पादकों को देश के बड़े बाजारों तक आसान पहुंच मिलेगी। साथ ही, बुंदेलखंड क्षेत्र के दूरस्थ इलाकों को सीधे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से जुड़ने का अवसर मिलेगा। एक्सप्रेस-वे के आसपास नए औद्योगिक गलियारे बनाने पर भी तेजी से काम चल रहा है।

    3 साल में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
    सड़क परिवहन मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी और आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृतियां प्राप्त करने की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में तेजी से जारी है। इस नए कॉरिडोर को अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों के आधार पर डिजाइन किया गया है। इसमें स्वचालित यातायात प्रबंधन प्रणाली (एटीएमएस) लागू की जाएगी, जिससे हादसों की आशंका न्यूनतम रहेगी। अधिकारियों का दावा है कि निर्माण कार्य आगामी तीन वर्षों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।

    प्रोजेक्ट की खास बातें
    समय और लागत: 15,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार होने वाले इस फोरलेन कॉरिडोर से भोपाल से आगरा का सफर 12-13 घंटे से घटकर केवल 7 घंटे रह जाएगा।
    रूट नेटवर्क: यह एक्सप्रेस-वे मध्य प्रदेश के विदिशा और सागर जिलों से गुजरते हुए उत्तर प्रदेश के महोबा और झांसी सीमा से कनेक्ट होगा।
    आधुनिक सुविधाएं: मार्ग पर विश्राम स्थल, ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन, आपातकालीन चिकित्सा केंद्र और लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किए जाएंगे।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़वानी में जनविश्वास अभियान के संबंध में दी मीडिया को जानकारी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़वानी में जनविश्वास अभियान के संबंध में दी मीडिया को जानकारी

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बड़वानी में उगाए जाने वाले उन्नत किस्म के कस्तूरी कॉटन को प्रोत्साहित किया जाएगा। धार जिले में विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क के चलते निमाड़ अंचल में कॉटन की मांग बढ़ी है। राज्य सरकार कृषक हित में कस्तूरी सहित सभी प्रकार के कपास के उत्पादन और प्रसंस्करण दोनों को बढ़ावा देगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं

        बड़वानी में नर्मदा नदी पर 25 करोड़ रुपए की लागत से नये घाट बनाए जाएंगे। नव निर्मित घाट सरदार सरोवर बांध बनने से जलमग्न हुए घाटों की कमी पूरी की जाएगी।

        भीमा नायक महाविद्यालय को विभिन्न परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन परीक्षा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इस वर्ष विद्यार्थियों के हित में यह निर्णय लिया गया है।

        पानसेमल में महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की शुरुआत की जाएगी।

        बड़वानी के प्राचीन सेंधवा किले और राजवाड़े सहित अन्य पुरा धरोहरों के जीर्णोद्धार के लिए पुरातत्व विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।

        बड़वानी में 10 करोड़ रुपए की लागत से आदर्श अनाज मंडी विकसित की जाएगी।

        खेल के मैदान को स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के रूप में विकसित कर सर्वसुविधाओं से लैस किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जनविश्वास अभियान के अंतर्गत को उन्होंने स्कूल में बच्चों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीज और डॉक्टरों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। बड़वानी के उद्यमियों से फूड प्रोसेसिंग, एनर्जी प्रोडक्शन, हेल्थ और एजुकेशन पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने यह वर्ष कृषक कल्याण को समर्पित किया है। विभिन्न आयोजनों में किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनकर समाधान किया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए दूध उत्पादन और पशुपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों को बेहतर उपज के लिए उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही मछुआरा समुदाय के भाई-बहनों से संवाद कर उनकी परेशानियों को दूर किया जा रहा है। हमारी सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए पूरी तरह संकल्पित है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने अपनी कृषि कैबिनेट बड़वानी जिले में आयोजित की थी। यह जिला भविष्य में अलग प्रकार से अपनी पहचान बनाएगा। यहां के युवा बहादुर, जाबांज, और कौशल में हीरे जैसे हैं। यहां के खिलाड़ी, मेधावी विद्यार्थियों सहित युवाओं की परेशानियों को सुना है और उनका हल निकालने का प्रयास किया जा रहा है। गांव के प्रधान और प्रतिष्ठित व्यक्तियों से भी चर्चा की है। स्व-सहायता समूह की बहनों और कृषि सखियों से संवाद कर उन्हें अपने और क्षेत्र के विकास के लिए प्रेरित किया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बड़वानी जिला कार्यालय में सीएम समाधान योजना में जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही और गलतियां सामने आईं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। हमारा प्रयास है कि अधिकारी अच्छा काम करें। राज्य सरकार भर्ती और पदोन्नति में उनके साथ है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेशभर में जिला स्तर पर विकास समितियों का गठन किया गया है। सरकार ने इसके माध्यम से जिला प्रशासन के साथ विकास का मॉडल तैयार करने का प्रयास किया है।

    इस अवसर पर प्रभारी मंत्री  गौतम टेटवाल, विधायक  श्याम बर्डे, नगर पालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष सहित अनेक जनप्रतिनिधि और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

     

  • CM मोहन यादव बोले- रायसेन की पहचान अब सांची-भीमबेटका के साथ बासमती और गेहूं के स्वाद से भी

    CM मोहन यादव बोले- रायसेन की पहचान अब सांची-भीमबेटका के साथ बासमती और गेहूं के स्वाद से भी

    बासमती और गेहूं के स्वाद से दुनिया में बन रही है रायसेन की पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    पिछले वर्ष लगभग 1800 करोड़ रुपए का बासमती हुआ निर्यात
    रायसेन के किसान फलों और सब्जियों की खेती भी बड़े पैमाने पर कर रहे हैं
    बीज से लेकर बाजार तक सरकार किसानों के साथ हैं
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रायसेन में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली किया संबोधित
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरियाली तीज, स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी की दी बधाई

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रायसेन के किसानों की मेहनत 'ग्लोबल मार्केट' में धूम मचा रही है। यहां के बासमती चावल की डिमांड आज दुनिया के 47 देशों में है। पिछले वर्ष लगभग 1800 करोड़ रुपये का बासमती निर्यात हुआ है। दुनिया रायसेन को सांची, भीमबेटका और भोजपुर से ही नहीं बल्कि बासमती और गेहूं के स्वाद से भी जानने लगी है। यह भी प्रसन्नता विषय है कि रायसेन के किसान पारंपरिक फसलों से हटकर अब बड़े पैमाने पर फलों और सब्जियों की खेती भी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रायसेन में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। पूर्व मंत्री सुरेन्द्र पटवा तथा अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई भी उपस्थित थे।

    किसानों के खेत हमारे लिए देवस्थल और उनका दाना-दाना प्रसाद के समान है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का लाभ रायसेन को मिलने जा रहा है, जिससे सिंचाई क्षमता में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी होगी। किसानों के खेत हमारे लिए देवस्थल और उनका दाना-दाना हमारे लिए प्रसाद के समान है। बीज से लेकर बाजार तक सरकार किसानों के साथ है। किसानों को बिना किसी ब्याज के जीरो प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता रहेगा। ऋण चुकाने के लिए पूरे एक साल का समय मिलेगा। सहकारी खातों की पुरानी गड़बड़ियां दूर कर हजारों किसानों को ऋण और योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। मूंग और उड़द का उपार्जन जारी है। एमएसपी और बोनस के साथ रिकॉर्ड 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं किसानों से खरीदा गया है।

    किसानों को प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जोड़ा जा रहा है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जोड़ा जा रहा है। हम फूड पार्क, कोल्ड चेन एवं कृषि प्रसंस्करण अवसंरचना के विस्तार से कृषि उत्पादों की वैल्यू चेन मजबूत कर रहे हैं। तकनीक, नवाचार से उत्पादन और किसान आमदनी बढ़ाने के प्रयास जारी है। दुग्ध उत्पादन को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। हर जिले में एक आधुनिक 'मत्स्य हैचरी' विकसित की जाएगी।

    विकसित हो रही सड़क परियोजनाओं का लाभ, रायसेन जिले को मिलेगा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से अपील की है कि खेती की जमीन को किसी को न बेचें। उन्होंने कहा कि भोपाल के आस-पास विकसित हो रही सड़क परियोजनाओं का लाभ, रायसेन जिले को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव में संचालित गतिविधियों का हर संभव लाभ उठाने का कृषकों से आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरियाली तीज, स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। रायसेन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, पूर्वमंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

     

  • ‘ओडीओपी मार्ट’ और ‘द मृगनयनी’ वेब पोर्टल शिल्पियों की कला को देंगे वैश्विक बाजार

    ‘ओडीओपी मार्ट’ और ‘द मृगनयनी’ वेब पोर्टल शिल्पियों की कला को देंगे वैश्विक बाजार

    शिल्पियों की कला को सम्मान, हुनर को मिला हौसला

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिल्पियों को किया राज्य स्तरीय विश्वकर्मा पुरस्कार से सम्मानित
    ‘ओडीओपी मार्ट’ और ‘द मृगनयनी’ वेब पोर्टल शिल्पियों की कला को देंगे वैश्विक बाजार

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य स्तरीय विश्वकर्मा पुरस्कार के तहत उत्कृष्ट शिल्प के लिए चयनित शिल्पियों को सम्मानित किया है। विगत दिनों शिल्पियों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये सम्मान उन शिल्पकारों के हुनर को प्रोत्साहित करने का माध्यम हैं, जो अपनी कला के जरिए मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि पारंपरिक शिल्प केवल उत्पाद नहीं हैं, बल्कि पीढ़ियों से हस्तांतरित ज्ञान, कौशल और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक हैं। ऐसे में शिल्पियों को सम्मान और प्रोत्साहन देना उनकी कला को संरक्षित करने के साथ नई पीढ़ी को इससे जोड़ने का भी माध्यम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि बुनकरों और शिल्पकारों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ा जा रहा है।

    मध्यप्रदेश की समृद्ध हस्तशिल्प एवं हथकरघा परंपरा को सहेजने और इससे जुड़े शिल्पियों के हुनर को नई पहचान देने के लिए राज्य सरकार सम्मान, प्रोत्साहन और बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। शिल्पियों के लिए पुरस्कार और प्रोत्साहन के साथ उनके पारंपरिक उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

    इन शिल्पियों का हुआ सम्मान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2022-23 के पुरस्कारों में गोदना (ब्लॉक) सौंसर साड़ी के लिए रोहित रूसिया को प्रथम पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपये, भगवान महाकाल की बाटिक कलाकृति के लिए मो. रफीक छीपा को द्वितीय पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपये तथा पत्थर शिल्प में ‘गौतम बुद्ध’ कृति के लिए सतीश विश्वकर्मा को तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपये प्रदान किए। श्रीमती दीपा अहिरवार, तानसिंह और हरीश धवन को प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में 15-15 हजार रुपये प्रदान किए गये। इस अवसर पर कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे

    डिजिटल कॉमर्स से वैश्विक बाजार तक पहुंच

    शिल्पियों को आधुनिक बाजार और डिजिटल कॉमर्स से जोड़ने के लिए ‘ODOP मार्ट’ और ‘द मृगनयनी’ वेब पोर्टल जैसी पहल की गई है। इन डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य प्रदेश के शिल्पियों और उनके उत्पादों को ऑनलाइन बाजार उपलब्ध कराना तथा उन्हें व्यापक उपभोक्ता वर्ग तक पहुंचाना है।

    डिजिटल माध्यम उस शिल्पकार के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोल सकता है, जिसकी कला उत्कृष्ट होने के बावजूद बाजार तक पहुंच सीमित रहती है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए पारंपरिक हस्तशिल्प और हाथकरघा उत्पादों को प्रदेश और देश के साथ वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के अवसर बढ़ेंगे।

    हुनर के संरक्षण के साथ आत्मनिर्भरता पर जोर

    शिल्पियों के हुनर को सम्मान और बाजार उपलब्ध कराने की पहल का उद्देश्य केवल पारंपरिक कलाओं का संरक्षण करना नहीं, बल्कि शिल्पकारों की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करना भी है। बेहतर बाजार, डिजिटल पहुंच और प्रोत्साहन से शिल्पकार अपने कौशल को आजीविका के अधिक सशक्त माध्यम में बदल सकेंगे।

    हर जिले के हुनर को मिल रहा मंच

    एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) के माध्यम से मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के विशिष्ट उत्पादों और स्थानीय हुनर को पहचान और बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों के उत्पादों को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित कर स्थानीय शिल्पकारों और उत्पादकों को नए बाजारों से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

    स्थानीय शिल्प को ई-कॉमर्स से जोड़ने से शिल्पकारों की आजीविका को मजबूत करने और उनके उत्पादों की मांग बढ़ाने के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे पारंपरिक कला को संरक्षण मिलने के साथ ग्रामीण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

    मध्यप्रदेश की हस्तशिल्प और हाथकरघा परंपरा में छिपी विविधता और रचनात्मकता को नई पहचान देने के साथ इन कलाओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की दिशा में यह प्रयास महत्वपूर्ण हैं। शिल्पियों के हुनर को सम्मान, हौसला और बाजार देकर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई देने का प्रयास किया जा रहा है।

    कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल के निर्देशन में आयोजित राज्य स्तरीय विश्वकर्मा पुरस्कार समारोह में मध्यप्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष पंकज जोशी एवं उपाध्यक्ष राकेश जादौन, अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता, प्रबंध संचालक/आयुक्त हस्तशिल्प एवं हाथकरघा मदन विभीषण नागर गोजे तथा आयुक्त रेशम मोहित बुन्दस भी उपस्थिति रहे। आयोजन में नोडल अधिकारी उमेश श्रीवास्तव, सहायक संचालक सुरूपाली सक्सेना तथा प्रबंधक हस्तशिल्प यश श्रवण, ईशम मौर्य, सुरंजना निनावे, योगेंद्र जोनवार और कुंदनलाल नागर सहित विभागीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संत रविदास हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम द्वारा आयोजित इस आयोजन को सफल बनाने में गोविंददास आगरे, मदन जोशी, शिवेंद्र सिंह और डिजाइनर सुअंकिता चंद्रवंशी गुप्ता का विशेष योगदान रहा।

     

  • सड़कों की बदहाली पर मंत्री सिंह का एक्शन, तत्काल मरम्मत कर यातायात सुगम बनाने के निर्देश

    सड़कों की बदहाली पर मंत्री सिंह का एक्शन, तत्काल मरम्मत कर यातायात सुगम बनाने के निर्देश

    क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कर सुगम यातायात करें सुनिश्चित : मंत्री सिंह

    लोक निर्माण मंत्री ने भोपाल की सड़कों की स्थिति की समीक्षा कर दिए सुधार के निर्देश
    मुख्य अभियंता ब्रिज एवं मुख्य अभियंता भोपाल सड़कों का करें गहन निरीक्षण
     क्विक सेट सीमेंट और पेवर ब्लॉक से तत्काल भरे जाएंगे गड्ढे

    भोपाल

    लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने वर्षाकाल के कारण भोपाल में विभाग की क्षतिग्रस्त सड़कों और विभिन्न स्थानों पर हुए गड्ढों को गंभीरता से लेते हुए उनकी तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण नागरिकों को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाए रखना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    मंत्री सिंह ने भोपाल की सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्य अभियंता ब्रिज एवं मुख्य अभियंता भोपाल को निर्देशित किया कि वे आज ही शहर की प्रमुख सड़कों, पुलों और यातायात की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों का गहन निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान क्षतिग्रस्त हिस्सों और गड्ढों को चिह्नित कर तत्काल सुधार कार्य प्रारंभ कराया जाए।

    मंत्री सिंह ने कहा कि वर्षा के कारण जहां डामरीकरण अथवा स्थायी मरम्मत तत्काल संभव नहीं है, वहां क्विक सेट सीमेंट, पेवर ब्लॉक अथवा अन्य उपयुक्त तकनीक का उपयोग कर गड्ढों को तुरंत भरा जाए। सुधार कार्य इस प्रकार किया जाए कि नागरिकों को शीघ्र राहत मिले और वाहनों का सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों के सुधार कार्य में किसी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। क्षतिग्रस्त सड़कों की नियमित निगरानी की जाए और बारिश के दौरान पुनः गड्ढे होने पर त्वरित कार्रवाई के लिए मैदानी अमले को सतर्क रखा जाए। प्रमुख मार्गों के साथ ही आंतरिक और संपर्क सड़कों की स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

    मंत्री सिंह ने कहा कि सड़क मरम्मत केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। प्रत्येक सुधार कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर कार्य की निगरानी करें अन्यथा होगी कड़ी कार्यवाही। उन्होंने निरीक्षण और सुधार कार्यों की प्रगति से उन्हें अवगत कराने के भी निर्देश दिए।

     

  • MP में निवेश की बंपर तैयारी! अहमदाबाद से आए ₹8,635 करोड़ के प्रस्ताव, हजारों नौकरियों के खुलेंगे रास्ते

    MP में निवेश की बंपर तैयारी! अहमदाबाद से आए ₹8,635 करोड़ के प्रस्ताव, हजारों नौकरियों के खुलेंगे रास्ते

    अहमदाबाद निवेश संवाद में मध्यप्रदेश को मिले 8 हजार 635 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

    5 हजार 785 से अधिक रोजगार के अवसर होंगे सृजित
    मध्यप्रदेश हर तरह के निवेश के लिए है तैयार, अवसरों का लाभ उठायें, यहां खुलकर करें निवेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुजरात के उद्योगपतियों को दिया मध्यप्रदेश में 2027 में होने वाली जीआईएस में भागीदारी का आमंत्रण
    अहमदाबाद में उद्योगपतियों और निवेशकों से संवाद सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की खूबियों पर रखी अपनी बात

    भोपाल

    गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित निवेश संवाद के दौरान मध्यप्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में 8 हजार 635 करोड़ रुपये के निवेश प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों से 5 हजार 785 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। निवेश संवाद में गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, भावनगर, राजकोट और वडोदरा सहित प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से 500 से अधिक उद्योगपतियों, निवेशकों एवं कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों ने सहभागिता की और मध्यप्रदेश में निवेश के प्रति विशेष रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को अहमदाबाद में आयोजित मेगा निवेश संवाद (इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश) में देशभर से आए प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित किया।   

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश व्यापार-व्यवसाय, नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना-विस्तार और बिजनेस एक्सटेंशन के लिए असीम संभावनाओं की धरती है। मध्यप्रदेश में निवेश हमेशा से ही फायदे का सौदा रहा है। मुख्यमंत्री ने देशभर के निवेशकों का प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश करने वालों को हमारी सरकार हर संभव सुविधा, सुरक्षा और सहयोग उपलब्ध कराएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए देश में चल रहे विकास यज्ञ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की नई औद्योगिक नीतियों को देश के उद्योग जगत से सराहना मिल रही है। उन्होंने कहा कि उद्योग के संचालन के लिए मुख्यत: ठोस नीति, नेक नीयत और सहयोगी सरकार। मध्यप्रदेश में आपको यह तीनों ही मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने गुजरात के उद्योग जगत को आगामी प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027, भोपाल के लिए आमंत्रित करते हुए कहा, आपके पास अनुभव है और हमारे पास अवसर। हमारे अवसरों को आपका अनुभव मिल जाए, तो हम मिलकर इतिहास रचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश के प्रगति पथ में सहयात्री बनने का आह्वान करते हुए कहा कि आइए, मध्यप्रदेश में बिना किसी संकोच के और खुले दिल से निवेश कीजिए तथा हमारे साथ विकास की इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों को बिजली, पानी और जमीन की चिंता करने की जरूरत नहीं है। औद्योगिक भूमि रियायती दरों पर लीज पर उपलब्ध है, पर्याप्त वाटर बैंक और सरप्लस बिजली है तथा प्लग एंड प्ले जोन विकसित किए जा रहे हैं। लगभग 19 हजार एकड़ में 48 नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। सिंगल विंडो सिस्टम को 'समस्याओं का अंत, सेवा तुरंत' बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बाधा का समाधान एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। सरल और सहज कनेक्टिविटी को प्रदेश की बड़ी ताकत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क, मजबूत रेल कनेक्टिविटी, 8 एयरपोर्ट, 6 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो, एक्सप्रेस-वे और हाईवेज़ उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशिक्षित और कुशल श्रमशक्ति भी बेहद आसानी से उपलब्ध है।

    मध्यप्रदेश और गुजरात हैं जुड़वा भाई

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और गुजरात के बीच औद्योगिक संभावनाओं एवं उच्च कोटि के परस्पर सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों ही राज्य जुड़वा भाईयों की तरह हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात के पास तकनीक, व्यापार और औद्योगिक अनुभव है, वहीं मध्यप्रदेश के पास प्रचुर जल, लैंड बैंक और देश के मध्य में स्थित होने का लॉजिस्टिक्स एडवांटेज है। दोनों राज्यों की इन्हीं बेजोड़ विशेषताओं के समन्वय से इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास का नया इतिहास रचा जा सकता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुजरात के पेट्रोकेमिकल, रसायन, टेक्सटाइल, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों के लिए मध्यप्रदेश में व्यापक अवसर हैं। बीना में विशाल पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी, उज्जैन में 360 एकड़ में विकसित हो रहा अत्याधुनिक मेडिकल डिवाइस पार्क, धार और नवसारी में पीएम मित्रा पार्क तथा पीथमपुर का मजबूत ऑटोमोबाइल आधार दोनों राज्यों की औद्योगिक साझेदारी की संभावनाओं को और मजबूत करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में 34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। नवीकरणीय ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो और बायोमास जैसी नीतियों से निवेश का रास्ता आसान हुआ है और इन क्षेत्रों में 7 लाख 19 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है।

    मां नर्मदा के दो बेटे देश के औद्योगिक विकास के लिए बढ़ रहे हैं साथ-साथ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के काल से गुजरात की धरती देश को समृद्धि देती आई है। गुजरात ने महात्मा गांधी और सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसे महापुरुष हमें दिए हैं। अब प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में भारत दुनिया का अग्रणी देश बनने की ओर अग्रसर है। गुजरात और मध्यप्रदेश मां नर्मदा के दो बेटों की तरह हैं। नर्मदा के जल से दोनों प्रदेशों में पेयजल और सिंचाई के पर्याप्त पानी मिल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार सरोवर बांध के लिए अपने संकल्प को पूरा किया है। दोनों राज्यों में उद्योग, व्यापार, संस्कृति सहित सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूलता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उद्यमी पुरुषार्थ और व्यापार से कई लोगों को रोजगार और घर चलाने का अवसर मिलता है। हम 'जियो और जीने दो' के साहचर्य सिद्धांत पर आगे बढ़ने वाले लोग हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेगा निवेश संवाद कार्यक्रम में आए उद्योगपतियों और उद्यमियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि गुजरात के साथ संबंध अनेक प्रकार से महात्मा गांधी जी के समय से है। स्वतंत्रता आंदोलन समर में सभी राज्य संयुक्त रूप से संघर्षरत थे। गुजरात से ही सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा आधुनिक भारत की नींव रखने का कार्य किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने मध्यप्रदेश में शिक्षा ग्रहण की। गुजरात में वे द्वारकाधीश बने और जगद्गुरु भी बने। गुजरात की धरती ही कृष्ण को लगाने वाली और समृद्धि देने वाली धरती है। अब एक बार फिर गुजरात और मध्यप्रदेश के साथ अब नया रिश्ता जुड़ रहा है। मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए गुजरात के सभी उद्यमी आमंत्रित हैं। उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में पूरा सहयोग प्राप्त होगा। गुजरात में पेट्रोकेमिकल , रसायन, टेक्सटाइल, फॉर्मा और एनर्जी सेक्टर में अपार संभावनाएं हैं। गुजरात का टेक्सटाइल तो दुनिया में प्रसिद्ध है। गुजरात के पास धार जिले में प्रधानमंत्री मोदी ने 2 हजार एकड़ में बन रहे टेक्सटाइल सेक्टर के पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया। यहां तेजी से निवेश आ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भी गुजरात से हैं। उनके नेतृत्व में भारत पूरे विश्व में सबसे अलग छवि बना रहा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और गुजरात के मध्य समन्वय तेजी से बढ़ रहा है। इसमें प्रधानमंत्री का जो राज्यों की समृद्धि का संकल्प था , वह क्रियान्वित हो रहा। सरदार सरोवर परियोजना के संदर्भ में राज्यों के मध्य आवश्यक सहयोग पर बल दिया गया है। दोनों राज्यों के बीच मोदी जी के शासनकाल में केंद्र का पर्याप्त समुचित मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। राज्यों में परस्पर सहयोग और साथ रहे, इस दृष्टि से विभिन्न क्षेत्रों में राज्य समान रूप से आगे बढ़ें, यह अनुकूलता बढ़ रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने औद्योगिक विकास के लिए ठोस नीतियां लागू की हैं। नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश में विशेष प्रयास हुए हैं। राज्य में बिजली की उपलब्धता सरप्लस है। मध्यप्रदेश की बिजली से दिल्ली में मेट्रो ट्रेन भी चल रही है। देश में सबसे सस्ती बिजली दर मध्यप्रदेश में है। राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों को लागू कर सकारात्मक वातावरण तैयार किया है। निवेशकों से किए हर वादे को पूरा करते हुए बड़े उद्योग और एमएसएमई ईकाइयों को पिछले माह तक की निवेश प्रोत्साहन राशि का भुगतान कर दिया गया है। सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता के बलबूते बैकलॉग सब्सिडी को भी खत्म किया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में युवाओं के लिए हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं। राज्य में टूरिज्म, आईटी, फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में भी अपार संभावनाएं हैं। राज्य में इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन सिटी और भोपाल सहित पड़ोसी जिले को जोड़कर मेट्रोपोलिटन सिटी तैयार करने का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश में सबसे तेज गति से मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। सबसे तेज गति से उद्योगों की स्थापना हो रही है। मध्यप्रदेश देश में में सबसे कम बेरोजगारी दर वाला राज्य है। उन्होंने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास में मध्यप्रदेश में हो रहे विशेष प्रयासों और अन्य सेक्टर में आ रहे निवेश का भी विवरण दिया। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों और सकारात्मक वातावरण की विस्तार पूर्वक जानकारी दी।

    गुजरात के वेलस्पन ट्रांसफॉर्मेशन सर्विस लिमिटेड के ऑनर चिंतन ठाकर ने मध्यप्रदेश में निवेश का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि गुजरात और मध्यप्रदेश सिस्टर स्टेट होने के साथ-साथ देश के भविष्य के ग्रोथ इंजन हैं। वर्ष 2011 में हमारी कंपनी ने मध्यप्रदेश में प्रवेश किया। देवास-भोपाल रोड पर अपनी यूनिट शुरू की। हमने वॉटर पाइप्स तैयार किए। मध्यप्रदेश सरकार ने केवल 12 महीने में उद्योग स्थापना के लिए जरूरी सभी अनुमतियां दे दीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्यमियों और निवेशकों की सभी देनदारियां लगातार भुगतान की जा रही हैं।

    अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन नीरज मंडलोई ने निवेशकों को मध्यप्रदेश की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारे पड़ोसी राज्य गुजरात ने हमेशा अपनी उद्यमिता, चुनौतियों का सामना करने और नवाचारों से देश को प्रेरित किया है। मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए एक लाख एकड़ से अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है। राज्य में 8 एयरपोर्ट, 22 रेल जंक्शन और तेजी से बढ़ता लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर इसे बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। राज्य सरकार ने 8 डेडिकेटेड इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने का संकल्प लिया है। इनमें मुरैना में फुटवियर पार्क, उज्जैन में मेडिकल डिवाइस, रायसेन में प्लास्टिक पार्क भी शामिल हैं। सेक्टर आधारित क्लस्टर हमारी विशेषता हैं। नीति आयोग ने मध्यप्रदेश को निवेश प्रोत्साहन नीतियों के निर्माण के मामले में शीर्ष राज्य घोषित किया है। हमारी उद्योग आधारित नीतियों को देश के दूसरे राज्य भी अपना रहे हैं। राज्य की पॉलिसी निर्यात, निवेश अनुदान को भी बढ़ावा दे रही हैं। मध्यप्रदेश जनवरी-फरवरी 2027 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन करने जा रहा है। मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक, तीसरा सबसे बड़ा दूध उत्पादक है। फूड प्रोसेसिंग के लिए राज्य में कच्चे माल की पर्याप्त उपलब्धता है। पीथमपुर में ऑटो सेक्टर का सबसे बड़ा टेस्टिंग ट्रैक है। धार जिले में टेक्सटाइल सेक्टर का देश के सबसे बड़ा पीएम मित्र पार्क स्थापित किया जा रहा है, जिसमें अब तक 2 हजार करोड़ से अधिक का निवेश मिल चुका है। मध्यप्रदेश की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पॉलिसी निवेशकों को हर क्षेत्र में मदद कर रही हैं। भोपाल, जबलपुर और उज्जैन में नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने पर काम चल रहा है। ग्वालियर में केंद्र सरकार के सहयोग से देश का पहला टेलीकॉम मैन्यूफेक्चरिंग जोन (टीएमजेड) विकसित किया जा रहा है। पर्यटन भविष्य में रोजगार का सबसे बड़ा जरिया बनेगा। मध्यप्रदेश वन्यजीव पर्यटन और धार्मिक पर्यटन में अग्रणी राज्य है। राज्य सरकार टूरिज्म सेक्टर में निवेश करने वाले उद्यमियों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।

    प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एम. सेल्वेंद्रन ने कहा कि मध्यप्रदेश में आईटी सेक्टर में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में देश के दूसरे राज्यों की तुलना में सस्ती और विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलती हैं। यहां रहना काफी सस्ता है। टीसीएस इंदौर में अपनी यूनिट संचालित करती है, जिसमें 16 हजार से अधिक स्टॉफ काम करता है। इन्फोसिस भी राज्य में अपना विस्तार करने जा रही है। बैगलौर और हैदराबाद की अपेक्षा मध्यप्रदेश में ट्रैफिक अत्यंत सुगम है। राज्य सरकार नया स्पेस टेक पार्क स्थापित करने पर कार्य कर रही है। भोपाल में ड्रोन मैन्यूफेक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ड्रोन टेस्टिंग के लिए ग्रीन जोन तैयार किया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार स्पेस टेक पॉलिसी के अंतर्गत 40 से 60 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी प्रदान करती है। हमारी सेमीकंडक्टर पॉलिसी को देशभर से बेहतर रिस्पांस मिल रहा है। राज्य सरकार उद्योग स्थापित करने के लिए किराये और स्टॉफ की सैलरी के लिए भी सहायता दे रही है।

    सिम्फनी लिमिटेड कंपनी के सीएमडी एवं कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज की गुजरात स्टेट कांउसिल के चेयरमेन  अचल बेकेरी ने कहा कि मध्यप्रदेश अतुल्य भारत का हृदय प्रदेश है। हाल के वर्षों में पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। घरेलू पर्यटकों की संख्या 14 करोड़ से अधिक दर्ज की गई। अब घरेलू पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश पारंपरिक तौर पर गोवा और हिमाचल प्रदेश की श्रेणी में शामिल हो रहा है। धार्मिक पर्यटन के लिए उज्जैन और चित्रकूट, वन्यजीव पर्यटन के लिए बांधवगढ़, कान्हा और पेंच राष्ट्रीय उद्यान, ऐतिहासिक विरासत के लिए खजुराहो, मांडू और सांची प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं। राज्य में बढ़ते टूरिज्म को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने होमस्टे की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। टूरिज्म राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी प्रदान कर रहा है। गुजराती समुदाय के लिए मध्यप्रदेश में हॉस्पिटिलिटी सेक्टर में अपार संभावनाएं नजर आ रही हैं। कई गुजराती निवेशक मध्यप्रदेश को अपने दूसरे घर के रूप में देखते हैं। राज्य में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी बेहतर कार्य हुए हैं। गुजरात में पहले हुई इन्वेस्टर्स मीट में हजारों करोड़ों के निवेश प्रस्ताव मध्यप्रदेश पर भरोसा दिखाते हैं। राज्य में उद्योग मित्र नीतियां, पारदर्शिता और निवेश अनुकूल वातावरण निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।

    इस अवसर पर सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसम्पर्क मनीष सिंह , एमपीआईडीसी लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर चन्द्रमौली शुक्ला सहित अन्य अधिकारी तथा गुजरात के उद्योग जगत के 350 से अधिक प्रतिनिधिगण उपस्थित थे। संवाद के दौरान मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाओं पर आधारित एक ऑडियो-वीडियो फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

    सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन जॉन किंग्सले एआर ने सभी का आभार व्यक्त किया।

    मुख्यमत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से की वन-टू-वन चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेश संवाद के दौरान प्रमुख उद्योग समूहों के साथ 15 से अधिक वन-टू-वन बैठकें हुईं। इनमें निवेश प्रस्तावों, औद्योगिक विस्तार और मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। अरविंद लिमिटेड के साथ पीएम मित्र पार्क में प्रस्तावित 1,200 करोड़ रुपये के निवेश को शीघ्र क्रियान्वित करने, टेक्सटाइल एवं गारमेंट क्षेत्र में उपलब्ध प्रोत्साहनों और  पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक अधोसंरचना के विकास पर चर्चा हुई। वहीं, टोरेंट पावर लिमिटेड के साथ अनूपपुर में प्रस्तावित 1600 मेगावाट ताप विद्युत परियोजना, प्रदेश की दीर्घकालीन ऊर्जा सुरक्षा, अतिरिक्त विद्युत क्षमता सृजन और भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

    पेट्रोकेमिकल, केमिकल, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस एवं रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग समूहों ने मध्यप्रदेश में निवेश में रुचि दिखाई। वन-टू-वन बैठकों में चिरपाल ग्रुप, गोल्डक्रेस्ट सीमेंट, गुजरात अंबुजा, एजियोस पॉलीफिल्म्स, एरिस लाइफसाइंसेज सहित अन्य उद्योग समूहों के निवेश प्रस्तावों पर चर्चा हुई। गुजरात के निवेशकों एवं उद्योग जगत ने प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, व्यवस्थाओं और नेतृत्व के प्रति विश्वास भी व्यक्त किया।

    विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त हुए निवेश प्रस्ताव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सीमेंट क्षेत्र में गोल्डक्रेस्ट सीमेंट द्वारा 3,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव से 1,500 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। पैकेजिंग क्षेत्र में एजियोस पॉलीफिल्म्स प्रा. लि. द्वारा 2,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव से 1,000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वहीं फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स लिमिटेड द्वारा 1,200 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव से 500 रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि फार्मास्युटिकल्स क्षेत्र में एरिस लाइफसाइंसेज लिमिटेड द्वारा 500 करोड़ रुपये के निवेश से 800 रोजगार, टेक्सटाइल क्षेत्र में राघव वूवन एलएलपी द्वारा 250 करोड़ रुपये के निवेश से 400 रोजगार, इंजीनियरिंग क्षेत्र में भव्य मशीन टूल्स द्वारा 250 करोड़ रुपये के निवेश से 300 रोजगार, केमिकल क्षेत्र में जय केमिकल इंडस्ट्रीज प्रा. लि. द्वारा 200 करोड़ रुपये के निवेश से 100 रोजगार तथा पैकेजिंग क्षेत्र में बालाजी मल्टीफ्लेक्स प्रा. लि. द्वारा 200 करोड़ रुपये के निवेश से 100 रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि टेक्सटाइल क्षेत्र में श्रद्धा स्पन प्रा. लि. द्वारा 160 करोड़ रुपये के निवेश से 600 रोजगार, अन्य क्षेत्र में इनर इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स एंड सिस्टम्स प्रा. लि. द्वारा 150 करोड़ रुपये के निवेश से 160 रोजगार, एयरोस्पेस एवं डिफेंस क्षेत्र में ऑप्टिमाइज्ड ग्रुप द्वारा 100 करोड़ रुपये के निवेश से 120 रोजगार, फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में जेएमके फूड द्वारा 50 करोड़ रुपये के निवेश से 80 रोजगार, केमिकल क्षेत्र में विबफास्ट ग्रुप द्वारा 50 करोड़ रुपये के निवेश से 75 रोजगार तथा अरुणाया ऑर्गेनिक्स लिमिटेड द्वारा 25 करोड़ रुपये के निवेश से 50 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इन सभी निवेश प्रस्तावों से कुल 8 हजार 635 करोड़ रुपये का निवेश और 5 हजार 785 रोजगार सृजित होने की संभावना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश को पिछले ढाई वर्षों में 34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जबकि 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने निवेशकों को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया।

                                     निवेश घोषणाओं का विवरण

     

    क्र.

    कम्पनी

    सेक्टर

    प्रस्तावित निवेश

    (रु. करोड़)

    प्रस्तावित रोजगार

    1.  

    गोल्डक्रेस्ट

    सीमेंट

    3,000

    1,500

    1.  

    एजियोस पॉलीफिल्म्स प्रा.लि.

    पैकेजिंग

    2,500

    1,000

    1.  

    गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स लिमिटेड

    फूड प्रोसेसिंग

    1,200

    500

    1.  

    एरिस लाइफसाइंसेज लिमिटेड

    फार्मास्युटिकल्स

    500

    800

    1.  

    राघव वूवन एलएलपी

    टेक्सटाइल

    250

    400

    1.  

    भव्य मशीन टूल्स

    इंजीनियरिंग

    250

    300

    1.  

    जय केमिकल इंडस्ट्रीज प्रा.लि.

    केमिकल

    200

    100

    1.  

    बालाजी मल्टीफ्लेक्स प्रा.लि.

    पैकेजिंग

    200

    100

    1.  

    श्रद्धा स्पन प्रा.लि.

    टेक्सटाइल

    160

    600

    1.  

    इनर इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स एण्ड सिस्टम्स प्रा.लि.

    अन्य

    150

    160

    1.  

    ऑप्टिमाइज्ड ग्रुप

    एयरोस्पेस एवं डिफेंस

    100

    120

    1.  

    जेएमके फूड

    फूड प्रोसेसिंग

    50

    80

    1.  

    विबफास्ट ग्रुप

    केमिकल

    50

    75

    1.  

    अरुणाया ऑर्गेनिक्स लिमिटेड

    केमिकल

    25

    50

                                     कुल

    8,635

    5,785

  • निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने मैदान में उतरे मुख्य अभियंता, 7 जिलों में 35 कामों का औचक निरीक्षण

    निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने मैदान में उतरे मुख्य अभियंता, 7 जिलों में 35 कामों का औचक निरीक्षण

    प्रदेश के 7 जिलों में मुख्य अभियंताओं के दलों ने किया 35 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण

    दो निर्माण एजेंसियों के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग और तीन एजेंसियों को नोटिस जारी करने के निर्देश
    गुणवत्तापूर्ण कार्य करने वाले अधिकारियों की हुई प्रशंसा
    लोकपथ ऐप की शिकायतों का चार दिवस में करें निराकरण, वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत को दें प्राथमिकता

    भोपाल

    लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए माह मैं दो बार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्य अभियंताओं के सात दलों ने सीहोर, बालाघाट, ग्वालियर, झाबुआ, अनूपपुर, रतलाम एवं पन्ना जिलों में रेंडम आधार पर चयनित 35 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में असंतोषजनक पाए गए कार्यों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, गुणवत्तापूर्ण कार्य करने वाले अधिकारियों की प्रशंसा भी की गई।

    निरीक्षण किए गए 35 कार्यों में लोक निर्माण विभाग के सड़क एवं पुल से संबंधित 21 कार्य, परियोजना क्रियान्वयन इकाई के 6 भवन निर्माण कार्य, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के 6 कार्य, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम का एक और लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग का एक कार्य शामिल है।

    निरीक्षण दलों से प्राप्त प्रतिवेदनों की समीक्षा मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। बैठक में प्रमुख अभियंता सड़क एवं पुल आर.एल. वर्मा, प्रमुख अभियंता एमपीआरडीसी के.पी.एस. राणा सहित मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री तथा निरीक्षणकर्ता अधिकारी ऑनलाइन शामिल हुए।

    असंतोषजनक कार्य पर नोटिस और कार्रवाई

    ग्वालियर जिले में लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे अटल गेट से बहोड़ापुर चौराहा फोरलेन निर्माण कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ठेकेदार मेसर्स ऋषिराज कंस्ट्रक्शन के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई करने के लिए मुख्य अभियंता ग्वालियर को निर्देशित किया गया।

    अनूपपुर जिले में निर्माणाधीन कोयलारी–पुरगा–मझली सड़क का कार्य भी संतोषजनक नहीं पाया गया। संबंधित तत्कालीन अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा ठेकेदार मेसर्स पांडे कंस्ट्रक्शन कंपनी, कोरिया के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई करने के निर्देश मुख्य अभियंता रीवा को दिए गए।

    झाबुआ जिले में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के झाबुआ–जोबट–बाग–कुक्षी मार्ग का संधारण कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाने पर ठेकेदार मेसर्स गंगोत्री झाबुआ–जोबट–कुक्षी टोलवे लिमिटेड को नोटिस जारी कर निर्धारित समय-सीमा में संधारण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए गए।

    इसी प्रकार अनूपपुर जिले के नोनघाटी–दमेहड़ी–लीलाटोला मार्ग की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर मुख्य ठेकेदार मेसर्स गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड, गुरुग्राम तथा उप ठेकेदार मेसर्स एटकॉन, नई दिल्ली को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

    पन्ना जिले के पन्ना–अमानगंज–सिमरिया मार्ग की स्थिति असंतोषजनक पाए जाने पर ठेकेदार मेसर्स जीवीआर पन्ना–अमानगंज टोलवेज प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद को नोटिस जारी कर समय-सीमा में संधारण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण में पाए गए अन्य 23 कार्यों में भी आवश्यक आंशिक सुधार कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

    गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य करने वाले अधिकारियों की प्रशंसा

    निरीक्षण के दौरान गुणवत्तापूर्ण कार्य करने वाले अधिकारियों की सराहना भी की गई। रतलाम जिले में बंजली–सेजावता बायपास रोड पर निर्माणाधीन आरओबी-190 का कार्य गुणवत्तापूर्ण पाए जाने पर अनुविभागीय अधिकारी आर.एन. सूर्यवंशी और उपयंत्री विजय मंडलोई की प्रशंसा की गई।

    इसी प्रकार रतलाम जिले के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, छावनी झोड़िया के निर्माणाधीन भवन का कार्य भी गुणवत्तापूर्ण पाया गया। इसके लिए उपयंत्री एवं अनुविभागीय अधिकारी प्रशांत जोशी की प्रशंसा की गई।

    लोकपथ ऐप की शिकायतों का चार दिवस में हो निराकरण

    समीक्षा बैठक में सभी अधिकारियों को निरीक्षण प्रतिवेदनों में की गई अनुशंसाओं के अनुसार आवश्यक सुधार कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण कर शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी देने को कहा गया। मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण यंत्रियों को शिकायतों की स्वयं समीक्षा करने के निर्देश दिए गए, जिससे आगामी माह की ग्रेडिंग में सुधार हो सके।

    लोकपथ ऐप पर प्राप्त शिकायतों का अनिवार्य रूप से चार दिवस की निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए गए। वर्षाकाल में क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों एवं पुलियों की मरम्मत प्राथमिकता से पूर्ण कराने तथा सभी मार्गों का नियमित संधारण सुनिश्चित करने को कहा गया।

    ब्लैक स्पॉट पर शीघ्र करें सुरक्षा संबंधी कार्य

    निरीक्षण के दौरान दुर्घटना की आशंका वाले मार्गों को चिह्नित कर आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश दिए गए। सड़कों से बेसहारा पशुओं को हटाने की कार्रवाई निरंतर और प्रभावी रूप से करने को कहा गया। बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए सभी पुल-पुलियों पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा एमपीआरडीसी के टोल-फ्री नंबर 1099 के बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए गए।

    अधिकारियों को सभी ब्लैक स्पॉट पर शीघ्रता से सुधार कार्य कराने और सड़क सुरक्षा के संबंध में गठित सुप्रीम कोर्ट कमेटी की आगामी बैठक की तैयारियां समय पर पूर्ण करने को कहा गया। पुल-पुलियों पर वर्षा जल की निकासी की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।

    बैठक में लोक कल्याण सरोवर और रिचार्ज बोर के नवीन लक्ष्यों की पूर्ति, लोक परियोजना प्रबंधन प्रणाली का समुचित उपयोग तथा लोक कल्याण सूचकांक के अंतर्गत सभी अधिकारियों-कर्मचारियों का डेटा निरंतर अपडेट करने के निर्देश दिए गए। प्रबंध संचालक भरत यादव ने संधारण कार्य, गड्ढे भरने और पैच रिपेयर के संबंध में लोक निर्माण विभाग द्वारा 27 दिसंबर 2022 को जारी परिपत्र का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।