Category: मध्य प्रदेश

  • मध्यप्रदेश अवसरों की धरती है और यहां पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं

    मध्यप्रदेश अवसरों की धरती है और यहां पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सभी क्षेत्रों में सशक्त हो रहा है। भारत के पास अपने सामर्थ्य से हर प्रकार की चुनौती से निपटने की क्षमता है। जिस प्रकार रामायण में जामवंत ने समुद्र लांघने के लिए हनुमान जी को उनकी शक्ति से परिचित कराया था, उसी प्रकार प्रधानमंत्री  मोदी ने भारत को उसके सामर्थ्य से परिचित कराया है। आज स्किल नई करेंसी है और इनोवेशन नई इकोनामी। हमारी संस्थाओं को कौशल, शोध, नवाचार और उद्यमिता का केंद्र बनना होगा। पब्लिकेशन से लेकर पेटेंट तक, पेटेंट से प्रोटोटाइप तक और प्रोटोटाइप से लेकर एंटरप्राइज की इकोनामिक और नॉलेज वैल्यू चैन की स्थापना करनी होगी। मध्यप्रदेश अवसरों की धरती है और प्रतिभाशाली युवा, प्राकृतिक संसाधन, कृषि शक्ति, उद्यमशीलता और औद्योगिक क्षमता हमारे संसाधन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "कंट्रीब्यूशन ऑफ सेंट्रली फंडेड इंस्टीटयूशन्स फॉर समृद्ध मध्यप्रदेश @2047” पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्जलित कर कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया।

    “वन इंस्टीट्यूट–वन प्रॉमिस” रही कॉन्क्लेव की थीम

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर स्मारिका-समृद्ध मध्यप्रदेश @ 2047 केन्द्रीय संस्थाओं का सम्मेलन विमोचन किया। कॉन्क्लेव अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान द्वारा आयोजित किया गया। “वन इंस्टीट्यूट–वन प्रॉमिस” की थीम पर आयोजित कॉन्क्लेव का उद्देश्य प्रदेश में स्थित केन्द्रीय संस्थाओं की समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 के लक्ष्य प्राप्ति में भागीदारी और सहभागिता सुनिश्चित करना है। कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में विभिन्न संस्थाओं के बीच एमओयू का आदान-प्रदान हुआ।

    संस्थानों में उपलब्ध ज्ञान और तकनीक का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के विभिन्न केंद्रीय संस्थानों के प्रतिनिधियों का एक मंच पर एकत्र होना मध्यप्रदेश के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है। इससे संस्थानों को अपनी उपलब्धियां, विशेषज्ञता और भविष्य की योजनाएं साझा करने के साथ प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप योगदान देने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि संस्थानों में उपलब्ध ज्ञान और तकनीक का लाभ प्रयोगशालाओं और परिसरों तक सीमित न रहकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। “एक संस्थान–एक संकल्प” केवल एक विचार नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के भविष्य के निर्माण की कार्ययोजना है। प्रत्येक संस्थान प्रदेश के विकास से संबंधित ऐसा व्यावहारिक संकल्प ले, जिसे निश्चित समय-सीमा में धरातल पर उतारा जा सके। राज्य सरकार इन संकल्पों और नवाचारों को क्रियान्वित करने में पूरा सहयोग प्रदान करेगी।

    स्पष्ट दृष्टि और सामूहिक इच्छाशक्ति से समस्याओं का समाधान संभव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुनिया के अनेक देशों ने विपरीत परिस्थितियों से उभरकर ज्ञान, अनुशासन और तकनीकी क्षमता के आधार पर उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्तमान भारत भी रक्षा, अंतरिक्ष, विज्ञान, डिजिटल तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। आधुनिक तकनीक ने देश की सीमाओं की सुरक्षा और विभिन्न चुनौतियों से निपटने की हमारी क्षमता को सुदृढ़ किया है। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति के लिए राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ परस्पर सहयोग भी आवश्यक है। प्रत्येक राज्य आगे बढ़ेगा, तभी भारत विकसित राष्ट्र बनेगा। राजस्थान के साथ वर्षों से लंबित जल संबंधी विषयों को संवाद और सहयोग से आगे बढ़ाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्पष्ट दृष्टि और सामूहिक इच्छाशक्ति से जटिल समस्याओं का भी समाधान संभव है।

    युवाओं के कौशल को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाए

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्याप्त प्राकृतिक संसाधन, भूमि, युवा शक्ति और संस्थागत क्षमता उपलब्ध है। आवश्यकता इस बात की है कि युवाओं के कौशल को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाए। केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय संस्थान कौशल विकास, अनुसंधान, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, ऊर्जा, पर्यावरण, उद्योग और नवाचार के क्षेत्रों में मिलकर कार्य करें। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा और प्रदेश का संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित होगा।उन्होंने कहा कि शासन, शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संगठनों और उद्योगों के बीच प्रभावी समन्वय से मध्यप्रदेश ज्ञान एवं नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। संस्थानों द्वारा किए जाने वाले अनुसंधान प्रदेश की वास्तविक समस्याओं के समाधान और नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले होने चाहिए।

    विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव में सहभागी सभी संस्थानों के प्रतिनिधियों का अभिनंदन करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके अनुभव, ज्ञान और संकल्प से “समृद्ध मध्यप्रदेश@2047” की परिकल्पना को नई गति मिलेगी तथा विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा

    अगली पीढ़ी को सर्वश्रेष्ठ सौंपना है

    मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल ने कहा कि समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 विजन डॉक्यूमेंट विकसित भारत का एक लक्ष्य है। इसे हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री  मोदी ने सप्त संकल्प बताए हैं। मध्यप्रदेश तकनीक और नवाचारों में अग्रणी राज्य है। वर्ष 2047 के लिए प्रदेश के विकासोन्मुख सभी प्रयासों को एक सूत्र में बांधना हमारा लक्ष्य है। इसमें सिविल सोसाइटी, उद्यमी, संस्थानों और हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। जब कोई विकासशील राज्य, विकसित राज्य के लक्ष्य की ओर बढ़ता है तो उसे हर क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार और परिणामूलक कार्यों की आवश्यकता होती है। हम ऐसे बड़े लक्ष्य तय करें, जो हमें अपने सेक्टर में ग्लोबल लीडर बनाए। वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बहुत अधिक फोकस है, हमें हमारे युवाओं को एआई की चुनौती का सामना करने के उद्देश्य से कौशल सम्पन्न बनाना होगा। सभी केन्द्रीय संस्थान अपने-अपने क्षेत्र में संकल्प लें और परिणाम देने के उद्देश्य से कार्य करें। विकसित मध्यप्रदेश की जिम्मेदारी सिर्फ शासन की नहीं, बल्कि हम सभी की है। यह ध्यान रखे कि हमारी अगली पीढ़ी, इस पीढ़ी के प्रयासों का मूल्यांकन करेगी और यह आकलन भी करेगी कि उसे क्या सौंपा गया। हमें अपनी अगली पीढ़ी को सर्वश्रेष्ठ सौंपना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश, विकास के नए सौपान अर्जित करेगा

    अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के उपाध्यक्ष  प्रो. राजीव दीक्षित ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन ने पिछले साल समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 विजन डॉक्यूमेंट जारी किया था। यह प्रधानमंत्री  मोदी के विकसित भारत के विजन को मजबूती प्रदान करता है। मध्यप्रदेश चयनित 15 से अधिक प्रमुख सेक्टर में कार्य करते हुए विकसित भारत के संकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस श्रेणी में कृषि, वानिकी, ग्रामीण विकास, नवकरणीय ऊर्जा, टेक्नोलॉजी एंड साइंटिफिक रिसर्च, डिफेंस एंड स्ट्रैटजिक इंस्टीट्यूशन मैनेजमेंट, ह्यूमैनिटी, एजुकेशन एंड स्किल डेवलपमेंट, डिजाइन, डेवलपमेंट एंड कल्चर और स्पोर्ट्स शामिल हैं। सभी के प्रतिनिधि इस कॉन्क्लेव में मौजूद हैं। इसमें राज्य के 60 से अधिक संस्थाएं शामिल हैं। इस क्रम में नॉलेज डिपॉजेटरी पोर्ट्ल आरंभ किया जाएगा, जिस पर संस्थाएं अपने विचार साझा कर सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के नित नए सौपान अर्जित करेगा।

    केंद्रीय संस्थान के प्रतिनिधियों ने प्रदेश के समग्र विकास के संबंध में रखें विचार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय संस्थानों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। इस सत्र को सुशासन संस्थान के चीफ साइंटिफिक एडवाइजर  संतोष कुमार विश्वकर्मा ने मॉडरेट किया। प्रतिनिधियों ने सेमीकंडक्टर तकनीक, साइबर सिक्योरिटी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, होम स्टे प्रशिक्षण, शारीरिक शिक्षण और खेलों के लिए प्रशिक्षण, क्रिटिकल एलिमेंट्स पर शोध, गांवों में स्मार्ट विलेज बनाने के क्षेत्र में गतिविधियां संचालित करने और प्रदेश के समग्र विकास के बारे में विचार रखे। इस अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के निदेशक  स्वरोचित सोमवंशी ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में म.प्र. हिंदी ग्रंथ अकादमी के निदेशक  अशोक कड़ेल, केंद्रीय संस्थानों के निदेशक और प्रतिनिधि, विश्वविद्यालयों के कुलगुरु सहित बड़ी संख्या में नीति-निर्माता और विद्वान उपस्थित थे।

    13 एमओयू हुए

    कॉन्क्लेव में प्रदेश में शिक्षा, अनुसंधान, कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों के साथ 13 एमओयू किए गए। इनमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर, लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई) ग्वालियर, भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) भोपाल, आईसीएआर-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान इंदौर, राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर) भोपाल, राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) भोपाल, अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान (एबीवी-आईआईआईटीएम) ग्वालियर, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) भोपाल, सीएसआईआर-उन्नत सामग्री एवं प्रक्रिया अनुसंधान संस्थान (एएमपीआरआई) भोपाल, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) भोपाल, राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) भोपाल तथा प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च इंदौर शामिल हैं। इसके साथ ही इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, भोपाल और डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के बीच भी एमओयू हुआ।

     

  • भविष्य बनाने की चाह में बढ़े पानी के बीच से नदी पार कर पढ़ने जाने को मजबूर छात्र

    भविष्य बनाने की चाह में बढ़े पानी के बीच से नदी पार कर पढ़ने जाने को मजबूर छात्र

    उमरिया

    जिले के विकास एवं सुशासन की एक और तस्वीर आई सामने, अपना भविष्य बनाने की चाह में नदी पार कर बीच से पढ़ने  जाने को मजबूर नौनिहाल 

    उमरिया जिले के बांधवगढ़ 89 विधानसभा क्षेत्र के विकास की एक ऐसी शर्मनाक तस्वीर सामने आई है जिसमें साफ दिख रहा है कि अपने भविष्य की चिंता को लेकर देश के नौनिहाल कैसे – कैसे खतरों से जूझते हैं, उनके अभिभावक  भी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं जो अपना सब काम छोड़ कर बच्चों को नदी पार करवाते नजर आते हैं, इतना ही नहीं बच्चे भी पढ़ाई के लिए जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं जिसका वीडियो सोसल मीडिया में वायरल हो रहा है, इस पुल के निर्माण के लिए सालों से मांग की जा रही है लेकिन विकास का दम भरने वाले विधायक और जिला प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंगीं ऐसे में अब बच्चे स्कूल बस्ता लेकर पढ़ाई करने जान हथेली पर रखकर नदी पार कर रहे हैं, ऐसा नहीं है कि कोई पहला साल है हर वर्ष की यही कहानी है, पिछले साल भी इसी गांव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था और जिला प्रशासन एवं विधायक ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही पुल का निर्माण करवाया जाएगा लेकिन वहीं कहावत हुई कि "रात गई बात गई" गांव के मात्र आश्वासन का झुनझुना पकड़े अभी भी बैठे हैं कि कभी तो राम अयोध्या आयेंगे l 

    सारा नजारा जिले के बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मानिकपुर के बेन्दुली नदी का है जहां मानिकपुर, हर्राडांड और भी कई गांव के लोगों का आना जाना इसी नदी को पार कर होता है, यहां रात में कोई बीमार हो जाय या किसी महिला को डिलीवरी होने हो तो कोई साधन बारिश के मौसम में गांवों तक नहीं पहुंच सकता है, लोगों को खाट पर लेकर नदी पार करवाना पड़ता है l

    मानिकपुर निवासी बब्बन सिंह ने बताया कि हम लोग कई वर्षों से जिला प्रशासन और सरकार से पुल बनाने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है, हर वर्ष बरसात के मौसम में हम लोगों को नारकीय जीवन जीना पड़ता है l 

    वहीं ग्राम हर्राडांड निवासी बैजू गोंड ने बताया कि हमारे यहां पुल नहीं होने से हम लोग बारहों माह परेशान रहते हैं, बच्चों को स्कूल भेजते हैं तो डर लगा रहता है कि कब क्या हो जाएगा कोई भरोसा नहीं बस भगवान भरोसे बच्चों के भविष्य के लिए नदी पार करवा कर स्कूल भेजते हैं कई बार हादसा भी हो गया है, लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही है l 

     

  • पर्सनल आईडी से टिकट बुकिंग पर हाई कोर्ट की स्पष्टता, रेलवे एजेंट को मिली राहत

    पर्सनल आईडी से टिकट बुकिंग पर हाई कोर्ट की स्पष्टता, रेलवे एजेंट को मिली राहत

    जबलपुर 
     मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जस्टिस हिमांशु जोषी की एकलपीठ ने साफ किया है "अधिकृत एजेंट के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 143 के तहत अपराध नहीं बनता." इस प्रकार रेलवे कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के समक्ष लंबित आपराधिक प्रकरण को निरस्त करने के आदेश जारी किए। 

    आरपीएफ ने धारा 143 के तहत अपराध दर्ज किया
    याचिकाकर्ता अविनाश कुमार सोनी की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया "वह साल 2015 से आईआरसीटीसी अधिकृत ई-टिकटिंग एजेंट है. उसका सिंगरौली में सायबर कैफे है." मामले के अनुसार रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के अधिकारियों ने उसके साइबर कैफे पर छापा मारा और दो रेलवे टिकट जब्त की, जो अधिकृत एजेंट आईडी के बजाय याचिकाकर्ता की पर्सनल आईडी से जारी किए गए थे. आरपीएफ ने उसके खिलाफ रेलवे एक्ट 1989 की धारा 143 के तहत अपराध दर्ज किया. जांच के बाद सक्षम रेलवे कोर्ट में चार्जशीट दायर की गई। 

    अनधिकृत टिकट का सबूत नहीं
    याचिकाकर्ता की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता विशाल डेनियल ने तर्क दिया "याचिकाकर्ता अधिकृत एजेंट है और ऐसा कोई सबूत नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि वह रेलवे टिकट खरीदने या सप्लाई करने का अनधिकृत कारोबार कर रहा था. आरपीएफ ने 20 नवम्बर 2019 को उसके सायबर कैफे में छापेमारी की थी. छापेमारी के समय याचिकाकर्ता दुकान पर मौजूद नहीं था. वह वाराणसी में चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढाई कर रहा था और वह लॉ ग्रेजुएट भी है। 

    पिता को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया
    छापेमारी के दौरान दुकान में उपस्थित याचिकाकर्ता के पिता को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लेते हुए कंप्यूटर सिस्टम, प्रिंटर और आईआरसीटीसी का अधिकार डोंगल को बिना अधिकार के जब्त कर लिया गया था. एकलपीठ ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा "आरोप केवल टिकट बुक करने के तरीके तक सीमित है. याचिकाकर्ता अधिकृत एजेंट आईडी के बजाय व्यक्तिगत यूजर आईडी के माध्यम से टिकट बुक की. इस तरह के आरोप को अगर सही भी मान लिया जाए तो भी यह रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत दंडनीय अपराध नहीं बनता है." एकलपीठ ने सुनवाई के बाद लंबित प्रकरण को निरस्त करने के आदेश जारी किए। 

  • डेढ़ करोड़ की ठगी केस में बड़ा एक्शन, मुंबई से 2 गिरफ्तार; अब मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस

    डेढ़ करोड़ की ठगी केस में बड़ा एक्शन, मुंबई से 2 गिरफ्तार; अब मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस

    कटनी
     मध्य प्रदेश के कटनी के विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक से जुड़ी कंपनी के साथ हुई करीब डेढ़ करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामले की परतें भी खुलती जा रही हैं। अब इस प्रकरण में मुंबई कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस को शक है कि ठगी की पूरी साजिश के पीछे कोई बड़ा और बेहद शातिर व्यक्ति हो सकता है। रंगनाथ नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के पालघर क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रिजवान मलिक (26) और मोहम्मद अब्दुल उर्फ साहिल (36) के रूप में हुई है। दोनों को कटनी लाकर पुलिस रिमांड पर लिया गया है और उनसे ठगी की रकम के लेन-देन तथा पूरे नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जा रही है।

    जिस खाते ने बढ़ाया शक, वहीं से खुल रही जांच की नई कड़ी
    पुलिस जांच में पता चला है कि कथित ठगी की रकम में से करीब 1.16 करोड़ रुपये स्काई लाइम प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इसी कंपनी से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आने के बाद जांच की दिशा महाराष्ट्र तक पहुंची। पुलिस ने कंपनी के दोनों डायरेक्टरों को पकड़ लिया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि खाते में रकम पहुंचने के बाद उसे किन-किन खातों में भेजा गया और इस पूरी प्रक्रिया को संचालित कौन कर रहा था।

    कंपनी सिर्फ एक जरिया थी या पूरी साजिश का हिस्सा?

    जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि क्या कंपनी के बैंक खाते का इस्तेमाल केवल रकम को आगे ट्रांसफर करने के लिए किया गया था या इसके पीछे पहले से तैयार कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और आपसी संपर्कों की जानकारी खंगाल रही है।

    अधिकारियों को आशंका है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद ठगी की रकम के अंतिम लाभार्थियों और कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

    कंपनी के खाते में पहुंची थी बड़ी रकम-
    जांच में सामने आया है कि विधायक संजय पाठक से ठगी गई रकम में से करीब 1.16 करोड़ रुपए स्काई लाइम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इसी बैंक खाते और कंपनी से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल करते हुए पुलिस मुंबई तक पहुंची। कंपनी के दोनों डायरेक्टरों की अरेस्टिंग के बाद अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि खाते में रकम आने के बाद उसे कहां-कहां ट्रांसफर किया गया।

    अब तक नौ गिरफ़्तार-
    पुलिस के मुताबिक इस मामले में अब तक कुल नौ आरोपियों की गिरफ़्तार हो चुकी है। इनमें से पांच आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है, जबकि चार आरोपियों से पुलिस रिमांड पर पूछताछ की जा रही है।

    मास्टरमाइंड बड़ा बदमाश
    पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल फोन और आपसी संपर्कों की जांच कर ठगी की रकम के पूरे लेन-देन की कडयि़ां जोडऩे में जुटी है। दो नए आरोपियों की गिरफ़्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि कंपनी के जरिए रकम को खपाने और ठगी की साजिश में शामिल अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारी सामने आ सकती है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस ठगी का मास्टरमाइंड बहुत शातिर है। मामले में किसी बड़े बदमाश के शामिल होने की आशंका है।

    अब तक 9 आरोपी पुलिस के शिकंजे में
    पुलिस के अनुसार मामले में अब तक कुल नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें पांच आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि चार आरोपियों से पुलिस रिमांड पर पूछताछ जारी है। जांच टीम अब पूरे पैसों के ट्रेल को जोड़ने में लगी है। किस खाते से रकम निकली, कहां पहुंची और उसके बाद किन लोगों के बीच इसका लेन-देन हुआ—इन सभी बिंदुओं को जांच का हिस्सा बनाया गया है।

    मास्टरमाइंड तक पहुंचना बनी पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती
    मामले में जिस तरीके से कथित धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया और रकम को अलग-अलग माध्यमों से आगे बढ़ाया गया, उसने जांच अधिकारियों के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस को शक है कि गिरफ्तार आरोपियों से ऊपर भी कोई ऐसा व्यक्ति हो सकता है, जिसने पूरे नेटवर्क को दिशा दी।

    फिलहाल पुलिस की नजर बैंक ट्रांजेक्शन, डिजिटल साक्ष्यों और आरोपियों के संपर्कों पर है। मुंबई से हुई दो नई गिरफ्तारियों के बाद जांच को अहम सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अब देखना होगा कि पूछताछ की कड़ियां पुलिस को कथित मास्टरमाइंड तक कब पहुंचाती हैं।

  • मेरिटोरियस शिक्षकों को राहत: स्कूल चयन का मिलेगा दूसरा मौका, जबलपुर हाईकोर्ट के निर्देश

    मेरिटोरियस शिक्षकों को राहत: स्कूल चयन का मिलेगा दूसरा मौका, जबलपुर हाईकोर्ट के निर्देश

    जबलपुर 

    मध्य प्रदेश के सिवनी जिले की मिडिल स्कूल शिक्षिका साक्षी ताम्रकार सहित अन्य अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर शिक्षक भर्ती में पदस्थापना प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। याचिका में आरोप लगाया गया कि अधिक मेरिट वाले अभ्यर्थियों को पसंद का स्कूल चुन सकेंगे। 

    मामले की शनिवार को सुनवाई जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की डिवीजन बेंच ने की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों में ऐसा बदलाव नहीं किया जा सकता, जिससे अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हों। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि जनजातीय कार्य विभाग में पहले से पदस्थ मेरिटोरियस अभ्यर्थियों को स्कूल शिक्षा विभाग में चॉइस फिलिंग का अवसर दिया जाए। इसके बाद उनकी मेरिट के आधार पर पदस्थापना की जाए।

    2018 की शिक्षक भर्ती से जुड़ा है मामला
    दरअसल, 2018 में शिक्षक पात्रता परीक्षा के आधार पर स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग में संयुक्त शिक्षक भर्ती निकाली गई थी। साक्षी ताम्रकार सहित 54 याचिकाओं में अभ्यर्थियों ने बताया कि आरक्षित वर्ग के कई उम्मीदवारों ने सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों से भी अधिक अंक हासिल किए थे।

    मेरिट के आधार पर उन्हें जनजातीय कार्य विभाग के स्कूलों में नियुक्ति मिली। इसके बाद नवंबर-दिसंबर 2022 में जारी निर्देशों के चलते एक विभाग में नियुक्त होकर जॉइन कर चुके शिक्षकों को रिक्त पदों के लिए होने वाली काउंसलिंग और चॉइस फिलिंग से बाहर कर दिया गया।

    याचिकाकर्ताओं का कहना था कि बाद के निर्देशों से भर्ती की मूल प्रक्रिया प्रभावित हुई। अधिक मेरिट वाले अभ्यर्थी स्कूल शिक्षा विभाग में अपनी पसंद का स्कूल नहीं चुन सके, जबकि कम मेरिट वालों को पसंदीदा स्कूल मिल गए।

    साक्षी ताम्रकार का मामला बना अहम आधार
    सुनवाई के दौरान अधिवक्ता प्रशांत कुमार बड़ारया, अंशुमान सिंह और अमित कुमार चतुर्वेदी ने अभ्यर्थियों की ओर से पक्ष रखा। कोर्ट के सामने साक्षी ताम्रकार के मामले का विशेष उल्लेख किया गया। उनका दस्तावेज सत्यापन पूरा हो चुका था और चॉइस लिस्ट में नाम भी शामिल था। इसके बावजूद ट्राइबल विभाग से नियुक्ति पत्र जारी होने के कारण उन्हें चॉइस फिलिंग का मौका नहीं मिला।

    2 महीने में चॉइस फिलिंग, मेरिट से होगी पोस्टिंग
    डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि दो महीने के भीतर संबंधित अभ्यर्थियों को स्कूल चॉइस फिलिंग पॉलिसी के तहत प्राथमिकताएं दर्ज करने का अवसर दिया जाए। इसके बाद उनकी मेरिट के आधार पर पदस्थापना तय होगी।

    कोर्ट ने यह भी कहा कि नई प्रक्रिया से यदि पहले से कार्यरत कम मेरिट वाले शिक्षक प्रभावित होते हैं, तो उन्हें उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर संबंधित विभाग या दूसरे विभाग में समायोजित किया जाए।

    अदालत ने माना कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद चयन की मूल शर्तों और अभ्यर्थियों के अधिकारों को प्रभावित करने वाले बदलाव नहीं किए जा सकते। फैसले से शिक्षक भर्ती-2018 के मेरिटोरियस अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग में पदस्थापना को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर भी इसका असर पड़ सकता है।

  • MP Weather Alert: 22 जिलों में भारी बारिश का खतरा, 3 दिन का अलर्ट जारी; 27 अगस्त तक बरसेंगे बादल

    MP Weather Alert: 22 जिलों में भारी बारिश का खतरा, 3 दिन का अलर्ट जारी; 27 अगस्त तक बरसेंगे बादल

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से आज 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। डिंडोरी और बालाघाट सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं, जहां 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने दोनों जिलों के लिए अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जबलपुर, मंडला, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी, दमोह, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और छतरपुर में भी भारी बारिश की चेतावनी है। इधर रविवार रात भोपाल में तेज बारिश हुई।

    तीन दिन तक बना रहेगा बारिश का असर
    मानसून की द्रोणिका, चक्रवाती परिसंचरण और निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से बारिश का मजबूत दौर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 27 अगस्त तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। पूर्वी जिलों के साथ पश्चिमी हिस्से में भी कई स्थानों पर तेज बारिश होने के आसार हैं।

    बारिश हुई, फिर भी प्रदेश में तीन इंच की कमी
    प्रदेश में अब तक 629.8 मिलीमीटर यानी करीब 24.8 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 707.3 मिलीमीटर यानी 27.8 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में करीब 3 इंच पानी कम गिरा है और कुल बारिश सामान्य से 11 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी करीब 8 प्रतिशत, जबकि पश्चिमी हिस्से में यह कमी 14 प्रतिशत तक है।

    39 जिलों में बारिश का आंकड़ा अब भी पीछे
    प्रदेश के 39 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें कई जिलों में कमी 6 से 50 प्रतिशत तक है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से पीछे है। पश्चिमी हिस्से में भी कई जिलों में 1 से 48 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है। यानी मौजूदा तेज बारिश के बावजूद मानसून की शुरुआती कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी है।

    अब भी प्रदेश में औसत 3 इंच बारिश कम
    मौसम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 629.8 मिलीमीटर यानी करीब 24.8 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य तौर पर इतने समय में प्रदेश में 707.3 मिलीमीटर यानी 27.8 इंच बारिश होनी चाहिए। इस हिसाब से प्रदेश में सामान्य से करीब 3 इंच बारिश कम रिकॉर्ड हुई है। वहीं, बारिश सामान्य से 11 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी करीब 8 फीसद है, जबकि पश्चिमी हिस्से में ये कमी 14 फीसद है।

    39 जिलों में कम तो 16 जिलों में औसत से अधिक वर्षा
    प्रदेश के 39 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। जबकि 16 जिलों में मानसून मेहरबान है। जिन जिलों में कम बारिश हुई वहां कमी 6 से 50 फीसद है। इनमें जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से पीछे है। पश्चिमी हिस्से में भी कई जिलों में 1 से 48 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है। यानी मौजूदा समय में जारी बारिश के बावजूद मानसून की शुरुआती कमी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। वहीं, दूसरी तरफ जिन जिलों में बारिश औसत से ज्यादा हुई, उनमें अनूपपुर, डिंडोरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ शामिल हैं।

    16 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी
    प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून मेहरबान भी रहा है। अनूपपुर, डिंडोरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    जुलाई ने संभाला, जून की कमी अभी बाकी
    जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में मानसून सक्रिय होने के बाद बारिश का आंकड़ा सुधरा और महीने का कोटा पूरा हो गया। इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक आया, जिससे कई दिनों तक बारिश कमजोर रही। अगस्त के अंतिम दौर में सक्रिय हुए मजबूत सिस्टम ने फिर बारिश बढ़ाई है, लेकिन जून की कमी अभी पूरी तरह नहीं भर पाई है।

    37.3 इंच है प्रदेश की सामान्य बारिश
    मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन की सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश 38 से 39 इंच के आसपास रहती है। ऐसे में आने वाले दिनों की बारिश प्रदेश के कुल वर्षा आंकड़े को सामान्य के करीब लाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

     

  • रक्षाबंधन पर यात्रियों की बढ़ी सुविधा, खजुराहो से दिल्ली के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन

    रक्षाबंधन पर यात्रियों की बढ़ी सुविधा, खजुराहो से दिल्ली के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन

     छतरपुर
     रक्षाबंधन पर्व पर यात्रियों की भारी भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए उत्तर मध्य रेलवे ने तीन विशेष ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। इसमें बुंदेलखंड वासियों के लिए बहुप्रतीक्षित खजुराहो से हजरत निजामुद्दीन नई दिल्ली के बीच चलने वाली विशेष ट्रेन भी शामिल है।

    यह स्पेशल ट्रेन कुल 21 कोचों के साथ संचालित की जाएगी, इससे त्योहार पर दिल्ली-एनसीआर आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

    रेलवे द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार यह ट्रेन 26, 28 व 30 अगस्त को खजुराहो स्टेशन से शाम 5 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 7:30 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। इसी तरह निजामुद्दीन से खजुराहो वाली ट्रेन 27, 29 और 31 अगस्त को हजरत निजामुद्दीन से सुबह 11:10 बजे रवाना होकर देर रात 12:55 बजे खजुराहो पहुंचेगी।

    रेल हेल्पलाइन से मिलेगी जानकारी
    ट्रेन ग्वालियर, आगरा और मथुरा होते हुए अपने गंतव्य तक जाएगी। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले रेल मदद हेल्पलाइन नंबर 139 या ऐप के माध्यम से ट्रेन की सटीक समय-सारणी और वर्तमान स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें।

     

  • मध्य प्रदेश के शिवालयों में भक्ति का अद्भुत नजारा, महाकाल का विशेष श्रृंगार और भोजेश्वर महादेव का फूलों से दरबार

    मध्य प्रदेश के शिवालयों में भक्ति का अद्भुत नजारा, महाकाल का विशेष श्रृंगार और भोजेश्वर महादेव का फूलों से दरबार

    उज्जैन /भोजपुर
    भगवान शिव को प्रिय सावन महीने के चौथे सोमवार को विश्व प्रसिद्ध बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर के दर्शन के लिए भक्तों की कतारें लगी हुई हैं। भस्म आरती के लिए मंदिर के कपाट तड़के 2:30 बजे खोले गए। सभा मंडप में शिव के गण वीरभद्र के कान में स्वस्ति वाचन कर आज्ञा ली गई, फिर चांदी का पट खोलकर कर्पूर आरती की गई। नंदी हॉल में नंदी का स्नान, ध्यान और पूजन किया गया।

    जल से भगवान महाकाल का अभिषेक करने के बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। रजत चंद्र, त्रिशूल, मुकुट और आभूषणों के साथ भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट का श्रृंगार कर भस्म चढ़ाई गई। शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ-साथ फूलों की माला धारण कराई गई। फल और मिठाई का भोग लगाया गया।

    भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर के दर्शन के लिए भी भक्त लगातार तीर्थनगरी पहुंच रहे हैं। शाम को महादेव नौका विहार करेंगे। पारंपरिक सवारी में ओंकारेश्वर पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी। इसमें पुलिस बैंड, 7 ढोल बैंड और धार्मिक झांकियां शामिल होंगी।

    भोजपुर में भोजेश्वर महादेव को महाकालेश्वर स्वरूप में सजाया गया है। भोलेनाथ का करीब 6 क्विंटल फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया है। टीकमगढ़ के शिव धाम कुंडेश्वर में भोलेनाथ का जलाभिषेक करने रिमझिम बारिश के बीच लोग लगातार मंदिर पहुंच रहे हैं।

    शाम 4 बजे प्रजा का हाल जानने निकलेंगे महाकाल
    आज शाम 4 बजे भगवान महाकाल की राजसी सवारी निकलेगी। पूजा-अर्चना के बाद बाबा को पालकी में विराजित कर नगर भ्रमण कराया जाएगा। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवान पालकी में विराजित भगवान चंद्रमौलेश्वर स्वरूप को सलामी देंगे।

    आज बाबा महाकाल बैलगाड़ी के नंदी पर श्री उमा-महेश स्वरूप में दर्शन देंगे। पालकी पर श्री चंद्रमौलेश्वर, गजराज पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव और नंदी रथ पर श्री उमा-महेश के मुखारविंद रहेंगे। सवारी में घुड़सवार पुलिस दल, सशस्त्र बल, होमगार्ड, भजन-झांझ मंडली और पुलिस बैंड भी शामिल रहेगा।

    सवारी महाकाल मंदिर से महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी, रामघाट पहुंचेगी। यहां शिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन किया जाएगा। इसके बाद बाबा मंदिर लौट आएंगे।

    ग्वालियर के मोटे महादेव का अभिषेक करने से हजार गुना पुण्य मिलता है
    ग्वालियर के मोटे महादेव को हजारेश्वर के नाम से भी पूजा जाता है। सावन के आखिरी सोमवार पर आज यहां आसपास के जिलों से भी भक्त आए हैं। मान्यता है कि यहां भोलेनाथ का अभिषेक करने से हजार गुना पुण्य प्राप्त होता है।

    भोजेश्वर महादेव का 6 क्विंटल फूलों से श्रृंगार
    भोजपुर में भोजेश्वर महादेव को महाकालेश्वर स्वरूप में सजाया गया है। मंदिर के महंत पवन गिरि महाराज ने भोलेनाथ का करीब 6 क्विंटल फूलों से विशेष श्रृंगार किया। रुद्राभिषेक-पूजन के बाद दर्शन श्रद्धालुओं के लिए खुले।

  • बारिश का बड़ा दौर आने वाला! बंगाल की खाड़ी से उठा सिस्टम, ओडिशा-छत्तीसगढ़-MP समेत 25 राज्यों में अलर्ट

    बारिश का बड़ा दौर आने वाला! बंगाल की खाड़ी से उठा सिस्टम, ओडिशा-छत्तीसगढ़-MP समेत 25 राज्यों में अलर्ट

    भोपाल/ रायपुर

    बंगाल की खाड़ी में मौसम ने फिर करवट ली है. उत्तर बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तट के पास अगले 24 घंटे में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है. इसका असर कई राज्यों के मौसम पर साफ दिख सकता है. ओडिशा और छत्तीसगढ़ में अगले दो से तीन दिन भारी से बहुत भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश भी बारिश के घेरे में हैं. 23 अगस्त को इन इलाकों में तेज बारिश की चेतावनी है. उधर पहाड़ी राज्यों में बारिश के साथ भूस्खलन और बिजली गिरने का खतरा बढ़ सकता है. यानी मानसून अभी सुस्त पड़ने के मूड में नहीं है. दिल्ली-NCR से लेकर यूपी, बिहार, झारखंड और मध्य भारत तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। 

    मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक कई हिस्सों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है. कुछ राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. कई जगहों पर गरज-चमक और तेज हवाओं का असर भी रहेगा. ओडिशा में 23 से 28 अगस्त तक बारिश का जोर बने रहने की संभावना है. छत्तीसगढ़ में भी लंबे दौर की बारिश का अनुमान है. उत्तराखंड में 23 से 28 अगस्त तक व्यापक बारिश हो सकती है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 23 से 25 अगस्त तक बारिश जारी रहने की संभावना है. ऐसे में पहाड़ी इलाकों में सफर करने वालों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। 

    पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 
        बंगाल की खाड़ी में बन रहा सिस्टम इस पूरे मौसम बदलाव की अहम वजह माना जा रहा है. इसके अलावा मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर ऊपरी वायु साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है. पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तट के पास भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. इन मौसम प्रणालियों के कारण पूर्वी और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है. कई इलाकों में खेतों में पानी भरने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने जैसी स्थिति बन सकती है। 

        देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का असर एक जैसा नहीं रहेगा. कहीं भारी बारिश होगी तो कहीं हल्की से मध्यम बारिश राहत देगी. पश्चिमी तट और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी मानसून सक्रिय रहेगा. वहीं, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में अगले एक सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं. इसके बावजूद केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी है. मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. अब जानते हैं 23 अगस्त को अलग-अलग राज्यों में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है। 

    दिल्ली-NCR में फिर बदलेगा मौसम, बारिश के साथ तेज हवाओं का अलर्ट
    दिल्ली-NCR में 23 अगस्त को भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है. मौसम विभाग के मुताबिक, राजधानी और आसपास के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. बारिश के दौरान तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है. दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. ऐसे में सुबह या शाम के समय अचानक बारिश होने पर सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है. लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है। 

    यूपी में भारी बारिश का जोर, कई जिलों में आंधी का अलर्ट
    उत्तर प्रदेश में 23 अगस्त को मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्ध नगर, मुरादाबाद, गाजियाबाद, मेरठ, अलीगढ़, आगरा, रायबरेली, मथुरा, कानपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, प्रतापगढ़, जौनपुर, गोरखपुर, बदायूं, आजमगढ़, इटावा, जालौन, ललितपुर और प्रयागराज में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. पूर्वी यूपी में 23 से 25 अगस्त तक व्यापक बारिश का दौर जारी रह सकता है. लखनऊ में अधिकतम तापमान करीब 33 और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 

    बिहार में गरज-चमक के साथ तेज बारिश, आकाशीय बिजली का खतरा
    बिहार में 23 अगस्त को कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी है. पटना, गया, बक्सर, भोजपुर, सिवान, सारण, रोहतास, कैमूर, जहानाबाद, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, अररिया, भागलपुर, मुंगेर, बेगूसराय और लखीसराय में मौसम खराब रह सकता है. इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. गरज-चमक और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रहेगा. पटना में अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 

    झारखंड में 24 घंटे भारी बारिश का दौर, 70 KM की हवाओं का असर
    झारखंड में 23 और 24 अगस्त को बारिश और आंधी का जोर रह सकता है. धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर, दुमका, पलामू, गुमला, चतरा, देवघर, रांची, गोड्डा, हजारीबाग, सरायकेला, पश्चिमी सिंहभूम और रामगढ़ में भारी बारिश की संभावना है. तेज हवाओं के झोंकों की रफ्तार करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. बारिश के दौरान बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा. रांची में अधिकतम तापमान करीब 31 और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. लगातार बारिश वाले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। 

    पश्चिम बंगाल में बारिश के साथ तेज हवाएं, तटीय इलाकों पर असर
    पश्चिम बंगाल में भी मौसम सक्रिय रहेगा. कोलकाता, हावड़ा, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा, अलीपुरद्वार, कूचबिहार और दुर्गापुर में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है. 23 अगस्त को कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. हवाओं की रफ्तार 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. गंगीय पश्चिम बंगाल में 23 और 24 अगस्त को भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है. बंगाल की खाड़ी में बनने वाला निम्न दबाव इस क्षेत्र में बारिश बढ़ाने वाला अहम सिस्टम बन सकता है।
     
    राजस्थान में भी मानसून सक्रिय, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
    राजस्थान के कई जिलों में 23 अगस्त को भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. जयपुर, झुंझुनू, टोंक, बारां, बूंदी, दौसा, भरतपुर, भीलवाड़ा, बाड़मेर, अलवर, झालावाड़, जैसलमेर, करौली, उदयपुर, सवाई माधोपुर और श्रीगंगानगर में बारिश का असर देखने को मिल सकता है. कुछ जगहों पर तेज हवाओं के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. जयपुर में अधिकतम तापमान करीब 35 और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है.। 

    मध्य प्रदेश में बारिश का नया दौर, पूर्वी हिस्सों में बहुत भारी बारिश का खतरा
    मध्य प्रदेश में 23 से 26 अगस्त तक कई इलाकों में व्यापक बारिश का अनुमान है. पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. कटनी, विदिशा, सिवनी, दमोह, नर्मदापुरम, खरगोन, मंडला, खंडवा, बैतूल, नरसिंहपुर, इंदौर, सागर, छिंदवाड़ा और सीधी में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 23 से 25 अगस्त और पूर्वी हिस्सों में 23 से 26 अगस्त तक बारिश का असर रह सकता है. भोपाल में अधिकतम तापमान करीब 29 और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 

    पंजाब-हरियाणा में बादल बरसेंगे, तेज हवाओं से बढ़ेगी मुश्किल
        पंजाब में 23 और 24 अगस्त को कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है. लुधियाना, कपूरथला, फरीदकोट, फिरोजपुर, संगरूर, अमृतसर, होशियारपुर, गुरदासपुर, बठिंडा और बरनाला समेत कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. हवाओं के झोंके करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. चंडीगढ़ में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है. लगातार बारिश से सड़कों पर जलभराव और यातायात पर असर पड़ सकता है । 

        हरियाणा और चंडीगढ़ में भी 23 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है. बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. किसानों को भी मौसम को देखते हुए खेतों में जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. तेज हवा के दौरान कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले निर्माण स्थलों के आसपास जाने से बचना बेहतर रहेगा । 

    पहाड़ों पर बारिश का लंबा दौर, लैंडस्लाइड का खतरा
        उत्तराखंड में 23 से 28 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना है. पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल, ऋषिकेश, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और हरिद्वार में भारी बारिश हो सकती है. गरज-चमक और आकाशीय बिजली की घटनाएं भी हो सकती हैं. पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बढ़ जाता है. देहरादून में अधिकतम तापमान करीब 29 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 

        हिमाचल प्रदेश में 23 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट है. मंडी, चंबा, ऊना, किन्नौर, कांगड़ा, कुल्लू, सोलन, बिलासपुर और हमीरपुर में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. हवा की रफ्तार 40 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है. मनाली में अधिकतम तापमान करीब 16 और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. लगातार बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। 
        जम्मू-कश्मीर में 23 अगस्त को भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. किश्तवाड़, पुंछ, अनंतनाग, कुपवाड़ा, जम्मू, रियासी, बारामूला और बांदीपोरा समेत कई इलाकों में मौसम खराब रह सकता है. हवाओं की रफ्तार 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. श्रीनगर में अधिकतम तापमान करीब 26 और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. जम्मू-कश्मीर के साथ लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में भी बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। 

    पूर्वोत्तर में भारी बारिश का दौर, बिजली गिरने का खतरा
    पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का असर बना रहेगा. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, सिक्किम, नागालैंड और त्रिपुरा में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. असम और आसपास के इलाकों में पहले से बारिश के कारण कई जगहों पर परेशानी बनी हुई है. गरज-चमक के दौरान आकाशीय बिजली का खतरा रहेगा । 

    दक्षिण भारत में बारिश जारी, तटीय इलाकों में तेज हवाओं का असर
    दक्षिण भारत में अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में 23 से 28 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना है. केरल और तेलंगाना में 23 से 25 अगस्त, जबकि तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 23 और 24 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 24 और 25 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है. तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भी 23 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है. आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चल सकती हैं और झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 

    गुजरात और महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश का दौर
    गुजरात में अगले सात दिनों तक कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है. अहमदाबाद समेत राज्य के कई हिस्सों में बादल और बारिश का असर रह सकता है. फिलहाल राज्य के आसपास कोई बहुत मजबूत बारिश कराने वाला सिस्टम सक्रिय नहीं है, इसलिए व्यापक स्तर पर बहुत भारी बारिश की संभावना कम बताई गई है. महाराष्ट्र के कोंकण और गोवा में 23 से 28 अगस्त तक व्यापक बारिश हो सकती है. मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी हल्की से मध्यम बारिश के दौर बने रह सकते हैं। 

  • बैगा जनजाति की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर सरकार का जोर, उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दिया हरसंभव

    बैगा जनजाति की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर सरकार का जोर, उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दिया हरसंभव

    बैगा जनजाति के संरक्षण के लिये करेंग हरसंभव प्रयास : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    बीमारी से प्रभावित बैगा परिवारों से भेंट कर की चर्चा
    टीकाकरण, पोषण, स्वच्छता और बच्चों की शिक्षा पर दिया जोर
    उप स्वास्थ्य केन्द्र में एएनएम की व्यवस्था के निर्देश

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने संरक्षित बैगा जनजाति के बीमारी से पीड़ित बच्चों के परिवारों से बालाघाट जाकर भेंट की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड के ग्राम मछुरदा में प्रभावित परिवारों से उनकी सामाजिक स्थिति, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं तथा बच्चों की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली और शासन की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बीमारी से प्रभावित बैगा परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ग्राम पंचायत मछुरदा की बैगा जनजाति की सरपंच श्रीमती जिलसो रामसिंह तिलगाम सहित बैगा परिवारों से बच्चों के टीकाकरण में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों में बच्चों की मृत्यु हुई है, उनके प्रति प्रदेश सरकार की पूरी संवेदना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण बच्चों को संक्रामक बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण है और इससे उनका जीवन सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

    बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बैगा परिवारों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के लिये जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी अभिभावक अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें। शिक्षा से बच्चों का भविष्य उज्जवल होगा और वे आगे बढ़कर अपने जीवन में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे। जो लोग जागरूक होकर आगे आएंगे, वे जीवन में सफलता प्राप्त करने में सक्षम उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र हाल ही में नक्सलवाद से मुक्त हुआ है। अब शासन की योजनाएं और सुविधाएं प्रभावी रूप से इस दूरस्थ क्षेत्र तक पहुंच रही हैं। सरकार का उद्देश्य है कि क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण सहित सभी मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिले।

    पोषण और स्वच्छता पर दिया जोर

    बैगा परिवारों से चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पोषण एवं स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में साफ-सफाई की आदत अपनाने और पौष्टिक आहार लेने से अनेक बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। उन्होंने परिवारों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान देने की समझाइश दी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मछुरदा के उप स्वास्थ्य केन्द्र में एक एएनएम की व्यवस्था करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।

    अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी, जांच के बाद होगी कार्रवाई

    जिला टीकाकरण अधिकारी और मलेरिया अधिकारी को बदला गया

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बताया कि बालाघाट के जिला टीकाकरण अधिकारी को बदला गया है तथा जिला मलेरिया अधिकारी को हटाया गया है। उन्होंने कहा कि बैगा बच्चों की मृत्यु के मामले की जांच की जाएगी। यदि जांच में किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने से सरकार पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि बैगा जनजाति के परिवारों को स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों को लेकर जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। वर्तमान में बिरसा क्षेत्र के 38 ग्रामों में मलेरिया से बचाव के लिए दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है तथा बीमार लोगों की जांच कर उनका उपचार किया जा रहा है। प्रभावित ग्रामों में टीकाकरण का विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है।

    पोषण व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाएगा

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि वे बैगा बच्चों के पोषण को लेकर भोपाल में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और इस समस्या का समाधान निकालने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग का मैनपावर बढ़ाया जाएगा। साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों की सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

    इस दौरान मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य भगतसिंह नेताम, पूर्व मंत्री रामकिशोर कांवरे, विधायक राजकुमार कर्राहे, गौरव सिंह पारधी, कलेक्टर कुमार सत्यम, पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ, बैहर एसडीएम अर्पित गुप्ता, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।