Category: मध्य प्रदेश

  • किसानों की जमीन लेने पर सरकार देगी चार गुना मुआवजा, CM डॉ. यादव ने कही बड़ी बात

    किसानों की जमीन लेने पर सरकार देगी चार गुना मुआवजा, CM डॉ. यादव ने कही बड़ी बात

    किसानों से भूमि अधिग्रहण पर उन्हें दिया जाएगा चार गुना मुआवजा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    किसानों की सुरक्षा के लिए सरकार ने किया पुख्ता प्रबंध
    मुख्यमंत्री भोपाल की करौंद मंडी के बलराम कृषि महोत्सव में वीसी से हुए शामिल

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार खेती और किसान के हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपनी जमीन हर हाल में सुरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भूमि हमारी माता है। यह हमारा उदर-पोषण करती है। इसे किसी को न बेचें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को भरोसा देते हुए कहा कि किन्हीं भी शासकीय योजनाओं के निर्माण के लिए कृषि भूमि का अधिग्रहण करने पर किसानों को एक-दो नहीं, पूरे चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय से भोपाल की करौंद कृषि उपज मंडी परिसर में हुए बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि आपके खेत सरकार के लिए देवस्थल है और आपका एक-एक दाना हमारे लिए प्रसाद के समान है। आपके पसीने की हरेक बूंद के सम्मान के लिए हमारी सरकार हमेशा आपके साथ है। उन्होंने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव किसानों की मेहनत, समर्पण और कृषि क्षेत्र में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान देने का माध्यम है। मुख्यमंत्री ने वीसी से बलराम कृषि महोत्सव में मौजूद किसानों से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपकी खुशी हमारे लिए होली और सबसे बड़ी दिवाली है। उन्होंने किसानों से पूरे उत्साह के साथ बलराम कृषि महोत्सव में सहभागी बनने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। बीते 26 दिनों में यह प्रदेश का 14वां बलराम कृषि महोत्सव आयोजन है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द भोपाल मुख्यालय में भी एक बड़ा कृषि महोत्सव आयोजित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से "कवच'' योजना शुरू की है। इससे सहकारी खातों की पुरानी गड़बड़ियां दूर कर 5 हजार किसानों को ऋण और विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया गया है। किसानों को बिना ब्याज के ऋण और ऋण चुकाने के लिए पूरे 12 महीने का समय देने की व्यवस्था भी इस योजना में की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का किसान अपने परिश्रम से प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। मध्यप्रदेश दलहन में पहले अन्न उत्पादन में देश में दूसरे, , तिलहन में दूसरे और दुग्ध उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। जैविक खेती और जैविक कपास उत्पादन में प्रदेश पूरे देश में अव्वल है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय के साधन बढ़ाने, खेती की लागत घटाने तथा तकनीक और नवाचार के माध्यम से उत्पादन एवं आमदनी बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही है। हमने प्रदेश में सिंचाई क्षमता को 100 लाख हैक्टेयर तक बढ़ाने, उद्यानिकी का रकबा 30 लाख हैक्टेयर करने तथा 10 हजार नई सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से फसल विविधीकरण अपनाने, उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा पशुपालन एवं मछली पालन से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेती को सिर्फ अन्न उत्पादन का जरिया होने तक सीमित न रखकर इसे प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जोड़कर किसानों की आय के नए रास्ते खोले जा रहे है।

    बलराम कृषि महोत्सव में स्थानीय विधायक विष्णु खत्री, तीरथ सिंह मीणा, गोपाल सिंह मीणा, कलेक्टर भोपाल प्रियंक मिश्रा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ जिलाधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान बंधु उपस्थित थे। विधायक रामेश्वर शर्मा और अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने मंत्रालय से ही बलराम कृषि महोत्सव में सहभागिता की।

     

  • किसानों के लिए बड़ी खबर: मध्य प्रदेश में साढ़े 3 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी, CM ने लिया जायजा

    किसानों के लिए बड़ी खबर: मध्य प्रदेश में साढ़े 3 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी, CM ने लिया जायजा

    प्रदेश में साढ़े 3 लाख मेट्रिक टन मूंग की खरीदी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मूंग खरीदी की समीक्षा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में मूंग की खरीदी कार्य की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मूंग खरीदी कार्य में कोई अनियमितता नहीं होना चाहिए। मंत्रालय में आयोजित बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में करीब साढ़े तीन लाख मेट्रिक टन मूंग की खरीदी की जा चुकी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खरीदी के जुड़े कार्यों में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाए। खरीदी कार्य में दोषी सिद्ध व्यक्तियों को ब्लेक लिस्टेड करते हुए सख्त कार्यवाही की जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि भारत सरकार से 4 लाख 54 लाख टन मूंग खरीदी का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके मुकाबले प्रदेश में खरीदी कार्य प्रगति पर है। प्रदेश के तीन लाख 47 हजार किसानों द्वारा पंजीयन करवाया गया था। इनमें से 3.42 लाख किसानों का सत्यापन सम्पन्न हुआ। बैठक से कृषि मंत्री एंदल सिंह कंषाना भी वर्चुअली जुड़े। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

     

  • कम वर्षा और अतिवृष्टि से किसानों और नागरिकों को कोई परेशानी नहीं हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    कम वर्षा और अतिवृष्टि से किसानों और नागरिकों को कोई परेशानी नहीं हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    कम वर्षा की स्थिति में प्रत्येक जिले में आवश्यक तैयारी रखी जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    बाढ़ की दशा में संबंधित विभाग जनता को राहत पहुंचाने के लिए सक्रिय रहें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    कम वर्षा और अतिवृष्टि से किसानों और नागरिकों को कोई परेशानी नहीं हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    जिला और राज्य स्तर पर आपदा कंट्रोल रूम सक्रिय रहें
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुछ जिलों में कम वर्षा और कुछ जिलों में बाढ़ की आशंका पर समीक्षा की

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इस मानसून में प्रदेश में औसत से 15 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। कुछ जिलों में वर्षा कम हुई है और कुछ जिलों में आने वाले समय में अधिक वर्षा की संभावना है। वर्तमान में प्रदेश के आधे जिलों में सामान्य वर्षा हुई है। ऐसी असामान्य स्थितियों में किसानों सहित नागरिकों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो, यह सुनिश्चित किया जाए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में प्रदेश में कम वर्षा की वर्तमान स्थिति और उत्पन्न परिस्थितियों के संबंध में मंत्री गण और वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुछ जिलों में कम वर्षा की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश में कम वर्षा के कारण उत्पन्न हालातों से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां संबंधित विभाग सुनिश्चित करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जानकारी दी गई कि प्रदेश में 1 जून से 10 अगस्त की अवधि में सामान्य वर्षा 571 मिली मीटर की तुलना में 483 मिली मीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है जो औसतन 15 प्रतिशत कम है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में पूर्वी मध्यप्रदेश में 513.20 मिलीमीटर और पश्चिम मध्यप्रदेश में 459.80 मिलीमीटर वर्षा हुई है। प्रदेश की कुल औसत वर्षा 949. 50 मि.मी. है।जहां तक फसलों की बोवनी का प्रश्न है प्रदेश में धान की 84 प्रतिशत बोवनी हो गई है।

    कम सिंचाई में होने वाली फसलों को दें प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि एहतियातन आने वाली रबी फसलों के लिए किसानों को प्रेरित किया जाए जिससे कम सिंचाई में उगाई जाने वाली फसलों को प्राथमिकता से ले सकें। विशेष रूप से चने की फसल के लिए आवश्यक बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश

        वर्षा की स्थिति और जल संग्रहण की नियमित निगरानी हो।

        प्रमुख जल स्रोतों तालाबों के जलस्तर की भी नियमित रूप से निगरानी की जाए।

        राज्य और जिला स्तर पर आपदा कंट्रोल रूम संचालित रहे जहां जल भराव और क्षति से जुड़ी सूचनाओं को तुरंत दर्ज किया जाए और जल भराव या बाढ़ संभावित क्षेत्रों से नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का आकलन किया जाए।

        अतिवृष्टि की स्थिति में राहत शिविरों का भी आवश्यकता के अनुसार प्रबंध किया जाए।

        किसानों के लिए खाद और बीज की उपलब्धता और आवश्यक तैयारी की जाए।

        बीमा योजना से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जाए।

        सिंचाई के दौरान सुचारू विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था रहे।

        वर्षा के उपरांत सड़कों के संधारण का कार्य भी सुचारू रूप से किया जाए।

        बांधों से जल छोड़े जाने की स्थिति में निचले इलाकों में समय रहते चेतावनी जारी की जाए।

        वर्षा काल में होने वाले संक्रामक रोगों की रोकथाम भी आवश्यक है। इसके लिए औषधियों पर्याप्त रूप से उपलब्ध हों । प्रत्येक जिले में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

        अतिवृष्टि या जल भराव से प्रभावित फसलों का राजस्व विभाग के दलों द्वारा पारदर्शिता से सर्वेक्षण हो। क्षति का सर्वेक्षण हो और किसानों को आपदा राहत कोष से मुआवजा दिलवाने की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाए।

        अब तक संपन्न मूंग खरीदी के कार्य में जहां गुणवत्ता से संबंधित या अन्य शिकायत मिले, तुरंत एक्शन लिया जाए।

        जहां कोई अड़चन हो विशेष टीम बनाकर कार्य संपन्न किया जाए।

        कालाबाजारी की शिकायतों पर तत्काल कदम उठाया जाए।

        संबंधित विभाग किसानों और किसान संगठनों से आवश्यक संवाद भी स्थापित करें।

    बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग,सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह,लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके भी उपस्थित थीं। अन्य मंत्रीगण पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल,ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और कृषि मंत्री एन्दल सिंह कंषाना बैठक से वर्चुअल रूप से जुड़े। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

    बांधों की स्थिति

    बैठक में बताया गया कि प्रदेश के बांधों में 10 अगस्त तक जलभराव की स्थिति लगभग 49 प्रतिशत है, जो औसत से 10 प्रतिशत कम है। गत 5 वर्ष में 59 प्रतिशत औसत जल भराव की स्थिति रही है। गत वर्ष जल भराव की स्थिति 75 प्रतिशत थी। ऐसे जलाशय जिनमें जल भराव 50 प्रतिशत या उससे कम है उनकी संख्या 36 है। प्रदेश के ऐसे जलाशय जिनमें जलभराव 50 से 90 प्रतिशत कम है उनकी संख्या 18 है।

     

  • मध्य प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार, 5 नए एयरपोर्ट बनेंगे; 10 हवाई पट्टियों पर काम शुरू

    मध्य प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार, 5 नए एयरपोर्ट बनेंगे; 10 हवाई पट्टियों पर काम शुरू

    भोपाल
     मध्यप्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने वाली है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में विमानन विभाग की समीक्षा की है. इस बैठक में प्रदेश में पांच नए एयरपोर्ट के निर्माण को मंजूरी दी गई है. वहीं, उज्जैन और शिवपुरी में बन रहे नए एयरपोर्ट के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं. सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन एयरपोर्ट को भी खास प्राथमिकता दी गई है। 

    पहले चरण में पांच नए एयरपोर्ट को मंजूरी
    इस बैठक में केंद्रीय मंत्री नायडू ने मध्यप्रदेश की प्रस्तावित दस एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट में बदलने के प्रस्ताव को केंद्र की ओर से पूरा सहयोग देने की बात कही है. इसके तहत पहले चरण में पांच नए एयरपोर्ट तैयार किए जाएंगे. इनमें सबसे पहले भोपाल से सबसे दूरस्थ नगर निगम सिंगरौली में एयरपोर्ट बनाने की तैयारी है. इसके अलावा सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल की एयरस्ट्रिप्स को भी भविष्य में एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। पहले चरण में पांच एयरपोर्ट बनेंगे
    मध्यप्रदेश में हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए पहले चरण में पांच नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे। इनमें सबसे पहले सिंगरौली में एयरपोर्ट का निर्माण किया जाएगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू ने रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई विमानन विभाग की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश की प्रस्तावित 10 एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट में बदलने में पूरी मदद करेगी।

    सिंहस्थ से पहले शुरू होगा उज्जैन एयरपोर्ट
    केंद्रीय मंत्री ने उज्जैन और शिवपुरी एयरपोर्ट के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए. इसके साथ ही उज्जैन एयरपोर्ट के लिए सभी जरूरी पर्यावरणीय अनुमतियां 10 अक्टूबर तक हासिल करने को कहा गया है. वहीं, सिंहस्थ-2028 में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह एयरपोर्ट अहम भूमिका निभाएगा. शिवपुरी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए नई साइट की तलाश भी जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए। 

    उज्जैन-शिवपुरी में चल रहा नए एयरपोर्ट का निर्माण
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में बताया कि मध्यप्रदेश में व
    र्तमान में आठ एयरपोर्ट तैयार हो चुके हैं, जबकि उज्जैन और शिवपुरी में नए एयरपोर्ट का निर्माण चल रहा है। राज्य सरकार प्रदेश की 10 उन्नत एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करना चाहती है। इसके लिए सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल को शामिल करते हुए प्रस्ताव तैयार किया गया है।

    केंद्रीय मंत्री नायडू ने कहा कि केंद्र सरकार की उड़ान योजना को अगले 10 साल के लिए बढ़ाकर वर्ष 2036 तक कर दिया गया है। इस योजना के तहत देश में अगले 10 साल में 100 नए एयरपोर्ट बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मध्यप्रदेश में प्रस्तावित सभी स्थलों पर इसी योजना के तहत एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले चरण में पांच नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे और इसकी शुरुआत सिंगरौली से होगी।

    उज्जैन एयरपोर्ट के लिए 10 अक्टूबर तक पर्यावरणीय मंजूरी
    बैठक में उज्जैन और शिवपुरी में बन रहे एयरपोर्ट की प्रगति की भी समीक्षा हुई। केंद्रीय मंत्री ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और प्रदेश के विमानन विभाग के अधिकारियों को दोनों परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने उज्जैन एयरपोर्ट के लिए सभी जरूरी पर्यावरणीय अनुमतियां 10 अक्टूबर 2026 तक हासिल करने को कहा। सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन एयरपोर्ट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को हवाई कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

    शिवपुरी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाया जाना है। केंद्रीय मंत्री ने इसके लिए नई साइट की तलाश जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।

    6 महीने में 50 हजार से ज्यादा यात्रियों ने की हवाई यात्रा

    विमानन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल ने बैठक में बताया कि पिछले छह महीने में मध्यप्रदेश के 50 हजार से अधिक यात्रियों ने हवाई यात्रा का लाभ लिया है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश में लगातार बढ़ रही हवाई सेवाओं के प्रति यात्रियों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

    प्रदेश में पीएम श्री वायु पर्यटन सेवा, पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा और पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा संचालित की जा रही हैं। पिछले महीने इंदौर से अबुधाबी के बीच सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान भी शुरू हुई है। इसके अलावा 10 अगस्त से चार नई सीधी हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

    एयर एम्बुलेंस से 170 से ज्यादा गंभीर मरीजों को लाभ

    मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में शुरू की गई पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा के जरिए अब तक 170 से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाया गया है। सरकार के अनुसार इनमें 99 प्रतिशत मरीजों की जान बचाई गई। आयुष्मान कार्डधारियों को यह सेवा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।

    केंद्रीय मंत्री नायडू ने एयर एम्बुलेंस सेवा की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने इसके संचालन के जरिए देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

    बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, केंद्रीय नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सदस्य (प्लानिंग) अनिल कुमार गुप्ता, क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक एच. पुल्ला, आयुक्त विमानन चंद्रमौली शुक्ला सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

    170 से ज्यादा गंभीर मरीजों को एयर एम्बुलेंस का लाभ
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा को गंभीर मरीजों के लिए देश का सफलतम प्रयोग बताया. उन्होंने कहा, '' अब तक 170 से ज्यादा गंभीर मरीजों को इसका लाभ मिला है और 99 प्रतिशत मरीजों की जान बचाई गई. आयुष्मान कार्डधारियों के लिए यह सेवा नि:शुल्क है। 

    छह महीने में 50 हजार से ज्यादा यात्रियों ने भरी उड़ान
    विमानन विभाग के अनुसार पिछले छह महीने में मध्यप्रदेश के 50 हजार से अधिक यात्रियों ने हवाई यात्रा का लाभ लिया है. वहीं, इंदौर से अबुधाबी की सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू होने के बाद अब चार नई सीधी हवाई सेवाओं का भी विस्तार किया जा रहा है. केंद्रीय मंत्री ने बताया, '' उड़ान योजना को वर्ष 2036 तक बढ़ाया गया है और अगले 10 साल में देश में 100 नए एयरपोर्ट बनाने का लक्ष्य है। 

  • MP Rain Alert: 21 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, नदियां उफान पर; भोपाल में स्कूलों की छुट्टी

    MP Rain Alert: 21 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, नदियां उफान पर; भोपाल में स्कूलों की छुट्टी

    भोपाल
     मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. राजधानी भोपाल में रविवार रात से सोमवार सुबह तक लगातार बारिश होती रही. कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ, वहीं वीआईपी रोड पर पेड़ गिरने से यातायात थम गया. इसके साथ भोपाल से लगे ग्रामीण इलाकों में भी पुल-पुलिया उफान पर होने से शहर से संपर्क कट गया. बारिश को देखते हुए भोपाल में नर्सरी से 12वीं तक के विद्यार्थियों की छुट्टी घोषित कर दी गई. वहीं मौसम विभाग ने प्रदेश के 21 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार आज राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में 8 इंच तक बारिश की चेतावनी है। मध्य प्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने के बाद कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी है। उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। जिले में पिछले 24 घंटे में 1 इंच बारिश दर्ज की गई है।

    भोपाल में नर्सरी से 12वीं तक स्कूल बंद

    भोपाल कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने 10 अगस्त 2026 को जिले के सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया है। आदेश के मुताबिक नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों की छुट्टी रहेगी।

    अवकाश का आदेश सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। इसके दायरे में एमपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्ड से संबद्ध विद्यालय भी शामिल हैं। हालांकि आदेश जारी होने से पहले कई विद्यार्थी स्कूल पहुंच चुके थे। बाद में छुट्टी की जानकारी मिलने पर उन्हें घर वापस लौटना पड़ा।

    भोपाल में रातभर बरसे बादल, सड़कें बनीं तालाब
    राजधानी भोपाल में रविवार रात करीब 9 बजे शुरू हुई तेज बारिश सोमवार सुबह तक जारी रही. कभी तेज तो कभी हल्की बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया. रायसेन रोड स्थित पटेल नगर, वसुंधरा कालोनी, शिवनगर, खजूरी कलां और अपोलो अस्पताल के आसपास पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. बैरागढ़ की साईं बाबा रेसीडेंसी में भी पानी की निकासी नहीं होने से पूरी कालोनी जलमग्न हो गई। 

    भोपाल समेत कई जिलों में रविवार रात से तेज बारिश हो रही है। राजधानी की कई कॉलोनियों और अपोलो हॉस्पिटल के आसपास भी जलभराव की स्थिति है। सुबह बीच सड़क पर पेड़ गिरने से VIP रोड पर जाम लग गया। बारिश को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने भोपाल में स्कूलों की छुट्टी का आदेश जारी कर दिया। हालांकि, आदेश जारी होने से पहले कई बच्चे स्कूल पहुंच चुके थे, जिन्हें वापस लौटना पड़ा।

    सीहोर जिले में 5 घंटे में 8.3 इंच बारिश हुई है। नदी-नाले उफान पर हैं और कई रास्ते बंद हो गए हैं। श्यामपुर, चरनाल, झरखेड़ा और छतरी में मकानों में पानी भर गया, जबकि छापरी में दो मकानों के मामूली रूप से गिरने की सूचना है। रायसेन का रामलीला मैदान जलमग्न हो गया है। विदिशा में भी सड़कों पर पानी भर रहा है।

    शाजापुर में सावन के दूसरे सोमवार को 6 घंटे में करीब 4 इंच बारिश दर्ज हुई। शुजालपुर में तड़के 3 बजे से तेज बारिश के बाद किसानों और व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। शिवपुरी के कोलारस में करीब दो घंटे झमाझम बारिश हुई, वहीं हरदा में रविवार शाम से बारिश जारी है। मौसम विभाग ने सोमवार को 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    वीआईपी रोड पर पेड़ गिरा, लगा लंबा जाम
    सोमवार सुबह खानूगांव चौराहे के पास वीआईपी रोड पर एक बड़ा पेड़ बीच सड़क पर गिर गया. पेड़ गिरने से दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई और यातायात प्रभावित हुआ. लगातार बारिश के बीच शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। 

    भोपाल में नर्सरी से 12वीं तक स्कूल बंद
    लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए भोपाल जिले में नर्सरी से 12वीं तक के सभी स्कूलों में सोमवार को अवकाश घोषित कर दिया. यह आदेश सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त सभी स्कूलों पर लागू है. हालांकि शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को स्कूल पहुंचना होगा. हालांकि आदेश जारी होने से पहले कुछ बच्चे स्कूल पहुंच गए थे, जिन्हें बाद में वापस लौटना पड़ा। 

    इन पांच जिलों में 8 इंच तक बारिश का अलर्ट
    मौसम विभाग ने राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अति भारी बारिश की चेतावनी दी है. इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 8 इंच तक पानी गिर सकता है. वहीं उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, खंडवा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, जबलपुर, गुना, शिवपुरी और श्योपुर समेत अन्य जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है। 

    नर्मदा उफनी, पुल के ऊपर से बहा पानी
    बारिश का असर नदियों और नालों पर भी दिखाई देने लगा है. मंडला में नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ा और पानी पुल के ऊपर से बहने लगा. छोटा रपटा भी जलमग्न हो गया. नदी किनारे रहने वाले सात परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया. इधर विदिशा के पठारी क्षेत्र में रहटी नदी भी पुल के ऊपर से बह रही है। 

    डिंडोरी में बारिश बनी आफत, बच्चे की मौत
    डिंडोरी में शनिवार रात से रविवार सुबह तक करीब 6 इंच बारिश दर्ज की गई. तेज बारिश के कारण कच्चा मकान ढह गया और मलबे में दबने से 7 साल के राजा की मौत हो गई. भारी बारिश से डिंडोरी का आसपास के जिलों से सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ। 

    बारिश बढ़ी, फिर भी 19 फीसदी कमी
    मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, ''प्रदेश में बारिश का दौर तेज होने के बावजूद अब तक सामान्य से करीब 19 फीसदी कम पानी गिरा है. मध्यप्रदेश में अब तक करीब 453 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में औसत 560 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी.'' मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, ''मौजूदा मौसम प्रणाली का असर अगले दो दिन तक रहेगा. इसके बाद 13 अगस्त के आसपास एक और बारिश का सिस्टम बनने के संकेत हैं। 

  • टैक्सी चालकों का Ola-Uber और Rapido पर फूटा गुस्सा, मांगें नहीं मानी तो घेराव

    टैक्सी चालकों का Ola-Uber और Rapido पर फूटा गुस्सा, मांगें नहीं मानी तो घेराव

    भोपाल.

    एग्रीगेटर कंपनियों की किराया नीति और कथित मनमानी से परेशान टैक्सी चालकों का आंदोलन अब प्रदेश स्तर तक पहुंच गया है। शनिवार को चिनार पार्क में भोपाल टैक्सी चालक संघ और टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया।

    बैठक में तय किया गया कि 15 अगस्त को बोट क्लब से लालघाटी तक बड़ी रैली निकाली जाएगी। इसके बाद 18 से 20 अगस्त के बीच प्रदेशभर के ड्राइवर भोपाल में जुटकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। आंदोलन की अंतिम तारीख जल्द घोषित की जाएगी। टैक्सी यूनियन के नफीसउद्दीन ने कहा कि मध्य प्रदेश में टैक्सी किराया तय करने के लिए कोई स्पष्ट सरकारी नीति नहीं है। इसी का फायदा ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियां उठा रही हैं और अपनी मर्जी से रेट घटा-बढ़ा रही हैं। इसका सीधा नुकसान वाहन चालक और मालिक को हो रहा है।

    संघ ने तैयार किया किराया मॉडल
    उन्होंने बताया कि 15 अगस्त की रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण होगी। इसका मकसद टैक्सी चालकों की ताकत दिखाना और सरकार तक मांगें पहुंचाना है। भोपाल टैक्सी चालक संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले ने कहा कि सरकार तुरंत किराया की गाइडलाइन बनाए। संघ ने किराया तय करने का एक मॉडल भी दिया है। जिसके अनुसार बेस फेयर 50 से 60 रुपये प्रति राइडटाइम चार्ज करने की मांग है। वहीं टाइम चार्ज एक से 1.50 रुपये प्रति मिनट प्रति किलोमीटर हो, जो गाड़ी की श्रेणी के अनुसार 22 से 30 रुपये हो जाएगा। संगठन की मांग है कि पहले सरकार किराया तय करे और फिर कंपनियों को उसी दर पर संचालन के निर्देश दिए जाएं। साथ ही निजी नंबर वाले वाहनों और अवैध बाइक टैक्सी पर रोक लगाने की मांग भी की गई है।

    आय घटने से परेशान हैं चालक
    राजेश नागले ने कहा कि कंपनियां पहले बेस फेयर, टाइम चार्ज और किलोमीटर तीनों का पैसा देती थीं, लेकिन अब सिर्फ दूरी के हिसाब से भुगतान हो रहा है। ईंधन, बीमा, किस्त और रखरखाव के खर्च बढ़ गए हैं, लेकिन आय घट रही है। कई ड्राइवरों के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है। केवल 20-30 प्रतिशत किराया बढ़ा देने से चालकों की लागत, ईंधन और वाहन की किस्त का खर्च नहीं निकल पाता। यदि संघ का प्रस्तावित मॉडल लागू होता है तो कई रूटों का किराया बदल सकता है।

    प्रस्तावित किराया –
    – अरेरा हिल्स से एयरपोर्ट: वर्तमान 246-282 रुपये की जगह 416 से 552 रुपये तक।
    – न्यू मार्केट से रेलवे स्टेशन: वर्तमान 95-108 रुपये की जगह 205 से 270 रुपये तक।
    – लालघाटी से एमपी नगर: वर्तमान 152-167 रुपये की जगह 302 से 401 रुपये तक।

  • PWD में इंजीनियरों की प्रमोशन फाइलों में गड़बड़ी, PS सुखवीर सिंह ने SO दयानंद उपाध्याय पर की कार्रवाई

    PWD में इंजीनियरों की प्रमोशन फाइलों में गड़बड़ी, PS सुखवीर सिंह ने SO दयानंद उपाध्याय पर की कार्रवाई

    भोपाल.

    लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में इंजीनियरों की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठकों में दस्तावेजों के साथ की गई हेरफेर के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने विभाग में पदस्थ अनुभाग अधिकारी (एसओ) दयानंद उपाध्याय को एकतरफा कार्यमुक्त करते हुए उनकी सेवाएं सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) को सौंप दी हैं।

    यह पूरा मामला पदोन्नति के लिए तैयार किए गए फोल्डरों में विभागीय स्तर पर की गई गंभीर गड़बड़ियों से जुड़ा है। सबसे ज्यादा अनियमितताएं सहायक अभियंता (एई) से कार्यपालन अभियंता (ईई) तथा अधीक्षण अभियंता (एसई) से मुख्य अभियंता (सीई) के पदों पर पदोन्नति के लिए भेजी गई फाइलों में सामने आई हैं।

    ऐसे सामने आया हेरफेर का खेल
    1. विभागीय जांच छिपाने का प्रयास: एई से ईई पदोन्नति के लिए तैयार फोल्डरों में कई अधिकारियों के खिलाफ लंबित विभागीय जांच (डीआई) के मामलों को दबा दिया गया था, ताकि डीपीासी की बैठक के दौरान पदोन्नति में कोई कानूनी या प्रशासनिक अड़चन सामने न आए।
    2. सीआर में की गई काट-छांट (क से 'क प्लस'): एसई से सीई की डीपीसी के दौरान मूल दस्तावेजों और तारीखों के मिलान में गंभीर जालसाजी पकड़ी गई। जिस अधिकारी की मूल सीआर (गोपनीय प्रतिवेदन) में श्रेणी 'क' दर्ज थी, डीपीसी में भिजवाए गए फोल्डर में उसे बढ़ाकर 'क प्लस' कर दिया था।

    सीएस स्तर पर रुकी डीपीसी
    डीपीसी बैठक के दौरान तत्कालीन मुख्य सचिव अनुराग जैन के संज्ञान में जब यह गड़बड़ी आई, तो उन्होंने मौके पर ही फोल्डर वापस लौटाते हुए सभी दस्तावेजों के गहन परीक्षण के निर्देश दिए थे। नियम के मुताबिक डीपीसी में संबंधित अधिकारियों के पिछले 5 वर्षों के मूल सीआर फोल्डर की हर प्रविष्टि का मिलान किया जाता है और चल रही विभागीय जांच का ब्योरा रखा जाता है। गड़बड़ी उजागर होने के बाद डीपीसी रद्द कर दी गई थी। बताया जा रहा है कि एसई से सीई के 23 पदों के लिए डीपीसी का समय तय किया गया था, जिसमें मौजूदा 21 अधीक्षण अभियंताओं (एसई) के नाम शामिल थे। फिलहाल यह पदोन्नति प्रक्रिया पूरी तरह अटकी हुई है।

  • उज्जैन में CM डॉ. मोहन यादव ने की बाबा महाकाल की शयन आरती, लिया आशीर्वाद

    उज्जैन में CM डॉ. मोहन यादव ने की बाबा महाकाल की शयन आरती, लिया आशीर्वाद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगवान महाकालेश्‍वर की शयन आरती में सम्मिलित हुए

    भोलेनाथ की भक्ति में लीन होकर झांझ बजाई, श्रद्धालुओं से चर्चा की

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को श्रावण के पवित्र माह में श्रीमहाकालेश्‍वर मंदिर के गर्भगृह में पहुंचकर भगवान श्रीमहाकालेश्‍वर और नंदी जी का पूजा-अर्चना की। उन्‍होंने भगवान श्रीमहाकालेश्‍वर की शयन आरती में सम्मिलित होकर भगवान की भक्ति में झांझ बजाई। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर में आए श्रद्धालुओं से चर्चा कर मंदिर की दर्शन व्‍यवस्‍था के बारे में जानकारी प्राप्‍त की।

    श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्‍यक्ष व कलेक्‍टर रौशन कुमार‍ सिंह और समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भगवान श्रीमहाकालेश्‍वर का अंगवस्त्रम ओढ़ाकर स्मृति चिन्ह भेंट किया।

    पूजा अर्चना में उज्‍जैन विकास प्राधिकरण के अध्‍यक्ष रवि सोलंकी, उपाध्‍यक्ष मुकेश यादव, संजय अग्रवाल, संभागायुक्‍त आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्‍त अभिलाष मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्रेयांस कूमट एवं अन्‍य अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • हाथकरघा को मिलेगी नई पहचान, पारंपरिक कला के संरक्षण के साथ महिलाओं के रोजगार पर फोकस: CM डॉ. यादव

    हाथकरघा को मिलेगी नई पहचान, पारंपरिक कला के संरक्षण के साथ महिलाओं के रोजगार पर फोकस: CM डॉ. यादव

    हाथकरघा क्षेत्र को प्रोत्साहन, पारंपरिक कला को संरक्षित करने तथा महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्धर करवाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मृगनयनी एक जिला-एक उत्पाद पर आधारित देश का पहला सरकारी स्वामित्व वाला डिजिटल प्लेटफार्म बना
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘हैण्डलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का शुभारंभ किया
    घर पर ही चरखा चलाकर महिलाएं बनेगी आत्मनिर्भर

    भोपाल 
    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की मंशानुरुप हाथकरघा क्षेत्र को प्रोत्साहन देने, पारंपरिक कला को संरक्षित करने तथा स्थानीय महिलाओं एवं बुनकरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। अब पुन: कॉटन और अन्‍य कपड़ों का निर्माण कार्य उज्‍जैन में प्रारंभ होगा। इस केंद्र पर महिलाओं को कार्य का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे घर पर ही चरखा चलाकर महिलाएं आत्‍मनिर्भर बनेगी और उन्‍हें 15 से 20 हजार रुपए महीने की आय प्राप्‍त होगी। लूम के संचालन से रोजगार के अवसर बढ़ेगें कॉटन के साथ-साथ रेशम उत्‍पादन की भी योजना बनाई जाएगी। यह बातें राष्‍ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर उज्‍जैन में मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘हैण्डलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के शुभारंभ अवसर पर कही।

    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत संचालित मृगनयनी ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए देश का पहला सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू)के स्वामित्व वाला एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) केंद्रित डिजिटल प्लेटफॉर्म बनने का गौरव प्राप्त किया है। यह पहल न केवल मध्यप्रदेश के स्थानीय उत्पादों को डिजिटल पहचान प्रदान करेगी, बल्कि प्रदेश के कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों और उद्यमियों के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार के नए द्वार भी खोलेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्‍य आतिथ्‍य में शुक्रवार को बाबा साहब नातू सामुदायिक भवन, प्रशांति धाम के पास, इंदौर रोड में कौशल एवं तकनीकी विकास योजना अंतर्गत ‘हैण्डलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का शुभारंभ मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने किया। इस अवसर पर उन्‍होंने सेंटर पर उपस्थित महिलाओं से चर्चा कर हथकरघा उद्योग के बारे में जानकारी ली। प्रशिक्षण केंद्र पर मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने चरखा भी चलाया। उन्‍होंने कहा कि इस ट्रेनिंग सेंटर में प्रथम तल पर निरंतर प्रशिक्षण का आयोजन किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके। साथ ही भूतल पर पर बने उत्‍पादों की बिक्री के लिए यहां पर शो-रूम भी बनाया जाए।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के कुशल नेतृत्‍व में भारत में बने खादी के कपड़ों को पूरे विश्‍व में पहुंचाया गया है। विगत 12 वर्षों में खादी ग्रामोद्योग के मुनाफे में आशा से अधिक 200 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष पीएम मि‍त्रा पार्क का शिलान्‍यास धार में किया गया था। यह देश का सबसे बड़ा औद्योगिक पार्क बनेगा।इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के द्वारा आज एक ओर सौगात दी गई है। महिलाएं इससे निश्‍चित रूप से स्‍वावलंबी बनेगी।

    कार्यक्रम में महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, विधायक बड़नगर जितेन्‍द्र पंड्या, उज्‍जैन विकास प्राधिकरण के अध्‍यक्ष रवि सौलंकी, पूर्व अध्‍यक्ष जगदीश अग्रवाल, संजय अग्रवाल, राजेन्‍द्र भारती, आयुक्‍त हाथकरघा निगम मदन कुमार, कलेक्‍टर रौशन कुमार सिंह, आयुक्‍त नगर पालिका निगम अभिलाष मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्रेयांस कूमट एवं अन्‍य गणमान्‍य नागरिक उपस्थित थे।

    कार्यक्रम में एसीएस कुटीर एवं ग्राम उद्योग के.सी. गुप्‍ता ने स्‍वागत भाषण देते हुए कहा कि मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव की मंशा के अनुरुप खादी ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने और हाथ करघे का प्रशिक्षण देने के लिए आज इस केंद्र का शुभारंभ किया गया है। पूरे प्रदेश में इसका विस्‍तारीकरण किया जाएगा। प्रशिक्षण के माध्‍यम से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्‍त होंगे।

    उल्‍लेखनीय है कि हैण्डलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में महिलाओं को लगभग 6 माह का बुनियादी हाथकरघा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को हाथकरघा संचालन, बुनाई एवं कपड़ा निर्माण की तकनीकों में दक्ष बनाया जाएगा।

     

  • स्वनिधि योजना को बढ़ावा, 1 से 15 अगस्त तक पूरे प्रदेश में चलेगा विशेष स्वनिधि पखवाड़ा

    स्वनिधि योजना को बढ़ावा, 1 से 15 अगस्त तक पूरे प्रदेश में चलेगा विशेष स्वनिधि पखवाड़ा

    प्रदेश में 1 से 15 अगस्त तक आयोजित हो रहा विशेष स्वनिधि पखवाड़ा

    पुनर्गठित पीएम स्वनिधि योजना से पथ विक्रेताओं को मिल रहा सुदृढ़ वित्तीय संबल
    शुरुआती 5 दिनों में ₹25 करोड़ के 8,377 ऋण वितरित
     10.36 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी व्यवसायी हुए लाभान्वित

    भोपाल 

    प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अधिकाधिक पात्र पथ विक्रेताओं को योजना से लाभान्वित करने के उद्देश्य से प्रदेश में 1 अगस्त से 15 अगस्त तक विशेष "स्वनिधि पखवाड़ा" आयोजित किया जा रहा है। अभियान के दौरान सभी जिलों, नगरीय निकायों एवं संबंधित सेन्सस टाउन में व्यापक जनजागरूकता, नवीन ऋण आवेदन, UPI-लिंक्ड क्रेडिट कार्ड आवेदन, लंबित एवं रिटर्न ऋण प्रकरणों के निराकरण सहित विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जा रही है, पखवाड़े अंतर्गत प्रारंभिक 5 दिनों में कुल 8,377 ऋण प्रकरण राशि रु. 25.00 करोड़ के वितरित किये जा चुके है, अभियान अंतर्गत पिछले 5 दिनों में 1,575 नवीन पथ-विक्रेताओ को योजना से जोड़ा गया है। 8,86 नवीन क्रेडिट कार्ड के आवेदन बैंको में प्रेषित कर पथ विक्रेताओं को जारी किये गए है।

    मध्यप्रदेश पीएम स्वनिधि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में देश में लगातार अग्रणी राज्य बना हुआ है। प्रदेश में अब तक 10.36 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वाले पथ विक्रेताओं को योजना का लाभ प्रदान किया जा चुका है। योजना के अंतर्गत 16.35 लाख ऋण प्रकरणों में ₹2,827.21 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की गई है। योजना का लाभ प्राप्त करने वालों में लगभग 40 प्रतिशत महिला हितग्राही हैं, जो महिला आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि है।

    पुनर्गठित पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत पात्र पथ विक्रेताओं को क्रमशः ₹15,000, ₹25,000 एवं ₹50,000 तक के ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही ₹30,000 का UPI-लिंक्ड क्रेडिट कार्ड भी दिया जा रहा है, जिससे उनकी कार्यशील पूंजी की आवश्यकता पूरी होने के साथ-साथ डिजिटल लेन-देन को भी बढ़ावा मिलेगा। योजना की अवधि 31 मार्च, 2030 तक बढ़ा दी गई है।

    प्रदेश में 7.17 लाख से अधिक पथ विक्रेता डिजिटल भुगतान प्रणाली से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। इनके द्वारा किए जा रहे डिजिटल लेन-देन के फलस्वरूप उन्हें अब तक ₹53.85 करोड़ से अधिक कैशबैक प्राप्त हो चुका है, जो डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

    बैंकों द्वारा रिटर्न किए गए 2.07 लाख ऋण प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष शिविर आयोजित जा रहे है, जिनमें बैंक एवं नगरीय निकायों के अधिकारी संयुक्त रूप से उपस्थित रहकर प्रकरणों का मौके पर समाधान सुनिश्चित कर रहे है।

    अभियान के दौरान अधिकाधिक पात्र पथ विक्रेताओं के नवीन ऋण एवं क्रेडिट कार्ड आवेदन प्राप्त करने, डिजिटल सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने, बैंकर्स एवं पथ विक्रेताओं की बैठकें आयोजित करने, रिसोर्स पर्सन का चयन करने तथा अंतिम छोर तक सेवाएँ पहुँचाने पर विशेष बल दिया जा रहा हैं। साथ ही सेन्सस टाउन क्षेत्रों में पथ विक्रेताओं की पहचान, पंजीयन एवं बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने की कार्यवाही भी अभियान का प्रमुख हिस्सा है।

    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि अभियान अवधि में योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार, लंबित ऋण प्रकरणों का मिशन मोड में निराकरण, पात्र पथ विक्रेताओं के क्रेडिट कार्ड आवेदन एवं वितरण, डिजिटल सशक्तिकरण, बैंकों से प्रभावी समन्वय तथा अधिकतम पथ विक्रेताओं तक योजना का लाभ पहुँचाना सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए।