Category: मध्य प्रदेश

  • मध्य प्रदेश में मौसम का अलर्ट: टीकमगढ़ समेत 5 जिलों में अति भारी बारिश, 20 जिलों में बरसेंगे बादल

    मध्य प्रदेश में मौसम का अलर्ट: टीकमगढ़ समेत 5 जिलों में अति भारी बारिश, 20 जिलों में बरसेंगे बादल

    भोपाल 

    आधे मध्य प्रदेश में मंगलवार को तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के अनुसार, टीकमगढ़, दमोह, नरसिंहपुर, बैतूल और राजगढ़ में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।

    वहीं, गुना, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर, कटनी, शहडोल, छतरपुर, पन्ना, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश होगी। इन सभी 25 जिलों में ढाई इंच से ज्यादा पानी गिर सकता है।
    मध्य प्रदेश में मानसून ने ऐसी वापसी की है कि कई शहरों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो रही है. बात करें राजधानी भोपाल की तो यहां अबतक हुई बारिश की 43% बारिश 7 दिनों में ही बरस गई. यानी अबतक हुई कुल 38 इंच बारिश में से 16.1 इंच बारिश अगस्त के 7 दिनों में ही बरस गई. अकेले 10 अगस्त को ही भोपाल में 6.97 इंच बारिश हो गई, जो एक रिकॉर्ड है। 

    यहां भी चलेगा बारिश का दौर भोपाल, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, देवास, रतलाम, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, डिंडौरी, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश जारी रहेगी।

    भोपाल में पूरे सीजन बारिश का औसत 42 इंच है. वहीं, भारी बारिश से भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर फुल टैंक लेवल के करीब पहुंच रहा है और भदभदा डैम के भी गेट जल्द खुल सकते हैं. ऐसा ही हाल प्रदेश के कई जिलों का भी है। 

    शहडोल में खोले गए बाणसागर के 3 गेट
    शहडोल संभाग में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश का दौर देखने को मिल रहा है, झमाझम बरसात से खेत खलिहान तो पानी से लबालब हो ही चुके हैं, तो वहीं अब नदियां भी उफान पर हैं. ऐसे में जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए शहडोल के बाणसागर डैम के तीन गेट खोले गए हैं. मौजूदा मानसून सीजन में पहली बार बाणसागर डैम के गेट खोले गए हैं। 

    बाणसागर डैम के कार्यपालन यंत्री सुरेंद्र शर्मा ने कहा, '' 24 अगस्त को रात 8 बजे के लगभग डैम के तीन गेट खोले गए हैं, इससे पहले अलर्ट जारी कर दिया गया था, और फिर रात में 8:00 बजे के लगभग 304 क्युमैक्स पानी छोड़ा जा रहा है, बांध के तीन गेट खोल दिए गए हैं, और तीनों गेट से लगभग 100-100 क्यूमेक्स तक पानी बाहर छोड़ा जा रहा है। 

    बाणसागर डैम में तेजी से बढ़ रहा पानी
    पिछले कुछ दिनों से शहडोल संभाग में जोरदार बारिश हो रही है. सोमवार 24 अगस्त को रात 8:00 बजे तक बांध का जलस्तर 340.76 मीटर तक पहुंच गया है, जो कि इसके अधिकतम स्तर 341.64 मीटर से महज 0.88 मीटर नीचे है. इस समय बाणसागर डैम अपनी कुल क्षमता का 95 प्रतिशत भर चुका है. पिछले साल की तुलना में इस समय जल स्तर लगभग समान बना हुआ है, पिछले साल इसी दिनांक तक 340.95 मीटर जल स्तर बना हुआ था. बांध में इस समय 2076 क्यूमेक्स घन मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से पानी डैम के अंदर आ रहा है। 

    मध्य प्रदेश में आज भी अति भारी बारिश
    मध्य प्रदेश के लिए मौसम विभाग अगले तीन दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट पहले ही जारी कर चुका है. वहीं, मंगलवार को भी प्रदेश तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. आईएमडी के मुताबिक छतरपुर, दतिया, ग्वालियर, निवाड़ी, पन्ना, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ नरसिंहपुर, दमोह, टीकमगढ़, बैतूल और राजगढ़ में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है. इसके अलावा जबलपुर, कटनी, शहडोल, सीधी, गुना, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट और मंडला में भी भारी बारिश होगी. तकरीबन 30 जिलों में दो से ढाई इंच बारिश आज हो सकती है। 

    मध्य प्रदेश में क्यों अचानक हो रही भारी बारिश?
    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार गांगेय पश्चिम बंगाल और ओडिशा के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी ट्रफ के कारण प्रदेश में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो चुका है. मौसम केंद्र भोपाल ने अगले 24 घंटों के लिए कई जिलों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और भारी जलभराव का खतरा जताया है. साथ ही प्रशासन ने आम जनता से सतर्क रहने और नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है। 

    मध्य प्रदेश में फ्लैश फ्लड का खतरा
    मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, '' ​भोपाल, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, देवास, रतलाम, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, मऊगंज, मैहर और निवाड़ी जिलों में बिजली चमकने और हल्की से तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है. फ्लैश फ्लड गाइडेंस सेल के अनुसार लगातार हो रही बारिश से मिट्टी पूरी तरह से संतृप्त हो चुकी है. अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी मध्यप्रदेश के 10 जिलों में अचानक बाढ़ आने और सतही जल बहाव तेज होने की गंभीर आशंका है. इनमें ​बालाघाट, डिंडोरी, मंडला, अनूपपुर, कटनी, ​शहडोल, रीवा, सीधी, उमरिया और सतना जिले शामिल हैं। 

    सड़कें जलमग्न, बांधों के गेट खुले
    ​बीते 24 घंटों में शिवपुरी के करेरा में 5.4 इंच, नर्मदापुरम में 3.7 इंच, निवाड़ी के ओरछा में 3.3 इंच, सागर के रहली में 3 इंच और भोपाल शहर में 3 इंच बारिश दर्ज की गई. वहीं, भारी आवक के कारण शहडोल में बाणसागर डैम के 3 गेटों को आधा-आधा मीटर तक खोलना पड़ा है. भोपाल और विदिशा में निचले इलाकों की सड़कों और दुकानों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बारिश का यह दौर आगामी 28 अगस्त तक रुक-रुक कर जारी रहेगा। 

     

  • MP में सरकारी विश्राम गृहों में ठहरने का मौका! 267 रेस्ट हाउस आम लोगों के लिए खुले, ऑनलाइन करें बुकिंग

    MP में सरकारी विश्राम गृहों में ठहरने का मौका! 267 रेस्ट हाउस आम लोगों के लिए खुले, ऑनलाइन करें बुकिंग

    भोपाल 

     मध्य प्रदेश के आम नागरिकों और पर्यटकों के लिए एक राहत भरी खबर है। अब वे भी बड़े सरकारी अफसरों और नेताओं की तरह लोक निर्माण विभाग (PWD) के विश्राम गृहों में ठहरने का लाभ उठा सकेंगे। विभाग ने प्रदेश भर में फैले अपने 267 विश्राम भवनों और विश्राम गृहों को आम जनता के लिए खोल दिया है। इसके साथ ही इन कमरों और हॉल्स की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी शुरू कर दी गई है।

    वेबसाइट के जरिए देश के किसी भी कोने से होगी बुकिंग
    अब तक PWD के इन रेस्ट हाउस का इस्तेमाल मुख्य तौर पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक ही सीमित था। लेकिन अब कोई भी व्यक्ति कमरों की उपलब्धता के आधार पर 'एमपी पीडब्ल्यूडी' (MP PWD) की आधिकारिक वेबसाइट से बुकिंग कर सकता है। साल 2023 में विभाग ने इन्हें आम लोगों के लिए खोलने का जो फैसला लिया था, उसे अब पूरी तरह से लागू कर दिया गया है।

    12 साल बाद किराए में संशोधन, नई दरें लागू
    ऑनलाइन बुकिंग शुरू करने के साथ-साथ विभाग ने करीब 12 वर्षों के बाद इन विश्राम गृहों के किराए में भी इजाफा किया है। नई दरें 27 जुलाई 2026 से प्रभाव में आ चुकी हैं। किराए का नया स्लैब कुछ इस प्रकार है:

        प्रमुख शहर और पर्यटन स्थल: भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, पचमढ़ी और खजुराहो जैसे अहम स्थानों पर एक कमरे का एक दिन का किराया 800 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दिया गया है। वहीं, इन जगहों पर हॉल की बुकिंग के लिए अब 1,000 रुपये की जगह 2,000 रुपये चुकाने होंगे।

     

  • चीनी की बढ़ती कीमतों पर शिवराज का बड़ा बयान, कहा- हालात संभालने के लिए सभी इंतजाम जारी

    चीनी की बढ़ती कीमतों पर शिवराज का बड़ा बयान, कहा- हालात संभालने के लिए सभी इंतजाम जारी

    भोपाल
     देश में चीनी की कीमतों में तेज उछाल के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, सब इंतजाम हो रहे हैं, चिंता मत करो। उन्होंने रायसेन में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी (दिशा) समिति की बैठक में शामिल होने के बाद चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर पत्रकारों के सवाल पर यह बात कही।

    इससे पहले शिवराज ने रायसेन में सांदीपनि स्कूल का लोकार्पण किया और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि रायसेन में जल्द ही मामा की कोचिंग शुरू की जाएगी। कक्षा 10वीं और 12वीं में अच्छे अंक लाने वाले विद्यार्थियों को हर साल लैपटॉप दिए जाएंगे।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी निजी स्कूलों की तरह अच्छी शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं मिलनी चाहिए। इसी संकल्प के साथ सीएम राइज और सांदीपनि स्कूलों का कंसेप्ट साकार हुआ।

    रायसेन का सांदीपनि स्कूल 38 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से बनाया गया है। यह स्कूल क्षेत्र के बच्चों के लिए आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नया उदाहरण बनकर तैयार हुआ है।

    ''चिंता मत करो''
    रायसेन कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की मैराथन बैठक समाप्त कर जैसे ही शिवराज सिंह चौहान अपनी कुर्सी से उठकर बाहर आने लगे, पत्रकारों ने देश भर में रक्षाबंधन त्यौहार पर चीनी की कीमतों को बढ़ने के कारण मिठास की कमी को लेकर उनसे सवाल किया गया.शिवराज सिंह चौहान ने अपने परिचित सहज और आश्वस्त करने वाले अंदाज में मुस्कुराते हुए कहा, "सब इंतजाम हो रहे हैं जी, चिंता मत करो…" बिना किसी हड़बड़ी के दिए गए उनके जवाब के बाद वे आगे बढ़ गए, लेकिन बाजार की मिठास और आम जनता की चिंता पर उनका यह संदेश अब चर्चा का विषय बन हुआ है। 

    मामा कोचिंग क्लासेस की घोषणा की
    शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए 'मामा कोचिंग क्लासेस' शुरू करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों को उनके जिले में ही गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें महंगी निजी कोचिंग संस्थाओं पर निर्भर न रहना पड़े। 

    बता दें बीते कुछ हफ्तों में चीनी की कीमतों में लगातार देखी जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ राज्यों में चीनी की कीमत 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। 

     

  • भोजशाला में नमाज व्यवस्था पर विरोध, धार के बाजारों में थमी आवाजाही; हिंदू संगठनों ने किया बंद का आह्वान

    भोजशाला में नमाज व्यवस्था पर विरोध, धार के बाजारों में थमी आवाजाही; हिंदू संगठनों ने किया बंद का आह्वान

    धार 
    भोजशाला मामले को लेकर हिंदू समाज के आह्वान पर आज (मंगलवार) आधे दिन के लिए धार जिले में बंद रखा गया है। सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजारों और व्यापारिक क्षेत्रों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं। इससे सामान्य दिनों की तुलना में बाजारों में सन्नाटा नजर आया।

    हिंदू समाज का कहना है कि भोजशाला मामले में हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद प्रशासन की ओर से अपेक्षित तरीके से पालन नहीं कराया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर समाज ने बंद का आह्वान किया था। संगठनों ने व्यापारियों और आम लोगों से इसमें सहयोग करने की अपील की थी।

    हिंदू संगठन बाजारों में पहुंचे बंद के दौरान हिंदू संगठनों से जुड़े लोग शहर के बाजारों में पहुंचे और व्यापारियों से प्रतिष्ठान बंद रखने का अनुरोध किया। कुछ स्थानों पर दुकानें खुली मिलने पर उनसे भी बंद में सहयोग करने की अपील की गई।

    बंद का असर शहर में दिखाई दे रहा है। हालांकि स्कूल-कॉलेज, पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़ी दुकानें खुली रहीं। जरूरी सेवाओं को बंद से अलग रखा गया है, जिससे लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए परेशानी न हो।

    सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात बंद को देखते हुए शहर के प्रमुख बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिसकर्मी लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि बंद के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

    एक ही रास्ता, नक्शा तय नहीं होने से बढ़ी उलझन
    बता दें कि ताजा विवाद नमाज और पूजा के लिए हिंदू-मुस्लिम दोनों समाजों द्वारा एक ही रास्ते का उपयोग और संरक्षित स्मारक की सीमा तय नहीं होने से जुड़ा है। हिंदू पक्ष ने इस मामले में पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को घेरा, क्योंकि भोजशाला परिसर उनके अधीन है। अफसरों के रवैए से नाराज होकर हिंदू संगठन ने आज धार बंद करने का ऐलान किया है। माना जा रहा है कि यह विवाद फिर बढ़ता जाएगा। 

    भोजशाला को आस्था और अस्मिता से जुड़ा बताया
    हिंदू समाज का कहना है कि बंद के बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। हिंदू समाज ने आम जनता से लेकर व्यापारियों तक सभी से धार बंद को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है। अपील में भोजशाला को आस्था, अस्मिता और अधिकारों से जुड़ा विषय बताते हुए लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होने के लिए कहा है।

    हिंदू समाज की ओर से जारी पत्र में यह कहा गया है कि भोजशाला की आस्था और अधिकारों के लिए पूर्वजों ने संघर्ष किया था। समाज से अपील की गई है कि भविष्य की पीढ़ियों को इस मुद्दे पर फिर संघर्ष की स्थिति का सामना न करना पड़े, इसलिए सभी लोग एकजुट होकर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाएं।

    'सुप्रीम' फैसले के बाद पढ़ी गई जुमे की नमाज
    वहीं, आपको बता दें कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद भोजशाला परिसर से सटी दरगाह की जमीन पर जुमे की नमाज पढ़ी गई। सुप्रीम कोर्ट ने जुमे की नमाज के लिए दोपहर 1 से 3 बजे के बीच वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया है, जो कि भोजशाला से एकदम सटा हुआ है। मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद भोजशाला के निकट सर्वे नंबर 612 को नमाज के लिए चुना गया था। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा मई में भोजशाला-कमाल मौला परिसर को देवी सरस्वती का मंदिर घोषित किए जाने के बाद 31 जुलाई को पहली बार बड़ी संख्या में मुस्लिम जुमे की नमाज के लिए पहुंचे थे। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि मुस्लिम समुदाय को विवादित भोजशाला परिसर से सटे दरगाह परिसर में शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज अदा करने की अनुमति दी जाए। 

    जुमे की नमाज होने से नाराज है दरअसल, भोजशाला के पास प्रत्येक शुक्रवार होने वाली जुमे की नमाज की व्यवस्था को समाप्त करने की मांग हिंदू समाज कर रहा है। हिंदू समाज का कहना है कि शुक्रवार को नमाज के लिए की गई व्यवस्था पर उनकी आपत्ति है। इसी मुद्दे को लेकर संगठनों ने जिला बंद का निर्णय लिया है।

    बता दें कि मामले में सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के तहत प्रशासन ने भोजशाला के पीछे स्थित खसरा नंबर 612 की जमीन पर शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोगों के लिए नमाज की व्यवस्था की है।

  • कटनी हत्याकांड: सौदेबाजी की जांच में जुटी SIT, आरोपियों से जेल में पूछताछ; नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत पर सुनवाई आज

    कटनी हत्याकांड: सौदेबाजी की जांच में जुटी SIT, आरोपियों से जेल में पूछताछ; नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत पर सुनवाई आज

    कटनी

    कटनी में हत्या के एक मामले में सौदेबाजी के गंभीर आरोपों की जांच महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है। सोमवार को जबलपुर से कटनी पहुंची विशेष जांच टीम (SIT) ने जिला जेल में बंद मुख्य आरोपियों से घंटों पूछताछ की।

    जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) अंजना तिवारी के नेतृत्व में SIT ने न्यायालय की अनुमति के बाद हत्या के आरोपी आकाश लोधी और रमेश लोधी के बयान दर्ज किए। जांच टीम अब इन बयानों का मिलान प्रकरण में सामने आए आरोपों, उपलब्ध दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों से करेगी। वहीं नेहा पच्चीसिया की अग्रमी जमानत पर भी आज सुनवाई होने जा रही है।

    SIT की मौजूदगी में पच्चीसिया के कार्यालय खोला जाएगा
    इस बीच, पिछले चार दिनों से सीलबंद तत्कालीन नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया के कार्यालय को SIT की मौजूदगी में मंगलवार को खोला जाएगा। जांच टीम कार्यालय में रखीं फाइलों, रजिस्टरों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स की गहनता से जांच करेगी। SIT यह पता लगाएगी कि हत्या प्रकरण या कथित जमीन सौदे से जुड़ा कोई पत्राचार या विभागीय रिकॉर्ड वहां मौजूद है या नहीं। संदिग्ध सामग्री मिलने पर उसे जब्त कर विवेचना में शामिल किया जाएगा।

    मामले में सीसीटीवी फुटेज को एक निर्णायक साक्ष्य माना जा रहा है। SIT संबंधित स्थानों और कार्यालयों के फुटेज जुटाकर संदिग्धों की आवाजाही और मुलाकातों का ब्योरा खंगाल रही है। इन वीडियो साक्ष्यों को गवाहों के बयानों से मिलाकर एक सटीक टाइमलाइन तैयार की जाएगी, ताकि दावों के मुताबिक मुलाकातें और गतिविधियां सत्यापित की जा सकें।

    चालान पेश नहीं करने पर मिली थी आरोपी को बेल
    हत्या के आरोपियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर न्यायालय में चालान पेश न होने के कारण मिली डिफॉल्ट बेल जांच का केंद्रीय बिंदु है। SIT इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि चालान तैयार होने के बावजूद उसे अदालत में समय पर पेश न करने के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और क्या यह किसी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था।

    जमीन सौदे से जुड़े नामांतरण रिकॉर्ड, रजिस्ट्री, भुगतान के तरीके और इसमें शामिल पक्षों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह स्पष्ट करना चाहती है कि जमीन का सौदा किन परिस्थितियों में तय हुआ, रकम का लेन-देन किस माध्यम से किया गया और इसमें किन मध्यस्थों की भूमिका रही। ​गवाहों से दोबारा होगी तीखी पूछताछ जेल में दर्ज बयानों के आधार पर SIT अब पूर्व में बयान दे चुके गवाहों को दोबारा समन भेजने की तैयारी में है। अलग-अलग गवाहों द्वारा जमीन सौदे, नामांतरण और पुलिस की विभागीय कार्रवाई को लेकर दिए गए बयानों के अंतर (विरोधाभास) को तलाशा जाएगा।

    अग्रिम जमानत पर आज आ सकता है फैसला ​मामले की मुख्य संदेही तत्कालीन CSP नेहा पच्चीसिया और उनके करीबी बताए जा रहे क्षितिजराज बारापात्रे की अग्रिम जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई टल गई। सुनवाई के दौरान जेल में बंद हत्या के आरोपियों की ओर से अधिवक्ता अविनीश तिवारी ने मेमो के जरिए न्यायालय में पेश होकर अपना पक्ष रखने की अनुमति मांगी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। ​अब सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत मंगलवार को अग्रिम जमानत याचिका पर अपना अहम फैसला सुना सकती है।

  • देशभर से पहुंचे श्रद्धालु, सीहोर में शुरू हुई 11 किमी की कांवड़ यात्रा; भारी भीड़ के चलते सीवन घाट पर रोक

    देशभर से पहुंचे श्रद्धालु, सीहोर में शुरू हुई 11 किमी की कांवड़ यात्रा; भारी भीड़ के चलते सीवन घाट पर रोक

    सीहोर
     मंगलवार को सीहोर में ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है। सुबह 9 बजे सीवन नदी के तट से शुरू होने वाली इस यात्रा में शामिल होने के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सोमवार से ही सीहोर पहुंचने लगे थे। मंगलवार सुबह 5 बजे से ही सीवन नदी तट और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई।

    बड़ी संख्या में कांवड़िए सीवन नदी से जल भरकर कुबेरेश्वरधाम के लिए रवाना हो चुके हैं, जबकि हजारों श्रद्धालु कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आने का इंतजार कर रहे हैं। शहर से लेकर कुबेरेश्वरधाम तक श्रद्धा, सेवा और सुरक्षा का संगम नजर आ रहा है। भगवा वस्त्रों में सजे कांवड़िए, गूंजते महादेव के जयकारे और जगह-जगह सेवा में जुटे श्रद्धालुओं ने सावन के इस धार्मिक आयोजन को भव्य स्वरूप दे दिया है।

    सीहोर में सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वर धाम तक कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है। इसमें शामिल होने के लिए महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और यूपी सहित कई राज्यों से श्रद्धालु आए हैं। मध्य प्रदेश के सीहोर में मंगलवार सुबह 9 बजे सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वर धाम तक 11 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा शुरू हुई। इसमें महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए हैं।

    यात्रा में कांवड़िये हर-हर महादेव के जयकारों के साथ कुबेरेश्वर धाम की ओर बढ़ रहे हैं। पूजन-अर्चन के बाद कांवड़िये सीवन नदी के जल से भगवान कुबेरेश्वर महादेव का अभिषेक करेंगे।

    पुल पर नलों से जल भरने की व्यवस्था
    श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए सीवन नदी के घाट पर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। प्रशासन ने कांवड़ियों के लिए पुल पर नलों से जल भरने की व्यवस्था की है। श्रद्धालु यहीं से कांवड़ में जल भरकर यात्रा में आगे बढ़ रहे हैं।

    हेलीकॉप्टर से होगी पुष्पवर्षा
    25 अगस्त की भव्य कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाने के लिए पूरे 11 किलोमीटर के यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की तैयारी की गई है। सीवन नदी से कुबेरेश्वरधाम तक कांवड़ियों पर फूल बरसेंगे। आठ भव्य झांकियां और भजन प्रस्तुतियां भी यात्रा का प्रमुख आकर्षण रहेंगी।

    देशभर से पहुंच रहे श्रद्धालु
    आयोजकों के मुताबिक मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। बढ़ती भीड़ के कारण सीहोर शहर और आसपास के होटल, धर्मशाला तथा होम स्टे भी भर चुके हैं। इससे आयोजन की व्यापकता और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    पांच क्विंटल फूलों से सजेगा बाबा का दरबार
    कुबेरेश्वरधाम में मंगलवार को भगवान कुबेरेश्वर महादेव का पांच क्विंटल फूलों से विशेष श्रृंगार किया जाएगा। कांवड़िए सीवन नदी से जल लेकर धाम पहुंचेंगे, जिसके बाद पवित्र जल से महादेव का महाभिषेक किया जाएगा। विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद लेंगे।

    देर रात जल भरने के लिए रवाना होंगे
    धाम प्रबंधन के अनुसार श्रद्धालु शाम और रात का भोजन करने के बाद देर रात करीब 1 से 2 बजे के बीच सीवन नदी की ओर रवाना होंगे। वहां जल भरने के बाद सुबह 9 बजे कांवड़ यात्रा के रूप में कुबेरेश्वर धाम की ओर प्रस्थान करेंगे। श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयकारों के साथ पैदल यात्रा करेंगे।

    100 से ज्यादा सेवा स्टॉल
    कांवड़ियों की सुविधा के लिए सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक 100 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए जाएंगे। यहां पेयजल, चाय, नाश्ता, फलाहारी खिचड़ी और भोजन प्रसादी की व्यवस्था रहेगी। लंबे सफर में जरूरी सहायता के लिए अलग-अलग स्थानों पर सेवा केंद्र तैयार किए जा रहे हैं। 

    यात्रा की मुख्य विशेषताएं

        शृंगार: विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कुबेरेश्वर धाम में बाबा का 5 क्विंटल फूलों से शृंगार किया गया है।

        प्रसाद: पं. प्रदीप मिश्रा ने 25 क्विंटल नुक्ती का भोग लगाया। साथ ही धाम परिसर की 2 एकड़ में बनी भोजनशाला से प्रसादी का वितरण जारी है।

        सेवा स्टॉल: यात्रा मार्ग पर 100 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए गए हैं, जहां भोजन, फलाहारी खिचड़ी, नाश्ता और चाय-पानी की नि:शुल्क व्यवस्था है।

        गुजरात के 35 सेवादारों का दल भी राहगीरों के लिए पूड़ी-सब्जी तैयार कर रहा है।

    सुरक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाएं

        1200 से ज्यादा पुलिसकर्मी: सुरक्षा के लिए 1200 से अधिक जवान तैनात हैं। 10 वॉच टावर से निगरानी रखी जा रही है।

        डीजे पर प्रतिबंध: कलेक्टर के आदेशानुसार डीजे ले जाने पर मनाही है। नदी तट पर बोट और गोताखोर तैनात हैं।

        5 मुख्य मेडिकल पॉइंट: मानक बाग, डी-मार्ट, चौपाल सागर, परमार ढाबा और मोगरा फूल जोड़ पर मेडिकल सहायता उपलब्ध है।

    भगवा रंग में रंगा सीवन नदी तट
        सीवन नदी तट, नदी चौराहा और सीवन पुल सहित आसपास का क्षेत्र भगवा रंग में रंगा नजर आ रहा है। चारों ओर ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंज रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालु सीवन नदी से कांवड़ में पवित्र जल भर रहे हैं।

        कांवड़ यात्रा को लेकर सोमवार से ही शहर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से इंदौर-भोपाल मार्ग पर कई बार जाम जैसी स्थिति बनी। पुलिस और यातायात विभाग के जवानों ने व्यवस्था संभाली। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग, यातायात डायवर्जन सहित अन्य व्यवस्थाएं की हैं।

    100 से अधिक स्थानों पर सेवा व्यवस्था
    विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक पहले करीब 25 स्थानों पर चाय, नाश्ता और पेयजल की सेवा की जाती थी, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए 100 से अधिक स्थानों पर भोजन-प्रसादी और सेवा स्टॉल लगाए गए हैं। यहां चाय, नाश्ता, फलाहारी खिचड़ी, भोजन और पेयजल की व्यवस्था रहेगी। समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी भी सेवा कार्य में जुटे हैं।

    10 से अधिक वाच टावर, 1200 से ज्यादा जवान तैनात
    कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर में 10 से अधिक वाच टावर लगाए गए हैं। अधिकारियों के साथ 1200 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष नजर रखी जा रही है।

    अखंड हिंद फौज के कार्यकर्ता भी जुटे
    आयोजन को व्यवस्थित बनाने में प्रशासन के साथ विठलेश सेवा समिति और अखंड हिंद फौज के सेवाभावी कार्यकर्ता भी सक्रिय हैं। कार्यकर्ता सुरक्षा, यातायात, श्रद्धालुओं की सहायता और सेवा व्यवस्था में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

    पांच क्विंटल फूलों से होगा बाबा का श्रृंगार
    विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा के अनुसार, मंगलवार को कुबेरेश्वरधाम में भगवान कुबेरेश्वर महादेव का पांच क्विंटल फूलों से विशेष श्रृंगार किया जाएगा। सीवन नदी तट से सुबह 9 बजे शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा करीब 11 किलोमीटर का सफर तय कर दोपहर में कुबेरेश्वरधाम पहुंचेगी। इसके बाद सीवन नदी से लाए गए पवित्र जल से भगवान कुबेरेश्वर महादेव का महाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।

  • सरकारी खजाने में 600 करोड़ की सेंध! मध्य प्रदेश में हेराफेरी का बड़ा मामला सामने आया

    सरकारी खजाने में 600 करोड़ की सेंध! मध्य प्रदेश में हेराफेरी का बड़ा मामला सामने आया

    मध्य प्रदेश के सरकारी खजाने में सेंध, 600 करोड़ की हेराफेरी !

    भोपाल
     मध्य प्रदेश के सरकारी खजाने में सरकारी कर्मचारी अधिकारियों ने ही करोड़ों की हेराफेरी कर दी. यह हेराफेरी 10 या 20 करोड़ की नहीं, बल्कि करीबन 600 करोड़ की हुई है. इसका खुलासा कोष एवं लेखा संचालनालय की स्टेट फाइनेंशियल इंटेलिजेंस सेल की जांच में हुआ है.

    जांच में सामने आया कि अलग-अलग विभाग के कर्मचारी अधिकारियों ने सिस्टम की कमियों का फायदा उठाकर सरकारी खातों के स्थान पर अपने निजी या करीबियों के खाते जोड़ दिए गए और जो पैसा सरकारी खातों में जाना चाहिए था, वह धीरे-धीरे इनके खातों में पहुंचता रहा. गड़बडी का खुलासा होने के बाद प्रदेश भर में अब तक 59 एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, इसमें 400 से ज्यादा कर्मचारी अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है.

    कर्मचारी-अधिकारियों ने की 600 करोड़ की हेराफेरी
    प्रदेश सरकार के बजट के पूरे पैसों का भुगतान इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम के जरिए होता है. पूरे प्रदेश में इसी सिस्टम के जरिए पैसों का लेन-देन देता है. प्रदेश में वित्तीय व्यवस्थातओं से जुडे अधिकारी-कर्मचारियों ने इस सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाया. कोष एवं लेखा संचालनालय की स्टेट फाइनेंशियल इंटेलिजेंस सेल की पकड़ में जब एक के बाद एक यह मामले आए तो अधिकारी भी चौंक गए. क्योंकि यह चोरी 600 करोड़ से ज्यादा निकली.अधिकारी-कर्मचारियों ने अलग-अलग तरीकों से सरकारी सिस्टम में सेंध लगाया और जो पैसा सरकारी खजाने में पहुंचना चाहिए था, उसका रास्ता अपने अकाउंट में मोड़ दिया.

    इस तरह की गई खजाने से चोरी
    उज्जैन के भैरवगढ़ जेल के जेल प्रहरी रिपुदमन की सेलरी महज 35 हजार रुपए महीना थी, लेकिन उसकी सेलरी धीरे-धीरे बढ़कर 4 लाख 82 हजार रुपए तक पहुंच गई. इंटिग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम में ट्रेजरी ऑफिसर के कई अधिकार सीधे कार्यालय प्रमुख को दिए गए. इसमें बिल वेरीफाइ करने का अधिकारी कार्यालय अधीक्षक को दिया गया. आरोप है कि रिपुदमन ने इसका फायदा उठाया.
    आरोप है कि वह कर्मचारियों के पीएफ की एप्लीकेशन को मंजूर करता और फिर रिइंबर्स भी खुद ही कर देता था. इसके लिए वह कर्मचारी के मोबाइल नंबर के स्थान पर खुद का नंबर डाल देता था, इससे कर्मचारी को पता ही नहीं चलता था कि उसके अकाउंट से पीएफ की राशि निकल गई. दरअसल जेल प्रहरी होने के बाद भी वह जेल अधीक्षक के सभी काम करता था और इस वजह से जेल अधीक्षक के डिजिटल सिग्नेचर भी उसके पास ही रहते थे.

    दूसरा ऐसा ही मामला अलीराजपुर के कट्ठीवाड़ा का सामने आया. इसमें ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर के पद पर काम करने वाले कमल राठौर पर आरोप लगे कि उसने ट्रेजरी में आने वाली रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करना शुरू किए. धीरे-धीरे यह राशि बढ़कर 20 करोड़ 47 लाख तक पहुंच गई. इस मामले में ईडी ने कार्रवाई की है जांच में सामने आया है कि इस तरह की गड़बडी किसी एक विभाग में नहीं, बल्कि 15 से ज्यादा विभागों में सामने आ चुकी है. सबसे ज्यादा मामले स्कूल शिक्षा विभाग में सामने आए हैं. विभाग में ऐसे गड़बडी के 45 मामले सामने आ चुके हैं. जांच में पता चला है कि करीबन 305 करोड़ रुपए तो सीधे निजी खातों में ही ट्रांसफर हुआ है. इसमें अब तक 220 करोड़ रुपए की रिकवरी हो चुकी है. पूरे मामलों में करीबन 59 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, इसमें 400 से ज्यादा लोगों को आरोपी बनाया गया है.

    इन मामलों में करीबन 380 करोड़ रुपए की रिकवरी होना बाकी है. उधर ईओडब्ल्यू उज्जैन के एसपी समर वर्माके मुताबिक, "ऐसे ही कुछ मामलों की जांच ईओडब्ल्यू द्वारा की जा रही है. मामले की जांच में पता चला है कि रकम कई बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हुई है, ऐसे सभी खातों से जुड़े व्यक्तियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है."

  • सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण और लोकपथ ऐप की शिकायतों का 4 दिन में करें निराकरण

    सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण और लोकपथ ऐप की शिकायतों का 4 दिन में करें निराकरण

    भोपाल 

    लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए माह मैं 2 बार औचक निरीक्षण की व्यवस्था कि गई है। विगत 20 अगस्त को मुख्य अभियंताओं के सात दलों ने रायसेन, नरसिंहपुर, शिवपुरी, खंडवा, शहडोल, शाजापुर एवं सागर जिले में रैंडम आधार पर कुल 35 निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।

    निरीक्षण किए गए कार्यों में लोक निर्माण विभाग (सड़क एवं पुल) के 21, परियोजना क्रियान्वयन इकाई के 5 भवन, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के 7 और मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के 2 निर्माण कार्य शामिल हैं।

    निरीक्षण दलों से प्राप्त प्रतिवेदनों की विस्तृत समीक्षा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम  भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की गई। समीक्षा में प्रमुख अभियंता (सड़क एवं पुल)  आर.एल. वर्मा, सड़क विकास निगम के तकनीकी सलाहकार  आर.के. मेहरा, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के प्रमुख अभियंता  अजय वास्तव सहित सभी मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री एवं निरीक्षणकर्ता अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए।

    शहडोल जिले में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सरना से करकट सड़क के निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार मेसर्स राम कंस्ट्रक्शन, जयसिंह नगर के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश मुख्य अभियंता, रीवा को दिए गए। गेरुई से जेमुनिहा सड़क निर्माण की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। संबंधित ठेकेदार मेसर्स मनोज मिश्रा को नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के भीतर कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। सागर जिले में बसाहरी पीएमजीएसवाई रोड से निवाड़ी रोड के निर्माण कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित उपयंत्री और अनुविभागीय अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। ठेकेदार मेसर्स हीरा कंस्ट्रक्शन, विदिशा को 15 दिन में कार्य पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया गया।

    मध्यप्रदेश भवन विकास निगम अंतर्गत सागर जिले में निर्माणाधीन शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, गढ़ोला जागीर, खुरई के भवन की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधित कंसल्टेंट टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण प्रतिवेदनों के आधार पर 26 अन्य कार्यों में आवश्यक आंशिक सुधार समय-सीमा में कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

    प्रबंध संचालक  यादव ने कहा कि औचक निरीक्षण में सामने आई कमियों और निरीक्षण दलों की अनुशंसाओं के आधार पर सुधार कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराए जाएं। मुख्य अभियंता कॉन्फ्रेंस में लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह द्वारा दिए गए निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया जाए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

    प्रबंध संचालक  यादव ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिक रूप से नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के साथ किया जाए। मुख्य अभियंता और अधीक्षण यंत्री शिकायतों के निराकरण की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करें, जिससे आगामी माह की ग्रेडिंग में अपेक्षित सुधार हो। उन्होंने लोकपथ ऐप पर प्राप्त शिकायतों का निराकरण निर्धारित 4 दिन की समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

    प्रबंध संचालक  यादव ने वर्षाकाल में क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुल-पुलियों के मरम्मत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग की परिसंपत्तियों से संबंधित किसी भी घटना की जानकारी इंसीडेन्ट रिस्पांस सिस्टम पर तत्काल अपडेट की जाए, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बाढ़ के दौरान पुल-पुलियों की स्थिति पर विशेष सतर्कता बरतने और सभी संधारण कार्य 30 सितंबर तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए। रीवा-शहडोल क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति की निरंतर निगरानी करते हुए संबंधित सूचनाएं आईआरएस पर नियमित रूप से दर्ज करने को कहा गया।

    प्रबंध संचालक  यादव ने निर्देश दिए कि आपदा से संबंधित सभी कॉल मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के हेल्पलाइन नंबर 1099 पर अनिवार्य रूप से दर्ज हों, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सहायता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

    प्रबंध संचालक  यादव ने लोक निर्माण विभाग, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम और मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के अधिकारियों को विभागीय गतिविधियों, निर्माण कार्यों, महत्वपूर्ण उपलब्धियों एवं जनहित से जुड़े कार्यों की जानकारी सोशल मीडिया हैंडल्स पर नियमित रूप से साझा करने के निर्देश भी दिए।

     

  • एक से 10 पार पहुंचा बाघों का कुनबा, MP से आए बाघों ने अचानकमार टाइगर रिजर्व को दी नई ताकत

    एक से 10 पार पहुंचा बाघों का कुनबा, MP से आए बाघों ने अचानकमार टाइगर रिजर्व को दी नई ताकत

    बांधवगढ़
    कभी बाघ विहीन होने की कगार पर खड़े छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व में अब मध्य प्रदेश के बाघों ने नई जान फूंक दी है। प्राकृतिक रास्तों (नेचुरल कॉरिडोर) से मध्य प्रदेश के कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच टाइगर रिजर्व से बाघ खुद ही अचानकमार पहुंच रहे हैं और अपना कुनबा बढ़ा रहे हैं।

    इस प्राकृतिक प्रवास के चलते छत्तीसगढ़ ने अब मध्य प्रदेश से बाघ मांगने के प्रस्ताव पर फिलहाल रोक लगा दी है। प्राकृतिक रूप से आ रहे ये बाघ ही अब वहां की बाघों की आबादी बढ़ाने में अहम योगदान दे रहे हैं।

    बांधवगढ़ की 'झुमरी' सहित अन्य बाघों का अहम योगदान
        मध्य प्रदेश से कुल तीन बाघिन और एक बाघ ने अचानकमार में अपना क्षेत्र बनाया है। साल 2021 में बांधवगढ़ से करीब 400 किलोमीटर का सफर तय करके अचानकमार पहुंची बाघिन 'झुमरी' ने हाल ही में 4 नए शावकों को जन्म दिया है। वह यहां अब तक तीन बार में कुल 7 शावकों को जन्म दे चुकी है।

        इसी तरह 2023 में कान्हा टाइगर रिजर्व से बाघ 'टी-200' और पेंच से बाघिन 'गंगा' भी यहां पहुंचे हैं। इसके अलावा, मध्य प्रदेश से घायल हालत में पहुंची एक अन्य बाघिन को ठीक होने के बाद 'आशा' नाम दिया गया है।

    2010 में बचा था सिर्फ एक बाघ, अब आंकड़ा 10 के पार
        अचानकमार टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में तेजी से सुधार देखने को मिला है। आंकड़ों के मुताबिक, जहां 2010 में यहां केवल एक बाघ बचा था, वहीं 2014 में यह संख्या 3 और 2018 में 5 दर्ज की गई। अब वर्तमान में यहां 10 बाघ मौजूद हैं।

        छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पूरे राज्य में भी बाघों की संख्या में इजाफा हुआ है। 2022 में जहां राज्य में कुल 17 बाघ दर्ज किए गए थे, वहीं अप्रैल 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 35 हो गया।

    कॉरिडोर की सुरक्षा और जंगलों का प्रबंधन है जरूरी
        अचानकमार टाइगर रिजर्व की फील्ड डायरेक्टर प्रियंका पांडेय का कहना है कि मध्य प्रदेश से पहुंचे बाघ-बाघिनों ने यहां प्रजनन कर आबादी बढ़ाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वहीं, मध्य प्रदेश के पीसीसीएफ शुभरंजन सेन के अनुसार, जीन पूल एक्सचेंज और बाघों की आबादी को स्थायी बनाने के लिए प्राकृतिक कॉरिडोर बेहद जरूरी हैं।

        इंसानी आबादी वाले इलाकों से गुजरने वाले इन कॉरिडोर में रुकावटें बाघों के लिए खतरा बन सकती हैं, इसलिए जंगलों के उचित प्रबंधन और सुरक्षा पर विशेष काम करने की आवश्यकता है।

     

  • धार्मिक प्रतिमाएं, आभूषण एवं अन्य सामग्री जब्त

    धार्मिक प्रतिमाएं, आभूषण एवं अन्य सामग्री जब्त

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चोरी की घटनाओं के त्वरित खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। धार्मिक स्थलों से जुड़ी घटनाएं संवेदनशील होने के कारण पुलिस द्वारा ऐसे मामलों में तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, फिंगरप्रिंट, डॉग स्क्वाड एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई जा रही है। विगत दिनों पांढुर्णा, छतरपुर, धार एवं बड़वानी जिलों में पुलिस ने धार्मिक स्थलों में हुई चोरी की घटनाओं का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा चोरी गई धार्मिक प्रतिमाओं, आभूषणों एवं अन्य सामग्री जब्त की है।

    पांढुर्णा- 24 घंटे में तीन धार्मिक स्थलों की चोरी का खुलासा

    जिला पांढुर्णा के सौंसर थाना क्षेत्र में जैन मंदिर, सहस्त्रबाहु मंदिर एवं भवानी माता मंदिर में हुई चोरी की घटनाओं का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक  प्रकाशचंद्र परिहार के मार्गदर्शन में गठित टीम ने घटनास्थल से प्राप्त भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण, फिंगरप्रिंट, डॉग स्क्वाड एवं मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की।

    पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भगवान पारसनाथ की 4 प्रतिमाओं सहित महावीर, आदिनाथ, नेमीनाथ, चौबीस तीर्थंकर एवं बाहुबली भगवान की प्रतिमाएं, अष्टधातु की धार्मिक प्रतिमाएं, चरण पादुका, मंदिर की घंटियां, मुकुट, दानपेटियां एवं दानपेटियों में रखी लगभग 56 हजार 849 रुपये की नगदी जब्त की। वारदात में प्रयुक्त मोटर साइकिल एवं मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। कार्रवाई के बाद सकल जैन समाज द्वारा पुलिस अधिकारियों का सम्मान कर आभार व्यक्त किया गया।

    छतरपुर-नैनागिर के तीन मंदिरों की चोरी का खुलासा, इनामी आरोपी गिरफ्तार

    थाना बक्सवाहा क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध नैनागिर मंदिर परिसर के तीन मंदिरों में हुई चोरी की घटनाओं का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक द्वारा 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। थाना बमनौरा क्षेत्र के अबार माता मंदिर में चोरी के प्रयास एवं मारपीट के मामले में गिरफ्तारी के बाद पूछताछ तथा तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर नैनागिर मंदिर परिसर की चोरी की घटनाओं में उसकी संलिप्तता सामने आई।

    पूछताछ में आरोपी ने नैनागिर के तीन मंदिरों में चोरी तथा अबार माता मंदिर में चोरी की वारदात करना स्वीकार की। उसके कब्जे से नगद राशि, वारदात में प्रयुक्त मोटर साइकिल, कटर मशीन, प्लास, ब्लेड एवं अन्य उपकरण जब्त किए गए।

    धार-नानादेवी मंदिर चोरी का खुलासा, चांदी के मुकुट एवं आभूषण बरामद

    थाना अमझेरा क्षेत्र स्थित नानादेवी मंदिर में हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मंदिर से चोरी किए गए चांदी के मुकुट, कुण्डल, तीन छत्र तथा नाग-नागिन के दो जोड़े सहित लगभग 2 लाख 30 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है।

    बड़वानी-मंगलनाथ हनुमान मंदिर चोरी का खुलासा, आरोपी महाराष्ट्र से गिरफ्तार

    थाना जुलवानिया क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध मंगलनाथ हनुमान मंदिर में रात में हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपी को महाराष्ट्र के संभाजी नगर से गिरफ्तार किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बड़वानी  पद्मविलोचन शुक्ल द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी एवं सूचना देने पर 5 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी।

    पुलिस टीम ने फिंगरप्रिंट एवं अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ जुलवानिया, राजपुर, पलसूद एवं बड़वानी क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तथा लगभग 100 गांवों में सघन पतारसी एवं जनसंपर्क किया। सक्रिय मुखबिर तंत्र से प्राप्त सूचना के आधार पर संभाजी नगर के कंचनवाड़ी क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी के साथ मंदिर में चोरी करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर चोरी गया गल्ला/पेटी एवं पंखा जब्त किया गया।

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा धार्मिक स्थलों से जुड़ी चोरी की घटनाओं में त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा रही है, बल्कि चोरी गई धार्मिक प्रतिमाओं, आभूषणों एवं अन्य सामग्री की बरामदगी को भी प्राथमिकता दी जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की आस्था, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य कर रही है।