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  • 22 प्रमुख सड़कों का हस्तांतरण एमपीआरडीसी को किये जाने का निर्णय

    22 प्रमुख सड़कों का हस्तांतरण एमपीआरडीसी को किये जाने का निर्णय

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक संपन्न हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के इंफ्रॉस्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, सायबर सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को गति देने के लिए 10 हजार 630 करोड़ रुपये के महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) को 12 मार्गों के निर्माण के लिए नाबार्ड इंफ्रॉस्ट्रेक्चर डेवलपमेंट अस्सिटेंस के माध्यम से 4,600 करोड़ रुपये के ऋण के लिए शासकीय गारंटी देने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया इसी तरह चयनित राजमार्गं, मुख्य जिला मार्ग, अन्य जिला मार्ग एवं ग्रामीण मार्गों की श्रेणी को 22 मार्गों को स्वामित्व मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को हस्तांतरित किये जाने का निर्णय लिया गया तथा 3 हजार 960 करोड़ रुपये की लागत से सिवनी-बालाघाट 91.64 कि.मी. मार्ग को फोर-लेन बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के तहत निर्धन एवं कमजोर वर्गों से जुड़ी 19 जन-कल्याणकारी योजनाओं के लिए 1 हजार 740 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।

    स्वास्थ्य एवं तकनीकी अवसंरचना का विस्तार करते हुए उज्जैन स्थित मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 244 पदों के सृजन तथा सायबर सुरक्षा प्रबंधन के लिए एमपी-सीईआरटी योजना अंतर्गत 80 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इसके अतिरिक्त नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन एवं अतिथि गृहों के उन्नयन के लिए 250 करोड़ 67 लाख रुपये, आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति में संशोधन, भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत ईओडब्ल्यू को अधिकृत करने और महिला टी-20 दृष्टिबाधित क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 की पदक विजेता खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों को 78 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदाय किए जाने की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की गई।

    म.प्र. सड़क विकास निगम को प्रदेश में 12 सड़कों के निर्माण के लिए 4 हजार 600 करोड़ रूपये के ऋण की गांरटी का अनुमोदन

    मंत्रि-परिषद ने म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा नाबार्ड इंफ्रॉस्ट्रक्चर डेवलपमेंट असिस्टेंस (निडा) से 4 हजार 600 करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त किये जाने के लिए राज्य शासन द्वारा प्रत्याभूति (गारंटी) प्रदाय किये जाने का अनुमोदन दिया है। सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) को 12 मार्गों के निर्माण के लिए नाबार्ड इंफ्रॉस्ट्रक्चर डेवलपमेंट अस्सिटेंस के माध्यम से 4,600 करोड़ रुपये के ऋण के लिए शासकीय गारंटी देने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इन मार्गों में भोपाल-विदिशा मार्ग, खलघाट-मनावर-मांगोद, मंदसौर-सीतामऊ-म.प्र, सीतामऊ-बसई-सुवासरा, पूर्वी भोपाल बायपास 4-लेन मार्ग को 6-लेन मय पेव्ड, नीमच-मनासा-रामपुरा झालावाड मार्ग एसएस-7, इंदौर-देपालपुर मार्ग का 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर, चापडा-नेवरी से देवास तक एसएच-64 का 2-लेन मय, दिनारा-दतिया,सेवड़ा मार्ग,आगर-सांरगपुर मार्ग, सोयत-माचलपुर-जीरापुर, राहतगढ़-खुरई से खिमलासा मार्ग तथा सुन्दरा- सिंहपुर-कोठी-बिरसिंहपुर-सेमरिया गोहदा-सिरमोर शामिल है।

    22 प्रमुख सड़कों का हस्तांतरण एमपीआरडीसी को किये जाने का निर्णय

    राज्य की 22 प्रमुख सड़कों का स्वामित्व हस्तांतरण नाममात्र मूल्य पर 'म.प्र. सड़क विकास निगम' (एमपीआरडीसी) को किया जाएगा। इसके बदले निगम का संचालक मंडल राज्य सरकार के पक्ष में अपनी अंश पूंजी (शेयर) जारी करेगा। इस ऋण के ब्याज और ऋण का भुगतान हस्तांतरित मार्ग से प्राप्त टोल संग्रहण और अन्य स्त्रोतों से प्राप्त राशि से किया जाएगा। मध्यप्रदेश राजमार्ग निधि अधिनियम, 2012 में संशोधन किया जाकर इस मार्गों पर टोल संग्रहण और अन्य स्त्रोतों से प्राप्त राशि को सीधे निगम की आय माना जाएगा। स्वीकृत ऋण सीमा के भीतर मार्गों में परिवर्तन और नवीन मार्गों के चयन का अधिकार निगम के संचालक मंडल के पास रहेगा। परियोजना के तहत राशि का आहरण 'जस्ट इन टाइम' (जेआईटी) सिद्धांत के अनुसार केवल आवश्यकता पड़ने पर ही किया जाएगा।

    सिवनी-बालाघाट 91.64 कि.मी. मार्ग निर्माण के लिए 3 हजार 960 करोड़ रूपये का अनुमोदन

    मंत्रि-परिषद ने सिवनी-बालाघाट 91.64 कि.मी. मार्ग, 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर के साथ निर्माण और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए कुल 3,960 करोड़ 09 लाख रूपये का अनुमोदन दिया है। स्वीकृति अनुसार मार्ग निर्माण के लिए हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (एचएएम) के मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट के आधार पर परियोजना और वित्तीय लागत 3,458 करोड़ 93 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। परियोजना निर्माण लागत का 40 प्रतिशत राशि 704 करोड़ 38 लाख रूपये राज्य बजट के माध्यम से और शेष 60 प्रतिशत 2,253 करोड़ 39 लाख रूपये संचालन अवधि में 15 वर्षों तक छः माही एन्यूटी के रूप में राज्य बजट के माध्यम से व्यय किया जाएगा। निर्माण से पूर्व के कार्यकलाप (भू-अर्जन एवं अन्य कार्य) और सुपरविजन चार्जेस के लिए 501 करोड़ 16 लाख रूपये का भी अनुमोदन दिया है।

    सिवनी-बालाघाट मार्ग मध्यप्रदेश के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित एक महत्वपूर्ण राज्य राजमार्ग-72 है, जो जिला मुख्यालय सिवनी को महत्वपूर्ण वन एवं खनिज क्षेत्र बालाघाट से जोड़ता है। यह मार्ग दो राष्ट्रीय राजमार्ग 44 (नागपुर-लखनादौन), राष्ट्रीय राजमार्ग 543 (गोंदिया-मण्डला) एवं राष्ट्रीय राजमार्ग 543 के (बालाघाट-भंडारा) मार्गों को भी जोड़ता है। यह मार्ग मलाजखंड तांबा परियोजना, भरवेली मैंगनीज़ माईन्स, कान्हा टाइगर रिज़र्व, पेंच टाईगर रिजर्व और छत्तीसगढ़ राज्य से संपर्क प्रदान करता है।

    बालाघाट खनिज एवं वन उत्पादों का प्रमुख व्यापारिक केन्द्र है तथा सिवनी क्षेत्र कृषि, एवं पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। यह मार्ग क्षेत्रीय आर्थिक विकास एवं लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पर्यटकों की आवाजाही में वृदिध होने से कान्हा नेशनल पार्क, पेंच नेशनल पार्क सहित सिवनी तथा बालाघाट क्षेत्र की ग्रामीण एवं शहरी आबादी को लाभ मिलेगा। लगभग 8 से 10 लाख जनसंख्या को यह मार्ग बेहतर संपर्क प्रदान करेगा।

    निर्धन और कमजोर वर्ग के सामाजिक और आर्थिक विकास से संबंधित 19 योजनाओं के लिए 1 हजार 740 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की निर्धन और कमजोर वर्ग के सामाजिक और आर्थिक विकास से संबंधित  19 योजनाओं के वित्तीय वर्ष 2026 से 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 1 हजार 740 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। यह योजनाएं समाज के गरीब, कमजोर, निर्धन, निराश्रित, वरिष्ठजनों, कन्या विवाह/निकाह सहायता, दिव्यांगजनों, नशा पीड़ितों एवं ट्रांसजेण्डर व्यक्तियों के सामाजिक, आर्थिक एवं समग्र विकास से संबंधित है।

    इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्त पेंशन योजना, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना, मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना, बहु विकलांग एवं मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति को आर्थिक सहायता योजना, अंध मूक बधिर शालाओं को अनुदान, अन्त्येष्टि सहायता योजना, मुख्यमंत्री निकाह योजना, अंधमूक बधिरों को वृत्तियां, विश्व विकलांग दिवस, दिव्यांजनों को आई.टी.आई. प्रशिक्षण, दधीचि पुरस्कार योजना, कृत्रिम अंग उपकरण वितरण योजना, भारतीय कुष्ठ निवारण संघ को ब्लाक ग्रांट, दिव्यांगजनों के लिए बाधारहित वातावरण, अटल वयो अभ्युदय (ए.व्ही.वाय.ए.वाय.) योजना, माता-पिता भरण पोषण योजना, इंदिरा गांधी समाज सेवा पुरस्कार योजना, वरिष्ठ नागरिकों की राज्य परिषद, नशाबंदी कार्यक्रम और नशीली दवा की मांग में कमी लाने के लिये राष्ट्रीय कार्य योजना शामिल है।

    मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय उज्जैन के प्रभावी संचालन के लिए 244 पदों की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय उज्जैन के प्रभावी संचालन के लिए 154 नियमित पद, 01 संविदा पद और 89 आउटसोर्स के माध्यम से रखे जाने वाले व्यक्तियों इस प्रकार कुल 244 पदों/ व्यक्तियों को रखे जाने की स्वीकृति दी है। पदों के वेतनमान, भर्ती पद्धति, सेवा शर्तों और पद-स्वरूप का परीक्षण वित्त विभाग एवं लागू विश्वविद्यालयीन परिनियम, अध्यादेश और सेवा नियमों के अनुसार की जाएगी।

    विश्वविद्यालय की स्थापना से प्रदेश में स्वास्थ्य विज्ञान शिक्षा प्रशासन का संस्थागत विकेन्द्रीकरण होगा। इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, नर्मदापुरम और चंबल संभाग के 31 जिलों के अंतर्गत आने वाले स्वास्थ्य विज्ञान शिक्षण संस्थानों के लिए संबद्धता, निरीक्षण, परीक्षा और अन्य विश्वविद्यालयीन सेवाओं के लिए पृथक प्रशासनिक व्यवस्था उपलब्ध होने से निर्णय एवं सेवा प्रदायगी में अधिक समयबद्धता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जा सकेगा। पाठ्यक्रम, परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली के मानकीकरण, परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता, समयबद्ध परिणाम एवं प्रमाण-पत्र प्रदाय तथा संस्थाओं के अकादमिक निरीक्षण की सुदृढ़ व्यवस्था से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए गुणवत्तापूर्ण एवं सक्षम मानव संसाधन उपलब्ध कराने की राज्य की दीर्घकालीन क्षमता सुदृढ़ होगी।

    राज्य कम्प्यूटर सेक्युरिटी इंसीडेंट/रेसपान्स ऑपरेशन सेन्टर की स्थापना संबंधी योजना के लिए 80 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने राज्य कम्प्यूटर सेक्युरिटी इंसीडेंट/रेसपान्स ऑपरेशन सेन्टर की स्थापना से संबंधित योजना की वित्तीय वर्ष 2026-2027 से 2030-2031 तक निरंतर संचालन के लिए 80 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए प्रशासनिक, तकनीकी, परामर्श, इंसीडेंट रिस्पांस, फॉरेंसिक और एसओसी कार्य के लिए 25 नवीन पदों सहित अनुमानित वित्तीय लागत राशि 3.99 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इसके साथ ही पूर्व से स्वीकृत 21 मानव संसाधनों के वेतन पुनर्निर्धारण के लिए 3.24 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। एमपी-सीईआरटी के उपरोक्त स्वीकृत तकनीकी मानव संसाधनों को पीईएमटी फ्रेमवर्क अनुरूप प्रबंधन किया जायेगा

    निर्णय अनुसार पीईएमटी फ्रेमवर्क में प्रिंसिपल कंसलटेंट से 5 पद, सीनियर कंसलटेंट से 8 एवं कंसलटेंट से 3 पदों को सरेंडर (अभ्यर्पण) किया जाकर इसका उपयोग एमपीसीईआरटी पद संरचना अंतर्गत सृजित किये जाने वाले नवीन पदों की आवश्यकताओं की पूर्ति की जाएगी। वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एमपी-सीईआरटी अन्तर्गत अल्प-अवधि के लिए 50 हजार रूपये तक अधिकतम 02 विषय विशेषज्ञों की सेवाएं अनुबंधित की जायेंगी। साथ ही प्रदेश में साइबर सिक्यूरिटी प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता में सकारात्मक भागीदारी बनाये रखने की दृष्टि से एमपीसीईआरटी में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों यथा एनएफएसयू/आईआईटी/एनआईटी/आईआईएसईआर/सीडीएसी आदि संस्थानों से उत्तीर्ण ग्रेजुएट इंजीनियर्स को मध्यप्रदेश कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम एमपीसीईआरटी में प्रति वर्ष एक वर्ष के लिए इंजीनियरिंग स्नातक उत्तीर्ण 10 प्रशिक्षुओं को 25 हजार रूपये प्रति माह का प्रशिक्षण भत्ते की दर से एक वर्ष के लिए साक्षात्कार के आधार पर नियुक्ति की जाएगी।

    प्रदेश में सायबर सुरक्षा घटनाओं के प्रभावी प्रबंधन, त्वरित प्रतिक्रिया, जोखिम न्यूनीकरण तथा महत्वपूर्ण शासकीय सूचना अवसंरचना की सुरक्षा के लिए राज्य स्तर पर मध्यप्रदेश कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (एमपी-सीईआरटी) की स्थापना की गई है। वर्तमान समय में शासन की अधिकांश सेवाएं, नागरिक केंद्रित प्लेटफॉर्म, डिजिटल भुगतान प्रणालियां, डेटा भंडार, क्लाउड अवसंरचना तथा विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण सूचना प्रणालियां सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी पर आधारित हैं।

    अतिथि गृह के उन्नयन और संचालन के लिए 250 करोड़ 67 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने आवासीय आयुक्त कार्यालय म.प्र. भवन नई दिल्ली में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों से संबंधित योजनाओं को 16वें वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए राजस्व एवं पूंजीगत मद की 250 करोड़ 67 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृति अनुसार आवासीय आयुक्त कार्यालय, मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली के लिए राजस्व एवं पूंजीगत मद में 191 करोड़ 828 लाख रूपये, ज्यूडिशियल स्टॉफ के लिए परिवहन व्यवस्था के लिए 1 करोड़ 55 लाख रूपये, विशेष आयुक्त कार्यालय, म.प्र. शासन, नई दिल्ली के लिए राजस्व एवं पूंजीगत मद में 6.593 करोड़ रूपये, मध्या लोक, मुम्बई कार्यालय के लिए 4.2655 करोड़ रुपये और विभागीय परिसम्पतियों का संधारण के लिए राजस्व मद में 1 करोड़ 76 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इसी तरह नई दिल्ली में प्रस्तावित मध्यांचल भवन के विस्तार निर्माण कार्य के लिए पूंजीगत मद में 44.5803 करोड़ रूपये और नई दिल्ली में प्रस्तावित कार्यालयों की स्थापना के लिए 10 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है।

    आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति में संशोधन की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति 12 नवम्बर 2014 में संशोधन की स्वीकृति दी है। इसके अनुसार संगणित पुनर्वास अनुदान के अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्र में स्थित निजी कृषि भूमि पर स्थापित स्थावर परिसंपत्तियों को छोड़कर कृषि भूमि के लिये कलेक्टर द्वारा जारी की गई गाईडलाईन की तत्समय प्रभावशील दर के अनुसार संगणित मूल्य से दौगुनी राशि भी पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी। नीति के अनुरूप प्रारूपों में आवश्यक संशोधन कर विभाग अपने स्तर से जारी कर सकेगा और अतिरिक्त आवश्यक प्रारूपों को भी जारी कर सकेगा।

    सार्वजनिक हित की परियोजनाओं में भूमि का अर्जन, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के अंतर्गत किया जाता है जिसमें ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के लिये वह कारक जिसके आधार पर बाजार मूल्य को गुणित किया जाना है। मध्यप्रदेश राजपत्र अधिसूचना 24 अप्रैल 2026 से 1.00 के स्थान पर 2.00 किया गया है। इसे शीघ्र क्रियान्वित करने के लिए आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति, 12 नवम्बर 2014 में संशोधन किया गया है।

    राज्य सरकार के विभिन्न विभागों/उपक्रमों को उनकी अधोसंरचना निर्माण कार्यों एवं विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए समय-समय पर निजी भूमि की आवश्यकता पड़ने पर भू-अर्जन की प्रक्रिया में लगने वाले अतिरिक्त समय और लागत को बचाने की दृष्टि से प्रतिफल का भुगतान करके भू-धारकों की आपसी सहमति से भूमि प्राप्त की जा सके तथा शासकीय परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि में क्रियान्वित किए जाने के लिए राज्य शासन द्वारा "आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति" 14 नवम्बर, 2014 से लागू की गई है।

    भारतीय न्याय संहिता 2023 में परिवर्तित धाराओं में कार्यवाही के लिए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ म.प्र. को अधिकृत करने के लिए अधिसूचना में संशोधन को स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की भारतीय न्याय संहिता 2023 में परिवर्तित धाराओं में कार्यवाही के लिए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ म.प्र. को अधिकृत करने के लिए गृह विभाग की अधिसूचना 31 मई 1977 में संशोधन की स्वीकृति दी है।

    महिला टी-20 वर्ल्डकप क्रिकेट 2025 (दृष्टिबाधित) में प्रदाय प्रोत्साहन राशि 78 लाख रूपये की प्रतिपूर्ति खिलाडियों को प्रोत्साहन मद से करने की कार्योत्तर स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने महिला टी-20 वर्ल्डकप क्रिकेट 2025 (ब्लाइंड) की 03 खिलाडियों को कुल प्रोत्साहन राशि 75 लाख रुपये और महिला खिलाडियों के 03 प्रशिक्षक को कुल प्रोत्साहन राशि 3 लाख रूपये इस तरह कुल 78 लाख रूपये की प्रतिपूर्ति प्रोत्साहन मद से करने की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की है। महिला टी-20 वर्ल्डकप क्रिकेट 2025 (ब्लाइंड) 23 नवंबर 2025 कोलंबो (लंका) में नेपाल को पराजित कर स्वर्ण पदक जीतने पर उल्लेखनीय उपलब्धि के दृष्टिगत राज्य शासन द्वारा भारतीय विजेता टीम की सदस्य एवं मध्यप्रदेश की खिलाडी सु सुनिता सराठे (नर्मदापुरम), सु दुर्गा येबले (बैतूल) एवं सु सुषमा पटेल (दमोह) को 25-25 लाख रूपये, जिसमें से 10-10 लाख रूपये नगद एवं 15-15 लाख रूपये फिक्सड डिपाजिट के रूप में तथा महिला खिलाडियों के प्रशिक्षक  सोनू गोलकर,  ओमप्रकाश पाल और  दीपक पाहड़े को एक-एक लाख रूपये इस प्रकार कुल 78 लाख रूपये की राशि प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान करने की कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। 

  • डिजिटल हेल्थ से बदलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर, अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचेगी बेहतर सुविधा: डिप्टी CM शुक्ल

    डिजिटल हेल्थ से बदलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर, अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचेगी बेहतर सुविधा: डिप्टी CM शुक्ल

    डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से अंतिम छोर के व्यक्ति तक उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की सहज पहुंच होगी सुनिश्चित : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों को किया सम्मानित

    भोपाल

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से प्रदेश के अंतिम छोर के व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण एवं उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की सहज पहुंच सुनिश्चित करना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की डिजिटल व्यवस्थाओं से नागरिकों को बेहतर, पारदर्शी और सुगम स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। इसके लिए सभी को समेकित प्रयास करना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर भोपाल में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत मॉडल जिला एवं मॉडल स्वास्थ्य संस्था पहल की राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों से कहा कि चयनित मॉडल जिलों एवं मॉडल स्वास्थ्य संस्थाओं में डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को प्रभावी रूप से लागू करें और यहां विकसित होने वाली श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को प्रदेश की अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं तक पहुंचाएं। डिजिटल स्वास्थ्य अभिलेखों के शत-प्रतिशत उपयोग, स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के प्रभावी समावेश और नागरिक-केंद्रित सेवा व्यवस्था को प्राथमिकता दें।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मॉडल जिला एवं मॉडल स्वास्थ्य संस्था पहल को केवल तकनीकी परियोजना के रूप में न लें, बल्कि इसे स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक बदलाव के अभियान के रूप में आगे बढ़ाएं। जिला कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी तथा स्वास्थ्य संस्थाओं के नोडल अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए टेलीमेडिसिन का अधिक प्रभावी उपयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकार आईपीएचएस-12 मानकों के अनुसार पद सृजन, आवश्यक भर्ती के लिए नियमित फॉलोअप और स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य कर रही है। सभी अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी अपनी भूमिका का प्रभावी निर्वहन करते हुए मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं के मानकों पर अग्रणी बनाने के लिए मिशन मोड में कार्य करें।

    उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों एवं संस्थानों को किया सम्मानित

    कार्यक्रम में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों एवं स्वास्थ्य संस्थानों को उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सम्मानित किया। आभा आईडी निर्माण में जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर एवं सतना को सम्मानित किया गया। टोकन जनरेशन में उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला चिकित्सालय भोपाल एवं इंडेक्स मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, इंदौर तथा स्वास्थ्य अभिलेख फाइलिंग में उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला चिकित्सालय जबलपुर एवं एम्स भोपाल को सम्मानित किया गया।

    डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को स्वास्थ्य व्यवस्था कार्यप्रणाली का प्रभावी हिस्सा बनाएं: राज्य मंत्री पटेल

    लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को स्वास्थ्य व्यवस्था कार्यप्रणाली का प्रभावी हिस्सा बनाएं। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के माध्यम से तकनीक का उपयोग नागरिकों को अधिक सुगम और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में करें। मॉडल जिला एवं मॉडल स्वास्थ्य संस्था पहल के अनुभवों को अन्य संस्थाओं तक पहुंचाकर प्रदेश की डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करें।

    आयुष्मान भारत योजना (मध्यप्रदेश) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरविंद शाह ने बताया कि अगस्त 2026 तक प्रदेश में 5 करोड़ 90 लाख से अधिक आभा आईडी, 20,444 से अधिक स्वास्थ्य संस्थाओं का स्वास्थ्य संस्था रजिस्टर और 19,274 स्वास्थ्यकर्मियों का हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्टर में पंजीयन हो चुका है। उन्होंने बताया कि मॉडल जिला एवं मॉडल स्वास्थ्य संस्था पहल के तहत डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के प्रभावी उपयोग, संस्थागत प्रक्रियाओं में उनके समावेश तथा बेहतर समन्वय पर कार्य किया जाएगा। इससे प्राप्त अनुभवों और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं में अपनाने और विस्तार देने की दिशा में कार्य किया जाएगा। कार्यक्रम में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस., प्रदेश के विभिन्न जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी, स्वास्थ्य संस्थाओं के नोडल अधिकारी और शासकीय एवं निजी चिकित्सा संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

  • बड़े तालाब किनारे बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट की सख्ती, कहा- मामला जीवन के अधिकार से जुड़ा है

    बड़े तालाब किनारे बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट की सख्ती, कहा- मामला जीवन के अधिकार से जुड़ा है

     भोपाल
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राजधानी भोपाल के बड़े तालाब किनारे बेदखली और बुलडोजर कार्रवाई के मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने कहा कि मामला लोगों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार से जुड़ा है।

    न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल व न्यायमूर्ति अवनीन्द्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने याचिकाकर्ताओं को राष्ट्रीय हरित अधिकरण, एनजीटी के समक्ष जाने की स्वतंत्रता दी है। साथ ही एनजीटी के न्यायिक व प्रशासनिक सदस्यों से आग्रह किया है कि मंगलवार को आवेदन पेश होने पर मामले की शीघ्र सुनवाई की जाए।

    दरअसल, भोपाल के भदभदा चौराहा स्थित प्रेमपुरा निवासी निसार खान, मोहसिन और एजाज खान ने याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि जिला प्रशासन ने बड़े तालाब से 50 मीटर के दायरे में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तहत उन्हें भी बेदखली का नोटिस जारी किया है। एनजीटी ने 117 अतिक्रमण हटाकर 31 अगस्त तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

    मकान तालाब की निर्धारित सीमा से बाहर
    याचिकाकर्ताओं का कहना था कि वे जन्म से संबंधित संपत्ति पर रह रहे हैं और उनका मकान तालाब से निर्धारित 50 मीटर की सीमा से बाहर है। इसके प्रमाण के रूप में उन्होंने गूगल मानचित्र का भी हवाला दिया। उनका दावा था कि मानचित्र के अनुसार उनकी संपत्ति निर्धारित सीमा में नहीं आती। याचिका कर्ताओं की ओर से अधिवक्ता मुकेश कुमार अग्रवाल ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल एनजीटी के समक्ष चल रही मूल कार्यवाही में पक्षकार नहीं थे।

    मामले में जल्दी सुनवाई की जाए
    इसके बावजूद उनका पक्ष सुने बिना बेदखली की कार्रवाई की जा रही है। अधिवक्ता ने कहा कि जब संपत्ति 50 मीटर के दायरे में ही नहीं आती तो कार्रवाई पर सवाल उठता है। हाई कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम टिप्पणी किए बिना याचिकाकर्ताओं को एनजीटी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता दी।

    कोर्ट ने एनजीटी के न्यायिक व प्रशासनिक सदस्यों से आग्रह किया कि आवेदन प्रस्तुत होते ही मामले पर शीघ्र सुनवाई की जाए। हाईकोर्ट ने जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े अधिकारों को ध्यान में रखते हुए यह आग्रह किया है।

  • ग्वालियर में FCI पर बड़ी कार्रवाई, बिना जमीन आवंटन बने गोदामों पर तहसीलदार ने भेजा 1.21 अरब का नोटिस

    ग्वालियर में FCI पर बड़ी कार्रवाई, बिना जमीन आवंटन बने गोदामों पर तहसीलदार ने भेजा 1.21 अरब का नोटिस

    ग्वालियर
     फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) ने बिना जमीन आवंटन के नौ बीघा सरकारी जमीन पर गोदाम बना लिए और जब माफी के मंदिरों को लेकर प्रशासन ने जांच की तो इस जमीन का खुलासा हुआ। राजस्व की ओर से एफसीआई को एक अरब 21 करोड़ से ज्यादा का डिमांड नोटिस दिया गया। इसको लेकर एफसीआई ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई जिस पर कोर्ट ने निर्धारित समय अवधि में आधी राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं।

    आधी राशि जमा करने के बाद ही शेष राशि पर स्थगन माना जाएगा। इस जमीन पर 1976 में एफसीआइ ने निर्माण कर लिया था और ऐसा आवंटन की प्रत्याशा में करना बताया। अब इस मामले में एफसीआई की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

    जानकारी के अनुसार, एफसीआई द्वारा एक अरब इक्कीस करोड छप्पन लाख बारह हजार सत्ताइस रुपए का डिमांड नोटिस जारी करने पर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई। डिमांड नोटिस के विरुद्ध स्थगन आदेश की मांग की जिसमें उच्च न्यायालय द्वारा अपने आदेश में एफसीआई को निर्देशित किया कि वह तहसीलदार द्वारा जारी किए गए डिमांड नोटिस की नियत राशि की पचास प्रतिशत राशि साठ करोड़ अठहत्तर लाख छह हजार एक सौ तिरेसठ मात्र आदेश दिनांक से 4 सप्ताह में जमा कराया जाना सुनिश्चित करें तो शेष राशि पर स्थगन आदेश माना जावेगा अन्यथा की दशा में FCI पूरी राशि जमा करे।

    यह है पूरा मामला

    एफसीआई ने 1976 में मंदिर माफी भूमि सर्वे क्रमांक 945, 951,952,953,954,968,969 कुल 9 बीघा 13 विस्वा स्थित कोटा लश्कर पर आवंटन की प्रत्याशा में केंद्रीय भंडार निगम के गोदामों का निर्माण कर लिया। वर्ष 1988 में राशि 3,19,174 रूपए निश्चित की गई और 7.5 प्रतिशत की दर से ब्याज देय था जिसमें से कुछ राशि एफसीआई द्वारा जमा कर दी गई लेकिन शेष राशि जमा नहीं की गई।

    अतः साल 1999 में शेष राशि और ब्याज राशि सहित कुल राशि 33,16,922 रूपए तय की गई जिसके बाद 2005 में एफसीआई द्वारा पांच लाख 98 हजार राशि जमा की गई और शेष राशि के लिए उच्च न्यायालय में डब्ल्यूपी प्रकरण क्रमांक दायर किया गया जिसमें प्रमुख सचिव धर्मस्व को साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लेने हेतु निर्देशित किया गया।

    प्रमुख सचिव महोदय द्वारा 1999 में तय की गई राशि और उसके बाद 15 प्रतिशत ब्याज राशि सहित आकलन कर एफसीआई से राशि वसूले जाने और एक माह में राशि जमा न करने पर कब्जा प्राप्त कर माफी विभाग को सौंपने का आदेश पारित किया जिस पर आयुक्त ग्वालियर संभाग द्वारा कुल राशि का आकलन कराते हुए कलेक्टर ग्वालियर द्वारा उक्त आकलित राशि की आरआरसी जारी कराई गई जिसके आधार पर तहसीलदार लश्कर मनीष जैन द्वारा उक्त डिमांड नोटिस जारी किया गया था।

  • MP में गॉदरेज का विस्तार! मालनपुर में चौथी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का 26 अगस्त को शुभारंभ

    MP में गॉदरेज का विस्तार! मालनपुर में चौथी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का 26 अगस्त को शुभारंभ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 26 अगस्त को मालनपुर में गॉदरेज की चौथी विनिर्माण इकाई का करेंगे शुभारंभ

    450 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से 2250 से अधिक रोजगार सृजित होंगे

    मालनपुर

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 अगस्त को भिंड जिले के औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर में गॉदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड की विस्तारित चौथी विनिर्माण इकाई का शुभारंभ करेंगे। इकाई के विस्तार पर 450 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। इससे मालनपुर में उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ 2,250 से अधिक नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव पीडब्ल्यूडी नियुक्तियों के प्रमाण-पत्र भी वितरित करेंगे। इस अवसर पर श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री तथा भिंड जिले के प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गॉदरेज समूह के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे।

    विस्तार के अंतर्गत 10 मीट्रिक टन प्रति घंटे क्षमता वाला निरंतर सैपोनिफिकेशन संयंत्र और प्रति मिनट 217 बंडल की क्षमता वाली स्वचालित पैकेजिंग प्रणाली स्थापित की जा रही है। इसके साथ प्रतिवर्ष 42 करोड़ हेयर कलर सैशे, 14 करोड़ मच्छर निरोधक उत्पाद और 10 करोड़ एयर फ्रेशनर सैशे के उत्पादन की क्षमता विकसित होगी। हेयर क्रीम उत्पादन की क्षमता 7,300 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष होगी। इससे भिंड और आसपास के क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। विस्तार के बाद राज्य को प्रतिवर्ष लगभग 185 करोड़ रुपये का अतिरिक्त केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर तथा राज्य वस्तु एवं सेवा कर राजस्व प्राप्त होने की संभावना है।

    गॉदरेज द्वारा उत्पादन विस्तार के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डॉव जोंस सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स के अनुसार गॉदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स दुनिया की दूसरी सबसे टिकाऊ एफएमसीजी कंपनियों में शामिल है। मालनपुर संयंत्र में शून्य तरल अपशिष्ट उत्सर्जन प्रणाली के साथ 204 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जाएगा।

    गॉदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड वर्ष 1991 से मालनपुर में संचालित है। औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कंपनी का संयंत्र 65 एकड़ क्षेत्र में फैला है। यहां अब तक 850 करोड़ रुपये का संचयी निवेश किया जा चुका है। तीन दशक से अधिक समय में यह संयंत्र गॉदरेज के विनिर्माण तंत्र के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। यहां साबुन, हेयर कलर और घरेलू कीटनाशक सहित विभिन्न उत्पादों का निर्माण किया जाता है।

    नई चौथी विनिर्माण इकाई के विस्तार से मालनपुर संयंत्र की उत्पादन क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी। वर्तमान में यहां प्रतिवर्ष 1 लाख 50 हजार मीट्रिक टन साबुन नूडल्स और 70 हजार मीट्रिक टन तैयार टॉयलेट साबुन के उत्पादन की क्षमता है। विस्तार के बाद साबुन नूडल्स की क्षमता बढ़कर 2 लाख मीट्रिक टन तथा तैयार साबुन की क्षमता 1 लाख 20 हजार मीट्रिक टन प्रतिवर्ष हो जाएगी। इस प्रकार कुल उत्पादन क्षमता 3 लाख 20 हजार मीट्रिक टन प्रतिवर्ष हो जाएगी। इससे मालनपुर संयंत्र एशिया की सबसे बड़ी एकीकृत साबुन विनिर्माण इकाई बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

  • रबी सीजन में बिजली की कमी नहीं होगी, ऊर्जा मंत्री तोमर ने विभाग को जरूरी कार्यवाही के निर्देश दिए

    रबी सीजन में बिजली की कमी नहीं होगी, ऊर्जा मंत्री तोमर ने विभाग को जरूरी कार्यवाही के निर्देश दिए

    रबी सीजन के लिये पर्याप्त विद्युत उपलब्धता सुनिश्ति करने करें जरूरी कार्यवाही

    ऊर्जा मंत्री तोमर ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान दिए निर्देश

    भोपाल 

    आगामी रबी सीजन के लिये किसानों को मांग के अनुसार गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये अभी से जरूरी कार्यवाही करें। आवश्यकतानुसार ट्रांसफार्मर एवं बिजली लाईनों का मेंटेनेंस करवायें। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह निर्देश मंत्रालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान दिए।

    मंत्री तोमर ने कहा कि स्टोर में किसी भी जरूरी सामग्री की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संतुष्टि होगी, तो बिजली बिल जमा करने में उपभोक्ता को कष्ट नहीं होगा। मौजूदा पॉवर ट्रांसफार्मर की ओवरलोडिंग को कम करने के लिये कार्ययोजना बनाकर काम करें। फीडरों में ट्रिपिंग की सतत् समीक्षा कर उसे कम करने के हर संभव प्रयास करें।

    ऊर्जा मंत्री तोमर ने विद्युत वितरण कंपनियों के एमडी से बात कर उनके यहां भण्डार में उपलब्ध क्रिटिकल सामग्री की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रमुख सचिव ऊर्जा मनीष सिंह ने कहा कि उपभोक्ता संतुष्टि को फोकस कर कार्य करें। रबी सीजन की तैयारी पहले से कर लें, जिससे समय पर कोई समस्या नहीं आये।

    बैठक में सचिव ऊर्जा विशेष गढ़पाले, एमडी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी ऋषि गर्ग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। पूर्व क्षेत्र, पश्चिम क्षेत्र, जनरेशन और ट्रांसमिशन के एमडी सहित अन्य अधिकारी बैठक में वर्चुअल जुड़े थे।

     

  • कर्मचारियों की पदोन्नति पर CM डॉ. यादव का बड़ा बयान, बोले- फैसले में हित के साथ इमोशन भी जुड़ा

    कर्मचारियों की पदोन्नति पर CM डॉ. यादव का बड़ा बयान, बोले- फैसले में हित के साथ इमोशन भी जुड़ा

    राज्य सरकार ने कर्मचारियों के हित और उनके प्रमोशन के साथ अपना इमोशन जोड़कर निर्णय लिया है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मंत्रालय कर्मचारियों ने किया अभिनंदन
    कर्मचारी हित में लिए जा रहे ऐतिहासिक निर्णयों के लिए माना आभार
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी सुजागृति पटेल और विक्रम अवॉर्ड विजेता सुअंजली वर्मा को सम्मानित किया गया
    मंत्रालय परिसर में हुआ कार्यक्रम

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों के प्रमोशन की प्रक्रिया अब रुकेगी नहीं, अब पदोन्नति का यह क्रम साल दर साल चलता रहेगा। इस साल सभी विभागों में पदोन्नति के लिए डीपीसी प्रारंभ होने वाली है। सभी पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है। पारदर्शी निर्णय और दृढ़ संकल्प ही सुशासन का आधार स्तंभ है। कर्मचारियों के हित में राज्य सरकार सभी कल्याणकारी निर्णय लेने के लिए सदैव तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कर्मचारियों बहनों को रक्षाबंधन के पावन पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा कर्मचारी हित में लिए गए निर्णयों के लिए मंत्रालयीन अधिकारियों-कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी सुजागृति पटेल और विक्रम अवॉर्ड विजेता सुअंजली वर्मा को सम्मानित किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पदोन्नति के बाद कर्मचारियों के मन की प्रसन्नता उनके चेहरे पर दिखाई देती है। प्रदेश के विकास और जनकल्याण के बढ़ते कारवां में कर्मचारियों का विशेष योगदान है। कर्मचारियों के उत्साहवर्धन के लिए सभी प्रकार के वेतन, भत्ते और पदोन्नति देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। यह कर्मचारियों का अधिकार है, इससे कर्मचारियों के मन में ऊर्जा का संचार होता है, उनके परिवार में खुशी आती है। राज्य सरकार कर्मचारियों को समय पर सभी लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि देरी से लिया गया निर्णय भी अन्याय के समान होता है। राज्य सरकार ने कर्मचारियों के हित और उनके प्रमोशन के साथ अपना इमोशन जोड़कर निर्णय लिया है।

    विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव कर्मचारियों के वेतन भत्तों के साथ साथ उनके आवास की भी चिंता कर रहे हैं। उन्होंने किसानों के कल्याण, गरीब, महिला और युवा सहित सभी वर्गों के लिए जनहितैषी निर्णय लिए हैं। कार्यक्रम आयोजक एवं संयोजक सुभाष वर्मा ने मंत्रालय परिवार की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर 2023 को राज्य के कर्मचारियों की किस्मत खुली थी। वर्ष 2013 से रुके भत्तों का भुगतान किया गया। इसके बाद 2026 में प्रदेशभर के 1 लाख 25 हजार से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने कार्यकाल में अनेक कर्मचारी हितैषी निर्णय लिए गए। जनकल्याण के लिए एक मजबूत तंत्र की आवश्यकता होती है, मुख्यमंत्री डॉ. यादव दृढ़ संकल्प के धनी हैं। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ अध्यक्ष रमेश शर्मा सहित शासकीय कर्मचारी संघों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी भाई बहन उपस्थित थे।

     

  • रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को तोहफा, युवाओं और निवेश पर फोकस; विजय शाह के अभियोजन का प्रस्ताव कैबिनेट में टला

    रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को तोहफा, युवाओं और निवेश पर फोकस; विजय शाह के अभियोजन का प्रस्ताव कैबिनेट में टला

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश के युवाओं के विकास, मानसून की स्थिति, औद्योगिक निवेश, और आगामी त्योहारों को लेकर कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई।

    राज्य सरकार ने जहां एक ओर अंतरिक्ष के क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू करने वाले प्रदेश के युवा की सराहना की, वहीं लाडली बहनों के लिए रक्षाबंधन के उपहार और 'जन विश्वास अभियान' की तारीखों में बदलाव की भी जानकारी साझा की।

    मंत्री शाह  पर अभियोजन स्वीकृति का प्रस्ताव कैबिनेट में रुका

    जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान के मामले में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में अभियोजन स्वीकृति के प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी। प्रस्ताव को बैठक में लाने की तैयारी थी, लेकिन अंतिम दौर में इसे कैबिनेट के सामने रखने से रोक दिया गया। अब सरकार 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले या उस दौरान एफिडेविट के जरिए अपना पक्ष रख सकती है। इसके बाद कैबिनेट से इस निर्णय का अनुसमर्थन कराया जा सकता है।

    विजय शाह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति का मामला करीब एक साल से लंबित है। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1)(a) के तहत अभियोजन चलाने की अनुमति मांगी है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही राज्य सरकार को इस पर निर्णय लेने के निर्देश दे चुका है। ऐसे में अब 31 अगस्त की सुनवाई से पहले सरकार की ओर से दाखिल किए जाने वाले एफिडेविट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    जनवरी में दो सप्ताह, मई में फिर चार सप्ताह का समय मिला था
    19 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में सामने आया था कि एसआईटी अपनी जांच पूरी कर अंतिम रिपोर्ट दे चुकी है, लेकिन अभियोजन स्वीकृति का मामला राज्य सरकार के पास लंबित है। कोर्ट ने सरकार को निर्णय लेने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था।

    मई में मामला फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो सरकार की ओर से फैसला नहीं लिए जाने पर कोर्ट ने पुराने निर्देशों का पालन करने और चार सप्ताह में अनुपालन रिपोर्ट देने को कहा। इसके बावजूद 23 जुलाई की सुप्रीम कोर्ट की ऑफिस रिपोर्ट में सामने आया कि 8 मई के आदेश के अनुपालन में अब तक कोई दस्तावेज दाखिल नहीं किया गया था।

    अब 31 अगस्त की सुनवाई से पहले सरकार के एफिडेविट के जरिए अपना रुख स्पष्ट करने की संभावना है।

    कैबिनेट बैठक में सामने आए प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

    स्पेस स्टार्टअप: विदिशा के युवा विभोर जैन की सराहना
        हाल ही में प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपने स्टार्टअप के जरिए नई ऊंचाइयां छूने वाले युवाओं से मुलाकात की थी। इनमें मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के रहने वाले युवा विभोर जैन भी शामिल हैं। उनका स्टार्टअप 'व्योमिक' (Vyomik) अंतरिक्ष में सैटेलाइट लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है।

        मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के ऐसे प्रतिभावान युवाओं को हर संभव प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मानसून और किसानों के लिए निर्देश
    प्रदेश में वर्तमान मानसून की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। अतिवृष्टि (अधिक बारिश) वाले क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाने को कहा गया है। इसके विपरीत, जिन इलाकों में अल्पवृष्टि (कम बारिश) हुई है, वहां के किसानों के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    युवाओं के लिए बनेगी कौशल विकास की ठोस रणनीति
    नीति आयोग द्वारा हाल ही में 'विकसित भारत में कौशल विकास' पर जारी रिपोर्ट के आधार पर, मध्य प्रदेश में भी युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की कवायद तेज होगी। युवाओं को शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के सहयोग से एक ठोस रणनीति (ठोस एक्शन प्लान) तैयार की जाएगी।

    लाडली बहनों को रक्षाबंधन का तोहफा
    28 अगस्त को आने वाले रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस खास मौके पर राज्य सरकार की ओर से लाडली बहनों के बैंक खातों में 250 रुपये की अतिरिक्त सम्मान राशि ट्रांसफर कर दी गई है।

    'जन विश्वास अभियान' की तारीखों में बदलाव
    प्रदेश की जनता से सीधे जुड़ने और उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए 'जन विश्वास अभियान' एक सार्थक पहल है, जिसके तहत हर शुक्रवार को मुख्यमंत्री और सभी मंत्री फील्ड में उतरकर लोगों से संवाद करते हैं। आगामी रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के त्योहारों के मद्देनजर, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि 28 अगस्त को होने वाला कार्यक्रम अब 29 अगस्त को और 4 सितंबर को होने वाला कार्यक्रम 5 सितंबर को आयोजित किया जाएगा।

    औद्योगिक निवेश के मिल रहे सार्थक परिणाम
    बैठक में यह भी बताया गया कि मध्य प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों के सकारात्मक नतीजे दिखने लगे हैं। पिछले दो महीनों में प्रदेश के पीथमपुर और ग्वालियर में औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं।

    सिवनी-बालाघाट स्टेट हाईवे
    इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में लगातार बेहतर कार्य हो रहे हैं। इसी क्रम में सिवनी-बालाघाट स्टेट हाईवे के 91.64 किमी मार्ग को पेव्ड शोल्डर सहित फोर-लेन करने का निर्णय लिया गया है। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर बनने वाली इस परियोजना की लागत ₹3,458 करोड़ होगी। इसके साथ ही, 12 नई सड़कों का निर्माण भी हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर किया जाएगा।

    किसानों की सहमति से जमीन खरीदेगी सरकार
    जमीन अधिग्रहण को लेकर कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है…भूमि अधिग्रहण में आपसी सहमति से भूमि क्रय के प्रावधान को मंजूरी दी गई है। अब आपसी सहमति होने पर सरकार चार गुना मुआवजा राशि देकर सीधे भूमि क्रय कर सकेगी, जिससे अधिग्रहण की प्रक्रिया में समय की बचत होगी। इसके साथ ही मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली के आवासीय आयुक्त के विभिन्न राजस्व व्ययों की निरंतरता को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मानसून की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अतिवृष्टि वाले क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने तथा कम वर्षा वाले क्षेत्रों में किसानों के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि मंत्रिमंडल समूह की बैठक में मुख्य सचिव की ओर से दी गई रिपोर्ट भी रखी गई। इसके अनुसार तीन साल में सरकार ने कैबिनेट में जितने भी निर्णय लिए, उनमें से 90 प्रतिशत पर अमल हो चुका है। सड़कों को अच्छी गुमवत्ता वाला बनाने पर भी जोर दिया गया।

    फार्मर आइडी बनाने का आग्रह
    किसानों के हित में फार्मर आईडी बनाने का अभियान 20 अगस्त से शुरू किया गया है। शासकीय दल किसानों के पास जाकर उनकी फार्मर आईडी बनाएंगे, जिससे उन्हें कतारों में लगने की आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी किसानों से अपनी फार्मर आईडी बनवाने का आग्रह किया है।

    ‘जन विश्वास अभियान’
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित सभी मंत्री प्रत्येक शुक्रवार को फील्ड में पहुंचकर जनता से संवाद कर रहे हैं और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्य कर रहे हैं। रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के पर्व को देखते हुए मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए हैं कि 28 अगस्त के स्थान पर 29 अगस्त तथा 4 सितंबर के स्थान पर 5 सितंबर को ‘जन विश्वास अभियान’ के कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

     

  • इंदौर पुलिस का बड़ा एक्शन! बदमाश मुख्तियार की 4 करोड़ की संपत्ति सीज, दस्तावेजों की जांच जारी

    इंदौर पुलिस का बड़ा एक्शन! बदमाश मुख्तियार की 4 करोड़ की संपत्ति सीज, दस्तावेजों की जांच जारी

    इंदौर 

    इंदौर क्राइम ब्रांच ने जमीन मालिकों से अवैध कब्जे छोड़ने के बदले रुपए मांगने के मामले में गिरफ्तार बदमाश मुख्तियार की करीब 4 करोड़ रुपए की संपत्ति सीज की है। सोमवार को क्राइम ब्रांच की टीम टीआई जितेंद्र यादव के नेतृत्व में मुख्तियार को लेकर उसके घर पहुंची थी। जांच के दौरान अवैध शेड में बने गोदाम और दुकानों से जुड़े दस्तावेज मिले।

    क्राइम ब्रांच ने मुख्तियार से इन संपत्तियों की खरीदी और मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज मांगे। संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने के बाद टीम ने उससे जुड़ी संपत्तियों का मौके पर निरीक्षण किया और उन्हें सीज करने की कार्रवाई की।

    35 अपराध दर्ज हो चुके हैं
    मुख्तियार के खिलाफ वर्ष 2018 में विजयनगर पुलिस ने कार्रवाई की थी। उस समय एक नाबालिग को धमकाने और टॉयलेट शीट चटवाने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया था। इसके बाद जमीन विवाद से जुड़े कई पीड़ित सामने आए। पुलिस के मुताबिक मुख्तियार के खिलाफ अब तक करीब 35 अपराध दर्ज हो चुके हैं।

    जेल से बाहर आने के बाद कब्जे के आरोप
    पुलिस के मुताबिक जेल से बाहर आने के बाद भी मुख्तियार पर राधिका कुंज इलाके की जमीनों पर कब्जे करने के आरोप लगे। हाल ही में क्राइम ब्रांच ने उसे जमीन मालिकों से अवैध कब्जे छोड़ने के बदले रुपए मांगने के मामले में गिरफ्तार किया था।

    संपत्तियों की जांच जारी
    डीसीपी राजेश त्रिपाठी के निर्देशन में क्राइम ब्रांच मुख्तियार की संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने फिलहाल करीब 4 करोड़ रुपए की संपत्ति सीज की है और इनसे जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है।

    नगर निगम और राजस्व विभाग से मांगी जानकारी
    क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक, मुख्तियार को लेकर चार प्लॉट की एफआईआर दर्ज हुई थी। मौके पर पहुंचने पर तीन अन्य प्लॉट के दस्तावेज भी मिले, जिसके आधार पर करीब सात संपत्तियां सीज की गई हैं। मामले में नगर निगम और राजस्व विभाग से जानकारी मांगी गई है। जांच में सामने आया है कि कुछ प्लॉट 10 हजार वर्गफीट से अधिक क्षेत्रफल के हैं, जबकि कुछ का क्षेत्रफल 2 हजार से 5 हजार वर्गफीट के बीच है।

  • 40 दिन तक झांसी नहीं जाएंगी 17 ट्रेनें, यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी; यहां जानें नया रूट

    40 दिन तक झांसी नहीं जाएंगी 17 ट्रेनें, यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी; यहां जानें नया रूट

    ग्वालियर
     वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर गिट्टी रहित ट्रैक (बैलेस्ट लेस ट्रैक) का निर्माण होने जा रहा है। 20 नवंबर से 29 दिसंबर तक 40 दिन चलने वाले इस काम का असर ग्वालियर से आने-जाने वाली ट्रेनों पर भी पड़ेगा। रेलवे ने परिचालन को व्यवस्थित रखने के लिए कई ट्रेनों को निरस्त, डायवर्ट, शॉर्ट टर्मिनेट, नियंत्रित करने का निर्णय लिया है।

    ग्वालियर के यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन यह है कि ट्रेन क्रमांक 11123-11124 ग्वालियर-बरौनी मेल 19 नवंबर से 29 दिसंबर तक 40 दिन झांसी स्टेशन नहीं जाएंगी। ये ट्रेन ग्वालियर से भिंड-इटावा होकर कानपुर जाएगी। वहीं ताज एक्सप्रेस का संचालन 20 नवंबर से 29 दिसंबर तक झांसी के बजाय ग्वालियर तक ही किया जाएगा। खजुराहो-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस भी 19 नवंबर से 30 दिसंबर तक दतिया से शॉर्ट टर्मिनेट व ओरिजिनेट होगी यानी ये ट्रेन दतिया स्टेशन तक ही जाएगी।

    बदले हुए मार्ग से चलेंगी 17 ट्रेनें
    ट्रेन क्रमांक 12410 हजरत निजामुद्दीन-रायगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस 21 नवंबर से 29 दिसंबर तक शुक्रवार और रविवार को मथुरा-बयाना-सोगरिया-रुठियाई-बीना होकर चलेगी। ट्रेन क्रमांक 12406 हजरत निजामुद्दीन-भुसावल गोंडवाना एक्सप्रेस 20 नवंबर से 27 दिसंबर तक शुक्रवार और रविवार को इसी वैकल्पिक मार्ग से चलेगी।

    ट्रेन क्रमांक 14622 फिरोजपुर कैंट-हजूर साहिब नांदेड़ साप्ताहिक एक्सप्रेस 20 नवंबर से 25 दिसंबर तक ग्वालियर के बाद झांसी-बीना जाने के बजाय ग्वालियर-गुना-बीना होकर चलेगी।

    ट्रेन क्रमांक 14314 बरेली-लोकमान्य तिलक टर्मिनस साप्ताहिक एक्सप्रेस 21 नवंबर से 26 दिसंबर तक ग्वालियर-गुना-बीना होकर चलेगी।

    ट्रेन क्रमांक 14320 बरेली-इंदौर साप्ताहिक एक्सप्रेस 25 नवंबर से 23 दिसंबर तक ग्वालियर-गुना-रुठियाई-मक्सी होकर चलेगी।

    ट्रेन क्रमांक 09466 दरभंगा-अहमदाबाद क्लोन स्पेशल 23 नवंबर से 28 दिसंबर तक गोविंदपुरी के बाद इटावा-ग्वालियर-गुना होकर चलेगी। वापसी में 09465 अहमदाबाद-दरभंगा क्लोन स्पेशल 20 नवंबर से 25 दिसंबर तक गुना-ग्वालियर-इटावा-गोविंदपुरी होकर चलेगी।

    दो ट्रेनें एक घंटे रेगुलेट, इंटरसिटी होगी 30 मिनट लेट
    ट्रेन क्रमांक 22196 बांद्रा टर्मिनस-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी को 19 नवंबर से 26 दिसंबर तक मंगलवार और बुधवार को 60 मिनट रेगुलेट किया जाएगा। ट्रेन क्रमांक 02200 बांद्रा टर्मिनस-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी को शनिवार को इसी अवधि में 60 मिनट रेगुलेट किया जाएगा। वहीं 11109 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-लखनऊ जंक्शन इंटरसिटी एक्सप्रेस 20 नवंबर से 29 दिसंबर तक अपने निर्धारित समय से 30 मिनट देरी से झांसी से रवाना होगी।