Category: मध्य प्रदेश

  • बिखरने की कगार पर था परिवार, वन स्टॉप सेंटर की काउंसलिंग से रिश्तों में फिर घुली मिठास

    बिखरने की कगार पर था परिवार, वन स्टॉप सेंटर की काउंसलिंग से रिश्तों में फिर घुली मिठास

    वन स्टॉप सेंटर की संवेदनशील काउंसलिंग से फिर जुड़ा बिखरता परिवार

    रीवा में प्रभावी मध्यस्थता से दंपती ने भुलाए मतभेद, साथ रहने का लिया संकल्प

    रीवा

    समय पर हस्तक्षेप, संवेदनशील काउंसलिंग और सकारात्मक मध्यस्थता किसी टूटते परिवार को फिर से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। रीवा में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित वन स्टॉप सेंटर ने ऐसे ही एक प्रकरण में प्रभावी हस्तक्षेप करते हुए लंबे समय से तनावपूर्ण वैवाहिक जीवन से गुजर रहे दंपती के बीच संवाद स्थापित कराया। केंद्र के निरंतर प्रयासों के बाद पति-पत्नी ने अपने मतभेद दूर कर पुनः साथ रहने और शांतिपूर्ण वैवाहिक जीवन व्यतीत करने का निर्णय लिया।

    मामला मऊगंज जिले के हनुमाना थाना क्षेत्र के ग्राम महरी निवासी रंजना साहू और उनके पति सुनील साहू से संबंधित है। दोनों का विवाह 13 दिसंबर 2021 को हिंदू रीति-रिवाजों से हुआ था। विवाह के शुरुआती महीनों में पारिवारिक जीवन सामान्य रहा, लेकिन बाद में आवेदिका ने ससुराल पक्ष द्वारा दहेज के लिए वाहन की मांग तथा पति द्वारा नशे की स्थिति में मारपीट और मानसिक प्रताड़ना किए जाने की शिकायत वन स्टॉप सेंटर, रीवा में दर्ज कराई। लगातार बढ़ते विवादों के कारण दंपती का वैवाहिक जीवन टूटने की कगार पर पहुंच गया था।

    शिकायत प्राप्त होने के बाद वन स्टॉप सेंटर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों से संपर्क किया और काउंसलिंग के लिए बुलाया। प्रारंभिक निर्धारित तिथि 9 जून को अनावेदक के उपस्थित नहीं होने के बावजूद केंद्र ने प्रयास जारी रखे। लगातार संपर्क और फॉलोअप के बाद 16 जून को पति सुनील साहू केंद्र में उपस्थित हुए। इसके बाद दोनों पक्षों की समस्याओं को समझते हुए संवेदनशीलता के साथ काउंसलिंग और मध्यस्थता की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

    वन स्टॉप सेंटर रीवा की प्रभारी प्रशासक सुश्रुति मिश्रा, परामर्शदाता सुसलमा खान, प्रधान आरक्षक सुरंजना तिवारी तथा केस वर्करों ने दोनों पक्षों से संवाद कर उन्हें वैवाहिक जीवन में आपसी सम्मान, विश्वास और संवाद के महत्व को समझाया। काउंसलिंग के दौरान पति को नशे और हिंसात्मक व्यवहार के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए भविष्य में किसी भी प्रकार की मारपीट अथवा मानसिक प्रताड़ना नहीं करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही परिवार की एकता, सामाजिक जिम्मेदारी और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के महत्व पर भी चर्चा की गई।

    लगातार संवाद और सकारात्मक मध्यस्थता का परिणाम 18 जून को सामने आया, जब दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समझौता हुआ। पति-पत्नी ने पूर्व की कटु परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए पुनः साथ रहने और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण वैवाहिक जीवन जीने का संकल्प लिया। पति द्वारा भविष्य में किसी भी प्रकार की मारपीट अथवा मानसिक प्रताड़ना नहीं करने का लिखित एवं मौखिक आश्वासन भी दिया गया।

    केंद्र द्वारा प्रकरण की स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए दंपती को 20 जुलाई 2026 को फॉलोअप के लिए पुनः उपस्थित होने के निर्देश दिए गए। दोनों पक्षों ने वन स्टॉप सेंटर द्वारा उपलब्ध कराए गए परामर्श और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

    यह प्रकरण इस बात का प्रभावी उदाहरण है कि समय पर किया गया संवेदनशील हस्तक्षेप, सकारात्मक संवाद और प्रभावी काउंसलिंग परिवारों को टूटने से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वन स्टॉप सेंटर, रीवा द्वारा महिलाओं को संकट की स्थिति में आवश्यक सहायता, संरक्षण और परामर्श उपलब्ध कराने के साथ-साथ आपसी संवाद के माध्यम से पारिवारिक विवादों के समाधान की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल से न केवल एक परिवार को पुनः साथ आने का अवसर मिला, बल्कि बच्चों के सुरक्षित भविष्य और परिवार में विश्वास, सम्मान एवं सौहार्द की पुनर्स्थापना की राह भी बनी। वन स्टॉप सेंटर की यह पहल ‘सहायता से समाधान और संवाद से परिवार’ की भावना को साकार करते हुए संवेदनशील सामाजिक दायित्व का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करती है।

     

  • ग्वालियर में अवैध बांग्लादेशियों पर बड़ा एक्शन! घर वापसी के लिए BSF बॉर्डर कैंप पहुंची स्पेशल टीम

    ग्वालियर में अवैध बांग्लादेशियों पर बड़ा एक्शन! घर वापसी के लिए BSF बॉर्डर कैंप पहुंची स्पेशल टीम

    ग्वालियर
     मध्यप्रदेश के ग्वालियर से पकड़े गए 13 बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. ग्वालियर पुलिस की स्पेशल टीम ग्वालियर से बांग्लादेशी नागरिकों को लेकर पश्चिम बंगाल के मालदा पहुंची. पश्चिम बंगाल से BSF के जरिए इन सभी नागरिकों को उनके बांग्लादेश भेजा जाएगा। 

    ग्वालियर पुलिस ने 3 अगस्त को शहर से 13 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा था. पुलिस की टीमों ने तीन अलग-अलग स्थान से छापामार कार्रवाई करते हुए कुल 13 नागरिकों को पकड़ा था, इनमें सात पुरुष तीन महिला और तीन बच्चे शामिल थे. सभी बांग्लादेश के रहने वाले थे. पूछताछ के दौरान उनके पास किसी तरह के भारतीय दस्तावेज नहीं मिले थे. इसके बाद पुलिस में सभी तेरा बांग्लादेशी नागरिकों को पुलिस लाइन में डिटेन सेंटर बनाकर रखा था. ग्वालियर पुलिस ने दिल्ली दूतावास के जरिए बांग्लादेश में इन सभी नागरिकों की पहचान के लिए दस्तावेज भेजे थे। 

    पुलिस की स्पेशल टीम लेकर पहुंची बीएसएफ कैंप
    करीब 20 दिन तक पूछताछ और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद इन सभी नागरिकों के बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हुई. इसके बाद इन सभी को ग्वालियर पुलिस की स्पेशल टीम ने मालदा बीएसएफ कैंप पहुंचाया. जहां से एक-दो दिन में सभी बांग्लादेश रवाना किए जाएंगे। 

    पकड़े गए ये बांग्लादेश लोगों का नाम
    ग्वालियर से भारत बांग्लादेश बॉर्डर पर रवाना किए गए लोग बांग्लादेश के अलग-अलग इलाकों से है. इन्हें भारत से वापस उनके देश भेजा जा रहा है। 

    शकील खान 25 साल, सिरस्योना, बांग्लादेश. पति
    काजल खान 19 साल, सिरस्योना, बांग्लादेश पत्नी
    ताल्हा खान, 5 साल, बेटा
    यूसुफ शेख, 38 साल, खुलना,बांग्लादेश पति
    सलमा शेख 24 परगना, बासंती बांग्लादेश. पत्नी
    हबीबुल्लाह, 6 साल बेटा
    हुमायरा शेख, 3 साल बेटी
    जमाल मुल्ला 39 साल, खुलना बांग्लादेश. पिता
    जुम्मन मुल्ला 18 साल, खुलना बांग्लादेश. बेटा
    मोहम्मद मलिक 27 साल, ढाका बांग्लादेश.
    मोहम्मद नुबेर 28 साल, ढाका बांग्लादेश.
    रेहान खान 18 साल, खुलना बांग्लादेश.

  • माता वैष्णोदेवी के दर्शन होंगे आसान! महू-इंदौर से साप्ताहिक ट्रेन चलाने का प्रस्ताव, जानें पूरा शेड्यूल

    माता वैष्णोदेवी के दर्शन होंगे आसान! महू-इंदौर से साप्ताहिक ट्रेन चलाने का प्रस्ताव, जानें पूरा शेड्यूल

    महू

     आगामी त्योहारी सीजन और नवरात्रि पर्व को देखते हुए रेलवे स्पेशल साप्ताहिक ट्रेन का संचालन शुरू कर सकता है। इसके लिए पश्चिम रेलवे ने प्रस्ताव तैयार कर रेलवे बोर्ड के पास मंजूरी के लिए भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद यह ट्रेन बुधवार को महू से जबकि गुरुरवार को श्रीमाता वैष्णोदेवी कटरा तक जाएगी।

    इस ट्रेन का संचालन विशेष किराए के साथ होगा। ट्रेन के प्रस्ताव के अनुसार यह अगस्त के आखिरी सप्ताह से दिसंबर के आखिरी सप्ताह तक चलाई जाएगी। दोनों ओर से ट्रेन 19-19 ट्रिप लगाएगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार जल्द ट्रेन को मंजूरी मिलने की संभावनाएं हैं।

    ट्रेन के स्टॉप

    यह ट्रेन इंदौर से लेकर देवास, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर, सीहोर, बीना, ललितपुर, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, ग्वालियर, आगरा कैंट, मथुरा, हजरत निजामुद्दीन, नई दिल्ली, सोनीपत, पानीपत, अंबाला, लुधियाना, पठानकोट, जम्मू तवी होते हुए श्री माता वैष्णो देवी कटरा पहुंचेगी।

    ट्रेन का प्रस्तावित समय और शेड्यूल
    09321 : महू से ट्रेन बुधवार सुबह 10.30 बजे रवाना होकर 10.55 बजे इंदौर आएगी। यह ट्रेन अगले दिन शाम 6.00 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा पहुंचेगी।

    09322 : श्रीमाता वैष्णोदेवी कटरा से ट्रेन गुरुवार रात 10.00 बजे रवाना होकर शनिवार सुबह 5.50 बजे इंदौर आएगी और 6.50 बजे महू पहुंचेगी।

    बता दें कि, ट्रेन 20 कोच से चलाई जाएगी। इसके अलावा ट्रेन का मेंटेनेंस महू में होगा। इसके बाद ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा।

  • शक्कर ने बढ़ाया मिठास का खर्च! महीनेभर में 27 रुपये किलो महंगी, मिठाई खरीदना पड़ेगा भारी

    शक्कर ने बढ़ाया मिठास का खर्च! महीनेभर में 27 रुपये किलो महंगी, मिठाई खरीदना पड़ेगा भारी

    भोपाल 

    बाजार में चीनी की कीमतों में लगातार हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी का असर अब आम लोगों की थाली और खासकर त्योहारी व रोजमर्रा के मिष्टान्न पर दिखने लगा है। चीनी के दाम बढ़ने से मिठाई और उससे संबंधित खाद्य सामग्रियों के भाव में भी भारी उछाल आने के पूरे आसार बन गए हैं। कई दुकानदारों ने तो पहले ही मिठाइयों के दाम बढ़ा दिए हैं, जबकि कई अन्य दुकानदार भी जल्द कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। थोक बाजार में कुछ समय पहले जो चीनी ₹4,900 प्रति क्विंटल मिलती थी, वह अब बढ़कर सीधे ₹6,600 प्रति क्विंटल है। वहीं रविवार को चीनी की कीमत 6800 प्रति क्विंटल रही। अचानक आए इस उछाल से कारोबारियों और आम ग्राहकों दोनों की मुश्किलें बढ़ गई है। 

    चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी
    अंबा स्वीट के संचालक ने बताया कि चीनी के दाम में हुई इस बेतहाशा बढ़ोतरी के बाद समझ नहीं आ रहा है कि क्या किया जाए। लागत बढ़ने के कारण अगले एक-दो दिनों में मिठाइयों के दाम और बढ़ाने पड़ सकते हैं। दुकान संचालक का कहना है कि सिर्फ दाम बढ़ा देने से काम नहीं चलेगा, ग्राहकों की जेब का भी ख्याल रखना जरूरी है। हालांकि, अगर मिठाइयों की बेहतरीन क्वालिटी बरकरार रखनी पड़ी, तो प्रति पीस पर ₹4 से ₹5 तक की बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। सामान्य तौर पर प्रति पीस ₹2 से ₹3 की वृद्धि तय मानी जा रही है।

    मिठाई दुकानदारों की समस्या
    मिठाई दुकानदारों का कहना है कि चीनी का दर बढ़ाने के समय अभी नहीं है। शादी विवाह के सीजन में दर बढ़ता है। आशंका जताई जा रही है कि चीनी के स्टॉकिस्ट जो बड़े पैमाने पर स्टॉक करके माल को बाहर नहीं निकलते हैं और मार्केट में चीनी की कमी होने से दर में बढ़ोतरी हो जाती है जिला प्रशासन को चाहिए कि स्टॉकिस्ट की जांच करें ताकि चीनी की दर में बढ़ोतरी को रोकी जा सके।

    मिठाई की कीमतें

    पीस से किलो तक बढ़े भाव…
    पाकुड़ में चमचम 7 से बढ़कर 8 रुपये प्रति पीस हो गया है, हालांकि अलग-अलग दुकानों में यह 8 से 15 रुपये तक है। रसगुल्ला सामान्य तौर पर 10 रुपये, कुछ दुकानों में 15 रुपये प्रति पीस है। लड्डू 5 से 6 रुपये, दुर्गा भोग 8 से 10 रुपये और रस कदम 10 से 12 रुपये हो गया है; कुछ दुकानों में रस कदम 15 रुपये तक है। रसमलाई 380 से बढ़कर 450 रुपये प्रति किलो हो गई है। पाकुड़ में चीनी 40-45 से बढ़कर 60-65 रुपये प्रति किलो हो गई है। हिरणपुर में 15 दिन पहले 55 रुपये वाली चीनी अब 70 रुपये, जबकि पाकुड़िया में 52-55 से बढ़कर खुदरा 70 और थोक 65-68 रुपये किलो है। खुला दूध 50 से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलो और पनीर 300 से बढ़कर 380 रुपये किलो हो गया है। मेवा के दाम भी बढ़े हैं। पैकेट वाले दूध, दही और पनीर के भाव ब्रांड व पैकिंग के अनुसार अलग हैं।

    रक्षाबंधन पर खरीदारी का ट्रेंड
    दुकानदारों के अनुसार, रक्षाबंधन के प्री-ऑर्डर में करीब 10 प्रतिशत कमी आई है। सामान्य बिक्री स्तर को 100 प्रतिशत मानें तो फिलहाल खरीदारी करीब 80-85 प्रतिशत रहने का अनुमान है। काजू कतली, सूखी मिठाई, बर्फी और सोनपापड़ी की मांग अधिक है। पहले 500 रुपये में जितनी मिठाई मिलती थी, अब उतनी के लिए 650-700 रुपये खर्च हो रहे हैं। कुछ ग्राहक मिठाई के बजाय कैडबरी सेलिब्रेशन्स, डेयरी मिल्क, किटकैट और फेरेरो रोशर जैसे चॉकलेट गिफ्ट पैक चुन रहे हैं।

    मिठाई बनाना भी हुआ महंगा
    राखी पर घरों में मिठाई और पकवान बनाने की परंपरा है। ऐसे में शक्कर के दाम बढ़ने से घरेलू बजट प्रभावित होना तय है। वहीं बाजार की मिठाई में सिर्फ शक्कर ही नहीं, बल्कि दूध, मावा, ड्रायफ्रूट, गैस, श्रम और पैकेजिंग जैसी लागत भी शामिल होती है। ऐसे में कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर तैयार मिठाई के दाम पर भी पड़ सकता है।

    ‘दैनिक भास्कर’ ने शकर व्यापारियों, मिठाई दुकादारों, ग्राहकों, गृहिणियों से बात की तो महंगाई को लेकर उनका दर्द सामने आया।

    शरद सोनी ने बताया कि जितना कमा रहा हूं, उससे घर का खर्च पूरा नहीं हो पा रहा है। महंगाई बढ़ती जा रही है, तो गरीब क्या खाएगा? कम से कम हर व्यक्ति की रोजाना आय 1 हजार रु. होनी चाहिए। शारदा पाटिल ने कहा कि महंगाई की वजह से बाजार की रौनक ही चली गई है। रोजगार छीनकर महंगाई बढ़ा दी गई है।

    आम आदमी का सवाल- त्योहार की मिठास कैसे रहे बरकरार
    महंगाई के बीच लोगों का कहना है कि त्योहार की खुशियों पर खर्च कम करना आसान नहीं है, लेकिन रोजमर्रा की जरूरतों के बढ़ते खर्च के कारण बजट संभालना चुनौती बन गया है। लोगों की मांग है कि सरकार जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर निगरानी रखे।

    वहीं कुछ लोगों का मानना है कि अर्थव्यवस्था में बदलाव के साथ आय और आमदनी भी बढ़ रही है, इसलिए बढ़ती कीमतों के बीच लोगों को अपनी खर्च क्षमता और प्राथमिकताओं के अनुसार आगे बढ़ना होगा। कुल मिलाकर इस बार राखी के बाजार में उत्साह तो पूरा है, लेकिन महंगाई ने खरीदारी का गणित जरूर बदल दिया है। शक्कर के बढ़े दामों का असर मिठाई और घरेलू पकवानों पर कितना पड़ता है, यह त्योहार के अंतिम दिनों में बाजार के भाव से और साफ होगा।

    शक्कर कारोबारी भरत वैष्णव शक्कर के भाव में 30-40% तक बढ़ोतरी हो सकती है। किलो के भाव में भी इसका असर देखने को मिलेगा, क्योंकि हमारा पूरा व्यापार शक्कर पर ही निर्भर है।

    मिठाई व्यापारी चेतन का कहना है अगर शक्कर के भाव कम नहीं होते हैं तो मिठाई की कीमत में 30-40% तक बढ़ोतरी होगी, क्योंकि हमारा पूरा काम शक्कर से ही चलता है।

    मिठाइयों के वर्तमान भाव

    चमचम: ₹300 प्रति किलोग्राम (साइज के हिसाब से₹12 से₹15 प्रति पीस)

    रस कदम: ₹600 प्रति किलोग्राम (साइज के हिसाब से₹15 से₹17 प्रति पीस)

    काजू कतली: ₹1,100 प्रति किलोग्राम (16 से₹17 प्रति पीस)

    कलाकंद: ₹600 प्रति किलोग्राम ₹(15 प्रति पीस)

    मेवा बर्फी: 600 प्रति किलोग्राम (15 प्रति पीस)

    रसमलाई: 500 प्रति किलोग्राम

    बड़ा रसगुल्ला: ₹18 प्रति पीस

    घी का लड्डू: ₹640 प्रति किलोग्राम (20 प्रति पीस)

    काला जामुन: ₹10-12 प्रति पीस

    मांग बढ़ना सामान्य, लेकिन इतनी तेजी ने बढ़ाई चिंता
    त्योहारी सीजन में शक्कर की मांग बढ़ना सामान्य है। मिठाई की दुकानों के साथ घरों में भी इसकी खपत बढ़ जाती है। ऐसे में कुछ तेजी स्वाभाविक मानी जाती है, लेकिन 45 से 72 रुपए किलो तक पहुंचना बाजार में चर्चा का विषय बना हुआ है।

    शक्कर के दाम बढ़ने के पीछे उत्पादन और उपलब्धता, गन्ने की फसल, त्योहारी मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों जैसे कई कारण बताए जा रहे हैं। बाजार में जमाखोरी की आशंका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

    एथेनॉल को लेकर भी चर्चा
    शक्कर की कीमतों में तेजी के बीच गन्ने के इस्तेमाल और एथेनॉल उत्पादन को लेकर भी चर्चा है। कुछ लोगों का मानना है कि गन्ने के एक हिस्से का उपयोग एथेनॉल उत्पादन में होने से शक्कर की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। हालांकि इस संबंध में अलग-अलग पक्षों के अलग तर्क हैं। ऐसे में मौजूदा तेजी के पीछे किसी एक कारण को जिम्मेदार मानना फिलहाल आसान नहीं है।

  • MP में खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच! खेलो इंडिया योजना के 36,441 करोड़ बजट से बढ़ेगा खिलाड़ियों का दायरा

    MP में खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच! खेलो इंडिया योजना के 36,441 करोड़ बजट से बढ़ेगा खिलाड़ियों का दायरा

    भोपाल 
    खेलो इंडिया योजना के नए चरण में मध्यप्रदेश को खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर मिलने जा रहा है। खेल मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि वर्ष 2026 से 2031 तक लागू रहने वाली नई खेलो इंडिया योजना का कुल बजट 36,441 करोड़ रुपये है, जो पिछली योजना के मुकाबले करीब आठ गुना अधिक है। इसका लाभ पहले की तुलना में करीब 10 गुना ज्यादा खिलाड़ियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश में खेलों के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया जाएगा। भोपाल में स्पोर्ट्स हब विकसित करने की दिशा में काम होगा। प्रदेश में पहले से संचालित 52 खेलो इंडिया सेंटर को और मजबूत किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खेल प्रतिभा और क्षमता के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों के लिए रणनीति तैयार की जाएगी।

    स्कूलों से होगी खिलाड़ियों की पहचान
    मंत्री ने कहा कि नई योजना में स्कूल स्तर से ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान पर जोर रहेगा। इसके लिए एआई और वीडियो आधारित टैलेंट स्काउटिंग का इस्तेमाल किया जाएगा। उभरते खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं में अधिक अवसर और अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए अलग प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा। खिलाड़ियों की ट्रेनिंग के साथ उनकी डाइट पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।  

    तीन स्तरों पर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास
    मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों पर काम किया जाएगा। इनमें स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर मेडल स्ट्रेटजी, स्ट्रेंथनिंग स्ट्रेटजिक स्पोर्ट्स एसेट्स और स्टेट एक्शन प्लान फॉर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट शामिल हैं। केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में लागत साझा की जाएगी।  

    ओलंपिक की तैयारी पर फोकस
    मंत्री ने कहा कि लक्ष्य केवल खेल सुविधाएं बढ़ाना नहीं, बल्कि ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर देश और प्रदेश के खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर करना है। हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी और जरूरत के अनुसार विदेशी कोचों की सेवाएं भी ली जाएंगी। पारंपरिक खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को ज्यादा प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का मौका देने से उन्हें अनुभव मिलेगा। “देश को हिट करना है तो देश को फिट करना है” के संदेश के साथ समाज, परिवार और अभिभावकों को भी बच्चों को खेलों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही ड्रग्स के खिलाफ अभियान को भी आगे बढ़ाया जाएगा। 

  • राज्यमंत्री  राधा सिंह ने किया भोपाल हाट के राखी मेले का भ्रमण

    राज्यमंत्री राधा सिंह ने किया भोपाल हाट के राखी मेले का भ्रमण

    भोपाल 

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री  राधा सिंह ने भोपाल हाट में आयोजित स्व-सहायता समूहों के सात दिवसीय राखी मेले का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आईं स्व-सहायता समूहों की 'दीदियों' से आत्मीय संवाद किया, उनके द्वारा तैयार आजीविका उत्पादों की विस्तृत जानकारी ली और सामग्री की खरीदारी कर उनका उत्साहवर्धन किया।

    भ्रमण के दौरान मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय निगम ने राज्यमंत्री  सिंह को मेले की गतिविधियों और विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कराया। राज्यमंत्री  सिंह ने समूह की बहनों द्वारा तैयार आकर्षक राखियों, शुद्ध मिठाइयों, हस्तनिर्मित वस्त्रों, सजावटी सामग्री और पारंपरिक खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रयास ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और कुशल उद्यमी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस दौरान मैहर विधायक श्री श्रीकांत चतुर्वेदी भी उपस्थित रहें।

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत आजीविका मिशन द्वारा स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को वृहद बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह सात दिवसीय मेला 20 से 26 अगस्त तक आयोजित किया जा रहा है। प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से रात्रि 10 बजे तक चलने वाले इस मेले में खरीदारी के साथ-साथ विभिन्न कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जा रही हैं। यह मेला न केवल ग्रामीण महिलाओं की मेहनत और हुनर का उत्सव है, बल्कि मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और महिला सशक्तिकरण का भी अनुपम प्रतीक है।

     

  • कठिन परिस्थितियों में वैश्विक मंच पर प्रतिभा साबित करना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात : मंत्री  पटेल

    कठिन परिस्थितियों में वैश्विक मंच पर प्रतिभा साबित करना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात : मंत्री पटेल

    भोपाल

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल से भोपाल निवासी प्रतिभाशाली छात्र राज सिंह लोधी ने सौजन्य भेंट कर ब्रिटेन स्थित प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) में अपने चयन की जानकारी दी। मंत्री  पटेल ने छात्र को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद युवाओं का वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा साबित करना पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है। छात्र राज की यह सफलता अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी।

    भोपाल के करोंद निवासी राज सिंह लोधी के पिता स्व. पूरन सिंह लोधी वाहन चालक थे, जबकि उनकी माता मती पूनम बाई लोधी सड़क निर्माण कार्य में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं। आर्थिक चुनौतियों के बीच राज ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय, इंदौर से बी.बी.ए. एल.एल.बी. (ऑनर्स) की पढ़ाई पूरी की।

    छात्र राज सिंह का चयन QS विश्व रैंकिंग में 8वें स्थान पर शामिल यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में 'एम.एससी. वेंचर कैपिटल एंड प्राइवेट इक्विटी विद फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी' पाठ्यक्रम के लिए हुआ है। यह संस्थान दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में गिना जाता है, जहाँ गुरूदेव रवींद्रनाथ टैगोर और महात्मा गांधी जैसी महान विभूतियों ने भी अध्ययन किया है।

    मुलाकात के दौरान राज ने मंत्री  पटेल को अपनी पढ़ाई से जुड़े व्यय की जानकारी देते हुए बताया कि एक वर्ष के पाठ्यक्रम का शिक्षण शुल्क लगभग 40 हजार अमेरिकी डॉलर और रहने का खर्च करीब 10 हजार अमेरिकी डॉलर है, जिसके साथ वीजा, स्वास्थ्य बीमा तथा यात्रा व्यय भी शामिल हैं। इस सभी व्यय की राशि पूर्ति उसे म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से मिलेगी। मंत्री  पटेल ने छात्र के हौसले की सराहना की और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

     

  • मंत्री  परमार की अध्यक्षता में कर्मयोगी बनें’ के अंतर्गत क्षमता निर्माण योजना को लेकर हुआ व्यापक मंथन

    मंत्री परमार की अध्यक्षता में कर्मयोगी बनें’ के अंतर्गत क्षमता निर्माण योजना को लेकर हुआ व्यापक मंथन

    भोपाल 

    उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि राष्ट्र पुनर्निर्माण के महायज्ञ में शिक्षा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और हमारा मुख्य केंद्रबिंदु विद्यार्थी है, इसलिए उच्च शिक्षा में होने वाला प्रत्येक परिवर्तन विद्यार्थी के सर्वांगीण हित और विकास को ध्यान में रखकर होना चाहिए। शिक्षा केवल उपाधि प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल, व्यक्तित्व, संस्कार, नैतिक मूल्यों और जीवन-दृष्टि के निर्माण का माध्यम है। विद्यार्थियों को रोजगार एवं कौशल के लिए सक्षम बनाने के साथ उनमें मानवीय संवेदनाएं, नैतिक मूल्य और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करना भी आवश्यक है। हमारा ध्येय केवल रोजगार प्राप्त करने वाली पीढ़ी तैयार करना नहीं, बल्कि ज्ञानवान, कुशल, संवेदनशील, चरित्रवान और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने वाले श्रेष्ठ नागरिकों का निर्माण करना होना चाहिए।

    मंत्री  परमार ने कहा कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में अग्रणी राज्यों में रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति करोड़ों शिक्षाविदों की सहभागिता, व्यापक विचार-विमर्श और अनुभवों से निर्मित हुई है। इसी सहभागी भावना के साथ मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा में ‘मिशन कर्मयोगी बनें’ की भावना को समाहित करते हुए देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उच्च शिक्षा में क्षमता निर्माण के लिए तैयार किए जा रहे व्यापक ढांचे को प्रभावी, व्यावहारिक और परिणामोन्मुख बनाने में प्राध्यापकों, शिक्षाविदों और शिक्षा जगत की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उनके अनुभव, कार्यक्षेत्र की वास्तविक चुनौतियां और सुझाव उच्च शिक्षा व्यवस्था को चुनौतियों से समाधान की दिशा में ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उच्च शिक्षा सहित प्रत्येक क्षेत्र में उत्तरदायित्व और जवाबदेही सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है, क्योंकि बेहतर कार्यसंस्कृति और उत्कृष्ट परिणाम तभी संभव हैं, जब प्रत्येक व्यक्ति अपने दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा, दक्षता और संवेदनशीलता के साथ करे। आज की कार्यशाला में महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित प्रश्नों के माध्यम से प्राप्त सुझाव निश्चित रूप से क्षमता निर्माण की भावी रूपरेखा तैयार करने में सहायक सिद्ध होंगे और प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘मिशन कर्मयोगी’ के उद्देश्यों को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। कर्मयोगी की भावना केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि निरंतर सीखने, अपनी क्षमताओं को विकसित करने, नवाचार करने, उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने और श्रेष्ठ परिणाम देने की प्रतिबद्धता है। मंत्री  परमार मंत्रालय में ‘कर्मयोगी बनें’ के अंतर्गत क्षमता निर्माण योजना पर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।

    मंत्री  परमार ने कहा कि ज्ञान आधारित शिक्षा के माध्यम से भारत को वर्ष 2047 तक विकसित, समर्थ और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के संकल्प को गति दी जा सकती है। भारत को पुनः विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठित करने के लिए शिक्षा को ज्ञान, कौशल, रोजगार, अनुसंधान और नवाचार के साथ नैतिकता, संस्कार, संवेदना और राष्ट्रबोध से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सुझावों और अनुभवों से तैयार होने वाला यह क्षमता निर्माण ढांचा प्रदेश की उच्च शिक्षा को अधिक दक्ष, उत्तरदायी, संवेदनशील, विद्यार्थी-केंद्रित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने का सशक्त आधार बनेगा।

    व्यापक सहभागिता से तैयार होगी भविष्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था

    प्रदेश में ‘कर्मयोगी शिक्षक’ के लिए क्षमता निर्माण का व्यापक ढांचा तैयार करने के लिए विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्राध्यापकों और अधिकारियों से व्यापक सुझाव एवं अभिमत प्राप्त किए जा रहे हैं। इसमें कुलगुरु, कुलसचिव, प्राचार्य, प्रभारी प्राचार्य, प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल, क्रीड़ा अधिकारी एवं अतिथि विद्वानों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।

    अभिमत प्रक्रिया में शिक्षण, अनुसंधान, प्रशासन, तकनीकी एवं डिजिटल दक्षता, व्यवहारगत क्षमताओं, कार्यभार, कार्य-समय तथा कार्यक्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों से जुड़े विषयों पर सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता, भारतीय ज्ञान परंपरा, डिजिटल एवं मिश्रित शिक्षा, कौशल आधारित शिक्षा तथा बहुविषयक शिक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए आवश्यक दक्षताओं को भी क्षमता निर्माण के ढांचे में सम्मिलित किया जा रहा है।

    यह सहभागी प्रक्रिया शिक्षकों एवं अधिकारियों की वास्तविक आवश्यकताओं और अनुभवों को नीति निर्माण से जोड़ते हुए उच्च शिक्षा के लिए अधिक व्यावहारिक, आवश्यकता-आधारित और भविष्य-केंद्रित व्यवस्था विकसित करने में सहायक होगी।

    बैठक का संचालन यूनाइटेड कॉन्शसनेस के वैश्विक संयोजक एवं अंतर्राष्ट्रीय शिक्षाविद् डॉ. विक्रांत सिंह तोमर ने किया। आयुक्त, उच्च शिक्षा  प्रबल सिपाहा ने बैठक के प्रारंभ में क्षमता निर्माण के व्यापक ढांचे की आवश्यकता, उद्देश्य एवं प्रस्तावित कार्ययोजना पर प्रकाश डाला। विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, उच्च शिक्षा डॉ. दिनेश दवे ने आभार व्यक्त किया। बैठक में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरु, कुलसचिव, महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्रभारी प्राचार्य, प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल, क्रीड़ा अधिकारी एवं अतिथि विद्वानों की वर्चुअल सहभागिता रही।

     

  • अवैध शराब के नेटवर्क पर MP पुलिस का करारा प्रहार, बड़ी मात्रा में शराब जब्त

    अवैध शराब के नेटवर्क पर MP पुलिस का करारा प्रहार, बड़ी मात्रा में शराब जब्त

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध प्रदेशभर में लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत दस दिनों के दौरान विभिन्न जिलों में कार्यवाही कर बड़ी मात्रा में अवैध शराब के साथ परिवहन में प्रयुक्त वाहन एवं अन्य सामग्री सहित लगभग कुल 1 करोड़ 23 लाख रूपये से अधिक की सामग्री जब्त की गई है तथा कई आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

    प्रमुख कार्यवाही

    सीहोर

    कोतवाली पुलिस ने बिलकिसगंज-झागरिया रोड पर ग्राम बरखेड़ी के पास घेराबंदी कर भोपाल से गुजरात ले जाई जा रही अवैध अंग्रेजी शराब से भरे ट्रक को पकड़ा। ट्रक की तलाशी लेने पर 325 पेटी अंग्रेजी शराब प्राप्त हुई। शराब ट्रक की बॉडी के दो हिस्सों में बांटकर अंदर बने गुप्त कंपार्टमेंट में छिपाकर रखी गई थी। पुलिस ने ट्रक सहित लगभग 41 लाख रूपये की संपत्ति जब्त की।

    एक अन्य कार्यवाही में शाहगंज पुलिस ने अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए एक आरोपी  से 72 लीटर अंग्रेजी शराब जब्त की। जब्त शराब की अनुमानित कीमत 44 हजार है। इस प्रकार दोनों कार्यवाही में पुलिस ने  लगभग 41 लाख 44 हजार रूपये की संपत्ति जब्त की।

    टीकमगढ़

    बड़ागांव पुलिस ने अवैध शराब के परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए आयशर ट्रक से 281 पेटी देशी शराब सहित लगभग 28 लाख 75 हजार रूपये की संपत्ति जब्त की। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

    नीमच

    पुलिस चौकी नयागांव, थाना जावद ने  कार्रवाई करते हुए टाटा कंपनी के ट्रक से 335 पेटी अंग्रेजी शराब सहित लगभग 20 लाख 10 हजार रूपये की संपत्ति जब्त की है।

    आलीराजपुर

    सोरवा पुलिस ने अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 306 पेटी शराब जब्त की है। जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख 97 हजार रूपये है।

    उज्जैन

    उज्जैन पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में 405 बल्क लीटर अवैध शराब व स्कॉर्पियो सहित लगभग 10 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।

    कटनी

    बिलहरी पुलिस ने अवैध शराब परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए एक अर्टिगा कार से 20 पेटी देशी शराब बरामद की। शराब परिवहन में प्रयुक्त अर्टिगा कार सहित लगभग 7 लाख 98 हजार रूपये की संपत्ति जब्त की है।

    विदिशा

    कोतवाली पुलिस ने अनुपम मेगा सिटी स्थित एक मकान पर कार्रवाई करते हुए 87 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब एवं 02 डीप फ्रीजर बरामद किए। जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग 2 लाख 50 हजार रूपये है।

    पन्ना

    कोतवाली पुलिस ने अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 93 लीटर 930 मिलीलीटर अवैध अंग्रेजी एवं देशी शराब सहित लगभग 1 लाख रूपये की संपत्ति जब्त की है।

    भिंड

    थाना कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शराब की डिलीवरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर 54 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब सहित लगभग 1 लाख 10 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध शराब के नेटवर्क, तस्करी एवं अवैध परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है।

     

  • बारिश को लेकर MP में अलर्ट, 16 जिलों में भारी बारिश का अनुमान

    बारिश को लेकर MP में अलर्ट, 16 जिलों में भारी बारिश का अनुमान

    भोपाल

    प्रदेश में वर्षा का सिलसिला जारी है। मंगलवार को दिन में खरगोन में 24 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा जबलपुर में नौ मिलीमीटर, सतना में सात मिलीमीटर और बैतूल में छह मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। वहीं भोपाल, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, छतरपुर जिले के खजुराहो, मंडला, रतलाम, सीधी और उज्जैन में बूंदाबांदी और बौछारें पड़ीं।

    प्रदेश में रुक-रुक कर हो रही वर्षा के कारण दिन का अधिकतम तापमान सामान्य या उससे कम रिकॉर्ड किया गया। उज्जैन और उमरिया को छोड़कर बाकी सभी जिलों में रात का तापमान भी सामान्य रहा। राजधानी भोपाल में दोपहर को कुछ समय के लिए धूप निकली, लेकिन बाद में कहीं-कहीं बूंदाबांदी के साथ बौछारें पड़ीं।

    दतिया, भिंड और सागर में अति भारी बारिश की चेतावनी

    मौसम केंद्र के अनुसार, बुधवार को दतिया, भिंड और सागर में अति भारी वर्षा के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं विदिशा, रायसेन और सीहोर समेत 16 जिलों में भारी वर्षा के साथ गरज-चमक के आसार हैं। भोपाल, नर्मदापुरम और बैतूल समेत कई अन्य जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होगी।

    शाम 5:30 बजे तक प्रमुख शहरों में दर्ज वर्षा (मिलीमीटर में)

        बैतूल: 6.0
        भोपाल: 1.0
        ग्वालियर: 0.7
        नर्मदापुरम: 1.0
        इंदौर: 1.0
        जबलपुर: 9.0
        खजुराहो: 4.0
        मंडला: 0.8
        रतलाम: 2.0
        सीधी: 1.0
        उज्जैन: 4.0

    प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में)

    भोपाल: अधिकतम 27.2 | न्यूनतम 23.4

    इंदौर: अधिकतम 28.4 | न्यूनतम 23.3

    ग्वालियर: अधिकतम 32.4 | न्यूनतम 26.3

    जबलपुर: अधिकतम 30.2 | न्यूनतम 23.5