Category: मध्य प्रदेश

  • एमपी ट्रांसको का बड़ा फैसला: 43 अनुकंपा संविदाकर्मियों का हुआ नियमितीकरण

    एमपी ट्रांसको का बड़ा फैसला: 43 अनुकंपा संविदाकर्मियों का हुआ नियमितीकरण

    एमपी ट्रांसको ने 43 अनुकंपा संविदाकर्मियों का किया नियमितीकरण : ऊर्जा मंत्री तोमर

    भोपाल 

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश की विद्युत कंपनियों में दिवंगत कार्मिकों के आश्रितों को अनुकंपा आधार पर संविदा पदों पर दी गई नियुक्तियों को नियमित करने की प्रक्रिया के तहत मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने 43 अनुकंपा संविदाकर्मियों को नियमित नियुक्ति प्रदान की है। यह कदम कर्मचारी कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    ऊर्जा मंत्री तोमर ने नियमित हुए सभी कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की है कि वे पूर्ण निष्ठा, समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। साथ ही मध्यप्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र को देश में प्राप्त विशिष्ट पहचान को बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

    तीन श्रेणियों के संविदाकर्मियों को मिली नियमित नियुक्ति

    एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता मानव संसाधन एवं प्रशासन धीरेन्द्र सिंह ने बताया कि दिवंगत कार्मिकों के आश्रितों को मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी की अनुकंपा नियुक्ति नीति-2018 एवं संशोधित नीति-2023 के प्रावधानों के तहत संविदा पदों पर नियुक्त किया गया था। कंपनी द्वारा वर्ष 2026 की अनुकंपा आधार पर संविदा पदों पर नियुक्त कार्मिकों की समकक्ष नियमित पद पर नवीन नियुक्ति योजना के अंतर्गत ऐसे पात्र संविदा कर्मियों को नियमित पदों पर नियुक्ति प्रदान की गई है।

    नियमित किए गए 43 कर्मियों में कार्यालय सहायक श्रेणी-3 प्रशिक्षु के 4, सब-स्टेशन परिचारक प्रशिक्षु के 13 तथा लाइन परिचारक प्रशिक्षु के 26 कर्मी शामिल हैं। इन सभी को नियमित पदों पर नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए हैं। नियमित नियुक्ति प्राप्त करने वाले कर्मियों में सामान्य वर्ग के 10, अन्य पिछड़ा वर्ग के 20, अनुसूचित जाति वर्ग के 12 तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के 1 कर्मी शामिल हैं।

     

  • किस स्कूल से लीक हुआ पेपर? खास कोड से लगेगा तुरंत पता, MP में नई व्यवस्था लागू

    किस स्कूल से लीक हुआ पेपर? खास कोड से लगेगा तुरंत पता, MP में नई व्यवस्था लागू

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में स्कूली परीक्षाओं के लीक होने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। अब प्रश्न पत्र के हर पेज पर संबंधित स्कूल का डाइस कोड, सील या बोर्ड कोड का वाटरमार्क अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा। इससे पेपर लीक होने की स्थिति में यह आसानी से पता लगाया जा सकेगा कि प्रश्न पत्र किस स्कूल से संबंधित है।

    नई व्यवस्था की शुरुआत कक्षा 9वीं से 12वीं की सितंबर में होने वाली त्रैमासिक परीक्षाओं से की जाएगी। विभाग ने प्रश्न पत्र तैयार करने से लेकर उनकी प्रिंटिंग और वितरण तक के लिए विशेष प्रोटोकॉल तय किया है।

    जांच एजेंसियों को मिलेगी मदद
    स्कूल शिक्षा विभाग के नए नियम से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यदि किसी स्कूल का प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले लीक होता है, तो उस पर दर्ज कोड के जरिए संबंधित स्कूल की पहचान की जा सकेगी। इससे पेपर लीक के स्रोत तक पहुंचने में जांच एजेंसियों को मदद मिलेगी।

    त्रैमासिक परीक्षा से होगी शुरुआत
    नई व्यवस्था पहली बार कक्षा 9वीं से 12वीं की त्रैमासिक परीक्षा में लागू की जा रही है। सितंबर से शुरू होने वाली इन परीक्षाओं के प्रश्न पत्र निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत तैयार किए जाएंगे और फिर संबंधित स्कूलों तक पहुंचाए जाएंगे।

    त्रैमासिक परीक्षा का शेड्यूल
    कक्षा 9वीं से 12वीं की त्रैमासिक परीक्षाएं 7 सितंबर से शुरू होकर 17 सितंबर तक चलेंगी।

    परीक्षाओं का आयोजन दो पालियों में किया जाएगा।

    कक्षा 9वीं और 10वीं: सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक

    कक्षा 11वीं और 12वीं: दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक

    इस व्यवस्था के जरिए विभाग परीक्षा संचालन में पारदर्शिता और शुचिता बढ़ाने के साथ प्रश्न पत्रों की सुरक्षा को भी मजबूत करना चाहता है।

     

  • ई-अटेंडेंस नियमों में होगा बदलाव, संकुल प्राचार्यों को राहत देने की मिलेगी शक्ति

    ई-अटेंडेंस नियमों में होगा बदलाव, संकुल प्राचार्यों को राहत देने की मिलेगी शक्ति

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में ई-अटेंडेंस को लेकर शिक्षकों के विरोध के बीच स्कूल शिक्षा विभाग अब इसके पॉवर डेलिगेट करने की तैयारी में है। जल्द ही जिलों में पदस्थ संकुल प्राचार्यों को इसके पॉवर दिए जाएंगे। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने कहा कि शिक्षकों की ई-अटेंडेंस व्यवस्था अब सामान्य स्थिति में आ गई है। रोज 97 से 98 प्रतिशत शिक्षकों द्वारा ई अटेंडेंस लगाई जा रही है, इसलिए अब उचित कारण के साथ संकुल प्राचार्यों को इससे संबंधित पॉवर दिए जाएंगे। जल्दी ही इसको लेकर अगले 15 दिनों में सर्कुलर जारी कर दिया जाएगा।

    देरी पर व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाएंगे
    संकुल प्राचार्यों के लिए जारी किए जाने वाले मार्गदर्शी सिद्धांत में यह स्पष्ट किया जाएगा कि किस तरह के मामलों में ई अटेंडेंस लगाने में देरी पर व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए संकुल प्राचार्य अपने संकुल क्षेत्र के शिक्षकों को राहत दे सकेंगे।

    इस निर्देश में यह भी साफ रहेगा कि संकुल प्राचार्य मनमानी न कर सकें और ई अटेंडेंस में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होने पाए।

    सिर्फ व्यवहारिक दिक्कतों को स्वीकार करेंगे
    आयुक्त सिंह ने कहा कि विभाग का उद्देश्य शिक्षकों को पीनलाइज या प्रताड़ित करना नहीं है बल्कि एक व्यवस्थित सिस्टम को प्रभावी करना है और शिक्षकों द्वारा इसका पालन भी किया जा रहा है।

    सिंह के अनुसार व्यवहारिक दिक्कतों को ई-अटेंडेंस में स्वीकार किया जाएगा लेकिन आदतन ई-अटेंडेंस नहीं लगाने और इसका दुरुपयोग करने की कोशिश पर एक्शन लिया जाएगा।

    इसके अलावा हमारे शिक्षक साफ्टवेयर में इससे संबंधित और भी जो दिक्कतें हैं, उसका समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने भी इसको लेकर शिक्षकों के समक्ष पेश आने वाली दिक्कतों के बारे में बताया है। इसलिए वे उसमें सुधार कराएंगे।

    जून का ई-अटेंडेंस के कारण रोका वेतन मिलेगा लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने यह भी कहा कि जून माह का जिन शिक्षकों का ई अटेंडेंस के कारण वेतन रुका है या काटा गया है, उसे शिक्षकों को पे किया जाएगा। यह निर्णय उन शिक्षकों के मामले में लागू होगा जिनका जुलाई और अगस्त का ई अटेंडेंस प्रॉपर लग रहा है।

    आदतन देर से आने वाले या ई अटेंडेंस नहीं लगाने वालों के वेतन में कटौती जारी रहेगी। उन्होंने शिक्षकों से कहा है कि वे व्यवहारिक दिक्कतें अपने संकुल प्राचार्यों के संज्ञान में अभी भी ला सकते हैं जिस पर सुनवाई की जाएगी।

     

  • बाबा महाकाल के नाम होगी सबसे पहली राखी, रक्षाबंधन पर सवा लाख लड्डुओं का लगेगा महाभोग

    बाबा महाकाल के नाम होगी सबसे पहली राखी, रक्षाबंधन पर सवा लाख लड्डुओं का लगेगा महाभोग

    उज्जैन

    रक्षाबंधन पर्व से पहले उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। परंपरा के अनुसार देश-दुनिया में रक्षाबंधन मनाए जाने से पहले सबसे पहली राखी राजाधिराज भगवान महाकालेश्वर को अर्पित की जाएगी। श्रावण मास के अंतिम दिन भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत अभिषेक कर विशेष शृंगार किया जाएगा और पुजारी परिवार की महिलाओं द्वारा तैयार की गई विशेष राखी अर्पित की जाएगी।

    भस्म आरती में होगा विशेष पूजन-शृंगार
    रक्षाबंधन के दिन तड़के 3 बजे होने वाली भस्म आरती में भगवान महाकाल का जल, दूध, दही, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद सूखे मेवों और भांग से बाबा महाकाल का विशेष शृंगार किया जाएगा। इसके बाद पुजारी परिवार की महिलाओं द्वारा तैयार की गई विशेष राखी भगवान महाकाल को अर्पित की जाएगी। मान्यता के अनुसार भगवान महाकाल कालजयी हैं और भद्रा या मुहूर्त के बंधन से परे माने जाते हैं। इसलिए सबसे पहले बाबा महाकाल को राखी अर्पित कर सृष्टि के कल्याण की कामना की जाएगी।

    8 दिन से तैयार हो रही 2 फीट की विशेष राखी
    वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार पुजारी परिवार की महिलाएं बाबा महाकाल के लिए विशेष रक्षासूत्र तैयार करती हैं। इस बार करीब 2 फीट लंबी राखी बनाई जा रही है। इसे रेशम के धागों, स्पंज, आभूषणों और विशेष वस्त्रों से सजाया जा रहा है। पुजारी परिवार की महिलाओं के अनुसार राखी तैयार करने में करीब 8 दिन का समय लगता है। इस दौरान श्रावण माह के उपवास और मंगल गीतों के बीच पूरी श्रद्धा और पवित्रता के साथ रक्षासूत्र तैयार किया जाता है। 

    बाबा महाकाल को लगेगा सवा लाख लड्डुओं का महाभोग
    रक्षाबंधन और श्रावण महोत्सव के समापन के अवसर पर बाबा महाकाल को सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया जाएगा। पंडित राजेश शर्मा, पंडित ओम गुरु और पंडित आकाश सहित पुजारी परिवार की ओर से इसकी तैयारियां की जा रही हैं। सवा लाख लड्डुओं के निर्माण में करीब 15 क्विंटल बेसन, 10 क्विंटल शुद्ध घी, 15 क्विंटल शक्कर बूरा और 2 क्विंटल मेवे के साथ इलायची का उपयोग किया जा रहा है। लड्डुओं के निर्माण में सामग्री की शुद्धता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

    लाखों श्रद्धालुओं को वितरित होगा महाप्रसाद
    28 अगस्त को भस्म आरती के दर्शन करने वाले और दिनभर बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं को सवा लाख लड्डुओं का महाप्रसाद वितरित किया जाएगा। मंदिर परिसर में रक्षाबंधन को लेकर विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। ऐसी महिलाएं और बहनें, जिनके भाई नहीं हैं, वे भी बाबा महाकाल को अपना भाई मानकर मंदिर पहुंचेंगी और उन्हें रक्षासूत्र बांधेंगी। मान्यता और आस्था से जुड़ी इस परंपरा के चलते रक्षाबंधन के दिन महाकाल मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
      

  • उज्जैन बनेगा सेमीकंडक्टर हब, पारस डिफेंस करेगी 6,200 करोड़ का निवेश

    उज्जैन बनेगा सेमीकंडक्टर हब, पारस डिफेंस करेगी 6,200 करोड़ का निवेश

    उज्जैन 

    मध्यप्रदेश को सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने जा रही है। प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाली यूनिट उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी में स्थापित होने की तैयारी है। पारस डिफेंस कंपनी ने यूनिट के लिए एमपीआईडीसी से करीब 55 एकड़ जमीन मांगी है। जमीन और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भूमि पूजन की तैयारी है।

    एमपीआईडीसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेश राठौर ने बताया कि कंपनी उज्जैन में करीब 6,200 करोड़ रुपए का निवेश करने जा रही है। इसके लिए जमीन की प्रक्रिया चल रही है। कंपनी के अधिकारी उज्जैन आकर प्रस्तावित जमीन का निरीक्षण भी कर चुके हैं।

    यूनिट शुरू होने के बाद यहां से सेमीकंडक्टर चिप का निर्माण किया जाएगा। इससे उज्जैन प्रदेश में सेमीकंडक्टर निर्माण का प्रमुख केंद्र बन सकता है। चिप की जरूरत वाली देश-विदेश की कंपनियों के लिए भी उज्जैन एक अहम सप्लाई हब के रूप में विकसित होने की संभावना है।

    प्रस्तावित यूनिट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 7 हजार लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। इससे उज्जैन में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़े नए उद्योगों के आने की संभावना भी बढ़ेगी।

    आधुनिक तकनीक की रीढ़ है सेमीकंडक्टर चिप और मध्य प्रदेश की रणनीतिक स्थिति
    आज मोबाइल, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल, रक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे हर आधुनिक क्षेत्र में सेमीकंडक्टर चिप का इस्तेमाल अनिवार्य हो गया है। वैश्विक चिप संकट से सीख लेते हुए भारत ने 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' की शुरुआत की है, जिसमें मध्य प्रदेश अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभर सकता है। राज्य के पास दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, बेहतर रेल-सड़क नेटवर्क, पर्याप्त बिजली-पानी तथा सस्ती औद्योगिक भूमि जैसे कई अनुकूल कारक मौजूद हैं। सरकार की योजना एक माह के भीतर भूमि आवंटन और सभी अनुमतियां प्रदान करने की है।

    भोपाल या इंदौर में ग्लोबल इन्वेस्टर डायलॉग का आयोजन और पहला बड़ा निवेश
    राज्य सरकार भोपाल अथवा इंदौर में 'ग्लोबल सेमीकंडक्टर इन्वेस्टमेंट डायलॉग' आयोजित करने जा रही है, जिसमें अमेरिका, जापान, ताइवान, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर जैसी तकनीकी दिग्गजों को आमंत्रित किया जाएगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेलवेंद्रन के अनुसार, इस सम्मेलन में निवेशकों को राज्य की नीतियों और वित्तीय प्रोत्साहनों की जानकारी दी जाएगी। मध्य प्रदेश की इस योजना को पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड द्वारा 4,200 करोड़ रुपये के निवेश से ओएसएटी (OSAT) इकाई स्थापित करने के एमओयू से बड़ा समर्थन मिला है।

    कुशल मानव संसाधन तैयार करने की चुनौती और सिंगल विंडो क्लीयरेंस
    सेमीकंडक्टर उद्योग की आवश्यकताओं को देखते हुए सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी संस्थानों के समन्वय से युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार कर रही है। इसके साथ ही, निवेशकों को विभिन्न दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए सिंगल विंडो व्यवस्था के तहत पर्यावरण, अग्नि सुरक्षा और अन्य अनुमतियां निश्चित समय सीमा के भीतर दी जाएंगी, ताकि विनिर्माण प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू हो सके।

    रोजगार सृजन और राज्य की अर्थव्यवस्था पर व्यापक सकारात्मक प्रभाव
    विशेषज्ञों का मानना है कि सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास से राज्य में केवल चिप निर्माण ही नहीं होगा, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, अनुसंधान, और स्थानीय स्टार्टअप्स को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इससे हजारों प्रत्यक्ष और लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। गुजरात, असम और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर यदि मध्य प्रदेश की यह योजना समय पर धरातल पर उतरती है, तो राज्य ऑटोमोबाइल और फार्मा के साथ-साथ हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स का भी एक प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र बन जाएगा।

    स्किल्ड मैनपावर सबसे बड़ी चुनौती
    सेमीकंडक्टर उद्योग के सामने सबसे बड़ी चुनौती कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता को माना जा रहा है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ऐसी एजेंसियों से संपर्क कर रही है, जिनके पास पहले से प्रशिक्षित युवाओं की टीम उपलब्ध हो। इससे निवेश करने वाली कंपनियों को अपनी जरूरत के मुताबिक तैयार मानव संसाधन मिल सकेगा।

    एक माह में जमीन और जरूरी अनुमतियां देने की तैयारी
    सरकार निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर भी काम कर रही है। कोशिश है कि निवेशकों को इकाई स्थापित करने के लिए एक महीने के भीतर जमीन आवंटन और जरूरी अनुमतियां मिल जाएं। निवेश प्रक्रिया में देरी न हो, इसके लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग पर्यावरण और फायर सेफ्टी जैसी आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया पहले से पूरी रखने की दिशा में काम करेगा।

    इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि निवेशक प्रदेश में पहुंचने के बाद बिना अनावश्यक इंतजार के अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर सकें। नीति के प्रावधानों के अनुसार पात्र औद्योगिक इकाइयों को सब्सिडी का लाभ भी दिया जाएगा।

    पारस डिफेंस का 6200 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव
    सेमीकंडक्टर क्षेत्र में मध्य प्रदेश को मिल रहे निवेश प्रस्तावों में पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीस लिमिटेड का प्रस्ताव अहम है। कंपनी ने प्रदेश में 6,200 करोड़ रुपये के निवेश से विश्वस्तरीय ओएसएटी (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) सेमीकंडक्टर इकाई स्थापित करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।

     

  • भोपाल में सेना का शक्ति प्रदर्शन, टैंक-हेलीकॉप्टर संग दिखेगा मिलिट्री कॉम्बेट

    भोपाल में सेना का शक्ति प्रदर्शन, टैंक-हेलीकॉप्टर संग दिखेगा मिलिट्री कॉम्बेट

    भोपाल 
     मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जल्द ही भारतीय सेना के टैंकों और हेलीकॉप्टर्स की गर्जना सुनाई देगी. इसी के साथ सेना का शौर्य भी देखने मिलेगा. दरअसल, आगामी 15 जनवरी को भारतीय सेना के टैंक, हेलीकॉप्टर से लेकर मिलिट्री का कॉम्बेट डेमो भोपाल में दिखाया जाएगा. दरअसल, भारतीय सेना द्वारा, '' आपकी सेना-आपके पास'' कार्यक्रम के तहत शौर्य प्रदर्शन भोपाल में किया जाना है. इसे लेकर भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने भारतीय सेना के अधिकारियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ तैयारियां शुरू कर दी हैं। 

    जम्बूरी मैदान में दिखेंगे भारतीय सेना के टैंक
    कर्नल सुब्रत मिश्रा ने बताया, '' राजधानी भोपाल में मुख्य आर्मी डे परेड भेल के कालीबाड़ी मार्ग पर आयोजित होगा. टीटी नगर स्टेडियम में देशभक्ति को जगानेवाले भव्य शौर्य संध्या का आयोजन किया जाएगा. शहर के जम्बूरी मैदान में भारतीय सेना के आधुनिक सैन्य उपकरणों का स्टेटिक और डायनेमिक प्रदर्शन किया जाएगा. इसके अलावा बोट क्लब पर सेना के शौर्य, सामरिक क्षमता और रणनीतिक कौशल को दिखाने के लिए इंटीग्रटेड कॉम्बेट डिस्प्ले का आयोजन किया जाएगा। 

    सेना के टैंकों के लिए मैदान होगा दुरूस्त
    उधर सेना के इस अद्भुत कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है. भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बैठक बुलाकर अधिकारियों को इसकी तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए हैं. भारतीय सेना के सिविल इंजीनियर विशेषज्ञ पवन कुमार ने कहा, '' परेड मैदान को इस तरह से तैयार किया जाएगा जिससे मैदान सेना के टैंकों का वजन सह सके. इसके लिए परेड मैदान को सेना के टैंक व गाइडलाइन के हिसाब से तैयार करने के लिए लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और अन्य निर्माण एजेंसियों के साथ तकनीकि मानकों पर चर्चा की गई है। 

    सेना के कार्यक्रम को लेकर लोगों में उत्साह
    उधर भारतीय सेना के इस कार्यक्रम को लेकर लोगों का जबर्दस्त उत्साह दिखाई देगा. भोपाल में 30 सितंबर 2023 को भारतीय वायुसेना का भव्य एयर शो और फ्लाईपास्ट का आयोजन किया जा चुका है, इसे देखने के लिए लोगों ने जबरदस्त उत्साह दिखाया था. वहीं, इस कार्यक्रम में भारतीय वायु सेना के 65 फाइटर प्लेन और दूसरे विमानों ने शानदार करतब दिखाए थे. इसमें सुखोई, मिराज, जगुआर और एलसीए तेजस जैसे फाइटर प्लेन शामिल होंगे। 

  • सिवनी-बालाघाट की कनेक्टिविटी होगी बेहतर, 91.64 किमी स्टेट हाईवे बनेगा फोरलेन

    सिवनी-बालाघाट की कनेक्टिविटी होगी बेहतर, 91.64 किमी स्टेट हाईवे बनेगा फोरलेन

    सिवनी/बालाघाट

    मध्य प्रदेश में  की राजधानी भोपाल स्थित मंत्रालय में मोहन कैबिनेट की बैठक (MP Cabinet Meeting) का आयोजन किया गया। इस बैठक में सिवनी-बालाघाट स्टेट हाईवे के 91.64 किमी मार्ग को पेव्ड शोल्डर सहित फोर-लेन करने का निर्णय लिया गया है। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर बनने वाली इस परियोजना की लागत 3458 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इसके साथ ही, 12 नई सड़कों का निर्माण भी हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर किया जाएगा। पीडब्लूडी मंत्री राकेश सिंह ने बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी दी। स्थानीय सांसद ने इस प्रोजेक्ट को लेकर सीएस अशोक बर्नवाल से मुलाकात भी की थी।

    फोरलेन में बदलेगा टू-लेन रोड
    सिवनी से बालाघाट के बीच सरकार फोर-लेन मार्ग बनाएगी, जो 91 किमी लंबा होगा। निर्माण पर करीब 3500 करोड़ रुपए खर्च होंगे। फोर-लेन बनने से करीब पांच लाख राहगीरों को सुविधा होगी। अभी टू-लेन मार्ग कई जगह घुमावदार है। बार-बार खराब हो जाता है। पूर्व की तुलना में ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। कई बार जाम की स्थिति बनती है, जो घंटों नहीं खुलता। ऐसे में 91 किमी का सफर तय करने में लोगों को 3-4 घंटे लग जाते हैं, जबकि 2 घंटे लगने चाहिए।

    पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
    सिवनी-बालाघाट सड़क बनने से इन इलाकों के पर्यटन को भी काफी फायदा मिलने वाला है. फोरलेन सड़क से कान्हा और पेंच जैसे पर्यटन क्षेत्रों तक पहुंच आसान हो जाएगी. इस मार्ग में लगभग 13 किमी का कान्हा कॉरिडोर भी शामिल रहेगा. इसमें लगभग 3 किमी हिस्सा अंडरपास भी होगा. वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए कॉरिडोर और अंडरपास को जोड़ा जाएगा. 91 किमी मार्ग में कुछ बायपास भी बनाए जाएंगे. इससे भीड़ वाले हिस्सों में यातायात का दबाव कम करने और सफर भी आसान हो जाएगा. इसके अलावा, इससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिलेगी। 

    3,458 करोड़ होंगे खर्च
    बता दें कि सिवनी-बालाघाट स्टेट हाईवे के 91.64 किलोमीटर हिस्से को पेव्ड शोल्डर के साथ फोरलेन किया जाएगा. इस परियोजना में लगभग 3,458 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर बनाया जाएगा. सड़क चौड़ी होने से आवागमन बेहतर होगा. इससे इलाके में व्यापार भी बढ़ेगा, जिससे छोटे-बड़े दुकानदारों और कारोबारियों को भी फायदा होगा. खराब सड़क, जाम और बढ़ते ट्रैफिक से यात्रियों को बदलाव राहत देने वाला साबित हो सकता है. इससे रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। 

    12 नई सड़कों की मंजूरी
    अब बात करें राज्य की अन्य सड़कों की, इसके अलावा 12 नई सड़क परियोजनाओं को भी हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर बनाने की योजना बनाई जा रही है. इनमें भोपाल-विदिशा, चापड़ा-नेवरी-देवास, खलघाट-मनावर-मांगरोद, दिनारा-दतिया-सेवढ़ा, मंदसौर-सीतामऊ-मध्यप्रदेश सीमा और आगर-सारंगपुर सड़कें शामिल हैं. इसके अलावा, सीतामऊ-बसई-सुवासरा, पूर्वी भोपाल बायपास को फोरलेन से सिक्सलेन, खेरात-माखनपुर-जीतपुर, शहरगढ़-खुरई-खिमलासा और नीमच-मनासा-रामपुरा-झालावाड़ मार्ग बनाने की योजना है. सुंदर-सिंहपुर-कोटरी, बिरसिंहपुर-सेमरिया-गोहदा-सिहोरा और इंदौर-देपालपुर फोरलेन मार्ग भी इसमें शामिल हैं. इन सड़कों के बनने से एमपी के अलग-अलग इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी होगी. इन परियोजनाओं को मध्यप्रदेश कैबिनेट में मंजूरी दी गई है। 

    प्रस्तावित है कॉरिडोर
    4-लेन मार्ग पर करीब 13 किमी की दूरी में कान्हा कॉरिडोर भी प्रस्तावित है। इसमें करीब 3 किमी अंडरपास वाला हिस्सा होगा। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिहाज से कॉरिडोर व अंडरपास को जोड़ा जाएगा।

    सांसद भारती ने सीएस से की थी मुलाकात
    सांसद भारती पारधी ने बीते दिनों मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल से क्षेत्र के विधायकों कमल मस्कोले, राजकुमार कर्राहे, गौरव पारधी के साथ मुलाकात की थी। जनप्रतिनिधियों ने कहा था कि फोर-लेन बनने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा।

    ये होंगे लाभ

    दुर्घटनाओं में कमी आएंगी।
    क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, व्यापारियों की आय बढ़ेगी।
    आम राहगीरों, छात्रों, मरीजों, किसानों को लाभ होगा।
    91 किमी की दूरी के अंदर कुछ बायपास भी बनेंगे।
    हालांकि लोगों को टोल देना होगा।

    भोपाल-विदिशा फोरलेन को पहले मिली थी मंजूरी
    बता दें कि कैबिनेट में सरकार ने हाल ही में भोपाल-विदिशा के बीच भी फोर-लेन को मंजूरी दी थी। इसे लोक निर्माण विभाग ने वित्तीय स्वीकृति भी दे दी है। भोपाल-विदिशा फोर- लेन 1757 करोड़ में बनाया जाएगा।

  • ऑपरेशन मुस्कान के तहत मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशील एवं सतत कार्रवाई

    ऑपरेशन मुस्कान के तहत मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशील एवं सतत कार्रवाई

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गुम एवं अपहृत नाबालिग बालक-बालिकाओं की सुरक्षित दस्तयाबी और उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के अंतर्गत लगातार संवेदनशीलता, तत्परता और तकनीकी दक्षता के साथ कार्रवाई की जा रही है। अगस्त माह में प्रदेश के विभिन्न जिलों की पुलिस ने विशेष प्रयास करते हुए मध्यप्रदेश से बाहर स्थित क्षेत्रों तक पहुंचकर 12 नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर उनके परिजनों को सौंपा है।

    उज्जैन

    जिले की नागदा पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर करीब 2,000 किलोमीटर दूर तमिलनाडु के कोयंबटूर से लापता नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब कर आरोपी को गिरफ्तार किया।

    धार

    पुलिस ने नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने एवं दुष्कर्म के मामले में कार्रवाई करते हुए अमरेली, गुजरात से बालिका को सकुशल दस्तयाब कर आरोपी को गिरफ्तार किया।

    राजगढ़

    पुलिस ने अपहृत नाबालिग बालिका को महज 72 घंटे में अहमदाबाद, गुजरात से दस्तयाब कर आरोपी को गिरफ्तार किया।

    छतरपुर

    पुलिस ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत राजस्थान के जोधपुर एवं जयपुर से दो नाबालिग बालिकाओं को दस्तयाब किया।

    कटनी

    पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में गुजरात के मोरवी क्षेत्र तथा मुंबई, महाराष्ट्र से नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया।

    सिंगरौली

    पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 16 वर्षीय नाबालिग बालिका को उत्तर प्रदेश के अनपरा क्षेत्र से सकुशल दस्तयाब किया।

    सीधी

    पुलिस ने करीब दो माह से लापता 16 वर्षीय बालिका को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से तकनीकी साक्ष्यों एवं सतत प्रयासों के बाद सकुशल दस्तयाब किया।

    इसी प्रकार अनूपपुर पुलिस ने गुजरात से 17 वर्षीय बालिका को, इंदौर पुलिस ने थाना तेजाजी नगर क्षेत्र से गुम नाबालिग बालिका को द्वारका, गुजरात से तथा दतिया पुलिस ने लापता बालिका को नई दिल्ली के कमला मार्केट थाना क्षेत्र से दस्तयाब कर परिजनों को सौंपा।

    इन कार्रवाइयों में पुलिस टीमों को अलग-अलग राज्यों में जाकर दस्तयाबी, स्थानीय स्तर पर समन्वय, तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण, संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने तथा लंबी दूरी की यात्रा जैसी अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और तमिलनाडु जैसे राज्यों में पुलिस टीमों ने स्थानीय पुलिस एवं संबंधित इकाइयों के सहयोग से कार्रवाई को अंजाम दिया।

    यह कार्रवाई दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस गुम नाबालिगों की तलाश को केवल प्रदेश की सीमाओं तक सीमित न रखते हुए देश के किसी भी हिस्से तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

     

  • दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के 30 कछुए जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार

    दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के 30 कछुए जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार

    भोपाल

    दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के वन्यजीवों की तस्करी करने वाले गिरोह के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की इंदौर इकाई ने कार्रवाई करते हुए 30 कछुओं के अवैध व्यापार में संलिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को विशेष न्यायालय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, इंदौर के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें फॉरेस्ट रिमांड पर लिया गया है। मामले में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

    स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की इस कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहन गौड़, पिता कमल गौड़, निवासी मूसाखेड़ी, इंदौर और केशव शर्मा, पिता विमल शर्मा, निवासी मूसाखेड़ी, इंदौर के रूप में हुई है। दोनों आरोपी दुर्लभ वन्यजीवों की अंतर्राज्यीय स्तर पर तस्करी कर रहे थे। उनके कब्जे से 14 इंडियन स्टार टॉरटोइज़, 10 इंडियन रूफ्ड टर्टल और 6 स्पॉटेड पॉन्ड टर्टल (कुल 30 कछुए) बरामद किए गए। उनके कब्जे से इसके साथ ही 3 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। बरामद सभी वन्यजीव प्रजातियां वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I के अंतर्गत संरक्षित हैं। इनके अवैध व्यापार एवं तस्करी के लिए 3 से 7 वर्ष तक के कारावास तथा न्यूनतम 25 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।

     

  • जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में खुद पहुंचे उप मुख्यमंत्री  शुक्ल, 9 लोगों को कराया रेस्क्यू

    जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में खुद पहुंचे उप मुख्यमंत्री शुक्ल, 9 लोगों को कराया रेस्क्यू

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल ने एक बार फिर जनसेवा और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। रीवा नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में हुई अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न जलभराव की स्थिति का उन्होंने न केवल मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया, बल्कि प्रभावित नागरिकों के बीच जाकर उनका हाल-चाल जाना और उन्हें तुरंत सहायता पहुंचाई।

    जलभराव की सूचना उपरांत उप मुख्यमंत्री  शुक्ल प्रातःकाल ही वार्ड नंबर-10 स्थित गायत्री नगर पहुंचे। यहां पिछले एक सप्ताह से निचले क्षेत्र में 3 से 4 फीट तक पानी भरा हुआ था और कई नागरिक स्वास्थ्य एवं असुविधा से जूझ रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए  शुक्ल ने बिना एक पल गंवाए एसडीआरएफ टीम इंचार्ज विकास पांडेय और स्वास्थ्य विभाग की टीम को ग्राउंड पर तैनात किया। उप मुख्यमंत्री की इस त्वरित संवेदनशीलता के कारण 9 प्रभावित लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया और उन्हें इलाज के लिए लाइफ केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    नागरिकों को राहत दिलाने के लिए उप मुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल के निर्देश पर नगर निगम प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है, 60-60 हॉर्स पावर के मड मोटर पंप सीमेंट फैक्ट्री से मंगवाकर लगातार जल निकासी कराई जा रही है। क्षेत्रवासियों को बहुत जल्द इस जलभराव की समस्या से पूर्ण रूप से मुक्ति मिल जाएगी। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत और बचाव कार्यों में कोई ढिलाई न बरती जाए और प्रभावित क्षेत्रों में सभी बुनियादी व्यवस्थाओं को तत्काल सुदृढ़ किया जाए।

    गायत्री नगर के निवासियों ने इस मुश्किल समय में उप मुख्यमंत्री  शुक्ल द्वारा दिखाए गए संवेदनशील रुख, त्वरित निर्णय और राहत कार्यों के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया। स्थानीय जनों ने कहा कि पुरानी खदान वाले निचले इलाके में प्लॉटिंग होने के कारण यह समस्या आई। लेकिन संकट के इस समय में उप मुख्यमंत्री जी का खुद ग्राउंड पर उतरना हमारे लिए बहुत बड़ा सहारा बना हुआ है।

    निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल के साथ नगर निगम अध्यक्ष  व्यंकटेश पाण्डेय, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष  दीनानाथ वर्मा, वार्ड क्र. 10 की पार्षद अमिता वीरेंद्र सिंह सहित नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।