Category: मध्य प्रदेश

  • 30 अगस्त 2026 को टीईटी के विरोध में लाखों शिक्षकों का दिल्ली  कूच –

    30 अगस्त 2026 को टीईटी के विरोध में लाखों शिक्षकों का दिल्ली कूच –

    ग्वालियर

    अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के प्रांतीय आव्हान पर 30 अगस्त 2026 को पूरे मध्यप्रदेश से लगभग एक लाख एवं ग्वालियर जिले से लगभग दो हजार शिक्षक दिल्ली के जंतर मंतर पर एकत्रित होकर टीईटी के विरुद्ध आंदोलन में भाग लेंगे संयुक्त मोर्चा जिला शाखा ग्वालियर के जिला संयोजक लक्ष्मी नारायण जाटव ने बताया कि  सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों से परेशान होकर ग्वालियर से लगभग दो हजार शिक्षक सपरिवार दिल्ली पहुंच रहे है शिक्षकों की माँग है कि आर टी ई अधिनियम 2009 लागू होने से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से पूरी तरह छूट दी जाये,पुरानी पेंशन बहाल की जायें तथा मध्यप्रदेश में अध्यापक संवर्ग के शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता बहाल करते हुए पुरानी पेंशन,ग्रेच्यूटी, अवकाश नगदीकरण एवं अन्य लाभ प्रदान किये जायें,

    संयुक्त मोर्चा के जिला संयोजक लक्ष्मी नारायण जाटव ने शिक्षकों से अपील की है कि शिक्षक किसी कारण आंदोलन भाग नही ले पा रहे वे दिनांक 31 अगस्त को एक दिन का सामूहिक अवकाश लेकर शिक्षक आंदोलन का समर्थन करें अभी नही तो कभी नही,करो या मरो,दिल्ली चलों का नारा देते हुए शिक्षकों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंच कर आंदोलन में भाग लें सरकार हमारी माँगों पर अवश्य विचार करेगी और टीईटी से छूट देने का रास्ता निकालेगी ऐसा विश्वास है !
                                    

     

     

  • 160 अनुकंपा संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का बड़ा फैसला

    160 अनुकंपा संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का बड़ा फैसला

    पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने 160 अनुकंपा संविदा कर्मियों का किया नियमितीकरण : ऊर्जा मंत्री तोमर

    भोपाल

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश की विद्युत कंपनियों में दिवंगत कार्मिकों के आश्रितों को अनुकंपा आधार पर संविदा पदों पर दी गई नियुक्तियों को नियमित करने की प्रक्रिया के तहत मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र ने 160 अनुकंपा संविदा कर्मियों को नियमित नियुक्ति प्रदान की है। यह कदम कर्मचारी कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गौरतलब है कि गत दिनों म.प्र. ट्रांसमिशन कंपनी ने 43 कार्मिकों को नियमित किया था।

    ऊर्जा मंत्री तोमर ने नियमित हुए सभी कर्मियों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की है कि वे पूर्ण निष्ठा, समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। साथ ही मध्यप्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र को देश में प्राप्त विशिष्ट पहचान को बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

    मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक (मा.संसा.एवं प्रशा.) ने बताया कि दिवंगत कार्मिकों के आश्रितों को मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की अनुकंपा नियुक्ति नीति-2018 एवं संशोधित नीति-2023 के प्रावधानों के तहत संविदा पदों पर नियुक्त किया गया था । कंपनी द्वारा वर्ष 2026 की अनुकंपा आधार पर संविदा पदों पर नियुक्त कार्मिकों की समकक्ष नियमित पद पर नवीन नियुक्ति योजना के अंतर्गत ऐसे पात्र संविदा कर्मियों को नियमित पदों पर नियुक्ति प्रदान की गई है।

    नियमित किए गए 160 कर्मियों में कार्यालय सहायक श्रेणी-3 प्रशिक्षु के 159 एवं लाइन परिचारक प्रशिक्षु का 1 कर्मी शामिल है। इन सभी को नियमित पदों पर नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए हैं। नियमित नियुक्ति प्राप्त करने वाले कर्मियों में अनारक्षित वर्ग के 52, अन्य पिछड़ा वर्ग के 78, अनुसूचित जाति वर्ग के 19 तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के 11 कर्मी शामिल हैं।

     

  • स्वस्थ बहन और स्वस्थ बेटी ही सशक्त परिवार एवं स्वस्थ समाज की आधारशिला: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल

    स्वस्थ बहन और स्वस्थ बेटी ही सशक्त परिवार एवं स्वस्थ समाज की आधारशिला: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    भोपाल

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। यह पर्व परिवार और समाज में प्रेम, सम्मान, संवेदनशीलता और परस्पर सहयोग की भावना को मजबूत करता है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि बहनों और बेटियों का स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त होना परिवार और समाज की खुशहाली के लिए आवश्यक है। रक्षाबंधन के अवसर पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। 

     उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ, समय पर उपचार, पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।स्वस्थ बहन और स्वस्थ बेटी ही सशक्त परिवार एवं स्वस्थ समाज की आधारशिला है। रक्षाबंधन का यह पर्व भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत करने के साथ महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी याद दिलाए। उन्होंने प्रदेशवासियों से रक्षाबंधन का पर्व आपसी प्रेम, सौहार्द और उल्लास के साथ मनाने का आह्वान करते हुए सभी के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की है।

  • श्रमिकों का कल्याण मध्यप्रदेश के समावेशी और सशक्त विकास की आधारशिला : संभाग आयुक्त  कर्मवीर शर्मा

    श्रमिकों का कल्याण मध्यप्रदेश के समावेशी और सशक्त विकास की आधारशिला : संभाग आयुक्त कर्मवीर शर्मा

    भोपाल

    संभाग आयुक्त  कर्मवीर शर्मा ने कहा है कि श्रमिकों का कल्याण केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के समावेशी और सशक्त विकास की आधारशिला है। श्रम विभाग श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा, सुरक्षित कार्य वातावरण, आवश्यक सुविधाएँ और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य करे। हर श्रमिक को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर जीवन का अवसर मिले, इसके लिए सभी जिलों में श्रमिकों के प्रधानमंत्री श्रममान धन योजना अंतर्गत बीमा करवाएं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और असंगठित श्रमिकों को भी अभियान चलाकर इस योजना में लाभान्वित किया जाए ।

    संभाग आयुक्त  कर्मवीर शर्मा ने भोपाल संभाग के सभी जिलों के श्रम विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में संयुक आयुक्त डॉ. विनोद यादव, उपायुक्त श्रम विभाग  शैलेन्द्र सिंह सोलंकी सहित सभी जिलों के श्रम विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

    संभागायुक्त  शर्मा ने सभी जिलों के संबल 2.0 पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि श्रम विभाग मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान में ब्लॉक स्तर पर प्रकरणों का निराकरण करे। संभागीय अधिकारी लक्ष्य के अनुरूप संबल 2.0 एवं सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर श्रम विभाग की लंबित प्रकरणों के निराकरण की विशेष रणनीति बनाकर प्रतिदिन मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। प्रतिदिन माइक्रो प्लानिंग के साथ कार्य करने से लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

    बैठक में संभाग आयुक्त  शर्मा ने रायसेन के श्रम विभाग अधिकारी हरदीप सिंह सैनी को विभागीय योजनाओं की प्रगति में शिथिलता बरतने और योजनाओं की सही प्रस्तुति न करने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

     

  • कोयला लोडिंग-अनलोडिंग प्लेटफॉर्म को लेकर हाई कोर्ट सख्त, ACC लिमिटेड से जुड़ा मामला चर्चा में

    कोयला लोडिंग-अनलोडिंग प्लेटफॉर्म को लेकर हाई कोर्ट सख्त, ACC लिमिटेड से जुड़ा मामला चर्चा में

    जबलपुर
     प्रदेश के सिंगरौली जिले के सरई रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-एक पर अदाणी समूह की कंपनी एसीसी लिमिटेड द्वारा कोयला लोडिंग-अनलोडिंग के मामले में हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने समूह को प्लेटफार्म खाली कराने के अंतरिम निर्देश दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई की।

    तीन माह की अनुमति, तीन साल से लोडिंग-अनलोडिंग
    सरई के ग्राम शिवगढ़ निवासी अधिवक्ता विनय जायसवाल ने याचिका दायर की है। आरोप है कि यात्रियों के लिए निर्धारित प्लेटफार्म का इस्तेमाल करीब तीन वर्षों से कोयला लोडिंग-अनलोडिंग के लिए किया जा रहा है, जबकि शुरुआत में अनुमति केवल तीन महीने के लिए दी गई थी।

    कोयले की धूल-कालिख से यात्री परेशान
    याचिका में कहा गया कि कोयले की धूल, कालिख और मलबे से यात्रियों के साथ आसपास के नागरिकों को भी परेशानी हो रही है। सुनवाई के दौरान रेलवे की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन ने जवाब पेश किया।
    रोज 700 से ज्यादा यात्रियों का आवागमन

    रेलवे ने बताया कि सरई ग्राम स्टेशन पर प्रतिदिन करीब 741 यात्री आते हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता एसके कश्यप ने रेलवे के जवाब का हवाला देते हुए बताया कि यात्रियों से रेलवे को करीब 16.46 लाख रुपये, जबकि कोयला लोडिंग-अनलोडिंग से करीब 26.48 करोड़ रुपये का राजस्व मिला।

    रेलवे ने बताया कि एसीसी ने पहले सरई ग्राम से करीब 10 किलोमीटर दूर सुरसुराईघाट झारा रेलवे स्टेशन से कोयला लोडिंग की अनुमति मांगी थी।

    हालांकि, परिचालन संबंधी अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण सरई ग्राम स्टेशन से लोडिंग की अनुमति दी गई। इसके लिए एसीसी का 20 जून 2023 का पत्र भी कोर्ट में पेश किया गया।

     

  • CM मोहन यादव ने बुलाई मंत्रियों की चिंतन बैठक, सितंबर में दो दिनों तक बनेगी आगे की रणनीति

    CM मोहन यादव ने बुलाई मंत्रियों की चिंतन बैठक, सितंबर में दो दिनों तक बनेगी आगे की रणनीति

    भोपाल 
     ढाई साल में विभागों ने कौन-कौन से महत्वपूर्ण काम किए, कितने रह गए और उनके क्या परिणाम आए, इसकी सभी मंत्री दो दिन का विभागीय चिंतन शिविर आयोजित करके समीक्षा करें। यह शिविर सितंबर में किए जाएं। इसमें आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हो और उनके क्रियान्वयन की कार्य योजना बने। यह निर्देश मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव ने मंत्रियों को कैबिनेट की बैठक से पहले दिए।

    शनिवार को भी हो सकता है जनविश्वास अभियान
        साथ ही यह भी कहा कि विशेष पर्व और त्योहारों के चलते अगर शुक्रवार को अवकाश रहता है तो जनविश्वास अभियान अगले दिन यानी शनिवार को आयोजित किया जाए। सभी कलेक्टर अभियान के संबंध में पहले से

        जानकारी दें ताकि नागरिकों के साथ कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को भी तैयारी के लिए समय मिल सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि जन विश्वास अभियान के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। इससे सतत रखा जाएगा।

    निवेश का महाभियान और स्टार्टअप को बढ़ावा
        साथ ही बताया कि प्रदेश में निवेश का महाभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। जुलाई में आदित्य टेक्नो कंपनी, लियोन इंडिया के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास हुआ है। इसी प्रकार पीथमपुर में 850 करोड़ रुपए लागत की दो नई इंडस्ट्रीज का शुभारंभ किया गया।

    ग्वालियर में टेलीकाम मैन्युफैक्चरिंग जोन के लिए दिल्ली में हुए रोड शो में पांच हजार करोड़ रुपये और अहमदाबाद में हुए रोड शो में 8,635 करोड रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। स्पेस टेक्नोलाजी क्षेत्र में सेटेलाइट लांचिंग के लिए विदिशा निवासी विभोर जैन को भी अवसर मिला है। उनकी स्टार्ट-अप कंपनी व्योमिक भी अंतरिक्ष में सेटेलाइट लांच करने की तैयारी कर रही है।

    कलेक्टर-कमिश्नर से सीधे सवाल करेंगे मंत्री
    इस बार चिंतन शिविर में जमीनी स्तर के अधिकारियों को भी शामिल किया जा रहा है। जिलों के कलेक्टर और संभागीय कमिश्नर के अलावा विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) और प्रमुख सचिव (PS) भी शिविर में मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव की मंशा है कि मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों की वास्तविक स्थिति पर अधिकारियों के साथ सीधे चर्चा करें। स्थानीय समस्याओं, विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सवाल-जवाब भी किए जाएंगे।

    पचमढ़ी की जगह भोपाल में होगा आयोजन
    पहले सरकारों के चिंतन शिविर राजधानी से दूर पचमढ़ी जैसे स्थानों पर आयोजित होते रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्ष 2022 में पचमढ़ी में चिंतन शिविर आयोजित किया था। हालांकि इस बार मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आयोजन भोपाल में ही कराने का फैसला किया है। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य सरकारी खर्च में बचत करना बताया जा रहा है। राजधानी में आयोजन होने से मंत्रियों और अधिकारियों के ठहरने, यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं पर होने वाला अतिरिक्त खर्च कम होगा।

    2027 के चुनावों को लेकर भी बनेगी रणनीति
    चिंतन शिविर में आगामी चुनावों को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। वर्ष 2027 में मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव और इसके बाद त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं। इसके अलावा कोर्ट के आदेश के बाद छात्र संघ चुनाव तथा सहकारिता, मंडी और जल उपभोक्ता संस्थाओं के चुनाव भी होने हैं। ऐसे में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और चुनावी तैयारियों को लेकर भी रणनीति पर मंथन किया जाएगा।

    मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में हो सकता है बदलाव
    चिंतन शिविर के बाद मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में फेरबदल की संभावना भी जताई जा रही है। लंबे समय से कई मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों को बदलने की मांग कर रहे हैं। कुछ मंत्रियों के प्रभार वाले जिले उनकी विधानसभा सीट से 500 से 1000 किलोमीटर तक दूर हैं। इतनी अधिक दूरी के कारण जिलों के नियमित प्रवास और निगरानी में दिक्कतें सामने आती हैं। माना जा रहा है कि शिविर में समीक्षा के बाद सरकार मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में बदलाव पर फैसला ले सकती है।

    जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा करें
        उन्होंने कहा कि प्रदेश में मानसून का अंतिम दौर चल रहा है। अत्यधिक बारिश होने से कई नगरीय निकायों और पंचायत क्षेत्रों में नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं जिससे गलियों और घरों में पानी भर जाता है।

        जल निकासी की व्यवस्था की समीक्षा करें और वर्षा ऋतु के बाद अभियान चलाकर नालों के प्रवाह को निर्बाध बनाने के लिए कार्य योजना बनाकर उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

        किसानों की फार्मर आईडी बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सभी जनप्रतिनिधि किसानों को इसे बनवाने के लिए प्रेरित करें।

     

  • बेटियों और बहनों का स्वास्थ्य ही सशक्त समाज की आधारशिला: डिप्टी सीएम शुक्ल

    बेटियों और बहनों का स्वास्थ्य ही सशक्त समाज की आधारशिला: डिप्टी सीएम शुक्ल

    स्वस्थ बहन और स्वस्थ बेटी ही सशक्त परिवार एवं स्वस्थ समाज की आधारशिला: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    रक्षाबंधन पर महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का किया आह्वान

    भोपाल

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। यह पर्व परिवार और समाज में प्रेम, सम्मान, संवेदनशीलता और परस्पर सहयोग की भावना को मजबूत करता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बहनों और बेटियों का स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त होना परिवार और समाज की खुशहाली के लिए आवश्यक है। रक्षाबंधन के अवसर पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ, समय पर उपचार, पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।स्वस्थ बहन और स्वस्थ बेटी ही सशक्त परिवार एवं स्वस्थ समाज की आधारशिला है। रक्षाबंधन का यह पर्व भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत करने के साथ महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी याद दिलाए। उन्होंने प्रदेशवासियों से रक्षाबंधन का पर्व आपसी प्रेम, सौहार्द और उल्लास के साथ मनाने का आह्वान करते हुए सभी के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की है।

     

  • शक्कर बाजार में मंदी, मिल डिलीवरी से थोक भाव तक गिरावट; जल्द मिल सकती है बड़ी राहत

    शक्कर बाजार में मंदी, मिल डिलीवरी से थोक भाव तक गिरावट; जल्द मिल सकती है बड़ी राहत

    इंदौर 
    शक्कर के मिल डिलीवरी मूल्य एवं थोक बाजार भाव में कुछ और नरमी आ गई, लेकिन अखिल भारतीय स्तर पर इसका औसत खुदरा मूल्य उछलकर 63.97 रुपए प्रति किलो के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया है। मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर के उद्योग समीक्षकों की मानें तो, मिल डिलीवरी मूल्य और थोक बाजार भाव में आई नरमी का असर अगले दो स तीन दिनों में खुदरा दाम पर दिखाई पड़ने लगेगा और शक्कर का खुदरा मूल्य गिरकर 60 रुपए प्रति किलो से नीचे आ जाएगा।

    आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एस ग्रेड की शक्कर का एक्स फैक्टरी बिक्री मूल्य 5500-5700 रुपए प्रति क्विंटल पर था, जो अब गिरकर 5400-5500 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया है। उद्योग विश्लेषकों के अनुसार सरकारी सख्ती के कारण घटे हुए दाम पर भी खरीदारों का अभाव देखा जा रहा है।

    रोजाना इस्तेमाल का किराना हुआ महंगा
    शक्कर 5800 से 5900, रायल रतन साबूदाना लूज में 7550, 1 किलो पैकिंग में 8100, सच्चा मोती लूज में 7450, 1 किलो पैंकिंग में 7950, आधा किलो पैंकिंग में 8050, सच्चा साबुदाना एगमार्क (आधा किलो पैकिंग) 8200, साबूदाना चक्र एगमार्क (500 ग्राम) 8140, साबूदाना गोपाल लूज (25 किलो) 6910 रुपए (भाव प्रति क्विंटल में)। खोपरा गोला कट्टे में 355 और बाक्स में 365 से 419, खोपरा बूरा 3200 से 5950 रुपए।

    इन चीजों के दामों में भी उतार-चढ़ाव
    -पूजन सामग्री : नारियल 120 भरती 3100 से 3150, 160 भरती 3600 से 3650, 200 भरती 3900 से 3950, 250 भरती 4600 से 4650, देशी कपूर 1295 से 1320, पूजा बादाम 250 से 260, बेस्ट 275 से 300, पूजा सुपारी 425, अरीठा 175 रुपए। केसर 185 से 200, बेस्ट 255 से 262 रुपए प्रति ग्राम।

    -मसाले : कालीमिर्च 755 से 760, मिनिमटर 775 से 785, मटरदाना 800 से 900, हल्दी निजामाबाद 230 से 250, हल्दी सांगली 320, जीरा 240 से 245, मीडियम 250 से 285, बेस्ट 310, सौंफ मोटी 130 से 155, बेस्ट 185 से 275, एक्सट्रा बेस्ट 325 से 385, बारीक 175 से 275, लौंग चालू 900 से 920, बेस्ट 950, दालचीनी 250 से 255, बेस्ट 260 से 270, जायफल 840 से 880, बेस्ट 925, जावत्री 1850 से 2000, बेस्ट 2300 से 2350, बड़ी इलायची 1350 से 1450, बेस्ट 1550 से 1650 रुपए।

  • टीकमगढ़ में झमाझम बारिश से सड़कें प्रभावित, एमपी के 17 जिलों में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की चेतावनी

    टीकमगढ़ में झमाझम बारिश से सड़कें प्रभावित, एमपी के 17 जिलों में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की चेतावनी

    भोपाल 
     मध्यप्रदेश कई जिलों में फ्लैश फ्लड जैसी घटनाएं हो सकती है, दरअसल मौसम विभाग ने गुरुवार 27 अगस्त को 17 जिलों भारी बारिश की संभावना जताई है. इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान ढाई से 4 इंच तक बारिश होने का अनुमान है. वहीं, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में बारिश का असर ज्यादा रहने की संभावना है. जबकि ग्वालियर-चंबल अंचल के भिंड, दतिया, ग्वालियर, मुरैना और शिवपुरी में कुछ निचले इलाकों और जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा जताया गया है। 

    टीकमगढ़ : नदी-नाले उफने, कई रास्ते बंद
    टीकमगढ़ में 24 घंटे से रुक-रुककर बारिश हो रही है। जिले में औसतन 2.6 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि पलेरा और मोहनगढ़ में करीब 4 इंच पानी गिरा। रातभर की बारिश से टीकमगढ़-झांसी हाईवे पर पूनौल नाला और टीकमगढ़-छतरपुर रोड पर बल्देवगढ़ का नाला उफान पर है।

    टीकमगढ़-लिधौरा रोड पर भी पानी बह रहा है। इससे कई रास्तों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। शहर की भटनागर और कौशलपुरी कॉलोनी में भी जलभराव हो गया। जिले में अब तक 27.6 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है।

    17 जिलों में 4 इंच तक बारिश का अनुमान
    मौसम केंद्र भोपाल के पूर्वानुमान के अनुसार गुरुवार को पूर्वी और उत्तरी मध्यप्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश हो सकती है. इन जिलों में 24 घंटे के दौरान करीब 2.5 से 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है. भारी बारिश की चेतावनी वाले जिलों में विदिशा, गुना, शिवपुरी, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, मंडला, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं। 

    सागर-रीवा-शहडोल संभाग पर ज्यादा असर
    मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, '' मानसूनी सिस्टम का असर सागर, रीवा और शहडोल संभाग में ज्यादा रहने की संभावना है. यहां कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है. इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, उज्जैन, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और डिंडोरी समेत कई जिलों में भी बारिश के आसार हैं। 

    पुलों के ऊपर बह रहा पानी

        टीकमगढ़-झांसी मार्ग पर दिगौड़ा के पास पूनौल नाला और दिगौड़ा बस्ती के सरपट नाला पर पुल के ऊपर करीब 2 फीट पानी बह रहा है। सुरक्षा के लिहाज से यहां पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
        देहात थाना क्षेत्र के हीरानगर बावरी पुल, अस्तोन चौकी के नचनवारा, लिधोराखास और इकबालपुरा-मड़ियांव घाट पुल पर पानी अधिक होने के कारण आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित और बंद कर दिया गया है।
        इसके अलावा खरों-महेवा चक्र रोड और कटेरा रोड स्थित सुखनई नदी पुल पर भी पानी तेज बहाव के साथ बह रहा है।

    जिला प्रशासन मुस्तैद

        बढ़ते जलभराव को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। सभी संबंधित राजस्व अधिकारियों, पटवारियों, पंचायत अमले के साथ पीडब्ल्यूडी, एनएच और पीएमजीएसवाई की टीमों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
        किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ के साथ-साथ मध्य प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रशिक्षित युवा आपदा मित्र भी पूरी तत्परता के साथ मैदान में तैनात हैं।

    बानसुजारा बांध के खोले गए गेट
        लगातार आवक बढ़ने के कारण बानसुजारा बांध का जलस्तर भी बढ़ गया है। वर्तमान में बांध का जलस्तर 315.10 मीटर दर्ज किया गया है। जबकि पूर्ण भराव क्षमता 316.50 मीटर है।

        बांध में पानी की आवक 180 घन मीटर प्रति सेकंड बनी हुई है, जिसे देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से बांध के 3 गेट खोलकर 198 घन मीटर प्रति सेकंड पानी छोड़ा जा रहा है।

    बीते 24 घंटों में 2.6 इंच बारिश
    मौसम विभाग और भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में बीते 24 घंटों में औसत वर्षा 67.3 यानी मिलीमीटर 2.6 इंच दर्ज की गई है। 1 जून से अब तक जिले में कुल 700.1 मिलीमीटर औसत वर्षा हो चुकी है, जो कि सामान्य कोटे का लगभग 70 प्रतिशत है।

    पांच जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
    भारी बारिश के साथ प्रदेश के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है. मौसम विभाग के फ्लैश फ्लड जोखिम पूर्वानुमान के अनुसार, '' भिंड, दतिया, ग्वालियर, मुरैना और शिवपुरी के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और निचले इलाकों में कम से मध्यम स्तर की अचानक बाढ़ की आशंका है. वहीं, लगातार बारिश के कारण जमीन में नमी बढ़ने और जल निकासी प्रभावित होने पर निचले इलाकों में पानी तेजी से भर सकता है. ऐसे में नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। 

    टीकमगढ़ में उफान पर नाले, कई रास्तों पर असर
    भारी बारिश का असर टीकमगढ़ में भी दिखाई दे रहा है. पिछले 24 घंटे से रुक-रुककर बारिश होने के कारण जिले में औसतन करीब 2.6 इंच बारिश दर्ज हुई है. पलेरा और मोहनगढ़ में करीब 4 इंच तक पानी गिरा. वहीं, बारिश के बाद टीकमगढ़-झांसी हाईवे पर पूनौल नाला और टीकमगढ़-छतरपुर मार्ग पर बलदेवगढ़ का नाला उफान पर आ गया. टीकमगढ़-लिधौरा मार्ग पर भी सड़क के ऊपर पानी बहने से आवागमन प्रभावित हुआ है. इधर शहर की भटनागर और कौशलपुरी कालोनियों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है. इसके साथ ही ओरछा में 155 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. जीरापुर और निवाड़ी में भी 100 मिलीमीटर से ज्यादा पानी गिरा. इसके बाद नदी-नालों के जलस्तर और निचले इलाकों में जलभराव को लेकर प्रशासन अलर्ट पर है। 

    भोपाल में 38 इंच बारिश, सामान्य कोटे से सिर्फ आधा इंच दूर
    राजधानी भोपाल में बुधवार को दिनभर घने बादल छाए रहे. शाम को शहर के कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई. इस दौरान अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री दर्ज किया गया. बता दें कि भोपाल में अब तक 961.8 मिलीमीटर यानी करीब 38 इंच बारिश हो चुकी है. शहर की सीजन की औसत बारिश 1066 मिलीमीटर (42 इंच) है. ऐसे में सामान्य बारिश का कोटा पूरा होने में अब सिर्फ 4 इंच बारिश की जरूरत है. अगस्त में अब तक 440.5 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जिससे इस महीने की बारिश ने पिछले अगस्त का रिकार्ड भी पीछे छोड़ दिया है। 

  • CM मोहन यादव ने ओंकारेश्वर में सपत्नीक किए दर्शन, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंचायतन मंदिर का शिलान्यास

    CM मोहन यादव ने ओंकारेश्वर में सपत्नीक किए दर्शन, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंचायतन मंदिर का शिलान्यास

    खंडवा
     तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में एकात्म धाम परियोजना के अंतर्गत भव्य पंचायतन मंदिर का विधि-विधान से भूमि और शिला पूजन संपन्न हुआ। सीएम मोहन यादव ने ओंकार पर्वत पर स्थित वेधशाला में अपनी धर्मपत्नी के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन किया। षट दर्शन संत मंडल के पूज्य संतों के सानिध्य में आयोजित इस अनुष्ठान में देश के प्रमुख वैदिक पीठों के आचार्यों ने सहभागिता की।

    विद्वानों ने कराया अनुष्ठान
    शिला पूजन के पावन अवसर पर श्री वेंकटेश्वर वेद विज्ञान पीठम् (धर्मगिरि, आंध्र प्रदेश) के प्राचार्य के.एस.एस. अवधानी, दक्षिणाम्नाय श्री शारदा पीठम् (कर्नाटक) एवं श्री श्री गुरुकुल के प्रतिष्ठित आचार्यों द्वारा वैदिक परंपरा अनुसार अनुष्ठान पूर्ण कराया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि भारत का जो पारंपरिक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वैभव रहा है, वह अब पूरी भव्यता के साथ लौट रहा है।

    पंचायतन पूजा पद्धति
    आदि शंकराचार्य ने सनातन संस्कृति में शैव, वैष्णव, शाक्त, सौर और गाणपत्य संप्रदायों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए 'पंचायतन पूजा' पद्धति का पुनरुद्धार किया था। उपनिषदों के अनुसार, जैसे सोने से बने विभिन्न आभूषणों का मूल तत्व केवल सोना ही होता है, उसी प्रकार पंचदेव वस्तुतः एक ही निराकार 'परम ब्रह्म' के साकार रूप हैं। एकात्म धाम में इस मंदिर का निर्माण आदि शंकर के इसी युगांतरकारी एकात्म दर्शन को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए किया जा रहा है।

    नागर शैली में बनेगा भव्य पंचायतन मंदिर
    पंचायतन मंदिर का निर्माण पारंपरिक नागर शैली में किया जाएगा। मंदिर के केंद्र में भगवान शिव का मुख्य मंदिर होगा, जबकि चारों दिशाओं के कोनों में भगवान विष्णु, भगवान सूर्य, भगवान गणेश और देवी शक्ति के उपमंदिर बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव की ज्योतिर्लिंग नगरी ओंकारेश्वर में विकसित हो रहा एकात्म धाम आने वाले समय में सनातन ज्ञान परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक एकता का केंद्र बनेगा।

    आदि शंकराचार्य की परंपरा को आगे बढ़ाने पर जोर
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने विभिन्न उपासना पद्धतियों में समन्वय स्थापित करने के लिए पंचायतन पूजा की परंपरा को पुनर्जीवित किया था। ओंकारेश्वर में बनने वाला पंचायतन मंदिर इसी परंपरा को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि आज समाज के सामने कई चुनौतियां और विरोधाभास हैं। कुछ शक्तियां विकास और सामाजिक एकता की राह में बाधाएं खड़ी करती हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि भगवान के आशीर्वाद से इन चुनौतियों का सामना किया जाएगा।

    सिंहस्थ 2028 से पहले निकलेगी ‘एकात्म यात्रा’
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2028 के उज्जैन सिंहस्थ महापर्व से पहले मध्यप्रदेश में एकात्म यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरेगी और सिंहस्थ के दौरान इसका समापन होगा। उन्होंने कहा कि यात्रा के जरिए भारत की ज्ञान परंपरा, संत परंपरा और एकत्व के दर्शन का संदेश देश और दुनिया तक पहुंचाया जाएगा।

    नर्मदा तट से जुड़ी है आदि शंकराचार्य की परंपरा
    मान्यता है कि आदि शंकराचार्य ने ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी के तट पर अपने गुरु गोविंदपादाचार्य से आध्यात्मिक और दार्शनिक शिक्षा प्राप्त की थी। इसी आध्यात्मिक परंपरा को आधार बनाकर एकात्म धाम का विकास किया जा रहा है। 

    एकात्म धाम में सीएम मोहन यादव ने पंचायतन मंदिर निर्माण के लिए शिला पूजन किया, प्रकांड विद्वानों ने कराया पूजन

    ये हैं खास बातें

        देवताओं का स्थान निर्धारण: मंदिर के केंद्र में मुख्य देवालय देवाधिदेव भगवान शिव का होगा। चारों कोनों पर उप-देवालय स्थापित होंगे—ईशान कोण में भगवान विष्णु, आग्नेय कोण में भगवान सूर्य, नैऋत्य कोण में भगवान गणेश और वायव्य कोण में भगवती शक्ति विराजमान होंगी।

        शिखर और गर्भगृह: मुख्य मंदिर का शिखर 'सोमतिलक' शैली में बनेगा, जबकि गर्भगृह 'सर्वतोभद्र' शैली पर आधारित होगा, जिसमें चारों दिशाओं से प्रवेश द्वार की व्यवस्था रहेगी।

        ​विशाल मंडप और स्तंभ: मुख्य मंडप में 26 फीट व्यास का एक कलात्मक गुंबद होगा। पूरे परिसर में 100 नक्काशीदार स्तंभ, 8 लघु संवर्णा (सामरण) और भव्य तोरण-द्वार निर्मित किए जाएंगे।

        आधार और निर्माण सामग्री: 16 फीट ऊंचे आधारभूत अधिष्ठान (जगति) पर स्थित इस मंदिर के निर्माण में 80,000 घन फीट नक्काशीदार गुलाबी बलुआ पत्थर का उपयोग हो रहा है। संपूर्ण मंदिर 121 स्वर्णिम कलशों से सुशोभित रहेगा।

    2195 करोड़ की लागत से बन रहा एकात्म धाम
    शंकराचार्य की ज्ञान भूमि ओंकारेश्वर में 'आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास' द्वारा एकात्म धाम का तीव्र गति से विकास किया जा रहा है। परियोजना के प्रथम चरण में आचार्य शंकर की 108 फीट ऊंची 'एकात्मता की मूर्ति' पहले ही स्थापित हो चुकी है। अब द्वितीय चरण में ₹2,195 करोड़ की लागत से 'अद्वैत लोक' संग्रहालय का निर्माण प्रगति पर है, जो वैश्विक स्तर पर भारतीय दर्शन का संदेश प्रसारित करेगा।

    मांधाता पर्वत पर आकार ले रहा एकात्म धाम 
    मध्यप्रदेश सरकार की ओर से मांधाता पर्वत पर विकसित किया जा रहा एकात्म धाम आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसका आधार आदि शंकराचार्य का एकात्म दर्शन है, जिसमें विविधता में एकता और सभी जीवों में एक ही परम चेतना के अस्तित्व की अवधारणा पर जोर दिया गया है।

    पंचायतन मंदिर का शिलान्यास और निर्माण इसी व्यापक परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। बुधवार रात मुख्यमंत्री के शयन दर्शन और गुरुवार सुबह आधारशिला कार्यक्रम के साथ ओंकारेश्वर में धार्मिक एवं आध्यात्मिक विकास से जुड़े आयोजनों को नई गति मिली है।