Category: मध्य प्रदेश

  • खेलो इंडिया संवाद से विकसित भारत के विजन को मिलेगी नई ताकत, मंत्री सारंग ने बताया सार्थक मंच

    खेलो इंडिया संवाद से विकसित भारत के विजन को मिलेगी नई ताकत, मंत्री सारंग ने बताया सार्थक मंच

    खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम युवाओं को विकसित भारत के विजन से जोड़ने का सार्थक मंच- मंत्री सारंग

    खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम में की सहभागिता

    भोपाल 

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के युवाओं से वर्चुअली संवाद किया। इस अवसर पर भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सहभागिता कर प्रधानमंत्री के प्रेरणादायी संवाद को सुना। संवाद कार्यक्रम बाद मंत्री सारंग ने उपस्थित युवा साथियों से संवाद कर उनके विचार एवं सुझाव जाने तथा उन्हें नशामुक्त, स्वस्थ एवं विकसित भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत में खेलों को केवल प्रतिस्पर्धा और पदक प्राप्ति तक सीमित न रखते हुए इसे युवा सशक्तिकरण एवं विकसित भारत 2047 के विजन के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में 21वीं सदी के अनुरूप आधुनिक एवं सुदृढ़ स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में निरंतर कार्य हो रहा है। प्रतिभाओं की पहचान से लेकर उन्हें प्रशिक्षण, संसाधन, अवसर और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के मंच उपलब्ध कराने तक हर स्तर पर आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।

    युवाओं को विकसित भारत के विजन से जोड़ने का सार्थक मंच

    मंत्री सारंग ने कहा कि खेलो इंडिया संवाद केवल खेलों पर चर्चा का कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह देश के युवाओं के विचारों, ऊर्जा, प्रतिभा और आकांक्षाओं को विकसित भारत के राष्ट्रीय विजन से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच है। प्रधानमंत्री मोदी का युवाओं से सीधा संवाद उन्हें नई दिशा, नई प्रेरणा और अपने सामर्थ्य को राष्ट्रहित में लगाने का अवसर प्रदान करता है।

    भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत

    मंत्री सारंग ने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है। खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का विकास करते हैं। यही गुण एक सशक्त नागरिक और मजबूत राष्ट्र की नींव रखते हैं। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि प्रत्येक युवा अपनी प्रतिभा को पहचानकर उसे सकारात्मक दिशा दे और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे। मंत्री सारंग ने कहा कि खेल केवल मेडल जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण का प्रभावी साधन है। खेलों के साथ संस्कार, अनुशासन और नशामुक्ति को जीवन का हिस्सा बनाकर युवा स्वयं भी सशक्त बनेंगे और समाज को भी नई दिशा देंगे।

    नशामुक्त युवा ही विकसित राष्ट्र के मजबूत आधार

    मंत्री सारंग ने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहें, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और खेलों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि नशामुक्त युवा ही स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र के मजबूत आधार हैं। खेल, संस्कार और नशामुक्ति के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश का युवा स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में देश का युवा निर्णायक भूमिका निभाएगा।

    कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण सचिव संजीव सिंह, संचालक अंशुमान यादव, अपर सचिव अजय श्रीवास्तव, साईं भोपाल के क्षेत्रीय निदेशक अभिषेक चौहान, माय भारत के वालिंटियर्स, खिलाड़ी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

     

  • गर्भावस्था में नियमित व्यायाम  और संतुलित भोजन भी जरूरी- डॉ. मनीषा वास्तव

    गर्भावस्था में नियमित व्यायाम और संतुलित भोजन भी जरूरी- डॉ. मनीषा वास्तव

    भोपाल 

    भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी), भोपाल में 27 अगस्त को स्वास्थ्य केंद्र क्रमांक 4 में गर्भ संस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

    कार्यक्रम में आई आंगनबाड़ी की महिला को संबोधित करते हुए बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ मनीषा वास्तव ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान योग ध्यान ओर मेडीटेशन करना आवश्यक है। गर्भावस्था के दौरान घर का बना संतुलित भोजन करना जरूरी है। खासतौर पर पोषक आहार के साथ गर्भावस्था के लिए विशेष योगासन शरीर को लचीला बनाते हैं और मानसिक तनाव कम करते हैं। 
     
    कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ताओं के रूप में डॉ. नेहल शाह ने  "गर्भावस्था के दौरान नियमित व्यायाम" और डॉ. रोमा रस्तोगी ने "गर्भावस्था के दौरान व्यायाम से सामान्य प्रसव का महत्व" विषयों पर अपने विचार व्यक्त  किए।

    स्वास्थ्य  केंद्र  समन्वयक डॉ रोमा  रस्तोगी ने व्याख्यानमाला में कहा कि व्यायाम करने से गर्भवती महिला को फायदा होगा इससे सामान्य प्रसव में आसानी होगी। गर्भावस्था के दौरान रोज़ाना 20 से 30 मिनट हल्के व्यायाम या योगासन करना माँ और शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए बहुत सुरक्षित और फायदेमंद होता है।  नियमित व्यायाम से स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। 

    डॉ. नेहल शाह ने  पावर-पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तृत रूप से जानकारी देते हुए बताया कि गर्भावस्था में किस प्रकार के व्यायाम करने से आसानी हो सकती है। पेल्विक फ्लोर की कसरत अलग-अलग ट्राइमेस्टर या तिमाही में अलग-अलग तरह के व्यायाम बताए गए जिसमें कीगल्स एक्सर्साइज़, कोर स्थिरता से संबन्धित व्यायाम, पैरो की सूजन कम करने के लिए व्यायाम एवं गर्भावस्था के समय पोशचर किस प्रकार ठीक रखा जाए ये जानकारी दी गई।  

    कार्यक्रम में आंगनबाड़ी केंद्र से आई हुई गर्भवती महिलाओं को पोषण और आहार किट का वितरण किया गया। किट में प्रोटीन ओर कार्ब में मूँगफली, मिश्रित दालें, गुड, दलिया ओर राजगिरी के लड्डू वितरित किए गए ।  कार्यक्रम में डॉ. रचिता चंसौरिया, चिकित्सकगण एवं  कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • सीहोर के डायल-112 हीरोज कुएँ में गिरे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालकर परिजनों के सुपुर्द किया

    सीहोर के डायल-112 हीरोज कुएँ में गिरे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालकर परिजनों के सुपुर्द किया

    भोपाल

    सीहोर जिले के थाना रेहटी क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता एवं संवेदनशील कार्यवाही से कुएँ में गिरे 40 वर्षीय व्यक्ति को आपदा राहत टीम की सहायता से सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस जवानों की समय पर की गई कार्रवाई से व्यक्ति को सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया जा सका।

    26 अगस्त को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना रेहटी क्षेत्र अंतर्गत पांगरा के पास एक 40 वर्षीय व्यक्ति कुएँ में गिर गया है। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही थाना रेहटी क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया।
        
    डायल-112 स्टाफ सैनिक श्री विनोद एवं पायलट श्री मुकेश कुमार मौके पर पहुँचकर तत्काल थाना स्तर की आपदा राहत टीम की सहायता से व्यक्ति को सुरक्षित कुएँ से बाहर निकाला। इसके बाद डायल-112 जवानों ने व्यक्ति से बातचीत कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की तथा उसे समझाइश दी। स्थिति सामान्य होने पर आवश्यक पहचान एवं सत्यापन उपरांत व्यक्ति को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया।
        
    डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता ही नहीं, बल्कि संकट की प्रत्येक परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई करते हुए मानवीय संवेदनाओं के साथ नागरिकों की सुरक्षा एवं जीवन रक्षा के लिए निरंतर तत्पर है।

  • मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम का कक्षा शुभारंभ समारोह संपन्न

    मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम का कक्षा शुभारंभ समारोह संपन्न

    निवाली, जिला बड़वानी

     मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग तथा महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय, चित्रकूट, सतना के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम (CMCLDP) के स्नातक एवं परास्नातक शैक्षणिक सत्र के कक्षा शुभारंभ समारोह का आयोजन पद्म स्वर्गीय कांता बहन त्यागी शासकीय महाविद्यालय, निवाली में किया गया।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत सदस्य कन्हैयालाल सिसोदिया जी रहे। विशेष अतिथि के रूप में नगर परिषद निवाली के उपाध्यक्ष प्रतिनिधि अखिलेश सोनी जी, भाजपा मंडल निवाली के मंडल अध्यक्ष श्याम पंडित जी, मंडल उपाध्यक्ष मधुकर अहीर जी एवं मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड निवाली के ब्लॉक समन्वयक आपसिंह चौहान जी उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कन्हैयालाल सिसोदिया जी ने विद्यार्थियों को समाज सेवा एवं सामाजिक दायित्वों के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी केवल डिग्री प्राप्त करने तक अपनी शिक्षा को सीमित न रखें, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं को समझें और उनके समाधान में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने युवाओं से गांवों में शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, नशामुक्ति, जनजागरूकता तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता जैसे सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की सबसे बड़ी ताकत है और मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को नेतृत्व के साथ-साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करने का अवसर प्रदान करता है।

    वहीं ब्लॉक समन्वयक आपसिंह चौहान जी ने मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद एवं मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के पाठ्यक्रम, उद्देश्य, गतिविधियों एवं सामाजिक सहभागिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ मैदानी स्तर पर सामाजिक कार्यों में सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

    नगर परिषद निवाली के उपाध्यक्ष प्रतिनिधि अखिलेश सोनी जी ने भी जन अभियान परिषद के उद्देश्यों एवं समाज के विकास में उसकी भूमिका के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी।

    कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर में “एक पौधा माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया गया। इसके पश्चात उपस्थित विद्यार्थियों एवं अतिथियों द्वारा स्वैच्छिक शपथ ग्रहण किया गया।

    कार्यक्रम में नवांकुर संस्था के सेक्टर प्रभारी सुवालाल चौहान, रामलाल सोलंकी, सरवत ब्राह्मणे एवं सरदार डावर सहित मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के मेंटर्स राकेश चौहान, आनंद खोटे एवं निराम तरोले तथा बड़ी संख्या में BSW एवं MSW के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम का सफल संचालन  मेंटर राकेश चौहान द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के साथ समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

  • भारत रक्षा पर्व 2026: रक्षा सूत्र ने जोड़ा जवानों और देशवासियों के दिलों का रिश्ता

    भारत रक्षा पर्व 2026: रक्षा सूत्र ने जोड़ा जवानों और देशवासियों के दिलों का रिश्ता

    भोपाल

     रक्षाबंधन के पावन अवसर पर शौर्य फाउंडेशन एवं भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के संयुक्त तत्वावधान में “भारत रक्षा पर्व 2026” का आयोजन 27 अगस्त को आईटीबीपी सेंटर, कोकता बायपास, भोपाल में किया गया। 
    कार्यक्रम में भोपाल की अनेकों माताओं, बहनों एवं छात्राओं ने आईटीबीपी के वीर जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके साहस, त्याग और राष्ट्रसेवा के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की।

    राष्ट्रगान से हुआ शुभारंभ, देशभक्ति प्रस्तुतियों ने बांधा समां
    कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान से हुआ। इसके बाद देशभक्ति नृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और राखी गीतों ने वातावरण को राष्ट्रप्रेम से भर दिया। अतिथियों के संबोधन में देश की सीमाओं की सुरक्षा में आईटीबीपी जवानों की भूमिका, उनके साहस और कठिन परिस्थितियों में राष्ट्रसेवा को नमन किया गया।

    कार्यक्रम में आईटीबीपी के महानिरीक्षक श्री अजयपाल सिंह, उप महानिरीक्षक श्री अमित कटियार, लायंस ऑफ भोपाल के श्री हरिओम जटिया, लायंस क्लब के जिला गवर्नर एमजेएफ एलएन. महेश मालवीय, दीप्ति परमेश्वरी जी (जीजी मां), समाजसेवी श्री कमलेश सेन, शौर्य फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री अंशुमान खरे एवं सचिव श्री अभिषेक खरे  सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

    रक्षा सूत्र बना भावनाओं का सेतु
    कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण रक्षा सूत्र बंधन रहा। माताओं, बहनों और छात्राओं ने जवानों को राखी बांधकर उन्हें अपना भाई माना। कई अवसरों पर जवानों और बहनों के बीच स्नेह एवं भावनाओं के ऐसे पल देखने को मिले, जिन्होंने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया।

    इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि रक्षा सूत्र केवल राखी नहीं, बल्कि देश की सीमाओं पर तैनात जवानों और देशवासियों के बीच विश्वास, सम्मान, स्नेह और राष्ट्रप्रेम का अटूट बंधन है।

    शस्त्र एवं ड्रोन प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
    आईटीबीपी की ओर से आयोजित शस्त्र एवं ड्रोन प्रदर्शनी भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। विद्यार्थियों और नागरिकों को आधुनिक सुरक्षा उपकरणों एवं तकनीक को करीब से देखने तथा जवानों की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला।

    सीमा पर जवान अकेले नहीं, पूरा देश उनके साथ
    शौर्य फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री अंशुमान खरे ने कहा कि भारत रक्षा पर्व का उद्देश्य रक्षाबंधन को देश की सुरक्षा में समर्पित वीर जवानों के सम्मान से जोड़ना है। 
    उन्होंने कहा कि जवानों के प्रति सम्मान और राष्ट्रसेवा की भावना समाज में निरंतर मजबूत होनी चाहिए।

    शौर्य फाउंडेशन के सचिव श्री अभिषेक खरे ने कहा कि भारत रक्षा पर्व का संदेश स्पष्ट है
    सीमा पर तैनात जवान कभी अकेले नहीं हैं, पूरा देश उनके साथ खड़ा है। बहनों द्वारा बांधा गया रक्षा सूत्र इसी विश्वास और आत्मीयता का प्रतीक है।

    राष्ट्रप्रेम का दिया सशक्त संदेश
    राष्ट्रगान, देशभक्ति गीतों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, अतिथियों के उद्बोधन और रक्षा सूत्र बंधन के भावुक पलों के साथ भारत रक्षा पर्व 2026 ने रक्षाबंधन को राष्ट्रप्रेम और जवानों के सम्मान से जोड़ते हुए समाज को एक सशक्त संदेश दिया
    “रक्षा सूत्र कलाई पर नहीं, दिलों में बंधा वह रिश्ता है, जो वीर जवानों और पूरे राष्ट्र को एक सूत्र में जोड़ता है।”

    आईटीबीपी की बैगपाइपर टीम ने भी देशभक्ति, फिल्मी और राखी के गीत सुना कर माहौल खुशनुमा कर दिया

    इसके अलावा निनाद संगीत विद्यालय के छात्रों ने भी विभिन्न फिल्मी गीत, राखी के गीत और 
    देशभक्ति के गीत सुनाएं

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव की ‘खेलो इंडिया संवाद’ में सहभागिता, खिलाड़ियों के प्रोत्साहन पर हुई चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की ‘खेलो इंडिया संवाद’ में सहभागिता, खिलाड़ियों के प्रोत्साहन पर हुई चर्चा

    भोपाल 

    राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर "खेलो इण्डिया संवाद- खेल की बात पीएम मोदी के साथ" कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज गुरुवार को जबलपुर में डुमना एयरपोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सहभागिता की।

    प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का युवाओं से संवाद का कार्यक्रम जबलपुर में सिविल लाइंस स्थित शासकीय महाकौशल कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में आयोजित किया गया था। समारोह में उपस्थित युवाओं ने प्रधानमंत्री के संबोधन का सजीव प्रसारण सुना। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री  मोदी ने देशभर की लगभग 1600 संस्थाओं से जुड़े 8 लाख से अधिक युवाओं के साथ वर्चुअली जुड़कर सीधा संवाद किया।

    प्रधानमंत्री  मोदी ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर युवाओं और खेल जगत से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि खेल केवल मेडल जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति और खेल शक्ति को जोड़ने का माध्यम है।

    प्रधानमंत्री  मोदी ने कहा कि एक खिलाड़ी की सफलता से उसके परिवार,  स्कूल,  कॉलेज,  जिले और प्रदेश की पहचान मजबूत होती है। उन्होंने ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि कई ऐसे खेल हैं, जिनमें भारत अभी पर्याप्त भागीदारी नहीं कर रहा है। खेलों में नई संभावनाओं को तलाशकर अलग-अलग क्षेत्रों में विशेष खेलों का इको-सिस्टम विकसित किया जाना चाहिए।

    प्रधानमंत्री  मोदी ने 2036 ओलंपिक की तैयारियों का उल्लेख करते हुए 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों की पहचान के लिए बड़े टैलेंट हंट अभियान की बात कही। उन्होंने कहा कि केवल बच्चे की रुचि ही नहीं, बल्कि उसकी क्षमता और उपयुक्त खेल को भी ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। सरकार आधुनिक स्पोर्ट्स इको-सिस्टम विकसित करने के लिए स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र सहित आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित कर रही है।

    प्रधानमंत्री  मोदी ने कहा कि खेल युवाओं को संघर्ष के बाद फिर उठकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने पैरा-एथलीट्स की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां पूरे परिवार और समाज को नई प्रेरणा देती हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने खेल को बेहतर जीवन, फिटनेस और बेहतर गुणवत्ता के लिए जरूरी बताते हुए युवाओं को नशे से दूर रहने में खेलों की भूमिका पर भी जोर दिया।

    प्रधानमंत्री  मोदी ने कहा कि आज खेल एक बेहतर कैरियर के रूप में भी उभर रहा है। खेल उपकरण, स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी, स्पोर्ट्स मेडिसिन, न्यूट्रिशन, साइकोलॉजी और एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए नए अवसर बन रहे हैं। उन्होंने युवाओं से खेल को जीवन का हिस्सा बनाने और अपने विचार एवं आइडिया सामने से रखने का आह्वान किया।

     

  • राष्ट्रपति  मुर्मू 5 सितंबर को करेंगी पुरस्कृत

    राष्ट्रपति मुर्मू 5 सितंबर को करेंगी पुरस्कृत

    भोपाल 

    कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए मध्यप्रदेश के दो व्यावसायिक प्रशिक्षण अधिकारियों के चयन पर उन्हें बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक प्रशिक्षण और कौशल विकास के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। दोनों प्रशिक्षण अधिकारियों का चयन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और इससे कौशल विकास तंत्र से जुड़े प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षणार्थियों को प्रेरणा मिलेगी।

    भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं उद्यमिता विकास में उत्कृष्टता श्रेणी में देशभर से चयनित प्रशिक्षण अधिकारियों की सूची में मध्यप्रदेश के दो अधिकारियों को स्थान मिला है। प्रदेश से  रीना गुप्ता, शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), उज्जैन तथा  ज्योतिबाला राठौर, राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला), इंदौर ,का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए किया गया है। भारत सरकार द्वारा जारी सूची में दोनों अधिकारियों को मध्यप्रदेश के प्रतिनिधि के रूप में शामिल किया गया है।

     रीना गुप्ता का चयन दिव्यांग प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए किया गया है। उन्होंने दिव्यांग प्रशिक्षणार्थियों को गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वहीं  ज्योतिबाला राठौर का चयन व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं उद्यमिता विकास के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए किया गया है।

    राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 का सम्मान समारोह 5 सितंबर 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। समारोह में राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मू द्वारा चयनित प्रशिक्षण अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार के अंतर्गत प्रशस्ति प्रमाण-पत्र, 50 हजार रुपये की नगद राशि एवं पदक प्रदान किया जाएगा।

    मध्यप्रदेश के दोनों प्रशिक्षण अधिकारियों का राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए चयन प्रदेश में व्यावसायिक प्रशिक्षण, कौशल विकास एवं उद्यमिता विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों को मिली महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहचान है। यह उपलब्धि प्रदेश के प्रशिक्षण अधिकारियों, प्रशिक्षकों, प्रशिक्षणार्थियों और कौशल विकास से जुड़े संस्थानों के लिए प्रेरणादायी है तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए किए जा रहे प्रयासों को और अधिक प्रोत्साहित करेगी। 

  • संतों के आशीर्वाद से परमात्मा का नाम और उनकी अनुभूति हमारे जीवन में होती है उजागर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    संतों के आशीर्वाद से परमात्मा का नाम और उनकी अनुभूति हमारे जीवन में होती है उजागर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भारत की सनातन ज्ञान परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक एकात्मता का केंद्र बनेगा तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर का एकात्म धाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    सिंहस्थ-2028 से पहले निकाली जाएगी भव्य एकात्म यात्रा, जिसका सिंहस्थ के दौरान होगा समापन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    संतों के आशीर्वाद से परमात्मा का नाम और उनकी अनुभूति हमारे जीवन में होती है उजागर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एकात्म धाम में पंचायतन मंदिर का किया शिलान्यास
    पूज्य संतों के कर-कमलों से हुआ मंदिर निर्माण का पावन शुभारंभ

    ओंकारेश्वर

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार सुबह पवित्र तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम में भव्य पंचायतन मंदिर का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत की दिव्य संन्यास परंपरा के प्रतिनिधियों, षड्दर्शन संत मंडल के पूज्य संतों एवं विशिष्ट अतिथियों के साथ 45 पवित्र शिलाओं का पूजन कर मंदिर निर्माण का शुभारंभ किया। वेंकटेश्वर वेद विज्ञान पीठम् धर्मगिरि, आंध्रप्रदेश के प्राचार्य के.एस.एस. अवधानी, दक्षिणाम्नाय शारदा पीठम् कर्नाटक और गुरुकुल के आचार्यों द्वारा वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एकात्म धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सनातन ज्ञान परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक एकात्मता का केंद्र बनेगा। जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने विभिन्न उपासना पद्धतियों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए पंचायतन पूजन की परंपरा को पुनः प्रतिष्ठित किया था। पंचायतन मंदिर इसी महान परंपरा को आगे बढ़ाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि हमने भगवान को प्रत्यक्ष नहीं देखा, लेकिन संतों के आशीर्वाद से परमात्मा का नाम और उनकी अनुभूति हमारे जीवन में उजागर होती है। पूज्य संतों के आशीर्वाद से ओंकारेश्वर में ऐसा दिव्य धाम आकार ले रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और चरित्र निर्माण की प्रेरणा देगा।

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्व भारत के वैभव और शक्ति को पहचान रहा है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विश्व भारत के वैभव और शक्ति को पहचान रहा है। राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के विकास और उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाओं से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा शुरू किए गए एकात्म धाम और मंदिर निर्माण के कार्य को हमारी सरकार आगे बढ़ा रही है। आज समाज के अंदर कई प्रकार के अंतर्विरोध और आसुरी शक्तियां विद्यमान हैं, जो कई प्रकार से हमारे मार्ग में अवरोध पैदा कर रही हैं। आदि गुरु शंकराचार्य और मां नर्मदा की कृपा से यह सारी शक्तियां पराजित होंगी। संतों के आशीर्वाद से मनुष्य का हर संकल्प पूर्ण होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंचायतन मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में पत्नी श्रीमती सीमा यादव के साथ शामिल हुए।

    मांधाता पर्वत पर अलौकिक स्वरूप ले रहा एकात्म धाम

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मांधाता पर्वत पर विकसित हो रहा एकात्म धाम आने वाले समय में अत्यंत अलौकिक और दिव्य दृश्य प्रस्तुत करेगा। हम सभी परमात्मा की लीला के साक्षी हैं। उन्होंने कहा कि हम इस यात्रा के पथिक हैं और सौभाग्य की बात है कि हमें ऐसे दिव्य धाम के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का अवसर मिल रहा है। यह स्थान आंतरिक चेतना के जागरण और आत्मिक शांति का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि संतों के आशीर्वाद से रक्षाबंधन के पावन अवसर पर यह शुभ कार्य हो रहा है। एकात्म धाम में निर्मित होने वाली आध्यात्मिक संरचनाएं समाज में समरसता, सद्भाव, संस्कार और चरित्र निर्माण की भावना को मजबूत करेंगी।

    ओंकारेश्वर और उज्जैन देश-दुनिया में आध्यात्मिक प्रेरणा के केंद्र के रूप में विकसित होंगे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के पूर्व भव्य एकात्म यात्रा निकाली जाएगी, जिसका समापन सिंहस्थ के दौरान होगा। यह यात्रा देश और दुनिया तक भारतीय ज्ञान परंपरा, संत परंपरा और एकात्म दर्शन का संदेश पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर और उज्जैन दोनों ही धाम आंतरिक चेतना के केंद्र बन रहे हैं। ये दोनों स्थान केवल मध्यप्रदेश के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण भारत और दुनिया के लिए अप्रतिम आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायतन मंदिर धार्मिक आस्था के साथ भारतीय प्राचीन वास्तुकला और मूर्तिकला के पुनरुत्थान का भी महत्वपूर्ण उदाहरण बनेगा। पंचायतन उपासना का मूल संदेश यही है कि विभिन्न देव स्वरूपों में उसी एक परम ब्रह्म की उपासना की जाती है। यही भारतीय संस्कृति की एकात्म दृष्टि है। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर की धरती पर संतों के आशीर्वाद से निर्मित यह दिव्य धाम आने वाले समय में देश-दुनिया के श्रद्धालुओं और जिज्ञासुओं के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा का केंद्र बनेगा।

    पंचायतन मंदिर में पंचदेवों की उपासना

    प्राचीन पंचायतन शैली पर आधारित मंदिर के केंद्र में भगवान शिव का मुख्य देवालय होगा। चारों कोनों पर भगवान विष्णु, भगवान सूर्य, भगवान गणेश और भगवती शक्ति के उप-देवालय होंगे। मुख्य देवालय का शिखर ‘सोमतिलक’ शैली में होगा तथा गर्भगृह सर्वतोभद्र शैली में निर्मित किया जाएगा। मंदिर में चारों दिशाओं से प्रवेश की व्यवस्था होगी। मंदिर परिसर में 100 कलात्मक नक्काशीदार स्तंभ और 8 लघु संवर्णा स्थापित किए जाएंगे। मुख्य मंडप में 26 फीट व्यास का विशाल कलात्मक गुंबद होगा। मंदिर 16 फीट ऊंचे आधारभूत अधिष्ठान ‘जगति’ पर निर्मित होगा। संपूर्ण मंदिर 121 कलशों से सुशोभित होगा तथा निर्माण में लगभग 80 हजार घन फीट नक्काशीदार गुलाबी बलुआ पत्थर का उपयोग किया जा रहा है।

    प्राचीन नागर स्थापत्य का जीवंत उदाहरण

    पंचायतन मंदिर पारंपरिक नागर शैली में निर्मित किया जा रहा है। मंदिर का बाह्य वास्तु-विन्यास भद्र, कर्ण, प्रतिरथ, देवकोष्ठ और अलंकृत पट्टिकाओं के संयोजन से सुसज्जित होगा। भव्य तोरण-द्वार मंदिर की स्थापत्य सुंदरता को और निखारेंगे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत गण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और श्रद्धालु मौजूद थे।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव और रक्षा मंत्री  सिंह ने जबलपुर में टी-सीरीज टैंक के 472 करोड़ रूपये के ओव्हरहॉल प्रोजेक्ट का किया भूमि-पूजन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव और रक्षा मंत्री सिंह ने जबलपुर में टी-सीरीज टैंक के 472 करोड़ रूपये के ओव्हरहॉल प्रोजेक्ट का किया भूमि-पूजन

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और रक्षामंत्री  राजनाथ सिंह के सतत प्रयासों से भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। रक्षामंत्री  सिंह का संकल्प वज्र के समान अडिग है। उनके नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर दुनिया को नए भारत की शक्ति और पराक्रम का परिचय दिया है। रक्षामंत्री  सिंह केवल लक्ष्य तय नहीं करते, बल्कि उन्हें हासिल करने का विश्वास भी देते हैं। भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड के माध्यम से प्रदेश को मिली बड़ी सौगात के बाद अब जबलपुर में आरंभ हो रही "टी-सीरीज टैंक ओव्हरहॉल परियोजना" देश की रक्षा क्षमता को और मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना सिर्फ रक्षा आधुनिकीकरण नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत, सशक्त सेना और नए भारत के पराक्रम का प्रतीक भी है। रक्षाबंधन से एक दिन पहले आज जबलपुर की धरती से बॉर्डर की रक्षा के लिए नए प्रकल्प की शुरुआत हो रही है। आज जबलपुर को लगभग 475 करोड़ से अधिक लागत की नई परियोजना की सौगात मिली है। टी-सीरीज टैंक के ओव्हरहॉल प्रोजेक्ट के माध्यम से भारतीय सेना नए दौर में प्रवेश कर रही है। जबलपुर की आर्मर्ड फैक्ट्री ने अपने काम के बल पर देशभर में विशेष पहचान बनाई है। भविष्य में आने वाली चुनौतियों के चलते सेना को मजबूत बनाने के लिए मध्यप्रदेश स्थित अलग-अलग फैक्ट्रियों से उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय रक्षा मंत्री  सिंह की उपस्थिति में जबलपुर स्थित व्हीकल फैक्ट्री में टी सीरिज टैंक ओव्हरहॉल परियोजना के भूमि पूजन अवसर पर यह विचार व्यक्त किए। रक्षामंत्री  राजनाथ सिंह ने कहा कि डायनामिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहयोग के परिणाम स्वरूप भी मध्यप्रदेश में रक्षा मंत्रालय की कई परियोजनाएं समय-सीमा में आकार ले रही हैं।

    रक्षा क्षेत्र में निवेश से औद्योगिक विकास को मिलेगी गति

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय रक्षा मंत्री के माध्यम से मध्यप्रदेश को लगातार रक्षा क्षेत्र में नई सौगातें मिल रही हैं। भोपाल में बीईएमएल के माध्यम से महत्वपूर्ण परियोजना मिली है। प्रदेश में वंदे भारत सहित विभिन्न प्रकार के कोचों के निर्माण की दिशा में भी काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में निवेश से मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

    निवेश से बढ़ रहे रोजगार के अवसर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ प्रदेश की आर्थिक समृद्धि को गति देना है। उन्होंने कहा कि हाल ही में मालनपुर में लगभग 450 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली गोदरेज फैक्ट्री का लोकार्पण किया गया है। अब रक्षा क्षेत्र में पौने पांच सौ करोड़ रुपये की परियोजना की सौगात मिली है। इससे प्रदेश में निवेश की नई संभावनाएं बढ़ रही हैं।

    हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश शिक्षा, चिकित्सा, अधोसंरचना और निवेश सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश से 74 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात होना इस प्रगति का महत्वपूर्ण उदाहरण है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भविष्य के विकसित भारत के निर्माण में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है।

    युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार औद्योगीकरण पर दे रही है विशेष ध्यान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार औद्योगीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में औद्योगिक निवेश की गंगा बह रही है, जो हमारे लिए आर्थिक समृद्धि के द्वार खोलेगी। कल ही मालनपुर, भिंड में गोदरेज समूह के कारखाने का लोकार्पण किया गया है। मध्यप्रदेश शिक्षा, रोजगार, निवेश सहित हर क्षेत्र में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश का विदेशी निर्यात बहुत बढ़ा है। यह प्रदेश की आर्थिक समृद्धि की दिशा में बड़ी छलांग है।

    यूसीसी से हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्म के लोगों को मिलेंगे समान अवसर और अधिकार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उन बड़े राज्यों में से एक है, जिसने समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए विधानसभा में विधेयक पास किया है। यूसीसी से हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्म के लोगों को समान अवसर और अधिकार मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती, राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह सहित अनेक स्वतंत्रता सेनानियों के कारण जबलपुर की विरासत अत्यंत गौरवशाली रही है। रानी दुर्गावती ने अपनी वीरता और यु्द्ध कौशल के बल पर अनेकों लड़ाइयां जीती थीं। लेकिन नई तकनीक के कारण जीत का यह सिलसिला थम गया और रानी दुर्गावती ने अपने राज्य के लिए संघर्ष करते हुए बलिदान दिया था।

    मध्यप्रदेश में स्पेस, एयरो एंड डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने की रखी जा रही हैं मजबूत नींव

    केंद्रीय रक्षा मंत्री  सिंह ने कहा कि आज का दिन भारतीय सेना को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में रक्षा मंत्रालय को मध्यप्रदेश से पूरा सहयोग मिल रहा है। भोपाल में हुई जीआईएस के अवसर पर पारदर्शी एवं सुगम नीतियों को प्रदेश में लागू किया गया। यह उद्योग अनुकूल नीतियां राज्य में औद्योगिक इकाइयों को आकर्षित कर रही हैं। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में डिफेंस सेक्टर की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट और इसमें 16 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश राज्य की सोच को दर्शाता है। मध्यप्रदेश में स्पेस, एयरो एंड डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने की मजबूत नींव रखी जा रही हैं। रक्षा मंत्री  सिंह ने इन सभी उपलब्धियों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई और शुभकामनाएं दी।

    जबलपुर नई टेक्नोलॉजी के साथ डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग का बनेगा हब

    केंद्रीय रक्षा मंत्री  सिंह ने कहा कि जबलपुर में 'टी-सीरीज टैंक ओव्हरहॉल प्रोजेक्ट इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि जंग में इन्हीं टैंक के सहारे हमारे जवान दुश्मन को नेस्तनाबूत कर देते हैं। वैश्विक स्तर पर युद्ध की नई तकनीक विकसित हो चुकी है। ऐसे में सेना को निरंतर अपग्रेड रखना जरूरी है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक जंग के तरीकों में ड्रोन, मिसाइल और सायबर तकनीक शामिल हैं, लेकिन लड़ाई में आज भी टैंक की प्रासंगिकता खत्म नहीं हुई है। टैंक ग्राउंड ऑपरेशन में जवानों को आगे बढ़ने में मदद करते हैं। टैंक की भूमिका तकनीक के विकास के साथ बदल रही है। हमारे जवानों के पास ड्रोन भी हो और आधुनिक तकनीक वाले टैंक भी हों और दोनों के बीच बेहतर समन्वय हो, हम इसी रणनीति पर कार्य कर रहे हैं। जबलपुर की यह परियोजना स्थानीय लोगों को रोजगार और छोटे उद्यमियों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराएगी। जबलपुर नई टेक्नोलॉजी के साथ डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग में हब बनेगा।

    भारतीय सेना को शक्तिशाली बनाए रखने में टी-सीरीज टैंकों की भूमिका रही महत्वपूर्ण

    आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिडेट (एवीएनएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक  सत्यव्रत मुखर्जी ने कहा कि भारतीय सेना को शक्तिशाली बनाए रखने में टी-सीरीज टैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जबलपुर में इस परियोजना के माध्यम से प्रतिवर्ष 80 टैंकों को ओव्हरहॉल किया जा सकेगा। एवीएनएल जबलपुर सेना के लिए कई प्रकार के वाहन तैयार कर रही है।

    चार-पांच साल में सेना को दिए 4,400 टैंक

    केंद्रीय रक्षा मंत्री  सिंह ने कहा कि टी-72 और टी-90 टैंक भारतीय सेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और सीमाओं पर आयरन वॉल की तरह खड़े हैं। पिछले चार-पांच वर्षों में हेवी व्हीकल्स फैक्ट्री ने भारतीय सेना को करीब 4,400 टैंकों की आपूर्ति की है। उन्होंने एवीएनएल और इसके कर्मचारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

    केंद्रीय रक्षा मंत्री  सिंह ने कहा कि लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों में संचालन के कारण टैंकों को समय-समय पर रिपेयर और ओवरहॉलिंग की जरूरत होती है। वर्तमान में सेना को हर साल करीब 230 टैंकों की ओवरहॉलिंग की आवश्यकता है, जबकि अवाडी में 150 टैंकों की क्षमता है। 80 टैंकों का यह गैप राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण था, जिसे जबलपुर में नई क्षमता विकसित कर दूर किया जा रहा है।

    एवीएनएल के पास 25 साल से अधिक का अनुभव

    केंद्रीय रक्षा मंत्री  सिंह ने कहा कि आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (एवीएनएल) देश के रक्षा औद्योगिक ढांचे का महत्वपूर्ण स्तंभ है। एवीएनएल के पास टी-72 और टी-90 टैंकों की ओवरहॉलिंग का 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि संस्थान गुणवत्ता, उत्पादकता, नवाचार और ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस के नए मानक स्थापित करेगा।

    विदेशी सप्लाई चेन पर निर्भरता कम करना लक्ष्य

    केंद्रीय रक्षा मंत्री  सिंह ने कहा कि आधुनिक युद्ध में तकनीक, सूचना, सायबर डोमेन और सप्लाई चेन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए भारत अपने सैनिकों को महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों के लिए विदेशी सप्लाई चेन पर निर्भर नहीं रखना चाहता। उन्होंने कहा कि देश में ही हथियारों का निर्माण, उनकी रिपेयर और मेंटेनेंस, आधुनिक तकनीक से अपग्रेडेशन तथा नई क्षमताओं का विकास किया जाएगा। जबलपुर की यह परियोजना इसी आत्मनिर्भरता की मजबूत कड़ी है।

    मध्यप्रदेश को डिफेंस-एयरोस्पेस हब बनाने की दिशा में काम

    केंद्रीय रक्षा मंत्री  सिंह ने मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025, इन्वेस्ट एमपी 3.0 और उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण प्रदेश निवेश के आकर्षक केंद्र के रूप में उभर रहा है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में 373 हैक्टेयर भूमि पर रक्षा विनिर्माण की संभावनाएं और 16,960 करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्तावित निवेश प्रदेश की महत्वाकांक्षी सोच को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख डिफेंस एवं एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की मजबूत नींव रखी जा रही है। उन्होंने प्रोजेक्ट को तत्परता से पूरा करने की दृढ़ इच्छा शक्ति के लिए मुख्यमंत्री डॉ यादव और मध्य प्रदेश सरकार की सराहना की।

    कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, सांसद  आशीष दुबे, विधायक  अभिलाष मिश्रा, विधायक  अशोक रोहाणी, महापौर  जगत बहादुर अन्नू, रक्षा उत्पादन सचिव  संजीव कुमार तथा भारतीय सेना के अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीयजन उपस्थित थे। 

  • छात्राओं ने तिलक लगाकर राखी बांधी, एसपी ने सुरक्षा के साथ शिक्षा और आत्मविश्वास का दिया संदेश

    छात्राओं ने तिलक लगाकर राखी बांधी, एसपी ने सुरक्षा के साथ शिक्षा और आत्मविश्वास का दिया संदेश

    सिंगरौली

     रक्षाबंधन के पावन अवसर पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गुरुवार को स्नेह, अपनत्व और विश्वास का अनूठा संगम देखने को मिला। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैढ़न, उत्कृष्ट विद्यालय बैढ़न, सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, ई-कोल इंटरनेशनल स्कूल और संस्कार वैली विद्यालय की छात्राओं ने पुलिस अधीक्षक  षियाज के.एम. को राखी बांधकर रक्षाबंधन का पर्व उत्साह के साथ मनाया।