Category: मध्य प्रदेश

  • इंदौर में बिजली बिल भरने का नया तरीका, QR कोड स्कैन कर करें भुगतान और पाएं छूट

    इंदौर में बिजली बिल भरने का नया तरीका, QR कोड स्कैन कर करें भुगतान और पाएं छूट

    इंदौर
     पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली बिल भुगतान के लिए उपभोक्ताओं को एक और सुविधा दी है। अब कंपनी के डोर-टू-डोर बिल संग्रहण एजेंट क्यूआर कोड के माध्यम से भी उपभोक्ताओं से बिल की राशि प्राप्त करेंगे। यह राशि सीधे बिजली कंपनी के खाते में जमा होगी। कंपनी की इस सुविधा से हजारों एजेंटों के माध्यम से लाखों उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।

    क्यूआर कोड से भुगतान करने पर उन्हें कैशलेस छूट भी दी जाएगी। बिल जमा करने के लिए आने वाला एजेंट पहले की तरह नकद राशि लेकर ई-पद्धति से रसीद भी देगा। उसके पास बिजली कंपनी के जोन और वितरण केंद्र में कार्यरत होने का परिचय पत्र भी होगा।

    इस तरह होगा भुगतान
    यदि कोई उपभोक्ता ऑनलाइन भुगतान करना चाहता है या उसके पास खुले पैसे नहीं हैं तो डोर-टू-डोर एजेंट उसके आईवीआरएस नंबर पर क्यूआर कोड जनरेट करेगा। मोबाइल पर दिख रहे इस क्यूआर कोड को स्कैन करते ही उपभोक्ता को अपना नाम, कनेक्शन नंबर, पता, बिल राशि और बिजली कंपनी का नाम सहित पूरा विवरण दिखाई देगा। भुगतान होते ही बिजली खाता केंद्रीयकृत सर्वर के माध्यम से अपडेट हो जाएगा।

     

  • भोपाल में वक्फ संपत्ति विवाद ने पकड़ा तूल, दारुल शफकत समिति के अध्यक्ष पर FIR

    भोपाल में वक्फ संपत्ति विवाद ने पकड़ा तूल, दारुल शफकत समिति के अध्यक्ष पर FIR

    भोपाल
    शहर के शाहजहांनाबाद क्षेत्र में वक्फ की 2.7 एकड़ जमीन के बड़े हिस्से में अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। कब्जे के आरोप में दारुल शफकत सोसायटी के अध्यक्ष शाहिद अलीम खान व अन्य के विरुद्ध बुधवार को वक्फ बोर्ड द्वारा एफआइआर दर्ज कराई गई है।

    साथ ही संस्था को 28 करोड़ 91 लाख रुपये की वसूली का नोटिस जारी किया है। गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में मप्र वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने दावा किया कि नया वक्फ कानून प्रभावी होने के बाद देशभर में मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है, जिसमें इतनी बड़ी राशि का वसूली नोटिस जारी किया गया है।

    डॉ. पटेल ने बताया कि यह संपत्ति वर्ष 1961 से वक्फ के नाम गजट में अधिसूचित है। जमीन के कुछ हिस्से में समिति को अपनी संस्था संचालित करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन संस्था ने बड़े हिस्से में कब्जा कर लिया।

    संस्था द्वारा वर्ष 2004 के बाद वक्फ अधिनियम के अंतर्गत अपेक्षित अभिलेख, लेखाजोखा एवं प्रबंधन संबंधी जानकारी बोर्ड को उपलब्ध कराने में लगातार टालमटोल की गई।

    वर्ष 2023 में गठित वक्फ बोर्ड ने संस्था एवं संबंधित व्यक्तियों को विधिवत नोटिस जारी कर अभिलेख प्रस्तुत करने और अपना पक्ष रखने को कहा।

    जांच के दौरान सामने आया कि संबंधित वक्फ संपत्ति के संबंध में संस्था और उसके पदाधिकारियों द्वारा स्वयं को मालिक के रूप में प्रस्तुत किया गया।

    डॉ. पटेल ने बताया कि वक्फ की इस जमीन पर इज्तिमा बाजार भी लगाया जाता है, जिससे साल में दो से ढाई करोड़ रुपये की आय होती है, पर इसका उचित हिसाब वक्फ बोर्ड को नहीं दिया गया।

    वक्फ बोर्ड इज्तिमा बाजार के खिलाफ नहीं है, लेकिन बाजार का संचालन नियमों के अनुसार होना चाहिए। डॉ. पटेल ने कहा, मामले की जांच शाहिद अलीम खान तक सीमित नहीं रहेगी।

    सोसाइटी की कार्यकारिणी और संबंधित पदाधिकारियों, सदस्यों द्वारा लिए गए निर्णयों, पारित प्रस्तावों, अनुमोदनों, वित्तीय लेन-देन तथा वक्फ संपत्ति के संबंध में की गई गतिविधियों की भी जांच होगी।

     

  • हाईकोर्ट की DGP कैलाश मकवाना को फटकार, जज ने व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में बुलाया

    हाईकोर्ट की DGP कैलाश मकवाना को फटकार, जज ने व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में बुलाया

    जबलपुर 
    मध्यप्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना को कोर्ट की नाराजगी का शिकार होना पड़ा है। उन्हें अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा गया है। जबलपुर हाईकोर्ट ने एक मामले में डीजीपी कैलाश मकवाना सहित दो अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के रवैए पर कड़ी नाराजगी जताई। ​पुलिस विभाग की एक सेवानिवृत्त महिला सब-इंस्पेक्टर की रिकवरी नहीं लौटने पर कोर्ट ने यह सख्त रवैया अख्तियार किया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि तय समय सीमा में राशि वापस नहीं करने पर डीजीपी कैलाश मकवाना सहित सभी अधिकारियों को अगली सुनवाई में 28 सितंबर को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।

    जबलपुर हाईकोर्ट में सेवानिवृत्त महिला सब-इंस्पेक्टर लजवर खानम की याचिका पर सुनवाई चल रही है। उनकी 17 लाख की अवैध रिकवरी वापस न करने पर हाईकोर्ट ने डीजीपी कैलाश मकवाना सहित 3 अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर की। तीनों को अंतिम अवसर दिया है।

    हाईकोर्ट के जज विवेक जैन की एकल पीठ ने सेवानिवृत्त महिला सब-इंस्पेक्टर लजवर खानम के मामले में सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने आगामी 4 सप्ताह के भीतर पूरी राशि वापस करने के निर्देश दिए

    डीजीपी कैलाश मकवाना, ममतेश माली और शोभा भाकरिया को कोर्ट में उपस्थित होना होगा
    जज विवेक जैन की पीठ ने कहा कि यदि सेवानिवृत्त महिला सब-इंस्पेक्टर लजवर खानम की राशि तय समयावधि में वापस नहीं की जाती, तो डीजीपी कैलाश मकवाना, तत्कालीन भोपाल एसपी ममतेश माली और पेंशन अधिकारी शोभा भाकरिया को अगली सुनवाई कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। यह पेशी 28 सितंबर को रखी गई है।

    कोर्ट हर हाल में उसके आदेशों का पालन सुनिश्चित करना चाहती है
    हाईकोर्ट द्वारा डीजीपी कैलाश मकवाना को व्यक्तिगत रूप से तलब करने पर पुलिस विभाग में हलचल मच गई है। डीजीपी को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश का उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई किए जाने का मतलब तो नहीं है पर इससे वरिष्ठ अधिकारी दबाव में आ गए हैं। अदालत के सख्त रवैए से यह साफ हो गया है कि कोर्ट हर हाल में उसके आदेशों का पालन सुनिश्चित करना चाहती है। इसके साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करना चाहती है। इस नजरिए से हाईकोर्ट में केस की अगली सुनवाई अहम साबित होगी। कोर्ट का रुख, डीजीपी और राज्य सरकार के जवाब पर निर्भर करेगा।

     

  • कॉलर ने बंद किया सिग्नल, 21 दिन तक लापता रही चीता निर्वात; आखिरकार जंगल में मिली

    कॉलर ने बंद किया सिग्नल, 21 दिन तक लापता रही चीता निर्वात; आखिरकार जंगल में मिली

    श्योपुर 
    श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क से करीब 21 दिन पहले लापता हुई दक्षिण अफ्रीकी से लाई गई मादा चीता निर्वा आखिरकार सुरक्षित मिल गई। उसका सैटेलाइट कॉलर काम नहीं कर रहा था, जिस कारण सिग्नल मिलना बंद हो गया था। कूनो नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने चीता प्रोजेक्ट की उपलब्धियों को एक्स पर साझा करते हुए निर्वा की तलाश को बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि कॉलर से सिग्नल नहीं मिलने के बावजूद टीम ने लगातार प्रयास जारी रखे। करीब 21 दिन तक उसकी लोकेशन की पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी थी।

    कॉलर बंद होने से बढ़ी थी चिंता
    निर्वा के कॉलर से सिग्नल बंद होने के बाद उसकी निगरानी चुनौती बन गई थी। मानसून के दौरान जंगल में उसकी मौजूदगी और लगातार बदलते मौसम के बीच टीम के सामने उसे खोजने की चुनौती थी। आखिरकार उसकी लोकेशन ट्रेस की गई और उसे सुरक्षित वापस लाया गया।

    गायब होने पर दिल्ली तक पहुंची थी शिकायत
    निर्वा के लंबे समय तक ट्रेस नहीं होने और कॉलर खराब होने को लेकर वाइल्ड लाइफ वर्कर अजय दुबे ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री तथा एनटीसीए के सदस्य सचिव को लिखित शिकायत भी की थी। शिकायत में मामले की उच्च स्तरीय जांच और कॉलर की तकनीकी खराबी की जांच की मांग की गई थी।

    मां से अलग हुए दोनों शावक 
    निर्वा के साथ उसके नर और मादा शावक भी रह रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक दोनों शावक अब मां से अलग हो चुके हैं। वन विभाग के अनुसार यह चीतों के प्राकृतिक जीवनचक्र का हिस्सा है। जब शावक शिकार करने और स्वतंत्र रूप से जीवनयापन करने में सक्षम हो जाते हैं, तो वे मां से अलग होकर अपना अलग क्षेत्र तलाशने लगते हैं।

    तीन साल पहले भी गायब हो गई थी निर्वा
    निर्वा के लिए लापता होना पहली बार नहीं है। जुलाई 2023 में भी वह करीब 22 दिनों तक वन विभाग की निगरानी से बाहर रही थी। उस समय उसकी कॉलर आईडी से सैटेलाइट लोकेशन मिलनी बंद हो गई थी। बाद में करीब छह घंटे चले रेस्क्यू अभियान के बाद वन अमले ने उसे सुरक्षित पकड़ लिया था।

    राजस्थान के शाहबाद पहुंचा दूसरा चीता, दो बकरियों का किया शिकार
    उधर, कूनो पार्क की सरहद लांघ कर पिछले पांच दिनों से राजस्थान के शाहबाद इलाके में देखे जा रहे चीता की गंध का पीछा करते हुए दूसरा चीता भी वहां पहुंच गया है। गुरुवार को दोनों ने दो बकरियों का शिकार किया। वन विभाग की ट्रैकिंग टीमें लगातार उनका पीछा करते हुए उन पर नजर बनाए हुए हैं। उधर कूनो में मादा चीता केजेपी-1 और नर चीता केजीपी-3 के बीच नजदीकियां देखी जा रही हैं। उनके बीच मेटिंग की संभावना जताई जा रही है।

    कुत्तों की मौत के मामले में हैंडलर के खिलाफ विभागीय जांच
    कूनो में चीतों की निगरानी के लिए लाए गए खोजी कुत्तों बेल्जियम मेलिनोइस प्रजाति के इलू और रूबी की मौत के मामले में हैंडलर के खिलाफ वन विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू की है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वाइल्ड लाइफ के अधिकारियों के द्वारा जानकारी दी गई है कि उनके पास अभी इस तरह के ट्रेंड 16 डाग स्कावड की टीमें हैं। जिन्हें जरूरत पड़ने पर पूरे प्रदेश भर में उपयोग किया जाता है।

     

    स्निफर डॉग की मौत का मामला भी उठा
    शिकायत में कूनो में स्निफर डॉग इलू और रूबी की मौत का मामला भी उठाया गया है। दोनों मामलों में प्रबंधन की कथित लापरवाही की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही कूनो में वन्यजीवों के शिकार के मामलों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग भी की गई है।

    निर्वा के सुरक्षित मिलने के बाद फिलहाल चीता प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के लिए यह राहत की खबर है। हालांकि, उसके कॉलर ने सिग्नल क्यों देना बंद किया और इतने दिनों तक उसकी लोकेशन क्यों नहीं मिल सकी, इसे लेकर उठे सवालों का जवाब जांच से ही स्पष्ट होगा।

  • महापौर ने सफाईमित्र बहनों संग मनाया रक्षाबंधन, सम्मान कर बताया शहर की स्वच्छता का आधार

    महापौर ने सफाईमित्र बहनों संग मनाया रक्षाबंधन, सम्मान कर बताया शहर की स्वच्छता का आधार

    इंदौर 

    महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सुदामा नगर स्थित निवास पर शहर की सफाई व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली सफाई मित्र बहनों से राखी बंधवाकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया।महापौर भार्गव ने सफाई मित्र बहनों का आत्मीय स्वागत करते हुए उनसे राखी बंधवाई और उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सफाई मित्र बहनें रोजाना अपने परिश्रम और समर्पण से इंदौर को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उनका सम्मान करना और उनके साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाना उनके लिए गर्व का विषय है।

    उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि स्नेह, सम्मान और जिम्मेदारी के रिश्ते को मजबूत करने का अवसर भी है। सफाई मित्र बहनें जिस समर्पण के साथ शहर की सेवा कर रही हैं, वह सभी के लिए प्रेरणादायी है।

    इंदौर की स्वच्छता की पहचान के पीछे सफाई मित्रों की मेहनत सबसे बड़ी ताकत है। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा। इस दौरान सफाई मित्र बहनों ने भी महापौर को राखी बांधकर उनके स्वस्थ एवं सफल जीवन की कामना की। महापौर ने सभी बहनों के साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं और उनके प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त किया।

  • रील्स से बूथ तक BJP की नई रणनीति, ओरछा में तय होगा MP चुनाव 2028 का रोडमैप

    रील्स से बूथ तक BJP की नई रणनीति, ओरछा में तय होगा MP चुनाव 2028 का रोडमैप

    ओरछा
     भाजपा की नई प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक ऐतिहासिक नगरी ओरछा में 30-31 अगस्त को आयोजित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव 'मिशन-2028' के लिए सांगठनिक रोडमैप तैयार करना है। इस बार भाजपा युवा पीढ़ी के बीच अपनी पैठ बढ़ाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करेगी, ताकि नई पीढ़ी के मतदाताओं के साथ प्रभावी संवाद किया जा सके।

    स्थानीय निकाय और सहकारिता चुनावों को लेकर भी इस बैठक में रणनीति तय की जाएगी। एक अन्य लक्ष्य आगामी महीनों के लिए पार्टी का संगठनात्मक एजेंडा तय करना और राज्य की राजनीतिक व चुनावी चुनौतियों पर रणनीति बनाना है।

    सांगठनिक पकड़ पर जोर
    फिलहाल भाजपा का मुख्य फोकस संगठन की पकड़ को मजबूत करना है। पार्टी नेताओं के अनुसार संगठन को जमीनी स्तर पर अधिक सक्रिय बनाने के लिए कार्यसमिति के सभी 106 सदस्यों को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की अहम जिम्मेदारियां भी सौंपी जा सकती हैं। पार्टी का जोर हर विधानसभा क्षेत्र में बूथ स्तर तक संगठन का विस्तार करने पर भी रहेगा।

    हर बूथ, सबसे मजबूत अभियान के तहत जमीनी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के साथ विपक्षी दलों के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों में पार्टी का प्रभाव बढ़ाने की योजना बनाने पर संगठन विचार कर रहा है।

    युवाओं पर फोकस
    साथ ही, नई पीढ़ी के सोच और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए उनसे संपर्क और संवाद करने की नई रूपरेखा तैयार की जाएगी। भाजपा जैसी बड़ी राजनीतिक पार्टी के लिए नई पीढ़ी- विशेषकर जेन जी (1997-2012 के बीच जन्मे) और जेन-अल्फा (2013 के बाद जन्मे बच्चों) को आकर्षित करना एक बड़ी चुनौती और अवसर दोनों हैं।

    इस पीढ़ी का सोच, भाषा और तकनीक का उपयोग पिछली पीढ़ियों से बिल्कुल अलग है। यह पीढ़ी लंबे भाषण नहीं सुनती। इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉट्स और मोज जैसे एप पर 15 से 30 सेकंड के आकर्षक, रचनात्मक और म्यूजिकल वीडियो के जरिये सरकारी योजनाओं और विचारधारा को इस वर्ग तक पहुंचाया जाएगा।

    यूट्यूबर्स, इंफ्लुएसंर्स को जोड़ने की तैयारी
    यह भी विचार किया जा रहा है कि पारंपरिक नेताओं के बजाय, मध्य प्रदेश के स्थानीय यू-ट्यूबर, गेमर, ट्रैवल ब्लागर, रील्स मेकर और एजुकेटरों को पार्टी अपने साथ जोड़ सकती है। ये इन्फ्लुएंसर सीधे राजनीति की बात न करके, राज्य के विकास, पर्यटन जैसे ओरछा, खजुराहो का विकास और युवाओं के लिए बनी योजनाओं पर बात करेंगे, जिससे नई पीढ़ी सहज महसूस करे। नई पीढ़ी पर्यावरण को लेकर काफी संवेदनशील है।

    कॉलेज में ग्रीन क्लब, युवा हेल्पलाइन पर भी विचार
    'एक पेड़ मां के नाम' जैसी मुहिम को और आधुनिक बनाकर कॉलेज स्तर पर ग्रीन-क्लब्स बनाए जाने का भी विचार है।
    एक विचार यह भी आया है कि पार्टी ऐसे प्लेटफॉर्म या हेल्पलाइन तैयार करे, जो राजनीति से दूर युवाओं के मानसिक तनाव, परीक्षा के दबाव और करियर गाइडेंस पर काम करे। इससे पार्टी की छवि युवाओं की चिंता करने वाले एक संगठन के रूप में भी बनेगी।

     

  • इंदौर में कथित पहचान छिपाकर दोस्ती का मामला, वारिश पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप

    इंदौर में कथित पहचान छिपाकर दोस्ती का मामला, वारिश पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप

    इंदौर 

    इंदौर में फिर लव जिहाद का मामला सामने आया है। एक युवक ने अपनी पहचान छिपाकर युवती से दोस्ती की। उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और ब्लैकमेल कर धर्म बदलने का दबाव बनाया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। 

    आरोपी का नाम वारिश है, लेकिन उसने वीरू बताकर लसूडिया क्षेत्र में रहने वाली युवती से दोस्ती की थी। छह महीने तक दोनों मिलते रहे और फिर आरोपी युवती को फिल्म दिखाने के बहाने होटल में ले गया। वहां उसने शारीरिक संबंध बनाए और उसके वीडियो भी बना लिए।

    युवती ने वीडियो हटाने के लिए कहा, लेकिन आरोपी ने फोटो नहीं हटाए। युवती ने युवक से शादी की बात की तो उसने दूरी बनाना शुरू कर दी। इस बीच युवती को पता चला कि वह दूसरी युवती से शादी करना चाहता है।

    बाद में वारिश ने युवती से कहा कि वह शादी करने के लिए तैयार है, लेकिन वह मुस्लिम है और उसे धर्म बदलना होगा। इसके बाद युवती ने कहा कि वह पुलिस से उसकी शिकायत करेगी तो आरोपी ने युवती के आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देना शुरू कर दी। 

    इसके बाद युवती ने चुप्पी साध ली, लेकिन कुछ दिनों पहले पता चला कि आरोपी ने युवती के फोटो वायरल कर दिए हैं। इसके बाद युवती ने यह बात अपनी बहन को बताई। बहन ने थाने में जाकर शिकायत करने की सलाह दी। इसके बाद युवती थाने पहुंची और आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया। पुलिस ने अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • बहनों ने CM डॉ. यादव को बांधे रक्षा सूत्र, माउंट आबू में होने वाली संगोष्ठी का दिया निमंत्रण

    बहनों ने CM डॉ. यादव को बांधे रक्षा सूत्र, माउंट आबू में होने वाली संगोष्ठी का दिया निमंत्रण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बहनों ने बांधे रक्षा सूत्र

    माउंट आबू में हो रही संगोष्ठी का आमंत्रण भी दिया

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय प्रजापिता विश्वविद्यालय से जुड़ी बहनों ने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर राखी बांधी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आशीर्वाद स्वरूप ब्रह्मकुमारी बहनों ने एक स्लोगन कार्ड दिया जिसमें कहा गया है कि "आप समर्थ संकल्पों के माध्यम से व्यर्थ के विषयों को समाप्त करने वाली श्रेष्ठ आत्मा हैं।"

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को माउंट आबू स्थित ब्रह्मकुमारी संस्था के मुख्यालय में 18 से 20 सितंबर तक होने वाली माइंड बॉडी मेडिसिन संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में पधारने का आमंत्रण भी दिया गया। यह संगोष्ठी ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा ग्लोबल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित की जा रही है। 

  • सेफ्टी वॉल से टकराई बस, खिड़कियां टूटते ही नीचे गिरे यात्री; 4 की दर्दनाक मौत

    सेफ्टी वॉल से टकराई बस, खिड़कियां टूटते ही नीचे गिरे यात्री; 4 की दर्दनाक मौत

     राजगढ़ 
    एमपी के राजगढ़ में बड़ा हादसा हुआ है। एबी रोड पर हुए इस हादसे में अभी तक 4 यात्रियों की मौत की सूचना है। यहां स्लीपर बस हादसे का शिकार हो गई। घुमावदार ब्रिज पर बस रगड़ा हुए चली जिससे या​त्री संभल नहीं सके और नीचे गिरते गए। स्लीपर बस से यात्री ब्रिज से नीचे गिरते चले गए। कई यात्री घायल भी हुए हैं। सुबह घूमने निकले लोगों के सामने यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बस से यात्रियों को गिरते देखा। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और एंबुलेंस को भी बुलाया। हालांकि एंबुलेंस कुछ लेट पहुंची।

    ब्यावरा के भोपाल बायपास पर स्लीपर कोच बस तिरछी हो गई। बस रगड़ाते हुए चली। 90 डिग्री के घुमावदार ब्रिज पर बस तिरछी होकर रगड़ाती गई। इससे ऊपर सो रहे लोग नीचे गिरते गए।

    सुबह घूम रहे लोेगों के सामने यह दुर्घटना घटी। मार्निंग वॉक पर निकले प्रत्यक्षदर्शी एडवीकेट अंकुर राजन ने बताया कि घटना सुबह करीब 7:35 की है। मेरे सामने से बस से 3 यात्री नींद में अपर बर्थ से कांच टूटकर बाहर नीचे की और गिरे। तुरंत सूचना पर भी 30 मिनट तक एम्बुलेंस नहीं पहुंची।

    सूचना मिलते ही एसपी अमित तोलानी, एसडीम गोविंद दुबे मौके पर पहुंच गए
    हादसे की सूचना मिलते ही एसपी अमित तोलानी, एसडीम गोविंद दुबे मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घायलों का हालचाल भी जाना। हादसे की भयावहता यह है कि नींद में लोग समझ ही नहीं पाए कि आखिरकार हुआ क्या है! अपर बर्थ से यात्री सीधे नीचे गिर गए।

    कइे यात्री और महिला व बच्चे बदहवास से हो गए
    रक्षाबंधन पर हुए इस बस हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया है। सभी यात्री पर्व मनाने के लिए अपने अपने घर जा रहे थे। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई। कइे यात्री और महिला व बच्चे बदहवास से हो गए। इधर घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया। अनेक पुलिसकर्मी भी घायलों की मदद करते दिखाई दिए। चिकित्सकों और स्टाफ नर्स आदि ने प्राथमिकता से उनका उपचार ​करना प्रारंभ किया। घायल यात्रियों के परिजनों को मोबाइल कर हादसे की जानकारी दी गई है। कुछ परिजन अस्पताल भी आ चुके हैं।

  • रक्षाबंधन पर महाकाल के दरबार में खास परंपरा, सबसे पहले बाबा को बांधी गई 2 फीट लंबी राखी

    रक्षाबंधन पर महाकाल के दरबार में खास परंपरा, सबसे पहले बाबा को बांधी गई 2 फीट लंबी राखी

    उज्जैन 

    रक्षाबंधन के पावन पर्व पर कालों के काल बाबा महाकाल के दरबार में अद्भुत और अलौकिक दृश्य देखने को मिला। सनातन परंपरा के अनुसार सभी त्योहारों की शुरुआत महाकाल की नगरी से ही होती है। इसी कड़ी में आज श्रावण पूर्णिमा के अंतिम दिन तड़के 3 बजे होने वाली भस्म आरती के दौरान सबसे पहले बाबा महाकाल को रक्षासूत्र (राखी) बांधी गई। मान्यता है कि सृष्टि में पहला रक्षासूत्र बाबा महाकाल को ही अर्पित किया जाता है और जिन बहनों का कोई भाई नहीं होता, वे महाकाल को ही अपना भ्राता मानकर रक्षाबंधन मनाती हैं।

    इस बार बाबा महाकाल को विशेष रूप से तैयार की गई 6 आकर्षक राखियां अर्पित की गईं। पुजारी परिवार की ओर से रागिनी शर्मा द्वारा बनाई गई 1.5 से 2 फीट की विशेष दिव्य राखी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। इस राखी में शैव और वैष्णव परंपरा का सुंदर संगम दिखा, जिसमें कांच वर्क, रुद्राक्ष, त्रिनेत्र, ॐ और त्रिपुंड के साथ-साथ भगवान श्री कृष्ण के प्रिय मोर पंख और गौ माता की आकृति को भी समाहित किया गया था।

    सवा लाख लड्डुओं के भोग से खुला एक माह का उपवास
    भस्म आरती में पंचामृत अभिषेक और भव्य शृंगार के बाद बाबा महाकाल को शुद्ध घी और बेसन से बने सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया गया। मंदिर परिसर में ही बीते एक सप्ताह से पुजारी परिवार द्वारा यह प्रसादी तैयार की जा रही थी। पुजारी पं. ओम गुरु और पं. राघव गुरु ने बताया कि रक्षाबंधन पर बाबा को लगाए जाने वाले इस महाभोग की खास मान्यता है। पूरे श्रावण मास व्रत और उपवास रखने वाले भक्त भस्म आरती के बाद बाबा की इसी महाप्रसादी को ग्रहण कर अपना एक माह का उपवास खोलते हैं।
    रक्षाबंधन के अवसर पर भगवान महाकाल को सवा लाख लड्डुओं का महाभोग भी लगाया गया। धार्मिक मान्यता है कि जो श्रद्धालु पूरे श्रावण मास में व्रत और उपवास रखते हैं, वे श्रावणी पूर्णिमा पर भगवान महाकाल के लड्डू प्रसाद को ग्रहण कर अपना उपवास खोलते हैं। अधिक से अधिक श्रद्धालुओं तक प्रसाद पहुंच सके, इसके लिए पुजारी परिवार की ओर से बाबा महाकाल को सवा लाख लड्डुओं का भोग लगाया गया। रक्षाबंधन के मौके पर महाकाल मंदिर में हुई विशेष पूजा-अर्चना श्रद्धालुओं के लिए आस्था और परंपरा का खास आकर्षण बनी रही।

    भस्म आरती में उमड़ा जनसैलाब
    श्रावण के अंतिम दिन और रक्षाबंधन के संयोग पर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने के लिए देर रात से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा था। भस्म आरती के दौरान पूरे मंदिर परिसर में 'जय श्री महाकाल' के उद्घोष गूंजते रहे। पंडे-पुजारियों की बहनों और देश-विदेश से आई महिला श्रद्धालुओं ने महाकाल को राखी अर्पित कर अपने भाइयों की लंबी उम्र, समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की।

    रात 2 बजे मंदिर पहुंचीं महिलाएं
    राखी बांधने के लिए पुजारी ओम गुरु और राजेश शर्मा के परिवार की महिलाएं रात करीब 2 बजे ही मंदिर पहुंच गई थीं। भस्म आरती के दौरान राखी बांधने तक उन्होंने मंत्रोच्चार किया। भस्म अर्पित होने के बाद विशेष राखी बाबा महाकाल को समर्पित की गई।राखी बांधने के बाद महिलाओं ने मंदिर से मिले प्रसाद से अपना व्रत खोला। इसके बाद उन्होंने अपने परिवार के भाइयों को राखी बांधी।

    रेशमी कपड़े, मोर पंख और रुद्राक्ष से सजाई राखी
    पुजारी आकाश गुरु ने बताया कि करीब 2 फीट की इस विशेष राखी को रेशमी कपड़े, रेशमी धागे और आभूषणों से तैयार किया गया है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के प्रिय मोर पंख और गौ माता को भी स्थान दिया गया है।

    राखी को आकर्षक बनाने के लिए इसमें कांच वर्क, मोर पंख और रुद्राक्ष का इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही बाबा महाकाल के प्रिय त्रिनेत्र, ॐ और त्रिपुंड को भी राखी के डिजाइन में शामिल किया गया है।

    राखी बनाते समय किया मंत्र जाप
    पुजारी परिवार की महिलाओं ने राखी तैयार करते समय भी धार्मिक परंपराओं का पालन किया। राखी निर्माण के दौरान वे लगातार ‘जय महाकाल’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करती रहीं। करीब एक सप्ताह की मेहनत से तैयार इस राखी को रक्षाबंधन की भस्म आरती में बाबा महाकाल को अर्पित किया गया।