Category: मध्य प्रदेश

  • अब स्कूलों में पढ़ेंगे AI! MP में 1848 स्कूल चयनित, 1 सितंबर से ऑनलाइन क्लास का आगाज

    अब स्कूलों में पढ़ेंगे AI! MP में 1848 स्कूल चयनित, 1 सितंबर से ऑनलाइन क्लास का आगाज

    भोपाल

    मध्य प्रदेश के शासकीय हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में नौवीं के विद्यार्थियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहायक (एआइ असिस्टेंट) का व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश के 1848 सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आइसीटी) विद्यालयों में यह पाठ्यक्रम संचालित होगा।

    इसकी ऑनलाइन कक्षाएं एक सितंबर से शुरू की जाएंगी। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह पाठ्यक्रम उन स्कूलों में शुरू किया जाएगा, जहां पर आइसीटी लैब है।

    कक्षाएं ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से संचालित होंगी

    निर्देशित किया गया है कि एआइ असिस्टेंट पाठ्यक्रम से संबंधित वीडियो स्कूल शिक्षा विभाग विमर्श पोर्टल पर यूट्यूब माध्यम से स्मार्ट कक्षा में विद्यार्थियों को दिखाए जाएंगे। सप्ताह में तीन दिन सैद्धांतिक कक्षाएं ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से संचालित होंगी। सोमवार और बुधवार को नए पाठ के वीडियो प्रदर्शित किए जाएंगे और विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान कराया जाएगा। तीसरी कक्षा भी निर्धारित समय-सारणी के अनुसार संचालित की जाएगी।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव लांजी में जन विश्वास अभियान अंतर्गत प्रबुद्धजनों से करेंगे संवाद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव लांजी में जन विश्वास अभियान अंतर्गत प्रबुद्धजनों से करेंगे संवाद

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 29 अगस्त बालाघाट जिले के लांजी में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान अंतर्गत कन्या छात्रावास एवं उत्कृष्ट विद्यालय का निरीक्षण करेंगे। उत्कृष्ट विद्यालय में प्रबुद्धजनों एवं मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लांजी के पास ग्राम कोरका, बोंदारी भी जाएंगे। वे इन गांवों में बिमारी से पीड़ित परिवारों से मिलेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 29 अगस्त को प्रात: 8:40 बजे इंदौर से वायुयान द्वारा प्रस्थान कर प्रात: 9:50 बजे बिरसी-गोंदिया हवाई पट्टी पहुचेंगे और वहां से प्रात: 10 बजे लांजी के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रात: 10:30 बजे लांजी से कोरका के लिए प्रस्थान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रात: 11:20 बजे कोरका पहुंचेंगे और स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। दोपहर 12:20 बजे वे कोरका से लांजी के लिए प्रस्थान करेंगे। लांजी में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वे दोपहर 2:25 बजे लांजी से हेलीकाप्टर द्वारा बिरसी-गोंदिया हवाई पट्टी के लिए रवाना होंगे और दोपहर 2:40 बजे बिरसी पहुचेंगे तथा वहॉ से दोपहर 2:45 बजे वायुयान द्वारा नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

     

  • महिलाओं की बढ़ी डिजिटल पहुंच, तीन साल में इंटरनेट उपयोग 10.8% से बढ़कर 68.6% हुआ

    महिलाओं की बढ़ी डिजिटल पहुंच, तीन साल में इंटरनेट उपयोग 10.8% से बढ़कर 68.6% हुआ

    ग्वालियर
    चूल्हे-चौके से निकलकर अब जिले की महिलाएं डिजिटल दुनिया में अपनी मजबूत धाक जमा रही हैं। स्मार्टफोन की स्क्रीन पर दुनिया मुट्ठी में करने की ललक इस कदर है कि इंटरनेट के इस्तेमाल में जिले की महिलाओं ने अभूतपूर्व छलांग लगाई है। पिछले महज तीन सालों में इंटरनेट चलाने वाली महिलाओं की संख्या में छह गुना से अधिक का जबर्दस्त इजाफा हुआ है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि आधी आबादी के सशक्त, जागरुक और स्मार्ट होने की एक दमदार तस्वीर है, जिसने पूरे ग्वालियर-चंबल संभाग में अशोकनगर को विकास के नए पायदान पर खड़ा कर दिया है। हाल ही में जारी हुए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 के ताजा आंकड़ों ने महिलाओं में आए इस सुखद और क्रांतिकारी बदलाव का खुलासा किया है।

    छह गुना बढ़ी रफ्तार, पुरुषों को दे रही हैं टक्कर
    सर्वेक्षण के मुताबिक, तीन साल पहले (एनएफएचएस-5 के समय) जिले में मात्र 10.8 प्रतिशत महिलाएं ही इंटरनेट का उपयोग करती थीं। जो अपने आप में एक बेहद चिंताजनक आंकड़ा था। लेकिन अब यह आंकड़ा 57.8 प्रतिशत के ऐतिहासिक उछाल के साथ 68.6 प्रतिशत पर पहुंच गया है। यानी अब जिले की हर 10 में से करीब 7 महिलाएं इंटरनेट से जुड़ चुकी हैं। वहीं, पुरुषों की बात करें तो इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले पुरुषों का आंकड़ा तीन साल में 54.6 प्रतिशत से बढक़र 78.2 प्रतिशत हुआ है। आंकड़े साफ गवाही दे रहे हैं कि वृद्धि की रफ्तार में महिलाओं ने पुरुषों को बहुत पीछे छोड़ दिया है।

    पर्सनल स्मार्टफोन रखने में भी दिखा गजब का उत्साह
    डिजिटल साक्षरता के साथ-साथ आत्मनिर्भरता भी बढ़ी है। वर्ष 2019-21 में जिले में केवल 20.2 प्रतिशत महिलाओं के पास अपना खुद का मोबाइल था, लेकिन मात्र तीन साल में यह संख्या बढक़र अब 36.9 प्रतिशत हो गई है। खुद का मोबाइल होने से महिलाओं की सूचनाओं तक सीधी पहुंच सुनिश्चित हुई है।

    ग्वालियर-चंबल संभाग में अशोकनगर बना सिरमौर
    ग्वालियर व चंबल संभाग के अन्य जिलों की तुलना में अशोकनगर का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा है। संभाग में इंटरनेट उपयोग करने वाली महिलाओं की संख्या में तीन साल के भीतर सबसे ज्यादा 57.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी अकेले अशोकनगर में दर्ज की गई है, जो पूरे संभाग में सर्वाधिक है।

    क्या कहते हैं आंकड़े
    यह बदलाव बताता है कि जिले की महिलाएं अब सूचना, शिक्षा, बैंकिंग और मनोरंजन के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं हैं। डिजिटल क्रांति की यह बयार न सिर्फ उन्हें दुनिया से जोड़ रही है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई उड़ान दे रही है। यह जिले के लिए एक बेहद सकारात्मक संकेत है।

  • CM मोहन यादव करेंगे लैपटॉप राशि ट्रांसफर, MP के 80 हजार से ज्यादा छात्रों को मिलेगा लाभ

    CM मोहन यादव करेंगे लैपटॉप राशि ट्रांसफर, MP के 80 हजार से ज्यादा छात्रों को मिलेगा लाभ

    भोपाल

     मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 12वीं कक्षा के मेधावी विद्यार्थियों को लैपटाप की राशि एक सितंबर को प्रदान की जाएगी। प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को लैपटाप खरीदने के लिए 25 हजार रुपये दिए जाएंगे।

    इस वर्ष करीब 80,197 विद्यार्थी इस योजना के तहत पात्र हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में एक सितंबर को कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर तीन बजे सीधे राशि अंतरण करेंगे।
    बैंक खाते में 25 हजार की राशि जमा की जाती है

    इस योजना के तहत सरकार विद्यार्थियों को सीधे लैपटाप उपलब्ध नहीं कराती है। इसके बजाय प्रत्येक पात्र विद्यार्थी के बैंक खाते में 25 हजार रुपये की राशि जमा की जाती है। विद्यार्थी इस राशि से अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार लैपटाप खरीद सकते हैं।

    75 प्रतिशत अंक वाले विद्यार्थी होंगे पात्र

    इस योजना का लाभ उन्हीं विद्यार्थियों को मिलेगा, जिन्होंने 12वीं की परीक्षा पहले प्रयास में उत्तीर्ण की है और कम से कम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। द्वितीय प्रयास में परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थी इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ लेने के लिए विभाग द्वारा निर्धारित अन्य शर्तों को भी पूरा करना होगा।

    पहले 85 प्रतिशत अंक थे जरूरी

    मेधावी विद्यार्थियों को लैपटाप खरीदने के लिए आर्थिक सहायता देने वाली इस योजना की शुरुआत वर्ष 2009-10 में हुई थी। उस समय योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों के लिए 85 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी था। बाद में सरकार ने पात्रता सीमा को घटाकर 75 प्रतिशत कर दिया। इससे बड़ी संख्या में मेधावी विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलने लगा। पिछले साल 94 हजार विद्यार्थी शामिल थे।

     

  • भोपाल बायपास ओवरब्रिज पर मौत का सफर, स्लीपर बस हादसे में 4 की मौत और 12 घायल

    भोपाल बायपास ओवरब्रिज पर मौत का सफर, स्लीपर बस हादसे में 4 की मौत और 12 घायल

    भोपाल

    मृतकों में कर्नाटक के बेंगलुरु में पदस्थ साइबर क्राइम इंस्पेक्टर भी शामिल हैं। हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान रवि केबी (45) पिता बसप्पा निवासी बेंगलुरु, विकास पिता अवध नारायण शुक्ला निवासी फतेहपुर यूपी, ज्योतिरादित्य सिंह पिता विक्रम सिंह गोड निवासी बिजवाड़ और बेलाल अली पिता कलीमुल्लाह निवासी गोपालगंज बिहार के रूप में हुई है।

    एक आरोपी को पकड़ने के लिए इंदौर जा रहे थे

    रवि केबी बेंगलुरु साउथईस्ट साइबरक्राइम स्टेशन में इंस्पेक्टर के पद पर थे। जानकारी के अनुसार वे अपनी टीम के साथ साइबरक्राइम जांच के सिलसिले में एक आरोपी को पकड़ने के लिए इंदौर जा रहे थे। उनकी टीम के दो सदस्य विश्वनाथ और रमेश नायक भी इस हादसे में घायल हुए हैं।
    घायलों में जौनपुर, कानपुर, अलीगढ़, सीतापुर, मथुरा और बेंगलुरु के यात्री

    बस में सवार घायलों में जौनपुर, कानपुर, अलीगढ़, सीतापुर, मथुरा और बेंगलुरु के यात्री शामिल हैं। सभी को ब्यावरा सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर घायलों को भोपाल रेफर किया गया है। घायलों में अमित कुमार, मीनू सिंह, रक्षित सिंह, सुरेंद्र प्रताप सिंह, रवि शर्मा, पार्थ शर्मा, सुमन शर्मा, श्रीनिवास, केशव, रमेश नायक, सोनू और विश्वनाथ, गुड्डू पिता कंवरलाल कुशवाह निवासी सीतापुर यूपी शामिल हैं। हादसे की वजह तेज रफ्तार बताई जा रही है।
    अनियंत्रित होकर तिरछी हो गई और सेफ्टी वॉल से रगड़ती हुई चली गई बस

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस ओवरब्रिज के घुमावदार मोड़ पर पहुंची तो अनियंत्रित होकर तिरछी हो गई और सेफ्टी वॉल से रगड़ती हुई चली गई। बस में सवार सीतापुर निवासी सोनू रस्तोगी ने बताया कि वह तीसरी बर्थ पर सो रहे थे, पेशाब करने के लिए उठे और ड्राइवर से बस रोकने को कहा, तभी बस टकरा गई।

    घुमावदार पुल बना हादसों का ब्लैक स्पॉट, तकनीकी जांच की मांग

    ब्यावरा का भोपाल बायपास ओवरब्रिज लगातार हादसों का कारण बन रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह पुल शुरू से ही घुमावदार बना हुआ है और मोड़ पर सेफ्टी वॉल व डिवाइडर की ऊंचाई और डिजाइन वैज्ञानिक नहीं है। तेज रफ्तार वाहनों के लिए यहां अचानक टर्न आ जाता है, जिससे वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं।

    पुल की तकनीकी खामी की जांच की मांग

    स्थानीय लोगों के अनुसार इस पुल पर पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। अक्सर बस और ट्रक यहां डिवाइडर से टकरा जाते हैं। नागरिकों ने मांग की है कि इस पुल की तकनीकी खामी की जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।

    लोगों का कहना है कि जब तक पुल की डिजाइन में सुधार, स्पीड ब्रेकर, संकेतक बोर्ड और रिफ्लेक्टर नहीं लगेंगे, तब तक हादसे नहीं रुकेंगे। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस के साथ मिलकर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला।

    राज्य मंत्री नारायण सिंह पंवार तुरंत अस्पताल पहुंचे

    घटना की सूचना मिलते ही राज्य मंत्री नारायण सिंह पंवार तुरंत अस्पताल पहुंचे और घायलों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने हादसे पर दुख जताया है और कहा कि यह बेहद दुखद घटना है, रक्षाबंधन के दिन घर जा रहे लोगों के साथ ऐसा हादसा मन को व्यथित करने वाला है।

    परिजनों को हर संभव मदद के निर्देश

    प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज और मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद के निर्देश दिए हैं। पुल पर लगातार हो रहे हादसों की तकनीकी जांच की मांग को भी गंभीरता से लेकर संबंधित विभाग से बात की जाएगी।वहीं इस घटना को लेकर एसपी अमित तोलानी भी राजगढ़ से ब्यावरा पहुंचे।

     

  • MP के हर जिले में बारिश का येलो अलर्ट, मौसम विभाग ने किया सतर्क

    MP के हर जिले में बारिश का येलो अलर्ट, मौसम विभाग ने किया सतर्क

    भोपाल

     बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवात ने प्रदेश में नमी की मजबूत सप्लाई लाइन तैयार कर दी है। इसके असर से राज्य का मौसम दो हिस्सों में बंट गया है जहां पूर्वी इलाकों में बादल जमकर बरस रहे हैं, वहीं पश्चिमी हिस्से सिर्फ फुहारों और बौछारों से तरबतर हैं। इस मानसूनी हलचल और बादलों के डेरे से दिन के तापमान में एक से छह डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई।

    नरसिंहपुर में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई

    शुक्रवार को दिनभर रुक–रुक कर हुई वर्षा में नरसिंहपुर 34 मिलीमीटर और सागर 33 मिलीमीटर पानी के साथ सबसे आगे रहे। इसके अलावा जबलपुर में 23, नर्मदापुरम में 17, दमोह में 13 और टीकमगढ़ में 11 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। राजधानी भोपाल, इंदौर–उज्जैन संभाग के पश्चिमी बेल्ट में हल्की बूंदाबांदी से ही संतोष करना पड़ा।

    पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट, पूर्वी जिलों में बढ़ेगी तेजी

    मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बंगाल की खाड़ी का सिस्टम ओडिशा की ओर बढ़ रहा है, जिससे आगामी दिनों में पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा की रफ्तार और तेज होगी। हालांकि, उत्तर–पश्चिम यूपी का लो प्रेशर एरिया दूर होने से बेअसर है। मौसम केंद्र ने शनिवार के लिए रीवा, सीधी, शहडोल, अनूपपुर, कटनी, सिवनी और बालाघाट सहित पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया है।

    कहां कितनी हुई वर्षा?

    शहर

    वर्षा (मिलीमीटर में)

    रायसेन

    10.0

    गुना

    5.0

    भोपाल

    0.4

    दतिया

    0.2

    मलाजखंड

    0.6

    नौगांव

    1.0

    पचमढ़ी

    2.0

    रीवा

    3.0

    सतना

    1.0

    उमरिया

    3.0

    प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान

    शहर

    अधिकतम (डिग्री सेल्सियस)

    न्यूनतम (डिग्री सेल्सियस)

    भोपाल

    27.6

    23.0

    इंदौर

    28.3

    22.3

    ग्वालियर

    32.6

    25.2

    जबलपुर

    25.4

    23.6

    नोट — तापमान डिग्री सेल्सियस में

    भोपाल

     बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवात ने प्रदेश में नमी की मजबूत सप्लाई लाइन तैयार कर दी है। इसके असर से राज्य का मौसम दो हिस्सों में बंट गया है जहां पूर्वी इलाकों में बादल जमकर बरस रहे हैं, वहीं पश्चिमी हिस्से सिर्फ फुहारों और बौछारों से तरबतर हैं। इस मानसूनी हलचल और बादलों के डेरे से दिन के तापमान में एक से छह डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई।

    नरसिंहपुर में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई

    शुक्रवार को दिनभर रुक–रुक कर हुई वर्षा में नरसिंहपुर 34 मिलीमीटर और सागर 33 मिलीमीटर पानी के साथ सबसे आगे रहे। इसके अलावा जबलपुर में 23, नर्मदापुरम में 17, दमोह में 13 और टीकमगढ़ में 11 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। राजधानी भोपाल, इंदौर–उज्जैन संभाग के पश्चिमी बेल्ट में हल्की बूंदाबांदी से ही संतोष करना पड़ा।

     

    पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट, पूर्वी जिलों में बढ़ेगी तेजी

    मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बंगाल की खाड़ी का सिस्टम ओडिशा की ओर बढ़ रहा है, जिससे आगामी दिनों में पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा की रफ्तार और तेज होगी। हालांकि, उत्तर–पश्चिम यूपी का लो प्रेशर एरिया दूर होने से बेअसर है। मौसम केंद्र ने शनिवार के लिए रीवा, सीधी, शहडोल, अनूपपुर, कटनी, सिवनी और बालाघाट सहित पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया है।

    कहां कितनी हुई वर्षा?

    शहर

    वर्षा (मिलीमीटर में)

    रायसेन

    10.0

    गुना

    5.0

    भोपाल

    0.4

    दतिया

    0.2

    मलाजखंड

    0.6

    नौगांव

    1.0

    पचमढ़ी

    2.0

    रीवा

    3.0

    सतना

    1.0

    उमरिया

    3.0

    प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान

    शहर

    अधिकतम (डिग्री सेल्सियस)

    न्यूनतम (डिग्री सेल्सियस)

    भोपाल

    27.6

    23.0

    इंदौर

    28.3

    22.3

    ग्वालियर

    32.6

    25.2

    जबलपुर

    25.4

    23.6

    नोट — तापमान डिग्री सेल्सियस में

     

  • इंदौर से राजस्थान तक MD ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा, 81 तस्कर गिरफ्त में

    इंदौर से राजस्थान तक MD ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा, 81 तस्कर गिरफ्त में

     इंदौर

    ड्रग्स के खिलाफ पुलिस भले ही लगातार कार्रवाई कर रही हो, लेकिन शहर में एमडी ड्रग्स की बढ़ती खेप ने राजस्थान कनेक्शन को फिर सवालों के घेरे में ला दिया है। हाल ही में कई राज्यों के डीजीपी की बैठक में ड्रग्स तस्करी का मुद्दा उठा था। राजस्थान के डीजीपी ने राजस्थान से ड्रग्स की सप्लाई होने से इनकार किया था।

    दूसरी तरफ इंदौर क्राइम ब्रांच के आंकड़े बताते हैं कि इस साल 10 अगस्त तक ही 81 एमडी तस्कर पकड़े जा चुके हैं और उनके कब्जे से 2.617 किलो एमडी जब्त हुई है। हर तीसरा केस राजस्थान के प्रतापगढ़, निंबाहेड़ा और झालावाड़ से जुड़ा है।

     

  • इंदौर से खंडवा तक सफर होगा आसान, नर्मदा पर 6-लेन ब्रिज तैयार; जल्द शुरू होगा यातायात

    इंदौर से खंडवा तक सफर होगा आसान, नर्मदा पर 6-लेन ब्रिज तैयार; जल्द शुरू होगा यातायात

     खंडवा

     इंदौर-ऐदलाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-347बीजी) पर मोरटक्का में नर्मदा नदी पर बन रहा नया छह लेन आइकोनिक ब्रिज अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। यह पुल न केवल इंदौर, ओंकारेश्वर और खंडवा के बीच आवागमन को अधिक सुगम बनाएगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी वैश्विक पहचान हासिल करेगा।

    पूरा तैयार होने के बाद पूरे देश के सबसे आकर्षक और दर्शनीय पुलों में शामिल होगा। हालांकि निर्माण कार्य अंतिम दौर में होने के बावजूद सुरक्षा संबंधी कारणों से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने अभी इस पर यातायात शुरू नहीं किया है।

    आर्किटेक्चरल ब्यूटीफिकेशन से मिलेगी वैश्विक पहचान

    एनएचएआइ ने नए नर्मदा पुल के दोनों सिरों को जोड़ने के साथ ही एक लेन में डामरीकरण और लोड टेस्टिंग का कार्य पूर्ण करने के बाद दूसरे लेन के डामरीकरण और जांच संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही नर्मदा ब्रिज को आकर्षक स्वरूप देने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। पुल के आर्किटेक्चरल ब्यूटीफिकेशन के लिए अलग टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।

    इसके तहत डायनेमिक एलईडी फसाड लाइटिंग,गुफा.प्रेरित आर्च डिज़ाइन, आकर्षक लैंडस्केपिंग तथा आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। अनुबंध में डिज़ाइन, सप्लाई, इंस्टॉलेशन के साथ पांच वर्ष तक रखरखाव भी शामिल है। करीब 1275 मीटर लंबा और 30 स्पान वाला यह पुल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के साथ.साथ पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा।
    यातायात अधिक तेज और सुरक्षित

    नए पुल शुरू होने से इंदौर-खंडवा मार्ग पर यातायात अधिक तेज और सुरक्षित होगा। विशेष रूप से वर्षाकाल में नर्मदा नदी में जलस्तर बढ़ने और बाढ़ की स्थिति बनने पर पुराने मोरटक्का पुल पर यातायात प्रभावित होने की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। नए पुल के चालू होने से भारी वाहनों और सामान्य यातायात का दबाव भी पुराने पुल से कम होगाए जिससे ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

    हालांकि मोरटक्का से बलवाड़ा के बीच फोरलेन हाईवे पर अभी कुछ स्थानों पर सब.वे, पुलियों और अन्य निर्माण कार्य शेष हैं। इसके अलावा कुछ स्थानों पर हाईटेंशन विद्युत लाइन के पोल भी सड़क के बीच बाधा बने हुए हैं। इन कार्यों के पूर्ण होने तक सुरक्षा की दृष्टि से एनएचएआइ इस मार्ग पर यातायात शुरू करने के पक्ष में नहीं है।
    बांसवा में क्षतिग्रस्त पुल का होगा लोड टेस्ट

    उल्लेखनीय है कि इंदौर हैदराबाद हाईवे पर बांसवा के निकट जून 2026 में पुल के स्लैब का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। एनएचएआइ के अनुसार एक ओवरलोड वाहन के निर्माणाधीन हिस्से पर चढ़ जाने से यह नुकसान हुआ था। क्षतिग्रस्त भाग का पुनर्निर्माण कर दिया गया है। पुल की गुणवत्ता की जांच इंदौर के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज आइजीएसआइटीएस के विशेषज्ञ इंजीनियर द्वारा करवाई गई है।

    विशेषज्ञों द्वारा पुल का लोट टेस्ट करवाने की सलाह एनएचएआइ को दी गई है। इसके बाद ही इस पर से ट्रैफिक शुरू करने का निर्णय होगा। बांसवा पुल की अंतिम गुणवत्ता परीक्षण के बाद ही पुल को यातायात के लिए खोला जाएगा।

    परियोजना पूरी होने से ओंकारेश्वर आवाजाही होगी सुचारू

    धनगांव से इंदौर के बीच परियोजना पूरी होने पर यह हाईवे महाराष्ट्र का मालवा और निमाड़ के बीच बेहतर संपर्क के साथ.साथ ओंकारेश्वर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुविधा होगी।

        नर्मदा पुल की दूसरी लेन का स्लैब कार्य पूरा हो चुका है। इसके बाद डामरीकरण, गुणवत्ता परीक्षण और आवश्यक सुरक्षा मानकों की जांच पूरी होने पर वाहनों का आवागमन शुरू किया जा सकेगा। ब्रिज की एक लेन छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए तैयार है। ब्रिज के ब्यूटीफिकेशन के टेंडर की प्रक्रिया चल रही है।- आशीष बिरला, परियोजना निदेशक एनएचएआइ खंडवा

     

  • 230 हेक्टेयर में फैला टाइटेनियम-वेनेडियम का भंडार, जबलपुर में नीलामी की तैयारी तेज

    230 हेक्टेयर में फैला टाइटेनियम-वेनेडियम का भंडार, जबलपुर में नीलामी की तैयारी तेज

     जबलपुर
     मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील स्थित धनगवां में टाइटेनियम और वेनेडियम जैसे सामरिक- बहुमूल्य खनिजों के विशाल भंडार मिले हैं। इसके दोहन से क्षेत्र के विकास की बड़ी उम्मीदें जगी हैं, लेकिन खनिज ब्लॉक की नीलामी से पहले जमीन के स्वामित्व और सीमांकन को लेकर प्रशासन और खनिज विभाग के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

    जमीन का गणित और क्षेत्रफल
    जीएसआई (GSI) और अन्य सर्वे के अनुसार खनिजों का कुल विस्तार लगभग 289 हेक्टेयर में है। इसमें से आबादी क्षेत्र को अलग करने के बाद खनन योग्य उपयोगी क्षेत्र लगभग 230 हेक्टेयर बचा है।

        कुल संभावित उपयोगी खनन क्षेत्र: 230 हेक्टेयर
        निजी भूमि: लगभग 63 हेक्टेयर
        वन विभाग की भूमि: लगभग 70 हेक्टेयर
        निजी व वन भूमि का कुल जोड़: लगभग 133 हेक्टेयर

    प्रमुख अड़चनें और प्रशासनिक तैयारियां
        निजी और वन भूमि का पेंच: कुल उपयोगी क्षेत्र का बड़ा हिस्सा (133 हेक्टेयर) निजी स्वामित्व और वन विभाग के अंतर्गत आता है। निजी भूमि पर सीधे तौर पर खनन शुरू होना बेहद जटिल है, जबकि वन भूमि के लिए केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से अनुमतियां (Forest Clearances) आवश्यक होंगी।

    रिकॉर्ड्स का मिलान: राजस्व विभाग, वन विभाग और खनिज विभाग के भू-अभिलेखों (Land Records) का आपस में मिलान किया जा रहा है ताकि सीमांकन स्पष्ट हो सके।

    नीलामी से पहले स्पष्टता अनिवार्य: खनिज विभाग और जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य नीलामी प्रक्रिया (Auctioning) शुरू होने से पहले ही जमीन की विधिक व विभागीय स्थिति पूरी तरह साफ करना है, ताकि बाद में कानूनी या तकनीकी अड़चनें न आएं।
    अधिकारियों का क्या कहना है

    इस बारे में बात करते हुए जबलपुर के जिला खनिज अधिकारी सतीश मिश्रा ने कहा- खनन वाले क्षेत्र में जमीन का चिन्हांकन कर लिया गया है। अब राजस्व, वन और निजी जमीन के रिकॉर्ड्स के सत्यापन के बाद ही अंतिम खनन क्षेत्र तय होगा। हमारा प्रयास है कि यह प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कर ली जाए।

     

  • ग्रामीणों ने विभिन्न स्थानों पर मुख्यमंत्री का किया स्वागत, बहनों ने बांधे रक्षा सुत्र

    ग्रामीणों ने विभिन्न स्थानों पर मुख्यमंत्री का किया स्वागत, बहनों ने बांधे रक्षा सुत्र

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रक्षाबंधन के पावन पर्व पर खाचरौद से उज्जैन आगमन के दौरान उन्हेल रोड पर ग्राम तुमड़ावदा में  सागोती माता मंदिर में पूजन कर दर्शन किए और प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की कामना की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यात्रा के दौरान कई स्थानों पर ग्रामीणों ने पुष्पहारों से भव्य स्वागत किया। ग्रामीण क्षेत्र की बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आगमन पर तिलक लगाकर स्वागत किया और उनकी कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर मुंह मीठा कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्षा बंधन के पावन पर्व पर सभी बहनों को शुभकामनाएं दी।