Category: मध्य प्रदेश

  • चंचल शेखर को खेल विभाग का डायरेक्टर, अंशुमन यादव बने ADG इंटेलिजेंस; 4 IPS अधिकारियों के तबादले

    चंचल शेखर को खेल विभाग का डायरेक्टर, अंशुमन यादव बने ADG इंटेलिजेंस; 4 IPS अधिकारियों के तबादले

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में एक बार फिर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। राज्य शासन के गृह विभाग ने आज, शनिवार (29 अगस्त) को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के चार अधिकारियों के तबादले और अतिरिक्त प्रभार सौंपने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से और आदेशानुसार गृह विभाग की सचिव शिल्पा गुप्ता द्वारा जारी किया गया है।

    मध्य प्रदेश आईपीएस तबादला सूची

        चंचल शेखर (IPS 1995):  अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (वि.स.बल) तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (SISF) पुलिस मुख्यालय, भोपाल से संचालक, खेल एवं युवक कल्याण, म.प्र. के पद पर नियुक्त किया गया है।

        अंशुमन यादव (IPS 1998): संचालक, खेल एवं युवक कल्याण, म.प्र. को कार्यमुक्त कर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, गुप्तवार्ता बनाया गया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, साइबर, पुलिस मुख्यालय, भोपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

        अनिल कुमार (IPS 1993): विशेष पुलिस महानिदेशक (महिला सुरक्षा), पुलिस मुख्यालय भोपाल को उनके वर्तमान कार्यों के साथ-साथ विशेष पुलिस महानिदेशक, अजाक (AJAK), पुलिस मुख्यालय, भोपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

        डी. श्रीनिवास वर्मा (IPS 1997):   अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, नारकोटिक्स एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, एसटीएफ, पुलिस मुख्यालय, भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) को अस्थाई रूप से उनके वर्तमान कार्य के साथ-साथ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, वि.स.बल एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक,एस.आई.एस.एफ. पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

    एडीजी इंटेलिजेंस ए साईं मनोहर हो रहे रिटायर
    प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मध्य प्रदेश के वर्तमान एडीजी इंटेलिजेंस ए साईं मनोहर (1995 बैच) आगामी 31 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त (रिटायर) हो रहे हैं। उनके रिटायरमेंट से ठीक दो दिन पहले सरकार ने यह आदेश जारी कर इंटेलिजेंस की कमान अंशुमन यादव को सौंपी है।

    1998 बैच के IPS अधिकारी अंशुमन यादव, जो अब तक खेल एवं युवक कल्याण विभाग के संचालक की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, उन्हें वहां से वापस बुलाकर अब एडीजी गुप्तवार्ता (इंटेलिजेंस) जैसी बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही उन्हें एडीजी सायबर, पुलिस मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

    SAF के एडीजी चंचल शेखर संभालेंगे खेल विभाग
    वहीं दूसरी तरफ, खेल विभाग के डायरेक्टर पद से अंशुमन यादव की विदाई के बाद इस पद की जिम्मेदारी 1995 बैच के वरिष्ठ IPS अधिकारी चंचल शेखर को सौंपी गई है। चंचल शेखर वर्तमान में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG), वि.स.बल (विशेष सशस्त्र बल/SAF) के पद पर कार्यरत थे। अब उनकी सेवाएं खेल एवं युवक कल्याण विभाग को सौंपते हुए उन्हें नया खेल संचालक बनाया गया है।

    दो अन्य सीनियर IPS अधिकारियों को मिले अतिरिक्त प्रभार
    स्पेशल डीजी अनिल कुमार को 'अजाक' का जिम्मा:-
    1993 बैच के वरिष्ठ IPS अधिकारी अनिल कुमार, जो वर्तमान में विशेष पुलिस महानिदेशक (स्पेशल डीजी) महिला सुरक्षा के पद पर हैं, उन्हें अपने वर्तमान कार्य के साथ-साथ विशेष पुलिस महानिदेशक, अजाक (अनुसूचित जाति कल्याण), पुलिस मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

    एडीजी डी. श्रीनिवास वर्मा को 'SAF' का प्रभार:- 1997 बैच के IPS अधिकारी डी. श्रीनिवास वर्मा (ADG नारकोटिक्स और एडीजी एसटीएफ) को अब चंचल शेखर के स्थान पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, वि.स.बल (विशेष सशस्त्र बल/SAF) एवं एस.आई.एस.एफ. का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

  • राजनाथ सिंह से मिले कटनी विधायक, ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के आधुनिकीकरण समेत बजरिया शिफ्टिंग का प्रस्ताव रखा

    राजनाथ सिंह से मिले कटनी विधायक, ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के आधुनिकीकरण समेत बजरिया शिफ्टिंग का प्रस्ताव रखा

    कटनी 

    मध्यप्रदेश के कटनी जिले के मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल ने केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर कटनी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के आधुनिकीकरण और शहर से जुड़े एक महत्वपूर्ण स्थानीय मुद्दे को उठाया है। विधायक ने फैक्ट्री में प्लांट एवं मशीनरी के आधुनिकीकरण की मांग करते हुए आरओबी निर्माण के कारण बजरिया क्षेत्र में होने वाली आवागमन की समस्या पर भी ध्यान आकर्षित कराया है।

    दरअसल, कटनी जिले के मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल, प्रणय पांडे के साथ जबलपुर पहुंचे थे। जहां उन्होंने केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से सौजन्य भेंट की। इस दौरान विधायक ने देश की रक्षा उत्पादन क्षमता को ताकत देने और मजबूत करने के उद्देश्य से कटनी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में प्लांट एवं मशीनरी के आधुनिकीकरण की मांग रखी। इसके साथ ही उन्होंने कटनी शहर से जुड़े एक अहम स्थानीय मुद्दे को भी रक्षा मंत्री के समक्ष रखा है। 

    आवागमन पूरी तरह प्रभावित होगा
    विधायक ने पत्र के माध्यम से बताया कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री क्षेत्र में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के कारण वर्तमान बजरिया के सामने स्थित फैक्ट्री गेट बंद हो जाएगा। इससे उस मार्ग से लोगों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित होगा। ऐसे में बजरिया को साउथ स्टेशन के समीप स्थानांतरित करने की आवश्यकता है, ताकि आम नागरिकों और व्यापारियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इन दोनों विषयों को लेकर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के माध्यम से केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी पत्र सौंपा गया है। विधायक संदीप जायसवाल के अनुसार, केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोनों मामलों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आवश्यक कार्रवाई और स्वीकृति के लिए आश्वासन दिया है। अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि इन मांगों पर अमल कब तक शुरू होता है। 

  • गरीबी नहीं बनी बाधा! मजदूर मां और ठेला चलाने वाले पिता की बेटियां हॉकी में कर रहीं कमाल

     बड़वानी
    राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर जब पूरा देश हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को नमन कर रहा है, वहीं मध्यप्रदेश का जनजातीय बहुल जिला बड़वानी हॉकी के नए गढ़ के रूप में उभर रहा है। गरीबी और अभावों को मात देकर यहां की बेटियां और बेटे अपने पसीने से संघर्ष की नई इबारत लिख रहे हैं। किसी की मां ने मजदूरी की और किसी के पिता ठेला चलाकर जीवन यापन कर रहे पर बेटियों का हौसला देखिए- सारी बाधाओं को पार कर वे मेडल पर मेडल जीती जा रहीं हैं। शिवानी, सलोनी और मनप्रीत कौर जैसी अनेक हॉकी प्लेयर देश विदेश में अपना हुनर दिखा रहीं हैं।

    सरकारी स्कूलों में फ्री कोचिंग, किट और बेहतर कोच की सुविधा के चलते युवा खिलाडिय़ों ने हॉकी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेरी है। जिले से मप्र राज्य हॉकी अकादमी, ग्वालियर में 6 बालिकाओं का चयन हुआ। एशियन चैंपियनशिप में स्नेहा दावदे, पिंकी दावदे और मोनिका राठौर खेल चुकी हैं। वहीं, रजनी वास्कले ने स्पोट्र्स कोटे से यूनियन बैंक में नौकरी हासिल की है। खास बात यह है कि बेटियों की सफलता को देखते हुए अब अभिभावक भी बेटियों को हॉकी स्टिक थमा रहे हैं।

    बेटियों ने दिखाया हॉकी में दम
    पीजी कॉलेज के पीछे रहने वाली 16 वर्षीय शिवानी बामनिया गरीबी को हराते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेर रही हैं। वर्ष 2017 में पिता छोटू बामनिया के निधन के बाद मां ने झाड़ू-पोंछा और मजदूरी करके परिवार को संभाला। मोहल्ले की लड़कियों को देखकर हॉकी शुरू करने वाली शिवानी आज ग्वालियर अकादमी के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई और खेल का अभ्यास कर रही हैं।

    पिता चला रहे ठेला, बेटी जीत रही मेडल
    विवेकानंद विहार कॉलोनी की 15 वर्षीय मनप्रीत कौर के पिता ओंकार सिंह ठेला गाड़ी चलाकर परिवार का पालन करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद मनप्रीत ने 4 वर्षों में शानदार प्रदर्शन करते हुए सात राष्ट्रीय स्पर्धाओं में भाग लिया है। उन्होंने वेस्ट जोन नेशनल में एक स्वर्ण व एक रजत पदक अपने नाम किया है। वह रायपुर स्पोट्र्स अकादमी अभ्यास कर रही है।

    दो साल पूर्व स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की 68वीं राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता (अंडर 14 बालिका) में भी मनप्रीत कौर का चयन हुआ था। उनके साथ ही बड़वानी की ही खिलाड़ी यामिनी राठौड़ ने भी प्रदेश की ओर से प्रतिनिधित्व किया था। मनप्रीत तब राज्य महिला हॉकी अकादमी ग्वालियर में ट्रेनिंग ले रही थी जब​कि यामिनी मॉडर्न अकादमी अंजड़ में अध्ययनरत थी। इसके पूर्व भी दोनों खिलाड़ी मध्यप्रदेश टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी थीं।

  • बीना जंक्शन पर रेलवे का बड़ा काम, छह ट्रेनों का रूट डायवर्ट; यात्रा से पहले देखें तारीखें

    बीना जंक्शन पर रेलवे का बड़ा काम, छह ट्रेनों का रूट डायवर्ट; यात्रा से पहले देखें तारीखें

    बीना
     बीना जंक्शन पर बीना-आगासौद के बीच तीसरी रेल लाइन को जोडऩे के लिए चल रहे यार्ड रीमॉडलिंग और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते कई ट्रेनों के परिचालन मार्ग में संशोधन किया गया है। रेलवे ने पूर्व में जारी अधिसूचना में बदलाव करते हुए छह ट्रेनों के निर्धारित और वैकल्पिक मार्गों को संशोधित किया है। इन बदलावों का सीधा असर बीना जंक्शन से होकर गुजरने वाली ट्रेनों के परिचालन पर पड़ेगा।

    तेजी से चल रहा है कार्य
    यार्ड रीमॉडलिंग का कार्य रेलवे तेजी से कर रही है, जिससे 15 अक्टूबर तक कार्य पूरा कर लिया जाए और दीवाली के पहले ट्रेनों का संचालन यथावत हो सके। इस कार्य के बाद इआई सिस्टम चालू हो जाएगा।

    तीन, चार व पांच नंबर प्लेटफॉर्म पर दोनों तरफ से आ सकेंगी ट्रेनें

    अभी तक तीन, चार व पांच नंबर प्लेटफॉर्म पर केवल एक ही तरफ से ट्रेनों का संचालन होता है, लेकिन अब जल्द ही इनपर दोनों तरफ से ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था होगी। अभी चार नंबर प्लेटफॉर्म पर झांसी एंड पर कोच स्पेयर साइडिंग थी, जिसे डिस्मेंटल किया जा रहा है। इसके हटाए जाने के बाद दोनों ओर से ट्रेन को लिया जा सकेगा। साथ ही यार्ड रीमॉडलिंग का काम पूरा होने के बाद चार व पांच नंबर से एक साथ गुना व झांसी की ओर ट्रेनों का चलाया जा सकेगा। वहीं, सागर से व गुना से आने वाली ट्रेनों को भी चार व पांच नंबर प्लेटफॉर्म पर लिया जा सकेगा।

    यह रहेगा परिवर्तित मार्ग
        15045 गोरखपुर-ओखा एक्सप्रेस 24 सितंबर से 15 अक्टूबर तक गोविंदपुरी-झांसी-बीना-गुना के बजाय ग्वालियर-झांसी-बीना-गुना मार्ग से चलेगी। इसके वैकल्पिक मार्ग में भी बदलाव किया गया है। अब यह ट्रेन ग्वालियर-शिवपुरी-गुना होकर कुल चार ट्रिप चलेगी।

        15046 ओखा-गोरखपुर एक्सप्रेस 20 सितंबर से 11 अक्टूबर तक गुना-बीना-झांसी-गोविंदपुरी के बजाय गुना-बीना-झांसी-ग्वालियर मार्ग से चलेगी। इसका वैकल्पिक मार्ग गुना-शिवपुरी-ग्वालियर किया गया है जो चार ट्रिप चलेगी।

        19053 सूरत-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस 18 सितंबर से 9 अक्टूबर तक गुना-बीना-झांसी-ग्वालियर मार्ग से चलेगी। इसका वैकल्पिक मार्ग गुना-शिवपुरी-ग्वालियर रहेगा। वहीं, 19054 मुजफ्फरपुर-सूरत एक्सप्रेस 20 सितंबर से 11 अक्टूबर तक ग्वालियर-झांसी-बीना-गुना मार्ग से चलेगी। इसका वैकल्पिक मार्ग ग्वालियर-शिवपुरी-गुना रहेगा, दोनों ट्रेनों के चार-चार फेरे होंगे।

        11071 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-बलिया एक्सप्रेस 7 से 14 अक्टूबर तक कटनी-बीना-इटारसी के बजाय इटारसी-बीना-कटनी मुरवारा-कटनी मार्ग से चलेगी।
     इसका वैकल्पिक मार्ग इटारसी-जबलपुर-कटनी रहेगा। 11072 बनारस-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस भी इसी अवधि में कटनी-कटनी मुरवारा-बीना-इटारसी मार्ग से चलेगी। इसका वैकल्पिक मार्ग कटनी-जबलपुर-इटारसी रहेगा। दोनों ट्रेनों आठ-आठ ट्रिप चलेगी।

  • छात्रों और किसानों की नाराजगी दूर करने की तैयारी, हर जिले में युवाओं से सीधा संवाद करेगी सरकार

    छात्रों और किसानों की नाराजगी दूर करने की तैयारी, हर जिले में युवाओं से सीधा संवाद करेगी सरकार

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश में छात्रों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर उठ रही आवाजों के बीच सरकार अब सीधे संवाद के जरिए नई पीढ़ी और ग्रामीण वर्ग तक पहुंच बढ़ाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ‘युवा-कृषि संवाद’ की शुरुआत की है। इसे आने वाले दिनों में प्रदेश के हर जिले तक ले जाने की तैयारी है। खास बात यह है कि सरकार ने युवाओं को एक समूह मानने के बजाय उनकी अलग-अलग जरूरतों के आधार पर पांच वर्गों में बांटकर काम करने की रणनीति बनाई है। सरकार की इस पहल को केवल संवाद कार्यक्रम के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसके जरिए यह समझने की कोशिश होगी कि युवाओं की सबसे बड़ी परेशानी क्या है और सरकार की योजनाओं का फायदा किस वर्ग तक नहीं पहुंच पा रहा है। स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों से लेकर रोजगार की तलाश में शहरों का रुख करने वाले युवाओं तक को इस रणनीति में शामिल किया गया है।

    पांच हिस्सों में समझेगी युवाओं की परेशानी
    कैबिनेट बैठक में युवाओं के कौशल विकास को लेकर सरकार की रणनीति पर चर्चा हुई। नीति आयोग की रिपोर्ट के आधार पर युवाओं को पांच श्रेणियों में बांटने की तैयारी है। इनमें स्कूली विद्यार्थी, कॉलेज छात्र, संगठित क्षेत्र में काम करने वाले युवा, असंगठित क्षेत्र से जुड़े युवा और शिक्षा, रोजगार या स्वरोजगार से वंचित युवा शामिल हैं। यानी सरकार अब युवाओं के लिए एक जैसी नीति के बजाय उनकी स्थिति और जरूरत के हिसाब से अलग-अलग समाधान पर काम करना चाहती है। 

    गांव से शहर आने वालों पर खास नजर
    सरकार का फोकस उन युवाओं पर भी रहेगा, जो गांवों से रोजगार और बेहतर अवसरों की तलाश में शहरों में आते हैं। ऐसे युवाओं के सामने कौशल, रोजगार, आर्थिक संसाधन और स्वरोजगार जैसी चुनौतियां हैं। ‘युवा-कृषि संवाद’ के जरिए सरकार ग्रामीण युवाओं के साथ किसानों से भी सीधा संपर्क बढ़ाएगी। इससे गांवों में रोजगार और कृषि से जुड़े मुद्दों को एक साथ समझने की कोशिश होगी। 

    स्कूल-कॉलेज में भी पहुंचेगी सरकार
    युवा आयोग को भी इस अभियान में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने की तैयारी है। स्कूल और कॉलेजों में संवाद कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों से सीधे उनकी समस्याएं पूछी जाएंगी। रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास और भविष्य के अवसरों से जुड़े मुद्दों को इन बैठकों में प्रमुखता से लिया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद भी ‘जनविश्वास अभियान’ के दौरान विद्यार्थियों और युवाओं से संवाद कर रहे हैं। भोपाल के कमला नेहरू सांदीपनि स्कूल में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी बात सुनी थी।

     

  • MP को मिलेंगे और मेडिकल कॉलेज, CM मोहन यादव बोले- अगले दो वर्षों में संख्या होगी 50 के पार

    MP को मिलेंगे और मेडिकल कॉलेज, CM मोहन यादव बोले- अगले दो वर्षों में संख्या होगी 50 के पार

    भोपाल
     मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव का कहना है कि मध्य प्रदेश में अगले दो वर्ष में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 50 से अधिक हो जाएगी। योग्य डॉक्टर मिलेंगे लेकिन अभी जागरूकता भी बढ़ाने की जरूरत है। कोशिश है कि सरकारी सिस्टम पर लोगों का भरोसा बढ़े। यह आवश्यक है कि आदिवासी क्षेत्रों में भी बीमार, पीड़ित डाक्टर या अस्पतालों तक पहुंचे।

    मुख्यमंत्री डा. यादव का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब, युवा, किसान और महिला के कल्याण पर फोकस किया है। यही हमारा लक्ष्य है कि गरीब को रोजगार मिले, युवाओं को काम मिले, महिलाओं को सम्मान मिले और किसान के घर समृद्धि आए।

    भाजपा सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन कोविड के कारण वह प्रभावित हुआ। अब क्या तैयारी है?

    हम वर्ष 2026 को किसान वर्ष के रूप में मना रहे हैं। उन्हें आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए राज्य सरकार समर्थन मूल्य पर उपज की खरीदी कर रही है। जो उपज एमएसपी पर नहीं लेते, उस पर भी किसानों को भावांतर योजना के जरिये लाभ पहुंचा रहे हैं। इस वर्ष मध्य प्रदेश ने 104 लाख टन गेहूं का उपार्जन किया है, जो देश में रिकॉर्ड है। गेहूं उत्पादन में मध्य प्रदेश अब पंजाब से आगे निकलने की तैयारी में है। प्रदेश में छह लाख कपास उत्पादक किसान हैं। अग्रेजों के राज में कई मिलें थीं लेकिन बाद में बंद हो गईं। अब हम घर-घर हथकरघा खुलवा रहे हैं। गुना के गुलाब दुनिया भर में निर्यात हो रहे हैं, तो मालवांचल फूलों की खेती का हब बन गया है। हार्टीकल्चर- फ्लोरीकल्चर जैसे क्षेत्रों में भी किसान काम कर रहे हैं। दुग्ध उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। प्रति लीटर दस रुपये दाम बढ़ गए। जलाशयों की संख्या बढ़ने से मत्स्य उत्पादन बढ़ा है।

    केन-बेतवा प्रोजेक्ट के मुआवजे को लेकर कांग्रेस की सक्रियता पर क्या कहेंगे?

    कांग्रेस ने किसानों के साथ अन्याय किया। कांग्रेस ने नर्मदा नदी के माध्यम से जनकल्याण को प्राथमिकता नहीं दी। नर्मदा के बांध बनने में बाधा डाली, नाटक किए। अब केन-बेतवा नदी जोड़ो में नाटक कर रही है। कांग्रेस चाहती ही नहीं कि किसान खुशहाल हों। कांग्रेस के मुख्यमंत्री-मंत्री कहते थे नर्मदा नीचे है, मालवांचल ऊपर, तो पानी मालवांचल तक कैसे पहुंचेगा? अब देख लीजिए हमने कर दिखाया। उज्जैन-इंदौर से लेकर पूरा मालवा नर्मदा जल का उपयोग कर रहा है। लाड़ली बहना जैसी योजना अब चुनौती बनती जा रही हैं।

    उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में चुनाव से पहले विपक्ष अधिक राशि देने की घोषणा कर रहा है?

    कांग्रेस हो या उसके सहयोगी दल, जब बोले तब झूठ ही बोले। कांग्रेस ने कहा था कि देश का बंटवारा नहीं होने देंगे। 1971 में कहा था कि गरीबी दूर कर देंगे। क्या हुआ, परिणाम सामने हैं। वर्ष 2003 तक प्रदेश में कांग्रेस ने राज किया लेकिन गरीबी दूर करने पर सोचा भी नहीं। लोकतंत्र की लड़ाई की बात कहकर राजतंत्र समाप्त करवाया और अब एक ही परिवार राज करना चाहता है। कांग्रेस चुनावी वादे करके, फिर पलट जाती है। इसके विपरीत देखिए, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि देश के दुश्मनों को उनके घर में भी नहीं छोड़ेंगे। तो सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक की। देश में अब आतंकी घटनाएं बंद हो गई हैं। इकानामी पूरी बदल गई है। भाजपा की कथनी और करनी का उदाहरण भव्य श्रीराम मंदिर है, जिसका हिंदू- मुस्लिम सभी ने स्वागत किया। कांग्रेस के राज में हमेशा दंगे होते थे। कांग्रेस हो या उसके साथी, सब एक थाली के चट्टे-बट्टे हैं।

    मध्य प्रदेश में खेल सुविधाओं को और बढ़ाने की आवश्यकता है। इंदौर जैसे शहर में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम नहीं है। खेल प्रतिभाएं आगे कैसे बढ़ेंगी?

    मध्य प्रदेश एकमात्र राज्य है, जहां खेल पाठ्यक्रम का हिस्सा है। खेल शिक्षक, कोच की तरक्की के रास्ते तैयार किए गए हैं। सहायक प्राध्यापक और प्राध्यापक बनाए जा रहे हैं। हमारे पास शूटिंग एकेडमी है। हॉकी में प्रदेश की महिला- पुरुष दोनों टीमों की खेल में भागीदारी बढ़ी है। कुश्ती-मलखंभ में खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। प्रदेश में 11 खेल एकेडमी चल रही हैं। खेल सुविधाएं हमारे यहां बढ़ी हैं। यह बात अलग है कि समाज का लगाव अब भी क्रिकेट के साथ है। ओलिंपिक, एशियाड या कामनवेल्थ, हर प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश की भागीदारी बढ़ी है।

    आपकी सरकार के तीन साल पूरे होने वाले हैं। इस दौरान कई योजनाएं और प्रयास किए गए। इनमें से आपका सबसे प्रिय ड्रीम प्रोजेक्ट कौन-सा है?

    कोई एक योजना ड्रीम प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि मेरा ड्रीम है कि मध्य प्रदेश का सामान्य नागरिक महसूस करे कि सरकार उसके जीवन को आसान बनाने के लिए काम कर रही है। उज्जैन का सिंहस्थ, श्रीराम वनगमन पथ, श्रीकृष्ण पाथेय, औद्योगिक निवेश, शिक्षा और स्वास्थ्य, यह सब मेरे विकसित मध्य प्रदेश के सपने का हिस्सा है। मेरा सबसे बड़ा सपना है कि मध्य प्रदेश विकास के साथ अपनी संस्कृति और पहचान को लेकर भी देश में अग्रणी बने।

    क्या कोई ऐसा निर्णय या मौका रहा, जो आपके लिए सबसे कठिन या चुनौतीपूर्ण रहा और आपने उसका सफलतापूर्वक मुकाबला किया?

    मुख्यमंत्री के रूप में हर नया दिन नई चुनौतियां लेकर आता है। कभी कानून-व्यवस्था, कभी प्राकृतिक आपदा, कभी प्रशासनिक चुनौती और कभी किसी वर्ग की अपेक्षाओं के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। मेरा सिद्धांत है कि कठिन निर्णय से भागना नहीं है, बल्कि तथ्यों, कानून और जनहित के आधार पर निर्णय लेना है। चुनौती कितनी भी बड़ी हो, अगर नीयत साफ हो तो समाधान का रास्ता निकलता है।

    सनातन धर्म को लेकर आपने काफी नवाचार किए। क्या यह सही है कि आप हिंदुत्व का हार्डकोर चेहरा बनने से खुद को बचाते रहे हैं?

    मैं किसी छवि की राजनीति नहीं करता। मेरी आस्था सनातन में है और सनातन का मूल संदेश ही सबको साथ लेकर चलने का है। हमने मंदिरों के विकास, धार्मिक स्थलों की सुविधाओं, श्रीराम वनगमन पथ और श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों के विकास के साथ लोक परंपराओं को भी महत्व दिया है। मेरे लिए सनातन का अर्थ है- संस्कार, सेवा, समरसता और सबके कल्याण का भाव। आप बच्चों के बीच जाकर उन्हें पढ़ा रहे हैं।

    राजनीति में न आते तो क्या शिक्षक बनते?

    बच्चों के बीच जाकर लगता है कि मैं भविष्य के मध्य प्रदेश से संवाद कर रहा हूं। राजनीति में नहीं आता तो शिक्षा के क्षेत्र में काम करना निश्चित रूप से अच्छा लगता। आज भी जब बच्चों के बीच जाता हूं, तो मुख्यमंत्री की भूमिका पीछे छूट जाती है। शिक्षक की भूमिका सामने आ जाती है।

    सांदीपनि स्कूलों से उच्च शिक्षा तक कौशल विकास पर जोर है, लेकिन सरकारी स्कूलों में भवन और शिक्षक जैसी मूलभूत समस्याएं हैं। इसे कब तक ठीक किया जाएगा?

    हम स्वीकार करते हैं कि जहां कमी है, उसे दूर करना हमारी जिम्मेदारी है। हमारा प्रयास है कि चरणबद्ध तरीके से अधोसंरचना और शिक्षकों की कमी दूर करें। हमारा लक्ष्य है कि गरीब परिवार का बच्चा भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल के साथ आगे बढ़े।

    हर सरकार पर आरोप लगता है कि ब्यूरोक्रेसी नियंत्रण में नहीं है। आपको यह कितना सही या गलत तथ्य लगता है?

    ब्यूरोक्रेसी सरकार का महत्वपूर्ण अंग है लेकिन अंतिम जवाबदेही निर्वाचित सरकार की होती है। मैं अधिकारियों को काम करने की पूरी स्वतंत्रता देता हूं, लेकिन परिणाम के लिए जवाबदेही भी तय करता हूं। जहां लापरवाही या निष्क्रियता मिलेगी, वहां सरकार कार्रवाई करने में पीछे नहीं हटेगी।

    गृह विभाग आपके पास है। माओवाद से मुक्ति बड़ी उपलब्धि है, लेकिन पुलिस में भ्रष्टाचार के मामले सामने आते रहते हैं। पुलिस भ्रष्टाचार से कब मुक्त होगी? क्या एसपी की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए?

    माओवाद के खिलाफ हमारी पुलिस और सुरक्षा बलों ने असाधारण काम किया है। किसी अच्छे पुलिसकर्मी की मेहनत पर भ्रष्टाचार की एक घटना सवाल खड़ा करे, यह स्वीकार्य नहीं है। भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी, चाहे वह कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी भी महत्वपूर्ण है, जहां लगातार गंभीर लापरवाही मिलेगी, वहां जवाबदेही ऊपर तक तय करने में संकोच नहीं होगा।

    मध्य प्रदेश को 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। फिर जीआइएस हो रही है। क्या लक्ष्य है? क्या उद्योगों में प्रदेश के निवासियों को प्राथमिकता मिलेगी?

    बड़े-बड़े एमओयू ही नहीं, बल्कि निवेश जमीन पर उतरे, उद्योग शुरू हों और मध्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिले, यही हमारा लक्ष्य है। हमने निवेश नीतियों में रोजगार सृजन के प्रोत्साहन की व्यवस्था की है। हम चाहते हैं कि कंपनियां प्रदेश में निवेश करें तो स्थानीय प्रतिभा, उद्यमी और सप्लाई चेन भी उनसे जुड़ें। निवेश आएं, उद्योग लगें और रोजगार हमारे युवाओं को मिले, यही प्राथमिकता है।

    निवेश की सबसे अधिक संभावनाएं किन क्षेत्रों में देखते हैं?

    कृषि और खाद्य प्रसंस्करण से लेकर फार्मा, मेडिकल डिवाइस, टेक्सटाइल, आटोमोबाइल, आइटी, लाजिस्टिक्स और पर्यटन तक व्यापक संभावनाएं हैं। हम सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रानिक्स, ड्रोन जैसे नए क्षेत्रों पर भी ध्यान दे रहे हैं। हमारी वर्ष 2025 की नीतियों में इन क्षेत्रों के लिए अलग-अलग प्रोत्साहन व्यवस्थाएं भी हैं।

    पिछली जीआइएस में मिले लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों में से कितने धरातल पर उतरे और कितने रोजगार बने?

    एमओयू और वास्तविक निवेश में अंतर होता है, इसलिए हमारी प्राथमिकता प्रस्तावों को जमीन पर उतारने और रोजगार सृजन पर है। यही हमारी सफलता का असली पैमाना होगा। अब तक 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश धरातल पर उतर चुका है।

    राजस्व महाभियान, सेवा पखवाड़ा और अब मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान, इसके पीछे क्या सोच है? क्या गवर्नेस में सुधार दिखाई दे रहा है?

    सरकार का मूल्यांकन इससे होना चाहिए कि आम आदमी का काम कितनी आसानी से होता है। ऐसे अभियानों का उद्देश्य है कि लोगों को कार्यालयों के चक्कर न लगाना पड़े। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान भी इसी का विस्तार है। हमारा सोच स्पष्ट है, सरकार जनता पर विश्वास करे और जनता को भी सरकार पर विश्वास हो।

    क्या सुशासन की राह में सबसे बड़ी बाधा ब्यूरोक्रेसी की निष्क्रियता है?

    प्रदेश के अधिकतर अधिकारी-कर्मचारी मेहनत से काम कर रहे हैं, लेकिन कोई अधिकारी जनता से दूरी बनाता है, कार्यालय से बाहर नहीं निकलता या फाइलों को अनावश्यक रोकता है तो यह सुशासन के खिलाफ है। मैंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा है कि फील्ड में जाइए, जनता से मिलिए और समस्या को मौके पर समझिए और सुलझाइए।

    संभागीय स्तर पर एसीएस और एडीजी स्तर के अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन और निरीक्षण की जिम्मेदारी देने से क्या बदलाव आया?

    इसका सबसे बड़ा लाभ है कि शासन की निगरानी केवल मंत्रालय तक सीमित नहीं रहती, बल्कि संभाग स्तर पर वरिष्ठ अधिकारी सीधे जिम्मेदारी लेते हैं। इससे योजनाओं की वास्तविक स्थिति, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक समस्याओं की जानकारी तेजी से मुख्यमंत्री कार्यालय और सरकार तक पहुंचती है। मेरा मानना है कि जो अधिकारी मैदान में जाएगा, वही जमीन की वास्तविकता समझेगा।

     

  • कागपुर तालाब को मिला कंजर्वेशन रिजर्व का दर्जा, नीलकंठ समेत कई पक्षियों को मिलेगा नया जीवन

    कागपुर तालाब को मिला कंजर्वेशन रिजर्व का दर्जा, नीलकंठ समेत कई पक्षियों को मिलेगा नया जीवन

    विदिशा
     जिले से करीब 32 किमी दूर स्थित ग्राम कागपुर के तालाब की पहचान अब सिर्फ पानी के स्रोत के रूप में नहीं, बल्कि पक्षियों के सुरक्षित ठिकाने के रूप में भी होगी। राज्य सरकार ने कागपुर तालाब और आसपास के 53.5 हेक्टेयर क्षेत्र को कागपुर पक्षी संरक्षण रिजर्व घोषित कर दिया है। इसके लिए मध्यप्रदेश राजपत्र में अधिसूचना जारी की गई। इससे लंबे समय से पक्षियों की मौजूदगी के कारण पहचान बना चुके इस क्षेत्र को अब सरकारी स्तर पर संरक्षण मिलेगा।

    दो नदियों के बीच है तालाब
    कागपुर गांव में स्थित तालाब दो नदियों के बीच है। तालाब में सालभर पानी और आसपास का प्राकृतिक वातावरण पक्षियों के लिए अनुकूल है। वन विभाग के शुरुआती सर्वे में यहां बड़ी संख्या में पक्षी पाए गए हैं। इनमें बगुला, ब्लैक आइबिस, रामचिरैया और नीलकंठ प्रमुख हैं। पक्षियों की लगातार मौजूदगी को देखते हुए क्षेत्र को सुरक्षित रखने की जरूरत महसूस की गई थी।

    सरकार की अधिसूचना के बाद कागपुर तालाब के आसपास का निर्धारित क्षेत्र पक्षियों और उनके प्राकृतिक आवास को बचाने के लिए सुरक्षित रहेगा। राजपत्र में इस क्षेत्र की सीमाएं भी तय की गई हैं। इसमें कागपुर गांव के खसरा नंबर 125 और 126 सहित आसपास की कुछ जमीन शामिल है। कुल क्षेत्रफल 0.535 वर्ग किलोमीटर यानी 53.5 हेक्टेयर है।

    नौ माह पहले सीएम ने की थी घोषणा, अब मिला सरकारी दर्जा
    मालूम हो, भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह कागपुर के ही रहने वाले है। पिछले साल 21 नवंबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उन्हीं के आमंत्रण पर कागपुर गांव पहुंचे थे और उन्होंने कागपुर को पक्षियों के लिए सुरक्षित क्षेत्र बनाने की घोषणा की थी।

    नौ माह नद अब सरकार ने राजपत्र में अधिसूचना जारी कर इस घोषणा को अमल में ला दिया है। इससे कागपुर तालाब क्षेत्र में पक्षियों को संरक्षण मिलने के साथ ही भविष्य में इसे देखने और प्रकृति से जुड़ने के लिए विकसित करने की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।

  • प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के लिए छुट्टी भी निरस्त! सोमवार तक मिलेगा 6 प्रतिशत की छूट का लाभ

    प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के लिए छुट्टी भी निरस्त! सोमवार तक मिलेगा 6 प्रतिशत की छूट का लाभ

    भोपाल 

    राजधानी भोपाल में रक्षाबंधन जैसे महापर्व के मौके पर अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं। नगर निगम भोपाल ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। कर्मचारियों, अधिकारियों की शनिवार और रविवार की साप्ताहिक छुट्टी रद्द कर दी गई है। दोनों दिन नगर निगम भोपाल के सभी वार्ड और जोन ऑफिस खुले रहेंगे। प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के लिए यह कदम उठाया गया है। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार भोपाल में टैक्स में 6 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। साप्ताहिक छुट्टी वाले दिन यानि शनिवार और रविवार को भी यह छूट मिलेगी।

    निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने निगम के सभी जोन और वार्ड कार्यालय खोलने के निर्देश दिए
    मध्यप्रदेश में प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के लिए सख्ती की जा रही है। इसके लिए भोपाल नगर निगम में शनिवार, रविवार के अवकाश निरस्त किए गए हैं। निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने निगम के सभी जोन और वार्ड कार्यालय खोलने के निर्देश दिए हैं। संबंधित कर्मचारियों, अधिकारियों से दफ्तरों में मौजूद रहने को कहा है।

    प्रॉपर्टी टैक्स में मिलेगी छूट:
    अवकाश के दिन नगर निगम भोपाल के सभी जोन-वार्ड ऑफिस खुलेंगे और यहां प्रॉपर्टी टैक्स में निर्धारित 6 प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी। सोमवार को भी राहत मिलेगी। प्रॉपर्टी टैक्स में छूट के अब महज तीन ही दिन बचे हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के संपत्ति कर में यह छूट दी जा रही है। निगम ने छूट का लाभ उठाने के लिए करदाताओं की सुविधा के लिए शनिवार और रविवार का अवकाश निरस्त करने का फैसला किया है।

    रविवार को कर संग्रह अधिक
    नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, संपत्ति कर भुगतान को सुविधाजनक बनाने के लिए यह सुविधा दी जा रही है। कई लोग कार्यदिवसों में बीएमसी कार्यालयों में नहीं जा पाते हैं। पूर्व में रविवार को कर संग्रह अधिक भी रहा है।

    बता दें कि भोपाल नगर निगम (बीएमसी) के कार्यालय बुधवार को बंद रखकर और रविवार को कार्य करने की संभावना पर भी विचार चल रहा है। इसके लिए नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने सभी नोडल अधिकारियों, अतिरिक्त आयुक्तों, उपायुक्तों, सहायक आयुक्तों और राजस्व अधिकारियों (आरओ) से सुझाव भी बुलाए हैं। फिलहाल वार्ड प्रभारी और अन्य निचले स्तर के कर्मचारियों के साथ इस व्यवस्था पर चर्चा की जा रही है हालांकि इसका विरोध ज्यादा हो रहा है।

  • नेहा पच्चीसिया की तलाश में SIT का शिकंजा, 10 हजार का इनाम घोषित; आज जमानत पर फैसला

    नेहा पच्चीसिया की तलाश में SIT का शिकंजा, 10 हजार का इनाम घोषित; आज जमानत पर फैसला

    कटनी 

     कटनी की पूर्व सीएसपी (नगर पुलिस अधीक्षक) नेहा पच्चीसिया अब गिरफ़्तारी से बचने के लिए दर—दर भटक रहीं हैं। पुलिस उनके पीछे पड़ी है। कभी पुलिस अफसर के रूप में कानून-व्यवस्था संभालने वालीं पूर्व सीएसपी नेहा पच्चीसिया अब खुद पुलिस से भाग रही हैं। बहुचर्चित जमीन सौदा कांड में एफआइआर दर्ज होने के बाद पूर्व सीएसपी समेत तीनों आरोपी फरार हैं। एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी की गिरफ़्तारी पर 10 हजार का इनाम घोषित किया है। विदेश भागने की आशंका को देख लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है। एसआइटी और पुलिस टीमों ने कार्रवाई तेज कर दी है। संभावित ठिकानों पर दी जा रही दबिश के दौरान आरोपियों के मकानों पर ताले मिले हैं।

    पुलिस अफसर के रूप में जिनपर कटनी की कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी थी अब नेहा पच्चीसिया को उसी पुलिस से बचने के लिए यहां वहां भागना पड़ रहा है। बहुचर्चित सीएसपी जमीन सौदा कांड में एफआईआर दर्ज होने के बाद पूर्व सीएसपी समेत तीनों आरोपी फरार हैं। मामले में नेहा पच्चीसिया के साथ क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी आरोपी हैं। एसआईटी और पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, लेकिन आरोपी हाथ नहीं आए।

    मामले में नेहा पच्चीसिया के अलावा मुख्य फाइनेंसर क्षितिज राज बारापात्रे और कागजी खरीदार मारूफ अहमद हनफी भी आरोपी हैं। कुठला थाने में मामला दर्ज होने के बाद से तीनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रत्येक आरोपी पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है।

    हत्या के आरोपी को लाभ पहुंचाने का आरोप
    जांच के अनुसार, मामले की शुरुआत हत्या के आरोपी रमेश लोधी को कथित तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाने और पद के दुरुपयोग से जुड़ी है। आरोप है कि नियमों का उल्लंघन करते हुए करीब 90 दिनों तक अदालत में चार्जशीट पेश नहीं की गई, ताकि आरोपी को डिफॉल्ट जमानत का लाभ मिल सके।

    जांच में यह भी सामने आया है कि इस मदद के बदले हत्या के आरोपी की करीब 1 करोड़ 7 लाख रुपए कीमत की जमीन को नेहा पच्चीसिया ने अपने करीबियों के नाम कथित तौर पर काफी कम कीमत पर लिखवा लिया।

    मोबाइल बंद, पुलिस की दबिश जारी
    एफआईआर दर्ज होने के बाद से तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए एसआईटी, पुलिस की अलग-अलग टीमें और साइबर सेल लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

    साइबर सेल से मिली लोकेशन के आधार पर पुलिस ने फरार आरोपी मारूफ अहमद हनफी के संभावित ठिकाने पर भी दबिश दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह वहां से निकल गया। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा द्वारा इनाम घोषित किए जाने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए साइबर सर्विलांस और मुखबिर तंत्र को और सक्रिय किया है।

    आज तय होगा जमानत पर रुख
    नेहा पच्चीसिया ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। आज होने वाली सुनवाई में दोनों पक्षों की शेष दलीलें सुनी जाएंगी। इसके बाद अदालत यह तय कर सकती है कि निलंबित सीएसपी को अग्रिम जमानत का लाभ मिलेगा या नहीं।

    एसआईटी को आरोपियों के मकानों पर ताले मिले
    गत दिवस कटनी पहुंची एसआईटी को आरोपियों के मकानों पर ताले मिले थे। मारूफ के घर पर तो कई दिनों से ताला बंद बताया गया। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने अब तीनों की गिरफ़्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया है। इनाम की घोषणा के साथ ही पुलिस ने आरोपियों को पकडऩे के लिए अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है।

    संभावित ठिकानों पर तलाश बढ़ाई
    जमीन सौदा प्रकरण में नाम आने के बाद पूर्व सीएसपी की भूमिका जांच के दायरे में आई। विभागीय जांच के बाद मामला थाने तक पहुंचा और एफआईआर दर्ज हुई। अब स्थिति यह है कि जिस पुलिस विभाग में नेहा पच्चीसिया अधिकारी के तौर पर जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं, वही पुलिस उनकी अरेस्टिंग के लिए दबिश दे रही है। पुलिस ने इसके लिए इनाम घोषित करने के साथ ही प्रदेश के अलग-अलग संभावित ठिकानों पर तलाश बढ़ा दी है। आरोपियों के संपर्कों और आवाजाही की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

    प्रकरण कन्हवारा की जमीन के कथित सौदे से जुड़ा है। शिकायत और जांच में आरोप है कि करीब 82.86 लाख रुपए की गाइडलाइन कीमत वाली जमीन की रजिस्ट्री महज 18.20 लाख रुपए में कराई गई।

  • तेज बारिश से सतना और चित्रकूट जलमग्न! कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात, सड़कों पर नावें चलीं

    तेज बारिश से सतना और चित्रकूट जलमग्न! कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात, सड़कों पर नावें चलीं

    सतना/चित्रकूट

    मध्य प्रदेश के सतना-चित्रकूट में बारिश का कहर जारी है। लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नागौद थाने में पानी घुस गया है, जबकि चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी सड़कों तक पहुंच गया है।  देर रात से शुरू हुई लगातार हो रही बारिश ने शनिवार सुबह जिले के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। करीब 14 घंटे से रुक-रुककर जारी बारिश के कारण सतना शहर की निचली बस्तियों से लेकर नागौद, बिरसिंहपुर और ग्रामीण क्षेत्रों तक जलभराव के हालात बन गए। कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया।

    सड़कें जलमग्न होने से शहर के अंदर आवागमन प्रभावित हुआ और कई मार्गों पर आवाजाही रोकनी पड़ी। उधर, चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। जलस्तर तेजी से बढ़ने से घाट और आसपास का बड़ा इलाका पानी की चपेट में आ गया।

    शहर में घरों तक पहुंचा पानी
    सतना शहर के वार्ड क्रमांक 10 के बरदाडीह में हिंदुस्तान ट्रेडर्स के पास कई घरों में पानी घुस गया। वार्ड 26-27 के बीच बना कच्चा नाला ओवरफ्लो होने से आसपास के इलाकों में पानी भर गया। खूंथी बस्ती में कुछ घरों में कमर तक पानी पहुंचने की सूचना है। प्रेम विहार कॉलोनी और पन्ना नाका-उमरी क्षेत्र में भी घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोग परेशान रहे।

    बारिश के कारण कोतवाली चौराहे से कलेक्ट्रेट जाने वाला मार्ग भी बंद हो गया। शहर के कई अन्य हिस्सों में सड़कों पर पानी भरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अगले 4 दिन तक बारिश का दौर रहेगा। शनिवार को 7 जिले- रीवा, सीधी, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। भोपाल में रिमझिम बारिश होगी। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज बरसात के कम आसार हैं।

    वहीं, जबलपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    MP में लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ एक्टिव IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, प्रदेश के ऊपर एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) और मानसून ट्रफ एक्टिव है, लेकिन एमपी में इनका असर नहीं है। इस वजह से प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की संभावना नहीं है।

    प्रदेश में अब तक सामान्य से 2.6 इंच कम बारिश IMD (मौसम केंद्र) की माने तो प्रदेश में अब तक 683.9 मिमी यानी, 26.9 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 29.5 इंच (750.9 मिमी) की तुलना में 2.6 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 9 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 6% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% बारिश कम हुई है।

    नागौद थाना परिसर बना तालाब
    नागौद में लगातार बारिश से स्थिति गंभीर हो गई। थाना परिसर में पानी भर गया और पानी थाना भवन के अंदर तक पहुंच गया। इंदिरा नगर सहित कई इलाकों में भी जलभराव रहा। दूसरी ओर, करीब आठ घंटे से बिजली आपूर्ति बंद रहने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई।

    नागौद का खजलिया तालाब भी ओवरफ्लो हो गया। कई स्थानों से पानी बहने के कारण आसपास के क्षेत्रों में खतरे की आशंका बनी हुई है।

    बिरसिंहपुर के कई वार्ड डूबे
    बिरसिंहपुर में बारिश का असर व्यापक है, अधिकांश वार्डों में जलभराव हुआ। वार्ड 2, 3 और 8 की सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं और कई घरों में पानी प्रवेश कर गया। जिले के नदी-नाले भी उफान पर हैं।

    जैतवारा-कोठी मार्ग प्रभावित
    जैतवारा-कोठी-सतना मार्ग पर भी बारिश के कारण आवागमन प्रभावित हुआ। मौके पर जैतवारा थाना प्रभारी मौजूद रहे। बारीअमराई-देवरा मार्ग की स्थिति भी खराब हो गई। ग्राम पंचायत उजरौधा में बाढ़ जैसे हालात बन गए और घरों में पानी पहुंच गया।

    चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप
    चित्रकूट में बारिश ने सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाई है। देर रात हुई तेज बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। नदी के उफान पर आने से रामघाट सहित आसपास के इलाके जलमग्न हो गए। कई दुकानों में पानी भर गया और घाट किनारे रखा सामान बहने की सूचना है।

    रामघाट क्षेत्र में स्थिति ऐसी बन गई कि कई रास्तों पर नाव चलने लगी। एक मंजिल तक की कई इमारतें पानी की चपेट में आ गईं। चित्रकूट के प्रमुख धार्मिक स्थलों और वहां जाने वाले रास्तों तक भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है।

    प्रकृति ने बंद की एमपी-यूपी की सीमा
    यूपी-एमपी को जोड़ने वाले मार्ग पर भी आवागमन प्रभावित हुआ है। अचानक बढ़े जलस्तर के कारण लोग अपने घरों और दुकानों का सामान ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। बारिश अभी जारी है, इसलिए मंदाकिनी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

    सतना शहर के हालात

    बरदाडीह: घरों में घुसा पानी

    खूंथी बस्ती: कमर तक पानी

    वार्ड 26-27: कच्चा नाला ओवरफ्लो

    पन्ना नाका-उमरी: घर-दुकान जलमग्न

    कलेक्ट्रेट रोड: आवागमन बंद