Category: मध्य प्रदेश

  • महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा क्लेम रिजेक्ट, बीमा शिकायतों में गुजरात के बाद MP तीसरे स्थान पर

    महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा क्लेम रिजेक्ट, बीमा शिकायतों में गुजरात के बाद MP तीसरे स्थान पर

    भोपाल 

    हेल्थ इंश्योरेंस, वाहन बीमा से संबंधित शिकायतें लगातार बढ़ती जा रहीं हैं। बीमा लोकपाल के पास पहुंचने वाली शिकायतें एमपी में पिछले पांच सालों में 631.71% बढ़ गई हैं।पॉलिसी बेचते समय 'कैशलेस' का वादा करने वाली कंपनियां क्लेम के वक्त नियम-शर्तों की ऐसी बारीक लाइनें सामने रख देती हैं कि उपभोक्ता खुद को ठगा सा महसूस करता है।

    अपनी ही गाढ़ी कमाई के पैसों के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर परेशान हो चुके उपभोक्ता अब हार मानकर लोकपाल और अदालतों की शरण ले रहे हैं। लोक सभा में पेश किए गए सरकारी आंकड़ों ने बीमा क्षेत्र की इस मनमानी की पोल खोलकर रख दी है।

    मप्र में 369 से बढ़कर सीधे 2,700 पर पहुंचीं शिकायतें
    मध्य प्रदेश में बीमा कंपनियों की तानाशाही साल-दर-साल बढ़ते आंकड़ों से साफ समझ आती हैं। साल 2021-22 में प्रदेश भर से बीमा लोकपाल के पास दावों की हेराफेरी और रिजेक्शन को लेकर महज 369 शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।

    इसके अगले ही साल 2022-23 में शिकायतों का यह ग्राफ करीब तीन गुना की छलांग लगाकर 913 पर जा पहुंचा। इसके बाद आम उपभोक्ताओं को परेशान करने का खेल और तेजी से बढ़ा।

    वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा सीधे 2,405 पर पहुंच गया और वर्ष 2024-25 में भी कुल 2,420 नए विवादित मामले सामने आए। हद तो तब हो गई जब वर्ष 2025-26 की ताजा रिपोर्ट में मध्य प्रदेश से रिकॉर्ड 2,700 शिकायतें लोकपाल के दफ्तर पहुंचीं।

    यह आंकड़ा साफ गवाही देता है कि पिछले 5 साल में कंपनियों ने प्रदेश के उपभोक्ताओं का जीना दूभर कर दिया है, जिसके चलते शिकायतों में 631.71% का यह खौफनाक उछाल आया है।

    जब कंपनियों ने बंद की फाइलें, तो कोर्ट पहुंचे पॉलिसी होल्डर
    जब बीमा कंपनियां 'नो-क्लेम' का ठप्पा लगाकर उपभोक्ताओं की फाइलें बंद कर देती हैं, तब मजबूरन लोगों को कोर्ट और उपभोक्ता फोरमों का दरवाजा खटखटाना पड़ता है।

    आंकड़ों के मुताबिक, नेशनल लेवल पर कोर्ट पहुंचने वाले इन विवादित मामलों की संख्या वर्ष 2021-22 में जहां 19,025 थी, वह अब (2025-26) में ढाई गुना बढ़कर 46,122 हो चुकी है।

    मध्य प्रदेश के संदर्भ में देखें तो इस साल अकेले लोकपाल ने रिकॉर्ड 1,745 मामलों का निपटारा सीधे तौर पर पीड़ित परिवारों के पक्ष में किया है। वहीं अदालतों में भी उपभोक्ताओं की जीत का सिलसिला लगातार मजबूत हुआ है।

    पिछले पांच सालों में क्रमशः 10,871, 13,442, 22,015, 23,765 और इस साल रिकॉर्ड 25,418 से अधिक फैसले सीधे तौर पर ग्राहकों के हक में आए हैं। यह साबित करता है कि कंपनियां जिन दावों को 'खारिज' कर रही थीं, उनका आधार कानूनी रूप से बिल्कुल गलत और मनमाना था।

    महाराष्ट्र और गुजरात के बाद मप्र तीसरे नंबर पर
    लोक सभा की रिपोर्ट में जो सबसे चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है, वह यह है कि क्लेम रिजेक्ट करने और उपभोक्ताओं को रुलाने में देश का सबसे बड़ा औद्योगिक राज्य महाराष्ट्र सबसे आगे है, जहां वर्ष 2025-26 में सबसे ज्यादा 7,333 क्लेम रिजेक्ट होने की शिकायतें दर्ज की गईं।

    इस सूची में गुजरात दूसरे स्थान पर है, जहां 4,181 मामले दर्ज किए गए। भारी भरकम प्रीमियम वसूलने के बाद भी क्लेम न देने की इस बीमारी से हमारा मध्य प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर (2,700 मामले) खड़ा है।

    वहीं देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में भी 2,587 शिकायतें सामने आई हैं। दक्षिण भारत का रुख करें तो साक्षर राज्य केरल में 2,561 और तमिलनाडु में 2,371 शिकायतें दर्ज की गईं, जो यह साफ दिखाती हैं कि पूरे देश में इस समय बीमा कराने वाले उपभोक्ता कंपनियों के शोषण चक्रव्यूह में फंसे हुए हैं।

  • नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का दूसरा दिन रहा खास, हजारों बहनों ने मंत्री सारंग को बांधी राखी

    नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का दूसरा दिन रहा खास, हजारों बहनों ने मंत्री सारंग को बांधी राखी

    भोपाल 

    सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग को मंगलवार को वार्ड क्रमांक 39, 40 एवं 75 में आयोजित विश्व के सबसे बड़े नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के दूसरे दिन 36 हज़ार 854 बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर मंत्री  सारंग ने बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि मेरा यह सौभाग्य है कि हर वर्ष मुझे लाखों की संख्या में बहनें रक्षासूत्र बांधती है। उन्होंने कहा कि बहनों का अपार स्नेह और आशीर्वाद मेरे जीवन की अक्षय पूँजी है। कार्यक्रम में आईं सभी बहनों से मंत्री  सारंग ने राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया।

    नरेला में धूम-धाम से मनाया जाता है त्यौहार

    नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के दूसरे दिन बहनों को संबोधित करते हुए मंत्री  सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा में हर त्यौहार बड़े ही धूम-धाम और हर्ष-उल्लास के साथ मनाया जाता है। नरेला रक्षाबंधन महोत्सव नरेला परिवार का सबसे भव्य महोत्सव है। इस महोत्सव में प्रतिवर्ष लाखों बहनें मुझे रक्षासूत्र बांधकर अपना स्नेहिल आशीर्वाद प्रदान करती हैं।

    बहनों के बीच पहुँचकर बंधवाई राखी

    8 सितंबर तक चलने वाले रक्षाबंधन महोत्सव के दूसरे दिन भी बहनों ने कतारबद्ध होकर मंत्री  सारंग को राखी बांधी। मंत्री  सारंग ने बहनों के बीच पहुंचकर रक्षासूत्र बंधवाया। बुजुर्ग बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर मंत्री  सारंग के सिर पर हाथ रखकर आशीष दिया।

    पहले दिन 22 हज़ार 432 बहनों ने बांधे रक्षासूत्र

    मंत्री  सारंग को नरेला रक्षाबंधन महोत्सव-2026 के पहले दिन 22 हज़ार 432 बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर आशीर्वाद प्रदान किया। पिछले वर्ष लगभग 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने मंत्री  सारंग को रक्षासूत्र बांधा था।

    नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत

    नरेला रक्षाबंधन महोत्सव स्थल पहुँचने पर स्थानीय नागरिकों ने मंत्री  सारंग का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। मंत्री  सारंग को बग्गी से मुख्य कार्यक्रम स्थल तक ढोल-ताशो के साथ मंच तक ले जाया गया। इस अवसर पर जमकर आतिशबाजी भी की गई। मुख्य कार्यक्रम स्थल आगमन पर बहनों ने भी मंत्री  सारंग पर पुष्पवर्षा कर उनका आत्मीय स्वागत किया।

    3 सितंबर को वार्ड 76 और 59 में होगा रक्षाबंधन महोत्सव

    दिनांक 3 सितंबर 2026 को वार्ड क्रमांक 76 (दोप 12:00 बजे) एवं वार्ड क्रमांक 59 (शाम 04:00 बजे) में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यहां भी हजारों की संख्या में बहनें मंत्री  विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधकर आशीर्वाद प्रदान करेंगी।

     

  • कोई भी डीलर 4 हजार क्विंटल से अधिक चीनी का नहीं रखेगा स्टॉक : खाद्य मंत्री राजपूत

    कोई भी डीलर 4 हजार क्विंटल से अधिक चीनी का नहीं रखेगा स्टॉक : खाद्य मंत्री राजपूत

    भोपाल

    मध्यप्रदेश में कोई भी डीलर 4 हजार क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रखेगा। साथ ही स्टॉक को 30 दिन से अधिक समय तक भंडारित भी नहीं करेगा। सभी डीलरों द्वारा भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर स्टॉक की घोषणा को नियमित अद्यतन करना अनिवार्य होगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि इस संबंध में जरूरी कार्यवाही के निर्देश सभी कलेक्टर को दिये गये हैं।

    सरकारी खाते पर या राज्य सरकार या उसके द्वारा प्राधिकृत किसी प्राधिकारी द्वारा विशेष रूप से किसी डीलर के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अधीन उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से वितरण के लिये स्टॉक के भंडारण पर यह सीमा लागू नहीं होगी।

    थोक उपभोक्ताओं के लिये स्टॉक रखने की सीमा

    कोई भी थोक उपभोक्ता, जो उत्पादन, उपभोग या उपयोग के लिये कच्चे माल के रूप में किसी भी प्रकार से प्रतिमाह 10 मीट्रिक टन चीनी का उपयोग या उपभोग करता है, वह 15 दिनों से अधिक की अवधि के लिये चीनी का स्टॉक नहीं करेगा। थोक उपभोक्ता से अभिप्राय है हलवाई, मिठाई विक्रेता, शीतल पेय निर्माता, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग आदि, जिसने चालू माह को छोड़कर पिछले एक वर्ष के दौरान औसत मासिक खपत के रूप में न्यूनतम 100 मीट्रिक टन का उपयोग किया है।

    राज्य सरकार द्वारा इस आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री  पीयूष गोयल से की मुलाकात

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से की मुलाकात

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास, निवेश संभावनाओं पर चर्चा की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उपलब्ध व्यापक संभावनाओं, बेहतर अधोसंरचना और उद्योगों के अनुकूल वातावरण की जानकारी केंद्रीय मंत्री को दी। उन्होंने प्रदेश में नए निवेश को प्रोत्साहित करने तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श किया।

    मुलाकात के दौरान मध्यप्रदेश के औद्योगिक विस्तार, निर्यात को बढ़ावा देने और प्रदेश की आर्थिक क्षमता को नई ऊंचाई देने की दिशा में मिलकर कार्य करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से मध्यप्रदेश में निवेश एवं उद्योगों के लिए और अधिक अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है।

     

  • मुख्यमंत्री श्योपुर बलराम महोत्सव को करेंगे वर्चुअली संबोधित

    मुख्यमंत्री श्योपुर बलराम महोत्सव को करेंगे वर्चुअली संबोधित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेश के विभिन्न अंचलों में लगातार बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन किया जाकर किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। किसान कल्याण वर्ष में प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर बलराम कृषि महोत्सव मनाया जा रहा है। चंबल संभाग के श्योपुर में 2 सितंबर को मुरैना में 4 सितंबर को और भिंड में 5 सितंबर को बलराम कृषि महोत्सव मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को श्योपुर जिले में आयोजित बलराम महोत्सव को वर्चुअली संबोधित करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा अन्नदाता किसानों कोलाभान्वित करने के लिये किसान कल्याण वर्ष में विभिन्न कार्यक्रम संचालित किया जा रहे हैं। किसानों के हित में लक्ष्य निर्धारित कर सतत प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार ने वर्ष 2028-29 तक 100 लाख हैक्टेयर की सिंचाई क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। उद्यानिकी उत्पादन में 490 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य तय किया है। किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये सरकार ने प्रतिदिन 50 लाख लीटर दुग्ध संकल्न का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रदेश में 5,562 दुग्ध समितियों के माध्यम से 83 हजार सदस्यों को वित्तीय लाभ मिलेगा।

    किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये पीएम किसान सम्मान और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में पात्र हितग्राही किसानों को 12 हजार रूपये सालाना दिया जा रहा है। सरकार द्वारा किसानों को सिंचाई के लिये 5 रूपये में बिजली का स्थायी कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही 10 हॉर्स पॉवर तक के बिजली पंप कनेक्शन में सब्सिडी दी जा रही है। राज्य सरकार ने पीएम कुसुम योजना में 32 लाख किसानों को सोलर पंप देने का लक्ष्य निर्धारित कर सोलर पंप उपलब्ध करा रही है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में निवेश को बढ़ावा देने के लिये 60 प्रतिशत तक की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। सरकार कृषि आधारित उद्योगों में 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में सराकर ने किसान कल्याण वर्ष में कृषि भूमि अर्जन की स्थिति में किसानों को 4 गुना मुआवजा देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने किसानों को शून्य प्रतिशत की दर पर फसल ऋण का भुगतान साल भर में करने की सुविधा प्रदान की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशन में प्रदेश के समग्र विकास के लिये प्रतिबद्धता पूर्वक सभी वर्गों के कल्याण के लिये विभिन्न योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। किसान एवं संबद्ध राज्य सरकार ने 6 हजार करोड़ रूपये के मत्स्य निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें 12 हजार 400 करोड़ रूपये से अधिक का संभावित निवेश आयेगा। सरकार का लक्ष्य है कि दृढ़ संकल्पित होकर समृद्ध मध्यप्रदेश के लिये निरंतर कार्य कर रही है।

     

  • तीन राज्यों में 120 भैंसें चोरी, कालिया गैंग ने कबूली 40 वारदातें

    तीन राज्यों में 120 भैंसें चोरी, कालिया गैंग ने कबूली 40 वारदातें

    मंदसौर 

     राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात में 120 भैसे चुरा चुके मंदसौर की कालिया गैंग के चार सदस्यों को चित्तौड़गढ़ जिले की निकुंभ थाना पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस ने गिरोह के मास्टर माइंड आरिफ कालिया को भी गिरफ्तार किया है। अभी चारों आरोपियों ने तीन राज्यों में 40 जगह से 120 भैंसों की चोरी करना कबूली है।

    पुलिस की पूछताछ में मास्टरमाइंड आरिफ कालिया निवासी मुल्तानपुरा (मंदसौर) ने बताया कि गिरोह के सदस्य दोपहिया वाहन से मुल्तानपुरा से निकलते थे और पहले से तय रास्तों की रेकी करते थे। रात 9 से 10 बजे के बीच सुनसान बाड़ों के आस-पास पिकअप खड़ी कर उसमें भैंसों को चढ़ा देते थे। पिकअप में केवल चालक रहता था जो पहचान छुपाने के लिए मुंह ढंककर बिना नंबर की पिकअप चलाता था। बाकी आरोपित मोटरसाइकिल से ही आते-जामे थे। चुराई गई भैंसों को मंदसौर जिले के धुंधड़का पशु हाट में बेचकर रकम आपस में बांट लेते थे।

    हादसे के बाद भी पुलिस ने नहीं मानी हार

    28 जुलाई को चित्तौड़ जिले के ग्राम गरदाना से हुई चोरी के बाद चित्तौड़ एसपी धर्मेंद्रसिंह यादव के निर्देश पर निकुंभ थाना अधिकारी प्रभुसिंह चुंडावत की टीम ने जांच शुरु की। 31 जुलाई की रात में मंदसौर से लौटते समय पुलिस वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से कई जवान गंभीर घायल हो गए।

    टीम ने मुखबिर और तकनीकी मदद से मालनखेड़ी के पास गिरोह के मास्टर माइंड 25 वर्षीय आरिफ कालिया, 25 वर्षीय सरफराज, 33 वर्षीय शहजाद, 25 वर्षीय आसिफ चारों निवासी मुल्तानपुरा थाना वायडी नगर मंदसौर को गिरफ्तार कर लिया है। पिकअप और मोटरसाइकिल जब्त कर ली हैं।

     

  • पीआईएमआर भोपाल के दीक्षारंभ-2026 कार्यक्रम में हुए शामिल

    पीआईएमआर भोपाल के दीक्षारंभ-2026 कार्यक्रम में हुए शामिल

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल आज पीआईएमआर, भोपाल के दीक्षारंभ-2026 कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने संस्थान में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नए विद्यार्थियों के लिए यह अभिमुखीकरण कार्यक्रम उनके शैक्षणिक जीवन की महत्वपूर्ण शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई और भविष्य पर पूरी गंभीरता से ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि आज का युवा, जिसे जेन-जी कहा जाता है, ऐसे समय में आगे बढ़ रहा है जब भारत तेजी से बदल रहा है। यह युवाओं के लिए सौभाग्य की बात है। सरकार द्वारा अधोसंरचना और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य किया जा रहा है। जब मजबूत अधोसंरचना तैयार होती है, तो विभिन्न क्षेत्रों में विकास को गति मिलती है तथा देश की प्रगति की गति और विस्तार बढ़ता है।

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने स्पीड, स्केल और स्किल पर विशेष जोर दिया है। देश के विकास के लिए कुशल मानव संसाधन अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारे यहां केवल रोजगार के अवसरों की कमी नहीं है, बल्कि आवश्यक कौशल से युक्त मानव संसाधन तैयार करना भी एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। ऐसे शिक्षण संस्थानों की भूमिका इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी पढ़ाई, डिग्री और आगे की शिक्षा पर पूरा ध्यान केंद्रित करें तथा भारतीय संस्कृति और संस्कारों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि ऊंचाई पर पहुंचना उतना कठिन नहीं है, जितना ऊंचाई पर बने रहना कठिन है। इसलिए सफलता प्राप्त करने के साथ उसे बनाए रखने के लिए संस्कार, संस्कृति और मजबूत चरित्र आवश्यक हैं।

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि विद्यार्थी अपनी योग्यता और प्रतिभा को निरंतर निखारें और देश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को जिस संस्थान में प्रवेश मिला है, वहां उन्हें अच्छे अवसरों के साथ अनुभवी फैकल्टी का मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा। अब यह विद्यार्थियों पर निर्भर है कि वे इन अवसरों का सदुपयोग करते हुए अपने भविष्य को किस प्रकार आकार देते हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनकर देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। कार्यक्रम में पीआईएमआर के चेयरमैन डॉ. हिमांशु जैन, डायरेक्टर डॉ अनिल बाजपेयी, प्रिंसिपल डॉ रेणु यादव सहित नवप्रवेशित छात्र, छात्राएं, अभिभावक एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

     

  • वैज्ञानिक पद्धति और डिजिटल तकनीक पर जोर, तीन दिवसीय विवेचना प्रशिक्षण कार्यशाला का आगाज

    वैज्ञानिक पद्धति और डिजिटल तकनीक पर जोर, तीन दिवसीय विवेचना प्रशिक्षण कार्यशाला का आगाज

    भोपाल

    अपराधों की विवेचना को अधिक वैज्ञानिक, तार्किक एवं साक्ष्य-आधारित बनाने तथा विवेचकों एवं स्टाफ को आधुनिक फॉरेंसिक एवं डिजिटल तकनीकों में दक्ष बनाने के उद्देश्य से विशेष पुलिस महानिदेशक  पंकज वास्तव के निर्देशन में तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक  साकेत पाण्डेय,  प्रशांत खरेएवं सहायक पुलिस महानिरीक्षक  मनीष खत्री के मार्गदर्शन मेंअपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा 03 दिवसीय विशेष फॉरेंसिक, वैज्ञानिक एवं डिजिटल विवेचना प्रशिक्षण कार्यशालाका आयोजन आज शुभारंभ हुआ।कार्यशाला 01 से 03 सितम्बर 2026 तक आयोजित की जा रही है।

    कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों एवं विवेचकों को अपराध स्थल से साक्ष्य संकलन, संरक्षण, वैज्ञानिक परीक्षण, आधुनिक अपराध अनुसंधान तकनीकों, फॉरेंसिक साइंस तथा डिजिटल टूल्स के व्यावहारिक उपयोग के साथ-साथ डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत उपयोग के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे अपराधों की अनुसंधान एवं विवेचना तार्किक व वैज्ञानिक साक्ष्यों से परिपूर्ण हो सके और दोषसिद्धि दर (कन्विक्शन रेट) में वृद्धि हो सके। कार्यशाला में राज्य के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।

    कार्यशाला का शुभारंभ 01 सितंबर को प्रातः 10 बजे हुआ, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रशिक्षण की रूपरेखा पर विस्तृत परिचर्चा की और प्रतिभागियों को कार्यशाला के उद्देश्यों से अवगत कराया। डायरेक्टर फिंगर प्रिंट शाखा  मनोज राजपुत ने चांस प्रिंट (घटनास्थल पर मिलने वाले अस्पष्ट अंगुल चिन्ह) को विकसित करने की आधुनिक विधियों, घटनास्थल निरीक्षण एवं जब्ती प्रक्रिया, विवादित दस्तावेजों में अंगुल चिन्ह की जाँच, इंकलेस पैड व लाइव स्कैनर के माध्यम से सर्च स्लिप तैयार करने की प्रक्रिया, तथा NAFIS एवं MCU प्रणाली से जुड़े विधिक प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी।

    पुलिस अधीक्षक सीआईडी  ऋतुराज गुप्ता ने प्रश्नगत दस्तावेज परीक्षण (भाग-1) के अंतर्गत आधुनिक आपराधिक न्याय परिदृश्य में प्रश्नगत दस्तावेजों के महत्व, उनके वर्गीकरण एवं परीक्षण, संदेहास्पद अभिलेखों की जब्ती तथा परीक्षण के आधारभूत सिद्धांतों को समझाया।

     गुप्ता ने प्रश्नगत दस्तावेज परीक्षण के द्वितीय भाग में हस्ताक्षर एवं हस्तलेख मिलान, कूटरचित (जाली) दस्तावेजों की पहचान, मानक तुलनात्मक नमूने (specimens) एकत्र करने की विधि तथा संबंधित केस स्टडीज पर व्यावहारिक जानकारी दी।

    राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, पुलिस मुख्यालय भोपाल के विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा एस.सी.आर.बी. तकनीकी सत्र आयोजित किया गया। इसमें e-Sakshya (ई-साक्ष्य), e-Vivechana (ई-विवेचना), e-Raksha (ई-रक्षा) तथा ICJS पोर्टल्स के विवेचना में व्यावहारिक उपयोग, डिजिटल साक्ष्य अपलोडिंग, केस डायरी के डिजिटाइजेशन तथा कोर्ट-प्रॉसिक्यूशन डेटा के एकीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया।

    कार्यशाला के आगामी सत्रों में फॉरेंसिक भौतिकी एवं वॉयस में भौतिकी साक्ष्य प्रबंधन, फॉरेंसिक रसायन एवं विष विज्ञान, फॉरेंसिक बायोलॉजी, सीरोलॉजी एवं DNA, अपराध स्थल अन्वेषण, क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन किट, बैलिस्टिक्स, CID Photography तथा न्यायालयीन प्रमाणीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा विवेचना की गुणवत्ता में निरंतर सुधार, वैज्ञानिक साक्ष्यों के अधिकतम उपयोग तथा आधुनिक तकनीक को पुलिस अनुसंधान एवं न्यायिक प्रक्रिया से प्रभावी रूप से जोड़ने की दिशा में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

  • पिकनिक के बाद चार बच्चों की मौत से हड़कंप, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच

    पिकनिक के बाद चार बच्चों की मौत से हड़कंप, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच

     शिवपुरी

    शहर के फिजिकल क्षेत्र में सईसपुरा निवासी एक ही परिवार के तीन सगे भाइयों सहित चार बच्चों की 10 दिनों के भीतर रहस्यमय बीमारी से मौत हो गई। 16 अगस्त को दोस्तों के साथ सिंध नदी किनारे पार्टी मनाने के बाद से बच्चों की तबीयत बिगड़नी शुरू हुई थी। चारों की मौत से पहले एक जैसे लक्षण- तेज बुखार, पेट में असहनीय दर्द, उल्टी-दस्त और फिर शरीर के अंगों का धीरे-धीरे काम करना बंद कर देना सामने आए हैं।

    मामले के तूल पकड़ने के बाद मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पीड़ित परिवार के घर पहुंची और पूरे क्षेत्र में सर्वे शुरू किया गया है। विभाग के अफसर भी हैरान हैं, क्योंकि बच्चों की सभी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने परिवार को निगरानी में ले लिया है और किसी भी सदस्य को बुखार या पेट दर्द होने पर तुरंत विभाग को सूचना देने को कहा है।

    18 अगस्त को ताहिर को आया था बुखार

    सईसपुरा निवासी तनवीर खान का बड़ा बेटा ताहिर(14) 16 अगस्त को दोस्तों के साथ गोरा टीला स्थित सिंध नदी पर नहाने और पार्टी करने गया था। 18 अगस्त को उसे बुखार आया। सेवानिवृत्त शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. निसार खान ने दवा दी और जिला अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। 20 अगस्त को बुखार फिर आया, रात 9:30 बजे उल्टी-दस्त शुरू हुए। परिजन जिला अस्पताल ले गए, जहां 21 अगस्त की आधी रात उसकी मौत हो गई। तनवीर की बहन तब्बसुम के बेटे अयाज(19) निवासी हम्माल मोहल्ला की 20 अगस्त को तबीयत बिगड़ी। सुखदेव अस्पताल में तीन दिन इलाज चला, आराम न मिलने पर ग्वालियर रेफर किया गया। 21 अगस्त को ग्वालियर में ही उसकी मौत हो गई।

    ताहिर के दोनों छोटे भाईयों को भी आया बुखार, 31 को तोड़ दिया दम

    26-27 अगस्त को तनवीर के दो छोटे बेटे तारूख उर्फ पप्पू (11) और तासिफ उर्फ चिंटू(9) को बुखार आया। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। 31 अगस्त को तारूख को मेडिकल कालेज शिवपुरी रेफर किया गया, जहां उसी दिन उसकी मौत हो गई। उसी दिन तासिफ को भी रेफर किया गया, परिजनों ने उसे ग्वालियर भेजा। तासिफ के ताऊ भाई मियां ने बताया कि ग्वालियर में उसके मलेरिया, डेंगू, कोविड सहित सभी टेस्ट निगेटिव आए। 31 अगस्त की रात को उपचार के दौरान उसकी भी जान चली गई।

    सीएमएचओ ने कहा कि बच्चों की केस शीट जिला अस्पताल, सुखदेव अस्पताल, शिवपुरी मेडिकल कालेज और ग्वालियर मेडिकल कालेज से मंगवाई जा रही है, ताकि लक्षण और ट्रीटमेंट प्रोटोकाल का अध्ययन किया जा सके। क्षेत्र में लार्वा सर्वे कराया गया, डेंगू का लार्वा नहीं मिला। बच्चों में सांस फूलने का लक्षण नहीं था, इसलिए कोविड की आशंका कम है। यदि यह वायरल या बैक्टीरियल आउटब्रेक होता तो मोहल्ले के अन्य लोग भी बीमार होते, लेकिन ऐसा कोई ट्रेंड नहीं है। हम बीमारी का पता लगाने के लिए जांच करवा रहे हैं।

     

  • मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट, सीधी-भोपाल समेत 7 जिले रेड जोन में

    मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट, सीधी-भोपाल समेत 7 जिले रेड जोन में

     भोपाल

    बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अगले 48 घंटों में उत्तर ओडिशा और झारखंड के रास्ते पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा। इसके साथ ही दक्षिण गुजरात से लेकर मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ होते हुए बंगाल की खाड़ी तक एक मजबूत ट्रफ लाइन गुजर रही है। इस सिस्टम के असर से बुधवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी से अति भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।

    पूर्वी मप्र के सीधी, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, सिवनी, मंडला और पन्ना जिलों में अति भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं विदिशा, रायसेन और नर्मदापुरम समेत 13 जिलों में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा के आसार हैं। राजधानी भोपाल, सीहोर और राजगढ़ समेत मध्य क्षेत्र के जिलों में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।