Category: मध्य प्रदेश

  • रायसेन जेल में फायरिंग से हड़कंप, कैदी की गोली से जेल प्रहरी घायल; भोपाल में इलाज जारी

    रायसेन जेल में फायरिंग से हड़कंप, कैदी की गोली से जेल प्रहरी घायल; भोपाल में इलाज जारी

    रायसेन 
    रायसेन जि
    ला जेल में बुधवार को सुबह एक कैदी ने जेल प्रहरी को गोली मार दी। यह गोली प्रहरी की कमर के नीचे लगी है, गंभीर हालत में उसे भोपाल रैफर किया गया है। पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है कि इस कैदी के पास जेल में कट्टा कैसे पहुंचा।

    रायसेन जिला जेल में बुधवार की सुबह 9 बजे जब सभी कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात थे। तभी नीलेश ठाकुर नाम का आरोपी, जिस पर पहले से ही 307 और 302 के मुकदमे चल रहे हैं। उसने जेल के भीतर कट्टे से जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह पर फायर कर दिया। यह गोली जेल प्रहरी के कमर के नीचे धंस गई। डाक्टरों ने जांच के बाद गंभीर हालत में भोपाल के एम्स अस्पताल रेफर कर दिया है। 

    भागने की फिराक में था कैदी
    बताया जा रहा है कि कैदी नीलेश जेल का गेट खुलवाकर भागने की फिराक में था। तभी उसने जेल प्रहरी पर गोली चला दी। यह भी बताया जा रहा है कि स्कूली बच्चों के साथ रक्षाबंधन कार्यक्रम होने वाला था। इसी कार्यक्रम के लिए फलों की टोकरी लेकर कैदी नीलेश गेट पर आया था तभी उसने गोली चला दी। नीलेश रायसेन जिले के बरेली के पास दिमाड़ा गांव का रहने वाला है। वह विचाराधीन कैदी है। एसडीओपी प्रिभा शर्मा के बताया कि नीलेश ठाकुर का आपराधिक रिकार्ड रहा है। मामले की जांच की जा रही है।

    एम्स भोपाल रेफर किया
    रायसेन जिला अस्पताल के चिकित्सक अभिषेक सागर के मुताबिक मरीज की पीठ के ऊपरी भाग में गोली लगी है। एक्सरे- में गोली फेफड़े के निचले भाग में नजर आ रही है। फेफड़े में पानी भी जमा होना शुरू हो गया है। मरीज की जान खतरे में है, इसलिए उसे एम्स भोपाल रेफर कर दिया है।

    एसपी आशुतोष गुप्ता बोले- कट्टा जेल में कैसे गया, जांच होगी
    घटना के बाद से ही जिला जेल में बड़े अधिकारियों का जमावड़ा है। एसपी अशुतोष गुप्ता समेत कई बड़े अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए थे। एसपी आशुतोष गुप्ता ने कहा कि चूंकि घटना जेल के भीतर हुई है, इस मामले में जेल अधिकारियों के साथ जांच की जाएगी। गुप्ता ने आरोपी के आपराधिक रिकार्ड वाला बताया और कहा कि उस पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज है। गुप्ता ने यह भी कहा कि जेल के भीतर कट्टा कैसे गया इसकी भी जांच की जा रही है। जेल के स्टाफ से भी पूछताछ की जाएगी।

  • MP में पूर्व कांग्रेस विधायक संजय शर्मा के ठिकानों पर ED का एक्शन, टोल वसूली मामले में रिकॉर्ड की जांच

    MP में पूर्व कांग्रेस विधायक संजय शर्मा के ठिकानों पर ED का एक्शन, टोल वसूली मामले में रिकॉर्ड की जांच

    नरसिंहपुर
    मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां तेंदूखेड़ा राजमार्ग में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने छापा मारा है। बताया जा रहा है कि शराब कारोबारी रामलाल झारिया के ठिकानों पर दबिश दी गई है। रामलाल झारिया पूर्व विधायक संजय शर्मा का करीबी बताया जा रहा है। फिलहाल ईडी के अधिकारी दस्तावेजों की जांच पड़ताल में जुटे हुए हैं। घर और कार्यालय में मौजूद कागजात खंगाल रहे है।

    NHAI के अलग-अलग टोल प्लाजा पर फर्जी टोल वसूली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। ED ने बुधवार को PMLA की धारा-17 के तहत एक साथ 14 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।

    इसी सिलसिले में दिल्ली से आई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने तेंदूखेड़ा से पूर्व कांग्रेस विधायक संजय शर्मा के नरसिंहपुर हाईवे स्थित कार्यालय पर छापेमारी की। जानकारी के अनुसार, करीब आधा दर्जन गाड़ियों से पहुंची टीम ने जिले में उनके अलग-अलग कार्यालयों में जांच शुरू की है।

    बताया जा रहा है कि ED की टीम तेंदूखेड़ा और देवरी स्थित कार्यालयों में भी पहुंची है। अधिकारी कार्यालय के अंदर दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय फर्जी टोल वसूली मामले में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू, मध्य प्रदेश, NCR और कोलकाता स्थित परिसरों पर तलाशी ले रहा है।

    यह खबर अभी आई है। इसे सबसे पहले आप लल्लूराम डॉट कॉम (Lalluram.com) पर पढ़ रहे हैं। जैसे-जैसे जानकारी मिल रही है, हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं। इस न्यूज से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए पेज को रिफ्रेश करते रहें, ताकि सभी अपडेट आपको तुरंत मिल सकें।

    फर्जी रसीद बनाकर रकम डायवर्ट करने का आरोप
    ED के अनुसार टोल वसूली में अनधिकृत सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन के इस्तेमाल से फर्जी टोल रसीदें तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि इसके जरिए टोल से वसूली गई रकम को NHAI के आधिकारिक अकाउंटिंग सिस्टम से बाहर डायवर्ट किया गया।

    जांच एजेंसी के मुताबिक फॉरेंसिक परीक्षण और NHAI के रिकॉर्ड की जांच में अनधिकृत सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है। तलाशी के दौरान डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े लाभार्थियों और अपराध से अर्जित रकम का पता लगाया जा रहा है।

    14 राज्यों में एक साथ कार्रवाई
    ED की लखनऊ जोनल ऑफिस की टीमों ने PMLA की धारा 17 के तहत उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, मध्यप्रदेश, NCR और कोलकाता समेत कई स्थानों पर सर्चिंग शुरू की है।

    मामले की जांच 22 जनवरी 2025 की FIR संख्या 17 और 19 मई 2025 को दर्ज ECIR संख्या ECIR/ASZO/04/2025 के आधार पर की जा रही है। ED अब टोल वसूली में कथित गड़बड़ी से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।

    नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा हाईवे के टोल में गड़बड़ी का आरोप
    ED की छापेमारी में नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा नेशनल हाईवे पर टोल वसूली में गड़बड़ी सामने आने की जानकारी है। बताया जा रहा है कि इस मार्ग की टोल वसूली का काम संजय शर्मा की कंपनी के पास है। संजय शर्मा कांग्रेस से विधायक रहे हैं।

    ED ने NHAI के टोल प्लाजा पर फर्जी टोल वसूली और रकम की हेराफेरी के मामले में कार्रवाई शुरू की है। जांच एजेंसी के मुताबिक, टोल वसूली में अनधिकृत सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर फर्जी टोल रसीदें तैयार की जा रही थीं।

    आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए टोल से वसूली गई रकम को NHAI के आधिकारिक अकाउंटिंग सिस्टम से बाहर डायवर्ट किया गया। फॉरेंसिक परीक्षण और NHAI के रिकॉर्ड की जांच में अनधिकृत सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल की पुष्टि होने की बात ED ने कही है।

    एमपी-यूपी समेत कई राज्यों में ईडी की सर्चिंग
    ED की टीमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, NCR और कोलकाता समेत कई स्थानों पर परिसरों की तलाशी ले रही हैं। कार्रवाई PMLA की धारा 17 के तहत की जा रही है।

    तलाशी का मकसद फर्जीवाड़े से जुड़े डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाना, नेटवर्क से जुड़े लाभार्थियों की पहचान करना और अपराध से अर्जित रकम का पता लगाना है। ED कथित फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है।

    FIR और ECIR के आधार पर जांच
    यह जांच 22 जनवरी 2025 की FIR संख्या 17 और 19 मई 2025 को दर्ज ECIR संख्या ECIR/ASZO/04/2025 के आधार पर की जा रही है। ED की कार्रवाई को लेकर अभी जांच जारी है।

    शर्मा पर राहुल के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की बड़ी जिम्मेदारी
    दो दर्जन से अधिक सीआरपी के जवान मौके पर मौजूद हैं। स्थानीय पुलिस को इसकी कोई जानकारी नहीं है। जानकारी के मुताबिक, इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की बड़ी जिम्मेदारी संजय शर्मा को सौंपी गई है।

  • OBC-EWS छात्रों की फीस पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख, 100% प्रतिपूर्ति को लेकर MP सरकार से मांगा जवाब

    OBC-EWS छात्रों की फीस पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख, 100% प्रतिपूर्ति को लेकर MP सरकार से मांगा जवाब

    जबलपुर
     मध्य प्रदेश में पो
    स्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की पूरी फीस प्रतिपूर्ति नहीं मिलने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश शासन और भोपाल स्थित पिछड़ा वर्ग कल्याण आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

    मामला खरगोन निवासी डॉ. दिनेश चंद्र पाटीदार से जुड़ा है। उन्होंने बीडीएस की पढ़ाई के बाद वर्ष 2014 में हरियाणा के अंबाला स्थित एक डेंटल कॉलेज में तीन वर्षीय एमडीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था। संबंधित योजना के तहत दूसरे राज्य में पढ़ाई करने वाले पात्र विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति उनके गृह राज्य द्वारा किए जाने और बाद में केंद्र सरकार से उसका पुनर्भुगतान होने का प्रावधान बताया गया है।

    21 लाख रुपये फीस जमा की, छात्रवृत्ति में मिले सिर्फ 84,380 रुपये
    डॉ. पाटीदार के अनुसार, एमडीएस की पढ़ाई के दौरान उन्होंने कॉलेज को सात लाख रुपये प्रतिवर्ष, यानी तीन वर्षों में कुल 21 लाख रुपये फीस के रूप में जमा किए। हालांकि, मध्य प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से उन्हें पूरी फीस के बजाय केवल 84,380 रुपये छात्रवृत्ति के रूप में दिए गए।

    फीस प्रतिपूर्ति की राशि को लेकर उन्होंने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का रुख किया था। हालांकि, वहां से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।

    याचिका में यह दिया तर्क
    याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दलील दी गई कि केंद्र प्रायोजित पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों की पूरी फीस प्रतिपूर्ति का प्रावधान है। ऐसे में राज्य सरकार केवल धन की कमी का हवाला देकर पात्र विद्यार्थी की प्रतिपूर्ति रोक नहीं सकती।

    मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद प्रदेश के ऐसे मेडिकल और डेंटल विद्यार्थियों को भी उम्मीद जगी है, जिन्हें पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत पूरी फीस प्रतिपूर्ति नहीं मिल पाई है। हालांकि, मामले में अंतिम राहत सुप्रीम कोर्ट के आगे के आदेश और सरकार के जवाब पर निर्भर करेगी।

  • MP Rain Alert: स्ट्रॉन्ग सिस्टम से प्रदेश में आफत की बारिश, 22 जिले प्रभावित; सतना में स्कूल-कॉलेज की छुट्टी

    MP Rain Alert: स्ट्रॉन्ग सिस्टम से प्रदेश में आफत की बारिश, 22 जिले प्रभावित; सतना में स्कूल-कॉलेज की छुट्टी

    जबलपुर
    मौसम का मिजाज आज से फिर बदल सकता है। वर्तमान में एक साथ अलग-अलग स्थानों बारिश करने वाली प्रणालियां मजबूती के साथ सक्रिय है। जिससे आगामी 24 से 48 घंटे के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश के अनेक हिस्सों में भारी से अतिभारी बारिश की संभावना जताई जा रही है।
    मंगलवार को मौसम सामान्य रहा

    आसमान पर बादलों की आवाजाही बनी रही कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी भी हुई। वातावरण में हल्की नमी रही। मानसून सीजन में अब तक 617.8 मिमी बारिश हो चुकी है। जबकि गत वर्ष आज के दिन तक बारिश का आंकड़ा 1022.5 मिमी तक पहुंच गया था। बहरहाल मंगलवार को मौसम सामान्य रहा।

    मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर तेज बारिश के दौर में है। पूर्वी हिस्से में सक्रिय मजबूत मानसूनी तंत्र के कारण जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। सतना और चित्रकूट में हालात सबसे ज्यादा बिगड़े हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंगलवार को रामघाट की करीब 400 दुकानें और 20 से 25 होटल पानी में डूब गए। बारिश और बाढ़ के हालात को देखते हुए सतना जिले में 2 और 3 सितंबर को सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। सतना और चित्रकूट में अगले दो दिन भी भारी बारिश का अलर्ट है।

    अगले दो दिन तक सतना, चित्रकूट में भारी बारिश की चेतावनी है। ऐसे में हालात सुधरने की संभावना कम है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, मंगलवार को सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला और सिवनी में अति भारी बारिश का अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 4 इंच से ज्यादा पानी गिर सकता है।

    विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    आज 7 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडोरी, मंडला और सिवनी में अति भारी बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटे में इन जिलों में 4 इंच से ज्यादा पानी गिरने का अनुमान है।विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    कल से भोपाल समेत पश्चिमी हिस्से में बढ़ेगा असर
    मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब क्षेत्र सक्रिय है। दक्षिणी हिस्से से एक द्रोणिका गुजर रही है, जबकि ऊपर मानसून की द्रोणिका भी सक्रिय है। इन तीनों मौसमी परिस्थितियों के कारण बारिश का दौर बना हुआ है। अगले तीन दिन में सिस्टम के और मजबूत होने की संभावना है। 2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश जारी रहेगी। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में भी बारिश बढ़ेगी। 3 सितंबर को सिस्टम आगे बढ़कर भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम, रीवा और जबलपुर संभाग को प्रभावित करेगा।4 और 5 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश में इसका असर ज्यादा रहने की संभावना है। भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में तेज से भारी बारिश हो सकती है।

    बांधों में 70% तक पानी, बड़ा तालाब फुल होने के करीब
    लगातार बारिश से प्रदेश के ज्यादातर बांधों में पानी की स्थिति सुधरी है। कई बांधों में जलस्तर 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है और कुछ के गेट भी खोले गए हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के कई बांधों में अभी स्थिति उतनी बेहतर नहीं है। भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट पहुंच गया है। अब यह सिर्फ 0.30 फीट खाली है। तालाब के भरने के बाद भदभदा बांध के गेट खोले जाएंगे। यहां से छोड़ा गया पानी कलियासोत बांध पहुंचेगा, जिससे उसका जलस्तर भी बढ़ेगा।

    प्रदेश में अब तक 27.8 इंच बारिश
    मौसम केंद्र के अनुसार प्रदेश में अब तक 707.1 मिलीमीटर यानी 27.8 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य बारिश 31.2 इंच के मुकाबले अभी करीब 3.1 इंच कमी है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में कमी 5 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 16 प्रतिशत है। 

    40 जिलों में अब भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे
    पूर्वी हिस्से के कई जिलों में 2 से 55 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। इनमें बालाघाट, छतरपुर, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिले शामिल हैं। पश्चिमी हिस्से में भी आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इसके उलट अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश हुई है।

    जून की कमी अब तक पूरी नहीं हुई
    जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश हुई, लेकिन बाद में मानसून के दो बार कमजोर पड़ने से कई दिन सूखे रहे। जुलाई के आखिरी सप्ताह और अगस्त में फिर मजबूत सिस्टम सक्रिय हुए और बारिश ने जोर पकड़ा। जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश के बावजूद जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। इसी वजह से पूरे मानसून सीजन में अभी भी 11 प्रतिशत बारिश कम है। प्रदेश में पूरे मानसून सीजन की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच रहती है।

     

     

  • भोपाल के कोलार में सीलिंग कार्रवाई का विरोध, बाजार से लेकर D-Mart तक बंद; व्यापारियों का प्रदर्शन जारी

    भोपाल के कोलार में सीलिंग कार्रवाई का विरोध, बाजार से लेकर D-Mart तक बंद; व्यापारियों का प्रदर्शन जारी

    भोपाल 

    भोपाल में चल रही सीलिंग कार्रवाई के विरोध में कोलार व्यापारी महासंघ के आव्हान पर आज पूरा बाजार बंद है। यहां तक कि डी-मार्ट और शराब की दुकानें भी बंद रखी गई हैं। कोलार तिराहे से गोल जोड़ तक सभी प्रतिष्ठान बंद हैं। इमरजेंसी सेवाएं जैसे मेडिकल, पेट्रोल पंप को बंद से छूट दी गई है। महासंघ के अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि सीलिंग की कार्रवाई गलत है। इससे व्यापारी सड़क पर आ गए हैं। इसलिए आज प्रदर्शन किया जाएगा।
    निगम तीसरे दिन भी कार्रवाई करेगा
    इधर, नगर निगम तीसरे दिन भी प्रतिष्ठान सील करने की कार्रवाई करेगा। अब तक कुल 170 प्रतिष्ठान बंद कराए जा चुके हैं। हालांकि, इसे लेकर व्यापारी विरोध भी कर रहे हैं। व्यापारियों ने मंगलवार को करीब चार घंटे तक रोशनपुरा चौराहे पर प्रदर्शन किया था।

    बीमा कुंज में खुली फ्रूट दुकान व्यापारियों ने बंद कराईं
    कोलार के बीमा कुंज में खुली फ्रूट की दुकान को व्यापारियों ने बंद करा दिया। व्यापारियों का कहना है कि सीलिंग कार्रवाई के विरोध में बाजार बंद रखा गया है। इसी दौरान खुले प्रतिष्ठानों को भी बंद कराया जा रहा है।

    कोलार में डी-मार्ट और शराब दुकानें भी बंद
    कोलार में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में बाजार बंद रहा। व्यापारियों के समर्थन में डी-मार्ट और शराब की दुकानें भी बंद रहीं। बंद के कारण क्षेत्र में कारोबार प्रभावित रहा। व्यापारियों ने प्रशासन से सीलिंग की कार्रवाई पर पुनर्विचार करने और समस्या का समाधान बातचीत के जरिए निकालने की मांग की।

    सीलिंग के खिलाफ कोलार में बाजार बंद
    सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में बुधवार को भोपाल के कोलार क्षेत्र में व्यापारियों ने बाजार बंद रखा। कार्रवाई से नाराज दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर विरोध जताया। व्यापारियों का कहना है कि सीलिंग की कार्रवाई से छोटे और मध्यम दुकानदारों के सामने कारोबार प्रभावित होने का खतरा है। बाजार बंद रहने से क्षेत्र की कई दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे, जिससे रोजमर्रा की खरीदारी के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी हुई। व्यापारियों ने प्रशासन से कार्रवाई पर पुनर्विचार करने और समस्या का समाधान बातचीत के जरिए निकालने की मांग की। उनका कहना है कि नियमों का पालन कराने के साथ व्यापारियों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

  • कीर्ति सिंह द्वारा रचित पुस्तक ‘अप्सराएँ: सम्मोहन से परे’ का भव्य विमोचन

    कीर्ति सिंह द्वारा रचित पुस्तक ‘अप्सराएँ: सम्मोहन से परे’ का भव्य विमोचन

    कीर्ति सिंह द्वारा रचित पुस्तक 'अप्सराएँ: सम्मोहन से परे' का भव्य विमोचन

    भोपाल
     बीएचईएल में कार्यरत लेखिका कीर्ति सिंह द्वारा रचित नवीन पुस्तक 'अप्सराएँ: सम्मोहन से परे' का गरिमामयी समारोह में भव्य विमोचन संपन्न हुआ। इस साहित्यिक उत्सव में ऑल इंडिया बीएचईएल एम्प्लॉईज यूनियन के महासचिव रामनारायण गिरी एवं यूनियन के सदस्य सी के शर्मा विशाल वाणी आशीष सोनी धर्मेंद्र गुप्ता दीपक चौरसिया संजीब नंदा उपस्थित रहे।
    पुस्तक पर चर्चा करते हुए ऐबु यूनियन के महासचिव रामनारायण गिरी ने कहा कि कीर्ति सिंह की यह कृति पौराणिक और सांस्कृतिक संदर्भों को एक नए और आधुनिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक केवल सम्मोहन या सौंदर्य की पारंपरिक धारणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे परे जाकर अप्सराओं के अस्तित्व, उनके मानसिक द्वंद्व और उनके बहुआयामी व्यक्तित्व की गहराई को उजागर करती है।यूनियन के सभी साथियो ने पुस्तक का अध्ययन किया एवं समीक्षा की पुस्तक की विषय वस्तु लेखन शैली एवं समाज पर होने वाले सकारात्मक प्रभाव जैसे उच्च श्रेणी के लेखन की सराहना की 
    विमोचन के अवसर पर लेखिका कीर्ति सिंह ने अपनी रचना प्रक्रिया के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक को लिखने का मुख्य उद्देश्य अप्सराओं से जुड़े सदियों पुराने मिथकों और रूढ़िवादिता को तोड़ना है। उन्होंने कहा,
    अप्सराएँ केवल आकर्षण का केंद्र नहीं थीं, बल्कि वे कला, बुद्धि और स्वतंत्रता का प्रतीक थीं। यह पुस्तक उनके इसी अनदेखे और सशक्त पहलू को पाठकों के सामने लाती है।
    समारोह में उपस्थित सभी साथियो ने पुस्तक की भाषा शैली, गहन शोध और प्रवाहपूर्ण लेखन की भूरि-भूरि प्रशंसा की। वक्ताओं के अनुसार, यह पुस्तक समकालीन साहित्य में एक महत्वपूर्ण योगदान सिद्ध होगी और पाठकों को एक नया दृष्टिकोण प्रदान करेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

  • नैरोगेज को नहीं मिलेगा हेरिटेज दर्जे का सहारा, ग्वालियर-बानमोर का 20 किमी ट्रैक उखाड़ने की तैयारी

    नैरोगेज को नहीं मिलेगा हेरिटेज दर्जे का सहारा, ग्वालियर-बानमोर का 20 किमी ट्रैक उखाड़ने की तैयारी

     ग्वालियर
     एक शताब्दी तक ग्वालियर की पहचान रही पुरानी नैरोगेज अब हेरिटेज ट्रेन के रूप में भी पटरियों पर लौटती नजर नहीं आएगी। यह कोरोनाकाल में 6 साल पहले बंद हो गई थी, लेकिन अब 2 फीट चौड़ी पटरी वाले इस ट्रेन को हेरिटेज के रूप में सहेजने की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई। रेलवे ने हेरिटेज ट्रेन का प्रस्ताव खारिज कर दिया है।

    इसके अलावा ग्वालियर से बानमोर तक करीब 20 किमी नैरोगेज ट्रैक को पूरी तरह उखाड़ने की तैयारी है। इसके लिए जल्द टेंडर जारी कर दिए जाएंगे।

    ग्वालियर परिवहन का अहम हिस्सा रही नैरोगेज
    सिंधिया रियासतकाल में शुरू हुई नैरोगेज ग्वालियर के परिवहन इतिहास का अहम हिस्सा रही है। ट्रेन बंद होने के बाद उम्मीद थी कि कम से कम इसका कुछ हिस्सा हेरिटेज ट्रेन के रूप में बच जाएगा। लंबे समय से इसे हेरिटेज के रूप में देखने की संभावना जताई जा रही थी।

    घोसीपुरा से बानमोर गांव के बीच दो कोच की हेरिटेज ट्रेन चलाने की योजना भी बनी। लेकिन, पिछले साल रेलवे बोर्ड की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (हेरिटेज) आशिमा मेहरोत्रा और डिप्टी डायरेक्टर राजेश कुमार ने मौके पर इसका सर्वे किया था। तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं की पड़ताल के बाद रेलवे ने इसे हेरिटेज ट्रेन के रूप में चलाने से इनकार कर दिया।

    अब पूरी तरह बदलेगा जमीन का स्वरूप
    बता दें कि, ट्रैक हटने के बाद जमीन के पुनर्विकास की जिम्मेदारी रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) को दी गई है। टीम ग्वालियर से बानमोर तक जमीन का सर्वे कर रही है। कुछ हिस्सों को ग्रीन बेल्ट बनाने के लिए वन विभाग से चर्चा चल रही है। यहां पौधारोपण किया जाएगा। ट्रैक पूरी तरह हटने के बाद जमीन का स्वरूप पूरी तरह से बदल जाएगा।

     

  • संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक 30 अक्टूबर को इंदौर में, मालवा प्रांत की संरचना में होगा बड़ा बदलाव

    संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक 30 अक्टूबर को इंदौर में, मालवा प्रांत की संरचना में होगा बड़ा बदलाव

     इंदौर
     राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की दूसरी सबसे बड़ी बैठक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल 30 अक्टूबर से चार नवंबर तक इंदौर में होगी। बैठक का संभावित स्थान डेली कॉलेज है। संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, भैयाजी जोशी, सुरेश सोनी सहित केंद्रीय कार्यकारिणी, क्षेत्र और सभी प्रांतों के प्रचारक शामिल होंगे। बैठक में 46 प्रांतों के 450 कार्यकर्ता आएंगे।

    छह दिन की बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष में हुए कार्यों की समीक्षा होगी। साथ ही वर्ष 2027 से प्रांत संरचना समाप्त कर संभाग संरचना लागू करने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इसी महत्वपूर्ण बैठक में इस विषय पर अंतिम विचार किया जाना है। बैठक से पहले शहर में पथ संचलन भी निकाला जाएगा। राष्ट्रीय पदाधिकारी तीन दिन तक इंदौर में रहेंगे।

    नई व्यवस्था में मालवा प्रांत इंदौर-उज्जैन में बंटेगा
    प्रांतीय संरचना में बदलाव के बाद मालवा प्रांत को इंदौर और उज्जैन संभाग में विभाजित किया जाएगा। मालवा प्रांत की रचना 2009 में हुई थी। इसमें इंदौर और उज्जैन जिले आते थे। अब संभागों की संरचना प्रांत की तरह ही होगी और हर संभाग की जिम्मेदारी अलग प्रचारक को दी जाएगी।

    वर्तमान प्रांत में 3292 स्थानों पर 5029 शाखाएं और 527 विद्यार्थी-महाविद्यालयीन शाखाएं लग रही हैं। संघ की साल में दो बड़ी बैठकें होती हैं। मार्च में अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा और अक्टूबर-नवंबर में अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल।

  • पोषण और बच्चों की सेहत पर जोर, ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम के साथ मनेगा 9वां पोषण माह

    पोषण और बच्चों की सेहत पर जोर, ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम के साथ मनेगा 9वां पोषण माह

    ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की थीम पर मनेगा 9वां राष्ट्रीय पोषण माह

    मध्यप्रदेश में पोषण, बाल विकास और मातृ स्वास्थ्य संबंधी चलेंगे व्यापक जन-जागरूकता अभियान
    पोषण वाटिका, पोषण मेले और गर्म पके भोजन की गुणवत्ता की होगी सामुदायिक निगरानी
    9 सितम्बर से शुरू होगा राष्ट्रीय पोषण माह

    भोपाल 

    इस वर्ष 9वें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 का आयोजन ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की थीम पर व्यापक जनभागीदारी के साथ किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत आयोजित होने वाले पोषण माह का उद्देश्य आंगनवाड़ी केन्द्रों को पोषण, देखभाल और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास की गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र बनाते हुए समुदाय की सक्रिय भागीदारी और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इस वर्ष 9 सितम्बर से राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है।

    पोषण को जनआंदोलन बनाने पर जोर

    इस वर्ष पोषण माह को केवल जागरूकता अभियान तक सीमित न रखते हुए समुदाय को आंगनवाड़ी केन्द्रों से जोड़ने और पोषण सेवाओं में उसकी भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके लिए प्रदेशभर में स्थानीय खाद्य पदार्थों, संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन, बच्चों के प्रारंभिक विकास, गर्म पके भोजन की गुणवत्ता तथा मातृ स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियां आयोजित होंगी।

    स्थानीय खाद्य पदार्थों से सजेगा पोषण का संदेश

    आहार विविधता और पर्याप्त प्रोटीन को लेकर आंगनवाड़ी केन्द्रों पर स्थानीय एवं कम लागत में उपलब्ध खाद्य पदार्थों से पौष्टिक व्यंजनों की रेसिपी डेमोंस्ट्रेशन गतिविधियां होंगी। पोषण मेलों के माध्यम से स्थानीय सुपर फूड, मौसमी फल-सब्जियों, दालों, अनाज, मिलेट्स, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, मेवा और बीज सहित प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों की उपयोगिता बताई जाएगी।

    ‘प्रोटीन रिच फूड’ अभियान के माध्यम से परिवारों को रोजमर्रा के भोजन में किफायती और आसानी से उपलब्ध प्रोटीन स्रोत शामिल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। आंगनवाड़ी केन्द्रों की पोषण वाटिकाओं में उत्पादित खाद्य पदार्थों तथा स्थानीय मौसमी खाद्य सामग्री को भी प्रदर्शित कर उनके नियमित उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।

    बच्चों की थाली में मिलेगा ताजा और विविधतापूर्ण गर्म पका भोजन

    आंगनवाड़ी केन्द्रों पर 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को दिए जाने वाले गर्म पके भोजन की गुणवत्ता और विविधता पर विशेष ध्यान रहेगा। स्थानीय उपलब्धता के अनुसार खाद्य सामग्री में विविधता सुनिश्चित करने के साथ साप्ताहिक मेन्यू को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।

    आंगनवाड़ी केन्द्रों पर गर्म पके भोजन की तैयारी, स्वच्छता और संतुलित पोषण को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न डेमोस्ट्रेशन किए जाएंगे। इनमें बच्चों के पालक, पंचायत प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह और मातृ समितियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

    आंगनवाड़ियों के प्रबंधन में समुदाय बनेगा भागीदार

    ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की थीम को धरातल पर उतारने के लिए समुदाय की निगरानी और सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। आंगनवाड़ी केन्द्रों पर सहयोगी मातृ समिति/आंगनवाड़ी प्रबंधन समिति को सक्रिय किया जाएगा और पोषण माह के दौरान कम से कम एक बैठक आयोजित की जाएगी।

    आंगनवाड़ी केन्द्रों पर नाश्ता एवं गर्म पके भोजन के मेन्यू बोर्ड प्रदर्शित किए जाएंगे। इनके माध्यम से हितग्राहियों को मिलने वाले पोषण आहार की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहेगी। समुदाय को भोजन की गुणवत्ता, मात्रा और मेन्यू के अनुसार वितरण की निगरानी में भी सहभागी बनाया जाएगा।

    पहले 1000 दिन पर विशेष फोकस, विकासात्मक विलंब की होगी पहचान

    बाल विकास के लिए पोषण के साथ गुणवत्तापूर्ण देखभाल को भी पोषण माह का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है। विशेष रूप से जीवन के पहले 1,000 दिनों में उचित पोषण और संवेदनशील देखभाल के महत्व को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

    आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा संशोधित होम विजिट शेड्यूलर के माध्यम से बच्चों के विकास और अभिभावकों की काउंसलिंग पर जोर दिया जाएगा। नवचेतना और आधारशिला पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ विकासात्मक विलंब वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य विभाग एवं आरबीएसके राष्ट्रीय स्वास्थ्य बाल कार्यक्रम टीम के माध्यम से आवश्यक सेवाओं के लिए रेफर किया जाएगा।

    प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में लाभार्भियों को 100 प्रतिशत लाभ पहुँचाना

    पोषण माह के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को भी व्यापक रूप से जोड़ा जाएगा। पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को योजना से जोड़ने के लिए 100 प्रतिशत सैचुरेशन ड्राइव चलाया जाएगा। लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर सत्यापन, स्वीकृति और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।

    योजना की पात्रता, मिलने वाले लाभ, किश्तों और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी महिलाओं तक पहुंचाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान होंगे। लाभार्थियों की सफलता की कहानियों को भी सोशल और जनसंचार माध्यमों के जरिए साझा किया जाएगा।

    आंगनवाड़ी बनेगी पोषण और बाल विकास की सामुदायिक प्रयोगशाला

    राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के माध्यम से मध्यप्रदेश में आंगनवाड़ी केन्द्रों को केवल सेवाएं उपलब्ध कराने वाले केन्द्र के बजाय समुदाय की साझेदारी से पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल और प्रारंभिक बाल विकास की सामुदायिक प्रयोगशाला के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा। ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ समाज में जागरूकता के साथ स्पष्ट संदेश है कि बच्चों का पोषण और उनका समग्र विकास केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।

     

  • 2027 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की मेजबानी को तैयार भोपाल, सतगढ़ी-महाबड़िया क्षेत्र में बनेगा भव्य आयोजन स्थल

    2027 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की मेजबानी को तैयार भोपाल, सतगढ़ी-महाबड़िया क्षेत्र में बनेगा भव्य आयोजन स्थल

    भोपाल 

    राजधानी में वर्ष 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। कोलार क्षेत्र के सतगढ़ी और महाबड़िया सहित आसपास के इलाकों का अधिकारियों ने निरीक्षण किया। स्थल चयन की प्रक्रिया के बाद महाबड़िया गांव को समिट के लिए बेहतर विकल्प माना गया है। यहां आयोजन के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध होने के साथ आसपास के क्षेत्र में जरूरी सुविधाएं विकसित करने की भी संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2025 में भोपाल के मानव संग्रहालय क्षेत्र में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित होने के बाद वर्ष 2027 में दोबारा राजधानी में यह आयोजन कराने का निर्णय लिया था। अब सरकार ने इसके लिए बुनियादी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

    आधा दर्जन से ज्यादा जगहों का लिया जायजा
    उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, एमपीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक, भोपाल कलेक्टर और अन्य अधिकारियों की टीम ने कोलार क्षेत्र के  सतगढ़ी, महाबड़िया,  रातीबड़ और करीब आधा दर्जन गांवों की लोकेशन देखी। अधिकारियों ने आयोजन के लिए उपलब्ध जमीन, पहुंच मार्ग और भविष्य में विकसित की जा सकने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। पड़ताल के बाद महाबड़िया को समिट के लिए उपयुक्त स्थान माना गया है।  

    बारिश के बाद शुरू होंगे विकास कार्य
    समिट में देश-विदेश से उद्योगपति और निवेशक पहुंचेंगे। इसे देखते हुए आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की तैयारी है। बारिश खत्म होने के बाद सड़क और दूसरी जरूरी सुविधाओं से जुड़े काम तेजी से शुरू किए जाने की संभावना है। लोक निर्माण विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों को भी आयोजन से पहले क्षेत्र में जरूरी व्यवस्थाएं विकसित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। 

    छह महीने में सड़कों का नेटवर्क मजबूत करने की तैयारी
    समिट स्थल तक उद्योगपतियों और अन्य मेहमानों की आसान पहुंच के लिए कोलार क्षेत्र में सड़क नेटवर्क को बेहतर किया जाएगा। योजना के तहत डीमार्ट से सतगढ़ी तक सड़क और मानसरोवर डेंटल कॉलेज के पास से फोरलेन सड़क बनाने की तैयारी है। इसके अलावा केरवा और एयरपोर्ट की ओर से भी आयोजन स्थल तक सीधे संपर्क मार्ग विकसित करने की योजना है।  

    दुबई में निवेशकों को न्योता देंगे सीएम
    ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले मध्यप्रदेश सरकार विदेशों में भी निवेशकों से संपर्क बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सितंबर के दूसरे सप्ताह में दुबई जाने वाले हैं। वहां वे उद्योगपतियों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं और राज्य की औद्योगिक नीतियों की जानकारी देंगे।