Category: मध्य प्रदेश

  • जर्जर भवन में संचालित आंगनवाड़ी, बांस और टूटे एल्बेस्टर से बनी अस्थाई रसोई

    जर्जर भवन में संचालित आंगनवाड़ी, बांस और टूटे एल्बेस्टर से बनी अस्थाई रसोई

    जर्जर भवन में संचालित आंगनवाड़ी, बांस और टूटे एल्बेस्टर से बनी अस्थाई रसोई

    उमरिया
     बिलासपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत मानिकपुर के ग्राम कारीगढ़हरी स्थित आंगनवाड़ी केंद्र की जर्जर हालत सामने आई है। यहां करीब 46 बच्चे पढ़ाई, खेल और पोषण के लिए पहुंचते हैं, लेकिन जिस भवन में बच्चों को बैठाया जाता है, उसकी छत का प्लास्टर कई जगह से गिर चुका है।

    जर्जर भवन में बच्चों के बैठने से उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। वहीं बच्चों के मध्यान भोजन के लिए बांस और टूटे-फूटे एल्बेस्टर शीट के टुकड़ों से अस्थाई रसोई तैयार की गई है। ऐसी व्यवस्था में भोजन बनाने वाले की सुरक्षा के साथ-साथ भोजन की स्वच्छता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

    ग्रामीणों ने मांग की है कि शासन-प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए आंगनवाड़ी भवन की मरम्मत कराए और बच्चों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण की व्यवस्था सुनिश्चित करे।

  • MP में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट तेज, 17 शहरों से जुड़ेंगे सीधी उड़ानों के नेटवर्क; 8 इंटरनेशनल फ्लाइट पर भी फोकस

    MP में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट तेज, 17 शहरों से जुड़ेंगे सीधी उड़ानों के नेटवर्क; 8 इंटरनेशनल फ्लाइट पर भी फोकस

    भोपाल
    सरकार देश-विदेश में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने का लगातार प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है तो दूसरी ओर नई उड़ानें के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में एविएशन डायरेक्टोरेट ने फ़्लाइट ऑपरेटर कंपनियों से देश के 17 शहरों और विदेश के 8 स्थानों के लिए वायु सेवा शुरू करने के लिए प्रस्ताव मांगे हैं। इनमें घरेलू में केरल, तिरुपति, अंडमान तो अंतरराष्ट्रीय में सिंगापुर, कुवालालंपुर मलेशिया, बैंकॉक थाइलैंड के लिए उड़ानें शुरू करने की तैयारी की जा रही है। एक साल में चौथी बार यह कवायद की जा रही है। ऑपरेटर्स को उनके मार्केट असेसमेंट, ऑपरेशनल और कमर्शियल व्यवहार्यता के आधार पर घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय सेक्टर के नए रूट की पहचान करने व उनका प्रस्ताव देने की छूट भी दी है। जिन जगहों से नई फ़्लाइट चालू होंगी उनमें भोपाल भी शामिल है। यहां के राजा भोज एयरपोर्ट से कई इंटरनेशनल फ़्लाइट के लिए कोशिश की जा रही है।

    सरकार ऑपरेटर्स को मप्र सिविल एविएशन पॉलिसी 2025 के तहत एक हजार प्रति किलोमीटर का इंसेंटिव भी देगी। एविएशन डायरेक्टोरेट ने विमानन कंपनियों से इसके लिए 15 सितंबर तक प्रस्ताव मांगे हैं।

    प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां और देशी- विदेशी पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जीआइएस के आयोजन से भी इसमें तेजी आई है। इसलिए मध्य प्रदेश को भारत और विदेशों के प्रमुख आर्थिक और पर्यटन केंद्रों से जोडऩे की ज़रूरत महसूस करते हुए सरकार अब राज्य के एयरपोट्र्स की कनेक्टिविटी को अलग-अलग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्थलों से जोडऩे पर काम कर रही है। इस पहल से बिजऩेस के लिए यात्रा करने वालों, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की आवाजाही तेज़ होगी।

    अभी प्रदेश में आठ कमर्शियल एयरपोर्ट इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, सतना, खजुराहो और दतिया में हैं। इसके साथ 20 एयर स्ट्रिप भी हैं। नए प्रस्ताव में ऑपरेटर को घरेलू उड़ानों के लिए कम से कम 50 या उससे अधिक सीटों और अंतरराष्ट्रीय स्थलों के लिए कम से कम 180 या उससे अधिक सीटों वाले विमानों का संचालन करना होगा।

    सरकार देगी इंसेंटिव और वीजीएफ
    प्रदेश से नई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने वाले ऑपरेटर्स को सरकार इंसेंटिव और वायबिलिटी गैप फंडिंग करेगी। घरेलू उड़ानों के लिए 750 किमी तक की उड़ान के लिए प्रति किमी 1 हजार और अधिकतम 7.5 लाख तक दिया जाएगा। 750 किमी से अधिक दूरी के लिए यह राशि अधिकतम 10 लाख तक होगी। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 1000 किमी तक 1 हजार प्रति किमी और अधिकतम 10 लाख प्रति राउंड ट्रिप और 1 हजार किमी से अधिक के लिए अधिकतम 15 लाख तक इंसेंटिव और वीजीएफ का भुगतान किया जाएगा।

    सरकारी सहायता 6 महीने के लिए दी जाएगी, हालांकि परफॉर्मेंस के आधार पर सरकार इसे 6 माह और बढ़ाने पर भी विचार कर सकेगी। किसी नए घरेलू या अंतर्राष्ट्रीय डेस्टिनेशन को जोडऩे वाले शेड्यूल्ड ऑपरेटर को राउंड ट्रिप के 'वन-वे स्टेज-लेंथ' के आधार पर आर्थिक सहायता दी जाएगी। राउंड ट्रिप पूरी करने पर भी यह इंसेंटिव दिया जाएगा।

    मप्र से इन 17 घरेलू उड़ानों का प्रस्ताव
    रायपुर, लखनऊ, वाराणसी, पटना, जम्मू, कोलकाता, चेन्नई, जयपुर, गोवा, भुवनेश्वर, बागडोगरा पश्चिम बंगाल, कोच्चि या त्रिवेंद्रम केरल, तिरुपति आंध्रप्रदेश, पोर्ट ब्लेयर अंडमान और निकोबार आयरलैंड, रांची, अमृतसर, चंडीगढ़।

    8 स्थानों के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का प्रस्ताव:

    सिंगापुर, कुवालालंपुर मलेशिया, बैंकॉक थाइलैंड, दोहा कतर, यूएई में जेद्दा, अबू धाबी, दुबई, शारजाह।

     

  • Janmashtami पर भक्ति के रंग में रंगेगा सांदीपनि आश्रम, भगवान कृष्ण समेत तीनों स्वरूपों को पहनाए जाएंगे विशेष वस्त्र

    Janmashtami पर भक्ति के रंग में रंगेगा सांदीपनि आश्रम, भगवान कृष्ण समेत तीनों स्वरूपों को पहनाए जाएंगे विशेष वस्त्र

    उज्जैन
     भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली के रूप में प्रसिद्ध उज्जैन का गुरु सांदीपनि आश्रम जन्माष्टमी के अवसर पर एक बार फिर आस्था और भक्ति के रंग में रंगने जा रहा है. 4 सितंबर को जन्माष्टमी के महापर्व पर आश्रम में विशेष पूजा-अर्चना और भगवान श्रीकृष्ण के विशेष श्रृंगार की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. इस बार भगवान श्रीकृष्ण, बलराम, सुदामा, गुरु सांदीपनि और गुरु माता के लिए विशेष नीले रंग के मखमली वस्त्र तैयार किए जा रहे हैं. इन वस्त्रों की खासियत यह है कि सभी के वस्त्र एक ही रंग की थीम पर तैयार किए जा रहे हैं। 

    भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में डूबा उज्जैन
    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन स्थित गुरु सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की थी. कहा जाता है कि श्रीकृष्ण ने यहां 64 दिनों में 64 कलाओं और 14 विद्याओं का ज्ञान प्राप्त किया था. भगवान श्रीकृष्ण के साथ उनके बड़े भाई बलराम और मित्र सुदामा भी शिक्षा ग्रहण करते थे. यही वजह है कि उज्जैन का सांदीपनि आश्रम भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और शिक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल माना जाता है. जन्माष्टमी के अवसर पर यहां होने वाले आयोजन का विशेष धार्मिक महत्व है। 

    चार महीने पहले शुरू हो जाता है वस्त्रों का काम
    जन्माष्टमी के लिए भगवान के वस्त्र तैयार करने की प्रक्रिया एक-दो सप्ताह पहले नहीं, बल्कि करीब चार महीने पहले से शुरू हो जाती है. आश्रम में भगवान के लिए किस तरह का कपड़ा, किस रंग का वस्त्र और किस प्रकार की कारीगरी की जाएगी, इसका चयन काफी पहले कर लिया जाता है। 

    सांदीपनि आश्रम के पुजारी ने बताई पूरी प्रक्रिया
    सांदीपनि आश्रम के पुजारी परिवार की पंडित कीर्ति रूपम व्यास ने बताया, "जन्माष्टमी की तैयारियां काफी समय पहले शुरू हो जाती है. कच्चा सामान और विशेष कपड़ों का चयन करने में समय लगता है. करीब चार महीने पहले यह तय किया जाता है कि इस बार भगवान के लिए मखमली कपड़े इस्तेमाल किए जाएंगे या सूती कपड़े. इसके साथ ही कपड़ों के रंग क्या होंगे और उन पर किस रंग के रेशमी व जड़ाऊ धागों से कारीगरी की जाएगी।

    जयपुर, कोलकाता और सूरत से आया विशेष मोती
    उन्होंने आगे बताया, " भगवान के कपड़ों के लिए सूरत, जयपुर और कोलकाता सहित अलग-अलग स्थानों से कपड़े, मोती और कारीगरी का सामान मंगवाया जाता है. इस बार विशेष रूप से मखमली कपड़े का चयन किया गया है. इसमें रंग-बिरंगे जड़ाऊ और रेशमी धागों से कारीगरी की जा रही है. मोती और धागों का चयन जयपुर और कोलकाता से किया गया है, जबकि कुछ विशेष मोती सूरत से भी मंगवाए गए हैं। 

    इस रंग के होंगे कृष्ण, बलराम और सुदामा के कपड़े
    इस बार सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण, बलराम, सुदामा, गुरु सांदीपनि और गुरु माता के वस्त्रों में एकरूपता दिखाई देगी. सभी के लिए नीले रंग के वस्त्र तैयार किए जा रहे हैं. वस्त्रों पर आकर्षक कढ़ाई, रेशमी धागों और मोतियों से सजावट की जा रही है। 

    लड्डू गोपाल के लिए सफेद-गुलाबी पोशाक
    पंडित कीर्ति रूपम व्यास के अनुसार, भगवान के वस्त्रों के साथ मुकुट, हार और अन्य श्रृंगार सामग्री भी तैयार की जा रही है. जन्माष्टमी से एक दिन पहले यानी 3 सितंबर तक इन सभी तैयारियों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि 4 सितंबर को जन्माष्टमी के दिन भगवान का विशेष श्रृंगार किया जा सके। 

    जहां श्रीकृष्ण, बलराम, सुदामा और गुरु परिवार के लिए नीले रंग के वस्त्र तैयार किए जा रहे हैं, वहीं पालने में विराजने वाले लड्डू गोपाल के लिए इस बार अलग रंग की पोशाक तैयार की जा रही है. लड्डू गोपाल के लिए सफेद और गुलाबी रंग के वस्त्रों का चयन किया गया है. इन वस्त्रों को मोतियों की कारीगरी से सजाया जा रहा है. जन्माष्टमी की रात जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा, तब पालने में विराजमान लड्डू गोपाल का यह विशेष श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगा। 

  • Pakistani Handler Connection: भोपाल केस की जांच का दायरा बढ़ा, कई राज्यों तक पहुंचे तार; NIA की एंट्री संभव

    Pakistani Handler Connection: भोपाल केस की जांच का दायरा बढ़ा, कई राज्यों तक पहुंचे तार; NIA की एंट्री संभव

    भोपाल
    मध्य प्रदेश एटीएस द्वारा इसी वर्ष जून में दर्ज किए गए देशविरोधी गतिविधियों के आरोप के मामले जांच के लिए एनआइए अपने हाथ में ले सकती है। इनका अंतरराष्ट्रीय और कई राज्यों से जुड़ाव पाए जाने के कारण ऐसा किए जाने की संभावना है।

    सूत्रों ने बताया कि एनआईए ने एटीएस से मामले से जुड़े दस्तावेज लिए हैं। इसके पहले पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ में भी एनआईए शामिल रही। मालूम हो कि पिछले सप्ताह कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मामले में कार्रवाई के लिए मध्य प्रदेश एटीएस की प्रशंसा की थी।

    भोपाल से शुरू हुई गिरफ्तारी, तीन राज्यों तक पहुंची जांच
    एटीएस ने मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था। सबसे पहले भोपाल के काजी कैंप से फराज को पकड़ा गया। उससे पूछताछ के आधार पर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से नईम अब्दुल्ला को गिरफ्तार कर भोपाल लाया गया। इनसे मिले साक्ष्यों के आधार पर राजस्थान के अलवर से शाकिर मेव और बिहार के मधुबनी के रहने वाले इजहार-उल-हक को गिरफ्तार किया गया।

    पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क का आरोप
    चारों आरोपित फिलहाल जेल में हैं। आरोप है कि ये सभी एक पाकिस्तानी हैंडलर के कहने पर अविवाहित मुस्लिम युवकों का ब्रेन वाश कर उन्हें कट्टर बना रहे थे। एटीएस की पूछताछ में सामने आया है कि ये पाकिस्तानी हैंडलर से इतने प्रभावित थे कि उसके कहने पर कुछ भी कर सकते थे। इसे 'लोन वुल्फ अटैक' मॉड्यूल कहा जाता है। इसमें आरोपित किसी बड़े आतंकी संगठन के निर्देश के बिना अकेले ही योजना बनाकर घटना को अंजाम देता है।

    आरोपितों में प्रमुख है इजहार-उल-हक
    एटीएस मामले में जब्त किए गए डिजिटल और इलेक्ट्रानिक डिवाइस पर काम कर रही है। इनकी फोरेंसिक रिपोर्ट की जांच की जाएगी। अभी तक की पूछताछ में पता चला है कि चारों आरोपितों में प्रमुख इजहार-उल-हक है। वही तीनों को कट्टरपंथी आडियो, वीडियो और पढ़ने की सामग्री उपलब्ध कराता था।

    भोपाल के फराज का सबसे अधिक करीबी नईम अब्दुल्ला था। नईम भोपाल में उसके घर में आकर भी रुका था। वह फराज से लश्कर-ए-तैयबा के मारे गए आतंकवादी खालिद सैफुल्लाह की तरह बनने के लिए कहता था। बता दें सैफुल्लाह रामपुर में सीआरपीएफ कैंप, भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरू और नागपुर में आरएसएस के मुख्यालय में हुए हमले का आरोपित भी था।

  • MP में BPL राशन की गड़बड़ी का खुलासा, जबलपुर में 4,998 संपन्न परिवार मुफ्त राशन लेते मिले

    MP में BPL राशन की गड़बड़ी का खुलासा, जबलपुर में 4,998 संपन्न परिवार मुफ्त राशन लेते मिले

    जबलपुर 

    जबलपुर में गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वालों के लिए बनी राशन योजना में एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। जिले में पांच हजार से अधिक ऐसे संपन्न परिवार पकड़े गए हैं, जिनकी सालाना आय छह लाख रुपये से अधिक होने के बावजूद वे सालों से सरकारी राशन डकार रहे थे। प्रशासन ने अब सख्ती दिखाते हुए इन सभी अपात्र लोगों के कार्ड निरस्त कर दिए हैं और उन्हें नोटिस थमाकर जवाब तलब किया है।

    लखपति और कंपनी डायरेक्टर भी ले रहे थे मुफ्त राशन
        जांच के दौरान जो आंकड़े सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। करीब 4,998 परिवारों की वार्षिक आमदनी छह लाख रुपये से ज्यादा पाई गई है। हद तो तब हो गई जब 525 ऐसे परिवारों की पहचान हुई जिनके सदस्य बाकायदा पंजीकृत कंपनियों में डायरेक्टर या अन्य ऊंचे पदों पर काबिज हैं।

    इसके अलावा 40 से 45 परिवार ऐसे भी मिले जो सालाना 25 लाख रुपये से अधिक कमाते हैं और अपने व्यापार का जीएसटी (GST) तक भरते हैं, लेकिन फिर भी वे गरीबी रेखा के कार्ड का फायदा उठा रहे थे।

    एसडीएम के सामने पेश होकर देनी होगी सफाई
    प्रशासन ने अपात्र पाए गए इन सभी हितग्राहियों के नाम आधिकारिक पोर्टल से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नोटिस मिलने के बाद इन लोगों को एसडीएम (SDM) के सामने पेश होना होगा। उन्हें यह साबित करना होगा कि उन्होंने किस आधार पर अब तक बीपीएल कार्ड का इस्तेमाल किया, साथ ही अपनी वर्तमान आय से जुड़े पुख्ता दस्तावेज भी दिखाने होंगे। जवाब संतोषजनक न मिलने पर प्रशासन आगे की दंडात्मक कार्रवाई करेगा।

    केंद्र के निर्देश पर अगस्त 2025 से चल रही थी जांच
        फर्जी कार्डधारकों को बाहर करने का यह अभियान केंद्र सरकार के निर्देशों पर अगस्त 2025 में शुरू किया गया था। इस सर्वे में उन लोगों को चिह्नित किया गया, जिनकी आर्थिक स्थिति बीते वर्षों में सुधर गई, जिन्हें अच्छी नौकरियां मिल गईं या जिनका कारोबार चल पड़ा, लेकिन उन्होंने खुद आगे आकर अपना नाम बीपीएल सूची से नहीं कटवाया।

        डिप्टी कलेक्टर आर.एस. मरावी के अनुसार, प्रारंभिक स्तर पर अपात्रों के नाम विलोपित कर दिए गए हैं और इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जा रही है। शासन के निर्देश के बाद ही इनसे वसूली या अन्य कार्रवाई को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा। प्रशासन के मुताबिक वर्ष 1998 के बाद से समय-समय पर सर्वे किए जाते रहे हैं, इसके बावजूद अपात्र लोगों के नाम सूची में बने रहे।

    पात्रों के नाम कटने की शिकायतों पर भी नजर

        इस बड़ी कार्रवाई के बीच कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां कथित तौर पर वास्तविक और पात्र बीपीएल परिवारों के नाम भी सूची से काट दिए गए हैं। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है और ऐसे मामलों की दोबारा जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी हकदार गरीब परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे।

        बता दें कि मौजूदा व्यवस्था के तहत जबलपुर जिले में 1,008 शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के जरिए 3,85,153 राशन कार्डधारी परिवारों (कुल 14,41,765 हितग्राही) को प्रति व्यक्ति 5 किलो प्रतिमाह की दर से राशन बांटा जाता है।

     

  • Gwalior Railway Update: तीसरी रेल लाइन के निर्माण से बदलेगा 7 ट्रेनों का रूट, देखें पूरी डिटेल

    Gwalior Railway Update: तीसरी रेल लाइन के निर्माण से बदलेगा 7 ट्रेनों का रूट, देखें पूरी डिटेल

    ग्वालियर 

    आने वाले दिनों में अगर आप ट्रेन से यात्रा करने का प्लान बना रहे है तो ये खबर आपके काम की है। मध्य रेलवे के पुणे एवं हडपसर यार्ड में हडपसर-पुणे-जीसीएमसी तीसरी रेल लाइन की कमीशनिंग के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा। इस कारण सितंबर और अक्टूबर में कई ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है। इसका सीधा असर एमपी में ग्वालियर से चलने वाली ग्वालियर-दौंड एक्सप्रेस (22194) और दौंड-ग्वालियर एक्सप्रेस (22193) पर पड़ेगा।

    ग्वालियर होकर चलने वाली हजरत निजामुद्दीन मिरज एक्सप्रेस (12494) और वापसी में मिरज-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस (12493) भी प्रभावित रहेंगी। वहीं ट्रेन संख्या 22194 ग्वालियर-दौंड एक्सप्रेस 19 सितंबर को पुणे के बजाय खडकी स्टेशन पर आंशिक रूप से समाप्त होगी। इसके अगले दिन ट्रेन संख्या 22193 दौड-ग्वालियर एक्सप्रेस 20 सितंबर को पुणे के बजाय खडकी स्टेशन से रात 12.30 बजे दौंड के लिए रवाना होगी।
    इन ट्रेनों के मार्ग भी बदले

    11078 जम्मू तवी-पुणे एक्सप्रेस 21 सितंबर को मनमाड-इगतपुरी-कल्याण-पनवेल-करजत-लोनावला होते हुए पुणे पहुंचेगी।
    12780 हजरत निजामुद्दीन-वास्को-द-गामा एक्सप्रेस 22 सितंबर और 3 अक्टूबर को मनमाड-काष्टी-दौंड-कुईवाडी पंढरपुर-मिरज होकर चलेगी।
    11077 पुणे-जम्मू तवी एक्सप्रेस 20 सितंबर को पुणे-लोनावला करजत-पनवेल-कल्याण-इगतपुरी-मनमाड होकर चलेगी।
    12147 कोल्हापुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस 22 सितंबर को कोल्हापुर-मिरज-कुडूवाडी-दौंड-अहिल्यानगर-मनमाड होकर चलेगी।
    18519 विशाखापत्तनम–लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस : 2 अक्टूबर को दौंड–अहिल्यानगर–मनमाड–इगतपुरी–कल्याण होकर चलेगी
    22686 चंडीगढ़–यशवंतपुर एक्सप्रेस: 3 अक्टूबर को मनमाड–काष्टी–दौंड–कुर्डूवाडी–पंढरपुर–मिरज मार्ग से चलेगी।

    झेलम पुणे से देरी से होगी रवाना
    ट्रेन 11077 पुणे-जम्मू तवी के पुणे से रवाना होने के समय में भी कुछ तिथियों पर बदलाव किया गया है।
    19 सितंबर-शाम 5.50 बजे रवाना होगी, निर्धारित समय से 30 मिनट देरी।
    23 सितंबर-शाम 5.50 बजे रवाना होगी, 30 मिनट देरी से।
    3 अक्टूबर-शाम 6.45 बजे रवाना होगी, 1.25 घंटे देरी से।
    4 अक्टूबर-शाम 7.30 बजे रवाना होगी, 2.10 घंटे देरी से
    1 सितंबर से नहीं होगा 20 ट्रेनें का स्टॉपेज

    यात्रियों को जानकारी के लिए बता दें कि 12138 पंजाब मेल, 20986 श्री माता वैष्णो देवी कटरा-कोटा साप्ताहिक एक्सप्रेस, 11450 श्री माता वैष्णो देवी कटरा-जबलपुर एक्सप्रेस, 16032 अंडमान एक्सप्रेस और 16318 हिमसागर एक्सप्रेस 31 अगस्त से 14 अक्टूबर तक फरीदाबाद नहीं रुकेंगी। वहीं 19326 अमृतसर इंदौर एक्सप्रेस, 11842 कुरुक्षेत्र-खजुराहो एक्सप्रेस, 19020 हरिद्वार-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस, 12920 मालवा एक्सप्रेस, 14622 फिरोजपुर-नांदेड एक्सप्रेस, 22918 हरिद्वार-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस और 19308 ऊना हिमाचल-इंदौर एक्सप्रेस का ठहराव 1 सितंबर से 15 अक्टूबर तक नहीं होगा।

  • MP में पावर सेक्टर को बड़ी सौगात, सीहोर में नई ट्रांसफॉर्मर यूनिट से पहला ट्रांसफॉर्मर होगा रोल-आउट

    MP में पावर सेक्टर को बड़ी सौगात, सीहोर में नई ट्रांसफॉर्मर यूनिट से पहला ट्रांसफॉर्मर होगा रोल-आउट

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 4 सितंबर को सीहोर में सीजी की नई पॉवर ट्रांसफॉर्मर विनिर्माण इकाई के प्रथम ट्रांसफॉर्मर का करेंगे रोल-आउट

    देश की सबसे बड़ी पॉवर ट्रांसफॉर्मर विनिर्माण सुविधा में 1200 केवी तक के ट्रांसफॉर्मर बनेंगे
    सीहोर में 2000 से अधिक रोजगार के अवसर होंगे सृजित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 4 सितंबर को सीहोर में सीजी (क्रॉम्पटन एंड ग्रीव्स) पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड की नई पॉवर ट्रांसफॉर्मर विनिर्माण इकाई के प्रथम ट्रांसफॉर्मर के रोल-आउट का शुभारंभ करेंगे। करीब 50 एकड़ में स्थापित यह इकाई एक ही स्थान पर स्थित भारत की सबसे बड़ी पॉवर ट्रांसफॉर्मर विनिर्माण सुविधा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगस्त 2025 में इस संयंत्र का भूमि-पूजन किया था और अब करीब 13 से 14 महीने में यहां उत्पादन प्रारंभ हो गया है।

    सीहोर में स्थापित यह आधुनिक इकाई देश में बढ़ती विद्युत जरूरतों को देखते हुए उच्च क्षमता वाले पॉवर ट्रांसफॉर्मर के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यहां 220 केवी से लेकर 1200 केवी श्रेणी के पॉवर ट्रांसफॉर्मर बनाए जाएंगे। इकाई की उत्पादन क्षमता हर माह 35 पॉवर ट्रांसफॉर्मर तैयार करने की होगी। इतनी बड़ी क्षमता वाली सुविधा एक ही स्थान पर स्थापित होने से देश में उच्च वोल्टेज ट्रांसमिशन उपकरणों के निर्माण को मजबूती मिलेगी।

    सीहोर में तैयार होने वाले उच्च क्षमता के ट्रांसफॉर्मर देश के विभिन्न हिस्सों के साथ वैश्विक बाजारों तक भी पहुंचेंगे। इकाई में तैयार होने वाले ट्रांसफॉर्मर विद्युत क्षेत्र के साथ डेटा सेंटर, रेलवे, नवकरणीय ऊर्जा, तेल एवं गैस तथा ट्रांसमिशन अधोसंरचना से जुड़ी परियोजनाओं में उपयोग किए जाएंगे।

    मध्यप्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश को तेजी से धरातल पर उतारने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निवेश प्रस्तावों को वास्तविक उद्योगों में बदलने और उनसे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर है। सीजी की इस इकाई से सीहोर में 2000 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड विद्युत इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करीब नौ दशकों से कार्य कर रही है। कंपनी ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर, इंडक्शन मोटर्स, ड्राइव्स, ट्रैक्शन मोटर्स और अन्य विद्युत उपकरणों का निर्माण करती है। सीहोर की नई इकाई कंपनी की पॉवर ट्रांसफॉर्मर निर्माण क्षमता को बड़े स्तर पर विस्तार देगी।

    सीहोर में बनने वाले बड़े और उच्च क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर से जहां देश की विद्युत जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी, वहीं इनके निर्यात से सीहोर और मध्यप्रदेश की औद्योगिक पहचान को भी नई दिशा मिलेगी। स्थानीय स्तर पर रोजगार के साथ इस इकाई से जुड़े अन्य कारोबारों के लिए भी अवसर बढ़ेंगे।

     

  • MP में बाढ़ से निपटने की हाईटेक तैयारी, ‘गरुड़’ बताएगा जलस्तर बढ़ने पर कितने घर होंगे प्रभावित

    MP में बाढ़ से निपटने की हाईटेक तैयारी, ‘गरुड़’ बताएगा जलस्तर बढ़ने पर कितने घर होंगे प्रभावित

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जहां सभी 413 नगरीय निकायों के हर घर और शहरी व्यवस्थाओं का GIS डेटा तैयार किया गया है। ‘गरुड़ MP’ (GARUD MP) सिस्टम के जरिए अब बाढ़ आने से पहले ही संभावित खतरे का पता लगाया जा सकेगा। इंदौर, भोपाल समेत सभी छोटे-बड़े शहरों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने पर प्रभावित होने वाले इलाकों, घरों और आबादी का पहले ही नक्शा तैयार किया जाएगा। इससे राहत और बचाव की तैयारी समय रहते की जा सकेगी।

    जलस्तर बढ़ते ही दिखेगा असर
    गरुड़ ऐप में अलग-अलग जलस्तर के आधार पर सिमुलेशन की सुविधा विकसित की गई है। पानी तय स्तर से ऊपर बढ़ने पर सिस्टम नक्शे पर बता सकेगा कि कौन सा वार्ड प्रभावित होगा, कितने घर और संपत्तियां पानी की चपेट में आ सकती हैं और कितनी आबादी प्रभावित होगी।

    इसके साथ ही संभावित बाढ़ की चपेट में आने वाले स्कूल, अस्पताल और दूसरी जरूरी सुविधाओं की भी पहचान की जा सकेगी। इससे प्रशासन राहत और बचाव की तैयारी पहले से कर सकेगा।

    413 निकायों का डेटा एक सिस्टम में
    मध्यप्रदेश ने सभी 413 नगरीय निकायों के भौगोलिक आंकड़ों को एक ही सिस्टम में जोड़ा है। इसमें इंदौर, भोपाल समेत बड़े शहरों और छोटे कस्बों के घरों के साथ सड़क, पानी की पाइपलाइन, सीवरेज, जलाशय और जमीन के उपयोग से जुड़ी जानकारी शामिल है।

    इस डेटा के जरिए किसी इलाके को उसके वास्तविक स्थान और आसपास की शहरी व्यवस्थाओं के साथ देखा जा सकेगा।

    टैक्स और अवैध निर्माण की भी निगरानी
    गरुड़ का इस्तेमाल सिर्फ बाढ़ प्रबंधन के लिए नहीं होगा। इसके जरिए संपत्ति कर की वसूली, अवैध निर्माण, मास्टर प्लान के उल्लंघन, पानी और सीवरेज की पाइपलाइन की निगरानी तथा झुग्गी बस्तियों के सर्वे का काम भी किया जाएगा।

    सरकारी जमीनों के रखरखाव, शहर में वृक्षारोपण और ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा को भी इसी GIS मैप से जोड़ा गया है।

     

     सबकुछ होगा ऑनलाइन, 24 सेवाओं में खत्म होगी झंझट

    मध्यप्रदेश के 413 शहरों के लोगों को बड़ी सुविधा मिल रही है। लोगों की सहूलियत के लिए यहां ई-नगर पालिका 2.0 विकसित की जा रही है। ई-नगर पालिका के अपग्रेडेशन से इन शहरों में सबकुछ ऑनलाइन हो जाएगा, नागरिकों की झंझटें खत्म होंगी, उन्हें पूरी 24 सेवाएं ऑनलाइन मिलेंगी। प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा इन सभी शहरों को कम्प्यूटरीकृत करने के उद्देश्य से वेब आधारित ई-नगर पालिका योजना प्रारंभ की गई है। ई-नगर पालिका के माध्यम से सभी शहरों में समस्त नागरिक सेवाओं, जन शिकायत सुविधाओं से लेकर निकायों की आंतरिक कार्य प्रणाली, समस्त भुगतान और बजट प्रक्रिया को एकीकृत कर ऑनलाइन सुविधा देने का प्लान बनाया गया है।

    देश में मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है, जहां प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया है। ई-नगर पालिका 1.0 को डेटाबेस के साथ प्लेटफार्म पर विकसित किया गया। वर्तमान में ई-नगर पालिका के माध्यम से 22 नागरिक सेवाएं प्रदाय की जा रही हैं, इसमें 15 मॉड्यूल शामिल हैं। अब इसके द्वितीय चरण का विकास किया जा रहा है।

    ई-नगर पालिका को उद्योग, राजस्व, पंजीयन विभाग जैसे विभिन्न विभागों के साथ भारत सरकार के महत्वपूर्ण मोबाइल एप उमंग से भी एकीकृत किया गया है। ई-नगर पालिका 1.0 पोर्टल के माध्यम से दी जा रही सभी सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए ई-नगर पालिका परियोजना के दूसरे चरण का विकास कराने का निर्णय लिया गया है।

    ई-नगर पालिका 2.0 के अंतर्गत 16 मॉड्यूल और 24 नागरिक सेवाएं शामिल होंगी। इसमें जीआईएस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी उपयोग किया जाएगा। ई-नगर पालिका 2.0 में भौतिक संरचना को क्लाउड सेवाओं द्वारा प्रतिस्थापित किया जायेगा।

    ई-नगर पालिका 2.0 का कॉमन सर्विस सेंटर, एम ऑनलाइन, कियोस्क सेंटर और भुगतान गेटवे के साथ एकीकरण किया जायेगा। खास बात यह है कि इससे जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पूरी की जा चुकी हैं।

  • गोवा में मुख्य चुनाव आयुक्त ने बीएलओ के साथ किया संवाद

    गोवा में मुख्य चुनाव आयुक्त ने बीएलओ के साथ किया संवाद

    भोपाल 

    भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ज्ञानेश कुमार ने आज गोवा में बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के साथ सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से 1000 से अधिक बीएलओ ने सहभागिता की। अपने उद्घाटन संबोधन में मुख्य चुनाव आयुक्त  ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची को विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का आधार स्तंभ बताते हुए कहा कि भारत में मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव कराने की प्रक्रिया संविधान, कानून तथा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप संचालित की जाती है। उन्होंने बीएलओ की महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि वे भारत निर्वाचन आयोग और नागरिकों के बीच संपर्क के पहले बिंदु हैं। गोवा में मतदाता सूची तैयार करने एवं उसकी शुद्धता बनाए रखने में बीएलओ की महत्वपूर्ण भूमिका की उन्होंने सराहना की।

    मुख्य चुनाव आयुक्त  ज्ञानेश कुमार ने कहा कि मतदाता सूची की अखंडता सुनिश्चित करने के साथ-साथ पूरी चुनाव प्रक्रिया का समवर्ती ऑडिट मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) तथा उम्मीदवारों के मतदान एवं मतगणना एजेंटों द्वारा भी किया जाता है। कार्यक्रम के दौरान कोंकणी भाषा में बीएलओ तथा अंग्रेजी भाषा में बीएलए की भूमिकाओं को समझाने वाले लघु वीडियो जारी किए गए। इस अवसर पर गोवा की समृद्ध परंपरा एवं विरासत को प्रदर्शित करने वाला सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। बैठक में बीएलओ ने मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ प्रश्नोत्तर सत्र में सहभागिता की। इस दौरान उन्हें सीधे संवाद के माध्यम से अपने प्रश्नों एवं शंकाओं का समाधान प्राप्त करने का अवसर मिला।

     

  • ग्वालियर का आकाशवाणी तिराहा अब स्व. रघुवीर सिंह बाबूजी के नाम से जाना जाएगा

    ग्वालियर का आकाशवाणी तिराहा अब स्व. रघुवीर सिंह बाबूजी के नाम से जाना जाएगा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा महाकाल ने सभी के जीवन का समय निश्चित किया है। प्रत्येक मनुष्य के कार्यों का मूल्यांकन आने वाली पीढ़ियां करती हैं। जननेता और समाजसेवी स्व. रघुवीर सिंह बाबूजी ने देश की आजादी के कालखंड में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बताए मार्ग पर चलते हुए अपना अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने युवा अवस्था में स्वतंत्रता के समर में सहभागिता के लिए अपने साथियों को प्रेरित किया। स्व. बाबूजी ने स्व. मावधराव सिंधिया के साथ नगर निगम से लेकर विधानसभा तक की यात्रा तय की। वे जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष में सदैव आगे रहते थे। स्व. बाबूजी ने ग्वालियर क्षेत्र के लिए कार्य करते हुए समाजसेवा की मिसाल पेश की। स्व. बाबूजी ने विद्यार्थी काल में दूसरे बच्चों को कुश्ती खेलने के लिए प्रेरित किया। ग्वालियर में स्थापित बाबूजी की प्रतिमा सभी को उनके आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित करती रहेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को ग्वालियर के आकाशवाणी तिराहे पर पूर्व विधायक एवं नगर निगम परिषद के पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्व. बाबू रघुवीर सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने इस आकाशवाणी तिराहे का नाम बदलकर अब स्व. बाबू रघुवीर सिंह के नाम पर करने की घोषणा की।

    केंद्रीय दूरसंचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री  ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि आज का दिन मेरे लिए अत्यंत भावुक है। स्व. रघुवीर सिंह बाबूजी ने ग्वालियर विधायक के रूप में मेरे पिता के साथ काम किया। बाबूजी ने सदैव दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम किया। बाल्यकाल से ही उनका सानिध्य मिलता रहा। उन्होंने 14 वर्ष की आयु में स्वतंत्रता सेनानियों की सेवा की। स्व. बाबूजी ने कृषि संकाय की पढ़ाई करने के बाद किसान कल्याण और समाज कल्याण के लिए उत्कृष्ट कार्य किए। वे मन के बड़े कोमल थे, लेकिन अपने उसूलों पर अडिग रहते थे। बाबूजी एक सच्चे समाजसेवक थे और ग्वालियर के लोगों के लिए सदैव प्रेरणा स्त्रोत रहेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अथक प्रयासों से आज यह दिन आया है कि ग्वालियर में स्व. रघुवीर सिंह बाबूजी की प्रतिमा स्थापित हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सदैव सत्य के साथ खड़े रहते हैं।

    म.प्र. विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि स्व. रघुवीर सिंह बाबूजी ने अपने जीवनकाल में मजदूरों के कल्याण के लिए बड़ा संघर्ष किया। उनके साथ निगम पार्षद के रूप में कार्य करना अविस्मरणीय है।

     राम सुंदर यादव ने कहा कि आज मेरे और परिवार के लिए यह बहुत भावुक अवसर है, मेरे पिता स्व. बाबू रघुवीर सिंह की प्रतिमा का आज अनावरण किया गया। उन्होंने कहा कि हमारी तीसरी पीढ़ी पूरी तरह जनसेवा को समर्पित है। इस अवसर पर पूर्व विधायक स्व. बाबू रघुवीर सिंह के व्यक्तित्व से सभी को परिचित भी कराया गया। स्व. बाबू रघुवीर सिंह महात्मा गांधी से प्रभावित थे और उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के बाल सेनानी के रूप में योगदान दिया। अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने किसानों और गरीबों सहित हर वर्ग की आवाज बुलंद की।

    प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला, ग्वालियर सांसद  भारत सिंह कुशवाहा, राज्यसभा सदस्य  अशोक सिंह, विधायक  प्रीतम सिंह लोधी, विधायक  महेंद्र सिंह यादव, मप्र राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष  रामनिवास रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।