Category: मध्य प्रदेश

  • MP Rain Alert: नर्मदापुरम-छिंदवाड़ा में रेड अलर्ट, सागर-जबलपुर समेत 25 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

    MP Rain Alert: नर्मदापुरम-छिंदवाड़ा में रेड अलर्ट, सागर-जबलपुर समेत 25 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। चित्रकूट में मंदाकिनी का जलस्तर 138.52 मीटर पर डेंजर लेवल के करीब स्थिर है। SDRF ने करीब 100 लोगों को सुरक्षित बचाया है। छतरपुर में बारिश और बाढ़ के खतरे को देखते हुए आज सभी स्कूलों में छुट्टी है।

    मैहर में पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण मुकुंदपुर मार्ग बंद है। मंडला में नर्मदा का जलस्तर 436.1 मीटर पहुंच गया है। जबलपुर में बरगी बांध का जलभराव 93.33% होने के बाद 5 गेट करीब 1 मीटर खोले गए हैं। इससे नर्मदा घाटों पर 3 से 4 फीट पानी बढ़ने की संभावना है। बरगी डैम के भी 5 गेट खोले गए हैं।

    मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार को प्रदेश के आधे हिस्से में भारी बारिश की चेतावनी है। नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट, जबकि छतरपुर, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी और बैतूल में ऑरेंज अलर्ट है। इन जिलों में 24 घंटे में 4 इंच से ज्यादा बारिश हो सकती है। इन जिलों में भी बारिश की चेतावनी

    मौसम विभाग के मुताबिक, सीहोर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, दमोह, पन्ना, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, डिंडौरी, मंडला, पांढुर्णा और बालाघाट में भारी बारिश हो सकती है।

    वहीं, भोपाल, रायसेन, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सिवनी, नरसिंहपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर और छतरपुर में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का अनुमान है।

    कल से पश्चिमी हिस्से में पहुंचेगा सिस्टम
    मौसम विशेषज्ञों की मानें तो 4 सितंबर को सिस्टम आगे बढ़ेगा। भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम, चंबल संभाग में इसका ज्यादा असर दिखाई देगा। भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर में भारी बारिश हो सकती है। इंदौर में तेज बारिश होने का अनुमान नहीं है।

    5 सितंबर को प्रदेश के उत्तरी हिस्से में तेज बारिश हो सकती है। 6 सितंबर को ग्वालियर-चंबल संभाग में सिस्टम असर दिखाएगा।

    बांधों में बढ़ रहा पानी
    लगातार बारिश की वजह से प्रदेश के बांधों की स्थिति सुधरी है। अधिकांश बांधों में 70 प्रतिशत तक पानी आ गया है। कुछ डैम के गेट तो खोल दिए गए हैं। हालांकि, इंदौर और उज्जैन संभाग के बांधों की स्थिति ठीक नहीं है।

    भोपाल के बड़ा तालाब में पानी का लेवल 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। अब यह सिर्फ 0.30 फीट ही खाली है। बड़ा तालाब फुल भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खुलेंगे। यहां से छोड़ा जाने वाला पानी कलियासोत डैम में पहुंचेगा और इसमें भी पानी का लेवल बढ़ जाएगा।

    अब तक 28.1 इंच बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में अब तक 714.2 मिमी यानी 28.1 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 31.5 इंच (799.9 मिमी) की तुलना में 3.4 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 11 प्रतिशत कम पानी गिरा है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 4% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 17% बारिश कम हुई है।

  • क्रिकेट फैंस के लिए बड़ी खबर! 11 अक्टूबर को Indore में India-WI T20, 1000 रुपये से शुरू टिकटों की कीमत

    क्रिकेट फैंस के लिए बड़ी खबर! 11 अक्टूबर को Indore में India-WI T20, 1000 रुपये से शुरू टिकटों की कीमत

      इंदौर
    इंदौर शहर के होलकर स्टेडियम में 11 अक्टूबर को भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच हो रहा है। अगर आप भी इस बार मैच का लुफ्त उठाना चाहते हैं तो ऑनलाइन टिकट ले सकते हैं। इस मैच के लिए मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने टिकट दर घोषित कर दी है। सबसे महंगा टिकट 12500 रुपए का होगा, जबकि सबसे सस्ता 1000 रुपए का रहेगा। यह टिकट ऑनलाइन मिलेंगे। एक व्यक्ति अधिकतम चार टिकट खरीद सकेगा।

    ये रहेंगी टिकट की दरें

    1000- ईस्ट गैलरी ग्राउंड फ्लोर
    1100- वेस्ट गैलरी ग्राउंड फ्लोर
    1250- ईस्ट गैलरी सेकंड फ्लोर
    1350 – वेस्ट गैलरी सेकंड फ्लोर
    1400- ईस्ट गैलरी फस्र्ट फ्लोर (रेगुलर)
    1500- वेस्ट गैलरी फस्र्ट फ्लोर (रेगुलर)
    1700- ईस्ट गैलरी फस्र्ट फ्लोर (प्रीमियम)
    1800 – वेस्ट गैलरी फस्र्ट फ्लोर (प्रीमियम)
    5500- साउथ पैवेलियन थर्ड फ्लोर
    6500- साउथ पैवेलियन लोअर
    7500- साउथ पैवेलियन सेकंड फ्लोर
    8500- साउथ पैवेलियन फस्र्ट फ्लोर
    11000- साउथ पैवेलियन फस्र्ट फ्लोर फूड बॉक्स हॉस्पिटैलिटी
    12500- साउथ पैवेलियन लोअर लाइ
    व हॉस्पिटैलिटी

    यहां से बुक कर सकते हैं टिकट
    ऑनलाइन टिकट बिक्री के लिए डिस्ट्रिक्ट बाय जोमैटो को अधिकृत किया है। दर्शक डिस्ट्रिक्ट मोबाइल ऐप और वेबसाइट के माध्यम से टिकट खरीद सकेंगे। टिकटों की कीमत 1000 से शुरू होकर 12500 तक रखी गई है। ईस्ट गैलरी ग्राउंड फ्लोर का टिकट सबसे कम 1000 रुपए है, जबकि साउथ पैवेलियन लोअर लाइव हॉस्पिटैलिटी टिकट की कीमत 12500 रुपए है। साउथ पैवेलियन फस्र्ट फ्लोर 8500, सेकंड फ्लोर 7500 और थर्ड फ्लोर 5500 रुपए होगा। वहीं ईस्ट और वेस्ट गैलरी की अलग-अलग श्रेणियों के टिकट 1100 से 1800 रुपए के रखे गए हैं। टिकट सिंगल या अलग-अलग कैटेगरी के मिश्रित विकल्प में भी खरीदे जा सकेंगे।

    साइबर ठगों से सावधान रहने की चेतावनी
    मैच के टिकट के लिए MPCA और क्राइम ब्रांच ने संयुक्त रूप से एक एडवाइजरी जारी की है। ठगी करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया, टेलीग्राम और WhatsApp पर मैच के फर्जी टिकट बेचने वाले कई संदिग्ध लिंक सक्रिय हो सकते हैं। इसलिए पुलिस और MPCA ने दर्शकों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत लिंक पर क्लिक न करें और न ही जल्दबाजी में कोई भुगतान करें। टिकट बुक करने के लिए केवल आधिकारिक ऐप और वेबसाइट से ही सत्यापन के बाद टिकट खरीदें, ताकि कोई भी व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार न हो।

  • MP High Court: बर्खास्तगी से पहले जांच और प्रक्रिया जरूरी, गृह विभाग के आदेश पर लगाई रोक

    MP High Court: बर्खास्तगी से पहले जांच और प्रक्रिया जरूरी, गृह विभाग के आदेश पर लगाई रोक

    जबलपुर 
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए गृह विभाग के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसके तहत एक महिला असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर (ADPPO) को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था. महिला को प्रोबेशन यानी परिवीक्षा अवधि के दौरान ‘नैतिक अधमता’ (Moral Turpitude) के आधार पर सर्विस से हटाया गया था. हाई कोर्ट ने विभाग के इस फैसले को सही नहीं माना और बर्खास्तगी आदेश को निरस्त कर दिया। 

    आशुतोष शुक्ला और सिद्धार्थ पांडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पूजा गुप्ता के खिलाफ पहले दहेज उत्पीड़न से जुड़ा एक मामला दर्ज हुआ था. इस मामले की सुनवाई के बाद दिसंबर 2015 में ट्रायल कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि अभियोजन पक्ष पूजा गुप्ता के खिलाफ लगाए गए आरोपों को उचित संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह असफल रहा। 

    इसके बावजूद मध्य प्रदेश के गृह विभाग ने पूजा गुप्ता को नौकरी से हटा दिया. विभाग का कहना था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप ‘नैतिक अधमता’ की कैटेगरी में आते हैं. विभाग ने यह फैसला उस समय लिया, जब ट्रायल कोर्ट उन्हें पहले ही मामले में बरी कर चुका था। 

    मामला पहुंचा हाई कोर्ट
    जब मामला हाई कोर्ट पहुंचने पर अदालत ने विभाग के फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई. हाई कोर्ट ने कहा कि किसी शख्स के खिलाफ ‘नैतिक अधमता’ का निष्कर्ष केवल प्रशासनिक अधिकारी अपनी ओर से नहीं निकाल सकता. खासकर तब, जब इससे जुड़े आपराधिक मामले में ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया हो। 

    वहीं, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि इस मामले में गृह विभाग ने बर्खास्तगी से पहले कोई स्वतंत्र जांच नहीं की थी. विभाग ने केवल पुराने मामले के आरोपों के आधार पर महिला कर्मचारी को नौकरी से हटा दिया. हाई कोर्ट के अनुसार, इस तरह की कार्रवाई सही प्रोसेस के बिना नहीं की जा सकती है। 

    पूजा गुप्ता ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने भर्ती परीक्षा और आवेदन के समय अपने खिलाफ दर्ज मामले की पूरी जानकारी विभाग को दी थी. उन्होंने मामले और बाद में आए बरी होने के फैसले को भी छिपाया नहीं था. हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद पूजा गुप्ता की नौकरी बहाल होने का रास्ता साफ हो गया है। 

  • जिला अस्पताल में महिला कर्मचारी की शिकायत से मचा हड़कंप

    जिला अस्पताल में महिला कर्मचारी की शिकायत से मचा हड़कंप

    जिला अस्पताल में महिला कर्मचारी की शिकायत से मचा हड़कंप

    सिविल सर्जन पर गंभीर आरोप—यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना, वेतन रोकने और पद के दुरुपयोग की शिकायत; निष्पक्ष जांच की मांग

    बड़वानी
     जिला चिकित्सालय बड़वानी में पदस्थ फिजियोथेरेपिस्ट सुश्री नमिता बावने ने सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना के विरुद्ध महिला थाना प्रभारी को दी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कथित यौन उत्पीड़न, लैंगिक रूप से अनुचित व्यवहार, मानसिक प्रताड़ना, पद के दुरुपयोग, कार्यालय में भय का वातावरण बनाने तथा वेतन एवं अवकाश से संबंधित कार्रवाई का आरोप लगाया गया है।
    शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके 71 वर्षीय पिता गंभीर बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती रहे और उन्हें लगातार उनकी देखभाल के लिए अवकाश की आवश्यकता थी। आरोप है कि चिकित्सा संबंधी परिस्थितियों के बावजूद उनका अवकाश स्वीकृत नहीं किया गया तथा करीब 75 दिनों का वेतन रोक दिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि वेतन भुगतान और अवकाश को लेकर बार-बार आवेदन देने के बावजूद संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई।

    “शाम को अकेले मिलने का दबाव बनाने का आरोप”
    शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सिविल सर्जन द्वारा कार्यालय समय के बाद मिलने के लिए बुलाया गया तथा कथित तौर पर कहा गया कि यदि शिकायतकर्ता उनके साथ मित्रवत व्यवहार करेंगी तो अवकाश और वेतन संबंधी मदद की जाएगी। शिकायतकर्ता ने इसे मानसिक दबाव और अनुचित व्यवहार बताया है।

    मामला उस समय और गंभीर हो गया जब शिकायत के अनुसार 5 अगस्त 2026 को उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करते समय उनके सीने पर हाथ रखकर धक्का देने का आरोप लगाया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि विरोध करने पर भी उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया।

    “गलत बात का विरोध किया तो वेतन रोक दिया”
    शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पूर्व में भी मई 2023 में इसी प्रकार का व्यवहार किए जाने की कोशिश हुई थी। उनके विरोध के बाद जुलाई 2026 का वेतन रोक दिए जाने का आरोप भी शिकायत में लगाया गया है। इस संबंध में 24 जुलाई और 4 अगस्त को सिविल सर्जन को पत्र देने तथा जवाब में उच्च कार्यालय से मार्गदर्शन लेने की बात कहे जाने का उल्लेख शिकायत में है।

    इसके अलावा शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उनके विरुद्ध समय पर कार्यालय में उपस्थित नहीं होने संबंधी पत्र जारी कर कलेक्टर के नाम का भी इस्तेमाल किया गया, जबकि उनके अनुसार वे निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित थीं।

    जांच के दौरान दबाव नहीं बनाने की मांग
    शिकायत में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक शिकायतकर्ता को किसी भी प्रकार की प्रतिशोधात्मक या दंडात्मक प्रशासनिक कार्रवाई से सुरक्षा देने तथा आरोपी अधिकारी को शिकायतकर्ता के प्रत्यक्ष प्रशासनिक नियंत्रण से अलग रखने की मांग की गई है।
    शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें शिकायत वापस लेने के लिए दबाव अथवा धमकी दिए जाने की आशंका है। उन्होंने मामले में गोपनीयता बनाए रखने और निर्धारित समय-सीमा में जांच पूरी करने का अनुरोध किया है।

    पिता की बीमारी और आर्थिक संकट का भी हवाला
    शिकायत में कहा गया है कि शिकायतकर्ता अपने वृद्ध माता-पिता की इकलौती अविवाहित संतान हैं। पिता गंभीर रूप से बीमार हैं, जबकि माता भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही हैं। वेतन रुकने के कारण परिवार पर आर्थिक संकट आने और इलाज व घरेलू खर्च प्रभावित होने की बात भी आवेदन में कही गई है।

    अब सवाल जांच की निष्पक्षता पर
    पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक महिला कर्मचारी द्वारा लगाए गए इतने गंभीर आरोपों की जांच किस स्तर पर और कितनी निष्पक्षता से होती है। शिकायत में स्वयं पद के दुरुपयोग और शिकायतकर्ता पर दबाव की आशंका जताई गई है। ऐसे में क्या विभाग आरोपी अधिकारी को जांच से प्रभावित होने की किसी भी संभावना से दूर रखेगा? यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

    जब इस संबंध में सिविल सर्जन मनोज खन्ना से बात करना चाहि तो उनके द्वारा पहले तो मोबाइल रिसीव नहीं किया बाद में उन्होंने बताया कि मुझ पर जो आरोप लगाए गए हैं वह निराधार है

  • के.के. सिंगारे के तीन ठिकानों पर EOW का छापा, आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच

    के.के. सिंगारे के तीन ठिकानों पर EOW का छापा, आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच

    बालाघाट

    भोपाल, छिंदवाड़ा और बालाघाट में गुरुवार को सुबह एक साथ इओडब्ल्यू के छापे से हड़कंप मच गया। यह छापे लोक निर्माण विभाग के प्रभारी कार्यपालन यंत्री केके सिंघारे के ठिकानों पर की गई है। फिलहाल तीनों ही ठिकानों पर दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। केके सिंघारे पर आय से अधिक संपत्ति रखने और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते यह कार्रवाई की जा रही है।

    लोक निर्माण विभाग में पीआईयू कार्यपालन यंत्री केके सिंगारे के बालाघाट, छिंदवाड़ा और भोपाल के आवासों पर गुरुवार सुबह से दस्तावेजों की छानबीन की जा रही है। बालाघाट से पत्रिका रिपोर्ट ने जानकारी दी है कि वारासिवनी रोड स्थित उनके आवास पर डीएसपी मंजीत सिंह के नेतृत्व में EOW की टीम पहुंची और घर की तलाशी शुरू की। टीम द्वारा दस्तावेजों, आर्थिक लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार बालाघाट स्थित आवास से करीब 2 लाख 50 हजार रुपए नकद, एक नई स्कॉर्पियो वाहन और दर्जनों खाली लिफाफे मिलने की बात सामने आई है। हालांकि बरामदगी की विस्तृत और आधिकारिक जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आने की संभावना है।

    सिंगारे को छिंदवाड़ा ले गई EOW
    इस कार्रवाई के दौरान EOW की टीम प्रभारी कार्यपालन यंत्री के.के. सिंगारे को बालाघाट से छिंदवाड़ा स्थित उनके आवास पर भी लेकर गई है। वहां भी टीम द्वारा तलाशी और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। वहीं भोपाल में भी संबंधित ठिकाने पर EOW की कार्रवाई जारी होने की जानकारी सामने आई है। तीनों स्थानों पर एक साथ जांच किए जाने से कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    कांट्रेक्टर ने की थी शिकायत
    सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार EOW की यह कार्रवाई सिविल कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन मध्यप्रदेश के जनरल सेक्रेटरी यूनुस खान उर्फ पप्पा भाई की शिकायत के बाद की गई है। शिकायत में प्रभारी कार्यपालन यंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप लगाए गए थे। शिकायत के आधार पर EOW ने कार्रवाई करते हुए सुबह-सुबह उनके ठिकानों पर दबिश दी।

    EOW की टीम द्वारा दस्तावेजों, नकदी, वाहन और अन्य संपत्तियों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्रवाई में कुल कितनी संपत्ति या अन्य सामग्री बरामद हुई है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।

  • इंदिरा सागर बांध में नहीं आया पर्याप्त पानी, अगस्त में पिछले साल के मुकाबले 4 गुना कम बिजली उत्पादन

    इंदिरा सागर बांध में नहीं आया पर्याप्त पानी, अगस्त में पिछले साल के मुकाबले 4 गुना कम बिजली उत्पादन

    खंडवा
    नर्मदा नदी के ऊपरी इलाकों में कम बारिश होने के कारण इंदिरा सागर बांध में इस बार उम्मीद के मुताबिक पानी नहीं आ पाया है। हालांकि परियोजना प्रमुख अजीत कुमार का कहना है कि मानसून सीजन अभी बाकी है और सितंबर के अंत तक बांध पूरी क्षमता से भर जाएगा। 

    यही वजह है कि 2 सितंबर तक बांध के गेट नहीं खोले जा सके हैं, जबकि बीते साल पानी की भारी आवक के कारण 27 जुलाई को ही गेट खोलने पड़े थे। इस बार अगस्त में पिछली बार के मुकाबले 4 गुना कम बिजली बनी है। हालांकि गुरुवार को बरगी बांध के गेट खुलने पर यहां पानी बढ़ सकता है।

    इस साल अगस्त का हाल: अगस्त 2026 में कुल 205 मिलियन यूनिट बिजली बनी।

    बीते साल अगस्त की स्थिति: पिछले साल अगस्त में बाढ़ आने के कारण सभी 8 टरबाइनें 24 घंटे चल रही थीं और 807 मिलियन यूनिट बिजली बनी थी। यानी बीते साल के मुकाबले इस बार अगस्त में 4 गुना कम बिजली बनी है।

     

  • भोपाल में पार्किंग होगी आसान! दो मल्टीलेवल पार्किंग में FASTag सिस्टम लागू, मोबाइल ऐप से भी दे सकेंगे फीस

    भोपाल में पार्किंग होगी आसान! दो मल्टीलेवल पार्किंग में FASTag सिस्टम लागू, मोबाइल ऐप से भी दे सकेंगे फीस

    भोपाल 
    भोपाल शहर की दो मल्टी लेवल पार्किंग में अब आप फॉस्टैग के जरिए भी शुल्क दे सकेंगे। इसके अलावा यूपीआई एवं मोबाइल एप आधारित डिजिटल पार्किंग व्यवस्था भी रहेगी। स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था के तहत पार्किंग स्थलों के प्रवेश द्वार पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकगनेशन (एएनपीआर) कैमरा वाहन की नंबर प्लेट को स्वतः पहचानकर फॉस्टैग रीडर के माध्यम से वाहन के प्रवेश को डिजिटल रूप में दर्ज करता है।

    इसके बाद पार्किंग रिकॉर्ड स्वतः जनरेट हो जाता है। इसी तरह वाहन के पार्किंग स्थल के बाहर निकलते समय एएनपीआर कैमरा और फॉस्टैग आधारित सिस्टम से वाहन की पहचान की जाती है और निर्धारित पार्किंग शुल्क फॉस्टैग के माध्यम से डिजिटली संधारित किया जाता है। इस तरह भुगतान प्रक्रिया पूर्ण होने पर वाहन बिना आवश्यक मैन्यूअल पार्किंग स्थल से बाहर निकलते हैं।

    नई व्यवस्था से जल्दी आ-जा सकेंगे वाहन नई व्यवस्था से पार्किंग स्थल पर आने वाले वाहन के प्रवेश एवं निकास की प्रक्रिया अधिक तेज और सुव्यवस्थित होती है और नागरिकों को अनावश्यक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती। पार्किंग स्थलों पर फॉस्टैग के माध्यम से भुगतान को प्राथमिकता दी जा रही है। यदि किसी कारण से किसी वाहन में फॉस्ट टैग कार्य नहीं करता तो वाहन चालक के लिए क्यूआर कोड एवं यूपीआई आधारित भुगतान की वैकल्पिक सुविधा भी उपलब्ध है। उपरोक्त स्थितियों के अतिरिक्त आवश्यकता पड़ने पर नकद भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है।

  • अगले ढाई साल में प्रदेश की 100 लाख हैक्टेयर कृषि भूमि को बनाएंगे सिंचित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    अगले ढाई साल में प्रदेश की 100 लाख हैक्टेयर कृषि भूमि को बनाएंगे सिंचित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जिनके हाथ में हल, वही है देश का असली बल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    बीज से बाजार तक और खेत से निर्यात तक हर कदम पर राज्य सरकार किसानों के साथ
    किसानों को देंगे दिन में दस घंटे बिजली
    अगले ढाई साल में प्रदेश की 100 लाख हैक्टेयर कृषि भूमि को बनाएंगे सिंचित
    जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक शिवपुरी को करेंगे मदद
    कृषि से एग्री-टेक और फूड प्रोसेसिंग तक नई दिशा की ओर बढ़ रहा मध्यप्रदेश
    ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल और शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण योजना का सरलीकरण का हुआ शुभारंभ
    कृषक कवच योजना, 200 नए पैक्स कार्यालयों और अपेक्स बैंक की संभागीय शाखा ग्वालियर का भी हुआ शुभारंभ
    ग्वालियर में मनाया गया बलराम जयंती महोत्सव एवं सहकारी किसान समागम कार्यक्रम

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिनके हाथ में हल है, वही इस देश का असली बल है। उन्होंने किसानों के पसीने को मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था का “फ्यूल” बताते हुए कहा कि सरकार खेत से लेकर निर्यात तक और बीज से लेकर बाजार तक हर कदम पर प्रदेश के किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान बलराम, बल के देवता ही नहीं, श्रम के सम्मान और कृषि गौरव के जीवंत प्रतीक हैं। हलधर के रूप में उन्होंने देश में खेती-किसानी को विस्तार दिया और इसे लोककल्याण का माध्यम भी बनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को हल षष्ठी के अवसर पर ग्वालियर में हुए बलराम जयंती महोत्सव एवं सहकारी किसान समागम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों और अन्नदाताओं को बलराम जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बलराम जयंती हमारे खेतों की हरियाली और किसानों की समृद्धि का पुनीत उत्सव है। आयोजकों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को खेती-किसानी के प्रतीक के रूप में हल भेंट किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक शिवपुरी को अपनी वर्तमान अवस्था से उबरने में राज्य शासन की ओर से जरूरी मदद देने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान कल्याण से जुड़े 4 महत्वपूर्ण कार्यों का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल से किसान अब घर बैठे आवेदन कर सकेंगे। इस अवसर पर शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण योजना के सरलीकरण का भी शुभारंभ हुआ। इसके तहत खरीफ और रबी कृषि ऋण की अलग-अलग अदायगी की बाध्यता समाप्त करते हुए किसानों को अपनी सुविधा के अनुसार 12 माह में ऋण चुकाने की सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान कृषक कवच योजना का भी शुभारंभ किया। इस योजना में ऐसे किसानों को भी ऋण और शासकीय योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिनके खातों की जांच लंबित होने से वे अब तक शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गांवों में सहकारिता संबंधी गतिविधियों को गति प्रदान करने के लिए 200 नई पैक्स संस्थाओं के कार्यालयों का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपेक्स बैंक की ग्वालियर में संभागीय शाखा का शुभारंभ भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार बीज से बाजार तक और खेत से निर्यात तक किसान की पूरी यात्रा को सशक्त कर रही है। उन्होंने मध्यप्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि हम प्रदेश को देश की मिल्क कैपिटल बनायेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के हर ब्लॉक में एक वृंदावन ग्राम विकसित किया जा रहा है और गौशालाओं में प्रति गाय चारा अनुदान 20 से बढ़ाकर 40 रुपये किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि हमारी विरासत है, एग्री-टेक और एग्री-बिजनेस हमारा भविष्य है। प्रदेश में तकनीक, प्रसंस्करण और बाजार के माध्यम से नई कृषि क्रांति लाई जा रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई फसलों के साथ उद्यानिकी, जैविक खेती, मत्स्य पालन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से पानी की हर बूंद का सदुपयोग करने, प्राकृतिक खेती अपनाने, उत्पादन की ग्रेडिंग-प्रोसेसिंग-पैकेजिंग कर सीधे बाजार से जुड़ने, फसल विविधीकरण अपनाने और युवाओं को कृषि उद्यमिता से जोड़ने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि में ही मध्यप्रदेश की समृद्धि है। उन्होंने किसानों से फार्मर आईडी बनवाने की अपील करते हुए कहा कि इससे शासकीय योजनाओं, समर्थन मूल्य के भुगतान तथा सब्सिडी पर खाद-बीज की सुविधा आसान होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान बलराम ने कृषि को प्रकृति के साथ जोड़कर स्वावलंबन का नया अध्याय शुरू किया था। भारतीय संस्कृति में खेती को सर्वोत्तम माना गया है। खेती से प्रकृति समृद्ध होती है और मनुष्य को अनाज मिलता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चार श्रेणियों- गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण का संकल्प लिया है। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों बराबर सम्मान रखते हैं। अन्नदाता अपने अथक परिश्रम से देश को समृद्ध बनाता है। राज्य सरकार खेतों से लेकर निर्यात तक किसानों के कल्याण पर विशेष ध्यान दे रही है। किसानों को पैक्स समितियों के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। किसान कवच योजना के माध्यम से हमारी सरकार किसानों के साथ खड़ी है। प्रदेश में किसानों को सिंचाई के लिए अब दिन में भी बिजली मिलेगी। मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में अब देश का अग्रणी राज्य बना है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा अभी 60 लाख हैक्टेयर से अधिक है, जिसे अगले ढाई वर्ष में 100 लाख हैक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों को कर्ज चुकाने की सुविधा दी है। अब उन्हें 6-6 माह में खाता पलटने की जरूरत नहीं है। नई व्यवस्था के मुताबिक, अब किसान वर्ष में किसी भी समय कर्ज की राशि भर सकते हैं। किसान अनाज के साथ उद्यानिकी फसलों से लाभ कमाएं। इसके लिए "एक बगिया मां के नाम'' योजना की शुरुआत की गई है। प्रदेश सरकार पशुपालन को भी प्रोत्साहित कर रही है। दूध उत्पादन को 20 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए नई गौपालन योजना की शुरुआत की है। इस योजना में पशुपालकों को 40 लाख के ऋण पर 10 लाख का अनुदान दिया जा रहा है। किसानों को मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन और बकरी पालन जैसी योजनाओं से भी जोड़ा गया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में युवा कल्याण के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित गए है। हमारे बच्चे पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर बनें, लेकिन खेती से रिश्ता बनाए रखें। कृषि हमारी समृद्ध संस्कृति की गौरवशाली विरासत है। शासकीय स्कूलों के बच्चों को किताबें, ड्रेस, साइकिलें बांटी जा रही हैं। प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालय बन रहे हैं। युवाओं को उद्योग और रोजगार से जोड़ा जा रहा है। हम समृद्ध मध्यप्रदेश में रोजगार देने वाले युवा तैयार करने पर काम कर रहे हैं। मध्यप्रदेश की धरती पर सबसे पहले केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की शुरुआत की गई है। मध्यप्रदेश बदल रहा है, किसान अपनी जमीन नहीं बेचें। मध्यप्रदेश खेती में अब पंजाब-हरियाणा से भी आगे निकलने वाला है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में चहुंओर एक्सप्रेसवे, हाईवे और ग्रीन फील्ड रोड बनाए जा रहे हैं। प्रदेश में एविएशन और रेल कनेक्टिविटी भी बढ़ाई जा रही है। गरीब-जरूरतमंदों को नि:शुल्क एयर एम्बुलेंस की सुविधा का लाभ दिया जा रहा है। हमारी सरकार के लिए व्यक्ति की जान बचाना जरूरी है। राहवीर योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। हमने प्रदेश के सहकारिता विभाग से जुड़े 16 बैंकों को डिफॉल्टर होने से बचाया है। उन्हें पर्याप्त राशि दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इसी माह जन्मदिन आने वाला है। उनके मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने वाले हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अनेकों चुनौतियों के बीच आशा का दीपक हम सबके लिए जलाए रखा है। भारत दुनिया में अपनी अलग साख बना रहा है। भारत की आर्थिक विकास दर 7.8 प्रतिशत की गति से आगे बढ़ रही है। यह अमेरिका और जापान जैसे देशों के कही अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में करीब 1 लाख 14 हजार करोड़ रुपए से अधिक की लागत से रेल विकास के अनेक कार्य चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पास हो गया है। अब हम इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए प्रदेश के विकास के लिए और मजबूती से काम कर रहे हैं।

    केंद्रीय दूरसंचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान राष्ट्र है। आज भगवान बलराम की जयंती के अवसर पर महोत्सव ग्वालियर में हो रहा है। यहां सहकारिता सम्मेलन का भी आयोजन हो रहा है। सहकारिता से देशभर के किसानों को लाभ मिल रहा है। किसानों का सम्मान ग्वालियर अंचल की विरासत रही है। ग्वालियर-चंबल में बने बांध और जलाशयों से खेती समृद्ध हो रही है। श्योपुर क्षेत्र को नैरोगेज रेल लाइन से जोड़ा गया ताकि किसान ग्वालियर में अपना अनाज विक्रय कर पाएं। अब इस रेलवे लाइन को ब्रॉड गेज करने पर तेजी से काम हो रहा है। बहुत जल्द यह लाइन ग्वालियर से कोटा तक पहुंचेगी। अक्षय ऊर्जा भविष्य में किसानों को समृद्ध बनाएगी। भगवान बलराम का नाम शंकरषण भी था। भगवान ने नंद और वासुदेव जी के परिवार को एक किया था। उन्होंने हल से बनी रेखाओं के माध्यम से समाज को संगठित होने का संदेश दिया था। प्रधानमंत्री मोदी ने ड्रोन जैसी अन्य आधुनिक टेक्नोलॉजी के माध्यम से किसानों को समृद्ध बनाने का संकल्प लिया है। हमारे किसान अन्न उगाते हैं, तभी देशवासियों को अनाज मिलता है। प्रदेश के किसानों को किसान सम्मान निधि के रूप में प्रतिवर्ष 12 हजार रुपए मिलते हैं। इस योजना के माध्यम से अब तक पौने 5 लाख करोड़ रुपए किसानों के खातों में पहुंचे हैं। प्रदेश में अब 60 लाख हैक्टेयर भूमि सिंचित हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंचाई का रकबा 100 लाख हैक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। मध्यप्रदेश गेहूं उत्पादन में पंजाब से आगे निकल गया है। किसानों को माइक्रो एटीएम मिलेगा, कृषक कवच योजना का लाभ मिलेगा।

    विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियर में लगभग 20 वर्षों से भगवान बलराम जयंती महोत्सव मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी जिलों में बलराम जयंती मनाने की शुरुआत की है। किसान समृद्ध होंगे, तो देश समृद्ध होगा। सहकारिता के माध्यम से भी किसान भाइयों को लाभ दिया जा रहा है। खेती में पहले कभी पंजाब और हरियाणा को अग्रणी माना जाता था, लेकिन अब मध्यप्रदेश खेती में नंबर 1 राज्य बन गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में जैविक खेती का दायरा निरंतर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश जैविक खेती के मामले में भी देश का नंबर 1 प्रदेश है।

    खेल एवं युवक कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि राज्य सरकार ने विकास और जनकल्याण की अवधारणा को स्थापित किया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। सहकारिता विभाग के माध्यम से मध्यप्रदेश के किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर एग्रीकल्चर लोन मिल रहा है। सहकारिता के माध्यम से किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलवाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बलराम जयंती पर हम सब यह संकल्प लें कि किसान की खेती को लाभ का जरिया बना कर रहेंगे और किसानों को उनकी फसलों का समुचित मूल्य दिलवाएंगे।

    अपेक्स बैंक अध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह यादव ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धरती पुत्र भगवान बलराम की जयंती को भव्य रूप में मनाने की शुरुआत की है। बलराम जयंती प्रदेश के किसानों के लिए गहरी आस्था का विषय है। राज्य सरकार द्वारा कृषक कल्याण वर्ष में अब तक प्रदेश के 22 जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा चुके हैं। मध्यप्रदेश, किसान कल्याण, नारी कल्याण, युवाओं और गरीब कल्याण के क्षेत्र में औरों से कई आगे बढ़कर काम कर रहा है।

    कार्यक्रम में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, म.प्र. राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया, म.प्र. राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष रामनिवास रावत, सांसद भारत सिंह कुशवाहा, विधायक मोहन सिंह राठौड़, विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाहा, पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा ग्वालियर-चंबल क्षेत्र से बड़ी संख्या में आए किसान उपस्थित थे।

     

  • किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली की सुविधा, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया बड़ा ऐलान

    किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली की सुविधा, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया बड़ा ऐलान

    अब किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी उपलब्ध होगी बिजली : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री ने श्योपुर में बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली किया संबोधित

    श्योपुर  

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों को सतत् रूप से सुविधाएं देने का कार्य किया जा रहा है।अब किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे वे दिन के समय में भी अपनी फसलों में पानी दे सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  कृषि उपज मंडी परिसर श्योपुर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव एवं किसान मेले को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने श्योपुर के किसानों से संवाद भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि उपज मंडी श्योपुर में किसानों के लिए नवीन विश्राम गृह निर्माण के लिये 60 लाख रूपये प्रदान करने की घोषणा की। ग्वालियर एयरपोर्ट से कार्यक्रम में श्योपुर जिले के प्रभारी मंत्री एवं नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामनिवास रावत औरअपेक्स बैंक अध्यक्ष श्री महेन्द्र सिंह यादव भी वर्चुअली उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।इसमें किसानों के कल्याण के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। किसानों के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण की सुविधा दी जा रही है।खरीफ एवं रबी फसलों के लिए 6-6 माह की अवधि ऋण चुकाने के लिए निर्धारित थी, जिसे बढाकर अब एक वर्ष कर दिया गया है, अर्थात किसान द्वारा जिस दिनांक से ऋण लिया जायेगा, उसे चुकाने की अवधि उस दिनांक से एक वर्ष तक की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढाने के लिए पशुपालन को भी बढावा दिया जा रहा है। अधिक से अधिक संख्या में दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया जाये और दुग्ध उत्पादन को बढाया जायें। उन्होंने कहा कि श्योपुर जिले में धान और गेहूं का बम्पर उत्पादन होता ही है। जिले के किसान मोटे अनाज का उत्पादन भी कर रहे है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में 12वी कक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मंगलवार को ही मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रूपये की राशि प्रदाय की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपील की कि बच्चों को पढ़ायें तथा फिजूलखर्ची को रोकें, समाज में ऐसी परम्परा डाले, जिससे शादी-विवाह सहित अन्य सामाजिक आयोजनों में अधिक खर्च न हों। सामूहिक विवाह सम्मेलनों के माध्यम से विवाह संपन्न करायें। उन्होंने सभी को जन्माष्टमी की बधाई भी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से संवाद भी किया। इस दौरान ग्राम राडेप के किसान श्री मुकुट चौधरी ने बताया कि शासन की योजना में कृषि अभियांत्रिकी के माध्यम से उन्हें पराली प्रबंधन के लिये कृषि यंत्र सब्सिडी पर प्राप्त हुए हैं, पराली प्रबंधन के लिए सुपर सीडर खरीदा था, जिस पर 1 लाख 20 हजार रूपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ। बलराम कृषि महोत्सव एवं किसान मेले में पशुपालन, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्यपालन, एनआरएलएम द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। बलराम कृषि महोत्सव एवं किसान मेले में आये किसानों को कृषि वैज्ञानिकों द्वारा खेती-किसानी की नवीन तकनीकी और फसलों के संबंध में लाभदायक जानकारी प्रदान की गई है।

    कार्यक्रम में श्योपुर में प्रगतिशील किसान श्री नरेन्द्र चौधरी, श्री भरत जाट, श्री शिशुपाल मीणा, श्री सोनू शर्मा, श्री बनवारी मीणा, श्री भुवनेश मीणा, श्री पूरण प्रजापति, श्री गोविद पटेलिया औरश्री मान सिंह पटेलिया को शॉल एवं प्रशस्ती पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कक्षा 12वी में उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों के लिए मेधावी विद्यार्थियों में अंकुश मेहर, भूमिका माहौर, आशा गुर्जर, अनमोल मीणा, अभय गुर्जर, पूनम जाट, वैष्णवी जाट, दीनबंधु मीणा, करण मीणा औरमयंक शर्मा को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम में श्योपुर में सहरिया विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी बाई, विधायक श्री बाबू जंडेल, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती रेणु सुजीत गर्ग, पूर्व विधायक श्री बृजराज सिंह चौहान, जिला पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत कृषि स्थाई समिति के सभापति श्री गिरधारी बैरवा, सांसद प्रतिनिधि श्री सुजीत गर्ग, कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा, पुलिस अधीक्षक श्री मोती उर रहमान, जनप्रतिनिधि तथा बडी संख्या में किसान उपस्थित रहें।   

  • भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों का होगा विकास, ‘श्रीकृष्ण तीर्थ’ के रूप में संवार रही राज्य सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों का होगा विकास, ‘श्रीकृष्ण तीर्थ’ के रूप में संवार रही राज्य सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भगवान श्रीकृष्ण के जहां-जहां चरण पड़े, उन्हें श्रीकृष्ण तीर्थ के रूप में विकसित कर रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    कान्हा से श्रीकृष्ण वंदे जगतगुरु की उपाधि पाने तक कृष्ण का जीवन रहा बेहद संघर्षमय
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर केन्द्रित रासलीला समारोह में हुए शामिल
    राधा-कृष्ण की उतारी आरती

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन कभी आसान नहीं रहा, जिन्हें जन्म लेते ही मार डालने का प्रयास किया गया हो, ऐसे शिशु का कान्हा से विश्व को श्रीमद्भगवत गीता का ज्ञान देने वाले श्रीकृष्ण वंदे जगतगुरु की उपाधि पाने तक का जीवन बेहद संघर्षमय और कठिन परिस्थितियों में बीता। निराशा की घनघोर परछाइयों के बावजूद उन्होंने चुनौतियों से कभी मुंह नहीं मोड़ा और अपने जीवन लोक कल्याण के लिये का सदुपयोग किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कभी मोह नही रखा। जीवन में जिस व्यक्ति विशेष और वस्तु से उनका सामना हुआ, एक बार वहां से लौटने के बाद दोबारा वे किसी से नहीं मिले। सर्वविदित है कि विश्व के कल्याण के लिए गीता का ज्ञान भी योगीराज भगवान श्रीकृष्ण के मुखारविंद से ही निकला। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण 64 कलाओं, 14 विद्या और 18 पुराणों में निष्णात थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की शाम रविन्द्र भवन में आयोजित भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर केन्द्रित रासलीला समारोह में उपस्थित दर्शकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां राधा-कृष्ण की सजीव झांकी में राधा-कृष्ण बने सुधि और सुघढ़ कलाकारों की विशेष आरती उतारी और उनसे आशीष पाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रासलीला समारोह में दूरदराज से आए कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा सभी को हलषष्ठी और जन्माष्टमी की अग्रिम बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का मध्यप्रदेश से गहरा नाता रहा। वे मध्यप्रदेश आकर यहीं शिक्षित-दीक्षित होकर कान्हा से भगवान श्रीकृष्ण बने। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े हैं, राज्य सरकार उन स्थलों को चिन्हित कर उन्हें श्रीकृष्ण तीर्थ के रूप में विकसित कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं 3 सितम्बर को द्वारिका (गुजरात) भ्रमण पर जा रहे हैं। रासलीला समारोह में संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्यपालिक अध्यक्ष रघुनंदन शर्मा, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी, संचालक संस्कृति एनपी नामदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

    संस्कृति विभाग द्वारा रविन्द्र भवन के मुक्ताकाश मंच में सात दिवसीय 'रासलीला समारोह' का भव्य एवं दिव्य आयोजन किया जा रहा है। समारोह में प्रतिदिन भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल की मनोहारी लीलाओं को सौंदर्यपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में दर्शक इन लीलाओं को देखने एवं देश के सुविख्यात भजन गायकों के भक्ति गायन को सुनने पहुंच रहे हैं। संस्कृति विभाग द्वारा प्राचीन लोककला परम्परा को राज्य स्तरीय आयोजन से प्रदर्शित करने का उद्देश्य युवा पीढ़ी से जुड़ाव एवं आमजन तक इसका प्रचार-प्रसार करना है। पांचवे दिवस गोवर्धन लीला एवं रास की भूमिका प्रसंगों का प्रदर्शन ब्रज के पारम्परिक कलाकारों द्वारा किया गया। रासलीला का निर्देशन मथुरा से आए माधव आचार्य द्वारा किया गया। सर्वप्रथम गोवर्धन लीला का प्रदर्शन कलाकारों द्वारा किया गया। ब्रज बोली में इस प्रसंग का प्रदर्शन अत्यंत रोचक था। गोवर्धन लीला श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं में प्रकृति, लोकजीवन और ईश्वर-भक्ति के अद्भुत समन्वय का प्रसंग है। जब ब्रजवासी इंद्र की पूजा की तैयारी कर रहे थे, तब बालकृष्ण ने उन्हें समझाया कि उन्हें अपने जीवन का आधार गोवर्धन पर्वत, गौवंश और प्रकृति के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। ब्रजवासियों ने कृष्ण की बात मानकर गोवर्धन पूजा की। इससे इंद्र कुपित हुए और मूसलाधार वर्षा कर ब्रज को संकट में डाल दिया। ब्रजवासियों की रक्षा के लिए श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठिका पर गोवर्धन पर्वत धारण किया और ब्रजवासियों को उसके नीचे आश्रय दिया। यह लीला अहंकार पर विनम्रता, भय पर विश्वास और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता की विजय का संदेश देती है। इंद्र का अहंकार समाप्त हुआ और उन्होंने श्रीकृष्ण की महिमा स्वीकार की। गोवर्धन लीला के पश्चात कृष्ण की वंशी की मधुर तान और ब्रज की गोपियों की कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम-भावना रास की भूमिका तैयार करती है। रासलीला को लौकिक प्रेम के रूप में नहीं, बल्कि जीवात्मा और परमात्मा के आध्यात्मिक मिलन एवं अनन्य भक्ति के प्रतीक के रूप में समझा जाता है। श्रीमद्भागवत के रास पंचाध्यायी प्रसंग में यह भाव अत्यंत मार्मिक रूप से अभिव्यक्त होता है। कृष्ण की बंशी सुनकर गोपियों का उनके प्रति आकृष्ट होना, सांसारिक बंधनों से ऊपर उठकर परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक है। इस प्रकार गोवर्धन लीला जहाँ संरक्षण, प्रकृति-प्रेम और अहंकार-विनाश का संदेश देती है, वहीं रास की भूमिका भक्ति, प्रेम और आत्मसमर्पण की उस यात्रा का आरंभ है, जिसमें भक्त और भगवान का संबंध सर्वोच्च आध्यात्मिक अनुभूति में रूपांतरित होता है।

    भक्ति के सुरों में रची कृष्ण-प्रेम की संध्या

    रासलीला समारोह की पांचवी संध्या भक्ति, प्रेम और आध्यात्मिक भावों से सराबोर हो उठी। सुरूपाली कुसुमकर एवं साथी, जबलपुर के मधुर स्वरों में भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। वातावरण कृष्ण-प्रेम के रंग में रंग गया। ‘श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी’, ‘एक राधा एक मीरा’, ‘तेरे बगैर सांवरिया’, ‘श्याम तेरी बंसी’, ‘मुकुट सिर मोर का’, ‘ओम नमः शिवाय’ और ‘राम सिया राम’ जैसे भक्ति गीतों ने श्रोताओं के मन में श्रद्धा और आनंद का संचार किया। राधा-कृष्ण के प्रेम से लेकर शिव और राम की भक्ति तक, प्रस्तुतियों ने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की विविध भावधाराओं को सुरों में पिरोया। गायन में उनका साथ गगनदीप एवं सोनाली कुसुमकर ने दिया। सुनील सोनी ने की-बोर्ड, शुभम ने ऑक्टोपैड, शानू ने ड्रम, फिलिप ने गिटार एवं आनंद ने ढोलक पर संगत से गायन को और भी अधिक प्रभावशाली बनाया।