Category: मध्य प्रदेश

  • इंदौर वार्ड 60 में नहीं होगा उपचुनाव, सुनेहरा अंसारी का चुनाव निरस्त करने के आदेश पर हाई कोर्ट का स्टे

    इंदौर वार्ड 60 में नहीं होगा उपचुनाव, सुनेहरा अंसारी का चुनाव निरस्त करने के आदेश पर हाई कोर्ट का स्टे

     इंदौर 

     वार्ड 60 की पार्षद सुनेहरा अंसारी की पार्षदी बरकरार रहेगी। मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सुनेहरा अंसारी के निर्वाचन को शून्य घोषित करने वाले जिला कोर्ट के 17 जुलाई 2026 को सुनाए गए फैसले पर गुरुवार को रोक लगा दी।

    न्यायमूर्ति संदीप एन भट्ट ने गुरुवार को जिला कोर्ट के आदेश पर स्टे देते हुए इस वार्ड में निर्वाचन आयोग द्वारा उपचुनाव की घोषणा को भी रोक दिया है। वार्ड में चुनावी प्रक्रिया, किसी अन्य के पदभार ग्रहण करने पर भी अंतरिम रोक लगा दी गई है।

    वर्ष 2022 में हुए नगर निगम चुनाव में वार्ड 60 से सुनेहरा अंसाफ अंसारी ने लगभग पांच हजार मतों से जीत हासिल की थी। उनके निर्वाचन को चुनौती देते हुए इफ्तेखार (मुन्ना) अंसारी ने जिला कोर्ट में चुनाव याचिका प्रस्तुत की थी। इस याचिका में आरोप लगाया था कि सुनहरा अंसारी ने नामांकन फार्म के साथ अपनी संपत्ति के संबंध में जो नो-ड्यूज प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया है वह गलत है।

    टैक्स की गणना भी कम की गई। आरोप यह भी था कि अंसारी ने भ्रामक प्रचार किया और मतदाताओं को भ्रमित किया। 17 जुलाई 2026 को जिला कोर्ट ने याचिका स्वीकारते हुए सुनेहरा अंसाफ अंसारी का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया था। सुनेहरा ने इस फैसले को चुनौती देते हुुए हाई कोर्ट में सीविल अपील प्रस्तुत की है जिस पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनेहरा अंसारी की ओर से अधिवक्ता विशाल बाहेती ने तर्क रखे।
    यह तर्क रखे अंसारी के वकील ने

    एडवोकेट बाहेती ने तर्क रखे और कहा कि चुनाव के वक्त नगर निगम ने नियमानुसार अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया था। बाद में एक निगम कर्मचारी ने कोर्ट में रजिस्टर पेश कर दावा कर दिया कि अंसारी पर संपत्ति कर बकाया था, जबकि वह विवादित संपत्ति थी और उस वक्त याचिकाकर्ता के श्वसुर के नाम पर दर्ज थी। जिला कोर्ट में अंसारी के निर्वाचन को चुनौती देने वाले मुन्ना अंसारी की ओर से तर्क रखा गया कि सुनेहरा अंसारी के पास घोषित संपत्तियों के अलावा अन्य संपत्ति भी है। इसे छुपाया गया है।
    यह कहा शासन की ओर से

    शासन की ओर से तर्क रखे गए कि निर्वाचन आयोग ने वार्ड 60 की सीट को रिक्त घोषित कर दिया है। साथ ही यहां उप चुनाव की तारीख भी घोषित हो चुकी है। ऐसी स्थिति में कोर्ट को दखल नहीं करना चाहिए। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद उसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। इस संबंध में कई न्याय दृष्टांत भी कोर्ट में प्रस्तुत किए गए।

    यह कहा कोर्ट ने

    सभी पक्षकारों को सुनने के बाद कोर्ट ने सुनेहरा अंसाफ अंसारी को राहत देते हुए उनकी ओर से प्रस्तुत अंतरिम आवेदन स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने जिला कोर्ट के आदेश के निष्पादन और क्रियान्वयन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि इस याचिका के अंतिम निराकरण तक चुनाव आयोग या प्रशासन द्वारा उपचुनाव कराने, किसी अन्य व्यक्ति को निर्वाचित घोषित करने जैसी कोई भी परिणामी कार्रवाई नहीं की जाएगी। मामले में अब चार सप्ताह बाद फिर सुनवाई होगी।

    यह भी माना कोर्ट ने

    हाई कोर्ट ने माना कि मामला केवल चुनावी प्रक्रिया के बीच दखल देने का नहीं है, बल्कि एक निर्वाचित प्रतिनिधि को बिना किसी गलती के हटाने का है। कानूनन अगर किसी निर्वाचित उम्मीदवार की अपनी कोई व्यक्तिगत गलती या भ्रष्ट आचरण सिद्ध न हुआ हो, तो उसके निर्वाचन को निरस्त कर उस क्षेत्र को बिना प्रतिनिधित्व रखना मतदाताओं के साथ अन्याय है। अंसारी मतदाताओं के लोकतांत्रिक जनादेश के अनुसरण में वार्ड 60 की विधिवत निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रही हैं और मतदाताओं की इच्छा को इस प्रकार विफल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

     

  • फर्जी IAS का पर्दाफाश: तृप्ति सिंह ने युवतियों को बनाया मोहरा, वायरल वीडियो में अफसर बताने से पहले रटवाई थी स्क्रिप्ट

    फर्जी IAS का पर्दाफाश: तृप्ति सिंह ने युवतियों को बनाया मोहरा, वायरल वीडियो में अफसर बताने से पहले रटवाई थी स्क्रिप्ट

    भोपाल

    फर्जी आईएएस बनकर लोगों से ठगी करने वाली तृप्ति सिंह के मामले में अब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उसके साथ वायरल वीडियो में खुद को आइएएस बताने वाली दोनों युवतियां भी उसकी पीड़िता निकली हैं।

    बैतूल निवासी ख्याति और विशाखा ने पुलिस को शिकायत देकर बताया है कि तृप्ति ने उन्हें आईएएस बनाने और नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब तीन-तीन लाख रुपये लिए थे। दरअसल, कुछ दिन पहले एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें तृप्ति के साथ तीन युवतियां खुद को आईएएस बताती नजर आ रही थीं।

    दावा किया गया था कि वीडियो विधानसभा के भीतर का है और युवतियां वहां की कार्यवाही अटेंड करने पहुंची थीं। अब पुलिस जांच में सामने आया है कि वीडियो विधानसभा का नहीं, बल्कि मानव संग्रहालय की संकुल वीथी का है।
    पहले दी स्क्रिप्ट, फिर अफसर बनने का दिखाया सपना

    ख्याति और विशाखा ने पुलिस को बताया कि तृप्ति ने उन्हें पहले से एक स्क्रिप्ट दी थी। उसने कहा था कि आईएएस बनने से पहले ही अफसर जैसा एटीट्यूड बनाकर रखो। इसी तैयारी के नाम पर उन्हें अपने साथ कार्यक्रमों और अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया।

    वीडियो में दोनों युवतियों ने तृप्ति के बताए अनुसार खुद को आईएएस बताया। बाद में उन्हें नौकरी और अफसर बनाने का झांसा देकर रकम ली गई। जब न नौकरी मिली और न तृप्ति के दावे पूरे हुए तो दोनों को उसके फर्जीवाड़े का अहसास हुआ।
    चार दिन की रिमांड पर तृप्ति और सुधांशु

    बागसेवनिया पुलिस बुधवार को अशोकनगर से तृप्ति सिंह और उसके भाई सुधांशु सिंह को भोपाल लाई थी। दोनों को कोर्ट में पेश कर पुलिस ने चार दिन की रिमांड ली है।

    पूछताछ में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तृप्ति ने फर्जी आईएएस की पहचान बनाने के लिए कितने लोगों और युवतियों का इस्तेमाल किया और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है। पुलिस उसके मोबाइल, दस्तावेज और लेनदेन की भी जांच कर रही है।
    पति की शिकायत में अचल गवाह बनेगा

    तृप्ति के पति अचल सिंह ने भी पत्नी पर फर्जी आईएएस बनकर उससे शादी करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। हालांकि पुलिस इस शिकायत पर अलग से केस दर्ज करने के बजाय मौजूदा प्रकरणों की जांच में अचल को गवाह बनाएगी।

    पुलिस का कहना है कि तृप्ति के फर्जी आईएएस बनने से जुड़े तथ्य पहले से दर्ज मामलों की विवेचना में ही सामने आ रहे हैं।

    तृप्ति के खिलाफ अशोकनगर के चंदेरी में नौकरी लगवाने के नाम पर करीब 10 लाख रुपये की ठगी का केस दर्ज है। चंदेरी पुलिस ने उसे और उसके भाई सुधांशु को गिरफ्तार किया था।

    भोपाल में भी एमपीटी के होटल-रिसार्ट की लीज दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी के मामले सामने आ चुके हैं।

    अब नौकरी के नाम पर ठगी की शिकार युवतियों की शिकायत से यह साफ हो रहा है कि तृप्ति ने फर्जी आईएएस की पहचान सिर्फ लोगों को प्रभावित करने के लिए नहीं, बल्कि एक सुनियोजित नेटवर्क के तौर पर इस्तेमाल की।

        वायरल वीडियो में खुद को आईएएस बताने वालीं ख्याति और विशाखा नामक युवतियों ने नौकरी के नाम पर ठगी की शिकायत की है। पुलिस उनके बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल रिमांड पर लेकर 39 और 49 लाख रुपये की ठगी के संबंध में पूछताछ की जा रही है।- रजनीश कश्यप, एसीपी मिसरोद

     

  • वरिष्ठ अधिकारी दूरस्थ जिलों का भ्रमण कर शिकायतों का निराकरण कराये : मुख्य सचिव  बर्णवाल

    वरिष्ठ अधिकारी दूरस्थ जिलों का भ्रमण कर शिकायतों का निराकरण कराये : मुख्य सचिव बर्णवाल

    भोपाल 

    मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल की अध्यक्षता में मंत्रालय में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान एवं बालाघाट प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्य सचिव  बर्णवाल ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान अंतर्गत दूरस्थ जिलों का भ्रमण कर शिकायतों का निराकरण कराने के निर्देश दिये।  बर्णवाल ने सी.एम हेल्पलाईन में लंबित शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारी कुछ शिकायतकर्ताओं से स्वयं बात करें। विभागों में प्राप्त शिकायतों के कारणों को ढूंढकर उनका समाधान कराएँ। मुख्य सचिव ने सभी-अधिकारियों को भारत सरकार के पत्रों के जवाब अनिवार्यत: 15 दिन में देने के निर्देश भी दिए।

    मुख्य सचिव ने सीएम फ्लैगशिप योजना की जानकारी, आगामी मुख्यसचिव कांफ्रेंस की जानकारी देने के लिए भी निर्देशित किया। बैठक में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान में विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गयी। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान पोर्टल की भी जानकारी दी गयी।

    बैठक में बताया गया कि सी.एम हेल्पलाईन में 80 प्रतिशत शिकायतें शिकायतकर्ता की संतुष्टी के बाद बंद करायी गयी है। शेष शिकायतों के निराकरण की कार्यवाही भी की जा रही है। सी.एम. हेल्पलाईन में प्रतिदिन 55 हजार कॉल आते है जिनमें 15 हजार शिकायतें होती है। बैठक में बताया गया कि लोकसेवा गारंटी अभियान में 8 लाख से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया है।

    बैठक में मुख्य सचिव ने राजस्व विभाग से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि प्रकरणों, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता सरंक्षण विभाग से राशनकार्ड एवं राशन दुकानों में खाद्यान्न की उपलब्धता, महिला एवं बाल विकास विभाग से प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना, लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना की जानकारी, स्वास्थ्य विभाग से प्रसूति सहायता योजना, ऊर्जा विभाग से बिजली आपूर्ति की जानकारी प्राप्त की।

    332 करोड़ रूपये के बालाघाट विकास प्रोजेक्ट की समीक्षा

    मुख्य सचिव  बर्णवाल ने बालाघाट विकास प्रोजेक्ट की विस्तृत समीक्षा कर 332 करोड़ रूपये के प्रोजेक्ट के कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिये। बैठक विभागवार प्रस्तावित कार्य तथा उनकी स्थिति पर चर्चा की गयी। ऊर्जा, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, जल संसाधन, कौशल विकास, आयुष, खाद्य, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पशुपालन एवं डेयरी, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा जनजातीय कार्य विभाग के प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गयी।

    मंथन पर बनेगी कमेटी

    मुख्य सचिव  बर्णवाल ने विभागीय कार्यों की समीक्षा पर आधारित मंथन एवं कलेक्टर कांफ्रेंस की तैयारियों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की समिति गठित करने के निर्देश दिये।

    बैठक में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, आयुक्त एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

     

  • बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और डिलीवरी व्यवस्था करें सुदृढ़: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल

    बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और डिलीवरी व्यवस्था करें सुदृढ़: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    भोपाल

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, उपलब्धता और डिलीवरी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभागों के बीच समन्वित एवं परिणाम आधारित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बालाघाट की भौगोलिक एवं दुर्गम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की योजना और मानव संसाधन का निर्धारण वास्तविक आवश्यकता एवं क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुरूप किया जाए। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  सुखवीर सिंह, सचिव महिला एवं बाल विकास मती जी.वी. रश्मि, आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  धनराजू एस., मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

    दुर्गम क्षेत्रों में वास्तविक आवश्यकता के अनुसार मानव संसाधन

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि बालाघाट के दूरस्थ एवं भौगोलिक रूप से कठिन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मानव संसाधन की आवश्यकता का वास्तविक आकलन किया जाए। जहां जिस स्तर पर अतिरिक्त चिकित्सकीय एवं मैदानी अमले की आवश्यकता है, वहां उसी के अनुरूप मानव संसाधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि केवल स्वीकृत पदों की संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि जनसंख्या, भौगोलिक दूरी, स्वास्थ्य संस्थाओं की स्थिति, क्षेत्र की पहुंच और वास्तविक सेवा आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मानव संसाधन की उपलब्धता की समीक्षा की जाए।

    आशा एवं मैदानी अमले की भूमिका को और प्रभावी बनाने पर जोर

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने आशा कार्यकर्ताओं सहित अन्य मैदानी स्वास्थ्य अमले की उपलब्धता एवं कार्यक्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करने में मैदानी अमले की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक क्षेत्र में आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी एवं अन्य संबंधित मैदानी कार्यकर्ताओं की उपलब्धता का आकलन कर आवश्यकता के अनुसार व्यवस्था को मजबूत किया जाए। मैदानी अमले के माध्यम से पात्र हितग्राहियों की पहचान, स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने, फॉलोअप और आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

    शत-प्रतिशत सेवा डिलीवरी के लिए प्रो-एक्टिव अप्रोच

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में प्रो-एक्टिव अप्रोच अपनाने की आवश्यकता है। केवल मरीज के स्वास्थ्य संस्था तक पहुंचने की प्रतीक्षा न की जाए, बल्कि संभावित स्वास्थ्य आवश्यकताओं की पहले से पहचान कर आवश्यक सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रवार मैपिंग, मैदानी फॉलोअप और नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था को मजबूत किया जाए। किसी भी क्षेत्र, गांव या हितग्राही को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहने देने के लिए विभागीय स्तर पर स्पष्ट जिम्मेदारी तय की जाए।

    स्वास्थ्य, पोषण और पेयजल सेवाओं का एकीकृत सुदृढ़ीकरण

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर परिणाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ महिला एवं बाल विकास तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के बीच प्रभावी समन्वय आवश्यक है। बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं अन्य संवेदनशील वर्गों से संबंधित स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं को पेयजल एवं स्वच्छता जैसी मूलभूत सेवाओं के साथ समन्वित रूप से देखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं के बीच बेहतर कन्वर्जेंस सुनिश्चित कर क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं के आधार पर संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाए।

    पोषण समिति एवं स्वास्थ्य समिति की संयुक्त रूप से नियमित बैठकें हों

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने पोषण समिति एवं स्वास्थ्य समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल तथा संबंधित विभागों की सेवाओं की एक साथ समीक्षा की जाए और चिन्हित कमियों के निराकरण के लिए स्पष्ट कार्ययोजना एवं समयसीमा तय की जाए। उन्होंने कहा कि बैठक में लिए गए निर्णयों की फॉलोअप मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाए। क्षेत्रवार प्रगति की समीक्षा कर जिन क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच या डिलीवरी में कमी है, वहां विशेष रणनीति के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने बालाघाट के दूरस्थ एवं कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों के लिए माइक्रो प्लानिंग तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले की सभी भौगोलिक परिस्थितियों को एक समान मानकर योजना बनाने के बजाय क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग रणनीति तैयार की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, मैदानी अमले की पहुंच, संस्थागत सेवाओं, रेफरल व्यवस्था तथा आवश्यक संसाधनों की स्थिति का नियमित आकलन किया जाए। आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त प्रयास कर सेवाओं की उपलब्धता में गैप को समाप्त किया जाए।बैठक में बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति, मानव संसाधन, मैदानी अमले की उपलब्धता, स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं के कन्वर्जेंस तथा विभागीय समन्वय से संबंधित विषयों पर अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने चिन्हित कमियों के निराकरण और आगामी कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राचीन रुक्मणी माता मंदिर में किए दर्शन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राचीन रुक्मणी माता मंदिर में किए दर्शन

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुजरात प्रवास के दौरान गुरुवार को भगवान द्वारकाधीश पहुंचकर भगवान  द्वारकाधीश के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने माता रुक्मणी मंदिर पहुंचकर सपत्नीक दर्शन लाभ प्राप्त किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारकाधीश के निकट प्राचीन रुक्मणी माता मंदिर की अद्भुत स्थापत्य कला से अत्यधिक प्रभावित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को 12वीं-13वीं सदी में निर्मित इस मंदिर की स्थापत्य कला के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।

     

  • मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों को मिली बड़ी सौगात, उज्जैन में बनेगी मलखंब अकादमी

    मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों को मिली बड़ी सौगात, उज्जैन में बनेगी मलखंब अकादमी

    भोपाल

    मध्यप्रदेश में मलखंब खेल और खिलाड़ियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग के प्रयासों से बड़ी पहल की जा रही है। प्रदेश में मलखंब खिलाड़ियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मलखंब एवं जिम्नास्टिक अकादमी विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। लगभग 20 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाली इस अकादमी में खेल अधोसंरचना, हॉस्टल, आधुनिक खेल उपकरण और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अकादमी की अधोसंरचना के निर्माण के लिए लगभग 86 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। वहीं वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक अकादमी के संचालन के लिए लगभग 25.33 करोड़ रुपये संचालन व्यय का प्रस्ताव है। इस प्रकार कुल प्रस्तावित राशि लगभग 111.33 करोड़ रुपये होगी।

    मलखंब की प्रतिभाओं को मिलेगा विश्वस्तरीय मंच

    खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि इन प्रतिभाओं को आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ प्रशिक्षण और बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं। मंत्री  सारंग ने कहा कि मलखंब मध्यप्रदेश की गौरवशाली खेल परंपरा का हिस्सा है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। मलखंब अकादमी की स्थापना का उद्देश्य प्रदेश की प्रतिभाओं को कम उम्र से ही वैज्ञानिक एवं उच्च तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है, जिससे हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी मध्यप्रदेश और देश का नाम रोशन करें।

    मंत्री  सारंग ने कहा कि अकादमी में खिलाड़ियों को खेल प्रशिक्षण के साथ आवास, आधुनिक खेल उपकरण, फिटनेस, फिजियोथेरेपी और खेल विज्ञान आधारित सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। टैलेंट सर्च के माध्यम से प्रदेशभर से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें एक बेहतर प्रशिक्षण वातावरण दिया जाएगा। मंत्री  सारंग ने कहा कि सरकार का लक्ष्य मध्यप्रदेश को खेलों का मजबूत केंद्र बनाना है और इसके लिए अधोसंरचना विकास के साथ खिलाड़ियों की प्रतिभा को तराशने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    खेलो इंडिया में मलखंब खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन

    मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है। खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2025, बिहार में प्रदेश के खिलाड़ियों ने मलखंब में 7 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 10 पदक हासिल किए। इन उपलब्धियों को देखते हुए मलखंब खिलाड़ियों के उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और बेहतर सुविधाओं के लिए अकादमी की आवश्यकता महसूस की गई। प्रस्तावित अकादमी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    खिलाड़ियों को मिलेगा प्रशिक्षण

    मलखंब अकादमी में कुल 70 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव है। इनमें 35 बालक, 15 बालिका, 15 डे-बोर्डिंग बालक और 5 डे-बोर्डिंग बालिका शामिल होंगे। कुल 50 खिलाड़ी बोर्डिंग तथा 20 खिलाड़ी डे-बोर्डिंग व्यवस्था में रहेंगे।

    स्थायी अधोसंरचना तैयार होने तक वर्ष 2026-27 एवं 2027-28 में अकादमी को राजमाता खेल परिसर, नानाखेड़ा, उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है। इस चरण में 30 बालक और 10 बालिका, कुल 40 खिलाड़ियों को प्रवेश दिया जाएगा। खिलाड़ियों का चयन टैलेंट सर्च के माध्यम से किया जाएगा। उज्जैन से बाहर के चयनित खिलाड़ियों के लिए आवास की व्यवस्था विभाग द्वारा की जाएगी।

    खिलाड़ियों को मिलेगा आधुनिक एवं खेल विज्ञान आधारित प्रशिक्षण

    अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक एवं उच्च तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। उच्च तकनीकी सलाहकार एवं विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं अनुबंध आधार पर लेने का प्रावधान है। डे-बोर्डिंग व्यवस्था में प्रशिक्षकों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट और मसाजर की सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। इसके लिए एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट तथा दो मसाजर एक महिला और एक पुरुष की व्यवस्था प्रस्तावित है।

    उज्जैन बनेगा मलखंब प्रतिभाओं की नई नर्सरी

    अकादमी के संचालन एवं पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, उज्जैन को देने का प्रस्ताव है। प्रारंभिक चरण में उपलब्ध विभागीय अमले से अकादमी की दैनिक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। उज्जैन जिले के लिए कुल 12 पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें संभागीय खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के पद शामिल हैं।

    प्रस्तावित अकादमी के माध्यम से मध्यप्रदेश में मलखंब के लिए एक संगठित उच्च स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र विकसित होगा। स्थायी अधोसंरचना तैयार होने तक उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल से प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। इसके बाद अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित अकादमी प्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

     

  • ग्वालियर से मुंबई तक गूंजी आवाज, ‘हनुमान अंश’ में दो स्थानीय कलाकारों ने दिखाया संगीत का हुनर

    ग्वालियर से मुंबई तक गूंजी आवाज, ‘हनुमान अंश’ में दो स्थानीय कलाकारों ने दिखाया संगीत का हुनर

     ग्वालियर
    बड़े पर्दे पर बाबा नीम करोली की भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक जीवन की कहानी दर्शकों को खूब प्रभावित कर रही है। फिल्म ‘हनुमान अंश’ को देशभर में दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है और कमाई के मामले में भी फिल्म ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इस कामयाबी में ग्वालियर की सुरमयी आवाजों की भी खास भूमिका है। फिल्म के कुल 13 गीतों में से पांच गीत शहर के गायक साधु तिवारी ने अपनी आवाज में पिरोए हैं। वहीं, एक अन्य भक्ति गीत ‘जय हनुमान’ को ग्वालियर के ही श्रेयश धर्माधिकारी ने स्वर दिया है।

    साधु तिवारी की खासियत सिर्फ उनकी आवाज तक सीमित नहीं है। उन्होंने फिल्म के जिन पांच गीतों को गाया है, उनमें से गीतों के बोल लिखने और संगीत तैयार करने की जिम्मेदारी भी उन्होंने खुद संभाली है। फिल्म में उनके स्वर में ‘आवागवम’, ‘सासा हाले’, ‘जिद पर आ गई पार्वती’, ‘हे खरारी’ और ‘बजरंग बांका’ गीत सुनने को मिलते हैं।

    करैया से मुंबई तक, जुनून ने बनाई पहचान
    साधु तिवारी मूल रूप से ग्वालियर जिले के करैया-भितरवार क्षेत्र के रहने वाले हैं। उन्होंने ग्वालियर के साइंस कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की और इसके बाद एक निजी संस्थान से स्नातकोत्तर शिक्षा हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने शहर के कई निजी महाविद्यालयों में अतिथि संकाय सदस्य के तौर पर भी सेवाएं दीं।

    हालांकि, शिक्षा और अध्यापन के साथ उनका सबसे बड़ा जुनून संगीत रहा। उन्होंने ग्वालियर के शास्त्रीय गायक संजय देवले से संगीत की बारीकियां सीखीं। संगीत के प्रति इसी लगन ने उन्हें धीरे-धीरे ग्वालियर से मुंबई की मायानगरी तक पहुंचाया, जहां उनके हुनर को बड़े मंच पर पहचान मिलने लगी।

    ‘जय हनुमान’ में सुनाई देती है श्रेयश की आवाज
    फिल्म के संगीत में ग्वालियर की एक और प्रतिभा श्रेयश धर्माधिकारी ने अपनी छाप छोड़ी है। उन्होंने फिल्म के चर्चित भक्ति गीत ‘जय हनुमान’ को आवाज दी है। पर्दे पर जब यह गीत गूंजता है तो ग्वालियर के दर्शकों के लिए इसका जुड़ाव और भी खास हो जाता है।

    श्रेयश मूल रूप से ग्वालियर के लाला का बाजार क्षेत्र में रहते हैं और उनकी शिक्षा भी शहर में ही हुई है। वर्तमान में वह मुंबई में रहकर संगीत के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने में जुटे हैं।

    इस तरह ‘हनुमान अंश’ की सफलता के साथ ग्वालियर के दो कलाकारों की आवाज भी देशभर के दर्शकों तक पहुंच रही है, जो शहर की संगीत परंपरा और यहां की प्रतिभाओं के लिए गर्व का विषय है।

     

  • आस्था से विकास तक नई तस्वीर, CM डॉ. यादव बोले- धार्मिक पर्यटन बन रहा विकास का बड़ा माध्यम

    आस्था से विकास तक नई तस्वीर, CM डॉ. यादव बोले- धार्मिक पर्यटन बन रहा विकास का बड़ा माध्यम

    देश में तेजी से हो रहा धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन का विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भारतीय संस्कृति के गौरवशाली अतीत को पुन: स्थापित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध
    उज्जैन में महाकाल लोक निर्माण के बाद 20 गुना बढ़ गई श्रद्धालुओं की संख्या
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान द्वारकाधीश के किए दर्शन
    प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की
    मुख्यमंत्री ने देश-प्रदेशवासियों को दीं जन्माष्टमी की शुभकामनाएं

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को सपत्नीक गुजरात की देवभूमि द्वारका के पावन द्वारकाधीश मंदिर पहुंचकर सपत्नीक भगवान द्वारकाधीश के अलौकिक रूप का दर्शन एवं विधि-विधान से पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान द्वारकाधीश से सभी प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को मनाई जाने वाली जन्माष्टमी से पहले देश-प्रदेशवासियों को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म पर्व के हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव एवं अन्य परिजनों सहित सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय के डॉ. इलैया राजा टी. भी उपस्थित थे।

    मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा

    भगवान द्वारकाधीश के दर्शन-पूजन के बाद मंदिर परिसर के बाहर स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज वे सपरिवार द्वारिका आये हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के उज्जैन और गुजरात की द्वारिका नगरी सहित देशभर में लगातार धार्मिक पर्यटन के नए कीर्तिमान गढ़े जा रहे हैं। उज्जैन में महाकाल लोक के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या 20 गुना बढ़ गई है। वर्तमान में लगभग 10 करोड़ से अधिक तीर्थ यात्री उज्जैन आ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के कर कमलों से उज्जैन में बाबा महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद बनारस में भी काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरीडोर का निर्माण हुआ, जिससे बाबा विश्वनाथ की नगरी में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयां मिली हैं।

    जन्माष्टमी से पहले भगवान द्वारकाधीश के दर्शन का मिला सौभाग्य

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि द्वारकाधीश मंदिर आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित सनातन संस्कृति के चार धामों में से एक प्रमुख तीर्थ है। जन्माष्टमी से ठीक पहले भगवान द्वारकाधीश के भव्य दर्शन का अवसर मिलना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुछ समय पहले ही वे सोमनाथ धाम गये थे। इसके बाद आज द्वारका के प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर में विधिवत् दर्शन-पूजन-अर्चन कर यहां की सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। हम भी अपने देवस्थानों में बेहतर से बेहतर प्रबंधन की सभी व्यवस्थाएं कर रहे हैं।

    मध्यप्रदेश में श्रद्धालुओं के लिए विकसित की जा रहीं सुगम व्यवस्थाएं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार लगातार धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के विस्तार के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों एवं देवस्थानों पर सहज एवं सुगम आवागमन, श्रद्धालुओं के ठहरने, उनकी सुरक्षा और पर्यटकों की वृद्धि को देखते हुए वहां सभी जरूरी अधोसंरचनाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। हमारी सरकार भारतीय संस्कृति के गौरवशाली अतीत को पुन: स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है।

     

  • कर्नल सोफिया विवाद में विजय शाह पर केस का रास्ता बंद, सरकार ने अभियोजन की मंजूरी देने से किया इनकार

    कर्नल सोफिया विवाद में विजय शाह पर केस का रास्ता बंद, सरकार ने अभियोजन की मंजूरी देने से किया इनकार

    भोपाल
     मध्य प्रदेश सरकार ने सेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में अपने कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने से साफ इनकार कर दिया है।मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए इस फैसले पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने भी अपनी मुहर लगा दी है। सरकार अब इस फैसले के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपना पांच सूत्रीय जवाब दाखिल करने की तैयारी कर रही है।

    राज्यपाल की मंजूरी के बाद तैयार सरकारी जवाब में पहला तर्क दिया गया है कि विजय शाह के बयान के बाद किसी भी व्यक्ति ने उनके खिलाफ कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई।सरकार की दलील है कि मंत्री ने अपने पूरे बयान में कहीं भी कर्नल सोफिया कुरैशी के नाम का सीधे तौर पर जिक्र नहीं किया था।

    सरकार ने क्या वजह बताई
    सरकार ने अपने जवाब में कहा है कि विजय शाह की टिप्पणी के बाद किसी भी व्यक्ति ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराई। सरकार का यह भी कहना है कि शाह ने अपने बयान में कर्नल सोफिया कुरैशी का नाम नहीं लिया था। उन्होंने अपनी टिप्पणी के लिए कई बार माफी मांगी और उनका किसी का अपमान करने का इरादा नहीं था।सरकार ने यह भी दावा किया है कि शाह की टिप्पणी से सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित नहीं हुआ और न ही ऐसा करने की उनकी मंशा थी।

    सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
    बीते सोमवार को राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी अपनी जांच पूरी कर चुकी है। उन्होंने कहा था कि मुकदमा चलाने की मंजूरी मिलने के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी। बताया जा रहा है कि सरकार जल्द ही अपना जवाब अदालत में पेश कर सकती है।

    क्या हुआ था
    विजय शाह तब विवादों में आए थे, जब मई 2025 में उनका एक वीडियो सामने आया। जिसमें उन्होंने कथित रूप से कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए शाह की भाषा पर कड़ी नाराजगी जताई थी और पुलिस को उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।

    इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए मामले को अपने पास ले लिया था और राज्य सरकार की ओर से गठित एसआईटी से जांच की स्थिति रिपोर्ट मांगी थी। विवाद बढ़ने के बाद विजय शाह ने माफी मांगी थी। हालांकि, जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का रिकॉर्ड पेश नहीं करने पर फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि वह उसके धैर्य की परीक्षा न लें। इसके बाद शाह ने कई बार माफी मांगी।

    सरकार के अनुसार, मंत्री का इरादा किसी को ठेस पहुंचाने या अपमानित करने का नहीं था और उनके इस बयान से समाज में कोई सांप्रदायिक सौहार्द नहीं बिगड़ा।जवाब में यह भी रेखांकित किया गया है कि विवाद बढ़ने के बाद मंत्री ने कई बार सार्वजनिक और लिखित रूप से माफी मांगकर खेद व्यक्त किया है।सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराज ने बताया कि मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल ने अपनी जांच पूरी कर ली है।

     

  • मंदाकिनी ने मचाई तबाही, 400 से ज्यादा दुकानें डूबीं; 36 गांवों में अलर्ट, भारी बारिश का खतरा कायम

    मंदाकिनी ने मचाई तबाही, 400 से ज्यादा दुकानें डूबीं; 36 गांवों में अलर्ट, भारी बारिश का खतरा कायम

    सतना 
     चित्रकूट लगातार 5 दिनों से बाढ़ की चपेट में है। निचले इलाके मंदाकिनी नदी की बाढ़ में घिरे हुए है। मंदाकिनी नदीं का जल स्तर इन पांच दिनों में कई बार खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है। इससे यहां का जनजीवन अस्त व्यस्थ हो चुका है। बाजार पूरी तरह से बंद है। लोगों के घर बाढ़ के कीचड़ से रहने की स्थिति में नहीं है। दुकान होटल भी बंद पड़े हुए है।

    चित्रकूट के 60 फीसदी हिस्से में बाढ़ की तबाही का सन्नाटा फैला हुआ है। देर शाम तक मंदाकिनी का जल स्तर बढ़ कर लंका तिराहे तक पहुंच चुका है जिससे कामदगिरी मुख्य पहुंच मार्ग बंद है। रामघाट पूरी तरह डूबा हुआ है और नयागांव में डूब प्रभावित है। यहां पर 400 से ज्यादा दुकानें डूब गई हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि मौसम विभाग ने एक बार फिर सतना जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 36 गांवों में भी अलर्ट जारी किया गया है।

    दो दिन और भारी वर्षा की चेतावनी
    मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए सतना जिले में बारिश का यलो अलर्ट बताया है जिसके अनुसार सामान्य से तेज बारिश होगी। शहर में राहत आयुक्त ने जारी किए गए वायरलेस मैसेज में भारी बारिश की संभावना जताई है। जिला मौसम कार्यालय ने बताया कि बंगाल के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र झारखंड आने के बाद मध्यप्रदेश की ओर मुड़ गया। जिससे सतना जिले में झमाझम बारिश हो सकती है।

    शांत नहीं हो रहा जलस्तर
    जानकारी के अनुसार चित्रकूट और उसके ऊपरे इलाकों में जिस तरह से लगातार बारिश हो रही है उससे मंदाकिनी नदी का जल स्तर शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा है। लगातार इसका जल स्तर खतरे के निशान के आसपास ही चल रहा है। इस वजह से यहां पर राहत कार्य करने में भारी परेशानी हो रही है। सबसे बुरी स्थिति और बीमार लोगों के सामने है, जल भराव कीचड़ के कारण वे इलाज कराने तक नहीं जा पा रहे है।

    परिक्रमा मार्ग से पानी की निकासी
    चित्रकूट के परिक्रमा मार्ग में जमा पानी को पंप के माध्यम से निकाला जा रहा है। नगर परिषद द्वारा जल निकासी एवं साफ-सफाई के कार्य लगातार कराए जा रहे हैं। वार्डों और जलभराव वाले क्षेत्रों में नालियों की सफाई कर पानी की निकासी सुनिश्चित की जा रही है। नगर परिषद चित्रकूट के शेड में राहत एवं आवश्यक कार्यों के लिए दो ट्रक सुखी लकड़ी रखवाई गई है, जिसका उपयोग ईंधन की आवश्यकता के लिए किया जाएगा।

    चित्रकूट में चुनौती बना राहत और बचाव कार्य
    चित्रकूट में बाढ़ की समस्या विकट स्थितियों में पहुंच गई है। यहां पर राहत और बचाव कार्य करना काफी चुनौती पूर्ण हो गया है। इसकी मुख्य वजह मंदाकिनी नदी का लगातार बढ़ता और घटना जल स्तर है। कुछ ही घंटों में यह खतरे के निशान तक पहुंच कर कस्बे को अपने आगोश में ले लेती है और अगले कुछ घंटो में इसका जल स्तर फिर नीचे हो जाता है। सबसे बड़ी समस्या यहां सफाई कार्य हो गया है। यहां जैसे ही सफाई कार्य पूरा होता है फिर से बारिश और बाढ़ स्थिति वापस वैसी ही कर देते हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए लगातार चार दिन से कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, जिला पंचायत सीईओ शैलेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी चित्रकूट में ही डेरा डाले हुए है और स्वयं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।

    इस तरह रहा मंदाकिनी का जल स्तर
    लगातार हो रही बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर बुधवार की प्रातः 7 बजे 126 मीटर रिकार्ड किया गया था। वह अपरान्ह 3.30 बजे तक बढकर 129.15 मीटर तक पहुंच गया है। शाम 5 बजे की स्थिति में मंदाकिनी नदी का जल स्तर 129 मीटर पर स्थिर रिकार्ड किया गया है। चित्रकूट के शहरी क्षेत्रों में बाढ का पानी उतरने से जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित नागरिकों को राहत एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ साफ-सफाई, जल निकासी, स्वास्थ्य जांच, पेयजल शुद्धिकरण और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता से कराया जा रहा है।

    खजुराहो में 7 इंच से ज्यादा वर्षा
    मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक खजुराहो में सर्वाधिक 178.2 मिमी यानी 7 इंच से ज्यादा वर्षा हुई। वहीं सतना में 88.2, नौगांव में 87.8, जबलपुर में 70.6, सागर में 70.5, मंडला में 61.1, बालाघाट जिले के मलाजखंड में 58, सीधी में 54.2, उमरिया में 51.6 और रीवा में 42.8 मिलीमीटर बरसात हुई। कुछ अन्य जिलों में भी मध्यम से हल्की बरसात हुई।

    निम्न दाब का क्षेत्र, तीन ट्रफ लाइन हैं एक्टिव
    मौसम विज्ञानी प्रमेंद्र कुमार ने बताया कि झारखंड और उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बना निम्न दाब का क्षेत्र गुरुवार को आगे बढ़ते हुए दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश से गुजरेगा। साथ ही बंगाल की खाड़ी तक फैली मानसून ट्रफ लाइन के चलते प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां तेज होंगी। इसके अलावा अन्य दो ट्रफ लाइन भी सक्रिय हैं। चार और पांच सितंबर को भोपाल में तेज वर्षा हो सकती है।

    इन जिलों के लिए अलर्ट जारी
    रेड अलर्ट: नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा में अत्यधिक भारी वर्षा।
    ऑरेंज अलर्ट: रायसेन, बैतूल, नरसिंहपुर, सिवनी, सागर, छतरपुर में अति भारी वर्षा।
    येलो अलर्ट (भारी वर्षा): विदिशा, सीहोर, राजगढ़, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, सतना, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा में भारी वर्षा के आसार।
    येलो अलर्ट (हल्की व मध्यम वर्षा): भोपाल, हरदा, बुरहानपुर समेत कुछ अन्य जिलों में।