Category: मध्य प्रदेश

  • श्वेता का प्लान B फेल या कामयाब? हनीट्रैप-2 में सबसे बड़े सबूत की तलाश में पुलिस

    श्वेता का प्लान B फेल या कामयाब? हनीट्रैप-2 में सबसे बड़े सबूत की तलाश में पुलिस

    इंदौर 

    हनीट्रैप-2 को अंजाम देने की आरोपी श्वेता जैन ने अपने नए अपराध का पैटर्न भी पहले हनीट्रैप कांड की तरह ही रखा। हालांकि, इस बार वह पहले से सतर्क थी। श्वेता को अंदेशा था कि वह दोबारा पुलिस के शिकंजे में आ सकती है। यही वजह है कि उसने गिरफ्तारी की स्थिति के लिए एक बी-प्लान भी तैयार कर रखा था, ताकि उसके खिलाफ ज्यादा सबूत न मिल सकें और उसे जल्द जमानत मिल सके।

    हनीट्रैप-2 से जुड़ी कथित रिकॉर्डिंग और कैमरा पुलिस अब तक बरामद नहीं कर पाई है। कोर्ट में पेश किए गए चालान के अनुसार, पुलिस को श्वेता के घर से पेन, स्पाई कैमरे और मेमोरी कार्ड मिले हैं, लेकिन इनमें कथित तौर पर ज्यादा रिकॉर्डिंग नहीं मिली है। हनीट्रैप-2 के दौरान किन-किन रसूखदार लोगों को निशाना बनाया गया, यह अब भी रहस्य बना हुआ है। श्वेता और रेशू की गिरफ्तारी के बाद अब तक केवल एक ठेकेदार ही हनीट्रैप का शिकार होने की बात सामने आई है। अन्य किसी कथित पीड़ित ने अब तक पुलिस से संपर्क नहीं किया है।

    पहले आरती, अब रेशू को बनाया मोहरा
    हनीट्रैप मामले की मुख्य आरोपियों में शामिल श्वेता जैन मूल रूप से सागर की रहने वाली है। पहले हनीट्रैप मामले में उसके साथ आरती दयाल थी। आरोप है कि आरती ने इंदौर के इंजीनियर हरभजन सिंह को अपने जाल में फंसाया था। मामले में रुपये वसूलने और नगर निगम के ठेके दिलवाने जैसे आरोप भी सामने आए थे। 

    गिरफ्तारी के बाद आरती ने श्वेता से दूरी बना ली। इसके बाद श्वेता को रेशू का साथ मिला। पुलिस ने रेशू के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की है। बताया जा रहा है कि उसने मस्कट से पढ़ाई की और वहां एक युवक से शादी भी की थी। बाद में विवाद के बाद वह भारत लौट आई। इसके बाद श्वेता और रेशू के बीच नजदीकियां बढ़ीं और रेशू कथित तौर पर गिरोह से जुड़ गई। पुलिस के अनुसार, हनीट्रैप-2 में रेशू की भूमिका ठेकेदारों और रसूखदार लोगों को निशाना बनाने की थी।

    क्या था हनीट्रैप-वन?
    करीब पांच साल पहले सामने आए हनीट्रैप मामले में श्वेता जैन, आरती दयाल और अन्य युवतियों पर प्रदेश के कई बड़े अफसरों और नेताओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाने के आरोप लगे थे। आरोप था कि इन वीडियो का इस्तेमाल कर लोगों से रुपये वसूलने, ठेके हासिल करने और अन्य काम करवाने का दबाव बनाया जाता था। 

    इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत के बाद मामले का खुलासा हुआ था। जांच के दौरान यह भी सामने आया था कि गिरफ्तारी से पहले गिरोह ने कुछ वीडियो और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री अलग-अलग जगहों पर रखी थी। बाद में कुछ कथित वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आए थे।

    क्या है हनीट्रैप-2?
    हनीट्रैप-2 में श्वेता और रेशू पर इंदौर, उज्जैन समेत अन्य शहरों के रसूखदार लोगों को निशाना बनाने के आरोप हैं। जांच में यह बात भी सामने आई है कि पहले मामले से सबक लेते हुए इस बार कथित तौर पर बड़े अफसरों से दूरी बनाई गई। आरोप है कि इस बार गिरोह ने खासतौर पर शराब ठेकेदारों और सरकारी ठेके लेने वाले लोगों को निशाना बनाया। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों, इलेक्ट्रॉनिक सबूतों और कथित पीड़ितों की जानकारी जुटाने में लगी है।

  • Power Generating Company की बड़ी उपलब्धि, पहली बार सफल रही ‘Black Start Mock Drill’

    Power Generating Company की बड़ी उपलब्धि, पहली बार सफल रही ‘Black Start Mock Drill’

    पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने पहली बार सफलतापूर्वक किया ‘ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल’

    सतपुड़ा ताप विद्युत गृह और इंदिरा सागर जल विद्युत परियोजना का संयुक्त अभ्यास
    ब्लैकआउट के बाद बिजली बहाली की क्षमता को परखा 

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) ने अपने इतिहास में पहली बार ‘ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल’ को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी और इंदिरा सागर जल विद्युत गृह परियोजना, खंडवा के संयुक्त अभ्यास में संभावित पूर्ण अथवा आंशिक ब्लैकआउट के बाद विद्युत उत्पादन प्रणाली को सुरक्षित एवं चरणबद्ध तरीके से पुनः संचालित करने की तैयारियों का परीक्षण किया गया।

    यह महत्वपूर्ण तकनीकी अभ्यास भारतीय विद्युत ग्रिड संहिता (IEGC)-2023 के प्रावधानों के अनुरूप आयोजित किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान आपातकालीन स्थिति में विद्युत ग्रिड के पुनर्बहाली तंत्र, विभिन्न संस्थानों के बीच समन्वय, संचार व्यवस्था तथा निर्धारित पुनर्स्थापना प्रक्रिया की व्यावहारिक जांच की गई।

    इंदिरा सागर से सतपुड़ा ताप विद्युत गृह को दी गई बिजली

    सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में आयोजित यह मॉक ड्रिल प्रातः 11:30 बजे से दोपहर 1:51 बजे तक सफलतापूर्वक संचालित की गई। अभ्यास के दौरान आयलैंडिंग व्यवस्था के माध्यम से इंदिरा सागर जल विद्युत गृह से विद्युत आपूर्ति लेकर MPPGCL के 500 मेगावाट (2×250 मेगावाट) क्षमता वाले सतपुड़ा ताप विद्युत गृह की आपातकालीन स्टार्ट-अप क्षमता का परीक्षण किया गया।

    इस दौरान 400 केवी प्रणाली को चार्ज करने, स्टेशन ट्रांसफॉर्मर को ऊर्जीकृत करने तथा आवश्यक सहायक विद्युत प्रणालियों को निर्धारित क्रम में बहाल करने की प्रक्रिया का परीक्षण किया गया। पूरे अभ्यास के दौरान विद्युत प्रणाली के प्रमुख तकनीकी मानकों की सतत निगरानी की गई। मॉक ड्रिल निर्धारित समय-सीमा और तकनीकी मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक पूरी हुई।

    क्या है ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल

    ब्लैक स्टार्ट ऐसी विशेष प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से पूर्ण या आंशिक ब्लैकआउट की स्थिति में विद्युत उत्पादन केंद्र को बाहरी ग्रिड आपूर्ति उपलब्ध न होने पर भी चरणबद्ध तरीके से पुनः प्रारंभ किया जाता है। इसके लिए स्व-प्रारंभ क्षमता वाले विद्युत स्रोतों की सहायता से पहले आवश्यक सहायक प्रणालियों को ऊर्जा उपलब्ध कराई जाती है और इसके बाद क्रमशः बड़ी उत्पादन इकाइयों को चालू किया जाता है।

    इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक आपातकालीन स्थिति में विद्युत उत्पादन केंद्रों, लोड डिस्पैच केंद्रों और अन्य संबद्ध एजेंसियों के बीच समन्वय, संचार तथा ग्रिड पुनर्बहाली क्षमता का परीक्षण करना है।

    ग्रिड पुनर्बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि

    म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी के इतिहास में पहली बार आयोजित इस ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल की सफलता को कंपनी की परिचालन एवं तकनीकी तैयारियों की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अभ्यास से आपात स्थिति में विभिन्न तकनीकी टीमों के बीच समन्वय और विद्युत आपूर्ति की चरणबद्ध बहाली की क्षमता का प्रभावी परीक्षण हुआ।

    मॉक ड्रिल में स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (SLDC), इंदिरा सागर जल विद्युत गृह परियोजना तथा सतपुड़ा ताप विद्युत गृह के अभियंताओं और तकनीकी कार्मिकों ने सहभागिता की। इस अवसर पर विद्युत गृह प्रमुख मुख्य अभियंता एस.के. लिल्हौरे, अधीक्षण अभियंता यशवंत वराठे सहित अन्य अभियंता उपस्थित थे।

     

  • बाल झड़ना और नाखून टूटना सिर्फ सामान्य समस्या नहीं! AIIMS भोपाल में कैंसर समेत गंभीर बीमारियों को लेकर चेतावनी

    बाल झड़ना और नाखून टूटना सिर्फ सामान्य समस्या नहीं! AIIMS भोपाल में कैंसर समेत गंभीर बीमारियों को लेकर चेतावनी

    भोपाल

     त्वचा पर दाग, रंग में बदलाव, नाखून की असामान्यता या बालों का झड़ना सामान्य लग सकता है, लेकिन कुछ मामलों में ऐसे बदलाव के पीछे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी भी छिपी हो सकती है। ऐसे सूक्ष्म बदलावों की पहचान में आधुनिक तकनीक मददगार बन रही है। एम्स भोपाल में आयोजित सीएमई कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने डर्मोस्कोपी के जरिए त्वचा रोगों की बेहतर पहचान और उपचार की योजना बनाने के बारे में बताया। विशेषज्ञों ने त्वचा पर अधिक या कम रंगत, सूजन वाले और ग्रैनुलोमेटस रोग, नाखूनों की समस्याओं तथा बाल झड़ने की अलग-अलग स्थितियों में डर्मोस्कोपी के उपयोग के बारे में चर्चा की।

    डर्मोस्कोपी निभाएगी अहम भूमिका- विशेषज्ञ
    डॉ. पायल चौहान, डॉ. सौमिल खरे और डॉ. कृति दीवान ने बताया कि कैंसर से जुड़ी त्वचा संबंधी असामान्यताओं और कैंसरकारी त्वचा रोगों की पहचान में डर्मोस्कोपी भूमिका निभाएगी। संदिग्ध बदलावों की बारीकी से जांच कर आगे की चिकित्सकीय रणनीति तय करने में यह उपयोगी होगी। दैनिक क्लिनिकल प्रैक्टिस में डर्मोस्कोपी का समावेशन के बारे में भी बताया। कार्यर म में प्रोफेसर डॉ. रजनीश जोशी, डॉ. नितिन पंड्या डॉ. प्रशंसा जायसवाल और डॉ. मनीष खंडारे ने भी हिस्सा लिया।

    आंखों से न दिखने वाले बदलाव भी पकड़ में
    डर्मोस्कोपी विशेष उपकरण से त्वचा को करीब से देखने की तकनीक है। इससे त्वचा के ऐसे सूक्ष्म पैटर्न और बदलाव स्पष्ट होते हैं, जिन्हें खुली आंखों से पहचानना मुश्किल होता है। इससे डॉक्टर को बीमारी के आकलन और आगे के उपचार का निर्णय लेने में मदद मिल सकती है।

    एमपी का पहला अस्पताल जिसमें होगी रोबोटिकी सर्जरी
    प्रोस्टेट, किडनी, गर्भाशय और कोलन कैंसर जैसी सर्जरी में रोबोटिक तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है। इसमें परंपरागत ऑपरेशन की तुलना में छोटा चीरा लगाया जाता है। इससे रक्तस्राव और दर्द कम होने के साथ मरीज के जल्दी रिकवर होने की संभावना रहती है। दा विंची रोबोट स्थापित होने के बाद एम्स मध्य प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल बन जाएगा, जहां रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध होगी।

    त्वचा कैंसर क्या है?
    त्वचा कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें त्वचा के ऊतकों में असामान्य कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं। सामान्य तौर पर, त्वचा की कोशिकाएं बूढ़ी होकर मरने लगती हैं और उनकी जगह नई कोशिकाएं बन जाती हैं। लेकिन जब यह प्रक्रिया ठीक से काम नहीं करती तो कोशिकाएं तेजी से बढ़ने लगती हैं।

  • भोपाल में जन्माष्टमी का मेगा सेलिब्रेशन, 1 लाख भक्तों के स्वागत को इस्कॉन तैयार; 21 जगह होंगे आयोजन

    भोपाल में जन्माष्टमी का मेगा सेलिब्रेशन, 1 लाख भक्तों के स्वागत को इस्कॉन तैयार; 21 जगह होंगे आयोजन

    भोपाल

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शुक्रवार, 4 सितंबर को राजधानी में भक्ति और संस्कृति का रंग देखने को मिलेगा। शहर में अलग-अलग स्थानों पर धार्मिक आयोजन होंगे। श्री हरिहर महोत्सव समिति की ओर से 14वीं बार भव्य जन्माष्टमी शोभायात्रा निकाली जाएगी, वहीं इस्कॉन पटेल नगर में विशेष जन्माष्टमी महोत्सव आयोजित होगा। दोनों आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

    21 जगह माखन-मटकी फोड़ेंगे श्रीकृष्ण
    श्री हरिहर महोत्सव समिति की शोभायात्रा श्रीजी मंदिर लखेरापुरा से दोपहर 12:30 बजे शुरू होगी। शोभायात्रा में 21 स्थानों पर श्रीकृष्ण ग्वालों के साथ माखन-मटकी फोड़ते नजर आएंगे। कैलाश पर्वत पर शिव-पार्वती, झूले पर राधा-कृष्ण और वासुदेव द्वारा श्रीकृष्ण को ले जाते हुए झांकियां भी शामिल होंगी।

    राजा भोज की जीवंत झांकी देगी पर्यावरण बचाने का संदेश
    इस बार शोभायात्रा का खास आकर्षण राजा भोज की जीवंत झांकी होगी। इसमें राजा भोज पर्यावरण और जल संरक्षण का संदेश देते नजर आएंगे। झांकी के जरिए प्राकृतिक संसाधनों को बचाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। शोभायात्रा में भगवान श्रीजी की प्रतिमा के साथ मंडला-डिंडोरी की नृत्य टोलियां, नरसिंहगढ़ और ब्यावरा के बैंड, 21 ढोल, डीजे बैंड, घोड़ा-बग्गी और दुलदुल घोड़ी भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

    इन रास्तों से निकलेगी शोभायात्रा
    शोभायात्रा श्रीजी मंदिर लखेरापुरा से शुरू होकर चौक बाजार, लोहा बाजार, जुमेराती गेट, छोटे भैया कॉर्नर, घोड़ा निक्कास, मां कर्मा देवी रोड, मंगलवारा चौराहा, जैन मंदिर रोड, इतवारा चौराहा, इलेक्ट्रिकल मार्केट, चिंतामण चौराहा, पीपल चौक और लखेरापुरा होते हुए भवानी चौक, सोमवारा पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा। शुभारंभ से पहले पंडित हेमकांत शर्मा ‘मुखिया जी’ के सानिध्य में विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना होगी।

    इस्कॉन में एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
    दूसरी ओर इस्कॉन पटेल नगर, हरे कृष्ण लैंड, रायसेन रोड पर भी 4 सितंबर को भव्य जन्माष्टमी महोत्सव होगा। आयोजकों के मुताबिक करीब एक लाख श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों के पहुंचने की संभावना है।
    यहां श्री श्री गौर राधा वल्लभ जी के विशेष दर्शन और भव्य श्रृंगार होंगे। मंदिर को जैसलमेर की पारंपरिक थीम पर सजाया जाएगा। थाईलैंड से मंगाए गए विशेष ऑर्किड फूल भी सजावट का हिस्सा होंगे। 

    महामंत्र कीर्तन से लेकर रुक्मिणी कल्याणम् तक
    इस्कॉन परिसर में लगातार हरे कृष्ण महामंत्र का कीर्तन, श्रीकृष्ण कथा और भक्तिमय नाट्य प्रस्तुति ‘रुक्मिणी कल्याणम्’ प्रमुख आकर्षण रहेगी। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की भी व्यवस्था की जाएगी।

    शहर में दिखेगा भक्ति और संस्कृति का संगम
    जन्माष्टमी के दोनों बड़े आयोजनों में धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और परंपरा की झलक देखने को मिलेगी। एक ओर लखेरापुरा से निकलने वाली शोभायात्रा में श्रीकृष्ण की लीलाएं, झांकियां और लोक कला आकर्षण रहेंगी, वहीं इस्कॉन में भव्य श्रृंगार, कीर्तन, कथा और नाट्य प्रस्तुति श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक माहौल देंगी। शहर में कई जगह आयोजन किए जाएंगे। 

  • Teacher Recruitment 2026: वर्ग-1 से 3 तक 18,088 पद खाली, नई भर्ती की तैयारी तेज; जानें पूरा अपडेट

    Teacher Recruitment 2026: वर्ग-1 से 3 तक 18,088 पद खाली, नई भर्ती की तैयारी तेज; जानें पूरा अपडेट

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए नई भर्ती को लेकर बड़ी खबर है। स्कूल शिक्षा विभाग ने उच्च माध्यमिक, माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षकों के 18,088 रिक्त पदों पर नई भर्ती की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग जुलाई 2027 तक रिक्तियों की गणना कर रहा है। इसके बाद नई भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाएगा। नई भर्ती की तैयारी के बीच वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 की मौजूदा भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर भोपाल में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन लगातार 15वें दिन जारी है। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी वर्तमान भर्ती में अतिरिक्त पद जोड़ने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा परिणाम आने के बाद विज्ञापित पदों की संख्या बढ़ाई या घटाई नहीं जा सकती। यानी मौजूदा भर्ती में नए पद जोड़ने के बजाय उन्हें अगली भर्ती में शामिल किया जाएगा।

    18 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती, वर्ग-1 से 3 तक मौका
    उच्च माध्यमिक शिक्षक: 4,769 पद 3,219 बैकलॉग,1,530 नए पद
    माध्यमिक शिक्षक: 5,504 पद 2,504 बैकलॉग, 3,000 नए पद
    प्राथमिक शिक्षक: 7,815 पद, 2,315 बैकलॉग, 5,500 नए पद

    इन पदों के अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग के 13 प्रतिशत आरक्षण से जुड़े 3,990 पद भी रोके गए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के मुताबिक नई भर्ती के लिए कुल 18,088 रिक्त पद चिन्हित किए गए हैं। इनमें बैकलॉग और नए रिक्त पद दोनों शामिल हैं।

    विभाग में 72,901 पद खाली
    स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों और अन्य पदों को मिलाकर बड़ी संख्या में रिक्तियां हैं। विभाग में कुल 3,38,787 स्वीकृत पद हैं। इनमें 2,65,886 पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 72,901 पद खाली हैं।

    इनमें से 59,073 पद पदोन्नति से और 13,828 पद सीधी भर्ती से भरे जाने हैं। विभाग का कहना है कि पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उपलब्ध होने वाले पदों पर भी भर्ती की जाएगी।

    पुरानी भर्ती में अब नहीं बढ़ेंगे पद
    पदवृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह बड़ा झटका है। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि भर्ती का परिणाम जारी होने के बाद विज्ञापित पदों की संख्या में बदलाव नहीं किया जा सकता। इसलिए नए रिक्त पदों को वर्तमान भर्ती में जोड़ने के बजाय नई भर्ती में शामिल किया जाएगा।

    आरक्षित पदों पर भी विभाग ने स्थिति साफ की
    अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित पदों पर संबंधित वर्ग के अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें अनारक्षित या अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों से नहीं भरा जाएगा। ऐसे पदों को अगली भर्ती में फिर शामिल किया जाएगा। वर्तमान भर्ती में उच्च माध्यमिक शिक्षक के 3,436, माध्यमिक शिक्षक के 2,463 और प्राथमिक शिक्षक के 1,199 आरक्षित पदों पर संबंधित वर्ग के अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने की जानकारी विभाग ने दी है। 

    पदोन्नति अटकी, टीईटी का पेंच
    विभाग में बड़ी संख्या में पद खाली होने के बावजूद पदोन्नति की प्रक्रिया भी लंबित है। विभाग के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में राय ली गई है और इसमें शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण शिक्षकों की ही पदोन्नति किए जाने की बात कही गई है। इसी वजह से पदोन्नति की कार्रवाई फिलहाल लंबित है।

    प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को अब नई भर्ती का इंतजार
    वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 की मौजूदा भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। अब विभाग के स्पष्टीकरण के बाद वर्तमान भर्ती में पद बढ़ने की उम्मीद कम हो गई है। सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया बंद नहीं की जा रही, बल्कि नए रिक्त पदों को अगली भर्ती में शामिल किया जाएगा। 

  • भाई-बहन का यह रिश्ता जिंदगी भर कायम रहेगा : मंत्री  सारंग

    भाई-बहन का यह रिश्ता जिंदगी भर कायम रहेगा : मंत्री सारंग

    भोपाल 

    सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग को गुरुवार को वार्ड क्रमांक 59 एवं 76 में आयोजित विश्व के सबसे बड़े नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के तीसरे दिन 29 हज़ार 179 बहनों ने राखी बांधी। कार्यक्रम स्थल आगमन पर स्थानीय नागरिकों व कार्यकर्ताओं द्वारा मंत्री  सारंग का भव्य स्वागत किया। मंत्री  सारंग ने भी कार्यक्रम में पधारीं बहनों का पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत किया। वार्ड क्रमांक 59 की हजारों GenZ बहनों ने भी मंत्री  विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधकर आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में पधारीं प्रत्येक बहन से मंत्री  सारंग ने राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। मंत्री  सारंग ने बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं बल्कि भाई-बहन के अटूट स्नेह और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नरेला रक्षाबंधन महोत्सव इसी आत्मीय रिश्ते का जीवंत उत्सव है। आगे उन्होंने कहा कि भाई-बहन का यह रिश्ता जिंदगी भर कायम रहेगा।

    वार्ड 59 की GenZ बहनों ने बांधी राखी

    नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के तीसरे दिन वार्ड क्रमांक 59 में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जेन ज़ी यानी युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करने वाली बहनों ने मंत्री  विश्वास सारंग को राखी बांधकर आशीर्वाद दिया।

    भाई-बहन का यह रिश्ता जिंदगी भर कायम रहेगा

    मंत्री  सारंग ने कहा कि वर्ष 2009 से प्रारंभ हुआ रक्षाबंधन महोत्सव बहनों के अटूट स्नेह और विश्वास से अविराम जारी है। उन्होंने कहा कि नरेला विधानसभा नहीं बल्कि नरेला परिवार है। इस परिवार की बहनों ने जिस विश्वास और स्नेह से मुझे अपना भाई माना है, वह मेरे लिए सबसे बड़ी पूंजी है। भाई-बहन का यह रिश्ता जिंदगी भर कायम रहेगा।

    दूसरे दिन 36 हज़ार 854 बहनों ने बांधे रक्षासूत्र

    मंत्री  सारंग को नरेला रक्षाबंधन महोत्सव-2026 के दूसरे दिन 36 हज़ार 854 बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर आशीर्वाद प्रदान किया। पिछले वर्ष 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने मंत्री  सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। इस वर्ष भी बहनों के उत्साह और सहभागिता को देखते हुए पिछले वर्ष का रिकॉर्ड टूटने की संभावना है।

    5 सितंबर को यहां होंगे कार्यक्रम

    दिनांक 5 सितंबर 2026 को वार्ड क्रमांक 71 (दोप 02:00 बजे) एवं वार्ड क्रमांक 79 (शाम 04:00 बजे) में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यहां भी हजारों की संख्या में बहनें मंत्री  विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधेंगी।

  • दीपोत्सव से सजेगी रामनगरी, 5 से 8 नवंबर तक होंगे भव्य धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन

    दीपोत्सव से सजेगी रामनगरी, 5 से 8 नवंबर तक होंगे भव्य धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन

    अयोध्या

    योगी सरकार में अपनी विशेष पहचान बना चुका अयोध्या का 10वां दीपोत्सव इस बार और भव्य होगा। दीपोत्सव और कार्तिंक पूर्णिमा मेला को भव्य, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में दोनों आयोजनों की विभागवार तैयारियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    पांच से आठ नवंबर तक होंगे दीपोत्सव के प्रमुख आयोजन
    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पांच नवंबर को गोवत्स द्वादशी, छह नवंबर को धनत्रयोदशी, सात नवंबर को मास शिवरात्रि, नरक चतुर्दशी, छोटी दीपावली एवं हनुमान जयंती और आठ नवंबर को दीपावली के अवसर पर रामनगरी में विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम होंगे। दीपोत्सव के दौरान साकेत महाविद्यालय से शोभायात्रा और झांकियां निकाली जाएंगी। इसके लिए ट्रॉली-ट्रक, मंच समेत अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी। रामकथा पार्क के निकट हेलीपैड की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।

    रामकथा पार्क से राम की पैड़ी तक दिखेगी दीपोत्सव की छटा

    रामकथा पार्क में श्रीराम-सीता स्वरूप की वंदना, प्रदर्शनी, लोकार्पण कार्यक्रम, रामलीला एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। सरयू आरती स्थल पर मंच, सजावट, पुष्प एवं अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी। राम की पैड़ी समेत प्रमुख स्थलों को दीपोत्सव की थीम पर सजाया जाएगा। स्वर्ग द्वार की पुताई, राम की पैड़ी की विशेष सफाई, धार्मिक स्थलों पर दीप सज्जा, फूलों की चेन, गमले, घाटों की रैलिंग और लाइटिंग की मरम्मत समेत विभिन्न कार्य कराए जाएंगे।

    श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष जोर

    देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए परिवहन, विश्राम स्थल, चिकित्सा, पेयजल, शौचालय, सफाई और प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। भीड़ प्रबंधन के लिए फ्लोटिंग जोन, बैरियर, सीसीटीवी और यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाएगा। मीडिया सेंटर और प्रेस पास की व्यवस्था भी की जाएगी।

    18 नवंबर को चौदहकोसी, 20 को पंचकोसी परिक्रमा

    परिक्रमा एवं कार्तिक पूर्णिमा मेले के लिए भी तैयारियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 18 नवंबर 2026 को चौदहकोसी परिक्रमा एवं अक्षय नवमी होगी। परिक्रमा 17/18 नवंबर की रात 1:10 बजे से शुरू होकर 18/19 नवंबर की रात 2:55 बजे तक चलेगी। 20 नवंबर को पंचकोसी परिक्रमा एवं एकादशी होगी। यह 20 नवंबर की रात 3:01 बजे से शुरू होकर 21 नवंबर की रात 2:37 बजे तक चलेगी।‌24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा स्नान एवं गुरु नानक जयंती का आयोजन होगा। स्नान का निर्धारित समय 23 नवंबर की रात 10:48 बजे से 24 नवंबर की रात 8:52 बजे तक रहेगा।

    अतिरिक्त बसें और विशेष ट्रेनें चलाने की तैयारी

    श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त बसों, अस्थायी बस स्टैंड और विशेष ट्रेनों की व्यवस्था के लिए कार्रवाई की जाएगी। रेलवे स्टेशन पर सफाई, पेयजल, प्रकाश और बैरियर की व्यवस्था बेहतर की जाएगी। पार्किंग स्थलों का चयन कर यातायात और भीड़ नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाएगी। पुलिस विभाग पर्याप्त बल के साथ जल पुलिस, मोटर बोट, अग्निशमन दल और ट्रैफिक व्यवस्था संभालेगा। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कहा कि दीपोत्सव और परिक्रमा-कार्तिक पूर्णिमा मेला अयोध्या की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़े प्रमुख आयोजन हैं। श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित कार्य समय से पूरा करने के निर्देश दिए।

  • सेवांकुर भारत के साथ एमओयू के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मेडिकल कॉलेजों के अधिष्ठाताओं को दिए निर्देश

    सेवांकुर भारत के साथ एमओयू के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मेडिकल कॉलेजों के अधिष्ठाताओं को दिए निर्देश

    भोपाल

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि चिकित्सा शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को बेहतर चिकित्सकीय ज्ञान और कौशल प्रदान करना नहीं है, बल्कि उनके भीतर सेवा, संवेदनशीलता, मानवीय मूल्यों और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। युवा चिकित्सकों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाकर उन्हें मरीज और उसके परिवार की भावनाओं को समझने वाला संवेदनशील चिकित्सक बनाना समय की आवश्यकता है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि इसी उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन ने सेवांकुर भारत के साथ एमओयू किया है। सेवांकुर भारत मेडिकल विद्यार्थियों के बीच कार्य करने वाली संस्था है, जो वर्तमान में देश के 200 से अधिक मेडिकल कॉलेजों और 17 हजार से अधिक विद्यार्थियों से जुड़ी है। संस्था विद्यार्थियों में सेवा, नेतृत्व, संवेदनशीलता और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने मंत्रालय में “एक सप्ताह देश के नाम" अभियान की समीक्षा की।

    मरीज के लिए डॉक्टर का व्यवहार भी उपचार का हिस्सा

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि डॉक्टर की मुस्कान, उसका व्यवहार और मरीज के प्रति संवेदनशील संवाद कई बार उपचार की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब कोई मरीज या उसका परिवार कठिन परिस्थिति में अस्पताल पहुंचता है, तो वह डॉक्टर की ओर आशा और विश्वास से देखता है। ऐसे समय में चिकित्सक का सहयोग, आत्मीय व्यवहार और भरोसा देने वाला संवाद मरीज के मन में सकारात्मक ऊर्जा और उपचार के प्रति विश्वास पैदा करता है।उन्होंने कहा कि चिकित्सक का अच्छा व्यवहार केवल शिष्टाचार नहीं, बल्कि चिकित्सा सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए युवा चिकित्सकों के व्यक्तित्व में संवेदना और सेवा-भाव का विकास उनकी मेडिकल शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए।

    ग्रामीण भारत को करीब से समझें युवा चिकित्सक

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि "एक सप्ताह देश के नाम" अभियान इस दिशा में महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। इसके माध्यम से मेडिकल विद्यार्थियों और युवा चिकित्सकों को समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों के लोगों के बीच जाकर उनके जीवन और परिस्थितियों को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी ग्रामीण भारत को नजदीक से देखेंगे, वहां की सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों, स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों और लोगों की अपेक्षाओं को समझेंगे, तो उनके भीतर मरीजों के प्रति सहानुभूति के साथ-साथ वास्तविक संवेदनशीलता और सेवा की दृष्टि विकसित होगी। यह अनुभव उन्हें भविष्य में अधिक जिम्मेदारी और मानवीय दृष्टिकोण के साथ चिकित्सा सेवा करने के लिए प्रेरित करेगा।

    मेडिकल कॉलेजों की संख्या और सीटें बढ़ाने के साथ संस्कार भी जरूरी

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने के साथ मेडिकल सीटों में वृद्धि और चिकित्सकों की भर्ती पर भी निरंतर कार्य कर रही है। आने वाले समय में बड़ी संख्या में युवा चिकित्सा क्षेत्र में प्रवेश करेंगे। ऐसे में यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि चिकित्सा क्षेत्र में आने वाली नई पीढ़ी ज्ञान और तकनीकी दक्षता के साथ सेवा एवं मानवीय मूल्यों से भी समृद्ध हो। उन्होंने कहा कि आज के मेडिकल विद्यार्थी ही कल के चिकित्सक और स्वास्थ्य व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ होंगे। इसलिए उनके प्रशिक्षण के दौरान समाज से उनका जुड़ाव बढ़ाना और उन्हें सेवा के विभिन्न अवसरों से परिचित कराना दीर्घकालीन रूप से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाएगा।

    प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में अभियान को आगे बढ़ाने के निर्देश

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के अधिष्ठाताओं से अपेक्षा की कि सेवांकुर भारत के साथ हुए एमओयू को प्रभावी और सतत पहल के रूप में आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में एक कॉलेज प्रतिनिधि नामित किया जाए। सेवांकुर भारत का परिचयात्मक सत्र आयोजित कर विद्यार्थियों को संस्था के उद्देश्यों एवं गतिविधियों की जानकारी दी जाए। इच्छुक विद्यार्थियों को "एक सप्ताह देश के नाम" अभियान से स्वैच्छिक रूप से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाए।चयनित विद्यार्थियों के ओरिएंटेशन एवं कार्यक्रम के समन्वय में मेडिकल कॉलेज आवश्यक सहयोग प्रदान करें। सेवांकुर भारत और मेडिकल कॉलेजों के बीच निरंतर एवं सार्थक सहयोग विकसित किया जाए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं सेवांकुर भारत के साथ एमओयू की पहल की है। इसका उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाना तथा चिकित्सा शिक्षा को समाज और सेवा से अधिक मजबूती से जोड़ना है। इसलिए सभी मेडिकल कॉलेज इस पहल को सक्रियता से अपनाएं और इसके उद्देश्यों को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

    सेवा के संस्कार से तैयार होगी संवेदनशील चिकित्सकों की नई पीढ़ी

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि मध्यप्रदेश में ऐसी चिकित्सक पीढ़ी तैयार हो, जिसकी पहचान केवल उसकी चिकित्सा विशेषज्ञता से नहीं, बल्कि उसकी सेवा भावना, संवेदनशील व्यवहार और सामाजिक जिम्मेदारी से भी हो। उन्होंने कहा कि मरीज के प्रति संवेदनशीलता, ग्रामीण और वंचित समाज की परिस्थितियों की समझ तथा सेवा का भाव युवा चिकित्सकों के व्यक्तित्व का स्वाभाविक हिस्सा बने—यही इस पहल की वास्तविक सफलता होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मेडिकल कॉलेजों और सेवांकुर भारत के निरंतर सहयोग से मध्यप्रदेश में चिकित्सा सेवा को और अधिक मानवीय एवं समाजोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  सुखवीर सिंह, आयुक्त  धनराजू एस, वनवासी कल्याण आश्रम के  गिरीश कुबेर, जनजातीय मंत्रणा परिषद, राजभवन के डॉ. रूपनारायण मांडवे, वीसी के माध्यम से डॉ. अश्विनी कुमार तुपकरी,  महादेव पड़वल,  गौरव शर्मा सहित प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों के अधिष्ठाता उपस्थित रहे।

     

  • राष्ट्रीय युवा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में एमपी के खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन

    राष्ट्रीय युवा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में एमपी के खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन

    भोपाल

    पंजाब के लुधियाना स्थित गुरु नानक स्टेडियम में 01 से 03 सितंबर 2026 तक आयोजित की जा रही 21वीं राष्ट्रीय युवा एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया है। प्रतियोगिता में अकादमी के खिलाड़ियों ने अब तक दो स्वर्ण और एक कांस्य पदक अपने नाम किए हैं। इनमें कृष्ण चंद्र ने जैवलिन थ्रो में नया मीट रिकॉर्ड कायम कर स्वर्ण पदक जीतकर विशेष उपलब्धि हासिल की।

    जैवलिन थ्रो में कृष्ण चंद्र का नया मीट रिकॉर्ड

    प्रतियोगिता के बुधवार शाम आयोजित मुकाबलों में बॉयज जैवलिन थ्रो स्पर्धा में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ी कृष्ण चंद्र ने 79.92 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रतियोगिता का नया मीट रिकॉर्ड भी कायम किया।

    कृष्ण चंद्र के शानदार प्रदर्शन से पहले इस स्पर्धा का मीट रिकॉर्ड 77.41 मीटर था, जो रोहित यादव ने वर्ष 2018 में बनाया था। कृष्ण चंद्र ने 79.92 मीटर का प्रदर्शन कर पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

    हेप्टाथलॉन में नागर सिंह कनेश ने जीता स्वर्ण

    हेप्टाथलॉन स्पर्धा में अकादमी के खिलाड़ी नागर सिंह कनेश ने 4812 अंकों के शानदार प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। नागर सिंह ने स्पर्धा के विभिन्न इवेंट्स में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया और मध्यप्रदेश को स्वर्णिम सफलता दिलाई।

    1000 मीटर में रंगलाल डोडिया ने जीता कांस्य

    वहीं 1000 मीटर स्पर्धा में अकादमी के खिलाड़ी रंगलाल डोडिया ने 2 मिनट 26.83 सेकंड के शानदार समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। रंगलाल ने अपनी गति और दमदार प्रदर्शन के साथ स्पर्धा में तीसरा स्थान प्राप्त किया।

    राष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभा ने छोड़ी छाप

    21वीं राष्ट्रीय युवा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन उनकी मेहनत, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम है। विशेष रूप से जैवलिन थ्रो में नया मीट रिकॉर्ड कायम करना प्रदेश की उभरती एथलेटिक्स प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों द्वारा हासिल की जा रही यह सफलता मध्यप्रदेश में विकसित हो रही खेल संस्कृति और अकादमियों में खिलाड़ियों को मिल रहे उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का परिणाम है।

    खेल मंत्री  सारंग ने दी बधाई

    सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने राष्ट्रीय युवा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण एवं कांस्य पदक जीतने वाले नागर सिंह कनेश, कृष्ण चंद्र एवं रंगलाल डोडिया को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और कृष्ण चंद्र द्वारा नया मीट रिकॉर्ड कायम किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों की यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगे भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

     

  • 18 अस्पताल डी-एम्पेनेल, 15 पर स्टॉप पेमेंट और 50 पर 3.13 करोड़ रुपये की पेनल्टी

    18 अस्पताल डी-एम्पेनेल, 15 पर स्टॉप पेमेंट और 50 पर 3.13 करोड़ रुपये की पेनल्टी

    भोपाल 

    आयुष्मान भारत ‘निरामयम्’ योजना के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन तथा पात्र हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश में योजना से संबद्ध अस्पतालों की निरंतर निगरानी एवं जांच की जा रही है। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अस्पतालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है। जनवरी 2026 से अब तक प्रदेश में 83 अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इनमें 18 अस्पतालों का डी-एम्पेनेलमेंट, 15 अस्पतालों पर स्टॉप पेमेंट तथा 50 अस्पतालों पर कुल 3 करोड़ 13 लाख 79 हजार 311 रुपये की पेनल्टी अधिरोपित की गई है।

    भोपाल के अस्पतालों पर भी नियमानुसार कार्रवाई

    भोपाल में प्राप्त शिकायतों एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अस्पतालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। सिद्धांता रेडक्रॉस सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर आयुष्मान भारत ‘निरामयम्’ योजना से निलंबित किया गया है तथा स्टॉप पेमेंट की कार्रवाई की गई है। वहीं, मल्टी केयर अस्पताल, भोपाल के संबंध में कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त दो अन्य अस्पतालों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों के संबंध में आयुष्मान भारत जांच दल द्वारा निरीक्षण किया गया है। उपलब्ध अभिलेखों एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अस्पतालों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

    अनियमितताओं पर जीरो टॉलरेंस

    राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अरविंद शाह ने कहा कि आयुष्मान भारत ‘निरामयम्’ योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। योजना का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण, सुगम एवं पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों की नियमित जांच, क्लेम की समीक्षा, उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण तथा संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। प्राप्त अन्य शिकायतों का भी परीक्षण किया जा रहा है। जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अस्पतालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।