Category: मध्य प्रदेश

  • शासकीय माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर में हर्षोल्लास से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

    शासकीय माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर में हर्षोल्लास से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

    बिलासपुर
     उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत शासकीय माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर में जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।

    कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पूजन-अर्चन के साथ किया गया। विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण और राधा की मनमोहक वेशभूषा धारण कर श्रीकृष्ण जन्म की झांकी, भजन, गीत, नृत्य एवं कृष्ण लीलाओं की सुंदर प्रस्तुति दी।

    विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके आदर्शों, कर्मयोग, प्रेम, भाईचारे एवं धर्म के प्रति संदेशों की जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से परिचित कराने के साथ उनमें प्रेम, सद्भाव और नैतिक मूल्यों का विकास करना रहा।

    कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। अंत में सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दी गईं तथा प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम सफल एवं उत्साहपूर्ण रहा।

  • कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती पर CM मोहन यादव ने किया नमन, बोले- उनके विचार आज भी प्रेरणादायी

    कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती पर CM मोहन यादव ने किया नमन, बोले- उनके विचार आज भी प्रेरणादायी

    उच्च कोटि के कुशल संगठक थे कुशाभाऊ ठाकरे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती पर अर्पित की पुष्पांजलि
    कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में लगाया आंवले का पौधा

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर पहुंचकर यहां स्व. कुशाभाऊ ठाकरे की आदमकद प्रतिमा एवं चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रऋषि कुशाभाऊ ठाकरे उच्च कोटि के रणनीतिकार और कुशल संगठक थे। उन्होंने संगठन में समर्पित कार्यकर्ताओं की एक नई पौध तैयार की। उनके नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संगठन ने नई ऊंचाइयां प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती स्मृति में सेंटर परिसर में ही आंवले का पौधा भी लगाया।

    इस अवसर पर भोपाल के लोकसभा सांसद आलोक शर्मा, राज्यसभा सांसद रजनीश अग्रवाल, विधायक भगवानदास सबनानी, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, पूर्व सांसद आलोक संजर, राहुल कोठारी, रविन्द्र यति, जसवंत सिंह हाड़ा अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं नागरिकगण उपस्थित थे।

    मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा

    पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया प्रतिनिधियों ने चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को मंगलकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज स्व.कुशाभाऊ ठाकरे जी की जयंती भी है। आज मैं जानापाव जा रहा हूं, जहां महर्षि परशुराम जी ने भगवान श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्रदान किया था। इस धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए जानापाव को प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देवस्थानों के विकास से प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है। महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के प्रति एक नया वातावरण बना है। वर्ष 2022 तक जहां उज्जैन में लगभग 60-70 लाख श्रद्धालु एवं पर्यटक आते थे, वहीं आज यह संख्या करोड़ों में पहुंच गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का भी विकास किया जा रहा है, ताकि वहां श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या बढ़े, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हों और इन क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित हो।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी पर्वों और त्यौहारों के बीच भी हम अपनी सभी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल से जुड़ी सभी कठिनाइयों और विषयों को हम माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष पूरी गंभीरता से रख रहे हैं। उच्चतम न्यायालय के मार्गदर्शन के अनुरूप जो भी बेहतर से बेहतर निर्णय संभव होगा, उसके लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में हम व्यापारियों और स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी पक्षों पर गंभीरता से विचार करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के समक्ष हमारा पक्ष भी मजबूती से रखा जाएगा। वर्षों पुरानी इस समस्या के स्थायी और बेहतर समाधान की दिशा में सरकार हरसंभव प्रयास करेगी।

     

  • अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा ने रैली निकाल कर दी श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं, पुष्पराजगढ़ में गूंजे जय श्री कृष्ण के जयकारे

    अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा ने रैली निकाल कर दी श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं, पुष्पराजगढ़ में गूंजे जय श्री कृष्ण के जयकारे

    अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा ने रैली निकाल कर दी श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं, पुष्पराजगढ़ में गूंजे जय श्री कृष्ण के जयकारे

    राजेंद्रग्राम/छबिलाल महरा

    श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व के अवसर पर अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के तत्वावधान में पुष्पराजगढ़ में एक भव्य रैली और शोभायात्रा का आयोजन किया गया। हजारों की संख्या में यादव समाज के लोग इस रैली में शामिल हुए और पूरे नगर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।रैली की शुरुआत स्थानीय मंदिर से भगवान श्री कृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ हुई। भगवान श्री कृष्ण की बड़ी प्रतिमा को फूलों से सजे रथ पर विराजमान किया गया था। रथ के आगे-आगे ढोल-नगाड़े बज रहे थे और युवा नाचते-गाते चल रहे थे। पूरे रैली मार्ग को भगवा और पीले झंडों से सजाया गया था।यादव समाज के लोगों ने सिर पर पीली पगड़ी और गले में यादव महासभा का गमछा धारण किया हुआ था। हाथों में "जय श्री कृष्ण"और "यादव महासभा" लिखे झंडे और बैनर थे। महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया और फूल बरसाकर भगवान का स्वागत किया। रैली बाजार के मुख्य मार्गों से होते हुए निकली, जहां जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।इस अवसर पर यादव महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण यादव वंश के गौरव हैं और उनके आदर्शों पर चलना ही यादव समाज का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि इस तरह की रैलियों से समाज में एकता और सांस्कृतिक परंपरा मजबूत होती है।रैली के अंत में सभी को प्रसाद वितरित किया गया और सभी देशवासियों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम में यादव महासभा के जिलाध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

  • बरखेड़ी के राधा-कृष्ण मंदिर में CM डॉ. यादव ने टेका माथा, लड्डू गोपाल को सिर पर लेकर पहुंचे

    बरखेड़ी के राधा-कृष्ण मंदिर में CM डॉ. यादव ने टेका माथा, लड्डू गोपाल को सिर पर लेकर पहुंचे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरखेड़ी के राधा-कृष्ण मंदिर में की पूजा-अर्चना

    लड्डू गोपाल को सिर पर रखकर मंदिर तक लाये

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल के जहांगीराबाद स्थित बरखेड़ी के राधा-कृष्ण मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना एवं आरती की। इस अवसर पर डॉ. यादव बाल कन्हैया (लड्डू गोपाल) को अपने सिर पर धारण कर मंदिर लेकर आये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरखेड़ी में जन्माष्टमी के अवसर पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले झांकी (चल) समारोह में भी सहभागिता की और सभी श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की मंगलकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रृद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्म और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उनकी कृपा से प्रदेश में सुख, समृद्धि और शांति का विस्तार हो।

    बरखेड़ी समारोह में विधायक भगवानदास सबनानी, राहुल कोठारी, रविन्द्र यति, अमन यादव, अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

     

  • MP में भारी बारिश की चेतावनी, सोन नदी खतरे के निशान से ऊपर; CM मोहन यादव ने दिए तैयारी के निर्देश

    MP में भारी बारिश की चेतावनी, सोन नदी खतरे के निशान से ऊपर; CM मोहन यादव ने दिए तैयारी के निर्देश

    भोपाल
     एमपी में कई हिस्सों में जोरदार बारिश हो रही है। गुरुवार की शाम से भोपाल और इंदौर में भी बारिश हो रही है। इसे लेकर सीएम मोहन यादव ने प्रभावित जिलों के सभी कलेक्टर्स को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संभावित परिस्थितियों को देखते हुए अग्रिम तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।

    जुटाकर रखें संसाधन
    सीएम मोहन यादव ने सभी कलेक्टर्स को कहा है कि आवश्यक संसाधनों को पहले से जुटाकर तैनात रखने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि विशेष रूप से आज शाम भारी बारिश की चेतावनी है। साथ ही कल दोपहर में उत्तरी मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है। इसको ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन को पूरी तरह से सतर्क और मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।

    उन्होंने कहा है कि किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव संसाधनों की उपलब्धता सुनिृश्चित की जाए। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

    विंध्य में बढ़ीं मुसीबतें
    वहीं, विंध्य इलाके में लगातार बारिश से मुश्किलें बढ़ गई हैं। सतना, चित्रकूट, रीवा, सीधी और सिंगरौली में नदी-नाले उफान पर हैं। कई इलाकों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाणसागर बांध के कई गेट खोले गए हैं।

    अब तक 27.7 इंच बारिश, सामान्य से पीछे
    मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक करीब 702.9 मिलीमीटर यानी 27.7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य स्थिति में इस अवधि तक करीब 37.3 इंच बारिश होती है। यानी प्रदेश अभी सामान्य बारिश के आंकड़े से करीब 3.1 इंच पीछे है। सामान्य मानसूनी बारिश का आंकड़ा पूरा करने के लिए सितंबर में अभी करीब 9.6 इंच बारिश की जरूरत बताई गई है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। खासकर पूर्वी और मध्य मध्य प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश हुई है। छतरपुर के राजनगर में करीब 195 मिमी, खजुराहो में 178 मिमी और पन्ना में 164 मिमी बारिश दर्ज की गई। 

    9 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी
    मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। शिवपुरी, गुना, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, छिंदवाड़ा, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा और मंदसौर में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, रतलाम, हरदा, मुरैना, जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, पांढुर्णा, सीधी और सिंगरौली समेत अन्य जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। 

    कुछ इलाकों में अभी भी बारिश कम
    प्रदेश में औसत बारिश सामान्य आंकड़े से पीछे है। वहीं बारिश का वितरण भी एक जैसा नहीं है। कुछ जिलों में लगातार भारी बारिश हो रही है, जबकि इंदौर और उज्जैन संभाग के कई हिस्सों में जलस्रोतों और बांधों की स्थिति अन्य क्षेत्रों की तुलना में कमजोर बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नदियों, नालों और बांधों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जाए। निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी पहले से रखी जाए। मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि बारिश के दौरान प्रशासन किसी भी स्थिति में इंतजार करने के बजाय पहले से तैयारी रखे और जरूरत पड़ते ही तत्काल कार्रवाई करे। 

    ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया
    सीधी जिले में सोन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। केंद्रीय जल आयोग के 4 सितंबर सुबह 6 बजे के बुलेटिन के मुताबिक सोन नदी कोल्दह ब्रिज और चुरहट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कोल्दह ब्रिज पर सोन नदी का जलस्तर 238.30 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का स्तर 238.25 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से 0.05 मीटर ऊपर बह रही है। हालांकि यहां जलस्तर फिलहाल स्थिर है।

    वहीं, चुरहट में सोन नदी का जलस्तर 245.09 मीटर पहुंच गया है। यहां खतरे का स्तर 243 मीटर है। यानी नदी 2.09 मीटर ऊपर बह रही है। राहत की बात यह है कि चुरहट में जलस्तर में गिरावट का रुझान दर्ज किया गया है।

    कलेक्टरों को लगातार निगरानी रखने को कहा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहना होगा। संबंधित जिलों में अधिकारियों को परिस्थितियों का लगातार आकलन करने और जरूरत के मुताबिक तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

    मध्यप्रदेश में मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं, ताकि बारिश के दौरान आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जा सकें।

    कलेक्टर ने अधिकारियों को किया अलर्ट
    सोन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा ने अधिकारियों को दोनों स्थानों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जरूरी तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है। कलेक्टर ने जिले के अमृत सरोवर, बांध, नदियों और चेक डैम की स्थिति की भी जांच करने और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

     

  • अगस्त में सूखा, जन्माष्टमी पर बदला मौसम; इंदौर में रातभर बारिश, 25 दिन में 18 इंच की उम्मीद

    अगस्त में सूखा, जन्माष्टमी पर बदला मौसम; इंदौर में रातभर बारिश, 25 दिन में 18 इंच की उम्मीद

    इंदौर 

    इंदौर में लंबे इंतजार के बाद सितंबर की शुरुआत के साथ मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। गुरुवार आधी रात के बाद से ही शहर में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। जन्माष्टमी पर शुक्रवार सुबह कई इलाकों में तेज बारिश देखने को मिली, हालांकि बाद में बारिश की रफ्तार कुछ धीमी हो गई। शुक्रवार सुबह तक शहर में आधा इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है।

    19 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज
    ताजा आंकड़ों के अनुसार इस सीजन में इंदौर में अब तक कुल 19 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि सीजन का कुल कोटा पूरा करने के लिए शहर को अभी भी लगभग 18 इंच और पानी की जरूरत है। मौसम विशेषज्ञों ने फिलहाल शहर और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश की संभावना जताई है।

    मानसून के 25 दिन बचे
    अगस्त का महीना इंदौर के लिए काफी सूखा साबित हुआ था। पूरे महीने में शहर में केवल 2 इंच के आसपास ही बारिश दर्ज की गई, जिससे कुल बारिश का आंकड़ा सामान्य से पीछे रह गया था। सितंबर में बदले इस मौसम से अब अच्छी बारिश की आस जगी है। जिले में मानसून सीजन के करीब 25 दिन शेष बचे हैं।

    सितंबर में होती है अच्छी बारिश
    इंदौर के ऐतिहासिक आंकड़ों को देखें तो सितंबर में अच्छी बारिश का लंबा इतिहास रहा है। शहर में सितंबर महीने में सर्वाधिक 30 इंच बारिश का ऑल टाइम रिकॉर्ड वर्ष 1954 में बना था। इसके अलावा 20 सितंबर 1987 को महज 24 घंटे के भीतर पौने 7 इंच बारिश दर्ज की गई थी।

    इस बार लंबे समय तक बारिश के आसार
    सामान्य तौर पर इंदौर में सितंबर के महीने में लगभग 8 दिन बारिश होती है। हालांकि इस साल मौसम के मौजूदा मिजाज को देखते हुए विशेषज्ञों का अनुमान है कि शहर में 15 या उससे अधिक दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। 

  • MP में बारिश का रौद्र रूप, बरने-नर्मदा-मंदाकिनी उफान पर; बाणसागर के गेट खुले, कई इलाकों में बाढ़

    MP में बारिश का रौद्र रूप, बरने-नर्मदा-मंदाकिनी उफान पर; बाणसागर के गेट खुले, कई इलाकों में बाढ़

    भोपाल /श्योपुर/सतना
    मध्य प्रदेश में शुक्रवार को भी कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। इंदौर-सीहोर में सुबह से पानी गिर रहा है। भोपाल में रिमझिम के साथ शाजापुर के अकोदिया और श्योपुर में भी बरसात हो रही है।पन्ना में बारिश का पानी होमगार्ड दफ्तर में घुस गया है। सरकारी रिकॉर्ड, महंगे कंप्यूटर और इमरजेंसी राहत सामग्री खराब हो रही है।

    सतना के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। किनारे बसे लोगों और पर्यटकों को ऐहतियात बरतने के समझाइश दी गई है। ओंकारेश्वर में बारिश से नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। बांध के सभी गेट बंद हैं लेकिन आठों टरबाइन से करीब 1896 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। मंडला में नर्मदा नदी उफान पर है। वहीं, छतरपुर-पन्ना और मैहर समेत कई जिलों में बाढ़ के हालात हैं।

    एमपी-छत्तीसगढ़ का संपर्क टूटा

    शहडोल जिले में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है। जैतपुर तहसील क्षेत्र के कोलमी गांव में बरने नदी का जलस्तर बढ़ने से झींक बिजुरी से छत्तीसगढ़ के केल्हारी का संपर्क टूट गया है। प्रशासन और पुलिस ने लोगों को नदी पर बने पुल से आवागमन करने से रोक दिया है। यह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला एक भीतरी मार्ग है।

    पुल के ऊपर बह रहा पानी, पुलिस बल तैनात
    बरने नदी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित है। नदी के एक ओर मध्य प्रदेश का जैतपुर थाना क्षेत्र है, जबकि दूसरी ओर छत्तीसगढ़ का केल्हारी थाना क्षेत्र आता है। नदी में पानी बढ़ने के बाद पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है। पुल के ऊपर पानी होने की स्थिति में लोगों को इसे पार नहीं करने दिया जा रहा है।

    बाणसागर से छोड़ा जा रहा पानी
    लगातार बारिश के बीच बाणसागर बांध का जलस्तर पूर्ण जलभराव स्तर तक पहुंच गया है। 3 सितंबर की सुबह 8 बजे बांध का जलस्तर 341.64 मीटर दर्ज किया गया, जो पूर्ण जलभराव स्तर के बराबर है। बांध से कुल 4241.66 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके लिए आठ रेडियल गेट 2.50 मीटर तक खोले गए हैं। स्पिलवे के आठ गेटों से करीब 4060 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। 

    अब तक 1078.4 मिलीमीटर बारिश
    अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहडोल जिले में 2 सितंबर को औसतन 54.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जैतपुर में सबसे अधिक 99 मिलीमीटर, बुढ़ार में 83, चनौढ़ी में 53, ब्यौहारी में 45, सोहागपुर में 38, जयसिंहनगर में 33 और गोहपारू में 29 मिलीमीटर बारिश हुई। दो सितंबर तक जिले में इस वर्ष कुल 1078.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। जबकि पिछले वर्ष 2 सितंबर तक 945 मिलीमीटर औसत बारिश हुई थी। लगातार बारिश के कारण जिले के कई नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। 

    28 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी
    मौसम विभाग ने प्रदेश के 28 जिलों में अगले 48 घंटे के
    लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले दो दिन तक भोपाल, उज्जैन, सागर, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग में अति भारी या भारी बारिश होने का अनुमान है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि शिवपुरी, गुना, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, नर्मदापुरम में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, छिंदवाड़ा, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा और मंदसौर में भारी बारिश की चेतावनी है।

    इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, रतलाम, हरदा, मुरैना, जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

  • रहवासी इलाकों में अवैध कारोबार पर एक्शन में भेदभाव का आरोप, अरेरा कॉलोनी के मॉल पर कार्रवाई नहीं

    रहवासी इलाकों में अवैध कारोबार पर एक्शन में भेदभाव का आरोप, अरेरा कॉलोनी के मॉल पर कार्रवाई नहीं

    भोपाल 
    राजधानी भोपाल में सीलिंग और नोटिस देने के हो रहे विरोध के बाद नगर निगम ने कार्रवाई रोक दी है। तीन दिन में 190 सीलिंग की गई थी, लेकिन चौथे दिन जीरो यानी, एक भी सीलिंग नहीं की गई। अफसर कार्रवाई करने से बचते रहे। उधर, नगर निगम, नगरीय प्रशासन और रहवासी अपने-अपने तर्क रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पहुंचे हैं।

    याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने बताया, रहवासियों ने अरेरा कॉलोनी के जिन अवैध मॉलों की शिकायतें की थीं, उन पर अब तक सिलिंग की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। दूसरी ओर, नगर निगम छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई कर रहा है। इसे लेकर नाराजगी है। इसलिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर सभी दस्तावेज प्रस्तुत कर निगम की पक्षपात पूर्ण कार्रवाई की मांग की है। ताकि, न्यायालय से दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो सके।

    नगरीय प्रशासन, निगम कमिश्नर भी दिल्ली में रहवासी इलाकों में कारोबार के इस मामले में अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। इसमें निगम मोहलत मांग सकता है। नगरीय आवास एवं प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी दिल्ली में है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार और निगम की ओर से पक्ष रखने के लिए वे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से भी मिले हैं।

    तीन दिन में इतनी हुई थी सीलिंग 31 अगस्त को निगम ने कुल 109 प्रतिष्ठानों को बंद कराया था। 1 सितंबर को संख्या घटकर 61 पर आ गई। वहीं, 2 सितंबर को सिर्फ 20 सीलिंग हुई। कुल आंकड़ा 190 पर पहुंच गया। चौथे दिन 3 सितंबर को शहर में कहीं भी सीलिंग नहीं की गई। अधिकारियों ने बताया कि हाईकोर्ट में जमीन से जुड़े मामलों को लेकर टीम लगी रही। इसलिए सीलिंग की कार्रवाई नहीं की गई।

    मंत्री विजयवर्गीय बोले- भोपाल का मास्टर प्लान जल्दी जारी होगा
    कार्रवाई को लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने माना कि सीलिंग की कार्रवाई से पूरे भोपाल के व्यापारी परेशान हो रहे हैं। विजयवर्गीय ने कहा कि नगरीय प्रशासन विभाग के सभी बड़े अधिकारी फिलहाल दिल्ली में हैं। इस मामले में उच्चतम वकीलों के साथ चर्चा की जाएगी और कोई न कोई ऐसा रास्ता निकाला जाएगा, जिससे भोपाल के लोगों को कोई नुकसान ना हो।

    मंत्री ने कहा कि भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर भी चर्चा चल रही है। इस पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। सीलिंग कार्रवाई के बीच मास्टर प्लान को लेकर सरकार के स्तर पर होने वाली चर्चा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    8 हजार दुकानदारों को दे चुका नोटिस बता दें कि नगर निगम एक महीने के अंदर 8 हजार से ज्यादा नोटिस जारी कर चुका है। पिछले दिनों 24 घंटे के नोटिस दिए गए। इनमें स्पष्ट लिखा कि रहवासी भवन में कमर्शियल एक्टिविटी बंद कर लें, वरना सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में कई प्रतिष्ठानों पर स्वैच्छा से बंद करने के पोस्टर-बैनर भी लगा दिए गए।

    सुप्रीम कोर्ट में चल रहा मामला भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त के पहले सप्ताह में सुनवाई की थी। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को बड़ा झटका देते हुए राज्य सरकार द्वारा गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।

    साथ ही इस मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से दुकान संचालकों को मिले सभी राहत आदेश (स्टे ऑर्डर) निरस्त कर दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि उसके निर्देश पर चल रही जांच में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।

    इस दौरान नगर निगम को कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करना है। इसके चलते ही नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, पिछले चार दिन से व्यापारियों को नोटिस नहीं दिए गए हैं। अफसरों का कहना है कि नोटिस देने के बाद परीक्षण किया जा रहा है।

  • भाजपा नेता चेतन भार्गव ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को दी जन्मदिवस की शुभकामनाएं

    भाजपा नेता चेतन भार्गव ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को दी जन्मदिवस की शुभकामनाएं

    भाजपा नेता चेतन भार्गव ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को दी जन्मदिवस की शुभकामनाएं

    भोपाल
    भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं भोपाल भाजपा के जिला महामंत्री चेतन भार्गव ने भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को जन्मदिवस के अवसर पर आत्मीय शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित की। इस अवसर पर भार्गव ने भगवान श्रीराम एवं इष्टदेव से प्रदेश अध्यक्ष के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की मंगलकामना की।

    चेतन भार्गव ने प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल को धार्मिक चित्र भेंट कर उनका अभिनंदन किया। आत्मीय भेंट के दौरान संगठनात्मक विषयों तथा प्रदेश में भाजपा के विस्तार और जनकल्याणकारी कार्यों को लेकर भी चर्चा हुई।

    संगठन के प्रति समर्पित कार्यकर्ता के रूप में पहचान

    चेतन भार्गव लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक कार्यों से जुड़े हुए हैं और भोपाल में सक्रिय भाजपा नेता के रूप में अपनी अलग पहचान रखते हैं। संगठन के विभिन्न अभियानों, जनसंपर्क कार्यक्रमों और पार्टी की गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। वे बूथ एवं विधानसभा स्तर के संगठनात्मक कार्यों में भी दायित्व निभा चुके हैं। पूर्व में उन्हें लोकसभा एवं विधानसभा प्रभारी सहित विभिन्न संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। 

    भाजपा संगठन में उनकी सक्रियता को देखते हुए मई 2026 में चेतन भार्गव को भाजपा जिला भोपाल का महामंत्री नियुक्त किया गया। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से हुए जिला संगठन के विस्तार में उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया था। 

    हाल ही में पार्टी द्वारा चलाए गए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में भी चेतन भार्गव को भोपाल जिले का प्रभारी दायित्व सौंपा गया, जो संगठन के प्रति उनकी सक्रियता और कार्यक्षमता में पार्टी के विश्वास को दर्शाता है। 

    सामाजिक सरोकारों में भी सक्रिय

    चेतन भार्गव भाजपा के संगठनात्मक दायित्वों के साथ-साथ सामाजिक एवं जनहित के विषयों को लेकर भी सक्रिय रहते हैं। पुराने भोपाल के विभिन्न जनसरोकारों तथा नागरिक समस्याओं से जुड़े मुद्दों में उनकी सहभागिता सामने आती रही है। 

    हेमंत खंडेलवाल को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए चेतन भार्गव ने कहा कि “प्रदेश अध्यक्ष के रूप में हेमंत जी के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश भाजपा संगठन नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। उनके नेतृत्व में संगठन और अधिक सशक्त एवं प्रभावी होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प तथा प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में सफल होगा।”

    इस अवसर पर भार्गव ने प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं सफल संगठनात्मक कार्यकाल की मंगलकामना की।

  • चित्रकूट में बाढ़ के बाद हालात बदतर, सैकड़ों परिवारों का सामान बर्बाद; 709 घरों में लौटी बिजली

    चित्रकूट में बाढ़ के बाद हालात बदतर, सैकड़ों परिवारों का सामान बर्बाद; 709 घरों में लौटी बिजली

     चित्रकूट

    सतना के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के पांच दिन में तीन बार उफान पर आने के बाद अब बाढ़ का पानी उतर चुका है, लेकिन पीछे तबाही छोड़ गया है। गलियों, दुकानों और घरों में मिट्टी और कीचड़ जमा है। कई परिवारों की गृहस्थी बर्बाद हो गई, जबकि दुकानदारों का लाखों का सामान खराब हो गया। अरे भइया, हम तो रजौला से कर्वी तक किए गए अवैध कब्जों के कारण मंदाकिनी नदी के कोप का भाजन साल के 365 दिन बनते हैं। अभी बाढ़ है तो देखिए बरवारा डायवर्जन नहर दो जगह फटने से फसलें जलमग्न हैं। गर्मी में सूखा झेलते हैं। पानी बढ़ा और नहरें ओवरफ्लो हुईं तो फिर नुकसान तय है। मंदाकिनी दोहरी मुसीबत बन गई है। बाढ़ में डुबोती है तो गर्मी में रुलाती है। ये दर्द बंधोइन बंधे के पास बाढ़ की विभीषिका देखने पहुंचे ग्रामीण राजेश कुमार का है।

    यही व्यथा-कथा बंधोइन व आसपास के गांवों के हर ग्रामीण की भी है। कारण, बंधोइन बंधा ही है, जो चित्रकूट की चार पुरानी जल परियोजनाओं के साथ मंदाकिनी के जल को गर्मी में भी बचाए रखता है व 25 हजार एकड़ कृषि भूमि की सिंचित करने में मदद करता है। बाढ़ व सूखे से बचने को बंधोइन से कनकोटा गांव में मंदाकिनी के यमुना में मिलने तक आवश्यकता एक बड़े बांध की है, जो इस क्षेत्र के 60 गांवों को नया जीवन दे सकता है, जिनमें बाढ़ के पानी से अभी त्राहिमाम है। बांध बनने से बाढ़ का संकट खत्म होगा तो गर्मी में सूखा खत्म होगा व सिंचाई के लिए आत्मनिर्भरता आएगी।

    पानी इतनी तेजी से आया, घर और दुकान दोनों नहीं बचा पाई
    आरोग्यधाम में जनरल स्टोर और कपड़ों की दुकान चलाने वाली ममता शर्मा ने बताया कि बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि जरूरी सामान दूसरी मंजिल तक पहुंचाने का समय नहीं मिला। घर और दुकान में रखा सामान पानी और कीचड़ की चपेट में आकर खराब हो गया।

    पुरानी लंका तिराहे पर फुटवियर दुकान चलाने वाले जितेंद्र ने गुरुवार को शटर खोला तो अंदर टूटा काउंटर, बिखरी अलमारी और कीचड़ में सने जूते-चप्पल मिले। उनके मुताबिक करीब 3 लाख रुपए का सामान बर्बाद हुआ है।

    खाना मिल रहा, लेकिन सफाई के लिए पानी नहीं
    बाढ़ प्रभावित लोगों तक प्रशासन, मठ-मंदिरों और स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से भोजन-पानी पहुंचाया जा रहा है। लोगों को राहत व्यवस्था से शिकायत नहीं है, लेकिन अब सबसे बड़ी जरूरत सफाई के पानी की है।

    एमपीटी चौराहे पर चाय-नाश्ते का होटल चलाने वाली पूनम ने बताया कि बाढ़ में काफी सामान बह गया। जो सामान बचा है और होटल में जमा गंदगी, उसे साफ करने के लिए पानी उपलब्ध नहीं है।

    समाजसेवी रामशिरोमणि शर्मा ने बताया कि घरों और होटलों में कीचड़ भरा है। नदी से पानी लाकर सफाई करना संभव नहीं है और नगर परिषद के कर्मचारी भी कई जगह नहीं पहुंच पाए हैं। ऐसे में प्रभावित परिवारों के सामने सफाई की बड़ी चुनौती बनी हुई है।

    मुख्य सड़क साफ, अब गलियों में युद्ध स्तर पर सफाई
    गुरुवार को चित्रकूट की स्थिति में कुछ सुधार नजर आया। बाढ़ के दौरान बंद पड़ी मुख्य सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। सड़क पर जमा कचरा और कीचड़ भी काफी हद तक हटाया जा चुका है।

    जिला प्रशासन का बड़ा अमला पिछले पांच दिनों से चित्रकूट में मौजूद है। राहत और बचाव के बाद अब शहर को सामान्य स्थिति में लाने पर फोकस है। मुख्य सड़क के बाद मोहल्लों और गलियों में सफाई तेज कर दी गई है। कीचड़ हटाने के साथ मलबा उठाया जा रहा है।

    1275 में से 709 घरों की बिजली बहाल
    बाढ़ और बारिश से बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई थी। चित्रकूट वितरण केंद्र के 19 ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए। इनमें से 11 ट्रांसफॉर्मर गुरुवार तक ठीक कर दिए गए, जबकि बाकी 8 पर काम जारी है।

    कुल 1275 प्रभावित उपभोक्ताओं में से 709 की बिजली सप्लाई बहाल हो चुकी है। 566 उपभोक्ताओं के घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं। बारिश और कीचड़ के बीच बिजलीकर्मी नेटवर्क को जल्द सामान्य करने में जुटे हैं।

    पांच दिन बाद निकली धूप, लोगों को मिली उम्मीद
    गुरुवार शाम करीब 4 बजे पांच दिन बाद कुछ देर के लिए सूरज बादलों के पीछे से बाहर आया। लगातार बारिश और बाढ़ के बीच यह धूप लोगों के लिए राहत की खबर बनी। गुरुवार को बारिश नहीं होने से प्रशासन को भी सफाई और बहाली के काम में तेजी लाने का मौका मिला।

     मंदाकिनी में बाढ़ व उसके कारणों को तलाशते चार दिवसीय समाचारीय शृंखला की तीसरी कड़ी में बंधोइन से यमुना के संगम तक 38 किलोमीटर क्षेत्र में की पड़ताल की गई। बंधोइन बंधा युवाओं का बड़ा सेल्फी प्वाइंट भी है। इसलिए यहां दिन भर 50 से युवक रहते ही हैं। इस बंधे के कारण ऊपर पानी रुकने से कर्वी में इंटकवेल, मानिकपुर क्षेत्र में सुदूर फैली विंध्य पर्वतमाला में कभी डकैतों के शरणगाह रहे पाठा के पौने दो लाख कोल आदिवासियों को पानी उपलब्ध कराने वाली झांसी-मीरजापुर हाईवे पर कर्वी पुल घाट के पास वर्ष 1932 में अस्तित्व में आई पाठा जलकल योजना संचालित है।

    बनकट पंप कैनाल से निकली नहरों व बरवारा डायवर्जन नहर से गांवों की 25 हजार एकड़ जमीन सिंचित होती है। हालांकि, बंधा 60 गांवों को बाढ़ की विभीषिका देता है तो गर्मी में इन्हीं गांवों के लिए सूखे के हालात पैदा करता है, क्योंकि तब इतना पानी भी इसके ऊपर से आगे नहीं बढ़ पाता है कि जल धारा भी दिखाई पड़ सके। बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह कहते हैं कि ये बंधा हटाने की मांग यदाकदा उठती है पर इसे हटाना श्रेयष्कर नहीं होगा, क्योंकि तब फिर इसके माध्यम से चल रही चारों जल परियोजनाएं दम तोड़ देंगी।

    गर्मी में नदी का जल आचमन योग्य भी नहीं रहेगा। वर्तमान में बाढ़ का असर इन क्षेत्रों में है। किसान त्राहिमाम कर रहे हैं। बंधोइन माता का मंदिर भी भीषण बाढ़ में इस बार डूब गया था। मान्यता है कि मंदाकिनी की बाढ़ से बंधोइन माता ही रक्षा करती हैं। इससे साफ है कि मंदाकिनी के इस क्षेत्र में तटबंध और मजबूत करने की आवश्यकता है। बड़ा बांध अच्छा विकल्प है।

    चित्रकूट के 84 कोस में ऐसे रुक सकती जलप्रलय
    चित्रकूट के 84 कोस को जलप्रलय से बचाने के लिए डोडामाफी बांध, रसिन, बरुआ, ओहन व गुंता बांधों के साथ बरदहा, शरभंग, वाल्मीकि, झूरी नदियों व पहाड़ी नालों का पानी कुछ और बांध बनाकर संरक्षित करना चाहिए। इससे वर्ष भर मंदाकिनी को जल मिलेगा तो बाढ़ सूखा खत्म होगा।

    बरदहा-शरभंग नदियों पर स्थित शबरी (राघव) जल प्रपात वर्ष भर पानी मिलने से आकर्षण बिखेरता रहेगा। मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर जलभराव रोकने में मदद मिलेगी तो मानिकपुर वाया चित्रकूटधाम कर्वी-बांदा झांसी रेलमार्ग पर मंदाकिनी पुल पर बाढ़ में ट्रेनों की गति धीमी नहीं करनी पड़ेगी।