Category: मध्य प्रदेश

  • रहवासी इलाकों में अवैध कारोबार पर एक्शन में भेदभाव का आरोप, अरेरा कॉलोनी के मॉल पर कार्रवाई नहीं

    रहवासी इलाकों में अवैध कारोबार पर एक्शन में भेदभाव का आरोप, अरेरा कॉलोनी के मॉल पर कार्रवाई नहीं

    भोपाल 
    राजधानी भोपाल में सीलिंग और नोटिस देने के हो रहे विरोध के बाद नगर निगम ने कार्रवाई रोक दी है। तीन दिन में 190 सीलिंग की गई थी, लेकिन चौथे दिन जीरो यानी, एक भी सीलिंग नहीं की गई। अफसर कार्रवाई करने से बचते रहे। उधर, नगर निगम, नगरीय प्रशासन और रहवासी अपने-अपने तर्क रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पहुंचे हैं।

    याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने बताया, रहवासियों ने अरेरा कॉलोनी के जिन अवैध मॉलों की शिकायतें की थीं, उन पर अब तक सिलिंग की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। दूसरी ओर, नगर निगम छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई कर रहा है। इसे लेकर नाराजगी है। इसलिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर सभी दस्तावेज प्रस्तुत कर निगम की पक्षपात पूर्ण कार्रवाई की मांग की है। ताकि, न्यायालय से दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो सके।

    नगरीय प्रशासन, निगम कमिश्नर भी दिल्ली में रहवासी इलाकों में कारोबार के इस मामले में अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। इसमें निगम मोहलत मांग सकता है। नगरीय आवास एवं प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी दिल्ली में है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार और निगम की ओर से पक्ष रखने के लिए वे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से भी मिले हैं।

    तीन दिन में इतनी हुई थी सीलिंग 31 अगस्त को निगम ने कुल 109 प्रतिष्ठानों को बंद कराया था। 1 सितंबर को संख्या घटकर 61 पर आ गई। वहीं, 2 सितंबर को सिर्फ 20 सीलिंग हुई। कुल आंकड़ा 190 पर पहुंच गया। चौथे दिन 3 सितंबर को शहर में कहीं भी सीलिंग नहीं की गई। अधिकारियों ने बताया कि हाईकोर्ट में जमीन से जुड़े मामलों को लेकर टीम लगी रही। इसलिए सीलिंग की कार्रवाई नहीं की गई।

    मंत्री विजयवर्गीय बोले- भोपाल का मास्टर प्लान जल्दी जारी होगा
    कार्रवाई को लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने माना कि सीलिंग की कार्रवाई से पूरे भोपाल के व्यापारी परेशान हो रहे हैं। विजयवर्गीय ने कहा कि नगरीय प्रशासन विभाग के सभी बड़े अधिकारी फिलहाल दिल्ली में हैं। इस मामले में उच्चतम वकीलों के साथ चर्चा की जाएगी और कोई न कोई ऐसा रास्ता निकाला जाएगा, जिससे भोपाल के लोगों को कोई नुकसान ना हो।

    मंत्री ने कहा कि भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर भी चर्चा चल रही है। इस पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। सीलिंग कार्रवाई के बीच मास्टर प्लान को लेकर सरकार के स्तर पर होने वाली चर्चा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    8 हजार दुकानदारों को दे चुका नोटिस बता दें कि नगर निगम एक महीने के अंदर 8 हजार से ज्यादा नोटिस जारी कर चुका है। पिछले दिनों 24 घंटे के नोटिस दिए गए। इनमें स्पष्ट लिखा कि रहवासी भवन में कमर्शियल एक्टिविटी बंद कर लें, वरना सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में कई प्रतिष्ठानों पर स्वैच्छा से बंद करने के पोस्टर-बैनर भी लगा दिए गए।

    सुप्रीम कोर्ट में चल रहा मामला भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त के पहले सप्ताह में सुनवाई की थी। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को बड़ा झटका देते हुए राज्य सरकार द्वारा गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।

    साथ ही इस मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से दुकान संचालकों को मिले सभी राहत आदेश (स्टे ऑर्डर) निरस्त कर दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि उसके निर्देश पर चल रही जांच में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।

    इस दौरान नगर निगम को कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करना है। इसके चलते ही नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, पिछले चार दिन से व्यापारियों को नोटिस नहीं दिए गए हैं। अफसरों का कहना है कि नोटिस देने के बाद परीक्षण किया जा रहा है।

  • भाजपा नेता चेतन भार्गव ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को दी जन्मदिवस की शुभकामनाएं

    भाजपा नेता चेतन भार्गव ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को दी जन्मदिवस की शुभकामनाएं

    भाजपा नेता चेतन भार्गव ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को दी जन्मदिवस की शुभकामनाएं

    भोपाल
    भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं भोपाल भाजपा के जिला महामंत्री चेतन भार्गव ने भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को जन्मदिवस के अवसर पर आत्मीय शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित की। इस अवसर पर भार्गव ने भगवान श्रीराम एवं इष्टदेव से प्रदेश अध्यक्ष के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की मंगलकामना की।

    चेतन भार्गव ने प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल को धार्मिक चित्र भेंट कर उनका अभिनंदन किया। आत्मीय भेंट के दौरान संगठनात्मक विषयों तथा प्रदेश में भाजपा के विस्तार और जनकल्याणकारी कार्यों को लेकर भी चर्चा हुई।

    संगठन के प्रति समर्पित कार्यकर्ता के रूप में पहचान

    चेतन भार्गव लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक कार्यों से जुड़े हुए हैं और भोपाल में सक्रिय भाजपा नेता के रूप में अपनी अलग पहचान रखते हैं। संगठन के विभिन्न अभियानों, जनसंपर्क कार्यक्रमों और पार्टी की गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। वे बूथ एवं विधानसभा स्तर के संगठनात्मक कार्यों में भी दायित्व निभा चुके हैं। पूर्व में उन्हें लोकसभा एवं विधानसभा प्रभारी सहित विभिन्न संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। 

    भाजपा संगठन में उनकी सक्रियता को देखते हुए मई 2026 में चेतन भार्गव को भाजपा जिला भोपाल का महामंत्री नियुक्त किया गया। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से हुए जिला संगठन के विस्तार में उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया था। 

    हाल ही में पार्टी द्वारा चलाए गए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में भी चेतन भार्गव को भोपाल जिले का प्रभारी दायित्व सौंपा गया, जो संगठन के प्रति उनकी सक्रियता और कार्यक्षमता में पार्टी के विश्वास को दर्शाता है। 

    सामाजिक सरोकारों में भी सक्रिय

    चेतन भार्गव भाजपा के संगठनात्मक दायित्वों के साथ-साथ सामाजिक एवं जनहित के विषयों को लेकर भी सक्रिय रहते हैं। पुराने भोपाल के विभिन्न जनसरोकारों तथा नागरिक समस्याओं से जुड़े मुद्दों में उनकी सहभागिता सामने आती रही है। 

    हेमंत खंडेलवाल को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए चेतन भार्गव ने कहा कि “प्रदेश अध्यक्ष के रूप में हेमंत जी के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश भाजपा संगठन नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। उनके नेतृत्व में संगठन और अधिक सशक्त एवं प्रभावी होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प तथा प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में सफल होगा।”

    इस अवसर पर भार्गव ने प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं सफल संगठनात्मक कार्यकाल की मंगलकामना की।

  • चित्रकूट में बाढ़ के बाद हालात बदतर, सैकड़ों परिवारों का सामान बर्बाद; 709 घरों में लौटी बिजली

    चित्रकूट में बाढ़ के बाद हालात बदतर, सैकड़ों परिवारों का सामान बर्बाद; 709 घरों में लौटी बिजली

     चित्रकूट

    सतना के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के पांच दिन में तीन बार उफान पर आने के बाद अब बाढ़ का पानी उतर चुका है, लेकिन पीछे तबाही छोड़ गया है। गलियों, दुकानों और घरों में मिट्टी और कीचड़ जमा है। कई परिवारों की गृहस्थी बर्बाद हो गई, जबकि दुकानदारों का लाखों का सामान खराब हो गया। अरे भइया, हम तो रजौला से कर्वी तक किए गए अवैध कब्जों के कारण मंदाकिनी नदी के कोप का भाजन साल के 365 दिन बनते हैं। अभी बाढ़ है तो देखिए बरवारा डायवर्जन नहर दो जगह फटने से फसलें जलमग्न हैं। गर्मी में सूखा झेलते हैं। पानी बढ़ा और नहरें ओवरफ्लो हुईं तो फिर नुकसान तय है। मंदाकिनी दोहरी मुसीबत बन गई है। बाढ़ में डुबोती है तो गर्मी में रुलाती है। ये दर्द बंधोइन बंधे के पास बाढ़ की विभीषिका देखने पहुंचे ग्रामीण राजेश कुमार का है।

    यही व्यथा-कथा बंधोइन व आसपास के गांवों के हर ग्रामीण की भी है। कारण, बंधोइन बंधा ही है, जो चित्रकूट की चार पुरानी जल परियोजनाओं के साथ मंदाकिनी के जल को गर्मी में भी बचाए रखता है व 25 हजार एकड़ कृषि भूमि की सिंचित करने में मदद करता है। बाढ़ व सूखे से बचने को बंधोइन से कनकोटा गांव में मंदाकिनी के यमुना में मिलने तक आवश्यकता एक बड़े बांध की है, जो इस क्षेत्र के 60 गांवों को नया जीवन दे सकता है, जिनमें बाढ़ के पानी से अभी त्राहिमाम है। बांध बनने से बाढ़ का संकट खत्म होगा तो गर्मी में सूखा खत्म होगा व सिंचाई के लिए आत्मनिर्भरता आएगी।

    पानी इतनी तेजी से आया, घर और दुकान दोनों नहीं बचा पाई
    आरोग्यधाम में जनरल स्टोर और कपड़ों की दुकान चलाने वाली ममता शर्मा ने बताया कि बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि जरूरी सामान दूसरी मंजिल तक पहुंचाने का समय नहीं मिला। घर और दुकान में रखा सामान पानी और कीचड़ की चपेट में आकर खराब हो गया।

    पुरानी लंका तिराहे पर फुटवियर दुकान चलाने वाले जितेंद्र ने गुरुवार को शटर खोला तो अंदर टूटा काउंटर, बिखरी अलमारी और कीचड़ में सने जूते-चप्पल मिले। उनके मुताबिक करीब 3 लाख रुपए का सामान बर्बाद हुआ है।

    खाना मिल रहा, लेकिन सफाई के लिए पानी नहीं
    बाढ़ प्रभावित लोगों तक प्रशासन, मठ-मंदिरों और स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से भोजन-पानी पहुंचाया जा रहा है। लोगों को राहत व्यवस्था से शिकायत नहीं है, लेकिन अब सबसे बड़ी जरूरत सफाई के पानी की है।

    एमपीटी चौराहे पर चाय-नाश्ते का होटल चलाने वाली पूनम ने बताया कि बाढ़ में काफी सामान बह गया। जो सामान बचा है और होटल में जमा गंदगी, उसे साफ करने के लिए पानी उपलब्ध नहीं है।

    समाजसेवी रामशिरोमणि शर्मा ने बताया कि घरों और होटलों में कीचड़ भरा है। नदी से पानी लाकर सफाई करना संभव नहीं है और नगर परिषद के कर्मचारी भी कई जगह नहीं पहुंच पाए हैं। ऐसे में प्रभावित परिवारों के सामने सफाई की बड़ी चुनौती बनी हुई है।

    मुख्य सड़क साफ, अब गलियों में युद्ध स्तर पर सफाई
    गुरुवार को चित्रकूट की स्थिति में कुछ सुधार नजर आया। बाढ़ के दौरान बंद पड़ी मुख्य सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। सड़क पर जमा कचरा और कीचड़ भी काफी हद तक हटाया जा चुका है।

    जिला प्रशासन का बड़ा अमला पिछले पांच दिनों से चित्रकूट में मौजूद है। राहत और बचाव के बाद अब शहर को सामान्य स्थिति में लाने पर फोकस है। मुख्य सड़क के बाद मोहल्लों और गलियों में सफाई तेज कर दी गई है। कीचड़ हटाने के साथ मलबा उठाया जा रहा है।

    1275 में से 709 घरों की बिजली बहाल
    बाढ़ और बारिश से बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई थी। चित्रकूट वितरण केंद्र के 19 ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए। इनमें से 11 ट्रांसफॉर्मर गुरुवार तक ठीक कर दिए गए, जबकि बाकी 8 पर काम जारी है।

    कुल 1275 प्रभावित उपभोक्ताओं में से 709 की बिजली सप्लाई बहाल हो चुकी है। 566 उपभोक्ताओं के घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं। बारिश और कीचड़ के बीच बिजलीकर्मी नेटवर्क को जल्द सामान्य करने में जुटे हैं।

    पांच दिन बाद निकली धूप, लोगों को मिली उम्मीद
    गुरुवार शाम करीब 4 बजे पांच दिन बाद कुछ देर के लिए सूरज बादलों के पीछे से बाहर आया। लगातार बारिश और बाढ़ के बीच यह धूप लोगों के लिए राहत की खबर बनी। गुरुवार को बारिश नहीं होने से प्रशासन को भी सफाई और बहाली के काम में तेजी लाने का मौका मिला।

     मंदाकिनी में बाढ़ व उसके कारणों को तलाशते चार दिवसीय समाचारीय शृंखला की तीसरी कड़ी में बंधोइन से यमुना के संगम तक 38 किलोमीटर क्षेत्र में की पड़ताल की गई। बंधोइन बंधा युवाओं का बड़ा सेल्फी प्वाइंट भी है। इसलिए यहां दिन भर 50 से युवक रहते ही हैं। इस बंधे के कारण ऊपर पानी रुकने से कर्वी में इंटकवेल, मानिकपुर क्षेत्र में सुदूर फैली विंध्य पर्वतमाला में कभी डकैतों के शरणगाह रहे पाठा के पौने दो लाख कोल आदिवासियों को पानी उपलब्ध कराने वाली झांसी-मीरजापुर हाईवे पर कर्वी पुल घाट के पास वर्ष 1932 में अस्तित्व में आई पाठा जलकल योजना संचालित है।

    बनकट पंप कैनाल से निकली नहरों व बरवारा डायवर्जन नहर से गांवों की 25 हजार एकड़ जमीन सिंचित होती है। हालांकि, बंधा 60 गांवों को बाढ़ की विभीषिका देता है तो गर्मी में इन्हीं गांवों के लिए सूखे के हालात पैदा करता है, क्योंकि तब इतना पानी भी इसके ऊपर से आगे नहीं बढ़ पाता है कि जल धारा भी दिखाई पड़ सके। बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह कहते हैं कि ये बंधा हटाने की मांग यदाकदा उठती है पर इसे हटाना श्रेयष्कर नहीं होगा, क्योंकि तब फिर इसके माध्यम से चल रही चारों जल परियोजनाएं दम तोड़ देंगी।

    गर्मी में नदी का जल आचमन योग्य भी नहीं रहेगा। वर्तमान में बाढ़ का असर इन क्षेत्रों में है। किसान त्राहिमाम कर रहे हैं। बंधोइन माता का मंदिर भी भीषण बाढ़ में इस बार डूब गया था। मान्यता है कि मंदाकिनी की बाढ़ से बंधोइन माता ही रक्षा करती हैं। इससे साफ है कि मंदाकिनी के इस क्षेत्र में तटबंध और मजबूत करने की आवश्यकता है। बड़ा बांध अच्छा विकल्प है।

    चित्रकूट के 84 कोस में ऐसे रुक सकती जलप्रलय
    चित्रकूट के 84 कोस को जलप्रलय से बचाने के लिए डोडामाफी बांध, रसिन, बरुआ, ओहन व गुंता बांधों के साथ बरदहा, शरभंग, वाल्मीकि, झूरी नदियों व पहाड़ी नालों का पानी कुछ और बांध बनाकर संरक्षित करना चाहिए। इससे वर्ष भर मंदाकिनी को जल मिलेगा तो बाढ़ सूखा खत्म होगा।

    बरदहा-शरभंग नदियों पर स्थित शबरी (राघव) जल प्रपात वर्ष भर पानी मिलने से आकर्षण बिखेरता रहेगा। मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर जलभराव रोकने में मदद मिलेगी तो मानिकपुर वाया चित्रकूटधाम कर्वी-बांदा झांसी रेलमार्ग पर मंदाकिनी पुल पर बाढ़ में ट्रेनों की गति धीमी नहीं करनी पड़ेगी।

  • ‘घर-घर गोकुल, घर-घर गोपाल’ से गूंजेगा MP, 111 जगहों पर आयोजन; CM निवास में दिखेगा खास नजारा

    ‘घर-घर गोकुल, घर-घर गोपाल’ से गूंजेगा MP, 111 जगहों पर आयोजन; CM निवास में दिखेगा खास नजारा

    भोपाल 

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को पूरा मध्यप्रदेश कृष्ण भक्ति में रंगा नजर आएगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को जन-जन का पर्व बनाने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग के श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की ओर से प्रदेशभर में व्यापक ‘श्रीकृष्ण पर्व’ आयोजित होंगे। 

    ‘घर-घर गोकुल, घर-घर गोपाल’ की संकल्पना के साथ 55 जिलों के 111 स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। प्रदेश के 7500 से अधिक श्रीकृष्ण मंदिरों में विशेष साज-सज्जा की जाएगी।

    इस आयोजन में 1500 से अधिक स्थानीय कलाकार भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, लोक परंपराओं और जीवन दर्शन पर आधारित प्रस्तुतियां देंगे।

    नृत्य-नाटिका, रासलीला, भजन, लोकगायन और शास्त्रीय नृत्य के जरिए कृष्ण के जीवन के अलग-अलग प्रसंग मंच पर जीवंत किए जाएंगे। प्रदेश के 82 मंदिरों में विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तावित हैं।

    मुख्यमंत्री निवास में 101 बच्चे बनेंगे राधा-कृष्ण

    ‘श्रीकृष्ण पर्व’ का विशेष आयोजन मुख्यमंत्री निवास पर होगा। यहां 101 से अधिक बच्चे राधा-कृष्ण की वेशभूषा में शामिल होंगे। जन्मोत्सव के दौरान मटकी फोड़ कार्यक्रम भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बच्चों को माखन-मिश्री, लड्डू गोपाल की मूर्ति और श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर केंद्रित पुस्तक भेंट करेंगे।

    कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव महू के जानापाव में परशुराम-श्रीकृष्ण लोक का भूमिपूजन करेंगे। जानापाव में भगवान परशुराम द्वारा श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्रदान किए जाने के प्रसंग पर आधारित नृत्य-नाटिका भी होगी। यहां श्रीकृष्ण और भगवान परशुराम से जुड़े प्रसंगों पर प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।

    भोपाल में इस्कॉन पटेल नगर में जन्माष्टमी का भव्य आयोजन
    भोपाल में इस्कॉन पटेल नगर, हरे कृष्ण लैंड, रायसेन रोड पर शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव आयोजित होगा। आयोजकों के अनुसार यहां करीब एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भगवान श्री श्री गौर राधा वल्लभ जी के विशेष दर्शन और भव्य श्रृंगार के साथ मंदिर को जैसलमेर की पारंपरिक थीम पर सजाया जा रहा है।

    मंदिर की सजावट में थाईलैंड से मंगाए गए विशेष ऑर्किड फूलों का उपयोग किया जाएगा। पूरे आयोजन के दौरान हरे कृष्ण महामंत्र का निरंतर कीर्तन होगा। श्रीकृष्ण कथा के साथ भक्तिमय नाट्य प्रस्तुति ‘रुक्मिणी कल्याणम्’ भी मुख्य आकर्षण रहेगी। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

    उज्जैन के नारायणा धाम में पांच दिन कृष्ण कथा और रासलीला
    उज्जैन के नारायणा धाम मंदिर परिसर में 2 से 6 सितंबर तक पांच दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन हो रहा है। यहां श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता, गुरु सांदीपनि आश्रम, माखन चोरी, जन्म एवं बाल लीला और गीता उपदेश जैसे प्रसंगों पर नृत्य-नाटिकाएं होंगी। भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी, भजन और रासलीला के जरिए भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं प्रस्तुत की जाएंगी।

    वहीं उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में 2 से 4 सितंबर तक गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित कार्यक्रम होंगे। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा महर्षि सांदीपनि से शिक्षा ग्रहण करने और 64 कलाओं व 14 विद्याओं का ज्ञान प्राप्त करने की परंपरा को नृत्य-नाटिका के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।

    पन्ना, अमझेरा और महिदपुर में कृष्ण के अलग-अलग प्रसंग
    पन्ना के श्री बलदेवजी मंदिर में बलदेव-श्रीकृष्ण प्रसंग पर नृत्य-नाटिका और भजन होंगे। श्री जुगल किशोर मंदिर में श्रीकृष्ण नृत्य-नाटिका, भक्ति गायन और प्रणामी परंपरा पर आधारित भरतनाट्यम प्रस्तुत किया जाएगा। धार के अमझेरा में 3 और 4 सितंबर को श्रीकृष्ण लीला तथा रुक्मिणी वरण एवं विवाह प्रसंग पर नृत्य-नाटिकाएं होंगी। महिदपुर में राधा-कृष्ण प्रेम, भक्ति गायन, बुंदेली लोकगायन और श्रीकृष्ण जन्म पर आधारित प्रस्तुतियां होंगी।

    अलग-अलग अंचलों की लोक संस्कृति भी दिखेगी
    प्रदेश के पाली, शहडोल, मंडला, दमोह, रीवा, खातेगांव सहित कई स्थानों पर एक दिवसीय कार्यक्रम होंगे। मथुरा प्रवेश, गोवर्धन धारण, सुदामा मिलन और कालियानाग मानमर्दन जैसे प्रसंगों को नृत्य-नाटिका और लोक प्रस्तुतियों के जरिए मंचित किया जाएगा। ग्वालियर, रायसेन, गुना, छतरपुर, शिवपुरी, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, मुरैना, राजगढ़, इंदौर सहित कई जिलों में 4 सितंबर की शाम कृष्ण केंद्रित सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।

    स्थानीय कलाकारों को मिला बड़ा मंच
    ‘श्रीकृष्ण पर्व’ की खासियत यह है कि इसमें बड़े कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकारों की भी व्यापक भागीदारी रखी गई है। खरगौन, बड़वानी, खंडवा, राजगढ़, बैतूल, सीहोर, भोपाल, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, नीमच, रायसेन, सागर, सतना, रीवा, सिंगरौली, सीधी, कटनी, छिंदवाड़ा, धार, देवास, नरसिंहपुर, उमरिया, बालाघाट, शहडोल, अनूपपुर, मंडला, डिंडोरी, बुरहानपुर, निवाड़ी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों के कलाकार प्रस्तुतियां देंगे।

    संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण भारतीय जीवन-दर्शन, संस्कृति और मानवीय मूल्यों के प्रतीक हैं। मध्यप्रदेश का भी श्रीकृष्ण से गहरा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहा है।

    ‘श्रीकृष्ण पर्व’ के माध्यम से नई पीढ़ी को प्रदेश की इस विरासत और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

    श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीराम तिवारी के अनुसार इस बार आयोजन स्थलों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। सांदीपनि आश्रम, नारायणा धाम, अमझेरा, जानापाव और जामगढ़ जैसे ऐतिहासिक-पौराणिक स्थलों के साथ प्रदेश के विभिन्न अंचलों के धार्मिक केंद्रों को भी आयोजन से जोड़ा गया है। उद्देश्य श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंगों के साथ स्थानीय लोक और सांस्कृतिक परंपराओं को भी व्यापक मंच देना है।

    एक नजर देखें

        इस्कॉन मंदिर: पटेल नगर, बरखेड़ा और बैरागढ़ स्थित इस्कॉन मंदिरों में जन्माष्टमी के कार्यक्रम होंगे। दिनभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे।

        गोपाल मंदिर में हुआ लड्डू गोपाल का अभिषेक: टीला जमालपुरा स्थित गोपाल मंदिर में लड्डू गोपाल का अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद विशेष शृंगार दर्शन और भजन हुए।

        बांके बिहारी मंदिर में देर रात तक कार्यक्रम: मारवाड़ी रोड स्थित बांके बिहारी मंदिर में रात 1 बजे तक जन्माष्टमी के कार्यक्रम चलते रहेंगे।

        देर रात तक मंदिरों में लगी रही भीड़: कृष्ण जन्मोत्सव के बाद करुणा धाम, चौक स्थित श्रीजी मंदिर, बरखेड़ा के अहीर समाज मंदिर समेत शहर के अन्य मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रहेगी।

        बिड़ला मंदिर में भी उमड़े थे श्रद्धालु: जन्माष्टमी की रात बिड़ला मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे और देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहा।

  • MP के इंजीनियर की करोड़ों की संपत्ति ने चौंकाया, EOW रेड में 11 करोड़ का खुलासा; 3 शहरों में जांच जारी

    MP के इंजीनियर की करोड़ों की संपत्ति ने चौंकाया, EOW रेड में 11 करोड़ का खुलासा; 3 शहरों में जांच जारी

    बालाघाट
    बालाघाट में पदस्थ लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यपालन यंत्री कमल किशोर सिंगारे के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईओडब्ल्यू की टीम ने उनके तीन ठिकानों बालाघाट, भोपाल और छिंदवाड़ा में एक साथ छापामार कार्रवाई की। उनके घर और संपत्तियों की जांच के दौरान 11 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का आकलन किया गया है। हालांकि, यह आंकड़ा और बढ़ सकता है, क्योंकि अभी उनके बैंक लॉकर और 12 बैंक खातों की जांच जारी है।  

    सिविल कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने की थी मामले की शिकायत
    केके सिंगारे करीब 14 महीने से बालाघाट में कार्यपालन यंत्री के पद पर कार्यरत थे। उन पर ठेकेदारों से निर्माण कार्य के बिल के भुगतान में कमीशन लेने का आरोप लगाया गया था। सिविल कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने भी इस संबंध में प्रशासन और विभागीय अधिकारियों को शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद संगठन के महासचिव यूनुस खान ने 13 जुलाई को EOW में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 30 लाख रुपये के भुगतान के बदले 10 लाख रुपये कमीशन की मांग की गई। इसके बाद गुरुवार को ईओडब्ल्यू ने केके सिंगारे के बालाघाट स्थित सरकारी आवास, छिंदवाड़ा स्थित निजी आवास और भोपाल स्थित निजी आवास पर एक साथ छापामार कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान चल और अचल संपत्ति को मिलाकर करीब 11 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का आकलन किया जा रहा है। हालांकि, अभी लॉकर और बैंक खातों की जांच जारी है। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि उनके पास कुल कितनी संपत्ति अर्जित की गई है।

    छिंदवाड़ा में करोड़ों की संपत्ति मिली
    बालाघाट में कार्रवाई के बाद EOW की टीम उन्हें छिंदवाड़ा स्थित आवास ले गई। वहां EOW को एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और उनके रिश्तेदारों के नाम से करोड़ों रुपए की संपत्ति मिली। छिंदवाड़ा स्थित आवास से 3 करोड़ रुपए की जमीन और मकान, 7.50 लाख रुपए नकद, 1 करोड़ रुपए के घरेलू सामान, 52 लाख रुपए के सोने के गहने, 1.20 लाख रुपए के चांदी के गहने, 49 लाख रुपए के दो चार पहिया वाहन, 4 लाख रुपए के तीन दोपहिया वाहन और 1.50 करोड़ रुपए का शॉपिंग कॉम्प्लेक्स मिला है।

    अभी तक 11 करोड़ से अधिक की संपत्ति का आकलन
    ईओडब्ल्यू की कार्रवाई में कार्यपालन यंत्री के घर से मिली चल-अचल संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 11 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। छिंदवाड़ा में मिली संपत्ति: करीब 3 करोड़ रुपये का मकान और जमीन के कागजात, 7.50 लाख रुपये नकद, करीब 1 करोड़ रुपये के घरेलू सामान, 52 लाख रुपये के सोने के गहने, 1.20 लाख रुपये के चांदी के गहने, 49 लाख रुपये के दो चार पहिया वाहन, 4 लाख रुपये के तीन दोपहिया वाहन, 1.50 करोड़ रुपये का शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, 2 करोड़ रुपये की जमीन और निर्माण, छत पर स्विमिंग पूल, 8 लाख रुपये का ट्रैक्टर, 1.50 लाख रुपये की ट्रॉली और 5 लाख रुपये के कृषि उपकरण।

        बालाघाट में मिली संपत्ति- 2.5 लाख रुपये नकद और करीब 25 लाख रुपये का फोर व्हीलर वाहन।

        भोपाल में मिली संपत्ति- 2 करोड़ रुपये की जमीन और मकान तथा 3.50 लाख रुपये के घरेलू सामान।

    इसके अलावा उनके परिवार और उनके नाम से संचालित 12 बैंक खातों की जांच जारी है। बैंक लॉकर की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कुल संपत्ति और कथित अनुपातहीन संपत्ति का अंतिम आकलन स्पष्ट हो सकेगा। 

    12 बैंक खाते और फार्म हाउस भी जांच के दायरे में
    इसके अलावा, कमलकिशोर सिंगारे और उनके परिवार के नाम से अलग-अलग बैंकों में 12 खाते मिले हैं। EOW इन खातों में जमा राशि की जानकारी जुटा रही है। छिंदवाड़ा के फार्म हाउस में 2 करोड़ रुपए जमीन और निर्माण पर खर्च किए जाने की जानकारी मिली है। फार्म हाउस की छत पर स्विमिंग पूल भी बना है। यहां से 8 लाख रुपए का महिंद्रा ट्रैक्टर, 1.50 लाख रुपए की ट्रॉली और 5 लाख रुपए के अन्य कृषि उपकरण मिले हैं।

    बैंक खातों और लॉकर की भी जांच जारी
    EOW डीएसपी मंजीत सिंह ने बताया कि जांच अभी जारी है। टीम अन्य संपत्तियों, बैंक खातों और लॉकरों की भी जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि आगे की जांच में और भी संपत्तियों का खुलासा होने की संभावना है।

    भोपाल आवास से 2 करोड़ की संपत्ति मिली
    भोपाल स्थित आवास से 2 करोड़ रुपए की जमीन और मकान तथा 3.50 लाख रुपए के घरेलू सामान की इवेंट्री मिली है। EOW के अनुसार, अब तक की जांच में कुल 11 करोड़ रुपए की संपत्ति सामने आई है। सर्च अभी जारी है, इसलिए कार्रवाई के दौरान और संपत्ति मिलने की संभावना है।

    EOW ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्यपालन यंत्री कमलकिशोर सिंगारे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़ा ऐलान, ‘हनुमान अंश’ के गायक लोधी को सरकार देगी प्रोत्साहन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़ा ऐलान, ‘हनुमान अंश’ के गायक लोधी को सरकार देगी प्रोत्साहन

    फ़िल्म "हनुमान अंश" के गायक लोधी को करेगी राज्य सरकार प्रोत्साहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिलने मुख्यमंत्री निवास पहुंचे युवा बुंदेली गायक

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुरूवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) उदीयमान युवा बुंदेली गायक सागर निवासी सुनील लोधी ने भेंट की। जन्म से ही दृष्टिबाधित लोधी ने हाल ही में रिलीज हुई फिल्म "हनुमान अंश" के लिए बुंदेली में गीत गाया है, जो तेजी से लोकप्रिय हुआ है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोधी को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शाबासी देते हुए राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग देने की बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा श्रेष्ठ कलाकारों को आगे बढ़ने के लिए अधिक से अधिक अवसर देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। कलाकारों के प्रोत्साहन के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर सुनील लोधी और उनके माता पिता का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि दृष्टिबाधित युवा गायक लोधी को एक लाख रुपए की सम्मान निधि भी प्रदान की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोधी की आंखों की रोशनी लाने के लिए भी आवश्यक सहयोग देने की बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चूंकि बाल्यकाल से गायन क्षेत्र में लोधी की अभिरूचि है, इस नाते उन्हें संगीत विद्यालय से औपचारिक संगीत पाठ्यक्रम पूर्ण करने के लिए भी सहयोग दिया जाएगा। टैलेन्ट सर्च जैसे कार्यक्रम चलाकर ऐसे होनहार गायकों को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुलाकात के अवसर पर सुनील लोधी के पिता महेन्द्र सिंह लोधी और माता श्रीमती भाग बाई के साथ ही संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी, डिजिटल बुंदेली बौछार के सचिन चौधरी और गायक लोधी के मित्रगण उपस्थित थे।

    गीत और भजन भी सुनाए

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गायक सुनील लोधी ने फिल्म "हनुमान अंश" के लोकप्रिय हुए गीत " मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई" को तंबूरा बजाते हुए सुनाया। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आग्रह पर भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव पर गाया जाने वाला भजन "जन्म लए रघुराई, ब्रज में बज रही बधाई" भी गाकर सुनाया।

     

  • श्वेता का प्लान B फेल या कामयाब? हनीट्रैप-2 में सबसे बड़े सबूत की तलाश में पुलिस

    श्वेता का प्लान B फेल या कामयाब? हनीट्रैप-2 में सबसे बड़े सबूत की तलाश में पुलिस

    इंदौर 

    हनीट्रैप-2 को अंजाम देने की आरोपी श्वेता जैन ने अपने नए अपराध का पैटर्न भी पहले हनीट्रैप कांड की तरह ही रखा। हालांकि, इस बार वह पहले से सतर्क थी। श्वेता को अंदेशा था कि वह दोबारा पुलिस के शिकंजे में आ सकती है। यही वजह है कि उसने गिरफ्तारी की स्थिति के लिए एक बी-प्लान भी तैयार कर रखा था, ताकि उसके खिलाफ ज्यादा सबूत न मिल सकें और उसे जल्द जमानत मिल सके।

    हनीट्रैप-2 से जुड़ी कथित रिकॉर्डिंग और कैमरा पुलिस अब तक बरामद नहीं कर पाई है। कोर्ट में पेश किए गए चालान के अनुसार, पुलिस को श्वेता के घर से पेन, स्पाई कैमरे और मेमोरी कार्ड मिले हैं, लेकिन इनमें कथित तौर पर ज्यादा रिकॉर्डिंग नहीं मिली है। हनीट्रैप-2 के दौरान किन-किन रसूखदार लोगों को निशाना बनाया गया, यह अब भी रहस्य बना हुआ है। श्वेता और रेशू की गिरफ्तारी के बाद अब तक केवल एक ठेकेदार ही हनीट्रैप का शिकार होने की बात सामने आई है। अन्य किसी कथित पीड़ित ने अब तक पुलिस से संपर्क नहीं किया है।

    पहले आरती, अब रेशू को बनाया मोहरा
    हनीट्रैप मामले की मुख्य आरोपियों में शामिल श्वेता जैन मूल रूप से सागर की रहने वाली है। पहले हनीट्रैप मामले में उसके साथ आरती दयाल थी। आरोप है कि आरती ने इंदौर के इंजीनियर हरभजन सिंह को अपने जाल में फंसाया था। मामले में रुपये वसूलने और नगर निगम के ठेके दिलवाने जैसे आरोप भी सामने आए थे। 

    गिरफ्तारी के बाद आरती ने श्वेता से दूरी बना ली। इसके बाद श्वेता को रेशू का साथ मिला। पुलिस ने रेशू के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की है। बताया जा रहा है कि उसने मस्कट से पढ़ाई की और वहां एक युवक से शादी भी की थी। बाद में विवाद के बाद वह भारत लौट आई। इसके बाद श्वेता और रेशू के बीच नजदीकियां बढ़ीं और रेशू कथित तौर पर गिरोह से जुड़ गई। पुलिस के अनुसार, हनीट्रैप-2 में रेशू की भूमिका ठेकेदारों और रसूखदार लोगों को निशाना बनाने की थी।

    क्या था हनीट्रैप-वन?
    करीब पांच साल पहले सामने आए हनीट्रैप मामले में श्वेता जैन, आरती दयाल और अन्य युवतियों पर प्रदेश के कई बड़े अफसरों और नेताओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाने के आरोप लगे थे। आरोप था कि इन वीडियो का इस्तेमाल कर लोगों से रुपये वसूलने, ठेके हासिल करने और अन्य काम करवाने का दबाव बनाया जाता था। 

    इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत के बाद मामले का खुलासा हुआ था। जांच के दौरान यह भी सामने आया था कि गिरफ्तारी से पहले गिरोह ने कुछ वीडियो और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री अलग-अलग जगहों पर रखी थी। बाद में कुछ कथित वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आए थे।

    क्या है हनीट्रैप-2?
    हनीट्रैप-2 में श्वेता और रेशू पर इंदौर, उज्जैन समेत अन्य शहरों के रसूखदार लोगों को निशाना बनाने के आरोप हैं। जांच में यह बात भी सामने आई है कि पहले मामले से सबक लेते हुए इस बार कथित तौर पर बड़े अफसरों से दूरी बनाई गई। आरोप है कि इस बार गिरोह ने खासतौर पर शराब ठेकेदारों और सरकारी ठेके लेने वाले लोगों को निशाना बनाया। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों, इलेक्ट्रॉनिक सबूतों और कथित पीड़ितों की जानकारी जुटाने में लगी है।

  • Power Generating Company की बड़ी उपलब्धि, पहली बार सफल रही ‘Black Start Mock Drill’

    Power Generating Company की बड़ी उपलब्धि, पहली बार सफल रही ‘Black Start Mock Drill’

    पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने पहली बार सफलतापूर्वक किया ‘ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल’

    सतपुड़ा ताप विद्युत गृह और इंदिरा सागर जल विद्युत परियोजना का संयुक्त अभ्यास
    ब्लैकआउट के बाद बिजली बहाली की क्षमता को परखा 

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) ने अपने इतिहास में पहली बार ‘ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल’ को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी और इंदिरा सागर जल विद्युत गृह परियोजना, खंडवा के संयुक्त अभ्यास में संभावित पूर्ण अथवा आंशिक ब्लैकआउट के बाद विद्युत उत्पादन प्रणाली को सुरक्षित एवं चरणबद्ध तरीके से पुनः संचालित करने की तैयारियों का परीक्षण किया गया।

    यह महत्वपूर्ण तकनीकी अभ्यास भारतीय विद्युत ग्रिड संहिता (IEGC)-2023 के प्रावधानों के अनुरूप आयोजित किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान आपातकालीन स्थिति में विद्युत ग्रिड के पुनर्बहाली तंत्र, विभिन्न संस्थानों के बीच समन्वय, संचार व्यवस्था तथा निर्धारित पुनर्स्थापना प्रक्रिया की व्यावहारिक जांच की गई।

    इंदिरा सागर से सतपुड़ा ताप विद्युत गृह को दी गई बिजली

    सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में आयोजित यह मॉक ड्रिल प्रातः 11:30 बजे से दोपहर 1:51 बजे तक सफलतापूर्वक संचालित की गई। अभ्यास के दौरान आयलैंडिंग व्यवस्था के माध्यम से इंदिरा सागर जल विद्युत गृह से विद्युत आपूर्ति लेकर MPPGCL के 500 मेगावाट (2×250 मेगावाट) क्षमता वाले सतपुड़ा ताप विद्युत गृह की आपातकालीन स्टार्ट-अप क्षमता का परीक्षण किया गया।

    इस दौरान 400 केवी प्रणाली को चार्ज करने, स्टेशन ट्रांसफॉर्मर को ऊर्जीकृत करने तथा आवश्यक सहायक विद्युत प्रणालियों को निर्धारित क्रम में बहाल करने की प्रक्रिया का परीक्षण किया गया। पूरे अभ्यास के दौरान विद्युत प्रणाली के प्रमुख तकनीकी मानकों की सतत निगरानी की गई। मॉक ड्रिल निर्धारित समय-सीमा और तकनीकी मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक पूरी हुई।

    क्या है ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल

    ब्लैक स्टार्ट ऐसी विशेष प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से पूर्ण या आंशिक ब्लैकआउट की स्थिति में विद्युत उत्पादन केंद्र को बाहरी ग्रिड आपूर्ति उपलब्ध न होने पर भी चरणबद्ध तरीके से पुनः प्रारंभ किया जाता है। इसके लिए स्व-प्रारंभ क्षमता वाले विद्युत स्रोतों की सहायता से पहले आवश्यक सहायक प्रणालियों को ऊर्जा उपलब्ध कराई जाती है और इसके बाद क्रमशः बड़ी उत्पादन इकाइयों को चालू किया जाता है।

    इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक आपातकालीन स्थिति में विद्युत उत्पादन केंद्रों, लोड डिस्पैच केंद्रों और अन्य संबद्ध एजेंसियों के बीच समन्वय, संचार तथा ग्रिड पुनर्बहाली क्षमता का परीक्षण करना है।

    ग्रिड पुनर्बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि

    म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी के इतिहास में पहली बार आयोजित इस ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल की सफलता को कंपनी की परिचालन एवं तकनीकी तैयारियों की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अभ्यास से आपात स्थिति में विभिन्न तकनीकी टीमों के बीच समन्वय और विद्युत आपूर्ति की चरणबद्ध बहाली की क्षमता का प्रभावी परीक्षण हुआ।

    मॉक ड्रिल में स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (SLDC), इंदिरा सागर जल विद्युत गृह परियोजना तथा सतपुड़ा ताप विद्युत गृह के अभियंताओं और तकनीकी कार्मिकों ने सहभागिता की। इस अवसर पर विद्युत गृह प्रमुख मुख्य अभियंता एस.के. लिल्हौरे, अधीक्षण अभियंता यशवंत वराठे सहित अन्य अभियंता उपस्थित थे।

     

  • बाल झड़ना और नाखून टूटना सिर्फ सामान्य समस्या नहीं! AIIMS भोपाल में कैंसर समेत गंभीर बीमारियों को लेकर चेतावनी

    बाल झड़ना और नाखून टूटना सिर्फ सामान्य समस्या नहीं! AIIMS भोपाल में कैंसर समेत गंभीर बीमारियों को लेकर चेतावनी

    भोपाल

     त्वचा पर दाग, रंग में बदलाव, नाखून की असामान्यता या बालों का झड़ना सामान्य लग सकता है, लेकिन कुछ मामलों में ऐसे बदलाव के पीछे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी भी छिपी हो सकती है। ऐसे सूक्ष्म बदलावों की पहचान में आधुनिक तकनीक मददगार बन रही है। एम्स भोपाल में आयोजित सीएमई कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने डर्मोस्कोपी के जरिए त्वचा रोगों की बेहतर पहचान और उपचार की योजना बनाने के बारे में बताया। विशेषज्ञों ने त्वचा पर अधिक या कम रंगत, सूजन वाले और ग्रैनुलोमेटस रोग, नाखूनों की समस्याओं तथा बाल झड़ने की अलग-अलग स्थितियों में डर्मोस्कोपी के उपयोग के बारे में चर्चा की।

    डर्मोस्कोपी निभाएगी अहम भूमिका- विशेषज्ञ
    डॉ. पायल चौहान, डॉ. सौमिल खरे और डॉ. कृति दीवान ने बताया कि कैंसर से जुड़ी त्वचा संबंधी असामान्यताओं और कैंसरकारी त्वचा रोगों की पहचान में डर्मोस्कोपी भूमिका निभाएगी। संदिग्ध बदलावों की बारीकी से जांच कर आगे की चिकित्सकीय रणनीति तय करने में यह उपयोगी होगी। दैनिक क्लिनिकल प्रैक्टिस में डर्मोस्कोपी का समावेशन के बारे में भी बताया। कार्यर म में प्रोफेसर डॉ. रजनीश जोशी, डॉ. नितिन पंड्या डॉ. प्रशंसा जायसवाल और डॉ. मनीष खंडारे ने भी हिस्सा लिया।

    आंखों से न दिखने वाले बदलाव भी पकड़ में
    डर्मोस्कोपी विशेष उपकरण से त्वचा को करीब से देखने की तकनीक है। इससे त्वचा के ऐसे सूक्ष्म पैटर्न और बदलाव स्पष्ट होते हैं, जिन्हें खुली आंखों से पहचानना मुश्किल होता है। इससे डॉक्टर को बीमारी के आकलन और आगे के उपचार का निर्णय लेने में मदद मिल सकती है।

    एमपी का पहला अस्पताल जिसमें होगी रोबोटिकी सर्जरी
    प्रोस्टेट, किडनी, गर्भाशय और कोलन कैंसर जैसी सर्जरी में रोबोटिक तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है। इसमें परंपरागत ऑपरेशन की तुलना में छोटा चीरा लगाया जाता है। इससे रक्तस्राव और दर्द कम होने के साथ मरीज के जल्दी रिकवर होने की संभावना रहती है। दा विंची रोबोट स्थापित होने के बाद एम्स मध्य प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल बन जाएगा, जहां रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध होगी।

    त्वचा कैंसर क्या है?
    त्वचा कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें त्वचा के ऊतकों में असामान्य कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं। सामान्य तौर पर, त्वचा की कोशिकाएं बूढ़ी होकर मरने लगती हैं और उनकी जगह नई कोशिकाएं बन जाती हैं। लेकिन जब यह प्रक्रिया ठीक से काम नहीं करती तो कोशिकाएं तेजी से बढ़ने लगती हैं।

  • भोपाल में जन्माष्टमी का मेगा सेलिब्रेशन, 1 लाख भक्तों के स्वागत को इस्कॉन तैयार; 21 जगह होंगे आयोजन

    भोपाल में जन्माष्टमी का मेगा सेलिब्रेशन, 1 लाख भक्तों के स्वागत को इस्कॉन तैयार; 21 जगह होंगे आयोजन

    भोपाल

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शुक्रवार, 4 सितंबर को राजधानी में भक्ति और संस्कृति का रंग देखने को मिलेगा। शहर में अलग-अलग स्थानों पर धार्मिक आयोजन होंगे। श्री हरिहर महोत्सव समिति की ओर से 14वीं बार भव्य जन्माष्टमी शोभायात्रा निकाली जाएगी, वहीं इस्कॉन पटेल नगर में विशेष जन्माष्टमी महोत्सव आयोजित होगा। दोनों आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

    21 जगह माखन-मटकी फोड़ेंगे श्रीकृष्ण
    श्री हरिहर महोत्सव समिति की शोभायात्रा श्रीजी मंदिर लखेरापुरा से दोपहर 12:30 बजे शुरू होगी। शोभायात्रा में 21 स्थानों पर श्रीकृष्ण ग्वालों के साथ माखन-मटकी फोड़ते नजर आएंगे। कैलाश पर्वत पर शिव-पार्वती, झूले पर राधा-कृष्ण और वासुदेव द्वारा श्रीकृष्ण को ले जाते हुए झांकियां भी शामिल होंगी।

    राजा भोज की जीवंत झांकी देगी पर्यावरण बचाने का संदेश
    इस बार शोभायात्रा का खास आकर्षण राजा भोज की जीवंत झांकी होगी। इसमें राजा भोज पर्यावरण और जल संरक्षण का संदेश देते नजर आएंगे। झांकी के जरिए प्राकृतिक संसाधनों को बचाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। शोभायात्रा में भगवान श्रीजी की प्रतिमा के साथ मंडला-डिंडोरी की नृत्य टोलियां, नरसिंहगढ़ और ब्यावरा के बैंड, 21 ढोल, डीजे बैंड, घोड़ा-बग्गी और दुलदुल घोड़ी भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

    इन रास्तों से निकलेगी शोभायात्रा
    शोभायात्रा श्रीजी मंदिर लखेरापुरा से शुरू होकर चौक बाजार, लोहा बाजार, जुमेराती गेट, छोटे भैया कॉर्नर, घोड़ा निक्कास, मां कर्मा देवी रोड, मंगलवारा चौराहा, जैन मंदिर रोड, इतवारा चौराहा, इलेक्ट्रिकल मार्केट, चिंतामण चौराहा, पीपल चौक और लखेरापुरा होते हुए भवानी चौक, सोमवारा पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा। शुभारंभ से पहले पंडित हेमकांत शर्मा ‘मुखिया जी’ के सानिध्य में विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना होगी।

    इस्कॉन में एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
    दूसरी ओर इस्कॉन पटेल नगर, हरे कृष्ण लैंड, रायसेन रोड पर भी 4 सितंबर को भव्य जन्माष्टमी महोत्सव होगा। आयोजकों के मुताबिक करीब एक लाख श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों के पहुंचने की संभावना है।
    यहां श्री श्री गौर राधा वल्लभ जी के विशेष दर्शन और भव्य श्रृंगार होंगे। मंदिर को जैसलमेर की पारंपरिक थीम पर सजाया जाएगा। थाईलैंड से मंगाए गए विशेष ऑर्किड फूल भी सजावट का हिस्सा होंगे। 

    महामंत्र कीर्तन से लेकर रुक्मिणी कल्याणम् तक
    इस्कॉन परिसर में लगातार हरे कृष्ण महामंत्र का कीर्तन, श्रीकृष्ण कथा और भक्तिमय नाट्य प्रस्तुति ‘रुक्मिणी कल्याणम्’ प्रमुख आकर्षण रहेगी। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की भी व्यवस्था की जाएगी।

    शहर में दिखेगा भक्ति और संस्कृति का संगम
    जन्माष्टमी के दोनों बड़े आयोजनों में धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और परंपरा की झलक देखने को मिलेगी। एक ओर लखेरापुरा से निकलने वाली शोभायात्रा में श्रीकृष्ण की लीलाएं, झांकियां और लोक कला आकर्षण रहेंगी, वहीं इस्कॉन में भव्य श्रृंगार, कीर्तन, कथा और नाट्य प्रस्तुति श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक माहौल देंगी। शहर में कई जगह आयोजन किए जाएंगे।