Category: मध्य प्रदेश

  • महाकाल महालोक की तर्ज पर जानापाव में भगवान  परशुराम लोक और भगवान  कृष्ण लोक का होगा विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया भूमि-पूजन

    महाकाल महालोक की तर्ज पर जानापाव में भगवान परशुराम लोक और भगवान कृष्ण लोक का होगा विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया भूमि-पूजन

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जानापाव वह गौरवशाली धरती है, जहां भगवान कृष्ण ने महर्षि परशुराम से सुदर्शन चक्र प्राप्त किया था। यह पवित्र और गौरवशाली स्थान है। महर्षि परशुराम की जन्मस्थली और साढ़े सात नदियों के उद्गम वाले इस पावन स्थल पर जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान कृष्ण का स्मरण करना सभी का सौभाग्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर जिले के जानापाव में महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित किए जाने वाले भगवान  परशुराम लोक एवं भगवान कृष्ण लोक के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान कृष्ण को महर्षि परशुराम द्वारा प्रदान किया गया सुदर्शन चक्र उनके जीवन में धर्म और सत्य की रक्षा का महत्वपूर्ण अस्त्र बना। भगवान कृष्ण ने अपने जीवन में सत्य, धर्म, पराक्रम और पुरुषार्थ का संदेश दिया। शिशुपाल प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने अपनी बुआ को दिए वचन के अनुसार शिशुपाल की सौ गलतियों तक क्षमा किया और इसके बाद धर्म की रक्षा के लिए उसका अंत किया।

    5000 वर्ष पुराने गौरवशाली इतिहास को सामने लाएगी सरकार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का भगवान कृष्ण और भगवान राम से गहरा संबंध रहा है। सरकार इस लगभग 5000 वर्ष पुराने गौरवशाली इतिहास को फिर से सामने लाने के लिए कार्य कर रही है। भगवान कृष्ण ने मध्यप्रदेश में जहाँ-जहाँ अपने चरण रखे, उन सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसी प्रकार भगवान राम के चरण जहाँ-जहाँ पड़े, उन स्थलों को भी धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट धाम, जानापाव, राम के वनगमन से जुड़े आश्रम और अन्य पौराणिक स्थलों के साथ भगवान कृष्ण से जुड़े स्थलों को भी विकसित करने की योजना है। भगवान कृष्ण के मध्यप्रदेश से संबंध को दर्शाने वाले स्थलों में रुक्मिणी हरण से जुड़े क्षेत्र तथा धार जिले में हुए युद्ध से संबंधित स्थानों को भी विकसित कर उनके गौरवशाली इतिहास को जीवंत किया जाएगा।

     महाकाल लोक की तर्ज पर 17 करोड़ रूपये से विकसित होगा परशुराम लोक और कृष्ण लोक

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में बड़ा परिवर्तन आया है। महाकाल लोक के विकास के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों को रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर मिल रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी दिशा में जानापाव को भी देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र और आध्यात्मिक चेतना पीठ के रूप में विकसित किया जा रहा है। महाकाल लोक की तर्ज पर लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से ‘परशुराम लोक’ एवं ‘कृष्ण लोक’ का निर्माण किया जाएगा।

    परियोजना के अंतर्गत यज्ञ कुंड का पुनर्विकास, भव्य ऑडिटोरियम, ध्यान कुटीर, हर्बल गार्डन, लैंडस्केपिंग, बहुउद्देशीय भवन तथा जनसुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए पहाड़ी पर रोपवे निर्माण भी कार्य योजना में शामिल है।

    धर्म, सत्य और पराक्रम का संदेश देते हैं भगवान कृष्ण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान कृष्ण ने गोपाल के रूप में गायों का पालन करते हुए वन-वन विचरण किया और सामान्य जीवन से लेकर महाभारत के विराट प्रसंग तक मानव जीवन को अनेक संदेश दिए। उन्होंने गीता के माध्यम से दुनिया को कर्म, धर्म और कर्तव्य का मार्ग दिखाया। भगवान कृष्ण का जीवन सिखाता है कि जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में सत्य और धर्म के लिए खड़े रहना चाहिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे पवित्र स्थलों का विकास केवल पर्यटन की दृष्टि से नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को सनातन संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के लिए भी आवश्यक है। जानापाव में विकसित होने वाला ‘परशुराम लोक’ एवं ‘कृष्ण लोक’ इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।

    कार्यक्रम में भगवान कृष्ण की लीलाओं पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गईं। दही हांडी कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानापाव स्थित मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

    कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मती रीना सतीश मालवीय, सांसद सु कविता पाटीदार, विधायक सु उषा ठाकुर,  श्रवण चावड़ा सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। 

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगभग 900 करोड़ लागत के पॉवर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट का लोकार्पण कर पहले ट्रांसफार्मर को किया रोल-आउट

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगभग 900 करोड़ लागत के पॉवर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट का लोकार्पण कर पहले ट्रांसफार्मर को किया रोल-आउट

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। सरकार छोटे-बड़े सभी निवेशकों को पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है। जहां निवेश है वहां रोजगार है। मध्यप्रदेश ने निवेशकों का दिल और विश्वास जीता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को सीहोर जिले के बड़ियाखेड़ी में क्रॉम्पटन ग्रीव्स की नई पॉवर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट के शुभारंभ और पहले ट्रांसफॉर्मर के रोल-आउट के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह देश में इस प्रकार की सबसे बड़ी इकाई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन्माष्टमी के पावन अवसर पर लगभग 900 करोड़ की लागत से तैयार हुई सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस की नई पॉवर ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री का लोकार्पण इस सम्पूर्ण क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण देश की बड़ी-बड़ी कंपनियों में मध्यप्रदेश आकर उद्योग स्थापित करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित हो रही है। हमारा प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। प्रदेश में आ रहीं फैक्ट्रियों में केवल उत्पाद तैयार नहीं होता है, बल्कि इससे रोजगार के अवसरों में वृद्धि और राज्य की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश जिस गति से विकास की ओर अग्रसर है, उसी गति से मध्यप्रदेश भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। नए उद्योगों से स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार मिलने के साथ ही व्यापार एवं आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होता है। औद्योगिक निवेश बढ़ने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होती है और सरकार को विकास एवं जनकल्याण के कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होते हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश आए और इसका लाभ उद्योग, रोजगार के साथ समग्र विकास के रूप में मिले।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पैशन, पोटेंशियल, पॉलिसी, परफॉर्मेंस और प्रोडक्शन मध्यप्रदेश की नई औद्योगिक पहचान बन गए हैं। उद्योग स्थापित करने वाले निवेशकों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार तत्पर है। राज्य में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है, जिससे औद्योगिक विकास के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सीहोर में देश की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई का लोकार्पण ऐतिहासिक अवसर है। देश के ऊर्जा एवं औद्योगिक इको सिस्टम को ट्रांसफॉर्म करने में इस उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि अब ’’डाई से लेकर ट्रांसफॉर्मर तक का निर्माण सीहोर में’’ होने लगा है, जो जिले में बढ़ते औद्योगिक विकास का प्रमाण है।

    रिकॉर्ड 13 महीने में तैयार हुई दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत वर्ष अगस्त में भूमि-पूजन के बाद रिकॉर्ड 13 महीने में सीहोर में दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर निर्माण फैक्ट्री प्रारंभ हुई है। देश के इलेक्ट्रिकल इको सिस्टम को ट्रांसफॉर्म करने में सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस की पॉवर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट बड़ी भूमिका निभाएगी। इस इकाई से क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। सीहोर में टायर से लेकर ट्रांसफॉर्मर तक सब कुछ तैयार हो रहा है। सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस ने अपनी 9 दशक की यात्रा में आज मध्यप्रदेश की धरती पर नया मुकाम हासिल किया है। इस यूनिट में हर वर्ष बड़ी संख्या में ट्रांसफॉर्मर तैयार होंगे और 2 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह जिला पर्यटन के क्षेत्र में तेज गति से विकास कर रहा है। सीहोर अब भोपाल मेट्रोपोलिटन सिटी का हिस्सा है, जिससे भविष्य में यहां के नागरिकों को लाभ मिलेगा। मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में शामिल होने से सीहोर में औद्योगिक, व्यावसायिक और रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा। बेहतर सड़क, परिवहन और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास से सीहोर का भोपाल के साथ समन्वित विकास होगा। आने वाले समय में यह क्षेत्र आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉम्पटन ग्रीव्स (सीजी) परिवार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस को आवश्यकतानुसार भूमि उपलब्ध करवाने में जरूरी सहयोग प्रदान किया जाएगा।

    दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर टेस्टिंग लैब

    सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस के सीईओ  अमर कौल ने कहा कि यह हमारी कंपनी का महत्वपूर्ण पड़ाव है। प्रधानमंत्री  मोदी ने जीडीपी में मैन्यूफैक्चरिंग का हिस्सा 13 प्रतिशत है, इसे वर्ष 2035 तक 25 प्रतिशत पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। सीहोर में क्रॉम्पटन ग्रीव्स की नई पॉवर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट में 2 हजार व्यक्तियों को रोजगार मिला है। कंपनी आधुनिक उपकरणों के माध्यम से प्रोडक्शन कर रही है। इस यूनिट में दुनिया की सबसे बड़ी टेस्ट लैब भी तैयार की गई है। यूनिट की जरूरत के लिए 36 प्रतिशत बिजली सोलर एनर्जी से मिलेगी। हमारी कंपनी विकसित भारत और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए संकल्पित है।

    मुख्यमंत्री ने सीजी पावर की इकाई का किया अवलोकन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीहोर के बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र स्थित सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड की ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई का अवलोकन किया। उन्होंने इकाई में ट्रांसफॉर्मर निर्माण की प्रक्रिया, आधुनिक तकनीक और उत्पादन क्षमता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कंपनी के अधिकारियों से उद्योग के संचालन एवं विस्तार से संबंधित जानकारी प्राप्त करते हुए प्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने पर जोर दिया।

    कार्यक्रम में राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा, विधायक  सुदेश राय, विधायक  रमाकांत भार्गव सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

     

  • मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीं जन्माष्टमी की मंगलकामनाएं

    मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीं जन्माष्टमी की मंगलकामनाएं

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान राम और कृष्ण के नाम से भारत की पहचान दुनियाभर में बनी है। उन्होंने सृष्टि का उद्धार करने के लिए पृथ्वी पर मानव रूप में जन्म लिया। अपने जीवन में अनेकों कष्ट सहे और दुष्टों का संहार कर जनता के लिए सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया। भगवान कृष्ण ने कारागार में जन्म लेने के बाद अपनी बाल्यकाल की लीलाओं से आमजन के कई कष्टों को मुस्कुराते हुए दूर किया। उन्होंने विश्व को संदेश दिया कि हमें मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य और संयम से काम लेना चाहिए। भगवान कृष्ण ने हमें कष्टों को दूर कर मार्ग निकालने की प्रेरणा दी है। उज्जैन में महर्षि सांदीपनि के आश्रम में कृष्ण ने 64 कला और 14 विद्याएं सीखीं। कृष्ण के जीवन से हम सभी के लिए शिक्षा का महत्व प्रतिपादित होता है। सांदीपनि आश्रम में सुदामा जी के साथ उनकी मित्रता के प्रसंग हर काल में प्रासंगिक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कृष्ण जन्माष्टमी आख्यान पर्व के अवसर पर उपस्थित जनों को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान कृष्ण के बाल्य स्वरूप लड्डू गोपाल का जलाभिषेक कर विधिवत पूजन-अर्चन किया। मुख्यमंत्री ने माखन और मिसरी से भरी मटकी फोड़कर राधारानी और बाल गोपाल की वेशभूषा में आए नौनिहालों को माखन खिलाया और उपहार देकर दुलार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को कृष्ण जन्माष्टमी पर्व की शुभकामनाएं दी।

    मयूर नृत्य, मलखंभ खिलाड़ियों के करतब से दर्शक हुए मंत्रमुग्ध

    कृष्ण आख्यान की कला अभिव्यक्तियों के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न कला समूहों ने कृष्ण जन्म, कृष्ण लीला, कालिया नाग मर्दन, गोवर्धन लीला, कंस वध, गीता उपदेश सहित कृष्ण के जीवन पर आधारित नृत्य नाटिकाओं का मंचन किया। जबलपुर से आए  जुगलकिशोर नामदेव और उनके साथी कलाकारों ने मयूर नृत्य, ब्रज में आनंद उमंग भयो जय हो नंदलाल की, आज ब्रज में होली रे रसिया, कृष्ण गोबिंद हरे मुरारी जैसे सुमधुर भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिससे मुख्यमंत्री निवास का वातावरण कृष्णमय होकर भक्तिरस से सराबोर हो गया। कार्यक्रम में  भारत सिंह पालीवाल के निर्देशन में उज्जैन से आए खिलाड़ियों ने मलखंभ की प्रस्तुति दी। खिलाड़ियों के अद्भुत करतब देखकर पंडाल में मौजूद सभी दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मलखंभ खिलाड़ियों के साथ फोटो खिंचवाकर सभी का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को वैदिक घड़ी भी भेंट की गई।

    भव्य तीर्थ के रूप में जीवंत हो रहे प्रभु राम और कृष्ण से जुड़े स्थान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार प्रभु राम और कृष्ण से जुड़े सभी स्थानों को भव्य तीर्थ के रूप में विकसित कर जीवंत करने के लिए संकल्पित है। कृष्ण पाथेय में उज्जैन का सांदीपनि आश्रम, जानापाव, महिदपुर सहित अन्य तीर्थ स्थल शामिल हैं। इसी प्रकार से संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से प्रभु राम से जुड़े चित्रकूट धाम को भव्यता के साथ विकसित किया जा रहा है। हमारी सरकार ने सनातन संस्कृति के गौरवशाली अतीत से दुनिया को परिचित कराने के लिए त्यौहार और पर्वों को हर्षोल्लास के साथ व्यापक स्तर पर मनाने की शुरुआत की है।

    विश्व बंधुत्व का संदेश देते हुए आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा भारत

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के अथक प्रयासों से आज भारत विश्व बंधुत्व का संदेश देते हुए आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा है। हमारी संस्कृति अच्छाई बांटने वाली संस्कृति है। हम इसके वैभव को पुन: प्रतिष्ठित करने के लिए कटिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि दुनिया के कई देशों पर युद्ध के संकट का साया है, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ रही है। ग्रोथ रेट के मामले में भारत ने अमेरिका, चीन और जापान जैसे देशों को पीछे छोड़ दिया है। भारत सरकार अपने नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और अपने विदेशी रिश्तों को मजबूत करेगी।

    कृष्ण के चतुर्भुज रूप की शोभा हैं सुदर्शन चक्र और पांचजन्य शंख

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आचार्य सांदीपनि का पहला आश्रम बनारस में था। इसके बाद वे परिवार के साथ उज्जैन आए और यहां विद्यार्थियों को शिक्षा देना प्रारंभ किया। सांदीपनि आश्रम की शिक्षा पद्धति प्रसिद्ध और अद्भुत थी। तत्कालीन समय में गुजरात के प्रभाषपाटण (वर्तमान में द्वारिका) क्षेत्र में जम जाति के आक्रांताओं का आतंक फैला था। जब आचार्य सांदीपनि ने उनके बच्चों को शिक्षा देने के इनकार कर दिया तो आक्रांताओं ने उनके पुत्र को बंधक बना लिया। इसके बाद महर्षि सांदीपनि उज्जैन लौट आए और इस कठिन काल में भी 11 वर्षों तक विद्यार्थियों को शिक्षित करते रहे। भगवान कृष्ण और बलराम ने शिक्षा पूर्ण होने पर मथुरा जाकर जरासंध से युद्ध किया। आचार्य सांदीपनि के बताने पर कृष्ण जानापाव गए और भगवान परशुराम से सुदर्शन चक्र प्राप्त किया। कृष्ण ने तभी निश्चय कर लिया था कि गुरु के बेटे को जम आक्रांताओं से मुक्त कर उन्हें गुरु दक्षिणा के रूप में सकुशल लौटाएंगे। जब कृष्ण युद्ध समाप्त कर लौट रहे थे तो समुद्र से उन्हें पांचजन्य शंख मिला। सुदर्शन चक्र और पांचजन्य शंख भगवान कृष्ण के चतुर्भुज रूप की शोभा हैं।

    जन्माष्टमी पर्व कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, विधायक  रामेश्वर शर्मा, पूर्व राज्यपाल  कप्तान सिंह सोलंकी, वरिष्ठ समाजसेवी  रघुनंदन शर्मा, महापौर मती मालती राय,  रविन्द्र यति, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार  राम तिवारी सहित अनेक संत-वृंद , माताएं-बहनें, बाल-गोपाल, मुख्यमंत्री निवास के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “माटी गणेश-सिद्ध गणेश” अभियान का किया शुभारंभ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “माटी गणेश-सिद्ध गणेश” अभियान का किया शुभारंभ

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद एवं नर्मदा समग्र के संयुक्त तत्वावधान में "माटी गणेश-सिद्ध गणेश" अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा अभियान की संकल्पना पर केन्द्रित पोस्टर का विमोचन भी किया। परिषद द्वारा पर्यावरण संरक्षण की नवाचारी पहल करते हुए "माटी गणेश-सिद्ध गणेश" अभियान चलाया जायेगा।

    अभियान में पर्यावरण हितैषी संस्थान नर्मदा समग्र द्वारा प्रशिक्षण के माध्यम से प्रदेश के समस्त 313 विकासखण्ड में परषिद के नेटवर्क से जुड़ी नवांकुर सखियों को प्रशिक्षित किया जायेगा। प्रशिक्षित सखियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से अपने ग्रामों में स्थानीय महिलाओं को प्रेरित-प्रशिक्षित कर मिट्टी के 10 लाख गणेण की घर-घर स्थापना करायी जायेगी।

    अभियान का लक्ष्य 10 लाख गणेश जी की प्रतिमाओं के निर्माण कर 25 लाख लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर परिषद के उपाध्यक्ष  मोहन नागर, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव मन एवं परिषद के कार्यपालन निदेशक डॉ. बकुल लाड उपस्थित थे। 

  • यूपी एसटीएफ ने पकड़ी अवैध कोडीन सिरप की 30 हजार शीशियां, कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये

    यूपी एसटीएफ ने पकड़ी अवैध कोडीन सिरप की 30 हजार शीशियां, कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये

    लखनऊ

    योगी सरकार उत्तर प्रदेश में अवैध कोडीन कफ सिरप कारोबार और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में यूपी एसटीएफ ने अंतरराज्यीय स्तर पर अवैध कोडीन कफ सिरप की तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बांदा जिले में चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ की टीम ने इनके कब्जे से करीब तीन करोड़ रुपये कीमत की 30 हजार शीशियां अवैध कोडीन कफ सिरप बरामद की हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बांदा निवासी धीरेन्द्र कुमार, अतर्रा निवासी प्रवीण कुमार उर्फ लकी और रोहित पांडेय, हापुड़ निवासी शेखर सिंह के रूप में हुई है।

    बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर घेराबंदी कर पकड़ा गिरोह

    एसटीएफ को सूचना मिली थी कि अंतरराज्यीय गिरोह दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ से अवैध कोडीन कफ सिरप की खेप लाकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में सप्लाई कर रहा है। इस पर गुरुवार को एसटीएफ फील्ड इकाई प्रयागराज की टीम बांदा में मौजूद थी। 

    इसी दौरान सूचना मिली कि कुछ लोग डीसीएम में अवैध कोडीन कफ सिरप लेकर बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के रास्ते बिसंडा बाईपास से अतर्रा, बांदा की ओर जाने वाले हैं। टीम ने बिसंडा-अतर्रा मार्ग पर बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के उत्तरी गोल चौराहे के पास डीसीएम के आगे चल रही लाल रंग की टाटा नेक्सॉन कार और डीसीएम को रोककर तलाशी ली। तलाशी में दोनों वाहनों से भारी मात्रा में अवैध कोडीन कफ सिरप की शीशियां बरामद हुई और मौके से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    मेडिकल स्टोर के बजाय नशे के कारोबार में सप्लाई

    पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका एक सक्रिय गिरोह है, जो नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली अवैध कोडीन कफ सिरप की तस्करी करता है। गिरोह उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में इसकी सप्लाई करता था।

    वाहन चालक को मिलता था इनाम

    जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य दिल्ली के द्वारका स्थित एक फार्मा प्रतिष्ठान से सिरप लेकर आते थे फिर बांदा, अतर्रा, चित्रकूट और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में मेडिकल स्टोर के बजाय नशे के कारोबार में इसकी सप्लाई करते थे। गिरोह सिरप की रैपर बदलकर उसे महंगे दामों पर बेचता था। इससे होने वाले फायदे को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। वाहन चालक को खेप सुरक्षित पहुंचाने के बदले अलग से 25 हजार रुपये इनाम दिए जाते थे। 

    फर्जी जीएसटी बिल से तैयार किए जा रहे थे कागजात

    एसटीएफ की पूछताछ में गिरोह के कारोबार का एक और अहम पहलू सामने आया। आरोपियों के अनुसार कोडीन कफ सिरप की सप्लाई और बिक्री से संबंधित जीएसटी इनवॉइस और बिलों में फर्जीवाड़ा कर उन्हें हमीरपुर स्थित एक मेडिकल एजेंसी के नाम से तैयार किया जाता था। दस्तावेजों में ऐसी फर्म का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसे वाणिज्य कर विभाग द्वारा निष्प्रयोज्य/बोगस फर्म घोषित किया जा चुका है। इन कागजात की आड़ में कोडीन सिरप का अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था।

    80 लाख की हेरोइन बरामद, तस्कर गिरफ्तार

    एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) वाराणसी यूनिट ने सोनभद्र के करमा थाना क्षेत्र से मादक पदार्थ तस्कर हिमांशु गौतम को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से करीब 80 लाख रुपये कीमत की हेरोइन बरामद की गई। आरोपी ने बताया कि वह छोटी पुड़िया बनाकर हेरोइन की सप्लाई करने का काम करता आ रहा है। पुलिस मामले की अन्य पहलुओं पर जांच कर रही है।

  • ‘सत्संग संजीवनी’ में गूंजा श्रीकृष्ण भक्ति का संदेश, वृंदावन के कलाकारों ने प्रस्तुत कीं भगवान की दिव्य लीलाएं

    ‘सत्संग संजीवनी’ में गूंजा श्रीकृष्ण भक्ति का संदेश, वृंदावन के कलाकारों ने प्रस्तुत कीं भगवान की दिव्य लीलाएं

    भोपाल

     श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व के अवसर पर शुक्रवार को मानस भवन, पॉलिटेक्निक चौराहा, भोपाल में ‘सत्संग संजीवनी’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की प्रेरणादायी कथा का श्रवण करने के साथ ही वृंदावन के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण आनंद लिया।

    कार्यक्रम का आयोजन आचार्य संजीव शर्मा गुधैनिया जी के पावन सान्निध्य में किया गया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके विचारों तथा उनके द्वारा दिए गए कर्म, धर्म, भक्ति और मानवता के संदेशों को सरल एवं प्रभावी रूप में श्रद्धालुओं के समक्ष प्रस्तुत किया।
    इस अवसर पर मानस भवन में विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण देखने को मिला। भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी झांकी, आकर्षक पुष्प सज्जा और भक्ति संगीत के बीच वृंदावन से आए कलाकारों ने श्रीकृष्ण की विभिन्न दिव्य लीलाओं की प्रस्तुतियां दीं। 
    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सपरिवार उपस्थित होकर कथा श्रवण एवं भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के दर्शन किए। आयोजन के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए फलाहार एवं महाप्रसाद की व्यवस्था भी की गई।

    आयोजन में सहयोगकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका

    इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में रचना बिल्डर्स (Rachna Builders) के श्री रितेश शर्मा सहित सहयोगकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही श्री कैलाश शर्मा, रचना बिल्डर्स ने भी आयोजन में सहयोग एवं सहभागिता प्रदान की।

    कार्यक्रम में रीगल होम्स के श्री नीरज शर्मा तथा द सोर्स ऑफ फिटनेस के श्री हरि नारायण द्विवेदी का भी सहयोग रहा।

    आयोजक आचार्य संजीव शर्मा गुधैनिया जी ने उपस्थित श्रद्धालुओं एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘सत्संग संजीवनी’ का उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण की कथा एवं उनकी दिव्य लीलाओं के माध्यम से समाज में आध्यात्मिक चेतना, सकारात्मक सोच और संस्कारों का प्रसार करना है।

    कार्यक्रम का समापन भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ।

  • 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित योगेश ने दिव्यांगजनों के विकास में शासकीय योजनाओं का किया व्यावहारिक अध्ययन.

    100 प्रतिशत दृष्टिबाधित योगेश ने दिव्यांगजनों के विकास में शासकीय योजनाओं का किया व्यावहारिक अध्ययन.

    भोपाल 

    परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, दृढ़ संकल्प, शिक्षा और निरंतर परिश्रम से सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है। इसे चरितार्थ किया है रायसेन जिले के पड़रिया कलां गांव निवासी योगेश धाकड़ ने  100 प्रतिशत दृष्टिबाधित योगेश धाकड़ ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल से राजनीति विज्ञान (Political Science) विषय के अंतर्गत दिव्यांगजनों के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषय पर पीएचडी शोध पूर्ण कर प्रेरणादायी उपलब्धि हासिल की है।
    योगेश धाकड़ वर्तमान में मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं और शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बरेली, जिला रायसेन में अध्यापन सेवाएं दे रहे हैं। स्वयं दृष्टिबाधित होते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को शिक्षित करने के साथ उन्होंने शोध के माध्यम से दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और उनके विकास से जुड़े शासकीय प्रयासों का भी गंभीर अध्ययन किया है।

    दिव्यांगजनों के विकास को बनाया शोध का विषय

    योगेश धाकड़ ने राजनीति विज्ञान विषय के अंतर्गत “दिव्यांगजनों के विकास में शासन की योजनाओं का व्यावहारिक अध्ययन (मध्यप्रदेश के विशेष संदर्भ में)” विषय पर शोध किया है।
    अपने शोध में उन्होंने मध्यप्रदेश के विशेष संदर्भ में दिव्यांगजनों के विकास एवं कल्याण के लिए शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की व्यावहारिक उपयोगिता, जमीनी क्रियान्वयन, लाभार्थियों तक पहुंच और उनके जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया।
    इस शोध का महत्व इसलिए भी विशेष है क्योंकि शोधार्थी स्वयं 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित हैं। ऐसे में उनके अध्ययन में अकादमिक दृष्टिकोण के साथ दिव्यांगजनों की वास्तविक परिस्थितियों के प्रति व्यक्तिगत अनुभव, संवेदनशीलता और व्यावहारिक समझ का भी समावेश है।

    डॉ. अनुपमा यादव के मार्गदर्शन में पूर्ण हुआ शोध

    योगेश धाकड़ ने अपना शोध कार्य डॉ. अनुपमा यादव, विभागाध्यक्ष

    (राजनीति विज्ञान), भेल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भोपाल के मार्गदर्शन में पूर्ण किया।शोध में दिव्यांगजनों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास, शासकीय सहायता, योजनाओं की पहुंच, उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन तथा दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में शासन की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को केंद्र में रखा गया।
    यह अध्ययन दिव्यांगजनों के लिए संचालित शासकीय योजनाओं की जमीनी स्थिति को समझने के साथ-साथ भविष्य में उन्हें और अधिक सुलभ, प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में भी उपयोगी संदर्भ प्रदान कर सकता है।

    पड़रिया कलां से असिस्टेंट प्रोफेसर और अब पीएचडी तक प्रेरक सफर.

    रायसेन जिले के पड़रिया कलां गांव से निकलकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने और अब राजनीति विज्ञान में पीएचडी पूर्ण करने तक योगेश धाकड़ का सफर प्रेरणादायी है। दृष्टिबाधिता उनके शैक्षणिक और व्यावसायिक लक्ष्यों के मार्ग में बाधा नहीं बन सकी। उन्होंने शिक्षा को अपनी शक्ति बनाते हुए न केवल स्वयं उच्च शिक्षा में मुकाम हासिल किया, बल्कि आज विद्यार्थियों को शिक्षित कर नई पीढ़ी के निर्माण में भी योगदान दे रहे हैं।
    उनकी उपलब्धि का महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि उन्होंने अपने शोध के लिए उसी समुदाय के विकास से जुड़ा विषय चुना, जिसकी चुनौतियों और आवश्यकताओं को वे स्वयं बेहद करीब से समझते हैं।

    दिव्यांग युवाओं के लिए बने प्रेरणा.

    योगेश धाकड़ की यह उपलब्धि केवल पीएचडी की उपाधि हासिल करने तक सीमित नहीं है। एक 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित व्यक्ति का उच्च शिक्षा विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में सेवाएं देना और राजनीति विज्ञान में दिव्यांगजनों के विकास एवं शासकीय योजनाओं पर शोध करना, समावेशी शिक्षा और दिव्यांगजन सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण है।

    उनकी सफलता यह संदेश देती है कि उचित अवसर, शिक्षा, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के माध्यम से दिव्यांगजन न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि शिक्षक, शोधकर्ता और सामाजिक परिवर्तन के वाहक के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
    योगेश धाकड़ की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर उनके परिवारजनों, गुरुजनों, सहकर्मियों, विद्यार्थियों और शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

    “दृष्टि की सीमा सपनों की सीमा नहीं होती— योगेश ने शिक्षा, अध्यापन और शोध के माध्यम से इसे सिद्ध कर दिखाया।”

  • भोपाल में सीलिंग कार्रवाई पर ब्रेक के संकेत, 62 हजार दुकानों को लेकर सरकार तलाश रही समाधान

    भोपाल में सीलिंग कार्रवाई पर ब्रेक के संकेत, 62 हजार दुकानों को लेकर सरकार तलाश रही समाधान

    भोपाल 
     भोपाल में रहवासी इलाकों में व्यवसायिक गतिविधियों के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। शुक्रवार को नगर निगम की कार्रवाई अभी तक थमी है जिससे व्यापारियों को खासी राहत मिली है। नगरीय प्रशासन विभाग और भोपाल नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली में डेरा डालकर मामले का हल निकालने में जुटे हुए हैं। इस बीच विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी व्यापारियों के पक्ष में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सीलिंग की कार्रवाई से व्यापारियों की परेशानी की बात स्वीकार की। जल्द ही इसका हल निकालने का भी भरोसा दिलाया।

    भोपाल की 62 हजार से ज्यादा दुकानों पर सीलिंग की तलवार लटकी है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 15 सितंबर को है। इधर व्यापारी नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में लामबंद होकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

    व्यापारियों के गुस्से का असर भी स्पष्ट नजर आ रहा
    व्यापारियों के गुस्से का असर भी स्पष्ट नजर आ रहा है। 2 सितंबर को जहां सिर्फ 20 दुकानें सील की गईं वहीं 3 सितंबर को यह कार्रवाई भी बंद कर दी गई। शुक्रवार को भी सुबह से लेकर अभी तक एक भी दुकान सील नहीं की गई है।

    प्रदेश सरकार का रुख व्यापारियों के पक्ष में है। इसके लिए नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) संजय दुबे ने गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। भोपाल निगम आयुक्त संस्कृति जैन भी उनके साथ थीं। दोनों अधिकारियों ने सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता से मुलाकात कर उन्हें सीलिंग अभियान की जानकारी देते हुए सरकार और निगम का पक्ष रखा। सूत्रों के अनुसार नगरीय आवास एवं प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी दुकानों पर सीलिंग के लिए मोहलत मांगने की बात कह रहे हैं।

    कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान
    नगरीय प्रशासन विभाग के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी व्यापारियों के समर्थन में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि ऐसा रास्ता निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं जिससे व्यापारियों का नुकसान न हो। कैलाश विजयवर्गीय ने भोपाल के मास्टर प्लान पर भी जल्द निर्णय लेने की बात कही है।

    व्यापारियों की नाराजगी बढ़ती जा रही
    बता दें कि रिहायशी क्षेत्र में कमर्शियल एक्टिविटी से रहवासी खफा हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद भोपाल नगर निगम दुकानों और प्रतिष्ठानों को सील कर रहा है। इससे व्यापारियों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। कारोबारियों के उग्र प्रदर्शनों के बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने सीलिंग से बचाने का रास्ता ढूंढऩा शुरू किया है।

  • भोपाल के व्यापारियों की बढ़ी उम्मीद, सुप्रीम कोर्ट में सरकार रखेगी मजबूती से पक्ष; CM ने दिया भरोसा

    भोपाल के व्यापारियों की बढ़ी उम्मीद, सुप्रीम कोर्ट में सरकार रखेगी मजबूती से पक्ष; CM ने दिया भरोसा

    भोपाल
    भोपाल में व्यापारियों और रहवासियों की लंबे समय से चली आ रही परेशानियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले में सरकार अपनी बात मजबूती से रखेगी और कोर्ट के निर्देश के अनुसार आगे का रास्ता निकाला जाएगा। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल से जुड़े सभी मुद्दों को सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि व्यापारियों और स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस पुराने विवाद का ऐसा समाधान निकले, जिससे सभी पक्षों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि कोर्ट के मार्गदर्शन के आधार पर सरकार आगे की कार्रवाई करेगी। 

    व्यापारियों और रहवासियों के हित पर जोर
    इस पूरे विवाद में व्यापारियों के साथ स्थानीय निवासियों की चिंताएं भी महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी एक पक्ष को ध्यान में रखकर फैसला नहीं लिया जाएगा। व्यापारियों, रहवासियों और प्रशासन की जरूरतों को साथ रखकर समाधान तलाशा जाएगा। सरकार का मानना है कि कई वर्षों से चले आ रहे इस मामले को जल्दबाजी में देखने के बजाय उसकी पूरी स्थिति समझना जरूरी है। इसी वजह से कानूनी, सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।

    वर्षों पुराने विवाद का हल तलाशने की कोशिश
    भोपाल में मास्टर प्लान और सीलिंग का मुद्दा नया नहीं है। लंबे समय से इससे जुड़े सवालों के कारण कई लोग समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसा रास्ता खोजने की कोशिश करेगी, जिससे आने वाले समय में इस तरह की परेशानी कम हो सके। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सामने सरकार अपना पक्ष मजबूती से रखेगी। अदालत के निर्देश मिलने के बाद उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। सरकार चाहती है कि मामले का ऐसा हल निकले, जो जमीन पर भी कारगर साबित हो।

    जानापाव को बड़े तीर्थस्थल के रूप में विकसित करेंगे
    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वे जानापाव जा रहे हैं। मान्यता है कि यहीं महर्षि परशुराम ने भगवान श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्रदान किया था। इस धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए सरकार जानापाव को प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक स्थलों के विकास से पर्यटन को बढ़ावा मिला है। उज्जैन में श्री महाकाल लोक बनने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। वर्ष 2022 तक उज्जैन में करीब 60 से 70 लाख श्रद्धालु और पर्यटक आते थे, जबकि अब यह संख्या करोड़ों तक पहुंच गई है। सरकार अब इसी तर्ज पर प्रदेश के दूसरे प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी विकसित कर रही है। इसका मकसद केवल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि इन क्षेत्रों में पर्यटन से जुड़े रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा करना भी है।

    तीर्थस्थल के रूप में विकसित होगा जानापाव
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही, इसी दिन कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती भी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे जन्माष्टमी के अवसर पर जानापाव जा रहे हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यहीं महर्षि परशुराम ने भगवान श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्रदान किया था। जानापाव के इसी धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसे प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। सरकार का फोकस जानापाव को धार्मिक पर्यटन के लिहाज से विकसित करने पर है, ताकि इस महत्वपूर्ण स्थल को प्रदेश के प्रमुख तीर्थ केंद्रों में पहचान मिल सके।

    देवस्थलों के विकास पर सरकार का फोकस
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में देवस्थलों के विकास का सीधा असर धार्मिक पर्यटन पर दिखाई दे रहा है। श्री महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन के साथ-साथ मध्यप्रदेश के दूसरे धार्मिक स्थलों को लेकर भी लोगों की रुचि बढ़ी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 तक उज्जैन में करीब 60 से 70 लाख श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते थे। अब यह संख्या बढ़कर करोड़ों में पहुंच गई है। सरकार इसी अनुभव को प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास से जोड़कर आगे बढ़ रही है।

    धार्मिक स्थलों से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के प्रमु
    ख देवस्थलों को विकसित करने का उद्देश्य सिर्फ धार्मिक सुविधाओं तक सीमित नहीं है। सरकार चाहती है कि इन क्षेत्रों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़े, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हों। धार्मिक पर्यटन बढ़ने से होटल, परिवहन, स्थानीय बाजार, हस्तशिल्प और अन्य छोटे कारोबारों को भी फायदा मिल सकता है। सरकार का प्रयास है कि धार्मिक स्थलों के विकास के साथ इन क्षेत्रों का समग्र विकास भी हो और स्थानीय लोगों को इसका सीधा लाभ मिले।

      

  • ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “माटी गणेश – सिद्ध गणेश” अभियान का शुभारंभ किया

    ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “माटी गणेश – सिद्ध गणेश” अभियान का शुभारंभ किया

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद एवं नर्मदा समग्र के संयुक्त तत्वावधान में *"माटी गणेश – सिद्ध गणेश"* अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा अभियान की संकल्पना पर केंद्रित पोस्टर का विमोचन भी किया गया।

    परिषद द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नवाचारी पहल करते हुए यह अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत पर्यावरण हितैषी संस्था नर्मदा समग्र द्वारा प्रशिक्षण के माध्यम से प्रदेश के समस्त 313 विकासखंडों में परिषद के नेटवर्क से जुड़ी नवांकुर सखियों प्रसफुटन समितियों, विद्यालय, महाविद्यालय के विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

    प्रशिक्षित सखियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से अपने-अपने ग्रामों में स्थानीय महिलाओं को प्रेरित एवं प्रशिक्षित कर मिट्टी से निर्मित 10 लाख गणेश प्रतिमाओं की घर-घर स्थापना कराई जाएगी। अभियान का लक्ष्य 10 लाख मिट्टी के गणेश जी की प्रतिमाओं का निर्माण कर 25 लाख लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना है।